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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से बन रही प्रदेश की एक नई पहचान

स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में दौड़ और लम्बी कूद में प्रतिभागियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा  

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक केवल खेल नहीं यह है हमारे छत्तीसगढ़ के युवक-युवतियों की पहचान। आज राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में भरपूर उत्साह के साथ भाग लेते हुए खिलाड़ियों ने यह बात कही। 


इसके तहत 8 जनवरी से 10 जनवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में आज पहले चरण में स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में 3 चरणों में शून्य से 18 वर्ष के लड़के और लड़कियों ने 100 मीटर की दौड़ में भाग लिया। इसके पश्चात 18 से 40 वर्ष के युवक एवं युवतियों ने 100 मीटर दौड़ में अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस 100 मीटर दौड़ में 40 से अधिक वर्ष के महिला एवं पुरूषों दोनों ही वर्ग के प्रतिभागी शामिल हुए। इसके साथ दूसरा आयोजन लम्बी कूद का था। जिसमें शून्य से 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। 


आज यह गौरव का दिन था। गौरव इसलिए भी क्योंकि आज के 100 मीटर दौड़ में जिन महिला-पुरुषों ने भाग लिया। वे कई ऐसे थे जो 40 वर्ष की उम्र को पार करने जा रहे थे पर उन्हें जीवन में किन्हीं कारणों से कभी खेलने-कूदने का अवसर नहीं मिला था। वे आज सब बेहद खुशी से अपनी प्रतिभा से लोगों को वाकिफ करवा रहे थे।


आज के 100 मीटर दौड़ में कई ऐसी गृहणियां थी जो केवल घर का चूल्हा-चौका संभालती आ रही थी आज उनके चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। राज्य सरकार के इस छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के आयोजन ने उन्हें अपने चूल्हे-चौके से निकालकर एक ऐसा मंच दिया, जिससे वे अपने भीतर दौड़ने की प्रतिभा को पहचान पाईं।


आज स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में लम्बी कूद और 100 मीटर दौड़ के जिन प्रतिभागियों ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनके नाम इस तरह से हैं-लम्बी कूद महिला 0 से 18 वर्ष में विजयी प्रतिभागी बस्तर से तारणिका सीता, द्वितीय दुर्ग से चंचल, तीसरे स्थान पर सरगुजा से शिक्षा सिंह। लम्बी कूद पुरूष में दुर्ग से प्रभात कुमार, सरगुजा से सलीम टोप्पो, बस्तर से तुषार सीता। 


इसी तरह 100 मीटर दौड़ में 0 से 18 वर्ष के बालकों में प्रथम स्थान बिलासपुर आर्यन भारती, द्वितीय रायपुर पारस तारक, तृतीय बस्तर तुषार तेता। 100 मीटर दौड़ बालिकाओं में 0 से 18 वर्ष प्रथम बस्तर से तारणिका तेता, द्वितीय रायपुर रोशनी नेताम, तृतीय सरगुजा शिक्षा सिंह। 18 से 40 वर्ष 100 मीटर दौड़ में पुरूषों में प्रथम स्थान रायपुर से मुकेश भोई, द्वितीय दुर्ग से बिसाहू, तृतीस सरगुजा के राकेश कुमार। महिलाओं में 18 से 40 वर्ष में 100 मीटर दौड़ में प्रथम प्रतिभागी रही रायपुर से नबोनीता बेरा, द्वितीय स्थान दुर्ग रामकली पटेल, तृतीय बस्तर से योगिता नेताम। 100 मीटर दौड़ में 40 वर्ष से अधिक उम्र में प्रथम स्थान  प्राप्त किया है दुर्ग से जी. कामेश्वर, द्वितीय रायपुर से रामावतार सिंह, तृतीय स्थान बिलासपुर से प्रहलाद कैवर्त्। 100 मीटर दौड़ में 40 वर्ष से अधिक उम्र में महिला प्रतिभागियों में प्रथम स्थान दुर्ग से इंगला बाई, द्वितीय बिलासपुर से कविता चौहान, तृतीय बस्तर से जयंती मण्डावी रहे।

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हरिद्वार में विसर्जित हुईं पीएम मोदी की माँ की अस्थियां...

बड़े भाई सहित परिवार के कुछ सदस्य पहुंचे  

हरिद्वार (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की माता हीराबेन की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार विसर्जित की गई। वीआईपी घाट पर पीएम नरेंद मोदी के भाई पंकज मोदी परिवार के कुछ सदस्यों के साथ अस्थियां लेकर आए। बिना प्रोटोकॉल के अस्थियां लाई गई। स्थानीय पुलिस-प्रसाशन को इसकी भनक तक नहीं लगी।


पीएम मोदी की मां हीराबेन का निधन 30 दिसंबर को तड़के अहमदाबाद के अस्पताल में हो गया था। हीराबेन की उम्र 100 साल थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन की तबीयत बिगड़ने पर  उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी मां से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। आज हरिद्वार में पीएम मोदी के बड़े भाई माता हीराबेन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे।

 

 

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सांसद महंत ने गृहमंत्री शाह से मांगा आईसीएमआई...

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह के कोरबा प्रवास पर क्षेत्रीय सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने मां सर्वमंगला की पावन भूमि पर अभिवादन करते हुए मांग की है। क्षेत्रीय सांसद श्रीमती महंत ने छत्तीसगढ़ राज्य सहित औद्योगिक जिला कोरबा में सहकारिता संरचना के विकास के लिए प्रेषित ज्ञापन में आग्रह किया है कि सहकारिता संरचना हेतु इंडियन को-आपरेटिव मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (आईसीएमआई) की राज्य स्तर पर स्थापना कराई जाए। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक जिला स्तर पर संयुक्त सहकार भवन की स्थापना कराई जाए साथ ही जिला खनिज न्यास मद से 2 प्रतिशत की भागीदारी (सहकारिता अधोसंरचना एवं कार्यशील पूंजी) की स्थापना करने हेतु निर्देशित करें। कोरबा विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचीं सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत स्थानीय अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुईं।

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मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : श्रमिक सियान सहायता के तहत अब 20 हजार की राशि मिलेगी एक मुश्त

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नववर्ष पर रायपुर के गांधी मैदान में श्रम विभाग द्वारा संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के हितग्राही श्रमिकों सें भेंट की थी। इस अवसर पर उन्होंने सियान श्रमिकों को मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत एक मुश्त दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को दस हजार रूपए से बढ़ाकर बीस हजार रूपए करने की घोषणा की थी। श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप अधिसूचना जारी कर मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की राशि में वृद्धि कर दी है। 


श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में संचालित पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके निर्माण श्रमिकों की मंडल की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है, ऐसे निर्माण श्रमिक जो मंडल की सदस्यता से निवृत होने वाले है, उन्हें सदस्यता से निवृत होने के पूर्व बेहतर जीवन यापन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत एक मुश्त राशि प्रदान की जाती है। योजना के तहत निर्माण श्रमिक के रूप में कम से कम विगत तीन वर्ष से मंडल में पंजीकृत होना चाहिए तथा निर्माण श्रमिक की न्यूनतम आयु 59 वर्ष एवं अधिकतम 60 वर्ष होना चाहिए। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र श्रमिक आवेदन श्रम विभाग के विभागीय पोर्टल cglabour.nic.in पर आनलाईन प्रारंभ किया गया है। श्रमिक स्वयं आनलाईन के माध्यम से या श्रमेव जयते मोबाईल एवं संबंधित जिले के श्रम कार्यालय में या किसी भी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आवेदन कर सकते है।
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मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान  कोरबा से वापस रायपुर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गरियाबंद प्रवास से लौटकर सीधे एयरपोर्ट पहुंचकर उनसे मुलाकात की।  


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री से छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों के संबंध में चर्चा की और छत्तीसगढ़ में मिलेट्स से बने उत्पाद और छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आधारित कलाकृति उन्हे स्मृति स्वरूप भेंट की।
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वनों के संरक्षण, संवर्धन और विकास में विभाग और इसके अमले का होता है महत्वपूर्ण योगदान: श्री अकबर

स्टार अलंकरण कार्यक्रम: वन मंत्री श्री अकबर ने वन क्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत 66 अधिकारियों को अलंकृत कर दी बधाई

नवनियुक्त 08 वन क्षेत्रपालों को वितरित किए गए प्रशिक्षण प्रमाण पत्र 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित स्टार अंलकरण कार्यक्रम में उप वन क्षेत्रपाल से वन क्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत हुए 66 अधिकारियों को अलंकृत कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस दौरान विभाग में नवनियुक्त 08 प्रशिक्षु वन क्षेत्रपालों को प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री संजय शुक्ला, और छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के सदस्य श्री कन्हैया अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 


वन मंत्री श्री अकबर ने स्टार अलंकरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन सम्पदा के मामले में एक समृद्ध राज्य है। वनों के संरक्षण तथा संवर्धन और विकास में विभाग और इसके अमले का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसके मद्देनजर हमारी सरकार द्वारा राज्य में विगत चार वर्षों के दौरान विभाग के साथ ही यहां कार्यरत अमले के हित में भी अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के पदोन्नति आदि कार्य नियमित क्रम में लगातार हो रहे है। इस तरह सभी कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। 


वन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपनी कार्य कुशलता और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के फलस्वरूप वर्तमान में वन विभाग की छवि को एक बेहतर स्वरूप मिला है। वन विभाग में विगत चार वर्षों के दौरान सिर्फ वनों के संरक्षण तथा संवर्धन को ही बढ़ावा नहीं मिला है, बल्कि यहां वनवासियों की उन्नति की दिशा में भी निरंतर कार्य हो रहे है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपजों के संग्रहण तथा प्रसंस्करण आदि कार्यों में देश में लगातार अव्वल बना हुआ है। वन मंत्री श्री अकबर ने इस दौरान हाथी प्रभावित क्षेत्रों में उनके मार्ग पर लोगों को आवाजाही के लिए मनाही करने और जनजागरूकता लाने पर विभाग को विशेष रूप से जोर दिया। कार्यक्रम को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री शुक्ला ने भी सम्बोधित किया। 


इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री कौशलेन्द्र कुमार, श्री प्रेमकुमार, श्री अरूण पांडे, मुख्य वन संरक्षक श्री जे.आर.नायक, श्री आर.के.पांडे, संयुक्त सचिव वन श्री देवेन्द्र भारद्वाज तथा वन मण्डलाधिकारी श्री विश्वेश झा और राज्य वन सेवा संघ, रेंजर एसोसिएशन, वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजिम में भगवान श्री राम की भव्य मूर्ति का किया अनावरण

मुख्यमंत्री ने किया राम वन गमन पर्यटन परिपथ का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजिम महोत्सव स्थल पर भगवान श्री राम की 25 फीट ऊंची भव्य मूर्ति का अनावरण किया। इस मूर्ति को 5 महीने की अल्पावधि में  तैयार किया गया है। इस भव्य एवं विशाल मूर्ति को तैयार करने में ओड़िसा के  20 शिल्पकारों ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसे हाथ से तराश कर छत्तीसगढ़ के बिल्हा स्टोन से निर्मित किया गया है। मूर्ति को 8 फीट ऊंचे नवनिर्मित चबूतरा में प्रतिस्थापित किया गया है। इसकी भव्यता देखते ही बनती है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्री राजीव लोचन मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की एवं प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राजिम-चौबेबांधा-नवागांव मार्ग चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण और 3.7 किलोमीटर लंबे लक्ष्मण झूला पहुंच मार्ग का भूमिपूजन किया। उल्लेखनीय है कि राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत त्रिवेणी संगम राजिम भी शामिल है। राज्य शासन द्वारा राजिम में राम वनगमन पर्यटन परिपथ के विकास के लिए 13 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी गयी है। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा साहू, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राम सुंदर दास उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ की वेबसाइट को कल मिलेगा राष्ट्रीय प्लेटिनम अवार्ड

राष्ट्रपति के हाथों नई दिल्ली में 7 जनवरी को कलेक्टर ग्रहण करेंगे पुरस्कार

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जिला प्रशासन की टीम को दी बधाई 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार प्रशासन को सरल-सुगम बनाने के क्रम में बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा किये गये नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 7 जनवरी को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में  जिला प्रशासन बिलासपुर की वेबसाइट को राष्ट्रीय प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित करेंगी। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जिला प्रशासन की वेबसाइट को राष्ट्रीय प्लैटिनम अवार्ड के लिए चुना गया है। जिला कलेक्टर श्री सौरभकुमार राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर एनआईसी बिलासपुर के डीआईओ अरविंद यादव और सहायक डीआईओ मनोज कुमार सिंह भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन बिलासपुर की टीम को बधाई दी है।  

           उल्लेखनीय है कि यह प्रतिष्ठित अवार्ड अलग-अलग श्रेणियों में प्रथम स्थान पर रहने वाली शासकीय वेबसाइटों को प्रदान किया जाता है। बिलासपुर जिला प्रशासन की वेबसाइट को बेस्ट वेब एंड मोबाइल इनिशिएटिव कांम्पलांइथ विथ जीआइजीडब्ल्यू एंड एससीबिलिटी गाइडलाइन की श्रेणी के अंतर्गत यह पुरस्कार दिया गया है। केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना डिजिटल इंडिया के क्रियान्वयन में बिलासपुर जिले की वेबसाइट ने नवाचार किया है। एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) द्वारा तैयार वेबसाइट में केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी अपलोड करने के साथ ही दिव्यांगों के लिए भी इसमें विशेष सुविधा दी गई है। दृष्टिबाधित भी साफ्टवेयर के जरिए इस वेबसाइट में दी गई सूचनाओं को सुन सकते हैं। जहां-जहां माउस का कर्सर जाएगा, वहां लिखी जानकारी आवाज में बदल जाएगी। हालांकि अभी यह सुविधा अंग्रेजी में ही है। आने वाले दिनों में हिंदी में भी यह सुविधा दी जाएगी। इसके लिए एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञों ने काम करना शुरू कर दिया है। खास बात ये कि दृष्टिबाधितों के लिए वेबसाइट में विशेष प्रकार का साफ्टवेयर भी अपलोड किया गया है। इसका उपयोग मुफ्त में किया जा सकेगा। इसके लिए अतिरिक्त राशि नहीं देनी पड़ेगी।

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पटेल-मरार समाज बाड़ी योजना का लाभ उठाकर बन सकते हैं आर्थिक रूप से सशक्त: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री शाकम्भरी महोत्सव में हुए शामिल 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में पटेल-मरार समाज द्वारा आयोजित शाकम्भरी महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने माता शाकम्भरी की पूजा-अर्चना कर सभी को शुभकामना दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल-मरार समाज सब्जियों के उत्पादन में अग्रणी है। बाजार में आपके द्वारा पैदा की गई सब्जी अच्छी गुणवत्ता की होती है, इसलिए सबसे पहले बिकती है। मुख्यमंत्री ने पटेल-मरार समाज से आग्रह किया कि आप सभी सरकार की बाड़ी योजना का लाभ जरूर उठाएं। इससे कम लागत में सब्जी का उत्पादन बढ़ेगा। सरकार द्वारा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क शुरू किए जा रहे हैं। वहां ड्राई मशीन का उपयोग करके सब्जियों को आकर्षक पैकिंग करके बाजार में अच्छा दाम लिया जा सकता है। आप सभी समूह बनाकर बाड़ी योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय मौसमी सब्जियां पूरे साल उपलब्ध रहती है, क्योंकि कृषि वैज्ञानिकों ने कई शोध किए है और सिंचाई की सुविधा भी बढ़ी है। पटेल-मरार समाज द्वारा मुख्यमंत्री को सब्जी की टोकरी भी भेंट की गई। इस अवसर पर विधासभा उपाध्यक्ष श्री संतराम नेताम, विधायक श्री बृहस्पत सिंह, श्री विनय भगत मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामकुमार पटेल, श्री देवचरण पटेल, श्री रामसुंदर पटेल, श्री पवन पटेल, श्री आत्मनारायण पटेल एवं बड़ी संख्या में पटेल-मरार समाज के नागरिक उपस्थित रहे।

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पौने चार करोड़ रूपये की लागत से डबल सर्किट 132केवी लाइन ऊर्जीकृत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश में बढ़ती हुई विद्युत मांग की सतत् आपूर्ति बनाये रखने अनेक कारगर कदम उठाये गये हैं। इसके तहत आज पौने चार करोड़ रूपए की लागत से निर्मित दूसरा सर्किट 132केवी ईएचटी (अतिउच्चदाब) सर्किट को ऊर्जीकृत किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्ज्वला बघेल ने पूजा अर्चना किया और बटन दबाकर इस लाइन से विद्युत प्रवाह प्रारंभ किया। 


प्रदेश में उत्पादित बिजली को वितरण केंद्रों तक पहुंचाने के लिये नई पारेषण लाइनों का जाल बिछाया जा रहा है। इसी क्रम में आज शिवरीनारायण-बनारी डबल सर्किट लाइन को ऊर्जीकृत कर एक बड़ी सफलता प्राप्त की गई।

 
इस क्षेत्र में औद्योगिक के साथ साथ कृषि पंप कनेक्शन अधिक हैं, इस लाइन के डबल सर्किट होने गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 

 इस कार्य में लगभग 3.78 करोड़ रूपये का व्यय हुआ है। इससे शिवरीनारायण क्षेत्र के लगभग 188 गांवों सहित उद्योगों को समुचित वोल्टेज पर बिजली आपूर्ति करने में सहायता मिलेगी।

पहले इस क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के लिये 132केवी की एक ही ईएचटी सर्किट थी,  अब डबल सर्किट होने से ब्रेक डाउन की स्थिति में भी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 

इस अवसर पर  कार्यपालक निदेशक सर्वश्री संदीप गुप्ता, मुख्य अभियंता के एस रामकृष्ण,, केके भगत, अतिरिक्त मुख्य अभियंता  अविनाश सोने कर, अधीक्षण अभियंता सर्वश्री सी.एम. वाजपेयी, आर.के. अग्रवाल, विजय बहादुर, एस के बाजपेई, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री गौतम केनार, जी.आर. जायसवाल, मिलिंद पांडे, प्रतीक भगत, एस एस घोष, बजरंग विश्वकर्मा, गजेंद्र सोनी एवं श्री मोहन कुमार देवांगन कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
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बेस्ट पीएसयू फॉर ओवरआल एक्सीलेंस इन सीएसआर श्रेणी में एनएमडीसी, बचेली ने जीता राष्ट्रीय सीएसआर पुरुस्कार

परियोजना प्रमुख ने सहयोग के लिए अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक के प्रति जताया आभार 

बचेली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एनएमडीसी ने एक ओर लौह अयस्क उत्पादन तो दूसरी ओर समाज के अनेक वर्गों का उत्थान करते हुए देश में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। एनएमडीसी, बचेली ने सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए हाल ही दिल्ली में ईटी एसेंट द्वारा आयोजित पुरुस्कार समारोह में सीएसआर अंतर्गत 'बेस्ट पीएसयू फॉर ओवरआल एक्सीलेंस इन सीएसआर' श्रेणी में राष्ट्रीय पुरुस्कार जीता है।

विदित हो कि एनएमडीसी को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ही नहीं बल्कि निजी क्षेत्र के उपक्रमों में भी अपने उत्कृष्ट सी.एस.आर कार्यों हेतु जाना व पहचाना जाता है| उत्कृष्ट सी.एस.आर हेतु एनएमडीसी को राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।  

उपरोक्त पुरुस्कार को एनएमडीसी, बचेली कॉम्प्लेक्स की ओर से सीएसआर व सीसी के विभागाध्यक्ष ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुए भव्य समारोह में स्वीकार किया। तत्पश्चात  सीएसआर व सीसी के विभागाध्यक्ष ने एनएमडीसी, बचेली के मुख्य महाप्रबंधक को ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट सौंपा। ईटी एसेंट द्वारा इस आयोजन के पूर्व विभिन्न कंपनियों  द्वारा श्रेणी अनुसार नॉमिनेशन फॉर्म भरने के साथ-साथ एक विस्तृत आलेख ईमेल द्वारा प्रस्तुत करने को कहा गया था जिसमें एनएमडीसी, बचेली को बेस्ट पीएसयू फॉर ओवरआल एक्सीलेंस इन सीएसआर में उत्कृष्टता के लिए चयनित कर  पुरुस्कृत किया गया है।

एनएमडीसी सामाजिक विकास को प्राथमिकता देते हुए निरंतर विभिन्न समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करने तथा ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए दशकों से निवेश करती आई है और शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, अधोसंरचना विकास, पेयजल, महिला सशक्तिकरण, आय सृजन, आजीविका में सुधार के अवसर इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करते हुए कार्य कर रही है । इसी लक्ष्य के साथ ही एनएमडीसी, बचेली क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह निरंतर प्रयास कर रही है ताकि यहाँ के स्थानीय ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। 

 एनएमडीसी, बचेली शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है जिसका उद्देश्य यहाँ के छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान कर रोजगार के लिए तैयार करना  है। एनएमडीसी की ओर से यहाँ के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति समुदायों के छात्रों को डी ए वी  व केंद्रीय विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।  इसके अतिरिक्त दंतेवाड़ा में एजुकेशन सिटी की भी स्थापना की गयी है जिसमें दिव्यांग छात्रों को शिक्षा तथा अन्य सुविधाएँ प्रदान करने हेतु सक्षम विद्यालय का निर्माण किया गया है तथा जिनके अभिभावकों  की मृत्यु हिंसा या किसी कारण से हो गयी है उनको प्राथमिकता देते हुए आस्था गुरुकुल का निर्माण किया गया है एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु ‘छू लो आसमान’ एवं ‘लक्ष्य’ की स्थापना की गयी है।

साथ ही साथ एनएमडीसी, बचेली ने यहाँ के युवाओं को तकनिकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु तकनिकी शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कदम उठाए हैं जिसमें एनएमडीसी आईटीआई, भांसी व एनएमडीसी पॉलिटेक्निक, जवांगा सम्मिलित है। यहाँ पर यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से छात्रों का चयन कई प्रसिद्ध राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में जैसे कि एनएमडीसी प्रोजेक्ट, अडानी सोलर पावर, मारुती सुजुकी मोटर्स, मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट, स्काई ऑटोमोबाइल, स्नाईडर, याजकी इंडिया, बजाज मोटर्स इत्यादि में होता आ रहा है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में एनएमडीसी, बचेली यहाँ के स्थानीय आदिवासियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ एनएमडीसी अपोलो अस्पताल बचेली में प्रदान करवा रही है। एनएमडीसी, बचेली ने दंतेवाड़ा व बीजापुर जिले के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में अपना योगदान देते आई  है जैसे कि जीवन रक्षक मेडिकल उपकरणों को उपलब्ध कराना जिसमें डिजिटल एक्स रे मशीन, फुल्ली आटोमेटिक बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर, कार्डियक मॉनिटर विथ वेंटीलेटर, सेमि-आटोमेटिक बायो केमिस्ट्री एनलाइज़र, इको कार्डीग्राफी पोर्टेबल और सीटी स्कैन, ब्लड कलेक्शन यूनिट, एम्बुलेंस इत्यादि शामिल हैं I जिसके परिणामस्वरूप अब अस्पताल में सर्जरी एवं गंभीर रोगों का उपचार किया जाना संभव है I  

महिला सशक्तिकरण क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए एनएमडीसी, बचेली ने बालिका शिक्षा योजना संचालित की है जिसमें बस्तर क्षेत्र की गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को नर्सिंग कोर्स के लिए प्रायोजित किया जाता है जिसमें छात्राओं को रोज़गार के अवसर प्रदान किये जाते हैं। इस योजना का उद्देश्य आदिवासी छात्राओं को स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिक्षित कर रोजगार के लिए तैयार करना है। इस कड़ी में एनएमडीसी, बचेली द्वारा जिला प्रशासन की साझेदारी में लग-भग 2 लाख सेनेटरी नैपकिन का भी उत्पादन प्रारंभ कर महिलाओं को वितरित किए गए किया जिसका लक्ष्य महिला स्वच्छता एवं रोजगार सृजन था।

यहाँ के किसानों की आय सृजन में वृद्धि हेतु एनएमडीसी, बचेली सीएसआर विभाग द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है जैसे केंचुआ खाद निर्माण द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देना, फलदार पौधे उपलब्ध कराके उससे आय सृजन कराना जैसे नारियल, आम, लीची इत्यादि, फलदार वृक्षारोपण, सब्जी उत्पादन,  के तहत स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि कराने हेतु प्रयासरत है। 

अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी एनएमडीसी, बचेली ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं जैसे कि दंतेवाड़ा और बचेली के गौरव पथ का निर्माण, एजुकेशन सिटी में विद्यालय भवन (हॉस्टल/आश्रम) का निर्माण, शौचालय, प्रतीक्षालय का नवीनीकरण, गांवों में सड़क, पुल-पुलिया का निर्माण कार्य, सामुदायिक भवन का निर्माण, स्वास्थ्य केन्द्र (उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, समुदायक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पतक), सोलर ऊर्जा आधारित विद्युतीकरण का समाधान तथा आय सृजन के लिए डेरी शेड व ड्रग वेयरहाउस का निर्माण इत्यादि।

एनएमडीसी, बचेली पेयजल के क्षेत्र में बस्तर जिले में  विभिन्न गतिविधियां संचालित की है जो जल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में वरदान साबित हो रही है जैसे आईआरपी इंस्टालेशन, हैंडपंप बोरवेल की स्थापना और सोलर ड्यूल पंप आदि। 

खेलों को बढ़ावा देने हेतु एनएमडीसी, बचेली अपना पूरा सहयोग दे रही है जिसके अंतर्गत एजुकेशन सिटी, जवांगा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण करवाया गया है । बीजापुर स्थित स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में भी एनएमडीसी, बचेली अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है जहाँ से इस क्षेत्र के खिलाडी देश- विदेश में खेलने गए है और वहाँ  पर उन्होंने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण खेलों के लिए भी एनएमडीसी द्वारा भरपूर आर्थिक सहयोग किया जाता है।

उपरोक्त सभी योजनाएं स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा एक सकारात्मक व प्रगतिशील वातावरण का निर्माण कर रही है। एनएमडीसी, बचेली द्वारा संचालित इन योजनाओं के सहयोग से स्थानीय समुदायों को सशक्त किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप इनके जीवन स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है।

परियोजना प्रमुख ने सहयोग के लिए एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को सीएसआर को समय-समय  पर राशि तथा मार्गदर्शन करने हेतु धन्यवाद दिया।

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मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हमारी सरकार सभी तीज त्योहारों पर छुट्टी दी, मुख्यमंत्री निवास में सभी त्योहारों को मनाते हैं किसान सभी के लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं छेरछेरा में दान की राशि जनकल्याण में खर्च की जाती है अन्नदाता समेत सभी वर्ग अनाज को दान करता है दान देना उदारता और दान लेना अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है भगवान बालाजी की कृपा से बहुत अच्छी पैदावार हुई है 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा लेकिन एक भी किसान की शिकायत नहीं आई, सभी को तत्काल भुगतान मिला

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मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को लोक पर्व छेरछेरा की दी बधाई

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। श्री बघेल ने छेरछेरा पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि महादान और फसल उत्सव के रूप में मनाया जाने वाला छेरछेरा पुन्नी तिहार हमारी सामाजिक समरसता, दानशीलता की और समृद्ध गौरवशाली परम्परा का संवाहक है। इस दिन ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा‘ बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिलाएं खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि से वर्ष भर के लिए कार्यक्रम बनाते हैं। यह नई फसल के घर आने की खुशी में पौष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसी दिन मां शाकम्भरी जयंती भी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों में उदारता के कई आयाम दिखाई देते हैं। यहां उत्पादित फसल को समाज के जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए देने की परम्परा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अमूल्य धरोहरों और पौराणिक परम्पराओं का संवर्धन और संवहन हो सके, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छेरछेरा तिहार पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। उन्होंने कहा है कि छेरछेरा तिहार भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त कर मिल-जुलकर जीना सिखाता है। छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध परम्परा और सभ्यता को भावी पीढ़ी तक ले जाना हम सबका दायित्व है।
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आनलाइन जुआ पर सरकार की नकेल, होगी कड़ी कार्रवाई

दो से पांच साल तक के कारावास और एक लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर बना छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022

आनलाइन जुआ से संबंधित विज्ञापन होंगे प्रतिबंधित, उल्लंघन पर तीन साल के कारावास की होगी सजा

संशोधित अधिनियम में कठोर सजा के लिए संज्ञेय और गैरजमानतीय धाराएं शामिल 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  छत्तीसगढ़ में आनलाइन जुआ खेलने और खिलाने वालों की अब खैर नहीं है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर विधानसभा में आनलाइन जुए पर नकेल कसने के लिए छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध विधेयक 2022 पारित कर इसे अधिनियम का रूप दे दिया गया है। पूर्व अधिनियम में ऑनलाईन जुआ परिभाषित नही था जिसमें संसोधन करते हुए अधिनियम में अब जुआ घर की परिभाषा मे ऑनलाईन जुआ प्लेटफार्म शब्द जोड़ा गया है। जुआ के उपकरण की परिभाषा मे ऑनलाईन जुआ से संबंधित इलेक्ट्रानिक अभिलेख, इलेक्ट्रानिक डिवाइस, मोबाईल एप, इलेक्ट्रोनिक ट्रांसफर ऑफ फन्डस शब्द जोड़े गये हैं। 

पुराने अधिनियम में ऑनलाईन जुआ के लिए दण्ड का कोई प्रावधान नहीं था। वर्तमान मे ऑनलाईन जुआ के लिए अधिनियम में पृथक से दण्ड का प्रावधान किया गया है। जिसमे एक से तीन वर्ष के कारावास एवं पचास हजार से पांच लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है किया गया है। पश्चातवर्ती अपराध के लिए दो वर्ष से सात वर्ष तक के कारावास और एक लाख से दस लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

दो से पांच साल तक के कारावास और एक लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान

अधिनियम को संशोधित करते हुए अब आनलाइन प्लेटफार्म को भी दंड में समाहित करते हुए पश्चातवर्ती अपराध (अपराध की पुनरावृत्ति) के लिए दंड की मात्रा बढ़ाते हए  दो से पांच वर्ष तक के कारावास और एक लाख रूपए तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। पूर्व में इसके लिए एक वर्ष का कारावास या अधिकतम दो हजार रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान था। 

अधिनियम के संशोधन के पहले तक जुआ प्रतिषेध अधिनियम के सभी अपराध संज्ञेय तथा जमानतीय थे। वर्तमान अधिनियम में कार्रवाई के लिए कड़े प्रावधान करते हुए जुआ घर का स्वामी होना (धारा-4), जुआ खिलाना (धारा-6 ), ऑनलाईन जुआ खिलाना (धारा -7), विज्ञापन प्रतिषेध का उल्लंघन ( धारा-11 ) और कंपनी द्वारा अपराध ( धारा-12 ) को संज्ञेय तथा गैरजमानतीय अपराध बनाया गया है। 

छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के अनुसार छः माह तक की सजा एवं तीन हजार से दस हजार रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि पूर्व अधिनियम मे 4 माह का कारावास या सौ रूपए के जुर्माने के दंड का प्रावधान था। इसके साथ ही जो व्यक्ति जुआ घर मे पाया जाएगा उसके लिए  पूर्व प्रावधान मे “पाँच सौ रूपए तक के जुर्माने अथवा चार माह का कारावास” दण्ड की मात्रा थी जिसमें वृद्धि करते हुए अब  छः माह तक की सजा एवं दस हजार रूपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

ऑनलाईन जुआ के लिए खाता उपलब्ध कराना भी होगा दण्डनीय अपराध

छत्तीसगढ़ में ऑनलाईन जुआ खेलने के लिए खाता उपलब्ध कराने हेतु दंडित करने लिए पूर्व मे कोई प्रावधान नही था।  वर्तमान अधिनियम मे ऑनलाईन जुआ या फिर जुआ के लिए यदि कोई व्यक्ति खाता उपलब्ध कराता है तो उसे दण्डनीय अपराध बनाया गया है। इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के द्वारा मिथ्या नाम व पता देने के लिए चार माह का कारावास का दण्ड की मात्रा कम होने से वर्तमान अधिनियम मे दण्ड मे वृद्धि करते हुए छ: माह तक की अवधि के कारावास या पांच हजार रूपए तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

आनलाइन जुआ से संबंधित विज्ञापन होंगे प्रतिबंधित, उल्लंघन पर तीन साल के कारावास की होगी सजा

पूर्व अधिनियम में जुआ के खेलों के विज्ञापन प्रतिबंधित करने के संबंध मे कोई प्रावधान नही था वर्तमान अधिनियम मे विज्ञापन को प्रतिषेध के उल्लंघन किए जाने पर तीन वर्ष तक की अवधि का कारावास एवं पचास हजार तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

वर्तमान अधिनियम मे कंपनी द्वारा किए गए अपराध को बनाया गया दण्डनीय

इससे पहले  कंपनी के द्वारा अपराध किए जाने पर दण्ड का कोई प्रावधान नही था जबकि वर्तमान अधिनियम मे कंपनी द्वारा अपराध को दण्डनीय बनाया गया है।

 

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जब वयोवृद्ध सेवाभावी सिंधु ताई से मिलने मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज भिलाई के बीएम शाह हॉस्पिटल में 90 साल की वयोवृद्ध सिंधु ताई से मुलाकात की। सिंधु ताई 30 साल पहले इस हॉस्पिटल से रिटायर हुईं थीं। सिंधु ताई के अस्पताल से जुड़ाव और उनके सेवाभाव के बारे में जानकर मुख्यमंत्री काफी प्रभावित हुए और उनके पास जाकर मुलाकात की। श्री बघेल ने उनके समर्पण की सराहना करते उनके दीर्घायु होने की कामना की। सिंधु ताई ने मुख्यमंत्री को दादा बनने पर बधाई दी।

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मुख्यमंत्री 6 जनवरी को छेरछेरा पर्व के कार्यक्रम में होंगे शामिल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 6 जनवरी 2023 को सबेरे 10.30 बजे राजधानी रायपुर के दूधाधारी मठ में आयोजित छेरछेरा पर्व के कार्यक्रम में शामिल होंगे

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प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाएं 01 मार्च से 25 मार्च तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् द्वारा संचालित प्राच्य संस्कृत विद्यालयों की कक्षा पूर्व मध्यमा से उत्तर मध्यमा (9वीं से 12वीं) की वार्षिक परीक्षा वर्ष 2022-23 की समय-सारिणी जारी कर दी गई है। निर्धारित समय-सारिणी अनुसार यह परीक्षाएं 01 मार्च से प्रारंभ होकर 25 मार्च तक सम्पन्न होंगी यह परीक्षाएं प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक होगी।
 हाई स्कूल परीक्षा पूर्व मध्यमा प्रथम वर्ष (9वीं) में 2 मार्च को अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य, चयनित विषय में शास्त्रीय विषय 4 मार्च को, व्यावसायिक संस्कृत 10 मार्च को, सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी 13 मार्च को, सामाजिक विज्ञान 15 मार्च को, विज्ञान 17 मार्च को और गणित विषय की परीक्षा 21 मार्च को होगी। हाई स्कूल परीक्षा पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष (10वीं) में 2 मार्च को गणित, विज्ञान 4 मार्च को, सामाजिक विज्ञान 10 मार्च को, व्यावसायिक संस्कृतम् (चयनित विषय) 13 मार्च को, शास्त्रीय विषय (चयनित विषय) 15 मार्च को, अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य 17 मार्च को और सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी विषय की परीक्षा 21 मार्च को होगी।
इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष (11वीं) में 01 मार्च को अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य, 3 मार्च को शास्त्रीय विषय (चयनित विषय), व्यावसायिक संस्कृतम् (चयनित विषय) 6 मार्च को, सामान्य हिन्दी एवं अग्रेजी 11 मार्च को, इतिहास, जीव विज्ञान, गणित एवं लेखांकन 14 मार्च को, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र 16 मार्च को, राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, व्यवसाय अध्ययन 24 मार्च को और 25 मार्च को भूगोल विषय की परीक्षा होगी। 
हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (12वीं) में 01 मार्च को भूगोल, 3 मार्च को राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, 6 मार्च को भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, जीव विज्ञान, गणित एवं लेखांकन 11 मार्च को, सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी 14 मार्च को, व्यावसायिक संस्कृतम् (चयनित विषय) 16 मार्च को, शास्त्रीय विषय (चयनित विषय) 24 मार्च को और 25 मार्च को अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य विषय की परीक्षा होगी। 

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छत्तीसगढ़ में हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और स्वाभिमान के साथ मिला आगे बढ़ने का अवसर: मुख्यमंत्री श्री बघेल

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बीते चार सालों में हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिला है। इसके फलस्वरूप राज्य में सभी वर्ग के लोगों में समृद्धि आई है और उनका जीवन खुशहाली से भर उठा है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी के निजी होटल में आयोजित ‘‘दो दूनी-चार खुशियां अपार’’ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने चर्चा-परिचर्चा में भाग लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए हमने न्याय को आधार बनाकर सुशासन की एक संकल्पना गढ़ी थी। इनमें सभी वर्गों को समाज में उचित सम्मान मिले और वे पूरे आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ सके। इसे लेकर हमारी सरकार द्वारा कई न्याय योजनाएं शुरू की गई। हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही इन जनकल्याणकारी योजनाओं के परिणाम धरातल पर साफ-साफ दिखाई देने लगे हैं। इससे राज्य में सभी वर्ग के लोगों को उन्नति के भरपूर अवसर मिले और उनके जीवन में समृद्धि आई है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस तारतम्य में छत्तीसगढ़ में 2 अक्टूबर 2019 से संचालित सुराजी गांव योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत प्रदेश में जल संरक्षण, पशु संवर्धन तथा पोषण प्रबंधन को बढ़ावा मिला है और इससे गांव-गांव स्वावलंबी होने लगे हैं। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बड़े तादाद में रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। इसी तरह गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना आदि से समाज के एक बड़े वर्ग किसानों, पशुपालकों और खेतीहर मजदूरों को आर्थिक संबल मिला है। इसी तरह समर्थन मूल्य पर लघु वनोपजों आदि की खरीदी से आदिवासी-वनवासी संग्राहकों को इनका संग्रहण का भरपूर लाभ मिलने लगा है। 

 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि राज्य में लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमी प्रतिकूलता, कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती थी। फलस्वरूप कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, यांत्रिकीकरण तथा कृषि तकनीकी आदि में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते थे। इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा राज्य में कृषि में पर्याप्त निवेश एवं कास्त लागत में राहत देने कृषि इनपुट सब्सिडी हेतु राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई है। इसी तरह गांव-गांव में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए गोधन न्याय योजना लागू की गई है। दो रूपए किलो में गोबर खरीदी की यह योजना काफी लोकप्रिय हुई है और इस योजना को देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

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