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बिलासपुर-यलहंका(बेंगलुरु)–बिलासपुर के मध्य 05-05 फेरों के लिए चलेगी समर स्पेशल ट्रेन |

रेलवे प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बिलासपुर–यलहंका(बेंगलुरु)–बिलासपुर के मध्य यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये 05-05 फेरे के लिए समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है | गाड़ी संख्या 08261 बिलासपुर- यलहंका(बेंगलुरु)–समर स्पेशल ट्रेन बिलासपुर से प्रत्येक बुधवार को 03 जून 2026 से 01 जुलाई 2026 तक चलेगी | इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08262 यलहंका(बेंगलुरु)–बिलासपुर समर स्पेशल ट्रेन यलहंका से प्रत्येक गुरुवार को 04 जून 2026 से 02 जुलाई 2026 तक चलेगी | 


 कोच संरचना - 
   इस गाड़ी में 02 एसएलआरडी, 04 सामान्य, 10 स्लीपर, 04 एसी-III सहित कुल 20 कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।  

 गाड़ी का समय-सारिणी – 
????गाड़ी संख्या 08261 बिलासपुर-यलहंका(बेंगलुरु) समर स्पेशल ट्रेन 03 जून 2026 से 01 जुलाई 2026 तक प्रत्येक बुधवार को बिलासपुर से 14.00 बजे रवाना होगी तथा भाटापारा आगमन 14.40 बजे, प्रस्थान 14.42 बजे, रायपुर आगमन 15.35 बजे, प्रस्थान 15.40 बजे, दुर्ग आगमन 16.25 बजे, प्रस्थान 16.30 बजे, राजनादगाँव आगमन 16.49 बजे, प्रस्थान 16.51 बजे, डोंगरगढ़ आगमन 17.12 बजे, प्रस्थान 17.14 बजे, गोंदिया आगमन 18.15 बजे, प्रस्थान 18.25 बजे, वडसा आगमन 19.32 बजे, प्रस्थान 19.34 बजे, चांदाफोर्ट आगमन 21.18 बजे, प्रस्थान 21.20 बजे,  बल्लारशाह आगमन 22.05 बजे, प्रस्थान 22.15 बजे, सिरपुर कागजनगर आगमन 22.59 बजे, प्रस्थान 23.00 बजे, मंचिर्याल आगमन 23.54 बजे, प्रस्थान 23.55 बजे, दूसरे दिन काजीपेट आगमन 01.38 बजे, प्रस्थान 01.40 बजे, चर्लपल्ली आगमन 03.08 बजे, प्रस्थान 03.10 बजे, सिकंदराबाद आगमन 05.55 बजे, प्रस्थान 06.05 बजे, लिंगमपल्ली 06.18 बजे, प्रस्थान 06.20 बजे, विकाराबाद आगमन 07.03 बजे, प्रस्थान 07.05 बजे, तांडूर आगमन 07.43 बजे, प्रस्थान 07.45 बजे, यादगीर आगमन 09.13 बजे, प्रस्थान 09.15 बजे, कृष्णा जंक्शन आगमन 09.50 बजे, प्रस्थान 10.00 बजे, रायचूर आगमन 10.28 बजे, प्रस्थान 10.30 बजे, मंत्रालयम रोड आगमन 10.53 बजे, प्रस्थान 10.55 बजे, गुंटकल आगमन 12.25 बजे, प्रस्थान 12.35 बजे, गुत्ती आगमन 13.03 बजे, प्रस्थान 13.05 बजे, अनंतपुर आगमन 13.23 बजे, प्रस्थान 13.25 बजे, धर्मवरम आगमन 15.30 बजे, प्रस्थान 15.35 बजे, हिंदूपुर आगमन 16.38 बजे, प्रस्थान 16.40 बजे तथा 19.00 बजे यलहंका स्टेशन पहुंचेगी |  
???? इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08262 यलहंका(बेंगलुरु)-बिलासपुर समर स्पेशल ट्रेन 04 जून 2026 से 02 जुलाई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को यलहंका से 21.30 बजे रवाना होगी तथा हिंदूपुर आगमन 22.38 बजे, प्रस्थान 22.40 बजे, दूसरे दिन धर्मवरम आगमन 00.55 बजे, प्रस्थान 01.00 बजे, अनंतपुर आगमन 01.28 बजे, प्रस्थान 01.30 बजे, गुत्ती आगमन 02.18 बजे, प्रस्थान 02.20 बजे, गुंटकल आगमन 03.35 बजे, प्रस्थान 03.40 बजे, मंत्रालयम रोड आगमन 04.58 बजे, प्रस्थान 05.00 बजे, रायचूर आगमन 05.40 बजे, 05.42 बजे, कृष्णा जंक्शन आगमन 06.10 बजे , प्रस्थान 06.20 बजे, यादगीर आगमन 06.48 बजे, प्रस्थान 06.50 बजे, तांडूर आगमन 08.39 बजे, प्रस्थान 08.40 बजे, विकाराबाद आगमन 09.18 बजे, प्रस्थान 09.20 बजे, लिंगमपल्ली आगमन 10.03 बजे, प्रस्थान 10.05 बजे, सिकंदराबाद आगमन 10.55 बजे, प्रस्थान 11.05 बजे, चर्लपल्ली आगमन 11.33 बजे, प्रस्थान 11.35 बजे, काजीपेट आगमन 13.23 बजे, प्रस्थान 13.25 बजे, मंचिर्याल आगमन 14.48 बजे, प्रस्थान 14.50 बजे, सिरपुर कागजनगर आगमन 15.33 बजे, प्रस्थान 15.35 बजे, बल्लारशाह आगमन 17.35 बजे, प्रस्थान 17.45 बजे, चांदाफोर्ट आगमन 18.15 बजे, प्रस्थान 18.17 बजे, वडसा आगमन 19.48 बजे, प्रस्थान 19.50 बजे, गोंदिया आगमन 21.50 बजे, प्रस्थान 22.00 बजे, डोंगरगढ़ आगमन 22.58 बजे, प्रस्थान 23.00 बजे, राजनादगाँव आगमन 23.25 बजे, प्रस्थान 23.27 बजे, तीसरे दिन दुर्ग आगमन 00.20 बजे,  प्रस्थान 00.25 बजे, रायपुर आगमन 01.05 बजे, प्रस्थान 01.10 बजे, भाटापारा आगमन 02.05 बजे, प्रस्थान 02.07 बजे तथा 03.30 बजे बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी | 

यात्रियों से आग्रह है कि उक्त स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी और ठहराव संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर देखकर तदानुसार यात्रा प्रारम्भ करें |
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छत्तीसगढ़ को पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान

प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में छत्तीसगढ़ का चयन "माह का सौर अभियान – सर्वाधिक वेंडर पंजीयन" श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए किया गया है।


माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि"छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित 'मंथ ऑफ सोलर' अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। यह उपलब्धि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य के सतत प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है।" 

 *प्रमुख सचिव (ऊर्जा) तथा पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ऩे इस उपलब्धि के लिये अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। 

यह सम्मान राज्य में सौर ऊर्जा अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक वेंडर पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किया जा रहा है। इस श्रेणी में एक महीने में छत्तीसगढ़ ने 86 वेंडर पंजीयन दर्ज कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इस तरह छत्तीसगढ़ में 1222 वेंडर पंजीकृत हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ ने महिला स्वसहायता समूहों को भी वेंडर बनाया है। 

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष सारंगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। पत्र में उन्हें 4 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम "प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के दो वर्ष : एक करोड़ सौर छतों की ओर बढ़ता भारत" में शामिल होने तथा राज्य की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर उपभोक्ताओं को सस्ती, स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली बिल में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 1 जून 2026 की स्थिति में राज्य में 1 लाख 93 हजार 371 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 61 हजार 700 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 32 हजार 28 स्थापना कार्य प्रगति पर हैं।  16 हजार  उपभोक्ताओं के शून्य बिजली बिल का लाभ मिल चुका है।

योजना के तहत 45 हजार 978 हितग्राहियों को केंद्र शासन से 353.20 करोड़ रुपये तथा 40 हजार 910 हितग्राहियों को राज्य शासन से 122.62 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हो चुकी है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं।
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‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। 


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा  गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।


मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में राज्यों की सक्रिय भूमिका और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
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मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया। 

             उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। 
         इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी-केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।


अजा परियोजना वैज्ञानिक पशुपालन और सशक्त बाजार लिंकेज

          मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।

पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान

          निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र,  के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।

घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर

       मंत्री श्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश

         केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा।  केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

        केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिस इंडिया छत्तीसगढ़ सुश्री अनुष्का सोन ने की सौजन्य मुलाकात : सदन का ऐतिहासिक सत्र सुनने विधानसभा पहुंची थी मिस इंडिया छत्तीसगढ़

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज विधानसभा में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 सुश्री अनुष्का सोन ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर सुश्री अनुष्का ने मुख्यमंत्री को नारी सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर विशेष सत्र आयोजित करना एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।


सुश्री अनुष्का ने बताया कि वे आज विधानसभा की ऐतिहासिक कार्यवाही को सुनने विशेष रूप से पहुंची थीं और इस अनुभव को उन्होंने अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखना उनके लिए एक नई सीख रही, जिससे वे समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए और अधिक प्रोत्साहित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं, जो एक सशक्त और जागरूक समाज की पहचान है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल महिलाओं के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बेटियां शिक्षा, कला, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सुश्री अनुष्का सोन को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक बनें।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा उपस्थित थे।
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विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका-केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मंडाविया

 राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest'  के आयोजन में युवा मामले और खेल मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मंडाविया का वर्चुअल संबोधन में विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। 


         राज्य निदेशक(प्रभारी)  MY Bharat छत्तीसगढ़, युवा मामले और खेल मंत्रालय भारत सरकार श्री अर्पित तिवारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार  भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, MY Bharat छत्तीसगढ़ द्वारा 13 अप्रैल 2026 को IIIT रायपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' का सफलतापूर्वक समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से 500 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नीतिगत संवाद और राष्ट्र-निर्माण की पहलों में युवाओं की गहरी भागीदारी को दर्शाता है।

        कार्यक्रम के शुभारम्भ में  पर्यटन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित किया । कौशल विकास मंत्री  श्री गुरु खुशवंत साहेब के मुख्य अतिथि के रूप में सामपन सत्र में इस कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं को बजट क्वेस्ट कार्यक्रम में  विकसित भारत मे संकल्प को पूरा करने का आव्हान किया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं से चर्चा कर बजट के विषय पर प्रकाश डाला।

        इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मानव पूंजी विकास और विकसित कृषि (विकसित खेती) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सारगर्भित चर्चाएँ आयोजित की गईं। इन सत्रों ने प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद, नवीन विचारों के आदान-प्रदान और नीति-उन्मुख सोच को बढ़ावा दिया। 'MY Bharat Budget Quest'  ने युवाओं के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य किया, जिसके माध्यम से वे बजटीय और विकासात्मक ढाँचों को समझने, उन पर चर्चा करने और उनमें योगदान देने में सक्षम हुए। यह पहल भारत की प्रगति में युवा नागरिकों को एक हितधारक(stakeholder) के रूप में सशक्त बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

         इस आयोजन का समापन युवा-नेतृत्व वाले परिवर्तन के एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिसने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया। श्री ओपी व्यास डायरेक्टर IIIT रायपुर ने भी सभी का स्वागत किया।
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जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

 भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।


             डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
            स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

   प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

    प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

           जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

       जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।
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ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
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होली पर्व के अवसर पर 04 मार्च 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पीआरएस काउंटरों की द्वितीय पाली बंद रहेगी

होली पर्व के अवसर पर कल दिनांक 04 मार्च 2026 (बुधवार) को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत सभी स्टेशनों पर यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) काउंटरों की द्वितीय पाली बंद रखने का निर्णय लिया गया है।


यात्रियों की सुविधा एवं आवश्यक आरक्षण सेवाओं की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम 01 पीआरएस काउंटर कार्यरत रखा जाएगा, जिससे आरक्षण सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे अपनी यात्रा की योजना पूर्व निर्धारित करते हुए उपलब्ध सेवाओं का उपयोग करें।

रेल प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में होली त्योहारों के अवसर पर स्टेशनों में यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष तैयारी।

 दिनांक 1 मार्च 2026 से रंगो भरे होली त्यौहार के दौरान रायपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों को कई सुविधाएं दी जा रही है जैसे कि :- स्पेशल ट्रेन, कंफर्म बर्थ, होल्डिंग एरिया, भीड़ - भाड़ प्रबंधन, खान - पान सुविधा जैसे कई सुविधाये दी जा रही है। यात्रियों की सुगम यात्रा हेतु स्टेशनों पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देशन पर विशेष क्राउड मैनेजमेंट किया गया है।  


होलिडिंग एरिया / ठहराव की सुविधा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ती हैं तो उनके लिए होल्डिंग एरिया बनाये गये हैं। जिससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ का जमाव ना हो। 30 x 150 साइज़ का लगभग 4500 स्क्वायर फीट विशाल होल्डिंग एरिया  500 से अधिक यात्रियों के बैठने लिए बनाया गया है । होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए निशुल्क पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। यात्रियों की संख्या के अनुरूप होल्डिंग एरिया का और विस्तार किया जा सकता है।
जिसमें चेयर की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए, एयर कूलर एवं पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होल्डिंग एरिया में खान-पान की व्यवस्था बहुत ही न्यूनतम दरों पर जनता खाना ₹15 में, इकोनामी मिल ₹20 में, एवं ₹14 में रेल नीर की व्यवस्था की गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए टीटीई द्वारा लगातार यात्रियों को पर्याप्त जानकारी एवं काउंसलिंग किया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए अन्य स्टेशनों पर भी क्राउड मैनेजमेंट होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी है।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर किसी भी तरह का भगदड़ न हो इसीलिए भीड़ को कंट्रोल करने के लिए यात्रियों के ठहराव की सुविधा रेलवे स्टेशन परिसरों पर प्रदान गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया में पानी की सुविधा, होल्डिंग एरिया में ही टिकट लेने की सुविधा, व्हील चेयर, स्ट्रेचर सीसीटीवी कैमरा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

एम्बुलेंस की सुविधा रायपुर स्टेशन पर किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस की सुवधा भी उपलब्ध कराई गई है।

स्पेशल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों की सुविधा के लिए 14 स्पेशल गाड़ियां चलाई जा रही है । दुर्ग रायगढ़ के बीच पूर्णता लोकल मेमू ट्रेन।

टिकट काउंटर टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ न हो यात्री व्यवस्थित होकर टिकट ले इस हेतु समुचित टिकट काउंटरों की व्यवस्था की गई है। इसमें स्टेशन परिसर में ही टीटीई द्वारा मोबाइल यू.टी.एस. टिकटिंग कि सुविधा। रायपुर स्टेशन परअनारक्षित टिकट काउंटर का रेलवे आरक्षण केंद्र में शिफ्टिंग है। ATVM है, अनारक्षित टिकट लेने में असुविधा ना हो इस हेतु वाणिज्य विभाग के अधिकारियों वाणिज्य निरीक्षकों सुपरवाइजरो द्वारा लगातार भीड़ की निगरानी की जा रही है।   

उद्घोषणा-उद्घोषणा सिस्टम के माध्यम से स्टेशनों पर लगातार कोच पोजिशन एवं ट्रेनों का आवागमन का समय एवं प्लेटफार्म की सूचना यात्री हित की अन्य सूचनाओं को प्रदान किया जा रहा है।

इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सा रूम (ईएमआर) रायपुर स्टेशन पर इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सा रूम बनाया गया है। हेल्थ चेक - अप की सुविधा एवं डॉक्टर " ऑन कॉल बेसिस" पर उपस्थित रहेगें।

यात्रियों का स्टेशन में सुगम्य प्रवेश- रायपुर स्टेशन पर यात्रियों का निर्वाध प्रवेश हो इस हेतु रायपुर स्टेशन के सभी गेट पर प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था की गई है।..

अधिकारियो द्वारा निगरानी ट्रेनों में टीटीई को निर्देशित किया गया है कि वह क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान एवं यात्रियों की यात्री सुविधाओं को सुनिश्चित कर रेल नियमों का पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित ट्रेनों में प्रवेश करा रहे है। वाणिज्य विभाग के अधिकारी, निरीक्षक लगातार क्राउड मैनेजमेंट पर निगरानी बनाए हुए हैं।

पूछताछ केंद्र पूछताछ केंद्र पर त्वरित एवं सही जानकारी उपलब्ध हो इस हेतु भी संबंधित निरीक्षकों एवं स्टाफ को निर्देशित किया गया है।

अतिरिक्त टिकट चेकिंग स्टाफ अतिरिक्त टिकट चेकिंग स्टाफ को तैनाती

पेयजल एवं खानपान- यात्रियों के लिए पेयजल एवं खानपान की व्यवस्था स्टेशनों पर उपलब्ध सभी स्टॉल एवं कैटरिंग यूनिटों को निर्देशित किया गया है पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध रखें ताकि यात्रियों को और असुविधा न हो।

यात्री सुरक्षा - यात्रियों की सुरक्षा हेतु स्टेशन पर सी.सी.टी.वी कैमरा, स्कैनर लगाए गए हैं अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल, अन्य सेवा दलो की व्यवस्था की गई है।

वाणिज्य कंट्रोल रूम  विशेष क्राउड मैनेजमेंट वाणिज्य कंट्रोल रूम बनाया गया है 24 घंटे सभी ट्रेनों एवं स्टेशनों पर उपलब्ध वाणिज्य स्टाफ से लगातार संपर्क बनाए रखने हेतु व्यवस्था जाएगी एवं संबंधित वाणिज्य निरीक्षक यात्रियों की सुविधा हेतु जानकारी लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे रेल मदद पर यात्री सक्रीय है तुरंत ही उनकी समस्या का निवारण किया जा रहा हैं।

सजगता- सतर्कता - एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म का उपयोग करते समय सावधानी रखने, लिफ्ट ओवर लोडेड ना हो एस्केलेटर का संचालन सही हो इसकी सुनिश्चितता करेंगे एवं सुव्यवस्थित पार्किंग पर निगरानी, आगजनी की घटनाओ से बचाने के लिए सभी स्टाफ की सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है।
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AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम : इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन में रायपुर के अनुराग मानिक और आस्था मानिक ने हासिल किया प्रथम स्थान

 नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क से डिजिटल नवाचार और उच्च तकनीकी निवेश को मिलेगी नई गति - मुख्यमंत्री श्री साय

 भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 


“छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा।

स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है। राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की। यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
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भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर - केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री श्री साय ने  सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा।


    केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है। 

आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना

      श्री शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु श्री राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की। श्री शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।


उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। 

40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है

        केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं। 

 दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ   

     श्री शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।

बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री श्री साय

          मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री श्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी श्री शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है।

समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन

      श्री साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया।

बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में

      मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है।

बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है

        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है।  श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे। 

आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास

       मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार - (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में पहुंचाई हैं। आत्मसमर्पण नीति को और अधिक मानवीय और संवदेनशील बनाया है, जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सम्मान के साथ पुनर्वास कराया जा रहा है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में भी बस्तर के विकास की चर्चा की। श्री साय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म, होम-स्टे, ट्रेकिंग जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सतत पर्यत्नशील है, जिससे बस्तर ही नहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता की जानकारी पर्यटकों को मिल सके और पर्यटन छत्तीसगढ़ की ओर आर्कर्षित हो सके। 

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर पांडुम के भव्य आयोजन से बस्तर की समृद्ध और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और स्थायी शांति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने छेरछेरा पंडुम, तिहार और विजा पंडुम जैसे पारंपरिक उत्सवों को जनजातीय जीवन, प्रकृति और कृषि से जुड़ी अमूल्य परंपराएं बताया। नक्सलवाद पर दृढ़ प्रहार की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय ध्वज की उपस्थिति पहुँची है, जो विकास और विश्वास की नई शुरुआत है। श्री शर्मा ने बस्तर पांडुम को समाज-नेतृत्वत आयोजन बताते हुए कहा कि इसके असली सूत्रधार मांझी-चालकी, गयाता और पुजारी जैसे पारंपरिक समाज प्रमुख हैं, जिनके सहयोग से बस्तर पंडुम का आयोजन सफल हुआ। उन्होंने इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर पंडुम 2026 के उद्देश्य और 12 विद्याओं पर भाग लेने वाले कलाकारो की विस्तृत जानकारी दी, और कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी। 

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, पद्म श्री अजय मंडावी, श्रीमती बुधरी ताती, श्री हेमचंद मांझी, श्री पंडीराम मांझी, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।


बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति (Security Centric Strategy), इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। श्री शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई (scattered) नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।
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आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है। 


जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा । सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव - राज्यपाल श्री रमेन डेका

राज्यपाल श्री रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।

बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।

अब नया बस्तर - डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। 

कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरणदेव सिंह, सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जगदलपुर आगमन: राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर किया आत्मीय स्वागत

 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। 


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और महापौर श्री संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत एवं अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मां दंतेश्वरी की पावन, ऐतिहासिक एवं आस्था से परिपूर्ण धरती पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। इनका आगमन बस्तर अंचल सहित समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का क्षण है। आदिवासी संस्कृति, परंपरा और समृद्ध विरासत से सुसज्जित इस पावन क्षेत्र में उनकी गरिमामयी उपस्थिति प्रदेश के विकास, जनजातीय अस्मिता और नई संभावनाओं को और अधिक सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
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