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सुशासन तिहार में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव निकले फील्ड पर, कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के पहले दिन आज कई कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। वे इस दौरान कांकेर के कोटतरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भी शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।


श्री साव आगामी चार दिनों तक बस्तर में रहकर निर्माण कार्यों और योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। वे इस दौरान बस्तर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। वे आज अपने बस्तर प्रवास के पहले दिन कांकेर पहुंचे, जहां उन्होंने चारामा विकासखण्ड के ग्राम बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। जल जीवन मिशन के तहत यहां दो करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण और रेट्रोफिटिंग कर 391 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। श्री साव ने घरों में जाकर जल आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का निरीक्षण किया। चार करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए आगामी अक्टूबर माह तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कांकेर में जिला मुख्यालय के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था और जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने अमोड़ा-नरहरपुर सड़क के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए ठेकेदार और कार्यपालन अभियंता को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वर्क-फोर्स और मशीनरी बढ़ाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। 40 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से 16 किमी इस टू-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। कांकेर के विधायक श्री आशाराम नेताम भी सभी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर  राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कृष्ण वट (बरगद) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी बेल का पौधा लगाकर अभियान में सहभागिता निभाई।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अभिन्न है। अनियंत्रित वृक्ष कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरक और भावनात्मक पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में ढाई करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों से साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी प्रदेशवासी निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। राज्य सरकार और वन विभाग के सतत प्रयासों से वन क्षेत्र का संरक्षण और विस्तार निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, खेत, आंगन और मेड़ों में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय सदियों से जंगलों को अपनी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनकी रक्षा करता आया है। सरना स्थलों में वृक्षों को देवतुल्य मानकर पूजा जाना प्रकृति के प्रति हमारी सांस्कृतिक आस्था और संरक्षण की भावना का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व श्री पंडी राम मंडावी, श्री जागेश्वर यादव तथा डॉ. रामचंद्र गोडबोले का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन समाजसेवा, समर्पण और जनहित का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों—‘द बैगा’, ‘वेटलैंड्स ऑफ छत्तीसगढ़’, ‘फ्लोरल डायवर्सिटी ऑफ बीजापुर डिवीजन’, ‘मैमल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ तथा ‘उत्तरी छत्तीसगढ़ के अनूठे पर्यटन स्थल और उनकी विविधता’—का विमोचन भी किया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सिलीबहार की सुश्री चन्दनबती कोला ने स्व-सहायता समूहों द्वारा जंगल संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में 138 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है, जिससे युवाओं का पलायन पूरी तरह रुक गया है तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।

कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, विधायक श्री मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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समाज, संगठन और योग के प्रति समर्पित था रूपनारायण सिन्हा जी का जीवन : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद श्री सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में श्री सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री अजय चंद्राकर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, श्री राम प्रताप, श्री पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री राम दत्त, श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
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कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों ने प्रदेश का नाम किया रोशन : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 श्रमिक अपने श्रम, समर्पण और परिश्रम से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों को सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 तथा कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, सक्ती, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं।

मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि आज जिन श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कभी भी स्वयं को किसी से कम न समझें। इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक महान व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर उच्चतम शिखरों तक पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी तथा देश की सेवा करें। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक कल्याण के लिए लगभग 70 प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने श्रमिक परिवारों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया तथा उपस्थित हितग्राहियों से कहा कि वे उन श्रमिकों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं जो अभी इन सुविधाओं से वंचित हैं।

अपने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के हितों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वर्ष 2014 से 2019 के दौरान केंद्र सरकार में दायित्व निभाते समय उन्हें श्रम मंत्रालय के कार्यों को निकट से देखने तथा श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने के कारण श्रमिकों को भविष्य निधि (पीएफ) राशि प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए यूनिवर्सल पीएफ नंबर की व्यवस्था लागू की गई, जिससे अब एक ही पीएफ नंबर श्रमिक के पूरे कार्यकाल से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन व्यवस्था तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कदम भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। यह राशि निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, पेंशन सहायता योजना सहित विभिन्न श्रमिक हितैषी योजनाओं के तहत प्रदान की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा एक लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मंडल द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए भी विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिला है और वे इस राशि का उपयोग उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग अपने आंगन, खेत-खलिहान, मेढ़ अथवा उपलब्ध स्थानों पर पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण के इस अभियान को जनांदोलन का स्वरूप दें।

इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में श्रमिक तथा उनके परिवारजन उपस्थित थे।
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पीएम आवास पूर्णता में पूरे देश में सबसे आगे छत्तीसगढ़, ढाई सालों में 10 लाख से अधिक आवास पूरे - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में शामिल हुए। यहां उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिये। शिविर के दौरान उन्होंने विभिन्न  हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित भी किया।

        शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीते दिनों यहां 7 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया है। 1.5 करोड़ की लागत से यहां तालाब के सौंदर्यीकरण की स्वीकृति मिली है।  जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य काम दस बीस सालों के लिये होते हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज जैसा काम सौ साल का होता है। उन्होंने बताया कि काम तेजी से हो रहा है। हर शुक्रवार निर्माण कार्य में हुई प्रगति का अपडेट लिया जाता है। उन्होंने कहा कि बोड़ला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। तरेगांव जंगल के पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन के लिए 2.50 करोड़ की स्वीकृति मिली है।  राजा नवागांव सब सेंटर 75 लाख की लागत से पीएचसी में अपग्रेड होने जा रहा है।

        उन्होंने बताया कि भोरमदेव कॉरिडोर में मंदिर परिसर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुंवा के साथ सरोदा बांध का उन्नयन किया जा रहा है। भोरमदेव मंदिर के इतिहास से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए संग्रहालय का निर्माण, सरोवर का सौंदर्यीकरण, कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना है। इसके लिए स्वदेश दर्शन योजना से 146 करोड़ रुपए मिले हैं। यह न सिर्फ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि पर्यटकों के आने से क्षेत्रवासियों के लिए आर्थिक विकास की राह भी खोलेगा। किसानों की सुविधा के लिए बोड़ला में ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है।  नया सब स्टेशन का काम चल रहा है। फीडर अलग करने का काम भी जारी है। घरेलू कनेक्शन और खेतों में गया फीडर अलग किया जा रहा है। ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारु रहे।

        लोरमी विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में इस पूरे क्षेत्र के समुचित विकास की ठोस आधारशिला रखी जा रही है जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा। उनके मार्गदर्शन में कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। जिसका लाभ पूरे जिले के मरीजों को मिलेगा। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। अटल आरोग्य लैब से कई प्रकार की जांच निःशुल्क होती है। उनके नेतृत्व में भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होने जा रहा है। यह परियोजना भोरमदेव मंदिर को देश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती अंकित करने का रहा है। यह सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी आगे बढ़ाएगा। उन्होंने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संकल्प और सतत प्रयासों से संभव हुआ है। 

पीएम जनमन से बैगा बसाहटों को जोड़ने बन रही 56 सड़कें
       पीएम जनमन से प्रदेश की 2.25 लाख विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए करीब 800 सड़कें बनाई गई। जिले में बैगा बाहुल्य बसाहटों के 56 सड़कें बन रही हैं, जिनमें से अधिकांश सड़कें पूरी हो चुकी हैं। पीएमजीएसवाय फेज-4 से बोड़ला विकासखंड में 16 सड़कें बन रही हैं। विभिन्न सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। दूरस्थ अंचलों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए विशेष रूप से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला एवं बाल विकास के साथ अन्य महत्वपूर्ण योजना का लाभ पहुंचाने का काम हो रहा है। जिससे जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।

महतारी वंदन योजना की 28 वीं किश्त जारी
          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कल ही महतारी वंदन की 28 वीं किश्त जारी किया है। हर हितग्राही माता बहनों को हर माह 1-1 हजार रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 27 किश्तों में जिले की महिलाओं करीब 633 करोड़ रूपये से अधिक जारी हो चुके हैं।

2.5 वर्षों में पूरे देश में सर्वाधिक आवास किये पूरे
          उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार गठन के बाद पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति और उसे पूर्ण करने का काम पूरी तेजी से किया गया। उन्होंने बताया कि बीते 2.5 वर्षों में पूरे प्रदेश में 10 लाख 60 हजार पीएम आवास पूरा किया है। यह इस अवधि में पूरे देश में सर्वाधिक है। जनवरी 2025 से अक्टूबर तक प्रदेश में 2 हजार आवास प्रतिदिन पूर्ण हो रहे थे। यह देश में सबसे अधिक था। आज भी देश में सबसे ज्यादा 1600 आवास प्रतिदिन पूरा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी आवास निर्माण की गति बढ़ाई जा रही है।

उप मुख्यमंत्री ने सौंपी आवास की चाबी, हितग्राहियों को किया लाभन्वित
       सुशासन तिहार के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी सौंपी गई। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वारा नवीन राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, एचआईवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र का भी वितरण किया। साथ ही कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

        समाधान शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में सामने आई है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित न किया जाए। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण तथा छोटे-छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।

जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश की महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर में संचालित नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से 7 हजार 770 नई महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना आज केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार तथा समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश की हर महिला सशक्त, स्वावलंबी और सम्मानपूर्ण जीवन जी सके।

महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई धारा प्रवाहित हुई है और लाखों परिवारों के जीवन में खुशहाली तथा आर्थिक स्थिरता का नया अध्याय जुड़ा है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा में निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया निरीक्षण

 सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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केबिनेट सचिव ने राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं के एक्शन प्लान को लेकर किया विमर्श

 भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.व्ही.सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारें मिलकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करें। कान्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अपार आई डी, आंगनबाड़ियों के मैनेजमेंट, आरोग्य मंदिर, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी लाईवलीहुड मिशन, पीएम जनमन, पेंशन स्कीम सहित भारत सरकार की अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं कार्यक्रम का राज्यों में संचालन तथा क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। 


          वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी दिनों में होने वाली नीति आयोग की नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनटीए द्वारा ली जाने वाली रि-नीट परीक्षा में जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील नवा रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। सीएस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ में लाईवलीहुड मिशन, आकांक्षी जिला एवं नियद नेल्लानार योजना में किए गए कार्यों का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं राज्यों के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी 22 बच्चों को करेंगे सम्मानित

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगामी शुक्रवार 5 जून को दोपहर 2.30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले पंजीकृत श्रमिक परिवारों के 22 मेधावी बच्चों को सम्मानित करेंगे। इस गरिमामय अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।


        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। यह पहल श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक मेधावी छात्र को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए दोपहिया वाहन  क्रय करने हेतु 1 लाख रुपये का विशेष अनुदान देने का भी प्रावधान है। इस प्रकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को कुल रुपये 2 लाख रूपए का चेक वितरण कर लाभान्वित करेंगें। इस अवसर पर जनप्रतिनिधगण, गणमान्य नागरिक सहित हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित रहेगें।
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8 जून 2026 से दो मेमू पैसेंजर को मर्ज करके करके गाड़ी संख्या 68723 रायपुर -गोंदिया मेमू पैसेंजर चलाई जाएगी

 यात्रियों की सुविधा, बेहतर रेल कनेक्टिविटी एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 68721 रायपुर -डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर और गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़ -गोंदिया मेमू पैसेंजर को 08 जून 2026 से मर्ज करके गाड़ी संख्या 68723 रायपुर -गोंदिया के नाम से  संचालित करने का निर्णय लिया गया है।


गाड़ी संख्या 68723 रायपुर -गोंदिया मेमू पैसेंजर रायपुर से 19:00 रवाना होकर 19:04 बजे सरस्वती नगर, 19:09 बजे सरोना, 19.16 बजे कुम्हारी, 19.25 बजे देवबलोदा चरोदा, 19.34 बजे भिलाई, 19.39 बजे भिलाई पावर हाउस, 19.44 बजे भिलाई नगर, 20.20 बजे दुर्ग, 

20.30 बजे रसमडा, 20.37 बजे मुड़ीपार, 20.44 बजे परमालकसा,20.50 बजे राजनंदगांव, 21:01 बजे बाकल, 21:08 बजे मुसरा, 21 14 बजे जटकन्हार, 21.35 बजे डोंगरगढ़, 

21.46 बजे पनियाजाब, 21.57 बजे बोरतलाव, 22.05 बजे, दरेकसा, 22.19 सालेकसा, 22.28 बजे धनौली, 22.34 बजे आमगांव, 22.43 बजे गुदमा, 23.15 बजे गोंदिया पहुंचेगी।
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एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर बेवजह लाठीचार्ज दमन की कार्रवाई निंदनीय - दीपक बैज

नीट के पेपर लीक मामले में कार्यवाही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे एनएसयुआई कार्यकर्ताओं पर किये गये बर्बरतार्पूण लाठीचार्ज की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी अक्षमता को छुपाने के लिए बर्बरता पर उतर आई है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता छात्रों के हक की मांग करने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के नेतृत्व में एकत्रित हुए थे। भाजपा सरकार छात्रों के प्रदर्शन से घबरा गई भाजपा ने उनके खिलाफ लाठियों से प्रहार करवाया।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदर्शन के वीडियो से स्पष्ट है कि शांतिपूर्ण ढंग से नारे लगाते जा रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बेवजह ही लाठीचार्ज किया है। कुछ कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों को तो पुलिस द्वारा घेरकर पीटा गया है, कई लोगों को चोटें आई है। नीट के दोषियों पर कार्रवाई की मांग करना भी भाजपा सरकार को बर्दाश्त नहीं हो रहा है, वह लाठीचार्ज करके अपनी नाकामी छिपाना चाहती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछली बार भी नीट के पेपर लीक मामले में मोदी सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की, न ही कोई ठोस कार्यवाही किया था। जब 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और एनटीए के डीजी को पद से हटा दिया, लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी, उसके बाद छत्तीसगढ़ की भर्ती परीक्षाओं का प्रमुख बना दिया और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। बेहद स्पष्ट है कि पेपर लीक के असल गुनहगारों को भाजपा सरकार का संरक्षण है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है। कारण साफ है- पेपर लीक के इस गोरखधंधे में भाजपा सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार में परीक्षा की सुचिता लगातार भंग हो रही है, भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक हो रहे हैं, कारण स्पष्ट है पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। भाजपा का फंडा साफ है- जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम, इसीलिए बेखौफ होकर ऐसे कुकृत्य किए जा रहे हैं। दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा? जिन 22 लाख छात्रों ने सालों से मेहनत की उन्हें दोबारा परीक्षा में झोंकना उनके साथ अन्याय है, बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीय पर सवाल उठ रहा है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सरकार के संरक्षण की ओर इशारा करती है।
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बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों की शांति व आर्थिक प्रगति से बौखलाई कांग्रेस : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों का इस्तेमाल सिर्फ एक 'वोट बैंक' की तरह किया है। आज जब बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में शान्ति लौट रही है और आर्थिक प्रगति हो रही है, तो कांग्रेस इसे पचा नहीं पा रही है और अब क्षेत्र में 'अर्बन नक्सलवाद' को बढ़ावा देने में जुट गई है। श्री ठाकुर ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के आर्थिक और समग्र विकास के लिए सिर्फ 5 साल का वक्त मांगा है। भाजपा सरकार बस्तर के जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के हक को मजबूत करते हुए वहाँ विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने गुरुवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफिंग में कांग्रेस पर 'टूलकिट एजेण्डा' चलाने और अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने का सीधे शब्दों में आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तर अंचल से नक्सलियों के खात्मे के बाद अब कांग्रेस एक नई साजिश रच रही है। कांग्रेस ने एक विशेष टूलकिट तैयार की है, जिसके जरिए वे आदिवासी क्षेत्रों में भ्रम और अशांति फैलाकर 'अर्बन नक्सलवाद' को दोबारा हवा दे रहे हैं। कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि आदिवासी समाज के जीवन में आर्थिक समृद्धि आए या उनके रहन-सहन के स्तर में सुधार हो। बस्तर में आर्थिक क्रांति और स्थानीय रोजगार के अवसरों में इजाफे की दिशा में किए जा रहे कार्यों की चर्चा करते हुए श्री ठाकुर ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में मिलने वाली 'मीठी इमली' (जो पूरे एशिया में केवल इसी क्षेत्र में पाई जाती है), महुआ और बाँस के लिए विशेष फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्थानीय आदिवासी समाज के हाथों को रोजगार देना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उन्नत किसान बन सकें। श्री ठाकुर ने दो टूक कहा कि कांग्रेस चाहे जितनी कोशिश कर ले, भाजपा सरकार बस्तर में शांति व्यवस्था और आदिवासियों के आर्थिक विकास को रुकने नहीं देगी। भाजपा आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के सही उपयोग के जरिए बस्तर को एक विकसित और उन्नत संभाग बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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​स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत जनता के विश्वास की जीत: प्रदेश अध्यक्ष किरण देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रदेश के स्थानीय निकाय उपचुनावों और अध्यक्ष पदों पर मिली शानदार जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए जनता और कर्मठ कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। श्री देव ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। जनता ने एक बार फिर विकास और सुशासन को चुना है।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा मेंअध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने 762 वोटों के बड़े अंतर से एकतरफा और शानदार जीत दर्ज की है। इसी प्रकार ​सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए अध्यक्ष पद पर रितेश जायसवाल को 362 वोटों के अंतर से विजयी बनाया है। श्री देव ने कहा कि बम्हनीडीह, सहसपुर लोहारा और शिवनंदनपुर नगर पंचायत में मिली यह जीत दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर जनता कांग्रेस के खोखले वादों को पूरी तरह समझ चुकी है और विकास के लिए केवल भाजपा पर भरोसा कर रही है। इस चुनाव में दिन-रात मेहनत करने वाले प्रत्येक देवतुल्य कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। भाजपा जनता के इस विश्वास का मान रखेगी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी।
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लोकभवन में तीन दिवसीय मेडिटेशन शिविर का आयोजन

 राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय (3 जून से 5 जून तक) मेडिटेशन (ध्यान) शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, कार्यक्षमता तथा तनाव प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है।


           हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर के सहयोग से आयोजित इस शिविर के प्रथम दिन ध्यान के महत्व और उसके व्यावहारिक लाभों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति एकाग्रता में वृद्धि होती है, जिससे शासकीय कार्यों के निष्पादन में भी बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।

          शिविर के दौरान लोकभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक घंटे का विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सचिवालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों को ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया तथा दैनिक जीवन में ध्यान को अपनाने के तरीकों की जानकारी दी गई।

         हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षक विकास पाठक एवं श्री डी.एम. शर्मा ने प्रशिक्षण प्रदान करते हुए ध्यान को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की प्रभावी साधना बताया। उन्होंने कहा कि नियमित मेडिटेशन व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ कार्यस्थल पर उसकी उत्पादकता और सकारात्मकता को भी बढ़ाता है। तीन दिवसीय इस शिविर में आगामी दिनों में ध्यान, आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव प्रबंधन से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए
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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेत के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित खनन पर दिया जोर

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ की नदियों और बड़े नालों में रेत खनन की गतिविधियों को वैज्ञानिक, संतुलित और व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि रेत राज्य के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है, इसलिए इसके उपयोग और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि इनके अनियंत्रित दोहन से पर्यावरण और जल संसाधनों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की संभावना बनी रहती है। 


              लोक भवन में आज राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद से इस विषय पर चर्चा की और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेत खनन निर्धारित नियमों एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप किया जाना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण और विकास दोनों उद्देश्यों को समान रूप से साधा जा सके। राज्यपाल ने राज्य में चल रहे ड्रोन आधारित निगरानी और खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग की जानकारी लेते हुए इसकी सराहना की।

               राज्यपाल ने कहा कि नदियों और बड़े नालों की प्राकृतिक संरचना तथा जलधारण क्षमता को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनियोजित खनन गतिविधियों से नदी तटों, भू-जल स्तर और स्थानीय पारिस्थितिकी पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए खनन कार्यों की नियमित निगरानी और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नदियों एवं जलस्रोतों की क्षमता बढ़ाने तथा भू-जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक और समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

               राज्यपाल ने निर्देश दिए कि रेत खनन से संबंधित क्षेत्रों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे विशेषज्ञ संस्थानों से सर्वे और तकनीकी अध्ययन कराया जा सकता है, ताकि खनन गतिविधियों के प्रभावों का आकलन कर बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम उठाए जा सकें।

             राज्यपाल डेका ने कहा कि रेत जैसे खनिज संसाधनों का उपयोग राज्य के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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राज्यपाल श्री रमेन डेका से मुख्य सचिव ने सौजन्य भेंट की

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्याे की प्रगति से राज्यपाल को अवगत कराया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार सतर्क

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को समय पर खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड तथा जिला प्रशासन के समन्वय से पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


राज्य सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए अग्रिम तैयारी की है। उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण, समयबद्ध परिवहन और किसानों तक सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों, कृषि अधिकारियों, सहकारिता विभाग तथा मार्कफेड को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। वर्तमान में राज्य में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक खाद का स्टॉक गोदामों और सोसायटियों में उपलब्ध है। जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को इस खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य  आबंटित हुआ हजिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश के गोदामों एवं समितियों में लगभग 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव ने बताया कि किसानों को पर्याप्त खाद्य मिले इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जून 2026 अंतर्गत 1 जून 2026 की स्थिति में रेक प्वाइंट तिल्दा, जिला रायपुर में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, रेक प्वाइंट बेलसोंडा महासमुंद 1316 मीट्रिक टन यूरिया इसी प्रकार रेक प्वाइंट खरसिया, जिला रायगढ़ 2646 मीट्रिक टन यूरिया और रेक प्वाइंट जिला बालोद में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, इस तरह कुल 6600 मीट्रिक टन यूरिया की खेप आने वाली हैं। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। 

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में वर्तमान में 17,818 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी प्रकार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की मुकुरमुडा समिति में खरीफ सीजन के लिए 362 मीट्रिक टन उर्वरकों का अग्रिम भंडारण किया गया है। किसानों को गांवों के निकट ही खाद उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त गोदामों की व्यवस्था भी की गई है। वहीं मुंगेली जिले में यूरिया वितरण के दौरान तकनीकी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न हुई अस्थायी स्थिति का तत्काल समाधान कर प्रशासन एवं कृषि विभाग की निगरानी में किसानों को व्यवस्थित रूप से खाद उपलब्ध कराया गया। बस्तर जिले में खरीफ 2026 हेतु उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कुल लक्ष्य 46,050 मीट्रिक टन निर्धारित है, जिसके विरुद्ध वर्तमान में सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के पास 18,341 मीट्रिक टन तथा मार्कफेड एवं थोक विक्रेताओं के पास 11,378 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में कुल 29,719 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 64 प्रतिशत है।

रायपुर जिले में यूरिया की समितियों में वर्तमान उपलब्धता 9,102 मीट्रिक टन है, जबकि संग्रहण केंद्रों से कुल 10,732 मीट्रिक टन यूरिया भंडारित किया गया है। इसी प्रकार डी.ए.पी. की समितियों में वर्तमान उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन है, जबकि कुल भंडारित मात्रा 3,927 मीट्रिक टन है।  किसानों की सुविधा और सुचारू वितरण व्यवस्था के लिए भूमि की उपलब्धता के आधार पर यूरिया के वितरण की किश्तें भी निर्धारित की गई हैं। इसके तहत ढाई एकड़ तक की भूमि वाले सीमांत कृषकों को निर्धारित यूरिया की मात्रा एकमुश्त प्रदाय की जाएगी। ढाई एकड़ से पांच एकड़ तक की भूमि वाले लघु कृषकों को उर्वरक का उठाव दो किश्तों में करने की सुविधा होगी, जबकि पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े कृषकों को यूरिया का प्रदाय तीन किश्तों में सुगमतापूर्वक सुनिश्चित किया जाएगा।

राजनांदगांव जिले में खरीफ वर्ष 2026 हेतु 68690 मेट्रीक टन का लक्ष्य रखा गया है, जिले में अद्यतन सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 42997 मेट्रीक टन खाद उपलब्ध है, जिसमें 17559 मेट्रिक टन यूरिया, 4271 मेट्रिक टन डीएपी, 10578 मेट्रिक टन एनपीके, 3471 मेट्रिक टन एमओपी एवं 7119 मेट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध हैं, जो गतवर्ष इसी अवधि की तुलना से 43ः अधिक हैं। सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है, जिले में 10874 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं, जिसमें 7193 मेट्रिक टन यूरिया, 1807 मेट्रिक टन डीएपी, 4669 मेट्रिक टन एनपीके, 1322 मेट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मेट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा जिले में उर्वरकों की कमी नहीं हैं।

कोरिया जिले में सभी उर्वरकों को मिलाकर कुल 12,150 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। लक्ष्य की तुलना में लगभग 5,530 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण शेष है। उन्होंने बताया कि जिले की सभी समितियों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। खरीफ 2026 के लिए बिलासपुरं जले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिला कोरबा में 1 अप्रैल से 31 मई 2026 तक कुल 2101.85 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में सर्वाधिक 1165.85 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया। इसके अलावा 310.85 मीट्रिक टन डीएपी, 67.75 मीट्रिक टन एमओपी, 437.70 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 119.70 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों को उपलब्ध कराया गया। अप्रैल माह में कुल 191.51 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया, जबकि मई माह में वितरण बढ़कर 1910.34 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।

धमतरी जिले में वर्तमान स्थिति के अनुसार कुल 19,358 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है, जिसमें से 4,318 मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है। वितरण उपरांत विभिन्न उर्वरकों का कुल 15,040 मीट्रिक टन भण्डार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उपलब्ध भण्डारण में यूरिया 8,017 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 3,005 मीट्रिक टन, पोटाश 1,084 मीट्रिक टन, डीएपी 2,169 मीट्रिक टन तथा एनपीके 5,083 मीट्रिक टन शामिल है। वर्तमान तक यूरिया 1,902 मीट्रिक टन, एसएसपी 588 मीट्रिक टन, पोटाश 216 मीट्रिक टन, डीएपी 572 मीट्रिक टन एवं एनपीके 1,040 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण कर किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वितरण किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को इनके लाभों की जानकारी दी जा रही है, ताकि पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए कृषि लागत में कमी और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह वैकल्पिक है तथा किसानों को उनकी आवश्यकता और सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और भविष्य की संभावित आपूर्ति चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र को तैयार करना है।
कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण एवं भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है तथा विभागीय जांच भी प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए उर्वरकों की उपलब्धता, परिवहन, भंडारण और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को समय पर आवश्यक खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध हो और खेती-किसानी का कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके। प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
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खोरधा रोड मंडल के पुरी स्टेशन पर प्लेटफार्म उन्नयन कार्य के कारण कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा ।

ईस्ट कोस्ट रेलवे के खोरधा रोड मंडल के अंतर्गत पुरी स्टेशन पर प्लेटफार्म उन्नयन कार्य का कार्य किया जा रहा है | इसके फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबन्धित कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा | इस दौरान निम्न गाड़ियां पुरी के स्थान पर मालतीपाटपुर स्टेशन में समाप्त/प्रारम्भ होगी।


 विवरण इस प्रकार है :- 
???? दिनाँक 07 व 14 जून 2026 को एलटीटी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12145 एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस, मालतीपाटपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा दिनाँक 09 व 16 जून 2026 को पुरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12146 पुरी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) एक्सप्रेस, मालतीपाटपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी ।
???? दिनाँक 05 व 12 जून 2026 को गांधीधाम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12993 गांधीधाम-पुरी एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा दिनाँक 08 व 15 जून 2026 को पुरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12994 पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी ।
???? दिनाँक 03, 10, व 17 जून 2026 को गांधीधाम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22973 गांधीधाम-पुरी एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा दिनाँक 06, 13 व 20 जून 2026 को पुरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 22974 पुरी-गांधीधाम एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी ।
???? दिनाँक 09 व 16 जून 2026 को इंदौर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20917 इंदौर-पुरी एक्सप्रेस हमसफर एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा दिनाँक 04, 11 व 18 जून 2026 को पुरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20918 पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी । 
???? दिनाँक 07 व 14 जून 2026 को श्री गंगानगर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20471 श्री गंगानगर-पुरी       एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा दिनाँक 10 व 17 जून 2026 को पुरी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20472 पुरी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस मालतीपाटपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी   ।

यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें।
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