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छत्तीसगढ़ में पौने चार साल : प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण का जुड़ा नया अध्याय

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में पिछले पौने चार साल में प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण का एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य में नवगठित जिलों से विकास की नई रोशनी आएगी। लोगों तक विकास के लिए तैयार की गई योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचेगा । प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण जनआकांक्षाओं की पूर्ति के साथ-साथ पिछड़े और अविकसित क्षेत्र को भी विकास की बराबरी में आने का मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने तथा शासन-प्रशासन में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के साथ आम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण का फैसला लिया। इस फैसले के अमलीजामा होने से लोगों की जनभावनाओं की जहां पूर्ति हुई है, वहीं इन क्षेत्रों को विकास के रास्ते में आगे बढ़ने के लिए नया वातावरण मिला है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छह नये जिले, 19 अनुविभाग और 77 तहसील बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ के नवगठित सभी छह जिलों में कामकाज की शुरूआत हो चुकी है। इन जिलों में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक पदस्थ किए जा चुके हैं। अन्य विभागों के जिला अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। नये जिले अस्तित्व में आने के बाद लोगों को राजस्व प्रशासन के साथ जिले में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को मिलना शुरू हो गया है।

छत्तीसगढ़ भौगोलिक दृष्टि से देश का नवां बड़ा राज्य है। 1 नवम्बर 2000 कोे गठित इस राज्य में शुरू में 16 जिले थे। प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए यहां वर्ष 2007 में 2 नए जिले नारायणपुर व बीजापुर का गठन किया गया। इसी प्रकार 1 जनवरी 2012 को 9 नये जिले सुकमा, कोंडागांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज बनाए गए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 10 फरवरी को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का उद्घाटन किया गया। वर्ष 2022 में पांच और नए जिलेः- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सक्ती का शुभारंभ हुआ। इसके अलावा 77 नये तहसील और 19 अनुविभाग बनाए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 33 जिले, 108 अनुविभाग 227 तहसील कार्यशील हैं। इन सभी स्थानों पर तहसीलदारों, अनुविभागीय अधिकारियों की पदस्थापना भी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस सोच के साथ काम करना शुरू किया कि आम जनता को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिले। आम नागरिकों के दैन्ददिनी शासकीय कार्यों का निपटारा आसानी से हो, उसमें कम-से-कम समय लगे। शासकीय कार्यालय जाने में समय ज्यादा व्यतीत न हो। इसके लिए आवश्यक था कि प्रशासन जनता के करीब जाए, अधिक से अधिक विकेन्द्रीकरण हो। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक आवश्यकताआंे और क्षेत्रवासियांें की वर्षो पुरानी मांग पर नए जिले, अनुविभाग और तहसील बनाने की दिशा में कार्य करना प्रारंभ किया, समय-समय पर जनता की अपे़क्षाओं के अनुरूप घोषणाएं की। साथ ही उनके जल्द गठन करने का निर्देश भी दिया गया।राजस्व मंत्री जयसिंग अग्रवाल ने कहा है कि प्रशाशनिक विकेंद्रीकरण से जनसुविधा में वृद्धि होगी, विकास की गति तेज होगी।

नये जिले प्रारंभ हुए

10 फरवरी 2020 को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 02 सितम्बर 2022 को मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, 03 सितम्बर 2022 को सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 09 सितम्बर को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तथा सक्ती जिले का शुभारंभ किया गया।

नये अनुविभाग

वर्ष 2020 में दंतेवाड़ा जिले में बड़े बचेली और बिलासपुर जिले के तखतपुर, वर्ष 2021 में कोरबा जिले के पाली, बस्तर में लोहाण्डीगुड़ा वर्ष 2022 में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भरतपुर, खड़गवां को नया अनुविभाग बनाया गया हैं। सूरजपुर जिले में भैयाथान, बलरामपुर-रामानुगंज जिले में बलरामपुर और राजपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में मरवाही, सक्ती जिले में मालखरोदा, रायपुर जिले में तिल्दा-नेवरा, महासमुंद जिले में बागबाहरा, गरियाबंद जिले में मैनपुर, दुर्ग जिले में धमधा, कबीरधाम जिले में सहसपुर-लोहारा, बस्तर जिले में तोकापाल, बीजापुर जिले में भोपालपट्टनम और भैरमगढ़ अनुविभाग का गठन किया गया।

नये तहसील

वर्ष 2019 में 3, वर्ष 2020 मंे 21 और वर्ष 2022 में 43 तहसील का गठन किया गया, जो अब पूर्ण रूप से कार्यशील हो गए हैं।

कोरिया जिले में पटना, पोड़ी (बचरा), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में चिरमिरी, केल्हारी, कोटाडोल, सूरजपुर जिले में लटोरी और बिहारपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रामचंद्रपुर, सामरी, चांदो, रघुनाथनगर, डोरा कोचली, सरगुजा जिले में दरिमा, जशपुर जिले में सन्ना, बिलासपुर जिले में सकरी, रतनपुर, बेलगहना, सीपत, बोदरी, बेलतरा, कोरबा जिले में दर्री, हरदीबाजार, बरपाली, अजगरबहार, पसान, दीपका, मुंगेली जिले में लालपुर थाना, जरहागांव, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में सकोला, रायगढ़ जिले में छाल मुकड़ेगा, जांजगीर चांपा जिले में शिवरीनारायण, सारागांव और बम्हनीडीह, सक्ती जिले में बाराद्वार, अड़भार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सरिया और भटगांव, रायपुर जिले में खरोरा, गोबरा नवापारा, मंदिर हसौद और धरसींवा को तहसील बनाया गया है।

इसी प्रकार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लवन, सुहेला, सोनाखान, टुण्डरा, महासमुंद जिले में कोमाखान, धमतरी जिले में भखारा, कुकरेल, बेलरगांव, गरियाबंद जिले में अमलीपदर, दुर्ग जिले में बोरी, भिलाई-3, अहिवारा, बेमेतरा जिले में नांदघाट, देवकर, भिंभौरी, बालोद जिले में अर्जुन्दा, मार्री बंगला, राजनांदगांव जिले में लालबहादुर, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में औंधी, खड़गांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में गंडई, साल्हेवारा, कबीरधाम जिले में रेंगाखारकला, बस्तर जिले में नानगुर, भानपुरी, कांकेर जिले में सरोना, सुकमा जिले में गादीरास, तोंगपाल, नारायणपुर जिले में छोटेडोंगर, कोहकामेटा, कोण्डागांव जिले में धनोरा, मर्दापाल, बीजापुर जिले में कुटरू, गंगालूर, दंतेवाड़ा जिले में बारसूर को तहसील बनाया गया है।

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जिले के 2 लाख 1 हजार 211 किसानों के बैंक खातों में 12697 लाख रुपए जमा

मुख्यमंत्री ने जारी की राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि, गोधन न्याय योजनांतर्गत 644 पशुपालकों के खाते में 4,94,626 रुपए अंतरित किए गए

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त के तौर पर जिले के 2 लाख 1 हजार 211 पंजीकृत किसानों के बैंक खाते में कुल 12697.72858 लाख रुपए की राशि अंतरित की। इसी तरह गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जिले के 644 पशुपालकों के बैंक खातों में 4 लाख 94 हजार 626 रुपए की राशि का अंतरण आज मुख्यमंत्री ने किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बघेल ने भूमिहीन मजदूर कृषि न्याय योजना अंतर्गत 15 हजार 726 किसानों को 3 करोड़ 14 लाख 52 हजार के खाते में राशि आंतरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरण की राशि पूर्व में एक नवम्बर को दी जानी थी। किन्तु प्रदेश की जनता की खुशहाली को ध्यान में रखते हुए यह राशि दीपावली से पूर्व आज अंतरित की जा रही है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश के किसानों, गोपालकों को ढेर सारी बधाई भी दी।

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धान खरीदी तीन महिने तक करने का स्वागत : कांग्रेस

 राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त से किसानों के घर खुशहाली आयेगी, मोदी सरकार सम्मान निधि 6000 सालाना में भेदभाव करती है

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। धान खरीदी तीन महिने तक करने और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस साल 3 महिने तक धान खरीदी का निर्णय लेकर कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर साबित कर दिया सरकार की प्राथमिकता में राज्य खेती और किसानी है। इस वर्ष धान की खरीदी 1 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक होगी जो कि एक रिकार्ड है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की सरकार देश के अकेली सरकार है जो अपने किसानों का धान की कीमत 2500 रू. देती है। वायदों को निभाने की प्रतिबद्धता कांग्रेस पार्टी में है। मोदी सरकार द्वारा किसानों को समर्थन मूल्य से 1 रू. भी ज्यादा भुगतान रोक लगाने के बाद कांग्रेस सरकार ने मोदी सरकार के इस किसान विरोधी निर्णय के रूप में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू किया है। जिनमें किसानों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 9000 रूत्र का भुगतान किया जा रहा। इसका लाभ धान ही वही मक्का, कोदो, कुटकी रागी, गन्ना उत्पादक किसानों के साथ साथ फल उत्पादक किसानों को भी मिल रहा है।

आज राजीव गांधी किसान योजना की तीसरी किस्त 1745 करोड़ रुपए किसानों के खाते में अंतरित करने का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने किसानों की समृद्धि के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। राजीव गांधी के सामने आई योजना के तहत दी जा रही इनपुट सब्सिडी को मिलाकर किसानों के धान का दाम विगत वर्ष 2540 और 2560 रुपए मिला जो वर्तमान खरीफ़ सीजन में बढ़कर 2640 और 2660 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगा। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार देश की एकलौती सरकार है जो अपने किए गए वादे से अधिक और पूरे देश में सर्वाधिक धान की कीमत किसानों को दे रही है।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों से भी भेदभाव कर रही है। छोटे किसानों को सम्मान निधि के नाम पर जो तीन किस्तों में केवल दो-दो हजार की राशि दी जा रही है, उसमें भी अनेकों किंतु-परंतु और नियम शर्ते लादकर हितग्राहियों को लाभ से वंचित करने का षड्यंत्र रचा गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ना केवल छोटे और सीमांत किसान बल्कि सभी किसानों को उनके द्वारा बोए जाने वाले रकबे के आधार पर राजीव गांधी के सामने आ योजना की राशि दी जा रही है। “ना छोटा ना बड़ा सभी को, जिसका जितना रकबा उसको उतना हिस्सा“ इसी का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में कृषि विकास दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। विगत पौने चार वर्षों में छत्तीसगढ़ के किसान देश के बाकी राज्यों से अधिक समृद्ध हुए हैं। इस वर्ष खरीफ सीजन की खरीदी एक नंबर से शुरू करके 31 जनवरी तक की जाएगी छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब धान खरीदी 3 महीने तक चलेगी।

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5 घंटे में पुलिस ने चेन स्नैचर को किया गिरफ्तार...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 घंटे के भीतर मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला के गले से मंगलसूत्र को छीनकर भागने वाले आरोपी को ​गिरफ्तार कर लिया है। डीडी नगर पुलिस ने बताया कि उषा चौधरी सोमवार सुबह मार्निंग वॉक पर निकली थी। इसी दौरान रोहिणीपुरम तालाब के हनुमान मंदिर मोड़ के पास बाइक सवार पीछे से आकर सोने के मंगल सूत्र को खींचकर फरार हो गया। महिला की शिकायत पर पुलिस मामला दर्जकर पतासाजी में जुट गई।

आरोपी को पकड़ने के लिए सी.सी.टी.व्ही. फुटेजों को खंगालने के साथ ही मुखबीर भी लगाये गये। फुटेजों को खंगालने के दौरान आरोपी की पहचान बांसटाल डी.डी.नगर निवासी आकाश सिंह राजपूत के रूप में हुई। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आकाश सिंह राजपूत की पतासाजी कर पकड़ा गया। पूछताछ करने पर आरोपी आकाश सिंह राजपूत द्वारा आगामी त्यौहार के दौरान आर्थिक तंगी होने व पैसे नहीं होने से योजना बनाकर रेकी कर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी
आकाश सिंह राजपूत उर्फ छोटू पिता रामायण सिंह उम्र 21 साल निवासी बांसटाल रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।

 

 

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विकासखण्ड स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी कार्यक्रम खरसिया में सम्पन्न

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा रायपुर के निर्देशानुसार एवं जिला कलेक्टर रानू साहू, जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्यकार्यपालन अधिकारी अविनाश मिश्रा एवं जिलाशिक्षाधिकारी बी.बाखला के निर्देशन में विकास खण्ड खरसिया में दिनांक 17 अक्टूबर को राष्ट्रीय अविष्कार अभियान अंतर्गत विकास खण्ड स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ एफ.एल.एन. टी.एल.एम. प्रदर्शनी सम्पन्न कराया गया।

विकास खण्ड खरसिया के विभिन्न 35 संकुलों से संकुल स्तर पर चयनित एफ.एल.एन. टी.एल.एम.का प्रदर्शन आज विकास खण्ड स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ एफ.एल.एन.टी.एल.एम. मेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम में किया गया। प्राथमिक स्तर से 35 छात्र प्रतिभागी एवं माध्यमिक स्तर से 35 छात्र प्रतिभागियों ने आज के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

इस टीएलएम मेला में बुनियादी भाषाई और गणितीय गतिविधियों को सरलतम रूप से समझ विकसित कर सकें ऐसे टीएलएम का निर्माण किया गया है। विभिन्न संकुलों से अलग अलग मॉडल आज की प्रदर्शनी में सम्मिलित किया गए। जिसमें प्राथमिक स्तर के बच्चों में गणित की विभिन्न संक्रियाओं को सरलतम रूप से समझा जा सके। इस हेतु टी.एल.एम. का निर्माण प्रदर्शन किया गया। जिसमें संख्याओं की जोड़, घटाव, गुना, भाग को बच्चे आसानी से सीख सकेंगे। पूर्ववर्ती संख्या परवर्ती संख्या को समझ विकसित करने के लिए टी.एल.एम.निर्माण का प्रदर्शन किया गया।

इसी प्रकार भाषाई कौशल विकसित करने के लिए अंकों के योग से शब्द और शब्दों से वाक्य संरचना, व्याकरण की समझ विकसित करने के लिए यंत्र टीएलएम के रूप में प्रदर्शित किया गया। छात्र प्रतिभागियों एवं उपस्थित शिक्षकों के लिए लंच व्यवस्था की गई थी। इस कार्यक्रम में उत्कृष्ठ टी.एल.एम के चयन के लिए निर्णायक दल का गठन किया गया था, जिसमें एल.डी.पटेल प्राचार्य, हायर सेकेंडरी सोंडका, हेमलाल पटेल प्रधान पाठक मा.शा.ठाकुरदिया, शिवशंकर पटेल प्रधान पाठक मा.शा.बाम्हनपाली, आनन्द कुमार त्रिवेदी प्रधान पाठक मा.शा.खैरपाली, मिनकेतन राणा प्रधान पाठक मा.शा.बैकुंठपुर सम्मिलित थे।

निर्णायक दल के द्वारा दिये गए निर्णय के अनुसार विकास खण्ड पर उत्कृष्ठ टी.एल.एम. माध्यमिक खण्ड में प्रथम स्थान पर चरण दास महन्त, कक्षा-7 वीं मा.शा.करुमौहा संकुल-बसनाझर, द्वितीय स्थान पर युग डनसेना कक्षा-8वीं, लाल बहादुर शास्त्री बालक माध्यमिक शाला खरसिया, संकुल-खरसिया एवं तृतीय स्थान पर चेतना बंजारे कक्षा-7 वीं,माध्यमिक शाला -जैमुरा,संकुल-जैमुरा रहे। इसी तरह प्राथमिक स्तर पर कुमारी मिन्नू लक्ष्मी यादव कक्षा-4 थीं,प्राथमिक शाला -बैकुंठपुर, संकुल-सोंडका, द्वितीय कुमारी भावना यादव कक्षा-5वीं प्राथमिक शाला-करपीपाली, संकुल-बसनाझर एवं तृतीय स्थान पर कुमारी अनन्या महन्त कक्षा-5वीं प्राथमिक शाला -बकेली, संकुल-तुरेकेला रहे। उपरोक्त चयनित छात्र अब जिला स्तरीय एफ.एल.एन. टी.एल.एम. प्रदर्शनी में सम्मिलित होंगे।

सम्पूर्ण कार्यक्रम में एल.डी. पटेल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सोंडका का सहयोग सराहनीय रहा। वहीं इस कार्यक्रम के सूत्रधार प्रदीप कुमार साहू विकास खण्ड स्त्रोत केंद्र समन्वयक-खरसिया के दिशा निर्देश पर कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम की मॉनिटरिंग विकासखण्ड शिक्षाधिकारी एल.एन.पटेल द्वारा सतत रूप से की गई।

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BREAKING : निगम काम्प्लेक्स में लगी आग, चपेट में आई कई दुकानें...

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दुर्ग के गंजपारा स्थित नगर निगम के काम्प्लेक्स में रविवार तड़के आग लग गई। इस आग में कई दुकानें चपेट में आ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्ग के गंजपारा में स्थित निगम काम्प्लेक्स में रविवार सुबह लगभग 4 बजे आग लग गई। इस काम्प्लेक्स में कई दुकानें है। आग की चपेट में आने से कई दुकानें जल गईं। वहीं आग की सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंचीं और कड़ी मशकक्त के बाद आग बुझाई। आग किस दुकान से शुरू हुई और कैसे लगी, इसका कारण अज्ञात है। फिलहाल मामले की जांच पुलिस कर रही है। मौके पर अभी दमकल की दो गाड़ियां मौजूद हैं।

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ई-बजट साफ्टवेयर में डाटा प्रविष्ट के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम 19 को

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य सरकार अगले वर्ष जो चुनावी होगा, उसमें अपना सालाना बजट डिजिटल बजट पेश करेगी। इसके लिए वित्त विभाग ने ई-बजट साफ्टवेयर में डाटा प्रविष्ट के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम तय किया है। इसमें सभी 48 विभागों के बीसीओ और एसजीडी नोडल अधिकारियों को बुलाया गया है। यह प्रशिक्षण 19 अक्टूबर को मंत्रालय के कक्ष एस -12 में संचालक बजट शारदा वर्मा की अध्यक्षता में होगा। 11.30 बजे से 25 विभाग और 3 बजे से 23 विभागों को दिया जाएगा।

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नम आँखों से सीएम भूपेश ने मनोज मंडावी को दी अंतिम विदाई...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विधानसभा के उपाध्‍यक्ष मनोज मंडावी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। मनोज मंडावी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नथिया नवा गांव में किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने साथी को कंधा देकर विदा किया। मनोज मंडावी की अंतेष्टि में सीएम बघेल की आंखें नम दिखीं। वे अपने मित्र को याद कर भावुक नजर आए। भूपेश बघेल ने मंडावी को याद करते हुए दुख जताया है। इसके पहले सीएम बघेल ने कहा था कि मनोज मंडावी ने अपने गांव की एक मंदिर देखने बुलाया था, लेकिन आज उनके गांव जाना तो हो रहा है, पर उनकी अंतिम यात्रा में।

सीएम बघेल ने कहा कि हम अच्छे मित्र थे, हर विधानसभा में साथ रहते थे। मनोज मंडावी शिव भक्त थे। शिव मंदिर में घण्टों बैठे रहते थे, अचानक निधन का समाचार प्राप्त हुआ विश्वास नहीं हो रहा।

तीन बार विधायक रहे और बस्तर क्षेत्र में पार्टी का अहम आदिवासी चेहरा रहे मंडावी 2000 से 2003 के बीच राज्य में अजीत जोगी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के दौरान गृह एवं कारागार मंत्री थे। मंडावी के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1990 के दशक में यूथ कांग्रेस से हुई थी।

वो मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष रह चुके थे। इसके बाद 1998 में मनोज मंडावी पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे। छत्तीसगढ़ का गठन होने के बाद उन्होंने अजीत जोगी के शासन में PWD और नगरीय प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली थी।

बता दें कि मनोज मंडावी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। शनिवार की रात धमतरी के सर्किट हाउस में रुके हुए थे। वहीं रविवार की सुबह उनके सीने में अचानक दर्द हुआ। जिसके बाद उन्हें धमतरी के अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल ले जाते वक्त डॉक्टरों ने मनोज मंडावी को मृत घोषित कर दिया।

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छत्तीसगढ़ से अश्वगंधा, शतावर व सफेद मूसली का हो रहा है विदेशों को निर्यात

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय कृषि मड़ई एग्री कार्नीवाल के तीसरे दिन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवम विकास) सहकारी संघ मर्यादित के सहयोग से छत्तीगसढ़ के लघु वनोपज उत्पादों के विपणन एवं निर्यात हेतु प्रदर्शनी एवं जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के विशेष प्रबंध संचालक  एस.एस. बजाज के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की।

इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी, निदेशक विस्तार डॉ.अजय वर्मा छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अतिरिक्त प्रबंध संचालक  आनंद बाबू, लघु वनोपज संघ के संचालक अमरनाथ प्रसाद, सत्यम इन्टरप्राइजेस के  रोमीत राठी, उद्योग संचालनालय संजय गजहाडे उपस्थित थे। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विक्रय की जानकारी दी गई।

 
 
 

सम्मेलन के मुख्य अतिथि  एस.एस. बजाज ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ निरंतर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं लाख अनुसंधान संस्थान, रांची के सहयोग से छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर अनुसंधान एवं विकास कार्य किया जा रहा है। उन्होंने संघ द्वारा संचालित की जा रही कृषकोपयोगी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि विभिन्न औषधीय एवं सगंध पौधों की संरक्षण, संग्रहण, अनुसंधान, विस्तार का कार्य किया जा रहा है तथा औषधीय फसलों की कृषि कार्यमाला भी बनाई गई है।

 
 
 

उन्होंने बताया कि उत्कृष्टता केन्द्र द्वारा अश्वगंधा, शतावर उत्पादन एवं प्रसंस्करण किया जा रहा है। कुलपति डॉ. चंदेल ने बताया की विश्वविद्यालय में उत्पादित सफेद मूसली, हल्दी का क्रय इमामी कम्पनी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीनों जलवायु परिस्थिति के अनुसार विभिन्न औषधीय एवं सगन्ध फसलों की कार्यमाला के अनुरूप उत्पादन करने में कृषि विज्ञान केन्द्र सहयोगी होंगे। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में परंपरागत रूप से औषधीय फसलों की तुड़ाई माह के विशेष दिन पूर्णिमा में ही करने का प्रावधान है, ताकि गुणकारी उत्पाद प्राप्त हो।

 
 
 

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अतिरिक्त प्रबंध संचालक आनंद बाबू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में औषधीय फसलों के 13 लाख 50 हजार संग्रहणकर्ता हैं, जिनके माध्यम से इमली, हर्रा व बहेरा का संग्रहण किया जाता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में औषधीय फसलों की दो प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा चुकी है जिनकी क्षमता 40 टन की है। डॉ. बाबू ने कहा कि महुआ का समर्थन मूल्य 40 रूपये प्रति किलो होने से एक भी महुआ बेकार नहीं जा रहा है। लघु वनोपज संघ के संचालक  अमरनाथ प्रसाद ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य औषधि संस्थान द्वारा ग्रामीणों को बाड़ी में औषधीय पौधे लगाने हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि संजीवनी में 134 प्रकार के औषधीय उत्पादों की बिक्री की जाती है तथा गत वर्ष 6.8 करोड़ रूपये की बिक्री की गई थी। औषधीय, सगन्ध फसल उत्कृष्टता केन्द्र के मुख्य अन्वेषक डॉ. पी.के. जोशी ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 2005-06 से गैरकाष्ठीय वनोपज पर अनुसंधान कैम्पा के माध्यम से किया जा रहा है, अभी वर्तामान में 9 फसलों की कृषि कार्यमाला तैयार की गई है। कार्यक्रम में रोमीत राठी, संजय गजहाडे,  राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. मंजीत कौर बल एवं नमिता मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर अधिष्ठाता विनय पाण्डेय, डॉ. आर.एन. सिंह, डॉ. ए.के. दवे एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे।

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कांग्रेस अध्यक्ष के लिए 17 को भूपेश-मरकाम समेत 307 सदस्य करेंगे मतदान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष के लिए 17 अक्टूबर को पूरे देशभर में मतदान होगा। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी राज्यों में मतपत्र और मतपेटी के साथ मतदान अधिकारी पहुंच गए हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में सुबह 10 बजे से वोटिंग शुरू होगी। 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री, सांसद-विधायक समेत 307 मतदाता राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे।

वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे या शशि थरूर में से कोई एक कांग्रेस की कमान संभालेंगे। इसके लिए पूरे देश में वोटिंग कराई जा रही है। देशभर में उन प्रतिनिधियों की सूची जारी की गई है, जो इस चुनाव में हिस्सा लेंगे। छत्तीसगढ़ में ऐसे 307 सदस्य हैं, जो मतदान करेंगे। कांग्रेस पार्टी की ओर से जो मतदान के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, उसके मुताबिक सभी पोलिंग एजेंट को 8.30 तक पहुंचना होगा। उनकी मौजूदगी में चुनाव अधिकारी खाली मतपेटी दिखाएंगे। इसके बाद लॉक कर दिया जाएगा। एजेंट के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। मतदान अधिकारी सभी मतदाताओं को हस्ताक्षर कर मतपत्र उपलब्ध कराएंगे। मतदान अधिकारी को अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा।

 

 

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सरकार की वादाखिलाफी पर विशाल पदयात्रा व जनआंदोलन 17 को

 

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सांसद गोमती साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की वादा खिलाफी पर विशाल पद यात्रा एवं जन आंदोलन का आयोजन 17 अक्टूबर को बंदरचुआं चौक में आमसभा से प्रारंभ कर 18 अक्टूबर को फरसाबहार खेल मैदान आमसभा किया जाएगा। इस विशाल पद यात्रा एवं जन आंदोलन का आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की वादा खिलाफी के मुख्य मुद्दे छत्तीसगढ़ राज्य में सड़कों की दुर्दशा, प्रधानमंत्री आवास छिनना, बढ़ते बिजली बिल से आम जनता त्रस्त, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, किसानों को 2 वर्ष का बोनस की वादा खिलाफी, आदिवासी भाइयों के आरक्षण में 12% कटौती, वृद्धा पेंशन की वादा खिलाफी होगा, शराबबंदी की वादा खिलाफी, स्व सहायता समूह तथा रेड टू ईट फूड में वादा खिलाफी एवं राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, हत्या, लुटपाट जैसे मुद्दे जनता के समक्ष होंगे।

पदयात्रा में मुख्य रूप से पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय, पूर्व सांसद राजा रणविजय सिंह जूदेव, पूर्व सांसद नंदकुमार साय, लोकसभा सांसद गोमती साय, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, प्रदेश भाजपा मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला प्रभारी रामकिशुन सिंह,जिला भाजपा अध्यक्ष रोहित साय सहित जिले के सभी वरिष्ठ भाजपा नेता, जिला भाजपा के पदाधिकारी, जिला पंचायत के सदस्य, जनपद के सदस्य, सभी मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, सभी मण्डल के अध्यक्ष, महामंत्री पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

 

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5 बाल श्रमिकों को किया गया रेस्क्यू

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देश पर संयुक्त टीम द्वार विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच कर नियोजित बाल श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा रह है। इसी कड़ी में रविवार को श्रम, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा 5 बाल श्रमिकों का रेस्क्यू कर चाईल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया।

श्रम पदाधिकारी नितेश विश्वकर्मा ने बताया कि अम्बिकापुर के अनुपम बोरा दुकान, बिलासपुर चौक स्थित सिंह होटल, सुविधा पोल्ट्री फार्म, शारदा आटा चक्की मायापुर तथा भारत माता चौक के समीप एकता होटल में एक-एक बाल श्रीमक को नियोजित किया गया था। संयुक्त टीम द्वारा पांचों बाल श्रमिकों को दुकान से रेस्क्यू कर अम्बिकापुर के चाइल्ड लाईन के सुपुर्द किया गया।

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न्याय योजना : 17 को मुख्यमंत्री करेंगे हितग्राहियों के खाते में 1866 करोड़ का भुगतान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रेता ग्रामीणों और पशुपालकों तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बाजारों की रौनक बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री इसके साथ ही साथ प्रदेश में नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों और 25 तहसीलों का उद्घाटन करेंगे तथा नामांतरण प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए नामांतरण पोर्टल के नये वर्जन का शुभारंभ भी करेंगे।

 
 


मुख्यमंत्री बघेल ’राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ की वर्ष 2021-22 की तीसरी किस्त के रूप में प्रदेश के 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को कुल 1745 करोड़ रूपए, ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 की राशि के रूप में 4 लाख 66 हजार 880 हितग्राहियों को 115 करोड़ 80 लाख 32 हजार रूपए और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे। इस तरह मुख्यमंत्री एक ही दिन में तीनों योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत वर्ष 2021-22 की तृतीय किस्त के रूप में 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को 1745 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें से धान की फसल लेने वाले 23 लाख 02 हजार 737 किसानों को 1679 करोड़ 59 लाख रूपए, अन्य फसल लेने वाले 01 लाख 98 हजार 754 किसानों को 60 करोड़ 97 लाख रूपए, धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 17 हजार 523 किसानों को 04 करोड़ 38 लाख रूपए तथा वृक्षारोपण करने वाले 222 किसानों को 06 लाख रूपए की आदान सहायता का भुगतान किया जाएगा।

‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत खरीफ वर्ष 2019, खरीफ वर्ष 2020 और खरीफ वर्ष 2021 की दो किश्तों को मिलाकर किसानों को अब तक 14670 करोड़ 10 लाख रूपए की आदान सहायता दी जा चुकी है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही योजना की तीसरी किश्त को मिलाकर यह राशि बढ़कर 16,415 करोड़ 10 लाख रूपए हो जाएगी। खरीफ वर्ष 2019 में धान उत्पादक 18 लाख 43 हजार 370 किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5627.02 करोड़ रूपए, खरीफ वर्ष 2020 में धान उत्पादक 20 लाख 59 हजार 068 किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5553.08 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। खरीफ वर्ष 2021 में धान सहित योजना में शामिल समस्त फसलों का उत्पादन करने वाले 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को दो किश्तों में 3490 करोड़ रूपए की आदान सहायता वितरित की जा चुकी है।

 
 



धान उत्पादक किसानों को आदान सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2019 से राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई। खरीफ वर्ष 2021 से कृषि एवं उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों को प्रति वर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि का प्रावधान रखा गया था। खरीफ वर्ष 2020-21 में यह प्रावधान किया गया कि किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किए गए रकबे में यदि धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टिफाइड, अन्य अनाज, दलहन तिलहन, उद्यानिकी फसल ली जाती है तो सालाना प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह वृक्षारोपण करने पर लगातार तीन वर्ष तक प्रति एकड़ 10 हजार रूपए आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

 
 



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में लागू की गई इस योजना का प्रदेश की खेती-किसानी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसानों की संख्या और खेती के रकबे में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस योजना से खरीफ वर्ष 2019 में लाभान्वित किसानों की संख्या 18 लाख 43 हजार 370 से बढ़कर खरीफ वर्ष 2021 में 23 लाख 99 हजार 615 हो गई है। छत्तीसगढ़ किसानों को सबसे अधिक आदान सहायता प्रदान करने वाला देश का अव्वल राज्य है। छत्तीसगढ़ की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को फसलों के आधार पर सालाना क्रमशः 9 हजार रूपए प्रति एकड़ तथा 10 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता दी जा रही है।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना
मुख्यमंत्री बघेल ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत आज जिन हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान करेंगे, उनमें वर्ष 2022-23 की द्वितीय किस्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 744 हितग्राहियों को 2 हजार रूपए के मान से कुल 70 करोड़ 94 लाख 88 हजार रूपए का भुगतान, योजना के 86 हजार 162 नए सामान्य हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से 34 करोड़ 46 लाख 48 हजार रूपए की राशि तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थी के रूप में शामिल बैगा, गुनिया, पुजारी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया श्रेणी के 25 हजार 974 हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से कुल 10 करोड़ 38 लाख 96 हजार रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि मजदूर के परिवारों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2021-22 में ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के 3 लाख 55 हजार 402 हितग्राहियों को 03 फरवरी 2022 को योजना की प्रथम किस्त तथा 31 मार्च 2022 को द्वितीय किस्त मिलाकर कुल 140 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रथम किश्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 766 हितग्राहियों को 21 मई 2022 को 70 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए की राशि वितरित की गई थी। इस तरह इस योजना में अब तक हितग्राहियों को 210 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही राशि को मिलाकर इस योजना में हितग्राहियों को वितरित राशि बढ़कर 326 करोड़ 75 लाख 64 हजार रूपए हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में हितग्राहियों को सालाना 6 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान रखा गया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में संशोधन कर हितग्राहियों को सालाना तीन किस्तों में 7 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थियों के रूप में पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया, पूर्व में छूटे हुए हितग्राहियों एवं नवीन आवेदकों को शामिल किया गया है।

गोधन न्याय योजना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत वितरित की जा रही    5 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि में से गोबर विक्रेता पशुपालकों और ग्रामीणों को 4.22 करोड़ रूपए, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि के रूप में 52 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 85 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत 17 अक्टूबर को वितरित की जाने वाली राशि को मिलाकर गोबर खरीदी के एवज में गोबर बेचने वाले पशुपालकों एवं ग्रामीणों को भुगतान की जाने वाली राशि बढ़कर 174 करोड़ 56 लाख रूपए हो जाएगी। स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि बढ़कर 64 करोड़ 78 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को भुगतान होने वाली राशि बढ़कर 98 करोड़ 79 लाख रूपए हो जाएगी। योजना के तहत अब तक 87.28 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में अब तक 18.61 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट, 5.36 लाख क्विंटल सुपर कम्पोस्ट तथा 18 हजार 924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस का उत्पादन किया जा चुका है। स्व-सहायता समूहों द्वारा गौठानों में संचालित विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से 84.55 करोड़ रूपए की आय प्राप्त की गई है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 93 हजार 496 पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं।

योजना से 01 लाख 61 हजार 518 भूमिहीन ग्रामीण तथा 46 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित हो रही है। राज्य में 10624 गौठान स्वीकृत किए गए है, जिनमें से 8408 गौठान निर्मित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 3089 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। स्वावलंबी गौठानों द्वारा 20 करोड़ 64 लाख रूपए की गोबर की खरीदी की गई है।

 

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मुख्यमंत्री बघेल 17 को करेंगे नामांतरण पोर्टल के नये वर्जन का शुभारंभ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश में अविवादित नामांतरण एवं खाता विभाजन प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण हेतु नामांतरण प्रक्रिया को सरलीकृत करते हुए तैयार किए गए ऑनलाईन नामांतरण पोर्टल के नया वर्जन का शुभारंभ करेंगे।

पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कार्यालय एवं नागरिकों से प्राप्त ऑनलाईन आवेदन नामांतरण पंजी में स्वतः दर्ज होगा। जिसके पश्चात क्रेता से राजस्व न्यायालय अथवा ग्राम पंचायतों में नामांतरण किए जाने के संबंध में विकल्प लिया जाएगा। विकल्प के पश्चात आम ईश्तहार एवं व्यक्तिशः सूचना की प्रति विभागीय वेबसाइट में उपलब्ध होगी।

नये वर्जन में पक्षकारों को प्रकरण दर्ज होने, प्रत्येक पेशी तारीख तथा आदेश पारित होने की तारीख एवं अभिलेख दुरूस्ती होने की सूचना एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। प्रकरण में आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर आदेश पारित किया जाएगा।

आदेश पारित होने के 07 दिवस के भीतर हल्का पटवारी द्वारा अभिलेख दुरूस्ती कर डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापन किया जाएगा। इससे आम नागरिकों के समय की बचत होगी एवं न्यायलयीन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण होगा।

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नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों और 25 तहसीलों का उद्घाटन करेंगे सीएम बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश में नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों एवं 25 नवीन तहसीलों का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नये अनुविभाग तिल्दा नेवरा, बागबाहरा, मालखरौदा, धमधा, बलरामपुर, राजपुर, भरतपुर, खड़गवां, भोपालपट्नम और भैरमगढ़ का उद्घाटन करेंगे। इन अनुविभागों के उद्घाटन के बाद प्रदेश में 108 अनुविभाग होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम में 25 नवीन तहसीलों मंदिरहसौद, धरसींवा, बेलरगांव, कोमाखान, सोनाखान, टुण्डरा, अमलीपदर, बेलतरा, जरहागांव, दीपका, मुकड़ेगा, कोटाडोल, पोड़ी (बचरा), औंधी, खड़गांव, साल्हेवारा, लालबहादुर नगर, मर्री बंगला (देवरी), देवकर, भिंभौरी, नानगुर, भानपुरी, तोंगपाल, मर्दापाल, धनोरा का उद्घाटन भी करेंगे। इन तहसीलों के उद्घाटन के बाद प्रदेश में तहसीलों की संख्या बढ़कर 227 हो जाएगी।

गौरतलब है कि नवीन अनुविभाग एवं तहसीलों की स्थापना से शासकीय योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वन एवं प्रशासकीय कामकाज में कसावट लाने में सुविधा होगी, शासन की योजनाएं एवं मूलभूत सुविधाएं आम जनता को आसानी से उपलब्ध होगी। विकास की रफ्तार बढ़ेगी।

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आदिवासी आरक्षण को लेकर भाजपा का पैदल मार्च घड़ियाली आंसू :मरकाम

 पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा से पूछा 5 सवाल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी आरक्षण में कटौती पर भाजपा का पैदल मार्च घड़ियाली आंसू है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के षड़यंत्र व पूर्ववर्ती रमन सरकार के द्वारा जानबूझकर बरती गयी लापरवाही के कारण हाईकोर्ट ने आरक्षण की सीमा को घटाकर 58 से 50 फीसदी किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा नेताओं से 5 सवाल पूछा कि-

जब आरक्षण की सीमा को 50 से बढ़ाकर 58 करने के खिलाफ अदालत में याचिका लगी तो रमन सरकार ने कोर्ट को आरक्षण बढ़ाने के तर्कसंगत कारणों को कोर्ट के समक्ष क्यों नहीं रखा?

 
 
 

- आरक्षण बढ़ाने के लिये तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में बनाई गयी कमेटी की सिफारिशों को अदालत के समक्ष क्यों नहीं रखा गया?

- तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की सिफारिशों को अदालत में क्यों छुपाया गया?

 
 
 

- रमन सरकार ने आरक्षण के संदर्भ में दो कमेटियां बनाई थी तो इन कमेटियों के बारे में आरक्षण संबंधी मुकदमे के लिए हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में रमन सरकार ने इसका जिक्र क्यों नहीं किया?

जब रमन सरकार आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर रही थी तो अनुसूचित जाति के आरक्षण में 4 प्रतिशत की कटौती करने के बजाय आरक्षण सीमा को 58 प्रतिशत से 62 क्यों नहीं किया? इससे लोग अदालत नहीं जाते, बढ़ाया गया आरक्षण यथावत् रहता। आज भी देश के अनेक राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण है, रमन सरकार ने जानबूझकर यह गलती किया ताकि बढ़ा आरक्षण अदालत में रद्द होगा।

भाजपा में साहस है तो इन 5 सवालों का जवाब दें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि आदिवासी समाज को उनका हक दिलाने के लिये कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है। बिलासपुर हाईकोर्ट फैसले के खिलाफ कांग्रेस सरकार उच्चतम न्यायालय गयी है। इसके साथ अन्य संवैधानिक मार्गो को तलाशा जा रहा, आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों को उनका पूरा हक मिले इसको सुनिश्चित किया जायेगा।

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मंत्री अकबर ने आगनबाड़ी, खाद्य गोदाम, स्कूल भवन व किसान भवन का किया लोकार्पण

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कैबिनेट मंत्री तथा कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने शनिवार को कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम मुडियापारा में आगनबाड़ी, खाद्य गोदाम, ग्राम तरेगांव में स्कूल भवन और ग्राम कोमो (मुडघुसरी जंगल) में किसान भवन का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। मंत्री अकबर ने कहा कि ग्राम मुडियापारा में आंगनबाड़ी भवन के निर्माण होने से बच्चों को सभी सुविधा मिलेगी। शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए उचित वातावरण मिलेगा। बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होगा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए शासन लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है। वही कुपोषण मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आए है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी कार्य किए जा रहे हैं। अंग्रेजी में शिक्षा उपलब्ध कराने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। जहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इस अवसर पर बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्रीमती अमिता प्रभाती मरकाम, मंडी अध्यक्ष नीलकंठ साहू, उपाध्यक्ष चोवाराम साहू, जिला पंचायत सदस्य मुखीराम मरकाम, श्रीमती गंगोत्री योगी, पीताम्बर वर्मा, राजेश शुक्ला,  जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंत्री अकबर ने कहा कि हमने सरकार बनाने से पहले जनता से जो वायदा किए थे। उन सभी वादों को प्राथमिकता में रखते हुए पूरा कर रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के अल्पकालीन ऋण माफ किया गया। जिले के 75 हजार 450 किसानों का 455 करोड़ 65 लाख रूपए ऋण माफी स्वीकृत किया गया है। प्रदेश के 65 लाख परिवारों के लिए राशन कार्ड बना कर दिया। आने वाले इस तीन वर्षों में समय के साथ परिवार का विभाजन हो रहा है, अब फिर से उन परिवारों द्वारा नया राशन कार्ड अथवा वर्तमान राशन कार्ड का विभाजन करने की समस्या संज्ञान में लाई गई। राज्य सरकार ने ऐसे सभी परिवारों को अब राशन कार्ड बना कर दे रहे है। प्रदेश के भूमिहीन श्रमिकों के आर्थिक विकास के लिए राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना बनाई गई है।

राज्य सरकार द्वारा वनोपज संग्रहण से जुड़े प्रदेश के लाखों परिवारों के विकास के लिए 7 प्रकार के वनोपज बढ़ाकर 65 प्रकार की वनोपज की खरीदी की जा रही है। तेंदूपत्ता प्रतिमानक बोरा 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए किया गया है। मंत्री अकबर ने ग्रामीणों को बताया कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाकर सुपोषण से मुक्ति के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश के युवाओ के लिए गांव-गांव में राजीव युवा मितान क्लब बनाकर युवाओं को शासन और प्रशासन से जोड़ा जा रहा है। धनवंतरी मेडिकल खोलकर सस्ती दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। हॉट बाजारों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री हॉट बाजर क्लीनिक योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा है कि शासन के विभिन्न योजनाओं के अलावा भी क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों की मांगों और समस्याओं से रूबरू होकर उनके समस्याओं का समाधान करने का प्रयास भी कर रहे है।

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ये गूंगी-बहरी सरकार आदिवासी समाज की पीड़ा नहीं सुन रही : बृजमोहन

 भाजपा ने एकात्म परिसर से राजभवन तक पैदल मार्च करते हुए राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के आदिवासी विरोधी नीति के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को पैदल मार्च किया। वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, रंजना साहू, श्रीचंद सुंदरानी समेत कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। अजजा समाज 32% आरक्षण से वंचित होने, बस्तर सरगुजा और बिलासपुर संभाग के पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में स्थानीय भर्ती समाप्त कर देने के विरोध में  भाजपा ने एकात्म परिसर से राजभवन तक पैदल मार्च किया। राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अनुसुईया उइके को ज्ञापन सौंपा।



बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि भूपेश सरकार की लापरवाही से आदिवासियों के आरक्षण में कटौती के विरोध में भाजपा लगातार पूरी ताकत से विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम के बाद भी ये गूंगी-बहरी सरकार आदिवासी समाज की पीड़ा नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी, हमेशा वनवासी भाइयों के हित में नीतियां बनाकर काम किया। आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने हर मोर्चे पर आदिवासी समाज के लिए संकट की घड़ी पैदा कर दी है। जब तक ये सरकार नहीं जागेगी, भाजपा इनकी आवाज बनकर इनका हक मिलने तक संघर्ष करती रहेगी।

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