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नवंबर में राजधानी समेत छत्तीसगढ़ में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया ये पूर्वानुमान ...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठण्ड पड़नी शुरु हो गई है। वहीँ प्रदेश के सभी शहरों में मौसम अलग-अलग तरह का है। एक तरफ जहां ग्रामीण अंचलों में कड़ाके की ठण्ड पड़नी शुरु हो गई है वहीँ राजधानी में सुबह मौसम सुहाना होने के बाद दोपहर में तेज धूप होती है लेकिन देर रात आते आते कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 

मौसम विभाग के मुताबिक़ नवंबर से छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव से 2 नवंबर बुधवार तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ मौसम विभाग की मानें तो आज मंगलवार को बस्तर संभाग के दक्षिणी छोर में एक दो स्थानों पर वर्षा होने की सम्भावना है । वही अन्य जिलों में मौसम शुष्क और आसमान साफ रहने के आसार है।

 
 
 
 
 
 

उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव से नवंबर में ठंड बढ़ेगी। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव से बुधवार से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने वाली है। मंगलवार को अधिकतम तापमान स्थिर रहने व न्यूनतम तापमान एक-दो डिग्री बढ़ने के आसार है। नवबंर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का अनुमान है।क्या कहता है मौसम विभागमाह अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के पीछे हटने पर दिन के तापमान में बढ़त और रात में शीतलता बढ़ने लगती है।  इस माह में औसत अधिकतम तापमान 30.2 डि.से. और औसत न्यूनतम तापमान 6.0 डि.से. रहेगा ।

 

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बड़ी खबर : मनी लांड्रिंग केस में फंसे आईएएस समीर विश्नोई सस्पेंड

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है । बता दें कि IAS समीर विश्नोई मनी लांड्रिंग के केस में जेल में बंद है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आईएएस की सिविल लिस्ट में यह अपडेट किया गया है। इसके मुताबिक विश्नोई को 27 अक्टूबर को ही सस्पेंड कर दिया गया था। इस बीच सिविल लिस्ट को अपडेट नहीं किया गया था।

आपको बता दें कि विश्नोई के घर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापा मारा था, जिसमें 47 लाख नगद के साथ ज्वेलरी जब्त की गई थी। ईडी ने दो बार में 14 दिन की रिमांड लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद 27 अक्टूबर को रिमांड अवधि खत्म होने पर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया था। इसी दिन सरकार ने विश्नोई को सस्पेंड कर दिया था।

 

 

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बड़ी खबर : केंद्र-राज्य की स्वास्थ्य योजना से अब किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी और ब्रेन एंजियोग्राफी भी...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत अब किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी और ब्रेन एंजियोग्राफी भी हो सकेगी। हृदय रोग, रीढ़ की जटिल सर्जरी व रक्त विकारों से संबंधित नए पैकेजों के साथ ही कई हाई-एंड दवाईयों को भी इसमें शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में इलाज के लिए सामान्य बेड, एचडीयू और आईसीयू बेड्स की दरों में बढ़ोतरी की गई है। राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने इलाज के पैकेजों की दर संशोधित करने और नए पैकेजों को शामिल करने समय-समय पर नेशनल हेल्थ एजेंसी को प्रस्ताव भेजे थे। करीब 800 पैकेजों की दरों में संशोधन किया गया है। योजना में नए पैकेजों और हाई-एंड दवाईयों को शामिल किए जाने तथा पुराने पैकेजों की दरों में बढ़ोतरी से योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पताल मरीजों को ज्यादा चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों के इलाज के दौरान खुद का पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।  


डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत इलाज का दायरा बढ़ाते हुए क्रोनिक रीनल फेल्योर (Chronic Renal Failure) के रोगियों के लिए की जाने वाली कंटिन्युअस एम्बुलेटरी पेरिटोनियल डायलिसिस (CAPD - Continuous Ambulatory Peritoneal Dialysis) का नया पैकेज जोड़ा गया है। सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित इस पैकेज के तहत शासकीय चिकित्सालयों या निजी क्षेत्र के नेफ्रोलॉजिस्ट कैथेटर इन्सर्जन (Catheter Insertion) के लिए मरीज को रायपुर स्थित डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल या एम्स (AIIMS) रिफर कर सकते हैं। मरीज चिन्हांकित शासकीय चिकित्सालयों से महीने भर के लिए सीएपीडी बैग प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मिलकर यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे। एक महीने के सीएपीडी बैग के लिए 22 हजार रूपए का पैकेज निर्धारित किया गया है।

डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में शासकीय और पंजीकृत निजी अस्पतालों में इम्युनोसप्रेसिव उपचार (Immunosuppressive Treatment) सहित रेनल/किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी (Renal/Kidney Transplant Surgery) को भी शामिल किया गया है। इस पैकेज के अंतर्गत मरीजों को डोनर नेफ्रेक्टोमी (Donor Nephrectomy) और ट्रांसप्लांट सर्जरी के साथ ही ट्रांसप्लांट के बाद एक साल तक ली जाने वाली जरूरी दवाएं मुहैया कराई जाएंगी। हाई-एंड दवाएं जैसे इम्युनोग्लोबुलिन फॉर गुइलेन बरे सिंड्रोम (Immunoglobulin for Guillain Barre Syndrome), कावासाकी (Kawasaki), एल्ब्यूमिन फॉर बर्न्स (Albumin for Burns), नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) या अन्य सूचीबद्ध हाइपोप्रोटीनेमिया (Hypoproteinemia) को भी योजना में शामिल किया गया है। क्रोनिक रीनल फेल्योर के मरीजों में विफल एवी फिस्टुला (failed AV fistula) की स्थिति में डायलिसिस के लिए जरूरी प्रोसिजर टनल्ड कैथेटर (Tunnelled Catheter) को भी योजना के पैकेज में शामिल किया गया है। इनके साथ ही डीएसए (ब्रेन एंजियोग्राफी), हृदय रोग, रीढ़ की जटिल सर्जरी और कुछ रक्त विकारों के इलाज को भी योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले इलाजों में शामिल किया गया है।

डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालो द्वारा लंबे समय से जनरल मेडिसीन और पीडियाट्रिक्स में उपचार की दरों को बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। इसे दृष्टिगत रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में अस्पताल बेड्स की दरों में बढ़ोतरी की गई है। सामान्य वार्डों में बेड की दर को 1500 रूपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 2100 रूपए, एचडीयू में दो हजार रूपए से बढ़ाकर 3300 रूपए, बिना वेंटिलेटर के आईसीयू में 2500 रूपए से बढ़ाकर 8500 रूपए और वेंटिलेटर सुविधा वाले आईसीयू में 4500 रूपए रोजाना की दर को बढ़ाकर नौ हजार रूपए किया गया है। राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने एक्युट (Acute) और क्रोनिक (Chronic) दोनों तरह की हीमोडायलिसिस (Haemodialysis) की दर में भी वृद्धि की है। इसकी दर को 1500 रूपए प्रति सत्र (Session) से बढ़ाकर 2200 रूपए किया गया है। इस पैकेज की दर में वृद्धि से मरीजों की समुचित जांच और उपयोगी इंजेक्शन एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।    

योजना के तहत पैकेज की नई दरों के लागू होने, अलग से हाई-एंड दवाईयों और जांच (Diagnostics) को शामिल किए जाने से जनरल मेडिसीन के मरीजों को अब और बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। राज्य शासन द्वारा पैकेज की नई दरों को लागू करने के साथ ही अस्पतालों में आईसीयू के संचालन के लिए एमबीबीएस डॉक्टर और पूर्णकालिक इन्टेन्सिविस्ट की अनिवार्यता के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा जिससे कि पात्र और योग्य चिकित्सकों द्वारा गंभीर मरीजों की देखभाल व इलाज की निःशुल्क सुविधा लोगों को मिल सके।

 

 

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रमन राज में जब महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था तब भाजपाई क्यों चुप थे? : मरकाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा की हुंकार रैली उसकी तैयारियों की बैठक पोस्टर जारी करने पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि जब प्रदेश में 15 सालों तक महिलाओं के साथ अत्याचारों की पूरी श्रृंखला चालू थी तब भाजपा कहां सोई थी? आज प्रदेश में महिलायें सुरक्षित है, महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों में रमन राज की अपेक्षा कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 62 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद महिलाओं को जीवन जीने के लिये सुरक्षित भयमुक्त वातावरण मिला है तब भाजपा हुंकार रैली की नौटंकी करने जा रही है।


मोहन मरकाम ने कहा कि रमन राज में जब प्रदेश में 6 से 14 साल के बच्चियों के साथ झलियामारी के सरकारी आश्रम में दुराचार की घटना हो रही थी तब इन बच्चियों के गुनाहगारों के खिलाफ कार्यवाही के लिये कांग्रेस को आंदोलन करना पड़ा था। जब बिलासपुर में नसबंदी जैसे छोटे ऑपरेशन में 17 महिलाओं की जाने चली गयी तब भाजपा ने हुंकार रैली नहीं निकाला। राजधानी रायपुर में चंद पैसों के लिये महिलाओं के गर्भाशय निकाल लिये गये तब भाजपा की गैरत कहां सोई थी? प्रदेश में 27000 से अधिक लड़कियां गायब हो गयी तब भाजपा की बोलती बंद थी। मीना खल्को, हिडमा मड़कम के साथ अत्याचार हुआ तब भाजपाईयो की संवेदना कहां गयी थी? राजधानी रायपुर में महिला कांस्टेबल के साथ दुराचार के बाद हफ्तों तक एफआईआर नहीं हुआ तब भाजपा चुप थी। कांग्रेस सरकार बनने के बाद राज्य में महिलायें ज्यादा सुरक्षित है तब भाजपाई हुंकार रैली निकाल रहे है।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी पर लगातार बयानबाजी करने वाले भाजपाई जवाब दें कि भाजपा शासनकाल में शराब का सरकारीकरण क्यों किया गया था? प्रदेश में शराब से राजस्व मात्र 300 करोड़ रू. मिलता था, रमन राज में यह बढ़कर 5000 करोड़ हो गया। भाजपा बतायें कि 2018 में छत्तीसगढ़ प्रतिव्यक्ति शराब की खपत में देश में पहले स्थान पर था तब उन्हें शराबबंदी की जरूरत क्यों महसूस नहीं हुई? भाजपा बतायें कि शराबबंदी की विधानसभा की कमेटी में भाजपा ने अपने विधायक का नाम क्यों नहीं दिया? भाजपा का नेता शराब तस्करी में पकड़ाता है तो पूरी भाजपा प्रेस कांफ्रेंस कर बचाव करती है, राजनीति करने के लिये शराबबंदी की बात करते है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद शराब के दुष्प्रभाव के लिये व्यापक प्रचार किया गया, 70 दुकाने बंद की गयी। राज्य आज प्रतिव्यक्ति शराब की खपत में देश में 18वें स्थान पर है। छत्तीसगढ़ में जनजागरण फैलाकर लोगों को जागरूक कर शराबबंदी की ओर आगे बढ़ा जायेगा।

 

 

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छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति के विरोध के लिये नितिन नवीन माफी मांगे : सुशील

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय जनता पार्टी के सहप्रभारी नितिन नवीन द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाये जाने के विरोध पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी छत्तीसगढ़ के लोगो की आस्था मान सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति राज्य के लोगो की भावनाओं से जुड़ी हुई है। नितिन नवीन ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का विरोध करके राज्य के लोगो की भावनाओं का अपमान किया है। इसके लिये उन्हें प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिये। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तो डेढ दशक पहले लग जानी चाहिये थी लेकिन भाजपा ने नहीं लगवाया अब विरोध कर रहे है।


सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा प्रभारी नितिन नवीन छत्तीसगढ़िया वाद का भी विरोध कर रहे है। भाजपा के छत्तीसगढ़ के नेता बताये वे नितिन नवीन की बात से सहमत है या विरोध में? क्या छत्तीसगढ़ के भाजपा के नेता भी छत्तीसगढ़िया वाद के खिलाफ खड़े है राज्य की जनता के सामने स्पष्ट करें। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन ही इसलिए हुआ है कि छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान की पुर्नस्थापना की जा सके, छत्तीसगढ़िया संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके और छत्तीसगढ़िया हितों का संरक्षण किया जा सकें। यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि ये सारे काम राज्य बनने के 18 वर्षों बाद शुरू हो सका है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने प्रदेश में 15 वर्षो तक राज किया, लेकिन छत्तीसगढ़िया हितों का संरक्षण करने के बजाय छत्तीसगढ़ियों के दमन में लगी रही। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री और माटी पुत्र भूपेश बघेल जब छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, सभ्यता और संस्कार को बढ़ावा देने के साथ राज्य के मूल निवासियों के स्वाभिमान को जगा रहे हैं तो अपने आप भाजपा की पोल खुल रही है, जिससे छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता के भाजपा नेता और उनके दुमछल्ले तिलमिला रहे हैं।

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि इसके पहले जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमिक दिवस के दिन श्रमिकों के सम्मान में बोरे बासी खाने का आह्वान प्रदेश की जनता से किया था तब भी भारतीय जनता पार्टी ने बोरे बासी खाने का माखौल उड़ाया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की संस्कृति, तीज त्योहारों, परंपरा स्थानीय बोली भाषा को बढ़ावा देने के लिये प्रयास कर रहे है। तीजा पर छुट्टी, तीजा पोला, हरेली, कमरछठ का मुख्यमंत्री निवास सहित शासकीय स्तर पर आयोजन कर छत्तीसगढ़िया त्योहारों का मान बढ़ाया है। राम वन गमन पथ और माता कौशल्या मंदिर के निर्माण से छत्तीसगढ़ की वैभवशाली आध्यात्मिक परंपरा पुर्नजीवित हुई। विश्व आदिवासी नृत्य महोत्सव, आदिवासी साहित्य सम्मेलन का आयोजन कर कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राचीन आदिवासी संस्कृति को देश दुनिया के सामने लाकर गौरवान्वित करने का काम किया है। भाजपा को इस बात की पीड़ा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण का जो काम भूपेश बघेल कर रहे वह भारतीय जनता पार्टी 15 साल तक नहीं कर पाई। भाजपा ने राज्योत्सव के आयोजन पर करोड़ों रु. खर्च किया लेकिन तब सलमान खान, करीना कपूर बुलाये जाते थे। भारतीय जनता पार्टी को छत्तीसगढ़ की संस्कृति से इतनी नफरत क्यो है? छत्तीसगढ़ महतारी के मूर्ति को छत्तीसगढ़ के राजधानी में और छत्तीसगढ़ के हर जिले के मुख्यालयों में आज के डेढ दशक पहले लग जानी थी। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण इसलिये हुआ था कि हमारी जो संस्कृति है हमारी सभ्यता है हमारा छत्तीसगढ़िया पन है वो दिखना चाहिये वो झलकना चाहिये।

 

 

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छत्तीसगढ़ की यादें लेकर वतन रवाना हुआ मिस्र का नर्तक दल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक नवंबर से शुरू तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में शामिल होने देश और विदेश के कई आदिवासी नर्तक दलों का आगमन रायपुर में हुआ। इसी कड़ी में मिस्र का नर्तक दल आयोजन में शामिल होने 31 अक्टूबर की शाम को रायपुर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी शानदार प्रस्तुति देने के पश्चात बुधवार को माना विमानतल से अपने वतन रवाना हुए।

माना विमानतल मे प्रस्थान के समय विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। दल के सदस्यों ने कहा उन्हें छत्तीसगढ़ रायपुर आने का मौका मिला यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। यहां राजधानी रायपुर पहुंचकर विभिन्न देशों और भारत के भिन्न राज्यों के आदिवासियों के संस्कृति की जानकारी हुई तथा उन्हें भी अपने देश की संस्कृति के बारे में अन्य राज्य के लोगों को बताने का शुभ अवसर मिला। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ रायपुर की यादों को वह हमेशा अपने दिलों में संजोकर रखेंगे।

दल के सारे सदस्यों ने छत्तीसगढिया सबले बढ़िया के नारे का उदघोष कर माना विमानतल से रवाना हुए। दल के सदस्यों ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव जैसा मंच प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया और कहा कि हमे अपनी संस्कृति को साझा करने का सुअवसर मिला। मिस्र के दल में 9 महिलाएं और 14 पुरुष सहित कुल 23 सदस्य थे।  

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव 3 नवंबर तक मनाया जाएगा। जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों के नर्तक दलों के साथ 10 विदेशी टीम भी शामिल है।

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मुख्यमंत्री ने 'महात्मा गांधी 21 प्रेरक प्रसंग' पुस्तक का किया विमोचन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय में देश के प्रसिद्ध कवि पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी की  नवीन कृति 'महात्मा गांधी 21 प्रेरक प्रसंग' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने डॉ. जोगी को उनकी इस नवीन रचना के लिए बधाई एवँ शुभकामनाएं दी।

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हाथियों से बचाने सीमावर्ती वन क्षेत्र में स्थानीय अमला की लगाई गई है ड्यूटी

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 31 अक्टूबर की रात लगभग 2 बजे 6 हाथियों का दल खुड़िया परिक्षेत्र, वन मण्डल मुंगेली, जिला मुंगेली से वन मण्डल कवर्धा अंतर्गत पंडरिया पूर्व परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 490 एवं 486 ग्राम भुतकछार में आ गया था जो रात्रि में ही गुढ़ा ग्राम के रास्ते चतरी परिसर के कक्ष क्रमांक 525 से होते हुए भूतईटोला, झिंगराडोंगरी, बिरबाह, कुल्हीडोंगरी, पिपरहा एवं जामुनपानी के आस-पास विचर रहा था। 1 नवंबर को सवेरे कक्ष क्रमांक 506 नरसिंगपुर परिसर से कोंडा डोंगरी के पास कक्ष क्रमांक-512 के आस-पास था। अंतिम सूचना मिलने तक हाथियों का दल वहीं पर विचरण कर रहा था। 31 अक्टूबर को उक्त हाथियों के दल के द्वारा ग्राम गुढ़ा ग्राम पंचायत रवन मंझोली के पास सुकवारा बाई पति घासी गोंड के पम्पहाऊस का दीवार तथा एक नग खाट को तोड़कर क्षति पहुंचाया गया।

इसी प्रकार सुशीला बाई पति सीताराम गोंड एवं दुखू पिता नत्थू सिंह गोंड के खेतों में हाथियों द्वारा चलने से धान के फसल की क्षति हुई है। घटना की सूचना मिलते ही वनमण्डलाधिकारी चूड़ामणि सिंह (भा.व.से.) वनमण्डलाधिकारी, कवर्धा वनमण्डल तत्त्काल घटना स्थल पहुंचे और उपस्थित अधिकारियों को हाथियों के द्वारा पहुंचाए गए फसल एवं मकान की क्षति का मुआवजा संबंधित ग्रामवासी को तत्काल दिलाए जाने के लिए निर्देशित किया गया।

वनमण्डलाधिकारी  चूड़ामणि सिंह ने बताया कि जिलाभर के सीमावर्ती वन क्षेत्र में स्थानीय अमला की ड्यूटी लगी है। वनमण्डल के उड़नदस्ता दल के द्वारा स्थानीय अमला के साथ उक्त क्षेत्रों का सतत् निरीक्षण, भ्रमण किया जा रहा है। सम्बंधित गांव में मुनादी, प्रचार-प्रसार, जागरूकता तथा मीडिया के माध्यम से एडवाजरी जारी कर वन्यप्राणी हाथी से बचाव एवं वस्तुस्थिति नियंत्रण बाबत् प्रयास कवर्धा वन मण्डल कवर्धा द्वारा किया गया है।

वनमंडल द्वारा जारी की गई एडवाईजरी

वनमंडल द्वारा आमजनों की सुविधा के लिए अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं और मुख्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। आमजनों से अपील करते हुए कहा गया है कि जंगली हाथियों से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाकर रखें और जंगली हाथियों की फोटो और सेल्फी नहीं ले।

अपराधों के रोकथाम के लिए अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी

कवर्धा वन मंडल कार्यालय के द्वारा वन अपराधों की रोकथाम के लिए सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। वन मंडल के कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर 7999326127, वन मंडल स्तरीय उड़नदस्ता के प्रभारी का 9907601521, अधीक्षक भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण का 9425245388, परिक्षेत्र अधिकारी भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण का 9425558314, उप वनमंडल अधिकारी कवर्धा का 9425245388, परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा का 9589035132, परिक्षेत्र अधिकारी अधिकारी तरेगांव  6261578190 तथा परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम पंडरिया का 8770976735, उप वनमंडल अधिकारी पंडरिया का  9131029448, परिक्षेत्र अधिकारी पूर्व पंडारिया का 7987692792, उप वनमंडल अधिकारी सहसपुर लोहारा का 7587055836, परिक्षेत्र अधिकारी सहसपुर लोहारा एवं परिक्षेत्र अधिकारी खारा का 9981367779 तथा परिक्षेत्र अधिकारी रेंगाखार का मोबाइल नंबर 9406324045 है। वन मंडल अधिकारी जिला कबीरधाम का संपर्क नंबर 9479144718 है।

क्या करें

हाथी आने की सूचना निकटवर्ती वन कर्मचारी को तुरंत दे। रात मे निकलना यदि आवश्यक हो जाए तो मशाल जलाकर झुण्ड मे शोर मचाते हुए निकले, सभी घरो के बहार पर्याप्त रौशनी करके रखे ताकी हाथी के आने से पहले ही दूर से पता चल जाए। अगर हाथी दिन मे गाव मे आ जाता है तो उससे पर्याप्त दूरी बना कर रखे, हाथी प्रभावित क्षेत्रो मे आवश्यक होने पर गावों मे रात्री मे दल बनाकर मशाल के साथ पहरा दे, हाथी द्वारा कान खड़े कर सूंड ऊपर उठाकर आवाज देना इस बात का संकेत है की वो आप पर हमला करने आ रहा है अतः आप तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाए। यदि हाथी से सामना हो जाये तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़े, पहाड़ी स्थानो मे सामना होने की स्तिथि मे पहाड़ी की ढलान की और दौड़े ऊपर की और नहीं क्योकि हाथी ढलान मे तेज गति से नहीं उतर सकता परन्तु चढाई चढ़ने मे वह दक्ष होता है, सीधे न दौड़ कर आड़े तिरछे दौड़े, कुछ दूर दौड़ने के पश्चात गमछा, पगड़ी, टोपी अथवा अन्य कोई वस्त्र फेक दें, ताकि कुछ समय तक हाथी उसमे उलझा रह सके और आपको सुरक्षित स्थान पर जाने का समय मिल जाए।

हाथियों के सूंघने की शक्ति प्रबल होती है अतः हवा की दिशा का ध्यान रखे, यदि हवा का बहाव हाथियों की तरफ से आपकी तरफ हो तो सुरक्षित दूरी मे रहा जा सकता है, परन्तु यदि हवा का बहाव आपकी और से हाथी की ओर जा रहा हो तो आपके लिए खतरा हो सकता है क्योकि हवा आपके शरीर की गंध हाथी तक आसानी से पंहुचा सकती है। वन विभाग द्वारा बताए गए सुरक्षा सम्बंधित निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करे। वन विभाग के कर्मचारियो का समय समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन मे सहयोग करें व् किसी भी प्रकार की दखलंदाजी न करे। जनधन हानि होने की स्तिथि मे बदले की भावना से प्रेरित होकर हाथियों के पास न जाए बल्कि वन विभाग को सूचित कर मुआवजा राशि की प्रक्रिया करवाने मे सहयोग करे।

हाथियों की सूचना यदि मिलती है तो अपने पड़ोस के गाँवों तथा क्षेत्र के रिश्तेदारों, दोस्तों इत्यादि को तत्काल सचेत करे ताकि वे भी उन क्षेत्रों मे न आए और अगर क्षेत्र मे है तो वह इलाका छोड़ सके। फसल कटाई के बाद खुद के खाने लिए संग्रहित अनाज को सुरक्षित स्थानों मे रखे। इसके लिए एक तहखानानुमा भण्डारण कक्ष का निर्माण किया जा सकता है जिसमे अनाज को प्लास्टिक के हवा टाइट बंद डिब्बो मे भरकर रखा जा सकता है जिससे अनाज की गंध हाथियों तक नहीं पहुचे। उनके सूंघने की शक्ति बहुत तेज रहती है। गाँव के नवयुवक स्वयं जागृत होकर अन्य लोगो को जागरुक कर सकते है। समय समय पर जागरूकता के लिए वन विभाग के साथ ताल मेल बनाकर चले। समय समय पर स्कूल के बच्चो को हाथियों से सम्बंधित जागरूकता का पाठ पढाएं, हमें तथा आने वाली पीढ़ियों को हाथियों के साथ रहना सीखना पड़ेगा, कैसे रहा जाए इसका इन तथ्यों का सन्देश दिया जाए। गाँव के मुखिया की मदद से जागरुकता अभियान चलाया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग हाथियों से सुरक्षा सम्बन्धित निर्देशों से अवगत हो सकें। खुद भी सुरक्षित रहे व बिना किसी नुकसान पहुचाएं हाथियों को भी अपने क्षेत्र मे स्वतंत्र रूप से सुरक्षित रहने दे।

 

 

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राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव में जिला सूरजपुर के छात्र को मिला द्वितीय स्थान

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जनजाति कार्यमंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा तृतीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव-2022-23 का आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बेंगलुरू, कर्नाटक में किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के सुरजपुर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के तीन छात्र-छात्राएं प्रतापपुर से नेहा सांडिल्य इंग्लिस पोयम एकलव्य विद्यालय प्रतापपुर, एकलव्य विद्यालय शिवप्रसादनगर से सुर्यप्रकाश विषय आधारित चित्रकारी एवं आलोक सिंह संस्कृत पाठ में तथा शिक्षक वर्ग में अनंत प्रकाश राठौर चयनित होकर राष्ट्रीय स्तर पर शामिल हुए ।

जिसमें सुर्यप्रकाश एकलव्य शिवप्रसादनगर से विषय आधारित चित्रकारी में राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान तथा शिक्षकों के मध्य प्रतियोगिता में अंनत प्रकाश राठौर सेमी क्लासिकल में तृतीय स्थान प्राप्त किये।

 

इस उपलब्धि के लिए सूरजपुर जिले के कलेक्टर, अध्यक्ष  इफ्फत आरा, सहायक आयुक्त, सदस्य सचिव विश्वनाथ रेड्डी तथा संस्था के प्राचार्य, नोडल अधिकारी बी.के. चौबे, व समस्त शिक्षकों ने प्रतिभागियों को शुभकामना एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की  है।

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ब्लैक स्पाट चिन्हित कर हादसे रोकने के उपाय किए जाएः कलेक्टर

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक ,डीएफओ , जिला पंचायत सीईओ , समस्त सड़क निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं से मृत्यु पर चिंता जाहिर करते हुए  ब्लैक स्पॉट स्थल को चिन्हित कर पूरे जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय करने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए तथा दुर्घटना से बचने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने निर्देशित किया।

बैठक में कलेक्टर  ने कहा कि पूरे जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए कई तरह के उपाय आवश्यक हैं। सड़कों के निर्माण से जुड़े विभाग सड़कों में सुधार, घाटी में सुरक्षा व्यवस्था तथा संकेतक लगाने एवं तीव्र मोड़ों को ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में चिन्हित घाट पेंडारी सहित नए ब्लैक स्पॉट की पहचान एवं सुधार करने निर्देशित किया। उन्होंने मार्गाे पर सुरक्षा हेतु पर्याप्त उपाय किए जाने निर्देशित किया एवं सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन के लिए संकेतक रंबल स्ट्रीप, स्पीड ब्रेकर आदि का प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने, फिटनेस के दौरान परिवहन यानो में रिफ्लेक्टर, स्पीड लिमिट डिवाइस के जांच करने के निर्देश दिए तथा ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के पूर्व आवश्यक दक्षता टेस्ट कर लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए तथा अवैधानिक तरीके से लाइसेंस प्राप्त करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन चालकों के आंखों की नियमित जांच कराने एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्घ कड़ी कार्यवाही करें। नियमित रूप से शिविर लगाकर वाहन चालकों को जागरूक करें। स्कूल तथा कालेज में भी यातायात जागरूकता शिविर आयोजित करें।

 

 कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटना में शिकार लोगों के त्वरित उपचार के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए तथा दुर्घटना स्थल पर ही मृत्यु हो जाने पर शव वाहन की व्यवस्था भी तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटनाओं से बचने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता मितानिन के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता, दुर्घटना होने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, शराब पीकर वाहन चालन एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर चलानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए तथा सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं यातायात शिक्षा से संबंधित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

 

पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने जिले में सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने निर्देशित किया । उन्होंने दुर्घटना क्षेत्र को चिन्हित कर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए तथा सीसीटीवी की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर एवं पिकअप में भारी संख्या में लोगों को बैठाते हैं जिससे दुर्घटना की गुंजाइश बनी रहती है समझाइश देकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर एवं एसपी ने नगरीय क्षेत्र में सड़कों पर वाहन चालन को प्रभावित करने वाले साइन बोर्ड एवं होल्डिंग्स को शीघ्र हटाने कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों, फुटपाथ, पार्किंग स्थलों में अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए तथा सड़कों पर वाहन चालकों को प्रभावित करने वाले आवारा पशुओं को हटाने के संबंध में विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में दुर्घटना से बचने के लिए प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

 

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आईआरएडी एप्लिकेशन की हुई समीक्षा

 

जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी विभाग पुलिस हेल्थ ट्रांसपोर्ट और हाईवे  आईआरएडी एप्लीकेशन से संबंधित दुर्घटनाओं की एंट्री से संबंधित समीक्षा की। उन्होंने ब्लैक स्पॉट दुर्घटना स्थल,एंबुलेंस की सुविधा रोड पर हो रहे एक्सीडेंट की मरम्मत  एवं ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक्सीडेंट हुई गाड़ियों की निरीक्षण  आदि विषयों पर चर्चा की गई, आईआएडी संयुक्त रूप से काम करने वाले सभी चारों डिपार्टमेंट पुलिस, ट्रांसपोर्ट, स्वस्थ और हाईवे की समीक्षा कर उसकी अद्यतन जानकारी देने के निर्देश दिए। आईआरएडी एप्लीकेशन के माध्यम से हमें ज्ञात ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना में लिप्त लोगों की उम्र दुर्घटना के कारण आदि जैसे चीजों का आईआरएडी एप्लिकेशन के माध्यम से फिल्टर करके सूरजपुर के डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर जयप्रकाश मेश्राम द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से समझाया गया। कलेक्टर एवं एसपी द्वारा सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपनी एंट्री आईआएडी में समय पर होना सुनिश्चित करें एव बैठकों में सड़क सुरक्षा संबंधी एजेंडो को शामिल कर सड़क सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण अनिवार्यता दिया जाए एवं कलेक्टर  द्वारा यह निर्देशित किया गया कि आईआरएडी एप्लीकेशन में सभी विभागों का प्रशिक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित करें।

 

 

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भुंजिया जनजाति के नर्तक दल ने दी वैवाहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में बुधवार शाम भुंजिया जनजाति के नर्तक दलों ने वैवाहिक अवसर पर किए जाने वाले नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसका दर्शकों ने आनंद लिया और ताली बजाकर नर्तक दल की प्रस्तुति को सराहा। भुंजिया के नृत्य में उनकी पूरी संस्कृति झलकती है। नृत्य के दौरान पुरूष हाथों में तीर-कमान थामें होते हैं, जबकि महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में होती है। भुंजिया एक ऐसी विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार ने गोद लिया है। इस जाति के लोग छत्तीसगढ़ के गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिला तथा ओड़िशा के कुछ में क्षेत्रों में रहते हैं। इनकी रहन-सहन, वेषभूषा या यूँ कहें कि पूरी संस्कृति ही औरों से बहुत अलग है।


आदिकाल से भुंजिया समुदाय के लोग जंगल तथा पहाड़ों पर निवास करते आ रहे हैं। इन्हें जंगलों से ही अपनी आजीविका चलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में सब कुछ मिल जाता है, जैसे कि लकड़ी, फल, फूल, रस्सी, जड़ी-बूटी, पानी, शुद्ध हवा आदि। इस समुदाय के लोग अपनी ही दुनिया में खुश रहना चाहते हैं, बाहरी दुनिया से कोई मतलब नहीं रहने के कारण इन लोगों का प्रकृति से अत्यधिक लगाव रहता है। भुंजिया समुदाय के लोग प्राकृतिक चीजों से श्रृंगार करना पसंद करते हैं, जैसे- महुआ, गुंजन, हर्रा आदि के फूलों की माला। महिलाएं अपने बालों को सजाने के लिए मयूर पंख या जंगल के फूलों का इस्तेमाल करती हैं। खाने में भी यह समुदाय कंद-मूल, फल-फूल एवं शिकार करके अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं। शादी-विवाह, अतिथि के स्वागत आदि खुशी के पलों में ये नृत्य किये जाते हैं। इस नृत्य में भुंजिया लोगों को साल के पत्ते, तेंदू के पत्ते, महुआ के फूल आदि चीज़ें लगाए पूरे वेशभूषा एवं श्रृंगार के साथ देखा जा सकता है। ये अपने हाथों में अपने पूर्वजों से मिले तीर-कमान लिए रहते हैं। सामाजिक कार्यक्रमों, शादी विवाह आदि में तीर चलाने की प्रथा है।

 

 

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मुख्यमंत्री ने जनकवि व गीतकार लक्षमण मस्तुरिया की पुण्यतिथि पर उन्हें किया याद

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध जनकवि और गीतकार स्वर्गीय लक्ष्मण मस्तुरिया की 3 नवम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने लक्षमण मस्तुरिया को याद करते हुए कहा कि लक्षमण मस्तुरिया ने अपने गीतों और सुमधुर आवाज से छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के दिल में जगह बनाई। उनके गीतों में छत्त्तीसगढ़ की माटी की सौंधी महक और यहां के लोक-जीवन की झलक रहती थी। उन्होंने कई छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए लोकप्रिय गीतों की रचना करने के साथ ‘लोकसुर’ नामक मासिक पत्रिका का भी सम्पादन और प्रकाशन भी किया। कला जगत में उनके इस योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनकी छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवंत बनाने और उनकी कला साधना से नवोदित कलाकारों को प्रेरित करने के लिए राज्य सरकार ने राज्य अलंकरण श्रेणी में लोकगीत के क्षेत्र में “लक्ष्मण मस्तुरिया पुरस्कार” देने की घोषणा की है।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर आदिवासी नृत्य महोत्सव का किया शुभारंभ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ करने राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित हैं। आदिवासी नगाड़ा बजाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2021 की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। 

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एकतरफा प्यार में युवक ने कटी नस,हालत गंभीर

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एकतरफा प्यार में युवक ने दोनों हाथों की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा। दरअसल पूरा मामला बजार चारभाटा चौकी के गोछिया गांव का है। जहां एकतरफा प्यार में पागल 24 साल के युवक रुपेश कौशिक ने प्रेमिका को पाने की खातिर अपने दोनों हाथों की नस काट दी. हाथों की नस कटने से युवक का अधिक खून बह गया और युवक सड़क पर बेहोश होकर गिर गया। फिर परिजनों ने डॉयल 112 की पुलिस टीम को मामले की सूचना दी।

पुलिस की टीम घटना स्थल पहुंचकर घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी इलाज जारी है, लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है. बताया जा रहा घायल युवक एक नबालिग से एक तरफा प्यार करता था. कई बार गांव व परिजनों ने युवक को डांटा और समझाया था। दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की लिखित में माफीनामा भी दिया था। लेकिन युवक अपने हरकतों से बाज नहीं आया और दोनों हाथों की नस काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है।

 

 

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ट्रैक मरम्मत के लिए 3 से 5 नवंबर तक बंद रहेगा उरकुरा गेट

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर रेल मंडल के मांढर-उरकुरा स्टेशनों के मध्य स्थित समपार फाटक कमाक  414 (किमी.823/07-09 अप लाईन) उरकुरा गेट पर रेलवे ट्रैक की मरम्मत का कार्य दिनांक 3 नवंबर की रात्रि 8 बजे से 5 नवंबर की सुबह 8 बजे तक समपार फाटक पर सड़क आवागमन बंद रहेगा।

 

 

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मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान रेलवे ने वसूले 63 हजार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने हेतु जागरूक करने के उद्देश्य से 31 अक्टूबर को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के स्टेशनों पर रेलवे मजिस्ट्रेट ग्रिजेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में 4 वाणिज्य निरीक्षक, 13 टिकट चेकिंग स्टाफ, 4आरपीएफ स्टाफ एवं 6 जीआरपी स्टाफ भी शामिल थे।

इसमें गोंडवाना एक्सप्रेस में रायपुर से राजनांदगांव एवं राजनांदगांव से दुर्ग के मध्य तथा रायपुर स्टेशन पर चेकिंग की गई। इस मजिस्ट्रेट टिकट चेकिंग अभियान में कुल 129  मामलों से 63,105/- रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया।

 

 

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मुख्यमंत्री ने संत कंवर राम के शहादत दिवस पर उन्हें किया नमन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने मंगलवार को अपने निवास कार्यालय में अमर शहीद संत कंवर राम के शहादत दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी के सदस्य अमर परचानी, अर्जुन वासवानी, श्रीमती राधा राजपाल और हरिराम तलरेजा भी उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सन्त कंवर राम ने भक्ति के माध्यम से सत्य, अहिंसा, साम्प्रदायिक सौहार्द, विश्वबंधुत्व, मानवीय प्रेम, समता और नैतिक आचरण का संदेश आम और खास तक पहुंचाया। संत कंवर राम त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति, जीवन के मर्म को जानने वाले ऋषि, दया के सागर, दीन दुखियों, यतीमों और विकलांगों के मसीहा थे । मानव सेवा ही उनका मुख्य ध्येय था। अपंगो, नेत्र हीनों, रोगियों एवं कुष्ठ-रोगियों की सेवा अपने हाथों से करके वे स्वयं को धन्य मानते थे। सेवा के क्षेत्र में संत कंवर राम साहिब का नाम सर्वोच्च स्थान पर आता है। उनके परोपकारी एवं आध्यात्मिक जीवन ने मानव के संस्कारो में कल्याण, सर्व धर्म समभाव, परोपकार एवं मानव आदर्शों को नई दिशा प्रदान की है।

 

 

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छत्तीसगढ़ का युवा सड़क पर आने को मजबूर : चौधरी

कांग्रेस सरकार ने सारी भर्तियां रोकी : भाजपा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश भाजपा महामंत्री  ओपी चौधरी ने युवाओं को सड़क पर उतरकर भर्तियां शुरू करने के लिए आंदोलित होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा अपने भविष्य के लिए सड़क पर आने को इसलिए मजबूर है क्योंकि कांग्रेस की सरकार में प्रदेश में सारी भर्तियां ठप पड़ी हुई हैं।

प्रदेश भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने आज के ही दिन हमें अपने पते में छत्तीसगढ़ राज्य लिखने का अधिकार दिया था, इसलिए हम आज गौरव दिवस मना रहे हैं लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए यह दुर्भाग्य जनक स्थिति है कि राज्योत्सव के अवसर पर राज्य का युवा निराश और हताश होकर सड़क पर उतर रहा है। उन्होंने कहा कि कल बिलासपुर में पूरे प्रदेश के छोटे-छोटे गांवों, कस्बों के आम मध्यम और निम्न मध्यम परिवार के युवा भाई-बहन भर्तियों पर लगी रोक के विरुद्ध सड़कों पर उतरे। यह किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं थे। बल्कि यह वह युवा हैं जो अपने भविष्य के लिए शिक्षा के माध्यम से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार ने इन शिक्षित युवाओं को सरकारी सेवा में भर्ती होने के सारे रास्ते बंद कर रखे हैं। भर्ती की तमाम प्रक्रियाएं ठप पड़ी हुई हैं और इन युवाओं के सामने इसके अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है कि वह सड़क पर उतर कर सरकार की नीतियों का विरोध करें।

 

प्रदेश भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की स्थिति लगातार विकराल हो रही है। सरकार झूठे आंकड़े देती है। 5 लाख रोजगार देने के होर्डिंग लगाए जाते हैं और विधानसभा में जब सवाल पूछा जाता है तो जवाब आता है कि 20 हजार नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में .2 फीसदी बेरोजगारी है तो फिर युवा सड़क पर क्यों उतर रहा है ?? सरकार को तत्काल भर्ती पूर्ण करना चाहिये।

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