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31 हजार दीयों से रौशन हुआ माता कौशल्या का धाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) माता कौशल्या का मायका और भगवान राम के ननिहाल चंदखुरी धाम को दीपावली की पूर्व संध्या व रूप चौदस के मौके पर 31 हजार दीयों से रोशन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राम वन गमन परिपथ के चिन्हित स्थलों से मे माता कौशल्या माता मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। रविवार को रायपुर समेत अनेक जिलों से राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य यहां दीप दान के लिए पहुंचे थे। दीप दान से पूर्व राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों ने पहले माता कौशल्या धाम चंदखुरी में मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। फिर रंगोली व फूलों से परिसर को सजाया। वहीं संध्या बेला में माता कौशल्या मंदिर प्रांगण को 31 हजार दीयों से रोशन किया गया। दीयों की सजावट से ही ‘जय सिया राम’ उकेरा गया। दीप दान के पश्चात रंग-बिरंगे पटाखों से आतिशबाजी कर चंदखुरी के आसमान को जगमग किया गया। इस दौरान विधायक देवेन्द्र यादव विशेष रूप से मौजूद रहे।



गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे चंदखुरी को माता कौशल्या की जन्मभूमि माना जाता है। इस लिहाज से चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध है। भगवान राम ने अपने बाल्यपन का काफी समय भी अपने ननिहाल में बिताया है। वहीं वनवास के 14 वर्ष में से लगभग 10 वर्ष की अवधि वे छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान राम की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने और उन स्थलों के धार्मिक महत्व को समझते हुए उन्हें धर्मस्थल के साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया है। इसके लिए राम वन पथ गमन मार्ग के कुल 75 स्थलों का चयन किया गया है, जिसमें से प्रथम चरण में 9 स्थलों का भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत माता कौशल्या धाम से की गई है। मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर ही विश्व में एकमात्र माता कौशल्या के मंदिर का जीर्णोद्धार व आकर्षक सौंदर्यीकरण कराया गया है। दूसरे स्थल के रूप में माता शबरी की नगरी शिवरीनारायण को भी विकसित किया जा चुका है।



आज दीपावली की पूर्व संध्या पर विधायक देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में राजीव युवा मितान क्लब के लगभग 200 सदस्यों ने माता कौशल्या धाम चंदखुरी स्थित मंदिर प्रांगण में सफाई के बाद 31 हजार दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया। इस दौरान भव्य आतिशबाजी भी की गई। दीप दान के लिए चंदखुरी समेत आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान आर.पी. सिंह, राजीव युवा मितान क्लब के जिला समन्वयक सुमित साव, रोमा भारद्वाज, अंकित बागबाहरा, आशीष चंद्राकर समेत सभी क्लब समन्वय व 200 की संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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दीवाली पर पटाखे जलाते समय रखें सावधानी, लापरवाही पड़ सकती है महंगी...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) रोशनी के त्योहार दीवाली पर पटाखों की रौनक न दिखे तो त्योहार अधूरा सा लगता है। बच्चों के साथ बड़ों को भी दीपावली में फूलझड़ी और पटाखें जलाने में बेहद आनंद आता है। पटाखें जलाते समय बच्चों का खास ध्यान रखना जरूरी है। असावधानीवश कई बार पटाखों और फूलझड़ी से बच्चों के हाथ जल जाते हैं। अगर जली हुई जगह का तुंरत उपचार नहीं किया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है। दीवाली के दिन अगर आप भी पटाखें और फुलझड़ी जला रहे हैं तो सावधानी के साथ जलाएं। लापरवाही या दुर्घटनावश अगर किसी का हाथ जल जाए तो तुरंत घर में ही प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर के पास जाएं।

शरीर के किसी अंग के जलने पर इसका दो तरह का प्रभाव होता है। सुपरफिशल बर्न में जलने के बाद छाला हो जाता है, जबकि डीप बर्न में शरीर का जला हिस्सा सुन्न हो जाता है। अगर जले हुए हिस्से पर दर्द या जलन हो रही है तो इसका मतलब हालत गंभीर नहीं है। ऐसे में जले हुए हिस्से को पानी की धार के नीचे तब तक रखें जब तक जलन कम न हो जाए। इससे न सिर्फ दर्द कम होगा, बल्कि छाले भी नहीं होंगे। जले हुए हिस्से पर बरनॉल न लगाएं, बल्कि उस पर ऑलिव आइल लगाएं। इसके बाद भी अगर लगातार जलन या दर्द हो रहा हो तो तुरंत बिना देरी के डॉक्टर के पास जाएं।

अक्सर देखा जाता है कि लोग जल जाने के बाद बरनॉल, टूथपेस्ट, नीली दवा आदि लगा लेते हैं। इससे उस वक्त तो जलन खत्म हो जाती है, लेकिन ये सब लगाने से जला हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है जिससे डॉक्टर को पता नहीं चल पाता कि जला हुआ हिस्सा कैसा है? जले हुए हिस्से को कम से कम 15 मिनट तक या जब तक कि जलन बंद न हो जाए, ठंडे पानी में रखना चाहिए। यदि घायल हिस्से को पानी के नीचे लाना कठिन हो, तो साफ, मुलायम कपड़े को ठंडे पानी मे भिगोएं और घायल हिस्से पर इसे रखें, लेकिन रगड़ें नहीं। इससे शरीर के ऊतकों की गर्मी को बाहर करने में मदद मिलेगी। ऐसा करने से आगे और नुकसान नहीं होगा और यह दर्द को भी कम करेगा। दीवाली हर्षोल्लास का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही से आपकी खुशियों पर ग्रहण लग सकता है। इसलिए सुरक्षित ढंग से यह त्योहार मनाएं।

दीवाली पर पटाखे जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान

हमेशा खुले मैदान या खुले स्थान पर ही पटाखे जलाएं। पटाखा जलाने से पहले आसपास देख लें कि कोई आग फैलाने वाली या फौरन आग पकड़ने वाली वस्तु तो वहां नहीं है। जितनी दूर तक पटाखे की चिंगारी जा सकती है, उतनी दूरी तक छोटे बच्चों को न आने दें। पटाखा जलाने के लिए अगरबत्ती या लकड़ी का इस्तेमाल करें ताकि पटाखे से आपके हाथ दूर रहें और जलने का खतरा न हो। रॉकेट जैसे पटाखे जलाते वक्त यह देख लें कि उसकी नोक खिड़की, दरवाजे या किसी खुली बिल्डिंग की तरफ न हो। यह दुर्घटना का कारण बन सकता है। पटाखे जलाते वक्त पैरों में जूते-चप्पल जरूर पहनें। अकेले पटाखे जलाने के बजाय सबके साथ मिलकर पटाखे जलाएं जिससे आपात स्थिति में लोग आपकी मदद कर सकें।

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दुर्ग महापौर ने बिखेरी फुटपाथ पर बैठे गरीब बुजुर्ग के चहरे पर खुशी

रास्ते में रूक कर खरीद लिया उनका सारा सामान

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण) दीपावली के पावन पर्व पर दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल शहर के गरीबों को खुशी बांटने में विशेष रूप से सक्रिय है। रविवार को महापौर की सहृदयता का एक और वाकया सामने आया। जब महापौर से सड़क किनारे धूप में एक गरीब बुजुर्ग को ग्राहक का इंतजार करते देखा। उन्होंने तत्काल अपनी वाहन को रुकवाया और उसका सभी समान खरीद लिया। जिससे बुजुर्ग का चेहरा खिल उठा और उसके चेहरे पर रौकन आ गई।

दरअसल महापौर धनतेरस पर शहर की व्यवस्था देखने निकले थे। गांधी प्रतिमा के पास से गुजरने पर उनकी नजर एक बुजुर्ग पर पड़ी। यह बुजुर्ग दीपावली पर्व पर धान की झालर व दीये बेच कर अपने परिवार के लिए खुशियां खरीदने ग्राहक का इंतजार कर रहा था। महापौर ने तत्काल अपने वाहन को रूकवाया और बुजुर्ग के पास पहुंचे। स्नेह का भाव प्रकट करते हुए उन्होंने बुजुर्ग के सभी दीयों, धान की झालर और माता लक्ष्मी गणेश की मूर्ति को खरीद लिया। महापौर की इस संवेदनशीलता को देख बुजुर्ग की आंखें खुशी से नम हो गई और और आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सराहना की। शहर विधायक अरुण वोरा के मंशा के अनुरूप महापौर धीरज बाकलीवाल ने सभी सामग्री गरीब परिवार में वितरित करने के निर्देश अपने स्टाफ को दिए। उन्होंने कहा कि, बीते दो साल दीपावली की त्योहारी सीजन का बाजार कोरोना की वजह से बहुत ज्यादा प्रभावित रहा। इस बार बाजार में भरपूर रौनक दिखाई दे रहा है। महापौर ने बुजुर्ग व्यक्ति के चहरे पर मुश्कान लेकर उन्हें दीपावली की बधाई व शुभकामनाएं दी, महापौर ने कहा कि,स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना हम सबकी जिम्मेदारी है। महापौर ने शहर के नागरिको से अपील कर कहा कि आप भी आगे आये।

 

 

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कलेक्टर मीणा और निगम आयुक्त व्यास ने सुपेला क्षेत्र का किया निरीक्षण

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण) धनतेरस के दिन त्यौहार को छोड़कर कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा और निगमायुक्त रोहित व्यास व्यापारियों की समस्याओं को लेकर अकाश गंगा मार्केट क्षेत्र रात्रि में पहुंचे। व्यापारियों ने कलेक्टर को अंडर ब्रिज निर्माण से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया, इस पर कलेक्टर ने कहा कि रेलवे एवं इससे संबंधित अधिकारियों के साथ इसकी विस्तृत समीक्षा कर समाधान का प्रयास करेंगे। व्यापारियों के साथ कलेक्टर एवं निगम आयुक्त ने पूरे मार्केट क्षेत्र का दौरा किया, उत्तर गंगोत्री, दक्षिण गंगोत्री, अकाश गंगा के सभी स्थानों पर पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने असमाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने कहा कि पुलिसिया विजिटिंग भी मार्केट क्षेत्रों में जरूरी है, अंधेरे जगह एवं खाली स्थानों पर विशेष नजर रखें। कुछ स्थानों पर अमृत मिशन के तहत बिछाए गए पाइपलाइन की पानी सप्लाई को दुरुस्त करने कलेक्टर ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्केट क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालय की साफ-सफाई निरंतर रहनी चाहिए साथ ही व्यापारी संघ की मांग पर उन्होंने दक्षिण गंगोत्री क्षेत्र में शौचालय निर्माण के निर्देश दिए।

अकाश गंगा मार्केट क्षेत्र में उन्होंने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन दिन एवं रात दोनों ही पारियों में करने कहा। कलेक्टर के निर्देश पर आकाशगंगा में हाल ही में पार्किंग की अच्छी व्यवस्था निगम एवं व्यापारियों के सहयोग से की गई है जहां पर वाहने खड़ी की जा रही हैं, ट्रैफिक की समस्या से भी निजात मिला है, इस स्थल पर पड़े हुए कुछ कबाड़ को हटवाने के निर्देश उन्होंने दिए। मोर शहर मोर जिम्मेदारी के तहत कलेक्टर ने शहरवासियों से अपील की थी, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने मिल रहा है व्यापारी संघ ने आज कलेक्टर को बताया कि वह इस थीम के तहत् स्वयं के खर्चे से आकाशगंगा के लिए प्रवेश द्वार का निर्माण करेंगे। निरीक्षण के दौरान व्यापारी संघ एवं व्यापारी गण, रेलवे के अधिकारी, अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।

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राजधानी में गुलाबी ठंड ने दी दस्तक, साफ़ रहा आसमान...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बारिश के बाद अब रायपुर में गुलाबी ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। रायपुर के आउटर में इसका एहसास हो रहा है। आज आसमान साफ है और कल भी साफ़ रहने की संभवना है। हालांकि चक्रवात 'सीतरंग ' के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की संभावना बढ़ गई है। इसे लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

बदलों की गैरमौजूदगी के चलते तापमान में गिरावट का दौर जारी है। प्रदेश में बीते सप्ताह से बारिश थम गया है। वहीं बादल साफ होने से तापमान में गिरावट हुई है। जिसके चलते ठंड का एहसास हो रहा है। रात के अलावा दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। आज भी सुबह से बादल साफ नजर आए।

मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में चक्रवात सीतरंग का प्रभाव रहेगा। दिवाली के दौरान प्रदेश के कई जिलों में इसका असर ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब बन रहा है। जिसके बाद 24 अक्टूबर को चक्रवात में अवदाब में परिवर्तित होगा। इसी असर से बारिश की संभावना है।

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एसपी पटेल ने शहीदों के परिजनों से की मुलाकात

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के द्वारा शहीदों के परिजनों को भेजे गए दीपावली शुभकामना संदेश को लेकर रविवार को  पुलिस अधीक्षक ने  शहीदों के परिजनों से मिलने पहुंचे महासमुंद के क्लब पारा चौक में स्थित शहीद गौतम पांडे के निवास में पहुचे।

महासमुंद  पुलिस अधीक्षक द्वारा शहीद की पत्नी व बच्चों से मुलाकात की तथा मुख्यमंत्री व  गृह मंत्री का शुभकामना संदेश उन्हें प्रेषित किया साथ ही उनका कुशलक्षेम भी जाना। शहीद के बच्चों के अध्ययन को लेकर उनसे चर्चा भी कि वह उन्हें बेहतर कैरियर हेतु मार्गदर्शन भी दिया तथा किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल संपर्क करने हेतु भी कहा।

इस आत्मीय भेंट के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुंद आकाश राव उप पुलिस अधीक्षक महासमुंद अजय शंकर त्रिपाठी थाना प्रभारी महासमुंद कुमारी चंद्राकर भी उपस्थित रहे। इसी तारतम्य में जिले के अन्य सभी शहीदों के परिवारों में जिले के राजपत्रित अधिकारी मुख्यमंत्री महोदय एवं गृह मंत्री महोदय का शुभकामना संदेश लेकर पहुंच रहे हैं।

 

 

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दिवाली से पहले लाखों कर्मचारी मायूस, वित्त विभाग से अब तक जारी नहीं हुआ आदेश...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिवाली को एक दिन शेष है, लेकिन लाखों कर्मचारियों के चहरे पर मायूसी है।  प्रदेश के करीब 5 लाख अधिकारी कर्मचारी बिना वेतन के त्योहार मनाने मजबूर हैं। सभी को दिवाली से पहले वेतन मिलने की उम्मीद थी। लेकिन वित्त विभाग से आदेश जारी नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि पे आर्डर की फाइल चार दिनों से वित्त मंत्री और सचिव के बीच झूल रही है। हर महीने की 1 तारीख को कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। वेतन,माह के अंतिम दिनों में अवकाशों को देखते हुए 28 से 31के बीच आनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाता। सरकार ने एरियर्स भी दिया है तो नगद के बजाय एकाउंट में जमा कर दिया है। ऐसे में सेविंग से ही दीपावली  मनानी पड़ेगी। इसे लेकर कर्मचारी संगठनों और विपक्षी दल भाजपा ने सरकार को आड़े हाथों लिया है।

सबसे बड़े संगठन फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि 22 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है। इससे अधिकारी कर्मचारियों के बीच गलत संदेश जा रहा है। पे-बिल तो हर माह की28 तारीख को बन जाता है केवल वित्त विभाग को 4 दिन पहले पेमेंट का आर्डर करना था,वह भी नहीं हुआ। भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि ऋण में डूबे प्रदेश में जनता से लेकर कर्मचारी तक बेहाल है।दीपावली  को 2 दिन बचे हैं और छत्तीसगढ़ सरकार की नाकामी की वजह से राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को अब तक वेतन नहीं मिल पाया है , इस वजह से प्रदेश भर में कर्मचारियों में नाराजगी और मायूसी है ।  

कश्यप ने कहा कि देश के सबसे बड़े त्योहार दीपावली के लिए सभी तरफ उत्साह का माहौल है , लेकिन छत्तीसगढ़ सहित बस्तर संभाग में अभी तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है त्योहार के समय वेतन न मिलने से कर्मचारियों के परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है ।  कश्यप ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द कर्मचारियों का वेतन जमा कर ताकि सभी लोग खुशी खुशी त्योहार मना सकें । केदार ने कहा है कि भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ कर्मचारियों को लगभग 5500 करोड़ रुपये के लाभ से वंचित किया है ! वर्ष 2019  से कर्मचारियों को केन्द्र द्वारा घोषित महंगाई भत्ता  नहीं दिया गया।

कर्मचारियों के आंदोलन के बाद जब महँगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ा कर दिया गया तो इससे पूर्व के तीन साल का महंगाई भत्ता से उन्हें वंचित कर दिया ! भाजपा की सरकार में में इस राशि को  GPF में जमा कर दिया जाता था , जो कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को एक बढ़ी राशि के रूप में काम आता था ! इसी प्रकार आवास भाड़ा भत्ता सातवें वेतनमान अनुसार मिलना चाहिए, परंतु छत्तीसगढ़ सरकार ने यहाँ पे भी कर्मचारियों का गला दबाया है और प्रति मास तीन हज़ार रूपये का नुक़सान कर लगभग कर्मचारियों का डेढ़ हज़ार करोड़ रुपया का नुक़सान किया है ! इसका सबसे ज़्यादा नुक़सान पेंशनधारियों को हो रहा है , जो अपनी आवाज़ उठाने असमर्थ है !

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ट्रक ने मारी जोरदार टक्कर, 1 की मौत 2 घायल

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के अंजोरा थाना क्षेत्र का मामला है। रसमड़ा इलाके में बाइक सवार तीन युवकों को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने 27 वर्षीय प्रकाश निषाद निवासी रसमड़ा को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि प्रकाश अपने दो दोस्तों के साथ पुलगांव से रसमड़ा लौट रहा था। सिलोदा के पास बाइक सवार तीनों दोस्तों को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी

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मुख्यमंत्री ने दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में उन्होंने कहा है कि रोशनी का त्यौहार दीपावली सबके जीवन और घर-आंगन को खुशियों और सुख-समृद्धि से आलोकित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे जीवन में त्यौहारों से नई उमंग और स्फूर्ति आती है। धनतेरस से लेकर भाई-दूज तक 5 दिनों के दौरान आपसी मेल-जोल से परस्पर स्नेह की जड़ें और गहरी तथा मजबूत बनती है। धार्मिक आस्था के साथ त्यौहार हमारी परम्परा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। इस दीपावली में हम स्नेह का दीपक जलाएं, जिसका प्रकाश हमारे जीवन में हमेशा बना रहे।

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राज्यपाल उइके ने दीपावली की शुभकामनाएं दी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने दीपावली के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर समस्त नागरिकों के मंगलमय जीवन और सुख-समृद्धि की कामना की है।

राज्यपाल ने दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली हमारी समृद्ध वैभवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है। दो वर्षों के कठिन समय के बाद इस वर्ष लोग उल्लास के साथ दीपावली मना रहे हैं। इस पावन अवसर पर मेरी कामना है कि आगे भी हम इसी उत्साह और उमंग के साथ अपने सभी त्यौहार मनायेंगे। राज्यपाल ने गोवर्धन पूजा और भाई दूज की भी शुभकामनाएं दी और कहा कि आप सभी अपने स्नेहजनों के साथ यह त्यौहार मनायें और खुशिया बांटे।

इस अवसर पर राज्यपाल ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों को भी दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली के इस पावन पर्व में अपने परिवार का त्याग कर जवान देश की रक्षा का अपना दायित्व निभा रहे हैं। मैं उन जांबाज प्रहरियों के हौसले को सलाम करती हूं। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव में हमें उत्सव के साथ-साथ देश के प्रति अपने कर्तव्य को नहीं भूलना चाहिए। हम उत्सव मनायें, लेकिन अपने परिवेश की स्वच्छता का भी ध्यान रखें। प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप ही आतिशबाजी करें और सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

 

 

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आयुर्वेद को अपने जीवन में अपनाएं : शिशुपाल शोरी

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सातवां आयुर्वेद दिवस के अवसर पर रविवार को आयुष पॉलीक्लीनिक कांकेर में जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। हर दिन हर घर आयुर्वेद के विषय पर कार्यशाला एवं प्रदर्शनीय भी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव एवं विधायक शिशुपाल शोरी थे तथा अध्यक्षता नगर पलिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्रीमती सरोज जितेन्द्र ठाकुर द्वारा की गई एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मांझापारा के पार्षद श्रीमती आरती श्रीवास्तव मौजूद थी।    


जिला स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के अवसर पर अयोजित समारोह को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव शिशुपाल शोरी ने कहा कि आयुर्वेद हमारे जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा है, समय पर खाना, सोना और उठना, खान-पान की समाग्री, योगा इत्यादि से आयुर्वेद जुड़ा हुआ है। पहले आदमी का जीवनकाल सौ वर्ष का होता था, इसका मूल मंत्र आयुर्वेद है। आयुर्वेद हमें स्वस्थ्य जीवन का रास्ता बताता है। आयुर्वेद चिकित्सा शिविर आयोजित करने पर विभाग के डॉक्टरों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि बीमार लोगों का अच्छा उपचार हो, जिससे वे अपने को निरोग महसूस करें। लोगों का सेवाभाव से ईलाज करने के लिए भी उनके द्वारा समझाईश दिया गया।  



कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका परिषद कांकेर अध्यक्ष श्रीमती सरोज जितेन्द्र ठाकुर ने कहा कि निरोगी रहने के लिए सभी व्यक्ति आयुर्वेद को अपनाएं, यह हमारे भारतीय जीवन पद्धति का हिस्सा है। निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर आयोजित करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि शिविर में अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। विशिष्ट अतिथि पार्षद श्रीमती आरती श्रीवास्तव ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने पर जोर देते हुए कहा कि यह हम सब के लिए बहुत फायदेमंद है। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. किरण तिग्गा द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के संबंध में विस्तार से जानकारी दिया गया।

जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर में आयुर्वेद के 192, होम्योपैथी के 187 एवं युनानी के 79 मरीजों का उपचार किया गया। शिविर में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ एस.एच.विनोद, डॉ ओ.पी.अग्रवाल, डॉ आर.एन.तम्बोली , डॉ ज्योतिबाला हुमने, डॉ कांता नेताम, डॉ तेजकांत सोनकर, डॉ राहुल ठाकुर द्वारा मरीजों का उपचार किया गया। नंदकुमार सोनलोई, श्रीमती गायत्री दीखित, अभिजीत भक्त, हरिचन्द कोमरा, मनोज कुमार यादव, युवराज जैन, कंचन कोर्राम, राकेश साहू, गेंदलाल दुग्गा, परमेश कचलाम, तृष्णा साहू,भुनेश्वरी गनवीर निकेश उसेंडी, रंजीता सलाम,ईश्वरी शोरी इत्यादि के द्वारा सहयोग किया गया।

 

 

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खाद्य मंत्री ने जोन स्तरीय प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को किया सम्मानित

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने रविवार को बड़ादमाली में छत्तीसगढ़िया  ओलम्पिक के जोन स्तरीय प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न्न खेल विधाओं के विजेता खिलाड़ियों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही हितग्राहियों को राशन कार्ड व चेक का भी वितरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भगत ने कहा कि छत्तीगढ़िया ओलम्पिक गांव -गांव में खेले जाने वाले पुरातन खेलों को नवजीवन देने का काम कर रहा है। लोगों को पारंपरिक खेलो में भाग लेने का मंच दे रहा है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के जरिये खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर भाग लेने का मौका मिलेगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के लिए अनेक योजनाएं लागू की है ताकि सभी योजनाओं से लाभान्वित हो। आगामी 1 नवम्बर से राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के अनेक प्रान्त के आदिवासी अपनी लोक कला का प्रदर्शन करेंगे।

बताया गया कि जोन स्तरीय स्पर्धा में बड़ादमाली पंचायत सहित 8 ग्राम पंचायतों के प्रतिभागी शामिल थे जो राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर विजयी हुए थे। जोन स्तर के बाद विकासखण्ड स्तर पर छत्तीसगढ़िया ओलाम्पिक का आयोजन होगा।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य, प्रतिभागी खिलाड़ी व खेल प्रेमी उपस्थित थे ।

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दीवाली पर पटाखे जलाते समय रखें सावधानी, लापरवाही पड़ सकती है महंगी...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रोशनी के त्योहार दीवाली पर पटाखों की रौनक न दिखे तो त्योहार अधूरा सा लगता है। बच्चों के साथ बड़ों को भी दीपावली में फूलझड़ी और पटाखें जलाने में बेहद आनंद आता है। पटाखें जलाते समय बच्चों का खास ध्यान रखना जरूरी है। असावधानीवश कई बार पटाखों और फूलझड़ी से बच्चों के हाथ जल जाते हैं। अगर जली हुई जगह का तुंरत उपचार नहीं किया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है। दीवाली के दिन अगर आप भी पटाखें और फुलझड़ी जला रहे हैं तो सावधानी के साथ जलाएं। लापरवाही या दुर्घटनावश अगर किसी का हाथ जल जाए तो तुरंत घर में ही प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर के पास जाएं।

शरीर के किसी अंग के जलने पर इसका दो तरह का प्रभाव होता है। सुपरफिशल बर्न में जलने के बाद छाला हो जाता है, जबकि डीप बर्न में शरीर का जला हिस्सा सुन्न हो जाता है। अगर जले हुए हिस्से पर दर्द या जलन हो रही है तो इसका मतलब हालत गंभीर नहीं है। ऐसे में जले हुए हिस्से को पानी की धार के नीचे तब तक रखें जब तक जलन कम न हो जाए। इससे न सिर्फ दर्द कम होगा, बल्कि छाले भी नहीं होंगे। जले हुए हिस्से पर बरनॉल न लगाएं, बल्कि उस पर ऑलिव आइल लगाएं। इसके बाद भी अगर लगातार जलन या दर्द हो रहा हो तो तुरंत बिना देरी के डॉक्टर के पास जाएं।

अक्सर देखा जाता है कि लोग जल जाने के बाद बरनॉल, टूथपेस्ट, नीली दवा आदि लगा लेते हैं। इससे उस वक्त तो जलन खत्म हो जाती है, लेकिन ये सब लगाने से जला हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है जिससे डॉक्टर को पता नहीं चल पाता कि जला हुआ हिस्सा कैसा है? जले हुए हिस्से को कम से कम 15 मिनट तक या जब तक कि जलन बंद न हो जाए, ठंडे पानी में रखना चाहिए। यदि घायल हिस्से को पानी के नीचे लाना कठिन हो, तो साफ, मुलायम कपड़े को ठंडे पानी मे भिगोएं और घायल हिस्से पर इसे रखें, लेकिन रगड़ें नहीं। इससे शरीर के ऊतकों की गर्मी को बाहर करने में मदद मिलेगी। ऐसा करने से आगे और नुकसान नहीं होगा और यह दर्द को भी कम करेगा। दीवाली हर्षोल्लास का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही से आपकी खुशियों पर ग्रहण लग सकता है। इसलिए सुरक्षित ढंग से यह त्योहार मनाएं।

दीवाली पर पटाखे जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान

हमेशा खुले मैदान या खुले स्थान पर ही पटाखे जलाएं। पटाखा जलाने से पहले आसपास देख लें कि कोई आग फैलाने वाली या फौरन आग पकड़ने वाली वस्तु तो वहां नहीं है। जितनी दूर तक पटाखे की चिंगारी जा सकती है, उतनी दूरी तक छोटे बच्चों को न आने दें। पटाखा जलाने के लिए अगरबत्ती या लकड़ी का इस्तेमाल करें ताकि पटाखे से आपके हाथ दूर रहें और जलने का खतरा न हो। रॉकेट जैसे पटाखे जलाते वक्त यह देख लें कि उसकी नोक खिड़की, दरवाजे या किसी खुली बिल्डिंग की तरफ न हो। यह दुर्घटना का कारण बन सकता है। पटाखे जलाते वक्त पैरों में जूते-चप्पल जरूर पहनें। अकेले पटाखे जलाने के बजाय सबके साथ मिलकर पटाखे जलाएं जिससे आपात स्थिति में लोग आपकी मदद कर सकें।

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भूपेश ने रमन को दी दीपावली की शुभकामनाएं, भिजवाया तोहफा...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीपावली के पावन पर्व के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित जनप्रतिनिधियों व अन्य लोगों को शुभकामना पत्र सहित राज्य के गौठानों, रूरल इंस्ट्रियल पार्क तथा आजीविका मिशन बिहान की ग्रामीण स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ियों उत्पादों का उपहार भेजा है।

मुख्यमंत्री भेजे गए दीवाली के उपहार पैक में सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक बेलमेटल कछुआ, मिट्टी के दीये सहित काजू, रोज मसाला ब्लैक टी, इम्यूनिटी बुस्टर मसाला ब्लैक टी, डेटॉक्स ब्लैक टी, प्राकृतिक शहद, हर्बल टी, कोकोनट ऑयल, आर्गेनिक आचार, बेर आचार, गोबर धूपबत्ती, जैविक मसाले, तिखूर प्री-मिक्स, लेमन ग्रास ऑयल, कोदो लड्डू, मशरूम कुकीज सहित भूमगादी बस्तर द्वारा उत्पादित कोदो और कुटकी अन्य स्थानीय उत्पाद शामिल हैं।

 

 

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जिले में राज्योत्सव का एक दिवसीय कार्यक्रम 01 नवम्बर को

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आगामी एक नवम्बर को जिला स्तर पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय डॉ.शोभाराम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी के एकलव्य खेल परिसर में किया जाएगा। कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने कार्यक्रम के सुचारू सम्पादन के लिए अधिकारियों को दायित्व सौंपा है। कलेक्टोरेट से मिली जानकारी के मुताबिक पुरस्कार वितरण की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की होगी। व्ही.आई.पी. प्रोटोकॉल की व्यवस्था प्रोटोकॉल अधिकारी तथा कानून व्यवस्था, वाहन पार्किंग और यातायात व्यवस्था का दायित्व पुलिस विभाग का होगा।

इसी तरह अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी धमतरी और कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को स्टॉल आबंटन, कार्यपालन अभियंता जल प्रबंध कोड 38 रूद्री, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को स्टेज निर्माण, सजावट, बेरिकेटिंग, लेवलिंग, बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुक्त, नगरपालिक निगम धमतरी और कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल, साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी तथा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा पंडाल एवं स्थल आबंटन नक्शा अनुसार किया जाएगा। आबकारी अधिकारी को मोमेंटो, शॉल,श्रीफल, प्रमाण पत्र और खाद्य विभाग एवं आयुक्त नगरपालिक निगम धमतरी को भोजन व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया है।

मुख्य अतिथि एवं व्हीआईपी के रूकने की व्यवस्था कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग द्वारा किया जाएगा। वहीं फूलमाला, बुके तथा स्टेज के आसपास गमले की व्यवस्था सहायक संचालक, उद्यानिकी द्वारा की जाएगी। रक्षित निरीक्षक द्वारा वीआईपी के लिए वाहन की व्यवस्था और जिला परिवहन विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार बस एवं छोटे वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। अनुविभागीय अधिकारी विद्युत/यांत्रिकी लोक निर्माण विभाग को लाईट एवं साउंड सिस्टम की जिम्मेदारी दी गई है। फायर ब्रिगेड की व्यवस्था जिला सेनानी द्वारा की जाएगी।

आवश्यकतानुसार निमंत्रण कार्ड/प्रशस्ति पत्र की छपाई कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी और निमंत्रण कार्ड वितरण की जिम्मेदारी सत्कार अधिकारी और संबंधित तहसीलदार को सौंपी गई है। छात्र-छात्राओं और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की व्यवस्था और कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को लाने ले जाने की व्यवस्था सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, बाबू छोटोलाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी द्वारा की जाएगी। मंच में जलपान इत्यादि की व्यवस्था खनिज अधिकारी, चिकित्सा व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी और बिजली, पानी एवं साफ-सफाई की व्यवस्था आयुक्त, नगरपालिक निगम धमतरी द्वारा किया जाएगा।

इसी तरह सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों के ग्रुप की रूकने की व्यवस्था आयुक्त, नगरपालिक निगम, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, लोक निर्माण विभाग सर्किट हाउस लोहरसी, कम्यूनिटी हॉल नगरनिगम, हरदिया साहू समाज धमतरी और मेनोनाइट स्कूल के पांच कमरे में किया गया है।

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व्यापारी संघ ने जिले वासियों को दी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायगढ़ व्यापारी संघ ने जिले के समस्त किसान भाइयों, नागरिकों, पत्रकार बंधुओं ,उद्योगपतियों, व्यापारियों , सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, विभिन्न राजनीतिक दलों के समस्त कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों, जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों ,अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की है।

संघ के संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, महामंत्री हीरा मोटवानी ने कहा कि जगमगाते दीपों  के इस पावन पर्व पर माता लक्ष्मी की कृपा आप सभी पर बनी रहे हमारा शहर हमारा प्रदेश और हमारा  देश उत्तरोत्तर प्रगति करे।  सभी नागरिक स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें और सभी के रोजगार में बरकत हो यही हमारी शुभकामनाएं हैं। 

 

 

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रमन राज की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में अपराध कम हुये-कांग्रेस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अपराधों पर लगाम लगा है। राज्य के अपराधो को लेकर बयान देने वाले भाजपा नेताओं को राज्य के एवं देश के अन्य राज्यों के अपराधों का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिये। भाजपा एनसीआरबी के झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर लगातार दुष्प्रचार करती है। राज्य में हत्या अपहरण, महिला अपराधों, बलात्कार, अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध, अनुसूचित जाति के विरूद्ध हुये अपराधों में देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा तथा पूर्ववर्ती रमन सरकार की अपेक्षा प्रभावी कमी आई है।


एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के विरुद्ध हुए अपराधों में 17 प्रतिशत की राज्य में लूट डकैती के अपराधो में भी कमी आयी है। 2016-17-18 के तीन साल में डकैती के 214 अपराध हुये थे। कांग्रेस राज में 2019-20-21 में छत्तीसगढ़ में यह घट कर 196 तक पहुंच गयी। एनसीआरबी के आंकड़े के अनुसार छत्तीसगढ़ में पिछले तीन साल में दर्ज लूट की सभी घटनाओं के अपराधियों को पकड़ा गया है। 2019-20-21 में छत्तीसगढ़ में हत्या के अपराधों में भी गिरावट 28 प्रतिशत की कमी आयी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भादवि के अपराध में छत्तीसगढ़ देश राज्यों की रैकिंग में 17वें स्थान पर है। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा, आदि राज्य भादवि की रैकिंग में छत्तीसगढ़ से उपर है। भादवि के अपराध का राष्ट्रीय औसत प्रति लाख आबादी पर 251.2 है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रति लाख आबादी पर यह अपराध 238.2 है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। हत्या के अपराध वर्ष 2021 में राज्य में कुल 1007 है। प्रति लाख आबादी पर हत्या के अपराध की दर 3.4 है, जबकि झारखंड में यह औसत 4.1, हरियाणा में 3.8, असम में 3.4 है। राज्य में हत्या के संगठित अपराध नहीं हुये है।

अपितु अधिकांश अपराध आपसी एवं पारिवारिक विवाद, क्षणिक उत्तेजना से घटित हुये है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 में 2681 अपहरण के अपराध घटित हुये है। राष्ट्रीय स्तर पर इस अपराध में छत्तीसगढ़ 13वें स्थान पर है। असम, उड़िसा, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान प्रति लाख आबादी में होने वाले अपहरण के अपराध छत्तीसगढ़ से अधिक है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि महिला के विरूद्ध घटित अपराध में छत्तीसगढ़ की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर 18वें स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख आबादी पर महिला के विरूद्ध घटित अपराध की दर 63.3 है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रति लाख आबादी पर महिला के विरूद्ध घटित अपराध की दर 49.8 है। तेलंगाना, मध्यप्रदेश, असम, उड़िसा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों में प्रति लाख आबादी पर घटित महिला अपराध छत्तीसगढ़ से अधिक है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 में 1093 बलात्कार के अपराध घटित हुये है। जो विगत वर्ष की तुलना में 9.6 प्रतिशत कम है। प्रति लाख आबादी में घटित होने वाले अपराध की घटनाओं में हरियाणा, असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा आदि राज्यों में उक्त अपराध की दर छत्तीसगढ़ से अधिक है।

छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा पर किये गये प्रयास का परिणाम ही है कि जहां वर्ष 2018 में प्रति लाख आबादी में घटित होने वाले बलात्कार अपराध में छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर, वर्ष 2017 में दूसरे स्थान पर था, जबकि वर्ष 2021 में इस अपराध में प्रभावी नियंत्रण होने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ 9वें स्थान पर है। इस अपराध में प्रति लाखा आबादी पर घटित होने वाले अपराधों में छत्तीसगढ़ 15वें स्थान पर है। उक्त अपराध का राष्ट्रीय औसत प्रति लाख आबादी में जहां 13.2 है, वहीं छत्तीसगढ़ में यह अपराध प्रति लाख आबादी में 8.5 है। विगत वर्ष की तुलना में उक्त अपराध में 14.5 प्रतिशत की कमी आयी है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध घटित अपराधों में प्रति लाख आबादी पर घटित होने वाले अपराध की संख्या जहां 8.6 है, वहीं छत्तीसगढ़ में प्रति लाख आबादी पर घटित होने वाले इन अपराधों की संख्या 6.5 है। प्रति लाख आबादी पर घटित होने वाले अपराध में मध्यप्रदेश, कर्नाटक, बिहार, उड़िसा, तेलंगाना, केरल आदि राज्यों में इन अपराधों की दर छत्तीसगढ़ से अधिक हैं। अनुसूचित जाति के विरूद्ध घटित अपराधों में जहां राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख आबादी पर 25.7 की दर से यह अपराध घटित हुये है, वहीं छत्तीसगढ़ में इस अपराध की दर 10.1 है।


महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में इन अपराधों की दर छत्तीसगढ़ से अधिक है। बच्चों के विरूद्ध वर्ष 2021 में छत्तीसगढ़ में 6001 अपराध घटित हुये है। छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर 11वें स्थान पर है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़िसा, राजस्थान, दिल्ली बिहार, तमिलनाडू आदि राज्यों में घटित अपराधों की संख्या छत्तीसगढ़ से अधिक है।
 
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अब तक 17 करोड़ को नौकरी का वायदा, 22 करोड़ ने आवेदन किया, दे रहे मात्र 75 हजार को नौकरी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के मात्र 252 लोगों को नियुक्ति पत्र देने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अब तक 17 करोड़ को नौकरी का वायदा था, 22 करोड़ ने आवेदन किया था, और मात्र 75 हजार को नियुक्ति पत्र दिया गया। मोदी भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है वादाखिलाफी करना भाजपा का ऐतिहासिक चरित्र बन गया है। दो करोड प्रतिवर्ष रोजगार के वादा अनुसार छत्तीसगढ़ के हिस्सा में वर्तमान में 30 लाख नियुक्ति पत्र मिलना था मोदी सरकार ने मात्र 252 नियुक्ति पत्र जारी कर छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ धोखा किया है।मोदी सरकार ने मात्र 75 हजार नियुक्ति पत्र वितरित कर बीते 8 साल से दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष मिलने का इंतजार कर रहे  करोडो युवाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने काम किया है।मोदी भाजपा ने सरकार बनने पर प्रतिवर्ष दो करोड रोजगार उपलब्ध कराने का वादा कर युवाओं से वोट बटोरा था और सत्ता मिलने के बाद युवाओं को रोजगार देना दूर की बात 23 करोड हाथों से रोजगार छीना है। बेरोजगारी के मामले में देश आज 45 साल पीछे की स्थिति में खड़ा हुआ है।मोदी भाजपा की सरकार ने लोकसभा चुनाव में किये दो करोड़ रोजगार के वादों को पूरा नही किया। वादानुसार बीते 8 साल देश के लगभग 17 करोड युवाओं को रोजगार मिलना ऐसे में 75 हजार नियुक्ति पत्र बांट कर अपनी पीठ थपथपा ने वाली मोदी सरकार को 16 करोड़ 99 लाख 25 हज़ार युवाओं को बताना चाहिए कि उनको रोजगार कब मिलेगा? 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है यहां कामकाजी उम्र के 60 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं 20 से 24 वर्ष की उम्र के 42 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं बीते 8 साल में केंद्र सरकार के पास 22 करोड़ लोगों ने नौकरी के लिए आवेदन किया बेरोजगारी की मार सबसे ज्यादा महिलाओं पर पड़ी है 26 प्रतिशत महिलाओं का लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट गिरकर 15 प्रतिशत तक आ गया है। केंद्र और राज्य सरकारों के 60लाख सरकारी पद रिक्त है इस पर नियुक्ति क्यों नहीं करवाई जा रही है? सबसे ज्यादा रोजगार सृजन करने वाले छोटे लघु मध्यम उद्योगों के लिए केंद्र सरकार के पास कोई नीति क्यों नहीं है ? निजी क्षेत्रों में निवेश बंद है केन्द्र सरकार की नीतियों पर उनको भरोसा नहीं है युवाओं को स्थाई रोजगार देने के बजाय 4 साल के ठेके पर रखकर 23 वर्ष की आयु में रिटायर करने का षड्यंत्र क्यों किया जा रहा है?

 
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