सप्ताह में दो दिवस को मनाया जाएगा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण दिवस : मंत्री सिंहदेव
अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मंगलवार को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सुंदरपुर में गर्भवती व शिशुवती माताओं व ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य उपचार व स्वच्छता के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण दिवसन कार्यक्रम को अब सप्ताह में दो दिवस मंगलवार व शुक्रवार को निर्धारित रूट चार्ट के आधार पर प्रत्येक आंगनबाडिय़ों में मनाने की बात कही ।
मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि पूर्व में यह कार्यक्रम साप्ताहिक टीकाकरण के नाम से संचालित किया जाता था। उन्होंने कार्यक्रम का नाम व उद्देश्य में परिवर्तन करते हुए इसे सप्ताह में दो दिन मनाने कहा। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता, पोषण, गर्भवती व शिशुवती माताओं का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने महिला व बाल विकास के अधिकारी को निर्देशित किया है कि गर्भवती, शिशुवती माताओं व कुपोषित बच्चों के लिए चलाए जाने वाली योजनाओं व पोषण आहारों का गुणवत्ता व नियमित रूप से लाभ दिलाएं ताकि शासन के मंशानुरूप हितग्राहियों के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार हो सके।
इसके पश्चात स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सुंदरपुर का निरीक्षण किया व सेंटर में चिकित्सकों व स्टॉफ नर्सों द्वारा मरीजों के उपचार, दवाई वितरण व स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी लेते हुए भर्ती मरीज के लिए उपलब्ध बिस्तर की भी जानकारी ली व भर्ती वार्ड में बिस्तर की कमी को दृष्टिगत रखते हुए बिस्तर की सुविधा बढ़ाने के लिए 6 बिस्तरीय वार्ड निर्माण कराने व मरीजों का गुणवत्तापूर्ण नियमित स्वास्थ्य उपचार हतु निर्देश दिए।
दस मितानिन हुए सम्मानित : मंत्री सिंहदेव की ओर से मितानिन दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत सुंदनपुर के मितानिन सुनीता यादव, रूकमणी राजवाड़े, सुंदरी गढवारी, समया एक्का, आश्रिता, फुलबसिया केरकेट्टा सहित 10 मितानिनों को साड़ी व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी.एस. सिसोदिया, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीएन राजवाड़े, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी व ग्रामीण उपस्थित थे।

