मनाही के बावजूद एक्सप्रेस-वे की किनारे बनने लगी सड़कें, जाने किसका है ये कारनामा...
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रेलवे के जमीन पर पुरानी छोटी रेल लाइन के स्थान पर बने एक्सप्रेस-वे की तरफ सड़क में आवाजाही के लिए किसी को भी अनुमित नहीं है। लेकिन आलम यह है कि इस एक्सप्रेस-वे के किनारे प्लॉटिंग शुरू हो गई है, और बाकायदा सड़कें बननी भी शुरू हो गई है। इतना ही नहीं एक कंपनी ने अपना प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है, और एक्सप्रेस-वे के बगल से भव्य इंट्री गेट की पूरी तैयारी भी हो गई है।
दरअसल पूर्व की भाजपा सरकार ने रेलवे की जमीन में एक्सप्रेस- वे बनवाया था। इसके लिए बकायदा केबिनेट में एक प्रस्ताव पास हुआ कि एक्सप्रेस-वे की तरफ सड़क में आवाजाही के लिए किसी को भी अनुमित नहीं होगी। तब वहां लोहे की बाउंड्री बनाई गई। लेकिन वर्तमान स्थिति ये है कि यहां कच्ची सड़के बननी शुरू हो गई है।
एक्सप्रेस वे के ठीक बगल में राम ग्रीन्स नाम से एक बड़ा प्रोजक्ट शुरू हुआ है। मजे की बात यह है कि इस सड़क पर आवाजाही की अनुमति लेने सैकड़ों लोगों ने आवदेन दिया था, जिन्हे अनुमति नहीं मिली, लेकिन इन्हें किसीकी कृपा से अनुमति मिली, कह नहीं सकते। इस मामले में जब हमने नगर तथा ग्राम निवेश के अपर संचालक संदीप बागड़े से बात की तो उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए वीआईपी रोड की तरफ से सड़क की अनुमति दी गई है। एक्सप्रेस-वे की पर`ओर से अनुमति नहीं दी गई है।
हैरान करने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी इस भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही है। दरअसल राजकुमार दुबे की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एक्सप्रेस-वे के किनारे की भूमि के अधिग्रहण पर स्थगन लगा दिया था। स्थगन आदेश के बाद भी यहां बेख़ौफ़ हो कर प्लॉटिंग की जा रही है, और शासकीय नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। नाले को पाटकर सड़क बनाई जा रही है।
अब बिना अनुमति इस प्रोजेक्ट के लिए एक्सप्रेस-वे से सड़क निकलवाने में किसकी कृपा है, ये तो रामा ग्रीन्स वाले ही बता सकते हैं, या फिर जिम्मेदार अधिकारी। फिलहाल अब यह देखना है कि इस अवैध कार्य पर कोई कार्रवाई होती है, या फिर बेपरवाह जिम्मेदार यहां भी अपनी आँखें मूंदे रहते हैं...

