छत्तीसगढ़

दबंगों ने दी थी पुलिस केस में फसाने की धमकी ,केस दर्ज हुआ तो एसपी ऑफिस पंहुचा पीड़ित परिवार

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अपनी नाबालिग बेटी के साथ हुई छेड़खानी की शिकायत वापस लेने के लिए दबंगों द्वारा पिता और उसके पूरे परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी मिल रही थी और दबंगों ने आज वह कर दिखाया। पीड़ित नाबालिक बच्ची की मां ने बताया कि आज उनके पति पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर दिया गया है जबकि घटना के वक्त हुआ 10 किलोमीटर दूर जिंदल में ड्यूटी पर थे। मामला रायगढ़ जिले के कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़ित महिला ने बताया की उसका पूरा परिवार, जिसमे बूढ़ी सास और 4 छोटी बच्चियां हैं.. रोज प्रातड़ित हो रहा है। अब वह आत्महया को मजबूर है। अंतिम आस लेकर एसपी ऑफिस पहुची है। 

पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में जिला पुलिस अधीक्षक को बताया कि 16 वर्षीय पुत्री के साथ अमन सोनकर नाम के गुडे द्वारा लगातार कई माह से छेड़-छाड़ की जा रही थी लेकिन लड़की डर से किसी को नहीं बता रही थी, जिससे अमन सोनकर की हिम्मत बढ़ गई व स्कूल में घुसकर मेरी नाबालिग लड़की से छेडछाड करने लगा जिसके रिपोर्ट के आधार पर अमन सोनकर के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। अमन सोनकर का पूरा परिवार गुंडा है और सैकड़ों की संख्या में एक साथ रहता है। जिनके द्वारा पहले तो मेरे पति और मुझे धमकाया गया, कि मैं और मेरे पति पाक्सो के केस में राजीनामा कर लें, जब हम लोग नहीं माने तो मेरे पति के खिलाफ झूठा प्रकरण बनवाना अमन सोनकर के परिवार वालों के द्वारा चालू कर दिया गया है।

 

इसी तरह गुरुवार सुबह 8.00 से मेरे पति जिंदल प्लांट में नौकरी कर रहे हैं, तथा जिंदल प्लांट के अंदर है, परंतु इसी समय 9.30 बजे रेलवे रनिंग रूम के पास चाकूबाजी की घटना हुई। मेरे पति संतोष पटेल के खिलाफ धारा 307 भारतीय दंड विधान का एफआईआर. दर्ज करा दिया गया है, जबकि मेरे पति अभी भी जिंदल प्लांट में हैं। घटना का वक्त 9:30 बजे था और उसके पति सुबह 8:00 बजे जिंदल प्लांट के अंदर थे। विवाद उनके भतीजे और मोहल्ले के ही रोहित राजपूत का था। लेकिन दबाव बनाने के लिए उनके पति का नाम भी इसमें डाल दिया गया। इस प्रकार पाक्सों के प्रकरण में राजीनामा करने का दबाव बनाने के लिये लगातार पुलिस मशीनरी का दुरूपयोग कर मेरे पति के खिलाफ झूठी एफआईआर. दर्ज करायी जा रही है।

 

इस बारे में रायगढ़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी, अगर जांच में आरोपी संतोष पटेल अगर मौके पर मौजूद नहीं होगा तो उसका नाम FIR से पृथक कर दिया जाएगा। अगर वह मौके पर मौजूद होगा तो आरोपी बना रहेगा।

 

 

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