विद्युत नियामक आयोग द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि 12 माह के औसत खपत के आधार पर होता है निर्धारित
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष सभी उपभोक्ताओं से उसके वार्षिक खपत की बिलिंग के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा निधि की गणना होती है। विद्युत उपभोक्ताओं से ली जाने वाली सुरक्षानिधि की राशि का पुर्ननिरीक्षण प्रतिवर्ष अक्टूबर महीने में किया जाता है। इसका आकलन पूर्ववर्ती 12 महीने के खपत के आधार पर किया जाता है। यदि निम्नदाब विद्युत उपभोक्ताओं के द्वारा जमा की गई सुरक्षा निधि की राशि में 20 प्रतिषत से अधिक वृद्धि होती है तब उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सुरक्षानिधि की राशि की मांग की जाती है।
इसी तरह उच्चदाब उपभोक्ताओं के प्रकरण में जमा की गई सुरक्षानिधि की राशि 10 हजार रूपए से अधिक होने पर अतिरिक्त सुरक्षानिधि की मांग की जाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अपने हर उपभोक्ताओं को जमा सुरक्षा निधि पर 4.25 प्रतिशत की दर से ब्याज भी प्रदान किया जाता है जो कि अपै्रल माह के बिजली बिल में प्राप्त होता है। इस वर्ष भी अक्टूबर माह के बिजली बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि जिन उपभोक्ताओं को देय है जुड़ कर आई है, जिसका भुगतान इसी माह नबंबर में किया जाना है। उपभोक्ता अपने बिल की जानकारी मोर बिजली ऐप के द्वारा भी प्राप्त कर सकते हैं।

