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सुबह-सुबह खाली पेट पीएं नारियल का पानी

 औषधीय गुणों से भरपूर नारियल का पानी आपकी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकता है। अगर आप अपनी मॉर्निंग डाइट में कोकोनट वॉटर को शामिल करते हैं, तो आप खुद को सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का शिकार बनने से बचा सकते हैं। नारियल पानी पीकर आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस कर पाएंगे। अगर आपको भी यही लगता है कि नारियल का पानी पीकर सिर्फ बॉडी को हाइड्रेशन मिलता है तो आपको अपनी इस गलतफहमी को दूर कर लेना चाहिए।

वेट लॉस में मददगार

लो कैलोरी कोकोनट वॉटर आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाने में मददगार साबित हो सकता है। नारियल का पानी पीकर आपका पेट भरा हुआ महसूस करेगा जिससे आप ओवरईटिंग करने से बच जाएंगे। इसके अलावा इम्यून सिस्मट को मजबूत बनाने के लिए भी नारियल का पानी पिया जा सकता है। नारियल का पानी पीकर आपको सिर के दर्द से भी राहत मिल सकती है।

गट हेल्थ के लिए फायदेमंद

नारियल का पानी पीकर आप अपनी गट हेल्थ को काफी  हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। एसिडिटी जैसी पेट से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने के लिए नारियल का पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नारियल का पानी पीने से आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं। किडनी की सेहत को मजबूत बनाए रखने के लिए भी नारियल का पानी फायदेमंद साबित हो सकता है।

नारियल के पानी में पाए जाने वाले तत्व

नारियल के पानी में एंटीवायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए आपको सुबह-सुबह खाली पेट नारियल पानी पीकर अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए। सुबह नारियल का पानी पीकर आप अपने आलस से छुटकारा पा सकते हैं यानी कोकोनट वॉटर पीने के बाद आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस कर पाएंगे।

 

 

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कर्मा पर्वः जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मान्यताएँ का पर्व

 कर्मा पर्व भारतीय जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मान्यताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका सीधा संबंध कृषि, पर्यावरण और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने से है। मध्य भारत के आदिवासी समाज विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के जनजातीय समुदायों द्वारा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाला यह पर्व फसल के कटाई के समय कृषि के प्रति सम्मान और समृद्धि की प्रार्थना का अवसर होता है। इस लेख में, हम कर्मा पर्व की उत्पत्ति, इसका सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व, जनजातीय परंपराओं, तथा इस पर्व को मनाने की विभिन्न विधियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

 

कर्मा पर्व की उत्पत्ति और धार्मिक मान्यताएँ
कर्मा पर्व की उत्पत्ति मुख्यत कृषि और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाजों की गहरी श्रद्धा और आस्था से जुड़ी है। ’’कमा’र्’ शब्द का तात्पर्य कर्म (परिश्रम) और कर्म (भाग्य) से है। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि मनुष्य अपने कर्मों द्वारा सफलता प्राप्त करें और साथ ही भाग्य भी उसका साथ दे। कर्मा को एक लोक देवता के रूप में पूजा जाता है, जो कृषि, फसल की वृद्धि और प्राकृतिक समृद्धि का प्रतीक होते हैं। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन जनजातीय समाज विशेष रूप से करम देवता की पूजा करता है, जिनसे वे फसलों की समृद्धि और गांव की खुशहाली की कामना करते हैं। कर्मा देवता की पूजा के दौरान गांव के बैगा (पुजारी) द्वारा कर्म राजा की कथा सुनाई जाती है, जो कर्मा पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और भी बढ़ाती है। पूजा के उपरांत करमा नृत्य का आयोजन किया जाता है, जिसमें महिलाएँ और पुरुष सामूहिक रूप से नृत्य करते हैं ।
कर्मा पर्व की शुरुआत करम वृक्ष की एक डाली को गांव के प्रमुख व्यक्ति के आँगन में गाड़कर की जाती है। इस डाली को करम देवता का प्रतीक माना जाता है और उसकी विधिवत पूजा की जाती है। महिलाएं इस पर्व की तैयारी तीजा पर्व के दिन से ही शुरू कर देती हैं। वे टोकरी में जौ, गेहूँ, मक्का, धान और अन्य फसलों के बीज बोती हैं, जिसे ’’जाईं’’ कहा जाता है। यह जाईं करमा पर्व के दिन तक विकसित हो जाता है और इसी के साथ करम देवता की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान, इस जाईं को फूलों से सजाया जाता है और उसमें एक खीरा रखकर करम देवता को अर्पित किया जाता है।  पूजा के बाद रातभर करम देवता के चारों ओर करमा नृत्य किया जाता है।  महिलाएं  गोल घेरे में श्रृंखला बनाकर नृत्य करती हैं, जबकि पुरुष गायक, वादक और नर्तक उनके बीच होते हैं।करमा नृत्य के दौरान मांदर, झाँझ, मोहरी (शहनाई) जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाता है। सूर्योदय से पहले करम देवता का विसर्जन किया जाता है, जो इस पर्व का समापन संकेत करता है।
मध्य भारत के गोंड, संथाल, मुंडा, हो जैसी जनजातियाँ कर्मा पर्व को विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। इन समुदायों में कर्मा पूजा के दौरान पारंपरिक नृत्य और गीतों का आयोजन किया जाता है। लोग रंग-बिरंगे वस्त्र पहनते हैं और सामूहिक रूप से नृत्य करते हैं। गोंड जनजाति में, करम देवता की छवि को पवित्र स्थल पर स्थापित किया जाता है और उसकी पूजा की जाती है। झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के आदिवासी समुदाय एवं अन्य समुदाय के लोग इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। छत्तीसगढ़ की बात करे तो सबसे ज्यादा सरगुजा और कोरबा संभाग बड़े हो धूमधाम से मनाते है, यहां करम देवता की पूजा फसलों की सुरक्षा और गांव की समृद्धि के लिए की जाती है । इस करमा पर्व को उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के जनजातीय समुदाय भी इस पर्व को अपने अनूठे तरीके से मनाते हैं। इन क्षेत्रों में कर्मा पर्व के दौरान पशु बलि की परंपरा है, जो समाज की धार्मिक मान्यताओं का प्रतीक है। यहां भी पारंपरिक नृत्य, गीत और विशेष भोज का आयोजन किया जाता है, जो सामूहिक एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है।


सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक एकता का संदेश देता कर्मा पर्व
कर्मा पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समाजों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग है। यह पर्व जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। सामूहिक भोज, पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से जनजातीय समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं को और उनके एकता को आज भी जीवित रखते हैं। यह पर्व समाज में सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है, जहां लोग मिल-जुलकर पर्व का आनंद लेते हैं और एक-दूसरे के साथ अपनी खुशियाँ साझा करते हैं। कर्मा पर्व के दौरान जनजातीय समाज के लोग सामूहिक रूप से अपने देवताओं और पूर्वजों की पूजा करते हैं। यह पर्व सामूहिकता, सहयोग और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक है। गांवों में इस दिन सामूहिक भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी लोग एक साथ भोजन करते हैं और आपस में प्रेम और सौहार्द की भावना का प्रसार करते हैं।

आधुनिक समय में भी कर्मा पर्व का आज भी महत्व है?
वैश्वीकरण और आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद, करमा पर्व का महत्व आज भी जनजातीय समाजों में बरकरार है। हालांकि कुछ जनजातीय समुदायों में इस पर्व की पारंपरिक विधियाँ बदल गई हैं, फिर भी लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आधुनिक युग में भी, कर्मा पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक पहचान और उनके सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने का एक साधन भी बन गया है। कर्मा पर्व का महत्व केवल धार्मिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक पुनरावलोकन का अवसर भी प्रदान करता है। यह पर्व आदिवासी समाजों को अपनी जड़ों की ओर लौटने और अपनी परंपराओं को फिर से जीवित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। विभिन्न जनजातीय समुदायों में कर्मा पर्व को मनाने की विधियाँ उनकी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक हैं।
कर्मा पर्व भारतीय जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मान्यताओं का प्रतीक है। यह पर्व कृषि, फसलों और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाजों की गहरी श्रद्धा और आस्था को दर्शाता है। यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह जनजातीय समाजों की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक जीवन का भी एक अभिन्न हिस्सा है। सामूहिक नृत्य, गीत और पूजा-अर्चना के माध्यम से जनजातीय समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं और अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं।

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अबू धाबी से पहले मुम्बई में दिखे आईफा फेस्टिवल 2024 के खूबसूरत रंग

 इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (आईफा) अवॉर्ड्स का हस्तियों के साथ ही फैंस एवं दर्शकों को पूरे साल बेसब्री से इंतज़ार रहता है, जो कि कुछ ही दिनों में खत्म होने को है। भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और शानदार जश्न, आईफा अवॉर्ड्स 27 से 29 सितंबर तक अबू धाबी के यास आइलैंड के एतिहाद एरिना में आयोजित होने जा रहा है। यह तीसरी बार है, जब एंटरटेनमेंट का हब माने जाने वाले आइफा यह आयोजन यास आइलैंड में होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित आईफा अवॉर्ड्स का आयोजन अबू धाबी की संस्कृति व पर्यटन विभाग और अबू धाबी में एक से बढ़कर एक डेस्टिनेशन के अनुभव प्रदान कराने‌ के लिए लोकप्रिय ब्रांड मिरल के सहयोग से किया जा रहा है।
 
आईफा फेस्टिवल की शुरुआत मुम्बई में एक जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई, जिसमें शाहरुख़ ख़ान और करण जौहर की जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा। इन दोनों स्टार्स के साथ-साथ सिद्धांत चतुर्वेदी और अभिषेक बनर्जी भी इस मौके पर मौजूद थे। राणा दग्गुबती और संगीतकार एहसान नूरानी ने भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी छाप छोड़ी।
 
27 सितंबर से शुरू होने वाला यह फेस्टिवल दक्षिण भारतीय फिल्मों, जैसे कि तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा की विविधता को भी बड़े पैमाने पर पेश करेगा। 28 सितंबर को आईफा अवॉर्ड्स का मुख्य समारोह होगा, जिसे शाहरुख खान, करण जौहर और विक्की कौशल होस्ट करेंगे। इसी दिन शाहिद कपूर, विक्की कौशल, जाह्नवी कपूर और कृति सैनन की एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंसेस से रात भर रंग जमने वाला है। वहीं, 29 सितंबर को आईफा रॉक्स के साथ यह फेस्टिवल खत्म होगा, जो सिर्फ आमंत्रित मेहमानों के लिए होगा। इस महोत्सव में दुनियाभर के सितारे, मीडिया, और फैन्स शामिल होंगे, जो एक अद्भुत अनुभव का हिस्सा बनेंगे।


 
आईफा के फाउंडर आंद्रे टिमिन्स ने बताया, "आईफा का 25वाँ साल काफी खास होने वाला है। इस बार हम आईफा की भव्यता और वैभव को नए मुकाम पर ले जाएँगे। यास आइलैंड का शानदार आतिथ्य और सौंदर्य इसे एक अंतर्राष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित करता है।"


 
मिरल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर तागरिद अलसईद ने बताया, "हम यास आइलैंड में इस बार के फेस्टिवल को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह आयोजन भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक उत्कर्ष का आदर्श उदाहरण पेश करेगा।"


 
आईफा फेस्टिवल 2024 की खासियत यह है कि यह हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बीच की सभी सीमाओं को मिटाते हुए एक अद्भुत सिनेमाई अनुभव पेश करेगा। 27 सितंबर को आईफा उत्सवम 2024, 28 सितंबर को आईफा अवॉर्ड्स और 29 सितंबर को आईफा रॉक्स की महफिल सजेगी। वहीं, शाहरुख खान, करण जौहर, विक्की कौशल, सिद्धांत चतुर्वेदी और अभिषेक बनर्जी आईफा 2024 के मुख्य होस्ट्स तथा शाहिद कपूर, विक्की कौशल, जाह्नवी कपूर, कृति सैनन, प्रभु देवा, और रॉकस्टार डीएसपी परफॉर्मर्स के रूप में शामिल होंगे। इस प्रकार, यह फेस्टिवल भारतीय सिनेमा की शानदार यात्रा का एक बड़ा हिस्सा बनने जा रहा है।

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एक्शन-कॉमेडी के बाद अब हॉरर का तड़का लगाएंगे अक्षय...

 बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार आज 9 सितंबर को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर फैंस को खास तोहफा मिला है। उनकी अगली फिल्म का एलान हो गया है। अक्षय की पिछली कई फिल्में फ्लॉप रही हैं। न एक्शन का दम दिखा न कॉमेडी काम आई। अब आगामी फिल्म में उन्होंने हॉरर पर दाव खेला है। इस फिल्म के फर्स्ट लुक के साथ टाइटल का भी एलान हो गया है। इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं और करीब डेढ़ दशक बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन इस फिल्म के जरिए साथ काम कर रहे हैं।


अक्षय कुमार की आगामी फिल्म का नाम 'भूत बंगला' है। एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है और साथ ही वीडियो है। इसमें वे दूध से भरा कटोरा हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। एक्टर के कंधे पर काली बिल्ली सवार है। खिलाड़ी कुमार की यह फिल्म अगले साल यानी 2025 में रिलीज होगी।

अक्षय कुमार ने इसके साथ लिखा है, 'वर्षों से जन्मदिन पर आप सभी से मिल रहीं शुभकामनाओं के लिए तहेदिल से शुक्रिया! इस साल इस खास दिन का जश्न 'भूत बंगला' के फर्स्ट लुक के साथ मनाया जा रहा है। करीब 14 साल बाद प्रियदर्शन के साथ जुड़ते हुए मैं बेहद उत्साहित हूं। यह एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका आना काफी वक्त से बाकी था। इस शानदार यात्रा को आप सभी के साथ साझा करने के लिए बहुत बेकरारी से इंतजार है। कुछ जादुई होने वाला है'।

एकता कपूर इस फिल्म का निर्माण कर रही हैं। फिल्म की कहानी काले जादू पर आधारित बताई जा रही हैं। अक्षय ने बताया कि यह फिल्म अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अक्षय की इस पोस्ट पर यूजर्स के दिलचस्प कमेंट आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'आखिर 14 साल बाद दो शानदार लोग साथ जो आ रहे हैं तो कुछ कमाल तो होने वाला है'। एक यूजर ने लिखा, 'हॉरर में आपका अंदाज देखे वाला होगा'। एक यूजर ने लिखा, 'कॉमेडी, एक्शन किंग और लव गुरू, अब हॉरर में दम दिखाएंगे'।

मालूम हो कि इस साल अक्षय कुमार की फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' रिलीज हुई। इसमें वे टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आए। लेकिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म औंधे मुंह गिरी। इसके बाद उनकी फिल्म 'सिरफिरा' आई वह भी बेदम रही। इन दिनों वे 'खेल खेल में' को लेकर चर्चा में हैं, जो बीते महीने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आई थी, लेकिन इसे भी दर्शक नहीं मिले। अब देखना होगा कि हॉरर में खिलाड़ी क्या कमाल करते हैं।

 

 

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दीपिका पादुकोण ने बेटी को दिया जन्म, पापा बने रणवीर सिंह

 बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण मां बन गई हैं। रविवार को उन्होंने नन्ही परी को जन्म दिया। जैसे ही यह खबर सामने आई, फैंस झूम उठे। दीपिका और रणवीर को सोशल मीडिया पर बधाई दी जा रही है। फैंस का कहना है कि गणेश चतुर्थी के अगले दिन रणवीर के घर लक्ष्मी आई है।

दीपिका को 7 सितंबर को शाम करीब 5 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक्ट्रेस को उनकी मां उज्जला पादुकोण के साथ मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल ले जाया गया था।

शनिवार को अस्पताल जाते समय के एक्ट्रेस के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इससे दो दिन पहले दीपिका और रणवीर ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन किए थे।

बता दें, दीपिका और रणवीर की शादी साल 2018 में हुई थी। दोनों ने इटली के लेक कोमो में भव्य समारोह में शादी रचाई थी। समारोह में रणवीर और दीपिका, दोनों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली थी। पहले दक्षिण भारतीय रीति-रिवाज से शादी हुई थी, जिसके बाद आनंद कारज समारोह हुआ था।

फैंस को अगली फिल्म का इंतजार

इस बीच, फैंस को दीपिका और रणवीर की अगली फिल्म का भी बेसब्री से इंतजार है। दोनों फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में साथ नजर आएंगे। कहा जा रहा है कि फिल्म में दीपिका लेडी सिंघम के रूप में नजर आएंगी, जबकि जबकि रणवीर एक कैमियो में नजर आएंगे।

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थलापति विजय की फिल्म ने मचाया तहलका

 साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म 'द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम' 5 सितंबर, 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। एक्शन ड्रामा GOAT इस साल की मच अवेटेड फिल्मों में से एक थी। GOAT को प्रशंसकों और फिल्म क्रिटिक्स से बहुत ही शानदार और धमाकेदार रिव्यू मिल रहे हैं, X (ट्विटर) पर फिल्म की खूब तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म ने तहलका मचा दिया है। अगर आप भी अभिनेता विजय के फैन हैं तो इस हफ्ते GOAT देखना बिल्कुल मिस न करें। यहां देखें फिल्म को ट्विटर पर कैसे रिव्यू मिल रहे है।

 

एक X यूजर ने फिल्म को 'बॉक्स ऑफिस धमाका' कहते हुए दावा किया है कि फिल्म पहले दिन 100-120 करोड़ रुपए की कमाई कर लेगी।

 

 

एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप लोगों को #TheGreatestOfAllTime देखने से पहले कोई फिल्म देखने की जरूरत नहीं है, बस आएं और मजे करें!! इस फिल्म में सब कुछ एक साथ देखने को मिलने वाला है!!! चलिए सिनेमाघरों में #थलपथी की फिल्म रिलीज का जश्न मनाते हैं!! #GOAT आ गई है!!!'

 

 

आर्यन विश्नोई नाम के यूजर ने फिल्म के पहले और दूसरे हाफ की तारीफ की और इसे 'ब्लॉकबस्टर' बताया। यूजर ने लिखा, 'इसे जरूर देखें, इससे ज्यादा किसी फिल्म को देख मुझे इतनी खुशी नहीं हुई है।'

 

 

GOAT की टीम को बधाई देते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा, '@vp_offl इस साल आपकी फिल्म #GOAT साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर होने वाली है... द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचेगी @archanakalpathi प्रोडक्शन टीम को धन्यवाद।'

 

 

थिएटर के अंदर की एक तस्वीर शेयर करते हुए एक यूजर ने दिखाया कि कैसे प्रशंसक स्क्रीन के सामने खड़े होकर गाने पर डांस कर रहे हैं।

 

 

थलपति विजय के एक फैन पेज पर देखने को मिलेगा कि कैसे एक थिएटर के बाहर भीड़ अभिनेता की नई फिल्म देखने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही है।

 

 

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तीव्र गरज और गाज (आकाशीय बिजली) से बचने के लिए क्या करें (Do's) और क्या ना करें (Don'ts)

यदि आप घर/कार्यस्थल पर हैं


क्या करें
अधेरे आसमान के बदलते रंग और बढ़ती हवा के वेग पर नजर रखें, यदि आप गड़गड़ाहट सुनते हैं तो सावधान रहें आकाशीय बिजली (गाज) के संर्पक में आने से बचें। अद्यतन निर्देशो के लिए स्थानीय मीडिया पर निगरानी रखे। घर के अंदर रहे और यदि संभव हो तो यात्रा से बचे। खिड़कियां और दरवाजे बंद करें, और अपने घर के बाहर की वस्तुओं को सुरक्षित करें (जैसे फर्नीचर, डिब्बे, आदि)सुनिश्चित करें कि बच्चे और पालतू जानवर अंदर हैं। अनावश्यक बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें। पेड की लकड़ी या किसी भी अन्य मलबे को हटा दें जो दुर्घटना का कारण बनः सकता है।

क्या ना करें (Don'ts)
स्नान या शॉवर लेने से बचें और बहते पानी से दूर रहें। ऐसा इसलिए है क्योंकि धातु के पाइप के साथ आकाशीय विजली (गाज) प्रवाहित हो सकती है।दरवाजे, खिडकियां, फायरप्लेस, स्टोव या किसी अन्य विद्युत कंडक्टर से दूर रखे। कॉर्डेड फोन और अन्य बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचे जो बिजली का संचालन कर सकते हैं।

यदि आप घर के बाहर (खुले मैदान)में हैं
तुरंत सुरक्षित आश्रय पर जाएं धातु संरचना/धातु की चादर के साथ निर्माण जैसे आश्रय से बचें। आदर्श रूप से,एक निचले क्षेत्र में आश्रय खोजे और सुनिश्चित करें कि चुना गया स्थान बाढ़ की संभावना से परे हो। अपने आप को एक छोटा बनाने के लिए पैरों को एक साथ रखें और सिर नीचे रखें। आपकी गर्दन को पीछे खड़े बाल संकेत कर सकते हैं कि आकाशीय बिजली (गाज) निकटस्थ है। जमीन पर सपाट खड़े न रहें। यह एक बड़ा लक्ष्य बना देगा। सभी उपयोगिता लाइनों (फोन,पावर, आदि), धातु की बाडी, पेड़ और पहाड़ी से दूर रहें। इन आचरण विद्युत के रूप में पेड़ो के नीचे शरण न लें। रबर सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं।

यदि आप यात्रा/सफर/रास्ते पर हैं
साइकिल, मोटरसाइकिल या वाहनों से दूर रहें जो आकाशीय बिजली (गाज) को आकर्षित कर सकते हैं। सुरक्षित आश्रय प्राप्त करें। यदि नौका विहार या तैराकी कर रहे हो, तो जितनी जल्दी हो सके उतरें और सुरक्षित शरण ले। तूफान के दौरान, अपने वाहन में तब तक रहे जब तक कि मदद नहीं आती है या तूफान गुजर नहीं जाता है (धातु की छत सुरक्षा प्रदान करती है यदि आप अंदर की धातु को नहीं छू रहे हैं)। वाहन की खिड़कियां बंद होनी चाहिए और पेडों/बिजली लाइनों से वाहन दूर पार्क करे।

इलाज
ऐसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं जो आकाशीय बिजली (गाज गिरने से चोटिल हुआ हो,हो सके तो  प्राथमिक उपचार दें। आकाशीय बिजली (गाज) की चपेट में आने वाले लोगों को कोई विद्युत आवेश नहीं होता है और उन्हें सुरक्षित रूप से संभाला जा सकता है।
टूटी हुई हड्डियों, सुनने और आंखों की रोशनी कम होने की जाँच करें। आकाशीय बिजली (गाज) का शिकार व्यक्ति अलग-अलग डिग्री तक जल सकता है, प्रभावित शारीरीक स्थान चोट की जाँच करें।
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चाय को बार-बार गर्म करना हो सकता है आपकी सेहत पर भारी

 चाय बनाते समय होने वाली छोटी-मोटी लापरवाही आपकी हेल्थ को काफी हद तक डैमेज कर सकती हैं इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अगर आप दूध वाली चाय बना रहे हैं तो आपको इसमें दूध डालने के बाद 2 से 3 मिनट से ज्यादा बॉइल करने से बचना चाहिए। अगर चाय में डाला जाने वाला दूध पहले से गर्म है तो आप बॉइल करने के समय को थोड़ा सा और कम कर सकते हैं। अगर आप तीन मिनट से ज्यादा दूध वाली चाय को बॉइल करेंगे तो आपकी चाय का टेस्ट कड़वा हो सकता है।

 

दूध वाली चाय को ज्यादा देर तक उबालने की वजह से आपकी गट हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। ज्यादा देर तक उबाली गई चाय पीने से आपको एसिडिटी, पेट में दर्द और कब्ज जैसी पेट से जुड़ी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चाय को तीन मिनट से ज्यादा देर तक उबालने की वजह से इसमें मौजूद पोषक तत्व भी खत्म हो सकते हैं।

 

आपको चाय सर्व करने के थोड़ी देर के अंदर ही चाय को पी लेना चाहिए। कुछ लोगों की चाय जब ठंडी हो जाती है, तो वो उसे दोबारा गर्म करके पी लेते हैं। लेकिन चाय को बार-बार गर्म करने की आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस तरह चाय को बार-बार गर्म कर पीने की वजह से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा चाय को दोबारा गर्म करने से उसके टेस्ट में भी बदलाव आ सकता है इसलिए चाय को सर्व करके एक ही बार में पी लेना चाहिए।

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गंदे से गंदे बर्तन चायपत्ती से होंगे चकाचक साफ

 रोजाना घर की कितनी सफाई कर लें। लेकिन कहीं ना कहीं कमी रह ही जाती है। वहीं किचन की सफाई में कुछ ना कुछ रहता ही है। अब रसोई घर की कुछ चीजें साफ करने के लिए हम आपके लिए जबरदस्त ट्रिक लेकर आए आइए जानते हैं।

ज्यादातर लोग चायपत्ती का इस्तेमाल टेस्टी चाय पीने या फिर खाद के तौर पर किया होगा। वहीं, कई लोग हैं चायपत्ती को बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन यह अब कचरा नहीं रहा। इसका इस्तेमाल आप साफ-सफाई में कर सकते हैं। चाय बनाने के बाद आप इसका रियूज कर सकते हैं। इसे आप किचन के सामान की क्लीनिंग के लिए कर सकते हैं।

प्लास्टिक के डिब्बे क्लीन करें

किचन में रखें प्लास्टिक के डिब्बों में चिकनाई लग जाती है, इसे क्लीन करने के लिए आप बची हुए चायपत्ती को प्रायोग कर सकते हैं। डिब्बे साफ करने के लिए सबसे पहले बची हुई चायपत्ती को एक बर्तन पानी में डालकर उबाल लीजिए। इस घोल से डिब्बों को स्पंज की मदद से रगड़कर साफ कर लें।

कांच के बर्तन साफ करें

बची हुई चायपत्ती और लिक्विड डिशवॉश के घोल से आप कांच के बर्तनों के दाग और चिकनाई को हटा सकते हैं। इसके साथ ही घर के कांच भी साफ कर सकते हैं। क्लीनिंग के लिए बर्तनों पर इस घोल को लगाकर साफ कपड़े के मदद से हल्के हाथों से रब करें। फिर इसे आप साफ पानी से धो ले। इससे कांच एक दम चमक जाएगा।

किचन की सिंक करें क्लीन

सिंक की सफाई के लिए आपको एक बर्तन में एक कप में एक चम्मच चाय पत्ती, 2 चम्मच डिटर्जेंट पाउडर या जेल, 2 चम्मच बाथरूम क्लीनर और 2 चम्मच कास्टिक सोडा डालकर उबाल लीजिए। इसे छन्नी से छानने के बाद सिंक के ऊपर अच्छी तक ब्रश की मदद से फैला दीजिए। 15 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें इसके बाद रगड़कर साफ कर लें।

 

 

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भरवा करेला बनाते समय इन टिप्स को करें फॉलो

 करेले का नाम सुनकर अधिकतर लोग टेढ़े-मेढ़े मुंह बनाते हैं। यह सच है कि करेला कड़वा होता है और इसलिए लोग इसे खाने से बचते हैं। जबकि इसे वास्तव में सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। अगर आप करेले को एक टेस्टी तरीके से खाने का मन बना रहे हैं तो ऐसे में भरवा करेला बनाना अच्छा विचार हो सकता है। आप इसे अपनी थाली में साइड डिश के रूप में शामिल कर सकते हैं। वहीं, कुछ लोग तो सिर्फ भरवा करेले से भी रोटी खाना काफी पसंद करते हैं। अगर आप भी घर पर टेस्टी भरवा करेला बनाना चाहते हैं तो ऐसे में कुछ छोटे-छोटे टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

सही करेले का चयन

भरवा करेले का टेस्ट काफी अच्छा आए, इसके लिए सबसे पहला और जरूरी स्टेप है कि आप सही करेले का चयन करें। भरवा करेले बनाने के लिए आप हमेशा मीडियम साइज के सख्त और कम दाग वाले ताजे करेले चुनें। ताजे करेले का टेक्सचर अच्छा होता है और कड़वाहट कम होती है, जिससे यह अधिक टेस्टी बनता है।  

कड़वाहट करें कम

करेले में अगर कड़वाहट हो तो पूरा स्वाद ही खराब हो जाता है। इसलिए, करेले की कड़वाहट को कम करने के लिए खुरदुरे छिलके को हल्के से खुरचें और करेले को नमक वाले पानी में लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक भिगोएँ। भिगोने के बाद उन्हें धीरे से निचोड़ें। नमक और भिगोने से कड़वाहट कुछ हद तक कम हो जाती है, जिससे करेले ज़्यादा स्वादिष्ट बनते हैं।

सही तरह से पकाएं

भरवा करेलों को हमेशा मध्यम आंच पर शैलो फ्राई करें। आप इसे तब तक तलें जब तक वे समान रूप से भूरे न हो जाएं। इसके बाद आप इन्हें ढककर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक वे नरम न हो जाएं। अगर आप चाहें तो भरवा करेलों को ओवन में भी बेक कर सकते हैं। करेले को शैलो फ्राई करने से करेले बाहर से कुरकुरे लगते हैं, जबकि ढककर धीमी आंच पर पकाने से वे पूरी तरह पक जाते हैं और सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिक्स हो जाते हैं।

 

 

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भोजपुरी एक्ट्रेसेस ने अपनी खूबसूरती के दम पर दूसरी इंडस्ट्री में भी मचाया धमाल

 बीते कई सालों से भोजपुरी इंडस्ट्री का लोगों में काफी ज्यादा क्रेज देखने को मिला है। सबसे ज्यादा भोजपुरी इंडस्ट्री की एक्ट्रेसेस आए दिन सुर्खियां बटोरती रहती हैं। लोग भी इन्हें जमकर पसंद करते हैं। फिल्मों के साथ-साथ ये एक्ट्रेसेस सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं।


आज हम आपके लिए ऐसी एक्ट्रेसेस लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत भोजपुरी इंडस्ट्री से की, लेकिन वे आज हर इंडस्ट्री में फेमस है। इनके गाने रिलीज होते ही वायरल हो जाते हैं। आइए, जानते हैं कि वे एक्ट्रेस कौन सी हैं।
नम्रता मल्ला

भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे हाॅट एक्ट्रेस मानी जाने वाली नम्रता मल्ला अपनी हॉटनेस और बोल्डनेस के लिए सबसे ज्यादा में रहती हैं। वे अपने गानों में बोल्ड सीन देने के साथ-साथ अपने सोशल मीडिया पर भी हाॅट फोटोज शेयर करती हैं। नम्रता को सोशल मीडिया पर भी खूब पसंद किया जाता है।
अक्षरा सिंह

अक्षरा सिंह भी भोजपुरी इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस मानी जाती हैं। उन्हें इस इंडस्ट्री की नगीना कहा जाता है, क्योंकि वे काफी टैलेंटेड और खूबसूरत हैं। वे अपने भोजपुरी गानों से आग लगा देती हैं। इतना ही नहीं, फैंस भी उनके गानों को खूब पसंद करते हैं।

आम्रपाली दुबे

भोजपुरी इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में आम्रपाली दुबे का नाम न आए, ऐसा नहीं हो सकता। आम्रपाली दुबे के गाने भी काफी फेमस होते हैं। उनके हर गाने पर मिलियन व्यूज आते हैं। वे इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं। अपनी हाॅट और बोल्ड अदाओं से वे लोगों का दिल जीतती रहती हैं।

काजल राघवानी

काजल राघवानी एक ऐसी एक्ट्रेस हैं, जो अपनी सादगी के साथ-साथ अपनी बोल्डनेस के लिए भी खूब फेमस हैं। इंडस्ट्री में पवन सिंह और उनकी जोड़ी खूब पसंद किया जाता है। काजल 16 साल की उम्र से ही इंडस्ट्री का हिस्सा है और अभी तक वे जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं।

मोनालिसा

भोजपुरी इंडस्ट्री की क्वीन कहलाने वाली मोनालिसा की हर अदा पर फैंस फिदा है। उनकी फिल्में और गानों को अलग रख दिया जाए, तो उनका सोशल मीडिया ही आग लगाने के लिए काफी है। वे भोजपुरी इंडस्ट्री के साथ-साथ बाॅलीवुड इंडस्ट्री में भी काफी फेमस हैं। फैंस उनकी फोटोज का इंतजार करते रहते हैं।

 

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झटपट से बनाएं यह मलाई सैंडविच

 आमतौर पर बच्चों को बाहर का स्ट्रीट फूड कुछ ज्यादा ही पसंद आ रहा है। घर का खाना तो उन्हें पसंद भी नहीं आ रहा है। जब पिज्जा-बर्गर मिल जाए तो बड़े ही स्वाद से खाते हैं, लेकिन घर में  हरी  सब्जी बन जाए तो उसे खाते नहीं है। बाहर का स्ट्रीट फूड खाने से बीमारियां होती है इसलिए घर पर ही बच्चों के लिए स्ट्रीट फूड जैसा हेल्दी चीजें बनाएं। आज हम इस लेख में लेकर आए मलाई सैडविच की रेसिपी। घर में एक बार बन लिया तो बच्चे बार-बार इसे मांगेंगे। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका।

मलाई सैंडविच बनाने की सामग्री

-ब्रेड

- ताजा मलाई

- शिमला मिर्च

- प्याज

- टमाटर

- कॉर्न

- काली मिर्च

- ऑरिगैनो

- नमक

- कैचअप

- मक्खन

सैंडविच बनाने की विधि

- सबसे पहले आप मलाई सैंडविच बनाने के लिए सभी  सब्जियों को बरीक काट लें।

- इसके बाद इन सब्जियों को मलाई में डालकर इसमें नमक और ऑरेगैनो अच्छी तरह से मिक्स करें।

- अब आप एक ब्रेड स्लाइस पर टोमैटो केचअप की लेयर लगाकर सब्जियों का मिश्रण लगाएं और ऊपर से दूसरा स्लाइस लगाकर सैंडविच बना लें।

- फिर आप हल्का सा बाटर लगाने के बाद इसे सुनहरा होने तक दोनों साइड से सेक लें।

- अब इस सैंडविच को अपने बच्चे की पसंदीदा शेप में काट लें और सॉस के साथ परोसें।

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गंदे से गंदे काले पड़े गैस बर्नर होंगे साफ, बस अजमाएं ये टिप्स

 जब हम सभी किचन की सफाई करते हैं तो गैस के बर्नर को साफ करना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में परेशान होते हैं कैसे साफ करें। लेकिन कई बार ये साफ होने के बाद भी गंदे ही दिखते हैं। अगर लंबे समय तक गैस बर्नर साफ न करें तो उनके छेदों में गंदगी जमने लगती है और ये मेल से काले भी दिखने लगते है। जिस कारण कई बार गैस से आग सही नहीं निकलती और गैस लीक होने का खतरा भी बना रहता है। वैसे तो इसे साफ करने में ज्यादा समय लगता है लेकिन इस ट्रिक के माध्यम से मिनटों में होगा साफ।

बर्नर को साफ करने के लिए आप सिरका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस का प्रयोग से बर्नर अच्छे से साफ होगा। सबसे पहले एक कटोरी में सिरका और नमक डालकर मिक्स करके उबाल लें। इस पानी में गंदे गैस के बर्नर डालकर कुछ देर के लिए रख दें। इस उपाय के बाद गंदे बर्नर जैसे चमक जाएंगे।

ईनो का इस्तेमाल

गैस बर्नर साफ करने के लिए आप इस टिप्स को जरुर फॉलो करें। आपको एक कटोरी गर्म पानी लेकर उसमें नींबू और इनो को मिक्स करके इस लिक्विड को बर्नर पर कुछ देर डालकर छोड देना है। इसके बाद लिक्विड को साफ करके ब्रेश की मदद से साफ करके साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से सूखा लें।

नींबू का यूज करें

गंदे गैस बर्नर को साफ करने के लिए नींबू का यह उपाय कर सकते है। इस उपाय को फॉलो करने के लिए एक बाउल में गर्म पानी लेकर उसमें रात भर के लिए बर्नर को डूबा दीजिए। अगली सुबह नींबू के छिलके में नमक लगाकर बर्नर की सफाई करें। इस किचन हैक्स को फॉलो करने से गैस बर्नर नए की तरह चमकने लगेगा।

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वेब सीरीज '1000 बेबीज' का टीजर जारी, नीना गुप्ता को देख उड़े होश...

 डिज्नी प्लस हॉटस्टार ने अपनी नई वेब सीरीज '1000 बेबीज' का टीजर जारी कर दिया है। यह एक मलयालम सीरीज है। इस थ्रिलर सीरीज में नीना गुप्ता ने अहम रोल अदा किया है। '1000 बेबीज' का टीजर काफी खतरनाक लग रहा है। इसका निर्देशन नजीम कोया ने किया है। इसका निर्माण अगस्त सिनेमा द्वारा किया गया है। सीरीज की स्ट्रीमिंग कब से शुरू होगी, फिलहाल इसके बारे में कोई आधिकारिक एलान नहीं किया गया है। सीरीज में शंकर शर्मा का संगीत सुनने को मिलेगा।


'1000 बेबीज' के टीजर की शुरूआत में एक सुनसान जंगल दिखाई देता है। इसके बाद एक अस्पताल और उसमें कुछ गर्भवती महिलाएं दिखाई देती हैं। वहां काम कर रही नर्स को देखकर लगता है कि दाल में कुछ काला है। तभी जंगल में नीना गुप्ता का किरदार दिखता है, जो कहती हैं कि मेरे बच्चों की आवाज मेरे कानों में गूंजती है। सारे बच्चे एक साथ चिल्ला रहे हैं। इसके बाद अन्य कलाकारों की एंट्री होती है।

ये कलाकार आएंगे नजर
'1000 बेबीज' में नीना गुप्ता के साथ-साथ संजू शिवराम, सिराजुद्दीन नजर, अश्विन कुमार, रहमान, राधिका राधाकृष्णन, शाजू श्रीधर, जॉय मैथ्यू, इरशाद अली, श्रीकांत मुरली, आदिल इब्राहिम, श्रीकांत बालचंद्रन, मनु एम लाल, दिलीप मेनन, शालू रहीम, वीकेपी, डेन डेविस, नाजलिन और धनेश आनंद समेत कई कलाकारों ने काम किया है। मालूम हो कि नीना गुप्ता को 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में 'ऊंचाई' फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था।

 

 

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स्वास्थ्य के अच्छा क्या है- फलों का जूस या फल

 फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है या फलों का जूस पीना लाभदायक रहता है। इन दोनों में से आपको क्या चुनना चाहिए? फल स्वादिष्ट, ताज़ा और विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। आप उन्हें सीधे खा सकते हैं या जूस निकालकर भी पी सकते हैं। फलों को मिक्स करके भी पिया जा सकता है। चाहे वह नींबू के रस के साथ फलों की चाट हो या थोड़े से सेंधा नमक के साथ एक गिलास मिक्स फलों का रस, लेकिन जब दोनों में से किसी एक को चुनने की बात आती है तो आपको किसे चुनना चाहिए? आज इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि दोनों में आपके शरीर के लिए क्या बेस्ट है।

साबुत फल खाने के फायदे

पूरे फल खाने से आपके शरीर को ढेर सारा फाइबर मिलता है, जो पाचन में सुधार और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। ताजे फलों को खाने से भी आपके शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स मिलते हैं। फल खाने से मोटापे और पुरानी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। फलों और सब्जियों को खाने से शरीर को भरपूर आहार मिलता है। साथ ही फलों को खाने को वजन कम करने में भी मदद मिलती है। फलों में कैलोरी कम होती है और फाइबर की मात्रा बहुत अधिक मात्रा में सेवन किए बिना आपको जल्दी से फ्रेश कर देती है। फल जो वजन घटाने में मदद कर सकते हैं उनमें जामुन, सेब, नाशपाती, खट्टे फल और अंगूर शामिल हैं।

फलों के रस के फायदे और नुकसान

फलों का रस एक या एक से अधिक फलों को मिक्स करके बनाया जाता है। यह फलों का सेवन करने का एक आसान तरीका हो सकता है। हालांकि, जूस में पूरे फल में पाए जाने वाले फाइबर की कमी होती है और पूरे फल के सभी पोषक तत्वों और एंटीऑक्सिडेंट को बरकरार नहीं रख पाता है। यह चीनी और कैलोरी में भी उच्च हो सकता है, खासकर यदि आप पैकेज्ड जूस पी रहे हैं।

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इन समस्याओं में खाएं अजवाइन, हींग और काला नमक

 अजवाइन हींग और काला नमक, तीनों ही डाइजेस्टिव गुणों से भरपूर है। अजवाइन जहां एंटीबैक्टीरियल है वहीं, हींग आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है। हींग में कुछ डाइजेस्टिव गुण होते हैं जो कि आंतों के काम काज को तेज करते हैं। इसके अलावा काला नमक पेट में हाइड्रेशन को बढ़ाता है और एक लैक्सटेसिव की तरह काम करता है। इससे आंतों में थोक जुड़ता है और जिससे मल त्याग आसान हो जाता है। इतना ही नहीं ये पेट की कई समस्याओं में भी कारगर तरीके से काम करता है।

1. कब्ज में

अजवाइन हींग और काला नमक कब्ज की समस्या में कारगर तरीके से काम करते हैं। ये लैक्सटेसिव है जो कि मल त्याग को आसान बनाता है। ये आंतों की गतिविधियों को तेज करता है और मल त्याग को आसान बनाता है। इसके अलावा ये तीनों पानी को सोख लेते हैं और आंतों की गति को तेज कर देते हैं। इसकी वजह से बॉवेल मूवमेंट तेज होता है और मल त्याग को आसान बनाता है।

2. एसिडिटी और अपच में

एसिडिटी और अपच की समस्या में अजवाइन हींग और काला नमक का सेवन फायदेमंद है। ये पेट में बने अतिरिक्त गैस को बाहर निकालने और एसिडिटी को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा ये सीने में जलन और जीआरडी के लक्षणों में कमी लाता है। साथ ही ये पेट के अस्तर को आराम पहुंचाता है जिससे एसिड रिफ्लक्स कम होता है। इतना ही नहीं ये खाना पचाने में मदद करता है जिससे अपच की समस्या नहीं होती है।

3. पेट दर्द में

पेट दर्द में ये तीनों ही चीजें कारगर तरीके से काम आती हैं। दरअसल, ये तीनों एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि पेट दर्द से आराम दिलाते हैं। ये आपके पेट में डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ावा देते हैं जिससे पेट हो रही दर्द और सूजन में कमी आती है। तो, अजवाइन हींग और काला नमक का सेवन करें और इन तमाम समस्याओं से छुटकारा पाएं। ये कारगर तरीके से काम करते हैं।

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खाली पेट गुड़ का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं ये फायदे

 एनर्जी लेवल बढ़ता है: गुड़ कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज का एक प्राकृतिक स्रोत है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करने के लिए जाना जाता है।  सुबह के मस इसक अपनी पीने से आप दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे।

पाचन करता है बेहतर: सुबह के समय गुड़ का सेवन करने से आपका पाचन भी बेहतर होता है।  दरअसल,  गुड़ पाचन एंजाइम को एक्टिव करता है जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है। नियमित रूप से इसका पानी पीने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और आपका भोजन आसानी से पच जाता है।

 

शरीर को करता है डिटॉक्सीफाई: गुड़ में प्राकृतिक डिटॉक्सीफाइंग गुण होते हैं जो लीवर को साफ करने और रक्त को शुद्ध करने में मदद करते हैं। इसका पानी पीने से आपकी बॉडी से वेस्ट पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं।  

हार्मोन को संतुलित करता है: गुड़ में फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो शरीर में इंसुलिन और कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करता है।  

 

इम्यून सिस्टम करे मजबूत: बारिश के इस मौसम में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती हैं।  ऐसे में उसे बढ़ाने के लिए आप गुड़ का सेवन कर सकते हैं।  गुड़ मैग्नीशियम, विटामिन बी 1, बी 6 और सी का एक बड़ा स्रोत है। यह एंटीऑक्सिडेंट और खनिजों से भरा हुआ है।

हड्डियों का स्वास्थ्य: गुड़ हड्डियों को मजबूत बनाता है, जोड़ों के दर्द से राहत देता है, गठिया जैसी हड्डियों की बीमारियों को ठीक करता है और शरीर को आराम देता है। साथ ही गुड़ पोटेशियम से भरपूर होता है, यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

 

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सर्दियों में गर्म पानी से नहाना हो सकता है नुकसानदायक

 अगर आप सर्दियों में गर्म पानी से नहा रहे हैं तो कुछ चीजों का ध्यान रखना काफी जरूरी है। अगर आपने ख्याल नहीं रखा तो सर्दी में गर्म पानी से नहाने का नुकसान ऐसा मिलेगा कि आप सोच भी नहीं पाएंगे।

एक्सपट्र्स के अनुसार, अगर सर्दी के मौसम में आप ज्यादा देर तक गर्म पानी से नहाते हैं तो सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं रहता है। एक्सपट्र्स के अनुसार, ज्यादा गर्म पानी से लंबे समय तक नहाने से शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है।

एक्सपट्र्स के अनुसार, गर्म पानी में केराटिन स्किन सेल्स को डैमेज करता है, जिस वजह से त्वचा में खुजली, सूखापन और रैशेस की समस्य पैदा हो जाती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि हमेशा सर्दियों में हल्के गर्म पानी से ही नहाना चाहिए।

एक्सपट्र्स की मानें तो अगर सर्दियों में आप तेज गर्म पानी से नहाते हैं तो यह शरीर में सुस्ती का कारण भी बन सकता है. दरअसल, गर्म पानी से नहाकर बॉडी रिलैक्स मोड में आ जाती है और इंसान को नींद आती है। इससे आपकी दिनभर की ऊर्जा पर भी असर देखने को मिल सकता है। आज सुस्त महसूस कर सकते हैं। वहीं एक्सपट्र्स के अनुसार, गर्म पानी से नहाने से आपको बालों को भी नुकसान पहुंचता है। तेज गर्म पानी आपके बालों को डैमेज कर सकता है। दरअसल, गर्म पानी से बालों में नमी कम हो जाती है, जिस वजह से वह रूखे और बेजान होने लगते हैं।

ज्यादा कपड़े न पहनें

सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए ज्यादा भी कपड़े नहीं पहनने चाहिए। ऐसा करने से आपका शरीर ओवरहीटिंग का शिकार भी हो सकता है। दरअसल, जब इंसान को ठंड लगती है तो उसका इम्यून सिस्टम व्हाइट ब्लड सेल्स बनाता है, जो इंफेक्शन और बीमारियों से बचाव  में मददगार है। ऐसे में बॉडी ओवरहीट होने पर इम्यून अपना काम ठीक से नहीं कर पाता है।

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