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अमिताभ बच्चन की तरह दिखने वाला ये व्यक्ति आखिर कौन है? सामने आई सच्चाई

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इन दिनों सेलिब्रिटीज से लेकर आम लोगों तक सभी सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर शेयर की जाने वाली तस्वीरें और वीडियोज तेजी से वायरल हो जाती हैं। आपको बता दें कि ऐसे कई लोग हैं जो रातों-रात सोशल मीडिया पर स्टार बन गए हैं। फिलहाल एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस फोटो में दिखाई देने वाले शख्स को जो लोग पहली बार देख रहे हैं, वह उसे बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन समझ रहे हैं। आखिर कौन है ये शख्स जो सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन के नाम से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस फोटो को देखने के बाद सबसे पहले बिग बी का नाम ही मन में आ रहा है। चेहरे पर सफेद दाढ़ी, मोटे काले फ्रेम का चश्मा, सिर पर पगड़ी को कुछ इस तरह बांधा गया है कि एक आंख छिपी हुई है। कोई भी इस तस्वीर को देखकर कंफ्यूज हो जाएगा कि कहीं ये सच में अमिताभ बच्चन तो नहीं। आइए आपको बताते हैं इस तस्वीर के पीछे की सच्चाई।

दुनिया के फेमस फोटोग्राफर ने शेयर की तस्वीर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जिस तस्वीर को लोग अमिताभ बच्चन समझ रहे हैं वह एक अफगानी रिफ्यूजी है, जिसे कई साल पहले दुनिया के फेमस फोटोग्राफर स्वीटव मेक्करी ने अपने कैमरे में कैद किया था। इस तस्वीर को उन्होंने एक बार फिर से अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है और ये जमकर वायरल होने लगी है। आपको बता दें कि साल 2018 में भी ये तस्वीर खूब वायरल हुई थी। उस समय भी लोग इस तस्वीर को देखकर हैरान हो गए थे और इसे अमिताभ बच्चन की फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान के सेट की बता रहे थे। स्टीव मेक्करी ने अब इस तस्वीर को दोबारा से सोशल मीडिया पर शेयर किया है और कैप्शन पर लिखा है- पाकिस्तान में रहने वाले एक अफगान शरणार्थी शबुज की ये तस्वीर हमें दुनिया भर के लाखों विस्थापित लोगों की याद दिलाती है।

शख्स को अफगानी रिफ्यूजी बताया
उन्होंने आगे लिखा है- दुनिया भर में अभूतपूर्व मानवीय संकट, इतिहास में सबसे बड़ी संख्या में शरणार्थियों के रूप में सामने आए हैं। 100 मिलियन लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। हम सभी को इन लोगों का समर्थन करने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करना चाहिए, जो अपनी गलती के बिना खुद को कमजोर और अनिश्चित परिस्थितियों में पाते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस तस्वीर पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है- मेकअप के साथ ये शख्स अमिताभ बच्चन की तरह क्यों दिखाई दे रहे हैं। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है- पहली बार देखकर लगा कि ये अमिताभ बच्चन हैं। हालांकि ये साफ हो गया है कि ये तस्वीर अमिताभ बच्चन की नहीं है।
 

 

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शमशेरा में रणबीर कपूर की पहली झलक जारी

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अभिनेता रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म शमशेरा में उनकी पहली झलक निर्माण कंपनी यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) ने आधिकारिक रूप से सोमवार को जारी की। करण मल्होत्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी 1800 के दशक पर आधारित है, जिसमें एक डकैत अपने अधिकारों और आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लेता है। फिल्म का यह पोस्टर कुछ दिन पहले ऑनलाइन लीक हो गया था।

‘शमशेरा’ के निर्माण की घोषणा मई 2018 में की गई थी। इसमें संजय दत्त और वाणी कपूर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म के 22 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने की संभावना है। यह हिंदी, तमिल और तेलुगू, तीन भाषाओं में प्रदर्शित होगी।
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हिंसा किसी भी रूप में गलत है और किसी भी धर्म के नाम पर हिंसा बहुत बड़ा पाप है : साई पल्लवी


मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अभिनेत्री साई पल्लवी ने कहा कि 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और हाल में भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं के बीच तुलना करने वाली उनकी हालिया टिप्पणी को संदर्भ से इतर कर देखा गया। पल्लवी (30) इस समय अपनी फिल्म ‘विराट पर्वम’ की रिलीज से पहले एक तेलुगु यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर विवादों में हैं।

तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्म उद्योगों में काम करने वाली पल्लवी ने अपनी टिप्पणियों को स्पष्ट करने के लिए इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया और कहा कि उनका इरादा किसी त्रासदी को कम करने का नहीं था। उन्होंने वीडियो में कहा, हाल ही में एक साक्षात्कार में मुझसे पूछा गया कि मैं वामपंथ की समर्थक हूं या दक्षिणपंथ की। मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे विश्वास है कि मैं तटस्थ हूं। हमें अपने विश्वासों के साथ खुद को पहचानने से पहले अच्छा इंसान बनने की जरूरत है। शोषित को किसी भी कीमत पर संरक्षित करने की आवश्यकता है।

पल्लवी ने कहा, मेरा मानना है कि हिंसा किसी भी रूप में गलत है और किसी भी धर्म के नाम पर हिंसा बहुत बड़ा पाप है।
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रजनीकांत की अगली फिल्म का नाम होगा जेलर

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  फिल्मकार नेल्सन दिलीपकुमार के साथ अभिनेता रजनीकांत की बहुप्रतीक्षित फिल्म का नाम ‘जेलर’ होगा। शुक्रवार को इसकी घोषणा की गई। फिल्म का निर्माण ‘सन पिक्चर्स’ के समर्थन से किया जाएगा। यह रजनीकांत की 169वीं फीचर फिल्म होगी। सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड तहत आने वाली कंपनी ‘सन पिक्चर्स’ ने ट्विटर पर फिल्म के शीर्षक के बारे में जानकारी दी।

ट्विटर पोस्ट में लिखा है, थलाइवर की 169वीं फिल्म का नाम जेलर है। नेल्सन अपनी ही लिखी पटकथा पर फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। फिल्म ‘बीस्ट’ के बाद नेल्सन की ‘सन पिक्चर्स’ के साथ यह दूसरी फिल्म होगी। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर तैयार करेंगे।
इससे पहले, बड़े पर्दे पर रजनीकांत की पिछली फिल्म ‘अन्नात्थे’ थी, जो वर्ष 2021 में आई थी।

 
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रायपुर-भिलाई सहित पूरे छत्तीसगढ़ में आज छत्तीसगढी फिल्म ‘लव लेटर’ रिलीज हो गई

 

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ईरा फिल्म्स और मां फिल्म के बैनर तले एवं छॉलीवुड को कई सुपरहीट फिल्म देने वाले उत्तम तिवारी के निर्देशन में बनी एक और बेहतरीन फिल्म लव लेटर अपने गानों के माध्यम से यूटयूब में धूम मचाने के बाद इस शुक्रवार 17 जून को पूरे छत्तीसगढ़ के 41 सिनेमाघरों के साथ ही भिलाई के व्येंकटेश्वर टॉकीज व दुर्ग के अप्सरा व तरूण टॉकीज में एक साथ प्रदर्शित होने जा रहा है। जिसके निर्माता अमित जैन एवं छॉलीवुडके फिल्मों के वितरण तरूण सोनी है। इस फिल्म में यदि स्टारकास्ट की बात करें तो एक ओर जहां छॉलीवुड के युवा दिलों की धड़कन मन कुरैशी इसके हिरो है तो इनके अपोजिट में बेहतरीन अदाकार सृष्टि तिवारी है। इसके अलावा इस फिल्म में हेमलाल कौशल, वर्षा सारथी, धमेन्द्र चौबै, धर्मेन्द्र अहिरवार, विनय अम्बस्ट उपासना वैष्णव, सरला सेन, ललित उपाध्याय, शमशीर सिवानी, शीतल शर्मा, संजू दादा,अर्जुन परमार, विलास राउत, सलीम अंसारी, अशोक गौर, प्रवीण माहेश्वरी, विभाष उपाध्याय, शीतल, सत्तू, एकता पंसारी, नितू यदू, प्रतिभा, श्वेता शर्मा, मंजू सहित छॉलीवुड के अन्य प्रसिद्ध एक्टरों ने इसमें अपने अभिनय का जलवा दिखाया है।

आपको बता दें कि फिल्म के निर्देशक उत्तम तिवारी ने न सिर्फ इस फि़ल्म का डायरेक्शन किया है, बल्कि म्यूज़िक भी उन्हीं का है जो’इस फिल्म के गानों की यू ट्यूब पर धूम मची हुई है। तिवारी कहते हैं कि लव लेटर के हर गाने का फि़ल्म की कहानी के साथ गहरा रिश्ता है। लव लेटर के निर्देशक उत्तम तिवारी ने हमारे संवाददाता को बताया कि लव लेटर का पोस्टर देखकर आपको लगे कि यह प्यार मोहब्बत वाली कहानी होगी। इसमें कोई दो मत नहीं की इसमें प्यार मोहब्बत है, लेकिन इसके अलावा भी बहुत कुछ है। फि़ल्म में कुछ पुरानी चीज़ों को याद दिलाने की कोशिश की गई है। यह फि़ल्म हर दौर के दर्शकों को पसंद आएगी। तिवारी ने फिल्म के स्टार मन कुरैशी के बारे में कहा कि मन नैचुरल आर्टिस्ट हैं। सामान्य बातचीत में भी वह हीरो लगते हैं। सबसे अहम् बात तो ये कि उनके और मेरे बीच काफ़ी अच्छी अंडर स्टैंडिंग है। वो अडिय़ल नहीं हैं। अनावश्यक दखलंदाजी नहीं देते। सरल इंसान हैं। कभी-कभी उनकी तरफ से अच्छे सूझाव भी आते हैं कि तिवारी क्यों न इस सीन को हम ऐसा करें। जब उस पर गंभीरता से सोचता हूं तो लगता है यह सही है। उनका सूझाव फि़ल्म के हित में होता है। सृष्टि तिवारी मन के अपोजिट हैं और यह उनकी पहली फि़ल्म है उनके साथ कैसा अनुभव रहा? पूछने पर वे कहते हैं- लव लेटर की जब स्क्रीप्ट फाइनल हुई तभी तय हो चुका था नई हीरोइन रखेंगे। सृष्टि ने सोशल मीडिया में कोई रील पोस्ट की थी। उसे देखने के बाद प्रोड्यूसर द्वय अमित जैन व तरूण सोनी ने उनकी तस्वीर मुझे दिखाई। वे पहले से फैशन व मॉडलिंग की दुनिया से जुड़ी रही हैं। हमने उनको बुलवाया। 10-15 मिनट उनका ऑडिशन लिया, जिसमें वे परफेक्ट लगीं। हमें थोड़ा रफ किस्म की लड़की चाहिए थी, सृष्टि में वह बात नजऱ आ रही थी।
 
इस फिल्म के विषय में अन्य जानकारी देते हुए फिल्म के प्रोडयूसर तरूण सोनी ने कहा कि लव लेटर के लिए उत्तम तिवारी जी, अमित जैन और मन कुरैशी मेरे दिमाग में शुरू से थे। ये ज़रूर सोच रखा था कि हीरोइन कोई नई लेंगे। थोड़ी ही खोज में हमें सृष्टि तिवारी जैसा सुंदर चेहरा मिल गया। ये मेरा अनुभव रहा है कि यदि कोई छत्तीसगढ़ी फि़ल्म सफल होती है तो उस सफलता के पीछे म्यूज़िक का बड़ा रोल रहता है। उत्तम तिवारी निर्देशक होने के अलावा खुद बड़े म्यूज़िक डायरेक्टर हैं। उन्होंने सुनील सोनी, अनुराग शर्मा, चंपा निषाद एवं अनुपमा मिश्रा जैसे बेहतरीन सिंगरों का गानों में काफ़ी अच्छा उपयोग किया है। इंस्टाग्राम पर ‘लव लेटर’ के गानों की रिकॉर्ड तोड़ रील बन चुकी है और यू ट्यूब पर भी गाने छाए हुए हैं। ‘लव लेटर’ में लव के साथ कॉमेडी है। भरपूर इमोशंस है। मन एवं सृष्टि के कुछ इमोशनल सीन्स सिने प्रेमियों के मन को छू जाएंगे। बस इंतज़ार है 17 जून का। 17 को छत्तीसगढ़ के 41 सिल्वर स्क्रीन में ‘लव लेटर’ लगने जो जा रही है।
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साई पल्लवी के कश्मीरी पंडितों को लेकर बयान पर मचा बवाल, जानें पूरा मामला…

हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साउथ सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस साई पल्लवी अपने बेबाक और बिंदास एटीट्यूड के लिए जानी जाती हैं। आज साई पल्लवी के न सिर्फ साऊथ में बल्कि पुरे देश में फैन है। साई पल्लवी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म विराट पर्वमी को लेकर चर्चा में हैं। साई अपनी फिल्म का जमकर प्रमोशन कर रही हैं। हाल ही में फिल्म के प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक इंटरव्यू में साई पल्लवी ने कश्मीरी पंडितों को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है।

साई पल्लवी के बयान पर विवाद
साई पल्लवी ने अपने इंटरव्यू में बॉलीवुड फिल्म द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों पर दिखाए गए अत्याचार और उनकी हत्या के सीन की तुलना मॉब लिंचिंग से की है। साई पल्लवी के इस विवादित बयान पर सोशल मीडिया में कुछ लोग साई पल्लवी के बयान पर उनको सपोर्ट कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग उनपर भड़क रहे हैं।

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में साई पल्लवी ने कहा- मैं एक न्यूट्रल एनवायरनमेंट में बड़ी हुई हूं। मैंने लेफ्ट विंग और राइट विंग के बारे में बहुत कुछ सुना है। लेकिन मैं ये नहीं कह सकती कि कौन सही है और कौन गलत। साई ने आगे कहा- द कश्मीर फाइल्स फिल्म में दिखाया गया है कि कश्मीरी पंडितों की किस तरह हत्या की गई। वहीं, कुछ समय पहले गाय ले जाने वाले मुस्लिम शख्स को बड़ी बेदर्दी से पीटकर उससे जय श्री राम के नारे लगाने को कहा गया था। यह भी धर्म के नाम पर हिंसा है। अब इन दोनों घटनाओं में अंतर क्या है?

साई पल्लवी ने बताया कि उनकी फैमिली ने उन्हें हमेशा एक अच्छा इंसान बनने की सीख दी है। एक्ट्रेस ने कहा- आपको पीड़ितों की रक्षा करने की जरूरत है। अगर आप एक अच्छे इंसान हैं, तो आपको नहीं लगता कि वह सही हैं।

साई ने यह भी कहा- मैं न्यूट्रल रहती हूं और पीड़ितों के लिए खड़े होने की कोशिश करती हूं। मेरा मानना है कि केवल दो एक समान लोगों के बीच लड़ाई हो सकती है, दो अलग लोगों के बीच नहीं।

साई पल्लवी के इंटरव्यू की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. एक्ट्रेस के बयान ने लोगों को दो ग्रुप में बांट दिया है. कुछ लोग साई पल्लवी की बात पर सहमति जता रहे हैं, तो वहीं कई लोग उनके इस बयान को बेहूदा बताकर एक्ट्रेस पर भड़क रहे हैं।
 
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योग सुन्दरता बढ़ाता है

मुम्बई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुन्दर चमकीली त्वचा, गठीला शरीर, छरहरा बदन,चेहरे पर यौवनता, चमकीले बाल तथा प्राकृतिक रूप से सुन्दर दिखने की चाहत में आज कल पिफटनेस सैन्टरों, जिम, सैलून, स्पा तथा बहु राष्ट्रीय कम्पनियों के मंहगे सौदर्य प्रसाधनों को खरीदने की होड़ आम देखी जा सकती है। आज कल के प्रदूषण,तनाव, लाइफ स्टाइल तथा दिन रात की भागदौड़ भरी जिन्दगी से आप समय से पहले ही बूढ़े दिखने लगते हैं तथा युवा उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां ,कील मुहाँसे ,फुंसियाँ ,काले धब्बे लगातार परेशानी का सबब बन जाते हैं। अधिकांश लोग सुंदर दिखने की लालसा क्या क्या नहीं कर देते लेकिन फिर भी ब्यूटी सैलूनों में घण्टों फेयरनेस ट्रीटमेंट तथा कॉस्मेटिक पर भारी खर्च करने के बाद भी चेहरे का निखार कुछ दिनों बाद ही गायब हो जाता है। ऐसे में लोग उदास होकर दिल तोड़ बैठते हैं तथा उन्हेँ लगता है की सुंदरता तो बिरासत में ही मिलती है।

लेकिन कया आप जानते हैं की अगर आप शारीरिक रूप से सुन्दर हैं तो आपका सौन्दर्य चेहरे पर स्वभाविक रूप से झलकेगा। कुछ योग आसनों के नियमित अभ्यास से आप प्राकृतिक सुन्दरता, दमकती त्वचा तथा शारीरिक आकर्षण ग्रहण कर सकते है। वास्तव में अगर आप योग साधना को अपने जीवन से जोड़ लें तो शरीर को स्वस्थ्य रखने के साथ ही प्रकृतिक तौर पर स्थाई रूप से सुन्दर तथा प्रभावशाली भी बनाया जा सकता है तथा महँगे सौन्दर्य प्रसाधनों, ब्यूटी सैलूनों के महँगे उपचार तथा समय को बचाया जा सकता है

भारतीय आर्युवैदिक पद्धति योग के साधारण आसनों के जरिए आप स्थाई आन्तरिक तथा बाहरी सौन्दर्य मुफ्त में आसानी में पा सकते है। प्रतिदिन महज आध घण्टा सुबह तथा शाम सूर्या नमस्कार, प्राणायाम, उत्थान आसन, कपाल भाती, धनुर आसन तथा सांसो की क्रिया के माध्यम से आप अपने यौवन, सौन्दर्य तथा प्राकृतिक आकर्षण को जीवन पर्यन्त बनाऐ रख सकते है।

बालों तथा त्वचा के सौंदर्य को बनाए रखने में प्राणायाम महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। प्राणायाम से जहां तनाव कम होता है वहीं दूसरी ओर शरीर में प्राण वायू का प्रभावी संचार होता है तथा रक्त का प्रभाव बढ़ता है। प्राणायाम सही तरीके से सांस लेने की बेहतरीन अदा है। प्रतिदिन 10 मिनट तक प्राणायाम से मानव शरीर की प्राकृतिक क्लीजिंग हो जाती है। प्राणायाम का आज पूरे विश्व में अनुसरण किया जाता है। प्राणायाम से मानव खोपड़ी में व्यापक आक्सीजन तथा रक्त संचार होता है। जिससे बालों की प्राकृतिक रूप से वृद्वि होती है तथा बालों का सफ़ेद होना तथा झड़ने जैसी समस्या को रोकने में भी मदद मिलती है। योगा का मानसिक शारीरिक, भावनात्मक तथा मनोभाव पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे आत्म विश्वास बढ़ता है। योगा से आप आत्मिक तौर पर शान्त महसूस करते हैं। जिससे आपके बाहरी सौन्दर्य में भी निखार आता है।
 
आमतौर पर अनिद्रा, तनाव आदि में पैदा होने वाली कील, मुहांसे, काले धब्बों आदि की समस्याओं के स्थाई उपचार में योग महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उत्थान आसन के लगातार उपयोग से आप कील, मुंहासे, काले धब्बों आदि की समस्याओं का स्थाई उपचार पा सकते है। कपालभाती शासीर में कार्बन डाईक्साईड को हटाकर खून को साफ करने में मदद मिलती है। उससे शरीर में हल्कापन महसूस होता है। धनुर आसन से शरीर में रक्त का प्रभाव बढ़ता है तथा शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है इससे शरीर की त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है तथा त्वचा की रंगत में निखार भी आता है।
 
योग के लगातार अभ्यास से त्वचा तथा शरीर में यौवन को दीर्घ कालीन तौर पर बनाए रखने में मदद मिलती है। योगासन से रीढ़ की हड्डी तथा जोड़ों को लचकदार बनाया रखा जा सकता है। जिससे शरीर लम्बे समय तक लचीला तथा आकर्षक बनता है, योग से शरीर के भार को कम करने में भी मदद मिलती है तथा इससे मांस पेशियां नरम तथा मुलायम हो जाती है। योगा से थकान से मुक्ति मिलती है। तथा शरीर में उर्जा का प्रभावी संचार होता है सूर्यानमस्कार आसन से पूरे शरीर में नवयौवन का संचार होता है। सूर्यानमस्कार से शरीर पर बढ़ती आयु के प्रभाव को रोका जा सकता है तथा यह चेहरे तथा शरीर पर बुढ़ापे की भाव मुद्राओं के प्रभाव को रोकने में मददगार साबित होता है। चेहरे की झुर्रियों से मुक्ति पाने के लिए सूर्यानमस्कार तथा प्राणायाम दोनों प्रभावी आसन है।

आपके सुन्दर दिखने के लिए जरूरी नहीं कि आप सुन्दर ही पैदा हुए हों आप अपने प्रयत्नों से सौंदर्य प्राप्त कर सकते है। अच्छा स्वास्थ्य तथा सौंदर्य एक ही सिक्के के दो पहलू है। यदि आप आन्तरिक रूप से सुन्दर नहीं है तब तक आपका सौंदर्य चेहरे पर नहीं झलक सकता। सुन्दर त्वचा, चमकीले बाल तथा छरहरे बदन के लिऐ अच्छी सेहत का होना परम आवश्यक है। वास्तव में मैंने समग्र स्वास्थ्य के लिए आर्युवैदिक सिद्धान्त को प्रोत्साहित किया। जिसमें योग को इस कार्यक्रम का अभिन्न अंग माना गया। मेरी समग्र सौंदर्य देखभाल की विशिष्ट अवधारणा को विश्व भर में सराहा गया है। वास्तव में मेरा विचार है कि आज की आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य तथा सौंदर्य के सन्दर्भ में योग काफी सार्थक है। योग मेरे व्यक्तिगत जीवन का अभिन्न अंग रहा है तथा मैंने इसके असंख्य लाभ महसूस किए है।

योग से मानसिक तथा शारीरिक दोनों को प्रचुर लाभ मिलता है। इससे न केवल सभी मांस पेशियों को फायदा होता है बल्कि इससे प्राण शक्ति बढ़ती है तथा आन्तरिक अंगों की रंगत में निखार आता है।

इससे नाड़ी तंत्र को स्थिर रखने में मदद मिलती है। इससे तनाव को कम करने तथा मानसिक संतुलन में भी लाभ मिलता है। योग प्राचीन भारतीय विद्या है तथा इसके निरन्तर अभ्यास से संयमित व्यक्तित्व तथा वृद्वावस्था की भाव मुद्राओं को रोकने में मदद मिलती है। योग का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे सांसों पर नियन्त्रण रहता है तथा योगाभ्यास के दौरान सांस खींचने तथा सांस बाहर निकलाने की उचित विधि से शवास को संयमित करने में मदद मिलती है जिससे शरीर में आक्सीजन को नियन्त्रित करने में सहायक सिद्ध होती है। योग से शारीरिक तथा मानसिक उल्लास की असीम अनुभूति प्राप्त होती है।
योग सौन्दर्य के लिए अत्यन्त आवश्यक है क्योंकि आन्तरिक सौंदर्य से ही सही शारीरिक सौंदर्य की प्राप्ति की जा सकती है।

येाग से रक्त संचार के प्रवह में सुधार होताहै जिससे त्वचा के स्तह तक पर्याप्त मात्रा में रक्त संचार होता है तथा यह रक्त संचार सुन्दर त्वचा के लिए अत्यधिक आवश्यक होता है क्योंकि इससे त्वचा को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं जिससे त्वचा सुन्दर तथा निखरी दिखाई देती है। योग के माध्यम से शरीर के विषैले तत्व त्वचा के माध्यम से बाहर आते है तथा रक्त संचित त्वचा के मामले में योग सबसे ज्यादा लाभदायक सिद्ध होते है। इससे त्वचा में रंगत तथा स्फूर्ति आ जाती है। योग से सौंदर्य में व्यापक निखार आता है तथा यह त्वचा को ताजा तथा बीमारियों से पूरी तरह मुक्त रखती है। यह अवधारणा बालों पर भी लागू होती है। योग से सिर की खाल तथा बालों के कोश में रक्त संचार तथा आक्सीजन का व्यापक निरन्तर प्रवाह होता है। इससे बालों के रक्त संचार को पोष्टिक तत्व पहुंचाने में काफी मदद मिलती है जिससे बालो की वृद्धि तथा सिर की खाल को स्वास्थ्य रखने में बहुत मदद मिलती है।

जब हम सौंदर्य की बात करते है तो हम केवल बाहरी चेहरे की सौंदर्य की ही बात नहीं करते बल्कि इसमें आंतरिक सूरत भी शामिल होती है जिसमें लचकपन, हाव.भाव तथा शारीरिक आर्कषण होना नितान्त आवश्यक होता है।

जहां तक बाहरी सौंदर्य का सम्बन्ध है वहां छरहरे बदन से व्यक्ति काफी युवा दिखाई देते हैं जो कि लम्बे समय तक यौवन बनाए रखने में सहायक होता है। योग से शरीर के हर टिशू को आक्सीजन प्राप्त होती है जिसे शरीर में सौंदर्य तथा स्वास्थ्य प्राप्त होता है। यदि आप ऐसी जीवनशैली गुजार रहे हैं जिसमें शारीरिक गतिविधी नगण्य है तो आप वास्तव में बुढ़ापे को नियन्त्रण दे रहे है योग तथा शारीरिक श्रम से आदमी को यौवन की स्थिति को लम्बें समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है क्योंकि इससे शरीर सुदृढ़ होता है तथा शरीर सुव्यवस्थित तथा तन्दुरूस्त रखने में भी मदद मिलती है योग आसनों से रीढ़ की हड्डी तथा हड्यिों के जोड़ों को लचकदार एवं कोमल बनाने में मदद मिलती है। इससे शरीर सुदृढ़ तथा फुर्तीला बनता है। मांसपेशियों में रंगत आती हैए रक्त संचार में सुधार होता हैए प्राण शक्ति का प्रवाह होता है तथा सौंदर्य एवं अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।

अनेक सौंदर्य समस्यायें मानसिक तनाव की वजह से उत्पन्न होती है। योग से तनाव को कम करने तथा स्वछन्द मानसिक उन्मुक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है तथा इससे तनाव से जुड़ी सौंदर्य समस्याओं को निजात प्रदान करने में मदद मिलती है। योग के लगातार अभ्यास से कील मुंहासोंए बालों के झड़ने की समस्याओंए सिर की रूसी आदि समस्याओं का स्थाई उपचार मिलता है योग तथा शारीरिक क्रियायें करने वाले युवाओं पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया हैं उनके व्यक्तित्व में भावनात्मक स्थिरताए आत्म विश्वासए उचित मनोभावए जैसे सकारात्मक बदलाव महसूस किये जाते है। जिसका दिमाग भावनाओं तथा मिजाज पर सीधा प्रभाव दिखाई देता है। वास्तव में योग नियमित रूप से तनाव से मुक्ति प्रदान करता है। जिससे त्वचा पर रंगत वापिस आ जाती है। योग करने से आप तत्काल पुनः यौवन प्राप्त करके चित प्रसन्न महसूस कर सकते है।

वास्तव में योग से बाहरी शारीरिक सौंदर्य को निखारने तथा संवारने में काफी मदद मिलती है।

आज का समय लगातार बढ़ती जटिलताओं और गति का समय है। जीवन यापन के लिए हर कोई लगातार गतिमान है। भाग-दौड़ की इन स्थितियों में एक सुसंगत,संयमित और स्वस्थ्य जीवन दृष्टि की खोज हर व्यक्ति को है। हर कोई अपने शरीर को स्वस्थ्य रखना चाहता है। भारतीय परंपरा हमेशा से ही जीवन को समग्र और संतुलित रूप से जीने की दृष्टि देती रही है। भारतीय चिंतन और परंपरा का आधार रहा है योग-शास्त्र। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है,वरन् यह जीवन को संतुलित रूप से जीने का शास्त्र है। यह निरंतर बढ़ती हुई भाग-दौड़ में व्यक्तित्व को एक ठहराव,एक गहराई देने की विद्या है। ऐसे में आज न केवल भारत बल्कि विश्व के दूसरे देश भी योग को जीवन शैली में सुधार लाने का एक प्रमुख उपाय मान रहे हैं।

जीवन की भाग-दौड़ वाली जिंदगी से परेशान होकर हर कोई जिंदगी को आसान बनाना चाहता है। ऐसी स्थिति में क्या हम अपने जीवन को सुखी बनाने के लिए थोड़ा समय योग को नहीं दे सकते? योग एक ऐसी विधा है जिससे हम अपने मन को स्थिर कर सकते हैं। जब तक मन शुद्ध या स्थिर नहीं होता,हमारा तन भी अशुद्ध रहता है। योगाभ्यास द्वारा ही तन व मन की शुद्धि होती है और हमारा तन-मन निरोगी हो जाता है। योगाभ्यास से मन को स्वस्थ्य और शांत बनाया जा सकता है।

शरीर को स्वस्थ्य बनाने में तन और मन का बेहतर योगदान होता है। आमतौर पर देखा गया है कि हमारी शारीरिक बीमारियों के मानसिक आधार होते हैं। क्रोध हमारे मन को विकृत करता है जिससे हम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिर जाते हैं फिर भी क्रोध से बिल्कुल अनभिज्ञ रहते हैं। योगाभ्यास क्रोध पर नियंत्रण रखने में अहं भूमिका निभाता है।

जब हम सौंदर्य की बात करते है तो हम केवल बाहरी चेहरे की सौंदर्य की ही बात नहीं करते बल्कि इसमें आकृतिए सूरत भी शामिल होती है जिसमें लचकपनए हावण्भाव तथा शारीरिक आर्कषण होना नितान्त आवश्यक होता है।

जहां तक बाहरी सौंदर्य का सम्बन्ध है वहां छरहरे बदन से व्यक्ति काफी युवा दिखाई देते हैं जो कि लम्बे समय तक यौवन बनाए रखने में सहायक होता है। योग से शरीर के हर टिशू को आक्सीजन प्राप्त होती है जिसे शरीर में सौंदर्य तथा स्वास्थ्य प्राप्त होता है। यदि आप से ऐसी जीवनशैली गुजर रहे हैं जिसमें शारीरिक गतिविधी नगण्य है तो आप वास्तव में बुढ़ापे को नियन्त्रण दे रहे है योग तथा शारीरिक श्रम से आदमी को यौवन की स्थिति को लम्बें समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है क्योंकि इससे शरीर सुदृढ़ होता है तथा शरीर सुव्यवस्थित तथा तन्दुरूस्त रखने में भी मदद मिलती है योग आसनों से रीढ़ की हड्डी तथा हड्यिं के जोड़ों को लचकदार एवं कोमल बनाने में मदद मिलती है। इससे शरीर सुदृढ़ तथा फुर्तीला बनता है। मांसपेशियों में रंगत आती हैए रक्त संचार में सुधार होता हैए प्राण शक्ति का प्रवाह होता है तथा सौंदर्य एवं अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।

अनेक सौंदर्य समस्यायें मानसिक तनाव की वजह से उत्पन्न होती है। योग से तनाव को कम करने तथा स्वछन्द मानसिक उन्मुक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है तथा इससे तनाव से जुड़ी सौंदर्य समस्याओं को निजात प्रदान करने में मदद मिलती है। योग के लगातार अभ्यास से कील मुंहासोंए बालों के झड़ने की समस्याओंए सिर की रूसी आदि समस्याओं का स्थाई उपचार मिलता है योग तथा शारीरिक क्रियायें करने वाले युवाओं पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया हैं उनके व्यक्तित्व में भावनात्मक स्थिरताए आत्म विश्वासए उचित मनोभावए जैसे सकारात्मक बदलाव महसूस किये जाते है। जिसका दिमाग एवं भावनाओं तथा मिजाज पर सीधा प्रभाव दिखाई देता है। वास्तव में योग नियमित रूप से तनाव से मुक्ति प्रदान करता है। जिससे त्वचा पर रंगत वापिस आ जाती है।
वास्तव में योग से बाहरी शारीरिक सौंदर्य को निखारने तथा संवारने में काफी मदद मिलती है।

आज का समय लगातार बढ़ती जटिलताओं और गति का समय है। जीवन यापन के लिए हर कोई लगातार गतिमान है। भाग.दौड़ की इन स्थितियों में एक सुसंगत ,संयमित ,और स्वस्थ्य जीवन दृष्टि की खोज हर व्यक्ति को है। हर कोई अपने शरीर को स्वस्थ्य रखना चाहता है। भारतीय परंपरा हमेशा से ही जीवन को समग्र और संतुलित रूप से जीने की दृष्टि देती रही है। भारतीय चिंतन और परंपरा का आधार रहा है योग.शास्त्र। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है वरन् यह जीवन को संतुलित रूप से जीने का शास्त्र है। यह निरंतर बढ़ती हुई भाग.दौड़ में व्यक्तित्व को एक ठहरावएएक गहराई देने की विद्या है। ऐसे में आज न केवल भारत बल्कि विश्व के दूसरे देश भी योग को जीवन शैली में सुधार लाने का एक प्रमुख उपाय मान रहे है।

जीवन की भाग.दौड़ वाली जिंदगी से परेशान होकर हर कोई जिंदगी को आसान बनाना चाहता है। ऐसी स्थिति में क्या हम अपने जीवन को सुखी बनाने के लिए थोड़ा समय योग को नहीं दे/ योग एक ऐसी विधा है जिससे हम अपने मन को स्थिर कर सकते हैं। जब तक मन शुद्ध या स्थिर नहीं होता तब तक हमारा तन भी अशुद्ध रहता है। योगाभ्यास द्वारा ही तन व मन की शुद्धि होती है और हमारा तन.मन निरोगी हो जाता है। योगाभ्यास से मन को स्वस्थ्य और शांत बनाया जा सकता है।

शरीर को स्वस्थ्य बनाने में तन और मन का बेहतर योगदान होता है। आमतौर पर देखा गया है कि हमारी शारीरिक बीमारियों के मानसिक आधार होते हैं। क्रोध हमारे मन को विकृत करता है जिससे हम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिर जाते हैं फिर भी क्रोध से बिल्कुल अनभिज्ञ रहते हैं। योगाभ्यास क्रोध पर नियंत्रण रखने में अहम भूमिका निभाता है।
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संदिग्ध परिस्थितियों में फैशन डिजाइनर की मौत, पुलिस जांच में जुटी…

हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फिल्म इंडस्ट्री से लगातार बुरी खबरे सामने आ रही है। लगातार अभिनेत्रियों द्वारा आत्महत्या करने के मामले देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच फिल्म इंडस्ट्री से जुडी एक और यवती की मौत की खबर सामने आ रही है।

दरअसल, टॉलीवुड इंडस्ट्री सेलिब्रिटी फैशन डिजाइनर प्रत्युषा गारिमेला की लाश संदिग्ध हालत में मिली है। बंजारा हिल्स स्थित अपार्टमेंट में प्रत्युषा मृत पाई गई हैं। उनके कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड की एक बोतल मिली है। माना जा रहा है कि प्रत्युषा ने कार्बन मोनोऑक्साइड कन्ज्यूम की थी। स्टीम के साथ उन्होंने वह लिया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

रिपोर्ट्स की मानें तो प्रत्युषा ने बाथरूम में कोयला और स्टीम ली थी, जो मौत का कारण हो सकता है। पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर लिया है। प्रत्युषा के परिवार और दोस्तों को इसकी जानकारी दे दी गई है। कहा जा रहा है कि प्रत्युषा डिप्रेशन से गुज रही थीं। हालांकि, इसपर और भी डिटेल्स आनी अभी बाकी हैं। पुलिस इस केस की छानबीन में जुटी हुई है।

बता दें कि प्रत्युषा ने यूएस से फैशन डिजाइनिंग की थी। हैदराबाद से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। साल 2013 में प्रत्युषा ने अपने नाम से लेबल शुरू किया था, उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। टॉलीवुड इंडस्ट्री में प्रत्युषा ने कई पॉपुलर सेलिब्रिटीज के लिए कपड़े डिजाइन किए हैं। इसके अलावा कई बॉलीवुड सेलेब्स के लिए भी प्रत्युषा काम कर चुकी हैं। इनके कई बड़े क्लाइंट्स हैं।

पिछले कुछ दिनों में कई कम उम्र की एक्ट्रेस और फैशन डिजाइनर ने सुसाइड की हैं। सर्कल इंस्पेक्टर ने प्रत्युषा की मौत के केस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने बेडरूम से कार्बन मोनोऑक्साइड का सिलेंडर बरामद किया है। प्रत्युषा के इस तरह संदिग्ध हालत में मिलने के बाद केस दर्ज किया गया है।
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छत्तीसगढ़ी फि़ल्म संजू के दुल्हनिया सिनेमाघरों में 8 जुलाई को होगी रिलीज़

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बहुप्रतिक्षित छत्तीसगढ़ी फि़ल्म संजू के दुल्हनिया छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में 8 जुलाई को रिलीज़ होगी। श्री शिवाय फि़ल्म्ज़ और रॉकेट एंटर्टेन्मेंट के बैनर तले बड़े बजट पर एक खूबसूरत फि़ल्म बनी है। फि़ल्म का संगीत सिनेमेटोग्राफ़ी बॉलीवुड स्तर का है जो छत्तीसगढ़ी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में बस जाएगा।

फि़ल्म संजू के दुल्हनिया की टीम बिल्कुल नई है। इस टीम के सभी सदस्य उच्च स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त,नए तकनीकों से सुसज्जित युवा टीम है जिनकी ऊर्जा और ताजग़ी देखते ही बनती है। इस फि़ल्म के निर्देशक हितेश कुमार देवांगन है जिन्होंने एमसीए की डिग्री लिया हुआ है साथ ही मुंबई और दिल्ली के अनेक सिनेमा और सीरीयल में बड़े प्रोडकसन में काम भी किया है। गीतिका चंद्राकर इंजीनियर है जो इस फि़ल्म के निर्माता हैं। इन्होंने अपनी परम्परा संस्कृति को ध्यान में रखते हुए फि़ल्म का निर्माण किया है। इस फि़ल्म की कहानी और संवाद एडिशनल एस पी माहेश्वर नाग ने लिखा है। कपिल शर्मा शो फ़ेम कन्हैया ठाकुर पप्पू ने सुमधुर संगीत दिया है। इस फि़ल्म में छत्तीसगढ़ के जाने माने अभिनेता रजनीश झाँझी के सुपुत्र लक्षित झाँझी हीरो के बतौर अपनी पहली फि़ल्म में आ रहे है रजनीश झाँझी इस फि़ल्म में लक्षित के पिता की भूमिका निभा रहे हैं। मॉडल गुंजन अग्रवाल भी इस फि़ल्म से डेब्यू कर रही हैं। इस फि़ल्म में मुख्य कलाकार रजनीश झाँझी,उपासना वैष्णव,पुरन किरी,मंजु लता राठौर,विक्रम राज,पवन गुप्ता,सुखनंदन राठौर, नीलू गुप्ता, उपासना वैष्णव, दीपक मेरीया, किरण वर्मा, मोनिका जैन, पायल विशाल, अपूर्वा सिरमौर, ओमकार चौहान, अजीत सिंह, एम. आर. रवीश, लोकेश पटेल, प्रांजल राजपूत, संजय, गौरव साहू, सचिन सोनी, मनोज, कलाकारों ने अद्भुत अभिनय किया है।
 
यह फि़ल्म बहुत साफ़ सुथरी और छत्तीसगढ़ के लोगों के मर्यादाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। नारी का सम्मान करते हुए पूरी टीम ने इस फि़ल्म किसी भी प्रकार की अश्लीलता और भडक़ाऊ सीन नही डाला है। घर परिवार ,दोस्ती यारी, प्रेम कहानी पर आधारित है यह फि़ल्म, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता अवश्य पसंद करेगी। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ी फि़ल्म संजू के दुल्हनिया की शूटिंग नगरी, सोंढूर, दूधावा, सीतानदी, घठुला, केशकाल, कोंडागांव, चित्रकूट जैसे शानदार लोकेशन में हुई है।
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चार पैर वाली बिहार की बच्‍ची के लिए मसीहा बनकर पहुंचे सोनू सूद, दी नई जिंदगी

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बॉलीवुड एक्‍टर सोनू सूद कोविड काल से ही लोगों के मसीहा बनकर जरूरतमंद लोगों की तरह-तरह से मदद कर रहे हैं। परोपकारी सोनू सूद, लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचने के बाद से अब तक सैकड़ों लोगों की मदद कर उन्‍हें नई जिंदगी दी है। वहीं अब बिहार की एक मासूम सी बच्‍ची की मदद सोनू सूद ने की है। एक्‍टर की मदद के बाद चौमुखी कुमारी नाम की एक लड़की अब बेहतरीन जिंदगी जी सकेगी।

चार पैर और चार हाथ के साथ हुआ था चौमुखी का जन्‍म

दरअसल, बिहार की रहने वाली चौमुखी का जन्म चार पैर और चार भुजाओं के साथ हुआ था। जिसके कारण उसकी जिंदगी बहुत तकलीफों से भरी हुई थी। सोनू सूद को जब चौमुखी के बारे में पता चला तो वो उसकी मदद करने पहुंच गए।

सोनू सूद ने बच्‍ची की सर्जरी करवा कर दी दी नई जिंदगी

सोनू सूद ने आगे इस बच्‍ची के बारे में जानकारी देते हए लिखा चौमुखी का जन्म बिहार के एक छोटे से गांव में चार पैर और चार हाथों के साथ हुआ था। अब वह एक सफल सर्जरी के बाद अपने घर वापस जाने के लिए तैयार है।सोनू ने चौमुखी को ऑपरेशन के लिए सूरत भेजा था। बाद में बुधवार को उनकी 7 घंटे लंबी सर्जरी हुई, जो सफल रही।

फैन ने कहा पृथ्वी पर सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति

अभिनेता सुनील शेट्टी, पूजा बत्रा, रिधिमा पंडित और ईशा गुप्ता ने सोनू सूद के इस नेक काम को देखकर दिल के इमोजी शेयर प्‍यार लुटाया है। एक व्यक्ति ने कमेंट किया "पृथ्वी पर सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति।" सोनू को मसीहा कहते हुए, एक ने कहा, "गरीबो का मसीहा ।" एक ने कहा, "आप हर बार हमारा दिल जीतते हैं," दूसरे ने लिखा, "सर, बहुत कम लोग आपके जैसे होते हैं ... भगवान आपको हमें खुश रखे।

सम्राट पृथ्वीराज में सोनू सूद आए थे नजर सोनू फिलहाल एमटीवी के रोडीज को होस्ट कर रहे हैं। नए सीज़न के पहले एपिसोड का प्रीमियर 8 अप्रैल, 2022 को हुआ था। उन्होंने हाल ही में डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज में चांद बरई की भूमिका निभाई थी। यशराज फिल्म्स द्वारा निर्मित यह फिल्म मध्ययुगीन भारतीय राजा पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने घोर के आक्रमण के मुहम्मद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। मानुषी छिल्लर की डेब्यू फिल्म में अक्षय कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म में संजय दत्त भी नजर आएंगे। यह फिल्म 3 जून 2022 को हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज हुई थी।

 

 

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आखिरकार Urfi Javed ने क्यों बदला अपना नाम? जानिए इसकी असल वजह

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सोशल मीडिया पर अक्सर अपने अजीबो-गरीब लुक्स को लेकर उर्फी जावेद सुर्खियों में छाई रहती हैं। वह कुछ-न-कुछ ऐसा पहनती हैं जिससे वह ट्रोल हो जाती हैं। लेकिन, वह ट्रोलर्स को जवाब देने में कभी पीछे नहीं हटती। उनका यही अतरंगी अंदाज कईं बार फैंस को पसंद भी आता है। इस बार उर्फी जावेद अपने लुक्स को लेकर नहीं बल्कि अपने नाम को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं। उन्होंने इस बार अपना नाम तीसरी बार बदला है।

उर्फी जावेद ने रखा ये नाम उर्फी जावेद ने सोशल मीडिया पर अपने नाम की स्पेलिंग में बदलाव किए हैं। पहले उर्फी ने Urfi लिखा था। फिर उन्होंने इसमें एक्सट्रा R जोड़ा और इसे Urrfi किया। लेकिन, अब उन्होंने अपने नाम को Uorfi कर लिया है। उर्फी जावेद ने खुद इसकी जानकारी अपने इंस्टाग्राम पर दी है। उर्फी के नाम में सिर्फ स्पेलिंग में बदलाव हुआ है प्रनाउंस इसका वही होगा।

उर्फी जावेद के नाम बदलने की वजह माना जाता है कि, अक्सर बॉलीवुड सितारे अपने नाम में इसलिए बदलाव करते हैं क्योंकि इससे किसी का करियर बूस्ट हो सकता है। अगर किसी के जीवन में कुछ अच्छा नहीं हो रहा होता तो, वह ज्योतिषाचार्यों से पूछकर अपने नाम में बदलाव करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उर्फी जावेद ने भी इसलिए अपने नाम में बदलाव किए हैं। क्योंकि इन दिनों उन्हें मनमुताबिक प्रोजेक्ट्स नहीं मिल रहे हैं। उनके करियर में भी अच्छी ग्रोथ नहीं हो रही है जैसा वह चाहती हैं।

 

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नयनतारा-विग्नेश की शादी में पहुंचे किंग खान, स्टाइलिश लुक में दिखे एक्टर

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साउथ की मोस्ट पॉपुलर एक्ट्रेस नयनतारा अपने प्यार विग्नेश शिवन के साथ आज 9 जून को 7 फेरे लेंगी। उनकी जिंदगी के इस स्पेशल डे पर फैंस उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। वहीं बॉलीवुड के कईं बड़े सितारे इस ग्रेंड वैडिंग में शामिल हो रहे हैं। इस बीच अब खबर आ रही है बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान भी महाबलीपुरम हो रही इस शादी में पहुंचे हैं जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

शाहरुख खान का रॉयल लुक 
हाल ही शाहरुख खान कोरोना वायरस के शिकार हुए थे लेकिन, अब उन्होंने इस वायरस को मात दे दी है। कोरोना से ठीक होने के बाद एक्टर अपनी आने वाली फिल्म 'जवान' की को एक्ट्रेस नयनतारा की शादी अटेंड करने चेन्नई पहुंचे हैं। जिसकी तस्वीरें शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। इन तस्वीरों में किंग खान काफी शानदार नजर आ रहे हैं। मैनेजर ने तस्वीरें शेयर कर कैप्शन में लिखा- कैप्शन में लिखा है, 'नयनतारा के स्पेशल डे के लिए।'

कोरोना से ठीक होने की फैंस ने दी बधाई 
इन तस्वीरों में किंग खान बेज कलर की जैकेट को व्हाइट शर्ट और डार्क कलर के ट्राउजर के साथ बेहद हैंडसम लग रहे हैं। वे फिल्म जवान के डायरेक्टर एटली संग शादी अटेंड करने पहुंचे। किंग खान की इन तस्वीरों को देख फैंस का एक्साइटमेंट देखने लायक है। फैंस उनकी इन तस्वीरों पर काफी प्यार लुटा रहे हैं। फैंस ने उनके कोरोना से ठीक होने की उन्हें शुभकामनाएं दी। फिल्म जवान में फैंस नयनतारा और शाहरुख को साथ देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। बता दें कि, शाहरुख खान की ये फिल्म अगले साल 2023 में रिलीज होगी।

नयनतारा और विग्रेश की लव स्टोरी 
आपको बता दें कि, साल 2015 में विग्नेश और नयनतारा फिल्म 'नानुम राउडीधन' में साथ नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। इस फिल्म के बाद दोनों की लाइफ में एक ऐसा मोड़ आया जब दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। देखते ही देखते ये प्यार में बदल गया। 7 साल के रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। फिलहाल दोनों ने अपनी शादी को काफी गुप रखा है। दोनों की शादी की तस्वीरें अभी सामने नहीं आई हैं।





 
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धूप में रखें अपनी आंखों का ख्याल : डॉ. नीलम भगत

 

लापरवाही से कैंसर, मोतियाबिंद का खतरा

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिन में तीखी धूप के बीच लू और शाम होते होते धूल भरी आंधी इन दिनों शहर में चल रही है। गर्म हवा व उड़ रही धूल आंख को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। गर्मी के मौसम में आंख का ख्याल रखना आवश्यक है क्योंकि इन दिनों आंख की समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं। आंखों के साथ लापरवाही करना नुकसानदायक हो सकता है। तल्ख धूप में घर से बाहर निकले लोगों की आंखों में जलन हो सकती है। आंख में दर्द भी हो सकता है। बिन चश्मा बाइक चला रहे हैं तो आंख से पानी गिरने लगता है। इतना ही नहीं आंख में खुजली भी होना शुरु हो सकती है। इन मुसीबतों से बचने के लिए नियमित चश्मा का सेवन करना अत्यंत जरुरी है।

इस सम्बन्ध में जिले की नेत्ररोग विशेषज्ञ मेजर डॉ नीलम भगत ने बताया कि गर्मी में हवा चलने से धूल व मिट्टी के रेत आंखों में पड़ जाते हैं। ऐसा होते ही हम आंखों को रगड़ने लगते हैं। इससे आंख लाल होने के साथ ही जलन शुरु हो जाती है। ऐसा होते ही तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। गर्मियां में झुलसाने वाली तेज धूप और उसकी तपिश न सिर्फ आपकी सेहत के लिए, बल्कि आंखों के लिए भी सही नहीं है। गर्मी का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है। सूरज से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से आंखों की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। सन ग्लास यानी धूप का चश्मा खतरनाक अल्ट्रा वॉयलेट ए और अल्ट्रा वायलेट बी किरणों को रोकता है। यहां तक कि आप छाया में खड़े हों तब भी सन-ग्लास का उपयोग करें। बड़े साइज की कैप या हैट सूरज की किरणें आपकी आंखों तक रोकने में सहायक होती है।

हाइड्रेशन बेहद जरूरी

गर्मी के कारण आंखों में मेलानोमा या लायमोफोमा जैसी कई तरह की बीमारियां होने का जोखिम बढ़ जाता है। डॉ मेजर नीलम भगत का कहना है कि अल्ट्रा वॉयलेट किरणें मौसम के साथ फैलती हैं जिसकी गति प्रकाश से भी अधिक तेज होती है। नमी आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। प्रतिदिन कम से कम दो लीटर पानी जरूर पीएं ताकि आंखों और त्वचा को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। डिहाइड्रेशन से आपकी आंखों में लुब्रिकेशन की कमी आ सकती है, जिससे जीरोफ्थलमिया (सूखी आंखें) जैसी बीमारी संभव है। पानी की पर्याप्त मात्रा आंखों को गर्मी के प्रभाव से बचाए रखती है।

धूप में रहने से कई नुकसान

धूप में जाने और लगातार बिना किसी सुरक्षा और सावधानी के रहने के नुकसान के बारे में डॉ मेजर नीलम भगत बताती हैं, ” धूप में एक्सपोज़ होने से ऑयलिड कैंसर, आंसू की गुणवत्ता खराब होने से ड्राई आई होने का खतरा बना रहता हैं। कंजेक्तिवा कार्निया पर चढ़ने से नखुना हो सकता है जिससे नज़र कमजोर हो सकती है और दृष्टिदोष उत्पन्न हो सकता है। कम उम्र में ही मोतियाबिंद हो सकता है। इसलिए लोग धूप से बचें।”

उन्होंने आगे बताया, “यदि पहले से नज़र का चश्मा लगा हो तो उस पर सन प्रोटेक्टिव फिल्म लगा लें। समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहें। किसी भी प्रकार की गठान आंख या उसके आसपास है तो तुरंत जांच करवाएं। सावधानी ही बचाव है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के कोई इलाज न लें। ड्राई आईज के लिए हो सकता है उम्र भर टियर सब्सिट्यूट लेना पड़े जो आपको नेत्र विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। आँख से संबंधित सभी बीमारियों का समय से जांच और इलाज से ही काबू किया जा सकता है।”

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घर में रखे सामान से त्वचा का सौन्दर्य : शहनाज़ हुसैन

 सौन्दर्य से जुडी समस्यायों के लिए हम अक्सर ब्यूटी सैलून या महँगे सौन्दर्य उत्पादों पर भरोसा दिखते हैं जोकि जेब पर भारी पड़ते हैं और कई बार काफी पैसा और बक्त बर्बाद करने के बाबजूद हमें निराशा का सामना भी करना पड़ता है। अगर आप भी घरेलू सामग्री के उपयोग से अपना सौन्दर्य निखारना चाहती हैं तो इसके लिए आप को ज्यादा मेहनत करने के बजाय अपने ऊपर भरोसा होना चाहिए। आप निम्नलिखित घरेलू किचन सामग्री को सौन्दर्य उत्पाद के बिकल्प के रूप में प्रयोग कर सकती हैं।

चावल के पानी का फेस रिंस :
चावल भारतीय व्यंजनों में न केवल मुख्य अनाज है, बल्कि इसकी सुंदरता बढ़ाने वाले गुणों के लिए भी जाना जाता है। खमीर बाला चावल पूर्वी एशियाई देशों में ब्यूटी डाइट का हिस्सा है। चावल का पानी सूर्य की तेज किरणों से त्वचा की क्षति को कम करने में मदद कर सकता है और कोलेजन के गठन को भी बढ़ावा देता है।

कैसे उपयोग करें :
इसके लिए उबले हुए चावल का पानी निथार लें। चावल के पानी को पूरी तरह से ठंडा होने दें और एक स्प्रे बोतल में डाल दें। इस घरेलू उपाय के लिए आप भीगे हुए चावल के पानी का इस्तेमाल कर सकती हैं। चावल को रात भर पानी में भिगो दें और अगली सुबह पानी निकाल दें। स्प्रे करने से पहले चावल के पानी को 2.3 दिनों के लिए फरमेंट होने दें।

चावल का आटा और एलोवेरा फेस मास्क :
चावल का आटा चेहरे की त्वचा को निखारता है त्वचा को समय से पहले फाइन लाइन्स को रोकता है। चाबल का आटा त्वचा पर जलन को कम करके त्वचा में शीतलता लाता है /इसे हल्के स्क्रबिंग के लिए प्राकृतिक एक्सफोलिएटर के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
एलोवेरा के कई स्वास्थ्यलाभ लाभ हैं जैसे मुंहासों को खत्म करना,
त्वचा को मॉइस्चराइज़ करना और काले धब्बों की रोकथाम

उपयोग कैसे करें :
इसका माइल्ड स्क्रब को बनाने के लिए 2 चम्मच ताजे निकाले गए एलोवेरा के गूदे में 3 चम्मच बारीक पिसा हुआ चावल का आटा मिलाएं। ठंडा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। ब्रश या साफ उंगलियों का उपयोग करके इस स्क्रब को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। ठंडे पानी से धोने से पहले इसे अपनी त्वचा पर तब तक लगा रहने दें जब तक कि यह सूख न जाए। यह स्क्रब आपकी त्वचा को तुरंत शांत करने के लिए जाना जाता है। सप्ताह में कम से कम एक या दो बार इस मास्क का प्रयोग करें।

ग्रीन टी फेशियल :
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण ग्रीन टी त्वचा की देखभाल के लिए एक बेहतरीन सामग्री है। यह अपने कैंसर से लड़ने वाले गुणों के लिए भी जाना जाता है। ग्रीन टी त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने, मुंहासों का इलाज करने और झुर्रियों को कम करने में मदद कर सकती है।

कैसे उपयोग करें :
हमेशा की तरह एक कप ग्रीन टी बनाने के लिए कुछ चाय की पत्तियों को उबालें। चाय को पूरी तरह से ठंडा होने दें और हर बार अपना चेहरा धोने के बाद आखिर में इसका इस्तेमाल करें। यह आपकी त्वचा को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करेगा और पिंपल्स और ब्रेकआउट से छुटकारा पाने में मदद करेगा।

नींबू और स्ट्रॉबेरी फेस मास्क :
यह मास्क सुन्दर और आकर्षक त्वचा को प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका है। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट गुण और इसकी विटामिन सी सामग्री त्वचा को एजिंग से बचाती है। स्ट्रॉबेरी में एक शक्तिशाली एस्ट्रिंजेंटए , एंटी.इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कील मुहांसों को ठीक कर सकते हैं। आपकी त्वचा को यूवी किरणों से बचा सकते हैं और मृत त्वचा कोशिकाओं को भी एक्सफोलिएट कर सकते हैं।

DIY स्किनकेयर मास्क का उपयोग कैसे करें :
दो बूंद नींबू का रस, 1 मैश की हुई स्ट्रॉबेरी और 1 चम्मच दही मिलाएं। मास्क को अपने चेहरे की त्वचा और गर्दन पर लगाएं। मास्क को धोने से पहले 30 मिनट तक रखें। सर्वोत्तम परिणामों के लिए सप्ताह में दो बार तकनीक को दोहरा सकती हैं।

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फिनाइल पीकर अभिनेता ने की जान देने की कोशिश…

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक फिल्म अभिनेता (30) ने अंधेरी स्थित अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या करने की कोशिश की। एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। डीएन नगर थाने के अधिकारी ने बताया कि जूनियर कलाकार सरफराज ने फिनाइल पी लिया था। हालांकि, उन्हें दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी।

पीड़ित ने एक फिल्म फेडरेशन के दो पदाधिकारियों को नौकरी दिलाने के लिए परेशान करने और पैसे लेने के आरोप में नामजद किया है। पुलिस ने दोनों पदाधिकारियों को इस संबंध में अपना बयान दर्ज करवाने को कहा है। अधिकारी ने कहा कि इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है। 

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पंचतत्व में विलीन हुए KK : इधर मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये बड़ा खुलासा…

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बॉलीवुड सिंगर केके इस दुनिया से हमेशा के लिए रुखसत हो गए। उनकी अचानक हुई मौत से फैंस को गहरा सदमा लगा है। ‘हम रहें या ना रहें कल…’ जैसे शानदार गाने गाकर लोगों के दिलों में उतरने वाले सिंगर केके का 31 मई की रात कोलकाता में एक कॉन्सर्ट में तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया था। केके का आज 2 जून को मुंबई में अंतिम संस्कार हुआ। केके के चाहने वालों ने आज उन्हें अंतिम विदाई देकर हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। केके तो चले गए हैं, लेकिन अपने गानों के जरिए वो फैंस की यादों में हमेशा के लिए जिंदा रहेंगे।

वहीं 1 जून को सिंगर के शव का पोस्टमार्टम किया गया। जिसमें एक बड़ा खुलासा हुआ है। उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक थी। केके की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर वक्त रहते उन्हें इलाज मिलता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सिंगर को मौके पर सीपीआर दिया गया होता तो उन्हें बचाया जा सकता था। जब तक वो अस्पताल पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी।

इसके साथ यह भी पता चला है कि सिंगर एंटासिड लेते थे। रिपोर्ट में डॉक्टर ने बताया कि उनकी लेफ्ट साइड की मेन कोरोनरी धमनी में एक बड़ी रुकावट थी और अन्य धमनियो में छोटे अवरोध थे। लाइव शो के दौरान ज्यादा एक्साइटमेंट के कारण रक्त प्रवाह रुक गया, जिससे हृदय गति रुक गई। जिसकी वजह से उनकी जान गई।

बता दें कि सिंगर केके के होंठ और माथे पर चोट के निशान पाए गए थे। इसके बाद से ही तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थी, लेकिन पीएम रिपोर्ट में ये साफ हो चुका है कि मौत की वजह हार्ट अटैक थी। इसके बाद ऐसी तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है। लेकिन डॉक्टरों साफ़ कहना था कि अगर वक्त पर सीपीआर मिल जाता तो लाखों लोगों के चहेते सिंगर केके की जान बचाई जा सकती थी।

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आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्डा’ को सोशल मीडिया पर उठी बायकॉट करने की मांग ? जानें वजह

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्ट कहे जानें वाले आमिर खान इन दिनों अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म लाल सिंह चड्डा को लेकर चर्चा में बने हुए है। बता दें कि फिल्म का ट्रेलर 29 मई को ही रिलीज किया गया है। इस मूवी में आमिर के साथ मुख्य भूमिका में करीना कपूर भी दिखाई देगी। हालांकि फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से सोशल मीडिया में फिल्म को बायकॉट करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। ट्रोलर्स इस फिल्म को बायकॉट करने की मांग कर रहे है।

सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘बॉयकॉट लाल सिंह चड्ढा’ काफी तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लोगों का आरोप है कि आमिर खान पहले ऐसे बहुत से विवादित बयान दे चुके हैं, जो भारतीय सभ्‍यता और संस्कृति के खिलाफ है।

बता दें कि आमिर खान चार साल बाद फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ से सिनेमाघरों में वापसी कर रहे हैं। उनकी आखिरी फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ है, जो फ्लॉप रही। वहीं लाल सिंह चड्डा की बात करें तो ये कहानी एक आम इंसान की जिंदगी पर आधारित है। इस फिल्म से पहले करीना कपूर और आमिर खान की जोड़ी पर्दे पर कई बार देखी गई। बता दें कि, अद्वैत चंदन ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। ये फिल्म सिनेमाघरों में 11 अगस्त को रिलीज होगी।

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मुंबई बम ब्लॉस्ट पर बनी फिल्म में छत्तीसगढ़ के डॉ. रियाज लीड रोल में, दर्शकों की मिल रही सराहना…

 

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। टिकिट बारी प्रोडक्शन कंपनी एबी फिल्म इंटरटेनमेंट के बेनर बले एवं सुदर्शन गमारे के निर्देशन में रियल स्टोरी मुंबई बम ब्लास्ट पर बनी हिन्दी फिल्म “हिमोलिम्फ द इनविजिबल ब्लड” पूरे देश के सभी राज्यों के साथ ही छत्तीसगढ के रायपुर एवं भिलाई के सिविक सेंटर स्थित मिराज सिनेमा में प्रदर्शित हुई है, जिसे देखने बड़ी संख्या में दर्शक उमड़ रहे है, और दर्शक सिनेमा हाल से निकलने के बाद इस फिल्म की भूरि भूरि इस बात की प्रशंसा कर रहे हैं।

इस फिल्म के प्रमुख नायक वाहिद (रियाज अनवर) जिनकी ये पहली फिल्म है और वे पेशे से डॉक्टर है, और वे कभी भी किसी भी ना ही नाटक में काम किये है और ना ही कही से एक्टिंग सीखे है, इसके बावजूद उन्होंने इतना बेहतरीन अभिनय किया है कि फिल्म देखने वाले सभी दर्शक उनके अभिनय का कायल तो हुये ही है इस बात पर भी दर्शक गर्व महसूस कर रहे हैं कि डॉ. रियाज अनवर अपने छत्तीसगढ के रायपुर के है, उनकी शिक्षा दीक्षा पूरी रायपुर में हुई है। और वे इस फिल्म से बॉलीवुड में डूब्यू किये है।

वहीं दूसरी प्रशंसा इस बात की लोग कर रहे है कि आज के व्यवसायिक दौर में बॉबी खान ने ऐसे रियल स्टोरी पर फिल्म बनाई है, जो बहुत बड़ा रिस्क था। जैसे ही लोगों को पता चल रहा है कि मुंबई बम ब्लास्ट के रियल स्टोरी पर यह फिल्म बनी है और अच्छी बनी हो तो लोग सिमेना हाल तक खीचें चले आ रहे है। इस फिल्म को आम दर्शक तो देखने आ ही रहे है खास बात यह है कि इसे देखने जहां छत्तीसगढी फिल्मों के कलाकार, निर्देशक सहित छॉलीवुड से जुड़े हुए लोग, सात्यिकार, पत्रकार एवं बुद्धिजीवी वर्ग भी इसे देखने पहुंच रहे है और लोगों को भी यह बता रहे है कि एक अर्से के बाद इतनी अच्छी रियल स्टोरी पर बनी फिल्म आई है, इसे जरूर देंखे।

इस फिल्म में जहां प्रमुख नायक रियाज अनवर ने वाहिद का रोल तो बेहतरीन किये ही है, इसके अलावा रूचिरा जाधव-साजिदा शेख वाहिद की पत्नी, रोहित कोकाटे-जावेद शेख, निलम कुलकर्णी-वाहिद की मां, दत्ता जाधव-वाहिद के पिता, साएली बन्डकर जावेद की पत्नी के साथ ही इसमें जेल का हवलदार सहित इस फिल्म के सभी कलाकारों के बेहतरीन अभिनय किया है।

इस फिल्म के माध्यम से पैसा कमाना नही सच्चाई से आम जनता को कराना था रू-ब-रू-बॉबी खान
फिल्म के निर्माता बॉबी खान ने हमारे संवाददाता को बताया कि मुंबई बम ब्लॉस्ट कांड में वास्तविक घटना और उसमें पुलिस द्वारा किस तरह बेगुनाहों को थाने में लाकर और निर्दयतापूर्वक पिटाई कर और उनके परिवार के लोगों को जान से मारने व इनकाउंटर की धमकी देकर जबरिया अपराध कबूल करवाने से लेकर समाज के एक वर्ग को किस प्रकार से बदनाम किया जा रहा है, इसकी सच्चाई समाज के सामने लाना उद्देश्य था। यह पहली बार ऐसा नही हुआ है,एक ओर हमारा कानून कहता है कि भले कोई अपराधी छूट जाये लेकिन किसी बेगुनाह को पुलिस अपराधी न बनाये लेकिन हमारे देश में ये आये दिन होता रहता है कि पुलिस अपनी नाकामी को छिपाने व राजीनीति दबाव के कारण तथा उपरी कमाई और अपराधियों से सांठगांठ के कारण अपराध करने वाले मुजरिमों को छोड़कर बेगुनाहों को जेल में डाल देती है और उनका और उनके परिवार का पूरा कैरियर बर्बाद कर देती है। इस फिल्म से पैसा कमाना मेरा मकसद नही था मेरा मकसद था कि सच्चाई लोगों तक पहुंचे।

बम ब्लॉस्ट के सभी पहलुओं का बारीकी से तहकीकात करने के बाद लिखा इसका स्क्रिप्ट-निर्देशक गमारे
फिल्म के निर्देशक सुदर्शन गमारे ने बताया कि यह फिल्म बनाना बहुत ही रिस्की था,पहले इस घटना के बारे में बारीकी से तहकीकात किया उसके बाद इस फिल्म मे केस डायरी सेशन कोट, हाईकोर्ट और सुप्र्रीम कोट का फैसला के साथ ही पुलिस द्वारा एक बेगुनाह शिक्षक सहित कई बेगुनाओं को किस तरह से फंसाया गया। एक एक चीज का बेहद बारीकी से तहकीकात करने के बाद इस फिल्म का स्क्रिप्ट लिखा और बनाया । फिल्म के नायक रियाज अनवर (फिल्म में वाहिद) ने तो कमाल ही कर दिया, वे वास्तव में बहुत ही प्रतिभावाना, सिन्सीयर और सर्पोटिंग नेचर वाले कलाकार है। हालांकि इस फिल्म से अनवर ने डेब्यू किया है लेकिन उनके साथ काम करते समय कही से नही लगा कि वे नॉन एक्टर होने के बाद भी एक दम नेच्युरल एक्ट किये है।

यह फिल्म एक शिक्षक के संघर्ष पर आधारित है। फिल्म का प्रमोशन जेल रोड स्थित होटल में किया गया। फिल्म 27 मई को पूरे भारत में 250 सेंटर में रिलीज की जाएगी।

निर्देशक सुदर्शन गामारे ने बताया कि एबी फिल्म्स इंटरटेनमेंट के तहत बनी फिल्म के निर्माता बाबी खान और टिकट बारी हैं। वे स्वयं पहली बार निर्देशन कर रहे हैं। फिल्म की कहानी 11 जुलाई 2006 को मुंबई मेें ट्रेन मेें बम विस्फोट के साथ शुरू होती है। शिक्षा की मशाल थामे, नई पीढिय़ों को ज्ञान बांटने वाले एक शिक्षक वाहिद शेख की मुंबई घटना के बाद गिरफ्तारी होती है।

इसके बाद शुरू होता है उनके परिवार वालों का संघर्ष। स्वयं को निर्दोष साबित करने के लिए जिद्दोजहद के बाद आखिर सच्चाई की जीत होती है। फिल्म इसी ताने-बाने के बीच बुनी गई सच्ची कहानी है। वाहिद शेख की भूमिका रायपुर के रियाज अनवर ने निभाई है। नायिका की भूमिका रुचिरा जाधव ने और मुज्तबा अजीज नाजा ने संगीत दिया है। फोटोग्राफी रोशन राजन मापुस्कर का है और संपादन एचएम ने किया है।

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