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बिलासपुर पुलिस का कारनामा, सट्‌टा किंग को पैसे लेकर छोड़ा...

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिलासपुर पुलिस की एंटी साइबर एंड क्राइम यूनिट (एसीसीयू) का नया कारनामा सामने आया है। टीम के सदस्यों ने मध्यप्रदेश के ऑनलाइन सट्‌टा चलाने वाले माफिया को पकड़कर छोड़ दिया।

हैरानी की बात है कि इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को भी नहीं दी गई और ब्रांच स्तर पर ही मामले को रफादफा कर दिया गया। सेटिंग में एक पार्षद ने मीडिएटर की भूमिका निभाई और हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन किया गया।

बताया जा रहा है कि सट्‌टा किंग मनोज पंजवानी का बिलासपुर में ससुराल है और वह शादी में शामिल होने आया था। वह मध्यप्रदेश के कटनी का रहने वाला है और दुबई से संचालित एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाता है।

वह बीते बुधवार की रात बिलासपुर आया था और तोरवा के धान मंडी के सामने ईश्वरी विष्णु कृपा के पास ठहरा हुआ है।

इसकी जानकारी मिलते ही एसीसीयू की टीम वहां पहुंच गई। टीम ने मनोज पंजवानी को पकड़ भी लिया। इसकी भनक लगते ही तोरवा क्षेत्र का पार्षद भी पहुंच गया। सट्‌टेबाज से सेटिंग करने में पार्षद ने मीडिएटर की भूमिका निभाई और लेनदेन तय कर उसे छोड़ दिया गया।

इस पूरे खेल में जिस तरह से काम हुआ, जिसकी भनक पुलिस अफसरों को नहीं लगी। न ही एसीसीयू प्रभारी ने इसकी जानकारी दी। सुनियोजित तरीके से हुए इस लेनदेन की पुख्ता शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की गई है, जिसमें बताया गया है कि सट्‌टेबाज ने हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर किया है।

हालांकि, पुलिस अफसर अगर गंभीरता से जांच कराएंगे तो सेटिंग करने वाले खुद ब खुद सामने आ जाएंगे। क्योंकि, हवाला का पैसा तारबाहर क्षेत्र के मैग्नेटो माल के पास रहने वाले युवक के पास आया है और उसके माध्यम से ट्रांक्जेक्शन किया गया है। बैंक अकाउंट की जानकारी जुटाने पर दोषियों का सामने आना तय है।

ऑनलाइन सट्‌टा एप संचालक का शहर में ससुराल है। बताया जा रहा है कि वह सट्‌टे की काली कमाई को यही इन्वेस्ट कर रहा है। इसमें उसके 30-40 करोड़ की बेनामी संपत्ति होने का दावा किया जा रहा है।

वह अपने रिश्तेदारों के जरिए रकम इन्वेस्ट करता है। बिलासपुर में कई जगह दुकानें हैं। इलेक्ट्रिकल्स व्यापारी के जरिए कुछ कई जगह बड़ी जमीन खरीदी है ।राजकिशोर नगर में स्मृति वन के पास अपार्टमेंट बनवा रहा है।

एसीसीयू प्रभारी धर्मेद्र वैष्णव का कहना है कि सट्‌टा संचालक के बारे में मुझे तो नाम तक पता नहीं है और न ही मुझे आने की जानकारी है। टीम से कौन गया था यह भी जानकारी नहीं है।

इस संबंध में टीम के सदस्यों से पूछताछ की जाएगी। ऐसा हुआ है तो अफसरों को जानकारी देकर उनके खिलाफ कार्रवाई भी जाएगी।

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जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में 6 की मौत

मुरैना (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुरैना के सिहौंनिया थाना क्षेत्र के तहत लेपा गांव में जमीन के विवाद में दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। संघर्ष के दौरान दोनों गुटों के लोगों ने लाठियों से हमला किया और बंदूकों से फायरिंग की।

फाइरिंग में छह लोगाें की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिंहौनिया सहित आसपास के थानों से भी पुलिस बल लेपा गांव भेजा गया है। घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थति बनी हुई है।

गांव से मृतकों के शवों को मुरैना अस्पताल में पीएम के लिए लाया गया है। साथ ही घायलों को भी इलाज के लिए मुरैना अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फायरिंग में लेस कुमारी पत्नी वीरेंद सिंह, बबली पत्नी नरेंद्र सिंह तोमर, मधु कुमारी पत्नी सुनील तोमर, गजेंद्र सिंह पुत्र बदलू सिंह, सत्यप्रकाश पुत्र गजेंद्र सिंह व संजू पुत्र गजेंद्र सिंह है। घायलाें में विनोद सिंह पु. सुरेश सिंह तोमर, वीरेंद्र पुत्र गजेंद्र सिंह है।

लेपा गांव के रंजीत तोमर व राधे तोमर के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 2014 में दोनों पक्षाें के बीच में विवाद हुआ और रंजीत तोमर के पक्ष ने राधे तोमर के परिवार के दो तीन लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद से रंजीत तोमर का परिवार गांव छोड़कर चला गया था। कुछ दिन पहले ही वह गांव में लौटा तो बदला लेने की नीयत से हमला किया।

फायरिंग कर हत्या करने के बाद आरोपित परिवार सहित फरार हो गए। साथ ही गांव में इस घटना के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव का कोई भी व्यक्ति कुछ कहने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। साथ ही आरोपितों की तलाश कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अभी आरोपित खेतों व बीहड़ों में छिपे हो सकते हैं।

लेपा गांव के पास ही भिड़ोसा गांव है। भिड़ोसा गांव के ही डकैत पान सिंह तोमर थे। जिनके ऊपर फिल्म भी बन चुकी है। पान सिंह तोमर का विवाद भी जमीन को लेकर गांव के लोगों के साथ हुआ था और वह डकैत बने थे। खासबात यह है कि दोनों ही गांवों को जोड़कर यानि लेपा-भिड़ोसा के नाम से जाना जाता है।

दिमनी के विधायक रविंद्र तोमर का गांव भी लेपा गांव के पास भिड़ोसा है। इसी गांव के डकैत पान सिंह तोमर थे। इसलिए भी ये गांव जिले में अपनी पहचान रखता है।

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टिकट बुकिंग के नाम पर लाखों रूपए की धोखाधड़ी, जुर्म दर्ज

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) शहर में टिकट बुकिंग के नाम पर लाखों रूपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ये घटना आज़ाद चौक थाने की है।  

पुलिस ने बताया कि 1-11-2022 से 25-03-2023 के बीच आरोपियों फागुलाल पटेल और पुरूषोत्तम निर्मलकर जो शहर स्थित च्वाईस हालीडेज में टिकट बुकिंग का काम करते थे उन्होंने टिकट बुकिंग का राशि 12.71 लाख रूपए की टिकट बुकिंग की थी  राशि को गबन कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 408, 34 के तहत अपराध कायम किया है और आरोपियों की तलाश कर रही है।

 

 

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नाली में मिली युवक की लाश, क्षेत्र में हड़कंप

बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले के डौंडी नगर से दो किमी. दूर ग्राम उकारी में एक युवक की लाश मिली है। लाश मिलने से गांव में हड़कंप मचा गया है। जिसे देखने ग्रामीणों की भीड़ लग गई। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामला डौंडी थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, मृत युवक की पहचान नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि युवक का मुंह नीचे था और पैर ऊपर। युवक का मुंह नाले पर गिरे बिजली के खंभे में फंसा हुआ था।

अंदाजा लगाया जा रहा था कि, युवक नाले पर बने पुलिया की साइड पर बैठा रहा होगा। नीचे की ओर गिरने की वजह से यह हादसा हुआ होगा। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची। मृत युवक के परिचित सुरेश कावड़े ने बताया कि, वह और मृतक अक्षय कावड़े पिता जगत कावड़े और महेंद्र कावड़े तीनों ग्राम चौगेल मुल्ला निवासी हैं। बताया जा रहा है कि, वह गत रात्रि ग्राम उकारी के टेकाम परिवार के यहां शादी में आये हुए थे। मृतक अक्षय रात में शादी से निकलकर कहीं चला गया। सुबह ग्राम के नाली में उसकी लाश देखी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर जांच में जुट गई है। संभावना जताई जा रही है कि, युवक नशे की हालत में रहा होगा। इसी की वजह से यह हादसा हुआ होगा।

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कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना का एनकाउंटर

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)  कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना उर्फ अनिल नागर को एसटीएफ ने गुरुवार को मुठभेड़ में मार गिराया है। यूपी एसटीएफ ने इस कार्रवाई को मेरठ में अंजाम दिया है।

जानकारी के मुताबिक, गैंगस्टर अनिल दुजाना के मेरठ में भोला झाल पर सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ ने उसे चारों ओर से घेर लिया। बताया गया कि पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई।

अनिल दुजाना पर यूपी समेत अन्य राज्यों में 60 से अधिक हत्या, रंगदारी, फिरौती आदि के केस दर्ज थे। बादलपुर का दुजाना गांव कभी कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था। 

दुजाना 10 अप्रैल को जमानत पर बाहर आया था।  जेल से रिहा होते ही उसने गौतमबुद्ध नगर में अपने खिलाफ गवाही दे रहे लोगों को धमकियां दी थीं। एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि वो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसके चलते उसकी तलाश शुरू की। इसी क्रम में उसके मेरठ में छिपे होने की सूचना मिली।

बता दें कि प्रदेश सरकार की तरफ से माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में राज्य भर के 66 माफिया की लिस्ट बनाई गई है। इनमें सात गौतमबुद्धनगर के थे। इस सूची में अब छह गैंग बचे हैं। 

 
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बंद कमरे में पति की मिली लाश.

उमरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले से सनसनीखेज मामला आया है। नौरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम चरगवां में बंद कमरे में पति की धारदार हथियार से कटा हुआ लाश मिला है। वहीं कमरे में ही पत्नी अचेत अचस्था में पड़ी हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।

परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायल महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया में प्राथमिक इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जिसके बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि ग्राम लोढ़ा निवासी युवक अपनी पत्नी के साथ शादी में शामिल देर रात अपने ससुराल ग्राम चरगवां पहुंचा था।

लेकिन दोनों का शादी में जाने के नाम पर में विवाद हो गया। सुबह पति की मौत और पत्नी घायल अवस्था में मिली। पुलिस विवेचना में जुटी हुई है कि किन परिस्थितियों में युवक की मौत हुई है और उसकी पत्नी कैसे घायल हुए है। घटना स्थल पर दीवार में लिखा मिला कि ”मेरे घर के आदमी को ना फसाना हम दोनों अपनी से मर गए है पोस्टमार्टम ना कराना।

 

 

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सीबीआई की रेड में अधिकारी के घर से 20 करोड़ कैश बरामद

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम वापकोस लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक राजिंदर कुमार गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के परिसरों पर छापा मारा। इस दौरान सीबीआई ने 20 करोड़ रुपए नकद बरामद किए हैं।

एजेंसी ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में गुप्ता, उनकी पत्नी रीमा सिंगल, बेटे गौरव और बहू कोमल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

 



ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई ने पूर्व सीएमडी, वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (WAPCOS, जल शक्ति मंत्रालय के तहत भारत सरकार का एक उपक्रम) और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप लगाया है कि आरोपी कार्यकाल के दौरान 1 अप्रैल, 2011 से 31 मार्च, 2019 तक, उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति थी।

उन्होंने कहा कि यह भी आरोप है कि आरोपी ने अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त होने के बाद दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी के नाम से परामर्श व्यवसाय शुरू किया था। आरोपियों की कथित अचल संपत्तियों में दिल्ली, गुरुग्राम, पंचकुला, सोनीपत और चंडीगढ़ में फैले फ्लैट, व्यावसायिक संपत्तियां और फार्महाउस शामिल भी हैं।

बता दें कि सीबीआई ने आरोपी के दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, सोनीपत और गाजियाबाद में 19 स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें ₹20 करोड़ (लगभग) की भारी मात्रा में नकदी, सोने चांदी के आभूषण और अन्य मूल्यवान सामान और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

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ग्राम जमगहना में रूकवाया बाल विवाह

कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गत मंगलवार को विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के ग्राम जमगहना कोटकताल में परिजनों को समझाइश देकर 14 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रोका गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल विवाह स्थल पहुंचकर बाल विवाह हेतु गठित परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग,जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस ईकाई की टीम, चाईल्ड लाईन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम के द्वारा शाला प्रमाणपत्र के समस्त दस्तावेजों का अवलोकन किया गया।

जिसमें बालिका की जन्मतिथि 26 जून 2009 पाया गया।

जिसके बाद परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह किए जाने की स्थिति में होने वाले वैधानिक प्रावधानों से तथा बालक, बालिका पर पडऩे वाले सामाजिक, शारीरिक दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और बाल विवाह रुकवाया गया।

परिजनों ने अपनी सहमति जताते हुए वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित करने का भरोसा दिलाया साथ ही यह भी सहमति जताई गई कि पंचनामा तैयार करने के बाद भी बाल विवाह किया जाता है तो परिजनों पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

 

 

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किसान को ठगने वाले अनाज व्यापारी पिता-पुत्र गिरफ्तार

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई  (छत्तीसगढ़ दर्पण) पुलिस ने जिले में किसान से 2016 में 11.03 लाख रुपये ठगने के आरोप में एक बुजुर्ग अनाज व्यापारी और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है।  

पुलिस ने आरोपी की पहचान गंडई स्केटर के विजय सुराना (62) और उसके बेटे मयंक (34) के रूप में की है।   

पुलिस ने बताया कि व्यापारी ने हनईबन गांव के किसान अमर सिंह साहू को 2016 से 2021 के बीच सुराना ट्रेडर्स के मालिक पिता-पुत्र को धान और चना बहका था जिसके बाद आरोपियों ने किसान को अबतक रुपये का भुगतान नहीं किया था।

 

 

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शूटआउट के आरोपी गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ जेल में हत्या हो गई है।

तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या हो गई है। विरोधी गैंग के गैंगस्टर ने मिलकर जेल में टिल्लू को मौत के घाट उतार दिया

(छत्तीसगढ़ दर्पण) दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में शूटआउट के आरोपी गैंगस्टर टिल्लू ताजपूरिया की मौत हो गई है। टिल्लू को उसके विरोधी गैंग के योगेश टुंडा और अन्य साथियों ने मिलकर 

तिहाड़ जेल में जान से मार दिया है। दोनों के बीच हुई हिंसक झड़प में टिल्लू बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी

 मौत हो गई। जेल अधिकारियों ने बताया कि हम मामले की आगे जांच कर रहे हैं। जिस तरह से तिहाड़ जेल के भीतर गैंगवॉर हुई है वह जेल के भीतर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करता है।

 बता दें कि टिल्लू पर रोहिणी कोर्ट में शूटआउट करने का आरोप था। इसके साथ ही उसपर जितेंद्र गोगी की हत्या कराने का भी आरोप है। जानकारी के अनुसार योगेश टुंडा और साथी दीपक 

तीतर ने लोहे की एक रॉड से टिल्लू पर हमला किया था। इसके बाद इसे अस्पताल पहुंचाया गया,जहां डॉक्टर ने उसे सुबह 6.30 बजे मृत घोषित कर दिया। इस पूरे मामले की पुलिस जांच कर 

रही है।दिल्ली पुलिस के अडिशनल डीसीपी अक्षत कौशल ने बताया कि आज सुबह बजे हमें डीडीयू अस्पताल से यह जानकारी मिली कि तिहाड़ जेल में बंद दो कैदियों को अस्पताल लाया

 गया था। इसमे से एक सुनील ऊर्फ टिल्लू को बेहोश अवस्था में लाया गया था। बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया।  जबकि दूसरे कैदी रोहित का इलाज चल रहा हैवह खतरे से बाहर है।

पुलिस ने बताया कि योगेश टुंडा जेल नंबर में अन्य सदस्यों के साथ बंद थाजिसने जेल नंबर में बंद टिल्लू पर लोहे की रॉड से हमला किया था। योगेश ने वार्ड में लगी लोहे की ग्रिल को 

तोड़कर इससे टिल्लू पर हमला किया था। इस मामले की आगे की जांच चल रही है।  बता दें कि पिछले साल 24 सितंबर को दो शूटर्स ने रोहिणी की कोर्ट नंबर 207 में जितेंद्र गोगी की कोर्ट

 नंबर 207 में जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सूत्रों ने बताया कि शूटआउट से एक दिन पहले जगदीश और उमंग नाम के  शूटर्स ने राकेश ताजपुरिया  से मुर्थल में हथियार लिया 

था। उमंग और जगदीप वकीलों की पोशाक में कोर्ट पहुंचे। इन लोगों के साथ टिल्लू लगातार संपर्क में था, वह जेल के भीतर से ही व्हाट्सएप कॉल के जरिए इनके संपर्क में था। '

 

 

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नक्सलियों ने युवक को उतारा मौत के घाट

बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) वंनाचल क्षेत्र में नक्सलियों का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन नक्सली ग्रामीण व जवानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में रहते है।

इसी बीच नक्सलियों ने एक बार फिर एक युवक की हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक लकड़ी लेने के लिए जंगल की ओर गया था। इसी दौरान नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया।

मृतक की पहचान अवलम हड़मा के नाम से हुआ है। जानकारी के अनुसार घटना बीती रात की है। जहां अवलम हड़मा नाम के एक युवक ने जंगल की ओर लकड़ी लेने के लिए गया था।

इसी दौरान नक्सलियों ने युवक को मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद शव को गांव के नजदीक खेत में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में दहशत का माहौल हो गया है।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से नक्सली काफी सक्रीय दिखाई दे रहे है। इससे पहले दंतेवाड़ा में बड़ी घटना को अंजाम दिया था। बुधवार को नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों को ले जा रहे वाहनों के काफिले में शामिल एक वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया। इस घटना में 10 पुलिसकर्मी समेत एक वाहन चालक शहीद हो गए।

 

 

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एटीएम बदलकर ठगी करने वाले 2 आरोपी गिरफ़्तार

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एटीएम से रुपए निकालने के दौरान लोगों की मदद करने के बहाने एटीएम कार्ड बदल कर धोखाधड़ी करने के मामले में सरगुजा पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी झारखंड के रांची का रहने वाला है, जबकि इसका सहयोगी जशपुर निवासी है। मुख्य आरोपी अपने सहयोगी के साथ कार से अंबिकापुर आता था और एटीएम बूथों पर जाकर भोले-भाले नागरिकों की सहायता करने के नाम पर एटीएम कार्ड बदलकर रुपए आहरित कर लेता था। मुख्य आरोपी आदतन बदमाश है। वह दिल्ली जेल में एक कांट्रेक्टर की हत्या के मामले में सजा काट रहा था। वर्ष 2019 में पैरोल पर बाहर आया था। इसके बाद से वह फरार था और एटीएम टेंपरिंग कर धोखाधड़ी कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने इस पर 10 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि थाना कोतवाली, मणिपुर, बतौली में अलग-अलग लोगों का एटीएम कार्ड बदल कर रुपए निकाले जाने के अपराध दर्ज थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर टीम का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज व साइबर सेल से आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त कर संयुक्त टीम रांची झारखंड के लिए रवाना हुई थी।

ऑपरेशन साइबर क्लीन के तहत संयुक्त टीम द्वारा एटीएम अदला-बदली करने के मामले में शातिर आरोपी मुकेश कुमार सोनी निवासी धुर्वा रांची झारखण्ड के ठिकानों पर दबिश दी गई। दबिश की जानकारी लगते ही आरोपी ट्रक से लिफ्ट लेकर बिहार की ओर भाग रहा था। इस पर संयुक्त पुलिस टीम की सतर्कता एवं सजगता से 200 किमी पीछा कर घेराबंदी कर आरोपी को छतरपुर झारखण्ड में पकड़ा गया।

 

 

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व्यापारी के आत्महत्या मामले में पत्नी गिरफ्तार

बस्तर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पुलिस ने व्यापारी के आत्महत्या मामले में उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। पूरा मामला एक साल पूर्व की है। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी पत्नी द्वारा लगातार अपने पति को शारीरिक मानसिक प्रताड़ना कर रही थी। जिससे तंग आकर व्यापारी ने खुदकुशी की थी।

मृतक एल त्रिनाथ राव के पास सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड के आधार पर मृतक के बेटे एल सुधीर राव ने पुलिस थाने में शिकायत की थी। इससे पहले भी मृतक कई बार जान देने की कोशिश कर चूका था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने व्यापारी की पत्नी को गिरफ्तार किया है। आगे की कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है।

 

 

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नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाला पूर्व हिस्ट्रीशीटर समेत दो गिरफ्तार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाला पूर्व हिस्ट्रीशीटर राकेश बैस और उसका सहयोगी ओम नारायण पांडेय को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

अलग-अलग विभागों में नौकरी लगाने का झांसा देकर प्रार्थी सहित कुल 10 लोगों से 35 लाख की ठगी की थी। आरोपी राकेश बैस थाना डीडी नगर का पूर्व हिस्ट्रीशीटर है।

उसके खिलाफ थाना डीडीनगर, पुरानी बस्ती, आजाद चौक एवं आमानाका में हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, उद्यापन सहित अन्य मामलों के एक दर्जन से अधिक अपराध पंजीबद्ध है, जिनमें वह जेल जा चुका है।

प्रार्थी रामनारायण राजपूत ने थाना डीडी नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह दीनदयाल उपाध्याय नगर में रहता है। प्रार्थी सीआइएसएफ में आरक्षक के पद पर वर्ष 2018 में रायपुर एयरपोर्ट में पदस्थ था। इसी दौरान मंडी निरीक्षक, उप निरीक्षक खाद्य निरीक्षक, अन्य विभागों में भर्ती के लिए 2021-2022 में नियुक्ति पद निकला था। इसमें प्रार्थी व उसके परिवार के सदस्यों द्वारा विभिन्न व्यापम के पदों के लिए आवेदन किया। भर्ती परीक्षा चालू थी।

इसी दौरान प्रार्थी के परिवार के अन्य सदस्य प्रार्थी के घर जाकर नौकरी के संबंध में प्रार्थी के पड़ोसी राकेश सिंह बैस से चर्चा किए तब राकेश सिंह बैस ने प्रार्थी से कहा कि उसकी बहुत ऊपर तक पहचान है, मैं तुम्हारे रिश्तेदारों को नौकरी में लगवा दूंगा। जिसके लिए पैसे देने होंगे।

प्रार्थी उसके झांसे में आ गया और अलग-अलग किश्तों में कुल 35 लाख रुपये दे दिए।

रिजल्ट आने के बाद नौकरी नहीं लगी तो प्रार्थी ने राकेश से पैसे की मांग की तो आरोपित राकेश कुमार बैस लगातार गुमराह करने लगा। एक वर्ष बीतने के बाद भी पैसे नहीं दिए। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया।

 

 

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दंपति की हत्या करने के वाले तीन लोगों को सजा-ए-मौत

जबलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) जबलपुर की एक अदालत ने 2021 में शहर के करीब रहने वाले एक दंपति की हत्या करने के मामले में तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश अनिल चौधरी ने इस हत्याकांड को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए गुरुवार को तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी और मीडिया प्रभारी भागवत उइके ने बताया कि अदालत ने दोषियों को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया और कहा कि उनका अपराध रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में आता है।

उन्होंने कहा कि अदालत ने पुष्पराज कुशवाह और उनकी पत्नी नीलम की हत्या के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद तीनों दोषियों – रवि कुशवाह, राजा कुशवाह और विनय कुशवाह को दो बार मौत की सजा सुनाई।

तीनों हत्यारों ने 14 जून, 2021 को झगड़े के दौरान अपने परिजनों को बचाने आए दंपति को चाकू मार दिया था। उइके ने कहा कि घायल पति-पत्नी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

मामले के विवरण के अनुसार, तीनों दोषी पुष्पराज के भाई गोलू के घर में घुस गए और विवाद को लेकर उसे, उसकी पत्नी और उनके पांच वर्षीय बेटे प्रतीक को चाकू मार दिया था। ये सभी जबलपुर के गोरखपुर मोहल्ले में रहते थे। जब पुष्पराज और उसकी पत्नी गोलू और उसके परिवार को बचाने आए तो आरोपी ने दंपति पर भी चाकू से हमलाकर मार डाला था।

अदालत ने तीनों को आईपीसी की धारा 450 (आजीवन कारावास के साथ दंडनीय अपराध करने के लिए घर में अतिचार), धारा 307 (हत्या का प्रयास), धारा 34 (साझा इरादा), 324 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियार या चोट पहुंचाना) के तहत भी दोषी ठहराया। उइके ने कहा, इन मामलों पर सजा साथ-साथ चलेगी।

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शार्प शूटर की पुलिस ने निकाली हेकड़ी

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सोशल मीडिया पर खुद को डॉन समझने वाले संभल जायें !..बिलासपुर पुलिस की नजर आप पर हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप ग्रुप पर रील बनाकर शेयर करने का जबरदस्त क्रेज चला हुआ है।

कोई स्टंट करते हुए रील्स बनाता है, तो कोई हथियारों को लहराकर खुद को डॉन बताता है। कई बार घटनाएं भी घटी, कई दफा कार्रवाई भी हुई, बावजूद आये दिन ऐसे रील्स बन रहे हैं। अब बिलासपुर पुलिस इंस्टा-फेसबुक सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कड़ी नजर रख रही है।

हथियारों व आपत्तिजनक सामानों को प्रदर्शित करते हुए वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट करने वालों पर अब पुलिस शिकंजा कस रही है।

पिछले कुछ दिनों से बिलासपुर में अमन सोनकर नाम के युवक ने शार्प शूटर नाम से ग्रुप बनाया और उसमें हथियारों के साथ अपने वीडियो और रिल्स पोस्ट की।

बिलासपुर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट हुए इस वीडियो पर तुरंत संज्ञान लिया और आईडी धारकों को चिन्हांकित किया और पकड़कर घातक हथियार, चाकू एवं पिस्टलनुमा लाईटर व एयरगन सहित अन्य हथियारों के साथ विडियो, फोटो एवं रिल्स नहीं बनाने की समझाईश दी।

इस मामले में आईडी धारकों ने खुद का माफीनामा विडियों बनाकर अपने प्रोफाईल आई.डी. में पोस्ट किया गया।

बिलासपुर एसपी संतोष सिंह के मुताबिक बिलासपुर पुलिस लगातार सोशल मीडिया एकाउंट पर नजर रख रही है। पहली बार उन्हें समझाईश दी जा रही है और माफीनामा का वीडियो बनाकर उनके सोशल मीडिया में पोस्ट कराया जा रहा है।

अगली बार अगर इस तरह की गलती को दोहराया जाता है तो कार्रवाई भी जा रही है। एसपी संतोष सिंह ने बताया कि ऐसे विडियों, फोटो एवं रिल्स बनाकर प्रसारित करने वाले कुछ व्यक्तियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई तथा नाबालिगों के परिजनों को बुलाकर समझाईश देकर छोड़ा गया।

एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की साईबर विंग की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की टीम द्वारा सोशल मीडिया के समस्त प्लेटफॉर्मों पर प्रोफाईल आई.डी. बनाते हुए ऐसे विडियों, फोटो एवं रिल्स बनाकर प्रसारित करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

 

 

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मशीनरी खरीदी के नाम पर महिला ने की लाखों रूपए की ठगी, जुर्म दर्ज

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शहर में सिगरेट बनाने की मशीनरी खरीदी  करने के नाम पर महिला ने लाखों रूपए की ठगी की है।  ये मामला गंज थाना का है।  

पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला लीलादेवी परमार ने पिड़ित विवेक बलीराम वरेटवार के स्वामित्य के सिगरेट निर्माण संबंधी मशीनरी खरीदी करने का सौदा किया और 5 लाख रूपए टोकन दिया। 

महिला ने पीड़ित से मशीन लेने के बाद शेष राशि न देकर धोखाधडी किया।

पुलसि ने महिला के खिलाफ भादवि की धारा 420, 34 ते तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे जाँच चल रही है।

 

 

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बटनदार चाकू के साथ गोलू गिरफ्तार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर की टिकरापारा थाना पुलिस ने 27 अप्रैल को थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित संतोषी नगर ओव्हरब्रीज के नीचे हाथ में बटनदार चाकू लेकर आम लोगों को आतंकित करते आरोपी कामेश ऊर्फ गोलू बंजारे पिता चन्द्रेश बंजारे उम्र 22 साल निवासी दुर्गापारा संतोषी नगर थाना टिकरापारा रायपुर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से अवैध रूप से रखा 1 बटनदार चाकू जब्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 195/23 धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई।

 

 

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