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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर श्री हरिवंश का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा उपस्थित थे।


          उल्लेखनीय है कि श्री हरिवंश आज पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना वाहन दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिरने से 10 वीर जवानों के शहीद होने को अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताते हुए इस दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत वीर सैनिकों की आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असह्य दुःख को सहन करने की असीम शक्ति दें। उन्होंने हादसे में घायल सभी जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र इन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा और संकट की इस घड़ी में देश उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
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मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि: चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी, ₹680 करोड़ की लागत से बनेगा 300 बिस्तरों का बॉम्बे हॉस्पिटल

नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।


यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।

नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।

बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन श्री भरत तापड़िया, सचिव श्री श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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“दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को यात्री शिकायत निवारण में उत्कृष्टता के लिए “रेल मदद शील्ड का रायपुर स्टेशन पर भव्य स्वागत

रेलवे, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव, चयनित रेलवे कर्मचारियों को 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया। अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार-2025 के अंतर्गत

इसी प्रकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को 
रेल मदद शील्ड प्राप्त होने पर रायपुर स्टेशन पर इसका भव्य स्वागत किया गया। रेल मदद शिल्ड दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री प्रवीण पांडेय जी द्वारा नई दिल्ली बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस से लाई जा रही थी। जिसका रायपुर स्टेशन पर वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। 
 इस अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 05 पर शील्ड का भव्य स्वागत किया गया। प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीसीसीएम) श्री प्रवीण पांडेय जी मैं रायपुर रेल मंडल द्वारा रेल मदद में एक्सीलेंट उपलब्धियां दर्ज करने पर कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया एवं आगे भी निरंतर इसी तरह यात्रियों की मदद के लिए तत्पर रहने की बात कही। इस अवसर पर बिलासपुर जोन के वाणिज्य विभाग के अधिकारी एवं रायपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग के अधिकारी  रायपुर स्टेशन पर कार्यरत स्टाफ, टिकट चेकिंग स्टाफ, स्काउट गाइड, वाणिज्य निरीक्षक, प्रचार निरीक्षक, पुलिस बैंड, सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

 रेलवे, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा रेल मदद शील्ड दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश एवं प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री प्रवीण पांडेय ने प्राप्त की। 

भारतीय रेल के सभी जोनों में रेल मदद प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज यात्रियों की शिकायतों के प्रभावी, त्वरित और संतोषजनक निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है । तीनों मंडलों में रायपुर नागपुर बिलासपुर के संयुक्त प्रयासों विशेष तौर पर रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी द्वारा स्वयं रेल मदद की मॉनिटरिंग एवं  उनके नेतृत्व में वाणिज्य कंट्रोल विभाग की सक्रिय टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।

रेल मदद भारतीय रेल का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो शिकायत निवारण, पूछताछ और यात्री सहायता के लिए बनाया गया है । इस एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्री स्वच्छता, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, खानपान एवं अन्य सेवाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, उनकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं तथा मोबाइल ऐप, वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से फीडबैक भी दे सकते हैं । यह प्रणाली यात्रियों की समस्याओं के त्वरित, समन्वित और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करती है, जिससे यात्रा अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होता है ।

यह पुरस्कार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के निरंतर प्रयासों, प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण को मान्यता देता है, जो समयबद्ध और प्रभावशाली ढंग से शिकायतों के समाधान में परिलक्षित होता है । यह उपलब्धि रेलवे की सेवा उत्कृष्टता के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है ।

यह सफलता डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के माध्यम से यात्री संतुष्टि बढ़ाने तथा उत्तरदायी, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली रेल सेवाएं प्रदान करने की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है ।

इस उपलब्धि पर श्री प्रवीण पांडेय, प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, ने वाणिज्य विभाग के सभी कर्मचारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया । उन्होंने यात्रियों की समस्याओं को सक्रिय रूप से उठाने और त्वरित कार्रवाई करने में कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की । विशेष रूप से उन्होंने यात्रियों को प्रदान की गई उत्कृष्ट चिकित्सा सहायता तथा अनधिकृत यात्रियों की पहचान कर उन्हें उतारने (डिट्रेनिंग) की प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा की। भविष्य की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए उन्होंने ई-कैटरिंग के माध्यम से स्वस्थ एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने तथा ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन (AVM) के जरिए सेवाओं को और बेहतर बनाने की बात कही, ताकि यात्रियों के आराम और संतुष्टि में निरंतर वृद्धि हो सके ।
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रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के कर-कमलों से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के श्री सांध्य प्रदीप चौबे स्टेशन अधीक्षक को ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के श्री सांध्य प्रदीप चौबे स्टेशन अधीक्षक को रेल सेवाओं के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं परिणामोन्मुखी योगदान के लिए दिनांक 09 जनवरी 2026 को माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के कर-कमलों से “अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया गया। श्री सांध्य प्रदीप चौबे ने नया रायपुर में एचपीसीएल गति शक्ति कोचिंग टर्मिनल की कमीशनिंग को प्राथमिकता देते हुए परामर्शदाता और रेल विभाग के सभी हितधारकों के साथ समन्वय करके दृढ़ नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। गति शक्ति कोचिंग टर्मिनल को न्यूनतम व्यवधान के साथ कमीशन किया गया। इन्होंने ब्लॉक के दौरान मालगाड़ी संचालन की व्यवस्था करके 4 दिन में 12 अतिरिक्त फ्रेट सेवाएँ उपलब्ध कराई। कई रेलखंडों में स्वचालित सिगनल प्रणाली कमीशन की तथा तीन ब्रिजों के पुनर्निर्माण कार्य की देखरेख की, जिससे ट्रेन परिचालन में सुधार हुआ।

           केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में 101 रेल अधिकारियों को 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार तथा विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 जोन को शील्ड प्रदान की। इस समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री सतीश कुमार, रेलवे बोर्ड के सदस्य तथा विभिन्न रेल मंडलों एवं उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे ।
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लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना आदि लोकोत्सव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की

 भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम - कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।
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कर्तव्य पथ पर दिखेगा जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

 आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी में जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की अद्भुत झलक प्रदर्शित की जाएगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति द्वारा गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन किया गया है।


उल्लेखनीय है कि यह डिजिटल संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में लोकार्पित किया जा चुका है। 

गणतंत्र दिवस समारोह हेतु झांकी के चयन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी के माध्यम से देशभर के नागरिकों को आदिवासी समाज की अटूट देशभक्ति, अनुपम वीरता और अपने सिद्धांतों के लिए बलिदान की गौरवशाली परंपरा को देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व और उत्साह का विषय बताया।

जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने बताया कि सभी राज्यों द्वारा अपनी झांकियों के प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजे गए थे। लगभग चार महीने तक चली विस्तृत और कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 17 राज्यों की झांकियों को अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ की झांकी भी शामिल है। विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी की विषयवस्तु, प्रस्तुति शैली और अभिनव डिज़ाइन की विशेष सराहना की।

जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित है। झांकी में उन जनजातीय वीर नायकों के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष को दर्शाया गया है, जिनके सम्मान में देश का पहला डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय जनजातीय आंदोलनों और विद्रोहों की वीरगाथाओं को रोचक, इंटरैक्टिव और प्रेरणादायक रूप में नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह चयन न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का राष्ट्रीय मंच पर गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व है, बल्कि आदिवासी समाज के योगदान को उचित सम्मान देने का भी सशक्त माध्यम है।

"गणतंत्र दिवस की परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। झांकी के माध्यम से देश के पहले डिजिटल संग्रहालय में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देशभक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। यह झांकी केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के योगदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है, जो नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
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ख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों संग ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।

मन की बात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की। 

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की।  उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।
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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया नमन

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ़ इथियोपिया’ से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और अत्यंत गौरवशाली क्षण बताया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा, विश्व मंच पर भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरती भूमिका तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी नरेंद्र मोदी के सशक्त, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक कूटनीति, विकास, शांति और सहयोग के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। आज 140 करोड़ भारतीय अपने राष्ट्र को विश्व समुदाय के बीच और अधिक सम्मान, आदर और प्रभाव के साथ स्थापित होते देख गर्व का अनुभव कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है और देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में विश्वास को और सुदृढ़ करता है।
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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना ने बदली किसानों की किस्मत

 प्रधानमंत्री धन.धान्य कृषि योजना ;च्डक्क्ज्ञल्द्ध 2025.26 से शुरू की गई, जिसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में 1.7 करोड़ किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसे सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके


किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी

           खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा (उरांव) इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं।

उत्पादकता में हुआ सुधार 

         श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय-समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, डीएमएफ मद से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ।

किसान की आय में हुई बढ़ोत्तरी 

         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी कुल आय करीब 15,000 रुपये तक पहुँची।

कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को  मिल रहा बढ़ावा

        (PMDDKY)योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद

          श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान-हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर 

         प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अनाज-दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5 प्रतिशत तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।
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छत्तीसगढ़ की गौरवशाली धातुकला को राष्ट्रीय पहचान: ढोकरा–बेलमेटल शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक धातुकला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रसिद्ध ढोकरा–बेलमेटल शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर शिल्पकार का सम्मान है। हमारा राज्य अपनी कला, संस्कृति और हस्तशिल्प पर गर्व करता है। राज्य सरकार कला-संरक्षण, प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और बाजार विस्तार के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, ताकि ग्रामीण व वनवासी क्षेत्रों की प्रतिभाएं लाभान्वित हों और विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायत बैगीनडीह जैसे वनांचल क्षेत्र से निकलकर अपनी विशिष्ट शिल्पकला के माध्यम से देशभर में छत्तीसगढ़ की पहचान को नई ऊँचाइयाँ देने वाली श्रीमती बघेल की उपलब्धि हमारे प्रदेश की समृद्ध लोककला, परंपरा और ग्रामीण प्रतिभा की अद्भुत चमक को राष्ट्रीय मंच पर पुनर्स्थापित करती है। ढोकरा कला सदियों पुरानी धरोहर है, और श्रीमती बघेल जैसी शिल्प कलाकार इन परंपराओं को आधुनिक समय के अनुरूप जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रही हैं।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने  भोपाल प्रवास के दौरान  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से रविवार की शाम समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय नौसेना दिवस की दी शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस के अवसर पर देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में सतत तत्पर भारतीय नौसेना के जांबाज अधिकारियों, वीर जवानों एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय नौसेना के बहादुर सैनिक साहस, शौर्य, अनुशासन और अदम्य निष्ठा के प्रतीक हैं। समुद्री सुरक्षा, वैश्विक मानवीय सहायता, आपदा राहत और सामरिक चुनौतियों के हर मोर्चे पर भारतीय नौसेना ने असाधारण क्षमता का परिचय देकर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक शक्ति और समुद्री प्रभुत्व को सुदृढ़ बनाने में भारतीय नौसेना की भूमिका अनुकरणीय है। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों की प्रतिबद्धता को देश की सामरिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उन अमर वीरों को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सदैव ऋणी रहेगा।
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में नेचर फॉर्मिंग को बढ़ावा देने, खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की प्रशंसा

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’  देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की।

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है।

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप,  केबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग श्री नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGP/IGP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया।


अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है।

गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 40 साल से देश नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नासूर बने 3 हॉटस्पॉट - नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर - की समस्या के निराकरण के लिए मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है और जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे। गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) कानूनों को सुदृढ़ बनाया गया, तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ ही नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक बन जाएगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने आतंकवाद और उग्रवाद पर मोदी सरकार की कार्रवाई का जिक्र कहते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया (PFI) पर बैन लगाने के बाद देशभर में उसके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की गईं, जो केंद्र - राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और पुलिस द्वारा Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy के तीन बिंदुओं पर काम कर कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने दोहराया कि हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है जिससे इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच जमीन भी न मिल पाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले।
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