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रेलवे ने शुरू की 10 नई एसी ट्रेन, जानें रुट और किराया...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आज पूरा देश में कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार उल्लास से मना रहा है। इस  खुशी को रेलवे की सौगात ने दुगुनी भी कर दी। दरअसल, भारतीय रेलवे अब एसी लोकल ट्रेन चला रहा है। इसके साथ ही रेलवे ने एसी लोकल के क‍िराये में कमी भी की है। इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर पड़ा है। भारतीय रेलवे के सेंट्रल रेलवे जोन ने 19 अगस्‍त से 10 एसी लोकल ट्रेनें शुरू की हैं। इसके साथ ही मुंबई में एसी लोकल की संख्‍या बढ़कर 66 हो गई है। नई लोकल ट्रेनों को मौजूदा नॉन-एसी लोकल को बदलकर चलाया जाएगा। 

ये एसी लोकल ट्रेन को रव‍िवार और अवकाश के द‍िन नहीं चलाया जाएगा। बाकी नॉन-एसी ट्रेन पहले की तरह चलती रहेंगी। अगस्‍त की शुरुआत में पश्चिम रेलवे जोन ने यात्रियों की तरफ से बढ़ती ड‍िमांड को देखते हुए मुंबई उपनगर में एसी लोकल की संख्या बढ़ाने का फैसला किया था। रेलवे के एक अध‍िकारी ने बताया क‍ि एसी लोकल के क‍िराये में कमी आने के बाद एसी लोकल से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। 

 
 
 

ये ट्रेनें मुंबई डिविजन के सेंट्रल रेलवे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ठाणे बदलापुर और कल्याण के बीच चलेंगी। रेलवे की तरफ ये य‍ह न‍िर्णय यात्र‍ियों की एसी लोकल में बढ़ती संख्‍या को देखकर ल‍िया गया। आने वाले द‍िनों में रेलवे की तरफ से एसी लोकल की संख्‍या में और इजाफा क‍िया जाएगा। 

10 एसी लोकल ट्रेन में से चार सेवाएं ठाणे-सीएसएमटी-ठाणे (2 अप, 2 डाउन), चार बदलापुर-सीएसएमटी-बदलापुर (2 अप, 2 डाउन) और दो कल्याण-सीएसएमटी-कल्याण (1अप, 1 डाउन) पर चलाई जाएंगी। 

 

गौरतलब है क‍ि फ‍िलहाल मध्य रेलवे की तरफ से कुल 56 एसी ट्रेन संचालित की जाती हैं। मध्य रेलवे मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर 1810 लोकल ट्रेन संचाल‍ित करता है। इनमें 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।

 

 
 
 
 
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भारतीयता मनुष्‍य बनाने की है प्रक्रिया : प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल

भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक पर पुस्तक-वार्ता का आयोजन

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीयता मनुष्‍य बनाने की प्रक्रिया है। भारतीयता पश्‍चाताप जैसी अवधारणा को स्‍वीकार नहीं करती है। भारतीय परंपराएं प्रायश्चित की बात करती है। हमें भावी पीढ़ी को जीने लायक धरती देनी है तो वर्तमान पीढ़ी को इस विकास की अंधी दौड़ से अलग होकर आवश्‍यक प्रायश्चित करने पड़ेंगे। 

उक्‍त विचार कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने व्‍यक्‍त किये। वे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में प्रकाशन एकक द्वारा विश्‍वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष में ‘पुस्तक-वार्ता श्रृंखला’ के अंतर्गत 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा ‘हजारी प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार’ से सम्मानित कृति ‘भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक’ पर आयोजित पुस्तक-वार्ता कार्यक्रम के दौरान अध्‍यक्षीय वक्‍तव्‍य देते हुए बोल रहे थे।

‘भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक’ के लेखक प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने आगे कहा कि भारत की अनादि संस्‍कृति निरंतर बढ़ती रही है, श्रेष्‍ठता समकाल में कैसे आ सकती है, उसका आधान करती है। गांधी हिंद स्‍वराज में कहते हैं कि पश्चिम से जो पागलपन की बयार आ रही है उन सबको यथा : न्‍यायालय, रेल, शिक्षा आदि को चला जाना चाहिए। इसके अधीन होकर जो समाज चल रहा है, वह यांत्रिक समाज है। हमें यांत्रिकता की आंधी से बचकर मानवता के लिए सह-अस्तित्‍व के साथ जीना है। प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि पिछले दो दशकों में पूरे विश्‍व की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक संरचना में व्‍यापक बदलाव आया है। इस पूरे परिदृश्‍य में भारत एक बार फिर से विश्‍वगुरु बनेगा। यहां की जनता भारत को अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाए हुए है। भारतीय मन और भारतीय दृष्टि मनुष्‍य को एक संपोष्‍य जीवन प्रणालीदे सकती है। भारतीय ज्ञानपरंपरा के सनातन प्रवाह की विविध धाराओं के रूप में समझने की कोशिश की गई है।  

आधुनिकता को संदर्भित करते हुए प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि डिजिटाइजेशन ने पढ़ने की संस्‍कृति को बाधित किया है। सूचना और ज्ञान में अंतर करना चाहिए। विवेकानंद कहते हैं जब अज्ञानी बोधहीन होते है तो पाप के भागी होते है। ज्ञानसम्‍मत कर्म कर रहे हैं तो सर्वथा श्रेष्‍ठ होता है। जानने का मतलब है- स्‍वयं से उत्तर तलाशते हुए समाज के साथ सातत्‍य रखना। भारत होना यानी प्रकाश में रत होना है, जब कुछ दिखता है तो प्रकाश में दिखता है। भारतीय ज्ञानपरंपरा इसका उपबृंहण है। आज के संदर्भों में जिन विचारकों ने ज्ञान परंपरा को प्रतिपादित करने में सर्वथा योगदान दिया है उन महान विचारकों को पुस्‍तक में शामिल किया गया है। यह पुस्‍तक चर्चा नए ज्ञान के वातायन खोले, पुस्‍तक की पठन संस्‍कृति के प्रति पाठकों की रुचि पैदा करेगी। यह पुस्‍तक समाज जीवन में काम करते हुए एक शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों से भारत, भारतीयता, भारत की लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था, भारत की सांस्‍कृतिक परंपराएं, शिक्षा आदि विषयों पर हुए संवाद का प्रतिफल है।

विश्‍वविद्यालय के आवासीय लेखक प्रो. रामजी तिवारी ने प्रास्‍ताविकी देते हुए कहा कि इस पुस्‍तक को हजारी प्रसाद द्विवेदी सम्‍मान प्राप्‍त होना सम्‍मान व गौरव की बात है। कार्यक्रम में दर्शन एवं संस्‍कृति विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. जयंत उपाध्‍याय, अतिथि अध्‍यापक डॉ. वागीश राज शुक्‍ल, दूर शिक्षा निदेशालय की एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका मिश्र, स्‍त्री अध्‍ययन विभाग की अध्‍यक्ष डॉ. सुप्रिया पाठक, गांधी एवं शांति अध्‍ययन विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर, डॉ. राकेश कुमार मिश्र,  शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. गोपाल कृष्‍ण ठाकुर, साहित्‍य विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. अवधेश कुमार, जनसंचार विभाग के अध्‍यक्ष प्रो. कृपाशंकर चौबे, अनुवाद एवं निवर्चन विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह, वर्धा समाज कार्य संस्‍थान के निदेशक प्रो. मनोज कुमार, उज्‍बेकिस्‍तान के डॉ. सिरोजिद्दीन नरमातोव, प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल और प्रो. चंद्रकांत रागीट ने पुस्‍तक पर विचार व्‍यक्‍त किये।

कार्यक्रम का प्रारंभ कुलगीत से तथा समापन राष्‍ट्रगान से हुआ। प्रकाशन प्रभारी डॉ. रामानुज अस्‍थाना ने स्‍वागत वक्‍तव्‍य दिया तथा सह-प्रकाशन प्रभारी डॉ. मनोज कुमार राय ने आभार व्‍यक्‍त किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बीर पाल सिंह यादव ने संचालन किया।  इस अवसर पर विश्‍वविद्यालय के अधिष्‍ठातागण, विभागाध्‍यक्ष, अध्‍यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे तथा विश्‍वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र प्रयागराज एवं कोलकाता के अध्‍यापक एवं विद्यार्थी ऑनलाइन माध्‍यम से जुड़े थे।

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ट्रेन में यात्रा करने वाले बच्चों के लिए टिकट बुकिंग संबंधी नियम में कोई बदलाव नहीं

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हाल ही में समाचार माध्यम के एक हिस्से में ऐसी रिपोर्ट आई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन में यात्रा करने वाले बच्चों के लिए टिकट बुकिंग के संबंध में नियम बदल दिया है। इन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब एक से चार साल की उम्र के बच्चों को ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट लेना होगा।

ये समाचार सामग्री और मीडिया रिपोर्ट भ्रामक हैं। यह सूचित किया जाता है कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन में यात्रा करने वाले बच्चों के लिए टिकटों की बुकिंग के संबंध में कोई बदलाव नहीं किया है। यात्रियों की मांग पर उन्हें टिकट खरीदने और अपने 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बर्थ बुक करने का विकल्प दिया गया है। और अगर वे अलग बर्थ नहीं चाहते हैं, तो यह सुविधा निशुल्क है, जैसे पहले हुआ करती थी।

रेल मंत्रालय के दिनांक 06.03.2020 के एक परिपत्र में कहा गया है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त में ले जाया जाएगा। हालांकि, अलग बर्थ या सीट (कुर्सी कार में) नहीं दी जाएगी। इसलिए किसी भी टिकट की खरीद की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते अलग बर्थ की मांग नहीं की जाए। तथापि, यदि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्वैच्छिक आधार पर बर्थ/सीट की मांग की जाती है तो पूर्ण वयस्क किराया वसूल किया जाएगा।

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आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के कोष में वृद्धि को मंजूरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की सीमा में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करके उसे 4.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच लाख करोड़ करने को मंजूरी दे दी है। यह अतिरिक्त राशि विशेष रूप से आतिथ्य (हास्पिटैलिटी) और उससे संबंधित क्षेत्रों के उद्यमों के लिए निर्धारित की गई है।

यह वृद्धि आतिथ्य और उससे संबंधित उद्यमों में कोविड-19 महामारी की वजह से आए गंभीर व्यवधानों को ध्यान में रखकर की गई है। ईसीएलजीएस एक सतत योजना है। कुल 50,000 करोड़ रुपये की इस अतिरिक्त राशि को आतिथ्य और उससे संबंधित क्षेत्रों के उद्यमों पर खर्च किया जाएगा। इस खर्च को इस योजना की वैधता की अवधि 31 मार्च 2023 के भीतर ही कार्यान्वित किया जाएगा।

ईसीएलजीएस पहले से ही जारी एक योजना है और आतिथ्य एवं उससे संबंधित क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी के कारण आए व्यवधानों के कारण, सरकार ने विशेष रूप से इन क्षेत्रों से जुड़े उद्यमों के लिए 50,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है।

इस वृद्धि के जरिए कर्ज प्रदान करने वाली संस्थाओं को इन क्षेत्रों के उद्यमों को कम लागत पर 50,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करके इन व्यावसायिक उद्यमों को अपनी संचालन संबंधी देनदारियों को चुकाने और अपने व्यवसाय को जारी रखने में सक्षम बनाने के कदम से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।

ईसीएलजीएस के तहत दिनांक 5 अगस्त 2022 तक लगभग 3.67 लाख करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए जा चुके हैं।

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एक माह में कोरोना से मौतें 35 फीसदी बढ़ीं, डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने चेताया

 

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। पिछले चार सप्ताहों में दुनियाभर में इस महामारी से मौतों की संख्या में 35 फीसदी की चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉक्टर टेड्रोस घेब्रेयसस ने दुनियाभर के लोगों के लिए वीडियो संदेश जारी कर फिर चेताया है।

यह लगातार तीसरा साल है, जब कोविड-19 वायरस समूची दुनिया के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। कोरोना महामारी को लेकर महामारी विशेषज्ञ व नेता बार-बार कह रहे हैं कि हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा। इस पर घेब्रेयसस ने कहा कि हम यह नहीं मान लें कि बीमारी खत्म हो गई है। हमें इससे खुद के और दूसरों के बचाव के लिए साधनों से हमेशा लैस रहना होगा। घेब्रेयसस ने अपने ताजा संदेश में कहा, हम सब कोरोना वायरस व महामारी से थक व उब गए हैं, लेकिन यह वायरस अभी नहीं थका है।

कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट अब भी प्रमुख वैरिएंट  बना हुआ है। पिछले एक महीने में, BA.5 सब स्ट्रेन 90 फीसदी से अधिक नमूनों में मिला है। अपने वीडियो संदेश में डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा- 'एक चार सप्ताह में 15,000 लोगों ने कोविड से जान गंवाई। यह संख्या बर्दाश्त के बाहर है, क्योंकि हमारे पास संक्रमण को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए सारे संसाधन हैं। हम में से कोई भी असहाय नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति टीका लगवाए और जरूरत पड़ने पर बूस्टर (खुराक) लें। मास्क पहनें और सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखें।' उन्होंने निराश होकर यह भी कहा कि अस्पतालों की बढ़ती संख्या के बावजूद हम टीकों की असमान पहुंच के साथ नहीं रह सकते हैं। 

कोरोना महामारी से अब तक दुनियाभर में 59 करोड़ से अधिक संक्रमित हो चुके हैं। इस दौरान 64 लाख से अधिक मौतें हुई हैं। अमेरिका में सबसे ज्यादा 9.3 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। भारत में लगभग 4.4 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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योगी सरकार ने दुनिया भर के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बनाया खास प्लान

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर  प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास में जुट गई है। सरकार अब जनवरी 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने जा रही है।  इसके माध्यम से 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके साथ ही सरकार अब भारी प्रोत्साहन प्रदान करके बड़े निवेश लाने का भी प्रयास कर रही है।  उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डालर तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए हर संभव प्रयार कर रही है।  इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग सभी औद्योगिक नीतियों में संशोधन कर महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्देश दिया है।

 
 
 

कैबिनेट की बैठक में सरकार ने उत्तर प्रदेश रक्षा एवं एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (यथासंशोधित)- 2018 में संशोधन कर पूंजी अनुदान को अधिकतम 15 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये तक कर दिया है। 

प्रदेश के सीएम योगी ने सभीऔद्योगिक नीतियों में आवश्यकता अनुसार संशोधन करने का निर्देश दिया है। सरकार का प्रयास है कि नीतियों को इस तरह का बनाया जाए, जिसमें उद्यमियों को अधिक से अधिक राहत मिल सके और राज्य में निवेश बढ़ सके। 

 
 
 

इसके साथ, सरकार को अपने नोड्स बनाने की उम्मीद है, विशेष रूप से बुंदेलखंड में जैसे रक्षा औद्योगिक गलियारे के चित्रकूट नोड, जोकि निजी निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकें। यहां तक कि अन्य चार नोड्स में लखनऊ, अलीगढ़, झांसी, आगरा और कानपुर में भी सबसे बड़ा निवेश सार्वजनिक क्षेत्र के माध्यम से किया गया है।

भारत डायनेमिक्स एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसे झांसी में 183 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी और डीआरडीओ ब्रामोस को लखनऊ नोड में 80 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। 

 
 
 

बुंदेलखंड के विपरीत पश्चिमी यूपी के अलीगढ़ जिले में अधिग्रहित संपूर्ण 70 हेक्टेयर भूमि समाप्त हो गई है। इसके लिए और भूमि आवंटित की गई है, लेकिन यहां छोटी इकाइयों की संख्या 20 है।  हालांकि, सूत्रों ने कहा कि बड़े टारगेट को पूरा करने के लिए, सरकार को बड़े निवेश की आवश्यकता है और उम्मीद है कि सहायक इकाइयां साथ आएंगी और प्रोत्साहन की ऊपरी सीमा 15 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी गई है।

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गुजरात विस चुनाव के लिए आप ने उतारे 9 और प्रत्याशी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब के बाद अब गुजरात में अपना दबदबा बनने आप ने कमर कस ली है। गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए आप ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। दूसरी सूची में नौ प्रत्याशियों का एलान किया गया है।


देखें कौन कौन हुआ शामिल...

 

 

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ईडी ने मुख्तार अंसारी के लखनऊ-गाजीपुर समेत 11 ठिकानों पर मारा छापा...

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कसता जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी ने दिल्ली, लखनऊ और गाजीपुर सहित कई शहरों में मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के 11 ठिकानों पर छापेमारी की।

ईडी के अधिकारियों ने दिल्ली, लखनऊ, गाजीपुर और मऊ के अलावा मुख्तार के मुहम्मदाबाद स्थित उसके घर पर भी छापेमारी की है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने विक्रम अग्रहरी, गणेश मिश्रा और खान बस सर्विस के मालिक के यहां भी छापे मारे।

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के कार्यकाल के दौरान यूपी के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल में वीवीआईपी सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की मुश्किल बढ़ सकती है। राज्य के जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपी रिपोर्ट में पूर्व जेल मंत्री के अलावा जेल विभाग के कई आला अफसरों के अलावा दिल्ली से सियासी सांठगांठ की बात कही है।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्तार अंसारी केवल नाम के लिए ही जेल में बंद था जबकि वह रोपड़ जेल में बने अफसर क्वार्टर में पूरी सुख-सुविधाओं के साथ रहता रहा। वहां उनकी पत्नी भी अक्सर आया-जाया करती थी। जेल मंत्री बैंस ने हालांकि अपनी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि इस मामले में कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री ने एक उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का गठन कर दिया है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई होगी।

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RBI ने जारी किया नया आदेश, बैंक अब जबरन नहीं कर सकते लोन की वसूली...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आरबीआई ने कस्टमर्स हित को ध्यान में रखते हुए बैंकों के लिए न्य आदेश जारी किया है। आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिया है कि आपत्तिजनक मैसेज भेजने, सोशल मीडिया पर बदनामी करने की घटना को भी बैंक और अन्य संस्थान रोकें। 

अब बैंक किसी विपरीत परिस्थिति में आपसे जबरदस्ती लोन की वसूली नहीं कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तमाम बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस आदेश में बैंकों से यह कहा गया है कि बैंक लोन (Bank Loan) लेने वाले ग्राहकों को धमकाने, प्रताड़ित करने, निजी डाटा के दुरुपयोग की घटनाओं को रोकें।

 

इसमें यह भी कहा गया है कि बैंक कर्ज लेने वालों के रिश्तेदारों, जान पहचान के लोगों को भी तंग करने की घटनाओं को भी रोकें।आरबीआई का ये सर्कुलर सभी कॉमर्शियल बैंक, सभी नॉन बैंक फाइनेंशियल कंपनीज, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनीज, ऑल इंडिया फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और सभी प्राइमरी अर्बन कॉपरेटिव बैंकों पर लागू है। 

आरबीआई ने अपने आदेश में साफ कहा है कि आपत्तिजनक मैसेज भेजने, सोशल मीडिया पर बदनामी करने की घटना को भी बैंक और अन्य संस्थान रोकें। हाल के महीनों में लोन ऐप्स वाले मामलों में रिकवरी एजेंट्स की मनमानी और जबरदस्ती के ढेरों मामले सामने आए हैं। इस नए सर्कुलर में आरबीआई ने यह भी कहा कि नियमों के अनुसार, सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद ग्राहकों को रिकवरी (RBI New Circular for Recovery Agent) के लिए कॉल न किया जाए। 

 

साथ ही आरबीआई ने यह भी कहा कि संस्थाएं ठीक से रिकवरी एजेंट्स से नियमों का पालन कराएं। कस्टमर्स को परेशान कर के इनसे वसूली न की जाए। आरबीआई ने सर्कुलर में यह सलाह दी जाती है, 'बैंक या संस्थान या उनके एजेंट किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न का सहारा नहीं लेंगे। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उनके कर्ज वसूली (Bank Loan Recovery) की कोशिशों में मौखिक या शारीरिक कृत्य का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आरबीआई ने साफ कह दिया है कि अगर कस्टमर की तरफ से शिकायत आती है तो इसे हम काफी गंभीरता से लेने वाले हैं।'

 

 

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रोहिंग्या शरणार्थियों आवास में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, फ्लैट नहीं डिटेंशन सेंटर्स में ही रखे जाएंगे...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रोहिंग्या शरणार्थियों के मसले पर दिल्ली में राजनीति तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने पहले बयान दिया कि रोहिंग्या को दिल्ली में EWS फ्लैट्स में रखा जाएगा। इस पर गृह मंत्रालय ने सफाई दी कि रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर्स में ही रखा जाएगा। गृह मंत्रालय ने बताया कि रोहिंग्याओं को मौजूदा जगह पर रखने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि सरकार विदेश मंत्रालय के माध्यम से अवैध विदेशियों के निर्वासन के लिए संबंधित देशों से बातचीत कर रही है। 

रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के बयान ने हलचल पैदा कर दी है। इसपर अब गृह मंत्रालय की सफाई आई है।मंत्रालय ने साफ किया है कि रोहिंग्या शरणार्थी डिटेशन सेंटर्स में ही रहेंगे। इससे पहले हरदीप पुरी ने कहा था कि रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली में EWS फ्लैट्स में शिफ्ट किया जाएगा। 

 

गृह मंत्रालय (MHA) ने अपने बयान में कहा है कि मंत्रालय ने रोहिंग्या अवैध प्रवासियों को नई दिल्ली के बक्करवाला (Bakkarwala) में EWS फ्लैट्स में रखने का कोई निर्देश नहीं दिया है। 

बताया गया कि दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव दिया था कि रोहिंग्याओं को नई लोकेशन पर शिफ्ट किया जाए। इसपर MHA ने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि रोहिंग्याओं को मौजूदा लोकेशन कंचन कुंज (मदनपुर खादर) में ही रखा जाए। 

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NSA डोभाल की सुरक्षा में चूक, CISF ने तैनात अधिकारियों और कमांडो पर की बड़ी कार्रवाई...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर इस साल की शुरुआत में हुई एक सुरक्षा में चूक को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने तैनात कमांडो पर बड़ी कार्रवाई की है। सीआईएसएफ ने 3 कमांडो को सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि सीआईएसएफ की ‘वीआईपी’ सुरक्षा इकाई के दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी है। 

16 फरवरी की है घटना :

डोभाल को केंद्रीय अति विशिष्ट व्यक्ति (वीआईपी) सुरक्षा सूची के तहत ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उन्हें सीआईएसएफ की विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) इकाई द्वारा सुरक्षा कवर मुहैया कराया गया है। सुरक्षा चूक की यह घटना 16 फरवरी को हुई थी। सीआईएसएफ द्वारा की गई जांच में विभिन्न आरोपों में पांच अधिकारियों को दोषी पाए जाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किये जाने के बाद यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। 

अधिकारियों ने बताया कि एसएसजी के तीन कमांडो को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि इस सुरक्षा इकाई का नेतृत्व कर रहे उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और उनके पद के ठीक नीचे के कमांडेंट रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी का तबादला कर दिया गया है। जिन तीन कमांडो को बर्खास्त किया गया है वे सुरक्षा प्रदान करने के लिए उस दिन एनएसए के आवास पर मौजूद थे।

 

गौरतलब है कि सुरक्षा में सेंध लगाने वाले व्यक्ति को एनएसए के आवास के बाहर पकड़ लिया गया और उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया था।

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किसानों के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, जाने कैसे मिलेगा लाभ...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र सरकार की मोदी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में किसानों कल ीे बड़ा फैसला लिया है।  केंद्र सरकार का यह फैसला जानकार देश के किसान खुशी से झूम उठे। दरअसल, सरकार ने शॉर्ट टर्म एग्रीकल्चर लोन पर ब्याज में 1.5 फीसदी की सबवेंशन योजना को आगे बहाल रखने की मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों को 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म एग्रीकल्चर लोन पर ब्याज में 1.5 फीसदी की सबवेंशन योजना को आगे बहाल रखने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब किसानों को कम ब्याज दर पर कर्ज मिलता रहेगा और बैंकों व कर्ज देने वाले अन्य वित्तीय संस्थानों के ऊपर इसका बोझ भी नहीं पड़ेगा. सरकार ने इसकी जानकारी दी है। 

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि सरकारी बैंकों, निजी बैंकों, छोटे वित्तीय बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों और कम्प्यूटराइज्ड पीएसीएस को फाइनेंशियल ईयर 2022-23 (FY23) से 2024-25 (FY25) के लिए सरकार की ओर से मदद की जाएगी।

मंत्रिमंडल की इस मंजूरी के बाद इंटरेस्ट सबवेंशन की भरपाई करने के लिए सरकार को बजट के अलावा 34,856 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा, लेकिन सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़ा फायदा होगा। 

 

इसके साथ ही अनुराग ठाकुर ने बताया कि जो किसान समय पर कर्ज की किस्तों का भुगतान करेंगे, उन्हें ज्यादा फायदा दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को कम अवधि के लोन महज 04 फीसदी के ब्याज पर मिलेंगे, इससे किसानों को लोन लेने में सुविधा भी होगी। मंत्रिमंडल ने बताया, 'किसानों को बैंकों को कम से कम ब्याज देना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम (ISS) पेश की थी, जिसका नाम अब बदलकर मोडिफाइड इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम (MISS) हो गया है। इसका लक्ष्य किसानों को छूट प्राप्त ब्याज दर पर कम अवधि के लिए कर्ज उपलब्ध कराना है।'

जाने किसे मिलेगा लाभ? :

आपको बता दें कि इस स्कीम के तहत खेती-बाड़ी, पशुपालन, डेयरी, मुर्गीपालन और मछली पालन जैसे काम में किसानों को 07 फीसदी की सालाना ब्याज दर पर 03 लाख रुपये तक का कर्ज मिलेगा। वहीं जो किसान समय पर किस्तों का भुगतान करेंगे, उन्हें 3 फीसदी की एक्स्ट्रा छूट मिलेगी। इसके अलावा सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) के तहत खर्च को और 50,000 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत क्रेडिट की कुल सीमा पांच लाख करोड़ रुपये हो गई है, जिससे होटल एवं संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। 

बजट में रखा गया था प्रस्ताव :
आपको बता दें कि आम बजट 2022-23 में कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित होटल और संबंधित क्षेत्रों की मदद के लिए ईसीएलजीएस की सीमा 4.5 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल के लिए गए विभिन्न फैसलों के बारे में कहा कि होटल और संबंधित क्षेत्रों में महामारी के चलते गंभीर व्यवधानों के कारण राशि को बढ़ा दिया गया है।

 

 

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पीके ने सीएम का उड़ाया मजाक, कुर्सी पर फेवीकोल लगाकर बैठे हैं नीतीश

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार के सीएम नितीश कुमार का राजनीतज्ञ प्रशांत किशोर ने बड़ा मजाक उड़ाया है। प्रशांत किशोर ने कहा, अगर ये सरकार 1-2 साल में अगर 5-10 लाख नौकरियां दे देती है, तो मैं इनके समर्थन में अपना अभियान वापस ले लूंगा। प्रशांत ने मुख्यमंत्री नितीश कुमार के 20 लाख नौकरी के वादे का मजाक उड़ाया है। 

नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार में कम से कम 10 लाख सरकारी नौकरियां और अतिरिक्त 10 लाख 'रोजगार के अवसर' पैदा किए जाएंगे। नीतीश के नौकरी के वादे पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर सरकार अगले दो से तीन वर्षों में 5 से 10 लाख के बीच भी रोजगार के अवसर सृजित करती है तो वह अपना जन सूरज अभियान समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें (नीतीश कुमार) नेता मान लूंगा। 

 
 
 

अभी कई बार बिहार की राजनीति घूमेगी :
अपने जन सुराज अभियान के तहत समस्तीपुर पहुंचे प्रशांत किशोर ने बुधवार को महागठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नियोजित शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें तो समय पर सरकार वेतन दे नहीं पा रही और नई नौकरियां कहां से दे पाएगी। प्रशांत किशोर ने दावा करते हुए कहा कि आने वाले समय में राजनीतिक उठापटक अभी और होगी। अभी हमको आए हुए 3 महीने ही हुए और बिहार की राजनीति 180 डिग्री घूम गई। अगला विधानसभा चुनाव आते-आते अभी कई बार बिहार की राजनीति घूमेगी। 

 
 
 

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार 'फेवीकोल' लगाकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए हैं और बाकी की पार्टियां कभी इधर तो कभी उधर होती रहती हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ने इस सरकार को वोट नहीं दिया था। ये सरकार जुगाड़ पर चल रही है, इसे जनता का विश्वास प्राप्त नहीं है।

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भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य, हम दुनिया के लिये विनिर्माण करने में सक्षम: मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत को अगले 25 साल यानी 2047 तक विकसित देश बनाने का महत्वकांक्षी लक्ष्य रखा।उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया और कहा कि देश दुनिया के लिये विनिर्माण कर सकता है। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि अगले 25 साल की यात्रा देश के लिये काफी महत्वपूर्ण है। उस समय देश 100वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।

उन्होंने इस अमृत काल में विकसित भारत के साथ गुलामी की हर सोच से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता और नागरिकों द्वारा अपने कर्तव्य पालन के पांच प्रण का आह्वान किया। उन्होंने कहा, अगले 25 साल में हमें पांच प्रण पर ध्यान देने की जरूरत है। इसमें पहला भारत को विकसित देश बनाना है। भारत 2,700 अरब डॉलर के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के साथ इस समय दुनिया में छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

 

आम तौर पर अपेक्षाकृत उच्च आर्थिक वृद्धि, जीवन का बेहतर स्तर और प्रति व्यक्ति उच्च आय के साथ-साथ मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन वाले देश को विकसित माना जाता है। एचडीआई में शिक्षा, साक्षरता और स्वास्थ्य भी शामिल हैं। भारत को 1947 में आजादी के समय तीसरी दुनिया के देशों में गिना जाता था। लेकिन पिछले सात दशकों में देश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा है और आज बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में शामिल है।

 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत अभियान में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया के लिये विनिर्माण कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमें न केवल विनिर्माण में बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। देश नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ जैव-ईंधन और हाइड्रोजन के जरिये ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है। साथ ही उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत विनिर्माण को बढ़ावा दे रहा है। पीएलआई योजना के तहत स्थानीय स्तर पर उत्पादन करने वाली इकाइयों को एक लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा, भारत विनिर्माण के क्षेत्र में इतिहास बना रहा है। अंतरिक्ष से लेकर ड्रोन विनिर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना से हम दुनिया में विनिर्माण के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं। लोग ‘मेक इन इंडिया’ के लिये भारत आ रहे हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। हम अपनी अपनी तेल जरूरतों का 85 प्रतिशत आयात से पूरा करते हैं।

मोदी ने कहा कि हम पेट्रोल में गन्ने की खोई आदि से बन रहे एथनॉल मिलाकर आयात में कमी लाने का प्रयास कर रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हरित रोजगार सृजित होने के साथ नौकरियों के कई अवसर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर का उत्पादन, 5जी नेटवर्क और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के साथ डिजिटल इंडिया अभियान को गति मिली है। इसने शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आम आदमी के जीवन में बदलाव जैसे तीन क्षेत्रों में अपनी क्षमता को दिखाता है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत का प्रौद्योगिकी दशक (टेकेड) आ चुका है। गांवों में 5जी, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) के साथ, हम डिजिटल इंडिया के जरिये जमीनी स्तर पर एक क्रांति ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप की सफलता छोटे और मझोले शहरों में साफ दिखाई देती है। देश में इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल फोन विनिर्माण में तेजी से प्रगति हासिल की है।

मोदी ने कहा, पिछले आठ साल में...आधार, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और मोबाइल फोन के उपयोग से दो लाख करोड़ रुपये के काले धन का पता लगाया गया है। उन्होंने कहा, भारत का औद्योगिक विकास जमीनी स्तर से जुड़ा होगा तथा हमारे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, रेहड़ी-पटरी वालों और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वालों को मजबूत करने की जरूरत है। कृषि का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक और रसायन मुक्त खेती से देश को खेती-बाड़ी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने में मदद मिलेगी।

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मोदी सरकार आत्ममुग्ध, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को कर रही तुच्छ : सोनिया गांधी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को बधाई देते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। सोनिया ने लिखित संदेश में आरोप लगाया कि मोदी सरकार आत्ममुग्ध है जो स्वतंत्रता सेनानियों की उपलब्धियों को कमजोर साबित करने की कोशिश कर रही है। उनके संदेश में आगे लिखा गया है कि राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही गलत बयानबाजी का कांग्रेस विरोध करेगी।

सोनिया ने अपने संदेश में लिखा कि पिछले 75 सालों में भारत ने मेहनत के आधार पर विज्ञान, शिक्षा समेत सभी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक अमिट छाप छोड़ी है। भारत ने अपने दूरदर्शी नेताओं के नेतृत्व में एक और जहां स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था स्थापित की, वहीं प्रजातंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाया। इसके साथ भारत ने धर्म संप्रदाय की बहुलतावादी कसौटी पर खरा उतरने वाले एक अग्रणी देश के रूप में पहचान बनाई है।

अपने संदेश में सोनिया गांधी ने आगे लिखा कि आज की आत्ममुग्ध सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की गौरवपूर्ण उपलब्धियों को तुच्छ करने पर तुली हुई है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक लाभ के लिए ऐतिहासिक तथ्यों पर कोई भी गलत बयानी तथा गांधी, नेहरू, पटेल, आजाद जी जैसे महान राष्ट्रीय नेताओं को असत्यता के आधार पर कठघरे में खड़े करने के हर प्रयास का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।

रविवार को भाजपा ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को बंटवारे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इस पर कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सच यह है कि सावरकर ने सबसे पहले दो राष्ट्रों की थ्योरी दी और मोहम्मद अली जिन्ना ने इसे अमलीजामा पहनाया।वहीं कर्नाटक सरकार ने भी अपने विज्ञापन में स्वतंत्रता सेनानियों की सूची में नेहरू को स्थान नहीं दिया था, जिसकी कांग्रेस ने आलोचना की।

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नीतीश कैबिनेट का विस्तार : कुल 31 मंत्रियों ने ली शपथ

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार में नीतीश कैबिनेट का आज विस्तार हुआ। राजभवन में राज्यपाल फागू चौहान 31 मंत्रियों को शपथ दिलाई। मंत्रियों ने पांच-पांच के बैच में शपथ ली। मंत्री बनने वाले कुल 31 विधायकों में RJD से सबसे ज्यादा 16, JDU से 11, कांग्रेस से 2, हम से एक और एक निर्दलीय शामिल है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप शपथ लेने वाले पहले 5 विधायकों में शामिल रहे। 

महागठबंधन की नई सरकार में सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर मंत्री बनाए गए हैं। ओबीसी-ईबीसी से सबसे ज्यादा 17, दलित-5 और 5 मुस्लिम शामिल हैं। NDA गठबंधन के मुकाबले अगड़ी जातियों का प्रतिनिधित्व इस बार घटा है। पिछली बार अपर कास्ट के 11 मंत्री थे, जो इस बार घटकर 6 हो गए हैं। वहीं पिछली बार OBC-EBC से 13 मंत्री थे, जबकि मुस्लिम 2 मंत्रिमंडल में शामिल थे।

 
 
 

मंत्रिमंडल में सभी जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। हालांकि सबसे ज्यादा फोकस ओबीसी और ईबीसी पर किया गया है। जाति की बात करें तो सबसे ज्यादा यादव जाति के 6 विधायक इस बार मंत्रिमंडल में शामिल हैं। आरजेडी की तरफ से 5 और जदयू की तरफ से एक यादव विधायक मंत्री बने हैं। पिछले मंत्रिमंडल में इस जाति से सिर्फ 2 मंत्री थे।

 

 

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कश्मीर में ITBP की बस नदी में गिरी: 10 से ज्यादा की मौत, 39 जवान सवार थे

 जम्मू कश्मीर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कश्मीर के पहलगाम में (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल) ITBP के जवानों को लेकर लौट रही एक बस 100 फीट गहरी नदी में गिर गई। हादसे का कारण बस के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। बस में 39 जवान सवार थे। सभी अमरनाथ यात्रा से ड्यूटी कर लौट रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 से ज्यादा जवानों की मौत हो गई। 39 में से 37 जवान ITBP से और बाकी 2 जम्मू कश्मीर पुलिस के हैं। हादसा सुबह 11 बजे के करीब हुआ।

जवानों को लेकर लौट रही बस अमरनाथ यात्रा के स्टार्टिंग पॉइंट चंदनवाड़ी से लौट रही थी। बीच में ही ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और बस नदी में जा गिरी। स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि घायल कर्मियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया है। एसडीपीओ पहलगाम फहद टाक ने पुष्टि की है कि तीन से चार कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। 37 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।

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स्वेदेशी तोपों की गरज से गूंज उठा आसमान, मोदी ने कहा : आवाज सुनने के लिए कान तरस गए थे...

 लाल किले पर पहली बार मेड इन इंडिया तोप ने दी सलामी

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी की 75वीं सालगिरह के जश्न में लालकिले पर पीएम मोदी ने तिरंगा फहराया। इस दौरान 21 तोपों की गरज सुनकर पीएम मोदी सहित वहां उपस्थित लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। और क्यों न हो, आजादी के 75 वर्षों बाद पहली बार लाल किले से राष्ट्रध्वज को सलामी देने का काम मेक इन इंडिया तोपों ने किया। इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इस आवाज को सुनने के लिए कान तरस गए थे। उन्होंने कहा कि 75 साल के बाद लाल किले से ध्वज को सलामी देने का काम मेड इन इंडिया तोप ने किया है।


उन्होंने कहा कि आज जब यह आवाज हमने सुनी, जिसकी लिए कान तरस गए। उन्होंने कहा कि 75 साल के बाद लाल किले से ध्वज को सलामी देने का काम मेड इन इंडिया तोप ने किया है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी विरासत पर हमें गर्व होना चाहिए। जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे। तभी तो ऊंचा उड़ेंगे। जब हम ऊंचा उड़ेंगे, तो हम विश्व को भी समाधान दे पाएंगे।

जानें मेड इन इंडिया तोप की खासियत
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को लाल किले से पहली बार स्वदेशी हॉवित्जर तोपों से सलामी दी गई। इन तोपों को डीआरडीओ की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (ARDE), टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस नेवल सिस्टम और भारत फोर्ज लिमिटेड ने मिलकर बनाया है। इस हॉवित्जर तोप का नाम है एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन (ATAGS)। यह 155 mm/52 कैलिबर की है।

भारतीय सेना के पास 155 mm की यह गन फिलहाल 7 हैं। साल 2016 में इसका पहला परीक्षण हुआ था। 40 तोपों का ऑर्डर किया हुआ है। इसके अलावा 150 और तोप बनाए जाएंगे। इसे चलाने के लिए 6 से 8 लोगों की जरूरत पड़ती है। बर्स्ट मोड में 15 सेकेंड में 3 राउंड, इंटेस में 3 मिनट में 15 राउंड और 60 मिनट में 60 राउंड फायर करता है। इसकी फायरिंग रेंज 48 किलोमीटर है। लेकिन इसे बढ़ाकर 52 करने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकारों को भी तलवार की धार पर चलना पड़ता है : पीएम मोदी
देश का हर नागरिक बदलाव देखना चाहता है, लेकिन उसे इंतजार नहीं चाहिए। अपनी ही आंखों के सामने देश का नागरिक सपनों को पूरा होते देखना चाहता है। कुछ लोगों को इसके कारण संकट हो सकता है, लेकिन जब आकांक्षी समाज होता है तो सरकारों को भी तलवार की धार पर चलना पड़ता है। चाहे केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार हो, सभी को इस समाज की चिंता करनी होगी। उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम इंतजार नहीं कर सकते।

इस समाज ने लंबे अरसे तक इंतजार किया है, लेकिन अब वह अपनी आने वाली पीढ़ी को इंतजार करने के लिए मजबूर करने को तैयार नहीं है। इसलिए अमृत काल की पहली प्रभात आकांक्षी समाज के सपने को पूरा करने का सुनहरा अवसर देती है। हमने पिछले दिनों देखा कि भारत में कैसे सामूहिक चेतना पुनर्जागरण हुआ।

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