हिंदुस्तान - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

हिंदुस्तान

न्यायमूर्ति यूयू ललित बने देश के 49वें सीजेआई, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने 27 अगस्त को देश के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में न्यायमूर्ति यूयू ललित को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। वे दो महीने दो हफ्ते यानी कुल 75 दिन तक सुप्रीम कोर्ट की अगुआई करेंगे।

महाराष्ट्र के ललित के परिवार को कानून में 102 साल की विरासत है। जस्टिस यूयू ललित के दादा रंगनाथ ललित भारत की आजादी से बहुत पहले सोलापुर में एक वकील थे। शनिवार को जब जस्टिस यूयू ललित सीजेआइ के रूप में शपथ ली, तो इस समय तीन पीढ़ियां मौजूद रहीं।

जस्टिस यूयू ललित ने न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में अपने 74 दिनों के कार्यकाल के दौरान तीन क्षेत्रों पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट में कम से कम एक संविधान पीठ साल भर काम करे।

जस्टिस ललित ने कहा कि जिन क्षेत्रों में वह काम करना चाहते हैं उनमें से एक संविधान पीठों के समक्ष मामलों की सूची और विशेष रूप से तीन जजों की पीठ को भेजे गए मामलों के बारे में है। मामलों की लिस्टिंग करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, अतिआवश्यक मामलों को मेंशन करने के संबंध में वह निश्चित रूप से गौर करेंगे।

जस्टिस यूयू ललित महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वह जून 1983 में बार में शामिल हुए थे और 1986 से शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस करना शुरू किया। उन्होंने 1986 से 1992 तक पूर्व अटार्नी जनरल, सोली जे. सोराबजी के साथ काम किया। 9 नवंबर 1957 को जन्में जस्टिस ललित जून 1983 में एक वकील के रूप में नामांकित हैं। उन्होंने दिसंबर 1985 तक बाम्बे उच्च न्यायलय में प्रैक्टिस की। जनवरी 1986 से उन्होंने दिल्ली में प्रैक्टिस शुरू कर दी। अप्रैल 2004 में वह सर्वोच्च न्यायालय के कानूनी सेवा समिति के सदस्य बने और 13 अगस्त 2014 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए।

और भी

बढ़ने लगा सियासी संकट, विधायकों को छत्तीसगढ़ शिफ्ट करने की तैयारी...

 रांची (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  झारखंड में बदलते राजनीतिक हालात के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायक किसी भी वक्त सुरक्षित ठिकानों के लिए निकल सकते हैं। माना जा रहा है कि यह विधायक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ निकल सकते हैं, जिसे राजनीतिक दृष्टिकोण से दोनों दलों के लिए सुरक्षित माना जा रहा है। सत्ताधारी गठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल के विधायक हैं जो मंत्री हैं। उनको लेकर कोई संशय नहीं, फिर भी उनके छत्तीसगढ़ जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। सत्ताधारी गठबंधन की तैयारियों के अनुसार सरकार को खतरे से बाहर निकालने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ चुनाव आयोग से निर्णय जारी होने के साथ ही यह विधायक झारखंड से बाहर निकल जाएंगे। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार, उनके विधायक भी तैयारियों के साथ राजधानी रांची पहुंचे हैं। उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऐसी किसी संभावना से इन्कार कर रहे हैं।


दरअसल, हुआ कि मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश करते समय कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय की गाड़ी की डिक्की खुल गई। इसमें अटैची और पानी के ढेर सारे बोलत देखे गए। मीडिया वालों ने विधायक से इसके बारे में पूछताछ करनी शुरू कर दी। इसपर विधायक दीपिका पांडेय नाराज भी हो गई। इसके बाद यह सूचना आने लगी कि कांग्रेस और झामुमो के विधायकों को पूरी तैयारी के साथ मुख्यमंत्री आवास बुलाया गया है। चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद इन विधायकों को जरूरत पड़ने पर छत्तीसगढ़ ले जाया जा सकता है।

मालूम हो कि शुक्रवार को भाजपा सांसद डा निशिकांत दुबे ने टवीट कर कहा था कि झामुमो और कांग्रेस के विधायक छत्तीसगढ़ पहुंचाए जा रहे हैं। लेकिन देर शाम तक ऐसी कोई कवायद हेमंत सोरेन की ओर से नहीं देखी गई। रात को मुख्यमंत्री आवास पर सभी विधायक भोजन के लिए पहुंचे। उनकी बैठक भी होती रही। आज शनिवार सुबह कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने भी दावा किया कि कोई विधायक कहीं नहीं जा रहा है। सभी विधायकों को रांची में रहने के लिए कहा गया है। बाहर ले जाने संबंधित अफवाह के कारण सभी दोनों पार्टी के नेता परेशान हैं। अब देखना यह है कि आलमगीर आलम की बात में कितनी सच्चाई है। चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा।

 

 

और भी

खादी बन सकती है भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा : नरेंद्र मोदी

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने अहमदाबाद में अटल ब्रिज का उद्घाटन किया। साबरमती रिवरफ्रंट में हो रहे खादी उत्सव में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमने देखा है कि खादी स्वतंत्रता आंदोलन की ताकत बन गई और गुलामी की जंजीरों को तोड़ दिया। वही खादी भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा बन सकती है।

पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी को गांधीजी ने देश के स्वाभिमान का प्रतीक बनाया था। लेकिन आजादी के बाद उसी खादी को हीन भावना से देखा गया। ऐसी सोच के कारण खादी से जुड़े खादी और ग्रामीण उद्योग बर्बाद हो गए।

खादी उत्सव में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दशकों में विदेशी खिलौना उद्योग से प्रतिस्पर्धा के कारण भारत का खिलौना उद्योग बंद हो रहा था। सरकार के प्रयासों से अब स्थिति बदल रही है। अब विदेशों से आयातित खिलौनों में गिरावट आई है।

खादी उत्सव भारत के स्वतंत्रता संग्राम में खादी के महत्व को उजागर करने के लिए केंद्र के 'आजादी का अमृत महोत्सव' के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा एक अनूठा आयोजन है। पीएम मोदी सीएम भूपेंद्र पटेल के साथ अहमदाबाद में 'खादी उत्सव' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान दोनों ही लोगों ने चरखा भी चलाया। यह उत्सव शनिवार शाम साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित किया जा रहा है। जहां गुजरात के विभिन्न जिलों की 7,500 महिला खादी कारीगर एक ही समय और स्थान पर चरखा चला रहे हैं। इसमें पीएम मोदी भी हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में 1920 के बाद से इस्तेमाल किए गए 22 चरखाओं को प्रदर्शित करके 'चरखाों के विकास' पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस्तेमाल किए गए 'यरवदा चरखा' के अलावा विभिन्न चरखाओं के साथ-साथ नवीनतम नवाचारों और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

खादी उत्सव कार्यक्रम में 1920 के बाद से इस्तेमाल किए गए 22 चरखाओं को प्रदर्शित करके 'चरखाओं के विकास' पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस दौरान पांडुरु खादी के उत्पादन का लाइव प्रदर्शन भी हुआ। इस कार्यक्रम में गुजरात राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के एक नए कार्यालय भवन और साबरमती नदी पर एक फुट-ओवर ब्रिज का भी उद्घाटन पीएम मोदी ने किया है।

और भी

कब होगा एआईसीसी अध्यक्ष का चुनाव? सीडब्ल्यूसी की बैठक में होगा फैसला...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एआईसीसी के नए अध्यक्ष के चुनावी कार्यक्रम को लेकर रविवार को पार्टी प्रमुखों ने कार्यसमिति सदस्यों की बैठक बुलाई है। सोनिया गांधी वर्चुअली रूप से शामिल होकर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी इस समय मेडिकल चेकअप के लिए विदेश दौरे पर हैं और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके साथ हैं।सूत्रों के मुताबिक बैठक में कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष और पार्टी के अगले अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों पर मंथन होगा। सूत्रों का ये भी कहना है कि बैठक के बाद तिथियों की घोषणा की भी संभावना है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनिया गांधी वर्चुअली रूप से शामिल होकर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी इस समय मेडिकल चेकअप के लिए विदेश दौरे पर हैं और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके साथ हैं। सूत्रों ने बताया कि रविवार को होने वाली सीडब्ल्यूसी की बैठक का एजेंडा कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के शेड्यूल पर चर्चा करना मात्र है, लेकिन इसमें गुलाम नबी आजाद के इस्तीफा देने पर भी चर्चा हो सकती है।

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट करके इस मीटिंग के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की तारीख के सटीक शेड्यूल को मंजूरी देने के लिए सीडब्ल्यूसी की एक वर्चुअल बैठक 28 अगस्त 2022 को दोपहर 3:30 बजे आयोजित की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता करेंगी।' बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद होने वाली यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने कुछ ही दिन पहले नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को टाल दिया था। कांग्रेस ने पिछले साल अक्टूबर में घोषणा की थी कि पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव इस साल 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा। सीडब्ल्यूसी ने फैसला किया था कि 16 अप्रैल से 31 मई तक ब्लॉक समितियों और राज्य कांग्रेस इकाइयों के एक सदस्य के लिए चुनाव होंगे। इसके बाद जिला समिति के प्रमुखों का चुनाव 1 जून से 20 जुलाई के बीच और राज्य प्रमुखों और एआईसीसी सदस्यों का चुनाव 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच होगा। वहीं, एआईसीसी अध्यक्ष का चुनाव 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा।

 

सूत्रों ने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में कुछ हफ्तों की देरी होने की संभावना भी है क्योंकि पार्टी का ध्यान कन्याकुमारी से कश्मीर तक 'भारत जोड़ो यात्रा' पर है जो 7 सितंबर से शुरू हो रही है।

यह बैठक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी से दोबारा कांग्रेस के अध्यक्ष बनने का आग्रह किया था। हालांकि इस मुद्दे पर अनिश्चितता और सस्पेंस बरकरार है। वहीं, पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अपने रुख पर कायम हैं कि वह एआईसीसी अध्यक्ष नहीं होंगे। 2019 में संसदीय चुनावों में पार्टी को लगातार दूसरी हार का सामना करने के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में इस्तीफा दे दिया था।

और भी

देश के इन इलाकों में महसूस हुए भूकंप के झटके, 3.4 से 3.9 रही तीव्रता...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से लेकर जम्मू-कश्मीर के कटरा तक धरती कांपी है। दोनों जगह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यहां तक की भूकंप के झटके अफगानिस्तान में भी महसूस किए गए हैं। हालांकि भूकंप के झटके सभी जगह काफी कम पैमाने के थे जिसके चलते जानमाल के किसी नुकसान की कोई जानकारी नहीं है।


कटरा में रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता की गई दर्ज
कटरा में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 आंकी गई है। नेशनल सेंटर फार सीस्मोलाजी (एनसीएस) के अनुसार यहां भूकंप सुबह 03.28 बजे आया। भूकंप की गहराई जमीन से 5 किमी नीचे थी। हालांकि भूकंप से किसी को भी कोई नुकसान की खबर नहीं है।

कोल्हापुर में 3.9 तीव्रता का भूकंप
रिक्टर पैमाने पर 3.9 तीव्रता का भूकंप गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आया। भूकंप सुबह 02.21 बजे आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी। एनसीएस ने ट्वीट किया, महाराष्ट्र के कोल्हापुर से 171 किमी पूर्व में आज सुबह करीब 2:21 बजे 3.9 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी। आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।

बता दें कि इससे पहले बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि को, महाराष्ट्र के कोल्हापुर में रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था।  भूकंप गुरुवार दोपहर 12:04 बजे आया। भूकंप की गहराई जमीन से 5 किमी नीचे थी।

अफगानिस्तान के काबुल में 4.3 तीव्रता का भूकंप

नेशनल सेंटर फार सीस्मोलाजी के अनुसार, गुरुवार को अफगानिस्तान के काबुल में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप सुबह लगभग 2.55 बजे आया, जिसका केंद्र काबुल से 80 किमी की गहराई पर था। कुछ प्रांतों में में इसके हल्के झटके महसूस किए गए, हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

 

 

और भी

15 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीएम योगी को दी राहत...

 लखनऊ/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 साल पुराने भड़काऊ भाषण के मामले में बड़ी राहत दी है।  सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि योगी पर हेट स्पीच देने का मुकदमा नहीं चलेगा।

बता दें कि याचिका में योगी पर मुकदमा चलाने की मंजूरी न मिलने को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता परवेज एवं अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने इस मामले में योगी आदित्यनाथ पर 27 जनवरी 2007 को गोरखपुर में नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप लगाया है।



पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब कोर्ट ने सवाल किया था कि जब केस क्लोज हो गया तो अभियोजन का मुद्दा कैसा बनता है। योगी की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा था कि मुद्दे का राजनीतिकरण हो रहा है।



इस मामले में राज्य सरकार ने योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी थी जिसके बाद मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल हुई और केस बंद हो गया था।

और भी

गुलाम कांग्रेस से आजाद : सोनिया गांधी को लिखी 5 पन्नों की चिट्ठी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस के इस्तीफा दे दिया है। आजाद पिछले कुछ समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देते हुए एआईसीसी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए 5 पन्नों की चिट्ठी भेजी है।

आजाद ने चिट्ठी में लिखा कि मैंने भारी मन से कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया है। आजाद ने लिखा, 'बहुत खेद के साथ मैंने कांग्रेस से अपना सालों पुराना रिश्ता संबंध तोड़ने का फैसला किया।' उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने पार्टी चलाने वाली मंडली के संरक्षण में इच्छाशक्ति और क्षमता खो दी है। 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू करने से पहले नेतृत्व को 'कांग्रेस जोड़ो यात्रा' करनी चाहिए थी।

आजाद ने चिट्ठी में आगे लिखा है कि संगठन के किसी भी स्तर पर किसी भी स्थान पर चुनाव नहीं हुए हैं। कांग्रेस के चुने हुए लेफ्टिनेंट्स को पार्टी चलाने वाली मंडली द्वारा तैयार की गई सूचियों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया है। पार्टी पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने के लिए नेतृत्व पूरी तरह से जिम्मेदार है।

आजाद ने कहा कि कांग्रेस में कमजोरियों के बारे में बताने वाले 23 नेताओं को गाली दी गई, उन्हें अपमानित और बदनाम किया गया। कांग्रेस में स्थिति उस स्थिति पर पहुंच गई है जहां से वापसी नहीं हो सकती है। पार्टी का नेतृत्व संभालने के लिए 'प्रॉक्सी' का सहारा लिया जा रहा है।

राहुल गांधी पर हमला
आजाद ने पार्टी कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए राहुल गांधी को निशाने पर भी लिया है। आजाद ने कहा, 'दुर्भाग्य से राहुल गांधी की राजनीति में एंट्री के बाद और विशेष रूप से जनवरी 2013 के बाद जब वे उपाध्यक्ष चुने गए। राहुल गांधी ने पार्टी में पहले से मौजूद परामर्श तंत्र को ध्वस्त कर दिया था।'

आजाद ने कहा कि इससे भी बदतर 'रिमोट कंट्रोल मॉडल' था जिसने यूपीए सरकार की संस्थागत अखंडता को ध्वस्त कर दिया। 'रिमोट कंट्रोल मॉडल' अब कांग्रेस में भी लागू हो गया है।

प्रचार कमेटी के चेयरमैन पद से दिया था इस्तीफा
बता दें कि हाल ही में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में प्रचार कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने के मात्र दो घंटे बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसा कहा जाता है कि आजाद कमेटियों के गठन को लेकर खुश नहीं थे। आजाद का कहना था कि कमेटियां बनाते समय उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। बताया जा रहा है कि आजाद पहले ही हाईकमान को कह चुके थे कि वह जम्मू-कश्मीर की कोई जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। हालांकि, पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। प्रचार कमेटी से इस्तीफा देने के बाद आजाद ने अपने स्वास्थ्य का हवाला दिया था।

 

 

 
और भी

कुशियारा नदी के पानी को साझा करेंगे भारत और बांग्लादेश

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत-बांग्लादेश संयुक्त नदी आयोग की 38वीं मंत्री स्तरीय बैठक नई दिल्ली में हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने की। बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जल संसाधन राज्यमंत्री ज़हीद फ़ारूक़ कर रहे थे। बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल में जल संसाधन उप मंत्री एकेएम इनामुल हक शमीमी भी शामिल थे। इस बैठक का महत्त्व इसलिये है क्योंकि 12 वर्षों के अंतराल के बाद इसका आयोजन किया गया था, हालांकि इस दौरान संयुक्त नदी आयोग के प्रारूप के तहत दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत चलती रही। इस बैठक के पहले दोनों पक्षों के जल संसाधन सचिवों के स्तर पर एक बैठक मंगलवार 23 अगस्त, 2022 को हुई थी।

इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान आपसी हितों से सम्बंधित पहले से चल रहे तमाम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें दोनों देशों में मौजूद नदियों के जल को साझा करना, बाढ़ के आंकड़ों को साझा करना, नदी के प्रदूषण को रोकना, नदियों में गाद जमा होने व उसके प्रबंधन पर संयुक्त अध्ययन करना, नदियों के तटों की सुरक्षा के लिये कार्य करना आदि शामिल था।

 
 
 
 
 
 

दोनों पक्षों ने कुशियारा नदी के पानी को अंतरिम तौर पर साझा करने के लिये समझौता-ज्ञापन के मसौदे को भी अंतिम रूप दिया। दोनों पक्षों ने त्रिपुरा में सबरूम टाउन की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये फेनी नदी से पानी लेने वाले स्थान तथा उसकी तकनीकी अवसंरचना के डिजाइन को अंतिम रूप दिये जाने का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि इस बारे में अक्टूबर 2019 में दोनों देशों के बीच समझौता-ज्ञापन अस्तित्व में आया था।

 

और भी

ब्रांड इंडिया के विकास में बीआईएस की महत्वपूर्ण भूमिका : पीयूष गोयल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, वाणिज्य एवं उद्योग और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत में सभी मौजूदा प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण और मानचित्रण किया जाना चाहिए ताकि परीक्षण सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जा सके। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की संचालन परिषद की नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में हुई चौथी बैठक में अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री गोयल ने प्रयोगशाला बुनियादी ढांचे के उन्नयन और एकीकरण के महत्व पर विशेष जोर दिया।

मंत्री ने कहा, बेहतर प्रयोगशालाएं बेहतर मानकों का निर्माण करेंगी और इससे प्रमाणन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि युवा तकनीकी पेशेवरों और तकनीकी छात्रों को इन प्रयोगशालाओं के दौरे कराए जाने चाहिए और इसके माध्यम से परीक्षण प्रक्रियाओं की जानकारी दी जानी चाहिए।  बैठक में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री और बीआईएस की शासी परिषद के पदेन उपाध्यक्ष अश्विनी कुमार चौबे के साथ परिषद के विशिष्ट सदस्यों ने भाग लिया।

 
 
 

श्री गोयल ने बीआईएस के 75 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह ब्यूरो देश के साथ विकसित हुआ है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में लगातार योगदान दे रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ब्रांड इंडिया के विकास में बीआईएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए युवा और माताओं की शक्ति का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने मानकों और गुणवत्ता के प्रति युवाओं को संवेदनशील बनाने के लिए बीआईएस की स्कूलों में मानक क्लब बनाने की पहल की प्रशंसा की।

 
 
 

उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि भविष्य में विनिर्माण के उभरते क्षेत्रों में भारत शीर्ष स्थान हासिल करे और इसके लिए बीआईएस द्वारा मानकों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

और भी

ऑनलाइन शैक्षिक मोबाइल गेम्स की श्रृंखला आजादी क्वेस्ट का शुभारम्भ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी का अमृत महोत्सव’ के आयोजन के हिस्से के रूप में और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी को सामने लाने के लिए, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने जिंगा इंडिया के सहयोग से विकसित, ऑनलाइन शैक्षिक मोबाइल गेम्स की श्रृंखला 'आजादी क्वेस्ट' का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा और जिंगा इंडिया के कंट्री हेड किशोर किचली भी उपस्थित थे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह स्वतंत्रता संग्राम में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और गुमनाम नायकों के योगदानों का सम्मान करने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों की एक श्रृंखला में एक और कदम है।

केन्द्रीय मंत्री ने विस्तार से बताते हुए कहा, ये गेम ऑनलाइन गेम खेलने वालों के विशाल बाजार का उपयोग करने और गेम के माध्यम से उन्हें शिक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है। भारत सरकार के विभिन्न विभागों ने देश के कोने-कोने से गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी एकत्रित की है। आज़ादी क्वेस्ट इन जानकारियों से मिलने वाली सीख को आकर्षक और संवादात्मक बनाने का एक प्रयास है। श्री ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी आयु वर्ग के लोगों को इन गेमों से जोड़ा जा सकेगा और वे जल्दी ही लोगों की पसंद बन जायेंगे।

और भी

सीएम योगी ने 42 ई-बसों को दिखाई झंडी


 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को 42 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही राजधानी में ई-बसों का बेड़ा गुरुवार को बढ़ गया। इनमें से 34 राजधानी के चार रूटों पर चलेंगी, जिससे करीब 15 हजार यात्रियों को राहत मिलेगी। आठ बसें कानपुर में चलेंगी।


लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक पल्लव बोस ने बताया कि अभी लखनऊ के 22 मार्गों पर 105 ई-बसें चल रही हैं। इनसे रोजाना 35 से 40 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। अब बेड़े में 34 और ई-बसें शामिल हो जाने से दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

नई बसों में गुरुवार से सफर किया जा सकेगा। इन्हें विराजखंड बस स्टैंड से पीजीआई वाया अहिमामऊ, लू-लू मॉल, तेलीबाग रूट पर चलाया जाना था, लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया है। इसकी जगह लखनऊ से नैमिष का रूट जोड़ा गया है।

 

 

 
और भी

ट्विन टावर को जमींदोज़ करने की तैयारियां पूरी, 28 की दोपहर 2.30 बजे होगा विस्फोट...

 नोएडा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुपरटेक के ट्विन टावर को ढहाने की डेट अब करीब आ गई है। नोएडा के सेक्टर-93 ए में सुपरटेक के दोनों टावर सियान और एपेक्स को 28 अगस्त को ध्वस्त किया जाना है। इसे लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। इसे लेकर आसपास की सोसायटी के लोग सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं।

28 अगस्त की सुबह सुपरटेक के टावर एपेक्स और सियान के आसपास के टावरों को सुबह सात बजे तक खाली करा दिया जाएगा। 11 बजे तक इस बात की जांच की जाएगी कि कोई व्यक्ति या पशु अंदर तो नहीं रह गया।

आधे घंटे बंद रहेगा नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे
इसके बाद आसपास के छह मार्गों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया जाएगा, जहां पुलिस तैनात रहेगी। विस्फोट दोपहर 2:30 बजे किया जाएगा। इस दौरान नोएडा होते हुए दिल्ली व मथुरा, आगरा और लखनऊ को जोड़ने वाले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे को भी करीब आधे घंटे के लिए बंद किया जाएगा।

रविवार होने के कारण दिल्ली से आगरा-मथुरा के बीच का सफर करने वाले लोगों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में पुलिस ने अपील की है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे को दोपहर दो बजकर 15 मिनट से पहले पार कर लें या फिर विस्फोट होने के बाद करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ सकता है। अगर हवा की दिशा एक्सप्रेस-वे की तरफ हुई, तो यह इंतजार धूल का गुबार हटने तक बढ़ सकता है।

ध्वस्तीकरण को लेकर की गई हैं ये तैयारियां :
    टावरों का ध्वस्तीकरण- रविवार, दोपहर 2:30 बजे l 
    सुबह 7 बजे तक आसपास की सोसायटी खाली करा ली जाएंगीl   
    टावर के पास छह लोगों की टीम रहेंगी।
    एडफिस का एक, जेट डिमोलिशन के तीन, एक ट्रिगर मैन व एक पुलिस अधिकारी।
    एक्सक्लूशन जोन- टावरों के दायीं व बायीं ओर 250 मीटर, 450 मीटर आगे व 270 मीटर पीछे तक रहेगी। यहां किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी।
    10 स्थानों पर बेरिकेडिंग जोन बनाकर  आठ मार्ग मार्ग बंद किए जाएंगे।
    टावर के आसपास आठ मार्ग रहेंगे। यहां वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
    गेझा मार्केट पूरे दिन बंद रहेगीl   
    नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे बंद रहेगा।
    विस्फोट के 15 मिनट पहले से लेकर विस्फोट के 20 मिनट बाद तक इमरजेंसी सर्विस, मेडिकल सर्विस, इमरजेंसी असेंबली प्वाइंट, व्यू प्वाइंट होंगे।
     विस्फोट के दौरान, उससे पहले और बाद में ध्वनि, वायु प्रदूषण नापने को दस जगह उपकरण लगेंगे।
     आइजीएल की पाइपलाइन- विस्फोट व कंपन से बचाने के लिए स्टील की प्लेट और कुशन लगाए गए हैं।

यह होगी रूट व्यवस्था
    महामाया फ्लाईओवर के पास से सेक्टर-37 होते हुए शशि चौक, सिटी सेंटर, सेक्टर-71 होकर फेज-2 की ओर निकलेगा।
     परी चौक की ओर से आने वाले ट्रैफिक को सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल से पहले लेफ्ट टर्न ले पुश्ता मार्ग पर डायवर्ट होगा।
     एनएसइजेड से एल्डिको चौक व सेक्टर-108 जाने के लिए एल्डिको चौक से पंचशील अंडरपास होते हुए जाना होगा।
     एनएसइजेड, सेक्टर-83 से सेक्टर-92 चौक व श्रमिक कुंज जाने को एल्डिको चौक से पंचशील अंडरपास से जाना होगा।
      सेक्टर-93 श्रमिक कुंज चौक से सेक्टर-82 जाने के लिए श्रमिक कुंज चौक से गेझा तिराहा की ओर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।  सेक्टर-105 हाजीपुर, सेक्टर-108 से एल्डिको चौक होकर सेक्टर-83, फेज-2 एनएसइजेड जाने के लिए सेक्टर-105 और 108 चौक से गेझा तिराहा या नोएडा एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।

दोनों टावर के पास से आवारा कुत्तों को हटा रही टीम
सुपरटेक के दोनों टावर के ध्वस्तीकरण के दौरान आवारा कुत्ते इसकी जद में आ सकते हैं। इसके लिए 100 मीटर की रेंज में घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम किया जा रहा है।

टावर ध्वस्त करने में बाधा नहीं बनेगी बारिश और आंधी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 28 अगस्त को जिले में दिन में एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछार और आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। टावर ध्वस्तीकरण के अगले दिन 29 अगस्त के बाद तेज वर्षा की संभावना है।

और भी

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करने के लिए मिशन मोड में प्रयास कर रही सरकार: मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदारी से देश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करने का मिशन मोड में प्रयास कर रही है और इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रभावी सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी (पीपीपी) की जा रही है। यहां 6,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 133 एकड़ क्षेत्र में बने 2,600 बिस्तरों वाले अमृता अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह बात कही।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अमृता अस्पताल देश के दूसरे सभी संस्थानों के लिए भी एक आदर्श बनेगा। मोदी ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक संस्थानों द्वारा शिक्षा व चिकित्सा से जुड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन की व्यवस्था एक तरह से पुराने समय से है और यह पीपीपी मॉडल ही है लेकिन वह इसे परस्पर प्रयास के तौर पर भी देखते हैं।

 
 

उन्होंने कहा कि राज्य अपने स्तर से व्यवस्था खड़ी करते हैं और बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों के निर्माण में भूमिका निभाते हैं लेकिन साथ ही धार्मिक संस्थान भी इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा, आज देश भी यह कोशिश कर रहा है कि सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मिशन मोड में देश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करे। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रभावी पीपीपी मॉडल तैयार हो रहा है।

 
 

प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही देश ने एक नयी ऊर्जा के साथ आजादी के अमृत काल में प्रवेश किया है और इसमें देश के सामूहिक प्रयास प्रतिष्ठित हो रहे हैं तथा देश के सामूहिक विचार जागृत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है अमृत काल की इस प्रथम बेला में मां अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत भी देश को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अमृता अस्पताल के रूप में फरीदाबाद में आरोग्य का इतना बड़ा संस्थान स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल इमारत व प्रौद्योगिकी के हिसाब से जितना आधुनिक है, सेवा, संवेदना और आध्यात्मिक चेतना के हिसाब से भी उतना ही अलौकिक है। उन्होंने कहा, आधुनिकता और आध्यात्मिकता का समागम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की सेवा का, उनके लिए सुलभ प्रभावी इलाज का मध्यम बनेगा।

 
 

उद्घाटन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केंद्रीय मंत्री व फरीदाबाद के सांसद कृष्ण पाल गुर्जर, अम्मा के नाम से प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी देवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अस्पताल के प्रांगण में दीप प्रज्जवलित भी किया।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल का प्रबंधन माता अमृतानन्दमयी मठ द्वारा किया जायेगा। दिल्ली-मथुरा रोड पर फरीदाबाद के सेक्टर 88 स्थित इस अस्पताल में शुरुआत में 500 बेड की व्यवस्था रहेगी और अगले पांच वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक पूरी तरह तैयार होने के बाद यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के सबसे बड़े निजी अस्पतालों में शुमार हो जाएगा। इसमें शोध के लिए समर्पित एक सात मंजिला ब्लॉक भी होगा। अस्पताल की मुख्य इमारत 14 मंजिलों की होगी और इसके शीर्ष पर एक हेलीपैड भी होगा।

 

 

और भी

बड़ा हादसा : ट्रक-जीप की भिड़ंत में 3 बच्चों सहित 9 की मौत, 11 घायल...

 बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कर्नाटक से भीषण सड़क हादसे की खबर प्राप्त हुई है। एक जीप की ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में नौ श्रमिकों की मौत हो गई और 11 घायल हो गए।  

यह हादसा तुमकुर जिले में नेशनल हाईवे पर सीरा के निकट हुआ। दुर्घटना के शिकार हुए सभी जीप सवार दैनिक वेतनभोगी मजदूर थे। ये बेंगलुरु की ओर जा रहे थे। मृतकों में तीन बच्चे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व राहतकर्मी मौके पर पहुंचे और हताहतों को अस्पताल भेजा। एसपी राहुल कुमार शाहपुरवाड़ भी मौके पर पहुंचे।

 

 

और भी

मौसम विभाग ने जारी की तेज बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देशभर में हो रही तेज बारिश के चलते कई राज्य बाढ़ की चपेट में हैं। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  वहीं मौसम विभाग ने बुधवार को देश के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज वर्षा होगी।

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने इंदौर, राजगढ़ और उज्जैन में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा मौसम विभाग ने यूपी, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, केरल और पुडुचेरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल के खाड़ी में एक बार फिर कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसका असर कई राज्यों में दिखाई दे रहा है।

इन राज्यों में अगले पांच दिनों तक होगी भारी बारिश
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 24 अगस्त, जम्मू और कश्मीर में 24 अगस्त और हिमाचल प्रदेश में 24, 25 अगस्त को मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में 26 और 27 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में अगले 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने उज्जैन, इंदौर और राजगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 3-4 दिनों तक इंदौर में हल्की और तेज बारिश की संभावना है। वहीं, ग्वालियर में बूंदाबांदी के आसार हैं।

यूपी के कई जिलों में बारिश के आसार
यूपी के कई जिलों मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश रुक-रुक कर अभी जारी है। मौसम विभाग की मानें तो यूपी के कुछ इलाकों में आज भी बारिश के आसार बने रहेंगे। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वांचल और पश्चिम के कुछ जिलों में भी बारिश के आसार बनते दिख रहे हैं।

राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी
राजस्थान में भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने कोटा समेत कई जिलों में आज तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। IMD ने कोटा के अलावा उदयपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बारां, सिरोही, पाली, जालोर और आस-पास के जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी है। इसके अलावा राजसमंद, नागौर और जोधपुर में बारिश की संभावना है।

दिल्ली में बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम व न्यूनतम तापमान 34 और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना भी है।

झारखंड में बारिश के साथ वज्रपात की भी चेतावनी
झारखंड के कई इलाकों में आज यानी 24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है और मौसम विभाग ने बारिश के अलावा वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटे में कहीं पर हल्की से तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने रांची के अलावा खूंटी जिले में अगले कुछ घंटों में बादल गरजने और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।

बिहार के इन जिलों में हल्‍की बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बिहार के कैमूर और रोहतास जिले में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार यहां हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आईएमडी ने वज्रपात को लेकर भी चेतावनी दी है।

ओडिशा के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।

हिमाचल प्रदेश में आंधी और भारी वर्षा का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में बुधवार से फिर गति पकड़ेगा मानसून। लाहुल-स्पीति, किन्नौर व ऊना को छोड़ बाकी नौ जिलों में आंधी, बिजली गिरने और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इसके कारण सार्वजनिक सेवाएं, बिजली, पानी और यातायात के बाधित होने की आशंका जताई गई है।

जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार
जम्मू कश्मीर में उमस से बेहाल लोगों के लिए मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी राहत भरी है। अगले दो दिन तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। वर्षा के बाद उमस से हल्की राहत मिलेगी।

और भी

चिरबाटिया में फटा बादल, ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे बंद...

 टिहरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड में टिहरी जिले के चिरबाटिया के ऊपर बादल फटने की सूचना मिली है। जिससे मूलगढ़-थार्ती मार्ग थार्ती के पास बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि मूलगढ़ क्षेत्र के ऊपर बादल फटा है। वहीं नरेन्द्रनगर के समीप मलबा और बोल्डर आने से ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे फिर से यातायात के लिए बंद हो गया है। बादल फटने से जनहानि नहीं हुई है, लेकिन खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बादल फटने की पुष्टि की है।

बुधवार सुबह 7 बजे चिरबाटिया के ऊपर बादल फटने की सूचना मिली है। जिससे मूलगढ़-थार्ती मार्ग थार्ती के पास बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि मूलगढ़ क्षेत्र के ऊपर बादल फटा है, जिससे  कृषि भूमि को बहुत नुकसान पहुंचा है। वहीं नरेन्द्रनगर के समीप मलबा और बोल्डर आने से ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे फिर से यातायात के लिए बंद हो गया है। चार दिन बाद बीती रात को ही हाईवे यातायात के लिए खुल पाया था।

और भी

उच्चतम न्यायालय ने शिवसेना, एकनाथ शिंदे द्वारा दायर याचिकाओं को संविधान पीठ को भेजा

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को शिवसेना और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उन याचिकाओं को पांच सदस्यीय संविधान पीठ को भेज दिया जिनमें दलबदल, विलय और अयोग्यता से जुड़े कई संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को संविधान पीठ के समक्ष याचिकाओं को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया और निर्वाचन आयोग को शिंदे गुट की उस याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं करने का निर्देश दिया जिसमें शिंदे गुट ने कहा था कि उसे असली शिवसेना माना जाए और पार्टी का चुनाव चिन्ह दिया जाए।

न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा, मामले को बृहस्पतिवार को संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें और पीठ शुरुआत में निर्वाचन आयोग की कार्यवाही से संबंधित चुनाव चिन्ह के संबंध में फैसला करेगी। पीठ महाराष्ट्र में हाल के राजनीतिक संकट से संबंधित लंबित मामलों की सुनवाई कर रही थी, जिसके कारण राज्य में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी।

 
और भी

कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के लोगो, टैगलाइन और वेबसाइट का विमोचन किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस ने सात सितंबर से प्रस्तावित अपनी भारत जोड़ो यात्रा से संबंधित लोगो, टैगलाइन, वेबसाइट और पुस्तिका का विमोचन किया और कहा कि देश में आर्थिक विषमताओं, सामाजिक ध्रुवीकरण एवं राजनीतिक विभाजन के मद्देनजर यह यात्रा देश के लिए आवश्यक है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस यात्रा के जरिये बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।

पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और महासचिव जयराम रमेश ने इस यात्रा के लोगो, पुस्तिका और वेबसाइट का विमोचन किया। इस यात्रा के लिए टैगलाइन मिले कदम, जुड़े वतन होगी। दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, इस देश में नफरत का माहौल बना हुआ है, व्यवस्था भारतीय संविधान के विपरीत काम कर रही है, महंगाई-बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, आर्थिक-सामाजिक दूरियां बढ़ती जा रही हैं, धार्मिक उन्माद फैलाया जा रहा है, नफरत फैलाई जा रही है, एक-दूसरे की आस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाया जा रहा है; ऐसे माहौल में भारत जोड़ो यात्रा देश के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा, यह यात्रा देशहित में है। हम इस यात्रा को दलगत नहीं बनाना चाहते हैं। सिंह ने बताया, 100 पदयात्री होंगे जो शुरू से आखिर तक चलेंगे। वो भारत यात्री होंगे। जिन प्रदेशों से यह यात्रा नहीं गुजर रही है उसके 100-100 लोग इसमें शामिल होंगे, ये लोग अतिथि यात्री होंगे। जिन प्रदेशों से यात्रा गुजरेगी उनसे 100-100 यात्री शामिल होंगे। ये प्रदेश यात्री होंगे। एक समय इसमें 300 पदयात्री शामिल रहेंगे।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, राहुल गांधी देश के बड़े नेता हैं और यात्रा में भारत यात्री होंगे। कांग्रेस नेता ने कहा, देश में इतने बड़े पैमाने पर न कोई पदयात्रा हुई है न कोई जनसंपर्क अभियान हुआ है। हमें इस बात पर गर्व है कि जिस कांग्रेस ने जन आंदोलन से देश को आजाद कराया, वह अब सामाजिक समरसता को दोबारा वापस लाने और जनता को मुखर करने के लिए यात्रा निकालने जा रही है।

जयराम रमेश ने कहा, हमारे देश में आर्थिक चुनौतियां हैं, विषमताएं बढ़ती जा रही हैं, एक तरीके से राजनीतिक विभाजन हो रहा है। इसलिए भारत को जोड़ना है। कांग्रेस की यह यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से सात सितंबर को आरंभ होगी और इसके तहत 12 राज्यों तथा दो केंद्रशासित प्रदेशों से होते हुए 3500 किलोमीटर की दूरी तय होगी। यात्रा के पूरा होने में 150 दिनों का समय लगेगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की प्रस्तावित इस भारत जोड़ो यात्रा के संदर्भ में सोमवार को सिविल सोसायटी के कई प्रमुख लोगों के साथ बैठक की और कहा कि यह यात्रा उनके लिए तपस्या की तरह है तथा भारत को एकजुट करने की लंबी लड़ाई के लिए वह तैयार हैं। बैठक के बाद सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने घोषणा की कि वे देश को जोड़ने के इस अभियान से जुड़ेंगे और आने वाले दिनों में इसके समर्थन में अपील भी जारी करेंगे।

 
और भी