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आधे घंटे तक चली सिसोदिया के बैंक लॉकर की जांच...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली की नई आबकारी नीति मामले में सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बैंक लॉकर की जांच की। आधे घंटे से ज्यादा सीबीआई की टीम ने बैंक लॉकर की तलाशी ली। सीबीआई जांच के दौरान मनीष सिसोदिया पत्नी के साथ बैंक में मौजूद रहे।

सीबीआई ने गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर- में स्थित पीएनबी बैंक की ब्रांच में सीबीआई टीम ने छापेमारी की। सुबह से ही बैंक के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया था। लगभग 11 बजे के आस-पास मनीष सिसोदिया पत्नी के साथ बैंक पहुंच आए थे। मनीष सिसोदिया के पहुंचने के थोड़ी देर बाद ही सीबीआई के अधिकारी भी बैंक पहुंचे। आधे घंटे से भी ज्यादा तक सीबीआई की टीम ने लॉकर की जांच। साथ ही मनीष सिसोदिया से फाइल्स के बारे में पूछताछ की।

गौरतलब हो कि गाजियाबाद के वसुन्धरा सेक्टर-4 में मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी का पंजाब नेशनल बैंक में लॉकर है। बताया जा रहा है कि यहां सीबीआई बैंक लॉकर की जानकारी खंगालेगी। सीबीआई के पहुंचने से पहले ही बैंक के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया था।  

बता दें कि मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है कि 'सीबीआई हमारा बैंक लॉकर देखने आ रही है। 19 अगस्त को मेरे घर पर 14 घंटे के छापे में कुछ नहीं मिला था। लॉकर में भी कुछ नहीं मिलेगा। सीबीआई का स्वागत है। जांच में मेरा और मेरे परिवार का पूरा सहयोग रहेगा।''

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें एक झूठे मामले में आरोपी बनाया गया है। ताकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आगे बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर जनता अरविंद केजरीवाल को देख रही है।

31 ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी
बता दें कि दिल्ली की नई आबकारी नीति में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस सीबीआई ने केस दर्ज करते हुए 19 अगस्त को इस मामले में मनीष सिसोदिया के आवास समेत 31 स्थानों पर छापे मारे थे। हालांकि इस रेड में सीबीआई के हाथ खाली रहे।

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सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस से जुड़े सभी मामलों को किया बंद

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी ढांचे को ढहाए जाने से जुड़े सभी मामले को बंद कर दिया है। इसके अलावा शीर्ष अदालत ने इससे जुड़ी दाखिल अवमानना याचिका को भी बंद  कर दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता असलम भूरे अब इस दुनिया में नहीं हैं। साथ ही, 2019 में आए फैसले के चलते भी अब इस मामले को बनाए रखना जरूरी नहीं।

छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया। 16वीं सदी में अयोध्या में बनी मस्जिद को कारसेवकों ने ढहा दिया। इस मामले में फैजाबाद में दो एफआईआर दर्ज हुई। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवणी, उमा भारती समेत लाखों कारसेवकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। इस वजह से पूरे देश में तनाव फैल गया। देशभर में हुए दंगों में दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए।

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गुजरात दंगे से जुड़े सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने किया बंद

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में 2002 के दंगों से जुड़े सभी मामले बंद कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिकाओं का एक बैच लंबित था। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि समय बीतने के साथ मामले अब निष्फल हो गए हैं। 9 में से 8 मामलों में ट्रायल खत्म हो गया है और गुजरात के नरोदा गांव एक मामले में अंतिम बहस चल रही है।

27 फरवरी, 2002 को  गुजरात के गोधरा में एक ट्रेन को उपद्रवियों ने आग लगा दी थी। ट्रेन की बोगी में सवार 59 लोग जलकर मर गए थे, इसमें ज्यादातर अयोध्या से लौट रहे कारसेवक थे। इस घटना के बाद गुजरात में दंगा भड़क उठा था। इस मामले को लेकर केंद्र सरकार ने एक कमिशन नियुक्त किया था, जिसका मानना था कि यह महज एक दुर्घटना थी। इस निष्कर्ष से बवाल खड़ा हो गया और कमिशन को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया। इस मामले में 28 फरवरी, 2002 को 71 दंगाई गिरफ्तार किए गए थे। गिरफ्तार  लोगों के खिलाफ आतंकवाद निरोधक अध्यादेश (पोटा) लगाया गया। फिर 25 मार्च 2002 को सभी आरोपियों पर से पोटा हटा लिया गया।

2005 से 2011 तक की टाइमलाइन
17 जनवरी 2005 को यूसी बनर्जी समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि गोधरा कांड महज एक ‘दुर्घटना’थी। फिर 13 अक्टूबर 2006 को गुजरात हाई कोर्ट ने  यूसी बनर्जी समिति को अवैध और असंवैधानिक करार दिया क्योंकि नानावटी-शाह आयोग पहले ही दंगे से जुड़े सभी मामले की जांच कर रहा है। वहीं 26 मार्च 2008 को सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा कांड और फिर हुए दंगों से जुड़े 8 मामलों की जांच के लिए विशेष जांच आयोग बनाया। 18 सितंबर 2008 को नानावटी आयोग ने गोधरा कांड की जांच सौंपी। इसमें कहा गया कि यह पूर्व नियोजित षड्यंत्र था। फिर 22 फरवरी 2011 को विशेष अदालत ने गोधरा कांड में 31 लोगों को दोषी पाया, जबकि 63 अन्य को बरी किया।

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Anna Hazare : शराब नीति पर केजरीवाल को पत्र, 'आप भी सत्‍ता के नशे में...'

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आबकारी नीति के कथित घोटाले के आरोपों का सामना कर रही दिल्ली में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री सीएम अरविंद केजरीवाल को अन्ना हजारे ने चिट्ठी लिखी है। अन्ना हजारे ने कहा, आपने स्वराज पुस्तक में बड़ी-बड़ी बातें लिखी थीं, लेकिन आपके आचरण पर उसका असर नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही अन्ना हजारे ने चिट्ठी के जरिए शराब से जुड़ी समस्याओं को लेकर सुझाव भी दिए हैं। 

चिट्ठी में अन्ना हजारे ने लिखा है, 'आपने स्वराज नाम की किताब आदर्श बातें लिखी थी. तब आप से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन राजनीति में जाकर मुख्यमंत्री बनने के बाद आप आदर्श विचारधारा को भूल गए हैं। जिस तरह शराब का नशा होता है, उसी तरह सत्ता का भी नशा होता है। ऐसा लग रहा है आप भी सत्ता के नशे में डूब गए हैं।'

अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में दिल्ली की नई आबकारी नीति की आलोचना की और कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता हैं। उन्होंने लिखा, 'राजनीति में जा कर मुख्यमंत्री बनने के बाद आप आदर्श विचारधारा को भूल गए हैं ऐसा लगता हैं। इसलिए दिल्ली राज्य में आपकी सरकार ने नई शराब नीति बनाई। ऐसा लगता हैं कि जिससे शराब की बिक्री और शराब पीने को बढ़ावा मिल सकता है। गली गली में शराब की दुकानें खुलवाई जा सकती है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता हैं। यह बात जनता के हित में नहीं है।'

अन्ना हजार ने कहा, 'मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं कि हमने पहले रालेगणसिद्धी गांव में शराब को बंद किया। फिर कई बार महाराष्ट्र में एक अच्छी शराब की नीति बने इसलिए आंदोलन किए। आंदोलन के कारण शराब बंदी का कानून बन गया, जिसमें किसी गांव और शहर में अगर 51 प्रतिशत महिलाएं खराब बंदी के पक्ष में वोटिंग करती हैं तो वहीं शराबबंदी हो जाती है। दूसरा ग्रामरक्षक दल का कानून बन गया, जिसके माध्यम से महिलाओं की मदद में हर गांव में युवाओं का एक दल गांव में अवैध शराब के विरोध में कानूनी अधिकार के साथ कार्रवाई कर सकता है।'

उन्होंने आगे लिखा, 'इस कानून के तहत अमल न करनेवाले पुलिस अधिकारी पर भी कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है। दिल्ली सरकार द्वारा भी इस प्रकार की नीति की उम्मीद थी, लेकिन आप ने ऐसा नहीं किया। आप लोग भी बाकी पार्टियों की तरह पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा के दुष्चक्र में फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। एक बड़े आंदोलन से पैदा हुई राजनीतिक पार्टी को यह बात शोभा नहीं देती है।

 

 

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‘हिंदुत्‍व : वैचारिक वि-औपनिवेशीकरण का दर्शन’ पर व्‍याख्‍यान

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय के दर्शन एवं संस्कृति विभाग की ओर से भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित  ‘हिंदुत्‍व: वैचारिक वि-औपनिवेशीकरण का दर्शन’ विषय पर 29 अगस्‍त को आजादी के अमृत महोत्‍सव के अंतर्गत समिश्र पद्धति से आयोजित विशिष्‍ट व्‍याख्‍यानमाला में विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग की सदस्‍य एवं बीपीएस महिला विश्‍वविद्यालय, सोनीपत की पूर्व कुलपति प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि हिंदुत्‍व एक जीवन पद्धति है।

इसका चिंतन-दर्शन विशाल और उदार है। हिंदुत्‍व के वि-औपनिवेशीकरण के लिए हिंदू जीवन पद्धति को भारतीय दृष्टि से परिभाषित करना होगा। महादेवी वर्मा सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्‍यक्षता विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने की।

प्रो. सुषमा यादव ने पाश्‍चात्‍य और भारतीय जीवन पद्धति को विस्‍तार से बताते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्षों में भी हम पाश्‍चात्‍य संस्‍कृति से मुक्‍त नहीं हो पाये, और न ही अपना तंत्र बना सके। इसी जीवन पद्धति को हम अपना रहे है। हिंदुत्‍व दर्शन की बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि हिंदुत्‍व में व्‍यक्ति के साथ-साथ प्रकृति भी शामिल है। हमें धारणीय विकास की संकल्‍पना को साकार करते हुए औपनिवेशिकता की जकड़नों से मुक्‍त होना होगा तभी हम आत्‍मनिर्भर और अखंड भारत को साकार कर पाएंगे।

अध्‍यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा कि भारत का भाव वसुधैव कुटुंबकम् और बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय का है। हमें यूरोप की श्रेष्‍ठता की दासता से मुक्ति पाते हुए मन में भारतीय भाव को जगाना चाहिए। उन्‍होंने स्‍वामी विवेकानंद, विनायक दामोदर सावरकर, महात्‍मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और अरविंद के विचारों का संदर्भ देते हुए कहा कि इन्‍होंने मानसिक गुलामी से मुक्ति की बात की है।  उनके विचार भारत को  श्रेष्‍ठ और एक बनाने में सहायक होंगे। स्‍वागत वक्‍तव्‍य दर्शन एवं संस्‍कृति विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. जयंत उपाध्‍याय ने दिया। कार्यक्रम का संचालन दर्शन एवं संस्‍कृति विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सूर्य प्रकाश पाण्‍डेय ने किया तथा गांधी एवं शांति अध्‍ययन विभाग के प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी ने आभार माना।  चंदन कुमार ने मंगलाचरण प्रस्‍तुत किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति द्वय प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल एवं प्रो. चंद्रकांत रागीट, प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह, प्रो. अवधेश कुमार सहित अध्‍यापक शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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एक-एक कर परिवार के 5 सदस्यों को उतारा मौत के घाट, इलाके में मचा हड़कंप...

 देहरादून (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड के देहरादून में एक साथ परिवार के 5 सदस्यों की हत्या की खबर मिलने से हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह डोईवाला क्षेत्र में महेश के घर का हाल देख सभी खौफ से भर गए। यहां हर ओर फर्श पर खून बिखरा पड़ा था। खून से लथपथ पांच शव इधर-उधर जमीन पर पड़े हुए थे। जिसने भी यह मंजर देखा खौफ से भर गया।

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक साथ एक ही परिवार के पांच सदस्‍यों की हत्‍या का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। आरोपित महेश कुमार ने अपनी ही मां, पत्‍नी और तीन बेटियों को गलाकाट कर मौत के घाट उतार दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपित महेश कुमार ने इन पांचों हत्‍याओं से पहले पूजा पाठ भी की और इसके बाद खूनी तांडव मचा दिया। पूजा पाठ करने के बाद आरोपित ने परिवार के एक-एक सदस्य को बारी बारी से मौत के घाट उतारा। वहीं आरोपित महेश की चौथी बेटी अपनी बुआ के घर गई थी।

बता दें कि आरोपित महेश पंडिताई का काम करता है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और उससे इस हत्‍याकांड की वजह पूछी जा रही है। आरोपित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के थाना अतर्रा जिला बांदा का रहने वाला है। डोईवाला में रानीपोखरी के नागघेर में उसका अपना मकान है। जहां वह अपने परिवार के साथ रह रहा था। आरोपित की मां दिमागी तौर पर अस्वस्थ थी, वहीं उसकी एक बेटी भी दिव्यांग थी। आरोपित का एक भाई ऋषिकेश में रहता है। जिसे घटना की सूचना दी जा चुकी है। आरोपित अभी कुछ बोल नहीं पा रहा है, उसने परिवार के सदस्यों को क्यों मारा इसकी अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। स्वजनों को बुलाया गया है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर और एसपी देहात कमलेश उपाध्याय मौके पर मौजूद हैं। आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार आरोपित महेश कोई काम नहीं करता था। उसका बड़ा भाई उमेश उनका घर का खर्च चलता था। आरोपित दिन भर पूजा पाठ करता था। महेश और उसकी पत्‍नी के बीच इसी बात को लेकर विवाद रहता था। आज सोमवार की सुबह भी विवाद हुआ। जिसके बाद महेश ने पांचों की हत्‍या कर दी।

मृतकों के नाम :
बीतन देवी उम्र 75 वर्ष- माता, नीतू देवी उम्र 36 वर्ष- पत्नी, अपर्णा उम्र 13 वर्ष- पुत्री, स्वर्णा उर्फ गुल्लो उम्र 11 वर्ष पुत्री और अन्नपूर्णा उम्र 9 वर्ष पुत्री।

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कांग्रेस का इलाज कम्पाउण्डर नहीं कर सकता, पार्टी को स्पेशलिस्ट की जरूरत है : आजाद

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एआईसीसी से इस्तीफे के बाद पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने एक बार फिर पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में राजनीतिक कौशल की कमी है और सियासत में एंट्री के बाद से ही कांग्रेस की यह स्थिति हुई है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी का भी कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने कहा, 'आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी बेकार है। सोनिया गांधी के दौर में सिर्फ CWC होती थी। लेकिन बीते 10 सालों में इसके 25 सदस्य हो गए हैं और 50 विशेष आमंत्रित सदस्य भी होते हैं।' उन्होंने गांधी परिवार से अपने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी सबको साथ लेकर और सबकी सहमति से सियासत करने में यकीन करते थे। लेकिन राहुल गांधी के साथ ऐसा नहीं है।


वरिष्ठ नेता ने कहा, 'सोनिया गांधी ने 1998 से 2004 के दौरान सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम किया। वह बड़े नेताओं से सलाह लेती थीं। वह उन पर निर्भर थीं और उनकी सिफारिशें स्वीकार कर लेती थीं। उन्होंने मुझे 8 राज्यों का जिम्मा दिया था और मैंने 7 में जीत दिलाई थी। वह कहीं भी दखल नहीं देती थीं। लेकिन जब से 2004 के बाद से राहुल गांधी की एंट्री हुई है, यह व्यवस्था समाप्त हो गई है। सोनिया गांधी की निर्भरता राहुल पर बढ़ गई है। लेकिन राहुल गांधी के पास कोई राजनीतिक कौशल ही नहीं है। सोनिया गांधी चाहती हैं कि हर कोई राहुल गांधी के साथ ही समन्वय बना ले।'

 
 
 



कांग्रेस पार्टी में चुनाव के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं कांग्रेस के लिए दुआ ही कर सकता हूं लेकिन कांग्रेस मेरी दुआ से ठीक नहीं होगी उसके लिए दवा चाहिए। अभी उसका डॉक्टर कंपाउंडर है। अभी कांग्रेस को स्पेशलिस्ट की जरूरत है।

 



कांग्रेस की ओर से खुद पर किए गए हमलों का जवाब भी गुलाम नबी आजाद ने दिया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी तो एक बहाना हैं। इन लोगों को मुझसे तभी से दिक्कत थी, जब जी-23 की ओर से लेटर लिखा गया था। ये नहीं चाहते कि कोई भी कभी इन्हें कुछ लिख दे या फिर सवाल करे। कांग्रेस की कई बैठकें हुई थीं, लेकिन कोई भी सुझाव नहीं स्वीकार किया। यही नहीं पार्टी छोड़ने का ठीकरा भी गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पर ही फोड़ा। उन्होंने कहा कि मुझे अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

 



गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद ने बीते सप्ताह कांग्रेस छोड़ते हुए सोनिया गांधी को 5 पन्नों का लेटर लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में एक अच्छी व्यवस्था थी। सोनिया गांधी के दौर में भी यह कायम थी, लेकिन राहुल गांधी के आते ही सब ध्वस्त हो गया। इसके अलावा 2014 में कांग्रेस की हार के लिए भी उन्होंने राहुल गांधी के रवैये को ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि उन्होंने कैबिनेट की ओर से पारित अध्यादेश फाड़ दिया था। इससे प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा ही कमजोर पड़ गई थी।

 

 

 
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बड़ी खबर : दिवाली में जियो लॉन्च करेगी 5G सर्विस

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में 5G सर्विस की शुरुआत जल्द ही होने जा रही है। इसके लिए रिलायंस जियो दिवाली में लॉन्च करने की घोषणा की है। रिलाइंस 45th वार्षिक आम बैठक में इसकी घोषणा की है।

 
 
फिलहाल, आज की शुरू हुई बैठक समाचार लिखे जाने तक जारी है। इस बैठक में इस दिवाली तक की-सिटीज में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा दिसंबर 2023 तक पूरे देश में लागू किया जाएगा।
 
 
 

 

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ट्वीन टावर गिराने के बाद सीएमओ से जारी हुई 26 अधिकारियों की सूची...

 नोएडा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नोएडा में ट्विन टावर रविवार को गिरा दिए जाने के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 सरकारी अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएमओ से इन अफसरों की लिस्ट भी जारी हो गई है, जिसमें टावर बनते समय ये अफसर किसी न किसी पद पर नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी में तैनात थे।

 
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प्रदेश के नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष ने ग्रहण किया पदभार, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने लखनऊ में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। लखनऊ में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सीएम योगी आदित्यनाथ  ने भूपेंद्र सिंह चौधरी का स्वागत किया।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जी का अभिनंदन और स्वागत। उन्होंने कहा कि चौधरी भूपेंद्र सिंह जी को हर कार्यकर्ता जानता है। वह जमीन से जुड़े नेता हैं। भूपेंद्र सिंह चौधरी की प्रदेश में अच्छी पकड़ है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र चौधरी की क्षमता सबको पता है। वह सभी को अच्छी तरह से जानते हैं।

 



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बूथ स्तर से लेकर क्षेत्र स्तर तक संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेंद्र चौधरी पहले भी कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। आशा है कि वह केंद्र और राज्य के बीच सेतु का काम करेंगे जिससे प्रदेश को और मजबूती मिलेगी।

 



उन्होंने कहा कि हम नए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी तथा नए संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ मिलकर एक नए उत्तर प्रदेश को बनाने और उसे मजबूत करने का काम करेंगे। इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मैं भाजपा केन्द्रीय नेतृत्व का आभार प्रकट करता हूं। मेरे जैसे एक सामान्य कार्यकर्ता को उत्तर प्रदेश की बागडोर सौंपी हैं।

 

 

 
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हिंदी विश्‍वविद्यालय में छात्र संसद का आयोजन 30-31 को

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय  में छात्र संसद का आयोजन 30 और 31 अगस्‍त को किया जा रहा है। विश्‍वविद्यालय के कस्‍तूरबा सभागार में अपराह्न 3.00 बजे आयोजित छात्र संसद के उद्घाटन समारोह की अध्‍यक्षता कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल करेंगे। कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में वर्धा के सांसद रामदास तडस उपस्थित रहेंगे।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्‍ली की ओर से एम.आई. टी., वर्ल्‍ड पीस यूनिवर्सिटी पुणे में 15 से 17 सितंबर को आयोजित भारतीय छात्र संसद को ध्‍यान में रखकर विश्‍वविद्यालय स्‍तर पर छात्र संसद का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत संसद में चलने वाली चर्चा के अनुरूप नए मंत्रियों का परिचय, राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा,  शपथग्रहण, प्रश्‍नकाल एवं शून्‍यकाल आदि को विद्यार्थियों द्वारा संचालित किया जाएगा।

 

छात्र संसद के माध्‍यम से 5 विद्यार्थियों का चयन कर उन्‍हे पुणे में आयोजित भारतीय छात्र संसद के लिए नामित किया जाएगा।

 

 

 
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राहुल नहीं जानते कि वरिष्ठ नेताओं के साथ कैसा व्यवहार करना है : एमए खान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस पार्टी की आतंरिक कलह अब खुलकर सामने आ रही है। पिछले दिनों वरिष्ठ नेता व जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद एक और वरिष्ठ नेता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के नेतृत्व और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

तेलंगाना के कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद मोहम्मद अली खान ने भी पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है। खान ने कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेतृत्व को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में एमए खान ने कहा कि G23 के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के कल्याण और भलाई के लिए अपनी आवाज उठाई थी। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनके इस कदम को नजरअंदाज किया। अगर पार्टी ने उन नेताओं पर भरोसा दिखाया होता और उनकी बात को महत्व दिया होता तथा पार्टी के लिए उनकी चिंता को समझा होता, तो शायद स्थिति आज अलग होतीं। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने छात्र जीवन से ही यानी 4 दशकों से ज्यादा समय तक पार्टी से जुड़ा रहा।

पार्टी को छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं : खान
एमए खान ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जाता है। शीर्ष नेतृत्व पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाता और पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी एवं राजीव गांधी के नेतृत्व, उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ देश की सेवा करने की बात करता है। यह सब देखने के बाद मेरे पास पार्टी को छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।

कांग्रेस से इस्तीफे के बाद एमए खान ने बताया कि मैंने कांग्रेस इसलिए छोड़ी। क्योंकि राहुल गांधी द्वारा पार्टी उपाध्यक्ष का पद संभाले जाने के बाद से ही चीजें बिगड़ने लगीं। उनकी अपनी एक अलग विचारधारा है। ब्लॉक स्तर से बूथ स्तर तक उनके विचार किसी भी पार्टी सदस्य से मेल नहीं खाते। पूर्व कांग्रेस राज्यसभा सांसद ने कहा कि इसी वजह से कांग्रेस का पतन हो रहा है। ये सब अब इस हद तक पहुंच गया है कि लंबे समय तक पार्टी में अपनी सेवा देने वाले और उसको मजबूत बनाने वाले तमाम दिग्गज नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। राहुल नहीं जानते कि वरिष्ठ नेताओं के साथ कैसा व्यवहार करना है।

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डिवाइडर से टकराई कार, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, सीएम ने जताया शोक

 आजमगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में विंध्‍याचल देवी का दर्शन करने जा रहे कार सवार चार लोगों समेत पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के भगवानपुर के समीप दशनार्थियों से भरी कार आजमगढ़-इलाहाबाद राजमार्ग पर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई।

इस दौरान कार ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार एक बच्‍ची समेत चार लोगों की मौत हो गई। कार सवार एक महिला का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि शनिवार रात करीब नौ बजे एक कार दर्शनार्थियों को लेकर विंध्याचल धाम दर्शन के लिए जा रही थी। कार जैसे ही बरदह थाना क्षेत्र के भगवानपुर पुलिया के समीप पहुंची अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से उन्‍होंने बताया कि रफ्तार इतनी तेज थी कि डिवाइडर से टकराने के बाद कार हवा में उछली और इस दौरान दूसरी तरफ से आ रहे एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। घटना में बाइक सवार बरदह थाना क्षेत्र के ही मिर्जा जगदीशपुर निवासी सुशील सरोज (32) की मौत हो गई। दूसरी तरफ कार में सवार बच्ची सहित तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला की उपचार के दौरान जिला चिकित्सालय में देर रात मौत हो गयी।

मृतकों में शिव प्रकाश (30), पिंटू यादव (22), शिवप्रकाश की तीन वर्षीय बेटी अनोखी एवं मीना देवी (25) निवासीगण एकरापुर थाना सिधारी की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक महिला का उपचार चल रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने जनपद आजमगढ़ में हुए सड़क हादसे में लोगों की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

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जहरीली शराब पीने से 3 की मौत, कई गंभीर...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार में एक बार फिर से जहरीली शराब पीने से तीन की मौत हो गई। तबियत बिगड़ने बाद युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने तीन को मृत घोषित कर दिया। जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह घटना राघोपुर के वीरपुर में बीते शुक्रवार की शाम हुई। यहां जहरीली शराब पीने से लोगों की हालत बिगड़ती चली गई। बताया गया है कि जहरीली शराब पीने से पहले लोगों की आंखों की रोशनी गई। सूचना मिलने पर परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जहरीली शराब पीने की घटना बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र के राघोपुर की है। घटना के बाद शराबबंदी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, जिला प्रशासन भी सवाले के घेरे में हैं। आखिर किसकी शह पर जहरीली शराब तैयार की जा रही थी।

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श्रद्धालुओं से भरी ट्राली पलटी : 8 की मौत, 37 घायल

 ऊधम सिंह नगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। किच्छा के पास श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली पलटने से आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे में 37 लोगों के घायल होने की खबर है। जिनका उपचार किया जा रहा है।

ऊधम सिंह नगर जिले के पास हुए इस हादसे की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मौके पर पुलिस और जिला प्रशासन के लोग राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

शक्ति फार्म क्षेत्र के बसगर गांव निवासी करीब 45 से 50 श्रद्धालु बॉर्डर स्थित यूपी क्षेत्र में आने वाले उत्तम नगर स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि उत्तम नगर गुरुद्वारे में हर रविवार को गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ और लंगर का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालु ट्रॉली में सवार होकर निकले थे।

सिरसा चौकी, बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र में आती है। चौकी के समीप ट्रैक्टर ट्रॉली पहुंचने के बाद पीछे से आ रहे ट्रक ने अनियंत्रित गति से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई।

इस दौरान ट्रॉली दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रविवार सुबह करीब 9 बजे हुए हादसे में सड़क के आसपास घायल लोग बिखरे हुए थे, स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

वहीं बरेली जिले से भारी संख्या में पुलिस फोर्स भेजी गई। घायलों को उपचार के लिए विभिन्न चिकित्सालयों में भेजा गया है। किच्छा स्थित सीएचसी में भी कई घायलों को उपचार के लिए भेजा गया है।

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सीबीआई कर सकती है सोनाली फोगाट हत्याकांड की जांच, सीएम सावंत ने दिया आश्वासन...

 पणजी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अनुरोध के बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोनाली फोगाट हत्याकांड की जांच में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया है। सीएम सावंत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश देंगे।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, 'सोनाली फोगाट हत्याकांड में हरियाणा के सीएम ने मुझसे बात की। उन्होंने गहन जांच का अनुरोध किया। वह चाहते हैं कि परिवार के सदस्यों के मिलने के बाद इस मामले को सीबीआई अपने हाथ में ले ले। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। सभी औपचारिकताओं के बाद आज जरूरत पड़ी तो सीबीआई को मामला सौंप देंगे।'

इससे पहले गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा था कि उनकी सरकार भाजपा नेता और अभिनेत्री सोनाली फोगाट की मौत के मामले में पहले दिन से ही जांच में पूरा सहयोग कर रही है और जो इसमें शामिल होगा, उसे गोवा पुलिस जरूर सजा देगी। सावंत ने कहा था कि अभी आरोपी पुलिस हिरासत में है, जांच की जा रही है। राज्य सरकार दोषियों को सजा दिलाने का काम करेगी।

क्या है सोनाली फोगाट मामला
बता दें कि 42 वर्षीय सोनाली फोगाट की 23 अगस्त को गोवा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उन्हें सेंट एंथोनी अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सोनाली फोगाट के शरीर पर चोट के निशाना मिले थे। जिसके बाद गोवा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। सोनाली फोगाट के परिवार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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अध्यक्ष के लिए मशक्क़त कर रही कांग्रेस का एक बार फिर टलेगा चुनाव?

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की सबसे पुराने कांग्रेस पार्टी इन दिनों अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए काफी मशक्क़त कर रही है। इसी बीच पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गांधी परिवार के बाहर के व्यक्ति के नाम पर मंथन करने के संकेत दिए थे। कांग्रेस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव कुछ हफ्तों के लिए टल सकता है।

देखना दिलचस्प है कि कांग्रेस कार्यसमिति अध्यक्ष पद चुनाव पर मुहर लगाती है या फिर इस कार्यक्रम को कुछ हफ्तों के लिए बढ़ाया जा रहा है।

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अहमदाबाद में रिवरफ्रंट एफओबी अटल ब्रिज का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार और रविवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान शनिवार को वे अहमदाबाद शहर में पैदल यात्रियों के लिए साबरमती नदी पर निर्मित 'अटल ब्रिज' का उद्घाटन करेंगे। राज्य सरकार ने कहा है, 'पहले दिन पीएम मोदी खादी उत्सव कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम साबरमती नदी के किनारे शाम को आयोजित किया जाएगा। इसी जगह प्रधानमंत्री पैदल पुल का उद्घाटन करेंगे।

अहमदाबाद म्यूनिसिपल कारपोरेशन द्वारा निर्मित इस पुल को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम दिया गया है। आकषर्षक डिजाइन और एलईडी लाइटिंग वाला यह पुल करीब 300 मीटर लंबा और बीच में 14 मीटर चौड़ा है। इस पुल से पैदल यात्रियों के अलावा साइकिल सवार भी गुजर सकेंगे। इस पुल के मध्य से लोग नदी के दोनों किनारों का अवलोकन कर सकेंगे। पुल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोग निचले और ऊपरी दोनों रास्तों से रिवरफ्रंट तक पहुंच सकते हैं। पुल के निर्माण में 2,600 मीट्रिक टन स्टील पाइप का इस्तेमाल कर बनाया गया है, जबकि छत रंगीन कपड़े से बनी है और रेलिंग कांच और स्टेनलेस स्टील से बनाई गई है।

पीएम के कार्यक्रम स्थल के पास सांप्रदायिक तनाव
गुजरात के भुज शहर के पास माधापुर गांव में शुक्रवार शाम को सांप्रदायिक तनाव के बाद पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात की गई है। माधापुर गांव भूकंप पीडि़तों की याद में बनाए गए स्मारक 'स्मृति वन' से सिर्फ चार किलोमीटर दूर है और इसका उद्घाटन रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि एक समुदाय के एक समूह ने दूसरे समुदाय की दुकानों और एक धर्म स्थल पर हमला किया और तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि भुज के बाहरी इलाके माधापार के रबारी समुदाय के लोग परेश रबारी नाम के एक युवक की हत्या से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि रबारी की शुक्रवार सुबह एक सुलेमान सना ने कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी थी। सूत्रों ने कहा कि युवक के अंतिम संस्कार से लौटते समय गुस्साई भीड़ ने दुकानों और पूजा स्थल में तोड़फोड़ की हालांकि स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया।

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