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हिंदी ने विश्वभर में भारत को दिलाया विशिष्ट सम्मान : नरेन्द्र मोदी

 प्रधानमंत्री ने दी हिंदी दिवस की बधाई

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश आज हिंदी दिवस मना रहा है। हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। हिंदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई दी है। इसके पहले अमित शाह ने भी हिंदी दिवस पर एक वीडियो संदेश जारी किया है।


पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि हिंदी ने विश्वभर में भारत को एक विशिष्ट सम्मान दिलाया है। इसकी सरलता, सहजता और संवेदनशीलता हमेशा आकर्षित करती है। साथ ही कहा कि हिंदी दिवस पर मैं उन सभी लोगों को हृदय से अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने इसे समृद्ध और सशक्त बनाने में अपना अथक योगदान दिया है।

पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधती है हिंदी
वहीं, इसके पहले हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो जारी कर एक संदेश दिया। इसमें उन्होंने कहा कि हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की मित्र है और यह एक आधिकारिक भाषा के रूप में 'पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधती है।'

हिंदी दिवस पर शशि थरूर ने ट्विटर पर शेयर किया पुराना वीडियो


कांग्रेस नेता शशि थरूर ने 'हिंदी दिवस' पर एक पुराना वीडियो पोस्ट किया जिसमें उनका कहना है कि आजकल राजनीति में हिंदी जरूरी हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी हिंदी बोल सकता है। दक्षिण भारतीय भी हिंदी बोल सकते हैं। कांग्रेस नेता का बयान इस सवाल के जवाब में था कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष को हिंदी भाषी होना चाहिए।



बता दें कि देवनागरी लिपि में हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है। 14 सितंबर, 1949 को राष्ट्रीय संविधान द्वारा भाषा को अपनाया गया और यह देश की आधिकारिक भाषा बन गई। गौरतलब है कि देश में हिंदी भाषा को लेकर बेहद उत्साह है। कला और साहित्य प्रेमी से जुड़े लोग हिंदी में विशेष रुचि रखते हैं।

 

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गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर चला चुनाव आयोग का डंडा, 339 में से 253 दल निष्क्रिय घोषित

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। चुनावी लोकतंत्र की शुद्धता को बनाए रखने और व्यापक जनहित में आयोग ने 339 पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त पार्टियों (आरयूपीपी) के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से 86 दल सिर्फ कागजों पर चल रहे थे और शेष 253 निष्क्रिय पड़े हुए थे। कार्रवाई के दायरे में आने वाले ज्यादातर दल उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार के हैं।

बता दें कि पिछले हफ्ते ही आयकर विभाग ने 100 से ज्यादा पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त दलों, उनसे जुड़ी संस्थाओं और गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के खिलाफ छापे मारे थे। आयकर विभाग ने चुनावी चंदे में गड़बड़ी की शिकायतों पर यह कार्रवाई की थी। बताया जाता है कि छापे में कई दलों को गंभीर वित्तीय अनियमितता में लिप्त पाया गया है। अभी इसकी जांच चल रही है। बताया तो यह भी जाता है कि आयकर विभाग ने यह कार्रवाई चुनाव आयोग की शिकायत पर की थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई थी।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने नियमों का पालन नहीं करने वाली पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ इस साल मई में कार्रवाई शुरू की थी। मई में आयोग ने 87 दलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें आरयूपीपी की सूची से बाहर कर दिया था, जबकि जून में 111 दलों को इस सूची से बाहर किया था। इनको मिलाकर अब आयोग 537 पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। अब ये सभी राजनीतिक दल चुनाव के दौरान न पार्टी के लिए अधिकृत चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल कर सकेंगे और न ही चुनाव के दौरान कोई फायदा ले सकेंगे।

सत्यापन में फर्जी मिले पते
जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 29ए के तहत प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने नाम, मुख्यालय, पदाधिकारी, पता, पैन आदि में किसी भी बदलाव की जानकारी बिना किसी देरी के चुनाव आयोग को देनी होती है। लेकिन बार-बार की चेतावनी के बाद 86 दलों ने उपरोक्त जानकारी नहीं दी थी। संबंधित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों द्वारा स्थलीय सत्यापन में आयोग के पास दर्ज पते पर इन 86 दलों का पता नहीं चला था।

कई राज्यों के सीईओ की शिकायत पर कार्रवाई
आयोग के अनुसार नियमों का पालन नहीं करने के मामले में 253 आरयूपीपी के खिलाफ बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। इन 253 दलों ने आयोग की तरफ से भेजे गए पत्रों और नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया, जिसके चलते इन्हें निष्क्रिय घोषित किया गया है। इन दलों ने राज्य विधानसभाओं या 2014 और 2019 के संसदीय चुनाव में भी भाग नहीं लिया था। जबकि पंजीकरण के छह साल के भीतर चुनाव लड़ना जरूरी होता है।

काले धन को सफेद करने का संदेह
सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग को इन दलों के खिलाफ काले धन को सफेद करने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने ऐसे दलों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। इन राजनीतिक दलों को संचालकों के माध्यम से चंदा दिया जाता है। फिर काले धन को सफेद कर कर इन राजनीतिक दलों द्वारा नकद वापस दिया जाता है। ऐसा इसलिए संभव हो पाता है क्योंकि राजनीतिक दल आयकर अधिनियम की धारा 13 ए के तहत कर लाभ का दावा करते रहे हैं।

ज्यादा दल होने से गड़बड़ी की आशंका
आयोग के मुताबिक बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों की मौजूदगी से गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है। इनमें से कई दल ऐसे भी होते हैं जिनके नाम दूसरे दलों से मिलते जुलते होते हैं। इससे मतदताओं में भ्रम की स्थिति भी पैदा होती है। इसके अलावा राजनीतिक दलों की गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने का भी अधिकार मतदाताओं को है। लेकिन इन दलों के अस्तित्व में ही नहीं होने से इनके बारे में जानकारी हासिल कर पाना मुश्किल था। इन सब तथ्यों को भी ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से यह कार्रवाई की गई है।

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निर्माणाधीन इमारत की लिफ्ट गिरी, 7 मजदूरों की मौत...

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात के अहमदाबाद में बड़ा हादसा हुआ है। गुजरात यूनिवर्सिटी के पास पासपोर्ट ऑफिस रोड पर एक निर्माणाधीन इमारत की लिफ्ट गिर गई है। लिफ्ट गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई है। जिस इमारत में ये हादसा हुआ है, उसका नाम एस्पायर-2 बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था। तभी सातवीं मंजिल से एक लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। मामले की जानकारी फौरन पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लिफ्ट से मजदूरों को बाहर निकाला। हादसे के बाद वहां मजदूरों की चीख-पुकार मच गई थी। पुलिस ने बताया कि हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई है जबकि एक घायल हो गया। घायल की हालत गंभीर है। घायल का इलाज सोला सिविल अस्पताल में चल रहा है।

सभी मृतक पंचमहल जिले के घोघंबा के रहने वाले थे। मृतकों में संजयभाई बाबूभाई नायक, जगदीशभाई रमेशभाई नायक, अश्विनभाई सोमभाई नायक, मुकेश भरतभाई नायक, मुकेशभाई भरतभाई नायक, राजमल सुरेशभाई खराडी और पंकजभाई शंकरभाई खराडी शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब के युवराज को भारत की यात्रा करने का दिया निमंत्रण

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के राष्ट्रीय दिवस से पहले युवराज मोहम्मद बिन सलमान को इसकी बधाई दी और उन्हें जल्द ही भारत की यात्रा करने का निमंत्रण दिया है। भारतीय दूतावास ने एक विज्ञप्ति में बताया कि विदेश मंत्री के तौर पर सऊदी अरब की पहली आधिकारिक यात्रा करने वाले एस. जयशंकर ने शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर राजनीतिक, व्यापार, ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा समेत सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के उपायों पर चर्चा की।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने रविवार को जेद्दा में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की और प्रधानमंत्री मोदी का एक लिखित संदेश उन्हें सौंपा। इस संदेश में 23 सितंबर को सऊदी अरब के राष्ट्रीय दिवस की बधाई दी गई है और युवराज को जल्द ही भारत की यात्रा करने का निमंत्रण दिया गया है। युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने फरवरी 2019 में भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा की थी।

 
 
 
 
 
 

बैठक के दौरान, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और उन्हें प्रगाढ़ बनाने के अवसरों के साथ-साथ नवीनतम क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा की गई। इससे पहले रविवार को रियाज में, जयशंकर ने अपने सऊदी समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ बातचीत की और वर्तमान वैश्विक राजनीतिक व आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की। दोनों ने जी -20 और अन्य बहुपक्षीय संगठनों में मिलकर काम करने पर भी सहमति जतायी।

 
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भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता की 12वीं खेप सौंपी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता की 12वीं खेप सौंपी। इसमें आवश्यक दवाएं और उपकरण शामिल हैं। मानवीय सहायता रूस के साथ संघर्ष का सामना कर रहे यूक्रेन की आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में मदद करने के प्रयास का हिस्सा है।

मानवीय सहायता सौंपने की एक तस्वीर साझा करते हुए, कीव में भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में कहा कि राजदूत हर्ष कुमार जैन ने भारत से मानवीय सहायता यूक्रेन के उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेक्सी इरेमेन्को को सौंपी। भारत ने एक मार्च को पौलैंड के जरिए यूक्रेन के लिए दवाओं और अन्‍य राहत सामग्री समेत मानवीय सहायता की पहली खेप भेजी थी।

 

 

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वैश्विक औसत से लगभग दोगुना गर्म हो रहा है पश्चिम एशियाई क्षेत्र

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक नए जलवायु अध्ययन में पता लगा है कि पश्चिम एशियाई क्षेत्र वैश्विक औसत से लगभग दोगुना गर्म हो रहा है। इसका लोगों और अर्थव्यवस्थाओं पर विनाशकारी प्रभाव पड़ने की आशंका है।

इस साल के अंत में मिस्र में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन पर 27वें सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इस शिखर सम्मेलन से पहले जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र के 40 करोड से अधिक लोग अत्यधिक गर्मी, लंबे समय तक सूखे और समुद्र के स्तर में वृद्धि का सामना कर रहे हैं।

 
 
 

अध्ययन से पता चला है कि तेल से समृद्ध क्षेत्र में पि‍छले कई वर्षों में यूरोपीय संघ से भी अधिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का स्रोत बन रहा है। अध्ययन में पश्चिम में ग्रीस और मिस्र से लेकर लेबनान, सीरिया और इराक तक और खाड़ी के राज्यों बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात के साथ-साथ पूर्व में ईरान तक फैले क्षेत्र को शामिल किया गया है।

लगभग 200 देशों के प्रतिनिधि इस साल नवंबर में मिस्र के लाल सागर रिसॉर्ट शहर शर्म अल-शेख में मिलेंगे ताकि 2015 के पेरिस समझौते को लागू कराया जा सके ।

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गडकरी ने अमेरिका के निवेशकों से भारत में निवेश करने का आह्वान किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अमेरिका के निवेशकों से आगे आने और भारत में सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं में निवेश करने का आह्वान किया है, जो निवेशकों के लिए सोने की खान हैं। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के 19वें भारत-अमेरिका आर्थिक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि अमेरिका और भारत मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के साथ विश्व के दो प्रमुख लोकतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि हम स्वाभाविक भागीदार हैं और आपसी विकास में योगदान देने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। दोनों देशों ने सामाजिक, आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर हमेशा आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का चुना हुआ विषय- अगले 25 वर्षों के लिए नया एजेंडा हमारे संबंधों को मजबूत करने का रोडमैप तैयार करेगा।

श्री गडकरी ने कहा कि हमारा जोर समग्र विकास मॉडल के साथ एक सतत व्यापार इकोसिस्‍टम बनाने पर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें लीक से हटकर विचार प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने और नए रास्ते बनाने के लिए रचनात्मक एजेंडे को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2025 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का एक दृष्टिकोण निर्धारित किया है। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि आज, भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और यह दुनिया में पांचवें स्थान पर है।

 
 
 
 
 
 
 

एक अच्छी तरह से विकसित बुनियादी ढांचा आर्थिक गतिविधि और नए व्यवसायों और रोजगारों के सृजन को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा पाइपलाइन के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश कर रही है। 2019 से 2025 तक की अवधि में इस पूंजीगत व्यय का 19% सड़क क्षेत्र के लिए होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में समग्र और एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय गति शक्ति मास्टर प्लान शुरू किया है। गति-शक्ति के साथ सभी हितधारक 3 सी कॉ-आपरेशन (सहयोग), कॉ-आर्डिनेशन (समन्वय) और कम्‍यूनिकेशन (संचार) के नियमों का पालन करेंगे।

 

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आर्मी अस्पताल में प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रयास का हुआ उद्घाटन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पीड़ा को कम करने और माता-पिता में दिव्‍यांग बच्चों के साथ व्यवहार करने के लिए विश्वास पैदा करने के लिए सेना अस्पताल (अनुसंधान और रेफरल) में एक मॉडल प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र-प्रयास स्थापित किया गया है। प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र एक व्यापक अति आधुनिक सुविधा है जो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समर्पित है। ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, नींद और हकलाना और अन्य विकलांगता से पीड़ित सशस्त्र बलों के कर्मियों के छह वर्ष तक के बच्चों को इस उद्यम से अत्यधिक लाभ होगा। इस केंद्र का उद्घाटन श्रीमती अर्चना पांडे, अध्यक्ष, आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) ने 12 सितंबर 2022 को आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे की उपस्थिति में किया। इस कार्यक्रम में सर्जन वाइस एडमिरल रजत दत्ता, महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (डीजीएएफएमएस) भी उपस्थित थे।

नव स्थापित केंद्र में श्रवण और दृश्य दोषों के लिए उन्नत स्क्रीनिंग, ऑटिज्म का पता लगाने, विभिन्न बीमारियों की नैदानिक ​​​​पहचान और विशेष शिक्षा, संवेदी एकीकरण व्यावसायिक और फिजियोथेरेपी, व्यवहार संशोधन और पोषण मार्गदर्शन जैसी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्‍ध हैं। यह बाल चिकित्सा सुपर स्पेशियलिटी विधा वात्सल्य के साथ एकीकृत है, जिसे बच्चों के अनुकूल वॉल्ट डिज़्नी थीम के साथ पुन: डिजाइन किया गया है। दिव्‍यांग बच्चों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न चिकित्सकों की विशेषज्ञता को मिलाकर एक बहु-विषयक दृष्टिकोण साथ काम करेगा।

 
 
 
 
 
 
 

सेना अस्पताल (आर एंड आर) तृतीयक देखभाल रेफरल सुविधाएं प्रदान करता है और विभिन्न उप-विशिष्टताओं में उत्कृष्टता केंद्र है। ईआईसी प्रयास को जोड़ने से अवसर की सर्वोत्तम विंडो के दौरान उन दिव्‍यांग बच्चों के लिए प्रारंभिक निदान और आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप करने में मदद मिलेगी, जिनकी आयु जन्म से 6 वर्ष के बीच है। यह केंद्र विकासात्मक देरी से बच्चों के चिकित्सीय परिणाम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा और इसका उद्देश्‍य देखभाल करने वाले की संतुष्टि में अत्यधिक सुधार हासिल करना है।

 

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स्वामीनारायण भगवान ने हमेशा मानवता और समाज की सेवा में विश्वास किया : गोयल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) का स्वामीनारायण मंदिर दुनिया भर में समाज की महान सेवा कर रहा है। वे लॉस एंजिल्स में श्री स्वामीनारायण मंदिर के दर्शन के बाद भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। लॉस एंजिल्स में श्री स्वामीनारायण मंदिर परिसर की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए और इसके अस्तित्व के 10 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि इस क्षेत्र में मंदिर की मौजूदगी यहां भारतीयों की उपस्थिति और लॉस एंजिल्स के क्षेत्र में विकास और प्रगति को लेकर भारतीय लोगों के योगदान की परिचायक है।

प्रमुख स्वामी महाराज को उनकी सौवीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि यह दुनिया भर में हम सभी के लिए एक बहुत ही खास अवसर है, जिन्होंने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया है और उनसे अच्छाई सीखी है। यह याद दिलाते हुए कि उन्हें वर्षों से प्रमुख स्वामी महाराज जी के विभिन्न कार्यक्रमों के साथ एक विशेष संबंध रखने का सौभाग्य मिला है, श्री गोयल ने कहा कि उन्हें कई साल पहले मुंबई में प्रमुख स्वामी महाराज की 75वीं वर्षगांठ समारोह में सक्रिय रूप से भाग लेने का मौका मिला था।

 
 
 

श्री गोयल ने कहा कि उन्हें हमेशा दुनिया भर में श्री स्वामीनारायण मंदिरों के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि लॉस एंजिल्स में मंदिर को बहुत ही अनोखे और भव्य रूप से योजनाबद्ध करते हुए क्रियान्वित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मंदिर में जाने पर अपने आप में आध्यात्मिकता की बहुत ही अनोखी अनुभूति होती है।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि हिंदुओं को एक साथ रखने और हिंदू धर्म की भावना को दुनिया भर में देदीप्यमान और प्रवाहमय बनाने में बीएपीएस का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि जब लोग भारत से बाहर गए और जीवन के भौतिक पहलुओं का अनुभव किया, तो अगली पीढ़ी को मातृभूमि से जुड़ाव खोते देखा गया। लेकिन जहां भी स्वामीनारायण मंदिर स्थापित किया गया है, वहां आध्यात्मिकता पनपती है और अगली पीढ़ी मातृभूमि से अपना जुड़ाव बनाए रखती है। वे बहुत अच्छी आदतों और तौर-तरीकों को विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए, यह संस्था पूरे विश्व में बड़े पैमाने पर समाज की सेवा कर रही है।

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17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे मोदी

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2022 को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। इसके मद्देनजर कूनो नेशनल पार्क में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में रविवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने कूनो नेशनल पार्क में चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने उस फेंसिंग बाढ़ को भी देखा जहां पर नामीबिया से आये चीतों को 30 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा। साथ ही श्री यादव ने अधिकारियों से तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को समुचित दिशा निर्देश भी दिए।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के साथ केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कूनो नेशनल पार्क में तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर सी पी गोयल, महानिदेशक वन एवं स्पेशल सेक्रेटरी, डॉक्टर एसपी यादव, अपर महानिदेशक, एनटीसीए और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने फ्रंटलाइन स्टाफ, चीता मित्र, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के यंग वैज्ञानिकों और सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि चीतों की वापसी एक ऐतिहासिक कदम है।

इससे पर्यावरण संतुलन को कायम रखने में आसानी तो होगी ही साथ ही स्थानीय लोगों में खुशहाली का संचार होगा।  प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर कूनो नेशनल पार्क के बीच से बहने वाली कूनो नदी इसे न केवल और भी अधिक खूबसूरत बना देती है, बल्कि इसके सपाट और चौड़े तटों पर खिली हुई धूप में अठखेलियां करते मगरमच्छ यहां आने वाले लोगों को रोमांचित कर देते है। कूनो नेशनल पार्क में विभिन्न प्रकार के 174 पक्षियों की प्रजातियां मौजूद है, वहीं सैंकड़ों प्रजातियां वन्य जीवों की हैं। पक्षियों की 12 प्रजातियां तो दुलर्भ श्रेणी में मानी गई हैं।

केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय के निर्देश पर वर्ष 2010 में भारतीय वन्य जीव संस्थान (वाईल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट) ने भारत में चीता पुनर्स्थापना के लिए संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया, जिसमें 10 स्थलों के सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश के कूनो पालपुर अभ्यारण्य जो वर्तमान में कूनो राष्ट्रीय उद्यान है, सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया। कूनो के राष्ट्रीय उद्यान के 750 वर्ग किलोमीटर में लगभग दो दर्जन चीतों के रहवास के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त करीब 3 हजार वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र दो जिलों श्योपुर और शिवपुरी में चीतों के स्वंच्छद वितरण के लिए उपयुक्त हैं।

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सीएए समेत 200 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को  विवादास्पद नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं समेत 200 से अधिक जनहित याचिकाओं (पीआइएल) पर सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ सीएए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई सूची के अनुसार मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए 220 याचिकाएं सूचीबद्ध हैं। इनमें सीएए के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आइयूएमएल) की प्रमुख याचिका भी शामिल है।

कई जनहित याचिकाओं पर भी सुनवाई
शीर्ष अदालत में कुछ वर्षों से लंबित कई जनहित याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ कुछ अन्य जनहित याचिकाओं पर भी सुनवाई करने वाली है, जिसमें एक संगठन ह्यवी द वूमन आफ इंडिया द्वारा दायर याचिका भी शामिल है। सीएए के तहत 31 दिसंबर 2014 को या फिर उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रविधान है।

 
 
 

केंद्र सरकार को जारी हो चुका नोटिस
कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए शीर्ष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को संबंधित याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जनवरी 2020 के दूसरे सप्ताह तक जवाब दाखिल करने को कहा था। हालांकि, कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए लागू प्रतिबंधों के कारण यह मामला सुनवाई के लिए नहीं आ सका, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में वकील और वादी शामिल थे।

 
 
 

सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक आइयूएमएल ने अपनी याचिका में कहा है कि यह कानून समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है और अवैध प्रवासियों के एक वर्ग को धर्म के आधार पर नागरिकता देने का इरादा रखता है। अधिवक्ता पल्लवी प्रताप के माध्यम से आइयूएमएल द्वारा दायर याचिका में कानून के संचालन पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम संविधान के तहत परिकल्पित मूल मौलिक अधिकारों पर एक बेरहम हमला है और यह बराबर को असमान मानता है।

 
 
 

इन्होंने भी सीएए के विरोध में दायर कर रखी हैं याचिकाएं
राजद नेता मनोज झा, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और एआइएमआइएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, मुस्लिम निकाय जमीयत उलमा-ए-हिंद, आल असम स्टूडेंट्स यूनियन, पीस पार्टी, सीपीआइ, एनजीओ रिहाई मंच और सिटिजन्स अगेंस्ट हेट, अधिवक्ता एमएल शर्मा। इनके अलावा कई वकीलों ने भी सीएए के विरोध में याचिका दायर की हुई हैं।

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राष्ट्रीय पार्टी का गठन करेंगे के. चंद्रशेखर राव

 हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अटकलों पर विराम लगाते हुए तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ और अधिक चर्चा करने के बाद वह एक राष्ट्रीय पार्टी का गठन करेंगे। प्रभावशाली भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही कांग्रेस का एक राष्ट्रीय विकल्प मुहैया करने की कोशिश कर रही टीआरएस ने कहा कि वह विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा जारी रख कर वैकल्पिक राष्ट्रीय एजेंडे पर आम सहमति पर पहुंचेगी।

राव ने यह स्पष्ट कर दिया कि बुद्धिजीवियों, अर्थशास्त्रियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ और अधिक चर्चा के बाद पार्टी का गठन किया जाएगा और नीतियां तैयार की जाएंगी। इससे पहले दिन में, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने यहां राव से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने प्रस्तावित पार्टी की रूपरेखा पर चर्चा की।

राव के कार्यालय से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ चर्चा अलग तेलंगाना राज्य के गठन के लिए आंदोलन शुरू करने से पहले की गई पहल की तरह की गई। विज्ञप्ति में कहा गया है, बहुत जल्द, एक राष्ट्रीय पार्टी का गठन किया जाएगा और इसकी नीतियां तैयार की जाएंगी। प्रस्तावित राष्ट्रीय पार्टी के लिए जिन नामों पर चर्चा चल रही है उनमें कथित तौर पर ‘भारत राष्ट्रीय समिति’, ‘उज्ज्वल भारत पार्टी’ और ‘नया भारत पार्टी’ शामिल हैं।

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पेट्रोल, डीजल की कीमतें चुनाव की तारीखों से नियंत्रित होती हैं, वैश्विक दरों से नहीं: कांग्रेस

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए पेट्रोल और डीजल की दरों में कम से कम 15 रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस की कीमतों में कम से कम 150 रुपये प्रति सिलेंडर की कमी करके तत्काल राहत देने की मांग की। यहां संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने सवाल किया कि उपभोक्ताओं को ईंधन की ऊंची कीमतों का खामियाजा क्यों उठाना पड़ रहा है, जब कच्चे तेल की कीमतें सात महीने के निचले स्तर पर हैं और मुद्रास्फीति पिछले सात महीनों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के छह प्रतिशत की उच्चतम श्रेणी से ऊपर है।

उन्होंने सवाल किया, जब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का बोझ हमेशा उपभोक्ताओं पर डाला जाता है तो उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं दी जा रही है। वल्लभ ने कहा, पेट्रोल और डीजल की कीमतें वैश्विक दरों से नहीं चुनाव की तारीखों से नियंत्रित होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव नजदीक आते हैं, तो सरकार कीमतों को कम कर देती है या उन पर रोक लगा देती है, और जब वे खत्म हो जाते हैं तो वे कीमतें बढ़ा देते हैं। कांग्रेस नेता ने सवाल किया, नरेंद्र मोदी नीत सरकार द्वारा रसोई गैस की घटती कीमतों पर राहत उपभोक्ताओं को नहीं देने के क्या बहाने हैं? क्या मोदी नीत सरकार केवल उपभोक्ताओं पर बोझ डालने में विश्वास करती है।

उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और रुपये में गिरावट कुछ ऐसे उदाहरण हैं जो अर्थव्यवस्था के प्रबंधन की चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, मौजूदा भाजपा नीत सरकार अपनी ही सरकार द्वारा जारी किए गए अधिक डेटा बिंदुओं के साथ नए निम्न स्तर कायम कर रही है। मध्यम और निम्न-आय वर्ग सरकार की उदासीनता और अक्षमता के कारण सबसे अधिक पीड़ित हैं। वल्लभ ने कहा, लगातार उच्च खुदरा महंगाई दर ऐसे क्षेत्रों में से एक है, जिसमें तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ईंधन की कीमतों के प्रति सबसे अधिक लापरवाह रही है। कांग्रेस नेता ने कहा, चूंकि उनका सभी आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए सरकार की निष्क्रियता उसकी अज्ञानता और ध्यान हटने को प्रदर्शित करती है। वल्लभ ने कहा, कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ महीनों से लगातार नीचे की ओर जा रही हैं और सात महीने के निचले स्तर पर हैं। लेकिन हमारे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें विनियमित करने के बाद भी इस रूझान को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं, इसका मतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें वैश्विक कीमतों के अनुसार बदलनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी, भारत सरकार) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 8 सितंबर, 2022 तक कच्चे तेल की कीमत इंडियन बास्केट 88 डॉलर प्रति बैरल थी, जो इस साल जून में 116 डॉलर थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनाव के बाद 22 मार्च से 31 मार्च 2022 के बीच 10 दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नौ गुना वृद्धि हुई।

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गुजरात में आप कार्यालय में छापेमारी को पुलिस ने बताया निराधार, जानें मामला...

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात में आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल के अहमदाबाद पहुंचते ही आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर गुजरात पुलिस ने रेड डाली। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दो घंटे तक तलाशी ली और फिर चले गए। कुछ नहीं मिला तो कहा कि फिर आएंगे। हालांकि, इस पर पुलिस ने साफ किया है कि उसने आप कार्यालय पर छापा नहीं डाला, बल्कि उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के ट्वीट से ही मिल रही है।

अहमदाबाद स्थित पार्टी दफ्तर पर छापे की खबरों को लेकर केजरीवाल ने कहा, "गुजरात की जनता से मिल रहे अपार समर्थन से भाजपा बुरी तरह बौखला गई है। आप के पक्ष में गुजरात में आंधी चल रही है। दिल्ली के बाद अब गुजरात में भी रेड करनी शुरू कर दी। दिल्ली में कुछ नहीं मिला, गुजरात में भी कुछ नहीं मिला। हम कट्टर ईमानदार और देशभक्त लोग हैं।"

हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने इस दावे का खंडन किया और कहा कि जब आप पदाधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि छापेमारी किसने की और वास्तव में क्या हुआ। नवरंगपुरा पुलिस थाना के निरीक्षक पीके पटेल ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी कोई छापेमारी नहीं की गई थी। पटेल ने बताया, ‘‘छापे को लेकर गढ़वी के ट्वीट के बारे में जानकारी मिलने के बाद बाद मैं, व्यक्तिगत रूप से रविवार रात पार्टी कार्यालय गया और विवरण मांगा। लेकिन वहां मौजूद यज्ञेश नामक व्यक्ति सहित पार्टी नेताओं ने गढ़वी के दावे के मुताबिक कोई विवरण नहीं दिया कि कौन आया था और वास्तव में क्या हुआ।’’

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल रविवार शाम अहमदाबाद पहुंचे। सोमवार-मंगलवार को उनकी ऑटो-रिक्शा चालकों, व्यापारियों, वकीलों और सफाई कर्मचारियों के साथ टाउन हॉल में बैठकें करने का कार्यक्रम है। केजरीवाल सोमवार को यहां तीन बैठकों में भाग लेंगे, जहां वह ऑटो चालकों, व्यापारियों और वकीलों के साथ बातचीत करेंगे। मंगलवार को वे सफाई कर्मियों के साथ एक बैठक करेंगे। वह स्थानीय आप नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ भी चर्चा करेंगे और अहमदाबाद में पार्टी में नए सदस्यों का स्वागत करेंगे।

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ज्ञानवापी मामला : अदालत ने कहा 'मामला सुनने योग्य'

 अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का प्रार्थना पत्र खरिज

वाराणसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को लेकर दायर मुकदमा नंबर 693/2021 (18/2022) राखी सिंह (व अन्‍य) बनाम उत्तर प्रदेश राज्य सरकार मामले में अदालत ने सोमवर को दोपहर सवा दो बजे फैसला सुना दिया। वाराणसी के जिला जज ने अपना ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कहा कि उपरोक्त मुकदमा न्यायालय में चलने योग्य है। यह निर्धारित करते हुए प्रतिवादी संख्या चार अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के द्वारा अदालत को दिए गए 7/11 के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया।


दोपहर एक बजे तक दोनों पक्षों के वकील कोर्ट परिसर में पहुंचे और अपने पक्ष के वादी प्रतिवादी से मुलाकात कर विचार विमर्श किया। अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से वादिनी महिलाएं तो मुस्लिम पक्ष की ओर से अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के सदस्‍या भी कोर्ट पहुंच गए। हिंदू पक्ष की ओर से एडवोकेट सुधीर त्रिपाठी के चैंबर में मुलाकात और ईश्‍वर से प्रार्थना करने के बाद कोर्ट का सभी ने रुख किया।



मंदिर पक्ष ने यह साबित करने की कोशिश की है कि मुकदमा सुनने योग्य है। वहीं, मस्जिद पक्ष ने भी इसे स्थानीय अदालत में सुनने योग्य नहीं बताने का प्रयास किया है। पूरे प्रकरण की क्रोनोलाजी, मुकदमे के दौरान दोनों पक्ष की प्रमुख दलीलें, मंदिर पक्ष के प्रार्थना पत्र की प्रमुख बातें सुनने के बाद अदालत की ओर से 12 सितंबर की तिथि मुकर्रर की गई थी।



लगभग 24 वर्ष पहले भी प्राचीन मूर्ति स्वयंभू विश्वेश्वर की ओर से कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। तब वाराणसी की सिविल जज की अदालत ने मुकदमे को सुनने योग्य नहीं माना था। वादी पक्ष ने निगरानी याचिका दाखिल की। प्रथम जिला जज ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए मुकदमा सुनने योग्य माना था।

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विवादित ट्वीट को लेकर पात्रा का कांग्रेस पर हमला, कहा : ये भारत जोड़ो नहीं, आग लगाओ आंदोलन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस ने आरएसएस को लेकर एक ऐसा ट्वीट किया है, जिस पर विवाद हो गया है। दरअसल, कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से आरएसएस की ड्रेस की एक फोटो शेयर की है। इस ड्रेस में आग लगी हुई दिखाया गया है।


कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, 'देश को नफरत के माहौल से मुक्त करने और आरएसएस-भाजपा द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई को पूरा करने के लिए हम कदम आगे बढ़ा रहे हैं।'



कांग्रेस के इस ट्वीट पर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर प्रेस वार्ता की है। उन्होंने कांग्रेस से अपने ट्वीट को तुरंत डिलीट करने की मांग की है। पात्रा ने सवाल किया कि राहुल गांधी, उनके पूरे परिवार और कांग्रेस को आग से इतना प्यार क्यों है।

आप देश में हिंसा चाहते हैं : संबित पात्रा
पात्रा ने कहा कि सिखों के 1984 के नरसंहार के दौरान पंजाब जला था। सिखों को मौत के घाट उतारा गया था। संबित ने कहा कि इस फोटो को ट्वीट कर राहुल गांधी क्या आप देश में हिंसा चाहते हैं? लोग एक दूसरे को आग लगा दें? आप क्या चाहते हैं, लोग ऐसे लोगों को आग लगा दें जो आरएसएस और भाजपा की विचारधारा को मानते हैं।

'ये भारत तोड़ो आंदोलन'
संबित ने कहा कि ये 'भारत जोड़ो आंदोलन' नहीं 'भारत तोड़ो आंदोलन', 'आग लगाओ आंदोलन' है। भाजपा बहुत जिम्मेदारी से ये कहती है भारतीय संविधान में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। कांग्रेस को इस ट्वीट को तुरंत डिलीट करना चाहिए।
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ज्योतिष पीठ के प्रमुख बने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, शारदा पीठ के स्वामी सदानंद

 नरसिंहपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ और शारदा पीठ द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारियों के नाम सोमवार दोपहर घोषित हो गए हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ और स्वामी सदानंद को द्वारका शारदा पीठ का प्रमुख घोषित किया गया है। उनके नामों की घोषणा शंकराचार्य जी की पार्थिव देह के सामने की गई। विधि-विधान से परमहंसी गंगा आश्रम झोतेश्वर में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को समाधि दी गई। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने जय गुरुदेव के नारे लगाए। संत-महंत और धर्म क्षेत्र से जुड़े लोग वहां मौजूद रहे।  
 
स्वरूपानंद सरस्वती का 98 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया था। उन्होंने झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में रविवार दोपहर करीब साढ़े 3 बजे अंतिम सांस ली। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त नरसिंहपुर पहुंचे। उनकी पार्थिव देह आश्रम के गंगा कुंड स्थल पर रखी गई थी। शाम को उन्हें समाधि दी गई।

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बस खरीदी मामले की जांच में शामिल होगी नई शिकायत, एलजी ने दी मंजूरी...

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 1,000 लो फ्लोर बसों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार की हो रही सीबीआइ जांच में अब एक और शिकायत जुड़ने जा रही है। इससे संबंधित मामले में आई एक और शिकायत को सीबीआई के पास भेजने की सिफारिश को उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मंजूरी दे दी है।यह शिकायत जून में एलजी सचिवालय को भेजी गई थी, जिसकी मुख्य सचिव द्वारा जांच की गई है और जांच में सही पाए जाने पर अब इसे भी सीबीआई के पास भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि एलजी सचिवालय को जून 2022 में एक शिकायत मिली थी जिसमें दिल्ली परिवहन मंत्री द्वारा डीटीसी बोर्ड का चेयरमैन भी बन जाने के मामले में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था, शिकायत में यह भी कहा गया था कि बसों की निविदा और खरीद के लिए गलत काम को सुविधाजनक बनाने के लिए बोली प्रबंधन सलाहकार के रूप में डीआईएमटीएस (डिम्ट्स) की नियुक्ति की गई थी।

जुलाई 2019 में 1,000 लो फ्लोर बीएस-IV और बीएस-VI बसों की खरीद और मार्च 2020 में लो फ्लोर बीएस-VI बसों की खरीद और वार्षिक रखरखाव अनुबंध के लिए बोलियों में अनियमितता मिली थी। सूत्रों ने पुष्टि की कि यह निविदा बाद में रद कर दी गई थी और डीटीसी ने अभी तक अपने बेड़े को बढ़ाने के लिए 1,000 लो फ्लोर बसों की खरीद नहीं की है।अधिकारी ने कहा कि मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में निविदा प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियों, केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों और सामान्य वित्तीय नियमों के स्पष्ट उल्लंघन का उल्लेख गया है।

उल्लंघनों का समर्थन करने के लिए सलाहकार के रूप में डीआईएमटीएस काे जानबूझकर सलाहकार बनाया गया।अधिकारी ने कहा कि डीटीसी के एक उपायुक्त की एक रिपोर्ट में समान विसंगतियों को स्पष्ट रूप से सामने लाया गया था।उसे भी डीटीसी और दिल्ली सरकार ने नजरंदाज कर दिया। सूत्रों ने कहा कि मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि डीटीसी ने 1,000 बीएस-VI नवीनतम बसों की खरीद के लिए एक ही टेंडर जारी किया था।मगर बसें खरीदने के लिए सरकार की कंपनियों के साथ हुई प्री-बिड मीटिंग के बाद यह सहमति बनी कि 400 बीएस-IV और 600 बीएस-VI बसें खरीदी जाएंगी।

जबकि एक कंपनी ने केवल बीएस-VI बसों के लिए बोली लगाई, दूसरी कंपनी ने दोनों वेरिएंट के लिए बोली लगाई, मगर इस कंपनी की दरें अधिक थीं।एेसी स्थिति में बोली को रद कर दिया जाना चाहिए था क्योंकि 1,000 बसों के लिए एक ही बोलीदाता था, मगर बोली सलाहकार (डीआईएमटीएस) और डीटीसी की निविदा समिति ने वित्तीय बोलियों का सही मूल्यांकन नहीं किया और पहली कंपनी को बीएस-VI बसों की आपूर्ति के लिए योग्य घोषित किया।

इतना ही नहीं डीटीसी ने पहली कंपनी द्वारा दी गई दरों के आधार पर बीएस-IV बसों की आपूर्ति के लिए दूसरी कंपनी के साथ भी बातचीत की, जिसने वास्तव में उस संस्करण के लिए कभी बोली नहीं लगाई थी।डीटीसी की यह कार्रवाई बिना किसी औचित्य के थी और दूसरी कंपनी के साथ कीमत की बातचीत की जो सीवीसी दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

सूत्रों ने कहा कि जून 2021 में बसों की खरीद में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को देखने के लिए सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी ओपी अग्रवाल की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति ने आप सरकार को पूरी निविदा और खरीद प्रक्रिया में प्रक्रियात्मक गड़बड़ी के लिए भी दोषी ठहराया था।सूत्रों ने कहा है कि इस निविदा प्रक्रिया में लोक सेवकों द्वारा आपराधिक कदाचार का पता जांच एजेंसी द्वारा लगाया जाएगा।इस मामले में आप सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।

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