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मुख्यमंत्री ने ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान का किया शुभारंभ

देश की आजादी का प्रतीक तिरंगा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के हर घर में लहराएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आए लोगों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा वितरित कर ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की शुरूआत की। 

जनदर्शन में उपस्थित नागरिकों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराते हुए “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” का उद्घोष किया। गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्वस के अंतर्गत स्वतंत्रता सप्ताह 09 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 

‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान से नई पीढ़ी के साथ-साथ सभी लोगों में राष्ट्रीय भावना जगेगी और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गौरव और सम्मान भी बढ़ेगा। स्वतंत्रता सप्ताह के दौरान राज्य से लेकर जिला स्तर पर तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैलियां, तिरंगा दौड़ और मैराथन जैसे अनेक देश-भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तिरंगा अभियान में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान तिरंगा प्रतिज्ञा ली जाएगी। इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोग को तिरंगा के साथ सेल्फी लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवारों को स्थानीय कार्यक्रमों में आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। 

इसके साथ तिरंगा के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए स्थानीय स्तर पर बाइक, सायकल और कार रैलियां आदि निकाली जाएगी। जिसमें युवा स्वयं सेवकों, विभिन्न संगठनों और विभिन्न राज्यों की प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी होगी। सभी उम्र के लोग इसमें शामिल होकर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे। 

तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में खेल और फिटनेस से जुड़े लोगों को भागीदारी करने और ब्लॉग बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय द्वारा ब्लॉगर और इंफ्लुएंसर के परिचय के लिए यू-ट्यूब क्रिएटर प्रोग्राम साझा करेगा। इस दौरान देश भक्ति संगीत के साथ सार्वजनिक स्तर पर तिरंगा कॉकॉन्सर्ट्स आयोजित किए जाएंगे। कॉन्सर्ट्स में तिरंगा एन्थम की प्र्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम स्थलों पर तिरंगा कैनवास स्थापित किए जाएंगे। जहां लोग किसी भी भारतीय भाषा में ‘‘हर घर तिरंगा’’ और ‘‘जय हिन्द’’ लिख सकेंगे। प्रत्येक कैनवास का डिजाईन राष्ट्रीय ध्वज के समान 3: 2 में होगा। आयोजन स्थल पर तिरंगा झंडे, वस्त्र, खाद्य पदार्थ के विक्रय के लिए स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले सभी लोगों को ध्वज फहराने और तिरंगा के साथ सेल्फी लेने और हर घर तिरंगा वेबसाईट पर अपलोड किया जा सकेगा। प्रमाण पत्रों को सोशल मीडिया पर रुभ्ंतळींतज्पतंदहं और  रुभ्ळज्2024  के साथ साझा किया जाएगा। तिरंगा यात्रा से संबंधित तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगा एंथम सहित विभिनन जानकारियां ‘‘हर घर तिरंगा’’ बेवसाईट पर उपलब्ध हैं।

संस्कृति विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को स्वतंत्रता सप्ताह के दौरान ‘‘हर घर तिरंगा’’ कार्यक्रम के आयोजन बारे विस्तृत निर्देश जारी करते हुए इन कार्यक्रमों में जिले के अंतर्गत सार्वजनिक उपक्रमों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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मुख्यमंत्री ने मध्यान्ह भोजन के शेड निर्माण की दी तत्काल मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन के दौरान रायपुर जिले के ग्राम पंचायत परसुलीडीह के सरपंच के आग्रह पर परसुलीडीह के स्कूल भवन में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए शेड निर्माण की मंजूरी दी है। उन्होंने जिला प्रशासन को जल्द से जल्द शेड निर्माण करने के निर्देश दिए। 

परसुलीडीह के सरपंच ने मुख्यमंत्री  साय से मुलाकात करके बताया कि ग्राम पंचायत परसुलीडीह द्वारा मध्यान्ह भोजन के लिए शेड निर्माण का आवेदन दिया गया है। इस शेड निर्माण की तत्काल जरूरत है। जिला प्रशासन द्वारा शेड निर्माण हेतु कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों को स्टीमेट बनाकर राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जनदर्शन: बोधनलाल की अधिग्रहित जमीन का जल्द मिलेगा मुआवजा

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन में आए बालोद निवासी बोधनलाल की अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजा प्रदान करने के संबंध में त्वरित कारवाई करने के निर्देश बालोद जिला प्रशासन से अधिकारियों को दिए हैं।  बोधन लाल ने मुख्यमंत्री  साय को बताया कि उनकी जमीन अंडा में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन अब तक उन्हें भू-अर्जन की मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री ने इस पर बालोद कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई कर भू अर्जन की राशि दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही भू अर्जन से प्रभावित अन्य लोगों को भी शीघ्र राहत देने के निर्देश दिए हैं। 

 बोधनलाल ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भू अर्जन की राशि आपसे मिलने के बाद शीघ्र ही मिल जाएगी। आपने मुझे आश्वस्त कर दिया है। अब मेरी सारी चिंताएं दूर हो गई हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों जनदर्शन कार्यक्रम में दिव्यांगों को मिली बैटरी चलित ट्राई साइकिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा तीन दिव्यांगों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्रदान की। इस अवसर पर दिव्यांग कोमल लहरे, सना परवीन, और ठगिया साहू ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त किया।

रायपुर जिले के चौरसिया कॉलोनी की 18 वर्षीय सना परवीन, ग्राम सेरीखेड़ी की निवासी कोमल लहरे, और धमतरी जिले के ग्राम कचना के निवासी ठगिया साहू को पहले आने-जाने के लिए अपने परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब उन्हें गांव के भीतर और बाहर आने-जाने में और अपने कामों को पूरा करने में सुविधा होगी।

दिव्यांग कोमल लहरे ने बताया कि उनके पास पहले एक ट्राई साइकिल थी, जो अब खराब हो चुकी है। आज जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा बैटरी चलित ट्राई साइकिल मिलने से अब उन्हें अपने व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का मौका मिलेगा। वे ग्राम सेरीखेड़ी में आलू-प्याज बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं।

समाज कल्याण विभाग द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले तीनों व्यक्तियों को ऑटोमेटिक ट्राई साइकिल प्रदान की गई है, ताकि वे अपने रोजमर्रा के कार्यों को सरलता से कर सकें और स्व-रोजगार के माध्यम से अपना जीवनयापन कर सकें।
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ का होगा आयोजन

 जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त 2024 को बालोद में स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया जाएगा। प्रभारी जिला खेल अधिकारी सुश्री प्राची ठाकुर ने बताया कि  स्वतंत्रता दौड़ सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से सुबह 07.30 बजे से प्रारंभ होगा।

स्वतत्रंता दौड़ सरदार पटेल मैदान से घड़ी चैक, संजारी क्लब, गंगासागर तालाब, दल्लीराजहरा मेन रोड से दल्ली चैक होते हुए वापस सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान बालोद में समाप्त होगी। उन्होंने जिले के सभी गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यालय-महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी, समस्त खेल संघ के अधिकारियों से स्वतंत्रता दौड़ में शामिल होने की अपील की है।

 
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कलेक्टर ने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र सिवनी में पहुँचकर मत्स्य बीज उत्पादन कार्य का किया निरीक्षण

 कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम सिवनी के मछली पालन विभाग के कार्यालय परिसर में स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में निर्मित हेचरी, इंक्यूवेशन पूल, ओव्हर हेड टैंक आदि का निरीक्षण कर मत्स्य बीज उत्पादन के प्रक्रियाओं का अवलोकन किया।

कलेक्टर चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से मछली बीज उत्पादन के विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अण्डे के अलावा 15 दिन तथा एक महीने के अवधि के मछली बीजों का भी अवलोकन कर अधिकारियों से इसके निर्धारित दर के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर ने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का कार्य सुचारू संचालन एवं समुचित मात्रा में मछली बीज का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की प्रबंध करने को कहा। चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित मत्स्य पालक कृषक से चर्चा कर मछली पालन कार्य के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, सहायक संचालक मत्स्य एससी गुप्ता, सहायक मत्स्य अधिकारी भुनेश्वरी उसेण्डी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 24वीं बैठक सम्पन्न

 राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मडल छत्तीसगढ़ की 24वीं बैठक आज खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाईन विश्राम भवन के मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। बैठक में सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि किसी भी देश एवं राज्य के विकास में खनिजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। 

उन्होंने बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम् तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों का अन्वेषण करे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिजों के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों को आपस में साझा करने और परस्पर समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी है। श्री पी. दयानंद ने बताया कि वर्ष 2023-24 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनि राजस्व की प्राप्ति हुई है जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है।

खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत केंद्र और राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों द्वारा वर्ष 2023-24 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वर्ष 2023-24 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई और प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक श्री सुनील कुमार जैन सहित केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों और उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

प्रदेश में चूना पत्थर और लौह अयस्क के नए भण्डार खोजे गए

भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक जैन ने वर्ष 2023-24 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 1050 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के कुल 179 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये।

खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2023-24 में चूनापत्थर हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को NMET के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु तीन प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें दो ग्रेफाईट एवं एक दुर्लभ मृदा धातुएँ (REE) शामिल है।

केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. सुदीप भट्टाचार्या ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, कॉपर, ग्लूकोनाईट, ग्रेफाइट, बेसमेटल, डायमण्ड, लिथियम, REE, PGE, फास्फोराइट, फ्लोराईट खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न खनिजों की कुल 25 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है।

संयुक्त संचालक (भौमिकी) श्री संजय कनकने ने बताया कि संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2024-25 में कुल 12 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें मैंगनीज पर 01, ग्रेफाईट पर 01, चूनापत्थर पर 03, लौह अयस्क पर 05 एवं बाक्साइट पर 02 परियोजना शामिल है। खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2024-25 में अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को राज्य में अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये हैं। जिसमें 01 लिथियम तथा 01 ग्रेफाईट का प्रस्ताव सम्मिलित है।

इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रदेश में 10 विभिन्न खनिजों की कुल 44 परियोजना अन्वेषण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें फास्फोराईट के 02, गोल्ड के 05, ग्लुकोनाईट के 06, REE (Lithium, Tantalum etc.) के 11, लेड-जिंक के 01, फास्फेट के 01, बॉक्साईट के 05, लौह अयस्क के 09, कॉपर के 02, ग्रेफाईट की 01 एवं लीथियम की 01 अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजना शामिल है।
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जेसीआई रायपुर MAIC यूनाइटेड टैलेंट शो में प्रतिभाओं का अद्भुत प्रदर्शन

 जेसीआई रायपुर MAIC यूनाइटेड ने दो दिवसीय टैलेंट शो का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें छात्रों की विविध प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया गया।


पहला दिन: गायन और मैक फ्यूजन
टैलेंट शो के पहले दिन में गायन और मैक फ्यूजन का आयोजन किया गया। मैक फ्यूजन में मिमिक्री, स्टैंड-अप कॉमेडी, शायरी और कविता शामिल थीं। अनेक छात्रों ने इसमें भाग लिया और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।

गायन प्रतियोगिता में छात्रों ने क्लासिक मेलोडीज़ से लेकर आधुनिक गानों तक का प्रदर्शन किया। उनकी गायकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया गया।
 

मैक फ्यूजन ने कार्यक्रम में हास्य और भावनाओं का अद्भुत मिश्रण पेश किया। स्टैंड-अप कॉमेडियन्स ने अपनी मजेदार कहानियों से माहौल को खुशनुमा बना दिया। शायरी और कविता के प्रदर्शन ने दर्शकों के दिलों को छू लिया और भावनाओं की गहराई में ले गए।

दूसरा दिन: नृत्य प्रतियोगिताएं
टैलेंट शो के दूसरे दिन को नृत्य प्रतियोगिताओं के लिए समर्पित किया गया। इसमें शास्त्रीय, समकालीन, हिप-हॉप, मराठी और पंजाबी नृत्य शैलियों का प्रदर्शन हुआ। मंच रंग-बिरंगी वेशभूषा और शानदार कोरियोग्राफी से सजीव हो गया।



शास्त्रीय नर्तकियों ने अपनी सुंदरता और शुद्धता से सबको मोहित कर दिया, जबकि समकालीन और हिप-हॉप नर्तकियों ने अपनी ऊर्जा और रचनात्मकता से सबका दिल जीत लिया। मराठी और पंजाबी नृत्य ने परंपरा और संस्कृति का जश्न मनाया, जिससे पूरा माहौल जोशीला और उत्साहपूर्ण हो गया। कार्यक्रम के समापन पर, तवी गुप्ता को विजेता और तनीषा बंसल को उपविजेता घोषित किया गया। उन्हें नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

 

 

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पालक एवं शिक्षक के सामूहिक प्रयास से बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव गढ़ी जाएगी

 स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले में पालक-शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के 149 संकुलों में संकुल स्तर पर पालक-शिक्षक मेगा बैठक आयोजित की गई। बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं पालकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से संकुल स्तर पर पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के माध्यम से पालकों में उनके बच्चों एवं विद्यालय के संपूर्ण गतिविधियों के संबंध में जागरूकता लाया गया, ताकि पालक एवं शिक्षक के सामूहिक प्रयास से बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव गढ़ी जा सके। बैठक में पालक-शिक्षक और जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिले के 149 स्कूलों में आयोजित पालक-शिक्षक मेगा बैठक में 14 हजार 856 पालक, 1427 शिक्षक और 392 डॉक्टर, काउंसलर एवं शिक्षाविद शामिल हुए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और पालक उपस्थित रहे। 
    उल्लेखनीय है कि पालक-शिक्षक गेगा बैठक में बच्चों की सम्पूर्ण गतिविधियों से पालकों को अवगत कराना है, जिससे बच्चों को सतत् प्रेरणा एवं उचित मार्गदर्शन मिल सके। इसके साथ ही शिक्षक एवं पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाना, बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हें परीक्षा के तनाव से मुक्त करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ड्रॉप आउट रोकने के लिए पालकों की भूमिका सुनिश्चित करना इस बैठक का उद्देश्य है। बैठक में मेरा कोना, छात्र दिनचर्या, बच्चों ने आज क्या सीखा, बच्चा बोलेगा बेझिझक, बच्चों की आकदमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा, पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार, विद्यार्थियों की आयु, कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, न्योता भोज, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजना की जानकारी पर चर्चा सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा के लिए पालकों एवं छात्रों को अवगत कराने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अनुशंसा और भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण की सहमति के अनुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर एवं बलरामपुर जिलों में स्थित गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान तथा तमोर पिंगला अभ्यारण्य के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए 2829.387 वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल में गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया है। इसके गठन की आगे की कार्यवाही हेतु वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को अधिकृत किया गया है। 

          टायगर रिजर्व के गठन से राज्य में ईको-पर्यटन का विकास होगा साथ ही कोर एवं बफर क्षेत्र में स्थित ग्रामीणों के लिए गाईड, पर्यटक वाहन, रिसार्ट संचालन के साथ ही विभिन्न प्रकार के रोजगार सृजित होंगे। टायगर रिजर्व में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय प्रोजेक्ट टायगर ऑथोरिटी से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा जिससे क्षेत्र के गांवों में आजीविका विकास के नए-नए कार्य किए जा सकेंगे। 
 
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मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन 8 अगस्त को

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का लोगों  से मेल-मुलाकात और  उनकी  समस्याओं  के समाधान का साप्ताहिक कार्यक्रम जनदर्शन गुरुवार 8 अगस्त को होगा । मुख्यमंत्री  निवास  में  आयोजित जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री साय नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे एवं उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन भी लेंगे। उल्लेखनीय है कि  मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन का आयोजन 27 जून से  शुरू हुआ है।  पूर्व में आयोजित जनदर्शन में  बड़ी  संख्या में नागरिकों  ने हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन भी सौंपे। 
सभी आवेदनों को मुख्यमंत्री स्वयं देखे और इनका शीघ्र निराकरण करने के  निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए l जनदर्शन में दिव्यांग जनों को भी त्वरित सहायता प्रदान की गई। पिछले  जनदर्शन में आए सभी नागरिकों को टोकन प्रदान किए गए और उनके आवेदन जनदर्शन के पोर्टल में अपलोड किए गए हैं तथा इस पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है.
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छत्तीसगढ़ में बनेगा देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व

 छत्तीसगढ़ का गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुघासीदास - तमोर पिंगला को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर लिया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में टाइगर रिजर्व की संख्या चार हो गई है।


गुरु घासीदास नेशनल पार्क को साल 2021 में टाइगर रिजर्व बनाया गया था, लेकिन इसे विरोध के कारण अस्तित्व में नहीं लाया जा सका था। इस क्षेत्र में कई खदानें होने कारण नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित करने का नोटिफिकेशन कांग्रेस शासन काल में रुका हुआ था।



छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने ही गुरु घासीदास नेशनल पार्क और तमोर पिंगला सेंचुरी को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने का ड्राफ्ट राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भेजा था। जिसके बाद एनटीसीए ने गुरु घासीदास नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व के रूप में मंजूरी दी। लेकिन कांग्रेस शासन में रिजर्व एरिया के कोल ब्लॉक, आइल ब्लॉक और मिथेन गैस ब्लॉक होने के कारण मामला अटक गया था। अब जब राज्य में पुनः भाजपा सरकार की वापसी हुई तो टाइगर रिजर्व बनने का रास्ता साफ हो गया।



छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरुघासीदास - तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है एवं इसे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर लिया है।



इस टाइगर रिज़र्व के गठन से बाघों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि यह क्षेत्र उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर, बाघों की संख्या में सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था। नया टाइगर रिज़र्व बाघों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित करेगा और उनकी सुरक्षा को बढ़ावा देगा।

टाइगर रिज़र्व के गठन से ईको-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। गाईड, पर्यटक वाहन संचालन, और रिसॉर्ट्स के संचालन के साथ-साथ अन्य पर्यटन संबंधित सेवाओं से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होगा। राष्ट्रीय प्रोजेक्ट टाइगर ऑथोरिटी से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा, जो क्षेत्र के विकास और आजीविका सुधार के लिए उपयोगी होगा।

देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व
गुरुघासीदास - तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2829.387 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। आंध्रप्रदेश का नागार्जुनसागर श्रीसैलम टाइगर रिजर्व 3296.31 वर्ग किमी के साथ देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। वहीं, असम का मानस टाइगर रिजर्व 2837.1 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ देश दूसरा बड़ा टाइगर रिजर्व माना जाता है।

 

 

 
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आयुष ग्राम विकसित करने चिकित्सकों को दी गई जानकारी

  राज्य शासन के आयुष संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश में आयुष ग्राम विकसित करने आज राजधानी रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यशाला में जिला आयुर्वेद अधिकारियों और सभी विकासखंडों के आयुष ग्राम के चिकित्सकों को आयुष ग्राम में क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 

आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष जीवन शैली के सिद्धांतों और प्रथाओं को अपनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल व उपचारों पर आधारित आयुष ग्राम की परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में आयुष ग्राम का चिन्हांकन किया गया है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश में 146 आयुष ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा और आजीवन स्वस्थ रखने आयुर्वेद, योग तथा आयुष पद्धतियों के अनुसार उन्हें शिक्षित किया जाएगा। आयुष ग्रामों में जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी। 

छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने कार्यशाला में आयुष अधिकारियों और चिकित्सकों को सर्वसुलभ औषधीय पौधों के रोपण एवं उपलब्ध बाजार की जानकारी दी। उन्होंने औषधीय गुणों से भरपूर स्टीविया, शतावरी, कालमेघ, लेमन-ग्रास, केऊकंद, अश्वगंधा, सर्पगंधा जैसे 20 पौधों को प्रदर्शित कर इनके रोपण के लिए उपयुक्त मौसम और खेती के बारे में विस्तार से बताया।   

आयुष विभाग के सहायक संचालक-सह-राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गजेन्द्र बघेल ने कार्यशाला में आयुष ग्राम की परिकल्पना और वहां संचालित की जाने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष ग्राम में लोगों को पेड़-पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जागरुक कर इनके पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत गांवों का चिन्हांकन कर स्थानीय लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवन शैली, उचित आहार-विहार, सामान्य रोगों के उपचार के लिए आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग के लिए प्रेरित करना है।

शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, बिलासपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. विद्याभूषण पाण्डेय ने प्रतिभागी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘आयुर्विद्या’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जागरुक करना है। स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को आयुष की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान कर इस क्षेत्र में उनके कौशल का उन्नयन करना है। कार्यशाला में आयुष विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुनील कुमार दास और उप संचालक डॉ. ए.सी. किरण सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

 
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शास्त्री बाजार व्यवस्थापित परिसर में दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया शुरू, 21 अगस्त तक करें आवेदन, नगर निगम के बाजार विभाग और वेबसाइट पर देखें पूरी जानकारी

नगर पालिक निगम रायपुर ने शास्त्री बाजार के पास नवनिर्मित व्यवस्थापित परिसर में दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इस संबंध में जारी निविदा के अनुसार निर्मित कुल 84 दुकानों का आबंटन किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम मुख्यालय के बाजार विभाग या वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। दुकानों के आबंटन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2024 निर्धारित है। निर्मित परिसर में 84 दुकानें निर्मित है, जिनमें अनुसूचित जाति के लिए 11 दुकान, अनुसूचित जनजाति के लिए 04 दुकान, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 13 दुकान, विधवा/परित्यक्तता के लिए 03 दुकान, दिव्यांग के लिए 02 दुकान, भूतपूर्व सैनिक के लिए 02 दुकान, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के लिए 02, शिक्षित बेरोजगार के लिए 04, महिलाओं के लिए 08, तृतीय लिंग के लिए 02 दुकानें आरक्षित रखी गई है। इसके अलावा 33 दुकानें अनारक्षित श्रेणी की है।इच्छुक व्यक्ति या फर्म अपनी दुकान प्राप्त करने नगर निगम मुख्यालय, बाजार विभाग अथवा नगर निगम रायपुर की वेबसाइट  www.nagarnigamraipur.nic.in     पर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर जिले में 12 सड़क मार्गों का कराया जाएगा निर्माण और उन्नयन कार्य

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जिले में अधोसंरचना कार्य को और भी गति मिलने वाली है। जिले में 12 सड़क मार्गों की निर्माण एवं उन्नयन कार्य जल्द ही  कराया जाएगा। जिससे आम लोगों को सहूलियत मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। राज्य शासन ने 2023-24 के बजट में शामिल जिला जशपुर के लिए 12 सड़क मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार   2 करोड़ 98 लाख 75 हजार की लागत से बनने वाली 2.80 किमी मोराडीह से सालेेकेरा मार्ग का मजबूती निर्माण कार्य, 2 करोड़ 94 लाख 85 हजार की लागत से बनने वाली 2.68 किमी एस.एच-43  से महुआटोली श्रीटोली कमरटोली पहुंच मार्ग, 4 करोड़ 58 लाख 28 हजार की लागत से बनने वाली 4.46 किमी जशपुर के हर्राडांड चौक से गोरिया पहुंच मार्ग, 3 करोड़ 52 लाख 60 हजार की लागत से बनने वाली 2.74 किमी बासनताला से भेंलवाटोली मार्ग, 3 करोड़ 60 लाख 89 हजार की लागत से बनने वाली 3.76 किमी जशपुर के फरसाकानी से ठेठेटांगर पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

     इसी तरह 2 करोड़ 33 लाख 46 हजार की लागत से बनने वाली 2.14 किमी एस.एच.-17 से पुटुकेला पहुंच मार्ग, 2 करोड़ 88 लाख 58 हजार की लागत से बनने वाली 2.88 किमी एस.एच.-17 से सरंगडाड़ पहुंच मार्ग, एक करोड़ 70 लाख 95 हजार की लागत से बनने वाली 1.38 किमी बेलसोंगा से रनपुर मार्ग, एक करोड़ 88 लाख 36 हजार की लागत से बनने वाली 1.12 किमी जशपुर के सिंगीबहार से रघराटोली मार्ग, 2 करोड़ 3 लाख 95 हजार की लागत से बनने वाली 1.36 किमी डिपाटोली(सिंगीबहार) से धवईटोली तक पहुंच मार्ग, 2 करोड़ 29 लाख 96 हजार की लागत से बनने वाली 1.63 किमी जशपुर के बहराखैर से जुड़वाईन पहुंच मार्ग और 2 करोड़ 45 लाख 68 हजार की लागत से बनने वाली 1.94 किमी एन.एच.-43 खड़सा से कोमड़ो तक पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
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मरीन ड्राइव का नाम बदलकर तेलीबांधा ड्राइव करने की साहू समाज की मांग

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरेली तिहार के पवित्र दिन तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव पर आयोजित हरेली उत्सव और साहू समाज के सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यहां नागर, गैती, गेड़ी सहित कृषि यंत्रों की पूजा की और प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। श्री साय ने भक्त माता कर्मा के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की और छतीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, कसडोल विधायक श्री संदीप साहू, पूर्व मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू सहित साहू समाज के अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।


 कार्यक्रम के दौरान साहू समाज ने मरीन ड्राइव का नाम परिवर्तन कर तेलीबांधा ड्राइव करने तथा दोनों ओर भव्य गेट बनाने और चौक का नाम भक्त माता कर्मा के नाम पर करने की माँग की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस आयोजन के लिए साहू समाज को बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि आज हरेली के पावन पर्व पर सुबह से ही पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि की मन्नत माँगी है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा तालाब रायपुर शहर की शान है और साहू समाज की माँग पर गंभीरता से विचार किया जाकर इसके नामकरण के लिए जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय को साहू समाज के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम का तैल्य चित्र और राम चरित मानस की प्रति भेंट की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय को स्मृति चिन्ह के रूप में रुद्राक्ष के वृक्ष के साथ शाल श्री फल भेंट किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का पहले तिहार है और इसी से आगे प्रदेश में तिहार उत्सवों की लंबी श्रृंखला चलती है। उन्होंने सभी को हरेली तिहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरेली एक समृद्ध परंपरा के तिहार है, किसानों का तिहार है, प्रकृति से जुड़ने का तिहार है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को इस पावन त्यौहार की शुभकामनाएं भी दी। 

कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को साहू समाज का मेहमान बताते हुए कहा कि हरेली के पावन अवसर को भक्तिभाव से मनाने की परंपरा हमारे बुजुर्गों ने बनाई है। हरेली खेती किसानी, गौ माता, प्रकृति को सहेजने का उत्सव है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को भी इस त्यौहार का महत्व बताने का आह्वान सामाजिक बंधुओं से किया। श्री तोखन साहू ने साहू समाज से पहली बार किसी व्यक्ति को केंद्रीय मंत्री बनाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद भी ज्ञापित लिया। रायपुर जिला साहू समाज ने श्री तोखन साहू को रुद्राक्ष का वृक्ष भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में साहू समाज के प्रतिभागियों ने गीत गायन और नृत्य कला का प्रदर्शन भी किया। साहू समाज ने यहाँ गेड़ी दौड़, मटका फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। कार्यक्रम में दो जुड़वा बहनों प्रमिला और पार्वती द्वारा दी गई शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति ने सभी मन मोह लिया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे भोरमदेव में कावड़ियों पर पुष्प वर्षा

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 अगस्त, सोमवार को भोरमदेव में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन के बारे में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार सुबह 7:00 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान करेंगे और लगभग 7:30 बजे भोरमदेव पहुंचेंगे। भोरमदेव में वह हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों, जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिवजी का जल अभिषेक करने आए हैं, पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश के मुखिया स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे। उसके उपरांत भोरमदेव बाबा का पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के किये कामना करेंगे।

कवर्धा में बूढ़ा महादेव मंदिर में करेंगे अभिषेक

भोरमदेव में पुष्प वर्षा के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 8:00 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंचेंगे। वे 9 बजे तक भोरमदेव मंदिर और कवर्धा के प्राचीन और प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर में पंचमुखी बूढ़ा महादेव का दर्शन, पूजन और अभिषेक करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहेंगे।

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर भोरमदेव और बूढ़ा महादेव मंदिर में विशेष रूप से हजारों की संख्या में कावड़िये अमरकंटक से नर्मदा जल लाकर शिवजी का अभिषेक करते हैं। यह परंपरा पिछले 25 से 30 वर्षों से जारी है और हर वर्ष कावड़ियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय का इस वर्ष शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा करना इस परंपरा को और अधिक विशेष बना रहा है।

भोरमदेव और बूढ़ा महादेव की महत्ता

भोरमदेव मंदिर और कवर्धा का बूढ़ा महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। भोरमदेव मंदिर अपनी प्राचीनता और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसे छत्तीसगढ़ का "खजुराहो" भी कहा जाता है। यहाँ श्रावण मास में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। बूढ़ा महादेव मंदिर भी अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में हर वर्ष श्रावण मास के दौरान हजारों शिव भक्त अपने कावड़ में नर्मदा जल लाकर अभिषेक करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भोरमदेव और कवर्धा दौरे के दौरान सुरक्षा और आयोजन की विशेष तैयारियाँ की गई हैं। पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी आवश्यक इंतजाम करें ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से हो सके। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही, शिव भक्तों के लिए भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा कर सकें।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक क्षण

यह आयोजन छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित होगा। पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को और भी सशक्त बनाएगा।

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राज्यपालों के सम्मेलन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर दिया प्रेजेंटेशन

 छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने 1 से 3 अगस्त तक नई दिल्ली में आयोजित  राज्यपालों के सम्मेलन में भाग लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों के आकांक्षी जिलों, ब्लॉक, और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर अपनी प्रस्तुति दी।


    उन्होंने छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास के लिए शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ के आकांक्षी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। राज्यपाल ने विशेष रूप से बीजापुर जिले के माओवादी गतिविधियों से प्रभावित ग्राम मुड़ावेडी का उल्लेख किया, जहां सड़कों का विस्तार किया गया और प्रशासन द्वारा सुरक्षा बढ़ाई गई। इसके बाद वहां के वंचित बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रस्तुतीकरण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित थे।

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