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डॉ. मुखर्जी शुरू से धारा 370 के विरोधी थे: मुख्यमंत्री

 मुख्यमंत्री हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतमाता की सामूहिक आरती कार्यक्रम में शामिल

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में संकल्प फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भारतमाता की सामूहिक आरती एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू थी, जिसके तहत वहां अलग से दो निशान, दो विधान और दो प्रधान का प्रावधान था।  धारा 370 के कारण वहां केंद्र के कई प्रावधान लागू नहीं होते थे। अन्य राज्यों के लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शुरू से धारा 370 के विरोधी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उस समय जम्मू कश्मीर जाने के लिए परमिट लगता था। परमिट तोड़कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर प्रवेश किया। जिसके फलस्वरूप उन्हें जेल में डाल दिया गया। जेल में ही उनका देहावसान हुआ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पूरा किया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संकल्प फाउंडेशन द्वारा पिछले 10 वर्षों से भारतमाता की आरती और देशभक्ति के गायन का आयोजन किया जा रहा है। कवर्धा से इसकी शुरुआत हुई और अब यहां रायपुर में भी 6 जुलाई को हर वर्ष यह कार्यक्रम अयोजित होता है। इसके लिए मैं संकल्प फाउंडेशन को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 

कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, संजय श्रीवास्तव, जयंती पटेल सहित संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारिगण व आमजन उपस्थित रहे।

 

 

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मुख्यमंत्री ने की घोषणा- सरकारी स्कूलों में अब हर साल ग्रीष्मकालीन शिविर होंगे आयोजित

  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ राजधानी रायपुर के बजाय राज्य के सुदूर सीमावर्ती जशपुर जिले के आदिवासी बहुल गांव बगिया से करके न सिर्फ वर्षो से चली आ रही परंपरा को बदला है बल्कि इसके माध्यम से उन्होंने राज्य के सुदूर कोने तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक आवासीय विद्यालय बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने इस मौक पर एक पेड़ मां के नाम रोपित कर राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत की और लोगों से पौध रोपण के इस महायज्ञ में सहभागी बनने की भी अपील की। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने  राज्य में  बालिका शिक्षा का बढ़ावा देने का संदेश दिया और स्कूली बालिकाओं को साइकिल प्रदान करके यह सुनिश्चित किया कि बालिकाओं को स्कूल आने जाने में किसी भी तरह का व्यवधान न आए और आगे की शिक्षा हासिल कर सकें।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर सरकारी स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब्स में से एक में रोबोटिक्स मॉडल विकसित करने वाले छात्र से बातचीत की। उन्होंने इस सुदूरवर्ती जिले में किये गये व्यावसायिक शिक्षा कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी के लिए कौशल और व्यावसायिक शिक्षा जरूरी है। इस मौके पर वह स्वयं छात्रों के साथ मिट्टी के बर्तन बनाकर यह संदेश भी दिया कि बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए।  

मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति की परिकल्पना के अनुसार स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में बोली जाने वाली सदरी बोली भाषा में भी पाठ्य  पुस्तकें तैयार करने की बात कहीं। छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अब तक 18 स्थानीय भाषाओं-बोलियों में स्कूली बच्चों पुस्तकें तैयार की गई है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को नई शिक्षा नीति के अनुरूप मेगा पीटीएम आयोजित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने समर कैंप के दौरान छात्रों द्वारा किए गए कार्य को देखकर प्रसन्नता जताई और सरकारी स्कूलों में हर साल ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए राज्य सरकार इस साल से दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि पीएमश्री के तहत राज्य में प्रथम चरण में 211 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने भी बच्चों को शिक्षा-दीक्षा में माता-पिता की भूमिका का उल्लेख किया।  उन्होंने बच्चों को शिक्षा के लिए कई उपयोगी  टिप्स दिए और कहा कि बच्चों को मोबाइल का उपयोग सिर्फ शिक्षा, ज्ञान और जीवनोपयोगी जानकारी हासिल करने के लिए करना चाहिए।

 

 

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आरडीए के ऑनलाईन पेमेन्ट की शुरुआत

  रायपुर विकास प्राधिकरण के इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेस-2 के फ्लैट्स के निवासी अब जलशुल्क का भुगतान ऑनलाईन कर सकेगें। आवास एवं पर्यावरण की सचिव आर. शंगीता की उपस्थिति में इसका प्राधिकरण कार्यालय में शुभारंभ किया गया।  इससे अब इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेस-2 के फ्लैट्स के निवासियों को जलशुल्क जमा करने के लिए प्राधिकरण कार्यालय आने की जरुरत नहीं पड़ेगी। इसका भुगतान रायपुर विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड अनुसार दिए गए मोबाइल नंबर से ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन करने के उपरांत किया जा सकेगा।   राशि का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई से किया जा सकेगा।

रायपुर विकास प्राधिकरण में आज संचालक मंडल की बैठक हुई। इसमें देवेन्द्रनगर स्थित सिटी सेन्टर मॉल के पीछे एकता मॉल निर्माण के लिए निविदित दर स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि कौशल्या माता विहार (कमल विहार) योजना के सेक्टर 1,2,8ए,8बी,10,11बी,14ए एवं 14बी में 253 दो बीएचके ईडब्लूएस फ्लैट्स तथा रो हाऊस निर्माण कार्य पूरा नहीं करने वाले ठेकेदार का कार्य निरस्त कर उसे ब्लैक लिस्ट (डीबार) करने का निर्देश दिया गया। बैठक में ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर शेष निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए न्यूनतम निविदा राशि 14.125 करोड़ रुपए की स्वीकृति देते हुए नई निर्माण एजेंसी को नियुक्त करने का अनुमोदन किया गया।  

प्राधिकरण कार्यालय में हुई बैठक की अध्यक्षता रायपुर विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष व आवास एवं पर्यावरण विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता ने की । बैठक में जिस पीएम एक्ता माल के निर्माण एजेंसी की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई वह देवेन्द्रनगर के छत्तीसगढ़ हॉट के स्थान पर निर्मित होगा। पीएम एकता मॉल में सभी राज्यों के हस्तशिल्प उत्पादों की दुकानें होगीं तथा छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के हस्तशिल्प उत्पादों की दुकानें होगीं। पीएम एकता मॉल का सुपर बिल्टअप क्षेत्रफल 4,73,392 वर्गफुट तथा निर्माण लागत रुपए 150.70 लाख रुपए होगी। 

एक अन्य प्रस्ताव में संचालक मंडल को जानकारी दी गई कि राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो व्दारा पूर्व के एक प्रकरण क्रमांक 17/95 में वाद दायर करने के कारण शैलेंद्र नगर  योजना के 178 भूखंडधारियों की नस्तियों जप्त की गई थी। ऐसे प्रभावित गत 25 वर्षों से अपनी आवंटित संपत्तियों को विक्रय, हस्तांतरित नही कर पा रहे थे। राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो के प्रकरण का न्यायालय में खात्मा होन के बाद अब प्रभावित भूखंडधारियों को फ्रीहोल्ड व विक्रय अनुमति को दी जा सकेगा। इससे प्रभावित लोगों का काफी राहत मिलेगी। 

संचालक मंडल की बैठक में वित्त विभाग के संयुक्त सचिव सीताराम तिवारी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त संचिव सी तिर्की, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के अपर संचालक संदीप बागड़े, कलेक्टोरेट के प्रतिनिधि अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, नगर पालिक निगम के प्रतिनिधि अधीक्षण अभियंता राजेश शर्मा, क्षेत्रीय कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश से सहायक संचालक ऐश्वर्य जायसवाल, लोक निर्माण विभाग से कार्यपालन अभियंता यू.डी.मेश्राम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अधीक्षण अभियंता एस. के. गौड़, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी रायपुर से कार्यपालन अभियंता आशीष अग्निहोत्री, वन विभाग रायपुर से मुख्य वन संरक्षक राकेश चौबे तथा रायपुर विकास प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थी।

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आपकी उपलब्धियां कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल हरिचंदन

 राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पात्रोपधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर राम प्रताप सिंह एवं सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने के संदेश दिए गए। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को अग्रिम भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।


राज्यपाल हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने के लिए भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित  लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, मुझे खुशी है कि यह विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा। इस विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालय की उस सूची में शामिल किया गया है जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।

विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ जगह देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है, शिक्षा जहां मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कुलपति बंशगोपाल सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

इस अवसर पर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया,  विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 

 

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जल संरक्षण हमारे और आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण : कलेक्टर

  जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए जिले में 5 से 13 जुलाई तक जल मड़ई सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को धमधा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हसदा के शासकीय प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शाला में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में जल मड़ई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


जल मड़ई के अंतर्गत पौधरोपण के साथ ही जल संरक्षण के प्रति जनसामान्य में जागरूकता लाने के लिए कार्य किया जा रहा है। जल है तो कल है, क्योंकि पानी के बिना पृथ्वी पर किसी का भी जीवित रहना असंभव है। पानी व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इसके बिना कई गतिविधियाँ पूरी नहीं की जा सकतीं। फिर भी व्यक्ति इसे बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। जल हम बना नही सकते, लेकिन बचा तो सकते हैं। जल और वृक्ष जीवन का अमूल्य आधार है।

जल मड़ई कार्यक्रम में महिलाएं एवं स्कूल के नन्हे-मुन्हे बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। जल प्रहरी नीरज वानखेड़े द्वारा जल सरंक्षण की दिशा में जल को सहेजने हेतु सोकपीट रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि को मॉडल का उपयोग कर एवं खेल के जरिए बताया कि जल संरक्षण का भविष्य सिर्फ़ हमारे हाथों में ही है। वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

कलेक्टर ने कहा कि जल मड़ई का उद्देश्य पानी की बर्बादी को कम करना और उसके कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है। जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ऐसे में हमें पानी का जरूरत अनुसार उपयोग करना चाहिए। पानी का पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग से हम पानी की बचत कर सकते है। घरेलू उपयोग के बाद बचे हुए पानी को बागवानी या अन्य कार्यों में पुनः उपयोग किया जा सकता है। सामुदायिक स्तर का अभियान है, लोगों को जागरूक होना होगा और जल संरक्षण के महत्व को समझना होगा। हमें यह समझना होगा कि पानी का बचाव हमारे और आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बारिश के पानी को जमा करने का एक तरीका होता है, यह किसी भी सतह पर गिरने वाला बारिश का पानी हो सकता है। इस पानी को बाद में फिल्टर किया जाता है और फिर इस्तेमाल करने के लिए जमा कर दिया जाता है। इस तरह पानी की हार्वेस्टिंग करने से पानी का लेवल दोबारा पहले जैसा नॉर्मल हो जाता है, जिससे यह पानी बर्बाद होने से बच जाता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शासकीय प्राथ./पूर्व माध्यमिक शाला हसदा के प्रांगण में पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए आम का पौधा लगाया एवं बच्चों को इसकी देखभाल करने को कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अश्वनी देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, एसडीएम धमधा सोनल डेविड, जनपद सदस्य जितेन्द्र साहू उपस्थित थे।

 

 

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बलौदाबाजार हिंसा मामले में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष व उसका साथी गिरफ्तार

 बलौदाबाजार में 10 जून को हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। शनिवार को एक महीने से फरार जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष शैलेंद्र बंजारे को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ट्रेन से महाराष्ट्र भाग रहा था, जिसके पुलिस ने चलती ट्रेन से गिरफ्तार किया है। उसके साथ ही एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया है। इस मामले में अब तक कुल 155 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।


इस हिंसा में गिरफ्तार दूसरे आरोपी में जिला बालोद निवासी प्रवीण महिलांगे भी शामिल है। जिसे संयुक्त कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ कर एवं वहां खड़ी एक कार का शीशा तोड़कर अंदर रखे लैपटॉप, मोबाइल एवं हार्ड डिस्क को चोरी करते हुए वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है। आरोपी प्रवीण महिलांगे अपने हाथ में एक बड़ा बांस का डंडा लिए हुए तोड़फोड़ करते हुए कार से लैपटॉप, हार्ड डिस्क एवं अन्य सामान चोरी करके अपने हाथ में रखा हुआ है। इसके पूर्व भी संयुक्त कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ करते हुए वहां खड़े एक व्यक्ति का मोबाइल लूट कर भागने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लूट का मोबाइल जप्त किया गया था।

बीते दिनों 7 आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार
दरसअल, 10 जून को हुई हिंसा में शहर में जमकर आगजनी और तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। आज 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें से एक आरोपी, घटना के दौरान तोड़फोड़ करते हुए, मोबाइल लूटकर हो फरार गया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और लूटा हुए मोबाइल उसके कब्जे से बरामद किया गया है। अब तक पुलिस द्वारा 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की वीडियो, फोटो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी विश्लेषण के आधार पर तलाश जारी है।

भीम आर्मी क्रांतिवीर का संस्थापक किशोर नवरंगे गिरफ्तार
इससे पहले बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस ने भीम आर्मी क्रांतिवीर के संस्थापक किशोर नवरंगे को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है। जिले में हिंसा और प्रदर्शन के बाद से ही किशोर नवरंगे फरार था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नवरंगे ने ही 10 जून को धरना और रैली का आयोजन किया था। किशोर नवरंगे के ही आह्वान पर प्रदेशभर से समाज के लोग बलौदाबाजार पहुंचे थे। जिले में हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी जिसके बाद अब उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस किशोर नवरंगे को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावनाएं हैं।

10 जून को हुई थी हिंसक घटना
उल्लेखनीय है कि, 10 जून को बलौदाबाजार में हुए भयानक हिंसक घटना में बदमाशों ने कलेक्ट्रेट परिसर में रखी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। वहीं पूरी बिल्डिंग धूं-धूं कर जल गई थी। हालांकि, इस घटना के कुछ घंटों पहले ही डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मामले की न्यायिक जांच की घोषणा कर दी थी। लेकिन आक्रोशित लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। 

 

 

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एक पेड़ मां के नाम : उद्योग मंत्री देवांगन ने लगाया आंवला का पौधा

 वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा के वार्ड क्रमांक 16 चारपारा कोहड़िया स्थित शिव मंदिर परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘‘ के तहत अपनी मां स्वर्गीय श्रीमती सोनकुंवर देवांगन की स्मृति में आंवला का पौधा लगाया।

इस अवसर पर मंत्री देवांगन कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण को बचाने के लिए देशवासियों से पेड़ लगाने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के 111वें एपिसोड में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘‘ शुरू करने आह्वान किया था। इसी तारतम्य में देश भर में लोग अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं। मंत्री देवांगन ने कहा कि सभी लोग एक पेड़ अपनी मां के नाम पर जरुर लगाएं, क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा रिश्ता मां का होता है। मां का दर्जा सबसे ऊंचा होता है।  

साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी मां के साथ मिलकर या उनके नाम पर एक पेड़ जरूर लगाएं। इस अवसर पर उनके साथ नगर निगम कोरबा के पार्षद नरेंद्र देवांगन, मनोज अग्रवाल, प्रीति स्वर्णकार, अनिल यादव, नरेंद्र गोस्वामी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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सालेम इंग्लिश स्कूल के छात्रों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

 सालेम इंग्लिश स्कूल में आज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंग के दिशा-निर्देशन में "निजात" नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को नशे से दूर रखने और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल लाइन थाना प्रभारी रोहित मालेकर थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता बी. शैलजा, पुलिस बालमित्र रोशना डेविड, और वी. बी. एस. कुमार उपस्थित रहे।

नारे और स्लोगन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रोहित मालेकर ने बच्चों को निजात कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया और नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को नशे से बचने के उपाय बताते हुए शपथ दिलाई कि वे नशा नहीं करेंगे।

बच्चों को प्रेरित करने वाले संदेश
मालेकर ने बच्चों को अनुशासन, मेहनत, लगन, और ईमानदारी से शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। बी. शैलजा ने बच्चों को हर दिन उत्साह और नई ऊर्जा के साथ स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों को पुलिस को अपना मित्र मानकर निडर होकर अपराध की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन सालेम इंग्लिश स्कूल की प्रभारी प्राचार्या श्रीमती रूपिका लॉरेंस के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम का लाभ लिया।

 

 

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स्वच्छता की दौड़ में रायपुर को नंबर-1 बनाने जुटे रायपुरियंस

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 अंतर्गत नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग के लिए नगर निगम रायपुर ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। महापौर श्री एजाज़ ढेबर व नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मीनल चौबे जोनवार अधिकारियों व नागरिकों की बैठक लेकर प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता की हर गतिविधि में शामिल होने की अपील कर रहे हैं, वहीं कमिश्नर श्री अबिनाश मिश्रा सेंट्रल व जोनल टीम के अधिकारियों के साथ लगातार चर्चा कर स्वच्छता संबंधी पूरी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर शहरी क्षेत्र में “गंदगी हटाओ-बीमारी भगाओ“ अभियान की शुरुआत भी हो चुकी है। इसके लिए नगर निगम आम लोगों को जागरूक करने व्यापक स्तर पर अभियान के संचालन का रोडमैप भी तैयार किया है।  


निगम कमिश्नर श्री मिश्रा के अनुसार देश के 4447 नगरीय निकायों में रायपुर इस समय 12वें स्थान पर है और गत् स्वच्छता सर्वेक्षण में राज्य में रायपुर अग्रणी रहा है। रायपुर इस बार फिर स्वच्छतम शहरों की रेस में अपना बेहतर प्रदर्शन करने तैयारियों में जुटा हुआ है। स्वच्छता संबंधी फीडबैक नागरिकों से लिए जा रहे है एवं शिकायत व सुझाव पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश मैदानी अमले को दिए गए है। जोन व वार्डवार स्वच्छता प्रभारियों की तैनाती कर मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा रहा है एवं मुख्यालय के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। नागरिक समितियों, कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, मोहल्ला समितियों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों की अगवाई में स्वयं सेवी व सामाजिक संगठनों को भी स्वच्छता गतिविधियों में शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर आयुवर्ग को स्वच्छता संबंधी कार्यक्रमों में शामिल कर सभी को प्रोत्साहित व सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि 01 जुलाई से “गंदगी हटाओ-बीमारी भगाओ“ अभियान की शुरूआत की गई है और सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से नागरिकों से निरंतर यह अपील की जा रही है कि आस-पास पनपने वाली गंदगी कई बीमारियों और जल निकासी में बाधा का कारण बनती है, इसलिए गंदगी न पनपने दें। स्वच्छता संबंधी शिकायत या सुझाव के लिए टोल फ्री निदान-1100 या नगर निगम के व्हाट्सएप्प चैट बॉट नंबर-9111666207 पर संपर्क कर सूचित कर सकते हैं।  

स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित स्वयंसेवी संस्थाओं व सभी संगठनों को शामिल करते हुए स्वच्छता को लेकर महा-अभियान की शुरुआत की जा चुकी है और सभी के सामूहिक प्रयासों से रायपुर को स्वच्छतम शहर के रूप में प्रतिष्ठित करने व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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ग्राम बगिया में अपने स्कूल पहुंचकर पुराने दिनों को किया याद - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ग्राम बगिया के उसी स्कूल कैंपस में पहुंचे जहां कई बरस पहले उन्होंने अपनी पांचवी कक्षा की पढ़ाई की थी। उन्होंने बताया कि स्कूल को साफसुथरा रखने हम लोग घर से गोबर लाकर लिपाई करते थे। स्कूल के रखरखाव की पूरा गांव चिंता करता था और छत की मरम्मत गांव वाले मिलकर करते थे। टाटपट्टी भी नहीं थी, घर से बोरी लेकर आते थे, सीसी रोड भी नहीं था। पांचवी बोर्ड का सेंटर भी नहीं था और सेरामोंगरा जाना पड़ता था। अब शिक्षा के लिए इतनी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं तो अच्छा लगता है। चूंकि शिक्षा हमारे विकास का मूलमंत्र है अतएव इसकी बेहतरी के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जशपुर में दिव्यांग आदर्श आवासीय विद्यालय की घोषणा के साथ ही ग्राम बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने फरसाबहार में हायरसेकेंडरी स्कूल की घोषणा भी की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे और बगिया वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मैंने बगिया में पांचवीं तक की पढ़ाई की है। शिक्षा मात्र डिग्री या नौकरी हासिल करने के लिए नहीं है। यह जीवन बदलता है। आप शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन स्तर को देखकर स्वयं भी अंदाजा लगा सकते हैं कि शिक्षा का जीवन में कितना महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारा देश शिक्षा के  क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। नालंदा और तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त कर बहुत से लोग आगे बढ़े। 

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के विकास को आगे बढ़ाया है। इससे अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित होगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी दक्षता सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों की समझ और ज्ञान को विकसित करने किताबों में उनकी स्थानीय भाषाओं का समावेश किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने राज्य में 211 पीएमश्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समर कैंप का आयोजन कर विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मंच से सभी को बताया कि 6 अगस्त को सभी स्कूलों में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों के अभिभावकों को शिक्षक बताएंगे कि उनके बच्चे कैसे पढ़ाई करते हैं। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। कोई भी अपने जन्मदिन और अन्य विशेष दिन में स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोज दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पदमश्री श्री जागेश्वर यादव को मंच पर अपने पास बुलाकर कहा कि इन्होंने हॉफ पेंट पहनकर और बिना चप्पल पहने विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर जनजाति समाज की निरंतर सेवा की। उनकी सेवा के बदौलत उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति चाहे तो दूसरों की भलाई करके भी बहुत आगे बढ़ सकता है। आप भी इनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। 
शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दें, अन्य बच्चों से तुलना न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और विशिष्टता होती है। इसे ध्यान देकर बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें।
 
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चे संकल्प के साथ किये गये प्रयत्न से मुख्यमंत्री जी ने निश्चित ही सफलता मिलती है। आज जिस स्कूल में खड़े हैं इसी स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की है और प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे समय भी संसाधन कम थे लेकिन मेरी मां ने मुझे हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। समाज को बदलने का एकमात्र माध्यम शिक्षा है। इस मौके पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। आप खूब पढ़े और आगे बढ़ें। विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि शिक्षकों के साथ अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत करें, इससे निश्चित रूप से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय ने कहा कि सबसे बड़ा धन विद्या धन है। हमें शिक्षा को बेहतर करने के लिए लगातार काम करना है। इस मौके पर विधायक आरंग श्री गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्रीमती शांति भगत, उपाध्यक्ष श्री उपेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। साथ ही स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी, संचालक समग्र शिक्षा श्री संजीव झा, संचालक डीपीआई श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, संभागायुक्त श्री जीआर चुरेंद्र, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रवि मित्तल एसपी श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

छात्राओं को मुख्यमंत्री ने दी साइकिल
 
इस मौके पर हाईस्कूल छात्राओं को मुख्यमंत्री श्री साय ने साइकिल वितरित की। छात्राओं ने घंटी बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। साथ ही उन्होंने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। यही नहीं होनहार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान किया। साथ ही विनोबा एप के माध्यम से बेहतर शिक्षण कर रहे शिक्षकों का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी बनाई सामग्री देखी। 

एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत माँ के सम्मान में रूद्राक्ष का पौधा रोपा

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत मां के सम्मान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। साथ ही उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के आग्रह पर एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कोई अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाएगा तो भारत की जनसंख्या के बराबर पेड़ लग जाएंगे, इससे हरियाली का दायरा बहुत बढ़ जाएगा।
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ऐसे ही गढ़ेंगे विकसित छत्तीसगढ़ का रूप....


मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सपत्नीक शामिल हुए। यहां उन्होंने प्रवेशोत्सव पर आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, इसी बीच स्टाल पर रखे चाक देखकर वह अपने आपको नहीं रोक पाए और उन्होंने कुम्हार की तरह मिट्टी से दीया बनाया। 
शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम है और मुख्यमंत्री के सामने कुम्हार का चाक है और आसपास ढेर सारे बच्चे। मुख्यमंत्री विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन पर काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ को भी अपने विजन के अनुरूप आकार देना है जैसे चाक से दीया तैयार हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर छत्तीसगढ़ में जितनी मेहनत और जतन किये जा रहे हैं उससे निश्चित ही स्वर्णिम भविष्य के लिए ठोस नींव रखी जा रही है 
जिस तरह कुम्हार चाक में मिट्टी को आकार देता है, उसी तरह से जन-जन के सपनों के छत्तीसगढ़ को भी आकार मिलेगा।
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माँ के सम्मान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा मुख्यमंत्री साय ने

 एक पेड़ मां के नाम



कहा एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत लगाए जा रहे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को नई पहचान देंगे


सभी से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की


  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अपनी जन्मभूमि बगिया में अपनी माताजी के सम्मान में पौधरोपण किया। उन्होंने शासकीय हाईस्कूल बगिया परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने कहा कि इस अभियान अंतर्गत लगे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को एक नई पहचान देंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल होने यहां पहुंचे थे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने भी रुद्राक्ष का पौधा लगाया। वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री और जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी ने आंवले का पौधा लगाया। 
       मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि मां के साथ रिश्ता अनमोल होता है। जिस प्रकार मां हमे जीवन देती है, हमारा पालन पोषण करती है, वैसे ही प्रकृति भी हमारे लिए जीवनदायिनी है। इसकी सुरक्षा और संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस मुहिम से हम सभी को जुड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान जरूर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी से  "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पेड़ लगाने आग्रह किया। साथ ही सभी से पौधों का संरक्षण हेतु संकल्प लेने कहा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मानसून में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करें। अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव और शहरों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। इस अवसर पर रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, विधायक आरंग गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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कलेक्टर ने बीएमओ को लगाई फटकार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को निलंबित करने का आदेश

 जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय विभिन्न योजनाओं के बारे में समीक्षा की।

सोनोग्राफी संस्था को बंद करने के निर्देश

बैठक में पीसीपीएनडीटी (प्री-कॉन्सेप्शन और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक) नर्सिंग होम एक्ट के दायरे में काम नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने बैकुण्ठपुर स्थित बी.सी. सोनोग्राफी-डॉ.शालिनी षर्मा का नवीनीकरण नहीं करने तथा होल्ड करके रखने का आदेश दिया, वहीं छिंदडांड स्थित करण एक्सरे एण्ड सोनोग्राफी संस्था को बंद करने का आदेश दिया गया है। कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में बिना अनुमति के कोई भी नर्सिंग होम संचालित नहीं करने तथा नर्सिंग एक्ट के तहत ही संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। श्री लंगेह ने कहा यह आदिवासी बहुल जिला है, स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ावा देने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी सबकी है साथ ही शासन के मंशानुरूप कार्य किया जाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

निर्माणाधीन एम.सी.एच. को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश

जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के बारे में समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने 200 बेड के नए जिला चिकित्सालय भवन के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संबंधित अधिकारी ने बताया कि दिसम्बर तक यह कार्य पूर्ण कर ली जाएगी, वहीं बहुप्रतीक्षित निर्माणाधीन 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एम.सी.एच.) केन्द्र को इस माह तक पूरा करके स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश संबंधित नोडल एजेंसी को दी गई। बता दें पुराने जिला अस्पताल में लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए जिला अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। श्री लंगेह ने जिले के सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करें तथा गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग करने पर जोर दिया, कार्य व गुणवत्ता में कोताही बरतने पर संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं साथ ही लोक निर्माण विभाग, हाउसिंग बोर्ड आदि को नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता को निलंबित करने का आदेश

कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में संचालित स्वास्थ्य संबंधी राष्ट्रीय तथा राज्यस्तरीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विकासखण्ड स्वास्थ्य अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण योजनाओं को आम लोगों तथा जरूरतमंद तबकों तक पहुंचाने में जिस तरह लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए। इसी कड़ी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर/हेल्थ वेलनेस सेंटर, खरवत में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आर.एच.ओ.)  अनुराग गौतम को कार्य में उदासीनता तथा लापरवाही बरतने पर तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया गया।

संस्थागत प्रसव को बढ़ाने तथा कुपोषण दर को कम करने के निर्देश

जिले में संस्थागत प्रसव, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों एवं गर्भवती माताओं को टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केन्द्र, एनीमिया, जन्म दर, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, कुपोषण आदि के बारे में श्री लंगेह ने समीक्षा की। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए वहीं 5 वर्ष की आयु तक की आयु के गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को विशेष देखभाल तथा स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए। श्री लंगेह ने सभी नोडल अधिकारियों को सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों को नियमित रूप से खोलने के साथ डॉक्टर व स्टॉफ को रहने की हिदायत भी दिए। श्री लंगेह ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि नियमित रूप से स्टॉफ का बैठक लेकर वस्तुस्थिति से अवगत हों तथा इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।

जीवन दीप समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

जीवन दीप समिति की बैठक के दौरान महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए श्री लंगेह ने जिला चिकित्सालय में सुरक्षा गार्ड हेतु निविदा आमंत्रित करने, जिला अस्पताल में बरसों अनुपयोगी लोहे का पलंग इत्यादि सामानों की नीलामी, सायकल वाहन स्टैंड की निविदा, रसोई घर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित करने पर चर्चा की गई। अस्पताल में सिविल सर्जन कक्ष के सामने, गहन चिकित्सा केन्द्र के सामने एवं ड्रेसिंग कक्ष के सामने चैनल गेट लगाए जाने, महिला वार्ड, शिशु वार्ड के गैलरी, एवं एस.एन.सी.यू. इकाई के मदर कक्ष के छत को मरम्मत करने, जिला चिकित्सालय हेतु दो एम्बुलेंस एवं दो 108 एम्बुलेंस उपलब्ध कराये जाने, निजी वार्ड के शौचालयों में वेस्टर्न कम्बोर्ड लगाये जाने, ऑक्सीजन प्लांट का सर्विसिंग कार्य कराये जाने, नवीन 22 विस्तरीय आई.सी.यू. के सामने शेड निर्माण कार्य कराये जाने की सहमति दी गई। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में स्त्रीरोग विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट एवं निश्चेतना चिकित्सक की भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के दिए गए। इसके अलावा जीवन दीप समिति के आय को अधिक बढ़ाने के बारे में सुझाव दिए गए तथा समिति के आय-व्यय विवरण पर चर्चा की गई।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. सेंगर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी, लेप्रोसी कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी, कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, बीएमओ, ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी, खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, सेक्टर प्रभारी आदि उपस्थित थे।

 

 

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डीएलसीसी व डीएलआरसी की तिमाही समीक्षा बैठक संपन्न

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में डीएलसीसी व डीएलआरसी की तिमाही समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में समस्त शासकीय योजनाओं की शाखावार 31 मार्च 2024 के लक्ष्य प्राप्ति, किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन एवं मछली पालन) के प्रकरण के प्रस्तुति और स्वीकृति, अस्वीकृति, वित्तीय सेवाएं, विभाग का जनसुरक्षा योजनाओं की अभियान की प्रगति एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की वर्तमान स्थिति, किसान क्रेडिट कार्ड, आधार सीडिंग, वर्ष 2023-24 हेतु एनआरएलएम द्वारा आबंटित लक्ष्य एवं प्रगति, अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि प्राइल्टी सेक्टर में केवल कृषि ही नहीं, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन के प्रकरणों पर विशेष फोकस करें बैंकर्स। शासकीय योजनाओं से संबंधित ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत करें। विभाग प्रकरण स्वीकृति हेतु बैंकों को प्रस्तुत करें। साथ ही बैंकों द्वारा प्रकरण रिजेक्ट के कारणों पर विशेष ध्यान देवें। उन्होंने बैंकों को सीडी रेसियों पर विशेष ध्यान देने कहा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान शासकीय योजना और सामाजिक सुरक्षा योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकर्स को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी परीक्षा में राज्य में प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त कर 95 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जेवरा सिरसा की छात्रा कुमारी भावना साहू और हाई स्कूल परीक्षा में प्रावीण्य सूची में आठवा स्थान प्राप्त कर 97.50 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रा कुमारी दुर्गारानी वर्मा को बैंकर्स की तरफ से प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और बैडमिंटन रैकेट भेंट कर सम्मानित किया गया। बैठक के दौरान ग्राम रसमड़ा के श्रीमती रंजिता नायक और गीता बाई साहू को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा से सेटल किये गये दो लाख रूपए का दावा चेक प्रदान किया गया। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन, जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक दिलीप नायक एवं विभिन्न विभागों व बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

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अंधियारखोर में मनाया गया भव्य जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

 कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, सांसद विजय बघेल व विधायक दिपेश साहू व ईश्वर साहू हुए शामिल

 

 खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल बेमेतरा जिला अंतर्गत वि.ख. नवागढ़ के ग्राम अंधीयारखोर के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। इस दौरान अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद दुर्ग संभाग विजय बघेल, स्थानीय विधायक दिपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय तिवारी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी आम नागरिक व स्कूल के बच्चे उपस्थित हुये।

जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य शुभारंभ अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण को रंग-बिरंगे झंडों और फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की छायाचित्र में खाद्य मंत्री व अन्य विशिष्ट अतिथियों के द्वारा पारंपरिक रूप से पूजा अर्चना और दीप प्रज्वलन करके की गई। दीप प्रज्वलन भारतीय संस्कृति में ज्ञान और शुभता का प्रतीक माना जाता है, और इससे पूरे कार्यक्रम में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

इसके पश्चात् खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने उपस्थित छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित किया। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने बच्चों को तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर, माला पहनाकर शाला प्रवेश कराया। इसके साथ ही अपने हाथों से स्कूली बच्चों को गणवेश वितरित किया। अपने भाषण में उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और बच्चों को मेहनत और समर्पण से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और योजनाओं की भी जानकारी दी, जिनका उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना है। खाघमंत्री श्री बघेल ने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न सुधारों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और हर बच्चे को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे मेहनत और लगन से पढ़ाई करें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। मंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों को भी बच्चों की शिक्षा में सहयोग और समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया । इस दौरान स्कूल खुलते ही बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, गणवेश इत्यादि प्रदान करने तथा कक्षा नवमीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क सायकल प्रदान करने की व्यवस्था की गई थी । खाद्य मंत्री श्री बघेल ने नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में सरस्वती साइकिल योजना के तहत निशुल्क साइकिल वितरित की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा की शिक्षा की गुणवत्ता शिक्षा के प्रति जन-जन का लगाव बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि प्रदेश में उत्कृष्ट शिक्षा का वातावरण तैयार करने के लिए सभी व्यवस्थाएं स्कूल खुलने के पहले दिन से ही सुनिश्चित हों।

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा की इस परंपरा की शुरुआत शासन और सरकार के माध्यम से किया गया है। हम सब इस समारोह के माध्यम से और शिक्षा ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन की हर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे जिसकी कल्पना हमारे माता पिता करते है, आज ऐसे गुरुजन और शिक्षक उपस्थित है जो अपनी मेहनत के बल पर बच्चो के भविष्य को बनाते हैं, ताकि आने वाले समय में यही बच्चे देश के नवनिर्माण में हिस्सेदारी दें। उन्होंने कहा की वर्तमान शिक्षा परंपरा में हमें सुधार लाना हैं, शिक्षा और स्वास्थ जीवन के मूल अंग है, जिसके बारे में हमको निश्चित रूप से हमको ध्यान देना पड़ेगा। उन्होंने बताया की नया शिक्षा नीति नियम पिछले साल से लागू हुआ है, जो आने वाली भविष्य को नया शिक्षा और नया दिशा देगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में 2047 में विश्वगुरु बनाने कि दिशा में अग्रसर होकर अपना खोया हुआ मान-सम्मान और वापस आएगा और इस दिशा में हमारे बच्चे कारगर साबित होंगे।

स्थानीय विधायक दिपेश साहू ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की बधाई दी। उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव के दौरान बच्चों को शिक्षा के महत्व और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया। और खेलने, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ साथ अच्छे से पढ़ाई करने को कहा। विधायक ने बच्चों को अच्छे से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह उनके भविष्य को संवारने और समाज में बेहतर स्थान पाने का माध्यम है। बच्चों से उन्होंने कहा कि वे कठिन परिश्रम करें और हमेशा अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहें।

साजा विधायक ईश्वर साहू ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा की हमारे सबसे पहले गुरु हमारे माता पिता होते हैं जो हमें चलना सिखाते हैं बोलना सिखाते है और पारिवारिक परिवेश में अनुशासन और संस्कार सिखाते हैं। इसके बाद बच्चे को अक्षर के ज्ञान और पढ़ाई लिखाई हेतु स्कूल भेजा जाता हैं जहाँ पर दूसरा गुरु के रूप में हमें शिक्षक मिलते है जो हमे पढ़ना लिखना और सत्य और असत्य का पाठ सीखते है। आज शिक्षक के पढ़ाए हुए बच्चे डॉक्टर, कलेक्टर, इंजीनियरिंग बनते हैं। उन्होंने सभी बच्चों को लगन से और धैर्य के साथ पढ़ाई करने और निरंतर मेहनत करते रहने को कहा। उन्होंने कहा की शिक्षक एक दीपक की तरह होते है जो खुद जलकर बच्चों को प्रकाश देते है और उनकी उज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

कलेक्टर रणबीर शर्मा ने शाला प्रवेश उत्सव की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की 2024-25 शैक्षणिक वर्ष सर्वांगीण शिक्षा गुणवत्ता के रूप में मना रहे हैं इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किया जायेगा ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना आये। जिलाधीश ने बेहतर परिणाम के लिए शिक्षको को समय पर स्कूल जाने और अनुशासन के साथ बच्चों को शिक्षा देने की बात कही, इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने को कहा। इसका उद्देश्य यह है कि सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे अपनी क्षमता के अनुसार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शिक्षकों और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि शालाओं में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की कमी न हो और सभी बच्चों को शिक्षा का समान अवसर मिले। कलेक्टर श्री शर्मा ने गत वर्षाे के परीक्षा परिणाम से सीखते हुये और भी अच्छे परिणाम लाने और अच्छे से मन लगाकर पढ़ने का आग्रह किया।

पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा की शिक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा की ज्ञान हमारे जीवन में अंधकार को दूर कर प्रकाश लाता है। अभिभावक अपने बालक और बालिका के प्रति सतर्क रहते है क्योंकि बच्चा जब घर में पैदा होता है तो पहली पाठशाला उसका घर और पहला शिक्षक उसके माता पिता होता है, हर माता पिता की इच्छा होती है की उनका बच्चा पढ़े, और औपचारक शिक्षा के लिए वह अपने बच्चे को स्कूल भेजता है,ताकि भविष्य में शिक्षा ग्रहण कर सही और गलत चीज़ो को समझ सकें। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्राचार्यों और अभिभावकों को नये शिक्षा सत्र के शुभारंभ और शाला प्रवेशोत्सव की बधाई दी।

जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव पर अवसर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। छात्रों ने नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत किए, जिनमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के अंत में, छात्रों को शैक्षणिक सामग्री, जैसे किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक वस्त्र वितरित किए गए। इस प्रकार, शाला प्रवेश उत्सव का भव्य शुभारंभ न केवल बच्चों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक यादगार अनुभव साबित हुआ। अंत में मुख्य अतिथियों द्वारा शाला परिसर में वृक्षारोपण किया गया।

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18 बल्क लीटर देशी मदिरा शराब जब्त

  कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं कार्रवाई की जा रही है। आबकारी विभाग की टीम के द्वारा गस्त के ग्राम खम्हरिया-मिरगी चौक में आरोपियों के वाहन क्रमांक सीजी 04 एमडी 0357 हीरो होंडा एचएफ डीलक्स की तलाशी लेने पर परिवहन करते भूरा रंग की थैला में रखे 100 नग प्रत्येक क्षमता 180 उस कुल मात्रा 18 बल्क लीटर देशी मदिरा मसाला ज़ब्त किया गया। आरोपी विकास रात्रे पिता सुरेश रात्रे ग्राम खम्हरिया एवं शेखर रात्रे पिता दिनेश रात्रे ग्राम गुर्रा थाना भाटापारा ग्रामीण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम धारा 34(2) ,59(क) का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम,आबकारी प्रधान आरक्षक मिर्जा जफर बेग, देवी लाल तिवारी, राधा गिरी गोस्वामी, ड्राइवर नीलेश टंडन का विशेष योगदान रहा।

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खाद्य औषधि प्रशासन की टीम ने सारंगढ़ में की जांच

 जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, नियंत्रक खाद्य औषधि प्रशासन और कलेक्टर धर्मेश साहू के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने वर्षा ऋतु में दूषित जल से होने वाली संक्रमित बीमारियों को देखते हुए जिला मुख्यालय सारंगढ़ के विभिन्न होटलों और दुकानों में कार्रवाई की। सारंगढ़ शहर में ज्यादा खपत होने वाले दूध दही पनीर आदि खाद्य पदार्थो का जांच करते हुए कई फर्मों का निरीक्षण किया गया जिसमें काव्या डेयरी, पंजाबी चूल्हा, दीक्षा इंटरप्राइजेज, गगन प्रोविजन, लजीज बिरयानी, हरियाणा जलेबी शामिल है। पंजाबी चूल्हा से दही एवं पनीर एवं दीक्षा इंटरप्राइजेस से पनीर का नमूना जांच हेतु लिया गया। निरीक्षण के दौरान सभी को खाद्य पदार्थों के सही रख रखाव, पीने के पानी का उचित पात्र में साफ स्वच्छ जल का भंडारण करने, खाद्य पदार्थ को मक्खी से बचाव हेतु ढककर रखने खाद्य पदार्थों में खाद्य रंग का सीमित मात्रा में उपयोग करने, खाद्य पदार्थों को रखने में अखबारी पेपर का उपयोग नहीं करने, फ्रेश तेल में तीन बार से अधिक खाद्य पदार्थों को नही तलने, एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग नहीं करने एवम साफ सफाई रखने के दिशा निर्देश दिए गए।

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डूबते बच्चे को बचाने शिक्षक पिता ने दी जान, पुत्र ने दिया अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन

 मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश

 जनदर्शन कार्यक्रम में गुरुवार को धरसींवा ब्लॉक से आए सुशील कुमार बंजारे ने मुख्यमंत्री को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए आवेदन देते हुए बताया कि वर्ष 2022 में शिक्षक दिवस के ही दिन उनके शिक्षक पिता ने खारुन नदी में डूबते बच्चे को बचाने कोशिश करते हुए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी मौत हो गई।


सुशील ने अपनी अनुकंपा नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया। उनकी बात को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
 

 

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