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वित्त मंत्री ने कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्रों को दी कैरियर मार्गदर्शन की सीख

 जो व्यक्ति जीवन में जितने कठिन परिस्थितियों से गुजरता है और संघर्ष करता है, वह उतना ही ऊंची सफलता प्राप्त करता है। उक्त बातें आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए जूट मिल हायर सेकेंडरी स्कूल के सभा कक्ष में छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन प्रदान किया।
 
वित्त मंत्री  ओपी चौधरी आज स्थानीय जूट मिल हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को कैरियर मार्गदर्शन के संबंध में टिप्स दिये। उन्होंने अपने जीवन काल के दौरान शासकीय शाला से प्रारम्भ कर आईएएस बनने का सफर और संघर्ष कर सफलता पाने का अनुभव सुनाते हुए बच्चों को जीवन में हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहने और निरंतर प्रयास करने का सुझाव दिया।  इस दौरान चौधरी ने रायगढ़ जिले में वृहद नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना, नवीन प्रयास विद्यालय खोलने के निर्णय और छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने 8वीं कक्षा के छात्रों के लिए श्प्रयास विद्यार्थीश् कोचिंग कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए।
 
कार्यक्रम में वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के अंतर्गत वृहद नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना, नवीन प्रयास विद्यालय खोलने  के निर्णय और अन्य प्रयासों की चर्चा की। चौधरी ने कक्षा आठवीं में पढऩे वाले सभी बच्चों के प्रयास विद्यालय में चयन हेतु कोचिंग कक्षा देने के लिए सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिये। इसके साथ ही  वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों के लिये दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईआईटी, नीट, क्लेट  की तैयारी करने के लिए छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं संचालन करने निर्देश दिये। 
 
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने विराट कोहली के उदाहरण से बच्चों को लक्ष्य पर अडिग रहने और अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिये निरतंर प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने जिले के सभी स्कूलों में कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम करने और विद्यार्थियों के लिए कैरियर मार्गदर्शिका पुस्तिका प्रदान करने का आश्वासन दिया ताकि बच्चों को सही कैरियर के चुनाव कर सके। वित्त मंत्री  चौधरी ने युवाओं के कैरियर मार्गदर्शन के लिये सुपर थर्टी के संचालक आनंद कुमार और मनोज कुमार जो बारहवीं फैल के ओरिजनल हीरो जो कि एक आईपीएस अधिकारी हैं को भी मार्गदर्शन देने के लिए रायगढ़ आमंत्रित करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उन्होंने आज सभी बच्चों को करियर मार्गदर्शिका पुस्तक का वितरण किए।
 
बच्चों के सवालों का वित्त मंत्री ने दिया जवाब
 
कार्यक्रम के दौरान शाला में अध्ययन करने वाले कुमारी याना महिलाने 12 वी जीवविज्ञान और कुमारी यशोदा यादव कक्षा 11 वी कॉमर्स ने कैरियर निर्माण के दौरान आने वाले परेशानियों और उनसे निपटने का सवाल किया तो वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बेहतर तरीके से समझा कर उन्हें संतुष्ट किया। वित्त मंत्री चौधरी ने बच्चों से भी सवाल किया उन्होंने आईआईएम के फूल फॉर्म पूछने पर कक्षा 11 वी के मोहम्मद अबू राशिद के द्वारा सही जवाब देने पर उसे 1000 रूपये देकर सम्मानित किया और सभी बच्चों को अपने कक्षा के विषयवस्तु के साथ समसामयिक घटनाओं का भी निरंतर अध्ययन करने की सलाह दिया।
 
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत  जितेन्द्र यादव, जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के.व्ही राव, जिला मिशन समन्वयक नरेंद्र कुमार चौधरी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय सिंह, एपीसी भुवनेश्वर पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारिका प्रसाद पटेल के साथ संस्था के प्राचार्य संतोष चंद्रा के साथ समस्त स्टाफ  उपस्थित थे।
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वन्य तस्कर और माफिया बख्शे नहीं जाएंगे: वन मंत्री केदार कश्यप

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि राज्य में वन्य तस्करी, लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन में संलिप्त माफियाओं को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इन पर शिकंजा कसा जा रहा है। वनों की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरूद्ध संघन कार्रवाई का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसको प्रोत्साहित और संरक्षण देने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए वनों का बचाव जरूरी है। 
वनमंत्री कश्यप आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम साइंस कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय वन शहीद दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर देश में वन और वन्य जीव की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि वन माफिया एवं वन्य तस्करी में संलिप्त लोगों को माफ नहीं किया जाएगा। वन की अवैध कटाई को रोकने के लिए बाह्य शक्ति से ज्यादा आंतरिक शक्तियों से लड़ने की आवश्यकता है। ऐसी शक्तियों को हमें रोकना होगा। उन्होंने कहा कि आज इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जा रहे हैं। देश में वन एवं पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ की सराहना की और इसके लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। 
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं पर्यावरण के संरक्षण तथा हरियाली को और अधिक बढ़ाने के लिए पूरे जोर-शोर से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधों का रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में इस अभियान ने राज्य में जनआंदोलन का रूप ले लिया है। शहर से लेकर गांव तक जहां-जहां भी सरकारी जमीन उपलब्ध है, वहां वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण एवं उसके संरक्षण का काम पूरी गंभीरता से किया जा रहा है। लोग बढ़-चढ़कर इस अभियान में न सिर्फ हिस्सा ले रहे हैं अपनी मां, पूर्वजों एवं देवी-देवताओं के नाम पर भी पेड़ लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में वन विभाग लगातार इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 7 करोड़ वृक्षों का रोपण किया गया है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित 70 लाख माताओं-बहनों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। 
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पौराणिक काल से भी हमारे वनों का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि वनवासी नेताओं ने आजादी के पहले से वनांचल में वनों को बचाने के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि शहीद वीर गुण्डाधुर ने अंग्रेजों से कहा था कि यदि एक पेड़ काटोगे, तो हम एक सर काटेंगे का नारा दिया था, जिसका वनांचल के वनवासियों ने समर्थन किया। हमारी सरकार वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उसे सुदृढ़ करने के लिए वनरक्षक सहित अन्य पदों की भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है। वनवासी जंगल को अपना घर समझते हैं और उसकी रक्षा करते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति या तस्कर अवैध कटाई के लिए उन्हें प्रेरित करता है तो ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम में वनमंत्री श्री कश्यप ने राष्ट्रीय वन कर्मचारी महासंघ द्वारा प्रस्तावित मांग को पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि स्वीकृत पदों का सेटअप का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है।
कार्यक्रम को विधायक  पुरन्दर मिश्रा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय वन अधिकारी महासंघ की स्मारिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सतीष मिश्रा, महासचिव श्री कमल यादव, कोषाध्यक्ष श्री जगबन्धु पात्रा सहित 17 विभिन्न प्रदेश के अखिल भारतीय वन अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
यहां यह उल्लेखनीय है कि आज सुबह राजीव स्मृति वन (ऊर्जा पार्क) में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन शहीदों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में वन शहीद स्मारक का अनावरण किया और वन शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिल भारतीय वन अधिकारी-कर्मचारी महासंघ ने वनमंत्री श्री केदार कश्यप को प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
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पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने की अधिसूचना जारी

जशपुर जिले के नगर पंचायत पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना जारी होने की सूचना मिलते ही पत्थलगांव में उत्साह का महौल है। क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जता रहे हैं। 
 
अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जारी अधिसूचना के तहत नगर पंचायत पत्थलगांव की सीमाएं ही नगर पालिका की सीमा होगी। इस संबंध में लोगों से 21 दिनों तक इस संबंध में दावा-आपत्ति मंागी गई है। 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम किलकिला में आयोजित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि 14 अगस्त 2024 के दिन पत्थलगांव को नगर पंचायत से नगरपालिका बनाने की घोषणा की थी।
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बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों को मिली राहत

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से लगातार लोगों की समस्याएं सुलझ रही हैं। जशपुर जिले के पांच गांवों के ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आवेदन दिया। इस आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश कैंप कार्यालय से जारी किया गया। इन गांवों में तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने, ग्रिप चेंज, लाईन सुधारने का कार्य किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। 
घूमरा पकरीटोली, तिलंगा के सलिहाटोला और बरहागुडा गांव हाथी विचरण क्षेत्र होने की वजह से यहां के ग्रामीण कैंप कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए पहुंचे थे। कैंप के अधिकारियों द्वारा इस पर तत्काल पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्देशित किया गया। इन गांवों में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण विद्युत की आपूर्ति बाधित हो गई थी। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों द्वारा इन गांव में विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए ट्रांसफार्मर लगाने, ग्रिप चेंज, लाईन सुधारने का कार्य किया गया। अब इन गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति त्वरित पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।
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सरगुजा जिले के एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में जिला प्रशासन ने की कार्यवाही

सरगुजा जिले के एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों को कंपनी द्वारा 15-15 लाख रूपए की मुआवजा दी जाएगी। इसी प्रकार घायलों को 3-3 लाख रूपए की राशि मिलेगी। 
 
गौेरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा गत रविवार को एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों के साथ गहरी संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर सरगुजा द्वारा एलुमिना प्लांट हादसे की जांच के लिए जांच दल का गठन कर दिया गया है। कलेक्टर ने आज जांच दल के साथ एलुमिना प्लांट का निरीक्षण किया और कंपनी के अधिकारियों को हादसे में मृत और घायल परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि सौंपने के निर्देश दिए।  
 
कलेक्टर ने बताया कि इस औद्योगिक हादसे में प्रत्येक मृतक परिवार को 15-15 लाख रुपए और घायलों को 3-3 लाख रूपए की मुआवजा राशि कंपनी द्वारा दी जाएगी। कंपनी के अधिकारी 12 सितम्बर को प्रशासनिक टीम परिजनों को यह राशि सौंपेगी। उन्होंने बताया कि जांच दल द्वारा एलुमिना प्लांट में सुरक्षा मानकों के पालन हेतु कड़ाई से जांच की जा रही है। बिना प्रशासन की अनुमति के प्लांट का पुनः संचालन शुरू नहीं किया जायेगा।
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12 सितंबर को होने वाला जनदर्शन स्थगित

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 12 सितंबर को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा।

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ग्रामीण ईलाके में बैंक सखी की सेवाएं देकर दशोमती कर रही हैं ग्रामीणों की मदद

बस्तर जिले के लोहान्डीगुड़ा ब्लॉक के धुरागांव की रहने वाली दशोमती कश्यप 2017 में गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। दशोमती का समूह से जुड़ने का उद्धेश्य छोटी-छोटी बचत को जोड़कर कुछ बड़ा करने की थी। स्नातक की पढ़ाई कर चुकी दशोमती के पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं जो हमेशा दशोमती का मनोबल बढ़ाते हैं और उनके निर्णय का साथ देते हैं। दशोमती ने बताया समूह के माध्यम से बिहान के संपर्क में आने के बाद मुझे बीसी सखी योजना की जानकारी हुई जिससे मुझे लगा कि यह एक ऐसा कार्य है जिसमें मैं ग्रामीण एवं बुजुर्गों को बैंकिंग की सेवाएं देकर उन्हें सहयोग और सुविधा प्रदान कर सकती हूं। साथ ही अपनी भी कुछ अतिरिक्त आय कर सकती हूं। इसलिए जनवरी 2018 में वह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की बीसी सखी बन गयीं जिसमें उसे लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के चार ग्राम पंचायतों उसरीबेड़ा, धुरागांव, छिंदगांव एवं कोड़ेबेड़ा में बीसी सखी की सेवाएं देने का दायित्व सौंपा गया।
      दशोमती बताती हैं कि उन्होंने बैंकिंग किस्योस्क के माध्यम से ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा करने एवं निकासी, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा योजनाओं का लाभ पहुँचाया और विगत 5 वर्षों में वह 5 करोड़ रूपये से ज्यादा के लेनदेन कर चुकी हैं और करीब 20 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन कर चुकी हैं जिससे लगभग 10 हजार मनरेगा श्रमिकों और 5 हजार से ज्यादा पेंशन हितग्राही लाभार्थी हुए हैं।
     दशोमती सीएससी का भी कार्य करती हैं जिसमें उन्होंने 2000 आयुष्मान कार्ड, 1000 ई-श्रम कार्ड, 30 पेन कार्ड इत्यादि बनाये हैं साथ ही बिजली बिल का भुगतान भी करती हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने सीएससी की टेली-लॉ सेवा ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचाकर करीब 5 हजार रूपये अतिरिक्त आमदनी अर्जित की हैं। वर्तमान में दशोमती अपने बैंक सखी के कार्यों से 4 हजार रुपये और सीएससी के कार्यों से 2 हजार रुपये प्रतिमाह कमाकर लगभग 6 से 7 हजार रुपये कमाती हैं और कहती हैं कि बिहान की वजह से वह ग्रामीण लोगों को बैंकिंग की सेवाओं के साथ-साथ सीएससी की भी सेवाएं पंहुचा रही हैं।
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मुख्यमंत्री साय कार्टून वॉच कार्टून फेस्टिवल-2024 में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2024 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्टून फेस्टिवल-2024 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कार्टून एक ऐसी कला जिसके द्वारा बहुत थोड़ी जगह में पूरी बात को स्पष्टता के साथ मनोरंजक और व्यंगात्मक ढंग से व्यक्त किया जाता है। छोटा सा कार्टून बड़ी बात कहता है। कभी-कभी सम्पादकीय में जिस बात को आधे पेज में लिखा जाता है, उसे सिर्फ एक कार्टून के माध्यम से व्यक्त कर दिया जाता है ।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्टून फेस्टिवल में  इंदौर के कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी को कार्टून क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने कार्टून फेस्टिवल में संत श्री तुलसीदास जी के दोहों पर आधारित कार्टून पुस्तक 'तुलसी सुगन्ध' का विमोचन भी किया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कार्टून फेस्टिवल में शामिल होना मेरे लिए बहुत आनन्द का विषय है। यह बहुत खुशी की बात है कि कार्टून वॉच परिवार लगातार 28 वर्षों से कार्टून के क्षेत्र में कार्य को कर रहा है। श्री त्रयम्बक शर्मा कार्टून की पूरी मैगज़ीन निकाल रहे हैं, जो कि बहुत बड़ी बात है। इसके लिए मैं कार्टून वॉच परिवार को बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। 
 
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि कार्टून वॉच मैगज़ीन के 28 साल की सतत यात्रा रही है। कार्टून एक ऐसा माध्यम जो समाज को आईना दिखाता है। कार्टून कभी गुदगुदाता है तो कभी ऐसी कड़वी दवाई की तरह होता है, जिसका परिणाम अच्छा होता है। कार्टूनिस्ट देश की परिस्थिति को कलम से अभिव्यक्त करता है। वह समाज को नई दिशा  देता है । कार्टून और एनिमेशन समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करते हैं।
 
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कार्टूनिस्ट श्री त्रयम्बक शर्मा ने कार्टून की विधा को जिंदा रखा है। वे कार्यक्रम के जरिये नई पीढ़ी तक कार्टून को पहुंचा रहे हैं । 
 
 
इस मौके पर कार्टून विधा से जुड़े डॉ के सी पन्त और मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। 
 
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ हिमांशु द्विवेदी, श्री इस्माइल लहरी, कार्टून वॉच के सम्पादक श्री त्रयम्बक शर्मा सहित कई कार्टूनिस्ट और साहित्य-कला क्षेत्र से गणमान्य-जन उपस्थित रहे।
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उपमुख्यमंत्री ने चार ग्रामों के विकास के लिए 80 लाख रूपए की घोषणा की

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम जरहाटोला, जामगांव, आमगांव, तिलईभाट, और पेड्रीतराई मे ग्रामीणवासियों से जनसंपर्क कर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों मांग, समस्या और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके अनेक मांगों को तत्काल पूरा करते हुए 80 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामवासियों की मांग पर विभिन्न विकास कार्यो की सौगात दी।
उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान ग्रामवासियों की मांग को पूरा करते हुए ग्राम जामगांव में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए, प्राथमिक शाला में किचन शेड के लिए 3 लाख रूपए, सीसी रोड के लिए 5 लाख रूपए और ज्योति कलश कक्ष निर्माण के लिए 3 लाख रूपए की घोषाणा की। उन्होंने ग्राम जरहाटोला सांस्कृतिक मंच के लिए 5 लाख रूपए, गोठान समतलीकरण 5 लाख रूपए, बीएमडब्लू रोड जरहटोला से खलेवारा खार तक, नरेगा से पुलिया निर्माण कार्य की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम आमगांव में जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों की मांग में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए, सामुदायिक शौचालय के लिए 6 लाख रूपए, गोठान समतलीकरण के लिए 4 लाख रूपए और मंच निर्माण के लिए 3 लाख रूपए देने की घोषणा की। ग्राम तिलईभाट में रिटर्निंग वॉल के लिए 18 लाख रूपए, सीसी रोड के लिए 5 लाख रूपए सांस्कृतिक मंच के लिए 3 लाख रूपए की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के विकासखंड लोहारा के विभिन्न ग्रामों में जनसंपर्क करते हुए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को सुना और उन्हें सरकार की योजनाओं और विकासात्मक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाना है ताकि हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार किए जा रहे है। इसके अलावा कृषि और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को भी और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की भागीदारी से ही विकास संभव है, इसलिए सभी को साथ मिलकर काम करना होगा।
 
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साय सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है और सभी बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाया जा रहा है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत 21 सितंबर को होगी आयोजित

आगामी नेशनल लोक अदालत 21 सितंबर 2024 को आयोजित की जाएगी। मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की।  
मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने सभी न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया कि जिस गति से न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या बढ रही है, उसमें यह जरूरी है कि लोक अदालतों के आयोजन में राजीनामा योग्य मामलों का पक्षकारों की आपसी सहमति से विधि सम्मत निराकरण करने का सभी संभव प्रयास किया जावे।
मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश श्री सिन्हा ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से निराकृत प्रकरणों का लाभ जहंा मामले के दोनों पक्षकारों को मिलता है, वहीं ऐसे मामलों के निराकृत होने से न्यायालयों में भी लंबित मामलों की संख्या कम होती है जिससे न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राजीनामा योग्य मामलों से हटकर अन्य प्रकृति के लंबित मामलों को निराकृत करने में न्यायालयीन कार्य दिवसों में अधिक समय दे पाते हैं। उन्होंने 21 सितंबर 2024 को आयोजित होने जा रही नेशनल लोक अदालत में राजीनामा प्रकृति के सभी सिविल, आपराधिक एवं अन्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हांकित कर विधिवत् निराकृत करना साथ-ही-साथ न्यायालयों में 5 एवं 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि बैंकों, अन्य वित्तीय संस्थाओं, विद्युत वितरण कंपनियों, बीएसएनएल, बीमा कंपनियों एवं अन्य के द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्री-लिटिगेशन आवेदनों के पक्षकारों की प्री-सिटिंग करा अधिक-से-अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण की आवश्यकता है। सामान्य राजीनामा योग्य मामलों का न्यायालय में आने से पूर्व प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही निराकरण हो जाने से ऐसे मामले न्यायालय तक नहीं आते जिससे पक्षकारों को तो लाभ होता ही है, न्यायालयों में भी लंबित मामलों को संस्थित किए जाने की संख्या में वृद्धि नहीं होती है। 
 मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने व्यक्त किया कि पक्षकारों की सहमति से एवं विधि अनुसार अधिक-से-अधिक राजीनामा योग्य मामलों का निराकरण करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी का यथोचित प्रयास अपेक्षित है।
 
अवगत हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 हेतु निर्धारित कैलेण्डर अनुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 21 सितंबर 2024 को उच्च न्यायालय से लेकर तहसील न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित किया जा रहा है। जिलों से प्राप्त अब तक की जानकारी अनुसार 180259 प्री-लिटिगेशन मामले तथा 34824 न्यायालयों में लंबित सहित कुल 215083 मामलों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिनके पक्षकारों के मध्य राजीनामा की संभावनाओं का प्रयास किया जा रहा है।
नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में आयोजित बैठक में न्यायाधीश छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह-कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी तथा न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल शामिल हुए। समस्त जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उनके सचिव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रम न्यायालय के न्यायाधीश भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले में सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, प्रभावित परिवारों से मिलकर स्थिति की ली जानकारी

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा को सुबह ग्रामीणों का फोन कॉल आया कि सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम खोलवा और सिघंनपुरी क्षेत्र में लगातार बारिश होने से बाढ़ जैसी स्थिति आ गई है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने जानकारी मिलते ही कलेक्टर जनमेजय महोबे के साथ सुबह ही ग्राम खोलवा और सिघंनपुरी पहुंचकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र में जाकर लोगों का हालचाल जाना और उनकी समस्याओं को सुना। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणजनों का कुशल क्षेम जाना और उनसे उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री ने लोगों की कठिनाइयों को समझते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को राहत पहुंचाने और सुरक्षा के लिए विष्णुदेव सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करने के निर्देश दिए और कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए तत्पर है। जल्द ही क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द सर्वेक्षण पूरा करें ताकि लोगों को राहत कार्यों का लाभ मिल सके।
उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता सरकार की प्राथमिकता है और इस आपदा की घड़ी में हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सर्वेक्षण कार्य करें और आवश्यक राहत सामग्री की तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए सटीक योजना बनाएं।
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दूरस्थ वनांचल गांव बरदुला में पहुंचा जल जीवन मिशन का पानी

केन्द्र सरकार द्वारा सभी घरों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत गांव-गावं तक सभी घरों में नल-जल का कनेक्शन दिया जा रहा है, जिससे लोगों को आसानी से पीने का साफ पानी उपलब्ध हो रहा है। साथ ही उन्हें पानी लाने दूर भी नहीं जाना पड़ रहा है। इसी कड़ी में जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित गांव बरदुला में भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों को घर में ही पीने का साफ पानी आसानी से उपलब्ध हो रहा है। वनांचल क्षेत्र होने के कारण पहले ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था। साथ ही गर्मी के मौसम में नदी-नाले सूख जाने से पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाता था, जिससे घर के सदस्यों को पानी के लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। सरकार की जनकल्याणकारी सोच और लोगों को आसानी से मूलभूत सुविधाओं की पहुंच उपलब्ध कराने की पहल से लोगों का जीवन आसान हुआ है। इसी के तहत सभी घरों में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन का गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे लोगों को काफी राहत मिल रही है।
 
बरदुला गांव की रहने वाली श्रीमती मानबाई यादव ने बताया कि पहले वह पीने के पानी के लिए कुआं हैण्डपम्प एवं दूसरों के घरों के निजी बोर के भरोसे जीवन-यापन करती थी। पानी के लिए पूर्णतः दूसरों पर निर्भर थी। साथ ही उसके दोनो बहुएं पार्वती यादव व पद्मा यादव जल पूर्ति के लिए दूर से हैण्डपम्प से पानी लाकर गुजारा करती थी। पूरे दिन का बहुत बड़ा हिस्सा उन्हे पानी की आपूर्ति पर लगानी पड़ती थी। जिससे कि अन्य कार्यांे में देरी और खेत जाने में परेशानी होती थी। अब हर घर में नल लगने के बाद मानबाई एवं उनके परिजन अपनी क्षमता का पूर्णता सदुपयोग करते हुए जल जीवन मिशन पर विश्वास कर और उन्नति प्राप्त कर रहे हैं। मानबाई ने घर पहुंच पेयजल की सुविधा प्रदान करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके ग्राम में सभी के यहां नल लग गया है और उन्हे पानी के लिए दूसरे आश्रित होने की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कारण अब हमें दूसरों से पानी मांगने की जरूरत नहीं है। घर में लगे नल का उपयोग पीने, सहित नहाने, कपड़ा धोने एवं अन्य घरेलू कार्यों में उपयोग के लिए किया जा रहा है।
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दामिनी एप्प करेगा आकाशीय बिजली से अलर्ट

आकाशीय बिजली घटित होने के कारण जन एवं पशु हानि  की घटनाओं से निपटने हेतु भारत सरकार द्वारा दामिनी एप्प विकसित किया गया है। इस मोबाइल एप्प से आकाशीय बिजली घटित होने की पूर्वानुमान(20 से 31 किलोमीटर का दायरा), आवश्यक तैयारी एवं उपाय की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जिले में आकाशीय बिजली गिरने से जन एवं पशु हानि की बढ़ती घटना को दृष्टिगत रखते हुए शासन ने सभी विभाग प्रमुखो एवं मैदानी अमलों  को दामिनी एप्प डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इस एप्प को डाउनलोड करने की अपील की है।
 
दामिनी एप्प  को गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से किसी भी एंड्रॉइड मोबाईल पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके साथ ही मेघदूत एप्प  तापमान, वर्षा की स्थिति, हवा की गति एवं दिशा से सम्बंधित है जिससे किसान अपने क्षेत्र की मौसम से संबंधित पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के यहां उनके निवास कार्यालय में कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष  हरवंश सिँह मिरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को युवा कंवर समाज द्वारा आयोजित होने वाले करमा महोत्सव के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
 
इस अवसर पर कंवर समाज के महासचिव  नकुल चंद्रवंशी,  टूकेश कंवर भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के जेपरा सहित विभिन्न गांवों में विकास कार्यों से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श किया।
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जिला हॉस्पिटल में स्थापित डायलिसिस सेंटर मरीजों के लिए वरदान

 जिला हॉस्पिटल बलौदाबाजार में 2 वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विभाग एवं डीएमएफ के सहयोग से    अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर की स्थापना की गई है। जिसके अब सकारात्मक परिणाम जिले के किडनी मरीजों को मिल रहा है। जिले के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों का डायलिसिस के लिए यहां आना होता है ऐसे में उन्हें इसका पूरा लाभ मिल रहा है। दिसम्बर 2023 से लेकर अगस्त 2024 तक प्रति दिवस तीन डायलिसिस सेशन प्रति मशीन के अनुसार अब तक 2688 सेशन किये गए हैं।
 
इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने बताया की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम अंतर्गत निःशुल्क डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। अस्पताल में इस समय डायलिसिस हेतु चार मशीनें लगाई गई हैं। जिला चिकित्सालय में लगी हुई मशीनों द्वारा लगभग 4 घंटे में डायलिसिस पूरी होती है। स्थिति के अनुसार मरीज को माह में आठ से बारह बार तक डायलिसिस करवाना पड़ सकता है। वर्तमान में डायलिसिस यूनिट में 38 एक्टिव पंजीकृत मरीज हैं जो नियमित रूप से डायलिसिस करवाने आते हैं। उक्त चार मशीनों में एक मशीन हेपेटाइटिस सी के मरीजों के लिए कार्य कर रही है।
 
 
डायलिसिस का लाभ ले रहे कसडोल नगर निवासी 67 वर्षीय पूरण लाल साहू के साथ आएं भतीजे देवेंद्र ने बताया की पहले डायलिस  के लिए चाचा जी को रायपुर ले जाना पड़ता था जो काफी खर्चीला और परेशानी भरा होता था अब घर के समीप ही सुविधा मिल जाती है। उन्हें हफ्ते में तीन बार  लाता हूं। इसी तरह ग्राम चरौदा के 56 वर्षीय दिलीप बघेल ने बताया की लगभग 10 माह पूर्व रायपुर में जाँच के बाद डायलिसिस की सलाह दी गई थी। कुछ समय वहां रह के कराए,बाद में बलौदाबाजार के ही एक निजी अस्पताल गए जहां काफी पैसा लगता था,उसके बाद जिला अस्पताल से लाभ ले रहे हैं।
 
 
डायलिसिस कराने वाले मरीज के परिजनों ने बताया की अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है तथा अब हमें डायलिसिस के लिए दूर शहर रायपुर अथवा  बिलासपुर में नहीं जाना पड़ता जिसके कारण हमें हर प्रकार से सहूलियत होती है।आने-जाने का खर्च तो बचता ही है साथ में बीमारी की स्थिति में सफर के थकान से भी बचाव होता है। वर्तमान में डायलिसिस यूनिट हेतु दो टेक्नीशियन एवं एक हाउस कीपिंग स्टाफ को रखा गया है जो निरंतर अपनी सेवा दे रहे हैं। इस यूनिट में डायलिसिस के साथ-साथ मरीज को विशेष प्रकार के खानपान के संबंध में भी शिक्षित किया जाता है। 
सिविल सर्जन डॉ के के टेम्भूरने ने बताया की डायलिसिस गुर्दे अथवा किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीज के लिए वह विधि है जिसमें जब गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं या फिर उनकी क्षमता कम हो जाती है तब कृत्रिम तरीके से शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को इस विधि के माध्यम से शरीर से बाहर निकाला जाता है। यह तब तक करना पड़ता है जब तक व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाता या फिर नई किडनी प्रत्यारोपित नहीं की जाती। यदि अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर ना निकाला जाए तो शरीर में विष फैल सकता है तथा व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। सीएमएचओ ने जिले के निवासियों से आवश्यकता पड़ने पर इस सुविधा का लाभ लेने हेतु अपील की है।
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प्राकृतिक खेती एवं गौ आधारित खेती पर कार्यशाला संपन्न

  कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में बलराम जयंती पर आयोजित कृषक दिवस में प्राकृतिक खेती एवं गौ आधारित खेती पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान खेत में बनाये जाने वाले बीजामृत, जीवामृत का जिवंत प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन में प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती अजिता साहू एवं कृषक श्री लवन साहू को जैविक खेती में विशेष योगदान हेतु सम्मान प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान संघ के जिला कार्यकारिणी सदस्य योगेन्द्र कुमार साहू, उप सरपंच सुरेन्द्र कुमार साहू,चेतन देवांगन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन सहित 50 से अधिक किसान भाई मौजूद थे।

 

 

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400 बुनकरों को रोजगार, महिलाएं हो रही है आत्मनिर्भर

  ग्रामोद्योग विभाग के हाथकरघा प्रभाग द्वारा दुर्ग जिले की 10 बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से 400 बुनकरों को बुनाई कार्य से सतत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। 400 बुनकरों में से 310 महिलाएं बुनाई कार्य से आत्मनिर्भर हो रही है। जिले के बुनकरों द्वारा शाला गणवेश शार्टिंग, ट्युनिक सुटिंग, चादर, बस्ता क्लाथ आदि 50 से 55 हजार मीटर प्रतिमाह वस्त्रों का उत्पादन कर छ.ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर को प्रदाय एवं खुले बाजार मंे विक्रय किये जाते है। बुनकरों को बुनाई कार्य से 250 से 400 रूपए का निरंतर आमदनी हो रही है।

सहायक संचालक हाथकरघा दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार दुर्ग जिला बुनकर सहकारी समिति दुर्ग के 20, महिला हाथकरघा बुनकर सहकारी समिति दुर्ग के 34, महामाया बुनकर सहकारी समिति पाटन के 143, नागेश्वरी बुनकर सहकारी समिति नगपुरा के 60, जय चण्डी बुनकर सहकारी समिति असोगा के 60, शिवांशी बुनकर सहकारी समिति पाटन बघेरा के 15, आस्था बुनकर सहकारी समिति पाटन के 20, मां परमेश्वरी बुनकर सहकारी समिति रवेलीडीह के 20, महात्मा गांधी बुनकर सहकारी समिति अहिवारा के 05 एवं जय चण्डी बुनकर सहकारी समिति विनायकपुर के 23 इस प्रकार कुल 400 बुनकरों द्वारा बुनाई व्यवसाय से रोजगार किया जा रहा है। पूर्व में देवांगन समाज द्वारा ही बुनाई का परम्परागत कार्य किया जाता था। वर्तमान में देवांगन समाज के अतिरिक्त अन्य समाज के विशेषकर महिलाओं द्वारा इस परम्परागत बुनाई कला को अपना कर लाभान्वित एवं आत्मनिर्भर हो रही है। छ.ग. शासन ग्रामाद्योग विभाग द्वारा परम्परागत बुनाई कला को जिवंत रखने अधिक से अधिक हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध करने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बुनकरों के घरों पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ हाथकरघा प्रभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से बुनकरों को लाभान्वित किया जा रहा है। शहरी स्तर की कुछ पंजीकृत बुनकर समितियां अकार्यशील होने का कारण शहर में उद्योग धंधे एवं कारखाने स्थापित होने से शहरी क्षेत्र में बुनाई से अधिक आय का बेहतर रोजगार उपलब्ध हो जाता है। बुनाई कार्य में श्रम व कौशलता दोनांे की आवश्यकता होती है। इसलिए शहरी क्षेत्र की युवा पीढ़ी बुनाई रोजगार में रूचि नही लेते। किंतु ग्रामीण क्षेत्र में हाथकरघा बुनाई सें रोजगार का बहुत ही अच्छा साधन है। अकार्यशील बुनकर समितियों को कार्यशील करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

 

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जिस समाज में बुजुर्गों का होता है मान सम्मान, वही समाज करता है तरक्की: उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन

जिस समाज में बुजुर्गों का मान सम्मान होता है, वही समाज तरक्की करता है। इनके प्रति आदर भाव जगा कर हम अपनी सभ्यता और संस्कृति का संरक्षण कर सकते हैं। बुजुर्गों का सम्मान ही हमारी संस्कृति का परिचायक है। आज बच्चों के लिए पहले गुरु उसके माता-पिता होते हैं। दादा-दादी व नाना-नानी बच्चों में संस्कार की सीख देते हैं। उक्त बातें वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बालको नगर स्थित अनुभव भवन में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के 18 वां स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने समिति के अनुभव भवन में बने नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। समिति की मांग पर भवन के ऊपरी तल पर अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए विधायक निधि से देने की घोषणा की। साथ ही 4 एयर कंडीशनर और 2 टीवी प्रदाय की भी घोषणा की।


उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी परंपरा है। वृद्धजनों से हमें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सदैव मार्गदर्शन मिलता है। देश में सर्वाधिक युवा है, बुजुर्ग उन्हें मार्गदर्शन देते रहें तो भारत को अग्रणी देश बनाया जा सकता है। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि संयुक्त परिवार में बुजुर्गों की सदा आवश्यकता महसूस की जाती है। वरिष्ठजनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने अनुभव का लाभ आने वाली पीढ़ी को आशीर्वाद के तौर पर दें। युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठजनों के अनुभव से ही समाज और देश समृद्ध होगा।

श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि ये बहुत खुशी की बात है कि समिति के माध्यम से आप सभी सेवानिवृत्त के बाद भी एक दुसरे से इतने साल बाद भी जुड़े हुए हैं। एक दुसरे के सुख और दुःख में खड़े हुए।
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