छत्तीसगढ़
वन्य तस्कर और माफिया बख्शे नहीं जाएंगे: वन मंत्री केदार कश्यप
पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने की अधिसूचना जारी
बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों को मिली राहत
सरगुजा जिले के एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में जिला प्रशासन ने की कार्यवाही
12 सितंबर को होने वाला जनदर्शन स्थगित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 12 सितंबर को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा।
ग्रामीण ईलाके में बैंक सखी की सेवाएं देकर दशोमती कर रही हैं ग्रामीणों की मदद
मुख्यमंत्री साय कार्टून वॉच कार्टून फेस्टिवल-2024 में हुए शामिल
उपमुख्यमंत्री ने चार ग्रामों के विकास के लिए 80 लाख रूपए की घोषणा की
राष्ट्रीय लोक अदालत 21 सितंबर को होगी आयोजित
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले में सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, प्रभावित परिवारों से मिलकर स्थिति की ली जानकारी
दूरस्थ वनांचल गांव बरदुला में पहुंचा जल जीवन मिशन का पानी
दामिनी एप्प करेगा आकाशीय बिजली से अलर्ट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात
जिला हॉस्पिटल में स्थापित डायलिसिस सेंटर मरीजों के लिए वरदान
प्राकृतिक खेती एवं गौ आधारित खेती पर कार्यशाला संपन्न
कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में बलराम जयंती पर आयोजित कृषक दिवस में प्राकृतिक खेती एवं गौ आधारित खेती पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान खेत में बनाये जाने वाले बीजामृत, जीवामृत का जिवंत प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन में प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती अजिता साहू एवं कृषक श्री लवन साहू को जैविक खेती में विशेष योगदान हेतु सम्मान प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान संघ के जिला कार्यकारिणी सदस्य योगेन्द्र कुमार साहू, उप सरपंच सुरेन्द्र कुमार साहू,चेतन देवांगन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन सहित 50 से अधिक किसान भाई मौजूद थे।
400 बुनकरों को रोजगार, महिलाएं हो रही है आत्मनिर्भर
ग्रामोद्योग विभाग के हाथकरघा प्रभाग द्वारा दुर्ग जिले की 10 बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से 400 बुनकरों को बुनाई कार्य से सतत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। 400 बुनकरों में से 310 महिलाएं बुनाई कार्य से आत्मनिर्भर हो रही है। जिले के बुनकरों द्वारा शाला गणवेश शार्टिंग, ट्युनिक सुटिंग, चादर, बस्ता क्लाथ आदि 50 से 55 हजार मीटर प्रतिमाह वस्त्रों का उत्पादन कर छ.ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर को प्रदाय एवं खुले बाजार मंे विक्रय किये जाते है। बुनकरों को बुनाई कार्य से 250 से 400 रूपए का निरंतर आमदनी हो रही है।
सहायक संचालक हाथकरघा दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार दुर्ग जिला बुनकर सहकारी समिति दुर्ग के 20, महिला हाथकरघा बुनकर सहकारी समिति दुर्ग के 34, महामाया बुनकर सहकारी समिति पाटन के 143, नागेश्वरी बुनकर सहकारी समिति नगपुरा के 60, जय चण्डी बुनकर सहकारी समिति असोगा के 60, शिवांशी बुनकर सहकारी समिति पाटन बघेरा के 15, आस्था बुनकर सहकारी समिति पाटन के 20, मां परमेश्वरी बुनकर सहकारी समिति रवेलीडीह के 20, महात्मा गांधी बुनकर सहकारी समिति अहिवारा के 05 एवं जय चण्डी बुनकर सहकारी समिति विनायकपुर के 23 इस प्रकार कुल 400 बुनकरों द्वारा बुनाई व्यवसाय से रोजगार किया जा रहा है। पूर्व में देवांगन समाज द्वारा ही बुनाई का परम्परागत कार्य किया जाता था। वर्तमान में देवांगन समाज के अतिरिक्त अन्य समाज के विशेषकर महिलाओं द्वारा इस परम्परागत बुनाई कला को अपना कर लाभान्वित एवं आत्मनिर्भर हो रही है। छ.ग. शासन ग्रामाद्योग विभाग द्वारा परम्परागत बुनाई कला को जिवंत रखने अधिक से अधिक हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध करने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बुनकरों के घरों पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ हाथकरघा प्रभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से बुनकरों को लाभान्वित किया जा रहा है। शहरी स्तर की कुछ पंजीकृत बुनकर समितियां अकार्यशील होने का कारण शहर में उद्योग धंधे एवं कारखाने स्थापित होने से शहरी क्षेत्र में बुनाई से अधिक आय का बेहतर रोजगार उपलब्ध हो जाता है। बुनाई कार्य में श्रम व कौशलता दोनांे की आवश्यकता होती है। इसलिए शहरी क्षेत्र की युवा पीढ़ी बुनाई रोजगार में रूचि नही लेते। किंतु ग्रामीण क्षेत्र में हाथकरघा बुनाई सें रोजगार का बहुत ही अच्छा साधन है। अकार्यशील बुनकर समितियों को कार्यशील करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिस समाज में बुजुर्गों का होता है मान सम्मान, वही समाज करता है तरक्की: उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन
जिस समाज में बुजुर्गों का मान सम्मान होता है, वही समाज तरक्की करता है। इनके प्रति आदर भाव जगा कर हम अपनी सभ्यता और संस्कृति का संरक्षण कर सकते हैं। बुजुर्गों का सम्मान ही हमारी संस्कृति का परिचायक है। आज बच्चों के लिए पहले गुरु उसके माता-पिता होते हैं। दादा-दादी व नाना-नानी बच्चों में संस्कार की सीख देते हैं। उक्त बातें वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बालको नगर स्थित अनुभव भवन में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के 18 वां स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने समिति के अनुभव भवन में बने नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। समिति की मांग पर भवन के ऊपरी तल पर अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए विधायक निधि से देने की घोषणा की। साथ ही 4 एयर कंडीशनर और 2 टीवी प्रदाय की भी घोषणा की।

