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डिप्टी सीएम शर्मा के निर्देश पर जलस्त्रोतों का क्लोरिनेशन-स्वच्छता अभियान शुरू

 कबीरधाम जिले में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर सभी सार्वजनिक और निजी जल स्त्रोतों का क्लोरिनेशन और स्वच्छता अभियान शुरू हो गया है। जिले के सभी सार्वजनिक एवं निजी जल स्त्रोतों की स्वच्छता के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और पीएचई विभाग इस कार्य मे लग गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध और निर्मल पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।


जिले के विकासखण्डों में कुल 13,538 जल स्त्रोतों, जिसमें कुएं, हैण्डपंप, सोलर पंप आदि शामिल हैं, का क्लोरिनेशन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा और आदिवासी बाहूल्य क्षेत्रों में भी स्वच्छता कार्य किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने इस कार्य के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य अमला और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी है।



इसके लिए जिले के सभी विकासखण्डों में पांच-पांच दल गठित किए गए हैं, जो क्लोरिनेशन का कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग और ग्राम स्तर पर मितानिनों को भी इस कार्य में शामिल किया गया है।



उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मौसमी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के जल स्त्रोतों की क्लोरिनेशन और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पंचायत की टीम द्वारा विशेष कार्य किया जाना चाहिए।



इस अभियान से जिले के ग्रामीणों को शुद्ध और निर्मल पेयजल की आपूर्ति होगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आएगी। इसके लिए कलेक्टर को सभी संबंधित अधिकारियों का नियमित मॉनिटरिंग और अभियान की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 
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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों के विवाह की चिंता हुई दूर

 के पर फिजुलखर्ची को रोकना, सामूहिक विवाह के आयोजन से सामाजिक स्थिति में सुधार लाना है। गतदिवस को रायगढ़ जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 45 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को कन्या के नाम से 35 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई। उपहार के रूप में बैग, श्रृंगार सामाग्री, कपड़े इत्यादि वर-वधु को दिया गया तथा जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र दिया गया।  

इनमें से गोपालपुर, बोईरदादर की निवासी श्रीमती देवंती सिदार ने  और भगवानपुर निवासी श्रीमती भारती ने बताया कि उनकी शादी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 16 जुलाई 2024 को हुई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उनका पंजीयन किया गया और इस योजना का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि वे अभी अपने अपने पति के साथ बेहद खुश है। गरीबी के कारण परिवार वालों के लिए शादी कराना बहुत बड़ी चुनौती थी पर इस योजना के चलते यह चुनौती आसानी से हल हो गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को धन्यवाद देते हुए हितग्राहियों कहा कि इस योजना ने हमारे माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर धूमधाम से विवाह करने समर्थ बना दिया।



छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। महतारी वंदन योजना, महतारी जतन योजना, इनमें से और एक योजना है, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना। इस योजना के तहत सरकार द्वारा उन लोगों को सहायता प्रदान किया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे परिवार की बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों को विवाह के लिए सरकार सहायता राशि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कमजोर, आर्थिक परिस्थितियों वाले परिवारों की बेटियों के हाथ पीले कर माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है, जिनके घर में बेटियां होती है, उनके माता-पिता को बेटी की शादी योग्य उम्र होते ही चिंता सताने लगती है। हर मां-बाप का सपना होता है कि उनकी बेटी की शादी धूमधाम से हो, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हजारों परिवारों के माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर उनकी चिंता दूर कर रही है।

 

 

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रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर हादसा: ट्रक-बस की टक्कर में 20 लोग घायल

 रायपुर से बलौदाबाजार मार्ग पर एक ट्रक और सिटी बस में आमने-सामने टक्कर हुई है। इस हादसे में दोनो वाहनों के चालकों समेत सिटी बस के 20 से भी ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। इनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीर घायलों की मदद करते दिखे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि, बस की सीटें उखड़ गई हैं, बस के अंदर हर तरफ खून ही खून दिखाई दे रहा है। यह हादसा विधानसभा थाना क्षेत्र के सेमरिया गांव के पास हुआ है। फिलहाल पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंच गई है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

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केंद्रीय मंत्रियों संग अलग-अलग बैठक करेंगे सीएम साय

 ख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बुधवार को अलग-अलग तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक हैं। इनमें से गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक में दोनों डिप्टी सीएम भी रहेंगे।


सबसे पहले, वे केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से उनके आवास पर चार बजे मिलेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री राज्य में खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और युवाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय सहायता की मांग कर सकते हैं।



इसके बाद, मुख्यमंत्री शाम साढ़े चार बजे केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से रेल भवन में मुलाकात करेंगे। इस बैठक में राज्य में रेलवे परियोजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री राज्य में नई रेल लाइनों, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और रेल सेवाओं के विस्तार के लिए केंद्रीय मदद की अपेक्षा रख सकते हैं। विशेष रूप से, वे राज्य में पिछड़े और दूरदराज के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी चर्चा करेंगे, जिससे इन क्षेत्रों का आर्थिक और सामाजिक विकास हो सके।



आज रात 8 बजे, मुख्यमंत्री गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राज्य की जनता की सुरक्षा के लिए और अधिक केंद्रीय सहायता की मांग कर सकते हैं। राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और उनके सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा सकता है।



मुख्यमंत्री इन मुलाकातों में राज्य में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी देंगे और छत्तीसगढ़ सरकार की पिछले छह महीनों की उपलब्धियों से केंद्रीय मंत्रियों को अवगत कराएंगे। केंद्र सरकार का पूरक बजट आने वाला है, और मुख्यमंत्री इस अवसर का उपयोग राज्य की जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को केंद्रीय मंत्रियों तक पहुंचाने के लिए करेंगे। वे राज्य के विकास के लिए केंद्रीय सहायता की मांग करेंगे, जिससे राज्य में विकास कार्यों को और गति मिल सके।

 

 

 
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11 साल से छुट्टी पर था पटवारी, एसडीएम ने किया बर्खास्त...

 

11 साल से अनुपस्थित पटवारी को एसडीएम ने बर्खास्त कर दिया है। पटवारी 4 अगस्त 2013 से अपनी अस्वस्थता के कारण लगातार 11 वर्षों से अनुपस्थित था। जिस पर बिलासपुर जिले के तखतपुर अनुविभाग के एसडीएम ने आदेश जारी किया हैं।

तखतपुर तहसील में राजेश सिंह पटवारी के पद पर पदस्थ थे। अपनी अस्वस्थता के कारण 4 अगस्त 2013 से निरंतर आज दिनांक तक अनुपस्थित रहने की दशा में सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर तथा वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर भू अभिलेख शाखा के द्वारा तखतपुर के एसडीएम को बर्खास्तगी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया था।



तखतपुर एसडीएम ने मध्य प्रदेश भू अभिलेख नियमावली के अध्याय 1 नियम 1(2) में प्रदत्त शक्तियों के तहत राजेश सिंह पटवारी तहसील कार्यालय तखतपुर को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया है।

देखें आदेश...

 


 

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नेशनल स्कूल खेल में पदक विजेताओं को किया चेक वितरण

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता एवं जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द मिश्रा के मार्गदर्शन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिक्षा गुणवक्ता हेतु जिले में संचालित आचार्य विनोबा भावे शिक्षा सहायक कार्यक्रम अंतर्गत नवाचारी शैक्षिक गतिविधियां प्रदान करने वाले शिक्षकों एवं वर्ष 2023-24 में नेशनल स्कूल खेल में पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि हार-जीत प्रत्येक स्पर्धा के दो पहलू हैं, लेकिन उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करना खिलाड़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों एवं शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप जो भी काम कर रहे हैं, उसे अच्छे से करो, मन लगाकर करो वही आपकी साधना है। शिक्षकों द्वारा विनोबा एप में अपने नवाचारी शैक्षिक गतिविधियों को साझा कर जिले के अन्य शिक्षकों को प्रेरित किया गया तथा एप में सक्रिय रूप से भाग लेकर अधिक से अधिक सहायक शिक्षण सामग्री तैयार कर अपलोड किया गया।

 

दुर्ग जिले के शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व मा. विद्यालय के 15 चयनित शिक्षकों को ओपन लिंक फाऊन्डेशन द्वारा प्राप्त प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार को कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के करकमलो से प्रदान किया गया। साथ ही 2023-24 में नेशनल स्कूल खेल- फैनसिंग, नेट बॉल, जुडो, कबड्डी विजेता एवं पदक विजेता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ की टीम से दुर्ग जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले 44 विद्यार्थियों को कुल 5,46,000/रूपए की राशि का चेक प्रदान किया गया। यह राशि लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा प्रदान की गई, जिसमें प्रथम पुरस्कार 21 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार 10 हजार रूपए है।

 

प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 44 विद्यार्थियों को कलेक्टर द्वारा चेक प्रदान किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (छज्।) द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में भर्ती हेतु आयोजित ’श्रेष्ठा’ परीक्षा में चयनित संदीपनी बालिका छात्रावास की 04 छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर एम.भार्गव, समग्र शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र पाण्डेय, सहायक संचालक पुष्पा पुरूषोत्तमन, ओपन लिंफ फाऊन्डेशन के डिविजनल मैनेजर जितेन्द्र सिंह, स्टेट समन्वयक हेमन्त साहू एवं जिला समन्वयक प्राची सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने चलेगा दस्तक अभियान

  योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने क़े लिए जिले में नवाचार क़े रूप में दस्तक अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान क़े तहत प्रत्येक गांव क़े लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो माह क़े प्रथम सप्ताह गांव का निरीक्षण एवं लोगों से चर्चा कर योजनाओं एवं समस्याओं की जानकारी लेंगे। निरीक्षण की जानकारी को दस्तक एप्प में अपलोड करना होगा। निरीक्षण प्रतिवेदन का समय-सीमा में समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार को बैठक में दस्तक अभियान क़े सुचारु क्रियान्वयन क़े लिए जरुरी निर्देश दिए। कलेक्टर सोनी ने जिले में दस्तक अभियान क़े क्रियान्वयन क़े सम्बन्ध में बताया कि अभियान का उद्देश्य सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना तथा गांव क़े विकास कार्य को गति देना है। जिले क़े करीब 520 गांव क़े लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हांेने कहा कि नोडल अधिकारी आवंटित गांव को गोद लिए हुए गांव की तरह उसके विकास क़े लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली, सडक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, खाद्य विभाग, क़ृषि विभाग एवं राजस्व विभाग से सम्बंधित कार्यों एवं योजनाओं का प्राथमिकता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी आवंटित गांव का औचक निरीक्षण करें और योजनाओं क़े क्रियान्वयन की जानकारी लेकर सरपंच, सचिव से ग्राम विकास या किसी प्रकार की समस्या हो तो उस पर चर्चा करें। कलेक्टर ने राजस्व पखवाड़ा की समीक्षा करते हुए जिन आवेदनों का निराकरण शिविऱ में नहीं किया जा सका है उनका निराकरण भी शीघ्रता से कराने क़े निर्देश दिए। उन्होंने जिले में बारिश की स्थिति कों देखते हुए खरीफ सीजन की खेती क़े लिए किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए एसडीएम एवं क़ृषि विभाग क़े अधिकारियो को जरुरी निर्देश दिए। प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य बल्दाकछार और अवराई गांव क़े शत प्रतिशत लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड बनाने क़े लिए शिविर लगाने तथा योजनाओं से लाभान्वित करते हुए गांव क़े विकास क़े लिए आवश्यक कार्यवाही करने क़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में सीपीग्राम, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन सहित समय सीमा क़े आवेदनो क़े निराकरण तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में डीएफओ  मयंक अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर दीप्ती गौते सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों क़े जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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पीएम जनमन योजना : विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने शिविर का आयोजन

 कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लोगों को लाभ दिलाने हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के बसाहटों को चिन्हांकित कर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित एवं पात्र सभी हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। शिविर में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा लोगों को विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग हेतु संचालित योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में कमार जनजाति निवासरत कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम बल्दाकछार एवं अवराई में शिविर का आयोजन किया गया। उक्त दोनों गांव के शिविर में 1 का नया आधार कार्ड, 6 नवीनीकरण, 18 आयुष्मान, 7 जनधन खाता, 4 नए राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 34 हितग्राहियों का पंजीयन, 15 श्रम कार्ड बनाए गए है। साथ ही 22 श्रम कार्ड का नवनीकरण किया गया है। इसके साथ ही 6 जाति प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना का मूल उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी), परिवारों और बस्तियों तक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को पहुंचाकर उनकी सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार करना है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत कमजोर जनजाति समूहों के बसाहटों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पेयजल, आवास, सड़क, आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषण, आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाएगा। शिविरों में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के वंचित लोगों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जनधन खाता, केसीसी, जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार पत्र, जॉब कार्ड सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण के रूप में बीपी, शुगर, आंख, खून की जांच कर आवश्यक परामर्श एवं दवाइयां भी प्रदान की जा रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शिविर तक लाने हेतु महिला कर्मचारियों, स्वसहायता समूह द्वारा सहयोग भी किया जा रहा है एवं शिविर की नियमित मॉनिटरिंग हेतु गठित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय नोडल अधिकारियों की टीम द्वारा शिविर का निरीक्षण कर संबंधित विभागों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है।

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कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कोसा, कॉटन व हाथकरघा वस्त्रों के भव्य प्रदर्शनी सह-विक्रय का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग हाथकरघा बलौदाबाजार भाटापारा के सौजन्य से जिला मुख्यालय में भव्य प्रदर्शनी सह-विक्रय का आयोजन किया जा रहा है। जिसका आज शुभारंभ कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने फीता काट के किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष चितावर जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, विजय केसरवानी, श्याम शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वर्मा ने आयोजन के लिए विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बीच-बीच में करते रहना चाहिए इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने सभी जिलावासियों से आग्रह किया है कि इस मेला का लाभ लेवे और अधिक से अधिक उत्पादों का क्रय कर हाथकरघा को बढ़ावा देवे ताकि लोग अधिक से अधिक सक्षम व आत्मनिर्भर हो सके और गाँधी जी के सपने को पूरा कर सके। उक्त मेले में छतीसगढ़ का सुप्रसिद्ध कोसा, कॉटन हथकरघा वस्त्रो का विशाल प्रर्दशनी होगा। यह प्रदर्शनी बलौदाबाजार शहर के मध्य स्थित पं.बाल्मीकि शुक्ल विप्र वाटिका गॉर्डन चौक में लगाई गई है। उक्त प्रदर्शनी आज से प्रारंभ होकर 22 जुलाई 2024 तक चलेगा। जो प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक यह प्रर्दशनी खुला रहेगा। इस प्रदर्शनी के विशेष आर्कषक के रूप में महामहिम राष्ट्रपति जी के द्वारा सम्मानित छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा हाथों से निर्मित वस्त्रों का प्रर्दशन कर विक्रय किया जायेगा। इसके लिए 15 स्टॉलों को सजाया जा रहा है। इस मेले में उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साड़िया, कोसा मलमल, कोसा ड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट, कोसा बाफ्ता, सूती साड़िया शर्टिंग, बेड शीट, पिलो कवर, टॉवेल नेपकिन गमछा इत्यादि एक ही जगह मिल जायेगा। सहायक संचालक जिला हथकरघा बी आर शेन्द्रे ने बताया कि वस्त्रों आदि सभी उत्पादों के खरीदी में में लोगो को 20 प्रतिशत विशेष का छूट दिया जायेगा।

 
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पशु चिकित्सा शिविर : पशुओं को लगाए गए टीके

 कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कोंडागांव जिले के दुर्गम ग्राम कड़ेनार और कीलम में मंगलवार को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। पशु चिकित्सा सेवायें के उप संचालक डॉ. एस.के.पाण्डेय जिला कोंडागांव के एवं वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. के. नाग के मार्गदर्शन में पशु चिकित्सालय मर्दापाल एवं चलित पशु चिकित्सा इकाई विकासखण्ड कोंडागांव के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम कड़ेनार एवं कीलम में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दोनों गांव के 142 पशुओं में लम्पि स्किन डिसीज़ तथा 478 पशुओं में गलघोटू एवं एकटंगिया रोग के टीके लगाए गए। 83 पशुओं में कृमिनाशक दवापान तथा 28 पशुपालकों को औषधि वितरण किया गया। 4 बीमार गाय-बैल के रक्त नमूने एवं रक्त पट्टी बनाकर डीआई लैब भेजा गया एवम उपचार भी किया गया। साथ ही पशुपालन के.सी.सी. के 3 प्रकरण भी बनाए गए। शिविर में मर्दापाल के प्रभारी पशु चिकित्सक डॉ. के.के.कोर्राम, मोबाईल पशु चिकित्सा इकाई के प्रभारी डॉ. अनिल कटरावत, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी आलोक नेताम, संजीत मरकाम, खेमेश्वर साहू, परिचारक गोंडुराम, सनत राम कोर्राम, पैरा वेटेनरी दिनेश कोर्राम उपस्थित थे।

 

 

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राजस्व पखवाड़ा : 11 दिनों में 88 शिविरों का किया गया आयोजन

 कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत 11 दिनों में कुल 88 ग्राम  पंचायतों शिविरों का आयोजन किया गया। शिविर में 6 हजार 269 आवेदन मिले जिसमें से 5747 आवेदनों का निराकरण तत्काल किया गया। साथ ही बचे हुए 522 आवेदनों को समय सीमा में दर्ज किया गया है। भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त शिविर में बी-1 पठन 241, फौती नामांतरण-153, बंटवारा-43, अभिलेख त्रुटि सुधार-72, किसान किताब-108, आरबीसी.6-4 के 2, आय, जाति, निवास-5603 एवं अन्य-288 आवेदन शामिल है। अनुविभाग अनुसार बलौदाबाजार में बी-1 पठन 40, फौती नामांतरण-51, बंटवारा-9, अभिलेख त्रुटि सुधार-20, किसान किताब-35, आय, जाति, निवास-2342 एवं अन्य-123 आवेदन शामिल है। पलारी में बी-1 पठन 70, फौती नामांतरण-17, बंटवारा-9, अभिलेख त्रुटि सुधार-36, किसान किताब-12, आरबीसी 6-4 के 1 आय, जाति, निवास-575 एवं अन्य-27 आवेदन शामिल है। भाटापारा में बी-1 पठन 42, फौती नामांतरण-45, बंटवारा-4, अभिलेख त्रुटि सुधार-3, किसान किताब-12, आय, जाति, निवास-586 एवं अन्य-30 आवेदन शामिल है। सिमगा में बी-1 पठन 37, फौती नामांतरण-19, बंटवारा-5, अभिलेख त्रुटि सुधार-8, किसान किताब-12, आरबीसी 6-4 के 1 आय, जाति, निवास-679 एवं अन्य-57 आवेदन शामिल है। कसडोल में बी-1 पठन 21, फौती नामांतरण-10, बंटवारा-6, अभिलेख त्रुटि सुधार-1, किसान किताब-23, आय, जाति, निवास-569 एवं अन्य-27 आवेदन शामिल है। गिरौद में बी-1 पठन 31, फौती नामांतरण-11, बंटवारा-10, अभिलेख त्रुटि सुधार-4, किसान किताब-14, आय, जाति, निवास-852 एवं अन्य-24 आवेदन शामिल है। उक्त शिविर में राजस्व अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित पटवारी, कोटवार, सरपंच सचिव की लगातार उपस्थिति रही। कलेक्टर दीपक सोनी ने आज इस सफल आयोजन के लिए अधिकारियों की पीठ थपथपाई उन्होंने कहा हमें यही नहीं रुकना है। हमने जो राजस्व शिविर के लिए जो मापदंड निर्धारित किए थे उसे पूरे राज्य के लिए अपनाया गया है यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही अब 18 जुलाई से जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. हमे उस पर फोकस करनी है। गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत जिले के 88 ग्राम पंचायतों में 1 से 15 जुलाई तक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

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मातागुड़ी, देवगुड़ी गोटूल आदि धरोहरों के आसपास किया जा रहा वृक्षारोपण

 कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर पर्यावरण के संरक्षण के साथ ही सौन्दर्यीकरण के लिए कोण्डागांव जिले अंतर्गत मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक धरोहर स्थलों के आस-पास वृक्षारोपण कार्य किया जा रहा है। मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक धरोहर स्थलों के आसपास फलदार, छायादार पौधे जैसे आम, अमरूद, जामून, नीम आदि पौधों का रोपण किया जा रहा है। वृक्षारोपण के अवसर पर ग्राम प्रमुख, बैगा, पुजारी, पटेल एवं जनप्रतिनिधियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जा रहा है।

 

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर पर्यावरण के संरक्षण के साथ ही सौन्दर्यीकरण के लिए कोण्डागांव जिले अंतर्गत मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक धरोहर स्थलों के आस-पास वृक्षारोपण कार्य किया जा रहा है। मातागुड़ी, देवगुड़ी, गोटुल, प्राचीन मृतक स्मारक धरोहर स्थलों के आसपास फलदार, छायादार पौधे जैसे आम, अमरूद, जामून, नीम आदि पौधों का रोपण किया जा रहा है। वृक्षारोपण के अवसर पर ग्राम प्रमुख, बैगा, पुजारी, पटेल एवं जनप्रतिनिधियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जा रहा है।

 

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संपूर्णता अभियान उत्सव : माकड़ी विकासखंड के स्कूलों में आयोजित की गई परिक्षाएं

 नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान के तहत चयनित 6 संकेतको की आगामी तीन माह में संतृप्ति के लिए आकांक्षी विकासखंड माकड़ी में लगातार विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं l  इस कड़ी में शिक्षा विभाग द्वारा भी जन जागरूकता तथा स्कूली बच्चों में इस अभियान की समझ स्थापित करने के लिए मिडिल , हाई स्कूल तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलो में निबंध, नारा लेखन तथा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया , जिसमें विभिन्न छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर संपूर्णता अभियान उत्सव को सफल बनाने का संदेश दिया तथा इस अभियान में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित कियाl 

 

 

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ग्राम पंचायतों में मनाया गया संपूर्णता अभियान उत्सव

 नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान के तहत चयनित 6 संकेतकों को आगामी तीन माह में संतृप्ति के लिए आकांक्षी विकासखंड माकड़ी में लगातार विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर संबंधित विभागों का शिविर आयोजित किया जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, एनीमिया का परीक्षण तथा गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में प्रसव पूर्व पंजीयन व स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार व कृषि विभाग द्वारा पीएम किसान पंजीयन तथा अन्य सेवाएं प्रदान किया जा रहा है। इस कड़ी में सोमवार को 6 ग्राम पंचायत क्रमशः बीजापुर, धारली, कुरलू बहार, हुक्का बेड़ापाथरी तथा छतौड़ी में व मंगलवार को बागबेड़ा में संपूर्णता अभियान उत्सव का आयोजन किया गया। यहां पर स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा कृषि विभाग से संबंधित संकेतकों तथा योजनाओं की संतृप्ति के लिए हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि अब तक आकांक्षी विकासखंड माकड़ी के 67 ग्राम पंचायतों में से 19 ग्राम पंचायत में इसका आयोजन किया जा चुका है तथा लगातार अन्य ग्राम पंचायत में इसका आयोजन किया जाएगा ताकि समय पूर्व ही संतृप्तता के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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18 जुलाई को होने वाला जनदर्शन स्थगित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 18 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा।
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जंगली मशरूम (फुटू), घर पर ही जड़ी-बूटी से उपचार और प्रसव पश्चात लापरवाही के कारण हुई मौत

ग्राम सोनवाही में बैगा आदिवासियों की मृत्यु के संबंध में जांच के लिए कवर्धा कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम बनायी थी। इस टीम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में  बैगा आदिवासियों की मौत डायरिया से नहीं बल्कि अन्य कारणों से होना पाया गया। जांच टीम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे। 

जांच टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम का भ्रमण कर तथा ग्रामवासियों और मृतकों के परिजनों से चर्चा कर जो तथ्य पाए हैं उसके अनुसार महिला बैगा आदिवासी फुलबाई के पति ने ये जानकारी दी है उन्होंने जंगली मशरूम खाया था जिसके बाद उसकी पत्नी और बेटे दोनों की तबीयत खराब हो गयी थी और फिर पत्नी की मौत हो गयी। एक अन्य मामले में मृतक सुरेश धुर्वे को पेट दर्द की शिकायत थी, मितानिन द्वारा उसके घर जाकर सरकारी अस्पताल ले जाकर ईलाज कराने के सलाह देने के बावजूद चिकित्सा लाभ न लेकर स्वयं घरेलू उपचार करने के कारण उसकी मौत हो गयी। अन्य प्रकरण में ललेश्वरी नाम की बैगा आदिवासी महिला सामान्य प्रसव होने के बाद अपने मायके लालघाट मध्यप्रदेश चली गई थी। और वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। सोनसिंह नामक मृतक की तबीयत खराब थी जिसकी मौत की असली वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। 

जांच के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नए बोर में पम्प स्थापित कर पाइप लाइन को जोड़कर घरों में पानी सप्लाई करने की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम सोनवाही में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर टू डोर रैपिड फीवर सर्वे कराकर सभी संभावितों की जांच व उपचार किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति वर्तमान में ग्राम सोनवाही की स्थिति सामान्य है।
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मुख्यमंत्री ने फूड प्रोसेसिंग, स्टील के क्षेत्र में डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री, लघु वनोपज में वैल्यू एडिशन और आईटी सेक्टर पर दिया जोर

  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए हर संभव सहयोग करेगी। नए उद्योगों की स्थापना हो, छत्तीसगढ़ में वैल्यू एडिशन का काम हो और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले, ऐसी सरकार की मंशा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उक्त बातें आज यहां अपने निवास कार्यालय में भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा नई औद्योगिक नीति 2024-29 के लिए दिए गए सुझावों पर चर्चा के दौरान कही। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, सीआईआई के छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल के चेयरमैन  आशीष सराफ, वाइस चेयरमैन संजय जैन, सर्व नरेंद्र गोयल, आनंद सिंघानिया, रमेश अग्रवाल, पंकज सारडा सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल के सदस्य मौजूद रहे। इस मौके पर भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों ने सिंगल विंडो सिस्टम और मुख्यमंत्री द्वारा रोजगार सृजन के लिए उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने के प्रयासों की सराहना की। 




  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों और बहुमूल्य खनिजों के विपुल भंडार मौजूद हैं। प्रदेश में लघु वनोपजों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि चाहे खनिज हो या लघु वनोपज, इनका वैल्यू एडिशन छत्तीसगढ़ में ही हो, ताकि प्रदेश को इसका लाभ मिले। श्री साय ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में सैकड़ो एमओयू हुए हैं, लेकिन इनका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। राज्य सरकार की मंशा है कि यहां नए-नए उद्योग स्थापित हों, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले।  
          
        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीआईआई द्वारा नई औद्योगिक नीति के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, प्रदेश के उद्योग मंत्री और नीति तैयार करने वाली समिति को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी सुझावों का अध्ययन कर, अच्छे सुझावों को नई  औद्योगिक नीति में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना की है और अगले 5 वर्षों में भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इन्हीं लक्ष्यों को पूरा करने हम विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नई औद्योगिक नीति और विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट भी जारी किया जाएगा। 

        भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो सिस्टम की प्रशंसा की। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सिंगल विंडो सिस्टम के लिए एक टाइम फ्रेमवर्क का भी निर्धारण किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज का वैल्यू एडिशन, डेयरी उद्योग, स्टील उद्योग में डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री की काफी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ पॉवर सरप्लस स्टेट है इसलिए यहां डेटा सेंटर स्थापित किए जा सकते है क्योंकि इनमें बड़ी मात्रा में बिजली का उपयोग होता है। सदस्यों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि रियल एस्टेट इंडस्ट्री को नई औद्योगिक नीति में शामिल किया जाए। इस अवसर पर भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों ने नई औद्योगिक नीतियों पर आधारित अपने सुझावों का प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया।
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मुख्यमंत्री की घोषणा पर 24 घंटे के अंदर मिली जशपुर अंचल को एंबुलेंस और शव वाहन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जशपुर जिले को दो बड़ी सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज सीएम कैंप बगिया में दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखा कर जरूरतमंद मरीजों की सेवा के लिए रवाना किया। एंबुलेंस दुलदुला ब्लॉक के करडेगा और फरसाबहार ब्लाक के कोल्हेनझरिया में सेवा देगी। वहीं मुक्तांजली वाहन दुलदुला में सेवा प्रदान करने के लिए तैनात रहेगी।


उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही रविवार को दुलदुला में आयोजित मतदाता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की थी। घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में ही जिलेवासियों को एम्बुलेंस और शव वाहन की सुविधा मिली है। 

यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से दिसंबर 2023 से अब तक जिले को 7 एंबुलेंस और 1 शव वाहन मिल चुके हैं। इससे मरीजों की सेवा में लगे एंबुलेंस की संख्या जिले में बढ़ कर 21 हो चुकी है। इसके साथ ही कुनकुरी में 220 बिस्तर की क्षमता वाली सर्वसुविधा युक्त अस्पताल निर्माण की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जिले के 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देते हुए आवश्यक मानव संसाधन जुटाने के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है।
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