छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 


मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे। 

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है। 

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण 

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण  प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है। 

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण 

माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है। 

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण 

माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप मंे तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है।
बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण 

माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है। 

मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया। 

राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है।

प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।

 
और भी

मुख्यमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित युवा उत्सव 3.0 में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव 3.0 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है और वे हमेशा कहते हैं कि युवाओं को जॉब गिवर बनना चाहिए ना की जॉब सीकर।  निश्चित रूप से विकसित भारत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की युवाशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है । 

           मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को अपने आयोजन की थीम बनाया है। युवा उत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों को लेकर पैनल डिस्कशन होंगे, जिसमें युवाओं के लिए उद्यम में अवसर पर बात होगी। सीआईआई और यंग इंडियन्स की इस पहल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत नए जमाने की प्रौद्योगिकी और रोजगार जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट करने और शिक्षा देने की बात पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में हम प्रदेश के आदिवासीबहुल क्षेत्र के युवाओं को अब रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट का कोर्स शामिल करने से पढ़ाई के साथ ही बच्चे हुनरमंद भी हो रहे हैं।
          साय ने कहा कि हमारे साथ उद्योग जगत के लोग बैठे हैं। आप सभी जानते है कि प्रदेश में प्रशिक्षित कुशल इंजीनियरों की बहुत अधिक मांग है। इस मांग को पूरी करने हम छत्तीसगढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इस बजट में हमने आईआईटी की तर्ज पर पांच सीआईटी आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा कर रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एक हफ्ते पहले हमने पुलिस में विभिन्न पदों में भर्तियों के लिए स्वीकृति दी है। नालंदा की तर्ज पर हम सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 लागू किया है और नई उद्योग नीति भी ला रहे है। छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से हम युवा उद्यमियों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश मूलतः कृषि आधारित होने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ फूड प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा। हवाई कार्गाे सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके। 
         मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरगुजा और बस्तर को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर अर्थव्यवस्था को विस्तार दे रहे हैं। इन दोनों ही संभागों में आप लोगों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही जगहों में जैविक उत्पाद और लघु वनोपज को लेकर भी बड़ा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम प्रदेश में कार्य कर रहे हैं। हमने अपना बजट वर्ष 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को देखते हुए तैयार किया है।साय ने कहा कि मुझे उम्मीद है हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देशभर का युवा राष्ट्र की मज़बूती में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहेगा। 
       इस अवसर पर संजय जैन,अनुजा भंडारी, गौरव अग्रवाल, श्वेता सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
और भी

पारंपरिक खेती छोड़ डच रोज़ की खेती से हो रही मालामाल

 आज के समय में पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी या फूलों की खेती किसानों के लिए अधिक मुनाफा देने वाली खेती साबित हो रही है। मुख्य रूप से गुलाब की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा है। गुलाब की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। साथ ही त्योहारों, शादी समारोह व विभिन्न आयोजनों के समय इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। धान की पैदावार के लिए पहचान रखने वाले छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा विकासखण्ड की कुमगरी की रहने वाली रजनी कंवर ने गुलाब की खेती करके एक मिसाल कायम की है और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। रजनी ने विभागीय सहायता से डच रोज़ की खेती शुरू की और आज 30 हजार से अधिक की प्रतिमाह कमाई कर रही हैं। पिछले 5 माह में ही उसे 3 लाख से अधिक रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है।

कुछ नया करने के इरादे ने रजनी का डच रोज़ की खेती की तरफ बढ़ाया रुचि -

रजनी बताती हैं कि वर्तमान समय में किसान को बेमौसम बारिश, तूफान, अतिवृष्टि, सूखा जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है साथ ही विभिन्न प्रकार के कीटों व बीमारियों से अपनी फसलों की रक्षा करनी पड़ती है। इतनी परेशनियों के बाद भी किसान को अपेक्षाकृत अधिक लाभ नहीं होता। उनके द्वारा पूर्व में भी अपनी जमीन पर धान की फसल उगाया जाता था, जिससे उन्हें अधिक आमदनी नही होती थी। रजनी व उनके पति श्री जय सिंह ने परम्परागत कृषि से अलग आधुनिक खेती कर अपने आय में वृद्धि करने की सोची। इसी दौरान लाभार्थी को नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड द्वारा डच रोज़ की खेती की जानकारी मिली। डच रोज़ कल्टीवेशन से लंबे समय तके होने वाले लाभ की सोच से उन्होंने इसका खेती करने का निश्चय किया और अपने जमीन पर पाली हॉउस तैयार कर गुलाब की खेती प्रारंभ की। उद्यानिकी विभाग द्वारा उनके हौसले को बढ़ाते हुए समय पर दस्तावेजों की पूर्ति कराई गई एवं नाबार्ड द्वारा 40 लाख का वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया। जिसमें उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है। साथ ही पॉली हाऊस में ड्रिप, बोर, स्टोरेज रूम जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई है। समय समय पर विभाग द्वारा रजनी को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। रजनी द्वारा फरवरी 2024 में अपने 2600 वर्गमीटर लगभग 65 डिसमिल जमीन पर पॉली हाऊस का निर्माण कराकर डच रोज़ की खेती प्रारंभ की गई। जहां उन्होंने इसकी 22000 पौधे का प्लांटेशन किया। पॉली हाऊस के अंदर डच रोज़ की खेती करने से पौधों को सीधे सूर्य की रौशनी, बारिश, आंधी से सुरक्षा मिलती है। सूक्ष्म सिंचाई और टपक विधि से कम पानी में गुलाब की खेती में सफलता प्राप्त हो रही है। रजनी द्वारा किए गए गुलाब की खेती को देखने के लिए दूर-दूर से लोग भी आते हैं।

उनके फॉर्म में प्रतिदिन 40 से 50 किलो गुलाब कल्टीवेशन किए जाते है। मजदूरों द्वारा इन गुलाब को तोड़कर डिमांड अनुसार पैकेजिंग व सप्लाई किया जाता है। रजनी ने बताया कि इन पौधों की ठीक ढंग से देखभाल करने से इनसे 2-3 साल तक उत्पादन लिया जा सकता है। जिससे लंबे समय तक पौधों से लाभ मिलेगा।

गुलाब के उत्पादन के शुरुआत से ही बाजार में इसकी मांग आने से रजनी का उत्साह बढ़ा हुआ है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए वे कहती है कि अपने पति जयसिंह के सहयोग व विभागीय मदद से उन्होंने डच रोज की खेती करने का बड़ा फैसला लिया है। जिसका अब उन्हें लाभ मिल रहा है। प्रतिमाह उसे मजदूरी भुगतान, दवाई, खाद सभी खर्चों के बाद भी औसतन 30-40 हजार तक का लाभ हो रहा है। वर्तमान में उनके द्वारा कोरबा, बिलासपुर, अम्बिकापुर में फूलो का विक्रय किया जा रहा है। साथ ही उनके द्वारा इवेंट ऑर्गेनाइजर, डेकोरेशन शॉप्स वालों से भी संपर्क किया जा रहा है। जिससे आगे चलकर बड़े पैमानों पर गुलाब का विक्रय किया जा सके। आने वाले त्यौहारों व शादी सीजन में बाजारों में फूलो की मांग बढ़ेगी जिससे उनके आय में और अधिक वृद्धि होगी।

और भी

अवैध शराब बिक्री और रेत उत्खनन पर करें कड़ी कार्रवाई: दयालदास बघेल

  खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने महासमुंद जिला के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर शासन के योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने बैठक में अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि अधिकारी-कर्मचारी शासन के मंशानुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध शराब बिक्री, नशाखोरी और अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने राशनकार्ड बनाने में गड़बड़ी करने वाले के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार के योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को फिल्ड में जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री बघेल ने कहा कि शासन की हर योजना का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राहियों को मिले। आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब व्यक्ति शासन की किसी भी योजना से वंचित न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने महासमुंद प्रवास के दौरान अलग-अलग योजनाओं के तहत हितग्राहियो को सामग्री और उपकरण प्रदान किया।

समीक्षा बैठक में खाद्य मंत्री बघेल ने कहा कि ग्रामीणों की राजस्व प्रकरण एवं जमीन संबंधित समस्याओं का मौके पर निराकरण होना चाहिए। उन्होंने विवादित, अविवादित सीमांकन आदि प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री बघेल ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक से जिले में अवैध शराब और नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग के साथ मिलकर पुलिस की टीम छापामार कार्रवाई करें और अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाएं। खाद्य विभाग की समीक्षा में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि पात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड बनना सुनिश्चित हो। इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बने हुए राशन कार्ड, जो अभी तक वितरित नहीं हुए हैं उन्हें एक सप्ताह के भीतर वितरण सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि इसी तरह राशन वितरण में गड़बड़ी भी स्वीकार नहीं की जाएगा। राशन का पूरा कोटा पीडीएस दुकानों में समय पर पहुंच जाए और वितरित भी हो जाए। इस संबंध में यदि राशन कार्ड लेनदेन में किसी तरह की शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के उपर निलंबन की कार्रवाई करें।

खाद्य मंत्री बघेल ने समीक्षा करते हुए धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के लिए तैयारी शुरू करने कहा है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदाने की व्यवस्था, धान खरीदी में इंटरनेट कनेक्शन, कंप्यूटर और नापतौल उपकरणों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिन राशनकार्डों का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उन राशनकार्डों का विधिवत सत्यापन की कार्यवाही जल्द पूरी करने निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में किए जा रहे विकास कार्यों की पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी।

खाद्य मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों को पूर्ण करे और यह सुनिश्चित करें कि हर घर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में अभी तक कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है ऐसे कार्यां की जांच कराएं। मंत्री श्री बघेल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में भर्ती के लिए पारदर्शिता बरते और नियमानुसार नियुक्ति करें। मंत्री श्री बघेल ने यह भी कहा कि समस्त छात्रावास और स्कूलों में जाकर समय-समय पर बच्चों का स्वास्थ्य कैम्प आयोजित करें। चिरायु के टीम से स्वास्थ्य चेकअप कराएं और रिपोर्ट के पश्चात उपचार करें। बैठक में श्री बघेल ने कहा कि स्कूल मरम्मत के नाम पर गुणवत्ता में समझौता न हो। उन्होंने शेष निर्माण कार्यां को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्वीकृत छात्रावासों को भी पूर्ण करने कहा गया।

मंत्री ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, एनआरएलएम, आयुष्मान कार्ड विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही एकल शिक्षक वाले विद्यालय, जल जीवन अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों सहित सड़कों की वस्तु स्थिति चर्चा कर कार्य में कसावट लाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

बैठक में सांसद रुपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरी नंद, जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, जिला पंचायत सदस्य वृन्दावती पाड़े, जनपद अध्यक्ष बसना रूखमणी पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी मौजूद थे।      

और भी

संभाग आयुक्त ने एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का किया निरीक्षण

 दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने  भिलाई-3 में तहसील कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक सेवा केन्द्र, मॉडर्न रिकॉर्ड रूम के लिए आरक्षित कक्ष, तहसील न्यायालय एवं एसडीएम न्यायालय का अवलोकन किया। न्यायालय में प्रकरणों के निराकरण की प्रगति पर संभाग आयुक्त ने संतुष्टि प्रकट की। इस अवसर एसडीएम महेश सिंह राजपूत, तहसीलदार पवन ठाकुर एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों द्वारा पुस्तकों को लापरवाहीपूर्वक रद्दी बनाने की घटना का तत्काल लिया संज्ञान

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर कान्फ्रेंस में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस को लेकर सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कड़ाई जमीनी स्तर पर भी उतनी ही सख्त नजर आ रही है। इसकी बानगी एक बार फिर सरकार की त्वरित कार्रवाई से दिखती है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नई किताबों को कबाड़ में बेचे जाने का मामला सामने आया था।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई वर्ष 2024-25 सत्र की नई किताबें के कबाड़ में बेचे जाने की घटना के प्रकाश में आने पर तत्काल गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले को इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के उपरांत छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर प्रेम प्रकाश शर्मा की प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
 
कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में कड़े तेवर दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने  निलंबन की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।
 
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का मामला सामने आने पर इस घटना की जाँच का दायित्व मुख्य सचिव के पश्चात सबसे वरिष्ठ अधिकारी को देना यह स्पष्ट करता है कि इस राज्य में अब प्रशासनिक ढिलाई के दिन बीत चुके हैं । यदि किसी ने लापरवाही या भ्रष्टाचार किया, तो उस पर कार्यवाही अवश्य होगी। 
 
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सीएम के रौद्र रूप कई प्रशासनिक निर्णयों में दृष्टिगोचर हुए हैं। सीएम शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बिलकुल भी लापरवाही नहीं चाहते। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि  यह सुशासन की सरकार है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के द्वारा अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी तथा लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।
और भी

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर होगी जल्द भर्ती

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में उन्नत चिकित्सकीय उपकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती भी की जा रही है। 


मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में वित्त विभाग ने स्वास्थ्य विभाग में रिक्त विभिन्न 650 पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी गई है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को स्टॉफ नर्स, टेक्नीशियन, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, ड्रेसर, वार्ड व्वाय, वार्ड आया आदि के कुल 650 पदों पर भर्ती के लिए अनुमति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर उक्त पदों की भर्ती की जाएगी। 
 
वित्त विभाग द्वारा स्टॉफ नर्स के 225, सायकेट्रिक नर्स के 5, ओ.टी. टेक्नीशियन के 15, डेंटल टेक्नीशियन के 5, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष एवं महिला के 100-100, सहायक ग्रेड-3 एवं फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 25-25, ड्रेसर ग्रेड-1 के 50,  तथा वार्ड व्वॉय एवं वार्ड आया के 50-50 इस प्रकार कुल 650 पदों पर भर्ती के अनुमति स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
और भी

91 वर्षीय बुजुर्ग ने पेश की अद्भुत मिसाल

रायपुर के अश्विनी नगर में रहने वाले 91 वर्षीय गौरीशंकर अग्रवाल लंबे समय से वकालत के  पेशे में संलग्न हैं। बौद्धिक क्षमता के धनी श्री अग्रवाल छत्तीसगढ़ में ग्राम सभा के उपर किताब भी लिख चुके हैं। आज के समय में जब हर इंसान संपत्ति बनाने और बचाने की कोशिश में लगा हुआ है, अग्रवाल ने इन सबसे उपर उठकर अपनी संपत्ति को  राष्ट्रहित में दान करने की पेशकश की है।
 
 अग्रवाल ने आज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की और अपनी मंशा के अनुरूप बलौदाबाजार जिले में स्थित अपनी 38 डिस्मिल की संपत्ति को जनहित में स्वास्थ्य कार्यों के इस्तेमाल के लिए अस्पताल बनाने के उद्देश्य से दान करने की इच्छा जताई। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अग्रवाल के इस फैसले की तारीफ करते हुए पुष्प गुच्छ देकर उनका सम्मान किया। स्वास्थ्य मंत्री ने अग्रवाल की मंशा के अनुरूप आगे की कार्यवाही के लिए बलौदाबाजार कलेक्टर को निर्देश दिया है ताकि विधि सम्मत आगे की कार्यवाही की जा सके।
और भी

बच्चे के इलाज के लिए चिंतित पिता की जनदर्शन में दूर हुई चिंता

जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रायपुर के गुढ़ियारी के रमण मंदिर वार्ड से आए रोशन साहू ने बेटे के इलाज के संबंध में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा 8 साल का लक्ष्य एस्ट्रॉफी ऑफ़ ब्लैडर बीमारी से पीड़ित है। 
     मुख्यमंत्री ने रोशन साहू की पूरी बात को गंभीरता से सुना और उन्हें ईलाज के लिए 25 हज़ार रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य के स्वास्थ्य के संबंध में ध्यान रखे और इलाज की उचित व्यवस्था करें तथा इस संबंध में आ रही दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए। 
 
 रोशन साहू ने बताया कि जब इस बात की जानकारी मिली कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ऑस्ट्रेलिया फाउंडेशन द्वारा इस बीमारी का मुफ्त इलाज होता है तो वे वहां भी गए लेकिन वहां बताया गया कि अहमदाबाद इसके लिए नियमित रूप से जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, अहमदाबाद जाने में काफी खर्च होता है। ऐसे में मदद के लिए मुख्यमंत्री जनदर्शन में आए हैं। 
लक्ष्य के पिता रोशन साहू ने मुख्यमंत्री का जनदर्शन में आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं बच्चे का लंबे समय तक इलाज करते हुए परेशान हो गया था और हिम्मत हार चुका था अब मुख्यमंत्री के मिलने के बाद नई उम्मीद मिली है।
और भी

आईटीआई की पढ़ाई कर रहे राजूराम वाचम को मुख्यमंत्री के हाथों मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों बीजापुर के रहने वाले राजूराम वाचम को जनदर्शन में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिली। वे कंप्यूटर ट्रेड में आईटीआई कर रहे हैं।  पोलियो के कारण चलने उन्हें दिक्कत होती है। मुख्यमंत्री से मिल कर उनकी यह तकलीफ अब काफी हद तक आसान हो गई है। इससे राजू राम काफी खुश है। अब उनके लिए हीरापुर आईटीआई का 11 किलोमीटर का सफर आसान हो जाएगा। दरअसल राजूराम बीजापुर के रहने वाले हैं। जन्म के तीन वर्ष बाद ही उन्हें पोलियो हो गया था। बीजापुर से बारहवीं तक की पढ़ाई करने के बाद आईटीआई करने रायपुर आए हैं। रायपुर में राजूराम सुंदरनगर में रहते हैं, जहां से हीरापुर आईटीआई की दूरी 11 किलोमीटर है। राजूराम ने पिछले जनदर्शन में मोटराइज्ड ट्रायसायकल के लिए मुख्यमंत्री को आवेदन दिया था। मुख्यमंत्री ने राजूराम को मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान करने की तत्काल स्वीकृति दे दी थी। जिसके तहत आज राजूराम को   मोटराइज्ड ट्रायसायकिल प्रदान की गई।
और भी

आबकारी सचिव ने ली आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक

 राज्य शासन के आबकारी विभाग की सचिव आर संगीता ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की उपस्थिति में आबकारी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से मदिरा दुकानों में संलग्न सेल्स मेन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले की सभी दुकानों का निरीक्षण करें और ध्यान रखे कि किसी भी दुकान में निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर मदिरा विक्रय ना किया जाए। साथ ही मदिरा दुकानदार को वर्दी में रहने के निर्देश दिए। आबकारी अधिकारी को हर महीने दुकानों का ऑडिट करने को कहा। सेटअप के संदर्भ में उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय पदोन्नति एवं रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही शीघ्र ही किया जाएगा। बैठक में प्रबंध संचालक  श्याम धावरे, एसपी  जितेन्द्र शुक्ला, सहायक कलेक्टर एम.भार्गव, आबकारी अधिकारी राजेश जायसवाल सहित आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

और भी

वन भूमि को बेजा कब्जा से मुक्त कराने कार्रवाई जारी

 वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर राज्य में वन भूमि से बेजा कब्जा खाली कराने तथा वन्य अपराध की रोकथाम के लिए वन विभाग की उड़नदस्ता टीमों के साथ-साथ विभागीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर रहे है। 

जगदलपुर के अंतर्गत वन परिक्षेत्र भानपुरी में वन भूमि में बेजा कब्जा कर खेती करने के मामले में 23 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला दर्ज करने के साथ ही 26 एकड़ 29 डिसमिल वन भूमि में विभिन्न प्रकार की खड़ी फसलों सहित चैनलिंक, फेंसिंग खुटा, बारवेेड वायर आदि जब्त किया गया है। उड़नदस्ता टीम द्वारा यह कार्रवाई भानपुरी परिक्षेत्र में वन भूमि पर बेजा खेती किए जाने की शिकायत मिलने पर जगदलपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री आर.सी. दुग्गा एवं वनमण्डलाधिकारी बस्तर श्री उत्तम गुप्ता के मार्गदर्शन में उड़नदस्ता टीमों ने दबिश दी और वन भूमि पर बेजा खेती करने का मामला सामने आने पर 23 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला कायम कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदलपुर के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई की है। 

राज्य स्तरीय उड़न दस्ता टीम ने भानपुरी वन परिक्षेत्र के चपका कक्ष में तीन व्यक्तियों द्वारा 1.81 एकड़ भूमि पर बेजा कब्जा कर मिर्ची एवं धान की खेती किए जाने का मामला पकड़ में आने पर फसल की जब्ती के साथ ही विकास देवांगन पिता अनिल देवांगन, राजू पिता सोमारू, तुलसी पिता मीठू के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। उड़नदस्ता टीम ने यहां से 8 बंडल चैनलिंक एवं 73 नग बांस का फेंसिंग खुंटा भी जब्त किया है। 

वृत्त स्तरीय उड़न दस्ता टीम जगदलपुर ने ग्राम मुरकुची में 20 अतिक्रमणकारी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये 24.47 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर मक्का और उड़द की खड़ी करने वाले 20 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला दर्ज करने के साथ ही उनके पास से 10 बंडल फेंसिंग तार एवं 300 नग फेंसिंग खूंटा जब्त किया। वन भूमि पर बेजा कब्जा कर खेती करने के मामले में जिनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया हैं, उनमें ग्राम मुरूकुची निवासी डमरू, फूलसिंग एवं पांच अन्य, सुरेश एवं तीन अन्य, केलूराम एवं पांच अन्य तथा रूपनाथ एवं तीन अन्य व्यक्ति शामिल है।

 

 

और भी

जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही आवारा गौवंश का सहारा बने गाड़ाडीह के किसान रमनलाल साहू

 आज के इस आधुनिक दौर में वैसे तो खेती किसानों के काम को उतना महत्व नहीं दिया जाता है, जितना की सरकारी या किसी अन्य नौकरी को दिया। पुराने समय में बुजुर्गो का मानना था, कि नौकरी करोगे तो जीवन भर नौकर ही बन जाओगे। इसलिए पुराने लोग नौकरी को कम और स्वयं के व्यवसाय को अधिक महत्व देते थे। ऐसी ही कहानी धमतरी जिले के ग्राम गाड़ाडीह निवासी प्रगतिशील किसान रमनलाल साहू की। जिन्होंने परम्परागत खेती को पीछे छोड़ आधुनिक खेती को अपनाया है। जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए जल एवं पर्यवरण संरक्षण की दिशा में भी सराहनीय काम किया है।

प्रगतिशील किसान श्री साहू बताते हैं कि वे बीते 8 सालों से धान की जैविक खेती कर रहे हैं और जल संरक्षण की दिशा में रबी सीजन में दलहन-तिलहन की फसल ले रहे हैं। इससे जमीन की उर्वरकता तो बढ़ी ही है, साथ ही फसल भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उनके पास 3 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, जिसमें खरीफ सीजन में धान और रबी सीजन में दलहन-तिलहन की फसल लेते हैं।

श्री साहू बताते है कि किसान होने के साथ-साथ पशु मित्र भी है, उन्होंने गली-मोहल्लों में आवारा घूमने वाले गौवंश को सहारा देने के उद्देश्य से अपने खेत समीप 25 डिस्मिल क्षेत्र में गौठान तैयार किया है। इन गौवंश से प्राप्त होने वाले गोबर का उपयोग जैविक खेती करने में कर रहे हैं। वहीं दूध बेचकर हर माह 9 हजार रूपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। श्री साहू ने यह भी बताया कि उन्होंने खेत में छोटा सा तालाब बनाया है, जिससे गौवंश के लिए पानी की व्यवस्था की है, वहीं क्रेडा की ओर से सोलर पैनल भी लगवाया है। इसके साथ ही गोबर गैस संयंत्र लगाकर गौवंश के लिए दाना-पानी उबालते हैं।

रमनलाल साहू रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बारे में अन्य किसानों को अवगत कराते हुए जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। साथ ही अपने गौशाला से उत्पादित गोबर, गौ मूत्र को अपने खेतों में उपयोग करते हुए जहरमुक्त अन्न की पैदावार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था करते हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के श्री साहू को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अभी हाल ही में सम्मानित भी किया है।

 

 

और भी

स्व रोजगार से जोड़ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाएगा ड्रोन प्रशिक्षण

नमो ड्रोन दीदी योजना अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के स्व सहायता समूह की अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन उडाने क़ा प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को इस सबंध में जरुरी निर्देश दिए हैं। ड्रोन दीदी श्रीमती निरुपा  साहू एवं ड्रोन पायलट निखिल कन्नौजे ने कलेक्टर सोनी से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किये। कलेक्टर ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणा स्रोत बताया।उन्होंने उर्वरक व कीटनाशक  छिड़काव में ड्रोन के उपयोग को किसानों के लिए फायदेमंद कहा और ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की बात कही।
 
विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम लाहौद निवासी ड्रोन दीदी श्रीमती निरुपा साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ड्रोन से दवाई छिड़काव क़ा कार्य अप्रैल 2024 से शुरू किया है। इसके पूर्व उन्होंने ग्वालियर स्थित प्रशिक्षण संस्थान से ड्रोन उडाने का 15 दिन का प्रशिक्षण लिया। उन्होने बताया कि बिहान अंतर्गत वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुडी हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के बारे में जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियो से मिली। ड्रोन दीदी ने बताया कि ड्रोन से यूरिया या कीटनाशक छिड़काव के लिए प्रति एकड 300 रुपये शुल्क लेती हैं और उन्हें अब तक करीब 25 हजार रूपये की आय हो चुकी है। ग्राम  लटुआ निवासी ड्रोन पायलट निखिल कन्नौजे ने बताया कि वह इफ्को कंपनी से जुडा है और कंपनी के माध्यम से ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने बताया कि ड्रोन को 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तक उड़ाया जा सकता है। विगत अप्रैल माह से करीब 88 एकड़ खेतों में दवाई का छिड़काव ड्रोन से कर चुके हैं।
 
ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि आने वाले चार वर्षों में 15 हजार स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराया जाए। यह ड्रोन, महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इन ड्रोन्स का इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में उर्वरकों का छिड़काव करने के लिए किया जाएगा।
और भी

मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन 19 सितंबर गुरुवार को

मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में 19 सितंबर को  जनदर्शन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनदर्शन में लोगों से सीधे रुबरु होकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। जनदर्शन का आयोजन सबेरे 11:00 बजे से 1:00 बजे तक किया जाएगा।
और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पांव पखारकर जनसेवा का दिया अद्वितीय उदाहरण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'मोर आवास मोर अधिकार' कार्यक्रम में अपने प्रशासनिक और राजनीतिक जीवन का एक भावुक और अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसेवा की नई मिसाल कायम करते हुए हितग्राहियों के पांव पखारकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह कार्य मानवीय संदेश दिया है, जो जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच विश्वास और सेवा का प्रतीक बन गया है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनसंपर्क की प्रदर्शनी का किया शुभारम्भ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित छाया चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण एवं भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाने के लिए बीते दस सालों में शुरू की गई अभिनव एवं क्रांतिकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नीतियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री जी के जीवन के पहलुओं को छाया-चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। 


यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज जन्म दिन है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री जी जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 5 लाख से अधिक परिवारांे को पक्का मकान बनाने के लिए प्रथम किस्त की राशि का अंतरण भी हितग्राहियों को डी.बी.टी. के माध्यम से खाते में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इसके तहत् राज्य में 18 लाख से अधिक परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आवास की स्वीकृति दी गई है। 

छाया-चित्र प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री जी द्वारा देश में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ वृ़क्षारोपण अभियान, डिजिटल इकोनॉमी-जन-जन को बैंकिंक सुविधा, नए अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरता भारत, आतंकवाद के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही, औपनिवेशिक काल के कानूनों में बदलाव एवं नवीन न्याय संहिता को लागू करना, भारतीय सैन्य शक्ति को सुदृढ़ करना, जन भागीदारी से देश को नई दिशा, भारत का गौरव बढ़ाती उपलब्धियां, जनधन योजना, देश में अधोसंरचना का तेजी से निर्माण, एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार, एक ग्रिड,एक राशन कार्ड, एक संविधान और वोकल फार लोकल आदि विषयों को छाया-चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से जुड़े प्रसंगो को भी दर्शाया गया है। 

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही उपस्थित थे।
और भी

स्वच्छता को बनाए सामाजिक आंदोलन, जन-जागरूकता से ही स्वच्छ होगा प्रदेश : श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के तेलीबांधा तालाब परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यक्रम में नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और तेलीबांधा तालाब परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई की। उन्होंने स्वच्छता दीदियों तथा शहर को स्वच्छ बनाने में सहभागिता देने वाले सामाजिक संस्थाओं ग्रीन आर्मी, बंच ऑफ फूल्स, कुछ फर्ज हमारा भी और एवेंजर्स ग्रुप के साथ ही समाज सेविका श्रीमती शुभांगी आप्टे को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा के शुभारंभ पर आयोजित स्वच्छता मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नए स्वच्छता वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा और अनुज शर्मा तथा महापौर श्री एजाज ढेबर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।  


छत्तीसगढ़ में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को अपनाना चाहिए। शहरों, गांवों एवं प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन बनाने की जरूरत है। जन-जागरूकता से ही प्रदेश स्वच्छ और सुंदर बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आज उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामना दीं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को विश्वकर्मा जयंती की भी बधाई दी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत की। इसके बाद से ही घर-घर में शौचालय बनाने के लिए सहायता राशि दी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लगातार गरीबों और वंचितों के लिए काम कर रहे हैं। जनधन योजना के तहत देशभर में लोगों के बैंक खाते खुले। इन खातों में सरकार की विभिन्न योजनाओं की राशि बिना किसी लीकेज के हितग्राहियों तक पहुंच रही है। इन राशियों का बहुत बेहतर सदुपयोग भी हो रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं स्वच्छता दीदियों को शत-शत नमन करता हूं। वे घर-घर जाकर कचरे का संग्रहण कर रही हैं और स्वच्छता में महत्वपूर्ण सहभागिता निभा रही हैं। वे सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग कर रिसायक्लिंग और खाद बनाने के लिए भेज रही हैं। श्री साय ने बताया कि उन्हें कल गुजरात में ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो में शामिल होने का अवसर मिला था, जिसमें वायुमंडल को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा की जानकारी देते हुए कहा कि ‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ की थीम पर आज से राज्य के सभी 184 नगरीय निकायों में विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।  स्वच्छता दीदियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ ही मैराथॉन, साइक्लोथॉन, श्रमदान जैसी विविध गतिविधियां संचालित की जाएंगी। ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा के शुभारंभ के मौके पर रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी श्री संतोष सिंह और नगर निगम के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा भी मौजूद थे।
और भी