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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का शुभारंभ, पारंपरिक हर्बल उत्पादों और लोक कला का किया अवलोकन*

 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर में आज *प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश की पारंपरिक वन संपदा, औषधीय उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और कलाकारों व कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।

 
*पारंपरिक औषधियों की जानकारी प्राप्त की*  
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ वैद्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दशरथ नेताम द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक औषधियों का अवलोकन किया। श्री नेताम ने बताया कि ये औषधियाँ जंगलों से विशेष रूप से चुनकर लाई गई जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने इन औषधियों की निर्माण प्रक्रिया और उनके उपयोग के लाभों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इन पारंपरिक विधियों के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।
 
*महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना*  
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी मर्यादित संघ के स्टॉल पर जाकर विभिन्न वन-आधारित उत्पादों जैसे जशपुर के हैंडमेड ग्रीन टी, हर्बल च्यवनप्राश, और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा तैयार किए गए शुद्ध हर्बल उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘हर्बल छत्तीसगढ़’ ब्रांड के तहत तैयार शहद, रागी-कोदो कुकीज, आँवला कैंडी, और जामुन रस जैसे उत्पादों को देखकर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “इन हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।”
 
*लोक कलाकारों के अनोखे प्रदर्शन की प्रशंसा*  
मुख्यमंत्री ने देवरी (आरंग) के मोहरी वादक श्री विशाल राम यादव और कोलिहापुरी, दुर्ग के चिकारा वादक श्री मनहरण दास बंजारे के लोक वाद्य प्रदर्शन का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पारंपरिक लोक कलाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों कलाकारों को उनके संगीत के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी।
 
*रजवार कला के भित्ति चित्रों की सराहना*  
भित्ति चित्र कलाकार डॉ. शशिप्रिया उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को उनकी टीम द्वारा बनाए गए भित्ति चित्रों के बारे में बताया, जिनमें रजवार कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति, लोक जीवन, और पारंपरिक वेशभूषा को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि रजवार कला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवित रखना और इसे नए आयाम देना है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, "ऐसी लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
 
*दिव्यांग बच्चों की कला का सम्मान*  
मुख्यमंत्री ने शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैम्प के मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान छात्र धनदास बरमते ने स्वनिर्मित लोककला आधारित चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस उपहार को स्वीकारते हुए धनदास की कला की प्रशंसा की और कहा, "आपकी यह कला हमारी संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य करेगी।" उन्होंने धनदास के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
 
*45 वर्षों से पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहे श्री रिखि क्षत्रिय का अभिनंदन*  
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संरक्षण में योगदान देने वाले श्री रिखि क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। श्री क्षत्रिय ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों—जैसे रुंजू बाजा, घूमरा बाजा और चिरई बाजा—का संरक्षण और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। श्री क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को रुंजू बाजा भेंट किया और अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए घूमरा बाजा से शेर की आवाज और चिरई बाजा से चिड़िया की आवाज निकालकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनके इस अनूठे योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे कलाकार हमारी लोक परंपराओं के सच्चे रक्षक हैं।
 
*छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को मिला मंच*  
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करते हैं। ये आयोजन हमारे पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ, इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक हैं।”
 
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों, कारीगरों, और प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू करने पर पीएम को दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि महात्मा गांधी का सपना था कि जनजातीय समुदाय विकास की मुख्य धारा में शामिल हो और तरक्की करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महात्मा गांधी के इन्हीं सपनों को पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त बातें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के शुभारंभ अवसर पर वर्चुअली जुड़कर कही। 
 
यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर झारखण्ड के हजारीबाग से देश के जनजातीय इलाकों एवं जनजातियों के उत्थान के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उक्त अभियान के देशव्यापी शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय भी लाभान्वित होंगे और उनके जीवन में नया बदलाव आएगा। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर 65 हजार से ज्यादा गाँव और 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए कदम बढ़ाया है। इससे छत्तीसगढ़ के 32 जिलों के 138 विकासखण्ड़ों में स्थित 6691 गाँवों में रहने वाली 47 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ और जशपुर जिले के लिए गौरव का दिन है कि जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की आदिवासी महिला मानकुंवर बाई को प्रधानमंत्री ने बातचीत के लिए अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की और घर-घर शौचालय निर्माण कराया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ा। इन शौचालयों को कई राज्यों में इज्जत घर के रुप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी बाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए अलग राज्य का निर्माण किया और अलग से जनजाति मंत्रालय का गठन और अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने हम सभी स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के माध्यम से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अभियान से जुड़े रहे। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को आदत में शामिल करने की अपील की और कहा कि हमें अपने आसपास वातावरण को भी स्वच्छ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अति पिछड़े विशेष पिछड़ी जनजाति की चिंता की और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय इलाकों में मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से राज्य के गरीबों के कल्याण के लिए काम प्रारंभ कर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की जिसकी राशि अब हितग्राहियों के खाते में आने लगी हैं और घर निर्माण प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 3100 रुपये में क्विंटल में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का धान के बकाया बोनस की राशि, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा को 4 हजार से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना से राशि दी जा रही है। विगत 9 माह के भीतर मोदी की गारंटी की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए।
 
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि यहां आदिवासी समाज के साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत मुख्यमंत्री उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार जनजाति उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। कार्यक्रम को सामरी विधायक श्रीमती उद्देशवरी पैकरा ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान जिले की प्रभारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री प्रबोध मिंज, श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे। 
 
192 करोड़ रूपए के विकास कार्याें का लोकार्पण-शिलान्यास  
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर में आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, श्रम पंजीयन कार्ड अंतर्गत हितग्राहियों को चेक, वन अधिकार पट्टा, आपदा पीड़ितों को सहायता राशि, टीबी मुक्त घोषित 3 ग्रामों को प्रमाण पत्र, ट्रैक्टर, पशुधन विकास विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को चेक प्रदान किया गया।
 
राजपुर में लिंक कोर्ट सहित कई घोषणाएं
 
मुख्यमंत्री साय ने सांसद एवं विधायकगणों के आग्रह पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नरसिंहपुर से मरकाडाड़ के मध्य महान नदी में पुल निर्माण, हायर सेकंडरी स्कूल राजपुर के लिए नवीन भवन का निर्माण, राजपुर ब्लॉक में उफिया में चन्दर मुसखोर नाला में पुलिया निर्माण तथा राजपुर में अपर कलेक्टर लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की।
 
बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कर्मा महोत्सव
 
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पंडो जनजाति की बहुलता को देखते हुए पंडो जनजाति के लिए 50-50 सीटर बालक-बालिका छात्रावास निर्माण की घोषणा की और बिलासपुर और सरगुजा संभाग में प्रतिवर्ष कर्मा महोत्सव का आयोजन कराए जाने की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चाक पर दिखाई कलाकारी, बनाई मिट्टी की कटोरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित खादी और ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने चाक पर अपनी कलाकारी दिखाते हुए मिट्टी की कटोरी बनाई और स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गोदना पेंटिंग वाली कोसा साड़ी भी खरीदी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आज दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी, स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का समापन सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर के मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान का शुभारंभ किया और साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होने वाले सैन्य प्रदर्शनी में शामिल सैन्य वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
 
मुख्यमंत्री ने एआई तकनीक से कराई टीबी की जांच
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एआई तकनीक से टीबी की जांच कराई और 2 मिनट में ही उनका रिपोर्ट प्राप्त हो गया। मुख्यमंत्री जांच में सामान्य पाए गए। उन्होंने जिला प्रशासन के इस विशेष पहल की सराहना की और कहा अधिक से अधिक लोगों टीबी की जांच करें ताकि इसका प्रभावी रोकथाम हो सके।
 
मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े 2024 के समापन के अवसर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में लगाये गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने रायपुर नगर निगम के स्टालों के निरीक्षण के दौरान मौली माता स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित प्लास्टिक फ्री सेनेटरी नेपकिन की जानकारी ली और वहां मौजूद स्वच्छता दीदियों को सेनेटरी नेपकिन भेंट किया। इस दौरान समृद्धि महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फूलों से निर्मित दशांग, धूप बत्ती और डेकोरेटेड दिया भेंट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि ये उत्पाद मंदिर में चढ़ाये गए फूलों से बनाये जाते हैं। मुख्यमंत्री ने समूह के महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छता कर्मचारियों को स्वच्छता किट भेंट कर सुरक्षित रहकर कार्य करने की बात कही।
        
मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर लगाए गए खादी एवं ग्रोमोद्योग विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड और रेशम विभाग के स्टालों को देखा। उन्होंने बिलाईगढ़ के संत बिसाहू दास महंत राज्य पुरस्कार से पुरस्कृत श्री देवानंद देवांगन द्वारा तैयार गोदना पेंटिंग आर्ट वाली कोसे की साड़ी भी खरीदी। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक चॉक पर हाथ आजमाते हुए मिट्टी की कटोरी तैयार की और 5 माटी शिल्पकारों को इलेक्ट्रिक चॉक भेंट किए। मुख्यमंत्री को हाथकरघा प्रभाग के स्टॉल में सिवनी से आये श्री गजानंद देवांगन ने कोसा से निर्मित शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन भेंट के लिए धन्यवाद दिया। 
 
गौरतलब है कि विभागों द्वारा शहतूत रेशम बाड़ी योजना के तहत री रीलिंग मशीन, नैसर्गिक कोसा प्रगुणन कैंप, बुनियाद रिलिंग मशीन का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मलबरी रेशम, डाबा और टसर रेशम की भी जानकारी उपलब्ध है।
 
इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता मीनल चौबे, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. वसवराजु एस., सचिव ग्रामोद्योग विभाग  यशवंत कुमार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, आयुक्त नगर निगम रायपुर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वजीत सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में खादी वस्त्रों की खरीद पर मिलेगी 25% की बड़ी छूट

छत्तीसगढ़ में खादी वस्त्रों की खरीद पर 25% की बड़ी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गांधी जयंती के अवसर पर यह बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गोदना आर्ट वाली कोसा की साड़ी भी खरीदी। 
         मुख्यमंत्री साय ने कहा की 02 अक्टूबर से लेकर 31 मार्च 2025 तक खादी वस्त्रों की खरीद पर प्रदेशवासियों को 25% की बड़ी छूट मिली मिलेगी।  उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी वस्त्र खरीदने की अपील की और छूट का लाभ लेने को कहा। साय ने कहा कि बुनकर-कलाकार बहुत मेहनत से खादी वस्त्र तैयार करते हैं और उस पर तरह-तरह की कलाकृतियां भी उकेरते हैं। कई मायनों में यह हमें अपनी संस्कृति से भी जोड़े रखता है। उन्होंने कहा कि देश में खादी वस्त्रों के उपयोग की लंबी परंपरा रही है। आजादी की लड़ाई के दौर में हमें खादी वस्त्रों के उपयोग का जिक्र मिलता है। कारीगर बहुत मेहनत से इन वस्त्रों को तैयार करते हैं और गांधी जयंती के खास मौके पर आप सभी के लिए यह बड़ी छूट की घोषणा हुई है, आप सभी इसका लाभ उठाएं। 
       इस मौके पर वन मंत्री कश्यप, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाए: मुख्यमंत्री

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूँ और आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझे और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाए कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुँच पाएंगे।
 
     मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भाँचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।
 
समारोह को सम्बोधित करते हुए जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हमारे घर में माता-पिता और वृद्धजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। उनके सम्मान और आशीर्वाद से ही हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। छतीसगढ़ सरकार वृद्धजनों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उनके लिए पेंशन, आश्रम, उपचार, पीएम आवास, निशुल्क अनाज, तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की गई है। 
 
आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ में गरीब, मजदूर, किसानों सहित अन्य सभी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य के किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक मद्द दी जा रही है। 
 
समारोह में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृद्धजन घर परिवार में बरगद की सुकूनदायक छांव की तरह होते हैं, जो दुख-दर्द में हमारी कठिनाईयों को दूर करते हैं। हमें वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जिले में इस तरह के भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विधायक भुलन सिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वागत भाषण दिया। 
 
सूरजपुर जिले के विकास की कई घोषणाएं
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा  राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं।
 
187 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।
 
पीएम आवास के हितग्राहियों को बांटी खुशियों की चाबी
 
सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के सभी जनपदों केे एक-एक हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास पूर्ण होने पर आवास की चाबी सौपी। जिले के भैयाथान, ओडगी, प्रतापपुर, प्रेमनगर, रामानुजनगर और सूरजपुर जनपद के पात्र हिताग्राहियो श्री संतोष कुमार पिता श्री रामाशंकर, श्री बृजलाल पिता श्री बुधराम, श्री देवशरण पिता  श्री हीरा साय, श्री बीरसाय पिता श्री बैजनाथ, श्रीमती सुखमनिया पति/पिता श्री लक्ष्मण, श्री बरातु पिता श्री रंगु को आवास की चाबी सौंपी गई।
 
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया अवलोकन
 
मुख्यमंत्री साय ने आज सूरजपुर अग्रसेन स्टेडियम में अयोजित कार्यक्रम में सक्षम सूरजपुर अतंर्गत डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत् संचालित डिजिटल बस का अवलोकन किया। सक्षम सूरजपुर अंतर्गत जिले में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन (डिजिटल बस) संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा देने और बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके द्वारा जिले के बड़ी ग्रामीण जनसंख्या को डिजिटल तकनीकों के संबंध में जागरूक करने के साथ डिजिटल उपकरणों के संबंध में जानकारी प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत जिला सूरजपुर प्रथम जिला है, जहां डिजिटल बस ने जिले के 06 विकासखण्डों में भ्रमण कर डिजिटल साक्षरता से लोगों को अवगत कराया और जागरूक किया जा रहा है। इस बस के द्वारा डिजिटल बैंकिंग से लेकर साईबर सिक्योरिटी पर शिक्षा दी जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक आईटी शिक्षा और साइबर सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट कोर्स कराकर प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है। 
 
विशेष स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन
 
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य लाभ पहुचाने विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा  मरीजों का खून, बीपी, शुगर, गठिया, हृदय, श्वास संबंधी, दंत एवं नेत्र, नाक, कान, गला सहित अनेक बीमारियों का जांच कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें आवश्यक परामर्श एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। 
 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा वृद्धजनों को स्वास्थ्य कार्ड एवं सिकलसेल मरीजों को सिकलसेल पहचान कार्ड का वितरण भी किया गया। गौरतलब है कि वृद्धजनों को नियमित स्वास्थ्य लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों हेतु वृद्धजन स्वास्थ्य कार्ड बनाने की शुरुआत शिविर में किया गया ताकि वृद्धजनों को विभिन्न प्रकार की जांच व उपचार की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा सके। इस अवसर पर जिले के समस्त पंजीकृत निजी चिकित्सालय के प्रतिनिधियों द्वारा आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष वृद्धजनों के स्वास्थ्य हित मंे सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों में वृद्धजनों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने संकल्प पत्र प्रस्तुत किया गया। 
 
हितग्राहियों को किया सामग्री एवं चेक का वितरण
 
कार्यक्रम के दौरान जिले में शासन के विकास कार्याे पर आधारित विभागीय स्टालों का अवलोकन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस दौरान समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, मत्स्य पालन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर स्टॉल में मौजूद हितग्राहियों को विभिन्न योजनांतर्गत सामग्री एवं राशि चेक का वितरण किया। इस दौरान मत्स्य विभाग से 05 हितग्राहियों को जाल और आइस बॉक्स और दो हितग्राही को केसीसी कार्ड का वितरण, पशुपालन विभाग से दो हितग्राही में से एक हितग्राही को राज्य डेयरी उद्यमिता के तहत सब्सिडी राशि साठ हजार का राशि चेक और एक हितग्राही को मुर्गीपालन हेतु केसीसी कार्ड, कृषि विभाग से दो हितग्राही को इलेक्ट्रिक पंप और उद्यानिकी विभाग से दो हितग्राहियों को केसीसी कार्ड का वितरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत हितग्राहियों में सक्षम महिला योजना के तहत हितग्राही सुश्री रूमा तिवारी को एक लाख बीस हजार राशि और महिला कोष से हितग्राही समूह चेतना महिला समूह को पचास हजार राशि चेक ऋण वितरण, इस दौरान दो गर्भवती माताओं का गोद भराई एवं दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। इस दौरान एक एनीमिया मुक्त महिला श्रीमती आशा कुशवाहा और एक कुपोषण मुक्त चार वर्षीय बच्चे मयंक विश्वकर्मा को सुपोषण टोकरी का वितरण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के तहत छह हितग्राहियों को व्हीलचेयर एवं छड़ी का वितरण भी किया गया।
 
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, बैकुंठपुर विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, अंबिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, पूर्व गृहमंत्री श्री राम सेवक पैकरा, श्री भीम सिंह अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, श्री राजेश महलवाला एवं बड़ी जनसंख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी। 
 
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। श्री कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है। 
 
स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
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धमतरी के कन्हारपुरी में प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर

कभी सूखे की समस्या की ओर बढ़ते धमतरी जिले में अब प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर बन चुका है, जो बारह महीने लबालब नजर आ रहा है। जिले के ग्राम कन्हारपुरी में निर्मित किए गए अमृत सरोवर को छत्तीसगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस अमृत सरोवर (तालाब) को लेकर खास बात यह है कि जितनी लागत इस सरोवर बनाने में आयी, उससे अधिक आय पंचायत को हो गई। केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना के बाद जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर की जाने वाली कवायद की कड़ी में प्रशासन की पहल पर संसाधनों के बेहतर उपयोग से संभव हो पाया है। एक काम, दो काज की कहावत को चरितार्थ करते हुए यहाँ काम किया गया है। कन्हारपुरी में 9 एकड़ के क्षेत्रफल में बनकर तैयार हुए तालाब से जहाँ गाँव वालों की निस्तारी की समस्या का समाधान हुआ है तो दूसरी ओर लबालब रहने वाले इस अमृत सरोवर का पानी गाँव के 50 एकड़ की कृषि भूमि को सिंचित कर रहा है। इस तालाब की मिट्टी और मुरूम रेलवे पटरी बिछाने के लिए भी आधार बनी है। 
 
उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर से धमतरी के बीच ब्राडगेज रेलवेलाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। इसके लिए रेलवे को मिट्टी और मुरूम की जरूरत थी। यह बात जिला प्रशासन तक पहुँची तो उन्होंने धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक अंतर्गत कन्हारपुरी से ही मिट्टी और मुरूम उपलब्ध कराने की पहल की। गाँव के मुरा तालाब में उस वक्त मनेरगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य प्रस्तावित था। इस गहरीकरण कार्य के लिए 9 लाख 31 हजार का बजट रखा गया था। जिला प्रशासन ने रेलवे बोर्ड और कन्हारपुरी के पंचायत प्रतिनिधियों के बीच मध्यस्ता कर मुरा तालाब से ही रेलवे लाइन बिछाने के लिए आवश्यतानुसार मिट्टी और मुरूम निकालने का एग्रीमेंट कराया। पहले 6 एकड़ तक सिमटे तालाब का क्षेत्रफल बढ़कर 9 एकड़ तक हो गया। वहीं गहरीकरण के पूर्व कन्हारपुरी के मुरा तालाब की जलधारण क्षमता 32 हजार 400 घनमीटर थी, जो अब 57 हजार 800 घनमीटर हो चुकी है। पहले गहराई लगभग 10 फीट थी, वह अब 15 फीट है। बताते हैं कि गहरीकरण से भू-जल स्त्रोत के अन्य बंद पोर भी खुल गए तो लगातार अब भूमिगत जल भी तालाब को भरने लगा है। 
 
मिट्टी के बदले रेलवे देगा 12 लाख : 
कन्हारपुरी से रेलवे लाइन के लिए मिट्टी और मुरूम निकालने के बदले में रेलवे बोर्ड ने एग्रीमेंट के तहत पंचायत को रायल्टी के रूप में करीब 12 लाख 20 हजार रुपये देगा। जिस राशि को पंचायत गाँव के अन्य विकास कार्य में लगाएगी। 
 
जिले में 121 अमृत सरोवर पूर्ण, 19 का काम जारी : 
धमतरी जिल में मौजूद तालाबों को अमृत सरोवर का स्वरूप दिया जा रहा है, जहाँ गहरीकरण कर जलधारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं आवश्यकता के आधार पर 8 नए अमृत सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इस तरह जिले में कुल 121 अमृत सरोवर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से 102 अमृत सरोवर में कार्य पूर्ण हो चुका है, वहीं 19 अमृत सरोवर पर काम जारी है। धमतरी जिले में अमृत सरोवर को ब्लॉक आधार पर देखें तो धमतरी ब्लॉक में 25, कुरुद ब्लॉक में 38, मगरलोड ब्लॉक में 29 एवं नगरी ब्लॉक में 29 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। 
 
108 अमृत सरोवर के जल से रुद्राभिषेक : 
धमतरी के रविशंकर जलाशय तट पर आगामी 5 व 6 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसे जल-जगार महा-उत्सव का नाम दिया गया है। इस दौरान होने वाले अनेक भव्य कार्यक्रमों में रुद्राभिषेक का आयोजन भी शामिल है। इस जल रुद्राभिषेक में 108 अमृत सरोवरों के जल से रुद्राभिषेक किया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ को केंद्रीय परिवहन मंत्री की सौग़ात, सड़कों के विकास के लिए 11 हजार करोड़ की मंजूरी

छत्तीसगढ़ की सड़कों का जाल और मजबूत होने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ के लिए 11 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी देकर राज्य को एक बड़ी सौगात दी है। इस राशि से चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करेगा। श्री गडकरी ने यह घोषणा नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान की।
 
नई दिल्ली के भारत मंडपम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। बैठक में छत्तीसगढ़ में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इस दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टाम्टा और हर्ष मल्होत्रा व छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी शामिल रहे।
 
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ में चल रही परियोजनाओं की प्रगति पर समीक्षा की ताकि कार्यों का समय पर और कुशलता से निष्पादन हो सके। बैठक में परियोजनाओं के विलम्ब के कारणों व रुकावटों पर चर्चा की गयी। इस संबंध में वन विभाग से क्लीयरेंस, राजस्व और खनन से जुड़े अड़चनों को दूर करने व परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा कर अवरोधों को दूर करने का प्रयास किया गया। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने समस्त प्रगतिरत एवं प्रस्तावित परियोजनाओं को समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिए।
 
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति पर चर्चा की गई, इसके साथ ही चार प्रमुख राजमार्गों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने की मंजूरी दी गई। बैठक में जिन चार मुख्य परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें उरगा-कटघोरा बाईपास (NH-149B), बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट, और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है। जिसके लिए केन्द्रीय मंत्री ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है।
 
वहीं, *केन्द्रीय सड़क निधि के तहत 908 करोड़ के आठ कार्यों को स्वीकृति*प्रदान की गई है।
 
बैठक में केशकाल घाट व धमतरी-जगदलपुर मार्ग के चार लेन चौड़ीकरण कार्य की भी मंजूरी दी गयी। 
एनएचएआई के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्टनम मार्ग एवं बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं, पत्थलगांव से कुनकुरी-झारखंड बॉर्डर मार्ग को एक माह के अन्दर एजेंसी निर्धारित करने के लिए निर्देशित किया गया।
 
बैठक में रायपुर शहर टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच ग्रेड सेपरेटर व विधानसभा रोड से बिलासपुर रोड (धनेली) को जोड़ने वाले मार्ग एवं रायपुर एक्सप्रेस वे पर ग्रेड सेपरेटर बनाने की सहमति दी गई।
इसके अलावा सड़कों के विकास के लिए 1200 करोड़ की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति मिली है।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "यह छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक बड़ी सौगात है। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि सड़क नेटवर्क का विस्तार राज्य के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा करें और समय पर कार्य पूरा करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे स्वयं इन परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखेंगे और हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट तलब करेंगे, ताकि काम में कोई देरी न हो। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी निष्ठा से इन परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करेगी, जिससे राज्य के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी और विकास की गति तेज होगी।
 
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वन विभाग के सचिव श्री अमरनाथ प्रसाद सहित राज्य के लोक निर्माण विभाग, राजस्व, खनन और वन विभागों के अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
 
परियोजनाओं के प्रमुख बिंदु-
 
1. रुपये 908 करोड़ के 8 कार्यों की स्वीकृति:केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) योजना के तहत आठ परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
 
2. केशकाल घाट का फोरलेन चौड़ीकरण: केशकाल घाट के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य की स्वीकृति दी गई है, जिसे एक महीने के भीतर मंजूरी मिलने की संभावना है। यह परियोजना क्षेत्र में यातायात सुगमता और सड़क सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेगी।
 
3. धमतरी-जगदलपुर मार्ग का फोरलेन चौड़ीकरण: इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे दक्षिण छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
 
4. समस्त प्रगतिरत और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए समय-सीमा में पूर्णता के निर्देश: सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ की सड़कों और राजमार्गों का विकास तेजी से हो सके।
 
5. एनएचएआई के अंतर्गत रायपुर-विशाखापटनम और बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग: इन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए गए हैं, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
 
6. पत्थलगांव से कुनकुरी-झारखंड बॉर्डर मार्ग: इस परियोजना के लिए एजेंसी का चयन एक महीने के भीतर किया जाएगा, ताकि सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके।
 
7. रायपुर शहर में ग्रेड सेपरेटर निर्माण: रायपुर शहर के टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच सरोना, उद्योग भवन और तेलीबांधा में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण की भी मंजूरी मिली है, जिससे शहर में यातायात की भीड़ कम होगी।
 
8. विधानसभा रोड से बिलासपुर रोड (धनेली) और रायपुर-धमतरी मार्ग पर ग्रेड सेपरेटर: इन दोनों स्थानों पर भी ग्रेड सेपरेटर के निर्माण की सहमति दी गई है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को सुविधा होगी।
 
प्रमुख परियोजनाएं
 
- उरगा-कोरबा कटघोरा रिंग रोड (42.1 किमी) - 1,593 करोड़ रुपये
- बसना से सारंगढ़ (33 किमी) - 490 करोड़ रुपये
- सारंगढ़ से रायगढ़ (56 किमी) - 825 करोड़ रुपये
- रायपुर-लखनादोन इकोनोमिक कॉरिडोर (105 किमी) - 6,300 करोड़ रुपये
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राष्ट्रीय पोषण माह 2024: पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर

छत्तीसगढ़ में 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक जन आंदोलन के रूप में 7वां राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों से लेकर राज्यस्तर तक सुपोषण, बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं में एनीमिया के संबंध में जागरूकता के लिए स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया। इस अभियान में हर वर्ग के लोगों की सक्रिय सहभागिता रही। 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पोषण माह के प्रारंभ में सुपोषित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से सक्रिय सहभागिता की अपील की थी। पोषण माह की गतिविधियों में महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए है जन प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला स्वसहायता समूह, प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जन समुदाय का भरपूर सहयोग मिला। 
पोषण माह का शुभारम्भ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विभागीय मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा पोस्टर व वीडियो का विमोचन, पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर एवं पोषण शपथ दिलवाकर किया गया था।
 
पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर
 
विभागीय अमलों सहित सम्पूर्ण पोषण माह में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के कुशल नेतृत्व, श्रीमती शम्मी आबिदी सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभावी मार्गदर्शन और श्रीमती तुलिका प्रजापति, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग के सतत् प्रोत्साहन से राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में छत्तीसगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 01 करोड़ 33 लाख से ज्यादा गतिविधियों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ ने इसमें पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया। 
 
प्रदेश में कुल गतिविधि संख्या के आधार पर 8.77 लाख गतिविधि आयोजित कर जिला दुर्ग प्रथम, 8.70 लाख गतिविधि आयोजित कर जशपुर द्वितीय, 8.44 लाख गतिविधि आयोजित कर रायपुर तृतीय, 7.92 लाख गतिविधि आयोजित कर गरियाबंद चतुर्थ एवं 7.70 लाख गतिविधि आयोजित कर बलरामपुर पांचवें स्थान पर रहें। प्रति आंगनबाड़ी औसत गतिविधि संख्या के आधार पर जिला क्रमशः दुर्ग प्रथम, गरियाबंद द्वितीय, रायपुर तृतीय, धमतरी चतुर्थ एवं कबीरधाम पांचवे स्थान पर रहें। 
23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया 
 
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह के दौरान एक विशेष अभियान के रूप में वजन त्यौहार का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के सभी 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई लेकर वृद्धि मापन किया गया। इस अभियान में लगभग 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया। 
राष्ट्रीय पोषण माह 2024 की मुख्य थीम एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी का आयोजन और समग्र पोषण रखी गई थी। भारत शासन द्वारा प्रेषित थीम के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे माह के लिए प्रतिदिन राज्य, जिला, विकासखण्ड, और आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियांे के लिए रोड मैप के रूप में दिनांकवार गतिविधि कैलेंडर तैयार किया गया। जिसके आधार पर व्यापक पैमाने पर थीम आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। 
 
एनीमिया कैम्प, स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण संबंधी जागरूकता, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित की गई-
 
महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एनीमिया कैम्प, एनीमिया जागरूकता गतिविधियां, वीएचएसएनडी दिवस का आयोजन, आईवायसीएफ गतिविधियां, स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शालाओं एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में छात्रों द्वारा पोषण संबंधी जागरूकता के लिए शपथ, व्यंजन प्रतियोगिता, व्यंजन प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, खेल भी पढ़ाई भी, पोषण भी पढ़ाई भी, पोषण चौपाल, खेल खेल में पोषण ज्ञान प्राप्त करने संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। 
 
कृषि विभाग के सहयोग से मिलेट आधारित पौष्टिक भोजन संबंधी जागरूकता शिविर, प्रदर्शनी, जैविक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रचार-प्रसार इत्यादि गतिविधियां आयोजित की गई। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा जल संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, वेस्ट वाटर के उचित निपटान के संबंध में जागरूकता प्रसार संबंधी उल्लेखनीय कार्य किया गया। वन विभाग द्वारा एक पेड़ मॉं के नाम अभियान अंतर्गत विशेष सहयोग देते हुए वृहत वृक्षारोपण का कार्य किया गया। आयुष विभाग द्वारा राज्य, जिला, विकासखंड एवं आंगनबाड़ी स्तर पर व्यापक पैमाने पर कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली, पौष्टिक आहार, योग गतिविधियां का प्रचार-प्रसार एवं आयोजन किया गया। खाद्य विभाग के सहयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से जन समुदाय के मध्य पौष्टिक आहार के सेवन के संबंध में प्रचार प्रसार किया गया। ग्राम पंचायतों में पोषण विषय पर विशेष चर्चा की गई। 
 
पोषण माह के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ अन्य सहयोगी विभागों द्वारा सक्रिय रूप से सहभागिता दी गई एवं सभी विभागों द्वारा समन्वित रूप से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय पौष्टिक आहार, स्वस्थ्य जीवनशैली, पोषण के साथ पढ़ाई का संदेश जनसमुदाय तक पहुंचाया गया।
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एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौंडी के छात्र-छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्र-छात्राओं का संभाग स्तरीय सांस्कृतिक, साहित्यिक, कला महोत्सव एवं खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग मेनका चंद्राकर ने बताया कि धमतरी जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथरीडीह में संभाग स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुये 25 विधाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल कर बालोद जिलें का नाम रोशन किया। जिसमे से 12 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान, 06 विद्यार्थियों ने द्वितीय स्थान एवं 05 विद्यार्थियों तृतीय स्थान प्राप्त किए। इसमें शिक्षक प्रतियोगिता एवं सेमी क्लासिकल एवं क्लासिकल गायन में द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किये है। जिसमें 13 विधाएं संगीत, 03 विधा कला संबंधी एवं 09 विधाएं साहित्यिक संबंधी रही है। जिसके अंतर्गत सोलो सांग में संजना पिस्दा को प्रथम, वोकल म्यूजिक में हेमेश्वर प्रथम, इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक में यश कुमार मंडावी प्रथम, वोकल म्यूजिक ट्राइबल ग्रुप में रश्मी, शशिकला, लल्नी, जतिन, झनेश ठाकुर, जतिन भंडारी प्रथम, क्लासिकल डांस सोलो में कृतिका प्रथम, फोक डांस में मीनाक्षी, तृष्किा, योगिनी एवं नीलिमा प्रथम, इंस्ट्रूमेंटल म्युजिक फोक ग्रुप गोपेश्वर, अभिनय, चंद्रकांत एवं देवनारायण द्वितीय, वोक म्युजिक पैट्रेयोटिक में  गरिमा, मोक्ष, रामा एवं गीतांजली द्वितीय, विज्यूअल आर्ट 2-डी में द्वियांशु द्वितीय, 3-डी आर्ट में टिकेश्वर गावड़े द्वितीय एवं वोकल म्युजिक फोक सोलो में अनिशा तृतीय, वोकल म्युजिक क्लासिकल में खुशबु तृतीय, इंस्ट्रुमेंटल ट्राईबल में यंशु रावटे, भेश कुमार तृतीय, पेंटिग ट्राईबल में मीनाक्षी ताराम, स्टोरी टेलिंग हिन्दी में किंजल तृतीय तथा संस्कृत श्लोक में हेमाक्षी नायक को तृतीय स्थान हासिल हुआ।

 

 

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चोर गिरोह वाहन में 15 बकरी भरकर भागा, ग्रामीणों ने दौड़ाया

 ग्राम पोड़ी-उपरोड़ा और पाली विकासखंड में बकरी चोरी की घटनाएं कई बार सामने आ चुकी है। एक-दो मामले में ही चोर पकड़ में आ सके, जबकि अधिकांश मामले में चोर नहीं पकड़े जा सके। चोरों ने पुनः एक ग्रामीण की कोठी में ताला तोड़ दिया और वहां बंधे 15 बकरा-बकरियों की चोरी कर भाग गए।

बकरी का पालन करने वाले परिवार ने चोरों को जंगल के रास्ते काफी दूर तक दौड़ाया, लेकिन चोर पकड़ में नहीं आ सके।
घटना पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम राहा की हैं। ग्राम में रहने वाले ग्रामीण जगदीश सिंह मरकाम का परिवार बकरियों की बिक्री कर परिवार का जीवकोपार्जन करता है। घर की एक कोठी में मरकाम परिवार 15 बकरियों को रखकर ताला लगा दिया था। इस बीच अज्ञात चोरों का गिरोह पहुंचा।

आधी रात गिरोह के सदस्य कोठी का ताला तोड़ बकरियों की चोरी कर अपनी गाड़ी में भरने लगे, तब बकरियों की आवाज सुन करग परिवार के सदस्यों की नींद खुली।
सदस्य बाहर निकले, तब उन्होंने बकरियों को गाड़ी पर रखते हुए देखा। मरकाम के स्वजनों ने जोर-जोर से चिल्लाकर ग्रामीणों को एकत्र करने का प्रयास किया, तब तक गिरोह के सदस्य फरार हो गए। मरकाम एवं ग्रामीणों द्वारा बाइक पर बकरी चोरों का पीछा किया गया, लेकिन चोर पकड़ में नहीं आए। सभी चोर ग्राम बनवार की रास्ते जंगल की ओर भाग गए। मामले की सूचना चैतमा चौकी को दी गई। पुलिस अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

 

 

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शासकीय महाविद्यालय गुरूर में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन

 कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में  स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के  शासकीय महाविद्यालय गुरूर में ’स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ कार्यक्रम आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने महाविद्यालय के छात्रों को स्वच्छता बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कम से कम सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करें जिससे प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सके। कार्यक्रम में डाॅ. कन्नौजे ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित सभी कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

उल्लेखनीय है कि शासकीय महाविद्यालय गुरूर में ’स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ कार्यक्रम में स्वच्छता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यकम, रंगोली एवं ड्राईंग प्रतियोगिता सहित विविध कार्यक्रम आयोजित की गई। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता रैली भी निकाली गई। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने स्वच्छता पर आधारित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में गुरूर एसडीएम प्राची ठाकुर, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नंन्द किशोर शर्मा, उपसंचालक पंचायत आकाश सोनी, जनपद पंचायत के  मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमेश रात्रे, शासकीय महाविघालय गुरूर के प्राचार्य खेमलाल रावटे सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौंडी के छात्र-छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्र-छात्राओं का संभाग स्तरीय सांस्कृतिक, साहित्यिक, कला महोत्सव एवं खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग मेनका चंद्राकर ने बताया कि धमतरी जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथरीडीह में संभाग स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुये 25 विधाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल कर बालोद जिलें का नाम रोशन किया। जिसमे से 12 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान, 06 विद्यार्थियों ने द्वितीय स्थान एवं 05 विद्यार्थियों तृतीय स्थान प्राप्त किए। इसमें शिक्षक प्रतियोगिता एवं सेमी क्लासिकल एवं क्लासिकल गायन में द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किये है। जिसमें 13 विधाएं संगीत, 03 विधा कला संबंधी एवं 09 विधाएं साहित्यिक संबंधी रही है। जिसके अंतर्गत सोलो सांग में संजना पिस्दा को प्रथम, वोकल म्यूजिक में हेमेश्वर प्रथम, इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक में यश कुमार मंडावी प्रथम, वोकल म्यूजिक ट्राइबल ग्रुप में रश्मी, शशिकला, लल्नी, जतिन, झनेश ठाकुर, जतिन भंडारी प्रथम, क्लासिकल डांस सोलो में कृतिका प्रथम, फोक डांस में मीनाक्षी, तृष्किा, योगिनी एवं नीलिमा प्रथम, इंस्ट्रूमेंटल म्युजिक फोक ग्रुप गोपेश्वर, अभिनय, चंद्रकांत एवं देवनारायण द्वितीय, वोक म्युजिक पैट्रेयोटिक में  गरिमा, मोक्ष, रामा एवं गीतांजली द्वितीय, विज्यूअल आर्ट 2-डी में द्वियांशु द्वितीय, 3-डी आर्ट में टिकेश्वर गावड़े द्वितीय एवं वोकल म्युजिक फोक सोलो में अनिशा तृतीय, वोकल म्युजिक क्लासिकल में खुशबु तृतीय, इंस्ट्रुमेंटल ट्राईबल में यंशु रावटे, भेश कुमार तृतीय, पेंटिग ट्राईबल में मीनाक्षी ताराम, स्टोरी टेलिंग हिन्दी में किंजल तृतीय तथा संस्कृत श्लोक में हेमाक्षी नायक को तृतीय स्थान हासिल हुआ।

 

 

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के निर्विरोध अध्यक्ष बने

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आज छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की विशेष आमसभा की बैठक में रिटर्निंग ऑफिसर श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने उनके निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। इसी तरह मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और श्री विजय बघेल सहित कुल 10 लोग छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। रिटर्निंग ऑफिसर श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को अध्यक्ष चुने जाने का प्रमाण पत्र सौंपा। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल को आगे ले जाने के लिए हम सभी पूरी टीम भावना के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारी सरकार  राज्य में खेल को बढ़ावा देने के साथ ही अधोसंरचना  विकास और खिलाड़ियों के हित में लगातार फैसले ले रही है। श्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक में खेलें और मेडल जीत कर लाएं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संघ के सभी पदाधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाए और उस अंचल में जो खेल लोकप्रिय हैं, उसे बढ़ावा देने की दिशा में काम हो। श्री साय ने आगे कहा कि नवनिर्वाचित सभी पदाधिकारी किसी ने किसी रूप में खेल और इसकी प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े हैं, ऐसे में  आप सभी के दीर्घ अनुभव का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।
 
सांसद और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है, हमें उन्हें बेहतर अधोसंरचना, सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बड़ी पहल करते हुए राजधानी रायपुर में स्काउट गाइड के राष्ट्रीय जंबूरी 2025 के आयोजन की सहमति जताई। श्री अग्रवाल ने कहा कि खिलाड़ी हमारे एंबेसडर होते हैं, जो प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं। उन्हें आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ भी अपना प्रयास करें। इस अवसर पर ऑब्जर्वर श्री दिग्विजय सिंह भी मौजूद रहे। 
 
गौरतलब है कि छतीसगढ़ ओलम्पिक संघ की विशेष आमसभा में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। इसी क्रम में उपाध्यक्ष हेतु सर्व श्री बृजमोहन अग्रवाल, केदार कश्यप, विजय बघेल, हिमांशु द्विवेदी, संजय पिल्ले, गजराज पगारिया, शरद शुक्ला, रमेश कुमार श्रीवास्तव और श्री सुनील कुमार अग्रवाल तथा महासचिव के पद पर श्री विक्रम सिंह सिसोदिया निर्वाचित हुए। इसी तरह संयुक्त सचिव सर्वश्री राम जाखड़, आर. राजेन्द्रन, मोहम्मद अकरम खान, मनीष श्रीवास्तव, प्रशांत सिंह रघुवंशी, मनोज कुमार अग्रवाल और श्री समीर खान को निर्विरोध चुना गया। श्री संजय मिश्रा संघ के कोषाध्यक्ष चुने गए। इसके साथ ही ओलंपिक संघ के कार्यकारिणी सदस्य के रुप में 12 लोगों को भी र्निविरोध चुना गया ।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा में किया श्रमदान

 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा के अंतर्गत श्रमदान किया। उन्होंने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई की। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने और साफ-सफाई में सहभागिता की शपथ भी दिलाई गई। रायपुर-उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा के तहत जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी परंपरा में हमेशा से स्वच्छता का संस्कार रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, मुंशी प्रेमचंद और श्रीमती महादेवी वर्मा जैसे महामनाओं की प्राथमिकता में स्वच्छता सदैव रहा है। 'स्वच्छता परमो धर्म:' के सूत्र को अपनाते हुए हम प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने में लगे हुए हैं। ‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ की थीम पर राज्य के सभी शहरों और गांवों में स्वच्छता के प्रति लोगों को प्रेरित करने और सहभागिता बढ़ाने विशेष पखवाड़ा का आयोजन किया गया है।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कार्यक्रम में कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे देश में स्वच्छता के प्रति अद्भुत जागरुकता आई है। साफ-सफाई के कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने भारत सरकार द्वारा हर साल राष्ट्रीय स्तर पर विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसके अच्छे नतीजे भी सामने आ रहे हैं। संपूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल करने शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ ही सक्रिय जन सहभागिता जरूरी है। स्थानीय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सफाई कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को कार्यक्रम में ईएसआईसी कॉर्ड और पीपीई किट प्रदान किया। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, जोन अध्यक्ष डॉ. प्रमोद साहू और पार्षद श्री रोहित साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक तथा रायपुर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
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सरकार आमजनों की मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने के साथ विकास कार्यो को तेजी से पूरा करनें प्रतिबद्ध: मंत्री श्री टंक राम वर्मा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश तथा राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के प्रयास पर बलौदाबाजार विधान सभा क्षेत्र में  विकास के लिए 15  अधोसंरचना कार्य स्वीकृत किये गए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना वर्ष 2024-25 के अंतर्गत अधोसंरचना  निर्माण के 15 कार्यो के लिए 74 लाख रुपए 10 हज़ार रुपए की सूची जारी की गई है। सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास के कार्यो को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

   जारी की गई सूची में रायपुर जिले में बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भिलौनी के कुर्मी पारा,भुरसुदा के दैहान पारा,कोहका के कॉलेज परिसर के पास निषाद पारा, बेमता के निषाद पारा, लखना के सोमनाथ धाम में और तुलसी नेवरा में सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत किये गए इन प्रत्येक स्थानों के लिए 6 लाख 50 हज़ार रुपए की अलग-अलग राशि जारी की गई है। इस तरह अधोसंरचना कार्य के लिए कुल 39 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत  खपराडीह तथा हथबन्द के गडरिया और सँवरा पारा में समुदायिक भवन निर्माण प्रत्येक  गांव के लिए 6 लाख 50 हज़ार रुपए की राशि अलग-अलग अनुशंसित की गई है। इसी तरह खपरडीह,कंजी और संकरी में सी सी रोड़ निर्माण प्रत्येक गांव के लिए 5 लाख 20 हज़ार रुपए की राशि अलग अलग अनुशंसित की गई है। इस तरह कुल 35 लाख 10 हज़ार रुपए के कार्य अनुशंसित किये गए है।
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छत्तीसगढ़ में हर बूथ पर सुनी गई ‘मन की बात’ और बनाए गए सदस्य

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री आवास में 'मन की बात' सुनी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भारतसिंह सिसोदिया, भाजपा नेता कमलचंद भंजदेव जी, अंजय शुक्ला एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने मानस मंदिर भवन, छुरा मंडल, गरियाबंद में 'मन की बात' का श्रवण किया। इस दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायपुर संभाग सह प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही, प्रदेश मंत्री किशोर महानंद, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, गरियाबंद जिला अध्यक्ष राजेश साहू एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। बाद में श्री देव ने उपस्थित जनों से भाजपा सदस्यता अभियान 2024 के अंतर्गत सदस्यता अभियान को लेकर वृहद चर्चा की और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल में 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव,प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ,सोशल मीडिया संयोजक सोमेश पांडे, आईटी सेल संयोजक सुनील पिल्लई एवं वरिष्ठजन कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री साव ने इसके बाद तत्पश्चात नशा मुक्ति अभियान और आयुष्मान कार्ड कैंप का उद्घाटन किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम के गांगपुर में 'मन की बात' सुनी। इस दौरान कार्यक्रम में पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राठौर चौक, रायपुर में 'मन की बात' कार्यक्रम का श्रवण किया। इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, भाजपा वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने सहित कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।


भाजपा प्रदेश महामंत्री  और मन की बात कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक रामू रोहरा ने तखतपुर में मन की बात कार्यक्रम सुना एवं वहां वह सदस्यता अभियान में भी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। इस दौरान विधायक धर्मजीत सिंह भी मौजूद रहे।

भाजपा प्रदेश महामंत्री रामजी भारती ने डोंगरगढ  नगर पालिका परिषद "मन की बात  सदस्यता के साथ" कार्यक्रम के तहत वार्ड न.04 के बूथ न.156 मे भाजपा के सदस्य बनाए।

भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत लाल वर्मा डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के बूथ क्रमांक 103 में मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना से दिव्यांग श्री बाबू लाल के सपनों को मिला नया आयाम

 प्रदेश में राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के पहल ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण’’ के माध्यम से ऐसे पात्र वनवासी हितग्राहियों का चयन कर  पक्का मकान बना कर दिया जा रहा है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभ्यारण के वनांचल कनकबीरा और आश्रित ग्रामों के श्री नारद खुड़िया, श्रीमती गायत्री यादव, श्री देवानंद खुड़िया जैसे कई पीएम आवास हितग्राही परिवार हैं जिनका ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण’’ के तहत पक्का मकान, बनाया गया है। 

ग्रामीणों ने बताया कि पहले कच्चे मकान होने से उन्हें दिन-रात जंगली हाथी का भय बना रहता था। अब पीएम आवास हो जाने से एक सुरक्षा कवच बन गया है। हितग्राही श्री नारद ने कहा कि हम लोग सरकार के मदद के बिना पक्का मकान नहीं बना सकते थे। सरकार के सहयोग से हमारा पक्का मकान बना है। पहले कच्चा मकान होने पर हर साल खपरैल वाले छत में बंदर के आने से खपरैल टूट जाते थे तो उसको बदलना पड़ता था। अब पक्का मकान हो जाने से बंदर से कोई नुकसान नहीं है। कनकबीरा की पीएम हितग्राही परिवार की श्रीमती गायत्री यादव कहती हैं कि यह वनांचल क्षेत्र जंगली हाथी प्रभावित क्षेत्र है। पीएम आवास योजना से पक्का मकान बन जाने से अब भय नहीं रहता है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरसीवां तहसील के ग्राम पंचायत गाताडीह के आश्रित ग्राम अमलीडीह निवासी दिव्यांग श्री बाबूलाल मानिकपुरी अपने बातों का उच्चारण सही ढंग से नहीं कर पाते। परन्तु राज्य सरकार ने आवास की मांग, जरूरत को समझा और पीएम आवास योजना ग्रामीण से उनको लाभ दिया। दिव्यांग श्री बाबूलाल के लिए पीएम आवास केंद्र और राज्य सरकार का बड़ा सहयोग है। सरकार के सहयोग से उनके लिए उनका पीएम आवास बना है जिससे वे संतुष्ट हैं। श्री बाबूलाल बताया कि वर्ष 2007 के आसपास ओंकारेश्वर मध्यप्रदेश के जेपी कंपनी में वे श्रमिक का काम करते थे, तब उनके पैर में कैंसर हो गया, जिनकी वजह से उनके पैर को काटना पड़ा और वह सामान्य से दिव्यांग हो गए। उनके घर में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। अमलीडीह गांव की बस्ती में पुराने घर में वे रहते थे। अब वह अपने नए घर में रहने लगे। घर के पास एक छोटे से ठेला में कुरकुरे बिस्किट आदि बिक्री कर अपनी आजीविका चलाते हैं। यदि सरकार उनके आवास के लिए सहयोग नहीं करते तो उनके जीवन में आवास की समस्या बनी रहती।

हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को प्रधानमंत्री आवास प्रदान करने के लिए आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
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