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बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखकर भावी पीढ़ी को सौपना है : मंत्री श्री केदार कश्यप

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर मड़ई का उद्देश्य यहां की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखकर भावी पीढ़ी को सौपना है। इसी प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगाए गए सरस मेला स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने का माध्यम है।  


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बस्तर मड़ई और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा क्षेत्रीय सरस मेले का आयोजन जगदलपुर के लालबाग मैदान में 12 से 19 अक्टूबर तक आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में शासकीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। मेले में कई जिलों के स्व सहायता समूहों ने हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, कपड़े, और अन्य स्थानीय वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। शुभारंभ अवसर पर नागलसर के स्कूली बच्चों ने धुरवा मड़ई का आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। 

शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर मड़ई में लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से दी जा रही है। योजनाओं की जानकारी का लाभ उठाएं और सरस मेला में विभिन्न जिलों से पहुँचे स्व-सहायता की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित करें। विधायक श्री किरणदेव ने कहा कि बस्तर का परंपरा दशहरा के अवसर पर शासन की जन कल्याण योजनाओं का विभागों द्वारा लगाया गया है इसका लाभ सभी नागरिक लें। साथ कार्यक्रम में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसका आनंद भी लें। 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री देव, विधायक चित्रकूट श्री विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने मेले में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों और स्व-सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया और विभागीय स्टालों में योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
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समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही सरकार का मुख्य ध्येय: मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बाबा गुरु घासीदास जी की कर्मभूमि एवं गुरु श्री अमरदास जी की तपोभूमि तेलासीपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन मेला कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने बाबा गुरु घासीदास एवं गुरु अमरदास जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं सर्वाेच्च गुरु आसमदास साहेब का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों क़ी मांग पर तेलासी गुरुद्वारा बाड़ा विकास हेतु 3 करोड़ 18 लाख रुपये देने, मुख्य मंदिर से मुख्य सडक तक सीसी रोड एवं गैतरा मेन रोड से बोहारडीह नाला तक सडक निर्माण, गुरु अमरदास जलाशय का सौंदर्यीकरण तथा अनुसचित जाति छात्रावास तेलासी में 50 अतिरिक्त सीट हेतु भवन निर्माण की घोषणा की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य की विजय एवं बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है। लेकिन हमें काम, क्रोध, मद, लोभ रूपी बुराई पर विजय प्राप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में छुआछूत और असमानता को दूर करने 18 वीं सदी में बाबा गुरु घासीदास जी अवतरित हुए। उन्होंने दुनिया को मनखे-मनखे एक सामान का सन्देश दिया। हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। समाज में अनपढ़ व्यक्ति भी जीवन जीता है लेकिन शिक्षित और अनपढ़ के जीवन में काफी अंतर होता है। शिक्षित समाज से ही प्रदेश और राष्ट्र का विकास होगा। हमारी सरकार नई राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मोदी जी की गारंटी को लगातार पूरा कर रही है, जिसमें 21 क्विंटल प्रति एकड़ एवं 3100 रुपये में धान खरीदी, किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, तेंदूपत्ता खरीदी दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। महतारी वंदन योजना, रामलाला दर्शन योजना सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि सतनामी समाज में विजयादशमी के दिन गुरु दर्शन की परम्परा है। गुरु के दर्शन से प्रेरणा लेकर सतनामी समाज आगे बढ़ रहा है। समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े, सामजिकजन समाज हित में काम करने भावी पीढ़ी को जागृत करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का उपदेश समाज को जोड़ने और एकरूपता लाने वाला है। देश में गुरु परम्परा प्रचलित है। गुरुओं के दर्शन से सन्मार्ग मिलता है और सन्मार्ग से ही प्रदेश सुखमय और समृद्ध होगा।

कार्यक्रम को सर्वाेच्च गुरु आसमदास साहेब जांजगीर-चाम्पा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुंगेली विधायक श्री पुन्नुलाल मोहले ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने स्वागत भाषण में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्याे एवं नवाचारों की जानकारी दी।

मेधावी छात्रों को सम्मान एवं युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र - 

कार्यक्रम में सतनामी समाज के 12 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया एवं 21 युवाओं को रोजगार हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 2 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन एवं 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 10 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा 10 लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अहिवारा विधयाक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा,पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सनम जांगड़े, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, सतनामी समाज के राजमहंत सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में अब तक 1174.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1174.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 12 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2444.3 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 609.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 640.9 मिमी, सूरजपुर में 1167.8 मिमी, बलरामपुर में 1746.9 मिमी, जशपुर में 1076.0 मिमी, कोरिया में 1132.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1089.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। 

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 961.1 मिमी, बलौदाबाजार में 1189.5 मिमी, गरियाबंद में 1121.4 मिमी, महासमुंद में 974.9 मिमी, धमतरी में 1043.5 मिमी, बिलासपुर में 998.1 मिमी, मुंगेली में 1117.1 मिमी, रायगढ़ में 1117.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.6 मिमी, सक्ती 1063.2 मिमी, कोरबा में 1423.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1208.7 मिमी, दुर्ग में 658.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 929.8 मिमी, राजनांदगांव में 1130.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1243.2 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 860.4 मिमी, बालोद में 1200.4 मिमी, बस्तर में 1280.9 मिमी, कोण्डागांव में 1212.4 मिमी, कांकेर में 1430.1 मिमी, नारायणपुर में 1466.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 1559.0 मिमी और सुकमा जिले में 1699.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजयदशमी पर्व के अवसर पर किया शस्त्र पूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विजयादशमी के शुभ अवसर पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित शस्त्र पूजन में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की और मां भगवती की आराधना की।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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महादेव सट्टा एप का मालिक सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार

 छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक साधारण जूस विक्रेता से महादेव ऐप के सट्टेबाजी सरगना बनने तक, सौरभ चंद्राकर का सफर अब समाप्ति पर पहुंच चुका है। खबरों के अनुसार सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। दुबई में उसकी गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर की गई, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर जारी किया गया था। यह गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसमें विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने प्रमुख भूमिका निभाई।

महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई

 

लगभग डेढ़ महीने पहले, छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले की जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया। यह निर्णय 22 अगस्त को लिया गया था, जिसके बाद चंद्राकर की गिरफ्तारी हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया था कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सीबीआई को जांच सौंपी गई।

CBI और ED की भूमिका

CBI और ED ने इस घोटाले की गहराई में जाकर जांच की, जिससे चंद्राकर की गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ। अब तक 572.41 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है, जिसमें 100 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई में है। यह गिरफ्तारी अत्यंत गोपनीय तरीके से की गई थी, जिसमें केवल कुछ शीर्ष अधिकारियों को इसकी जानकारी थी। उच्च-स्तरीय सूत्रों ने बताया कि चंद्राकर को आसानी से गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई को पूरी तरह गुप्त रखा गया। दुबे में गिरफ्तारी के बाद, भारत सरकार और CBI को जानकारी मिलने पर प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज हो गई। MEA (विदेश मंत्रालय), MHA (गृह मंत्रालय), ED, और CBI ने संयुक्त रूप से काम किया, सभी औपचारिकताओं को बिना देरी के पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग का योगदान

इस ऑपरेशन की सफलता में दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) राम गोपाल गर्ग का योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने CBI में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए चंद्राकर की हर गतिविधि पर नज़र रखी और CID के माध्यम से एक अनूठी अनुरोध प्रक्रिया चलाई। उन्होंने जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय को तत्काल अनुरोध भेजा, जिससे प्रोविजनल अरेस्ट और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित अपने निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत,  पी. दयानंद और  बसवराजु  एस. ने उनका नए कार्यालय में स्वागत किया। 
         इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों का अनुमोदन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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ट्रक से टकराई कार, युवक-युवती की मौत, 2 घायल...

 जिले के बतौली नेशनल हाइवे में तेज रफ़्तार कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, पीछे बैठे युवक-युवती को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार, एक कार में सवार होकर दो युवक और दो युवती कूड़ोपारा सिलमा जा रहे थे। तभी कार अनियंत्रित होकर सामने आ रहे ट्रक जा घुसी। इस हादसे में कार चला रहे कुनकुरी निवासी 19 वर्षीय दुष्यंत तिग्गा और सामने बैठी पूर्णिमा एक्का की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, कार के पीछे सीट पर बैठे कराबेल निवासी अनुज तिर्की और  रेनूका तिर्की घायल हो गए। जिन्हें 112 टीम ने कार के गेट को तोड़कर बाहर निकाला।

दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया। जिनके गंभीर अवस्था के कारण दोनों घायल युवक- युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के पश्चात ट्रक ड्राइवर गाड़ी को बीच सड़क में लॉक कर चाभी लेकर मौके से फरार हो गया। इस हादसे के दोनों मृतकों के घर में मातम पसर गया है।

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महाराष्ट्र-झारखण्ड चुनाव में लगी छत्तीसगढ़ के 21 IAS अधिकारियों की ड्यूटी

 

चुनाव आयोग अगले सप्‍ताह महाराष्‍ट्र और झारखंड के लिए चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर सकता है। इस बीच चुनाव आयोग ने छत्‍तीगसढ़ के 21 आईएएस अफसरों को चुनाव ड्यूटी के लिए बुलावा भेजा है। इनमें 6 महिला आईएएस भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने महाराष्‍ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव ड्यूटी के लिए छत्‍तीसगढ़ के 21 आईएएस अफसरों का नाम फाइनल किया है। आयोग ने इन अफसरों की सूची राज्‍य सरकार को भेज दी है और चुनाव ड्यूटी वाले सभी अफसरों को 16 अक्‍टूबर को विज्ञान भवन में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

16 अक्‍टूबर को विज्ञान भवन में अफसरों की ट्रेनिंग होगी। इसी तारीख के आसपास आयोग की तरफ से दोनों राज्‍यों में चुनाव की घेाषणा भी हो सकती है। ऐसे में चुनाव ड्यूटी वाले इन 21 अफसरों में से कई को दीपावली प्रदेश से बाहर ही मनाना पड़ सकता है।

अफसरों ने बताया कि अभी केवल 21 अफसरों की सूची आई है। इनमें से किस अफसर की ड्यूटी महाराष्‍ट्र में लगी है और किसी झारखंड में यह नहीं बताया गया है। बताया जा रहा है कि 16 अक्‍टूबर की ट्रेनिंग के दौरान ही इन अफसरों को बताया जाएगा कि कौन सा अफसर किस राज्‍य में जाएगा।
इन अधिकारियों को आया है चुनाव आयोग का बुलावा
चुनाव आयोग की तरफ से जिन 21 अफसरों को बुलावा भेजा गया है उनमें आर. प्रसन्‍ना, भूवनेश यादव, सीआर प्रसन्‍ना, जनक प्रकाश पाठक, शम्‍मी आब‍िदी, शिखा राजपूत तिवारी, केडी कुंजाम, किरण कौशल, पदूस सिंह अल्मा, सारांश मित्‍तर, जितेंद्र कुमार शुक्‍ला, अभिजीत सिंह, दिव्या उमेश मिश्रा, इफ्फत आरा, पुष्पा साहू, रितेश कुमार अग्रवाव, तारण प्रकाश सिन्‍हा, जगदीश सोनकर, राजेंद्र कुमार, कुलदीप शर्मा और कुन्दन कुमार शामिल हैं।

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सक्ती में बड़ा हादसा: नहर में गिरी पिकअप, 18 लोगों का रेस्क्यू, 2 बच्चे लापता...

 छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब 20 लोगों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। इस हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना एसडीआरएफ (SDRF) को दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद 18 लोगों का रेस्क्यू किया, लेकिन अब भी दो बच्चे लापता हैं। 6 साल और 2 साल के मासूम बच्चों की तलाश में लगातार प्रयास जारी हैं।


घटना का विवरण:
मिली जानकारी के अनुसार, बैलाचुआ से सलिहाभांठा, मोहगांव के पास यह हादसा हुआ। एक ही परिवार के 20 लोग जगराता कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, जब ड्राइवर के नशे में होने के कारण पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन:
एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर 18 लोगों को नहर से बाहर निकाला, लेकिन 12 घंटे बीत जाने के बाद भी दो मासूम बच्चे लापता हैं। गोताखोरों की टीम भी मौके पर मौजूद है और बच्चों की तलाश में लगी हुई है।

हादसे के बाद नगरदा पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय पिकअप का ड्राइवर नशे में था, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

 

 

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मुख्यमंत्री साय ने श्री रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया

/मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय ने  सुप्रसिद्ध उद्योगपति, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित श्री रतन टाटा जी के निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए गहरा  शोक व्यक्त किया है।
 
साय ने  कहा  कि श्री  रतन  टाटा ने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे।
 
उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। देश और समाज में बेहतर बदलाव के लिए उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
 
ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना करता हूं।
 
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बैक टू आयुर्वेद : छत्तीसगढ़ के धमतरी में बूटीगढ़ की स्थापना, आयुर्वेदिक रसशाला बन रही आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जल संरक्षण और आयुर्वेद को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यहां आयुर्वेदिक चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रयास किया गया है। यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला नवाचार है। 
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   आयुष विभाग और धमतरी जिला प्रशासन के इस नवाचार की सराहना की है और ज्यादा से ज्यादा वन संपदा को सहजने और लोगों को आयुर्वेद के बारे में जागरूक करने के लिए कहा है।इस पहल के अंतर्गत जिला प्रशासन ने आयुर्वेद को स्थानीय लोगों के जीवन में सम्मिलित करने के लिए विशेष रूप से जिले के वंनाचल ग्राम सिंगपुर (बूटीगढ़) में आयुष रसशाला (औषधीय पेय केंद्र) की स्थापना की गई है। 
 
बूटीगढ़ क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से औषधिगुणयुक्त पौधे पाये जाते हैं, इसलिए यहां हर्बेरियम का निर्माण किया जा रहा है। औषधिगुणयुक्त पौधों के संवर्धन, प्रचार-प्रसार और उपयोगिता के लिए रसशाला निर्मित किया जा रहा है। इस रसशाला के माध्यम से स्थानीय लोगों, छात्रों और पर्यटकों को रसपान का लाभ मिल सकेगा। 
 
आयुर्वेद में पानी का महत्व अनमोल है, क्योंकि यह शरीर के सभी प्रमुख तत्वों को संतुलित रखता है। धमतरी जिले में "जल जगार" कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ आयुर्वेदिक पेय पदार्थों और औषधियों की उपयोगिता को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बूटीगढ़ और रसशाला के महत्व को बताते हुए यह जानकारी दी कि कैसे एक परिवार और समाज शुद्ध पानी और आयुर्वेदिक खानपान को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। 
 
बेहतर मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के लिए दिया जा रहा काढ़ा
 
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवध पचौरी ने बताया कि 160 प्रकार की जड़ी-बूटियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से पहले चरण में बूटीगढ़ में 25,000 पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें आयुर्वेदिक उपचार के लिए चूर्ण या टैबलेट बनाकर इस्तेमाल भी किया जा रहा है। समय के साथ जब बूटीगढ़ विकसित होने लगेगा तो रसशाला के जरिए लोगों को आयुर्वेद के प्रति और भी जागरूक किया जा सकता है। इसके साथ ही बूटीगढ़ में विलुप्त होने वाली जड़ी-बूटियों को भी सहजा जा रहा है, ताकि भविष्य में इन पर शोध हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न आयुष केंद्रों में योग करने आये लोगों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं , किशोर-किशोरियों व बच्चों को विभिन्न जड़ी-बुटियों से बना काढ़ा, औषधी स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे लोगों के मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिर्वतन देखने को मिल रहा है। 
 
हृदय रोगियों के लिए रामबाण है ‘अर्जुन क्षीरपाक’
 
डॉ. अवध पचौरी के मुताबिक कोविड काल के बाद से ही लगातार ये देखा जा रहा है कि अचानक हार्ट अटैक से किसी भी उम्र वर्ग के व्यक्ति की ऑन-द-स्पॉट मृत्यु हो रही है, जान बचाने के लिए समय भी नहीं मिल पा रहा है, जो एक चिंता का विषय बन चुका है। आयुर्वेद में अर्जुन पेड़ की छाल से बनें ‘अर्जुन क्षीरपाक’ के नियमित सेवन इंस्टेंट हार्ट अटैक के मामलों में कमी लाई जा सकती है। अर्जुन की छाल में विशेष औषधीय गुण होते हैं, जो हृदय की धमनियों को मजबूती प्रदान करते हैं और हृदय की मांसपेशियों को शक्ति देते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी है, जिन्हें हृदय संबंधी समस्याएं हैं या जिनमें हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है।
 
सामान्य जीवन में बेहद लाभकारी है आयुर्वेदिक औषधियाँ
 
जिला आयुष अधिकारी डॉ. गुरूदयाल साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में जिले में हुए जल जगार महोत्सव में आयुष विभाग की प्रदर्शनी में बूटीगढ़ और रसशाला की प्रदर्शनी में  मुनगा (सहजन) जैसे पौधों के औषधीय गुणों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें मुनगा का सूप बनाने की विधि बताई गई। साथ ही, विभिन्न जड़ी-बूटियों का अर्क डिस्टिलेशन प्रक्रिया के माध्यम से निकाला गया, जिससे रोज़मर्रा के जीवन में उपयोगी औषधियाँ तैयार की जा सकती हैं। बूटीगढ़ और रससाला का उद्देश्य ही यही है कि आमजनों को ज्यादा से ज्यादा औषधीय गुणों से भरे पेड़-पौधों को लेकर जागरूक किया जाए। हमारे घरों में ही कितनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ उपलब्ध होती हैं, जिसके सेवन से मौसमी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। डॉ. गुरूदयाल आगे बताते हैं कि राशि रत्न पौधों को लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा औषधीय पौधरोपण से प्रकृति को भी सहजा जा रहा है और जल सरंक्षण में भी यह कदम सराहनीय है। साथ ही औषधीय पेड़-पौधों से जीवन में सकारात्मकता भी बढ़ती है। 
 
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ रसशास्त्र से मिली रसशाला की प्रेरणा
 
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में से एक रसशास्त्र में औषधियों को बनाने की कई विधियों का वर्णन मिलता है। इन प्रक्रियाओं में अलग-अलग यंत्रों का उपयोग किया जाता था, जिनसे औषधियों को शुद्ध और तैयार किया जाता था। महर्षि नागार्जुन को इन विधियों का जनक माना जाता है। इन औषधियों का उपयोग विशेष रूप से बीमारियों के इलाज में किया जाता है। पुराने समय में आयुर्वेदाचार्य कई प्रकार के यंत्रों का इस्तेमाल करते थे। जैसे दोला यंत्र, उलूखल यंत्र, कच्छप यंत्र, और स्वेदनी यंत्र। इन यंत्रों से औषधियाँ बनती थीं, जो आज भी कई बीमारियों में कारगर होती हैं। आयुष रसशाला के जरिए ताजा जड़ी-बूटियों से औषधीय रस, अर्क, क्वाथ और पेय बनाए जाते हैं। ये औषधियाँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं और कई बीमारियों में फायदेमंद साबित होती हैं।
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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की

राज्यपाल  रमेन डेका ने आज डोंगरगढ़ पहुंचकर माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ बम्लेश्वरी से प्रदेशवासियों की खुशहाली, उन्नति व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने ज्योति कलश के दर्शन किए एवं हवन कुण्ड की पूजा की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक  मोहित गर्ग ने पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित काफी-टेबल बुक भेंट की।
इस अवसर पर मां बमलेश्वरी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
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गुरुवार10 अक्टूबर को होने वाला जनदर्शन स्थगित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 10 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
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हरियाणा की चुनावी जीत: साय और गोयल की अनोखी टेलीफोनिक बधाई!

आज वाणिज्य भवन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। यह बैठक छत्तीसगढ़ के वाणिज्य और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कृषि उत्पादों के प्रमाणीकरण, अंतरराष्ट्रीय निर्यात की संभावनाएं और प्रदेश में स्पेशल इकनॉमिक जोन (SEZ) की स्थापना पर विचार किया जा रहा था।
 
बैठक के दौरान, अचानक पीयूष गोयल के फोन की घंटी बजी। स्क्रीन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम चमक रहा था। हाल ही में हरियाणा में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी, और यह फोन उसी खुशी की खबर लेकर आया था।
 
केंद्रीय मंत्री गोयल ने तुरंत फोन उठाया और खट्टर को बधाई देते हुए कहा, “मनोहर जी, आपको और आपकी पूरी टीम को बधाई! आपने हरियाणा की जनता का दिल जीतने में शानदार काम किया है। आपकी मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों का यह प्रतिफल है।”
 
इसके बाद, गोयल ने फोन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने फोन पर खट्टर को बधाई देते हुए कहा, “आपने बहुत अच्छे तरीके से चुनाव का संचालन किया है। हरियाणा में भाजपा की यह जीत आपके कुशल नेतृत्व का प्रमाण है। आप और आपकी सरकार ने जनता के विश्वास को फिर से जीता है।”
 
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा की यह सफलता भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों की जीत है। उन्होंने खट्टर से आशा जताई कि उनकी सरकार आने वाले समय में हरियाणा के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
 
बैठक के दौरान, पीयूष गोयल और विष्णुदेव साय ने यह भी चर्चा की कि हरियाणा की जीत भाजपा के लिए एक नया उत्साह लेकर आई है और इससे पार्टी के जनाधार को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
 
इस मौके पर, केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “हमारी सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, उनका परिणाम हमें हरियाणा की जनता ने दिखाया है। इस जीत के साथ, हमें अब आने वाले समय में और भी बड़ी जिम्मेदारियों का सामना करना होगा।”
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया। 
 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी।  उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है।
 
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
 
कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
 
शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।
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छत्तीसगढ़ के सफल नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री ने की तारीफ

देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर एक अहम बैठक आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।
 
इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 
 
मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। 
 
भविष्य की योजनाओं और लक्ष्य की दी जानकारी
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके।
 
 
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा केंद्र हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी।
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वन्य जीवों के रहवास के लिए छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र सबसे उपयुक्त: वन मंत्री केदार कश्यप

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज नया रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी के सभागार में आयोजित वन्य जीव सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए। वन विभाग 2-8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे ‘‘सह अस्तित्व से वन्य जीव संरक्षण सप्ताह’’ थीम पर आधारित वन्य जीव सप्ताह के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में जन जागरूकता को लेकर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर आयोजित विविध गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने का कार्यक्रम आज वन विभाग द्वारा ट्रिपल आईटी रायपुर के सभागार में आयोजित हुआ।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस मौके पर विजयी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान करने के साथ ही उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर वन्य जीव सप्ताह अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की सुश्री रागिनी धु्रव को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह और पुरस्कार राशि का चेक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। सुश्री रागिनी धु्रव अचानक मार्ग टायगर रिजर्व वन क्षेत्र के गांव शिवतराई की रहने वाली हैं। 
मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु और भौगोलिक स्थिति अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर है। हमारा राज्य बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित है। यहां के वन क्षेत्र वन्य जीवों के रहवास के लिए बेहद उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से ही हमारे वनवासियों भाईयों का वन्य जीवों से मित्रवत व्यवहार रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में इसमें बदलाव आया है, जिसके चलते यदा-कदा द्वन्द की स्थिति देखने और सुनने को मिलती है। उन्होंने वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन क्षेत्रों को संरक्षित और संवर्धित करने का आव्हान किया। मंत्री श्री कश्यप ने राज्य में वन एवं पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए वन विभाग एवं छत्तीसगढ़वासियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में सालभर पूर्व जन्मे 6 शावकों का क्रमशः ज्वाला, पृथ्वी, पंचमुख, मृजराज, केशरी और इन्द्रावती जैसे पौराणिक नाम रखे और कहा कि जंगल सफारी में शेर की संख्या में वृद्धि होना, खुशी की बात है। 
इस मौके पर मंत्री श्री कश्यप ने अचानकमार टायगर रिजर्व का लोगो तथा कानन पेंडारी और जंगल सफारी की वार्षिक प्रतिवेदन पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री धम्मशील गनवीर ने वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य जीवों के संरक्षण की स्थिति में सुधार होने के कारण इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग द्वारा बर्ड काउंट इंडिया, कलिंगा यूनिवर्सिटी और पक्षी मित्रों के सहयोग से बर्ड एटलस तैयार किया जा रहा है। 2 अक्टूबर से चल रहे वन्य प्राणी सप्ताह के तहत राजधानी से लेकर जिला मुख्यालयों में जन जागरूकता के लिए निबंध, प्रश्नोत्तरी, भाषण, रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, वन्य प्राणी प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सुधीर अग्रवाल, प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ श्री अनिल कुमार साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक राज्य वन अनुसंधान केन्द्र श्री आनंद बाबू, सरपंच ग्राम भेलवाडीह श्री सहदेव कोसरिया, उपरवारा सरपंच श्री गिरधर पटेल, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
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मंत्रियों ने जवानों की पीठ थप-थपाकर हौसला अफजाई की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने मंत्रीगणों के हाथों मिठाई भेजकर नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों की हौसला अफजाई की। उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर की सीमा से लगे थुलथुली क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े एनकाउंटर को अंजाम देने वाले जांबाज जवानों का मुंह मीठा कराकर उनका हौसला बढ़ाया। 
 
 मंत्रीगणों ने दंतेवाड़ा पुलिस लाइन में जवानों से भेंटकर बस्तर में शानदार कार्य के लिए आईजी पी. सुंदरराज, नारायणपुर दंतेवाड़ा एसपी, डीआरजी, एसटीएफ सहित पुलिस के सभी अधिकारियों की प्रशंसा की व एनकाउंटर का नेतृत्व कर रहे एएसपी से उनके अनुभव सुने व डीआरजी के महिला जवानों से भी स्थिति की जानकारी ली।
 
  जवानों से चर्चा करते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मैं यहां आप सबके पास देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का शुभकामना संदेश लेकर आया हूं। मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा आप लोगों को शुभकामना स्वरूप भेजी गई मिठाई देने आया हूं। आप सब दंतेश्वरी माई के बेटे और बेटियां हैं और आपने जो कार्य किया  है, इसके  बाद किसी को कोई संदेह नहीं है कि आपकी भुजाओ की ताकत से बस्तर में मंडराने वाला नक्सली आतंक जल्द ही खत्म होगा। गृह मंत्री ने जवानों को आश्वस्त किया कि सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। बस्तर में विकास के लिए सरकार कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं होने देगी। उन्होंने बस्तर के भटके नौजवानों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटे। उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
 
  कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि प्रदेश व देश के विकास में बाधक किसी भी शक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा की आम बस्तरियों के विकास के लिए राशन दुकान, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़के ,बिजली आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। इससे बस्तर विकास की गति में तेजी से आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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