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मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के साथ किया संवाद

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बीजापुर प्रवास के दौरान विश्रामगृह में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली हिंसा से पीड़ित युवाओं से संवाद किया। ये युवा छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत पुलिस विभाग में भर्ती होकर माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल संगठन को छोड़कर पुनर्वास नीति से लाभान्वित होने वाले युवाओं से मिलकर खुशी जाहिर की और कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दिवस नक्सलियों की हिंसा के शिकार 55 से ज्यादा नक्सल पीड़ितों ने दिल्ली जाकर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से मिले और नक्सलवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा के शिकार लोगों की बातों को सुनकर बहुत ही दुख लगा कि निर्दाेष लोग हिंसा के शिकार हो रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री साय से संवाद के दौरान नक्सली पीड़ित नव आरक्षक सुमित्रा ने बताया कि उनके पिता की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत वे आरक्षक के पद पर नियुक्त हुए है। शासन के पुनर्वास नीति नक्सल पीड़ित परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है। 
 
वहीं चेरकंटी निवासी मंगल मोड़ियम पूर्व में 19 वर्षों तक नक्सल संगठन में शामिल था। माओवादियों के खोखली विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण किया, जिन्हें पुनर्वास नीति के तहत पुलिस विभाग में नियुक्ति मिली। मंगल मोड़ियम ने बताया कि बस्तर, बीजापुर में शांति स्थापित होना जरूरी है। भोले-भाले आदिवासियों का नक्सलियों द्वारा जल, जंगल, जमीन के नाम पर गुमराह किया जाता है।
 
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद  महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, बस्तर कमिश्नर  डोमन सिंह बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर  संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा में 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिले में 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों की लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें लोकार्पण के तहत जिला दन्तेवाड़ा के विकासखण्ड कुआकोण्डा में शासकीय उपाधि महाविद्यालय में अध्ययनरत् छात्रों हेतु 100 सीटर कन्या छात्रावास भवन निर्माण कार्य 272.450 लाख रू., दन्तेवाड़ा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण 99.000 लाख रू., 100 सीटर छात्रावास भवन का निर्माण कार्य दन्तेवाड़ा 160.000 लाख रू., बुढ़ा तालाब बारसूर में सौंदर्यीकरण कार्य विकासखण्ड-गीदम 453.000 लाख रू., शंकनी-डंकनी नदी तट पर घाट निर्माण 3659.700 लाख रू., 500 सीटर आवासीय विद्यालय कारली के भवन निर्माण कार्य विद्युतीकरण सहित वि.ख.-गीदम 487.150 लाख रू., एनीकट निर्माण कार्य कटेकल्याण पुजारी पारा डुमाम नदी पर 350.000 लाख रू., दुगेली एनीकट निर्माण कार्य 372.940 लाख रू., प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार का निर्माण कार्य 75.000 लाख रू., उप स्वास्थ्य केन्द्र हिड़पाल का निर्माण कार्य 28.510 लाख रू. के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण शामिल है। 
 
इसी प्रकार भूमिपूजन के अन्तर्गत आस्था विद्या मंदिर किरन्दुल हेतु भवन निर्माण, कर्मचारी हेतु आवास, छात्रावास भवन सड़क नाली बाउंड्री निर्माण आदि 4219.000, जिला दन्तेवाड़ा के रानीबाग में भवन निवास के भूतल एवं प्रथम तल का निर्माण कार्य 326.570, मड़कामीरास में 50 सीटर आदिवासी प्री. मे. कन्या छात्रावास निर्माण कार्य 191.510, जंगमपाल में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760, बड़ेगुडरा में 100 सीटर आदिवासी पो. मै.कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590, मारजूम में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760, समेली में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य  191.510, पालनार में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590, ग्राम जावंगा में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य 221.040, जोगिंग ट्रैक एवं बाउंड्रीबॉल निर्माण कार्य 47.130, सामुदायिक भवन गीदम जावंगा में पार्क एवं ट्यूबवेल निर्माण कार्य 49.510, आदिवासी बालक आश्रम बोदली में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम समेली में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम नहाड़ी में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम बुरगुग 162.760, आदिवासी बालक आश्रम पोटाली 162.760, आदिवासी बालक आश्रम कौरगांव 162.760 आदिवासी बालक आश्रम मुस्तलनार 162.760, आदिवासी बालक आश्रम गुमलनार 162.760 आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510, आदिवासी नवीन पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास कुआकोण्डा 191.510, आदिवासी पो.मे. बालक छात्रावास कासोली 191.510, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास कासोली 191.510, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510, कैडियापारा एनीकट (ग्राम पंचायत भूसारास) निर्माण कार्य 260.460, फरसपाल जलाशय योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य 255.770, चेक डेम निर्माण कार्य ग्राम झिरका पण्डेवार 49.990, झोडि़याबाड़म नदी पर एनीकट निर्माण कार्य 390.310, कामालूर से बासनपुर मार्ग पर पुलिया निर्माण 18.450, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 03 स्पान 06 मी. स्पान बालूद से कुआपारा 49.560, पुलिया निर्माण कामालुर से बासनपुर आर. डी. 4. 05 मी. 41.300, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 06 मी. स्पान बालूद से मंझारपारा 25.180, पुलिया निर्माण बालूद से टोटापारा मार्ग 30.160, डंकनी नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य कि. मी. पोन्दुम से दाबपाल मार्ग पर 445.700, जिला दन्तेवाड़ा के ग्रामीण महिला एवं युवाओं के लिये आर्थिक अवसरों को उप्रेरित करने के लिये युवा हब संचालन कार्य 59.800, ग्राम पंचायत नहाड़ी के आश्रित ग्राम मुलेर में विद्युतीकरण कार्य 345.000 के कार्य शामिल हैं। 
 
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह और वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग के सदस्य ओजस्वी मण्डावी, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों मौजूद रहे।
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अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हुआ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम

 कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 11 अक्टूबर 2024 तक कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को अधिक अवसर प्रदान के महत्व पर प्रकाश डालना और बालिकाओं द्वारा शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सा देखभाल, भेदभाव, हिंसा और बाल विवाह से सुरक्षा में आनेवाले असमानताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रतिदिन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम का आयोजन भीमा तालाब के पास सामुदायिक भवन जांजगीर में किया गया। जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अनिता अग्रवाल द्वारा कन्या भ्रूण हत्या, लिंग असमानता तथा कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दिया गया। साथ ही किशोरी बालिकाओं से कन्या भ्रूण हत्या से संबंधी प्रश्नोत्तरी भी किया गया।

नवरात्रि पर्व 2024 के दौरान 11 अक्टूबर 2024 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की समस्त योजनाओं का प्रचार प्रसार करते हुए नवरात्री में मां दुर्गा के नौ रूपों के अनुसार जिले के सभी परियोजनाओं में तिथिवार कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि  5 अक्टूबर को पामगढ़ के बी.एड कालेज में योग, मेडिटेशन के प्रति जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रम, 06 अक्टूबर को बलौदा के आंगनबाड़ी केन्द्र में वृहद स्तर पर गोदभराई का कार्यक्रम, 07 अक्टूबर को जिला बाल संरक्षण इकाई, सखी वन स्टाप सेंटर, नवाबिहान, समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं जाज्वल्य देव कन्या महाविद्यालय जांजगीर में विकास के आयाम तथा पोषण एवं संरक्षण के प्रति जागरूकता संबंधी कार्यक्रम, 08 अक्टूबर को अकलतरा में पोषण एवं स्वास्थ्य के संबंध में शिविर, 09 अक्टूबर को नवागढ़ के महाविद्यालय में कार्यक्रम, 10 अक्टूबर को समस्त परियोजना एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वच्छता एवं कन्या भोज का आयोजन एवं जांजगीर के ऑडिटोरियम में चौतन्य देवी एवं कराटे का आयोजन किया जाएगा।

 
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न्याय यात्रा से हम जनता के मुद्दे उठाने में सफल रहे : दीपक बैज

 छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की "न्याय यात्रा" का समापन 2 अक्टूबर को रायपुर में हुआ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने राजीव भवन में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस यात्रा को जनता के जख्मों पर मरहम बताते हुए कहा कि न्याय यात्रा ने सरकार की नाकामियों को उजागर किया और जनता के बीच कांग्रेस की मजबूती को स्थापित किया।


जनता की आवाज बनी न्याय यात्रा
दीपक बैज ने कहा कि इस यात्रा की शुरुआत 27 सितंबर को गुरू घासीदास की तपोभूमि से हुई थी और 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन राजधानी में इसका विराम हुआ। यात्रा ने कुल 125 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसमें विभिन्न इलाकों के लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान 10 से अधिक पत्रकार वार्ताएँ और 150 से अधिक वन-टू-वन चर्चाएं हुईं, जिनके माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने जनता की समस्याओं को उठाया।

सरकार की नाकामियों पर तीखे हमले
भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है और अपराधी बेलगाम हो गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। बघेल ने कहा, "10 महीने की भाजपा सरकार ने जनता का भरोसा तोड़ा है।"

जनता से सीधा संवाद
टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि न्याय यात्रा ने जनता की तकलीफों को सीधे सामने रखा है। उन्होंने कवर्धा में कचरू की मौत के मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार की विफलताओं के कारण जनता न्याय के लिए भटक रही है। उन्होंने कहा, "यात्रा ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार जनता के हित में असफल रही है।"

यात्रा का समर्थन
यात्रा के दौरान पीड़ित परिवारों और विभिन्न समाजों ने कांग्रेस के इस अभियान का समर्थन किया। बलौदाबाजार की घटना से नाराज सतनामी समाज और अन्य समुदायों ने न्याय यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लिया।

एकजुट कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि न्याय यात्रा ने कांग्रेस के सभी नेताओं को एकजुट किया है। "इस यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेसजन एक परिवार की तरह मिलकर काम कर रहे हैं," महंत ने कहा।

यात्रा की सफलता
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह यात्रा केवल शुरुआत है। "न्याय यात्रा का अभी अंत नहीं हुआ है, बल्कि यह यात्रा अंजाम तक पहुंचेगी," दीपक बैज ने कहा।

इस अवसर पर पत्रकार नितिन चौबे के निधन पर मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

 

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युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर स्थित सेन्ट्रल लाइब्रेरी में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए, यहां उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद किया। युवाओं से बातचीत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओ को आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाएगा, प्रदेश के युवाओं को अच्छे भविष्य के निर्माण की सम्भावनाएं मिल रही है। इस मौके पर युवाओं की मांग सुनकर मुख्यमंत्री ने बीजापुर कलेक्टर को आवश्यक निर्देश भी दिए| अब बीजापुर के युवाओं को जल्द ही शून्य प्रतिशत ब्याज में एजुकेशन लोन की सुविधा देने की पहल की जाएगी।  
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर संवाद कार्यक्रम में युवाओं से मिलना एक शुभ अवसर है| मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के लिए सजग है, प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना के साथ ही जिलों में लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि रायपुर के नालंदा परिसर में प्रतियोगी परीक्षा के लिए विद्यार्थियों की सुविधाओं में वृद्धि की गई है| दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी के लिए संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई, पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उनका खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा|
 
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के साथ उनके भविष्य, शिक्षा, और रोज़गार के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं के विकास और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्री साय ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी, जो उनके सशक्तिकरण में सहायक हो सकती हैं।
 
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से अपने सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। लाइब्रेरी में आयोजित इस युवा संवाद कार्यक्रम ने जिले के युवाओं को एक सकारात्मक मंच दिया, जहां वे अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकें और उनके समाधान के बारे में जान सकें। 
 
मुख्यमंत्री से बातचीत में युवा राकेश ताती ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र का होने के कारण, मेरी प्रारंभिक शिक्षा दूसरे गाँव में हुई, आज मेरे गाँव में पुलिस कैंप के साथ-साथ स्कूल भी खुल गए हैं। राकेश ने बताया कि मैं सहायक प्रोफेसर की तैयारी कर रहा है, लाइब्रेरी से तैयारी करने में बहुत सहायता मिलेगी|
 
रूखसार खान ने बताया कि जिले में अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने से पढ़ाई का स्तर अच्छा हुआ है, रूखसार ने मुख्यमंत्री से बीएड-डीएड कॉलेज की खोलने की पहल मांग की| सामया हसरत ने साइंस विषय के लिए कॉलेज में प्रोफेसर की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया| 
 
ग्राम मेड के निवासी जगपति कुर्सा ने बताया कि गाँव सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्य को गति मिल गई है। जगपति ने नीट-जेईई की तैयारी के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी में कोचिंग की माँग रखी। पुजारी कांकेर निवासी लक्ष्मण ने बताया कि मेरे गाँव में पहले स्कूल नहीं था इसलिए मैंने अपनी पढ़ाई दूसरे गांव में जाकर की लेकिन मुझे ख़ुशी है कि अब मेरे गांव में स्कूल खुल गया है, अब गांव के बच्चे गांव में ही पढ़ रहे हैं| मुख्यमंत्री ने युवाओं की बात सुनकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया|
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06 महीनों में लोक निर्माण विभाग के 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण कार्यों की मिली स्वीकृति

जशपुर जिले के विकास को नई उड़ान दिलाने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर नई विकास परियोजनाओं का आगाज हो रहा है। जिसके द्वारा जिले के विकास को गति मिल रही है। पिछले 06 माह में लोक निर्माण विभाग की 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है। 
 
        जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए मुहिम चलाई जा रही है ताकि जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि उन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाए। इसके लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए तीव्र गति से तकनीकी विश्लेषण द्वारा डीपीआर निर्माण कर तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विगत 06 माह में 43 सड़क निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय की मंशानुरूप सभी सड़क निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण कर आगामी 01 वर्ष में सभी को पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया हैं।
 
       लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार के पत्थलगांव के अंतर्गत 73.30 करोड़ रुपयों के 25 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसमें 10.94 करोड़ की लागत के एन.एच.43 से बिच्छीकानी ढुढरूपारा से जमरगी तक 8 किमी सड़क मार्ग, 7.98 करोड़ रूपए लागत के बगीया से सूजीबहार तक के 8.70 किमी सड़क मार्ग, 5.57 करोड़ रूपए लागत के लैलूंगा, कोतबा से लवाकेरा तक के 5.18 किमी सड़क मार्ग, 4.28 करोड़ लागत के 3.5 किमी के कांसांबेल मुसकुटी तक सड़क मार्ग, 4.03 करोड़ रूपए लागत के बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक सड़क मार्ग, 3 करोड़ रूपए लागत के 1.2 किमी के करजटोली से रजौटी तक सड़क मार्ग सहित 25 सड़क मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।
 
        लोक निर्माण विभाग के जशपुर के कार्यपालन अभियंता श्री विरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जशपुर में 39.89 करोड़ रुपयों के 18 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जिसमें 3.39 करोड़ लागत के चांडीडांड हत्ता हल्काटोली तक के 2.36 किमी सड़क मार्ग, 4.75 करोड़ लागत के एस.एच 17 मुख्य मार्ग से ढोगाअम्बा जामचुआ तक 3.26 किमी सड़क मार्ग, 3.6 करोड़ रूपए लागत के बनकोम्बों से घटमुंडा तक के 3.4 किमी सड़क मार्ग, 2.57 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से छोटाबनई तक के 2.4 किमी सड़क मार्ग, 2.45 करोड़ रूपए लागत के एन.एच. 43 खड़सा से कोमड़ो तक के 1.94 किमी सड़क मार्ग, 2.38 करोड़ रूपए लागत के भुड़केला से लवानदी पुल तक के 2.10 किमी सड़क मार्ग, 2.33 करोड़ रूपए लागत के खरवाटोली से बांधाटोली तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.25 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से कारीताला तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.29 करोड़ रूपए लागत के बहराखैर से जुड़वाईन तक के 1.63 किमी सड़क मार्ग सहित 18 मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।
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05 और 06 अक्टूबर को राजधानी में होगा भव्य सैन्य प्रदर्शनी समारोह भीष्म टी-90 टैंक सहित अन्य आर्टिलरी पहुंचे राजधानी

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित होने वाले भव्य सैन्य समारोह के लिए आज राजधानी रायपुर पहुंचे भारतीय सेना के भीष्म टैंक और अन्य आर्टिलरी का शानदार स्वागत किया गया। इसके बाद एक रैली के रूप में टैंक एवं सैन्य उपकरणों का काफिला रायपुर शहर के तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, कलेक्ट्रेट, जयस्तंभ और आश्रम चौक होते हुए साइंस कॉलेज मैदान तक मैदान पहुंचा। शहर के नागरिकों में इसे लेकर ख़ास उत्साह रहा। सैकड़ों लोग इस शानदार रैली को मोबाइल से कैप्चर करते दिखे। पूरे रैली में शामिल वाहनों में तिरंगा लहराता रहा। 

 
गौरतलब है कि राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 05 से 06 अक्टूबर को होने वाले भव्य सैन्य प्रदर्शनी समारोह की तैयारी जोरों पर है। इसमें शामिल होने के लिए भारतीय सेना की सैन्य हथियार आज राजधानी पहुंचे, जिसमें भीष्म टी-90 टैंक, बीएमपी, एल-70, जेएडयू-23, स्ट्रेला और लोरोस शामिल हुए। इसका इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ज़ोरा के मुख्य गेट पर सुबह कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी श्री संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप सहित अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया। भीष्म टैंक और दूसरे सैन्य उपकरणों को वाहनों सहित फूल-मालाओं से सजाया गया था। लोगों ने इस आकर्षण क्षण को अपनें मोबाईलों में फोटो और वीडियों के रूप में रिकार्ड किया। जहां से भी यह काफिला गुजरा, वहां ’भारत माता की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। 
 
साइंस कॉलेज मैदान में सैनिको ने किया रिहर्सल-
साइंस कॉलेज मैदान में सैनिको ने डेयर डेविल स्टंट और खुखरी डांस और मिलेट्री बैंड का पूर्वाभ्यास किया।
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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर स्थानीय अवकाश घोषित

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 01 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय, उपकोषालय एवं अन्य वित्तीय संस्थान के लिए लागू नहीं होगा। इस संबंध में आज यहां सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जया के जीवन में आया बदलाव

भारी मशीनरी की खनक-खनक की आवाज़ से अभ्यस्त होने में कुछ समय लग सकता है। शुरू में जया को फैक्ट्री के जीवन की सटीकता और गति डरावनी लगी। याद रखने के लिए नियम थे, अनुसरण करने के लिए कदम थे और सम्मान करने के लिए पदानुक्रम थे। 38 साल की उम्र में, कोविड-19 की पहली लहर के दौरान अपने पति की अचानक मृत्यु के बाद, जया को एक ऐसी भूमिका में धकेल दिया गया था, जिसके लिए किसी ने उसे तैयार नहीं किया था। जया की कहानी महिलाओं को सशक्त बनाने और समुदायों को बदलने में लेबर हेल्पलाइन और लेबर रिसोर्स सेंटर के दूरगामी प्रभाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग को यूएनडीपी के संसाधन, विशेषज्ञता और सहायता ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
 
जया ने कहा, जब मेरे पति का निधन हुआ, तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं घुटन भरे अंधेरे में घिर गई हूं, जिससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा है। पति की मृत्यु के बाद जीवन आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक कलंक से भरा हुआ था, जो अक्सर भारतीय समाज में विधवा होने के साथ होता है। जया दुख और अविश्वास के सागर में डूबी हुई थी। लेकिन जल्द ही उसे अपने पति के कर्ज की सच्चाई का सामना करना पड़ा। अनिश्चित वित्तीय भविष्य सामने था और जया जानती थी कि उसे चीजों को सही करने के लिए कार्यबल में प्रवेश करना होगा।
 
आशा की एक किरण रायपुर में स्थापित सीएम श्रमिक हेल्पलाइन (मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र) के रूप में सामने आई। वहां, जया को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के बारे में पता चला, जो एक सरकारी योजना थी जो एक मृत मजदूर के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती थी। दयालु स्टाफ सदस्यों ने जया को सरकारी योजना की जटिलताओं को समझने में मदद की और उसे 1,00,000 रुपये की सहायता राशि दिलाने में सहायता की।
 
यह रकम उनकी जीवनरेखा बन गई और कर्ज चुकाने में मदद की। उन्होंने कहा, मेरे पति की अचानक मृत्यु हो गई थी, इसलिए यह योजना बहुत मददगार रही। कर्ज चुकाने के बीच में ही इस योजना ने उन्हें बचाया। जिस दिन जया कर्ज मुक्त हुईं, उनकी सोच बदल गई। उन्हें न केवल राहत मिली, बल्कि आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प भी मिला। जया ने तय किया कि अब समय आ गया है कि वह अपने घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर काम पर लग जाएं।
 
खस्ता मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फैक्ट्री की नौकरी के पहले दिन उसके हाथ-पैर कांप रहे थे। मशीनरी और निर्माण प्रक्रिया डराने वाली थी, लेकिन जया ने पहले भी कई चुनौतियों का सामना किया था। धीरे-धीरे, मुस्कुराते हुए, सौम्य सहकर्मियों की मदद से, जया ने अपनी नई भूमिका को अपनाया।
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जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने किया कार्यों का निरीक्षण

 जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कांकेर और कोंडागांव जिले में मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम रतेडीह, कुरुटोला, कानापोड़ एवं डेढ़कोहका में विभागीय अधिकारियों के साथ कार्यों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. भुरे ने कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के गुलबापारा में भी मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का अवलोकन किया।
 
जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. भुरे ने इन गांवों में मिशन के तहत बनाए गए उच्च स्तरीय जलागार, सोलर आधारित योजना, नल कनेक्शन, पाइपलाइन एवं अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर नल के माध्यम से जल आपूर्ति की जानकारी ली। डॉ. भुरे ने विभागीय अधिकारियों को जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। मिशन के कार्यों के निरीक्षण के दौरान उनके साथ  लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग के कोंडागांव मंडल के अधीक्षण अभियंता श्री जी.एल. लखेरा, कांकेर के कार्यपालन अभियंता श्री बी.एन. भोयर, कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता श्री विरेन्द्र पाण्डेय, सहायक अभियंता श्री राजेश हिरकने, उप अभियंता श्री आर.पी. जोशी और कु० निभा कोर्राम सहित सरपंच एवं स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का शुभारंभ, पारंपरिक हर्बल उत्पादों और लोक कला का किया अवलोकन*

 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर में आज *प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश की पारंपरिक वन संपदा, औषधीय उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और कलाकारों व कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।

 
*पारंपरिक औषधियों की जानकारी प्राप्त की*  
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ वैद्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दशरथ नेताम द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक औषधियों का अवलोकन किया। श्री नेताम ने बताया कि ये औषधियाँ जंगलों से विशेष रूप से चुनकर लाई गई जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने इन औषधियों की निर्माण प्रक्रिया और उनके उपयोग के लाभों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इन पारंपरिक विधियों के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।
 
*महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना*  
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी मर्यादित संघ के स्टॉल पर जाकर विभिन्न वन-आधारित उत्पादों जैसे जशपुर के हैंडमेड ग्रीन टी, हर्बल च्यवनप्राश, और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा तैयार किए गए शुद्ध हर्बल उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘हर्बल छत्तीसगढ़’ ब्रांड के तहत तैयार शहद, रागी-कोदो कुकीज, आँवला कैंडी, और जामुन रस जैसे उत्पादों को देखकर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “इन हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।”
 
*लोक कलाकारों के अनोखे प्रदर्शन की प्रशंसा*  
मुख्यमंत्री ने देवरी (आरंग) के मोहरी वादक श्री विशाल राम यादव और कोलिहापुरी, दुर्ग के चिकारा वादक श्री मनहरण दास बंजारे के लोक वाद्य प्रदर्शन का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पारंपरिक लोक कलाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों कलाकारों को उनके संगीत के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी।
 
*रजवार कला के भित्ति चित्रों की सराहना*  
भित्ति चित्र कलाकार डॉ. शशिप्रिया उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को उनकी टीम द्वारा बनाए गए भित्ति चित्रों के बारे में बताया, जिनमें रजवार कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति, लोक जीवन, और पारंपरिक वेशभूषा को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि रजवार कला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवित रखना और इसे नए आयाम देना है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, "ऐसी लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
 
*दिव्यांग बच्चों की कला का सम्मान*  
मुख्यमंत्री ने शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैम्प के मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान छात्र धनदास बरमते ने स्वनिर्मित लोककला आधारित चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस उपहार को स्वीकारते हुए धनदास की कला की प्रशंसा की और कहा, "आपकी यह कला हमारी संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य करेगी।" उन्होंने धनदास के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
 
*45 वर्षों से पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहे श्री रिखि क्षत्रिय का अभिनंदन*  
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संरक्षण में योगदान देने वाले श्री रिखि क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। श्री क्षत्रिय ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों—जैसे रुंजू बाजा, घूमरा बाजा और चिरई बाजा—का संरक्षण और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। श्री क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को रुंजू बाजा भेंट किया और अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए घूमरा बाजा से शेर की आवाज और चिरई बाजा से चिड़िया की आवाज निकालकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनके इस अनूठे योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे कलाकार हमारी लोक परंपराओं के सच्चे रक्षक हैं।
 
*छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को मिला मंच*  
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करते हैं। ये आयोजन हमारे पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ, इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक हैं।”
 
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों, कारीगरों, और प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू करने पर पीएम को दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि महात्मा गांधी का सपना था कि जनजातीय समुदाय विकास की मुख्य धारा में शामिल हो और तरक्की करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महात्मा गांधी के इन्हीं सपनों को पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त बातें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के शुभारंभ अवसर पर वर्चुअली जुड़कर कही। 
 
यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर झारखण्ड के हजारीबाग से देश के जनजातीय इलाकों एवं जनजातियों के उत्थान के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उक्त अभियान के देशव्यापी शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय भी लाभान्वित होंगे और उनके जीवन में नया बदलाव आएगा। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर 65 हजार से ज्यादा गाँव और 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए कदम बढ़ाया है। इससे छत्तीसगढ़ के 32 जिलों के 138 विकासखण्ड़ों में स्थित 6691 गाँवों में रहने वाली 47 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ और जशपुर जिले के लिए गौरव का दिन है कि जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की आदिवासी महिला मानकुंवर बाई को प्रधानमंत्री ने बातचीत के लिए अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की और घर-घर शौचालय निर्माण कराया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ा। इन शौचालयों को कई राज्यों में इज्जत घर के रुप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी बाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए अलग राज्य का निर्माण किया और अलग से जनजाति मंत्रालय का गठन और अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने हम सभी स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के माध्यम से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अभियान से जुड़े रहे। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को आदत में शामिल करने की अपील की और कहा कि हमें अपने आसपास वातावरण को भी स्वच्छ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अति पिछड़े विशेष पिछड़ी जनजाति की चिंता की और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय इलाकों में मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से राज्य के गरीबों के कल्याण के लिए काम प्रारंभ कर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की जिसकी राशि अब हितग्राहियों के खाते में आने लगी हैं और घर निर्माण प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 3100 रुपये में क्विंटल में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का धान के बकाया बोनस की राशि, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा को 4 हजार से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना से राशि दी जा रही है। विगत 9 माह के भीतर मोदी की गारंटी की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए।
 
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि यहां आदिवासी समाज के साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत मुख्यमंत्री उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार जनजाति उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। कार्यक्रम को सामरी विधायक श्रीमती उद्देशवरी पैकरा ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान जिले की प्रभारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री प्रबोध मिंज, श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे। 
 
192 करोड़ रूपए के विकास कार्याें का लोकार्पण-शिलान्यास  
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर में आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, श्रम पंजीयन कार्ड अंतर्गत हितग्राहियों को चेक, वन अधिकार पट्टा, आपदा पीड़ितों को सहायता राशि, टीबी मुक्त घोषित 3 ग्रामों को प्रमाण पत्र, ट्रैक्टर, पशुधन विकास विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को चेक प्रदान किया गया।
 
राजपुर में लिंक कोर्ट सहित कई घोषणाएं
 
मुख्यमंत्री साय ने सांसद एवं विधायकगणों के आग्रह पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नरसिंहपुर से मरकाडाड़ के मध्य महान नदी में पुल निर्माण, हायर सेकंडरी स्कूल राजपुर के लिए नवीन भवन का निर्माण, राजपुर ब्लॉक में उफिया में चन्दर मुसखोर नाला में पुलिया निर्माण तथा राजपुर में अपर कलेक्टर लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की।
 
बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कर्मा महोत्सव
 
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पंडो जनजाति की बहुलता को देखते हुए पंडो जनजाति के लिए 50-50 सीटर बालक-बालिका छात्रावास निर्माण की घोषणा की और बिलासपुर और सरगुजा संभाग में प्रतिवर्ष कर्मा महोत्सव का आयोजन कराए जाने की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चाक पर दिखाई कलाकारी, बनाई मिट्टी की कटोरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित खादी और ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने चाक पर अपनी कलाकारी दिखाते हुए मिट्टी की कटोरी बनाई और स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गोदना पेंटिंग वाली कोसा साड़ी भी खरीदी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आज दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी, स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का समापन सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर के मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान का शुभारंभ किया और साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होने वाले सैन्य प्रदर्शनी में शामिल सैन्य वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
 
मुख्यमंत्री ने एआई तकनीक से कराई टीबी की जांच
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एआई तकनीक से टीबी की जांच कराई और 2 मिनट में ही उनका रिपोर्ट प्राप्त हो गया। मुख्यमंत्री जांच में सामान्य पाए गए। उन्होंने जिला प्रशासन के इस विशेष पहल की सराहना की और कहा अधिक से अधिक लोगों टीबी की जांच करें ताकि इसका प्रभावी रोकथाम हो सके।
 
मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े 2024 के समापन के अवसर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में लगाये गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने रायपुर नगर निगम के स्टालों के निरीक्षण के दौरान मौली माता स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित प्लास्टिक फ्री सेनेटरी नेपकिन की जानकारी ली और वहां मौजूद स्वच्छता दीदियों को सेनेटरी नेपकिन भेंट किया। इस दौरान समृद्धि महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फूलों से निर्मित दशांग, धूप बत्ती और डेकोरेटेड दिया भेंट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि ये उत्पाद मंदिर में चढ़ाये गए फूलों से बनाये जाते हैं। मुख्यमंत्री ने समूह के महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छता कर्मचारियों को स्वच्छता किट भेंट कर सुरक्षित रहकर कार्य करने की बात कही।
        
मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर लगाए गए खादी एवं ग्रोमोद्योग विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड और रेशम विभाग के स्टालों को देखा। उन्होंने बिलाईगढ़ के संत बिसाहू दास महंत राज्य पुरस्कार से पुरस्कृत श्री देवानंद देवांगन द्वारा तैयार गोदना पेंटिंग आर्ट वाली कोसे की साड़ी भी खरीदी। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक चॉक पर हाथ आजमाते हुए मिट्टी की कटोरी तैयार की और 5 माटी शिल्पकारों को इलेक्ट्रिक चॉक भेंट किए। मुख्यमंत्री को हाथकरघा प्रभाग के स्टॉल में सिवनी से आये श्री गजानंद देवांगन ने कोसा से निर्मित शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन भेंट के लिए धन्यवाद दिया। 
 
गौरतलब है कि विभागों द्वारा शहतूत रेशम बाड़ी योजना के तहत री रीलिंग मशीन, नैसर्गिक कोसा प्रगुणन कैंप, बुनियाद रिलिंग मशीन का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मलबरी रेशम, डाबा और टसर रेशम की भी जानकारी उपलब्ध है।
 
इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता मीनल चौबे, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. वसवराजु एस., सचिव ग्रामोद्योग विभाग  यशवंत कुमार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, आयुक्त नगर निगम रायपुर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वजीत सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में खादी वस्त्रों की खरीद पर मिलेगी 25% की बड़ी छूट

छत्तीसगढ़ में खादी वस्त्रों की खरीद पर 25% की बड़ी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गांधी जयंती के अवसर पर यह बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गोदना आर्ट वाली कोसा की साड़ी भी खरीदी। 
         मुख्यमंत्री साय ने कहा की 02 अक्टूबर से लेकर 31 मार्च 2025 तक खादी वस्त्रों की खरीद पर प्रदेशवासियों को 25% की बड़ी छूट मिली मिलेगी।  उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी वस्त्र खरीदने की अपील की और छूट का लाभ लेने को कहा। साय ने कहा कि बुनकर-कलाकार बहुत मेहनत से खादी वस्त्र तैयार करते हैं और उस पर तरह-तरह की कलाकृतियां भी उकेरते हैं। कई मायनों में यह हमें अपनी संस्कृति से भी जोड़े रखता है। उन्होंने कहा कि देश में खादी वस्त्रों के उपयोग की लंबी परंपरा रही है। आजादी की लड़ाई के दौर में हमें खादी वस्त्रों के उपयोग का जिक्र मिलता है। कारीगर बहुत मेहनत से इन वस्त्रों को तैयार करते हैं और गांधी जयंती के खास मौके पर आप सभी के लिए यह बड़ी छूट की घोषणा हुई है, आप सभी इसका लाभ उठाएं। 
       इस मौके पर वन मंत्री कश्यप, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाए: मुख्यमंत्री

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूँ और आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझे और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाए कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुँच पाएंगे।
 
     मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भाँचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।
 
समारोह को सम्बोधित करते हुए जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हमारे घर में माता-पिता और वृद्धजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। उनके सम्मान और आशीर्वाद से ही हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। छतीसगढ़ सरकार वृद्धजनों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उनके लिए पेंशन, आश्रम, उपचार, पीएम आवास, निशुल्क अनाज, तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की गई है। 
 
आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ में गरीब, मजदूर, किसानों सहित अन्य सभी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य के किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक मद्द दी जा रही है। 
 
समारोह में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृद्धजन घर परिवार में बरगद की सुकूनदायक छांव की तरह होते हैं, जो दुख-दर्द में हमारी कठिनाईयों को दूर करते हैं। हमें वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जिले में इस तरह के भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विधायक भुलन सिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वागत भाषण दिया। 
 
सूरजपुर जिले के विकास की कई घोषणाएं
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा  राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं।
 
187 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।
 
पीएम आवास के हितग्राहियों को बांटी खुशियों की चाबी
 
सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के सभी जनपदों केे एक-एक हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास पूर्ण होने पर आवास की चाबी सौपी। जिले के भैयाथान, ओडगी, प्रतापपुर, प्रेमनगर, रामानुजनगर और सूरजपुर जनपद के पात्र हिताग्राहियो श्री संतोष कुमार पिता श्री रामाशंकर, श्री बृजलाल पिता श्री बुधराम, श्री देवशरण पिता  श्री हीरा साय, श्री बीरसाय पिता श्री बैजनाथ, श्रीमती सुखमनिया पति/पिता श्री लक्ष्मण, श्री बरातु पिता श्री रंगु को आवास की चाबी सौंपी गई।
 
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया अवलोकन
 
मुख्यमंत्री साय ने आज सूरजपुर अग्रसेन स्टेडियम में अयोजित कार्यक्रम में सक्षम सूरजपुर अतंर्गत डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत् संचालित डिजिटल बस का अवलोकन किया। सक्षम सूरजपुर अंतर्गत जिले में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन (डिजिटल बस) संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा देने और बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके द्वारा जिले के बड़ी ग्रामीण जनसंख्या को डिजिटल तकनीकों के संबंध में जागरूक करने के साथ डिजिटल उपकरणों के संबंध में जानकारी प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत जिला सूरजपुर प्रथम जिला है, जहां डिजिटल बस ने जिले के 06 विकासखण्डों में भ्रमण कर डिजिटल साक्षरता से लोगों को अवगत कराया और जागरूक किया जा रहा है। इस बस के द्वारा डिजिटल बैंकिंग से लेकर साईबर सिक्योरिटी पर शिक्षा दी जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक आईटी शिक्षा और साइबर सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट कोर्स कराकर प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है। 
 
विशेष स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन
 
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य लाभ पहुचाने विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा  मरीजों का खून, बीपी, शुगर, गठिया, हृदय, श्वास संबंधी, दंत एवं नेत्र, नाक, कान, गला सहित अनेक बीमारियों का जांच कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें आवश्यक परामर्श एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। 
 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा वृद्धजनों को स्वास्थ्य कार्ड एवं सिकलसेल मरीजों को सिकलसेल पहचान कार्ड का वितरण भी किया गया। गौरतलब है कि वृद्धजनों को नियमित स्वास्थ्य लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों हेतु वृद्धजन स्वास्थ्य कार्ड बनाने की शुरुआत शिविर में किया गया ताकि वृद्धजनों को विभिन्न प्रकार की जांच व उपचार की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा सके। इस अवसर पर जिले के समस्त पंजीकृत निजी चिकित्सालय के प्रतिनिधियों द्वारा आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष वृद्धजनों के स्वास्थ्य हित मंे सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों में वृद्धजनों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने संकल्प पत्र प्रस्तुत किया गया। 
 
हितग्राहियों को किया सामग्री एवं चेक का वितरण
 
कार्यक्रम के दौरान जिले में शासन के विकास कार्याे पर आधारित विभागीय स्टालों का अवलोकन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस दौरान समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, मत्स्य पालन, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर स्टॉल में मौजूद हितग्राहियों को विभिन्न योजनांतर्गत सामग्री एवं राशि चेक का वितरण किया। इस दौरान मत्स्य विभाग से 05 हितग्राहियों को जाल और आइस बॉक्स और दो हितग्राही को केसीसी कार्ड का वितरण, पशुपालन विभाग से दो हितग्राही में से एक हितग्राही को राज्य डेयरी उद्यमिता के तहत सब्सिडी राशि साठ हजार का राशि चेक और एक हितग्राही को मुर्गीपालन हेतु केसीसी कार्ड, कृषि विभाग से दो हितग्राही को इलेक्ट्रिक पंप और उद्यानिकी विभाग से दो हितग्राहियों को केसीसी कार्ड का वितरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत हितग्राहियों में सक्षम महिला योजना के तहत हितग्राही सुश्री रूमा तिवारी को एक लाख बीस हजार राशि और महिला कोष से हितग्राही समूह चेतना महिला समूह को पचास हजार राशि चेक ऋण वितरण, इस दौरान दो गर्भवती माताओं का गोद भराई एवं दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। इस दौरान एक एनीमिया मुक्त महिला श्रीमती आशा कुशवाहा और एक कुपोषण मुक्त चार वर्षीय बच्चे मयंक विश्वकर्मा को सुपोषण टोकरी का वितरण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के तहत छह हितग्राहियों को व्हीलचेयर एवं छड़ी का वितरण भी किया गया।
 
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, बैकुंठपुर विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, अंबिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, पूर्व गृहमंत्री श्री राम सेवक पैकरा, श्री भीम सिंह अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, श्री राजेश महलवाला एवं बड़ी जनसंख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी। 
 
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। श्री कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है। 
 
स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
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धमतरी के कन्हारपुरी में प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर

कभी सूखे की समस्या की ओर बढ़ते धमतरी जिले में अब प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर बन चुका है, जो बारह महीने लबालब नजर आ रहा है। जिले के ग्राम कन्हारपुरी में निर्मित किए गए अमृत सरोवर को छत्तीसगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस अमृत सरोवर (तालाब) को लेकर खास बात यह है कि जितनी लागत इस सरोवर बनाने में आयी, उससे अधिक आय पंचायत को हो गई। केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना के बाद जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर की जाने वाली कवायद की कड़ी में प्रशासन की पहल पर संसाधनों के बेहतर उपयोग से संभव हो पाया है। एक काम, दो काज की कहावत को चरितार्थ करते हुए यहाँ काम किया गया है। कन्हारपुरी में 9 एकड़ के क्षेत्रफल में बनकर तैयार हुए तालाब से जहाँ गाँव वालों की निस्तारी की समस्या का समाधान हुआ है तो दूसरी ओर लबालब रहने वाले इस अमृत सरोवर का पानी गाँव के 50 एकड़ की कृषि भूमि को सिंचित कर रहा है। इस तालाब की मिट्टी और मुरूम रेलवे पटरी बिछाने के लिए भी आधार बनी है। 
 
उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर से धमतरी के बीच ब्राडगेज रेलवेलाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। इसके लिए रेलवे को मिट्टी और मुरूम की जरूरत थी। यह बात जिला प्रशासन तक पहुँची तो उन्होंने धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक अंतर्गत कन्हारपुरी से ही मिट्टी और मुरूम उपलब्ध कराने की पहल की। गाँव के मुरा तालाब में उस वक्त मनेरगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य प्रस्तावित था। इस गहरीकरण कार्य के लिए 9 लाख 31 हजार का बजट रखा गया था। जिला प्रशासन ने रेलवे बोर्ड और कन्हारपुरी के पंचायत प्रतिनिधियों के बीच मध्यस्ता कर मुरा तालाब से ही रेलवे लाइन बिछाने के लिए आवश्यतानुसार मिट्टी और मुरूम निकालने का एग्रीमेंट कराया। पहले 6 एकड़ तक सिमटे तालाब का क्षेत्रफल बढ़कर 9 एकड़ तक हो गया। वहीं गहरीकरण के पूर्व कन्हारपुरी के मुरा तालाब की जलधारण क्षमता 32 हजार 400 घनमीटर थी, जो अब 57 हजार 800 घनमीटर हो चुकी है। पहले गहराई लगभग 10 फीट थी, वह अब 15 फीट है। बताते हैं कि गहरीकरण से भू-जल स्त्रोत के अन्य बंद पोर भी खुल गए तो लगातार अब भूमिगत जल भी तालाब को भरने लगा है। 
 
मिट्टी के बदले रेलवे देगा 12 लाख : 
कन्हारपुरी से रेलवे लाइन के लिए मिट्टी और मुरूम निकालने के बदले में रेलवे बोर्ड ने एग्रीमेंट के तहत पंचायत को रायल्टी के रूप में करीब 12 लाख 20 हजार रुपये देगा। जिस राशि को पंचायत गाँव के अन्य विकास कार्य में लगाएगी। 
 
जिले में 121 अमृत सरोवर पूर्ण, 19 का काम जारी : 
धमतरी जिल में मौजूद तालाबों को अमृत सरोवर का स्वरूप दिया जा रहा है, जहाँ गहरीकरण कर जलधारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं आवश्यकता के आधार पर 8 नए अमृत सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इस तरह जिले में कुल 121 अमृत सरोवर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से 102 अमृत सरोवर में कार्य पूर्ण हो चुका है, वहीं 19 अमृत सरोवर पर काम जारी है। धमतरी जिले में अमृत सरोवर को ब्लॉक आधार पर देखें तो धमतरी ब्लॉक में 25, कुरुद ब्लॉक में 38, मगरलोड ब्लॉक में 29 एवं नगरी ब्लॉक में 29 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। 
 
108 अमृत सरोवर के जल से रुद्राभिषेक : 
धमतरी के रविशंकर जलाशय तट पर आगामी 5 व 6 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसे जल-जगार महा-उत्सव का नाम दिया गया है। इस दौरान होने वाले अनेक भव्य कार्यक्रमों में रुद्राभिषेक का आयोजन भी शामिल है। इस जल रुद्राभिषेक में 108 अमृत सरोवरों के जल से रुद्राभिषेक किया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ को केंद्रीय परिवहन मंत्री की सौग़ात, सड़कों के विकास के लिए 11 हजार करोड़ की मंजूरी

छत्तीसगढ़ की सड़कों का जाल और मजबूत होने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ के लिए 11 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी देकर राज्य को एक बड़ी सौगात दी है। इस राशि से चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करेगा। श्री गडकरी ने यह घोषणा नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान की।
 
नई दिल्ली के भारत मंडपम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। बैठक में छत्तीसगढ़ में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इस दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टाम्टा और हर्ष मल्होत्रा व छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी शामिल रहे।
 
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ में चल रही परियोजनाओं की प्रगति पर समीक्षा की ताकि कार्यों का समय पर और कुशलता से निष्पादन हो सके। बैठक में परियोजनाओं के विलम्ब के कारणों व रुकावटों पर चर्चा की गयी। इस संबंध में वन विभाग से क्लीयरेंस, राजस्व और खनन से जुड़े अड़चनों को दूर करने व परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा कर अवरोधों को दूर करने का प्रयास किया गया। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने समस्त प्रगतिरत एवं प्रस्तावित परियोजनाओं को समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिए।
 
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति पर चर्चा की गई, इसके साथ ही चार प्रमुख राजमार्गों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने की मंजूरी दी गई। बैठक में जिन चार मुख्य परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें उरगा-कटघोरा बाईपास (NH-149B), बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट, और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है। जिसके लिए केन्द्रीय मंत्री ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है।
 
वहीं, *केन्द्रीय सड़क निधि के तहत 908 करोड़ के आठ कार्यों को स्वीकृति*प्रदान की गई है।
 
बैठक में केशकाल घाट व धमतरी-जगदलपुर मार्ग के चार लेन चौड़ीकरण कार्य की भी मंजूरी दी गयी। 
एनएचएआई के अंतर्गत रायपुर-विशाखापट्टनम मार्ग एवं बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं, पत्थलगांव से कुनकुरी-झारखंड बॉर्डर मार्ग को एक माह के अन्दर एजेंसी निर्धारित करने के लिए निर्देशित किया गया।
 
बैठक में रायपुर शहर टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच ग्रेड सेपरेटर व विधानसभा रोड से बिलासपुर रोड (धनेली) को जोड़ने वाले मार्ग एवं रायपुर एक्सप्रेस वे पर ग्रेड सेपरेटर बनाने की सहमति दी गई।
इसके अलावा सड़कों के विकास के लिए 1200 करोड़ की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति मिली है।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "यह छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक बड़ी सौगात है। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि सड़क नेटवर्क का विस्तार राज्य के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा करें और समय पर कार्य पूरा करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे स्वयं इन परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखेंगे और हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट तलब करेंगे, ताकि काम में कोई देरी न हो। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी निष्ठा से इन परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करेगी, जिससे राज्य के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी और विकास की गति तेज होगी।
 
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वन विभाग के सचिव श्री अमरनाथ प्रसाद सहित राज्य के लोक निर्माण विभाग, राजस्व, खनन और वन विभागों के अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
 
परियोजनाओं के प्रमुख बिंदु-
 
1. रुपये 908 करोड़ के 8 कार्यों की स्वीकृति:केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) योजना के तहत आठ परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
 
2. केशकाल घाट का फोरलेन चौड़ीकरण: केशकाल घाट के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य की स्वीकृति दी गई है, जिसे एक महीने के भीतर मंजूरी मिलने की संभावना है। यह परियोजना क्षेत्र में यातायात सुगमता और सड़क सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेगी।
 
3. धमतरी-जगदलपुर मार्ग का फोरलेन चौड़ीकरण: इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे दक्षिण छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
 
4. समस्त प्रगतिरत और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए समय-सीमा में पूर्णता के निर्देश: सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ की सड़कों और राजमार्गों का विकास तेजी से हो सके।
 
5. एनएचएआई के अंतर्गत रायपुर-विशाखापटनम और बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग: इन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए गए हैं, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
 
6. पत्थलगांव से कुनकुरी-झारखंड बॉर्डर मार्ग: इस परियोजना के लिए एजेंसी का चयन एक महीने के भीतर किया जाएगा, ताकि सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके।
 
7. रायपुर शहर में ग्रेड सेपरेटर निर्माण: रायपुर शहर के टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच सरोना, उद्योग भवन और तेलीबांधा में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण की भी मंजूरी मिली है, जिससे शहर में यातायात की भीड़ कम होगी।
 
8. विधानसभा रोड से बिलासपुर रोड (धनेली) और रायपुर-धमतरी मार्ग पर ग्रेड सेपरेटर: इन दोनों स्थानों पर भी ग्रेड सेपरेटर के निर्माण की सहमति दी गई है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को सुविधा होगी।
 
प्रमुख परियोजनाएं
 
- उरगा-कोरबा कटघोरा रिंग रोड (42.1 किमी) - 1,593 करोड़ रुपये
- बसना से सारंगढ़ (33 किमी) - 490 करोड़ रुपये
- सारंगढ़ से रायगढ़ (56 किमी) - 825 करोड़ रुपये
- रायपुर-लखनादोन इकोनोमिक कॉरिडोर (105 किमी) - 6,300 करोड़ रुपये
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