छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों पर शासकीय मेडिकल कालेजों का किया जा रहा है सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अम्बिकापुर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज के संभागस्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल
बीजेपी संगठन मंत्री अजय जामवाल से मिले कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष, योजना का नाम यथावत रखने की मांग
प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने का कर रही है कार्य - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव में नवनिर्मित ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था अपनी मेहनत से समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने जुटी है। वर्तमान समय बहुत भाग-दौड़ का समय है ऐसे में तनाव होना भी स्वाभाविक है। यह तनाव लोगों को शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर करता हैं। ऐसे समय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा राज मार्ग राजयोग का ध्यान बताया गया है, जिससे निश्चित रूप से लाभ मिलता है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले के बड़ाजी ग्राम में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 8 करोड़ तीन लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्बा समाज के शहीद गेंद सिंह ने अंग्रेजों से लोहा लिया और क्षेत्र में अंग्रेजी शासन की नीतियों का विरोध किया। आज हम सभी युवा शहीद गेंद सिंह का स्मरण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें। कार्यक्रम को सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल ने भी संबोधित किया।
सामाजिक बुराईयों को दूर करना हम सब की जिम्मेदारी - श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज बलौदाबाजार में जिला साहू संघ द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान झिरिया साहू समाज के नवनिर्मित छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने साहू स्मारिका, तेली दिवस पुस्तक एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पवन साहू द्वारा तैयार कैलेंडर का विमोचन भी किया। श्री साव ने साहू छात्रावास में मंच निर्माण और पेवर ब्लॉक के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। भाटापारा के विधायक श्री इंद्र साव और कसडोल के विधायक श्री संदीप साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
युवाओं के नेतृत्व क्षमता का विकास करता है युवा संसद- मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ग्राम बतरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद युवाओं की नेतृत्व क्षमता का विकास करता है। युवा संसद का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है, साथ ही सार्वजनिक मुद्दों पर विचार करने और अपनी राय बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इस अवसर पर विद्यालय के स्काउट गाइड के बच्चों से भी मिली और युवा संसद कार्यक्रम के सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से छात्रों को सरकार की कार्यप्रणाली को जानने और समझने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को सरगुजा जिले को देंगे 495 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले को 495 करोड़ 23 लाख की लागत वाले विकास कार्यों की सौगात देंगे, जिसमें 154 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से निर्मित 145 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 340 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 1047 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
चिकित्सा क्षेत्र युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का सुअवसर भी करता है प्रदान - मुख्यमंत्री श्री साय
सांसद रहने के दौरान दिल्ली का नॉर्थ एवेन्यू स्थित मेरा आवास छत्तीसगढ़ और क्षेत्र के मरीजों व परिजनों के लिए दूसरा घर था। उपचार के लिए दिल्ली जाने वाले मरीज वहीं रहकर अपना इलाज करवाते थे। लोग मुझसे कहते थे कि आपका घर मिनी एम्स है। मरीजों की सेवा मेरे लिए सबसे ज्यादा रुचि का कार्य था और यह कार्य मुझे सबसे अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए यह बात कही।
सैनिकों के लिए मदद करे समाज - राज्यपाल श्री डेका
सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में गौरवपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि सैनिक निस्वार्थ भाव से हमेशा देश की रक्षा के लिए तैयार रहते है और अपना जीवन देश सेवा के लिए लगाते है। समाज के हर वर्ग का कर्तव्य है कि उनके लिए मदद करें। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अधिक से अधिक सहयोग देकर वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करें। राज्यपाल ने सशस्त्र झण्डा दिवस निधि के लिए 2 लाख रूपए की सहयोग राशि राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड को प्रदान की।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने सभी शहीदों की वीर नारियों एवं माताओं, आश्रितों को सम्मान राशि 7 हजार 100 और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वीरता अलंकरण प्राप्त कर्ताओं और झण्डा दिवस के अवसर पर विशेष योगदान देने वाले दानदाताओं का सम्मान भी किया। राज्यपाल ने आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्नातक उपाधि 6 भूतपूर्व सैनिकों को प्रदान कर प्रोत्साहित किया।
राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन के दौरान इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि झण्डा दिवस निधि से लगभग 27 महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है जिससे हम अपने भूतपूर्व सैनिकों की उचित तरीके से देखभाल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि नियमित और अनुशासित होना सफल जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती सुधा सक्सेना की सराहना की जो एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी है और अपने पेंशन की राशि से प्रतिवर्ष झण्डा दिवस निधि में विशेष योगदान देती हैं। हमारे समाज में ऐसे असंख्य अदृश्य हीरो है जो समाज की निस्वार्थ सेवा करते है। उन्होंने कहा कि विकास के मॉडल में आम आदमी की भूमिका बढ़ानी होगी।
उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करें और खुद को लगातार अपग्रेड करते रहें। श्री डेका ने कहा कि सारा राष्ट्र सशस्त्र सेना एवं सैनिकों के परिवार साथ खड़ा है। सेवारत और सेवानिव्त्त सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण हेतु हमेशा प्रयासरत रहेंगे।
समारोह की शुरूआत में शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सशस्त्र सेना झण्डा दिवस का प्रतीक बैज लगाकर श्री डेका को सम्मानित किया गया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन अनिल कुमार शर्मा ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के संदेश का वाचन किया। राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने झण्डा दिवस निधि के महत्व पर एवं इस निधि से भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याे की जानकारी दी।
सशस्त्र सेना झण्डा दिवस में सबसे ज्यादा राशि एकत्रित करने के लिए कलेक्टर दुर्ग श्रीमती ऋचा प्रकाश चौधरी एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर कैप्टन श्री अनिल कुमार शर्मा को प्रथम पुरूस्कार एवं कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह एवं सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग ग्रुप कैप्टन श्री प्रवीण कुमार धोबले को द्वितीय पुरूस्कार एवं राज्यपाल ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस अवसर पर राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के ब्रोशर संक्षेपिका-2024 का भी विमोचन किया गया। एन.सी.सी. कैडेटों ने ओजपूर्ण देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्री संजय शर्मा, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एवं एम्स के निदेशक श्री अशोक जिंदल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, सेवारत् तथा भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
धान खरीदी की परेशानियों को लेकर 10 दिसंबर को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी, ब्लाक स्तरीय धरना-दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि धान बेचने में किसानों को हो रही परेशानी तथा सरकार के किसान विरोधी रवैये के विरोध में कांग्रेस पार्टी 10 दिसंबर को प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन करेगी। पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने धान खरीदी केन्द्र चलो अभियान चलाया। जिसमें हमारे सभी नेता पदाधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में गये मैं भी चार सोसायटी गया। पूरे प्रदेश में धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था किसान परेशान है। सरकार की कोशिश है कम से कम धान खरीदी की जाये। सोसायटियों में हमारे नेताओं ने देखा कि बारदाने की कमी है, जिससे किसानों को धान बेचने में परेशान होना पड़ रहा। सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नये, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है। पुराने बारदाने फटे हुये है जिसमें धान भरा ही नहीं जा सकता, किसानों से कहा जा रहा 50 प्रतिशत बारदानो की व्यवस्था स्वंय करो उसका भुगतान किया जायेगा, लेकिन किसानो के बारदाने का पैसा भी नहीं मिल रहा। टोकन की व्यवस्था अव्यवहारिक है, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा, नंबर ही नहीं आ रहा। टोकन कटने की तारीख से 7 से 10 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है। 15 दिन बाद तक का भी टोकन नहीं मिल रहा। इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है। सोसायटियों में धान का उठाव नहीं होने के कारण जगह की कमी है। धान के बोरे जाम है। जगह का अभाव हो गया है।
विकसित छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा अहम योगदानः मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के एम्स आडिटोरियम में रिमोट का बटन दबाकर 100 दिनों तक चलने वाले राज्य स्तरीय निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रिमोट का बटन दबाकर निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतिमाह दी जाने वाली 1 हजार रूपए की राशि के आनलाइन ट्रांसफर करने की भी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को निक्षय निरामय की शपथ भी दिलाई। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक राज्य में टीबी, कुष्ठ और मलेरिया के मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में राज्य के वृद्धजनों का भी स्वास्थ्य जांच और उपचार शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐम्स परिसर में "निक्षय निरामय छत्तीसगढ़" 100 दिवसीय जांच व उपचार अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता व टीबी जांच हेतु संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग के लिए एक एक वाहन शामिल हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे।
बस्तर के तोकापाल की सुश्री बबीता नाग ने मुख्यमंत्री को बांधा निरामय सूत्र
एम्स रायपुर के आडिटोरियम में आज निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम अंतर्गत 100 दिनों तक टीबी, मलेरिया एवं कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी तथा उनका उपचार किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे लोगों का भी सम्मान किया गया जिन्होंने टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों से लड़ाई लड़ी और आज स्वस्थ जीवन का आनंद उठा रहे हैं। इन्हीं मे से एक हैं बस्तर के तोकापाल की रहने वाली बबीता नाग जो कुछ समय पहले तक टीबी के रोग से पीड़ित थीं। इन्होंने सरकारी अस्पताल में अपनी जांच करायी और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए समय पर दवाइयों और पोषण आहार का सेवन किया। इसकी वजह से बबीता आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। बबीता ने अपने स्वस्थ होने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया है जिनकी पहल की वजह से वो टीबी जैसी बीमारी के प्रति जागरूक हो सकीं और समय पर अपना इलाज कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देने के लिए बबीता आज निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में उपस्थित थीं। उन्होने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को अपने हाथों से निक्षय निरामय सूत्र बांधा और प्रदेश में स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए आभार प्रकट किया।
छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को घर बैठे मिलेगी बस की समय सारणी और बस रूट की जानकारी
भरतपुर के ग्राम कैसोड़ा एवं ग्राम रूसनी में 2000 बोरी अवैध धान जब्त
विगत 19 नवम्बर 2024 को भरतपुर में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के निर्देश पर तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम ने ग्राम भगवानपुर स्थित अंकुर सिंह के गोदाम से 2000 बोरी धान जप्त की। प्रारंभ में बताया गया कि यह धान पिछले वर्ष की खेती की विक्रय के बाद की अतिशेष मात्रा है, लेकिन इसका विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि यह धान नया है। जांच के दौरान पता चला कि यह धान मध्य प्रदेश से अवैध रूप से लाया गया था।
आगे पूछताछ में यह सामने आया कि व्यापारी अंकुर सिंह ने ग्राम पंचायत कैसोड़ा और ग्राम रुसनी के किसानों से धान खरीदी थी। इन किसानों को कमीशन का वादा किया गया था, लेकिन न तो उन्हें कमीशन दिया गया और न ही उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड लौटाए गए। इसके अलावा, यह धान अवैध रूप से इन किसानों के पंजीकरण का उपयोग करके बेचने की कोशिश की जा रही थी।
कृषि विश्वविद्यालय के स्टार्टअप के उत्पाद जापान और अन्य एशियाई देशों में बिकेंगे
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में संचालित एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेन्टर, (राबी) के स्टार्टअप ‘‘उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड’’ एवं ‘‘कोनोइके ग्रुप, जापान’’ के बीच आज यहां एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थिति में उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अनिल पासरी एवं कोनोइके ग्रुप के महाप्रबंधक कात्सुफुमि ओत्सुकी ने एम.ओ.यू. में हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर कोनोइके ग्रुप सीनियर बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर हीरोशी सोएजिमा, कार्यकारी अधिकारी तोशिहिरो फुजिवारा और उनकी टीम सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक एवं निदेशकगण तथा कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता एवं एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेन्टर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक एवं उद्योगपति उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस अनुबंध के तहत छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप ‘‘उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड’’ द्वारा उत्पादित ‘‘सॉइल कंडीशनर’’ एवं अन्य उत्पादों को जापान और अन्य उपमहाद्वीपों के देशों में विक्रय किया जा सकेगा। उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील स्लैग से एक अभिनव उत्पाद, “सॉइल कंडीशनर“ विकसित किया है, जिसमें 13 प्रमुख सूक्ष्म पोषक तत्व हैं। यह उत्पाद फसल उत्पादन में वृद्धि करता है और किसानों की आय को बढ़ाता है। एमओयू समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्टार्टअप को बधाई दी और जापानी प्रतिनिधियों के साथ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के स्टार्टअप इकोसिस्टम को साझा किया।
उन्होंने भविष्य में और अन्य स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करने का स्वागत किया, ताकि वैश्विक स्तर पर विकास हो सके। कोनोइके ग्रुप के महाप्रबंधक कात्सुफुमि ओत्सुकी ने अपने संबोधन में अपनी लॉजिस्टिक्स कंपनी और जापान में इस उत्पाद को बाजार में लाने की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने जापान की औद्योगिक संस्कृति और वहां के औद्योगिक क्षेत्र के जीडीपी में योगदान के बारे में बताया। इस अवसर पर आई.जी.के.वी. राबी, रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक ने स्टार्टअप को बधाई दी और सभी गणमान्य अतिथियों को संबोधित किया।
उन्होंने कृषि व्यवसाय में नवाचार को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था में इसके योगदान में इनक्यूबेशन केंद्र की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्ळज्ञट के इनक्यूबेशन केंद्र ने 300 प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया है, जिनमें से 119 स्टार्टअप्स को 13.28 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड सहायता के लिए अनुशंसित किया गया है। इन स्टार्टअप्स ने 10 लाख से अधिक किसानों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

