छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर के सराईटोली में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अटल सुशासन चौपाल में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के निर्माता श्रद्धेय अटल जी को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से नमन किया। मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा। इस दौरान अधोसंरचना विकास के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ उनकी ही देन है।उन्होंने कहा कि अटल जी  हमेशा अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहते थे। आज पूरे प्रदेश में उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी का मानना था कि छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा तो इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। यहां के निवासियों और जनजातियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उनकी प्रगति को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के स्वप्न को पूरा कर रही है।  
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में लगातार मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम राज्य सरकार कर रही है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 70 लाख माताओं-बहनों को हर माह एक हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के साथ अब तीर्थ यात्रा योजना भी जल्द शुरू की जाएगी। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दी गई है।सीजीपीएससी घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इसमें लिप्त लोगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इससे छात्रों का भरोसा सीजीपीएससी पर फिर से लौटा है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है। गुड गवर्नेंस के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है।  बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
 
पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी के योगदान के लिए पूरे देश के साथ विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लोग उनके बहुत आभारी हैं। उन्होंने हमें छत्तीसगढ़ के रूप में एक अलग राज्य की सौगात दी। आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मोदी की गारंटी के अधिकांश वायदे हमने एक वर्ष में पूरे किए हैं।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने सराईटोली में अनेक विकास कार्यों की घोषणा की
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  क्षेत्र के किसानों की सुविधा की दृष्टि से फरसाबहार में अपेक्स बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही कोतईबीरा से कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला की तर्ज पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण सहित  अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अटल सुशासन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को सहायता राशि और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया। उन्होंने मछुआ सहकारी समिति एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक द्वारा पे-केसीसी कार्ड के वितरण सहित अनेक  हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल, राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि एवं दिव्यांग बच्चों को निःशक्तजन छात्रवृत्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से मां तारिणी स्व-सहायता समूह को 80 हजार रुपए एवं जय मां अम्बे स्व सहयता समूह को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया। 
 
इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या देवी साय, श्री रोहित साय, श्री भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
और भी

जशपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय और बगीचा में खुलेगा पॉलीटेक्निक कॉलेज

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के सलियाटोली में 726.27 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के विकास के लिए कई बड़ी सौगाते दीं। मुख्यमंत्री ने कुनकुरी अंचल के ग्राम सलियाटोली में आयोजित कार्यक्रम में 726 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत के 172 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जिनमें 65 करोड़ 94 लाख रूपए की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण और 660 करोड़ 33 लाख रूपए की लागत के 122 कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शासन के विभिन्न विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत अनेक हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री एवं उपकरण प्रदान किए।
 
मुख्यमंत्री साय ने 660.33 करोड़ रूपए की लागत के जिन 122 कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें जशपुर विधानसभा के 58.83 करोड़ रूपये की लागत के 21 कार्य, कुनकुरी विधानसभा में 498.01 करोड़ रूपये की लागत के 58 कार्य, पत्थलगांव विधानसभा में 103.48 करोड़ रूपये की लागत के 43 कार्य शामिल हैं। भूमिपूजन होने वाले कार्याे में मुख्य रूप से जशपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय, बगीचा में नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज, कुनकुरी में रिक्रिएशन पार्क, जिला कार्यालय जशपुर के द्वितीय तल, 15 धान उपार्जन केन्द्रों में अधोसंरचना-गोदाम, सलिहाटोली में इंडोर जिम, बगीचा में बैडमिंटन कोर्ट, कुनकुरी में अमृत मिशन 2.0 के विभिन्न कार्य शामिल है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री साय ने 65.94 करोड़ की लागत के जिन नवनिर्मित 50 कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें जशपुर विधानसभा में लगभग 27.76 करोड़ लागत के 26 कार्य, कुनकुरी विधानसभा में 5.65 करोड़ लागत के 12 कार्य और पत्थलगांव विधानसभा में 32.51 करोड़ लागत के 12 कार्य शामिल है। लोकार्पित होने वाले कार्यों में मुख्य रूप से पोंगरों एनीकट हाइड्रो पावर आधारित पम्पिंग योजना, 4 प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन, 6 स्टाप डेम, सेन्द्रीमुण्डा में नवीन आदिवासी कन्या आश्रम, नारायणपुर में हाई स्कूल भवन शामिल है।
       
इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष  राजेश गुप्ता, रामप्रताप सिंह, यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
और भी

अटल जी के सुशासन के आदर्शों के अनुरूप छत्तीसगढ़ को संवारने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर कुनकुरी के सलियाटोली में आयोजित अटल सुशासन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सबके श्रद्धेय नेता, छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी जयंती वर्ष है। हम यह वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। अटल जी की जयंती हम सब सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। आज छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है और भारत के नक्शे में 26 वें राज्य के रूप में उभरा है तो इसके पीछे अटल जी की दूरदर्शी सोच थी। छत्तीसगढ़ की जनता से किया गया वायदा न केवल अटल जी ने निभाया अपितु नये राज्य को संवारने के लिए हर संभव मदद भी की।अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की जिस तरह परिकल्पना की थी उसके अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को संवारने में जुटे हुए हैं। उन्होंने जो सुशासन के आदर्श हमारे समक्ष रखे हैं उन पर चलते हुए हमने प्रशासन के हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। सुशासन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। अटल मानिटरिंग एप, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-आफिस, सुगम एप, संगवारी एप जैसे नवाचारों के माध्यम से हम डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर अपना रहे हैं। इससे प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। अटल जी की चिंता किसानों के प्रति थी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद हमने धान खरीदी का बढ़िया माडल बनाया। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिलता है। 

 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए हम हर महीने एक हजार रुपए 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में दे रहे हैं।  एक साल के भीतर ही हमने माओवादियों को उनके सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों से खदेड़ दिया। अब माओवाद अंतिम सांसें ले रहा है। इससे बस्तर में विकास की नई राह खुली है। पीएम जनमन योजना एवं नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में खुशियों की लहर आई है। नई उद्योग नीति के माध्यम से हमने ढाई लाख करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य रखा है इससे पांच लाख लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बनेंगी।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुनकुरी और जशपुर में ऑडिटोरियम निर्माण, कुनकुरी नगर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए, कुनकुरी इंडोर स्टेडियम के लिए 20 लाख रूपए, ग्राम पंचायत नारायणपुर ओघेश्वर आश्रम में दो प्रवेश द्वार निर्माण, तपकरा तहसील में लिंक कोर्ट की स्थापना, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सलियाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए एवं बार एसोसिएशन कुनकुरी में फर्नीचर, पुस्तकालय के लिए 25 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के पुनीत अवसर पर आयोजित "अटल सुशासन समारोह" में जशपुर जिले के स्पेशल लोगो, वार्षिक प्रगति पत्रक, जशप्योर कैलेंडर और जशपुर के पर्यटन स्थलों के कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंप कर बधाई दी। उन्होंने अटल सुशासन समारोह में शासन के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित स्टाल्स का अवलोकन कर हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितग्राहीमूलक सामग्री प्रदान की।
 
इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और रायमुनी भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, रामप्रताप सिंह, यश प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों को दिया न्योता, कहा छत्तीसगढ़ निवेश के लिए असीम संभावनाओं वाला राज्य

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में आज आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए इसे निवेशकों के लिए बेहद अनुकूल बताया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को 15184 करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए असीम संभावनाओं वाला राज्य है। हमारी नई औद्योगिक नीति उद्योगों को कर, भूमि, और बिजली में छूट के साथ-साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं देती है। यह नीति न केवल उद्योगों की स्थापना, बल्कि रोजगार सृजन पर भी जोर देती है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, खनन, और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। नई औद्योगिक नीति में विशेष सब्सिडी और प्रोत्साहन पैकेज शामिल हैं। डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस प्राप्त करना आसान हो गया है। उद्योग विभाग द्वारा सब्सिडी जारी करने के लिए अधिकतम 3 स्तर और अधिकतम 7 दिनों की समय सीमा सुनिश्चित की गई है।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उद्योग स्थापित करने हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए, न्यूनतम सरकार की अवधारणा के तहत निजी औद्योगिक पार्क को 30 प्रतिशत सब्सिडी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ, उद्योगों के लिए रेडी और विकसित प्लॉट आवेदन के 60 दिनों के भीतर सुनिश्चित कर रहे हैं।

       उन्होंने बताया हम यह सुनिश्चित कर रहे कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो। 

      कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सवालों का जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने राज्य में उपलब्ध बेहतर बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन और शांतिपूर्ण माहौल के बारे में विस्तार से बताया।

      कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों द्वारा छत्तीसगढ़ की पहल की सराहना करते हुए निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह इन्वेस्टर मीट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत और नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सेन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने नई औद्योगिक नीति की खासियतों को समझाते हुए निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने के लाभ बताए।

उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने उद्योगपतियों से चर्चा करते हुए बताया कि खनिज संपदा और खानों के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ अब तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राज्य अपने औद्योगिक आधार को विविधतापूर्ण बनाते हुए फार्मास्यूटिकल्स, ट्रेन शेल, टेलीविज़न और प्रकाश उपकरणों जैसे विविध उत्पादों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 

बस्तर क्षेत्र में निवेश पर विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कोर सेक्टर की स्टील इकाइयों और अन्य उद्योगों को बड़ी राहत दी गई है। आयरन ओर पर 50% और कोयले पर 100% रॉयल्टी की छूट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, उद्योगों द्वारा चुकाए गए रॉयल्टी और राज्य को मिलने वाले सेस की प्रतिपूर्ति 15 वर्षों तक की जाएगी। इसके अलावा, ग्राम नियानार में 118 एकड़ भूमि पर एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

आईआईएम के छात्र नियुक्त होंगे इन्वेस्टमेंट मैनेजर

     मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगपतियों को राज्य सरकार द्वारा विशेष सहूलियतें दी जा रही है। इसके लिए आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू (समझौता) करके वहां के पास आउट छात्रों को मुख्यमंत्री औद्योगिक इंटर्नशिप के तहत इन्वेस्टमेंट मैनेजर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो घर बैठे प्रक्रियाओं को सुगम बनाएंगे।

आधुनिक तकनीकों में निवेश को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में कई नए और आधुनिक तकनीकों का ध्यान रखा गया है जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ग्रीन हाईड्रोजन और डेटा सेंटर। इसके अलावा, आईटी, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्र भी खास होंगे। इन क्षेत्रों में उद्योगों को 30 से 50 प्रतिशत तक सहायता मिलेगी। इसके अलावा कंपनियों को अपना काम शुरू करने के लिए 5 से 12 साल तक करों में छूट दी जाएगी, जिससे वे आसानी से अपना काम शुरू कर सकें।

देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की जताई इच्छा

कार्यक्रम में पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के एमडी ईश्वर नंदन ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 1134 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा जिससे 100 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। वहीं टेलीपरफॉर्मेंस के सीओओ आशीष जौहरी ने 300 करोड़ का निवेश कर बैक ऑफिस केंद्र स्थापित करने की योजना साझा की। माइक्रोमैक्स के राजेश अग्रवाल ने सौर सेल निर्माण में 100 करोड़ निवेश का प्रस्ताव दिया। वरुण बेवरेजेज के सीईओ कमलेश जैन ने पेप्सिको बॉटलिंग प्लांट में 250 करोड़ निवेश की इच्छा जताई। टीडब्ल्यूआई ग्रुप के पुरुषोत्तम और उत्तम सिंघल ने 1650 करोड़ के निवेश का सुझाव दिया, जिससे 1000 रोजगार अवसर सृजित होंगे। पैरामाउंट कम्युनिकेशंस के प्रवीण गुप्ता द्वारा 250 करोड़ निवेश और 1000 नौकरियों की योजना साझा की गई । रिन्यू पावर लिमिटेड के सुमंत सिन्हा ने पंप स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं में 11,500 करोड़ निवेश की योजना साझा की।
और भी

कलेक्टर ने कॉफी प्लांटेशन क्षेत्रों का किया निरीक्षण दौरा

 कलेक्टर हरिस एस ने शनिवार को दरभा ब्लॉक के तीन प्लांटेशन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने दरभा कॉफी प्लांटेशन की सभी कार्यों और आवश्यक व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में उद्यानिकी कॉलेज, फील्ड ऑफिसर से चर्चा किए साथ ही कॉफी प्लांटेशन करने वाले किसानों से भी चर्चा किए। प्लांटेशन में मनरेगा से किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कांदानार के कॉफी प्लांटेशन क्षेत्र का भी निरीक्षण किए और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने कॉफी उत्पादन के लिए ग्राम में बनी समिति का एसडीएम और जनपद सीईओ की उपस्थिति में बैठक करवाकर समिति में जागरूक किसानों को रखकर पुर्नगठित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को प्लांटेशन क्षेत्र की सफाई करवाने और कॉफी के पौधों का संरक्षण करने में सहयोग करने कहा। उन्होंने कहा कि जमीन आपका है, कॉफी का फसल होने पर लाभ भी आपको ही होगा। ग्रामीणों से प्लांटेशन की आवश्यकताओं के सम्बन्ध में भी चर्चा किए। इसके अलावा मुंडागढ़ के कॉफी प्लांटेशन का भी जायजा लिया और ग्रामीणों से चर्चा किए। इसके अलावा उरूग़पाल के ग्रामीणों ने कलेक्टर से गांव के आवश्यक मांग भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत प्रतिष्ठा ममगाई सहित जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारी, उद्यानिकी कॉलेज के अधिकारी उपस्थित रहे।
और भी

कांगेर वैली अकादमी के 18वें वार्षिक उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के कांगेर वैली अकादमी के 18वें वार्षिक उत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।
 
          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। हमने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। हमने स्कूलों में शिक्षक-पालक मीटिंग और न्यौता भोज जैसे अभिनव पहल शुरू की है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के पोषण को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 341 स्कूलों का चयन पीएमश्री स्कूल के रूप में किया गया है। यह शिक्षा के लिए अच्छी अधोसंरचना तथा स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। 
 
         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद को अहमियत दी जा रही है। यहां बच्चों को मेडिटेशन भी कराया जाता है। उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि पढ़ाई के साथ खेलकूद तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियां उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं। 
 
        विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि इस विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का कार्य भी हो रहा है। व्यक्तित्व के निर्माण में शिक्षा की बड़ी भूमिका होती है। यह भविष्य की सफलताओं का आधार होती है। 
 
       मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अकादमी के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई पेंटिग और फाईन आर्ट की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
और भी

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य योद्धाओं को किया सम्मानित, चिकित्सकीय संवर्ग के नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को बांटे नियुक्ति पत्र

प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मेडिकल कॉलेज रायपुर में आज कायाकल्प राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
 
          मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में स्वास्थ्य योद्धाओं, टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया और चिकित्सकीय संवर्ग के नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कायाकल्प से सम्मानित संस्थाओं, टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य योद्धाओं को अपनी शुभकामनाएं भी दी।
 
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ होगा तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि  डबल इंजन की सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ हो रही हैं। उन्होंने प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 11 लाख से अधिक लोगों के स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य अमले को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परिवेश की स्वच्छता के साथ ही अस्पताल की स्वच्छता भी बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब स्वच्छ भारत का संकल्प लिया था, उसमें अस्पताल की स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी गई। 
 
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांसद रहने के रहने के दौरान मेरे दिल्ली स्थित निवास में इलाज के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता था। एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन मेरे आवास में ही रुकते थे। तब मेरे घर की व्यवस्था देख श्रद्धेय स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने कहा था कि तुमने तो अपने घर को मिनी एम्स बना रखा है।  श्रद्धेय अटल जी के कार्यकाल के दौरान रायपुर एम्स की जब स्वीकृति मिली तो वास्तव में छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं  का रास्ता खुल गया।
 
         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व ने आम जनता के कारगर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना तैयार की। गरीबों के लिए पांच लाख रुपए तक के इलाज की व्यवस्था हो गई।
 
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वो अपने वयोवृद्ध लोगों का कितना ख्याल रख पाता है। हमारे बुजुर्ग अपना पूरा जीवन समाज के लिए देते हैं और समाज का फर्ज है कि उनकी पूरी देखरेख करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों के लिए भी पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था भी की है।
 
       मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का फोकस है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी मिले। बस्तर के कुछ गाँव ऐसे भी थे जहां बरसों तक माओवादी हिंसा की वजह से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। अब वहां स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। लोगों के आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़िया हुआ है इसका असर मेडिकल टूरिज्म के रूप में दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में भी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल्स में पड़ोसी राज्यों से भी मरीज आते हैं। हम लगातार छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर करने काम कर रहे हैं। आंबेडकर  हास्पिटल में हम 700 बिस्तर अस्पताल भवन तैयार कर रहे हैं। इसके बाद यहां की क्षमता दो हजार मरीजों की हो जाएगी।छत्तीसगढ़ में मेडिकल कालेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हाल ही में हमने चार मेडिकल कालेजों के भवन निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। हमारे हिंदी मीडियम के और ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा में किसी तरह की दिक्कत न आये, इसके लिए हम हिंदी माध्यम में मेडिकल की शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। मेडिकल कालेजों में पीजी की सीटें भी बढ़ाई गई हैं ताकि विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
 
        मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में लिए गए बड़े निर्णय और अपने प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने मेकाहारा में 700 बिस्तर अस्पताल की स्वीकृति, 4 नए मेडिकल कॉलेज भवन की स्वीकृति और बुनियादी स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिलने पर पूरे स्वास्थ्य अमले को बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार में न केवल प्रदेश के बड़े शहरों तक बल्कि अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का काम जारी रखा है। 
 
       इस अवसर  पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है। उन्होंने पुरस्कृत होने वाले सभी संस्थाओं और स्वास्थ्य योद्धाओं को बधाई दी और कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अब स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो रही है। हमारे स्वास्थ्य केंद्र निजी संस्थान से मुकाबला कर रहे है। साव ने स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाभावना और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज चिकित्सा उपरांत स्वस्थ होता है तो हमें अपनी पूरी व्यवस्था पर गर्व होता है और संतुष्टि मिलती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी के साथ बढ़ रही है और इससे प्रदेश के लोग लाभान्वित होंगे। 
 
     कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आज स्वास्थ्य विभाग के लिए उत्सव का दिन है और प्रदेश भर के स्वास्थ्य योद्धा हमारे साथ है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के अल्प समय में स्वास्थ्य सुविधाओं ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचनाओं के विस्तार सहित आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक  मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा उपस्थित  थे।
           उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 के कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में जिला अस्पताल श्रेणी में प्रथम स्थान जिला अस्पताल बेमेतरा, द्वितीय स्थान जिला अस्पताल कोण्डागांव और कंसिस्टेंसी पुरस्कार जिला अस्पताल जगदलपुर को दिया गया। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दुलदुला जिला जशपुर, द्वितीय स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पंडरिया जिला कबीरधाम और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राजातलाब जिला रायपुर, द्वितीय स्थान शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राजकिशोरनगर जिला बिलासपुर को मिला। 
 
इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बागोडार जिला कांकेर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राहोद जिला जांजगीर चांपा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुसमी जिला बेमेतरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोरपा जिला रायपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बटईकेला जिला सरगुजा को दिया गया।उप स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से उप स्वास्थ्य केन्द्र तुमनार जिला बीजापुर, उप स्वास्थ्य केन्द्र मांगरी जिला सरगुजा, उप स्वास्थ्य केन्द्र कटीया जिला रायपुर, उप स्वास्थ्य केन्द्र अहेरी जिला दुर्ग और उप स्वास्थ्य केन्द्र मीट्ठुनवागांव जिला बिलासपुर को मिला है।
 
     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 स्वास्थ्य योद्धाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की।  इसके साथ ही  साय ने प्रदेश के टीबी से मुक्त हुए ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया।
और भी

मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय दलहन, तिलहन और गेहूँ पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में पूर्णतः छूट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः छूट प्रदान की है। राज्य सरकार इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों और दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों तथा व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। 
 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों एवं व्यापारियों द्वारा प्रदेश के बाहर से प्रसंस्करण-विनिर्माण के लिए लाए गए दलहन, तिलहन एवं गेहूं पर मंडी शुल्क में छूट दिए जाने हेतू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आग्रह किया था।  मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर 17 दिसम्बर 2024 को अधिसूचना जारी कर 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ की सभी मंडियों में इन शुल्कों में पूर्ण छूट प्रदान की गई है। 
 
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष श्री अमर परवानी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह निर्णय प्रदेश के व्यापारिक और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा है कि यह छूट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी और व्यापारियों किसानों के हितों की रक्षा करेगी। मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में छूट होने से व्यापारी पड़ोसी राज्यों से भी प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर व्यापार कर सकेंगे। इससे प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस फैसले का अभिनंदन करते हुए आमजनों व उद्योग जगत के लोगों ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन कर उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्तीय चुनौतियां होने के बावजूद प्रदेश की आम जनता के हक में उनकी सरकार ने यह फैसला किया है। इस फैसले से प्रदेश के 30 हजार परिवारों का संरक्षण होगा व आम जनता को भी कम कीमत पर रोजमर्रा की वस्तुएं मिलती रहेंगी। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा  प्रदेश में दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का उत्पादन मांग के अनुरूप कम है, जिससे प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों को अपने मिलों के संचालन के लिए अन्य प्रदेशों से दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का आयात करना पड़ता है। मंडी शुल्क से छूट दिये जाने पर प्रदेश की दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलें अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर पायेंगे और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर दाले, तेल, आटा तथा मैदा प्राप्त होगा, जिससे घरेलू व्यय में बचत होगी और उपभोक्ता इस बचत से अपनी जीवनशैली में सुधार हेतु अन्य आवश्यक सामग्रियां क्रय करने में सक्षम हो सकेगा। साथ ही इन दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों से लगभग 30 हजार परिवारों को रोजगार प्राप्त होता है, जिनका सीधा संरक्षण ये फैसला करता रहेगा। 
 
इस अवसर पर अमित चिमनानी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ,रायपुर दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजीत गोयल ,सचिव  श्याम सुंदर गोयल, हरिमल सचदेव, फ्लोर मिल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रमेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष धरम अग्रवाल, समीर अग्रवाल उपस्थित थे।
और भी

कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक 109 करोड़ रूपए की लागत से बिछाई जाएगी 16 किमी लंबी पाइपलाइन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से नवा रायपुर अटल नगर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनने की तरफ अग्रसर है। राज्य के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर को देश के आधुनिक शहरों में शुमार करने के लिए इसे भविष्य के शहर के रूप मे तैयार करने हेतु प्रयासरत हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है आने वाले 25 वर्षों तक नवा रायपुर अटल नगर के लोगों को लिए निर्बाध पेयजल की सप्लाई। भविष्य में भूमिगत जल में कमी और बढ़ती जनसंख्या की मांग के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 
 
इसके लिए अभनपुर के पास कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक एक नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह पाइप लाइन 16 किमी लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 109 करोड़ रूपए होगी। नवा रायपुर अटल नगर में टीला एनीकट से पानी की सप्लाई होती है। लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की कमी होने से एक प्राकृतिक खुली नहर के द्वारा कोड़ापार से थनौद तक पानी की आपूर्ति की जाती है। कोड़ापार तक पानी रविशंकर जलाशय से आता है। कोड़ापार से थनौद तक खुली नहर की दूरी लगभग 25  किमी है। इतनी लंबी दूरी तक खुली नहर के माध्यम से छोड़ने पर काफी मात्रा में पानी का नुकसान हो जाता है। खुली नहर की वजह से पानी की  वास्तविक क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता है। 
 
नवा रायपुर के लोगों को पानी की दिक्कत न हो और साथ ही पानी का नुकसान भी न हो इसके लिए प्राकृतिक नहर के स्थान पर पाईपलाइन  के माध्यम से नहर का पानी नया रायपुर अटल नगर तक पहुंचाया जायेगा। पाइप लाइन बिछाने से कोड़ापार से थनौद तक की दूरी भी कम होगी और बिना किसी नुकसान से अपनी वास्तविक क्षमता में पानी थनौद तक पहुंचेगा। इस परियोजना के अमल में आने और पूर्ण हो जाने से भविष्य में शहर के नागरिकों को पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर आज शुभारंभ किया।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ हमारे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रतीक है। इस सेवा का आरंभिक किराया मात्र 999 रुपये है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सके।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जो परिवर्तन आया है, उसका यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की सवारी करेगा और आज वह सपना साकार हो रहा है। सरगुजा और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी से न केवल नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों में टूरिज्म और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने 80 करोड़ की  लागत  से अंबिकापुर के एयरपोर्ट का विकास किया है l
माँ महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर को थ्री सी वीएफआर श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त हुआ है ।
यह एयरपोर्ट 72-सीटर एटीआर-72 विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंबिकापुर को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली और कोलकाता से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है।हमारे छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें, और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, रामगढ़ की पहाड़ियां, और एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात जैसे स्थलों तक अब देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही, एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति में होम स्टे और रिसॉर्ट्स जैसे उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। हमारी कोशिश है कि अगले चार वर्षों में छत्तीसगढ़ को विमानन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नया साल आने वाला है, और मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस नई विमान सेवा का लाभ उठाएं और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। फ्लाई बिग चार्टर कंपनी 19-सीटर ट्विन औटर विमानों के माध्यम से इन शहरों के लिए सेवाएं देगी।
 
विमान टेकऑफ़ को वाटर सेल्यूट दिया गया। आज प्रारंभ हुई विमान सेवा के पहले यात्री के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज सपत्नीक सवार हुए, जिनको मुख्यमंत्री श्री साय ने बोर्डिंग पास देकर कहा कि आज आपने इतिहास बना दिया। आप इस रूट के पहले यात्री है, आपको शुभकामनाएं।  इस अवसर विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के सचिव  बसवराजु, संचालक विमानन विभाग संजीव झा, फ्लाई बिग कंपनी के सीएमडी संजय मांडविया उपस्थित थे।
और भी

पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई से मिलने पहुंचे मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

 प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पंडवानी की लोक गायिका पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई की हालत जानने आज उनके निवास गांव गनियारी (विकासखंड पाटन, जिला दुर्ग) पहुंचे। उन्होंने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई और उनके परिजनों से मुलाकात कर हाल-चाल पूछा और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मंत्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई को प्रदान किया। जायसवाल ने परिवार में नौकरी की माँग को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करने का भी आश्वासन दिया। साथ ही शासन स्तर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बाते कही। 
 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिया है कि छत्तीसगढ़ की पहचान पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई के इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। तीजन बाई के इलाज के लिए चिकित्सकों की एक टीम भी तैनात की गई है जो लगातार उनका मेडिकल बुलेटिन भी जारी करते रहते हैं। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने श्रीमती तीजन बाई को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर और गजेंद्र यादव,संचालक स्वास्थ्य सेवाये, कलेक्टर, सीएमएचओ और स्वास्थ्य कर्मचारी भी मौजूद थे।
और भी

मुख्यमंत्री लालपुर धाम में 268वें गुरू घासीदास जयंती समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि बाबा गुरु घासीदास के संदेशों को अपनाकर हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय आज मुंगेली जिले के तहसील मुख्यालय लालपुर धाम में आयोजित बाबा गुरू घासीदास के 268वें जयंती समारोह एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। 
 
मुख्यमंत्री ने यहां बाबा गुरू घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लालपुर में बाबा गुरू घासीदास मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए 50 लाख रूपए की स्वीकृति तथा लोरमी में नालंदा परिसर के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय सहित अतिथियों का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर सतनामी कल्याण समिति के सदस्यों ने गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने ऊंच-नीच, भेद-भाव, छूआछूत का प्रबल विरोध किया, मनखे-मनखे एक समान का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के विकास पर ध्यान देते हुए प्राधिकरण का गठन किया गया है। यूपीएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को पढ़ाई और बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके। 
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि सब को साथ लेकर चलना बाबा का संदेश था और इसी संदेश का संकल्प लेकर हमारी सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का सांय-सांय विकास हो रहा है। उन्होंने सभी को बाबा गुरु घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि लालपुर में उपस्थित होकर बाबा गुरु घासीदास जी की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिला। बाबा ने सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। आप सभी उनके संदेशों का अनुकरण करते हुए जीवन में आगे बढ़ें। 
 
केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लालपुर धाम में हर समाज के लोग आते हैं और श्रद्धा के साथ सिर झुकाते हैं। आज बाबा की 268वीं जयंती मना रहे हैं, ताकि बाबा के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प ले सकें। उन्होंने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने अपनी साधना और तपस्या के बल पर पूरे मानव समाज को एकता के सूत्र में बांधा। छूआछूत की भावना को दूर करते हुए सर्व समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने संत समाज को नमन करते हुए सांसद निधि से लालपुर के विकास के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की।
 
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, गणमान्य नागरिक श्री कोमल गिरी गोस्वामी, फणीश्वर पाटले सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी मौजूद रहे।
और भी

अनवर ढेबर के करीबी मेमन के घर ईडी की दबिश

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुबह छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और मैनपुर इलाके में बड़े छापे की है। यह कार्रवाई शराब सिंडिकेट और आर्थिक लेन-देन में गड़बडिय़ों के आरोपों के तहत की गई है। छापे की खबर से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

जाड़ापदर के ग्रामीणों की लिखित शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों ने इकबाल मेमन पर शराब सिंडिकेट के पैसे से संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया है कि पिछले दो सालों में इकबाल मेमन ने दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां खरीदी हैं।

 

मैनपुर में कारोबारी इकबाल मेमन के घर छापा

मैनपुर में सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने कारोबारी इकबाल मेमन के घर छापा मारा। बताया जा रहा है कि इकबाल मेमन रायपुर के शराब सिंडिकेट मामले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर का करीबी रिश्तेदार है। टीम 10 से अधिक वाहनों के साथ पहुंची थी और घंटों से पूछताछ जारी है।

और भी

विधान सभा के रजत जयंती वर्ष में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ विधान सभा के ‘‘रजत जयंती वर्ष’’ के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आज विधान सभा परिसर में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। 
प्रदर्शनी के शुभारंभ के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित मंत्रियों एवं विधायकों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। इस अवसर पर विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे । 
 
छायाचित्र प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के 25 वर्षों के ऐतिहासिक सफर के महत्वपूर्ण अवसर के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों की इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधान सभा के आरंभ से लेकर वर्तमान तक विशिष्ट अतिथियों के छत्तीसगढ़ विधानसभा में विभिन्न कार्यक्रमों में आगमन एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष भर विधान सभा परिसर में लगी रहेगी। प्रदर्शनी स्थल पर नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधान सभा भवन के ‘‘मॉडल’’ को भी प्रदर्शित किया गया है।
और भी

स्कूली बच्चों का विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण

आरंग के सृजन सोनकर विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने विधानसभा कार्यवाही को नजदीक से देखा और संसदीय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
 
भ्रमण के दौरान छात्रों ने छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। वित्त मंत्री चौधरी ने छात्रों को राज्य की राजनीति, विधायी प्रक्रिया और उनके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।
 
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि यह भ्रमण छात्रों के लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर था। इससे उन्हें राज्य की राजनीतिक संरचना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गहराई से समझने में मदद मिलेगी। छात्रों ने विधानसभा भ्रमण और वित्त मंत्री से मुलाकात को बेहद प्रेरणादायक बताया और भविष्य में ऐसी और भी शैक्षणिक यात्राओं की इच्छा जताई। इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित थे।
और भी

अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक उपस्थित थे। 
 
समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा।
 
बैठक के बाद अपने समापन संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने बहुत अच्छे और समन्वित तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है। शाह ने कहा कि मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में अभी हमें काफी काम करना बाकी है और इसमें NIA की बहुत प्रमुख भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि CRPF, ITBP, BSF, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG मिलकर एक साल में बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़े हैं और निश्चित रूप से मार्च, 2026 से पहले ही हम नक्सलवाद को समाप्त कर देंगे।
 
इससे पहले, आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बीजापुर में गुण्डम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया और बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
 अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे मार्च, 2026 तक देश को पूरी तरह से इस समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके।
और भी

केन्द्रीय गृहमंत्री गुण्डम कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों से किया सीधा संवाद

 केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अपने मिशन के तहत आज बीजापुर के सुदूर एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्र गुण्डम में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने स्थित केन्द्रीय रिजर्व बल 153वीं वाहिनी बटालियन के कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। 
 
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों से सीधे नक्सल ऑपरेशन की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे। 
 
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की विगत एक वर्ष में बस्तर को नक्सल मुक्त करने नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा है की हमारे जवानों को नक्सल ऑपरेशन में लगातार सफलता मिली। बहुत बड़ी संख्या में नक्सली मारे गये, नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और उनकी गिरफ्तारी हुई। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर और हमारा देश नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त अभियान में सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस, बस्तरिया बटालियन सहित सभी सुरक्षाबलों का महत्वपूर्ण योगदान है।
 
 अमित शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज नक्सलवाद समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होने कहा कि सुरक्षा कैम्प के दायरे में आने वाले गांवों में सुरक्षाबल के अधिकारी यह अवश्य देखें की शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितनी अच्छी तरह हो रहा है, लोगों को उनके अधिकार मिल रहे हैं कि नही। शासन की योजनाओं का समुचित ढंग से लाभ ग्रामीणों को मिलते रहेगा तो वे शासन और प्रशासन के प्रति समर्पित भाव से सहयोग करेंगे और विकास की ओर अग्रसर होंगे। 
 
गृहमंत्री ने कैम्प परिसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अर्न्तगत किया वृक्षारोपण
 
गुण्डम की शासकीय उचित मूल्य दुकान का किया शुभारंभ
 
बीजापुर के गुण्डम प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कैम्प परिसर में बरगद का पौधा तथा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सल्फी का पौधा रोपा। उन्होंने इस मौके पर कैम्प परिसर के सामने नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
और भी

जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, नक्सलवाद का करेंगे खात्मा - केंद्रीय गृह मंत्री शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि एक लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपने परिजनों  को खोया है, इस दर्द को कम नहीं किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार आपके साथ है। शहीदों के त्याग और बलिदान को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेजने का काम कर रही है। 
 
उन्होंने कहा कि आप सभी ने जैसे अपने परिजनों को खोया है, वैसे किसी और को खोना न पड़े। मैं नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त कर देंगे।  
 
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और ढेर सारे विकास के कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चाे पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्म सर्मपण करने वालों का स्वागत किया जा रहा है। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा हैं, उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। 
 
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया गया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बने। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी। आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह कार्य करने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित हैं। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शहीदों को नमन किया।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हर बार जब हमारे जवानों को नक्सल मोर्चे पर सफलता मिली है केंद्रीय गृह मंत्री जी ने उनकी हिम्मत बढ़ाई है और उनकी पीठ हमेशा थपथपाई है। आज भी वे आपकी हौसला अफजाई के लिए आये हैं और आपके साहस और संकल्प के लिए आपके अभिनंदन के लिए आये हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवानों की स्मृतियों को सहेजने केे लिए उनके गांवों में प्रतिमा की स्थापना करेगी।
 
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति व उन्नति के लिए शहीद हुए जवानों और नक्सली हिंसा में पीड़ित परिवार के परिजनों से हम लोग मिलना चाह रहे थे। आप सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और अपनों को खोने का यह दुःख हम सभी को समान पीड़ा दे रहा है। 
 
इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजन और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजन उपस्थित थे।
और भी