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प्यार और विश्वास के आगे हार गई नक्सल हिंसा: जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां गूंज रही शहनाई

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के घने जंगलों में माओवादी हिंसा की जगह अब प्रेम और विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने वाले महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष परिणय सूत्र में आबद्ध होकर वैवाहिक जीवन की नई शुरूआत की है। मुख्यमंत्री ने परिणय सूत्र में आबद्ध दोनों नवदम्पत्तियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। यह कहानी सुकमा जिले की बदलती तस्वीर है, जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां शहनाईयां गूंज रही है। 
 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 13 जनवरी को 206 करोड़ रूपए से अधिक विकास कार्याें की सौगात देने के लिए सुकमा के मिनी स्टेडियम में पहुंचे थे। लगभग सात माह पहले नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले मौसम महेश और हेमला, मड़कम पाण्डू और रव्वा भीमे ने जिला प्रशासन सुकमा से आग्रह किया था कि वह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में परिणय सूत्र में आबद्ध होकर नये जीवन की शुरूआत करना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने उन चारों को भरोसा दिलाया था कि मुख्मयंत्री श्री साय का जब भी सुकमा में आगमन होगा, उस दिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत उनका विवाह विधिविधान से सम्पन्न कराया जाएगा। आज 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के सुकमा प्रवास के दौरान वहां के मिनी स्टेडियम में इन चारों आत्मसमर्पितों का विधि-विधान से विवाह मुख्यमंत्री श्री साय की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ, जिसके साक्षी वहां मौजूद हजारों-हजार लोग बने। सभी ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
  
ज्ञात रहे कि गगनपल्ली गांव के रहने वाले मौसम महेश और डुब्बामरका की रहने वाली हेमला मुन्नी तथा कन्हाईपाड़ निवासी मड़कम पाण्डू और सल्लातोंग की रव्वा भीमे ये चारों पहले नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर इन चारों ने जून 2024 में नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था। मौसम महेश लगभग बारह साल तक नक्सल संगठन से जुड़े रहे। मड़कम पाण्डू और हेमला मुन्नी 9 साल तक तथा रव्वा भीमे 6 साल तक नक्सल संगठन और उसकी गतिविधियों से जुड़ी रहीं। 
 
परिणय सूत्र में आबद्ध होने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आशीर्वाद प्राप्त करके हुए महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने बताया कि उन्हें रास्ता भटकने और हिंसा में संलिप्त रहने का बेहद अफसोस है। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर वे चारों विकास और शांति की मुख्य धारा में शामिल होने का फैसला लिया। उनका कहना था कि सरकार की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर विभिन्न नक्सल संगठनों से जुड़े कई युवा साथी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और कई साथी आत्मसमर्पण करने का मन बना चुके हैं। 
 
उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, मकान और पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है। यह कहानी न केवल प्रेम की जीत की है, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति की सफलता का प्रतीक है। परिणय सूत्र में आबद्ध होकर इन चारों युवक-युवतियों ने यह साबित कर दिया है कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से नफरत और हिंसा को हराया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  देश के विभिन्न क्षेत्रों में मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व जैसे कई अलग अलग नाम से मनाया जाता हैं। दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला पोंगल समृद्धि का प्रतीक है। यह त्योहार प्रकृति और फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि मकर संक्रांति का त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने शुभकामना देते हुए कहा कि यह ऋतु परिवर्तन का पर्व सभी लोगों के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए।
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दंतेवाड़ा जिले में होगा जू पार्क का निर्माण: सभी लैंप्स में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध

माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम  को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के  अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है। जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है। हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात में भी की। हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।  
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है।  
मुख्यमंत्री श्री साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है।  
 
उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क" (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
 
    वनमंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में  कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया।  इस अवसर पर  डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री गौरव राय, डीएफओ सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का कृषक ले रहे हैं लाभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों को धान के साथ 
 अन्य फसल लेने के लिए उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं से जिले के दूरस्थ अंचल के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिसके तहत् विभाग द्वारा फल क्षेत्र विस्तार से कृषकों को लाभ देने के दिशा में अभिनव पहल किया गया है।
       उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत् कृषकों को हल्दी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना से प्रेरित होकर कांसाबेल विकासखण्ड के ग्राम रजौटी के कृषक श्री हरकचन्द साय द्वारा उद्यानिकी विभाग से उचित मार्गदर्शन लेकर 0.500 हे. में हल्दी का उत्पादन किया गया। हरकचन्द साय ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत वर्ष 2023-24 में हल्दी क्षेत्र विस्तार का विभागीय लाभ लिया 
         कृषक हरकचन्द साय का कहना है कि उद्यान विभाग द्वारा दिये गये उचित मार्गदर्शन अनुसार हल्दी उत्पादन कार्य अच्छे ढंग से किया। समय-समय पर तकनीकी परामर्श प्राप्त करते हुए हल्दी का भरपूर उत्पादन ले रहे हैं।
 किसान ने बताया कि उत्पादित हल्दी का विक्रय अपने घर के समीप के बाजारो में किया करते हैं।
 इस वर्ष हल्दी का मांग अच्छा होने से अधिक लाभ हुआ। 
 परिवार की आर्थिक स्थिति अब अच्छा हो गया है  उद्यान विभाग से तकनीकी परामर्श लेक और अधिक उत्पादन करने की बात कही।
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मनेंद्रगढ़ में बनेगा इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिए आकर्षण का केन्द्र

छत्तीसगढ़  के मनेंद्रगढ़ जिला अब इतिहास, पुरातत्व और प्रकृति प्रेमियों के लिए नया आकर्षण  का  केंद्र बनने जा रहा है। यहां हसदेव नदी के किनारे 28 करोड़ साल पुराना समुद्री जीवाश्म मिला है। प्रदेश सरकार इसे एक मैरीन फॉसिल्स पार्क के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। यह पार्क न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे एशिया का गौरव बनने वाला है।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विषय पर गहरी रुचि दिखाते हुए इसे नए सिरे से आगे बढ़ाने का कार्य प्रारंभ किया है। राज्य सरकार ने जीवाश्मों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित करने और मनेंद्रगढ़ को एक प्रमुख वैज्ञानिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया  जा रहा है। 
 
 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि मनेंद्रगढ़ में 28 करोड़ साल पुराना समुद्री जीवाश्म मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। यह न केवल वैज्ञानिक शोध का केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। राज्य सरकार अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने और उनका विकास करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
 
मैरीन फॉसिल्स पार्क के रूप में विकसित होने के बाद यह क्षेत्र एक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में पर्यटकों और वैज्ञानिकों के लिए खुल जाएगा। यहां आने वाले सैलानी करोड़ों साल पुराने जीवों की उत्पत्ति और उनके विकास की कहानी को देख और समझ सकेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस परियोजना को विशेष महत्व दे रही है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया कोलकाता और बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट लखनऊ की टीमों ने इस क्षेत्र का अध्ययन कर इसकी संभावनाओं का जायजा लिया है।
 
पुरातत्व विभाग  के  नोडल   अधिकारी  डॉ  विनय  कुमार  पांडेय  ने  बताया कि यह एशिया का सबसे बड़ा जीवाश्म है। देश-विदेश से वैज्ञानिक पुरातत्ववेत्ता यहां अध्ययन करने आएंगे। कार्बन डेटिंग से पता चला कि यह 28 करोड़ साल पुराना है। पहले 1954 में इसकी खोज डॉ. एसके घोष ने की। फिर ईएसआई व लखनऊ बीरबल की टीम ने लगातार इस पर सर्वे किया।
 
वैज्ञानिकों के अनुसार 28 करोड़ वर्ष पूर्व वर्तमान हसदेव नदी के स्थान पर एक ग्लेशियर था। जो बाद में श्टाथिसश् नामक पतली पट्टी के रूप में समुद्र में समा गया जिससे होकर समुद्री जीव-जंतु मनेन्द्रगढ़ की वर्तमान हसदेव नदी में प्रवेश कर गए। वे धीरे-धीरे विलुप्त हो गए लेकिन उनके जीवाश्म आज भी उक्त स्थल पर देखे जा सकते हैं। वर्ष 2015 में बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियो साइंसेज लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इसकी पुष्टि की थी।
जीवाश्मों के अवशेषों से यह प्रमाण मिलता है कि करोड़ों साल पहले इस क्षेत्र में समुद्र था, जो बाद में प्राकृतिक परिवर्तन के कारण हटा और इन जीवों के अवशेष पत्थरों में दबकर जीवाश्म के रूप में संरक्षित हो गए। यह एक महत्वपूर्ण खोज है जो पृथ्वी के इतिहास और परिवर्तन के बारे में हमें जानकारी प्रदान करती है। यह जीवाश्म क्षेत्र वास्तव में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहर है, जो पृथ्वी के प्राचीन इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) द्वारा 1982 से इस क्षेत्र को नेशनल जियोलॉजिकल मोनुमेंट्स के रूप में संरक्षित किया गया है, जो इसके महत्व को दर्शाता है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोण्डागांव में रोड शो में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जनवरी सोमवार को दंतेवाड़ा जिले के बड़ेबचेली, सुकमा एवं कोण्डागांव के दौरे पर रहेंगेे। मुख्यमंत्री इस दौरान तीनों जिलों में वृहद पैमाने पर विकास कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री कोण्डागांव में आयोजित रोड शो में शामिल होंगे। 
 
जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जनवरी को पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर से सुबह 10.05 बजे हेलीकॉप्टर से दंतेवाड़ा जिले के बड़ेबचेली जाएंगे और वहां पूर्वान्ह 11.30 बजे से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण, शिलान्यास एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात हेलीकॉप्टर से दोपहर 12.40 बजे सुकमा जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और वहां मिनीस्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विकास कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात अपरान्ह 3 बजे कोण्डागांव पहुंचेंगे और वहां रोड शो में शामिल होने के पश्चात स्टेडियम ग्राउंड विकास नगर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री कोण्डागांव से शाम 5.15 बजे पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर लौट आएंगे।
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राम मंदिर निर्माण की संघर्ष गाथा का जीवंत मंचन

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में चल रहे छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव के प्रथम दिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की संघर्ष गाथा पर आधारित नाटक ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन किया गया। इस जीवंत प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। इसके साथ ही आकर्षक लेजर शो के माध्यम से पिछले एक दशक में भारत की विकास यात्रा की झांकी प्रस्तुत की गई। 
 
छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव 2024-25 के प्रथम दिन आयोजित संगीतमय नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ ने दर्शकों को अयोध्या नगरी की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महिमा से अवगत कराया। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य मंदिर के निर्माण और रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा तक की गौरवशाली गाथा को इस कार्यक्रम में जीवंत किया गया। मुंबई से आए प्रसिद्ध कलाकार प्रदीप गुप्ता और उनकी टीम ने नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। इस भव्य प्रस्तुति में इसे सतयुग से लेकर कलयुग तक की यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित उपस्थित अतिथियों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। संगीतमय संवाद, मनमोहक नृत्य और उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया।
 
युवाओं ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
 
छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा भी युवाओं ने बिखेरी। सुप्रसिद्ध लोकगायिका सुश्री आरु साहू ने सुमधुर छत्तीसगढ़ी लोक गीतों की प्रस्तुति दी। इसके अलावा कार्यक्रम में गौरा-गौरी, राउत नाचा, पंथी गीत नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति दी गई। युवा कलाकारों ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध संत बाबा गुरू घासी दास जी के संदेशों पर आधारित पंथी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। दर्शकों ने सुश्री आरू साहू के द्वारा प्रस्तुत ददरिया को सराहा। युवा महोत्सव में युवाओं के लिए कहानी लेखन, चित्रकला, तात्कालिक भाषण, कविता पाठ के आयोजन के साथ ही विज्ञान मेला का भी आयोजन किया गया। युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी के साथ ही युवाओं के लिए क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा हस्तशिल्प, टैक्सटाइल और कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। 
 
आकर्षक लेजर शो
 
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक दशक में किए गए विकास कार्यों और लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा कार्यक्रमों एवं छत्तीसगढ में मुख्यमंत्री विष्णु देव के सुशासन के एक वर्ष में जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को लेज़र शो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। 
 
दूसरे दिन के आकर्षण 
 
तीन दिन तक चलने वाले छत्तीसगढ़ युवा महोत्सव में कल दूसरे दिन 13 जनवरी को ‘सुपर 30 फेम’ आनंद कुमार के साथ युवाओं का संवाद होगा। साथ ही ‘ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’ फेम दायरा बैंड की प्रस्तुति होगी।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर अडानी समूह के चेयरमैन ने किया बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मशहूर उद्योगपति श्री गौतम अडानी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें स्थानीय कलाकारों द्वारा निर्मित शाल और नंदी भेंटकर छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत किया। 
     मुख्यमंत्री साय से मुलाकात के दौरान श्री अडानी ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा और सीमेंट के क्षेत्र में 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि निवेश किए जाने की घोषणा की। श्री अडानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रायपुर, कोरबा और रायगढ़ में अडानी समूह अपने पावर प्लांट्स के विस्तार के लिए 60 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता में  6,120 मेगावाट की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी होगी। 
 
       चेयरमैन अडानी ने आगे बताया कि अडानी समूह राज्य में सीमेंट प्लांट्स के विकास और विस्तार के लिए भी 5,000 करोड़ का निवेश करेगा। यह कदम राज्य के औद्योगिक विकास को मजबूती देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
          
   छत्तीसगढ़ के विकास के लिए अडानी समूह 10 हजार करोड़ रुपए का करेगा निवेश
 
मुख्यमंत्री  साय को अडानी ने बताया कि अडानी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में 10 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। 
 
मुख्यमंत्री ने अडानी समूह के पहल की सराहना की
 
                मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अडानी समूह के इस पहल की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि यह निवेश न केवल छत्तीसगढ़ की आर्थिक और औद्योगिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि इसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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PM जनमन योजना से बदली कबीरधाम के बैगा परिवारों की जिंदगी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में क्रेडा विभाग के सौर ऊर्जा से छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के तीन विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों के सदस्यों की जिंदगी बदल गई है। महज एक साल पहले, 2024 की दीपावली के पहले तक इन परिवारों के घरों में अंधेरा था। बिजली की सुविधा से वंचित इन बैगा परिवारों की समस्याओं को दूर करने के लिए पीएम जनमन योजना से मुख्यमंत्री के सुशासन में क्रेडा सीईओ आईएएस राजेश सिंह राणा द्वारा सौर ऊर्जा से बैगा परिवार के घरों को रौशनी प्रदान की गई, जिसकी वजह से उनके अंधेरे घरों में रोशनी हुई। विगत कुछ दिनों पहले क्रेडा सीईओ आईएएस राजेश सिंह राणा ने कवर्धा जिले का दौरा किया था, जिस दौरान उन्होंने इन बैगा जनजाति से मुलाकात की और लगाए गए सोलर होम लाइट का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। आपको बता दें की क्रेडा विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए लगभग 25 बैगा परिवारो‌ के घरो में 300 वॉट क्षमता के सोलर होम लाइटिंग सिस्टम लगाए। दीपावली के पहले ही इन घरों में पहली बार रोशनी पहुंची, जिससे इन परिवारों के जीवन में उजाला आया और इन्होने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। 
 
इन बैगा परिवारों के छह सदस्य 26 जनवरी 2025 को देश की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ में आयोजित 75वें गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होंगे। यह अवसर न केवल इन परिवारों के लिए, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले के लिए गौरव और सम्मान का पल होगा। महामहिम राष्ट्रपतिद्रौपति मुर्मू के विशेष आमंत्रण पर कबीरधाम जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजति बैगा परिवार के तीन परिवारो को आमंत्रित किया गया है। विशेष आमंत्रित बैगा परिवारों में ग्राम पंचायत कादावनी के आश्रित ग्राम पटपरी की जगतिन बाई बैगा और उनके पति फूल सिंह बैगा, ग्राम तेलियापानी की तीतरी बाई बैगा और पति बुध सिंह बैगा, और ग्राम तेलियापानी की ही बाली बाई बैगा,पति सोनू राम बैगा कुल छः बैगा सदस्य है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के विशेष निमंत्रण पर दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होने का गौरव प्राप्त होगा। 
 
राष्ट्रपति से मुलाकात और विशेष रात्रि भोज का अवसर :
कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों को दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आयोजित विशेष रात्रि भोज में सम्मिलित होने का भी सम्मान प्राप्त होगा। इन परिवारों को इसके अलावा, ये परिवार प्रधानमंत्री आवास, संसद भवन और राष्ट्रपति भवन और भी अन्य ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
 
बैगा परिवारों ने भावुक होकर बोले यह सपना सच होने जैसा है :
दिल्ली जाने की खबर से इन परिवारों में उत्साह और गर्व का माहौल है। जगतिन बाई बैगा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमें राष्ट्रपति से मिलने का मौका मिलेगा। पहले हमारे गांव में अंधेरा था, लेकिन अब सौर ऊर्जा की वजह से हमारे घर रोशन हैं। यह मुख्यमंत्री और क्रेडा विभाग की बदौलत संभव हुआ है।
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महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मध्य है अटूट सांस्कृतिक सम्बन्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के चौबे कॉलोनी में आयोजित तीन दिवसीय बृहन्महाराष्ट्र मंडल के 73वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने इस महती अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले मराठी समाज से जुड़े प्रबुद्ध जनों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया और समाज के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की। 


      मुख्यमंत्री श्री साय ने मराठी समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच अटूट रिश्ता है और दोनों के सांस्कृतिक संबंधों में यह बात झलकती है। पड़ोसी राज्य होने के कारण यह जुड़ाव अधिक सहज भी है। श्री साय ने सीपी बरार के दौर का जिक्र करते हुए कहा की उस दौर में दोनों क्षेत्र की राजधानी नागपुर हुआ करती थी और जनप्रतिनिधि मनोनीत होते थे। मेरे दादा स्वर्गीय बुद्धनाथ साय मनोनीत विधायक थे और महाराष्ट्र से सहज जुड़ाव मेरी स्मृतियों में है। श्री साय ने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहेब देशपांडे सहित मराठी समाज के मूर्धन्यों का पुण्य स्मरण किया। 
उन्होंने कहा कि श्री देशपांडे ने जो संकल्प लिया था, आजीवन उसी रास्ते पर चले। आदिवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। 
     मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रयोदशी तिथि के अनुसार आज ही के दिन पिछले साल भगवान राममला अपने मंदिर में विराजे थे। उन्होंने सभी को इस पावन दिन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिन आपके अधिवेशन की शुरुआत हुई है, निश्चित रूप से यह अपने उद्देश्यों में सफल होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मराठा मंडल के वार्षिक अधिवेशन की स्मारिका का विमोचन भी किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी लोगों का  शिक्षा सहित जनसेवा के अन्य क्षेत्रों में विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य, कला, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण सहित अलग-अलग क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने वाले प्रतिभावान लोगों को इस मंच से सम्मानित कर हम खुद को भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का मेल, भाईचारा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव हमें एकजुट रहकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। सनातन धर्म की रक्षा में छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। हमारी सरकार सभी वर्ग के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ नई औद्योगिक नीति से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास से हम विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। छत्तीसगढ़ी संस्कृति के साथ ही पड़ोसी राज्यों की परंपराएं और संस्कृति को जानने के लिए इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए।

        इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष श्री मिलिंद महाजन, रायपुर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष श्री अजय काले, डॉ. रामप्रताप सिंह और डॉ. सुनील किरवई सहित समाज से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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मैनपाट की 2 नाबालिग छात्राएं रविवार से लापता, FIR दर्ज

 सरगुजा जिले के मैनपाट की 2 नाबालिग छात्राएं रविवार से लापता हैं। दोनों छात्राएं रविवार को घर से हॉस्टल जाने के नाम पर निकली थीं।

दोनों छात्राओं को परिजनों ने मंगलवार को दूसरे गांव में घूमते हुए देखा था और घर वापस लेकर आए, लेकिन वे फिर से गायब हो गईं।

मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट के ग्राम पैगा निवासी कक्षा नवमीं की दो छात्राएं क्रिसमस के अवकाश पर अपने घर आई थीं।

दोनों छात्राएं कमलेश्वरपुर के सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ती हैं। रविवार को दोनों छात्राएं बस में सवार होकर कमलेश्वरपुर जाने के लिए निकलीं, लेकिन हॉस्टल नहीं पहुंचीं।

छात्राओं के परिजन मंगलवार को कमलेश्वरपुर हॉस्टल पहुंचे तो वहां पता चला कि छात्राएं हॉस्टल नहीं लौटी हैं। परिजनों ने छात्राओं की खोजबीन की तो वे मैनपाट के एक गांव में मिलीं।

परिजन उन्हें लेकर गांव वापस आए, लेकिन कुछ देर बाद ही छात्राएं फिर से गायब हो गईं। लातपा दोनों छात्राओं के पास फोन है, जो चालू है, लेकिन वे फोन नहीं उठा रही हैं।

परेशान परिजनों ने छात्राओं के गुमशुदगी की सूचना कमलेश्वरपुर पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस दोनों छात्राओं की तलाश कर रही है।

उनके फोन का लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है। मैनपाट का क्षेत्र मानव तस्करी के लिए कुख्यात है। पहले भी मैनपाट इलाके से बड़ी संख्या में लड़कियों को काम करने के लिए शहरों में ले जाया जाता है।

परिजनों को आशंका है कि नाबालिग छात्राएं मानव तस्करों के चंगुल में न फंस जाएं।

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पेंगोलिन तस्करों पर कसा शिकंजा, तीन तस्कर पकड़ाए

छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने एक बार फिर से वन्यजीव तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता हालिस की है। वनमंडल बस्तर, राज्यस्तरीय वन उड़नदस्ता रायपुर और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में 43 किलो पेंगोलिन स्केल्स (साल खपरी का छाल) जब्त किए हैं। वन्य तस्करों की धरपकड़ का यह अभियान वन मंत्री श्री केदार कश्यप और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
 
गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को किए गए छापों में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से पहला आरोपी, जेम्स मैथ्यू, जगदलपुर रेंज के ग्राम तेली मारेंगा का निवासी है, जिसके घर से 32 किलोग्राम पेंगोलिन स्केल्स बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने लॉकडाउन के दौरान बीजापुर के अंदरूनी इलाकों से इन स्केल्स को एकत्र किया था और खरीदार की तलाश में था। दूसरी कार्रवाई चित्रकोट रेंज के मारडूम-बारसूर मार्ग पर हुई, जहां चुन्नीलाल बघेल और राजकुमार कुशवाहा को 11 किलो पेंगोलिन स्केल्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। हालांकि, इनके दो साथी जंगल का सहारा लेकर भागने में कामयाब रहे। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
 
उक्त कार्यवाही में उप वनमण्डलाधिकारी जगदलपुर श्री देवलाल दुग्गा, उप वनमण्डलाधिकारी चित्रकोट श्री योगेश कुमार रात्रे, वन परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट श्री प्रकाश ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर श्री देवेन्द्र वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी कोलेंग श्री बुधराम साहू, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट श्री बुधरू राम कश्यप, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (ग्रामीण) श्री लल्लन जी तिवारी, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर (शहर) श्री श्रीधर नाथ स्नेही, परिसर रक्षक श्री चौतन सिंह कश्यप, कु. शारदा मण्डावी, श्री शंकर सिंह बघेल, श्री गोपाल नाग, श्री राम सिंह बघेल, श्री कैलाश नागेश, कु. कविता ठाकुर, श्रीमती कुन्ती कश्यप, श्रीमती जया नेताम, श्रीमती सोनमती, श्रीमती चंद्रीका राणा, श्रीमती दीपा पटेल, श्री उमर देव कोर्राम, श्री कमल ठाकुर आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
 
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राज्य सरकार द्वारा चालू खरीफ सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल बघेल की अध्यक्षता में आज महानदी भवन मंत्रालय में मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा अनुमानित 160 से 165 लाख मीट्रिक टन धान के शत-प्रतिशत निष्पादन के लिए मंथन किया गया। केन्द्रीय और राज्य पूल में 125 लाख मीट्रिक टन धान का निष्पादन हो सकेगा। लगभग अतिशेष 40 लाख मीट्रिक टन धान के नीलामी के लिए निविदा प्रक्रिया पर गहन रूप से विचार-विमर्श किया गया। धान खरीदी के पश्चात माह फरवरी के दूसरे सप्ताह में नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्णय पर सहमति बनी है। अंतिम निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक में तय होगी। मंत्रिमंडलीय उप समिति के सदस्यों ने शत-प्रतिशत धान के निराकरण हेतु अपने-अपने सुझाव भी दिए।  
 
गौरतलब है कि प्रदेश में इस खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 160 से 165 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन संभावित है। इस खरीफ विपणन वर्ष में भारत सरकार से प्राप्त केन्द्रीय पूल में चावल जमा लक्ष्य (70 लाख मीट्रिक टन) एवं नागरिक आपूर्ति निगम के राज्य पूल लक्ष्य में (14 लाख मीट्रिक टन) से लगभग 125 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव होगा। वहीं लगभग 40 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण शेष रहेगा। जिसकी नीलामी कर निराकरण किया जाना है। 
 
बैठक में धान खरीदी व्यवस्था, कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव, किसानों के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था, टोकन की स्थिति सहित विभिन्न किसान हित से जुड़े मुद्दे की समीक्षा की गई। बैठक में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। 
 
बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप और  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए।
    
 खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। वर्तमान में राज्य में 2058 सहकारी समितियां तथा 2739 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से आगामी खरीफ विपणन वर्ष में 160 से 165 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान लगाया गया है। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 14 नवम्बर 2024 से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान के तहत अब तक 113 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में राज्य 21.54 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 25 हजार 549 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए तेजी के साथ धान का उठाव जारी है। 
 
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कैंसर के इलाज में कर्ज बोझ तले दबा था राम प्यारे का जीवन, दीर्घायु वार्ड में मिला निःशुल्क उपचार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के शासकीय अस्पतालों की सुविधाओं में लगातार विस्तार हो रहा है । मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से राज्य के मरीजों का विश्वास सरकारी अस्पतालों के प्रति मजबूत हुआ है। जशपुर के रामप्यारे और दीनदयाल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपनी कहानी बयान कर रहे हैं।
 
 
राम प्यारे को दीर्घायु वार्ड में मिला निःशुल्क उपचार
 
कैंसर का उपचार कराने में मेरी पूरी जमा पूंजी खत्म हो गयी घर बेचने तक की नौबत आ गयी, ऐसे में जिला अस्पताल का दीर्घायु वार्ड मेरे लिए संकटमोचक बना जहां मुझे निःशुल्क उपचार के साथ दवाइयां भी मिल रहीं हैं। ये कहना है राजापारा निवासी 60 वर्षीय रामप्यारे राम का। राम प्यारे शासकीय मॉडल स्कूल में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। कई सालों से उनके पेट में दर्द एवं जलन की शिकायत थी। प्रारम्भ में जब राम प्यारे ने अम्बिकापुर में निजी अस्पताल में जांच कराई तो पेट में अल्सर होने की बात कह कर चिकित्सकों ने ईलाज प्रारम्भ किया। दो साल तक उपचार होने के बाद आराम ना मिलने पर उन्होंने रायपुर के निजी अस्पताल में अपने ईलाज कराया। जांच में पता चला कि उन्हें अमाशय का कैंसर है। वहां से दूसरे निजी अस्पताल रेफर किया गया। जहां उनका एक साल तक उपचार चला। इस ईलाज में उनकी घर की सारी जमा पूँजी खत्म हो गयी। स्थिति ऐसी बनी कि उन्हें अपना घर बेचने तक की नौबत आ गयी थी। वे कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। बच्चों ने जहां से बन पड़ा कर्ज लेकर ईलाज कराने की कोशिश की।
 
 
          ऐसे में उन्हें जिला अस्पताल में निःशुल्क उपचार के संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने यहां पर अपना उपचार कराना प्रारम्भ किया। अब उन्हें ईलाज के लिए बार बार रायपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। राम प्यारे बताते हैं कि उनके ईलाज में प्रति माह 90 हज़ार से 1 लाख तक हो जाते थे। ऊपर से आने जाने और अन्य खर्चें अलग से करना पड़ता था। यहां पर उपचार निःशुल्क हो जाता है और कहीं जाने के खर्च की भी जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं शासन का धन्यवाद दिया।
 
दीनदयाल की परेशानी में आशा की राह बना दीर्घायु वार्ड
          कांसाबेल के कैंसर पीड़ित मरीज दीनदयाल यादव ने बताया कि उन्हें सितम्बर 2023 से कई शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पहले जब जांच कराई तो हैड्रोसिल की समस्या का पहचान कर उसका ईलाज किया गया। पर शारीरिक व्याधि फिर भी बढ़ती रही पेट में सूजन हो गया। एक दिन वे घर पर काम करते हुए बेहोश हो गए तो 2-3 दिनों तक बेहोशी की हालत में कुनकुरी में ईलाज चलता रहा। जहां बीमारी का ज्ञान ना होने पर अम्बिकापुर में भी जांच हुई तो चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रायपुर जाने की सलाह दी। जहां पर चिकित्सकों की जांच में किडनी का कैंसर होने की बात सामने आई। 
 
                घर में राजमिस्त्री का कार्य कर पूरे घर की जिम्मेदारी अपने ऊपर उठाने वाले दीनदयाल की इस हालत से पूरे परिवार में डर का माहौल फैल गया था, पर डॉक्टरों ने समझाया की उन्हें आर्थिक बोझ ना हो इसके लिए वे अपने जिले में ही इसका उपचार करा सकते हैं। जब वे जशपुर आये तो दीर्घायु वार्ड में उनका निःशुल्क उपचार आयुष्मान कार्ड योजना द्वारा प्रारम्भ हुआ। दीनदयाल का जहां बिस्तर से उठना बोलना भी दूभर हो गया था। अब धीरे-धीरे वह ठीक होने लगे हैं वे अब खुद उठ कर बैठने की अवस्था में आ गए हैं। इसके लिए दीनदयाल एवं उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी धन्यवाद दिया।
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नामांतरण के लिए अब नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय के  निर्देश पर राज्य  में  नामांतरण  की  प्रक्रिया को  आसान  बनाया   जा  रहा  है। इसके लिए सुगम एप में यह  सुविधा  प्रदान  की  जा  रही  है। भूमि अथवा  प्लॉट की  रजिस्ट्री  के  साथ  ही  डाटा  राजस्व विभाग को  चला  जाएगा, जहां  से  नामांतरण  आसानी  से  हो  जाएगा।  
   अभी  प्रदेश में रोज तकरीबन आठ हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है, जिससे क्रेता द्वारा  भूमि अथवा  प्लॉट  का  नामांतरण कराने के लिए एक माह से 90 दिन तक इंतजार करना पड़‌ता है। इसके लिए तहसील और पटवारी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इसे देखते हुए राजस्व विभाग अब तत्काल नामांतरण की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस पहल से राजस्व विभाग के  साथ  ही आवेदकों  को  भी  सुविधा होगी। 
 
राजस्व अधिकारियों का कहना है कि सुगम ऐप से रजिस्ट्री शुरू होने के बाद पूरी पादर्शिता के साथ रजिस्ट्री होगी। भुइंया रिकार्ड को सुगम ऐप से जोड़ा जा चुका है, जो रिकार्ड इसमें होगा उसके आधार पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया होगी। रजिस्ट्री में ही गड़बड़ी की सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया जाएगा। ऐसे में राजस्व रिकार्ड सही होने पर  ही रजिस्ट्री होगी और इसी रिकार्ड के आधार पर 24 घंटे के भीतर नामांतरण भी हो जाएगा। अभी रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय जाना पड़ता है और वहां आवेदन देना होता है, लेकिन अब आवेदन रजिस्ट्री कराने के साथ ही पटवारी और तहसीलदार के लागिन आइडी में फारवर्ड हो जाता है। संबंधित तहसीलदार के पास रजिस्ट्रीकर्ता का आवेदन डिस्प्ले होने लगता है। इससे समय की बचत होगी।
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मुख्यमंत्री ने धमतरी में स्वामित्व कार्डो के वितरण का किया शुभारंभ

हमने छत्तीसगढ़ में नागरिक सुविधाओं  को सुगम एवं सशक्त करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस के मॉडल को अपनाया है। सभी विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमतापूर्वक योजनाओं की पहुंच आसानी से हो सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह में उक्त बात कही। कार्यक्रम में उन्होंने 268 करोड़ रूपए के विकास कार्यो का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया।
 
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामित्व कार्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवास करने वाले ग्रामीणों की बड़ी समस्या आज दूर हो रही है। इन लोगों को आबादी भूमि पर स्वामित्व के पक्के दस्तावेज मिल रहे है। दस्तावेज नहीं होने के कारण अक्सर विवाद की स्थिति में मामले न्यायालयों में सालों-साल लंबित रहते थे। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने  इस समस्या को समझा और उसे दूर करने के लिए तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत को महाशक्ति बनना है तो भारत को तकनीक दृष्टि से सक्षम होना ही पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार ने हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। रजिस्ट्री में लोगों को आसानी हो, यह पारदर्शी प्रक्रिया से हो, इसके लिए हमने सुगम एप तैयार किया है। दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए भी हम काम कर रहे हैं। स्वामित्व योजना के लिए जो ड्रोन सर्वे हमने कराये, इससे आबादी भूमि का अद्यतन नक्शा हमारे पास तैयार हो गया है, इसके कई लाभ हमें मिलेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायत की विकास योजना अर्थात जीपीडीपी बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। इससे शासकीय और सार्वजनिक संपत्ति की देखरेख करने में काफी मदद मिलेगी और अतिक्रमण की संभावना समाप्त होंगी।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार यह सोचा कि  कमार बसाहटों तक भी सड़क पहुंचनी चाहिए, इनके लिए भी साफ पानी होना चाहिए, बिजली होना चाहिए, बच्चों के लिए स्कूल होना चाहिए। जब ऐसी संवेदनशीलता मन में होती है तभी पीएमजनमन जैसी योजना अस्तित्व में आती है। एक साल के भीतर प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से कमार जनजाति की बसाहटों में विकास का उजाला फैला है। लगभग 47 करोड़ रुपए की लागत से 36 सड़कें हमने बनाई हैं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास, सौभाग्य योजना, जलजीवन मिशन, पीएम जनमन योजना सारी योजनाएं नागरिकों के जीवन को आसान करती हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए विकास की राह खोलती हैं।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धमतरी जिले को चित्रोत्पला महानदी का विशेष वरदान प्राप्त है। खेती-किसानी के क्षेत्र में धमतरी जिला हमेशा से अग्रणी रहा है। किसान भाई भरपूर मेहनत कर अच्छी फसल ले रहे हैं। धान के अलावा दलहन-तिलहन की फसल भी ले रहे हैं। इन सबके लिए भरपूर पानी चाहिए, इसके लिए जल संरक्षण बहुत जरूरी है। धमतरी जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक कार्य हुए हैं। जल की एक-एक बूंद को बचाने की पहल की गई है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों से किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सबसे अच्छा मूल्य किसानों को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 20 लाख से अधिक किसानों से हमने लगभग 106 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है। अब तक 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि का भुगतान हम किसान भाइयों को कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के एक लाख 7 हजार किसानों ने 4 लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान बेचा है। अब तक इनके खातों में 1 हजार 111 करोड़ रुपए दिये जा चुके हैं।
 
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में  विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की गारंटी और विष्णु के सुशासन में सभी वर्गों को विभिन्न योजनाओं का लाभ बराबर मिल रहा है। श्री साव ने कहा कि शहर से लेकर दूरस्थ ग्रामों तक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वामित्व योजना इत्यादि का लाभ लोग उठा रहे हैं। प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने स्वामित्व योजना अंतर्गत  जिले में अधिकार अभिलेखों के वितरण पर संबंधित हितग्राहियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के एक साल सुशासन में योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। 
 
विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी जी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले में उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले दिनों में इन उद्योगों के क्रियाशील होने और इनसे रोजगार सृजन की बात कही। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार द्वारा एक साल के सुशासन में अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। 
 
कार्यक्रम को सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री भोजराज नाग ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार के एक वर्ष होने पर बधाई दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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बालोद में सर्वसुविधायुक्त 400 सीटर ऑडिटोरियम और नालंदा परिसर का होगा निर्माण

 हमने अटल जी की स्मृति में वर्ष 2025 को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया है। इस वर्ष गुणवत्तायुक्त विकास कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास और सबका विश्वास मूलमंत्र के साथ हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि अपने क्षेत्र के विकास और निर्माण कार्यों की सतत निगरानी करें और विकसित छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बालोद जिले के ग्राम जुगेरा में आयोजित 141 करोड़ रूपए के विकास कार्यों के लोर्कापण-शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है। भारतीय प्राचीन ग्रंथों में जिसे रामराज्य कहा गया है, वही तो सुशासन है। सुशासन का सूर्याेदय हो गया है, यह सब आप लोगों के स्नेह और अपार जनसमर्थन से यह संभव हो सका है। हमें विश्वास है कि आप सबका भरोसा अटूट रहेगा। सभी मिलजुलकर विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। पक्का छत वाले मकान निर्माण की योजना प्रधानमंत्री आवास के तहत बालोद जिले में 31 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं। इनमें आधे से अधिक आवास बन गए हैं। शेष का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने नए आवास में प्रवेशित हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। 
 
मुख्यमंत्री साय ने बालोद जिले के ग्राम जुगेरा में आयोजित कार्यक्रम में 141 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर बालोद में 400 सीटर ऑडिटोरियम के निर्माण और जुगेरा स्थित बंजारी माता मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा में विस्तार के लिए डोम सेट निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही बालोद में नालंदा परिसर का निर्माण होगा, इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी हैं। उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही बालोद के ग्राम जमरूवा निवासी वीणा साहू की सराहना करते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद जिले में बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता हितग्राही हैं, हमने उनके हित में तेंदूपत्ता खरीदी की दर में प्रति मानक बोरा 15 सौ रूपए की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए 5500 रूपए प्रति मानक दर से खरीदी सुनिश्चित की। हमने डौंडीलोहारा विकासखंड के मटियामोती जलाशय के नहरों का लाइनिंग मरम्मत और पुर्ननिर्माण के लिए भूमिपूजन किया है। करीब 30 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इस नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक उन्नति योजना से बालोद जिले के करीब डेढ़ लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। उनके खाते में 2023-24 में बेचे गए खरीफ सीजन के धान की राशि 686 करोड़ रूपये अंतरित की गई है, इससे किसानों में समृद्धि आयी है। किसान खुशहाल हुए हैं। हमारा मानना है कि जब हमारे अन्नदाता खुशहाल होंगे तो सभी का जीवन सुखमय रहेगा। बालोद जिले में डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खाते में 223 करोड़ रूपये बकाया बोनस की राशि भी हमने गत वर्ष दिया है।
 
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मोदी जी की गारंटी वाली श्री विष्णु देव साय की सरकार में विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी। कार्यक्रम को सांसद श्री भोजराज नाग ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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उत्कृष्ट और मनमोहक प्रस्तुति से युवा छत्तीसगढ़ का नाम करें रोशन -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होने जा रहे युवाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के साथ ही छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाना है। 
 
उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिवस पर आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में उत्कृष्ट और मनमोहक प्रस्तुति से युवा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन भारत को वर्ष 2047 से पूर्व विकसित बनाने की भारत सरकार की मुहिम में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपना टैलेंट दिखाया है। राष्ट्रीय युवा उत्सव के लिए कुल 75 प्रतिभागियों का चयन छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधित्व के लिए किया गया है।  भारत मण्डपम नई दिल्ली में 11 एवं 12 जनवरी 2025 को भारत के प्रधानमंत्री  श्री नरेन्द्र मोदी  के समक्ष भारत को विकसित बनाने के विज़न को प्रस्तुत करने का अवसर राज्य के 75 युवाओं को उपलब्ध कराया जाएगा।
   
    विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने कहा कि युवा दिल्ली में अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें। आगामी 11 और 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में ऐसा प्रदर्शन करें कि देश के अन्य राज्यो से आये युवाओं के जुबान पर "छत्तीसगढ़िया सब ले बढ़िया" हो।
 
    खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि युवा भारत की शक्ति है। युवाओं को छत्तीसगढ़ में अपने प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 75 युवा राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होंगे।
    
 गौरतलब है कि युवा महोत्सव के माध्यम से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य के 80 हजार से अधिक युवाओं को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया। रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हाॅकी स्टेडियम में 26 और 27 दिसम्बर 2024 को यूथ डाॅयलाग सम्पन्न हुआ । भारत को विकसित बनाने के लिए भविष्य के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण, महिलाओं को सशक्त बनाना और सामाजिक संकेतक में सुधार, विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना, कृषि में उत्पादकता बढ़ाना, भारत को एक स्पोर्टिंग और फिट राष्ट्र बनाना, भारत को वैश्विक विनिर्माण पावर हाऊस बनाना, भारत को विश्व की स्टार्टअप राजधानी के रूप में विकसित करना, भारत को पूर्णतः टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाना, विकसित भारत के लिए तकनीकी, विकास भी विरासत भी की थीम पर माई भारत पोर्टल पर छत्तीसगढ़ के 3 लाख 26 हजार से अधिक पंजीकृत वालेंटियर्स एवं प्रदेश के विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए सर्व प्रथम आनलाइन क्वीज का आयोजन किया गया,  जिसमें राज्य के 80 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। आनलाईन क्वीज़ में क्वालीफाईड 6,103 युवाओं में से 635 युवाओं ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने संबंधी निर्धारित 10 थीम पर निबंध लेखन किया। निबंध लेखन अंतर्गत प्रत्येक विषय में अधिकतम 25 अभ्यर्थियों का चयन स्टेट चैम्पियनशिप के लिए किया जाना था। इसमें से  228 युवाओं का चयन स्टेट चैम्पियनशिप के लिए किया गया।
      सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हाॅकी स्टेडियम जी.ई. रोड रायपुर में स्टेट चैम्पियनशिप का आयोजन संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण द्वारा किया गया। इसके अंतर्गत युवा प्रतिभागियों ने पी.पी.टी. के माध्यम से भारत को विकसित बनाने हेतु अपना विज़न विषय विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ राज्य से 12 विषय विशेषज्ञों ने युवा प्रतिभागियों के द्वारा प्रस्तुत विज़न पी.पी.टी. का मूल्यांकन किया। 
     स्टेट चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ के 45 युवाओं का चयन कर उन्हें नई दिल्ली भेजने हेतु "Sending Off" समारोह  का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त विकासखण्ड स्तर से जिला स्तर और जिला स्तर के विजेता प्रतिभागियों के सांस्कृतिक प्रदर्शन का विशेषज्ञों के माध्यम से वीडियो अवलोकन कर राष्ट्रीय युवा उत्सव के लिए 30 प्रतिभागियों का चयन लोकगीत, लोकनृत्य, कविता, कहानी, चित्रकला, साइंस मेला एवं वक्तृत्व कला विधाओं से चयनित किया गया है।
      इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायकगण श्री किरण देव,श्री मोतीलाल साहू,श्री इंद्र कुमार साव,श्री अनुज शर्मा,गुरु खुशवंत साहेब,  खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता एवं संचालक श्रीमती तनुजा सलाम सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और युवा उपस्थित थे।
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