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समाधान शिविर सरकार की जवाबदेही और जनसेवा का प्रतीक - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जब हम गांव-गांव जाकर समाधान शिविर लगाते हैं, तो यह हमारी जवाबदेही का प्रमाण है। यह कार्य वही सरकार कर सकती है, जो ईमानदारी से जनता के लिए काम करती हो। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरमंदा में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की जनसामान्य के प्रति उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है। हमारी सरकार ने एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया था, और अब डेढ़ साल बाद पुनः जनता के बीच अपने कामकाज का रिपोर्ट दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत् दुर्ग 19 वां जिला है जहां वे सुशासन शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और सुशासन शिविर में लोगों से फीडबैक पाकर  इस बात की खुशी होती है कि हमारी सरकार ने डेढ़ सालों में जो काम किया है उसका लाभ जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुरमुंदा शिविर में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2539 मामलों का मौके पर समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारी सरकार हर घर तक बिजली और नल से जल पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख गरीब परिवारों के हक छीनने का काम किया। गरीबों से उनका घर और छत छीनने का काम करके पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बंटाधार कर दिया था। इसी तरह, नल-जल योजना में भी पिछली सरकार की अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पानी का कोई प्रबंध नहीं था। हमारी सरकार ने इन योजनाओं को सुधारा और धरातल पर लागू किया।

किसान, मजदूर और बुजुर्ग हर वर्ग के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए की दर से कर रही है, पिछले दो वर्षों का बोनस भी किसानों को दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिला है। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22000 से अधिक लोग अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रूपए की वार्षिक सहायता दी जा रही है। स्वामित्व कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने भूमि रजिस्ट्री प्रणाली में सुधार का भी उल्लेख किया और बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण स्वतः हो जाएगा, लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने बेटा-बेटी को ज़मीन देना चाहता है, तो 500 रूपए में दानपत्र देकर कार्य पूरा कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में यह केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख रुपए तक के बैंकिंग ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। अगले एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है।

शिविर में किया गया सामग्री वितरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को गृह प्रवेश की चाबियां, मनरेगा श्रमिकों को जॉब कार्ड, पात्र हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, चेक और एटीएम कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि सरकार का कार्य सिर्फ शासन चलाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। जब शासन जनता के द्वार तक आता है, तभी असली सुशासन स्थापित होता है। सुशासन शिविर को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक साजा श्री ईश्वर लाल साहू, पूर्व विधायक श्री प्रेमप्रकाश पांडेय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुरमुंदा सहित 15 पंचायतों के ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अचानक पहुंचे अछोटी

 राज्य सरकार द्वारा सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम अछोटी का औचक दौरा किया। 


ग्राम अछोटी में मुख्यमंत्री श्री साय हेलीकॉप्टर से अचानक पहुंचे और डायट कॉलेज परिसर में 29 लाख 20 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मुआयना किया और स्वयं अपने हाथों से भवन के कॉलम की तराई कर कार्य की मजबूती और पारदर्शिता का संदेश दिया। महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक संवाद का केंद्र बनेगा।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री मुरमुंदा पहुंचे, जहां उन्होंने अटल आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 226 आवासों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने अटल आवास क्रमांक 226 के हितग्राही श्री तुषार को अपने हाथों से चाबी सौंपी और उन्हें गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अन्य हितग्राहियों को भी उनके मकान की चाबी सौंपते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में समाधान शिविर, निरीक्षण दौरे, विकास कार्यों की समीक्षा और योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन जैसे विविध कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का प्रदेश के गांव-गांव में आकस्मिक दौरा समाधान शिविर में उनकी स्वयं की मौजूदगी और जनसमस्याओं का निदान सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिससे आमजनता में सरकार के प्रति विश्वास और सहभागिता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।
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मुख्यमंत्री के कड़े तेवर: लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज

 सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो बड़े निर्णय लिए। 


मुख्यमंत्री ने मुंगेली जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मनियारी जलाशय  और पथरिया जलाशय जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जो लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जिले का अत्यंत खराब प्रदर्शन जिले में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस तीखे रुख से स्पष्ट है कि सरकारी कार्यों में शिथिलता और जवाबदेही से बचने का युग समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने आज मुंगेली कलेक्टोेरेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बिलासपुर और मुंगेली जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान कार्रवाई के निर्देश दिए। 

ग्रामीण इलाकों का निरंतर दौरा करें अधिकारी-

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सुशासन का आशय अच्छा शासन होता है। जिस विश्वास के साथ जनता ने हमें शासन में बिठाया है, उस विश्वास को और मजबूत करना है। सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण में अधिकारियों ने अच्छा काम किया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अधिक से अधिक ग्रामीण इलाकों का दौरा करें। इससे मैदानी जानकारी मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक कसावट भी आती है। 

भीषण गर्मी में किसी को न हो पेयजल की दिक्कत -

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी का मौसम चरम पर है। पेयजल की समस्या किसी को ना हो इसे अधिकारी देखें। लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पुख्ता कार्य योजना तैयार कर अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी सचेत रहें और कहीं पर भी बीमारी की सूचना मिलती है, तो तुरंत वहां पहुंचकर इलाज की व्यवस्था करें। राज्य में खाद बीज की पर्याप्त उपलब्धता है।  खाद बीज की दिक्कत किसानों को नहीं होनी चाहिए। 

अटल डिजिटल सेवा केंद्र का संचालन सुचारू रूप से हो-

श्री साय ने कहा की अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की गारंटी का एक अनिवार्य हिस्सा है। पूरे प्रदेश में 1460 केंद्र खुल चुके हैं। सभी में पैसे के ट्रांजेक्शन सहित अच्छा काम हो रहा है। ये सभी केंद्र नियमित रूप से काम करें, यह देखने का काम कलेक्टर का है। उन्होंने कहा कि अगले 6 माह में 5000 और अटल सेवा केंद्र खुलेंगे। अगले साल 24 अप्रैल तक हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो जाएगा । यह भी ध्यान रखें कि लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा की भूमि की रजिस्ट्री के संबंध में हमारी सरकार ने 10 नए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। भूमि दान सहित अन्य कामकाज को सरल किया है। इनका लाभ ग्रामीणों और किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के अधूरे कामों को बरसात के पहले अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को बरसात में रहने के लिए पक्के मकान मिल सकें। श्री साय ने कहा कि सभी अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन शिविर में हम कर रहे हैं। 

घर जाकर करें लंबित मजदूरी का भुगतान-

मुख्यमंत्री ने कहा की शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मजदूरी भुगतान में विलंब नहीं करना चाहिए। मरवाही वन मंडल में वन विभाग का मजदूरी भुगतान काफी दिनों से लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और मजदूर के घर पहुंचकर तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए। बिलासपुर जिले में राजस्व प्रकरण की ज्यादा संख्या में लंबित होने पर इनका अभियान चलाकर निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपने मातहत राजस्व अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग करें। उन्होंने पक्षकारों को पेशी में बार-बार नहीं बुलाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अचानकमार रिजर्व क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में विलंब होने का कारण पूछा और इसे समन्वय स्थापित करते हुए समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। महिला समूह को सैंटरिंग प्लेट का प्रशिक्षण भी देने को कहा ताकि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास में उन्हें रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर जिले में 5 लाख से ज्यादा लोगों का आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बना है, मुख्यमंत्री ने सीएमएचओ को इसके लिए फटकार लगाई। उन्होंने बिलासपुर में शुरू किए गए सिम्स के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा की इसे पीपीपी मोड पर चलने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए जिला कलेक्टर को एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 

बरसात में हर तालाब भरें लबालब-

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम सभी को वाटर रिचार्जिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने राजनांदगांव में हुए कार्यों की प्रशंसा करते हुए इस तरह के प्रयास बिलासपुर एवं आसपास के जिलों में भी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात आने वाली है तालाबों में पानी के आगमन स्थल कई जगह अतिक्रमित हुए हैं। इससे तालाबों में पानी नहीं भरता, उन्होंने जन भागीदारी से ऐसा प्रयास करने को कहा कि सभी तालाब भर जाएं। उन्होंने शहरी विकास, कृषि, पंचायत विभागों को मिलकर इस संबंध में एक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जाहिर की और इसमें आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।  उन्होंने किसानों की सहमति से फसल चक्र परिवर्तन को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व में आने वाली ग्रामों के विस्थापन पर वन विभाग के प्रस्तुतीकरण का भी अवलोकन किया। विस्थापित होने वाले ग्रामीणों को विश्वास में लेकर समय सीमा में इस कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटन की दृष्टि से भी काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री आवास एवं शहरी मामले श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक और श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, संभागायुक्त श्री सुनील जैन सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे ।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने किया मुंगेली में सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क और उन्नत पुलिस कंट्रोल रूम का लोकार्पण

 शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, 62 हाई-टेक कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुंगेली जिला मुख्यालय में स्मार्ट सुरक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 33.15 लाख रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क और उन्नत पुलिस कंट्रोल रूम का लोकार्पण किया।

नगर के 17 प्रमुख चौक-चौराहों पर कुल 62 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिन्हें एक केंद्रीकृत पुलिस कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटर किया जा सकता है। उन्नत तकनीकों से सुसज्जित यह कंट्रोल रूम पुलिस प्रशासन को त्वरित, प्रभावी और सटीक कार्रवाई करने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रणाली केवल निगरानी तक सीमित नहीं, बल्कि यह शहर की कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को भी सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग सुशासन की रीढ़ बनेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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सुशासन तिहार - 2025 : लर्निंग लाईसेंस मिलने पर विमला वंडो के चेहरे पर आई मुस्कान

सुशासन तिहार के चलते आमजनों की समस्याओं का शीघ्र ही निराकरण होने से लोगों के चेहरों पर मुस्कान आने लगा है। अब जनता का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ने लगा है।

 

सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा विकासखंड के ग्राम जीरमपाल में आयोजित समाधान शिविर में परिवहन विभाग के स्टाल में सुश्री विमला वंडो ने लाईसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया था। जिला परिवहन अधिकारी श्री एसबी रावटे के द्वारा जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद एक सप्ताह में  विमला वंडो का लर्निंग लाईसेंस बनाकर प्रदान किया गया। लाइसेंस बन जाने से वे बहुत खुश हैं। विमला वंडो ने कहा कि शासन की यह महत्वपूर्ण और लाभकारी पहल है, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। गांवों में समाधान शिविर लगने से आवेदकों का समय और राशि दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने लर्निंग लाईसेंस मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और मार्गदर्शन में सुकमा जिले में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है जिसमें चिन्हांकित पंचायतों में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
इसी प्रकार कोंटा विकासखंड के गोरगुंडा निवासी मड़कम माड़ा ने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत उन्होंने भी लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन किया था। 1 सप्ताह के अंदर उसे भी लर्निंग लाइसेंस बनाकर दिया गया। समाधान शिविर के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आम जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।

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प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने बीजापुुर में आयोजित समाधान शिविर का किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कि मंशा के अनुरूप राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आम नागरिकों के समस्या का त्वरित निराकरण करने तथा शासन-प्रशासन का जनता के बीच संवाद स्थापित करने समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

 

नगरपालिका बीजापुर के विभिन्न वार्ड वासियों एवं जनसाधारण से प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु सुशासन तिहार के तीसरे चरण में जैतालूर मार्ग पर स्थित हल्बा समाज भवन परिसर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। प्रभारी मंत्री श्री कश्यप कि उपस्थिति पर जनसाधारण में उत्साह देखने को मिला। शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार जन साधारण की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने उनके मांगो को पूरा करने के लिए विगत दो माह से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। प्रथम चरण में 8 से 11 अप्रैल तक े प्राप्त आवेदनों को निराकृत करते हुए आवेदकों को अवगत भी कराया जा रहा है।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय अपने बीजापुर प्रवास के दौरान जिले के विकास को नई दिशा देने बीजापुर में शांति, सौहार्द्र और अहिंसा के स्थापना के साथ जिले के सर्वांगीण विकास हेतु गहन समीक्षा करते हुऐ जिले के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बीजापुर जिला का गठन एवं उनके निरंतर विकास के बारे में बताते हुए कहा कि हमारी सरकार ने बीजापुर को जिले का स्वरूप प्रदान किया। पहले आतंक और भय का वातावरण होता था लेकिन अब निरंतर विकास शासकीय योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन अधोसंरचना सड़क, पुल, पुलिया, बिजली, पानी, अस्पताल, स्कूल जैसे नागरिक सुविधाओं के विस्तार से बीजापुर जिले का स्वरूप लगातार बदल रहा है। सकारात्मक, बदलाव, का यह सिलसिला जारी रहेगा।

मंत्री श्री कश्यप ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया। राजस्व विभाग अर्न्तगत जन्म के तुरंत बाद जाति प्रमाण पत्र प्रदाय करते हुऐ बताया कि पहले जाति प्रमाण पत्र के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी जो अब आसानी से घर पर पहुंचा कर दिया जा रहा है। इसी तरह रसोई गैस हर किसी को नहीं मिल पाता था जो आज प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत प्रत्येक घरों में रसोई गैस मिल रहा है।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को बताते हुए कहा कि गंभीर बीमारी के ईलाज के लिए लोगों को घर, जमीन, जायदाद बेचने पड़ जाते थे अब 5 लाख रूपए तक निःशुल्क एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सरकार द्वारा दी जा रही है।

उन्हांेने कहा कि सभी योजनाओं का समुचित लाभ हर पात्र व्यक्ति को मिले। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार सरकारी तंत्र की पहुंच अंतिम छोर तक हो और अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं पहुंचे इसके अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के हितग्राहियों को शिविर के माध्यम से लाभान्वित किया गया।

अधिकारियों ने शिविर के माध्यम से प्राप्त 87 आवेदनों में से 75 आवेदनों के निराकरण एवं शेष 12 आवेदनों के निराकरण की कार्यवाही करने की जानकारी दी। वहीं शिकायत के प्राप्त 3 आवेदनों का शतप्रतिशत निराकरण किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी ने उपस्थित जनसमुदाय को शासन के योजनाओं का समुचित लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, डीएफओ श्री रामाकृष्णा वाय, एसडीएम बीजापुर श्री जागेश्वर कौशल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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यातायात विभाग की बड़ी कार्रवाई, बसों-ट्रकों से हटाई गईं तेज रोशनी वाले एलईडी लाइट्स

रात्रिकाल में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती आकड़ों को देखते हुए यातायात विभाग सुकमा ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव के निर्देशन और मार्गदर्शन में जिला परिवहन अधिकारी श्री एसबी रावटे के नेतृत्व में बसों, ट्रकों और पिकअप वाहनों में लगी तेज रोशनी वाली एलईडी लाइट्स को हटाने की मुहिम शुरू की गई है। उक्त कार्रवाई में वाहनों में अनियमितता पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया गया, जिनमें कुल मिलाकर पांच हजार रूपए का चालान किया गया। साथ ही दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को समझाईश भी दी गई। वाहन चालकों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी लाइट्स का उपयोग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यात्री वाहनों का मासिक रोड टैक्स बीस हज़ार रुपये शासन के खाते में जमा किया गया।

यातायात विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चौपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का उपयोग करना और दोपहिया वाहनों में हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। तेज रोशनी वाली एलईडी लाइट्स से होने वाली दुर्घटनाओं और परेशानियों को कम करने के लिए यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक मिसाल बन सकती है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहे, तो निश्चित रूप से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रा सुरक्षित व सुगम होगी। अधिकारियों ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।

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राज्यपाल श्री डेका से ईशा फाऊंडेशन संस्था के स्वयंसेवकों ने सौजन्य भेंट की

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ राजभवन में ईशा फाऊंडेशन संस्था के स्वयंसेवकों डॉक्टर संगीता अग्रवाल, डॉक्टर संगीता नागराज एवं श्री नीलेश अग्रवाल ने सौजन्य भेंट की।

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लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे जगरगुंडा में खुली इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ

लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र के लोगों को भी अब बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से सुकमा के जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया। बैंक की इस शाखा से आसपास के 12 गांव के लगभग 14 हजार ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने शुभारंभ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। लंबे समय से यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है।  पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार में हम बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। यही कारण है कि आज यहां बैंक की नई शाखा खुली है। लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की सुरक्षा, विकास और विश्वास की रणनीति, सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से बस्तर अंचल के गांव तेजी से नक्सल समस्या से उबर कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में सभी ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई है,  जिस पर अमल करते हुए 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर प्रत्येक विकासखंड की 10 - 10 ग्राम पंचायतों में 1460 अटल पंचायत डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जहां ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सुशासन तिहार की भी विस्तार से जानकारी दी। श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने स्वयं डिजिटल सेवा केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। ग्रामीण यहां बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। 

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब वे दंतेवाड़ा में कलेक्टर थे, तब यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित था। अंदरूनी इलाके में जाने के पहले सोचना पड़ता था। वर्ष 2001 में इस भवन में ग्रामीण बैंक की शाखा थी, जिसे नक्सलियों द्वारा लूटने का प्रयास किया गया था। आज इसी भवन में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खुल रही है। यहां से ग्रामीणों को तेंदूपत्ता बोनस, किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं की राशि गांव में ही मिलेगी।

वित्तमंत्री श्री चौधरी ने बैंक परिसर में कैश काउंटर और शाखा प्रबंधक कार्यालय का निरीक्षण करते हुए बैंक में अपना भी खाता खुलवाया। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने भी बैंक में अपना खाता खुलवाया। उल्लेखनीय है कि बैंक के साथ ही एटीएम की सुविधा भी ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई गई है। 

शुभारम्भ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव वर्चुअली जुड़े थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर सुकमा  श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन और बैंक के रीजनल मैनेजर श्री गौरीशंकर नायक जगरगुण्डा में उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए

 "ऑपरेशन सिंदूर" की सफलता पर आज जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के चराईडांड में देशभक्ति से ओत-प्रोत तिरंगा यात्रा निकली गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गांव के शिव मंदिर से आम बगीचा तक निकली गई इस भव्य यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के साथ हाथों में तिरंगा लिए जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत , नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, श्री विक्रमादित्य सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री कृष्णा राय, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी, आम नागरिक, बच्चे एवं जवान तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। 


लोग हाथ में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि “यह यात्रा न केवल तिरंगे के प्रति सम्मान है, बल्कि यह हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। यह अभियान देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सशक्त बनाने का प्रतीक है।”ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत पूरे जिले में एक साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार करना,  जनसहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं, मातृशक्ति एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कम समय में इतनी बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता एकजुट होकर राष्ट्र के लिए खड़ी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। यह अभियान उन शहीद जवानों को समर्पित है जिन्होंने अपनी शहादत से राष्ट्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उरी हमले के बाद जिस प्रकार से सेना ने जवाब दिया, उसी प्रकार हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा की गई कायरतापूर्ण घटना का करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने पहलगाम की घटना में छत्तीसगढ़ के सपूत सहित अनेक लोगों की निर्ममहत्या का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं रक्षामंत्री के कुशल नेतृत्व में सीमापार आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त किया गया। इस तिरंगा यात्रा में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता यह संदेश देती है कि भारत एक है, और राष्ट्रहित में सभी नागरिक एकजुट हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिदूंर की सराहना हर देशवासी कर रहा है। भारतीय सेना द्वारा देश की रक्षा हेतु अदम्य साहस का परिचय देते हुऐ देश की सीमाओं की रक्षा अत्यन्त वीरता के साथ की जा रही है। भारतीय सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने और देश की एकता अखंडता के लिए जिले के सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में जनप्रतिनिधि, पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी, आम नागरिक, बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और देश के प्रति अपनी एकजुटता एवं सम्मान प्रकट किया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का किया लोकार्पण

राजनांदगांव में 9 करोड़ की लागत से बना है नया भवन


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के चिखली में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यहां शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का प्रकाशन होता है। मुख्यमंत्री ने शासकीय मुद्रणालय के नवनिर्मित भवन और वहां की प्रकाशन तथा अन्य व्यवस्था का भी अवलोकन किया।

राजनांदगांव स्थित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय भवन छत्तीसगढ़ में एक मात्र शासकीय मुद्रणालय है जहां महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का प्रकाशन किया जाता है। मुद्रणालय का पुराना भवन अत्याधिक पुराना होने के कारण नये भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। 

शासकीय मुद्रणालय के नवीन भवन में पेपर गोडाउन, प्रिटिंग मटेरियल स्टोर, बाइडिंग एवं पेपर स्टोर, मेकेनिकल स्टोर, काम्पोजिंग एवं रीडिंग रूम, टाइप स्टोर, कैमरा रूम, असिस्टेंट सुपरिटेंडेन्ट कक्ष, डायरेक्टर रूम, कॉन्फ्रेंस रूम एवं अन्य आवश्यक व्यस्थाएं रखी गई है। यहां 4 बड़े हाल एवं 12 कमरे हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शासकीय मुद्रणालय के अधिकारी-कर्मचारी  उपस्थित थे।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता एवं उसमें शामिल वीर शहीदों को नमन करते हुए भारत की जीत के हर्ष में रायपुर रेल मंडल के रेल कर्मियों ने श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी जी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। यह तिरंगा यात्रा दिनांक 16 मई, 2025 को प्रातः 07:00 बजे रेलवे इंस्टीट्यूट खारुन विहार, रायपुर से रेलवे स्टेशन तक आयोजन किया गया। इस तिरंगा यात्रा में रायपुर रेल मंडल के स्काउट गाइड रायपुर स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य स्थानीय नागरिक रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी ने ओजस्वी नारों से शहीदों को याद किया। एवं रायपुर स्टेशन पर पहुंचकर शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

        इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग एवं सहायक वाणिज्य प्रबंधक अविनाश कुमार आनंद भी उपस्थित रहे।
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सिद्धबाबा जलाशय बनेगा सिंचाई का मजबूत आधार: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 सुशासन तिहार के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सीतागांव के समाधान शिविर के बाद हेलीकॉप्टर से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गभरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के समीप 220 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे सिद्धबाबा सिंचाई जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। इस सिंचाई जलाशय से 34 गांवों के लगभग साढ़े चार हजार किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशय से 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 1380 हेक्टेयर में रबी फसलों की सिंचाई होगी। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने जलाशय स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलाशय न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त आधार होगा। हमारी सरकार हर किसान तक पानी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

गौरतलब है कि इस जलाशय के माध्यम से तीन जिलों के 34 गांवों खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गभरा, कोटरीछापर, दोड़िया, विचारपुर, बुन्देली, मुरई, खैरी, सीताडबरी, कोटरा, साल्हेकला, बेमेतरा जिले के पठारझोरी, चिचानमेटा, जानो, रानो, गाड़ाडीह, सोनडबरी गांव और दुर्ग जिले के अगारकला, अगारखुर्द, साल्हेखुर्द, नवागांव में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। 

इसके अलावा डुबान क्षेत्र के किसान भी 120 हेक्टेयर भूमि पर रबी और सब्जियों की खेती कर सकेंगे। जलाशय से प्रतिवर्ष 498 क्विंटल मत्स्य उत्पादन की संभावना है, जिससे 200 ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे निस्तारी और पेयजल संकट भी कम होगा। कुल 23 निर्मित लघु जलाशयों को जल आपूर्ति भी इसी परियोजना से सुनिश्चित होगी। इनमें विकासखंड छुईखदान के 13 जलाशय-साजा के 7 जलाशय-धमधा के 3 जलाशय शामिल है।
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मुख्यमंत्री को माँ ने दिया अपना आशीर्वाद—स्नेह से छुआ गाल, हृदय से कहा धन्यवाद

 कच्चे मकान से पक्के घर तक – एक माँ की ज़िंदगी में लौटी गरिमा और सुकून


बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के करेगुट्टा पर्वत की तलहटी में स्थित  नक्सल प्रभावित ग्राम उसूर की 62 वर्षीय शम्मी दुर्गम की वर्षों की प्रतीक्षा 15 मई को पूर्ण हुई, जब ग़लगम में आयोजित सुशासन तिहार के अवसर पर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित पक्के मकान की चाबी सौंपी। पक्के आवास की चाबी पाकर शम्मी दुर्गम भावुक हो उठीं। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के गालों को स्नेहपूर्वक स्पर्श करते हुए कहा कि वर्षों तक कच्चे मकान में रहना उनके लिए बेहद कठिन था—हर मौसम में कीड़े-मकोड़ों और जहरीले जीवों का डर बना रहता था। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भावुकता से बार-बार धन्यवाद देते हुए कहा – अब मेरे जीवन में सुकून है, और मेरे बच्चों के सिर पर एक स्थायी छत है।

श्रीमती दुर्गम ने बताया कि उनके पति की मृत्यु 15 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हो गई थी, तब से उन्होंने अकेले ही अपने दो बच्चों का लालन-पालन किया और कृषि कार्य कर किसी तरह जीवनयापन किया। जब उन्हें सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है, तो यह केवल एक मकान नहीं बल्कि उनके जीवनभर के संघर्षों का पुरस्कार है। यह एक ऐसी छत है, जिसमें सिर्फ ईंट और सीमेंट नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान की नींव जुड़ी है। शम्मी दुर्गम इस बात की गवाह है कि सरकार की योजनाएं जब सही हाथों तक पहुँचती हैं, तो वे केवल इमारत नहीं, भरोसे और उम्मीद का घर बन जाती हैं।
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नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में निकलेगा विकास का नया सूरज: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही विकास का नया सूरज निकलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है जिसके कारण यहां विकास के पहिए थम गए थे। हमारी यह चिंता है कि यहां नक्सलवाद समाप्त हो और विकास के काम तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलियों के विरूद्ध मोर्चा ले रहे हैं। हमारा संकल्प है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर को संबाधित कर रहे थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार में सरकार आपके द्वार पहुंच रही है और आपकी समस्याओं का समाधान भी कर रही है। सच्ची नियत से जो सरकार काम करती है वही जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करती है। उन्होंने इस मौके पर सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नत करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण और सीतागांव हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन तथा अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है, और जिनके नाम नहीं जुड़े हैं उन्हें शीघ्र जोड़ा जाएगा। 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिना पूर्व सूचना के किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर चौपाल लगाकर जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रही है। यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावितों के लिए पीएम जनमन के तहत् 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए। जिनमें बड़ी संख्या में आवास पूर्ण हो चुके हैं हितग्राहियों का गृह प्रवेश भी हो रहा है। नक्सल हिंसा से पीड़ित तथा आत्मसर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। 
 
 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब सिर्फ  500 रुपए में हो जाता है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसे आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया। 
 
 सीतागांव समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत हितग्राहियों को खुशियों की चाबी सौंपी। उन्होंने इस मौके पर स्वच्छता दीदियों और मेघावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। इसके अलावा मत्स्य पालकों को जाल, ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन आदि योजनाओं के हितग्राहियों को सामाग्री का वितरण किया गया। सीतागांव शिविर में आस-पास के 08 ग्रामपंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में वन अधिकार पट्टा के 336, प्रधानमंत्री आवास के 258, राशन कार्ड के 247 आवेदन सहित कुल 1770 आवेदनों का निराकरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 47076 आवेदनों का निराकरण
मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त 48007 आवेदनों में से अब तक 47076 आवेदनों का निराकरण किया चुका है। इन आवेदनों में मुख्यरूप से प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचालय, मनरेगा अंतर्गत व्यक्तिमूलक कार्य, अधोसंरचना निर्माण, महतारी वंदन योजना, वन अधिकार पट्टे संबंधी आवेदन प्राप्त हुए हैं। मांग एवं पात्रता के अनुसार आवेदनों का विभागवार परीक्षण कर शिविरों के माध्यम से आवेदकों को लाभ प्रदान किया जा रहा है।

 जिले में शिविरों के माध्यम से अब तक 242 मनरेगा, 1130 व्यक्तिगत शौचालय, 02 सामुदायिक शौचालय, 364 पेंशन स्वीकृति, 332 राशन कार्ड, 294 मनरेगा जॉब कार्ड, 24 ऋण पुस्तिका का वितरण किया जा चुका है, साथ ही 81 आयुष्मान कार्ड एवं 30 वय वंदन कार्ड बनाये जा चुके हैं एवं ही जिले के 142 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है, जिनमें से 27 सिल्वर ग्राम पंचायत एवं 125 ब्रांज ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हांकित एवं पुरस्कृत है।
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मुख्यमंत्री पहुंचे सीतागांव समाधान शिविर: 132 केवी सब स्टेशन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उन्नयन, हायर सेकेंडरी स्कूल उन्नयन की घोषणाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे।


सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आज के समाधान शिविर में क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों—सीतागांव, मदनवाड़ा, कारेकट्टा, हलांजुर, हुरेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा—को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। हमारी सरकार को कार्यभार संभाले डेढ़ वर्ष हुआ है और इस दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हज़ार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब केवल 500 रुपये में हो रहा है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन्हें आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नयन करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण करने, सीतापुर में हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने और अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की स्थापना की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक  सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया । इसमें मत्स्य विभाग द्वारा जाल का, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड का, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ‘खुशियों की चाबी’ का वितरण किया गया। शिविर में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ दिया गया तथा स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। पेंशन योजना के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाधान शिविर में लोगों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के निराकरण और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए एक महीने पहले से आवेदन लेकर परीक्षण किया गया और अब लोगों को शिविरों के आयोजन के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं समाधान शिविरों में पहुंचकर मैदानी स्तर पर समस्याओं के समाधान की पड़ताल कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि रजिस्ट्री, नामांतरण और हक त्याग की प्रक्रिया में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। अब लोगों को कागज़ लेकर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। रजिस्ट्री होते ही नामांतरण स्वमेव हो जाएगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से सरकार ने महिलाओं और गरीबों की चिंता की है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल रही है।

इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े बदलाव: युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

 छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।


स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार

संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

आधुनिक खेती को मिलेगा संस्थागत समर्थन

हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी।

खेल प्रशिक्षण और अकादमियों को प्रोत्साहन

राज्य सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हुई खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का विकास भी होगा।

उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को विस्तार

अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पर्यटन और होटल व्यवसाय को नई उड़ान

बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे।

कपड़ा उद्योग को मिलेगा दोगुना प्रोत्साहन

टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे।

छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब

नई लॉजिस्टिक नीति के तहत पूरे राज्य में माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को लागत में कमी, समय की बचत और बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी।

दिव्यांगजनों को मिलेगा विशेष लाभ

दिव्यांगजनों की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें अधिक से अधिक योजनाओं में शामिल किया जाएगा। यह समावेशी विकास की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम है।
 
रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को स्पेशल पैकेज

राज्य अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी निवेश आकर्षित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करेगा।

निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अनुदान

"प्लग एंड प्ले" फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निजी औद्योगिक पार्कों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा

प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु निजी सीबीएसई स्कूल और मिनी मॉल (मल्टीप्लेक्स युक्त) को भी थ्रस्ट सेक्टर की तरह मान्यता दी जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ये सुविधाएं नहीं हैं।

समावेशी और क्षेत्रीय संतुलन आधारित नीति

यह नीति राज्य के सभी क्षेत्रों  के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करती है। इससे क्षेत्रीय असमानता में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह संशोधित नीति केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, युवाओं के भविष्य और किसानों के सशक्तिकरण का यंत्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष निवेश स्थलों में शामिल होगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। 


इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। 

2 मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं।

यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। 

वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा।
 
3 मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी।
 
4 मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। 

प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। 

युवाओं को मिलेगा रोजगार - नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। 
हाइटेक खेती को बढ़ावा - अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा।
युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं - राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे।
गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 
ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा।
पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा - बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन - टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा।
लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ - अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
दिव्यांगजनों को विशेष लाभ - दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। 
प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।  
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