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बंदूक छोड़ विकास की ओर: 24 हार्डकोर नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता: आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय

 छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 और 'नियद नेल्ला नार योजना' के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के समक्ष कुल 87 लाख 50 हजार रुपये के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इनमें से 20 नक्सलियों पर ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक के इनाम घोषित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है। यह आत्मसमर्पण उसी निर्णायक यात्रा की एक  कड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब नक्सली भी समझ चुके हैं कि हिंसा का रास्ता अंतहीन विनाश की ओर ले जाता है। अब नक्सली उग्रवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। हम इन आत्मसमर्पित साथियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बासिंग में लगाई चौपाल

 सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक स्थित ग्राम बासिंग में बीएसएफ कैम्प परिसर में चौपाल लगाकर जनसंवाद किया। नीम वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों की घोषणा कर लोगों का दिल जीत लिया।


चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 8 अप्रैल से पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसंवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा और कलगी पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समर कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों ने स्वहस्तनिर्मित गुलदस्ते भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और हॉफ मैराथन विजेता छात्र को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा की और कहा कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी। ग्रामवासी श्रीमती महेश्वरी दुग्गा और श्रीमती मनकाय ने योजना के लाभ साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर दो टूक कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प मार्च 2026 तक पूरा होगा। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनी पुनर्वास नीति को देश की सर्वश्रेष्ठ नीति बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नोनी सशक्तिकरण, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत हितग्राहियों को चाबियां, चेक और नकद सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने दिव्यांग हितग्राही को व्हीलचेयर भी सौंपी।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मुरहापदर में पुलिया निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, बासिंग में खेल मैदान और बालक आश्रम/शाला मरम्मत हेतु 20 लाख रुपये,मुरहापदर और एहनार में आंगनबाड़ी भवन हेतु 24 लाख रुपये, बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक सीसी सड़क हेतु 25 लाख रुपये, कुंदला, बासिंग व मुरहापदर में नवीन घोटूल हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ओरछा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ की लागत से निर्मित 250 सीटर छात्रावास भवन, जल आपूर्ति एवं विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया।
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जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। 


मुख्यमंत्री श्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। 

मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, डीआईजी श्री अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना में घायल मरीजों को डेढ़ लाख रुपए तक का मिलेगा निःशुल्क इलाज-स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

सड़क दुर्घटना होने वाले पीडितों के लिए भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025 शुरू किया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को नकदी रहित मुफ्त उपचार की व्यवस्था होगी। इसमें किसी भी पीड़ित परिवार को 7 दिन की अवधि के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना  से संबद्ध हास्पिटल में डेढ़ लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।



श्री जायसवाल ने बताया कि ये निःशुल्क इलाज एक व्यक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपए तक होगा। यानी अगर एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, दुर्घटना में 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है। यानी आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृति किसी भी अस्पताल में नई योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का का निः शुल्क इलाज के लिए पात्र होगा। 

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान योजना संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है, लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके। श्री जायसवाल ने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस जन हितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई ऊँचाई- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी वासियों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी। 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि 350 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मल्टीस्पेशलिटी, पीडियाट्रिक और वेलनेस सेंटर से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।उन्होंने बताया कि पिछले सत्रह महीनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में 5 हजार बिस्तरों वाले मेडिकल हब के रूप में विकसित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। 
        इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू और प्रबुद्धजन   उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने नक्सल मुठभेड़ में शहीद जवान मेहुल भाई को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।  


मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।

          इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हॉस्टल का उद्घाटन किया

 छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि विष्णुदेव साय सरकार में जिम्मेदार, गंभीर और समर्पित कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर दायित्व दिया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि ऊँचाई पर पहुंचना कठिन होता है, और उस ऊँचाई पर बने रहना उससे भी कठिन होता है। श्री शर्मा प्रदेश के अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा के गुरुवार को राजधानी  स्थित अटलबिहारी वाजपेयी सभागार (मेडिकल कॉलेज परिसर) में पदभार ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री जी ने अल्पसंख्यक आयोग के हॉस्टल का उद्घाटन भी किया।


उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा को बधाई देते हुए कहा कि कुछ लोग पद से सुशोभित होते हैं, परंतु अमरजीत छाबड़ा जैसे कर्मशील व्यक्ति से यह पद सुशोभित होगा।अमरजीत छाबड़ा सबको साथ में लेकर कार्य करने वाले कार्यकर्ता हैं। श्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि कर्मठ कार्यकर्ता श्री छाबड़ा के कार्यकाल में आयोग द्वारा नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। 
   इस दौरान आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रदेश संगठन के आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि आज मुझे जो दायित्व सौंपा गया है, मैं उसे ईमानदारी से निर्वहन करूंगा। अल्पसंख्यक वर्ग के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं सभी तक पहुंचें, इस दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सभी वर्गों को साथ में लेकर हम देश और प्रदेश को विकसित बनाने में अपना सहयोग दें। केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रमों को पूरा करने का काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी,  विधायक राजेश मूणत, धरम लाल कौशिक, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, संपत अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, राजीव अग्रवाल, प्रदेश मंत्री, संदीप शर्मा, चंदुलाल साहू, प्रहलाद रजक, लोकेश कावड़िया जितेंद्र कुमार साहू, मोना सेन, विकास मरकाम, राम प्रताप सिंह, शालिनी राजपूत, केदार गुप्ता, अनुराग सिंह देव, हर्षिता पांडेय, रमेश सिंह ठाकुर, सूर्यकांत राठौर, वर्णिका सिंह, श्रीनिवास मद्दी , अनुराग अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने दोकड़ा में पीएम आवास योजना के हितग्राही संतु चक्रेस को चाबी देकर गृह प्रवेश कराया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हितग्राही श्री संतु चक्रेस को उनके नए आवास की चाबी देकर गृह प्रवेश कराया।


संतु चक्रेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले कच्चा मकान होने के कारण बरसात और गर्मी के मौसम में बहुत परेशानी होती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें चिंता से मुक्ति मिल गई।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के पांच अमृत स्टेशन सहित देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों का उन्नयन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के जिन अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ उनमें बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर स्टेशन, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई एवं भानुप्रतापपुर स्टेशन तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ स्टेशन शामिल हैं।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी बहुल सरगुजा जिले का मुख्यालय अंबिकापुर सहित छत्तीसगढ़ के 05 रेल्वे स्टेशन अब रेल्वे मानचित्र में प्रमुख स्टेशन के रूप में शामिल हो गए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में अमृत स्टेशनों के सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त श्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती उद्धेश्वरी पेकरा, श्रीमती शंकुतला र्पोते, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, आई.जी. श्री दीपक झा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। 

गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में कुल 1337 स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें से पूर्ण हुए 103 अमृत स्टेशनों का आज लोकार्पण किया गया हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। साथ ही स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को भी स्टेशन डिज़ाइन में स्थान दिया गया है। इन अमृत स्टेशनो में उपलब्ध सुविधाओं में भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक साज-सज्जा, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट, दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप, प्लेटफॉर्म शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले आदि शामिल हैं।
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अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को मिलेगा पुरस्कार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं।

जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।

बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। 

स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश

गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।

समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्री प्रबोध मिंज, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी श्री दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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राज्य सूचना आयुक्त श्री नरेंद्र शुक्ल को कार्यकाल पूर्ण होने पर दी गई भावभीनी विदाई

 राज्य सूचना आयुक्त श्री नरेंद्र शुक्ल को उनके कार्यकाल की पूर्णता के उपलक्ष्य में आज राज्य सूचना आयोग की ओर से एक भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर आयोग में एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।


विदाई समारोह में राज्य सूचना आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, आयोग के सचिव श्री नीलम नामदेव एक्का, उप सचिव श्रीमती आभा तिवारी सहित आयोग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। सभी ने श्री शुक्ल के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके कुशल नेतृत्व और पारदर्शिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया।समारोह के अंत में श्री शुक्ल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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मैं आपके गांव-घर का बेटा, प्रदेश को विकास की राह में ले जाना मेरा संकल्प: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेश के कोने-कोने में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने निकले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का उड़नखटोला आज उनके गृह जिले जशपुर के दोकड़ा ग्राम में उतरा। यहाँ समाधान शिविर में उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही और पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं की हकीकत जानी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमनागरिको को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं आपके गाँव घर का बेटा हूँ। मेरा सौभाग्य है कि आपके आशीर्वाद से प्रदेश का मुख्यमंत्री बना। प्रदेश को विकास की राह में ले जाना मेरा संकल्प है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आपके आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी है। विगत डेढ़ वर्ष में विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार बनते ही पहले केबिनेट में पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार आवास बन रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में 3 लाख आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। अम्बिकापुर में केंद्रीय पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह ने 51 हजार हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका मकान पक्का नहीं है उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एसईसीसी और आवास प्लस के सर्वे में जिनका भी नाम है सभी का मकान बनेगा। प्रधानमंत्री ने पीएम आवास के लिए इस वर्ष बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से जो वादा किया था उसे पूरा किया। 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का बकाया बोनस की राशि भी दी। भूमिहीन कृषि मजदूरों को राशि देना शुरू किया है। महतारी वन्दन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार की राशि देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और महिला सशक्तिकरण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेन्दूपत्ता के हितग्राहियों को लाभान्वित करने 4000 एकड़ प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक राशि को बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना अंतर्गत अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रियों को भेजने के साथ ही अब मुख्यमंत्री तीर्थ योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में हमारे प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक कोई भी व्यक्ति देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में निःशुल्क जा पाएंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाकर नामान्तरण की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया है। अब नामान्तरण के लिए किसी के पास जाने की जरूरत नहीं है। जमीन रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में सेवाएं उपलब्ध होगी। किसानों को गाँव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अभी 24 अप्रैल को प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्वयं भी देखा है कि इस सेवा का लाभ आम जनमानस को मिल रहा है। इस अवसर पर पत्थलगांव की विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि यह सुशासन का साक्ष्य है, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार घर-घर पहुँच रही है। गाँव की समस्याओं को सुनकर दूर किया जा रहा है। केंद्र और राज्य की योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुचाने के लिए सरकार लगी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी देते हुए बताया कि एक लाख 32 हजार से अधिक प्राप्त आवेदनों में से एक लाख 28 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। जशपुर जिले में 54 क्लस्टर में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 97 प्रतिशत आवेदन का निराकरण कर लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदन के आधार पर हितग्राहियों को योजनाओं से भी लाभान्वित किया गया है। कुछ मांग शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से हर आवेदन के निराकरण की कोशिश की गई। ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 3258 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

कमी को नोटकर ठीक करने के दे रहे निर्देश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी जी की गारंटी को पूरा किया गया है। उन योजनाओं के तहत कार्य हुआ है या नहीं, इसे धरातल में जानने के लिए दौरा कर रहे हैं। आज जशपुर जिले के दोकड़ा आया हूँ, यह मेरा 21वां जिला है। मेरे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी समाधान शिविरों में जा रहे हैं। मैं आकस्मिक निरीक्षण के तहत प्रदेश के हर दूरस्थ अंचलों में पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ। पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा हूँ। सभी जगह व्यवस्था ठीक है और जहाँ कोई कमी है उसे नोटकर अधिकारियों को कमी ठीक करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। 

दोकड़ा में कॉलेज,पीएचसी का उन्नयन, मिनी स्टेडियम सहित अन्य कार्यों की मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम दोकड़ा को अपना गाँव घर बताया और यहाँ के लोगों को अपना। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें 4 बार सांसद बनाया। मैनी नदी में पुल यहाँ के लोगों की प्रमुख मांग थी, जिसे पूरा कर दिया गया था। अभी जो माँग आई है उसे भी पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोकड़ा में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने यहाँ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, वनवासी कल्याण आश्रम, प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण का जीर्णाेद्धार, डोरियामुड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण,पुराने मंगल भवन के जीर्णाेद्धार के लिए राशि 20 लाख देने और इस क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा भी की। 

पीएम आवास की चाबी,समूह को चेक का किया वितरण
मुख्यमंत्री ने किया हितग्राहियों से संवाद और सामग्री का वितरण
जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अनेक सौगातें दी। उन्होंने पीएम आवास के हितग्राही बिकेश्वर राम, सुमेर सिंह से संवाद किया। पीएम आवास के हितग्राही सुमेर सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को अपने घर भी आमंत्रित किया। समाधान शिविर में राशनकार्ड प्राप्त करने वाले परमेश्वर राम, किसान क्रेडिट कार्ड के हितग्राही संजय शर्मा ने भी समस्या का समाधान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल पर पीएम आवास के हितग्राहियों को चाबी सौंपी। खाद्य विभाग अंतर्गत राशनकार्ड, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत पेंशन स्वीकृति पत्र, मत्स्य विभाग अंतर्गत जाल और आइस बॉक्स, कृषि विभाग अंतर्गत केसीसी कार्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बैग एवं टिफिन बॉक्स, बॉटल, उद्यानिकी विभाग अंतर्गत किसानों को सब्जी बीज किट, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड स्वीकृति आदेश,स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुषमान कार्ड,फ़ूड बॉक्स,एनआरएलएम अंतर्गत महिला समूह के सदस्यों को मुद्रा लोन का चेक और क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट किट आदि का वितरण किया।

दसवीं-बोर्ड परीक्षा के टॉपर विद्यार्थियों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के विद्यालयों से पढ़ाई कर माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप कर जिले का राज्य स्तर पर नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। उन्होंने कक्षा 12 वी कक्षा में राज्य में पांचवा स्थान हासिल करने वाली नेहा एक्का और कक्षा दसवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नमन खुटिया सहित अन्य विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हरगवां गांव में औचक दौरा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर आज जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरगवां स्थित ढोढ़रीखाला (नवापारा) पारा में उतरा। मुख्यमंत्री का यह दौरा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत औचक निरीक्षण के रूप में रहा। मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग चौपर देखने दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय का पांव पखार उन्हें टीका लगाया और सरई पत्ते की माला पहनाई। स्वागत गीत भी गाया गया। हरगवां गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवास करते हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने ढोढ़रीखाला पारा में कटहल, आम और महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं।

एक महिला ने पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वास्तविक जानकारी ली। इसी तरह, बेलसर गांव की श्रीमती दीपू बघेल ने वन भूमि पट्टा पर खेती न कर पाने की बात बताई। मुख्यमंत्री ने इस पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, पटवारी गांव में आते हैं या नहीं और राजस्व संबंधी कोई समस्या तो नहीं है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ढोढ़रीखाला पारा में स्वीकृत 19 आवासों में से 16 आवास पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में भी जानकारी ली और ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे।
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव श्री भूपेश बघेल ने आज AICC कार्यालय, नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की.

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निगम आयोगों में पूर्व में प्रस्तावित नियुक्तियों में हुआ आंशिक संशोधन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  निगम/मंडल/आयोग में नियुक्त अध्यक्षों एवं उपाध्यक्ष को दी शुभकामनाएं


 राज्य शासन द्वारा निगम आयोगों में पूर्व में प्रस्तावित नियुक्तियों में आंशिक संशोधन करते हुए श्रीमती शालिनी राजपूत को छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड का अध्यक्ष, श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा को छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष, श्री श्रीनिवास राव मद्दी को छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अध्यक्ष तथा श्री केदार नाथ गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी सम्मानितों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि सभी अपने-अपने दायित्वों का प्रतिबद्धता से निर्वहन करते हुए राज्य के विकास और जनहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
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बीएमओ निलंबित एवं अनुबंधित चिकित्सक कार्यमुक्त

 सरगुजा के लुण्ड्रा विकासखण्ड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथपुर में दो बच्चों की मौत के बाद पोस्टमार्टम में लापरवाही और इसके लिए रुपये की मांग के गंभीर आरोप के मामले में कलेक्टर सरगुजा श्री विलास भोसकर ने लुण्ड्रा के बीएमओ को निलंबित और पीएचसी रघुनाथपुर में पदस्थ चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर दिया है। 


गौरतलब है कि ग्राम सिलसिला ढोढ़ा झरिया में एक हृदय विदारक घटी। यहां मछली पालन के लिए बनाए गए गहरे और असुरक्षित गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतक सूरज गिरी और जुगनू गिरी, दोनों पांच वर्षीय सगे चचेरे भाई थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक ने पोस्टमार्टम के लिए प्रति शव 10-10 हजार रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। सोमवार को जब ग्रामीणों ने दबाव बनाया और शिकायत की, तब जाकर पोस्टमार्टम किया गया।

इस मामले की जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि डॉ. राघवेंद्र चौबे खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरपुर द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रशासकीय नियंत्रण रखने में ढिलाई और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरती गई। जांच में यह बात भी सामने आई कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथपुर में पदस्थ डॉ. अमन जायसवाल, अनुबंधित चिकित्सा अधिकारी का आचरण भी सेवा नियमों के विरुद्ध था। फलस्वरूप उन्हें उनके दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया गया है। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने स्वयं रघुनाथपुर पीएचसी सेंटर का निरीक्षण किया और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। कलेक्टर ने आरबीसी 6/4 के तहत उन्हें 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया।
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हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है। 

  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। श्री साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। श्री साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। 

बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे। 

मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री ललित चंद्राकर, श्री गजेन्द्र यादव, श्री रिकेश सेन एवं श्री ईश्वर साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, संभागायुक्त श्री एस. एन राठौर, आईजी श्री आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन – श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा।


उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर श्री राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध श्री राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। श्री साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन श्री राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं।

जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।
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