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केबिनेट बैठक 4 जून को

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में  बुधवार 4 जून 2025 को दोपहर 12.00 बजे राज्य मंत्रिपरिषद  (केबिनेट) की बैठक अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय  महानदी भवन में आयोजित होगी।
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कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्यवाही

 मेसर्स अरिहंत स्टील नारायणपुर जिला नारायणपुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग जगदलपुर द्वारा 31 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जबकि जीएसटी के प्रावधानों के अनुरूप व्यवसाय स्थल पर समस्त लेखा पुस्तकें रखा जाना अनिवार्य है। व्यवसायी ने बताया कि समस्त बिल, कर सलाहकार द्वारा जारी किया जाता है। इस कारण कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग 16 करोड़ रुपये से अधिक किन्तु उस पर कर का नगद भुगतान मात्र  43 हजार रुपये का वर्तमान अवधि तक किया गया है।

साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक माल की खरीदी  8.21 करोड़ रुपये की गई किंतु माल की सप्लाई के लिए कोई ई-वे बिल जारी नही किया गया। जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किन्तु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से  10
लाख रुपये का कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की, किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने व्यवसाय स्थल पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा (अनुमानित कीमत  90 लाख रुपये ) के समर्थन में व्यवसायी से लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। व्यवसायी द्वारा अपने परिचित कुछ मीडियाकर्मियों एवं व्यवसायियों को एकत्रित कर जांच टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया गया। व्यवसायी के असहयोगात्मक रवैये एवं कर अपवंचन की विस्तृत जांच हेतु स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में आगामी कार्यवाही तक व्यवसाय स्थल सील बंद किया गया है।
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मुख्यमंत्री साय से केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री  चिराग पासवान ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री साय ने पासवान को कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से बने स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। गौरतलब है कि केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री  चिराग पासवान आज एक दिवसीय  प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे।
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सुशासन तिहार खत्म लेकिन जनता के घर नहीं पहुंचा सुशासन, समस्या आज भी जस की तस

सुशासन तिहार के समापन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सुशासन तिहार तो खत्म हो गया लेकिन आम जनता के घर तक सुशासन नहीं पहुंचा उनकी समस्या आज भी जस की तस हैं। समाधान शिविर के नाम से सिर्फ आवेदन लिया गया आवेदनों का निराकरण नहीं किया गया। सुशासन तिहार के पहले लगभग 40 लाख आवेदन आया था और सुशासन तिहार में भी लगभग इतने ही आवेदन आए हैं इससे समझ में आ रहा है कि सुशासन तिहार सिर्फ खानापूर्ति था जनता को भ्रमित करने के लिए था सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए 54 दिनों तक सुशासन तिहार मनाई लेकिन जनता के घर में सुशासन नहीं पहुंचा पाई।


 प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 40 लाख आवेदन में 10 लाख आवेदन प्रधानमंत्री आवास की मांग का था, सुशासन तिहार में उसे पूरा करने का दावा किया जा रहा है तो बताये  क्या 10 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने जनता को राशि दे दी गई है? उज्ज्वला योजना से रसोई गैस कनेक्शन हेतु 1.47 लाख मांग आयी कितने को उज्जवला योजना से गैस चूल्हा दिया गया? राशन कार्ड 1.12 लाख आवेदनों आये कितने को नया राशन कार्ड दिया गया? 35 हजार सड़क निर्माण, 35 हजार पुल पुलिया निर्माण की मांग आयी क्या सभी स्वीकृत किया गया तो कितनी राशि जारी की गईं? राजस्व विभाग से संबंधित  3 लाख 74 हजार 429, खाद्य विभाग से 2 लाख 18 हजार 113 महिला एवं बाल विकास विभाग से 1 लाख 57 हजार और नगरीय प्रशासन विभाग से 1 लाख 42 हजार 475 आवेदन से कितना समाधान किया गया।

 प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डेढ़ साल में ही भाजपा की सरकार आम जनता के उम्मीद से गिर चुकी  है हर वर्ग इस सरकार से नाराज है सुशासन तिहार के नाम से जनता के जख्मों पर नमक छिड़का गया है, जनता ,प्रशासनिक अराजकता भ्रष्टाचार से हताश और परेशान है, सुशासन तिहार से जनता को उम्मीद था लेकिन वह भी उम्मीद खत्म हो गई है।
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भाजपा 9 जून से 'संकल्प से सिद्धि' अभियान के तहत मोदी सरकार के गौरवपूर्ण 11 साल पूरे होने पर सघन अभियान चलाएगी

भारतीय जनता पार्टी आगामी 9 जून से 'संकल्प से सिद्धि' अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के विकसित भारत के अमृत काल और सेवा, सुशासन व गरीब कल्याण के गौरवपूर्ण 11 साल पूरे होने पर देशव्यापी सघन अभियान चलाएगी। कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक रजनीश सिंह ने बताया कि इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी भाजपा प्रदेश इकाई द्वारा विविध कार्यक्रमों की संरचना की गई है। इस हेतु समग्र मार्गदर्शन के लिए प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव जी की उपस्थिति में 3 जून को एकात्म परिसर में प्रदेशस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमे मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने के लिए 9 जून से 21 जून तक यह अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 'विकसित भारत का अमृत काल एवं सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 11 साल' पर आधारित होगा।


अभियान के प्रदेश संयोजक श्री सिंह ने बताया कि विश्व योग दिवस के निमित्त सभी मंडलों में योग शिविर का आयोजन रखा गया है। ग्राम / वार्ड / शक्ति केन्द्र / बूथ स्तर  पर 15 से 17 जून तक प्रत्येक शक्ति केंद्र पर एक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और शहरों में मोहल्ला चौपाल एवं पंचायत केंद्रों में ग्राम चौपाल का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में 11 वर्ष की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। आयुष्मान योजना (वय वंदन) में शत-प्रतिशत वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण एवं कार्ड वितरण किया जाएगा और लोगों को विकसित भारत का संकल्प दिलाया जाएगा। मोदी सरकार की 11 वर्ष की उपलब्धियों का साहित्य घर-घर वितरित करेंगे। इन कार्यक्रमों के लिए प्रदेश की राजधानी एवं बड़े नगरों में केंद्रीय मंत्री/राष्ट्रीय पदाधिकारी/मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री प्रवास होगा और जिला स्तर पर प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसदों का प्रवास होगा। मंडल पर जिला पदाधिकारी, विधायक, मेयर, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी और शक्तिकेंद्र पर मंडल स्तर से ऊपर के सभी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि का प्रवास होगा।  जिला स्तर पर सेमिनार, लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम के अतिरिक्त छात्रों / कॉलेजों / शैक्षणिक संस्थाओं को लक्षित कर कार्यक्रम किए जाएंगे और प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
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किसानों को सुगमता से रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें : मंत्री श्री केदार कश्यप

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज महानदी मंत्रालय भवन में सहकारिता विभाग की वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य में रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति, भण्डारण एवं किसानों को वितरण की स्थिति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि किसानों को सुगमता से रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सहकारी समितियों की है। किसानों की डिमांड को देखते समितियों में नियमित रूप से खाद का भण्डारण एवं वितरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में अन्य उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। 

मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े। निजी क्षेत्र की दुकानों में किसी भी तरीके की गड़बड़ी न हो इस पर भी कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए। उन्होंने उर्वरकों को निर्धारित दाम से अधिक मूल्य पर बेचने और कालाबाजारी की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि किसानों के हितों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। 

बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ सीजन 2025 के लिए सहकारिता के लिए 10.72 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य है। इसके विरूद्ध 4.10 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण हुआ है, जो कि लक्ष्य का 38.23 प्रतिशत है। किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 31 मई की स्थिति में 1.57 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। सहकारी समितियों में वर्तमान में 2.52 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। 

मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को राज्य में सहकारिता को मजबूत करने और ग्रामीणों, किसानों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समितियों के गठन के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सहकारिता से समृद्धि के लिए यह जरूरी है। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में 11650 ग्राम पंचायतें है, जिनमें 2058 पैक्स, 1958 मत्स्य, 1009 दुग्ध तथा 1055 लघु वनोपज सहकारी समितियां पंजीकृत है। राज्य की 8611 सहकारी समिति विहीन ग्राम पंचायतों का चिन्हांकन कर युक्तियुक्त करते हुए 1279 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को आच्छादित किया गया है। इस वर्ष 1175 दुग्ध, 120 मत्स्य तथा 532 पैक्स के गठन का लक्ष्य है। 

बैठक में खरीफ वर्ष 2025 के लिए ऋण वितरण की भी गहन समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि इस साल 7800 करोड़ रूपए के ऋण वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 4.90 लाख किसानों को 2441 करोड़ रूपए का ऋण वितरित किया जा चुका है। बैठक में अधिकारियों को 30 जून तक सभी सहकारी समितियों का ऑडिट पूरा कराने के निर्देश दिए है। 

बैठक में सहकारिता विभाग के अपर  मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव श्री सी.आर. प्रसन्ना, एमडी मार्कफेड श्रीमती किरण कौशल, संचालक कृषि श्री राहुल देव, अपेक्स एमडी श्री के.एन. काण्डे, अपर आयुक्त श्री हितेश दोषी सहित सभी संभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान गौतम बुद्ध की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को बुद्ध जयंती के अवसर पर कोंडागांव जिले के भोंगापाल में भगवान गौतम बुद्ध की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान बोधगया से पधारे बौद्ध साधुवृन्द भंते अश्वजीत महाथेरा, भंते ज्ञानवंश थेरो, भंते शीलवंश थेरो, भंते प्रमोद एवं भंते डीन वियतनाम द्वारा बुद्धम शरणम गछम मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना करवाया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि भोंगापाल 6 वीं शताब्दी का चैत्य है, जहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा विराजमान है। यह एक प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है।

इस मौके पर विधायक केशकाल नीलकंठ टेकाम सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के अलावा कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना, एसपी  वाय अक्षय कुमार और अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी मौजूद थे।
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छत्तीसगढ़ के विकास में देवांगन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में देवांगन समाज के महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि देवांगन समाज मेहनतकश और खुशहाल समाज है। समाज के लोग उन्नत खेती और व्यवसायी के रूप में छत्तीसगढ़ की विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। शिक्षा, सांस्कृतिक, कला, कृषि, व्यापार सभी क्षेत्रों में समाज के लोगो ने अपना वर्चस्व दिखाया है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा है। मोदी की गारंटी मतलब गारंटी का पूरा होना है। सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षाे में किये गए वायदों को लगभग पूरा कर दिया गया है। सरकार बनते ही सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक आवास की स्वीकृति पर मुहर लगाई गई। छत्तीसगढ़ में नारी सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन के माध्यम से महिलाओं को राशि दी जा रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है और सिलाई-कढ़ाई-सब्जी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों की मांगों, शिकायतों और सुझावों के लिए सरकार ने प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का आयोजन किया। इस सुशासन तिहार में सरकार के मंत्री और उच्च अधिकारी जनता के बीच जाकर मांगो, समस्याओं और सुझाव को सुनकर निराकरण किया। सुशासन तिहार में सुदूर वनांचल क्षेत्रो के साथ मैदानी क्षेत्रों में जाकर लोगो से रूबरू होकर योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया हूं। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की। जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, जिसका निराकरण किया गया है। प्रदेश में सुशासन स्थापित करने में हम कामयाब हुए हैं। सरकार द्वारा राज्य के विकास और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने भ्रष्टाचार के सभी रास्तो को बंद किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकतर कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में लागू उद्योग नीति की सराहना पूरे देश मे हो रहा है। प्रदेश में साढ़े 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। वर्तमान में नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर प्लांट के निर्माण का कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के साथ राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 

कार्यक्रम को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक  किरण देव ने भी संबोधित किया। देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देवांगन ने स्वागत उद्बोधन में देवांगन महाकुंभ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में देवांगन महाकुंभ पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर विधायक  मोती लाल साहू,  पुरन्दर मिश्रा, समाज के पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने भोंगापाल में बांस नौका विहार केंद्र का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के भोंगापाल गांव में प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महालक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह के सदस्यों को कयाकिंग 05 नग नाव प्रदाय किया और संयुक्त वन प्रबंधन समिति भोंगापाल को तमुर्रा नाला में बांस नौका विहार केंद्र के शुभारंभ के लिए सामग्री बांटी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला समूह के अध्यक्ष सुनीता नाग सहित अन्य सदस्यों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत प्राचीन शिव मंदिर परिसर भोंगापाल में पीपल के पौधे का रोपण किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्रीकेदार कश्यप, सांसद  महेश कश्यप, विधायक  लता उसेंडी, विधायक नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई,  अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।
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चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का अतीत गौरवशाली रहा है। समाज में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे प्रतापी शासक हुए, वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियाँ हुईं, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज न केवल परिश्रम और स्वाभिमान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज छत्तीसगढ़ के विकास का आधार स्तंभ भी है। छत्तीसगढ़ को नई दिशा और विकसित राज्य बनाने में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा तथा विधायक अजय चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव एवं ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के अधिकांश लोग मूल रूप से किसान हैं और व्यापक स्तर पर कृषि कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार किसान भाइयों के चेहरों पर हमेशा खुशी देखना चाहती है। सरकार लगातार किसान भाइयों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इस समय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 29 मई से 12 जून 2025 तक चल रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को किसानों से सीधे जोड़ना और नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा सफल कृषि मॉडलों की जानकारी देना है। कृषि वैज्ञानिकों के 100 समूह छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में किसानों से संवाद कर रहे हैं। ये वैज्ञानिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती, खाद और ‘सॉयल हेल्थ कार्ड’ के सही उपयोग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम हो और उनकी आय में वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेती-किसानी तभी मजबूत होगी जब किसान भाइयों को उनकी उपज की सही कीमत मिलेगी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विधानसभा चुनाव के समय गारंटी दी थी कि प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया जाएगा। इसे पूरा करते हुए हमने किसानों के खातों में सरकार बनते ही राशि अंतरित की। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिल रही है। धान खरीदी के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। प्रदेश में सिंचाई के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गरीब परिवारों को दो-दो दुधारू पशु दिए जाएंगे, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंपी गई है। किसानों को दूध बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए दुग्ध एकत्र करने के लिए भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में मिलेट्स (कोदो, कुटकी और रागी) की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग संयंत्र की स्थापना की जा रही है। यह अनाज पहले गरीबों का भोजन माना जाता था, लेकिन अब यह पोषणयुक्त होने के कारण उच्च वर्ग में भी लोकप्रिय हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें प्रदेश की जरूरत के हिसाब से उद्योग की स्थापना के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हमारी सरकार का संकल्प है – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। इसी भावना से हम समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएँ बना रहे हैं और उन्हें कार्यरूप में परिणत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। महतारी वंदना योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई, कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को एक बार फिर शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की और जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन और समाज को बेहतर बनाने का जरिया है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उन्हें समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उन्नत कृषक और व्यापारी समाज है, जो छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। उन्होंने आग्रह किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सभी सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज मजबूत होता है तो उससे पूरा राष्ट्र मजबूत होता है। शिक्षा, सेवा और जागरूकता से ही समाज और राष्ट्र का सशक्त निर्माण संभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समाज को जोड़कर सही मार्ग दिखाने वालों का समाज में हमेशा सम्मान होता है। आज समाज की नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है।

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खारुन आजादी पदयात्रा सोमनाथ घाट से प्रारंभ

खारुन और शिवनाथ नदी के संगम स्थल सोमनाथ घाट लखना में रविवार को मेले जैसा नजारा रहा । छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के आह्वान पर खारुन अंचल के हजारों लोग नदी तट पर उपस्थित थे । सामने दम तोड़ती खारुन नदी की दुर्दशा देखकर सबके मन में आक्रोश था । नदी के पुन:जीवन का संकल्प लेकर वहां क्रान्ति सेना के सैकड़ों सेनानियों सहित सैकड़ों ग्रामीणों एवं पर्यावरणविदों ने भगवान सोमनाथ पर जलार्पण करके पांच दिवसीय "खारुन दाई आजादी पदयात्रा" की शुरुआत की । यात्रा का उद्देश्य खारुन जल का भयानक औद्योगिक दोहन रोकना, नदी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाना एवं प्राकृतिक जैविक चक्र को पूर्ववत पुनर्जीवित करना है । पदाधिकारियों ने बताया कि पूरे पांच दिन नदी के तटवर्तीय क्षेत्रों में पदयात्री जनसभाओं के जरिये छत्तीसगढ़ वासियों को उनके पर्यावरण संबंधी नैसर्गिक अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे । इस पदयात्रा में क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव सहित सैकड़ों क्रान्ति सैनिक चल रहे हैं । इस आयोजन को क्षेत्रीय राजनैतिक दल "जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी" ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है ।यह यात्रा विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून को महादेव घाट रायपुर में समाप्त होगी । 
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रेत से लदे ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल, एक की मौत, दो गंभीर

  पाली थाना क्षेत्र के धोराबाठा मोड़ के पास शुक्रवार दोपहर को रेत से लदे तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल दिया जिसमें अक्षय कश्यप नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर चालक नशे की हालत में था और टक्कर के बाद घटनास्थल से फरार हो गया। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि अक्षय का शव ट्रेलर के पहिए में फंस गया और शरीर दो हिस्सों में बंट गया। फिलहाल पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक 35 वर्षीय अक्षय कश्यप कसडीहा गांव का निवासी था और शुक्रवार को अपने दो साथियों के साथ पाली आया था। दोपहर को काम खत्म करने के बाद तीनों युवक बाइक से गांव लौट रहे थे, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अक्षय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो युवकों को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और गांव के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे।

 

आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रेलर चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पाली पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर लिया है। परिजनों को ट्रेलर मालिक द्वारा एक लाख रुपये और प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया। परिजनों ने बताया कि अक्षय मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था और वही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।

 
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB ने विजय भाटिया को दिल्ली से किया गिरफ्तार

 

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने फरार आरोपी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। भाटिया को पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है।

भाटिया को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी कारोबारी माना जाता है और वह ईओडब्ल्यू, एसीबी और ईडी की कई जांचों में पहले से संदिग्ध था। इससे पहले तीन बार उसके नेहरू नगर, दुर्ग स्थित ठिकानों पर छापा मारा गया था लेकिन वह फरार हो गया था। इस बार दिल्ली से दबोच लिया गया।

दुर्ग-भिलाई में एक साथ 5 ठिकानों पर छापेमारी
रविवार सुबह से ही EOW और ACB की संयुक्त टीम ने दुर्ग-भिलाई के पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें विजय भाटिया के मैनेजर संतोष रामटेके के घर पर भी रेड की गई। रामटेके फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं। टीमें शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।

ED की चार्जशीट में 21 आरोपी
ED ने अपनी चार्जशीट में 21 आरोपियों के नाम शामिल किए हैं, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, भाटिया वाइन मर्चेंट, सिद्धार्थ सिंघानिया का नाम शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ डिस्टिलर, वेलकम डिस्टिलर, ओम साईं ब्रेवरीज, टॉप सिक्योरिटी, दिशिता वेंचर कंपनियां भी निशाने पर हैं। 

ED ने 28 दिसंबर 2024 को लखमा और उनके परिजनों के ठिकानों पर छापा मारा था। 15 जनवरी 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।

भूपेश सरकार के दौरान हुआ घोटाला
ED की रिपोर्ट के अनुसार, यह शराब घोटाला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ, जिसमें तत्कालीन आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी, आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर अवैध शराब वितरण नेटवर्क से करोड़ों रुपये का लाभ उठाया।

विजय भाटिया की गिरफ्तारी से घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है। ACB और EOW की टीम अब घोटाले के नेटवर्क को उजागर करने के अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों पर शिकंजा कसने की संभावना है।

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मरीन ड्राइव में हादसा: सड़क पर गिरा होर्डिंग का फ्रेम, दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त

  राजधानी के मरीन ड्राइव चौक पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब तिरंगा यात्रा के दौरान एक विशालकाय होर्डिंग का लोहे का फ्रेम गिर पड़ा। हादसे में दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं, हालांकि सवारों को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के चलते इलाके में कुछ देर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी रही।


पुराने होर्डिंग बन रहे जानलेवा खतरा
बारिश और आंधी-तूफान के इन दिनों में पुराने व जर्जर होर्डिंग व स्वागत गेट के स्ट्रक्चर गिरने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। निगम प्रशासन ने पिछले महीने स्ट्रक्चर की जांच और एड फर्मों से सुरक्षा गारंटी सर्टिफिकेट मांगा था, लेकिन यह अभियान शुरू होते ही ठंडे बस्ते में चला गया।

सैकड़ों होर्डिंग हादसे को न्योता दे रहे
शहरभर में लगे सैकड़ों कमजोर और झुके हुए होर्डिंग, निगम की अनदेखी के कारण किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि निगम कब तक हादसे के इंतजार में बैठा रहेगा?

शहरवासियों की सुरक्षा के लिए पुराने और असुरक्षित होर्डिंग्स पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि सभी स्ट्रक्चर्स की दोबारा जांच कराए और असुरक्षित होर्डिंग्स को तत्काल हटवाए, ताकि भविष्य में कोई जानलेवा हादसा न हो।

 

 

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काम दिलाने के बहाने युवतियों को देह व्यपार में धकेला: महिला दलाल गिरफ्तार

 रायपुर के भाठागांव स्थित एक किराए के मकान में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दलाल महिला रूषा खरे को गिरफ्तार किया है, जो सरगुजा, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ की गरीब लड़कियों को काम दिलाने के बहाने रायपुर लाकर जबरन देह व्यापार में धकेल रही थी।

कैसे हुई कार्रवाई
पुरानी बस्ती थाना प्रभारी को सूचना मिली कि इटालिया हाउस, भाठागांव के एक किराए के मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश, और एएसपी दौलतराम पोर्ते व लखन पटले के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन के नेतृत्व में टीम 

गठित कर छापामार कार्रवाई की गई।
एक पांइटर (गवाह) को नकद 1500 रुपये देकर भेजा गया, जिसने मोबाइल मिस कॉल के जरिए पुलिस को संकेत दिया। इसके बाद टीम ने मकान में दबिश दी और चार महिलाओं को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा।

गिरफ्तारी और जब्ती
मुख्य आरोपी रूषा खरे पति धनउ खरे (उम्र 38) निवासी अंबेडकर नगर, पेंड्रावन, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को मौके से गिरफ्तार किया गया।

युवतियों का बयान
अन्य तीन युवतियों ने बताया कि रूषा खरे ने उन्हें अधिक पैसे और नौकरी का लालच देकर रायपुर बुलाया और फिर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 4, 5, 7 के तहत एफआईआर क्रमांक 224/2025 दर्ज किया और रूषा खरे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

टीम की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में विशेष रूप से सीएसपी पुरानी बस्ती: राजेश देवांगन, थाना प्रभारी: योगेश कश्यप, उप निरीक्षक: शिशुपाल चंद्रवंशी, महिला प्रधान आरक्षक: योगिता मिश्रा, महिला आरक्षक: कावेरी चक्रवर्ती, टीआई और आरक्षक टीम शामिल रहे।

यह कार्रवाई पुलिस के उस अभियान का हिस्सा है जिसमें सैलून, स्पा और किराए के मकानों में चल रहे देह व्यापार की रोकथाम की जा रही है। पुलिस ने दोबारा चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे अनैतिक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया। 

मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया। 

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन 

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। 

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अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ

 राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर अजीत वसंत की उपस्थिति में आज कोरबा जिले के अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया राजीव गांधी आडिटोरियम टांसपोर्ट नगर में चल रही है। प्रथम चरण में वरिष्ठता के आधार पर अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रधानपाठकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। सहायक शिक्षकों द्वारा भी काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद के विद्यालयों का चयन किया जा रहा है।

 कलेक्टर अजीत वसन्त ने शासन के निर्देशों के अंतर्गत पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग की प्रकिया अपनाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जिले में शिक्षक विहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षकों का समायोजन होने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। काउंसिलिंग में सम्मिलित शिक्षकों द्वारा चयनित विद्यालय में तत्काल नवीन पदस्थापना आदेश भी जारी किया जा रहा है।

शिक्षिका ने जताई संतुष्टि
काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद का स्कूल चयन कर नवीन विद्यालय में जाने वाली प्राथमिक शाला जेन्जरा की शिक्षिका  देकुमारी साहू ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अब नवीन विद्यालय ढेलवाडीह में शिक्षक का दायित्व निर्वहन करेंगी। उन्होंने काउंसिलिंग में पसन्द के विद्यालय मिलने पर खुशी प्रकट की।
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हजारों की संख्या में स्कूल बंद होने की बातें भ्रामक और तथ्यहीन

शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।

यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। 

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।
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