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किसानों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल : इस माह मिलेगा 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर किसानों के हित में एक बड़ी राहत मिल रही है। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में 20 हजार टन, द्वितीय सप्ताह में 35 हजार टन और शेष 5 हजार टन की आपूर्ति माह के अंत तक सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार संवेदनशील है और यह अतिरिक्त आबंटन उनकी खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में सहायक होगा।


मार्कफेड अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 28 अगस्त की स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इसके विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन वितरण से अधिक है, जो इस बार की बेहतर आपूर्ति व्यवस्था का प्रमाण है।

प्रदेश में किसानों के लिए नैनो खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 और निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140, इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया का भंडारण हुआ है। इसी प्रकार सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 और निजी क्षेत्र में 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित किया गया है। अब तक किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया और 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी वितरित किया जा चुका है।

प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने 14.62 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के आधार पर किसानों को अब तक 13.19 लाख टन खाद वितरित किया गया है। यह व्यवस्था बताती है कि समितियों और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की आपूर्ति उनकी समयबद्ध जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता से की जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत यूरिया किसानों तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मौसम और फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और उनकी उपज सुरक्षित रहेगी।

इस संबंध में गत दिनों कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने भी केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया गया और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 60 हजार टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद का वितरण सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। किसान समितियों में आसानी से खाद उपलब्ध करा पा रहे हैं और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के बजाय और मजबूती पा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय पर यूरिया और अन्य खाद उपलब्ध होने से बुवाई और फसल प्रबंधन का काम सुचारू रूप से हो रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खरीफ सीजन में किसानों को समुचित राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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भाजपा के सांसद दिखावे के लिये कर्मचारियों के मांग का समर्थन कर रहे हैं और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इनकार- सुरेंद्र वर्मा

एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर भाजपा सांसदो और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के विरोधाभासी बयानों पर पलटवार करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तमाम बड़े नेता बिना बुलाए एनएचएम कर्मचारियों के मंच पर जाकर सरकार बनते ही सभी मांगों को तत्काल पूरा करने का वादा किये, मोदी की गारंटी के नाम पर झूठे आश्वासन दिए और अब जब सत्ता में आये पौने दो साल बीत गए, तब वादा याद दिलाने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री आंदोलित कर्मचारियों को उनका वेतन काटने और बर्खास्त करने की धमकी दे रहे हैं। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा भाजपा चुनावी घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष और दुर्ग सांसद विजय बघेल एक तरफ एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए यह बयान दे रहे हैं कि इस मुद्दे को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाएंगे, दूसरी तरफ प्रदेश के स्वास्थ मंत्री कर्मचारियों के जायज़ मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन को बल पूर्वक कुचलने, बर्खास्तगी की कार्यवाही करने की धमकी दे रहे हैं। अपने वादे से मुकरना ही भाजपा का असल राजनैतिक चरित्र है।

 
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ से के कोने-कोने से आए हजारों एनएचएम कर्मचारी अपने घर परिवार और कार्यस्थल से दूर धरने पर बैठे हैं, बड़ी संख्या में महिलाएं हैं जो छोटे-छोटे बच्चों को लेकर भरी बरसात में सड़क पर सोने मजबूर हैं, लेकिन यह सरकार उनकी जायज मांगों को अनसुना करके उल्टा उन्हें डरा धमका कर आंदोलन खत्म कराने का कुत्सित प्रयास कर रही है। अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कई जगह स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई है। कम वेतन में भी दिन रात मरीजों की सेवा करने वाले मेहनतकश देवदूतों पर सरकार बर्बरता पूर्वक बर्ताव कर रही है।घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष और सांसद केवल सरकार को चिट्ठी लिख कर ही अपनी जिम्मेदारियां से मुक्त नहीं हो सकते, इस सरकार में अपने ही दल के सांसदों की सुनवाई नहीं है, पिछले 6 माह में भाजपा के ही सांसदों ने अलग अलग विषयों पर साय सरकार को दर्जनों पत्र लिए लेकिन किसी भी मामले में अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। झूठे वायदे और मोदी की गारंटी के नाम पर की गयी धोखाधड़ी अक्षम्य है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एनएचएम कर्मचारियों की मांग जायज है। एनएचएम कर्मचारियों को 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि का वादा भाजपा ने अपने 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में किया था, जॉब की गारंटी, नियमितीकरण, 10 लाख का कैशलेस बीमा, अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार, ग्रेड पे का निर्धारण सहित 10 सूत्री मांग का समर्थन भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव के पहले ही किया था, और यह भी वादा किया था कि सरकार बनते ही कर्मचारियों के सभी मांगों को पूरा करेंगे। भाजपा सरकार बताएं कि क्या मोदी की झूठी गारंटी केवल वोट लेने के लिए ही था? तानाशाही रवैया छोड़कर तत्काल एन एच एम कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे सरकार।
 
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शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से श्री ओमप्रकाश सेन ने की सौजन्य भेंट

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में  स्थित उनके कार्यालय में श्री ओमप्रकाश सेन ने सौजन्य मुलाकात की। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 3 दिवसीय आईडीसी कैम्प में छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिनिधि श्री ओमप्रकाश सेन ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया।    
       शासकीय कचना धुरवा कॉलेज, छुरा जिला - गरियाबंद में बी कॉम तीसरे सेमेस्टर के छात्र श्री ओमप्रकाश सेन, ग्राम दादरगांव पुराना निवासी हैं। कैम्प से लौटने के उपरांत उन्होंने मंत्री श्री यादव से मुलाकात की। मंत्री श्री यादव ने ओमप्रकाश सेन को राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की भागीदारी हेतु हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है। प्रदेश के छात्र राष्ट्रीय मंचों पर सहभागिता कर समाज और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने श्री ओमप्रकाश सेन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देते हुए आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।

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बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने सीधे उनके बीच पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय: अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक है।


मुख्यमंत्री श्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा वार्ड में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट में जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति, पुनर्वास योजनाओं और प्रभावित परिवारों को दी जा रही तत्कालिक सहायता की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में प्रशासनिक टीमों की निरंतर पहुँच बनी रहे और हर जरूरतमंद तक राहत सामग्री समय पर पहुँचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, राजस्व सचिव और आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, संभागायुक्त श्री डोमन सिंह सहित  जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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भाजपा वर्षभर संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम करती है-किरण देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा नक्सल उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में से सलवा जुडूम एक महत्वपूर्ण अभियान था, जिसे शिथिल करने का काम तत्कालीन जज के तौर पर मौजूदा इंडी गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने अपने फैसले के जरिए किया था। आज बस्तर के सुदूर वनांचल के निवासी इसीलिए रेड्डी की उम्मीदवारी से चिंतित हैं।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में चल रही प्रदेशस्तरीय कार्यशाला के दौरान पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि आज प्रदेश भाजपा की यह महती कार्यशाला रखी गई, जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। श्री देव ने कहा कि अभी प्रदेश भाजपा में संगठन इकाइयों का नए सिरे से गठन हुआ है। मंडल, जिला व प्रदेश इकाइयों का गठन हो चुका है। भाजपा अब आगामी दिनों में अपने कार्यक्रमों को लेकर कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यवस्थित रूप से अंतिम इकाई तक लेकर जाएगी और इस दृष्टि से यह कार्यशाला रखी गई है। इसके बाद अब जिला स्तर पर भी इसी तरह की कार्यशालाएँ रखी जाएंगीं जिसमें वक्तागण विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन करेंगे। भाजपा वर्षभर संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न विषयों को लेकर कार्यक्रम करती है। श्री देव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता वर्षों से पार्टी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।
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पहले डीएपी नहीं मिला अब यूरिया की कमी से किसान परेशान- दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज  ने कहा कि  भाजपा सरकार की अकर्मण्यता के चलते हैं पूरा प्रदेश उर्वरक संकट से जुझ रहा है। किसानों की फसल बर्बाद हो रही है डबल इंजन की सरकार किसानों को खाद नहीं दे पा रही है । सहकारी समितियों के गोदाम खाली है, किसान सुबह से शाम तक कतार में खड़े होकर खाली हाथ लौटने मजबूर हैं। खाद के अभाव में खरीफ फसल की वृद्धि रूक गई है। सत्ता के संरक्षण में जमाखोर, कोचियों, बिचौलियों और कालाबाजारी करने वाले किसानों को खुलेआम लूट रहे हैं। 1350 का डीएपी खुले बाजार में 2000 रुपए तक बिक रहा है, 266 रुपए के यूरिया के लिए किसानों से 1000-1200 तक वसूला जा रहा है। किसान कर्जदार हो रहे हैं, लेकिन सरकार केवल विज्ञापनों में झूठे दावे करके किसानों की समस्या से किनारा कर रही है


पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों की  नीतियों के चलते ही ऐसी परिस्थिति निर्मित हुई है। सरकार के द्वारा खाद सब्सिडी में लगातार कटौती, उर्वरक क्षेत्रों का निगमीकरण, निजी करण और नियंत्रणमुक्त करने की वजह से ही आज छत्तीसगढ़ के किसान खाद के लिए तरस रहे हैं। प्रदेश के किसान खरीफ सीजन शुरू होने से 3 महीना पहले, फरवरी में ही अपनी डिमांड सहकारी सोसाइटियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचा चुके थे, लेकिन यह सरकार समय पर न रैक की व्यवस्था करा पाई, न ही सोसाइटी में भंडारण। अब तो फसल के निर्णायक ग्रोथ का समय आ गया है, अब भी खाद नहीं मिल पाएगा तो उत्पादन कैसे होगा?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार झूठा दावा करती है कि प्रदेश के सोसायटियों में खाद की कमी नहीं है ।जबकि पहले डीएपी अब यूरिया की कमी से फसल बर्बाद हो रही किसान आंदोलन करने को मजबूर है ।
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‘दीदी के गोठ‘ रेडियो कार्यक्रम का पूरे प्रदेश में प्रसारण

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक नई और अभिनव पहल की है। ‘दीदी के गोठ‘ नामक विशेष रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त को दोपहर 12.15 बजे आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित राज्य के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ किया गया। इस कार्यक्रम को प्रदेशभर में उत्साहपूर्वक सुना गया। इस कार्यक्रम के माध्यम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की प्रेरणादायी शुभकामनाएँ और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।


 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा जिले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह की दीदियों और पदाधिकारियों के साथ ‘दीदी के गोठ‘ का श्रवण किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस मंच पर साझा की जा रही सफलता की कहानियाँ अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।

विभागीय अधिकारियों ने भी विभिन्न जिलों में पहुँचकर सामूहिक श्रवण में भाग लिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने गरियाबंद, विशेष सचिव श्री धर्मेश साहू ने जांजगीर, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त मनरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी और पंचायत विभाग की संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया ने दुर्ग जिले में समूह सदस्यों के बीच बैठकर कार्यक्रम का श्रवण किया तथा महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित समुदाय प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान में भी संकुल स्तरीय प्रसारण हुआ, जहाँ बिहान मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन, संयुक्त मिशन संचालक श्री आर.के. झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘दीदी के गोठ‘ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ साझा की जा रही हैं, ताकि अन्य महिलाएँ भी स्वरोजगार और आत्मविश्वास की राह पर आगे बढ़ें। इस विशेष प्रसारण को प्रदेश के 33 जिलों, 146 विकासखंडों और 580 संकुल संगठनों में सामूहिक श्रवण के रूप में आयोजित किया गया। लाखों महिलाएँ इस कार्यक्रम से जुड़ीं और पूरे प्रदेश में ‘दीदी के गोठ‘ को लेकर उत्साह देखने को मिला। ‘दीदी के गोठ‘ न केवल एक रेडियो कार्यक्रम है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मबल और सफलता की कहानियों को सामने लाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त मंच भी है।
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‘मन की बात’ हर माह देती है नई प्रेरणा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी करें योगदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सीधा प्रसारण आज नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखन देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण और नागरिक उपस्थित थे।


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की घड़ी में देशवासियों द्वारा एक-दूसरे की सहायता करना भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय जो सहयोग और एकजुटता दिखाई देती है, वही भारत की संस्कृति और सामूहिक चेतना को परिभाषित करती है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में खेलों को न केवल स्वास्थ्य बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी आधार बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेलकूद में सक्रिय भागीदारी कर अपने जीवन और देश दोनों को ऊर्जावान बनाएं.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ हर माह प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को प्रबल करता है।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े क्षेत्रों में हुए सहयोग और निवेश से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ में कौशल विकास और रोजगार का नया अध्याय शुरू होगा।

राज्य की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के साझा प्रयासों से राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें सामूहिक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर एक समृद्ध और स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
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10 दिवसीय विदेश यात्रा के बाद छत्तीसगढ़ के लिए नई सौगात लेकर आ रहे हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय -अमित साहू

भाजपा प्रदेश मंत्री अमित साहू ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि कल प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने 10 दिवसीय विदेश यात्रा के बाद छत्तीसगढ़ के लिए एक नया आयाम लेकर आ रहे हैं। इसके उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का छत्तीसगढ़ भाजपा कल दोपहर 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल में ऐतिहासिक और भव्य स्वागत करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के लिए एक नई सौगात और नया इन्वेस्टमेंट लेकर आ रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक के लिए हर्ष का विषय है। इस अवसर पर भाजपा और शहर के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का एयरपोर्ट पर स्वागत किया जाएगा। इसके साथ ही साथ महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बाइक रैली के माध्यम से विमानतल से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक मुख्यमंत्री श्री साय की अगुवाई करेंगे। विमानतल पर मुख्यमंत्री साय जी का भव्य स्वागत किया जाएगा।


भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष राहुल योगराज टिकारिहा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ की जनता के विकास की सदैव चिंता करते है और प्रदेश की जनता का विकास लगातार हो रहा है उनके विदेश यात्रा से लौटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
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विष्णु देव साय जी का लोकप्रियता में दूसरे नंबर पर आना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात:अमित चिमनानी

इंडिया टुडे के सी वोटर के MOTN सर्वे में पूरे देश में लोकप्रियता के मामले में  41.9 फ़ीसदी वोटो के साथ देश में द्वितीय सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्री बनने पर भाजपा ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव  साय सहित छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई दी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि विष्णु देव साय जनता की कसौटी पर बार-बार खरे उतर रहे हैं। एक तरफ उनके नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा के चुनाव ,दक्षिण विधानसभा का उपचुनाव, नगर निगम के चुनाव एवं पंचायत चुनाव में भारी जीत हासिल की थी एवं अब हुए इस सी वोटर सर्वे में देश में सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्री की रेस में वह दूसरे नंबर पर आकर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा रहे हैं। 


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि 5 साल भूपेश बघेल के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया था लेकिन विष्णुराज में  उदय हुए  सुशासन के सूरज ने भ्रष्टाचार के अंधेरों को मिटाकर विकास का नया प्रकाश फैलाने का काम किया है। छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के रथ पर चल रहा है। श्री चिमनानी ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार में छत्तीसगढ़ की गिनती उन राज्यों में होती है जिसने सबसे कम समय में विधानसभा चुनाव के समय किए गए अपने लगभग वादों,मोदी की गारंटियों को पूरा किया है। सरकार ने वादे पूरे करने के साथ-साथ कई अन्य नए कार्य भी शुरू किए हैं जिसका परिणाम है कि हमारे सरल, सहज, आदिवासी मुख्यमंत्री लोगों की पसंद बने हैं। 

श्री चिमनानी ने कहा कि एक तरफ नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और दूसरी तरफ एक के बाद एक मोदी की गारंटी को पूरा करना छत्तीसगढ़ में खुशहाली का बड़ा कारण बना है ।इस सर्वे ने भाजपा के नारे  हमने बनाया है हम ही संवारेंगे को भी पुनः प्रमाणित किया है।श्री चिमनानी ने कहा कि मा.विष्णु देव साय ने भी प्रमाणित कर दिया कि बिना शोर शराबे और आडंबर के निष्ठा से जनहित में कार्यों में लगे रहना जनता को बेहद पसंद है और जनता ने विष्णुदेव साय सरकार के अब तक के कार्यों का मूल्यांकन कर अपना सर्टिफिकेट सौंप दिया है।हम पुनः छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़  प्रदेश की 3 करोड़ जनता का आभार व्यक्त करते हुए उनका भी अभिनंदन करते हैं।
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लोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज

राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2024 के मूल्यांकन को लेकर कुछ न्यूज वेबपोर्टल्स में प्रकाशित खबरों पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा है कि 03 मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर कर परीक्षा प्रक्रिया पर प्रश्न उठाने का प्रयास किया गया, जबकि आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विषय के प्रश्न-पत्र, प्रश्न और उप-प्रश्नों के मूल्यांकन हेतु बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञों को आहूत किया जाता है। साथ ही मूल्यांकन की प्रक्रिया कई स्तरों पर जांच से गुजरती है और इसमें गोपनीयता बनाए रखना सभी की बाध्यता है।

आयोग का मानना है कि कुछ व्यक्तियों ने व्यक्तिगत द्वेष की भावना से मूल्यांकनकर्ताओं, जो एक ही संस्था में कार्यरत हैं, को निशाना बनाकर जानबूझकर आयोग की प्रक्रिया को संदिग्ध ठहराने का प्रयास किया है।

आयोग ने कहा कि वह अपने संवैधानिक दायित्वों और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर करने के स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है और विभागीय या अन्य विधिक कार्यवाही यथासमय की जाएगी।
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जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान: डॉ. एम.एल. नायक

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ की जैव विविधता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रख्यात विषय विशेषज्ञ,पूर्व महानिदेशक विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान एवं सदस्य राज्य जैव विविधता सरक्षण बोर्ड डॉ एम.एल.नायक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जैव विविधता मानव जीवन के  लिए अमूल्य वरदान है। हमारा छत्तीसगढ़ जैव विविधता से समृद्ध है। आज इस समृद्ध जैव विविधता का सरंक्षण जरूरी है।


डॉ. नायक ने कहा कि जैव विविधतता से तात्पर्य पृथ्वी पर जीन,स्पिसिज व इकोसिस्टम स्तर की विभिन्न प्रकार की विविधताओं की उपलब्धतता से है। भारत सरकार द्वारा जैव विविधतता अधिनियम 2002 में पारित किया गया। केंद्र स्तर के जैव विविधतता नियम भारत सरकार ने वर्ष 2004 में बनाये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने जैव विविधता नियम वर्ष 2015 में जारी किया। 

डॉ. नायक ने कहा कि भारत की भूमि सम्पूर्ण पृथ्वी का मात्र 2 प्रतिशत है जिसमें जैव विविधता की उपलब्धतता 7 प्रतिशत है। मानव जीवन का अस्तित्व इन्हीं जैव विविधतताओं की उपलब्धता से दृढ़ता से जुड़ा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में बताया कि यहां 40 प्रतिशत भू-भाग पर वन हैं और राज्य विभिन्न प्रकार की समृद्ध जैव विविधताओं से परिपूर्ण है। उपलब्ध ऑकड़ों के अनुमान से राज्य में 3000 फूल वाले पौधे, 36 स्तनधारी जीव, 383 पक्षी, 73 सरीसृप प्राणी, 173 तितलियों की प्रजाति पायी जाती हैं। बहुत से जैव विविधतायें विलुप्त होने के कगार पर है एवं उनके संरक्षण के त्वरित व गंभीर प्रशासनिक प्रयास की आवश्यकता है।

डॉ  नायक ने कहा अभी भी छत्तीसगढ़ में पेड़ पौधों की कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनका खोज किया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि उन्हें कांगेर वैली में लंबे समय तक जैव विविधता पर कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्हें कांगेर धारा के पास एक अनूठी प्रजाति के पीपल का वृक्ष मिला। डॉ नायक ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में खोजे गए इस नई प्रजाति के पीपल का नामकरण उनके नाम पर फाइकस नायकाई किया गया है। आईआईपीए छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष ने डॉ. सुयोग्य कुमार मिश्रा सहित सभी सदस्यों ने डॉ नायक को बधाई देते हुए इस खोज को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के संबंध में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा अध्यक्ष श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्य का लोक प्रशासन संस्थान माननीय उप राष्ट्रपति जी की अध्यक्षता एवं माननीय मंत्री कार्मिक मंत्रालय की सह अध्यक्षता में भारत सरकार कार्मिक मंत्रालय के तहत पजीकृत सोसायटी के रूप में कार्य कर रहे भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली की राज्य स्तरीय शाखा के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही संस्था अपने प्रारंभिक अवस्था में धीरे धीरे आगे बढ़ने व लोक प्रशासन संबंधित अपेक्षित उद्देश्य को पूर्ण करने की दिशा में प्रयत्नशील है। अब तक लोक प्रशासन से संबधित महत्वपूर्ण विषय चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों-पूर्ण किये गये अद्यतन चुनावों के अनुभव, जीवन प्रबंधन, छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी जिलों का विकास, राज्य के छत्तीसगढ़ नामकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, आर्टिफिसियल इन्टेलिजेंस और डिजिटल लोक प्रशासन काल में प्रशासनिक नेतृत्व जैसे गंभीर विषयों पर राज्य के प्रशासनिक कार्यों से संबंधित राज्य के प्रबुद्ध जनों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का वर्कशॉप व विचार विमर्श आयोजित किया गया था।

इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष द्वय पूर्व अपर मुख्य सचिव श्रीमती इन्दिरा मिश्रा और श्री अजय सिंह, सचिव श्री अनुप श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।
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प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। 


कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।

इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है। 

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।
     
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।”

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।
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अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ने और हमारे अमूल्य विरासत को संजोने का महान संकल्प है चक्रधर समारोह: राज्यपाल श्री डेका

 चक्रधर समारोह हमें अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ता है और हमारे अमूल्य विरासत को संजोने का महान संकल्प है। राजा चक्रधर सिंह ने कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जो सपना रायगढ़ की धरती से देखा था, यह उत्सव उस स्वप्न का प्रतीक है। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज रायगढ़ जिले में आयोजित 40वें चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भगवान गणपति की पूजा अर्चना की और संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह का पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया। 


राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा को हम रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं और इस दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति को समृद्ध बनाने में चक्रधर समारोह का योगदान अग्रणी है। श्री डेका ने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ में बहुत गहरा संबंध है और ब्रिटिश काल में इस प्रदेश से लोग असम गए थे। उन्होंने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने साहित्य और कला के संरक्षण के जो प्रयास असम में किए थे, वही प्रयास महाराज चक्रधर ने रायगढ़ की धरती से किया। श्री डेका ने बताया कि असम में राजा चक्रधर सिंह की स्मृति में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 

राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ की धरती भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। रायगढ़ घराने की छाप न केवल देश में बल्कि विश्वभर में है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य को नई ऊंचाइयां दीं और अपनी रचनाओं नर्तन सर्वस्व, तालतोय निधि और राग रत्न मंजूषा के माध्यम से संगीत और नृत्य को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि कला हमारे भीतर संवेदनाओं को जगाती है और जीवन को सुंदर बनाती है। आधुनिकता की दौड़ में जब लोग संस्कृति से दूर हो रहे हैं, तब ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि रायगढ़ का नाम लेते ही हमारे मन में संगीत की मिठास, नृत्य की लय और कला के रंग दिखाई देते हैं। यही वो धरती है, जहां बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई, हरिप्रसाद चौरसिया की बाँसुरी और पं. जसराज सहित साहित्य जगत के महान विभूतियों के सुर गूंजते रहे हैं। उन्होंने इस खास मौके पर रायगढ़ की जनता को इस महान परंपरा को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।  

40वें चक्रधर समारोह के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही संगीत, नृत्य और साहित्य जैसी विधाएँ राजाओं के आश्रय में पल्लवित होती आई हैं और इन्हीं परंपराओं ने भारत को नई ऊँचाइयाँ दी हैं।

राजा चक्रधर सिंह को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि जब कथक में केवल जयपुर और बनारस घराने ही प्रसिद्ध थे, उस समय रायगढ़ घराने की स्थापना कर उन्होंने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। श्री शेखावत ने कहा कि आज यह समारोह उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने का गौरवशाली अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के सक्षम और सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को नक्सल छवि से मुक्ति मिल रही है और प्रदेश अब संस्कृति तथा पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जूझते हुए जिस प्रदेश को कभी पिछड़ेपन की दृष्टि से देखा जाता था, वही आज अपनी लोककलाओं और पर्यटन स्थलों के कारण विश्व स्तर पर पहचान बना रहा है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। हमारी लोककलाएँ, लोकनृत्य और लोकपरंपराएँ पुनः संरक्षित और सशक्त हो रही हैं। श्री शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी दस दिनों तक रायगढ़ सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा और देश-विदेश से आए कलाकार अपनी कला के माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य बनाएँगे।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि चक्रधर समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही रायगढ़ में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है, जिससे यहां की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान और अधिक मजबूत हो रही है। श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आस्था के प्रमुख केंद्रों, पर्यटन स्थलों को लगातार विकसित करने का काम केंद्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के सहयोग से भोरमदेव मंदिर सहित अनेक विकास कार्यों के लिए विशेष रूप से राशि आवंटित की गई है।

राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली से आए अतिथियों ने चक्रधर समारोह को गरिमामयी बनाया है। श्री सिंह ने कहा कि संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य को नई पहचान दी। उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण से रायगढ़ घराने को प्रतिष्ठा दिलाई और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एक गोंड आदिवासी राजा द्वारा कथक नृत्य को इस ऊँचाई तक पहुँचाना इतिहास के स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव याद किया जाएगा। रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि इस भव्य आयोजन से रायगढ़ की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ रही है तथा यहाँ की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है।

चक्रधर समारोह के अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद श्री चुन्नीलाल गरासिया, नगर निगम के महापौर श्री जीववर्धन चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है रायगढ़ का चक्रधर समारोह : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।
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जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की गति तेज करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे ।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए।

उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 

राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें  दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।
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सियोल में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन श्री ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्री ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें।

ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।
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