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गर्भवती महिलाओं के लिए बनाई पोषण वाटिका, मिल रहा कई लाभ

 साल्हि (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड में सुदूरवर्ती आदिवासी गांव में किशोरियों, शिशुवती और गर्भवती महिलाओं और विशेषकर बच्चों के लिए पोषण आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के सामाजिक सरोकार के तहत अदाणी फाउंडेशन के द्वारा परसा ईस्ट और केते बासेन (पीईकेबी) खदान के आसपास के ग्रामों में सुपोषण योजना संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं और बच्चों की पोषण तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अदाणी फाउंडेशन की टीम द्वारा लाभार्थियों को पर्याप्त पौष्टिक सब्जियों की निरंतर आपूर्ति के लिए पोषण वाटिका उनके ही घरों में विकसित करने प्रेरित कर रही है।

अदाणी फाउंडेशन के द्वारा सुपोषण योजना के प्रथम चरण के तहत जुलाई 19 से पीईकेबी के ग्राम साल्ही, तारा, जनार्दनपुर, घाटभर्रा, फत्तेपुर, परसा, शिवनगर और बासेन के आठ किसानों से पोषण वाटिका के विकास के लिए शुरुआत की गयी। जिसमें उन्हें हरी सब्जियों के रोपण की जानकारी और बीज प्रदान कर निर्माण की विधि तथा प्रशिक्षण दिया गया। वहीं आने वाले दिनों में इसे 200 किसानों तक विकसित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन पीईकेबी के सभी चौदह ग्रामों में आर्गेनिक फार्मिंग या जैविक खेती के लिए भी सभी स्थानीय किसानों को प्रशिक्षण प्रदान कर और धान के उन्नत बीज उपलब्ध कराया है। इससे उत्पादन में वृद्धि खेती में कम लागत पर हुई है। इसे देख कर अन्य क्षेत्र के किसान भी प्रोत्साहित हो रहे है।

क्या है पोषण वाटिका का सिद्धांत :
पोषण वाटिका के माध्यम से शिशुवती और गर्भवती महिलाओं को सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करके आहार विविधता को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। साथ ही यह उनके परिवार और समुदाय में कुपोषण से निपटने के लिए खाद्य सुरक्षा और विविधता प्रदान करने के लिए एक स्थायी मॉडल साबित हो सकता है। 

कैसे किया जाता है निर्मित :
इसके लिए आठ फीट व्यास का एक चक्र विकसित करना होता है जिसमें सात भाग होते हैं। प्रत्येक भाग में एक सब्जी का बीज बोया जाता है। इस तरह सातों भाग में एक सप्ताह में  प्रत्येक दिन के लिए एक हरी सब्जी का आहार लाभार्थी के भोजन का भाग होता है। इसमें सब्जी के बीज मौसम के अनुसार लगाया जाता है। जैसे वर्तमान के  मौसम में बैंगन, मिर्च, लौकी, करेला, भिंडी, भाजी (पालक और लाल भाजी) और अन्य हरी सब्जियां को लगाया गया है।

क्या है इसका महत्व :
पोषण वाटिका का उद्देश्य जैविक खेती के सिद्धांत पर बच्चों को ताजा खाद्य उत्पादों की खपत की आवश्यकता के बारे में शिक्षित करने और महिलाओं और बच्चों के बीच पौष्टिक आहार की कमी को दूर करने तथा बाहरी निर्भरता को कम कर समुदायों को उनकी पोषण सुरक्षा के लिए आत्मानिर्भर बनाना है। न्यूट्री-गार्डन अर्थात पोषण वाटिका अपने आप में एक सर्वोत्तम आहार विविधता, पोषण सुरक्षा, कृषि-खाद्य खेती, स्थानीय आजीविका सृजन और पर्यावरणीय स्थिरता के कई लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता है। साथ ही यह समुदाय के सदस्यों को उनके घर के पीछे खाली पड़े जगहों में स्थानीय खाद्य फसलें जैसे ताजी सब्जियों की एक सस्ती, नियमित और आसान आपूर्ति के साथ उगाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

गौरतलब है कि आरआरवीयूएनएल अपने सामाजिक सरोकार के अन्तर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण संरचना विकास के कई कार्यक्रम संचालित करता है। जिसमें इस माह शिक्षा के क्षेत्र में ग्राम परसा के सरकारी प्राथमिक शाला में छात्रों को कोरोना से बचाव के लिए हाथ धोने के महत्व और  घाटबर्रा गांव में लर्निंग इम्प्रूवमेंट क्लास के लिए पहल की गयी। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन के तहत विकसित की गयी महिला उद्यमी बहुउद्देशीय  सहकारी समिति की महिलाओं द्वारा अपने समूह में ही तैयार मसालों, सेनेटरी पैड, फिनायल इत्यादि का विपणन अभी हाल ही में वनविभाग के द्वारा शुरू किये गए सी-मार्ट के माध्यम से जिला मुख्यालय में किया गया। वहीं ग्रामीण संरचना विकास के अंतर्गत ग्राम साल्ही में सोलर स्ट्रीट लाइट भी लगायी जा रही है।

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सघन टीबी रोगी खोज अभियान से खोजे जा रहे टीबी संक्रमित रोगी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सघन टीबी रोगी खोज अभियान के तहत विकासखंड में फैक्ट्री और कार्यस्थल पर जाकर टीबी रोगियों  की खोज की जा रही है। तिल्दा विकासखंड में इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही  है। स्क्रीनिंग में संभावित मरीजों की टीबी जांच कराई जा रही है। टीबी जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को  निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता डोर टू डोर जाकर सघन टीबी खोज सर्वे भी कर रहे है, साथ ही  जिसमें लक्षण नजर आ रहे है उनकी जांच भी कराई जा रही है । अभियान के तहत जन जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए टीबी के संभावित मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कर उनका सहयोग लिया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सौरभ ने बताया: “प्रदेश को वर्ष 2023 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी रोगियों की सघन खोज कर उनको उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। तिल्दा में  25 मई 2022 तक इस अभियान के तहत से 2 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग में 750 मरीज संभावित मिले थे, जिनकी टीबी जांच की गई। जांच में 24  मरीजों में टीबी की पहचान हुई । जिनका नियमित इलाज विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। टीबी जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जानकारी दी जाती है कि लक्षण आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की नि:शुल्क जांच कराएं। टीबी की पुष्टि होने पर सरकार की तरफ से न केवल नि:शुल्क उपचार किया जाता है,  बल्कि उपचार जारी रहने के दौरान बेहतर पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपए का भुगतान रोगी के बैंक खाते में किया जाता है। क्षय रोग से अब घबराने की नहीं बल्कि समय रहते जांच और उपचार कराने की जरूरत है। नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।“

विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक की अपील टीबी खोजी अभियान में करें सहयोग :
विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक ममता सुनानी ने सभी लोगों से अपील की है कि सभी लोग टीबी खोजी अभियान का सहयोग करें। टीबी के प्रारंभिक लक्षण जैसे – दो सप्ताह से ज्यादा का बुखार या खांसी का आना, सीने में दर्द और खांसी के साथ मुंह से खून आना, भूख कम लगना इसके अलावा वजन का घटना, बच्चों में वजन का न बढ़ना, रात में पसीना आना जैसे लक्षण दिखने पर जांच अवश्य कराएं। टीबी रोग से बचाव के लिए टीबी रोगी का इलाज शीघ्र कराएं। मीडिया ने लोगों को इस अभियान के उद्देश्य के बारे में सूचित करने में मदद की जिसके परिणामस्वरूप कोई प्रतिरोध नहीं हुआ और लोग स्क्रीनिंग टीमों के साथ सहयोग भी कर रहे है। 

रोग को ना छिपाएं :
विकासखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आशीष सिन्हा ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “डोर टू डोर सर्वे में अगर टीम के सदस्य किसी के घर पहुंचे तो टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका समुचित इलाज किया जाएगा।“ उन्होंने आगे कहा, “टीबी हारेगा देश जीतेगा थीम पर चलने वाले अभियान के दौरान टीम के लोग जन सामान्य को माइकिंग, पंपलेट, के माध्यम से भी टीबी से बचाव के लिए जागरूक कर रहे है । टीबी रोगी के बारे में सूचना देने वाले को 500 रुपए प्रोत्साहन स्वरूप भी दिए जा रहे है।“

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हर घर तिरंगा अभियान से देश में राष्ट्रीयता की भावना प्रबल होगी : अशोक बजाज

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित "हर घर तिरंगा अभियान" से देश में राष्ट्रीयता की भावना प्रबल होगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, गरीब से गरीब व्यक्ति भी जब अपने घर में तिरंगा फहरायेगा तब उसे विशेष आनंद की अनुभूति होगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के 10000 घरों में राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराने के व्यवस्था करें ताकि हर व्यक्ति अपने घर में शान से झंडा फहरा सके। इसके अलावा सभी गावों के अटल चौक, अमृत सरोवर, गौठान एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित ध्वजारोहण के कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी निभाएं तथा अन्य लोगों को प्रेरित करें।

उन्होंने अभनपुर एवं नवापारा में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि 13 से 15 अगस्त प्रत्येक गांव व वार्ड में निकलने वाली प्रभात फेरी को सफल बनाने में अपना योगदान दें इस हेतु प्रत्येक शक्ति केंद्र एवं बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की समिति बनाकर रूपरेखा तैयार करें। श्री बजाज ने कहा कि राष्ट्र जागरण के इस महापर्व में नई पीढ़ी को जुड़ने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, संगठन सह-प्रभारी प्रह्लाद रजक, मंडल प्रभारी छोटेलाल सोनकर, मण्डल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, हृदय राम साहू, सुनील प्रसाद, कुंदन बघेल, किशन शर्मा, नंदनी साहू, चेतना गुप्ता, संचित तिवारी, गौरव शर्मा, सूरज साहू, भरत बैस, नारायण यादव, जितेंद्र चंद्राकर, मिथिलेश सिन्हा, तोषण साहू, पारस साहू, अर्जुन धीवर, जगदीश साहू, प्रदीप शर्मा, नवापारा मंडल प्रभारी राम पंजवानी, अध्यक्ष उमेश यादव, विजय गोयल, परदेसी साहू , दयालु गाड़ा, प्रसन्न शर्मा ,चंद्रकला ध्रुव , नवल साहू, कमलनारायण साहू ,,नत्थू साहू, कैलाश तिवारी, हितेश मंडाई,,मयाराम साहू,,चुम्मन कन्दरा,,सिंटू जैन ,गुलशन साहू,,रेशम हुंदल, विजय साहू, दीपक साहू, दिलीप देवांगन, किशन साहू ,धीरज साहू, ईश्वरी देवांगन, ईश्वर लाल देवांगन, अनुज राजपूत, गुहाराम साहू , खगेश्वर चक्रधारी , इमरान सोलंकी, चेतन साहू , कैलाश देवांगन , ईश्वरी देवांगन , संजय साहू , रवि साहू , बल्लू सोनी , योगेंद्र ध्रुव, गोवर्धन तारक, सेवाराम साहू, खूब लाल निर्मलकर, दिनेश टंडन , श्रेणिक जैन , देवेंद्र सेन, मोती साहू, कमलेश कहार , अन्नपूर्णा देवांगन, साधना सौरज,मधु बाफना, धनमती साहू, संतोषी कंसारी, नीता धीवर, शांति साहू, सरोज साहू एवं शशि ठाकुर के अलावा काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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धरसींवा-रायपुर और रायगढ़ में बिजली महोत्सव का आयोजन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत "उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य ऊर्जा 2047 - बिजली महोत्सव" कार्यक्रम का आयोजन प्रदेशभर के हर जिलों में 30 जुलाई तक किया जा रहा है, जिसमें बिजली से आम लोगों के जीवन में आए बदलाव को रेखांकित किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत 28 जुलाई को धरसींवा-रायपुर और रायगढ़ बिजली महोत्सव का आयोजन किया गया।

इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी सहित केंद्रीय विद्युत उपक्रम आरईसी लिमिटेड, एनटीपीसी सहित अन्य उपक्रम संयुक्त रूप से इसमें शामिल हो रहे हैं। इसमें जिला प्रशासन की भी भागीदारी है।

छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं के साथ ही साथ ही केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना एवं डीडीयूजीजेवाई योजना, कुसुम योजना एवं उपभोक्ता के अधिकार सहित अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।

इसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के द्वारा ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा, वितरण एवं ट्रांसमिशन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की उपलब्धियों, योजनाओं आदि का प्रदर्शन बैनर, पोस्टर, आडियो विजुअल, नुक्कड़ नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है।

 

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घर-घर जाकर कोविड टीके का बूस्टर डोज लगा रही स्वास्थ्य विभाग की टीम

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोविड टीके के दोनों को डोज को सबसे पहले लगाने का कीर्तिमान स्थापित कर चुका रायगढ़ जिला अब बूस्टर डोज को पूर्ण रू से लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। सभी पीएचसी-सीएचसी के अलावा जरूरत के हिसाब से टीकाकरण केंद्र पूरे जिले में बनाए गए हैं। कभी कभी मांग के आधार पर ऐसे सेंटर्स की संख्या 300 से अधिक हो जाती है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 27 जुलाई तक 18 से 59 आयु वर्ग में 9 लाख  लोगों को बूस्टर डोज लगना है जिसमें से अब तक 64,935 ने बूस्टर डोज लगवाया है। 12 से 14 आयुवर्ग में 75,219 लक्षित किशोरों में से 52,844 ने पहला और 28,577 ने दूसरा डोज लगवा लिया है। इसी तरह 15 से 17 आयुवर्ग में 93,352 किशोरों में से 60,531 ने पहला तो 41,202 ने दूसरा डोज लगवाया है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भानू पटेल का कहना है: “आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 15 जुलाई से 30 सिंतबर तक 18 से 59 आयुवर्ग के लोगों को कोविड टीके का बूस्टर डोज मुफ्त लगाने की घोषणा केंद्र सरकार ने की है। जिसके तहत जिले में यथाशीघ्र बूस्टर डोज सभी लाभार्थियों को लगाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। वैक्सीनेशन सेंटर्स के अलावा विभाग घर-घर जाकर भी लोगों को टीका लगा रहा है। शहरी क्षेत्रों में वार्डवार तो ग्रामीण क्षेत्रों में गांव दर गांव घर-घर टीके लगाए जा रहे हैं।“

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी ने कहा: “जिले में अभी अधिकांश लोगों को बूस्टर डोज लगना बाकी है। कोविड संक्रमण भी रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे में हमने वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज कर दी है। लोगों से अपील है कि वह टीकाकरण केंद्रों में जाकर टीका जरूर लगवाएं। डोर-टू-डोर सुविधा भी हमने दी है लेकिन लोग केंद्र में लगवाएंगे तो टीकाकरण और जल्दी होगा। जिन वार्डों या ग्रामों में डोर-टू-डोर के सेशन प्लान हैं वहां के लोगों से अपील है कि लोग पहले से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एकत्रित रहें जिससे टीका लगाने वाली टीम ज्यादा लोगों को कवर कर सके। हमें समय पर बूस्टर डोज से पूर्ण टीकाकृत होने वाला जिला बनना है जिससे हम कोविड के संभावित खतरे से सुरक्षित रह सकें।”

इन वार्डों में लगेगा टीका :
स्वास्थ्य विभाग के शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. राकेश वर्मा बताते हैं “नगर निगम के सहयोग से रायगढ़ शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर कोविड का बूस्टर डोज लगाया जा रहा है। वार्ड क्रं. 6,16,20,33 और 46 में दिनांक 29 जुलाई, 30 जुलाई और 1 अगस्त को स्वास्थ्य टीम टीका लगाएगी। टीम में एक अधिकारी, एक निगम कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, सुपरवाइजर और वेरीफायर के साथ वैक्सीनेटर होंगे। इन चारों वार्ड के निवासियों से हमारी अपील है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की मदद करें।“

लक्षण दिखे तो कराएं कोविड टेस्ट: सीएमएचओ डॉ. केसरी :
जिले में वर्तमान में 198 कोविड के मामले सक्रिय हैं। बुधवार को पाजिटिव दर 5.4 प्रतिशत रही है। 748 सैंपल में से 55 लोग पॉजिटिव आए। सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी ने कहा: ”मौसम में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में किसी की भी तबीयत खराब हो सकती है लेकिन जिन लोगों में कोविड के लक्षण दिख रहे हैं वह कोताही कतई न बरते। तुरंत अपना कोविड टेस्ट कराएं। जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी में कोविड टेस्ट की सुविधा है। रायगढ़ शहरी क्षेत्र में पंजरी प्लाट स्थित निगम ऑडोटोरियम परिसर में पूर्व की भांति कोविड टेस्ट शुरू हो चुका है। इसके अलावा रामभांठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गांधी नगर नगर स्वास्थ्य केंद्र और रेलवे स्टेशन में कोविड टेस्ट हो रहा है।“

 

 

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खैरा में ढ़ाई करोड़ की लागत से बनेगा आयुष पॉली क्लिनिक

 पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए संसदीय सचिव ने किया भूमिपूजन

 

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ग्राम पंचायत खैरा में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और सौगात मिलने जा रही है। यहां ढ़ाई करोड़ की लागत से आयुष पॉली क्लिनिक का निर्माण होगा। जहां आयुर्वेद के साथ-साथ होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति से मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने आज गुरूवार को हरेली त्यौहार के पावन अवसर पर पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए भूमिपूजन किया।

गुरूवार को ग्राम पंचायत खैरा में आयुष पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर थे। अध्यक्षता जनपद सदस्य सरिता राकेश चंद्राकर ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद, सरपंच संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चंद्राकर, किशन देवांगन, लीलू साहू, सरपंच नीलम कोसरे, राकेश चंद्राकर, महेंद्र साहू, मौजूद थे। संसदीय सचिव चंद्राकर ने करीब ढ़ाई करोड़ की लागत से पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए भूमिपूजन पर बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और सौगात महासमुंद विधानसभा को मिलने जा रही है। यहां तीस बिस्तरों का क्लिनिक होगा। जहां आयुर्वेद के साथ होम्योपैथिक व यूनानी पद्धति से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की सौगात भी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। 

संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया हरसंभव पहल कर रहे हैं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हाट-बाजार क्लीनिक और शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के साथ दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई जा रही है। जिसका लाभ सभी वर्ग के लोगों को मिल रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ विजय साहू, नोडल अधिकारी डॉ सुखलाल पटेल, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ गजाधर पंडा, डॉ यशवंत चंद्राकर, डॉ सर्वेश दुबे, डॉ केवी सिंह, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ टंकेश्वरी समुंद, यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ पुष्पा साहू सहित सरपंच प्रतिनिधि रेवाराम कोसरे, पंच रामकिशन चंद्राकर, मनोज चंद्राकर, उमा ढीमर, सरिता कंडरा, ललित ढीमर, गणेश ध्रुव, गेमन साहू आदि ग्रामीणजन मौजूद थे।

 

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फेडरेशन ने हरेली की परंपरा का किया निर्वाह, जारी रहा आंदोलन

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक ओर जहां पूरे राज्य में छत्तीसगढ़ का प्रमुख हरेली त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया वहीं दूसरी ओर इतने बड़े पर्व के दिन भी प्रदेश के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना स्थल पर डंटे रहे। खरसिया में भी यह नज़ारा देखा गया जहाँ हरेली त्योहार भी कर्मचारियों के उत्साह को कम न कर सकी और पर्व के दिन घरवालों के साथ समय बिताने के बजाये सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे। हालांकि उन्होंने आंदोलन स्थल पर ही छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना की और नारियल फेंककर परम्परा का निर्वहन किया।

गौरतलब है कि केंद्र के समान छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और सातवां वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता प्रदान करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों द्वारा छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले विगत 25 जुलाई से 29 जुलाई तक निश्चित कालीन आंदोलन किया जा रहा है। इसके तहत पूरे राज्य में कर्मचारी कलम बंद-काम बंद के नारे के साथ सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी तारतम्य में खरसिया तहसील के कर्मचारी भी 25 जुलाई से आंदोलनरत हैं। आज 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ का प्रथम और प्रमुख हरेली त्योहार होने के बावजूद आंदोलन के चौथे दिन भी धरना पंडाल में सभी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिदिन की तरह चौथे दिन भी कर्मचारियों ने धरना पंडाल में माँ सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण कर किया। इसके पश्चात राष्ट्रीय गीत और राज्यगीत का गायन कर आंदोलन प्रारम्भ किया। इसके पश्चात सम्बोधन का क्रम शुरू किया गया जिसमें अनेक महिला और पुरुष कर्मचारियों ने अपनी बात रखी।  इसी बीच दोपहर में हरेली के मद्देनजर कर्मचारियों के मध्य सर्वप्रथम नारियल फेंकने की प्रतियोगिता रखी गई जिसमें महिला और पुरुष दोनों वर्ग के कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके पश्चात संयुक्त रूप से दोनों वर्गों का कुर्सी दौड़ का आयोजन भी धरना स्थल पर किया गया। इस तरह प्रदेश के इस प्रमुख पर्व के दिन भी खरसिया के कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी के साथ सैकड़ों की संख्या में अपनी उपस्थिति देकर आंदोलन में भाग लिया।

इस दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संघो के सैकड़ों कर्मचारी और विशेषकर मातृशक्ति के रूप में महिला कर्मचारी अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में धरना आंदोलन में पूरे समय तक उपस्थित रहे।

नारिशक्तियों का किया गया सम्मान :
निश्चित कालीन आंदोलन के चौथे दिन 28 जुलाई को हरेली त्योहार होने के बावजूद महिला कर्मचारियों की सम्मानजनक उपस्थिति की वजह से आंदोलन स्थल पर तिलक लगाकर और पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने करतल ध्वनि के साथ नारेबाजी करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और आभार भी व्यक्त किया।

 
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हरेली तिहार को लोकप्रिय बनाने, #MorHareli प्रोफ़ाइल फोटो फ्रेम जारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। किसानों की लोक-परम्परा के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़ा ‘हरेली तिहार’ इस बार आगामी 28 जुलाई को है। राज्य शासन द्वारा इस बार भी हरेली तिहार को राज्य स्तर पर व्यापक स्वरूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

‘हरेली’ छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्व है जोकि आधुनिकता के साथ लुप्तप्राय हो रहा था। पिछले तीन वर्षों से इस त्यौहार को पूरी गरिमा और लोक-परंपरा के अनुसार मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ी अस्मिता के पुनरुत्थान के नायक मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति से प्रेम करने वाले हर छत्तीसगढ़ी नागरिक के प्रयासों का परिणाम है कि अब युवा पीढ़ी भी इस त्यौहार का महत्व समझ रही है और इस पर गर्व महसूस कर रही है। 

हरेली को युवाओं के मध्य और लोकप्रिय बनाने और इससे जुड़ी मान्यताओं से जन-मानस को रूबरू करवाने के उद्देश्य से लोगों से हरेली से  जुड़ी तस्वीरें, वीडियो #MorHareli हैशटैग के साथ शेयर करने की अपील की गयी है। 

इस सम्बंध में  #MorHareli  प्रोफ़ाइल फोटो फ्रेम भी जारी किया गया है, जारी की गयी लिंक twb.nz/morhareli पर जाकर आप खुद की #MorHareli प्रोफ़ाइल फोटो तैयार कर विभिन्न सोशल मीडिया प्लैटफार्म पर #MorHareli हैशटैग के साथ साझा कर सकते हैं।

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मंडी समितियों में अब होगा मनोनयन, सदन में सहकारिता संशोधन विधेयक पारित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विधानसभा में सहकारिता संशोधन विधेयक मतविभाजन के बाद पारित किया गया। सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह ने विधेयक पेश किया।संशोधन विधेयक के जरिये सहकारिता के अहम पदों पर निर्वाचन की बाध्यता को बदल कर सरकार नियुक्ति का नियम ला रही है। इसका विरोध करते हुए अपने वक्तव्य में शिव रतन शर्मा ने  कहा कि भाटापारा में एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है जिसमे मंडी की नियुक्ति के लिए रुपए की मांग की गई है।

इस पर सदन में हंगामा हुआ।शिवरतन शर्मा ने कहा कि मंडी  में नियुक्ति के पद बिक रहे हैं।एक व्यक्ति को पैसा दो नियुक्ति हो रही है ऐसा बदलाव गलत होगा। इस पर पूरा सत्ता पक्ष शिवरतन शर्मा पर नाराज हुआ।सत्ता पक्ष के विधायकों ने बयान पर जताई आपत्ति। सीएम बघेल बोले कि
प्रक्रिया में आइए,अगर आपके पास सबूत है तो थाने में रिपोर्ट करें।

बाहर की बात यहां रिफ्रेश कर प्रदर्शन की कोशिश ना करें। शर्मा ने सबूत सदन में रखने की मांग  की ।सीएम बघेल ने विपक्ष पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

शिवरतन शर्मा ने कहा कि ऑडियो से पता चलता है कि नियुक्ति में कैसी गड़बड़ी होती है।चुनाव को रोककर कांग्रेसियों को उपकृत करने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है।

सहकारिता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष सहमत नही है। भाजपा विधायकों ने कहा कि सहकारी समितियों में चुनाव के स्थान पर मनोनयन को लेकर है यह संशोधन विधेयक। विधेयक पारित करने भाजपा ने डिवीजन मांगा। इस पर हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 52 और विपक्ष में 12 वोट पड़े। संशोधन विधेयक पारित किया गया।

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इधर-उधर की छोड़िये, रमन सिंह आय से अधिक संपत्ति मामले में मेरे साथ चलिए : विनोद तिवारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के डायरेक्टर विनोद तिवारी जो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिकाकर्ता भी हैं, ने रमन सिंह को चुनौती देते हुए कहा कि डॉ रमन सिंह,  प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कह रहे हैं कि इधर उधर की बात छोड़िये, ईडी से जांच के लिए समय मांगिए, वो चलने को तैयार हैं । विनोद तिवारी ने कहा कि अब जब डॉ रमन सिंह स्वयं ही चलने तैयार हैं तो, मैं एक याचिकाकर्ता की हैसियत से, डॉ रमन सिंह से समय मांग रहा हूँ ताकि वो मेरे साथ ईडी, सीबीआई और ईओडब्लू के कार्यालय चल सकें। चूँकि बिलासपुर उच्च न्यायालय ने रमन सिंह के खिलाफ मेरी याचिका को स्वीकारते हुए, 11 अप्रैल 2022 को रमन सिंह, ईडी और सीबीआई को नोटिस भेजा था और छह हफ़्तों में जवाब माँगा था। लेकिन अब तक न तो सीबीआई ने कोई कार्यवाही की और न ही ईडी ने। इसलिए अब अगर रमन सिंह स्वयं कह रहे हैं कि वो चलने तैयार हैं तो मुझे समय बता दें, मैं उनके साथ चलने तैयार हूँ। 

विनोद तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया आय से अधिक मामले की गंभीरता और प्रस्तुत तथ्यों और प्रमाणों के आंकलन करने के बाद ही डॉ रमन सिंह, ईडी और सीबीआई को नोटिस भेजा था। किन्तु छह हफ़्तों के बाद भी कोई कार्यवाही न होना यह दर्शाता है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां केवल कठपुतली बनकर केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है और संविधान और न्यायिक व्यवस्था का मखौल उड़ा रही है।           

विनोद तिवारी ने बताया कि डॉ रमन सिंह और अभिषेक उर्फ़ अभिषाक सिंह ने करोड़ों संपत्ति गैर क़ानूनी तरीके से अर्जित की है। रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, अभिषाक सिंह के रूप में दोहरी पहचान रखते हैं। इस पहचान के जरिए उन्होंने तीन कंपनियां बनाई हैं और कई करोड़ रुपये का निवेश कर भ्रष्टाचार कर काली कमाई को कैसे ठिकाने लगाया और कैसे भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर कंपनियों में शेयरों को ख़रीदा बेचा और विदेशी मुद्रा भंडार बनाया। 

इसका सारा लेखा जोखा ईडी और सीबीआई के पास है लेकिन केवल केंद्र सरकार के दबाव के चलते ये एजेंसियां छत्तीसगढ़ी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह और उनके परिवार के सदस्यों को हाथ नहीं लगा पा रही है। जबकि इनके द्वारा निर्वाचन में गलत शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है, रमन सिंह मेरे साथ ईडी के दफ्तर चलें और मेरी शिकायत पर जवाब मांग कर दिखाएं।

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आदिवासी सम्मेलन 9 को, आयोजक समिति ने अटल से की मुलाकात

 विश्व आदिवासी सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं मुख्यमंत्री

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश के आदिवासी समाज का एक बड़ा सम्मेलन बिलासपुर में आयोजित करने की तैयारी हो रही है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिए एवं सम्मेलन में शामिल होने के लिए अपनी सहमति मिल चुकी है, सहमति मिलने के पश्चात आयोजकगण स्थल चयन एवं आयोजन को लेकर छ.ग.पर्यटन मण्डल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव से भेंट मुलाकात की और स्थल चयन को लेकर चर्चा की।

 

चर्चा के दौरान साईंस कालेज मैदान पर आयोजन करने की सहमति बनी। छ.ग.सर्व आदिवासी समाज के नेताओं ने पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव के माध्यम से जिला प्रशासन से चर्चा कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा। अटल श्रीवास्तव ने समाज को आश्वस्त किया कि उक्त सम्मेलन को कांग्रेस का पूरा सहयोग मिलेगा, स्थानीय नेतागण अपनी भागीदारी निभायेंगे।

उक्त सम्मेलन में पूरे प्रदेश से लगभग 10000 सर्व आदिवासी समाज के नेतागण शामिल होंगे। राज्य के बाहर देश और विदेश से भी आदिवासी नेताओं की शिरकत करने की संभावना है। इससे पूर्व यह आयोजन राजधानी रायपुर में होता रहा है, पहली बार यह आयोजन बिलासपुर में होगा। अटल श्रीवास्तव से मुलाकात करने वालों में प्रमुख रूप से सुभाष सिंह परते, आयुष सिंह राज, रामचंद्र धु्रव, भरतलाल मारको, शिव चेचाम, अनुप धुर्वे एवं अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। उक्ताशय की जानकारी प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने दी।

 

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छगविस : अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए समय बता पाना संभव नहीं : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर बुधवार को विधानसभा में काफी बहस हुई। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नियमितीकरण पर विचार के लिए उच्च स्तरीय समिति बनी हुई है। एक साल चुनाव, और फिर दो साल कोरोना की वजह से प्रक्रिया में देरी हुई।

उन्होंने जोर देकर कहा कि घोषणा पत्र में जो कहा है, उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे। सीएम के जवाब से विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। शोर-शराबा और हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने सवाल पूछे, और संतोष जनक जवाब नहीं आने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य विद्यारतन भसीन की जगह नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि अनियमित, संविदा, और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए सरकार ने अभिमत मांगा, लेकिन वर्ष-2019 से अब तक अभिमत नहीं आना सरकार की नीयत को दर्शाता है। उन्होंने पूछा कि कर्मचारियों को कब तक नियमित करेंगे? इसके जवाब में सीएम ने कहा कि प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक हुई है, जानकारी जुटाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि जो भी घोषणा पत्र में कहा है उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण के लिए समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है।

पूर्व मंत्री चंद्राकर ने कहा कि कुछ कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है। अभिमत आ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 25 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। उन्होंने पूछा कि ये कर्मचारी किस आधार पर नियमित हुए हैं? सीएम ने कहा कि प्रमुख सचिव उद्योग की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। इसमें विधि, जीएडी , वित्त और ट्रायबल विभाग के सचिव हैं। उन्होंने कहा कि इस पर महाधिवक्ता से राय ली जा रही है।

विपक्षी सदस्यों ने देरी पर सवाल उठाए, तो खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि 15 साल में आपने कुछ नहीं किया। सीएम ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवेहलना न हो। इसलिए जानकारी एकत्र की जा रही, और इस पर निर्णय भी लिया जाएगा। भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने पूछा कि क्या कभी इसकी समीक्षा हुई है? इस पर क्या निर्णय लिया गया है? भाजपा सदस्य सौरभ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पता था कि अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं हो सकता था। इसके बावजूद घोषणा पत्र में शामिल किया गया।

सीएम ने कटाक्ष किया कि जिस तरह से सेना ने चार साल का नियम लागू कर दिया गया है, उसी तरह अगर सभी विभागों में यही नियम लागू हो गया, तो उसकी तैयारी अभी से करनी होगी। शिवरतन शर्मा के पूरक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि समिति का गठन 2019 में हुआ था। कमेटी की बैठक से पहले जीएडी ने अभिमत के लिए विधि विभाग को भेज दिया। इससे विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। सत्ता, और विपक्षी सदस्यों के बीच नोंक-झोंक शुरू हो गई। विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। कार्रवाई दोबारा शुरू हुई, तो सीएम ने जवाब दोहराया। विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ, और सदन से वॉकआउट कर दिया।

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सीएमएचओ संग सीईओ ने डायरिया प्रभावित पीड़ितों का जाना हालचाल

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महासमुंद ज़िले के पिथौरा विकासखंड मे डायरिया से प्रभावित तीन ग्रामों केशरपुर, कंचनपुर, सागुनढाप के पीडितों के उपचार एवं इलाज की जानकारी लेने मंगलवार को  मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक  सीएमएचओ डॉ.एस.आर.बंजारे  के साथ पहुँचे।साथ ही मेडिकल काॅलेज की टीम भी साथ में थी। सोमवार को कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने केशरपुर पहुँचकर पीड़ितों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना था। उन्होंने सभी पीड़ितों का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए थे। अधिकांश मरीजो का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा मे हो रहा है। सभी का बेहतर उपचार किया जा रहा है। 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक  मरीज़ों और ग्रामीणों से बातचीत की। उनको मौसमी बीमारियों के दुष्प्रभाव को लेकर भी सावधानी बरतने और पीने के पानी को छानकर और उबालकर पीने की सलाह दी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अभियान चलाकर प्रभावित ग्राम सहित निकट के सभी ग्रामो मे पानी की जांच करने कहा। सीएमएचओ डॉ.एस.आर.बंजारे  ने बताया कि सभी मरीज़ ख़तरे से बाहर है। सभी का इलाज चल रहा है। सभी को साफ़-सफ़ाई और साफ़ पानी पीने की सलाह दी गयी है। इस मौक़े पर अनुविभागीय अधिकारी राकेश कुमार गोलछा, जिला महामारी विशेषज्ञ डा मीनाक्षी रॉय तहसीलदार लीलाधर कंवर, नायब तहसीलदार  देवेंद्र नेताम, उमेश लहरी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ तारा अग्रवाल सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर वीर जवानों को किया सलाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ’केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल’ (सीआरपीएफ) के 27 जुलाई को स्थापना दिवस पर सभी वीर जवानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। सीआरपीएफ के जाबांजों के साहस, पराक्रम और बलिदान को सलाम करते हुए श्री बघेल ने कहा है कि उनकी सेवा और निष्ठा के हम सब भारतवासी ऋणी हैं।

 

 

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शनिवार और रविवार को टीकाकरण का महाअभियान

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला प्रशासन की ओर से शनिवार और रविवार को टीकाकरण का महाअभियान किया जा रहा है। कलेक्टर डोमन सिंह ने जनसामान्य से टीकाकरण के लिए अपील करते हुए कहा कि जिले में कोविड-19 संक्रमण के केस फिर से बढ़ रहे हैं। हमारा जिला अन्य राज्यों की सीमा से लगा हुआ है, जिससे स्थिति संवेदनशील हो जाती है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लें और बूस्टर डोज अवश्य लगवाएं। साथ ही जिन्हें पहला या दूसरा डोज नहीं लगाया है वे भी जरूर लगवाएं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से भी अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे भी बिना डर के आगे आयें और वैक्सीन लगवाएं । टीकाकरण कराकर अपने व अपने परिवार की सुरक्षा का ख्याल रखें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएं।

 
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लोकसभा में सांसद सोनी ने उठाया पशु क्रूरता का मुद्दा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा सांसद सुनील सोनी ने लोकसभा में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का मुद्दा उठाया है। उन्होंने मुद्दा उठाते हुए मांग की है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 28 को हटाया जाए। इस धारा के अंतर्गत किसी भी जानवर को धार्मिक कारणों से मारने की अनुमति प्रदान की गई है।  हर वर्ष बकरियां, भैंस और ऊंट सहित हजारों बेजुबान जानवरों को धार्मिक रीतिरिवाज के नाम पर अप्रशिक्षित लोगों के द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है, जो क्रूर कृत्य है।

आगे उन्होंने कहा कि, बूचड़खानों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों को मारा जाता है। इसमें मारे गए जानवरों के खून और शारीरिक अंगों का पर्यावरण पर खतरनाक असर पड़ता है। इस तरह कुर्बान किए गए जानवरों के मांस का सेवन करना मानव स्वास्थ्य के लिए खराब है। सासंद सोनी ने यह भी कहा कि, मारे गए जानवरों की किसी भी प्रकार की अधिकारिक स्वास्थ्य सुरक्षा जांच नहीं होती है।

उन्होंने पीसीए अधिनियम 1960 की धारा 28 को हटाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की जो जानवरों की कुर्बानी देना चाहते हैं, तो उन्हें केवल लाइसेंस प्राप्त बूचड़खानों में करने की अनिवार्यता होनी चाहिए।

 

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गैर आदिवासी ने की आदिवासियों के जमीन पर फर्जी बिक्री, नाराज आदिवासी समाज

कलेक्टर से 12 प्रकरणों पर सर्व आदिवासी समाज की शिकायत

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासियों की जमीन को अधिकारियों से साठगांठ कर फर्जी तरीके से हड़पने और एक आदिवासी   परिवार का बेजबरन हुक्कापानी बंद करने के मामले को लेकर आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोमवार को सर्वआदिवासी समाज के बैनरतले जिले के मगरलोड ब्लॉक के करीब 5-6 गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर से मुलाकात कर इसकी शिकायत करते हुए दोषियों पर कड़ी कारर्वाई की मांग की है।

मगरलोड क्षेत्र के ग्राम बेलरदोना, कपालफोड़ी, नारधा, शुक्लाभाठा, मड़ेली, कुल्हाड़ीकोट, धौराभाठा सहित अन्य गांवों के आदिवासी परिवारों का जमीन फर्जीवाड़ा कर हड़पने से संबंधित करीब 10 प्रकरण लंबे समय से लंबित है और इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आदिवासी समाज का कहना है कि मड़ेली के एक दलाल किस्म के व्यक्ति की ओर से गांव के घास जमीनों को कब्जा किया जा रहा है और उनके द्वारा जालसाजी करके उस जमीन की ब्रिकी किया जा रहा है। इसी के साथ जालसाजी करके घास जमीन से लगे आदिवासियों की लगानी जमीन की भी बिक्री कर रहा है, जबकि इसके सभी दस्तावेज पीड़ित परिवारों के पास है।

बताया जा रहा है कि ग्राम बेलरदोना के रामबली ध्रुव और बहुरराम सहित ग्राम मड़ेली के रमेश कुमार और गजेंद्र कुमार का जमीन संबंधित व्दारा कूटचित तरीके से बेच दिया गया है और वह उनके व्दारा जमीन पर कब्जा भी किया जा रहा है। इसी तरह कपालफोड़ी के रहने वाले ढेलूराम कंवर और चारभाठा के रहने वाले छबिलाल ध्रुव सहित शुक्लाभाठा के रहने वाले बरसन कंवर और कुल्हाड़ीकोट के सुखचंद और धौंराभाठा के धर्मेद्र सहित छुही के आनंद ध्रुव की जमीन को अवैध रूप विक्रय कर दिया गया है, जिसकी जानकारी पीड़ित परिवार को नहीं थी।

इसके अलावा नारधा के रहने वाले रामूराम कंवर को बेजबरन गांव से बहिष्कृत किया गया है और गांव में उनका हुक्कापानी बंद करा दिया गया है। रामू राम का कहना है कि उन पर घास जमीन को कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि गांव प्रमुखों की सहमति से अन्य लोगों को भी जमीन आबंटित की गई थी। स्थानीय सरपंच की ओर से उन्हें बेजबरन प्रताड़ित किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने गांव के एक तालाब को लीज पर लिया था और उस पर मछलीपालन कर रहा था। इसी तरह मड़ेली के रहने वाले रोशन कुमार ग्रामसभा में प्रस्ताव के बावजूद पट्टा नही दिया गया है।

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने बताया कि इन मामलों की शिकायत बाद भी इस पर कोई कारर्वाई नहीं की जा रही है। सर्वआदिवासी समाज के संज्ञान में आने के बाद पीड़ित परिवारों के साथ इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है. वहीं कार्रवाई नहीं होने पर उन्होने आंदोलन करने की बात कही है। इधर कलेक्टर पीएस एल्मा ने एक सप्ताह के भीतर जांच के बाद उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष महेश रावटे, कमल नारायण ध्रुव, गजानंद मंडावी, माधव सिंह ठाकुर पूर्व जनपद अध्यक्ष मगरलोड, अशोक मेश्राम, ओमप्रकाश कंवर, वेदप्रकाश ध्रुव, तिजेंद्र मंडावी, हेमंत ध्रुव, खिलेश नेताम, हरिशंकर मरकाम, अर्जुन मंडावी, तीजाराम कुंजाम आदि उपस्थित थे।

 

 

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विस् अध्यक्ष डॉ. महंत ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति जाने माने वैज्ञानिक और अभियंता डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

विस् अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ‘मिसाइल मैन’ और जनता के राष्ट्रपति’ के नाम से भी जाना जाते है। वह भारत के 11वें निर्वाचित और पहले गैर-राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति थे। भारत सरकार ने साल 1997 में कलाम साहब को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न‘ भी प्रदान किया गया जो उनके वैज्ञानिक अनुसंधानों और भारत में तकनीकी के विकास में अभूतपूर्व योगदान हेतु दिया गया था।

डॉ. कलाम साल 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में आये थे, जहाँ उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी 3 के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे जुलाई 1982 में रोहिणी उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया था। भारत सरकार द्वारा उन्हें 1981 में ‘पद्म भूषण’ और 1990 में ‘पद्म विभूषण’ सम्मान भी प्रदान किया गया था। जुलाई 1992 में वे भारतीय रक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त हुये। उनकी देखरेख में भारत ने 1998 में पोखरण में अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया और परमाणु शक्ति से संपन्न राष्ट्रों की सूची में शामिल हुआ, ऐसे महान व्यक्तित्व को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

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