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कैरियर कॉउंसलिंग और समस्या का होगा समाधान

रायपुर (छ.ग. दर्पण) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के संदर्भ में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने हेल्पलाईन नंबर जारी कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से मिली जानकारी के अनुसार हेल्पलाईन में मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और कैरियर कॉउंसलर द्वारा परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम के भय से होने वाले तनाव का प्रबंधन एवं आगामी कक्षा में विषयों के चयन के संबंध में परामर्श (कैरियर कॉउंसलिंग)  मनोचिकित्सक व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाती शर्मा, श्री तरूण कुकरेजा, सुश्री एन. कुरियन, डॉ0 वर्षा वरवंडकर की उपस्थिति में समस्या समाधान व कैरियर कॉउंसलिंग किया जा रहा है। हेल्पलाईन का संचालन उप सचिव श्री जे.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में एवं हेल्पलाईन समन्वयक सहायक प्राध्यापक प्रदीप कुमार साहू के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक श्रीमती अलका दानी, श्रीमती प्रीति शुक्ला, श्री राजेन्द्र दुबे, श्रीमती अनिता सौंधी और डॉ. अर्चना वर्मा के सहयोग से किया जा रहा है। हेल्पलाईन में विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक 13 मई से 23 मई तक प्रातः 10ः30 से सायं 5ः00 बजे तक हेल्पलाईन में मण्डल के टोल फ्री नम्बर 18002334363 पर अपनी समस्याओं का समाधान व कॉउंसलिंग कर सकते हैं। 14 मई को दसवीं व बारहवीं की रिजल्ट घोषित होते ही हेल्पलाईन में लगातार 356 लोगों की समस्या का समाधान सुगमता से किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही अन्य राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और गुजरात से भी हेल्पलाईन नंबर पर परीक्षा परिणाम के भय से होने वाले तनाव का प्रबंधन के संबंध में परामर्श प्राप्त किया गया।

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कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए 11 करोड़ 93 लाख रूपए की राशि आबंटित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 11 करोड़ 93 लाख रूपए की राशि का आबंटन किया गया है। अनुदान सहायता राशि भुगतान आश्रितों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश कलेक्टरों को दिये गये है।  

राज्य आपदा निधि से कोविड 19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता अनुदान प्रदान करने के लिए रायपुर जिले के लिए 5 करोड़ रूपए, बलौदाबाजार को 45 लाख रुपए, गरियाबंद को 8 लाख 50 हजार रूपए, धमतरी को 50 लाख रूपए, महासमुन्द को 70 लाख, बिलासपुर को 45 लाख रूपए, मुंगेली को 9 लाख, कोरबा को 50 लाख रूपए, जांजगीर-चांपा को 30 लाख रूपए, रायगढ़ को 36 लाख 50 हजार, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को 5 लाख रूपए, कोण्डागांव को 11 लाख रूपए, कांकेर को 4 लाख 50 हजार दंतेवाड़ा को 10 लाख रूपए, सुकमा को 1 लाख 50 हजार, नारायणपुर को 1 लाख रूपए, बीजापुर को 3 लाख 50 हजार रूपए, सरगुजा को 25 लाख रूपए, सूरजपुर को 16 लाख रूपए, बलरामपुर को 5 लाख 50 हजार रूपए, कोरिया को 17 लाख रूपए, जशपुर को 6 लाख रूपए, दुर्ग एक करोड़ 50 लाख रूपए, राजनांदगांव को 1 में7 लाख रूपए, बालोद को 42 लाख 50 हजार रूपए, बेमेतरा को 13 लाख 50 हजार रूपए और कबीरधाम को 20 लाख रूपए आबंटित की गई है।

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हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित

 

मुख्यमंत्री श्री बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने सफल विद्यार्थियों को दी बधाई

हाई स्कूल में 74.23 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी 79.30 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण

हाई स्कूल में बालिकाओं का प्रतिशत 79.84 और बालकों का प्रतिशत 69.07

हायर सेकेण्डरी में बालिकाओं का प्रतिशत 81.15 और बालकों का प्रतिशत 77.03

शैक्षणेत्तर गतिविधियों में कुल 3 हजार 214 छात्रों को बोनस अंक

 

रायपुर (छ.ग. दर्पण) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाई स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2022 का परिणाम आज स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा घोषित किया गया। हाई स्कूल में 74.23 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी स्कूल में 79.30 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। हाई स्कूल में बालिकाओं का प्रतिशत 78.84 और बालकों का प्रतिशत 69.07 प्रतिशत है। इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी परीक्षा में बालिकाओं का प्रतिशत 81.15 और बालकों का प्रतिशत 77.03 प्रतिशत है।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने परीक्षा में सफल सभी परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों से कहा है कि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है इसको ध्यान में रखते हुए वे निराश न हों और पुनः मेहनत से पढ़ाई करके सफलता प्राप्त करें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव प्रोफेसर व्ही.के.गोयल, मंडल के सदस्य एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  


हाई स्कूल की मुख्य परीक्षा में कुल 3 लाख 75 हजार 694 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 3 लाख 63 हजार 301 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से एक लाख 71 हजार 539 बालक और एक लाख 91 हजार 762 बालिकाएं शामिल हुई। हाई स्कूल की परीक्षा में 3 लाख 63 हजार 007 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए। घोषित परीक्षा परिणाम में से 2 लाख 69 हजार 478 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। प्रथम श्रेणी में एक लाख 32 हजार 047 (36.38 प्रतिशत) उत्तीर्ण, द्वितीय श्रेणी मंे एक लाख 18 हजार 130(32.54 प्रतिशत) उत्तीर्ण और तृतीय श्रेणी में 19 हजार 270 (5.31 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। 31 परीक्षार्थी पास श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं और 15 हजार 983 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है। विभिन्न कारणों से 294 परीक्षार्थियों के परिणाम रोके गए हैं, इनमें 115 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण रोके गए हैं और 134 परीक्षार्थी का पात्रता के अभाव में परीक्षा आवेदन निरस्त किए गए हैं, 17 परीक्षार्थियों के  परीक्षा परिणाम जांच की श्रेणी में रोका गया है। इसके अतिरिक्त 28 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।


स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.टेकाम ने बताया कि वर्ष 2020 की हाई स्कूल की मुख्य परीक्षा का परिणाम 73.62 था। इस प्रकार गतवर्ष से इस वर्ष के परीक्षा परिणाम में 0.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2022 में 2 लाख 92 हजार 611 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 2 लाख 87 हजार 673 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इनमें से एक लाख 29 हजार 213 बालक और एक लाख 58 हजार 460 बालिकाएं सम्मिलित हुई। इनमें से 2 लाख 87 हजार 485 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए और 2 लाख 27 हजार 991 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। प्रथम श्रेणी में 85 हजार 124 (29.60 प्रतिशत), द्वितीय श्रेणी में एक लाख 31 हजार 549 (45.75 प्रतिशत) और तृतीय श्रेणी में 11 हजार 303 (3.93 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पास श्रेणी में 15 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं और 34 हजार 199 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है। विभिन्न कारणों से 188 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम रोके गए हैं, इनमें नकल के कारण 07 के परिणाम रोके गए हैं। पात्रता के अभाव में 171 परीक्षार्थी के आवेदन निरस्त किए गए और 04 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम जांच की श्रेणी में रोका गया है। इसके अतिरिक्त 06  परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।


स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.टेकाम ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर 2022 की मुख्य परीक्षा में समस्त मान्यता प्राप्त संस्थाओं को परीक्षा केन्द्र बनाया गया, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। इस प्रकार प्रदेश में हाई स्कूल परीक्षा में 6 हजार 743, हायर सेकेण्डरी में 4 हजार 43 परीक्षा केन्द्र और 29 समन्वय केन्द्र बनाए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार शैक्षणेत्तर गतिविधियों में हाई स्कूल परीक्षा में 1571 और हायर सेकेण्डरी में 1643 सहित कुल 3 हजार 214 विद्यार्थियों को बोनस अंक प्रदान किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार प्रावीण्य सूची में शैक्षणेत्तर गतिविधियों के अंक नही जोड़े जाने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष बोनस अंक को छो़ड़कर अस्थाई प्रावीण्य सूची तैयार की गई है।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नामांतरण प्रक्रिया को बनाया गया सरल एवं समयबद्ध

 राज्य सरकार का आम जनता के हित में एक और महत्वपूर्ण कदम

छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के प्रावधानों में किया गया संशोधन

आवेदन प्राप्त होने के 07 दिवस के भीतर पटवारी पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन अग्रेषित करेंगे

हितग्राहियों को एसएमएस के माध्यम से प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी भेजी जाएगी

तहसीलदार द्वारा पक्षकारों को सूचना जारी करने तथा दावा-आपत्ति आमंत्रित करने के लिए भी निर्धारित की गई समय-सीमा

अविवादित नामांतरण के प्रकरण का निर्धारित समयावधि में निराकरण नहीं होने पर संबंधितों के विरूद्ध  छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधान होंगे लागू

नामांतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन: लोगों को नहीं लगाना पड़ेगा कार्यालय का चक्कर

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नामांतरण की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के प्रावधानों में संशोधन किए गए हैं। संशोधन के अनुसार अब नामांतरण का आवेदन प्राप्त होने के 07 दिवस के भीतर पटवारी जांच प्रतिवेदन संलग्न कर ई-नामांतरण पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन अग्रेषित करेंगे। पटवारी द्वारा विलंब किए जाने पर प्रकरण स्वतः अग्रेषित हो जाएगा। हितग्राहियों को नामांतरण प्रक्रिया के दौरान एसएमएस से सूचना भेजी जाएगी। तहसीलदार द्वारा पक्षकारों को सूचना जारी करने तथा दावा आपत्ति आमंत्रित करने के लिए भी समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। इसी प्रकार अविवादित नामांतरण के प्रकरण का निर्धारित समयावधि में निराकरण नहीं होने पर संबंधितों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।

वर्तमान में किए गए संशोधन के अनुसार, नियमों में भूमि स्वामी को पंजीयन के समय ही नामांतरण के विषय में ग्राम पंचायत या तहसील कार्यालय का विकल्प दिया गया है। भूमि स्वामियों को एसएमएस के माध्यम से उनके मोबाइल फोन पर सूचना भी प्रदान किया जाएगा। पंजीयन के तत्काल बाद, इसकी सूचना तत्क्षण संबंधित हल्का पटवारी राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार की ऑनलाइन आईडी में भेज दिया जाएगा। इस सूचना पर पटवारी के द्वारा सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन संलग्न कर इसे अग्रेषित किया जाएगा। पटवारी द्वारा विलंब किए जाने पर प्रकरण स्वतः अग्रेषित भी हो सकेगा। तहसीलदार द्वारा आम सूचना हेतु इश्तहार प्रकाशित किया जाएगा, जिससे 15 दिवस के भीतर दावा आपत्ति प्रस्तुत किए जा सकेंगे। तत्पश्चात आदेश पारित किया जाएगा, जिसके पालन में बी-वन, खसरा, नक्शा एवं किसान किताब को अद्यतन करके सत्यापित किया जाएगा। इसकी सूचना भी हितग्राही को एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रावधानित समय सीमा से बाहर होने पर, उक्त प्रकरण की सूचना हितग्राही को और पीठासीन अधिकारी को एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो सकेगी। इस विषय में राज्य सरकार ने सभी संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर को आवश्यक निर्देश भी प्रसारित किए हैं।

नामांतरण के प्रकरणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी। राजस्व पखवाड़ा का आयोजन कर के हितग्राहियों को अद्यतन अभिलेख की प्रति प्रदान की जा सकेगी। गिरदावरी के समय राजस्व अभिलेख को ग्राम वार पढ़कर सुनाया भी जाएगा। नामांतरण की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध करने की दिशा में राज्य शासन द्वारा यह महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के तहत भूमि स्वामियों को अपनी भूमि का खरीद बिक्री आदि के माध्यम से अंतरण करने का अधिकार है। संयुक्त परिवार के विभाजन के फल स्वरुप भी स्वामित्व में परिवर्तन होता है। भूमि स्वामी द्वारा भविष्य में होने वाले पारिवारिक विवाद के निराकरण हेतु भी अपने जीवन काल में ही बटवारा भी किया जाता है। भूमिस्वामी की मृत्यु होने पर भी अभिलेख में सुधार की जरूरत होती है। इन समस्त परिस्थितियों में भूमि से संबंधित राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करना आवश्यक होता है। राज्य की इस जिम्मेदारी के प्रति राजस्व विभाग संवेदनशील है, यद्यपि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत राजस्व विभाग के कुछ सेवाओं को अधिसूचित किया गया है, किंतु इसके बावजूद भूमि स्वामियों के भूमि अंतरण संबंधित सेवाओं में समय सीमा के भीतर कई बार कार्यवाही नहीं होती है। इसे ध्यान में रखते हुए नामांतरण के नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

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मनोज खरे ने संभाला डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक का पदभार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के नए प्रबंध निदेशक मनोज खरे नियुक्त किये गए हैं। राज्य शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। शुक्रवार शाम उन्होंने प्रबंध निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया।

ऊर्जा विभाग से जारी आदेश के अनुसार में उनकी नियुक्ति आगामी एक वर्ष तक या आगामी आदेश पर्यंत तक की गई है। मनोज खरे वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत हैं। खरे ने राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की रीति-नीति के अनुरूप सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

मनोज खरे का नाम म. प्र. विद्युत मंडल के समय से अग्रणी और ज्ञानसंपन्न अभियंताओं में शुमार होता रहा है। मनोज खरे ने मध्यप्रदेश के शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय रीवा से बीई की डिग्री अर्जित की है। 1983 से मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में विभिन्न पदों पर सेवाएं देते आ रहे हैं। वे एलएलबी की उपाधि अर्जित कर चुके हैं।

देश के विद्युत क्षेत्र के बारे में गहरा ज्ञान रखने वाले मनोज खरे को छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों के लोगों में टेंडर प्रक्रिया और पॉवर सेक्टर कानूनों का जानकार माना जाता है।

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आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में श्रम विभाग को जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मिला पुरस्कार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) नई दिल्ली में आयोजित आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में श्रम विभाग को श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित करने के लिए आत्मनिर्भर भारत समिट में राजभवन के सचिव और श्रम विभाग के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। श्री खलखो ने आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में किए जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। साथ ही भविष्य में छत्तीसगढ़ की योजनाओं को लेकर भी अपने अनुभव साझा किए। आत्म निर्भर भारत सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में हुआ, जिसमें भारत सरकार के सचिव श्री यू.पी. सिंह, केंद्र सरकार एडिशनल सेक्रेटरी श्री संजय जाजू, ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री बी. पुरूषार्थ, सी.ई.ओ. श्री डॉ. अभिषेक सिंह, एन.आई.सी. की डायरेक्टर जनरल श्रीमती नीता वर्मा, इलेट्स समूह के सी.ई.ओ. डॉ रवि गुप्ता समेत देशभर के कई राज्यों से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। 
श्री खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे है, जिसमें संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिक आवश्यक न्यूनतम दस्तावेजों के साथ पोर्टल में स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं। इनके लिए एकीकृत श्रम पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है। पी.डी.एस. डाटाबेस का उपयोग करके श्रमिक पंजीकरण का कार्य किया गया। श्रम विभाग की अधिकांश सेवाएं लोक सेवा अधिनियम के अंतर्गत आती हैं और एक निर्धारित समय के भीतर प्रदान की जाती हैं। विभाग द्वारा प्रवासी श्रमिक पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पहले इसे ऑफलाइन किया जा रहा था लेकिन अब  इसे ऑनलाईन भी किया गया है। 148 ब्लॉकों में श्रम संसाधन केंद्र खोले गए हैं। मातृत्व लाभ और सामाजिक योजनाओं और उसके लाभों के बारे में श्रमिकों के बीच जागरूकता लाई जा रही है। महिला प्रवासी कामगारों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद की जा रही है। बच्चों को उचित औपचारिक शिक्षा देने के लिए श्रम मित्र योजना और शैक्षणिक छात्रवृति योजना चालू की गई है। मजदूरों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए हेल्पलाईन के माध्यम से सहायता दी जा रही है। इलेट्स समूह द्वारा आयोजन कमेटी की ओर से श्री मयंक ठाकुर ने श्रम विभाग के सचिव श्री अमृत खलखो से मुलाकात कर यह प्रशस्ति पत्र आज भेंट किया।

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