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सफलता की कहानी : जनमन पाकर खिले कलेक्टोरेट आने वाले आगंतुकों के चेहरे

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासन के निर्देशानुसार सप्ताह का पहला दिन सोमवार आमजनता के लिए समर्पित होता है। फरियादी अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंचते हैं और कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आवेदन प्रस्तुत करते हैं। जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रत्येक सोमवार को मासिक पत्रिका जनमन का वितरण आगंतुकों व आवेदकों को किया जाता है। इसी क्रम में आज आए जिला कार्यालय में पहुंचे आवेदकों को जनमन पत्रिका के साथ-साथ न्याय का छत्तीसगढ़ मॉडल नामक जिला विकास पुस्तिका का वितरण कलेक्टर पी.एस. एल्मा के मार्गदर्शन में किया गया।

धमतरी विकासखंड के ग्राम बागोडार से पहुंचे आवेदक विजय नेताम, दिनेश नेताम, निहालीराम ध्रुव और परदेशी यादव को यह पत्रिका नि:शुल्क भेंट की गई। जब उन्हें बताया गया कि यह बिलकुल नि:शुल्क है, तो उन लोगों ने एक-एक अतिरिक्त प्रति मांगी, ताकि पड़ोसियों और बच्चों को भी इसे सुलभ कराई जा सके। जनमन पत्रिका को उलट-पलटकर अवलोकन करते हुए नेताम ने कहा कि यह पत्रिका शासन का आइना है और इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकां योजनाओं की झलक है। उन्होंने पत्रिका को काफी उपयोगी बताते हुए आभार जताया। इसी प्रकार इसी ग्राम के निवासी निहालीराम ने कहा कि मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात कार्यक्रम की जानकारी इससे मिली। उन्होंने इस कार्यक्रम को नवाचार बताते हुए जनता से प्रत्यक्ष संवाद का बेहतर माध्यम बताया। 

स्थानीय जालमपुर वार्ड और महिमासागर वार्ड से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवेदन देने आईं महिलाएं जो जैविक खाद तैयार करती हैं, जनमन पत्रिका पाकर उनके चेहर खिल उठे। उन्होंने एक पंथ और दो काज की संज्ञा देते हुए कहा कि यहां वे आवेदन देने आई थीं, लेकिन यह पत्रिका मिल गई। रामेश्वरी व शकुंतला देवी, गणेशिया बाई और झामिन बाई ने सरसरी तौर पर पढ़ते हुए कहा कि पत्रिका से उन्हें प्रदेश सरकार की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी मिली। उनके साथ आई महिमासागर वार्ड की मती गिरिजा साहू, लीला निषाद, रीना देवांगन, रूखमणि पटेल, दिव्या पटेल, मालती नायक, कौशल्या नायक, ललिता बाई ने कहा कि पत्रिका को घर जाकर परिवार के अन्य सदस्यों को भी देंगी, जिससे प्रदेश सरकार की योजनाओं और कामों की जानकारी मिल सके। इसके अलावा आज आने वाले आवेदकों को यह पत्रिका नि:शुल्क वितरित की गई, जिसे पाकर उनके चेहरे खिल उठे।

 
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गौ-रक्षा की जाप जपने वाले बताएं बेजुबानों की मौत का जिम्मेदार कौन : धरमलाल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व अध्य़़क्ष/पूर्व नेताप्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा, विधायक-बिल्हा धरमलाल कौशिक ने विकासखण्ड पथरियां जिला मुंगेली में हुए 17 से अधिक मवेशियों की मौतों पर दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की।

धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिला मुगेंली में हुए 17 से अधिक गायों की मौत की घटना अत्यंत दुःखद है। यह केवल अकेली घटना नहीं है। गौ रक्षा की जाप जापने वाली कांग्रेस सरकार के शासन काल में लगातार कई मवेशियों की मौत हो रही हैं, तो कहीं गौ तस्करों व माफियों का अत्याचार का मामला सामने आ रहा है। मवेशी तस्करों का अत्याचार इस कदर बढ़ चुका हैं, कि बेजुबानों को भूखे-प्यासें, कीचड़ो में रखकर उन्हे तड़पाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा हैं, जिससे उनकी मौत हो जा रही है।

उन्होनें कहा कि इस हैवनियत की हदें पार करने वाले दोषियों पर क्रुर पशु अधिनियम के तहत सक्त से सक्तो कार्यवाही भूपेश बघेल सरकार को करनी चाहिए। उन्होनें कहा की गौ-रक्षा के नाम पर प्रदेश की जनता से झूठ कहने एवं छलने वाली कांग्रेस सरकार हजारों गौ-हत्या की जिम्मेदार हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार गौ-माता के नाम पर तुच्छ राजनीतीक का खेल कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कभी मांफ नहीं करेगी। प्रदेश की कांग्रेस सरकार केवल गौठन के गुणगान और गौ-रक्षा की हवा-हवाई बातें करती है, जबकि आलम यह है कि प्रदेश में लगातार पशु तस्क-र एवं पशु माफिया पैर पसार रहे है।

 

 

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कांग्रेस संचार विभाग का दावा, गंगाजल का नाम लेकर भ्रम फैला रही है भाजपा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस संचार विभाग ने प्रदेश भाजपा पर भ्रम फैलाने का दावा किया है। कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि भाजपा के नेता प्रदेशभर घूम-घूम कर गंगाजल के नाम पर झूठ फैलाने का काम कर रहे है। गंगाजल सम्मान यात्रा निकालकर भाजपा द्वारा कांग्रेस के हर वायदे के लिये यह दुष्प्रचार किया जा रहा कि कांग्रेस ने गंगाजल लेकर वायदा किया था भाजपा के नेता बेशर्मी पूर्वक गंगाजल का नाम लेकर झूठ बोल रहे है।

इसी राजीव भवन के इसी पत्रकारवार्ता कक्ष में 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले एक पत्रकारवार्ता में ”गंगाजल को साक्षी मानकर कांग्रेस के नेताओं ने संकल्प लिया था कि हमारी सरकार बनने पर किसानों का कर्जा माफ करेंगे“। यह संकल्प सिर्फ किसानों के कर्जामाफी का था।

इस पत्रकारवार्ता में उस समय के कांग्रेस के नेता आर.पी.एन सिंह तत्कालीन राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल, राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेरा, तत्कालीन कांग्रेस के मीडिया चेयरमेन शैलेष नितिन त्रिवेदी वर्तमान चेयरमेन सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्ता आर.पी. सिंह सहित कांग्रेस के प्रवक्तागण उपस्थित थे। इनमें से आर.पी.एन सिंह अब भाजपा में और जयवीर शेरगिल भी कांग्रेस में नहीं है।

गंगाजल लेकर कसम खाने या संकल्प लेने की नौबत क्यों आई? यह नौबत भी भाजपा के द्वारा फैलाये गये झूठ वायदे के कारण आई थी। भाजपा के आईटी सेल ने सोशल मीडिया में एक फर्जी पत्र वायरल किया था। जिसमें उस समय के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन का फर्जी लेटर पैड था और तत्कालीन मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी के हस्ताक्षर से बनाया गया था। इस फर्जी पत्र में कहा गया था कि किसानों की कर्जामाफी की बात घोषणा पत्र में जो है वह गलत है इस पर ज्यादा जोर नहीं देना है। भाजपा के इस फर्जी वादे को बेनकाब करने के लिये उक्त पत्रकारवार्ता लेना पड़ा था जिसमें सिर्फ कर्जामाफी की बाते हुई थी।

हमारा घोषणा पत्र कांग्रेस के लिये पवित्र दस्तावेज के समान है। हम अपने घोषणा पत्र के सभी 36 वायदो को पूरा करने प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार ने अपने घोषणा पत्र के 90 प्रतिशत वायदों को पूरा कर दिया है। इससे तिलमिला कर भाजपा गंगाजल का नाम लेकर झूठ बोल रही है। विशेषतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, भाजपा अध्यक्ष अरूण साव, नेता प्रतिपक्ष इस झूठ को फैला रहे।

प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने कहा कि भाजपा झूठ बोल रही है कि कांग्रेस ने सभी वायदो के लिये गंगाजल की कसम खाया था। भारतीय जनता पार्टी में साहस है उनमें गंगाजल के प्रति सम्मान है तो भाजपा के नेता हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाये कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र के सभी वायदो के लिये गंगाजल लेकर कसम खाया था। इनमें साहस नहीं है ऐसा करने का क्योंकि ये लोग गंगाजल के नाम पर झूठ बोल रहे है। हम भाजपा नेताओं को गंगाजल उपलब्ध करवा देंगे।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी.सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी झूठ बोलकर राजनीति करना चाहती है। लगातार भ्रम फैलाना भाजपा की फितरत बन गयी। इनके राष्ट्रीय नेता झूठ बोलते है स्मृति इरानी सरेआम झूठ बोला कि भारत जोड़ो यात्रा के पहले राजीव गांधी स्वामी विवेकानंद के स्मारक पर नहीं गये जबकि हकीकत यह थी कि राहुल गांधी अपने पिता के सामाधि पर जाने के पहले स्वामी जी को शीश नवाने गये थे। राहुल गांधी के साथ चलने वाली लड़की के बारे में गलत एवं भ्रामक दावे किये गये। राजनैतिक की पराकाष्ठा तो तब हो गयी जब सगी भांजी के बारे में भाजपा के एक प्रदेश तमिलनाडु के आईटी सेल के अध्यक्ष ने गलत कोट किया था। इसके पहले ट्वीट पर संबित पात्रा ने गलत सामाग्री पोस्ट किया था। जिसको पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने उस फर्जी दस्तावेज को शेयर किया था। जिसे ट्वीट ने मेन्यूप्लेट मीडिया घोषित किया था। भारतीय जनता पार्टी अपने जन्म से झूठ और फरेब की राजनीति करती है। इनका सूत्र वाक्य है कि एक झूठ को बार-बार बोलो तो लोग भ्रम में पड़कर सच मानने लगेंगे। गंगाजल की कसम में भी यही हो रहा है।

पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि लेटर पैड किसी और का हस्ताक्षर किसी और का कर्जमाफी के लिये भाजपा का झूठ का सहारा ले रही है। झूठ बोलने के लिये गंगाजल जबकि गंगाजल को पवित्र माना जाता है। यह राजनीति में स्वीकार्य नहीं है। यह छत्तीसगढ़ को स्वीकार्य नहीं है। रमन सिंह जी को पता है। ठीक से पता है क्यों गंगाजल की शपथ ली गयी। सिर्फ राजनैतिक फायदे के लिये दुष्प्रचार करना असत्य कथन करना स्वीकार्य और भ्रम फैलाने के लिये झूठ का सहारा लेना गलत है। जो नहीं हुआ है उसे बार-बार बोलकर असत्य कथन करना बदनीयति से अशांति फैलाने के लिये झूठ का सहारा लेना गलत बयानी के लिये गलत है। इस लिये रमन सिंह को कानूनी नोटिस दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों का कर्जा माफ कर गंगाजल का सम्मान किया पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कर रहे हैं अपमान भाजपा के नेता गंगाजल का सम्मान करते हैं तो हाथ में गंगाजल लेकर आरोप लगाये कि कांग्रेस ने शराबबंदी के लिए गंगाजल उठाई थी? भाजपा गंगाजल सम्मान कार्यक्रम की आड़ में अपने झूठ और प्रपंच की राजनीति कर पवित्र गंगाजल का अपमान कर रहे है। भाजपा के नेता वास्तविक में गंगाजल का सम्मान करते हैं वो हाथ में गंगाजल उठाकर कांग्रेस पर आरोप लगाए कि कांग्रेस ने गंगाजल हाथ में उठाकर शराबबंदी का वादा किया था और सबूत प्रस्तुत करें। गंगाजल सम्मान कार्यक्रम में जिस प्रकार से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस पर गंगाजल पकड़ कर शराबबंदी करने और बेरोजगारी भत्ता देने का आरोप लगाया है वह पूरी तरीके से झूठ और भाजपा का प्रपंच है।

कांग्रेस नेताओं ने हाथ में गंगाजल उठाकर सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया था जिसे मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद भूपेश बघेल ने 2 घंटा के भीतर पूरा किया और प्रदेश के 20 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है। कांग्रेस के 36 बिंदुओं के घोषणा पत्र में  कहीं भी बेरोजगारी भत्ता जैसे शब्दों का उल्लेख ही नहीं है बल्कि 2003 में भाजपा ने सरकार बनने पर 12वीं पास युवाओं को 500 रु महीना बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था और 15 साल नहीं दिया था।

कांग्रेस रोजगार देने पर विश्वास करती है और कांग्रेस के घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 14 में घर-घर रोजगार, हर घर रोजगार योजना बनाकर राजीव गांधी मितान क्लब के माध्यम से युवाओं को सामाजिक कार्यों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़कर 2500 रु कमाने का अवसर देने का वादा किया जिसे प्रदेश में 13269 क्लब के माध्यम से युवाओं को जोड़कर पूरा किया गया है। भाजपा जो छत्तीसगढ़ में मुद्दाविहीन हो चुकी है, जनसमर्थन खो चुकी है जिनका 15 साल का कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार एवं किसानों की आत्महत्या की घटनाओं एवं शराब का सरकारीकरण करने गांव-गांव शराब दुकान खोलने से भरा काला इतिहास है। वह अब गंगाजल सम्मान की आड़ लेकर गंगाजल का ही अपमान कर रही हैं। भाजपा नेताओं को गंगाजल की आड़ लेकर अपने झूठ की राजनीति करने के लिए मां गंगा एवं प्रदेश की 3 करोड़ जनता से माफी मांगना चाहिए।

कांग्रेस पार्टी उनके इस झूठ के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। नोटिस दिया जायेग, माफी मांगने की मांग करेंगे, फिर भी नहीं माने तो रिपोर्ट दर्ज कराया जायेगा।

पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, प्रदेश कांग्रेस विधि विभाग के अध्यक्ष देवा देवांगन, नितिन भंसाली, प्रकाश मणी वैष्णव उपस्थित थे।

 

 

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धुर नक्सली क्षेत्र में पहुंचे विधायक कलेक्टर एवं एसपी

 सरपंच एवं ग्रामीणों ने अज्ञात बीमारी से मौत की खबर को नकारा

बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भैरमगढ़ ब्लाक के सुदूर एवं धुर नक्सली क्षेत्र के नाम से विख्यात नदी उसपार के गांवों में अज्ञात बीमारी से 39 लोगों की मौत की खबर मीडिया में लगातार प्रसारित होने पर 23 सितम्बर को 20 स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं चिकित्सक टीम 14 किलोमीटर पैदल चलकर सुदूर क्षेत्रों में पहुंची जहां ऐसी किसी भी बीमारी से मौत की पुष्टि नही हुई है। अभी भी कुछ रिपोर्ट आना बाकी है। स्वास्थ्य अमला अभी भी गांव में हैं, विधायक  विक्रम शाह मंडावी, कलेक्टर  राजेन्द्र कुमार कटारा एवं एसपी  आंजनेय वार्ष्णेय ने वास्तविक स्थिति को जानने सुदूर नक्सली क्षेत्रों में मोटर साईकिल के  से इन्द्रावती नदी किनारे गांव उसपरी पहूंचे जो ग्राम पंचायत ईतामपारा का एक गांव है। नदी उस पार की जानकारी देते हुऐ सरपंच, उपसरपंच एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने बताया कि किसी भी प्रकार की अज्ञात बीमारी से लोगों की मृत्यु नहीं हुई एक व्यक्ति की मृत्यु 5 अगस्त को सांप काटने से हुई, 19 जून को एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर अपनी जान दी। वहीं एक 70 वर्षीय वृद्ध 16 सितम्बर को बेडपल्ली दो प्राकृतिक मृत्यु हुई, 40 वर्षीय एक व्यक्ति को अन्य बीमारी के कारण मृत्यु हुई जो 22 सितम्बर को हुई। वहीं लंबी बीमारी एवं पेट दर्द के कारण दो लोगों की मृत्यु 16 एवं 17 सितम्बर को हुई है। 16 सितम्बर को ही एक वृद्ध की प्राकृतिक मृत्यु हुई। इसी तरह ग्राम बैल में टीबी एवं आत्महत्या से विगत दो माह में तीन मौत हुई है। मर्रामेटा में कुल दो मौत हुई जिसमें केवल एक व्यक्ति के शरीर में सूजन देखा गया है। इसी तरह बीमारी, आत्महत्या एवं प्राकृतिक मौते हुई किन्तु अज्ञात बीमारी से 39 लोगों की मौत की तथ्यात्मक पुष्टि नहीं हुई अभी कुछ और रिपोर्ट आना शेष है। जिससे स्थिति पूर्ण रूप से स्पष्ट हो पाएगी।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य अमला द्वारा लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में अस्थायी कैम्प लगाकर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है। किसी भी प्रकार के संक्रामक एवं मौसमी बीमारी को मद्देनजर रखते हुए तत्परता से सुदूर एवं दूरस्थ अंचलो में मीलो दूर पैदल चलकर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती है।

कुछ दिनों पहले इसी तरह मीडिया के खबर प्रकाशित होने पर कलेक्टर द्वारा 12 एवं 13 अगस्त  को ग्राम ताकीलोड़ में कैम्प लगाकर आस-पास के लगभग 165 लोगों का स्वास्थ्य जांच एवं उपचार त्वरित किया गया था। जिसमें मलेरिया के 9 मरीज, 6 एनीमिया, 7 गर्भवती माताओं का परीक्षण एवं बच्चों का वैक्सीनेशन किया गया था। भारी बारिश के वजह से पूरे स्वास्थ्य अमला इन गांवों में 7 दिनों तक स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीणों को उपलब्ध करायी फिर नगरसेना की टीम द्वारा स्वास्थ्य अमला की रेस्क्यू कर वापस लाया गया। इस घटना के संदर्भ में 11 अगस्त को मीडीया के समाचार प्रकाशित हुई थी कि 3 लोगों का अज्ञात बीमारी से मौत वास्तविक स्थिति मौके पर पता चला कि दो लोग उम्र दराज होने से प्राकृतिक मौत हुई वहीं एक बच्चे की मौत अन्य बीमारी से होने की जानकारी मिली है।

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नन्हें सितारों, म्यूजिकल हाउजी व डांस बेटल के शानदार प्रदर्शन से आमने आई अग्र प्रतिभाये

 जुट मिल जोन ने की महाराजा अग्रसेन की ऐतिहासिक गंगा आरती

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शुक्रवार को आडिटोरियम में देर रात अग्र समाज के बच्चों के लिए रंगारंग कार्यक्रम नन्हें सितारे म्यूजिकल हाऊजी डांस बैटल का आयोजन किया गया द्य देर रात तक चले इस आयोजन को लेकर अग्र समाज से जुड़े बंधुओ में जबरदस्त उत्साह रहा। पिछले कई दिनों से चल रही तैयारिया आज मंच पर सार्थक नजर आई। आज के आयोजनों में अग्र समाज से जुड़े लोगो के शानदार अभिनय क्षमता ने मौजूद लोगो को आश्चर्यचकित कर दिया। आयोजनों के जज भी ऐसे प्रदर्शन को देख दांत तले उंगली दबाए बिना नहीं रह सके।

आडिटोरियम में शाम चार बजे अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन प्रभारी ऐश अग्रवाल, तरुण अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, शाश्वत मित्तल, शुभम अग्रवाल, जयेश छपारिया, प्रणव अग्रवाल, राहुल गर्ग के मार्गदर्शन में नन्हें सितारे का रंगारंग आयोजन हुआ। वहीं शाश्वत मित्तल ने बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 28 बच्चों ने भाग लिया  टेलेंट, वॉक, क्विज और प्रस्तुति के चार चरणों में प्रतियोगिता हुई। जिसमें बच्चों ने अपनी कमाल की प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। म्यूजिकल हाउजी कार्यक्रम में मधुर बॉलीवुड गीतों के साथ प्रदर्शन को भी जमकर सराहा गया। म्यूजिकल हाउजी जूटमिल जोन प्रभारी अभिषेक अग्रवाल इंजीनियर, आनंद मोदी, दीपक अग्रवाल जामगांव, विशाल सिंघानिया, अतिश डालमिया, मनीष अग्रवाल गोलू, नवीन अग्रवाल व प्रकाश निगानिया के मार्गदर्शन में भव्य म्यूजिकल हाउजी का रंगारंग कार्यक्रम किया गया। जिसमें अग्र समाज के सभी वर्ग के लोग बॉलीवुड के सुपर हिट मधुर गीतों के साथ निहाल होकर झूमे। वहीं इस कार्यक्रम से आयोजन में चार चांद लग गया।

इसी तरह खास कार्यक्रम डांस बैटल ने भी गजब का समा बांधा। वहीं तीनों रंगारंग प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए द्य महाराजा अग्रसेन फाउंडेशन की पहल से जोन प्रभारी राखी नहाडिया, लता अग्रवाल डोरा, शालू गोयल, अशिता अग्रवाल, कशिश अग्रवाल, राशि अग्रवाल, चाहत अग्रवाल, प्रिया जिंदल के मार्गदर्शन में डांस बैटल का कार्यक्रम रात आठ बजे आडिटोरियम में किया गया। जो बेहद खास रहा प्रतिभागियों की कलात्मक प्रतिभा से उपस्थित सभी लोग मुग्ध हो गए। वहीं इस कार्यक्रम की सभी लोगों ने बेहद सराहना की।

महाराजा अग्रसेन की जीवनी पाठ्य क्रम मे शामिल करने की आवश्यकता : सुनील लेंध्रा

महाराजा अग्रसेन जयंती प्रभारी सुनील लेंध्रा ने कहा कि महाराज अग्रसेन समतावाद तथा समावेशी विकास के अग्रदूत रहे। गरीब हितैषी तथा प्रजा पालक शासक रहे। उन्होंने अपने राज्य में हर वर्ग तथा हर समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद की। उन्होंने एक ईंट तथा एक रुपया देने की अवधारणा का अपने राज्य में गणेश किया। ऐसे महान पराक्रमी तथा प्रजा पालक शासक की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने से आने वाली पीढिय़ां इनके बताए मार्ग का अनुसरण करेगी द्य पाठ्य क्रम में उनकी जीवनी शामिल किए जाने से बच्चों में अपने पूर्वजों के प्रति आदर भावना पैदा होगा।

जूट मिल जोन की गंगा आरती बनी यादगार :


अग्रसेन जयंती आयोजन समिति के तहत पूजा के विशेष आयोजनों में शनिवार की शाम जूटमिल जोन के दो सौ सदस्यों ने विशेष रूप से गंगा आरती की। जूटमिल जोन से जुड़े राजा जैन अरुण गोयल सुशील बंसल ने बताया कि जुट मिल जोन से चार सौ सदस्य पारंपरिक वेश भूषा में भारतीय सभ्यता संस्कृति अनुरुप पीले व सफेद परिधान के साथ पगड़ी पहन भव्य बाजे-गाजे व मधुर भजनों के साथ अग्रोहा भवन में महाराजा अग्रसेन की गंगा आरती के लिए पहुंचे। प्रमुख जन निशान थामे हुए थे। 18 अग्र पुत्र व अग्र वधु की जोड़ी गाजे बाजे बच्चों के स्वनिर्मित ढोल के साथ झांकी गौरीशंकर मंदिर से शाम छह बजे अग्रोहा भवन पहुंची। जहां सभी सदस्यों ने गंगा आरती की तर्ज पर सम्मिलित रूप से महाआरती की। पूजा के लिए अग्रोहा भवन पहुंचने पर फूलो व इत्र की वर्षा की गई।

महाराजा अग्रसेन के साथ उनके पिता वल्लभ की खूबसूरत झांकी ने भी सभी के हृदय को प्रसन्नचित किया। वहीं जूट मिल जोन के सदस्यों ने स्व हस्त निर्मित 56 भोग महाराजा अग्रसेन के चरणों में अर्पित करतें हुए प्रसाद के लिए भोग लगाया। गंगा आरती व पूजा-अर्चना के बाद समाज के बच्चों ने नृत्य नाटिका की मनभावन प्रस्तुति दी। जिसे देखकर सभी लोग हर्षित हुए। महाआरती कार्यक्रम के अन्तर्गत रविवार की सुबह अग्र जोन मध्य के सदस्यों ने पूजा अर्चना व महाआरती की इस दौरान जय अग्रसेन जय अग्रोहा के नारे गूंजते रहे। वहीं इस अवसर मधुर भजन के साथ अग्र समाज के सभी सदस्यगण मधुर भजन गीतों के साथ भाव विभोर होकर झूमे। पूजा-अर्चना के इस कार्यक्रम में आयोजन प्रभारी सुनील लेंध्रा, सीमा लेंध्रा, अग्रसेन सेवा संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग लेंध्रा, जयंती आयोजन समिति के उप प्रभारी मुकेश गोयल, समन्वयक निर्मल अग्रवाल, आनंद बेरीवाल बजरंग मित्तल, बजरंग महमिया, प्रमोद चरक, अनिल चीकू, बैजनाथ गोयल, रामअवतार केडिया, सरस गोयल, रेणु गोयल, अनिल गर्ग, मंजू गर्ग, दीपक डोरा, लता डोरा, अजय बेरीवाल, कविता बेरीवाल, कैलाश गर्ग, रेखा महमिया, किरण अग्रवाल, रानू मित्तल, प्रचार प्रसार प्रमुख अधीश रतेरिया कमलेश रतेरिया, दीपक जामगांव सहित अग्र जनों की विशेष उपस्थिति रही।

इंस्टाग्राम ऑनलाइन गेम्स में शिवांगी पालीवाल ने बाजी मारी :

इस प्रतियोगिता में चारों राउंड की मास्टर कैटिगिरी में शिवांगी पालीवाल ने बाजी मारी फस्र्ट

राउंड विनर राशि अग्रवाल को घोषित किया गया सेकंड

राउंड विनर शब्या अग्रवाल को घोषित किया गया थर्ड

राउंड विनर- सुप्रिया अग्रवाल को घोषित किया गया फोर्थ

राउंड विनर शिवम् अग्रवाल को घोषित किया गया:

डांस बैटल में आदया हर्षिता व शनाया ने दिल जीता

डांस बैटल सोलो कैटेगिरी में प्रथम स्थान आदया अग्रवाल, द्वितीय स्थान कुणाल मोदी, तृतीय स्थान विवान बंसल वहीं ड्यूट केटेगरी में प्रथम स्थान हर्षिता व शनाया, द्वितीय स्थान अर्थ व समर्थ तृतीय स्थान पार्क एवेन्यू ब्लास्टर सांत्वना पुरुस्कार फ्ऱीक डांस ग्रुप को दिया गया।

चल रही प्रतियोगिताएं :


रंगारंग कार्यक्रम के अन्तर्गत आज अग्रोहा भवन में जोन प्रभारी मारवाड़ी युवा मंच रायगढ़ ग्रेटर की पहल से सुबह दस बजे बालक व बालिका वर्ग में रंग भरो प्रतियोगिता जोन मित्र कला महिला समिति के मार्गदर्शन में सुबह 11 बजे सामान्य वर्ग की ब्लाइंड मेकअप प्रतियोगिता अग्रसेन सेवा संघ की पहल से अग्रोहा भवन में विज्ञान प्रदर्शनी मॉडल प्रतियोगिता 11 बजे, जलेबी दौड़ बालक बालिका के मध्य दोपहर 12. 30 बजे अग्रोहा भवन में प्रतियोगिता चल रही है। इसी तरह अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की पहल से शाम चार बजे आडिटोरियम में मिस व मिसेज अग्रवाल की शानदार प्रतियोगिता व रात सात बजे आडिटोरियम में मारवाड़ी युवा मंच रायगढ़ शाखा की पहल से मिस्टर अग्रवाल की यादगार प्रतियोगिता चल रही है।

26 को होगी प्रतियोगिताएं : 

कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में 26 सितम्बर को जोन प्रभारी मित्र कला मंदिर गांधी गंज के अन्नू डालमिया, मनोज बोंदिया, आतिश डालमिया, संजय बोंदिया मानस अग्रवाल, अरुण डामार्गदर्शन में सामान्य वर्ग से दोपहर तीन बजे गांधी गंज में हिट द ग्लास की प्रतियोगिता व अग्रोहा धाम ट्रस्ट जोन प्रभारी प्रेमचंद अग्रवाल, परमानन्द गुप्ता, आनंद बेरीवाल, संतोष अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल चिराग, अरुण मोदी की पहल से सामान्य वर्ग में बैनर स्लोगन समाज में वृद्धजनों का स्थान प्रतियोगिता आयोजित होगी आयोजन को अंतिम रूप देने सभी सदस्य जी जान से जुटे हैं।

 

 

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राहुल ने भाजपाईयों की नींद कर दी हराम : रिजवी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पदयात्री राहुल गांधी की कन्याकुमारी से काश्मीर तक होने वाली पदयात्रा को देश की जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। इस यात्रा की सफलता ने भाजपाइयों की नींद उड़ा दी है। नींद की गोली खाकर भी जागते रहते हैं तथा उनकी आंखों के सामने राहुल गांधी की पदयात्रा ही नजर आ रही है क्योंकि यात्रा के प्रथम दिवस से ही देशवासियों में उत्साह देखते ही बनता है। यात्रा के दौरान भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता जहां-जहां से यात्रा गुजर रही है उसे छुप-छुप कर देख रहे हैं। भाजपा के शब्दकोष में पदयात्रा शब्द का अभाव है। भाजपा तो केवल रथयात्रा में ही विश्वास रखती है। उन्हें पैदल चलने की कठिनाइयों का तजुर्बा ही नहीं है। भाजपाई आराम पसंद लोग हैं और उन्हें पैदल चलने की आदत ही नहीं है, वरन् भाजपा बता दे कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में या उसके बाद स्वतंत्र भारत में कोई भी पदयात्रा क्यों नहीं निकाली?

रिजवी ने आगे यह भी कहा कि राहुल गांधी की इस भारत जोड़ो पदयात्रा ने महात्मा गांधी की दाण्डी यात्रा की याद ताजा कर दी है, जिसने अंग्रेजी हुकूमत को भारत छोड़ने मजबूर कर दिया था। कांग्रेस की पदयात्रा को देशवासियों का ऐतबार, रूझान एवं सहयोग स्पष्ट दिखलाई देता है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने उन्हें इतिहास पुरूष बना दिया है। इस यात्रा के शंखनाद से ही भाजपाईयों को भावी पराजय का पूर्वाभास हो गया है।

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पोस्टर से गायब मरकाम अपनी सीट बचाने पदयात्रा के लिए मजबूर- केदा

 राहुल यात्रा की तर्ज पर गरीबों से कितना फंड बटोरेंगे कांग्रेसी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा महामंत्री तथा पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक मोहन मरकाम की प्रस्तावित पदयात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस के कार्यक्रम में  पोस्टर तक से गायब कांग्रेस अध्यक्ष  राहुल गांधी की पदयात्रा की तर्ज पर अपने विधानसभा क्षेत्र से पद यात्रा निकाल रहे हैं तो वह यह भी बता दें कि जिस तरह केरल में राहुल गांधी की यात्रा के लिए गरीब सब्जी वालों तक से जबरिया फंड वसूला गया, क्या उसी तर्ज पर इस पद यात्रा के लिए फंड बटोरने के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया गया है?

प्रदेश भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार और कांग्रेस का संगठन अंतिम सांसें गिन रहा है। जिस तरह देश में कांग्रेस की हालत खराब है, जर्जर है, उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस के गुब्बारे की हवा निकल चुकी है।सत्ता के साधनों का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस पूरे राज्य में अपने संगठन का कितना भी प्रचार प्रसार कर ले, लेकिन इससे कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है। 4 साल में कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ को जिस तरह से लूटा है, छत्तीसगढ़ की जनता के साथ जिस तरह धोखाधड़ी की है, उसका फल तो कांग्रेस को भुगतना ही होगा।

प्रदेश भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अपनी कोंडागांव सीट भी बचा पाएंगे। बस्तर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने जो धूम मचा दी है, उससे कांग्रेस के हाथ-पैर फूल गए हैं। धड़कनें ऊपर नीचे हो गई हैं। इसलिए घबरा कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को कोंडागांव से दंतेवाड़ा तक पैदल घूमना पड़ रहा है।

 

 

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गोंड़ समाज का प्रदेश स्तरीय युवक युवती परिचय सम्मेलन, 100 से अधिक ने दिया अपना परिचय

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गोंड़ समाज युवा प्रभाग व्दारा गंगरेल स्थित मां अंगारमोती परिसर में प्रदेश स्तरीय युवक युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जिले के अलावा कोण्डागांव, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद सहित अन्य जिलो से तकरीबन 100 से अधिक युवक युवतियां शामिल हुई। इन युवक युवतियों ने सामूहिक रूप से अपना परिचय दिया। इसके अलावा इन युवक युवतियों का काउसिंलिंग भी कराया गया। जिसमें इनके परिजन भी शामिल हुए। 

परिचय सम्मेलन में बतौर अतिथि महिला प्रभाग के प्रदेशाध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि समाज की ओर से इस तरह के योग्य युवक युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किए जा रहे है, जिसके कारण समय तो बचता ही है और साथ ही सभी युवक युवतियों को जानने और पहचानने का मौका मिलता है। इस तरह के आयोजन से समाज में एक नई विचार धारा का प्रवाह होगा। जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने कहा कि एक अच्छा रिश्ता खोजने में ही बहुत समय लग जाता है ऐसे समय में इस तरह आयोजन समाज व परिजनों के लिए काफी मददगार साबित होता है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को शिक्षा के अलावा सामाजिक रीति नीति की जानकारी होना चाहिए ताकि समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव ने कहा कि समाज ऐसी व्यवस्था है जो हर व्यक्ति को आगे बढ़ाता है परिचय सम्मेलन विवाह संबधी होने वाले खर्चो को रोकने का एक अच्छा विकल्प है। 

युवा प्रभाग के प्रदेश पदाधिकारी निखिल नेताम ने कहा कि आधुनिक जीवन शैली और समय के अभाव के चलते हमारे युवक युवतियां की ओर उनका परिवार ध्यान नही दे पाते। इसलिए हमें अच्छे रिश्तों के लिए भटकना पड़ता है। युवा प्रभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष वेदप्रकाश धु्रव ने बताया कि विगत वर्षो से इस आयोजन के माध्यम से सैकड़ों रिश्ते जुड़े है और हमारा यह प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रामप्रसाद मरकाम, चन्द्रकला नेताम, डॉ हेमवती ठाकुर, निखिल नेतामएलाल सिंह चन्द्रवंशी, मनराखन ठाकुर, गोवर्धन मंडावी, राजेन्द्र मंडावी, एचआर ध्रुव, भुपेन्द्र नागरची, एचएल नेताम, वेदप्रकाश ध्रुव,तिजेन्द्र कुंजाम, संतोष कुंजाम, उदय नेताम, गेवा राम नेताम, खिलावन नेताम, अर्जुन मंडावी, गौतम पोटाई, दिनेश नेताम, दानेश कुंजाम, हेमंत ध्रुव, खिलेश ध्रुव, हर्ष मरकाम आदि उपस्थित थे।

 
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गिरदावरी कार्य में लापरवाही बरतने पर होगी कड़ी कार्यवाही : संभायुक्त कावरे

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संभागयुक्त कावरे ने कल संभाग के समस्त राजस्व अमलो को गिरदावरी के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए पूरी गंभीरता से करने के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं गांव की गलियों और खेतों के मेढ़ पर चलते हुए किसानों के खेतों तक पहुंचकर स्वयं गिरदावरी के कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। जिसके तहत उन्होंने आज संभाग के तीन जिले दुर्ग, बेमेतरा व खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के ग्रामों में गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया। 

संभायुक्त कावरे की ओर से दुर्ग जिले के धमधा तहसील अन्तर्गत धमधा में पटवारी हल्का नंबर 9 में खसरा नं 1120 में पाया की कृषक के खेत में निर्मित मकान व सड़क का रकबा, फसल के रकबे में कम नहीं किया गया है। जिस पर कावरे ने संबंधित पटवारी हेमंत महंत को कारण बताओं नोटिस जारी किया, इसी प्रकार तहसील धमधा के ही ग्राम राजपुर में खसरा नं 139 के प्रतिवेदन में धान, तुवर, सोयाबीन व टमाटर की फसल दर्शाई गई है, कावरे की ओर से निरीक्षण के दौरान संबंधित खसरे में सोयाबीन की फसल नहीं पाई गई, जिस पर कावरे ने पटवारी ओंकार देशमुख को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया व तहसीलदार देशलहरा को फटकार लगाते हुए गिरदावरी सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।

बेमेतरा जिले के साजा अनुविभाग के गातापार ग्राम में निरीक्षण के दौरान कावरे ने किसानों के साथ उनके खेत पहुंचकर गिरदावरी कार्य का अवलोकन किया और पटवारी विष्णु वर्मा की ओर से तैयार किए गए प्रतिवेदन का अवलोकन किया। इसी प्रकार खैरागढ- छुईखदान- गंडई जिला अंतर्गत गंडई अनुविभाग के उदान ग्राम में खसरा नं 200/1 के निरीक्षण के दौरान कृषक गौतम के खेत में लगे टमाटर के फसल का निरीक्षण किया व गिरदावरी कार्य का अवलोकन किया, साथ ही उपस्थित किसानों को धान के बदले अन्य फसल के संबंध में भी सुझाव दिए। जिस दौरान तहसीलदार गंडई टी के वर्मा भी उपस्थित थे।

गिरदावरी सर्वेक्षण की ऑनलाइन एंट्री भी हो शत-प्रतिशत : 

संभागायुक्त कावरे ने किसानों के रकबे का खसरा और नक्शा का मिलान करते हुए पूरी पारदर्शिता और त्रुटिरहित करने के निर्देश तहसीलदार, पटवारी, आरआई सहित समस्त राजस्व अमले को गिरदावरी के कार्यों को गंभीरता से करते हुए गिरदावरी रिपोर्ट में खेत के मेढ़ में वृक्ष, धान के अलावा लगाए गए अन्य फसल का स्पष्ट उल्लेख करते हुए खसरा क्रमांक और वास्तविक रकबे में लगाए गए फसल का सही जानकारी दर्ज पर ऑनलाइन प्रविष्टि को भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए हैं।

 
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'तुंहर सरकार तुंहर द्वार' : घर बैठे ही मिले 13 लाख पंजीयन प्रमाण-पत्र, ड्राइविंग लायसेंस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा नई सुविधा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ का कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इसके तहत जून 2021 से अब तक 12 लाख 94 हजार 774 स्मार्ट कार्ड आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र और ड्राइविंग लायसेंस आवेदकों के घर भेजे जा चुके हैं। इनमें 08 लाख 68 हजार 527 स्मार्ट कार्ड आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र तथा 04 लाख 26 हजार 247 ड्राइविंग लायसेंस शामिल हैं। 

परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ के सुव्यवस्थित संचालन के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। परिवहन विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ योजना लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इसमें लोगों को परिवहन संबंधी 22 सेवाएं उनके घर के द्वार पर पहुंचाकर दी जा रही है। जन केन्द्रित इस सुविधा के अंतर्गत लोगों को अब बार-बार परिवहन विभाग का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इससे आवेदकों के धन तथा समय दोनों की ही बचत हो रही है।

परिवहन विभाग द्वारा बताया गया है कि ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए विभाग द्वारा एक हेल्पलाईन नम्बर 75808-08030 जारी किया गया है, जो सभी कार्य दिवसों में प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक कार्य करते हुए जानकारी प्रदान करता है। आवेदक चाही गई जानकारी ई-मेल आईडी cgparivahandispatch@gmail.com पर भी अपनी मेल भेजकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उक्त हेल्पलाइन नम्बर पर फोन करके आवेदक अपने ड्रायविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र के प्रेषण संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अभी औसतन प्रतिदिन 100 कॉल आ रहे हैं। जिसमें मुख्य रूप से ड्रायविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रक्रिया, टैक्स एवं फीस संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

 

 

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मुख्यमंत्री बघेल, मंत्री सिंहदेव स्पष्ट करे कौन सा वादा सच्चा था और कौन सा वादा झूठा : डॉ रमन सिंह

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विगत दिनों महासमुंद में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के "गंगाजल के सम्मान में, भाजपा मैदान में" कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भूपेश सरकार को गंगाजल हाथ में लेकर किए गए उनके वादों को याद दिलाया इस पर कांग्रेस बौखला उठी तथा कथन वापसी की मांग करते हुए नोटिस भेजने और कानूनी कार्यवाही करने की धमकी तक दे डाली।

जिसके बाद रमन सिंह ने बयान देते हुए कहा कि भूपेश बघेल गंगाजल और गीता को नकार रहे हैं एक-एक करके अपनी जन घोषणा पत्र से वादों को निकाल रहे हैं, गंगाजल के साथ किए गए वादे को पूरा न करने के पश्चात आने वाले दुष्परिणामों भूपेश सरकार को अब डर लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के कार्यकर्ताओं पर कानूनी कार्यवाही करने की धमकी दे रही है लेकिन प्रदेश की उन माताओं बहनों का क्या जो सालों से शराबबंदी को लेकर किए गए वादे को पूरा करने के लिए आवाज उठा रही है उनका भूपेश बघेल क्या करेंगे। वे जनता के बीच आकर ये साफ करें कि सत्ता में आते ही आपने कितने वादों को घोषणापत्र से निकाल दिया है? आम जनता के हितों का हनन करने वाली सरकार समझ ले, छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता नैतिकता की लड़ाई में किसी से नहीं डरते डॉ रमन सिंह ने इस विषय पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि CM @bhupeshbaghel जी, यदि गंगाजल का डर आपके मन में बैठ गया है तो जनता के बीच आकर साफ करें कि सत्ता में आते ही आपने कितने वादों को घोषणा पत्र से निकाल दिया है?

जहां तक नोटिस से भयभीत करने की बात है तो आप समझ लें कि @BJP4CGState के कार्यकर्ता नैतिकता की लड़ाई में किसी से नहीं डरते।

गौरतलब है कि कांग्रेस ये कह रही है कि उन्होंने केवल कर्ज माफी के वादे के लिए गंगाजल उठाया था बाकी वादों के लिए नही, ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या भूपेश सरकार ने ये पहले ही निश्चित कर लिया था की वे अपने बाकी वादे पूरे नहीं करेंगे।

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कच्ची शराब खरीदने 4 बजे से लगते हैं मेले

 लापरवाह हो चुका आबकारी विभाग

खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अवैध महुआ शराब अंचल के अनेकों गांव में बन रही है। वहीं सुस्त प्रशासन तथा आबकारी विभाग सब कुछ जानते हुए भी अंजाना बना हुआ है।

खरसिया से लगे गांव तेलीकोट, महुआपाली, अंजोरीपाली, डूमरपाली, चोढ़ा, बरगढ़ में और तो और खरसिया के ही पुरानी बस्ती में भी शाम 4:00 बजते ही आस-पास गांव के लोग अपनी शराब की लत से खींचे चले आते हैं। जब मजदूर अपनी ड्यूटी खत्म करते हैं तो सीधे ही यहां आकर छक कर दारू पीते हैं। फिर उन्हें या तो सड़कों के किनारे पड़ा या शराब के नशे में झूमते हुए गाली-गुप्ता करते हुए देखे जा सकता है।

यदा-कदा पुलिस विभाग के द्वारा जरूर इस पर कुछ कार्रवाई की गई थी, परंतु आबकारी विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, शायद आपस में कोई सामंजस हो। वहीं अगर पुलिस छापा मारने जाती है तो पूर्व में ही इन कच्ची शराबवालों के मुखबिर उन्हें सूचना देकर सतर्क कर देते हैं। जिसके कारण भारी मात्रा में बन रही शराब के बर्तन एवं शराब को आसपास छिपा दिया जाता है। यह भी जानकारी मिली है कि प्रतिदिन इन गांव से करीबन 100 क्विंटल से ज्यादा महुआदारू बिक्री होकर गांव तक पहुंचता है। कुछ गांववालों ने बताया कि शाम होते ही गांव के छोटे-छोटे बच्चे घर से बाहर निकलने में डरते हैं, क्योंकि कभी शराबियों का निशाना न बन जाएं। पुलिस अधीक्षक और जिलाधीश सतत शराब की पाबंदी लगाने के लिए आदेश जारी करते हैं, परंतु पुलिस विभाग सड़कों एवं आने-जाने वाले का 1-2 लीटर शराब पकड़ कर अपनी ड्यूटी की इतिश्री समझ लेते हैं। यदि आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त छापेमारी की जाए तो शायद रायगढ़ जिले का सबसे बड़ा अवैध शराब का भंडार जप्त किया जा सकता है, परंतु आबकारी विभाग के गैरजिम्मेदार रवैये के कारण पूरे क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को आबकारी विभाग के शह पर राजस्व की कितनी हानि सहनी पड़ रही है। वहीं अवैध शराब के कारण ना जाने कितनों की असामयिक मौत भी हो रही है।

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शिकारियों के तीर से मादा हिरन की मौत...

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के वनांचल क्षेत्र में शिकारी बेधड़क शिकार कर रहे है। इसका ताजा मामला शनिवार को देखने मिला, जब शिकारियों के तीर से घायल मादा हिरन भागती हुई सड़क पर गिरी और उसने दम तोड़ दिया।

शिकार का यह मामला दुगली परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 335 का है। यहां खुलेआम दिन दहाड़े शिकारियों ने एक मादा हिरण का शिकार किया है। तीर लगने के बाद मादा हिरण अपनी जान बचाने भागी, जिसके पीछे शिकारियों का कुत्ता भी लग गया। इस बीच कुत्ते की आवाज सुनकर वन चौकीदारी अलर्ट हो गया। उन्होंने देखा हिरणी सड़क किनारे गिर गई। उसके गले में तीर लगा था। चौकीदार ने इसकी सूचना रेंजर को दे दिया है।

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अपने कार्यकाल के भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे डॉ. रमन सिंह : सुशील

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कुछ खराब सड़कों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन और भाजपा के लोग जो बयान दे रहे और सोशल मीडिया में जो पोस्ट कर रहे वह दरअसल उनके अपने भ्रष्टाचार की स्वीकारोक्ति है। राज्य सरकार जब सड़क बनाती है, कार्ययोजना बनाती है वह कुछ दशकों के लिये होती है। सड़कें हर साल नहीं बनाई जाती। किसी भी सड़क की आयु कम से कम 10 से 15 वर्ष तक होती है। भारतीय जनता पार्टी के समय बनाई गई अधिसंख्यक सड़कें 4 साल में कंडम हो गयी है। जिन सड़कों की फोटो भारतीय जनता पार्टी के नेता जारी कर रहे है ये सारी की सारी सड़कें, डोंगरगढ़ की सड़क, 2016 में बनी, बिलासपुर की सड़क 2018 में बनी, पंडरिया की सड़क 2017 में बनी, बालोद की सड़क 2018 जनवरी में बनाई गयी थी। चुनावी वर्ष में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के द्वारा बनाई गई ये सारी की सारी सड़कें गुणवत्तविहीन भी 4-5 साल में ही कंडम हो गयी। इन सड़कों में डामर की कालिख की जगह भारतीय जनता पार्टी की भ्रष्टाचार की कालिख थी। बड़ी बेशर्मीपूर्वक भाजपा के सारे के सारे नेता जो इस भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार है चाहे डॉ. रमन सिंह हो, चाहे राजेश मूणत हो, या सांसद के रूप में सरोज पांडेय हो सबने अपने भ्रष्टाचार की कालिख को बेशर्मीपूर्वक उजागर करने का काम किया है।


सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सरकार के सड़कों के भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण राजधानी रायपुर का एक्सप्रेस-वे है जिसकी लागत लगभग 463 करोड़ है और जो रमन सिंह के द्वारा उद्घाटन किये जाने के एक माह के अंदर धसक गया जिसका पुर्ननिर्माण करवाना पड़ा। रमन सिंह को एक्सप्रेस-वे के अपने भ्रष्टाचार को भी ट्वीट में पोस्ट करने का साहस दिखना चाहिये। रमन सिंह और भाजपाई सोच रहे है कि वे इन कंडम सड़कों की फोटो दिखा कर कांग्रेस सरकार को बदनाम कर लेंगे तो वे सब मुगालते में है। यह सड़कें रमन राज के कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की स्मारक के रूप में है। जनता की गाढ़ी कमाई को किस प्रकार लूटा गया इसकी बानगी 4 साल में खराब होने वली यह सड़कें है। छत्तीसगढ़ में कुल सड़कों की लंबाई 33023 वर्ग किमी है जिसमें नेशनल हाईवे 3605 किमी है जिसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है। पत्थलगांव, सरगुजा में तो विगत 8 वर्षो से समस्या है जो भाजपा सांसदों के निकम्मेपन और मोदी सरकार के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

 

 

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39 वनवासियों की मौतों पर रमन भूपेश को घेरा, ट्वीट कर उठाया ये सवाल...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के नारायणपुर और बीजापुर जिले में स्थित ग्रामों से बेहद ही चिंताजनक खबर सामने आ रही है, इन क्षेत्रों में निवासरत वनवासियों में एक अजीब सी बीमारी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि इस बीमारी में पहले मरीज को बुखार होता है उसके बाद हाथ-पैर फूलने लगते हैं और फिर मौत हो जाती है। बस्तर के नारायणपुर बौर बीजापुर में इंद्रावती नदी के किनारे बसे 7 गावों में बीते 5 महीनों के भीतर 39 आदिवासियों की इस अज्ञात बीमारी से मौत हो गई और प्रशासन तक यह ख़बर तब पहुंची जब आदिवासियों के बीच कफन की मांग बढ़ी।

इसपर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सरकार को आज भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि.. "वनवासी भाई मर रहे हैं" क्योंकि अधिकारी नींद में हैं, व्यवस्थाएं बिखरी हुई हैं, प्रशासन बेखबर है और प्रदेश का मुखिया मस्त है। गौरतलब है इन दिनों मुख्यमंत्री बघेल भेंट - मुलाकात कार्यक्रम कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश में आदिवासी इस बीमारी से बिना सुविधाओं के जूझ रहे हैं।

 

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प्रशासन ने कराया नजूल भूमि को अतिक्रमण मुक्त

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम की ओर से शनिवार को नमनाकला में नजूल भूमि पर किये गए अतिक्रमण पर कार्यवाही करते हुए कब्जा मुक्त कराकर आधिपत्य नगर निगम को सौंपा गया।

नायब तहसीलदार किशोर वर्मा बताया कि नमनाकला निवासी दिलराज दास की ओर से करीब 20 डिसमिल नजूल जमीन पर अतिक्रमण कर बॉउंड्रीवाल का निर्माण कराया था। नगर निगम के द्वार उक्त जमीन को एसएलआरएम सेंटर बनाने चिन्हांकित किया गया था किंतु कब्जा मुक्त नहीं होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व की टीम द्वारा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच किया गया और बॉउंड्रीवाल को जेसीबी से ढहाया गया। कब्जा मुक्त होने पर उक्त जमीन को नगर निगम के आधिपत्य में सौंपा गया।

 
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प्रभारी केंद्रीय सचिव विकास शील ने दूधगांव में जलजीवन मिशन कार्यों का किया निरीक्षण

 जलजीवन अंतर्गत जलप्रदाय को लेकर ग्रामीणों से की चर्चा

कोण्डागांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शनिवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव व आकां जिला कार्यक्रम के तहत कोण्डागांव के प्रभारी केंद्रीय सचिव विकास शील की ओर से कोण्डागांव विकासखंड के दूधगांव पहुंच। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम में निर्मित परियोजना के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से पानी की उपलब्धता व उसकी गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली।

ग्रामीणों की ओर से पानी प्रदाय के समय को लेकर केंद्रीय सचिव के समक्ष सुधार के लिए अपील की गई। जिस पर केंद्रीय सचिव की ओर से पानी प्रदाय का समय सुबह 6:00 बजे कर स्थानीय युवा को इस कार्य के लिए नियुक्त करते हुए पानी की गुणवत्ता जांच के लिए बनाए गए लैब के कर्मचारियों से भी बात की। केंद्रीय सचिव की ओर से पानी में अशुद्धि पाए जाने पर उसके निराकरण के लिए एक व्यवस्थित कार्य प्रणाली विकसित करने तथा ऐसे जल की ग्राम स्तर पर की गई जांच के उपरांत शिकायत पर 24 घंटे के अंदर जिला स्तरीय दल की ओर से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गांव में जल जीवन मिशन के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वित्तीय प्रबंधन व रखरखाव की व्यवस्था के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण उपरांत रोजगार देने को कहा। इस अवसर पर कलेक्टर दीपक सोनी, जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा, अधिकक्षण अभियंता बारापात्रे, कार्यपालन अभियंता एच एस मरकाम, सीएमएचओ डॉ टी आर कुंवर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से की स्काईवॉक भ्रष्टाचार की जांच की मांग

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने स्काईवॉक में भ्रष्टाचार की जांच की मांग के लिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरपी सिंह ने शिकायत पत्र के माध्यम से राजधानी में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्काईवॉक प्रोजेक्ट के संबंध में की गई अनियमितता और भ्रष्टाचार के संबंध में मुख्यमंत्री का आकर्षित किया है।


ज्ञापन में उन्होंने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत द्वारा बिना किसी आवश्यकता के रायपुर शहर में एक स्काई वॉक बनाने का प्रोजेक्ट अपने रसूख का प्रयोग करके पास करवा दिया जिसका कोई औचित्य या आवश्यकता ही नहीं थी ।

 
 
 
 



जनता द्वारा भी स्काई वॉक निर्माण के प्रोजेक्ट को लेकर तत्कालीन सरकार का विरोध किया गया था तथा मंत्री मूणत के मंसूबों को लेकर प्रश्न चिन्ह लगाया गया था। उक्त प्रोजेक्ट तत्कालीन भाजपा सरकार और लोक निर्माण विभाग के मंत्री रहे राजेश मूणत के भ्रष्टाचार के जीते जागते उदाहरण के रूप में रायपुर में मौजूद है।

 
 
 



अपने ज्ञापन में आरपी सिंह ने स्काईवॉक प्रोजेक्ट के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को दर्शाया है, जिसकी जांच की जाये तो इससे इस प्रोजेक्ट हुए घोटाले, अनियमितता, भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया जा सकेगा।

 
 
 



50 करोड़ रूपये से अधिक लागत के किसी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिये राज्य शासन के आदेशानुसार पी.एफ.आई.सी. (PFIC ) की स्वीकृति के उपरांत ही किसी भी विभाग द्वारा निर्मित किया जा सकता है। रायपुर में स्काई वॉक निर्माण से संबंधित प्रोजेक्ट को वर्ष 2017 के माह मार्च में ( जानबूझकर ) रू. 49.08 करोड़ का बनाकर लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृति जारी की गई। इस प्रोजेक्ट की लागत जानबूझकर 50 करोड़ रूपये से कम रखी गई ताकि पीएफआईसी की स्वीकृति न लेनी पड़े।

जल्द ही दिसंबर 2017 में इस प्रोजेक्ट की तकनीकी कीमत को बढ़ाकर विभाग द्वारा 81. 69 करोड़ रूपये करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को दिया गया। पी.एफ.आई.सी. (PFIC ) की कमेटी के अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं तथा अन्य विभागों के सचिव इसके सदस्य होते हैं। इस कमेटी में अन्य बातों के अलावा इस बात का भी परीक्षण किया जाता है कि इतनी बड़ी धनराशि की अधोसंरचना परियोजना वास्तव में पर्याप्त जनोपयोगी की है भी या नहीं।

 
 
 



यह ध्यान देने योग्य बात यह है कि Revised Technical Estimate  (संशोधित तकनीकी प्राक्कलन) में  Escalation clause का प्रावधान कर 5.83 करोड़ किया गया, जबकि यह प्रावधान मूल प्राक्कलन में ही रखा जाना चाहिए था। इसी प्रकार  Utility Shifting में मूल प्रावधान मात्र रू. 90 लाख रखा गया, जबकि माह दिसंबर तक इस पर रू. 5.94 करोड़ व्यय कर दिये गये थे। इससे स्पष्ट होता है कि ऐसी सामान्य सी चीजें मूल प्राक्कलन में सिर्फ इसलिये नहीं रखी गयी थी ताकि प्रस्ताव 50 करोड़ रूपये से कम का बने व विभाग को यह प्रस्ताव पी.एफ.आई.सी में ना लाना पड़े, जहां इस प्रकार के अतिरंजित अपव्यय से संबंधित अधोसंरचना प्रस्तावों को रोका जा सकता था। यह इस प्रोजेक्ट के पीछे की आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है।

 
 
 



ध्यान देने योग्य बात यह है कि लोक निर्माण विभाग ने दिनांक 04.02.2017 को मूल टेंडर जारी किया, दिनांक 20.02.2017 को निविदा प्राप्त कर ली, जबकि प्रकरण की तकनीकी व शासकीय प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 08.03.2017 को जारी की गई। इससे स्पष्ट है विभागीय मंत्री के दबाव में, अधिकारी बिना नियमों का पालन किये कार्य कर रहे थे।

यह अत्यन्त गंभीर विषय है कि मंत्री राजेश मूणत ने दिनांक 23.04.2018 को अचानक स्काई वॉक के  Architectural View में सुधार करने हेतु 12 परिवर्तन के निर्देश दिये जिनका कोई  Technical Justification पूरे प्रस्ताव में कहीं नजर नहीं आता है। अकेले सिविल कार्य ही रू. 15.69 करोड़ से बढ़ा दिया गया। प्रोजेक्ट की कीमत बढ़ने के कारणों में अन्य कारणों के अलावा
1.  ACP Wall cladding को सम्मानित किया गया, जो गैर जरूरी था।

 
 
 


2. 8 स्थानों पर दुकानों का निर्माण सम्मिलित किया गया, जो गैर जरूरी था।
3.  Chequered Tiles के स्थान पर  Vitrified Tiles  का प्रावधान सम्मिलित किया गया, जो गैर जरूरी था।
इससे यह प्रतीत होता है कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत, संबंधित ठेकेदार को अधिक भुगतान कराना चाहते थे।

यह टेंडर From अर्थात Item rate का Tander था इस प्रकार के टेंडर में यदि Quantity 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ती है तो प्रत्येक Item का मार्केट रेट Analysisकर ही नया Estimate बनाया जाता है। लोक निर्माण विभाग तथा वित्त विभाग ने बिना यह किये ठेकेदार को अनुचित फायदा पहुचाने हेतु पुनरीक्षित स्वीकृति जारी की।

राजेश मूणत ने आपराधिक षडयंत्र करते हुये माह दिसंबर 2018 में प्रक्रिया का पालन न करते हुये बड़ी अधोसंरचना परियोजना, बिना पी.एफ.आई.सी के अनुमति के रू. 77.01 करोड़ की प्राशसकीय स्वीकृति जारी की। तत्कालीन वित्त सचिव तथा तत्कालीन वित्त मंत्री मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी इसमें गंभीर अनियमितताएं करते हुए तथा प्रक्रियाओं का पालन किये बिना इसकी वित्तीय सहमति/ अनुमति जारी की।

तीसरी अत्यंत गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि दिनांक 05.12.2018 को जब चुनाव आचरण संहिता लागू थी तथा प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हो चुके थे, तब विभागीय सचिव ने ताबड़तोड़  Revised Administrative Approvel हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा तथा तत्कालीन वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी ताबड़तोड़ स्वीकृति प्रदान कर दी, जबकि चुनाव हो चुका था व Model code of conduct के हिसाब से ऐसा करना अपवर्जित था। वित्त विभाग ने 11 दिसंबर 2018 को सुविधा की स्वीकृति जारी की। इससे प्रतीत होता है कि इस प्रकरण में अपराधिक षडयंत्र कर स्वीकृति जारी की गई जो पूर्णता गलत मंशा से की गई है।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने 15 वर्ष शासन काल में जिस प्रकार से शासकीय धन का दुर्विनियोजन किया, भ्रष्टाचार किया उसका एक बहुत छोटा सा उदाहरण स्काईवॉक प्रोजेक्ट है जो दिन प्रतिदिन रायपुर की जनता को उनके साथ हुये विश्वघात, उपेक्षा और धोखाधड़ी की याद दिलाता है।

जनता को राहत तभी मिलेगी जब इस मामले की गंभीरता से जांच की जायेगी तथा जनता के असली दोषियों को जनता के सामने पेश किया जायेगा।

 

 

 
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