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जिले के सरहदी गांवो में अज्ञात बीमारी व महामारी जैसी कोई स्थिति नहीं है : सीएमएचओ

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मीडिया में प्रकाशित खबर अज्ञात बीमारी से लोगों की मृत्यु के संदर्भ में कलेक्टर के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से गठित स्वास्थ्य अमला बीते दिनों स्थिति का जायजा लेने घने जंगलो, नदी-नालों व उबड़-खाबड़ रास्तों पगडंडियों से होकर नक्सल प्रभावित गांव पीडियाकोट, रेकावाया, डंूगा, घोट और लंका गांव पहुंचा। वहां पहुंचकर स्वास्थ्य अमले ने लोगों से वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली और अन्य बीमारियों से पीडि़त ग्रामीणों का उपचार किया और आवश्यक दवाईयां दी। इसके अलावा विभिन्न मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय सुझाये। स्वास्थ्य टीम की ओर से इन गांवों में शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। 

अज्ञात बीमारी से मृत्यु के संदर्भ में जानकारी लेने पर मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले के इन गांवों में ऐसी किसी भी अज्ञात बीमारी से किसी भी ग्रामीण की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि बीते जून माह में 4 ग्रामीणों की मृत्यु हाथ पैरों में सूजन, कमजोरी, एक सप्ताह से बीमार, अचानक मृत्यु के कारण हुई है। वहीं माह जुलाई में 2 ग्रामीणों की मृत्यु हुई, जिसमें लंबे समय से बीमार और कमजोर और बुजुर्ग होने के कारण हुई है। एक व्यक्ति की मृत्यु अगस्त में हुई जो कि कैंसर से पीडि़त था। इसके अलावा 4 व्यक्तियों की मृत्यु सितम्बर माह में हुई है, जिनमें एक उम्रदराज होने के कारण, एक पानी में डूबने से और एक के द्वारा आत्म हत्या करने तथा एक व्यक्ति की मृत्यु निमोनिया से हुई है। 

स्वास्थ्य अमले की ओर से गांवों में पहुंचकर 110 ग्रामीणों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण : 

मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से गठित दल ने पीडियाकोट, रेकावाया, डंूगा, घोट और लंका गांव पहुंचकर गांवों में प्रत्येक घरों में दस्तक देकर वहां किसी भी प्रकार की बीमारी से पीडि़त व्यक्ति की जानकारी ली। जिन घरों में बीमार ग्रामीण पाये गये उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 9 मलेरिया पॉजिटिव व्यक्ति भी मिले। स्वास्थ्य अमले की ओर से लगाये गये, इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 110 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें सर्दी-खांसी, बुखार, दस्त, सूजन, कमजोरी जैसे मरीज मिले मरीजों का स्वास्थ्य जांच करते हुए आवश्यक दवाईयां व स्वास्थ्य सलाह दी गई। अज्ञात बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की सूचना मिलने पर उन व्यक्तियों की जांच से पता चला कि किसी भी ग्रामीण को अज्ञात बीमारी नहीं है।

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लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण करें : कलेक्टर

 खैरागढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सोनकर ने मंगलवार को जिला कार्यालय (कलेक्टोरेट) के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक लेकर अधिकारियों को लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए, उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से ली जाने वाली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की जानकारी विभागवार फोल्डर में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जिलाधीश ने कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एक नया जिला है, जिले के विभागीय अधिकारी परस्पर समन्वय स्थापित कर शासन की योजनाओं का लाभ आम जनों तक पहूंचाने की दिशा में तत्पर्तापूर्वक कार्य करें। हमें नवा जिला-नवा संकल्प लेकर कार्य करना है। जिलाधीश ने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग के एक नोडल अधिकारी का नाम नामांकित करते हुये कलेक्टर कार्यालय को अवगत करायें।

कलेक्टर डॉ सोनकर ने बैठक के दौरान गिरदावरी के अन्तर्गत बोए गये खरीफ फसल के रकबे का आंकलन की जानकारी ली। गो-धन न्याय मिशन के अन्तर्गत गोबर व गौ-मूत्र क्रय पर विपणन, गौठान, जैविक खेती को प्रोत्साहन की जानकारी ली। आश्रम छात्रावास का शतप्रतिशत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण, भूमि व्यवस्थापन, आवंटन व नवीनीकरण, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, जर्जर सड़कों और शासकीय भवनों की मरम्मत और संधारण, स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्रों की समीक्षा की।

कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि आवेदन जो आम जनता की ओर से मुख्यमंत्री जनचौपाल, कलेक्टर शिकायत शाखा, केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निवारण प्रणाली (सीपी ग्राम्स), जन शिकायत पीजीएन व लोक सेवा गारंटी आदि के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों व योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा साथ ही मुख्यमंत्री की घोषण पर अमल, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल निर्माण/अधोसंरचना की प्रगति, राजीव युवा मितान क्लब, गोधन न्याय योजना, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन व विक्रय, चारागाह विकास की जानकारी की समीक्षा की। बैठक में अनुविभागीय अधिकरी राजस्व खैरागढ़ प्रकाश राजपूत, एसडीएम गंडई-छुईखदान सुनील शर्मा, डिप्टी कलेक्टर आभा तिवारी व रेणुका रात्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

 
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विशेष पिछड़ी जनजातियों संवर रहा जीवन : किराना दुकान, बकरी पालन, मुर्गीपालन बना आजीविका का आधार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय आजीविका मिशन अंतर्गत विशेेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को समाज की मुख्यधारा मे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कोरबा जिले में  उत्थान परियोजना के तहत वह अब खेती, किराना दुकान और पशुपालन को आजीविका के रूप मे अपना रहे है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जाति के परिवारों के उत्थान, विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार की महिलाएं विभिन्न गतिविधियां अपनाकर आजीविका संवर्धन कर रही है। आजीविका संवर्धन में उत्थान परियोजना की अहम भूमिका है।

एरिया कार्डिनेटर एनआरएलएम श्रीमती अलका आदिले ने बताया कि श्रीराम महिला स्व सहायता समूह तीतरडांड ग्राम पंचायत सिमकेंदा को चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष की राशि दी गयी, जिससे वह किराना दुकान, बकरी पालन, सुअर पालन का कार्य कर रही है। किराना दुकान में महुआ फूल खरीदने से 10 हजार रूपये का फायदा हुआ है। जिससे यह कोरवा महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधि आगे बढ़ा रही है। फुलवारी स्वसहायता समूह की तीतरडांड की महिलाएं बकरी पालन एवं सुअर पालन कर रही है, जिससे उन्हें पांच हजार रूपये का आर्थिक लाभ हुआ है। समूह की महिलाएं आपस में 10 रूपये प्रति सप्ताह बचत भी कर रही है। श्यांग की एफएलसीआरपी लता मरकाम ने बताया कि हरियाली स्वसहायता समूह की महिलाएं चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष से प्राप्त राशि से बकरी पालन, मुर्गी पालन कर रही है। विगत माह मुर्गी बेचकर उन्होंने एक हजार 800 रूपये की आय अर्जित की है।
कोरबा कलेक्टर संजीव झा द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जाति के परिवारों के उत्थान, विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र छातासरई, गढ़उपरोड़ा, नकिया, देवपहरी, लेमरु मे सघन दौरा करके उनके बीच जा कर चौपाल लगा कर, उन्हें मिलने वाली सुविधाओ की बेहतरी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। जिसके फलस्वरूप प्रथम चरण मे कोरबा विकासखण्ड में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की महिलाओं को स्वसहायता समूह से जोड़ा गया है। दूसरे चरण मे शासकीय योजनाओ का लाभ दिलाने के लिए आधारकार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशनकार्ड, प्राथमिकता से उपलब्ध कराए गये है। अब इन परिवारों को बिहान से चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष, बैंक लिंकेज, ऋण उपलब्ध कराकर आजीविका गतिविधियो बकरीपालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान, सूअरपालन आदि से जोड़ा जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय की 08 महिलाओं का सक्रिय महिला के रूप मे चयन किया गया है, ताकि वे उनकी वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप कार्य कर सकें। इन महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब यह सक्रिय महिलाएं समुदाय के अन्य महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का कार्य कर रही है, ताकि उनका विकास हो सके।
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धान खरीदी की सभी तैयारियां 20 अक्टूबर तक पूरा कर ली जाएं : कलेक्टर

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा की बैठक हुई। बैठक कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित थी। उन्होंने कहा कि धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू हो रही है। इस बीच दीपावली त्यौहार भी है। इसलिए धान खऱीदी संबंधी सभी तैयारियां 20 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएं। जिन नए धान उपार्जन केंद्रों, संग्रहण केंद्रों में पहुँच मार्ग सही नहीं है या मरम्मत या बनाने की जरूरत है। उनका चिन्हांकन कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को दे दें। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आप सभी अनुभवी है फिर भी धान की अवैध खरीदी-बिक्री और परिवहन नहीं हो और बिचौलियों तथा कोचियों की ओर से धान की खरीदी और परिवहन को रोकने भी कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने किसानों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने किए गए प्रयास की प्रगति की जानकारी ली। गोबर और वर्मी कंपोस्ट उत्पादन और विक्रय के बारे में पूछा। 

कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने जिला खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे के मार्फत बताया कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जिले में आगामी 06 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक 2022-23 का आयोजन किया जाना है। यह आयोजन 6 चरणों में होगा। आयु वर्ग 18 तक, 18 से 40 और 40 आयुवर्ग से अधिक उम्र के लोग भाग ले सकते हैं। 

पहला चरण राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर आगामी 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक होगा। दूसरा जोन बार इसमें आठ क्लब को मिला कर एक ज़ोन होगा। यह 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक होगा। इसके मद्देनजर आज की समय सीमा की बैठक में कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर जि़ला खेल अधिकारी को सभी आवश्यक तैयारियां करने कहा है। साथ ही ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले खेलों के लिए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मालूम हो कि छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक 14 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन खेल विधाओं में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बाटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ और लम्बी कूद की प्रतियोगिताएं तीन आयु वर्ग में आयोजित की जानी है। इसमें 18 वर्ष तक, 18 से 40 और 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिला व पुरूष प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे।

राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 06 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक पहले स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद जोन स्तर पर 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक, विकासखंड/नगरीय क्लस्टर स्तर पर प्रतियोगिताएं 27 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक की जाएंगी। जिले में चौथा और अंतिम स्तर जिला स्तर पर 17 नवम्बर से 26 नवम्बर तक होगा। इसके बाद यहां के विजेता संभाग स्तर पर 05 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक आयोजित छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में भाग लेंगे। राज्य स्तर पर छठवां स्तर का छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक 28 दिसम्बर 2022 से 6 जनवरी 2023 तक खेला जाएगा। कलेक्टर ने जिले में आयोजित होने वाले छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक को मुख्यमंत्री मंशा के अनुरूप पूरे उत्साह के साथ आयोजित करने और लोक खेलों के खिलाडिय़ों को बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। कलेक्टर ने प्राप्त पत्र, जनचौपाल, समय सीमा के विभागों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनका गुणवत्तापूर्वक निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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कृषि उत्पादन आयुक्त ने की कृषि और सहयोगी विभाग के कार्यों की समीक्षा

 बस्तर में सुगंधित धान और मसालों की खेती की अपार संभावना

जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने 27 सितंबर को बस्तर संभाग में कृषि व सहयोगी विभागों की ओर से संचालित गतिविधियों की समीक्षा की। वे रायपुर से एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम जुड़े थे। इसके साथ ही जगदलपुर स्थित जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में कमिश्नर श्याम धावड़े, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ अयाज तंबोली, पशुधन विभाग की संचालक चंदन त्रिपाठी, बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार, कांकेर कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला, कोंडागांव कलेक्टर दीपक सोनी, दंतेवाड़ा कलेक्टर विनीत नंदनवार, बीजापुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, सुकमा कलेक्टर हरिश एस सहित सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन व कृषि व सहयोगी विभागों के संभागीय और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

खरीफ  वर्ष 2022 की समीक्षा तथा रबी वर्ष 2022-23 के कार्यक्रम निर्धारण के लिए आयोजित बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि बस्तर में सुगंधित धान के साथ ही मसालों की खेती की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही बस्तर में तिलहन की खेती के लिए भी जलवायु अनुकूल है। उन्होंने बस्तर में सरसों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर को जैविक संभाग बनाने की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने मिलेट मिशन के तहत रागी व कोदो-कुटकी के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यता है।

इस अवसर पर कृषि विभाग के विशेष सचिव व संचालक डॉ. अयाज तम्बोली ने कहा कि संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत बीज आज भी उपलब्ध हैं, जिनकी कई विशिष्टताएं हैं। इन बीजों की जानकारी रखने के साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से इनका पंजीयन करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन बीजों की विशिष्टताओं के संबंध में जागरुकता लाए जाने की आवश्यकता भी है, जिससे इनकी अच्छी कीमत प्राप्त हो। उन्होंने वर्तमान समय में पूरे विश्व में बढ़ी गेहूं की मांग को देखते किसानों को गेहूं की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई परियोजना तथा नए जलस्त्रोतों के आसपास के किसानों को आसानी से प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने केन्द्र व राज्य पोषित योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए किसान पंजीयन पर जोर दिया।

पशुधन विकास विभाग की संचालक  चंदन संजय त्रिपाठी ने पड़ोसी राज्यों में लंपी वायरस के संक्रमण को देखते हुए टीकाकरण पर जोर दिया। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से आने वाले पशुओं को क्वारंटीन करने तथा पशु बाजारों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रुप में विकसित करने के संबंध में भी निर्देशित किया। उन्होंने पशुपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता भी बताई।

गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग की उप सचिव तुलिका प्रजापति ने गोबर खरीदी के साथ ही कम्पोस्ट खाद बनाने के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कम्पोस्ट खाद के विक्रय को बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही असक्रिय गौठान समितियों के सदस्यों को हटाकर उनके स्थान पर नए सदस्यों को नियुक्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण, धान के स्थान पर अन्य फसलों को बढ़ावा, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मिलेट मिशन, उतेरा फसल में दलहन-तिलहन को बढ़ावा, अल्पकालीन कृषि ऋण, सुक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा, कृषि पंप विद्युतीकरण, आधुनिक कृषि को बढ़ावा, उद्यानिकी फसल व मछलीपालन, पशुपालन को बढ़ावा देने सहित अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।

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जनचौपाल कार्यक्रम से नागरिकों को मिल रही राहत, मिले 55 आवेदन

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के निर्देशन में अधिकारियों ने जनचौपाल कार्यक्रम में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के नागरिकगणों की समस्याओं को सुना। कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर में अधिकारियों की ओर से जनचौपाल में नागरिकों की समस्याओं को सुना जा रहा है, जिससे उन्हें राहत मिली है। इसी कड़ी में आज अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने जनसामान्य की शिकायतों को सुना व निराकरण करने के लिए पहल की।

जनचौपाल कार्यक्रम में आज ग्राम पंचायत चारभाठा थाना घुमका के मथुरा बाई साहू ने आवेदन देते हुए बताया कि वे जय मां विजयालक्ष्मी स्वसहायता समूह, चारभाठा की सदस्य है। उनके द्वारा 19 सितंबर 2020 को समूह से 10 हजार रुपए की ऋण लेने के लिए आवेदन दिया गया। समूह की ओर से 10 हजार रुपए का ऋण प्रस्ताव बनाया गया। समूह कीे अध्यक्ष व सचिव की ओर से अशिक्षित होने का फायदा उठाते हुए बैंक में जाकर फर्जी तरीके ठगी की गई है। आवेदिका ने आज जनचौपाल कार्यक्रम न्याय दिलाने के लिए आवेदन किया है। अपर कलेक्टर ने इसके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी तरह जनचौपाल कार्यक्रम में आज राजनांदगांव के वार्ड 49 के नागरिकों ने वार्ड में उप स्वास्थ्य केन्द्र का पुननिर्माण करने संबंधी आवेदन दिया है। इसी तरह ग्राम पंचायत तोतलभर्री के मनरेगा श्रमिकों ने उनके द्वारा मनरेगा में किए गए कार्य का पारिश्रमिक नहीं दिए जाने संबंधी शिकायत किया है। 

इसी प्रकार चिटफंड कंपनी सहारा में निवेशकर्ता शीतलापारा मोतीपुर निवासी पुरूषोत्तम देवांगन ने कंपनी में निवेश किए गए राशि लौटाने संबंधी आवेदन लगाया है। अपर कलेक्टर ने आवेदन को संबंधित विभाग में भेजने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत बैरागीभेड़ी के किसानों ने गत वर्ष अल्प वर्षा से हुई फसल क्षति के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन दिया है। इसी प्रकार राम नगर वार्ड 7 के हबीब खान ने जर्जर व झुके हुए विद्युत पोल बदलने संबंधी आवेदन लगाया है। इसी प्रकार कोलियारी जलाशय से प्रभावित किसानों ने मुआवजा राशि दिलाने संबंधी आवेदन दिया है। अपर कलेक्टर ने आवेदकों के समुचित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि जिलेभर में अनुविभाग स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ, जनपद सीईओ द्वारा जनचौपाल में नागरिकों की समस्या का समाधान किया जा रहा है।

 
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आयुष्मान भारत पखवाड़ा अंतर्गत योजना के प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

 आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क इलाज कराने दी जाएगी जानकारी

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डोमन सिंह के निर्देशानुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजनांतर्गत जिले में 23 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आयुष्मान भारत पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस संबंध में संबंधित जिला व विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को पखवाड़े के दौरान योजनांतर्गत सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने, योजनांतर्गत नि:शुल्क ईलाज की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने व शासकीय चिकित्सालयों में योजना के अंतर्गत क्लेम को बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष गतिविधियां संचालित करने कहा गया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने आयुष्मान भारत पखवाड़ा के दौरान अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनवाने व योजना के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर जिला पंचायत से रवाना किया। प्रचार-प्रसार रथ के माध्यम से जिले के छूटे हुए सभी राशनकार्डधारी पात्र हितग्राहियों से अपील करते हुये अपने व अपने परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड पखवाड़े के दौरान बनाने की अपील की गई है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर सह जिला नोडल अधिकारी खेमलाल वर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत  एसके ओझा, अधीक्षक कार्यालय कलेक्टर भाटिया, जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत ऐश्वर्य साव व कार्यालय जिला पंचायत व स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

आयुष्मान भारत कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड व आधार कार्ड लेकर आना आवश्यक है। परिवार के समस्त सदस्यों का अलग-अलग आयुष्मान भारत कार्ड बनाया जाएगा। परिवार के सभी सदस्यों के साथ अपने क्षेत्र के नजदिकी च्वॉईस सेंटर व समस्त शासकीय अस्पताल में जाकर आयुष्मान भारत कार्ड बनाया जा सकता है। राजनांदगांव शहरी क्षेत्र अंतर्गत समस्त च्वॉईस सेंटर व शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर, लखोली, मोतीपुर, व पुराना अस्पताल गुरूद्वारा चौंक में जाकर आयुष्मान भारत कार्ड बना सकते है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत पात्र बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपए व शेष परिवार अर्थात एपीएल परिवारों को डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 50 हजार रुपए तक का लाभ योजनांतर्गत पंजीकृत किसी भी शासकीय व निजी चिकित्सालय में प्राप्त कर सकते हैं। अन्य अतिरिक्त गंभीर बीमारी के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 20 लाख रुपए तक स्वास्थ्य सहायता प्रदान किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आयुष्मान कार्ड अनिवार्य हैं। आयुष्मान भारत बनाने की प्रक्रिया पूर्ण रूप से नि:शुल्क हैं, इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंम्बर 104 या निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र या कार्यलय मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी राजनांदगॉव में प्राप्त किया जा सकता है।

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धान खरीदी से संबंधित कार्यों में नही चलेगी लापरवाही, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिन्हा ने आज कलेक्टोरेट परिसर के सभाकक्ष में खरीफ वर्ष 2022-23 के लिए व्यवस्थित धान खरीदी कार्य करने के लिए समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि धान खरीदी का कार्य शासन का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखें। उन्होंने धान खरीदी से संबंधित कार्यों को पूरी गंभीरता से करने कहा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ  सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने आगामी धान खरीदी के लिए बारदानों की उपलब्धता और आवश्यकता की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिले के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए धान खरीदी केन्द्रो में साफ-सफाई, कम्प्यूटर की व्यवस्था, धान का बारिश से बचाव की व्यवस्था, सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। इसके साथ ही उन्होंने संवेदनशील धान खरीदी केन्द्रों की जानकारी ली तथा आवश्यकतानुसार संवेदनशील धान खरीदी केन्द्रों में संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों का फेरबदल करने कहा। उन्होंने उपस्थित सभी तहसीलदारों को अपने क्षेत्रों के धान खरीदी केन्द्रों का जानकारी रखने तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समिति के ऑपरेटरों की भी बैठक लेकर आवश्यक निर्देश देने कहा। 

इसके साथ बैठक में विगत वर्ष की अपेक्षा धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों की जानकारी, समिति स्तर पर आवश्यक तैयारी, परिवहनकर्ता से अनुबंध की स्थिति, धान खरीदी के साथ ही कस्टम मिलिंग कराने की तैयारी, धान खरीदी में संभावित संवेदनशील मामले, संवेदनशील खरीदी केन्द्र तथा संवेदनशील स्टाफ की पहचान सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दूओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी कार्यों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए शाम 6 बजे के बाद सोसाईटी में धान खरीदी न करने तथा शाम 6 बजे के बाद अवैध धान परिवहन पर विशेष निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए है। बैठक में सक्ती कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना, वनमंडलाधिकारी सौरभ सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी, अपर कलेक्टर एस पी वैद्य सहित खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में धान खरीदी से संबंधित शिकायतों के लिए कन्ट्रोल रूम होगा स्थापित :

बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी कार्य से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए है। कन्ट्रोल रूम की शुरूआत धान खरीदी कार्य के पूर्व किया जाएगा।

गिरदावरी के अंतिम सूची का एक अक्टूबर को होगा प्रकाशन :

बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि गिरदावरी कार्य पूर्ण कर खसरा व भूइयां साफ्टवेयर में प्रविष्टि के लिए 30 सितम्बर तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी 30 अक्टूबर तक गिरदावरी का कार्य पूर्ण करें। इसके पश्चात गिरदावरी की अंतिम सूची का प्रकाशन ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय और संबंधित सोसाईटी में 1 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके बाद गिरदावरी की अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित किसान 1 से 10 अक्टूबर तक तहसील कार्यालय में दावा-आपत्ति कर सकते है। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को दावा-आपत्ति के प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने गिरदावरी के अंतिम सूची का कोटवारो के माध्यम से जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए पंचनामा भी कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे गिरदावरी कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर किसानों के हित में इसका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जा सके। इसके साथ ही बैठक में कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य में पिछले वर्ष और इस वर्ष में रकबा और किसानों की संख्या में आ रहे अंतर की जानकारी उपलब्ध कराने कहा।

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स्वाईन फ्लू के बढ़ते लक्षण को देखते हुए स्वास्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के सिंह ने बताया कि स्वाईन फ्लू (एच1 एन1) वायरस के संक्रमण से होने वाली श्वसन तंत्र की बीमारी है। यह बीमारी एक संक्रमित व्यक्ति से उसके झिंकने या खांसते वक्त वायरस वातावरण में ड्रापलेट के रूप में फैलते है। बीमारी की गंभीरता के मद्दे नजर जिले के सभी शासकीय चिकित्सालय व निजी चिकित्सालय प्रमुखों को पूर्व से दिषा-निर्देष, लक्षण, जटिलताएं मरीजों को वर्गीकरण, उपचार प्रोटोकॉल, मरीजों को प्रबंधक, बीमारी के रोकथाम को प्रबंधन, कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग, मॉनिटरिंग, धनात्मक मरीजों का सर्विलेंस, मरीजों की पूर्ण जानकारी इंन्द्राज कराना व लैब सैंपल रिपोर्टिंग आदि जारी की जा चुकी है।

स्वाईन फ्लू के लक्षण :

स्वाईन फ्लू का लक्षण मौसमी फ्लू की तरह होता है, इसमें बुखार, सर्दी, झींक, खांसी, कफ  जमना, गले में खरास, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और थकान की शिकायते होती है। कुछ प्रकरणों में उल्टी-दस्त व पेट दर्द भी हो सकता है। गंभीर मरीजों में तेज बुखार व सांस लेने में तकलीफ  होती है। इस बीमारी में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क आने के एक से सात दिनों में स्वस्थ्य व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। बच्चों, वृद्धों व पूर्व से अस्वस्थ व्यक्तियों में स्वाईन फ्लू के संक्रमण के गंभीर परिणाम हो सकते है।

बचाव :

खांसते व झिंकते समय अपने मूंह व नाक को रूमाल से ढके, अपने नाक, कान अथवा मूंह को छूने से पहले अथवा बाद में अपने हाथों को साबून से धोते रहें, भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर रहे और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आये, अच्छी निंद ले, शारीरिक रूप से संक्रीय रहे, पानी अधिक सेवन करने तथा पौष्टिक आहार लें, चिंता व तनाव से दूर रहें व स्वस्थ्य जीवन शैली अपनायें। डॉक्टर के सलाह के बिना कोई दवा अपनी मर्जी से न लेवें। हाथ न मिलायें।

जिले में स्वाईन फ्लू की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सभी स्वाईन फ्लू संदिग्ध व्यक्तियों की जॉच की सुविधा जल्द ही शासकीय मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी लैब जांजगीर में उपलब्ध होगी। अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के 9179623851, 9179625229 पर संपर्क कर सकते है।

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केंद्रीय भूमिजल विभाग द्वारा भू-जल प्रबंधन विषय पर दिया जाएगा तीन दिवसीय प्रशिक्षण

 बैकुण्ठपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय जलशक्ति विभाग के निर्देश के अनुरूप जिला पंचायत के मंथन कक्ष में मंगलवार से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण  के संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुणाल दुदावत ने बताया कि केंद्रीय जलशक्ति विभाग के अधीन कार्यरत भूमिजल बोर्ड के माध्यम से यह प्रशिक्षण  प्रदान किया जाएगा। भूमिगत जल बोर्ड की उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डा प्रवीर कुमार यादव की टीम संबंधित अधिकारियों को भूजल प्रबंधन पर विषेष प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग तथा उप संचालक कृषि को पत्र जारी कर दिया गया है। इसके अलावा जल प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए महात्मा गांधी नरेगा की सभी एजेंसी सहित वनमंडल बैकुण्ठपुर तथा वनमंडल मनेन्द्रगढ़ के भी अधिकारियों को प्रशिक्षण सूची में शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण जिला पंचायत के मंथन कक्ष में प्रात साढ़े दस बजे से आरंभ होगा। जिला पंचायत सीइओ द्वारा सभी प्रषिक्षणार्थियों को नियत समय पर प्रशिक्षण हेतु उपस्थिति के निर्देश  दिए गए हैं।

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सीएम पद के लिए स्वास्थ्य मंत्री बाबा ने ईशारों में किया ईशारा

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भारत जोड़ो यात्रा के छत्तीसगढ प्रभारी टी एस सिंह देव रविवार को भारत जोड़ों यात्रा के संबंध में भिलाई प्रवास पर आये। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि जिस घोषणा पत्र के आधार पर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी उसमें अधिकांशतर घोषणाएं किसानों की ऋण माफी, धान का समर्थन मूल्य, बिजली बिल हाफ सहित कई घोषणाएं पूरी की है और नशबंदी सहित कुछ घोषणाएं पूरी होने में बची है और उसको भी पूरा करने सतत प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के प्रश्र का उत्तर देते हुए कहा कि आगामी चुनाव में भी कांगेंस पूर्ण बहुमत से सरकार बनायेगी और आगामी चुनाव में सीएम का चेहरा कौन होगा का उत्तर देते हुए कहा कि जब पार्टी में सत्ता में होती है तो जो सीएम होता है वही अगला सीएम का भी फेस होता है। वर्तमान में भूपेश बघेल मुख्यमंत्री हैं तो वे ही सीएम का चेहरा भी होंगे। इस दौरान हमारे संवाददाता द्वारा जब पूछा गया कि आपकी इच्छा  (सीएम बनने की) कब पूरी होगी तो इशारों इशारों में उन्होंने यह ईशारा करते हुए कहा कि मुझे न्याय की उम्मीद है, जब मेरे साथ जब न्याय होगा तब मेरी इच्छा भी पूरी हो जायेगी।

इस दौरान उन्होंने भारत जोड़ों यात्रा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के लोगों से सीधे मिलने के लिए राहुल गांधी ने यह यात्रा शुरू की है। लाखों लोग उनसे जुड़ते जा रहे है। हालांकि पार्टी ने इस यात्रा को व्यवस्था के तहत गाईड लाईन बनाई है कि इससे अव्यवस्था न हो इसलिए तीन लोगों को इस यात्रा में मुख्य रूप से शामिल किया गया है। जिसमें पहले वे सौ लोग जिनको पूरे देश से चुना गया है। और 100 लोग उनको शामिल किया गया है जिस राज्य में भारत जोड़ो यात्रा हो रही है। 

इसके अलावा बाकी सौ उन लोगों को शामिल किया गया है जिन राज्यों से यह यात्रा नही जा पा रही है। इसके अलावा अन्य 1 लाख लोग इन सबके पीछे जो चाहे यात्रा में शामिल हो सकता है। इसमें सुबह कुछ घंटे और रात्रि को कुछ घंटे यात्रा को विराम दिया जा रहा हैकि जो लोग बाहर से आये है, उनसे और जहां यात्रा निकल रही है वहां के लोगों से मिल सके और उनकी समस्याओं को सुन सके। उन्होंने आगे कहा कि आज ऐसा लगता है कि कांग्रेस कई राज्यों में किसी कारणवस नागरिकों  से दूर हो गई है, उनसे नजदीकी होना और कांग्रेस की वर्तमान नीतियों को उनको समझाना आवश्यक है।

भारत जोड़ो यात्रा के छत्तीसगढ प्रभारी ने कहा कि अब तक इस यात्रा से लाखों लोग जुड़ चुके हैं। देश में आज महंगाई चरम पर है पेट्रोल सौ के पार है, सिलेंडर के दाम साढे 11 सौ रुपए हो गए। इसके बाद भी लोगों को कोई समस्या नहीं है तो यह कहना गलत है। भाजपा इस प्रकार का भ्रम फैला रही है। राहुल गांधी के भारत जोड़ों यात्रा के दौरान जो कांरवा बन रहा है वह इसका प्रमाण है कि देश की जनता महंगाई से त्रस्त है। आज सत्तासीन पार्टी के कारण एकता और अखंडता खतरे में पड़ गई है। उसे बचाना और आपस में प्रेमभाईचारा बनना आवश्यक है।

राहुल गांधी ही हमारा चेहरा

राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि भले ही राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन हमारा चेहरा राहुल गांधी होंगे। हालांकि राहुल गांधी ने चुनाव लडऩे मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश में आज सबसे ज्यादा राहुल गांधी को टारगेट किया जा रहा है लेकिन उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया। राहुल गांधी लगातार इसी प्रयास में हैं कि पार्टी एकजुट रहे। इस दौरान उन्होंने पार्टी छोडऩे वालों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से साथ रहने वाले एक बार में पार्टी छोड़ दें बुरा लगता है।

बीएसपी प्रबंधन से करेंगे चर्चा

भिलाई प्रवास पर आये टी एस बाबा को कुछ लोगों ने बताया कि कोयले की कमी के कारण पिछले तीन दिनों से कायले की कमी के कारण भिलाई इस्पात संयंत्र के कई विभागों में उत्पादन बंद है पर कहा कि मैं इसे संज्ञान में लेता हूं और बीएसपी प्रबंधन से चर्चा करूंगा।

शास्त्री हॉस्पिटल से ब्लड के लिए मरीज को दुर्ग रेफर करना गलत

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से कांग्रेसी नेता स्माईल खान ने उनका ध्यानाकर्षण कराते हुए जब कहा कि आपने सुपेला शास्त्री हॉस्पिटल में ब्लड बैंक खोलने के लिए कहा था उस पर अमल नही हो रहा है, यहां ब्लड की कमी के कारण मरीजों की स्थिति बिगड रही है और उनको दुर्ग जिला अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है तो इसपर मंत्री बाबा ने कहा कि यदि केवल ब्लड के लिए रेफर किया जा रहा है तो ये गलत है, कहा गया है कि यहां ब्लड के लिए फ्रीजर की व्यवस्था हो और उसमें कुछ ब्लड को स्टोर रखा जायेे।  

पत्रकारवार्ता में पूर्व राज्यमंत्री बी डी कुरैशी, कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती तुलसी साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अरूण सिंह सिसोदिया, फारूक खान, सादिक रजा, श्रीमती नीलू  ठाकुर, सुमित शर्मा, प्रवक्ता जावेद खान सहित अन्य बडी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।

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शांति व्यवस्था प्राथमिकता, सबका सहयोग आवश्यकःएसपी

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में सुरक्षातंत्र को मजबूत करने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर  इफ्फत आरा की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक  रामकृष्ण साहू की उपस्थिति में प्रशासन और पुलिस की महत्वपूर्ण बैठक संम्पन्न हुई। इस बैठक में सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, एसईसीएल महाप्रबंधक, एसडीओपी, तहसीलदार एवं समस्त थाना प्रभारी एवं सड़क सुरक्षा प्रभारी उपस्थित थे। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जिले में सुरक्षातंत्र को मजबूत कर शांति व्यवस्था दुरुस्त करने हेतु विभिन्न निर्देश दिए। जिसमे कलेक्टर  ने सुश्री इफ्फत आरा कहा कि राज्य शासन की मंशानुसार जिले में शांति व्यवस्था एवं सद्भावना बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस को प्रभावी समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे जिले में कोई भी घटना घटित होती है उसकी सूचना जल्द प्राप्त हो, जिसके लिए सभी अमलो को सजग रहकर कार्य करना है। घटना पर संवेदनशीलता से कार्य करना है। प्रशासन एवं पुलिस को प्रत्येक गतिविधि की जानकारी होनी चाहिये जिसके लिए सूचना तंत्र मजबूत करने एवं आमजनों से परस्पर जुड़े रहने के निर्देश दिए हैं जिससे उनका सहयोग प्रशासन व पुलिस को प्राप्त हो। उन्होंने राजस्व और पुलिस के अमलो को अपने दैनिक कार्यों के साथ ही शांति व्यवस्था के लिए अतिरिक्त कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया एवं निरंतर मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है। उन्होंने समस्याओं के निराकरण के लिए जनसुनवाई करें वास्तविक घटनाओं से अवगत होकर छोटे स्तर पर निराकरण करें एसडीएम, एसडीओपी तहसीलदार छोटे स्तर तक अर्थात ग्रामीण जन तक पहुंच बेहतर बनाएं जिससे सूचना समय पर उपलब्ध हो सके।

  पुलिस अधीक्षक  रामकृष्ण साहू ने आपसी समन्वय पर जोर देते हुए कहा है कि विपरीत परिस्थितियां निर्मित होती हैं। सूरजपुर खनिज कोयला रेत वाला क्षेत्र है संवेदनशील मामलों में हमेशा सजग रहें समन्वय कर समाधान के बेहतर रास्ता निकालें जिससे किसी को परेशानी ना हो समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर निराकरण करना सुनिश्चित करें खनिज कोयला रेत सहित अन्य चीजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाना आवश्यक है। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें।

पुलिस अधीक्षक ने निर्देश देते हुए कहा कि जिले में कही भी दुर्घटना होती है वहा पुलिस तत्काल पहुंचे एवं आवश्यक कार्यवाही के साथ ही आमजन का सहयोग करें। उन्होंने उन्होंने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था पहली प्राथमिकता है सभी संगठनों से बेहतर समन्वय बनाकर रखें। उन्होंने कहा कि आपका सूचना, आपका सहयोग आवश्यक है जिससे जिले में शांति व्यवस्था बेहतर की जा सके इसमें समाज के हर वर्ग को आगे आने की आवश्यकता है। जिला अच्छी स्थिति में है आपके सहयोग से चोर पकड़े जा रहे हैं जो कि आपके सूचना तंत्र का ही प्रमाण है।

      एसईसीएल महाप्रबंधक अमित सक्सेना ने कहा कि जिला कोयला बहुल क्षेत्र है। जिला प्रशासन एवं पुलिस अमला निरंतर कोयला अवैध परिवहन को रोकने में सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोयला चोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ सामंजस्य स्थापित कर कोयला अवैध परिवहन पर नियंत्रण किया जा रहा है। बेहतर नियंत्रण के लिए सभी का सहयोग एवं सूचना तंत्र मजबूत होना आवश्यक है।

 

 

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जिले को एनीमिया मुक्त बनाने अधिकारियों को किया गया निर्देशित

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  रितेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आज एनआईसी कक्ष में एनीमिया मुक्त जशपुर के तहत जिले में चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु यूनिसेफ की टीम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित हुई। बैठक में एनीमिया मुक्त जशपुर हेतु की जा रही गतिविधियों की प्रगति, आगे की कार्य योजना सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर यूनिसेफ के राज्य स्तरीय कम्युनिकेशन फॉर डेवल्पमेन्ट के प्रमुख  अभिषेक सिंह, सीईओ जिला पंचायत  जितेंद्र यादव, यूनिसेफ के जिला सलाहकार किशोर किशोरियों, युवतियों, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुवती माताओं का स्वास्थ्य जांच किया गया है एवं सभी स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम-छात्रावास में बच्चों को आयरन की गोलियां का वितरण कर नियमित रूप से सेवन किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि एनिमिया मुक्त जशपुर, एनिमिया मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणास्त्रोत की तरह कार्य करेगा। इस हेतु सभी विभागों को व्यवस्थित कार्ययोजना के साथ गंभीरता से कार्य करना होगा। निचले स्तर से एनिमिक युवतियों, महिलाओं की पहचान कर उनका हीमोग्लोबिन जांच एवं उपचार प्राथमिकता से करना होगा। साथ ही नियमित रूप से निगरानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने आंगनबाड़ियों में पोषण आहार, गर्म भोजन एवं आयरन टेबलेट का सेवन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल एवं स्थानीय भाजियों का सेवन कराने के लिए कहा। उन्होंने मुनगा सब्जी व भाजी को आहार में मुख्य रूप से शामिल करने की बात कही।

कलेक्टर ने जिले को एनीमिया मुक्त बनाने हेतु मिशन मोड में कार्य करने हेतु सभी अधिकारियों को निर्देशित किया। इस हेतु आम जनों में जागरूकता लाने एवं उनका व्यवहार परिवर्तन हेतु विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। जिसमें रात्रि चौपाल एवं अन्य गतिविधियां शामिल है। इस कार्य मे जय हो वॉलिंटियर्स, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य सहित अन्य सभी की सहभागिता लेने की बात कही।

कलेक्टर श्री अग्रवाल ने एनिमिया से मुक्ति हेतु शैक्षणिक संस्थाओं, आश्रम छात्रावासों पर विशेष ध्यान देते हुए संस्थानों में अध्यनरत बच्चों का नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने एवं उन्हें आयरन की टेबलेट का सेवन कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि आयरन टेबलेट को दवा के रूप में नही पूरक आहार के रूप में लेना चाहिए। इस दौरान यूनिसेफ के श्री अभिषेक ने भी एनीमिया मुक्त जशपुर के लिए यूनिसेफ की टीम द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही आगे की कार्ययोजना पर कलेक्टर सहित सभी जिला अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा की एनीमिया मुक्त जशपुर के प्रथम चरण में एनिमिको की पहचान करने एवं उनका प्राथमिकता से उपचार करने के लिए कहा साथ ही लोगों के व्यवहार परिवर्तन हेतु उनमें जागरूकता लाने की बात कही। 

 

 

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आंगनबाड़ियों में बच्चों को आयरन टेबलेट का कराया जा रहा सेवन

 जशपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  रितेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले के सभी शैक्षणिक संस्थाओ स्कूल, आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ियों में एनिमिया मुक्ति के लिए विशेष प्रयास  किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सभी संस्थानों में बच्चों का हीमोग्लोबिन जांच एवं आयरन टेबलेट का सेवन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी  जे.के.प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास  अरुण पांडे, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला मिशन समन्वयक  नरेन्द्र सिन्हा द्वारा स्कूल एवं आंगनबाड़ियों का निरीक्षण कर बच्चों को टेबलेट सेवन की जानकारी ली। साथ ही बच्चों को नियमित रूप से टेबलेट का सेवन करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

डीईओ  प्रसाद ने महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों का निरीक्षण कर शाला में बच्चों को एनीमिया व कुपोषण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उनकी उपस्थिति में बच्चों द्वारा एनीमिया मुक्ति हेतु आयरन टेबलेट के सेवन किया गया। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के श्री सिन्हा द्वारा भी स्कूलों का निरीक्षण कर वहाँ विद्यार्थियों को कुपोषण स्तर में कमी लाने हेतु आयरन टेबलेट सेवन हेतु प्रेरित किया गया।

इसी प्रकार डीपीओ श्री पांडे द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में किशोरी बालिकाओं को आयरन टेबलेट के सेवन से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। उन्होंने सभी को कुपोषण स्तर में कमी लाने हेतु भोजन में स्थानीय भाजी, मुनगा, एवं  हरी सब्जियों का सेवन करने की समझाईश दी साथ ही पोषण आहार के तहत मिलने वाले रेडी टू इट एवं गर्म भोजन का भी नियमित रूप से सेवन करने के लिए कहा। इस दौरान केंद्र में उपस्थित किशोरी युवतियों को आयरन टेबलेट का सेवन कराया गया।

 

 

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कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी नागरिकों की समस्याएं

विभिन्न विकासखंड से आए लोगों ने कलेक्टर को दिए आवेदन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज यहां अपने चेंबर में जनदर्शन में  आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। कलेक्टर ने  जनदर्शन के माध्यम से जिले के विभिन्न विकासखंडो के  दूर-दराज से आए नागरिकों, ग्रामीणजनों, महिलाओं की समस्याओं और शिकायतों को सुना और   उन आवेदनों पर नियमानुसार  त्वरित निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि  सभी शासकीय योजनाओं का उचित क्रियान्वयन कर योजनाओं का लाभ आम लोगों को समय पर दिलाना सुनिश्चित करे।

आज जनदर्शन में रामसागर पारा की मीना साहू ने अवैध कब्जा हटवाने , अमलीडीह रायपुर की अमरीका सागर ने अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही करने, पंडरभट्ठा के गिरवर लाल दुबे ने गौठान पर बेजा कब्जा हटवाने, जय सतनाम व्यायामशाला समिति गुढ़ियारी के पदाधिकारियों ने पट्टा आवंटित कराने, तहसील आरंग ग्राम डिधारी के संजय कोसले ने अपनी पत्नी का इलाज कराने आर्थिक सहायता के लिए, लखौली के महेत्तर सतनामी ने ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने,

अभनपुर विकासखंड के ग्राम आमनेर की श्रीमती तीरथ बाई  ने खाता विभाजन कराने इसी तरह अन्यों ने भी अपनी शिकायत एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन  कलेक्टर को दिए।

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जनचौपाल में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, मिले 70 आवेदन

 गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला कार्यालय गरियाबंद में प्रत्येक सप्ताह सोमवार को आयोजित जनचौपाल में कलेक्टर की मौजूदगी में आवेदनों के त्वरित निराकरण का अच्छा प्रतिसाद मिलने लगा है। लोग अपनी समस्याओं से विनम्रतापूर्वक कलेक्टर को अवगत करा रहे है। जिले के संवेदनशील कलेक्टर  प्रभात मलिक भी लोगों की समस्याएं को गंभीरता से सुन रहे है। आज के जन चौपाल में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र से आये 70 लोगों ने अपनी समस्या संबंधी आवेदन प्रस्तुत किये। 

कलेक्टर प्रभात मलिक ने लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने मौके पर ही आवेदकों की समस्या संबंधी आवेदन को संबंधित विभाग के अधिकारियों के माध्यम से निराकृत किया। साथ ही अन्य आवेदकों को उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया। जनचौपाल में ग्राम जामगांव के ओमप्रकाश साहू ने बंदोबस्त के पूर्व नक्शा के आधार पर त्रुटि सुधार करने, ग्राम चैतरा के तुलसी राम ने 35 वर्ष से काबिज बड़े झाड़ की जंगल भूमि की पट्टा प्रदान करने, ग्राम घुटकुनवापारा के थनेश्वर सिंह गंगबीर सहायक शिक्षक स्थानांतरण संशोधन, ग्राम मड़ेली के ग्रामवासी ने सुगम सड़क स्वीकृति कराने, ग्राम नांगझर के रामचरण साहू ने पशुशेड निर्माण, ग्राम पंचायत मुड़ागांव के सरपंच व पंचगण ने पंचायत सचिव बसंत सिन्हा के निष्कासित करके अन्य सचिव को पदस्थ कराने, ग्राम अमलोर के जोहन ने नाम व खसरा सुधार दर्ज कराने, ग्राम रानीपरतेवा के रेखराज साहू ने शिक्षण शुल्क सहायता प्रदान करने, ग्राम गुण्डरदेही के सरपंच ने उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन जीर्णोधार कार्य की स्वीकृति, ग्राम कुम्ही की मालती बंजारे ने मजदूरी पंजीयन कार्ड का नवीनीकरण करने सहित अन्य आवेदकों ने भी अपनी समस्या संबंधी आवेदन प्रस्तुत किये। 

इस अवसर पर जिला पंचायत की सीईओ रोक्तिमा यादव व डिप्टी कलेक्टर चांदनी कंवर सहित जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग : 100 आपदा मित्रों ने सिखे बाढ़, भूकंप, सहित अन्य आपदाओं में आम जन को सुरक्षित करने के गुर

 सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में आपदा मित्रों के प्रशिक्षण 24 सितम्बर को हुई। 12 सितम्बर से शुरू हुई इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के तीनों विकासखंड से चयनित 100 युवाओं जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों सम्मिलित थे, बाढ़, भूकंप, अग्नि दुर्घटना, बिजली गाज, सड़क दुर्घटना, औद्योगिक दुर्घटना आदि के दौरान आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। जिला मुख्यालय स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में इन युवाओं को संभाग मुख्यालय सहित रायपुर की एसडीआरएफ टीम के ट्रेनर्स व एनडीआरएफ  के सुरक्षा जवानों की ओर से आपदा के समय पर लोगो को सुरक्षित स्थान पर ले जाने, बचाव कार्य में विविध प्रकार के उपकरण व यंत्र का उपयोग करने के साथ ही घायल या पीडि़त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार, सीपीआर देना आदि विधाओं के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।

आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी जिला सेनानी सुकमा, एन.एस नेताम, संभागीय सेनानी, बस्तर संभाग जगदलपुर एस.पी गौतम का विशेष सहयोग रहा। जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण से ये युवा भविष्य में जिले में किसी भी प्रकार के आपदा के समय उससे निपटने के लिए तैयार रहेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर संभागीय सेनानी, नगर सेना बस्तर संभाग जगदलपुर  एस.पी. गौतम व एन एस नेताम प्रभारी जिला सेनानी सुकमा की ओर से प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र परिचय पत्र, आपदा मित्र पुस्तक का वितरण कर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण का समापन किया गया।

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जल जीवन मिशन की धीमी गति पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की है। हर घर नल के निर्धारित लक्ष्य 1 लाख 4 हजार 335 के विरूद्ध अब तक 14 हजार 77 घरों में ही नल सुविधा मुहैया कराई गई हैै। कलेक्टर ने काम की इस सुस्ती के लिए जवाबदेह ठेकेदारों को ब्लेक लिस्टेड कर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। कलेक्टर आज जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

जिला कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर की ओर से जिले के 668 ग्राम के लिए कुल स्वीकृत 909 योजना के निविदा प्रक्रिया माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये है। जिले के कुल 2 लाख 4 हजार 687 परिवारों में अभी तक मात्र 1 लाख 7 हजार 787 परिवारों में कार्य करने का आदेश जारी किया गया है, जिस पर कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी व्यक्त किया। इसी तरह जिले में कुल अनुबंधित कार्यों में जिन एजेंसी की ओर से कार्य नहीं किया जा रहा है अथवा कार्यादेश जारी करने के उपरांत समयानुपातिक प्रगति नहीं होने पर उन्हें तत्काल सूचित कर नियमानुसार कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिले में अभी भी कई ठेकेदारों ने विगत 3-4 माह पूर्व अनुबंध हस्ताक्षर कर कार्यादेश प्राप्त कर कार्य प्रारंभ नहीं किया है। उन्हें नियमानुसार ठेकेदारों की काली सूची में डालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। 

समीक्षा बैठक के दौरान यह भी संज्ञान में आया है कि प्रति दिवस हर घर नल कनेक्शन के आई.एम.आई.एस. की एन्ट्री अत्यंत ही कम है। इसी तरह सहायक अभियंता व उपअभियंताओं को भी ठेकेदार के देयकों का त्वरित निराकरण कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिये गये है कि शासन के इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार के लापरवाही कार्यों में उदासीनता का स्पष्ट प्रमाण है व इसके लिए कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में ई.ई. पीएचई एस.के.चन्द्रा सहित विभागीय सहायक अभियंता व उप अभियंता उपस्थित थे।

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