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तेज रफ्तार ट्रेलर की ठोकर से एक की मौत, 2 गंभीर

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में रफ्तार का कहर जारी है। ट्रेलर ने यहां बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी, जिससे पिता की मौत हो गई। वहीं बेटा और रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने यहां चक्काजाम भी कर दिया। पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र के सेंदरी नेशनल हाईवे का है।

तखतपुर क्षेत्र के घुटेली निवासी रामकिशुन साहू (60) किसान थे। वे सीपत क्षेत्र के सेलर में रहने वाले रिश्तेदार के घर दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। सेलर से वे अपने रिश्तेदार के यहां सेंदरी जाने के लिए निकल गए। उनके साथ उनका बेटा भास्कर साहू और रिश्तेदार मेलऊराम साहू भी बाइक में सवार थे। तीनों दोपहर में सेंदरी से गांव जाने के लिए निकले थे। सेंदरी के को-आपरेटिव सोसायटी के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

 
 
 

इस हादसे में बाइक सवार रामकिशुन साहू को गंभीर चोटे आई। वहीं, बाइक चला रहे बेटे भास्कर और रिश्तेदार मेलऊराम साहू भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर पर चोट लगने के कारण रामकिशुन की मौके पर ही मौत हो गई।

 

 

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वरिष्ठ पत्रकार स्व. बबन मिश्रा की पत्नी मनोरमा मिश्रा का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार स्व. बबन प्रसाद मिश्रा की धर्मपत्नी श्रीमती मनोरमा मिश्रा का बुधवार देर रात निधन हो गया। उनकी अंत्येष्टि 20 अक्टूबर को अपरान्ह चार बजे, देवेन्द्र नगर, रायपुर मुक्तिधाम में होगी। अंतिम यात्रा 10-A, रवि नगर, श्याम प्लाजा के बाजू, पंडित स्व. बबन प्रसाद मिश्र मार्ग से 4 बजे निकलेगी।


श्रीमती मनोरमा मिश्र के निधन पर मुख्यंत्री बघेल ने दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार रहे स्व. बबन प्रसाद मिश्र की धर्मपत्नी श्रीमती मनोरमा मिश्र के निधन का समाचार दुखद है। मिश्र परिवार को यह दुःख सहने की ईश्वर शक्ति दें। दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ।

मनोरमा मिश्रा गिरीश मिश्र, सतीश मिश्र, नीलिमा शुक्ला, डॉ मधुरिमा दुबे, मनीष मिश्र की माता, अनुराग शुक्ला, अनुराग दुबे की सास थी। वे गणेश प्रसाद मिश्र, रिपुसूदन मिश्र, एवं सुभाष मिश्र की बड़ी भाभी थीं। अभिनीत शुक्ला, अभिनव शुक्ला, सृष्टि दुबे, पलाश दुबे की नानी और अंशुल मिश्रा , अस्तित्व मिश्रा , निकिता मिश्रा, अनुभा मिश्रा, दीप्ति मिश्रा की दादी थी।

 

 

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मुख्यमंत्री ने किया 40 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शिवरीनारायण पहुँचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज पामगढ़ विधानसभा अंतर्गत 26 कार्य लागत राशि 16 करोड़ 1453 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन और 14 कार्यों लागत राशि 7 करोड़ 75 लाख 44 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने शिवरीनारायण में कुल 23 करोड़ 90 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक मे 4 कार्य लागत राशि 5 करोड रुपए, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा 11 कार्य लागत राशि 2.353 करोड रुपए, जल संसाधन संभाग जांजगीर,दो कार्य लागत राशि 5.234 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एक कार्य लागत राशि 2.4372 करोड़ रुपए,लोक निर्माण विभाग,दो कार्य लागत राशि 4.5438 करोड़ रुपए,ग्राम पंचायत 7 कार्य लागत राशि 0.8101 करोड़ रुपए, कुल 26 कार्य लागत राशि 16.1453 करोड रुपए का भूमिपूजन किया। इसी तरह

 

 मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एक कार्य लागत राशि 2.17 करोड़ रुपए ,नगर पंचायत शिवरीनारायण दो कार्य लागत राशि 0.4590 करोड़ रूपये , ग्रामीण यांत्रिकी सेवा दो कार्य लागत राशि 1.6933 करोड़ रुपए

ग्राम पंचायत 7 कार्य लागत राशि 0.46 96 करोड़ रुपए,लोक निर्माण विभाग एक कार्य लागत राशि 1.2116 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल 1 कार्य 1.75 करोड़ कुल 14 कार्य लागत राशि 7.7544 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण किया।

 

 

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अवैध शराब, जुआ सट्टा के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें : भूपेश बघेल

 शिवरीनारायण (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  भेंट मुलाकात के दौरान शिवरीनारायण में अधिकारियों की बैठक में कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत है। इस क्षेत्र के कुछ ग्रामों में शिकायत आई है। यह दूर होनी चाहिए। अंचल के कुछ ग्रामों में डूबान क्षेत्रों के किसानों को मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिल सका है। उन्होंने कलेक्टर को पहल कर किसानों को राशि दिलाने को कहा है।

श्री बघेल ने सिंचाई परियोजना के अंतर्गत टेल एरिया के खेतों तक पानी पहुंचाने की ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा की शासकीय भूमि में अतिक्रमण की कार्रवाई ग्रामीणों की सहमति से किया जाए। यथासंभव बल का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। समझने से लोग समझ जायेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की छोटी छोटी अनुदान राशि गरीबों के लिए महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए उन्हें दफ्तर के बार बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ने चाहिए।

 
 
 
 
 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि शासन द्वारा की गई घोषणाएं प्राथमिकता से और समय सीमा में पूर्ण करें। इसे लागू करने एवं अमल में लाने में विलंब नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि धान कटाई का मौसम शुरू होने वाला है। बड़ी मात्रा में पैरा खेत में रहेगा। इसे गोठान को दान करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। इस संबंध में जनजागरुकता के कार्यक्रम किए जाएं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रशासन को अब स्वावलंबी गोठान के अलावा नए गोठानों को भी ध्यान दें।

 
 
 
 
 

श्री बघेल ने कहा कि यह इलाका पलायन बहुल क्षेत्र है। बड़ी संख्या में लोग बाहर काम के लिए जाते हैं। यदि गोठान और रीपा गतिविधियां अच्छी तरह से संचालित हाेगीं तो पलायन थमेगा, उन्हें अपने घर के आसपास ही काम मिलेगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण राज्य का प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार पर्याप्त सुविधाएं विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण के साथ साथ शहरी इलाकों की सड़कों की मरम्मत के लिए अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने अवैध शराब, जुआ सट्टा, नशीली दवाइयां के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। श्री बघेल ने बैठक में स्कूल शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। न केवल शिक्षा विभाग बल्कि अन्य अफसर भी दौरे में स्कूलों का निरीक्षण करें। सेजेस स्कूलों के साथ अन्य स्कूलों की गुणवत्ता पर समान रूप से ध्यान देना है।

 
 
 
 
 

मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, प्रभारी सचिव  धनंजय देवांगन,कमिश्नर डॉ संजय अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा, एसपी विजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी सहित जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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अमित श्रीवास्तव को मिली हिमाचल की चुराह विधानसभा में सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस संचार विभाग सदस्य अमित श्रीवास्तव को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जिला चंबा के अंतर्गत चुराह (एससी) विधानसभा क्षेत्र 01 के सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति एआईसीसी के हिमाचल प्रदेश के प्रदेश प्रभारी एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला के द्वारा की गई ।

 
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जेल में कैदी ने फांसी लगाकर दी जान

 मुंगेली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में आजीवन कारावास की सजा काटने वाले एक कैदी ने जेल में ही आत्महत्या कर ली है। जब इस घटना की खबर जेल प्रशासन को हुई तो वहां हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पत्नी की हत्या के मामले में वह बन्द था। बैरक नम्बर 3 के सीढ़ी में चादर का फंदा बनाकर उसने फांसी लगा ली। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, पत्नी की हत्या के मामले कैदी को जिला और सत्र न्यायलय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जेल प्रशासन के मुतबिक सजा सुनाए जाने के बाद से वह सदमे में था। प्रशासन ने उसकी काउंसिलिंग भी कराई थी। वह बैरक नम्बर 3 के सीढ़ी में चादर का फंदा बनाकर फांसी लगा लिया।

 
 
 

कैदी जेल अधीक्षक ने बन्दी की काउंसलिंग भी की थी। ड्यूटी में तैनात 1 जेल प्रहरी को निलंबित कर दिया गया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है।

 

 

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धन्वन्तरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर जरूरत मंद एवं गरीबों के लिए बन रही जीवनरक्षक

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना है। जिसके तहत जिले के आम जनता को कम से कम 50 प्रतिशत की छूट पर जेनेरिक दवाई एवं सर्जिकल आइटम सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत आम नागरिकों को रियायती दर पर सस्ती दवाइयों की माध्यम से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। इस योजना के तहत दवाइयों की नियमित आपूर्ति हेतु जिले के अंतर्गत विभिन्न 5 स्थानों जैसे गीदम, दंतेवाड़ा, किरंदुल, बचेली और बारसूर में दुकानों का संचालन किया जा रहा है।

जिले में संचालित जेनेरिक मेडिकल स्टोर में 251 जेनरिक दवाइयां, 27 सर्जिकल उत्पाद, 69 हर्बल उत्पाद की दवाइयां बिक्री की जा रही है। जो सस्ती होने के साथ गुणवत्तापूर्ण पूर्ण भी है। इससे सभी आय वर्ग के लोगों को समानता से कम कीमत पर दवा उपलब्ध हो रही है। अब निम्न वर्ग के लोग भी दवाई ले रहें है।

दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तुड़पारास निवासी  हेमंत कुमार नाग ने बताया कि मेडिकल स्टोर से वे सस्ती दामों पर दवाइयां उपलब्ध हो रही है। पहले बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेना महंगा पड़ता था। अब किफायती दर पर दवाइयां मिल रही हैं अच्छा इलाज हो रहा है और पैसे की बचत हो रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बारसूर के रहने वाले  धनेश पदामी ने राज्य शासन द्वारा चलाई जा रही  धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल योजना को बहुत ही अच्छा बताया और कहा कि इससे निम्न वर्ग परिवार भी आसानी से लाभ ले पा रहे हैं।

आपको ज्ञात होगा कि आज से एक वर्ष पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा 20 अक्टूबर 2021 को  धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना का शुभारंभ किया गया था। आज से इस योजना को शुरू हुए एक साल पूरे हो गए और इस योजना के तहत जिले में 18 हजार 212 हितग्राही लाभान्वित हुए है।  धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर से उपभोक्ताओं को सस्ते मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है।

उपभोक्ताओं को दवाइयों पर न्यूनतम 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। शुरू की गई इस जनहित ऐसी योजना धन्वंतरी मेडिकल स्टोर से निम्न दरों पर दवाइयां मिलने से लोगों को आर्थिक मदद मिल रही है। महंगी होती स्वास्थ्य सेवा के दौर में यह योजना गरीबों के अलावा मध्यम वर्गीय परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है। जरूरतमंदों को समय पर ही दवाइयों की आपूर्ति हो जाती है।

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अंतर्राष्ट्रीय कृषि मड़ई में दन्तेवाड़ा के उत्पादों एवं प्रार्दशों की सराहना की गई

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर एवं फार्मटेक एशिया के संयुक्त तत्वाधान में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के परिसर में 5 दिवसीय एग्री कार्नीवाल 2022 (कृषि मड़ई) का सफल आयोजन किया गया। एग्री कार्निवाल में कृषि विज्ञान केन्द्र, दन्तेवाड़ा के मार्गदर्शन में 5 स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तकनीकी प्रादर्श लगाये तथा स्व-निर्मित उत्पादों की विक्रय प्रदर्शनी भी लगाई। एग्री कार्नीवाल में क्रमशः महिला आजीविका परिसर झोडि़याबाड़म, महिला उत्थान स्व-सहायता समूह मासोड़ी, इंदिरावती स्व-सहायता समूह, कासोली, साईं बाबा स्व-सहायता समूह हारम की महिलाओं ने भाग लिया।

मड़ई में प्रदर्शित उत्पादों में चांवल के किस्म जवाफुल, बाशाहभोग एवं नवसिंगो की मांग रही। अकाष्ठीय एवं लघु वनोपज के स्टॉल में दंतेवाड़ा के महिलाओं द्वारा प्रदर्शित महुआ से बने लड्डू एवं केक तथा तिखुर का लड्डू एवं तिखुर का केक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर स्टॉल अवलोकन के दौरान कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा महुआ पावडर से निर्मित केक काटा गया। उनके साथ क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ. विवेक त्रिपाठी संचालक अनुसंधान सेवायें, डॉ. अजय वर्मा निदेशक विस्तार सेवाएं तथा विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता गण एवं अन्य वैज्ञानिकगण साथ मौजूद रहे।

 
 
 

कृषि विज्ञान केन्द्र पर चार (चिरौंजी) के पौधे तैयार किये जा रहे है। उसका भी प्रदर्शन स्टॉल पर किया गया था जिसकी राज्य स्तर पर भारी मांग रही। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा हर्बल गुलाल उत्पादन की तकनीकी को भी पृथक से स्टॉल में प्रदर्शित किया गया। जिसे सीखने के लिए भारी संख्या में लोग इच्छुक नजर आए। प्रतिभागी महिला समूहों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशक विस्तार सेवायें डॉ. अजय वर्मा एवं फार्मटेक एशिया से सुश्री वैशाली द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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मुख्यमंत्री ने दाऊ ठाकुर राम चंद्राकर को अर्पित की श्रद्धांजलि

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम सांतरा पहुंचकर दाऊ  ठाकुर राम चंद्राकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री बघेल चंद्रपुर और पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के बाद शिवरीनारायण से ग्राम सांतरा आए, जहां उन्होंने दाऊ   ठाकुर राम चंद्राकर के निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने दाऊ  ठाकुर राम चंद्राकर के शोक संतप्त परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की और उन्हें ढांढस बंधाया।

 

 

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गरीब और जरूरतमंद की जरूरत बनी शहरी स्वास्थ्य स्लम योजना

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरोना काल के बाद लोगों में अपने स्वास्थ्य  के प्रति  बड़ी जागरूकता देखने को मिली है जिसमें  गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति चाहता है कि जब वह बीमार पड़े तो उसे अपने इलाज के लिए भटकना न पड़े। छोटी-छोटी बीमारी के लिए अपना रोजगार बंद कर डाक्टरों से अपॉइंटमेंट लेकर और लाइन में लगकर इलाज कराने से हर कोई बचना चाहता है। लोगों की इन्ही परेशानियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ में शुरू की गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना अब इन्हीं उद्देश्यों और लक्ष्यों को न सिर्फ पूरा कर रही है, बल्कि अपने मुहल्ले में ही घर के पास कैंप लगने से जरूरतमंद लोगों को इलाज में बहुत सहूलियत हुई है। 

स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के साथ गरीबों का शीघ्र इलाज कर उन्हें स्वस्थ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के उठाए गए इस कदम का परिणाम है कि मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना ने गरीब परिवारों का दिल जीत लिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 1 नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगमों से प्रारंभ हुई योजना अब राज्य के सभी नगरीय निकायों में संचालित है। अभी तक करीब 32 लाख मरीजों का उपचार हो चुका है। 

ज्ञात हो कि राज्य के 14 नगर निगम क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के प्रथम चरण की शुरूआत 1 नवम्बर 2020 को हुई थी। इसके तहत 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट ने स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार और  दवा वितरण की शुरुआत की गई थी। 31 मार्च को इसका विस्तार पूरे राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया और  60 और नई मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई। मुख्यमंत्री  ने ऐसी परिकल्पना की थी स्लम बस्तियों में निवासरत लोगों का इलाज उनके घर पर ही हो।

 इसी उद्देश्य के साथ लागू की गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से अब तक 31 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिट के चिकित्सा दल ने स्लम बस्तियों में पहुंचकर किया है। योजना के तहत अब पूरे राज्य के नगरीय क्षेत्रों के स्लम बस्तियों में चिकित्सक, पैरामेडिकल टीम, मेडिकल उपकरण, दवाओं से लैस 120 मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है। इस योजना के माध्यम से अब तक 6 लाख 74 हजार 121 मरीजों को पैथालॉजी टेस्ट की सुविधा मुहैया कराने के साथ ही 26 लाख 10 हजार 277 से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाएं दी गई हैं। योजना के तहत लाभान्वित मरीजों में दो लाख 52 हजार 263 श्रमिक भी हैं।

छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन और विकास विभाग से संचालित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक राज्य के 169 नगरीय निकायों की स्लम बस्तियों में मोबाइल मेडिकल यूनिट से लगने वाले कैम्प और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वालों की संख्या वृद्धि देखी जाए तो हर माह लाखों मरीज मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 43 हजार 70 शिविर में करीब 32 लाख मरीज लाभान्वित हुए हैं। वहीं दाई-दीदी क्लीनिक योजना अंतर्गत 1657 शिविर में एक लाख 23 हजार 657 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। नगरीय क्षेत्रों में स्लम में रहने वाले मजदूरों, गरीबों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है।

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विकास कार्यों की बढ़ाएं गति, समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री लखमा ने दिए निर्देश

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रभारी मंत्री कवासी लखमा की अध्यक्षता में आज नारायणपुर जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की गई। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि अब वर्षाकाल अपनी समाप्ति की ओर है तथा निर्माण कार्यों को गति देने का समय आ गया है। बैठक में छ.ग.हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष  चंदन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष  श्यामबती नेताम, उपाध्यक्ष  देवनाथ उसेण्डी, जनपद पंचायत नारायणपुर अध्यक्ष  पंडीराम वड्डे, के अलावा कलेक्टर  ऋतुराज रघुवंशी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवेश कुमार ध्रुव, एसडीएम जितेन्द्र कुर्रे, अपर कलेक्टर  अभिशेक गुप्ता, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास  संजय चंदेल, उपसंचालक कृशि बीएस बघेल, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रविकांत ध्रुर्वे, नगर पालिका अधिकारी  मोबिन अली के अलावा अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

मंत्री ने कहा कि सभी समुदायों को उनका सामुदायिक भवन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा विशेष पहल की गई है तथा इस कार्य मंे किसी भी प्रकार का विलंब न हो। उन्होंने सभी समाज के भवन निर्माण कार्य को जल्दी पूरा कराने के निर्देश दिए। मंत्री  लखमा ने स्वीकृत देवगुड़ियों एवं घोटुल के निर्माण में भी गति लाते हुए जल्दी ही पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देवगुड़ी के निर्माण के लिए राशि शासन द्वारा प्रदान की गई है तथा इसी अनुसार राशि स्वीकृत की जाए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखने के साथ ही सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने बालिका आश्रम-छात्रावासों में महिला सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। मंत्री  लखमा ने आश्रम-छात्रावास और स्कूल के स्वीकृत भवनों का निर्माण भी शीघ्रता से करने को कहा। उन्होंने सभी स्वीकृत सड़कों के निर्माण का कार्य और बंधवा तालाब का कार्य भी जल्दी ही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल की शिकायतों के सम्बन्ध में जानकारी ली । शासन द्वारा कोदो-कुटकी और रागी की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीदी का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। 

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प्रभारी मंत्री ने किया गांडा समाज के भवन का लोकार्पण

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अन्दकुरी गांडा समाज द्वारा सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नारायणपुर जिले के प्रभारी मंत्री, आबकारी व उद्योग मंत्री कवासी लखमा शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने गांडा समाज समाज हेतु 20 लाख रुपये की लागत से बने नवीन सामाजिक भवन का लोकार्पण किया, भवन गरांजी मे बनाया गया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सामुदायिक भवन का आज यहां भूमि पूजन हो रहा है।

सामुदायिक भवन बन जाने से ऐसे आयोजनों के लिए आप लोगों को काफी मदद मिलेगी, इसके साथ ही सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी ऐसे भवन बहुत सहायक होते हैं। इस अवसर पर इस दौरान छ.ग.हस्तशिल्प विकास बोर्ड अध्यक्ष  चंदन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्यामबती नेताम, उपाध्यक्ष  देवनाथ उसेण्डी, जनपद पंचायत नारायणपुर अध्यक्ष पंडीराम वड्डे, जिला पंचायत सदस्य सुश्री गंगादई सोरी, पार्शद  विजय सलाम,  रजनू नेताम, के अलावा समाज मुख्य, क्षेत्र के जनप्रतिनिधी  उपस्थित थे। 

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राष्ट्रीय मीडिया अवार्ड-2022 के लिए आवेदन 30 नवम्बर तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मीडिया अवार्ड-2022 के लिए मीडिया संस्थानों से आवेदन आमंत्रित किया है। मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए उत्कृष्ट अभियान संचालित करने वाले मीडिया संस्थानों को आयोग हर वर्ष चार श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान करता है। आयोग मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए सर्वश्रेष्ठ अभियान संचालित करने वाले एक प्रिंट मीडिया संस्थान, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अंतर्गत एक टेलीविजन मीडिया संस्थान और एक रेडियो मीडिया संस्थान तथा एक ऑनलाइन या सोशल मीडिया संस्थान का चयन कर पुरस्कृत करता है।

राष्ट्रीय मीडिया अवार्ड-2022 के लिए आवेदन करने के इच्छुक मीडिया संस्थान 30 नवम्बर तक अपना आवेदन आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय में भेज सकते हैं। आवेदन भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोका रोड, नई दिल्ली-110001 के पते पर प्रेषित किया जा सकता है।

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दंतेवाड़ा के सुदुर गांव में पहाड़ी रास्तों से होते हुए पैदल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में स्वास्थ्य विभाग का अमला पहुंच रहा है। दंतेवाड़ा जैसे सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में भी मेडिकल टीम वहां पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम ने लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर तथा पहाड़ी रास्ते से होकर ग्राम बेंगापाल पहुंची और वहां शिविर लगाकर ग्रामीणों का उपचार किया। इस 22 सदस्यी सहित मेडिकल टीम में चिकित्सक  मेडिकल स्टाफ शामिल थे।

स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा लगातार दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है। विकासखण्ड कुआकोण्डा के ग्राम पंचायत गुमियापाल के आश्रित गांव बेंगापाल में मेडिकल टीम द्वारा 380 लोगों की आबादी वाले इस गांव में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगभग 108 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। जिसमें सभी लोगों का मलेरिया की भी जांच की गई। लक्षण वाले मरीजों की लैब जांच के साथ ही निशुल्क दवाइयों का वितरण, मच्छरदानी का वितरण किया गया। मेडिकल टीम के चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा मलेरिया सहित विभिन्न मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक किया गया। मेडिकल टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों की भी जांच की गई। शिविर में बच्चों की जांच के दौरान दो बच्चों ने कुपोषण के गंभीर लक्षण दिखने कारण उन्हें एनआरसी में भर्ती के लिए रिफर किया गया।

गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी पहुंचविहीन और संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन कर वहां के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की जा रही है। मेडिकल टीम द्वारा गांव में लोगों के चिकित्सीय उपचार के साथ ही विभिन्न पैथालॉजी जांच की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को निःशुल्क दवाईयां भी उपलब्ध करायी जा रही है।

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भेंट मुलाकात : ग्राम केरा में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से योजनाओं का लिया फीडबैक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान गुरुवार को पामगढ़ विधानसभा के ग्राम केरा में आमजनता से रूबरू चर्चा कर राज्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में सीधे फीडबैक लिया। ग्राम केरा के जवाहरलाल आदित्य ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे 65 डिसमिल में खेती करते हैं। मुख्यमंत्री ने जब उनसे पूछा कि आपको राजीव गाँधी किसान न्याय योजना की राशि मिली या नहीं ? बैंक में जाकर खाता चेक किए या नहीं? तो जवाहरलाल ने बताया कि वह 15 दिन पहले ही बैंक गया था ,पैसा नहीं आया है। मुख्यमंत्री ने जवाहरलाल को बताया कि इस बार दीपावली का त्यौहार मनाने न्याय योजना की राशि एक नवम्बर से पहले 17 अक्टूबर को ही सबके खाते में दे दी गई है। यह दो दिन पहले की बात है। अब जाकर खाते की जांच करियेगा। किसान ने बैंक के अधिकारियों द्वारा ठीक से व्यवहार नहीं किए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक के अधिकारी को तलब किया और जब किसान के खाते की जाँच कराई तो उनके खाते में राजीव गाँधी न्याय योजना से पैसा आना पाया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें बैंक जाकर पैसा निकालने की सलाह दी और बैंक अधिकारी को मंच पर बुलाकर कहा कि आप किसान को बुलाकर चाय जरूर पिलाना साथ ही उन्होंने किसान से कहा कि बैंक अधिकारी को पहचान लीजिए।

ग्राम बर्रा के किसान दिलेराम साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने 250 किवंटल धान बेचा है। उनका 15 एकड़ का खेत है। धान बेचने के अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिली राशि से घर निर्माण और छट्ठी का आयोजन सहित रामायण कथा भी आयोजित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए बनाई गई योजना से उनको बेहतर लाभ मिल रहा है। इससे उनके चेहरे पर खुशी है।

अब खेत या आभूषण गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती-कृष्णा चन्द्रा
मुख्यमंत्री बघेल ने जब कार्यक्रम में राशनकार्ड नहीं बना पाने वाले हितग्राही को खड़े होने कहा तो ग्राम पिरीद के किसान कृष्णा चन्द्रा ने अपना हाथ उठाया और मुख्यमंत्री को बताया कि हम लोगों को रबी सीजन में नहर का पानी सिचाई के लिए चाहिए। मुख्यमंत्री ने उन्हें अन्य फसल के लिए प्रोत्साहित किया। किसान ने बताया कि उसका 7 एकड़ खेत है और राजीव गाँधी किसान न्याय योजना से 15 हजार 500 रूपए की राशि मिली है। 30 हजार रुपये का गोबर भी बेचा है। किसान ने मुख्यमंत्री को बताया कि आपके द्वारा शुरू की गई योजना का बेहतर लाभ मिल रहा है। उन्होंने खेती की जमीन और योजनाओं का लाभ की वजह से अपना राशनकार्ड नहीं बनाने की बात कही तो मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि सरकार सभी का राशनकार्ड बना रही है। एपीएल को 10 रुपये किलो में चावल दिया जाता है। किसान कृष्णा चन्द्रा ने अपनी शादी एक साल पहले ही होने की बात बताई तो मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि पहले बहू के मायके से नाम कटवाने और अपने गाँव में नाम जोड़ने के लिए कहा जिससे कि राशनकार्ड में एक अन्य सदस्य को अतिरिक्त चावल मिल सके।

ग्रामीण वृंदा बाई चन्द्रा ने मुख्यमंत्री को राजीवगांधी भूमिहीन मजदूर न्याय योजना से राशि मिलने की जानकारी दी। शुपालक विनोद कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री को गोधन न्याय योजना से किसानों को लाभ होने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनके पास 8 गाय है और 32 हजार किलो गोबर बेचकर 64 हजार प्राप्त किए।

महिला समूह ने वर्मी कम्पोस्ट से कमाए 2.75 लाख रूपए
ग्राम पुटपुरा की सुलोचनी बाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी समूह ने गौठान में 4200 बोरी वर्मी कंपोस्ट बनाया था जिसे बेचकर 2 लाख 75 हजार लाभ कमाई। वे मुर्गीपालन, बकरी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे कार्य से भी जुड़ी है। इससे उनका घर का खर्च भी आसानी से निकल जाता है।

वृक्षारोपण की सफलता पर पचेड़ा के सरपंच को मिली शाबासी
मुख्यमंत्री बघेल ने जब रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के विषय में जानकारी दी तो ग्राम पचेड़ा के सरपंच कृष्ण कुमार कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव के गौठान में रीपा के माध्यम से रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जा रही है। उन्होंने इस योजना से ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने और महिलाओं को मशरूम, मछली पालन, मुर्गी, बकरी पालन से आगे बढ़ने की जानकारी दी। सरपंच ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौठान में 10 डिसमिल जमीन पर गेंदे की खेती होने से सप्ताह में 1 हजार रुपये से अधिक का लाभ भी मिल जाता है। उन्होंने गौठान में सबसे अधिक पौधे लगाने और जीवित रखने की जानकारी दी तो मुख्यमंत्री ने उनको शाबासी देते हुए प्रशंसा भी की।

बहुत आगे बढ़ें बच्चे
स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जांजगीर की छात्रा मिष्ठी साहू और छात्र विभोर यादव ने मुख्यमंत्री को फर्राटेदार अंग्रेजी में अपने स्कूल की गतिविधियों के अलावा बेहतर शिक्षा मिलने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उनसे छत्तीसगढ़ी में और विद्यार्थियों ने अंग्रेजी में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए आने वाले दिनों में लगभग 700 आत्मानन्द विद्यालय संचालित की जाएगी। उन्होंने सप्ताह में एक दिन छत्तीसगढ़ी में क्लास और एक संस्कृत की कक्षा होने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे बच्चे अंग्रेजी के साथ अपने भाषा को भी सीख पाएंगे। उन्होंने बच्चों को बधाई देते हुए मन लगाकर पढ़ने और आगे बढ़ने भी कहा।

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राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल का एकीकरण डिजिटली करने पर मिला छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट पुरस्कार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अनेक क्षेत्रों में नवाचार किए जा रहे हैं। वहीं हितग्राहियों को त्वरित लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है, जिनमें से योजनाओं का डिजिटलीकरण मुख्य रूप से शामिल है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत आर्थिक फसल बीमा पोर्टलों का एकीकरण छत्तीसगढ़ में डिजिटल भू-अभिलेख डाटाबेस (भुइयां) में अत्यंत कम समय में किया गया है। इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट पुरस्कार प्रदान किया है।


गौरतलब है कि 19 व 20 अक्टूबर को केरल के कोच्चि में आठवीं राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है। अधिवेशन के पहले दिन छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2022 से राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल का एकीकरण छत्तीसगढ़ के डिजिटल भू-अभिलेख डाटाबेस भुइयां में सीमित समय में सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर दिया गया है। छत्तीसगढ़ की ओर से उत्कृष्ट पुरस्कार को विशेष सचिव एवं संचालक कृषि छत्तीसगढ़ शासन डॉ. अय्याज फकीर तम्बोली तथा संयुक्त संचालक कृषि, संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़ बी.के. मिश्रा ने ग्रहण किया।

 
 
 
 
 
 
 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल का एकीकरण प्रदेश के डिजिटल भू-अभिलेख डेटाबेस (भुइयां) से होने से कृषकों की भूमि विवरण संबंधित जानकारी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल में भुइयां पोर्टल से सत्यापन उपरांत ही इंद्राज की जा सकेगी। इससे कृषकों के सहीं खसरा नंबर रकबा तथा सही ग्राम की जानकारी पोर्टल पर इंद्राज होने से फसल बीमा आवरण तथा दावा भुगतान की कार्यवाही सुगमतापूर्वक पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित होगी।

 

 

 
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अब ट्रेन के अंदर भी रहेगी पैनी नजर, 190 कोचों में लगे सीसीटीवी कैमरे

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यात्रियों की सुरक्षा व संरक्षा तथा ट्रेनों में अपराध की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर ट्रेनों के कोच में क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे का प्रावधान किया जा रहा है। अब तक 110 एलएचबी कोच, 72 ईएमयू के कोच तथा 08 डेमू कोच में क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे लगाए जा चुके है । इससे यात्रियों का सफर सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव के साथ सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होगा । ट्रेनों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने पर इन कैमरों की मदद से डाटा को डाउनलोड करके उनका विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी ।



इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत यात्री ट्रेनों में दुर्ग-निज़ामुद्दीन-दुर्ग, हमसफर एक्स्प्रेस के 22 कोच, कोरबा-अमृतसर-कोरबा, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के 38 कोच, बिलासपुर-भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस के 13 कोच, बिलासपुर-पुणे व बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस के 06 कोच, बिलासपुर-पटना व बिलासपुर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के 04 कोच, दुर्ग-निज़ामुद्दीन, संपर्कक्रांति व दुर्ग-जम्मूतवी एक्सप्रेस के 16 कोच सहित 11 स्पेयर कोच शामिल है ।  

इसी प्रकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चलने वाली बल्लारसाह-गोंदिया मेमु के 12+12 कोच, चांदाफ़ोर्ट-गोंदिया मेमु के 12 कोच, गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमु के 12 कोच,  झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमु के 12 कोच, केवटी-रायपुर डेमू के 8 कोच सहित 12 स्पेयर कोचों में क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे लगाए जा चुके  है ।

ट्रेनों में कोच के अतिरिक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कई स्टेशनों के प्लेटफार्म व स्टेशन परिसरों में भी क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे का प्रावधान किया जा चुका है । इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 12 स्टेशनों में लगभग 360 क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे लगाए गए है । इन कैमरों की मदद से आपराधिक एवं संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के साथ स्टेशनों पर यात्रियों के छूटे हुए सामानों की बरामदगी में भी सहायता मिल रही है । इसके अतिरिक्त संदिग्धों एवं अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा विवाद सुलझाने में कैमरे के फुटेज साक्ष्य के तौर पर उपयोग में लाये जा रहे है । साथ ही साथ रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों और रेल में अपराध करने वालों पर भी अंकुश लगाने में क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है । फरवरी 2021 से अभी तक 21 मामलें को सीसीटीवी के द्वारा डिटेक्ट किया गया है, जिसमें 22 लोगों की गिरफ्तारी तथा 13 लाख से अधिक मूल्य की  संपत्ति बरामद की गई ।

यात्रियों विशेषतया महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 'मेरी सहेली' अभियान चलाई गई है । इस अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ट्रेन में सफर कर रही महिला यात्रियों के पास जाकर उनसे बात करती है । अगर महिला यात्री को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे तुरंत हल किया जाता है । इसके अलावा यात्रियों को एक हेल्पलाइन लाइन नम्बर भी दिया गया है जिस पर शिकायत करने पर तुरंत एक्शन लिया जाता है ।

महिला यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा व सम्मान की सार्थक पहल के लिए महत्वपूर्ण स्टेशनों  में ‘अक्षिता’ सेफ बबल का सफल प्रयोग व क्रियान्वयन किया गया है, जो कि प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित व सुविधापूर्ण स्थान उपलब्ध कराता है । इसके अतिरिक्त प्रतिदिन यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए तेजस्विनी वाट्सएप ग्रूप का सफल संचालन किया जा रहा है । यात्रियों की सुरक्षित एवं संरक्षित यात्रा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे सुनिश्चित करने हेतु निरंतर नई तकनीक का समावेश किया जा रहा है ।

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क्षेत्रीय प्रबंधक दास ने खरीदी सामग्री, सी-मार्ट को दिया 35 गिफ्ट हेम्पर का ऑर्डर

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक ऑफ  बड़ौदा राजेश कुमार दास ने आज महिला समूहों की ओर से घरेलू उत्पादों और सजावटी सामग्री की सी-मार्ट में खरीदी की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जि़ला पंचायत एस. आलोक ने उन्हें दीपावली के लिए महिला स्व-सहायता समूह की ओर से निर्मित गिफ्ट हेम्पर भेंट किया। गिफ्ट हेम्पर उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत ही 35 गिफ्ट हेम्पर का ऑर्डर दिया। ताकि वे दीपावली पर अपने करीबी नाते रिश्तेदारों, सगे-संबंधियों, दोस्तों और कर्मचारियों को ये गिफ्ट हेम्पर भेंट कर सकें। इतना ऑर्डर मिलने पर बिहान दीदियां काफी खुश थी। स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए अब लोगों का रुझान सी-मार्ट की ओर बढऩे लगा है। 

प्रबंधक दास ने हाथ ट्राली ले कर घूम कर सी-मार्ट में रखी सामग्री देखी और घरेलू उपयोगी समान, सजावटी सामग्री की खरीदी की। उन्होंने सी-मार्ट की सलीके से रखे गए समान और सजावट की तारीफ की। क्षेत्रीय प्रबंधक दास ने दीदियों से बातचीत की। बिहान दीदियों ने उन्हें बताया दीपावली त्यौहार को देखते, गिफ्ट पैक, एलईडी बल्ब, अगरबत्ती, सजावटी समान के साथ ही नमकीन बरी, पापड़, अचार, साबुन, आदि की बिक्री काफी है। इस मौके पर लीड बैंक प्रबंधक अनुराग श्रीवास्तव साथ थे। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने भी विभिन्न पर्वों के अवसर पर स्थानीय स्व-सहायता समूहों की ओर से तैयार किए गए गिफ्ट पैक का संजीवनी या सी-मार्ट के माध्यम विक्रय क्रय करने का आग्रह किया है। ताकि स्थानीय उत्पादों को और बढ़ावा मिले साथ ही स्थानीय लोगों को रोजग़ार मिले। 

 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास करने के लिए गांवों में तैयार उत्पादों को शहरों के मार्केट से जोडऩे के लिए सी-मार्ट की योजना को लागू की गयी है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए गांवों में तैयार उत्पादों को शहरों के बाजारों से जोड़ा जा रहा है और शहरों में सी-मार्ट को आधुनिक शोरूम की तरह स्थापित किया गया है। इस सुविधा से राज्य मे रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है और राज्य के ग्रामीण नागरिको के जीवन स्तर मे सुधार भी आ रहा है।

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