छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करें : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कलेक्टर्स कांफ्रेंस की शुरूआत हुई। कांफ्रेंस के पहले दिन मुख्यमंत्री के निर्देशन में सभी कलेक्टरों से  विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

 क्वान्टीफिएबल डॉटा आयोग द्वारा प्रदेश भर में किए जा रहे अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के सर्वेक्षण, स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना, वनांचलों में आश्रम-छात्रावासों की स्थिति, राजीव युवा मितान क्लब, छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन तथा राज्य में बैंकिंग सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर्स को  आवश्यक निर्देश दिए गए।

कॉन्फ्रेंस में क्वान्टीफिएबल डॉटा आयोग द्वारा किए जा रहे अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के सर्वेक्षण के लिए इस वर्ग के ज्यादा से ज्यादा लोगों के पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रदेश में उनकी सही संख्या का आंकलन किया जा सके।

 इसके साथ ही कलेक्टर्स को स्कूलों में बच्चों को जारी किए जाने वाले जाति प्रमाण पत्र वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत संचालित सभी हाट-बाजार क्लिनिकों में 60 तरह की दवाईयां और दस तरह की जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य को प्राथमिकता के साथ कराने की बात कही गई.  इस योजना के अंतर्गत अब तक वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों के कुल 55 लाख 85 हजार लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा चुकी हैं।

कांफ्रेंस में एनीमिया के मामलों में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग को समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती की कार्यवाही भी शीघ्र सुनिश्चित करने को कलेक्टर्स से कहा गया है।

 राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों को समुचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि क्लब के माध्यम से खेलकूद, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के साथ ही शासकीय योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जा सके.

और भी

राम वन गमन पर्यटन परिपथ में आवासीय व्यवस्था भी जोड़ें : भूपेश बघेल

कलेक्टर कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार सुबह कलेक्टर कांफ्रेंस लेने रायपुर के न्यू सर्किट हाउस पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि राम वन गमन पर्यटन परिपथ में आवासीय व्यवस्था भी जोड़ें। आवासीय व्यवस्था होने से ही पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को रात रुकने की व्यवस्था करें। पर्यटन केंद्रों में अच्छे होटल होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने गंगरेल डेम में आइलैंड को विकसित करने के निर्देश दिए।

 

 

और भी

फूलों की खेती से महक रही महिलाओं की जिंदगी

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  गेंदा फूल की महक से गोठान के साथ समूह की महिलाओं की जिंदगी भी महकने लगी है। जिससे उनका परिवार भी इस खुशबू से सराबोर हो रहा है। एक परिवार के लिए नहीं बल्कि समूह में काम कर रही हर महिला की जिंदगी को सुगन्धित कर रही है।  अकलतरा विकासखण्ड की ग्राम पंचायत तिलई की  जय अन्नधारी महिला स्व सहायता समूह गेंदा फूल की खेती कर रहा है तो वहीं नवागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पचेड़ा में खुशी महिला स्व सहायता समूह गेंदा फूल की खेती से उनके चेहरे की खुशी दिन दूनी रात चौगनी बढ़ रही है। मेहनत रंग लाती है और यह करके दिखाया है तिलई एवं पचेड़ा समूह की महिलाओं ने। उनकी एक दिन की मेहनत नहीं बल्कि इसके पीछे कई दिनों की मेहनत है, जिसका अच्छा परिणाम उन्हें देखने मिल रहा है।

महिला स्व सहायता समूह के द्वारा आजीविका गतिविधि से जुड़ी यह कहानी ऐसे ही नहीं बनी बल्कि उसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत है, जिसका अच्छा परिणाम उन्हें आज मिल रहा है। जिला कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी भी लगातार गोठानों में पहुंचकर महिलाओं के द्वारा किये जा रहे आजीविका मूलक कार्यों का सराहना करते हुए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

बाजार में बढ़ी गेंदा फूल की मांग

जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित तिलई गौठान एवं जिले से 10 किलोमीटर दूर स्थित पचेड़ा में गेंदे की फूलों की खेती स्व सहायता समूहों के द्वारा की जा रही है। इन समूहों के द्वारा जुलाई में पौधरोपण किया गया था, जिसके बाद से फूल की खेती होना शुरू होने लगी। महिला समूहों के द्वारा गेंदे के फूल को गौठान से तोड़कर बाजार में बेचने के लिए पहुंचाया जा रहा है। जय अन्नधारी महिला समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता यादव, सचिव श्रीमती सुकुमारी यादव बताती हैं कि तिलई गौठान में सब्जी-बाड़ी के साथ ही गेंदा फूल की खेती कर रही हैं।

वर्तमान में जिस तरह से गेंदे की पैदावार हो रही है उससे नवरात्रि में बेहतर रोजगार मिला और दीपावली में अच्छी आमदनी की उम्मीद है। तो वहीं खुशी समूह की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला, श्रीमती गोमती, श्रीमती बुधवारा, श्रीमती चित्रवती, श्रीमती उर्मिला का कहना है कि शासन की योजना का फायदा समूह को मिल रहा है। गौठान में पर्याप्त जगह मिलने और महात्मा गांधी नरेगा के अलावा उद्यान विभाग से तकनीकी मार्गदर्शन से ही आज बेहतर गेंदा फूल की खेती कर पा रही हैं। उनका कहना है महिलाओं को गोठान ने स्वरोजगार की ओर बढ़ाया है, जिससे गांव में रहते हुए ही बेहतर आजीविका मिल रही है।

महिलाओं की मेहनत को बढ़ा रहे आगे

जिला कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट एनजीजीबी के तहत बनाए गए गोठानों के माध्यम से स्व सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आजीविका गतिविधि केन्द्र के रूप में विकसित की जा रही हैं। इससे महिलाएं स्वरोजगार की ओर बढ़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। जिपं सीईओ डॉ फरिहा आलम ने बताया कि समूहों की महिलाएं अलग-अलग नवाचार कर अपने आपको आत्मनिर्भर बना रही है। तिलई एवं पचेड़ा की महिलाओं द्वारा गेंदा फूल की खेती की जा रही है। गेंदा फूल की मांग हर समय रहती है, दीपावली पर यह फूल बहुत महंगा बिकता है, इससे समूह को अधिक आमदनी होगी।

और भी

राज्यपाल ने दी ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने ईद-मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद दी है। अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा है कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन ईद-ए-मिलाद (ईद-मिलादुन्नबी) लोगों को प्रेम, समानता और सौहार्द्र का संदेश देता है। यह अवसर गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करने तथा समाज में व्याप्त विषमताओं को दूर कर एकरूपता स्थापित करने पर जोर देता है।

और भी

ग्रीन कॉरिडोर ने बचाई मरीज की जान...

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दुर्ग ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता के चलते दिल के मरीज को समय रहते इलाज मिलने से उसे जीवन दान मिला। ग्रीन कॉरिडोर के मदद से मरीज को महज आधे घंटे के अंदर दुर्ग से रायपुर पहुंचाया गया, जहां उचित इलाज मिलने से उसकी जान बची। ट्रैफिक पुलिस की सहायता से एम्बुलेंस ने लगभग 40 किलोमीटर का सफर 35 मिनट में पूरा किया।



दरअसल, भिलाई के शांति नगर के रहने वाली सरला अग्रवाल को दिल में परेशानी होने के कारण स्पर्श अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार रात अचानक उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसके चलते डॉक्टर ने उन्हें रेफर करने की सलाह दी। परिजन भी इसके लिए तैयार हो गए, लेकिन उनकी हालत को देखते हुए समय रहते रायपुर के अस्पताल में पहुंचाना मुश्किल लग रहा था। क्योंकि सामान्य स्थिति में ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से भिलाई के सुपेला स्थित स्पर्श अस्पताल से रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल की दूरी तय करने में सवा से डेढ़ घंटे तक का समय लग जाता है। ऐसे में उनकी जान को खतरा हो सकता था।

सेक्टर-1 के पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा को जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल दुर्ग ट्रैफिक एएसपी विश्वास चंद्राकर से फोन पर चर्चा की। पार्षद ने स्थिति की जानकारी देते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीज को पहुंचाने की बात कही। ट्रैफिक डीएसपी ने भी तत्काल एक्शन लेते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाया और मरीज को रायपुर के अस्पताल में पहुंचाने की कवायद की गई। समय रहते मरीज को अस्पताल को पहुंचा दिया गया, जिससे उनका उपचार शुरू हो सका। मरीज के बेटे ने पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा और दुर्ग ट्रैफिक विभाग को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।

और भी

3 साल से एक स्थान पर जमे पटवारियों का होगा तबादला : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कह कि 3 साल से एक स्थान पर जमे पटवारियों का तबादला किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से राजस्व अमले में स्थान परिवर्तन होगा।


अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि से फसल क्षति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ प्रभावित किसानों को समय सीमा में आरबीसी 6(4) अंतर्गत राहत राशि दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बैगा, गुनिया, पुजारियों को भी योजना में जोड़ा गया है, उन्हें योजना से अवगत कराकर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।



समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने नामांतरण के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई और लंबित प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को राजस्व प्रकरणों में देरी से परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी कलेक्टर नियमित रूप से तहसीलों का निरीक्षण करें और राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निपटाएं। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए सप्ताह में एक दिन निर्धारित करें। संभाग कमिश्नर तहसीलों का नियमित निरीक्षण करें।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर भी नाराज़गी जताई और नागरिकों के कार्य को समय सीमा में न करने पर अधिकारियों को चेताया। भ्रष्टाचार की शिकायत पाए जाने पर सख़्त कार्यवाही के दिए निर्देश।

और भी

17 अक्टूबर को राज्य कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भूपेश सरकार 17 अक्टूबर को सरकारी कर्मचारियोें को दिवाली की सौगात दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 17 अक्टूबर को DA बढ़ाने को लेकर बड़ा फैसला  ले सकती है। बता दें पिछले महीने राज्य कर्मचारियों ने DA बढ़ाने को लेकर बड़ा आंदोलन किया था।

 

 

और भी

राजस्व अधिकारी अपनी कार्यशैली में लाएं बदलाव : मुख्यमंत्री

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन राजस्व विभाग के काम-काज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग के ढीले-ढाले काम-काज पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और कलेक्टरों से कहा कि राजस्व का काम-काज चुस्त-दुरूस्त होना चाहिए। राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं। लोगों के काम समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। कलेक्टर व  कमिश्नर नियमित रूप से तहसील कार्यों के निरीक्षण करें। अतिवृष्टि एवं अल्पवृष्टि से फसल क्षति की समीक्षा करते हुए सभी कलेक्टरों को संवेदनशीलता के साथ प्रभावित किसानों को समय सीमा में आरबीसी 6(4) अंतर्गत राहत राशि दिलाने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि नामांतरण के लंबित प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण होना चाहिए।

सभी राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निपटाएं। नागरिकों को राजस्व प्रकरणों में देरी से परेशानी नहीं होनी चाहिए। नागरिकों के कार्य को समय सीमा में न करने पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व आय की प्राप्तियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, पीसीसीएफ संजय शुक्ला सहित सभी संभागों के राजस्व कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैगा, गुनिया, पुजारियों को मिले न्याय योजना लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में बैगा, गुनिया, पुजारियों को भी योजना में जोड़ा गया है। इस योजना के हितग्राहियों को योजना की जानकारी के साथ-साथ उन्हें योजना का लाभ दिलाएं।

पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा गंगरेल डेम का आइलैंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को रात रुकने के लिए अच्छे होटल होना जरूरी है। उन्होंने गंगरेल डेम में आइलैंड को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने भी कहा। उन्होंने कहा कि बेहतर आवासीय सुविधा देने राज्य और देश के विभिन्न स्थानों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढोत्तरी होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। 

कोण्डागांव में होगा बंदोबस्त सर्वे 

मुख्यमंत्री ने राजस्व सचिव और कलेक्टर कोंडागाँव को कोंडागाँव ज़िले में बंदोबस्त सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए कलेक्टर को कार्ययोजना बनाकर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने बंदोबस्त सर्वे के लिए कमिश्नर और पुराने एसएलआर का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए।  इसी प्रकार बंदाबस्त कार्य में रिटायर राजस्व अधिकारियों का सहयोग लेने को भी कहा।

और भी

सड़क हादसे में दो भाइयों की मौत

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बाइक से मामा के घर जा रहे  दो सगे भाइयों की एनएच-53 में सड़क हादसे में मौत हो गई । पुलिस ने हादसे की सूचना पर शवों को पीएम के लिए भेज दिया है। टेवा निवासी रुपेन्द्र तिवारी के पुत्र मुकेश त्रिपाठी (25) व  गिरिजाशंकर त्रिपाठी (21)  सुबह करीब 8 बजे बाइक से पटेवा से अपने मामा घर ग्राम पचरी जाने के लिए निकले थे. ग्राम छिंदौली के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी जिससे दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए।

मुकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।  वहीं गिरिजाशंकर की उपचार के लिए पिथौरा लेकर जाते समय रास्ते में मौत हो गई  थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच के लिए पटेवा पुलिस को भेजा जाएगा।

और भी

भ्रष्टाचार की हद पार, रावण ने कर दिया जलने से इंकार : रंजना साहू

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व विधायक रंजना साहू ने धमतरी में रावण निर्माण में लापरवाही के आरोप में नगर निगम के बाबू को सस्पेंड किये जाने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की  सरकार में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं और इस भ्रष्टाचार से अब दशहरे में जलने वाला रावण भी नहीं बच पाया। ठीक से रावण न बनवाने के कारण रावण ने भी जलने से इंकार कर दिया और शायद रावण की भी यही आपत्ति थी कि मुझे जलाते वक्त तो कम से कम भ्रष्टाचार न किया जाए। इसमें अधिकारी को निलंबित करने की बजाय कांग्रेस सरकार को अपने संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि उनकी देश.विदेश में जग हंसाई ना हो और रावण ठीक तरीके से जल सके और बुराई का खात्मा हो सके।

भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा कि जिस सरकार में बुराई के प्रतीक रावण का विनाश करने की इच्छाशक्ति न होए उस सरकार के राज में रावणत्व का प्रसार कौन रोक सकता है। समाज में विचरण कर रहे रावण हर रोज हरण कर रहे हैं। कांग्रेस राज में रावण की नीतियों का विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री के पूज्य बापूजी ने किताब लिखी थी रावण को मत मारोए लगता है कि कांग्रेस की  सरकार अब बापूजी की भावना का सम्मान कर रही है इसलिए रावण नहीं मारा जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रावण निर्माण में भ्रष्टाचार के मामले में कर्मचारी को दंड देने की बजाय कांग्रेस को उसका अभिनंदन करना चाहिए कि उसने भ्रष्टाचारी सरकार को एक नया हुनर सिखा दिया है कि कहां कहां भ्रष्टाचार की गुंजाइश निकाली जा सकती है।

और भी

छत्तीसगढ़ में अब हर कोई हताश, निराश और प्रताड़ित : अरुण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने राजधानी के नजदीक अभनपुर थाना अंतर्गत आमदी गांव में युवक द्वारा फांसी लगा कर  आत्महत्या कर लेने के मामले में रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में छत्तीसगढ़ शोषण, प्रताड़ना, निराशा, हताशा, हत्या आत्महत्या का प्रदेश बन गया है। कांग्रेस शोषित छत्तीसगढ़ में अब हर कोई हताश, निराश और प्रताड़ित है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात शहरों की अपेक्षा बेहद खराब हैं। सरकार झूठे दावे करती है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत है जबकि हकीकत यह है कि ग्रामीण परिवेश के लोग लगातार हताश निराश और प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में हत्या, सामूहिक हत्याओं की वारदातों की फेहरिस्त साबित कर रही है कि कांग्रेस की सरकार ने ग्रामीण इलाकों का कितना बुरा हाल कर दिया है।

20 हजार से ज्यादा लोग कांग्रेस सरकार के दौरान आत्महत्या कर चुके हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बेहतर होने का दावा करने वाली सरकार की सच्चाई यही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि जिस गौठान और न्याय योजना के हवा महल कांग्रेस सरकार ने तान रखे हैं, उनकी जड़ें खोखली हैं। गौठान में भी भ्रष्टाचार और उत्पीड़न हो रहा है। अभनपुर इलाके में आत्महत्या करने वाले पवन कुमार निषाद ग्राम आमदी के गौठान समिति के अध्यक्ष रहे हैं। उनके पिता की कुछ ही दिन पहले  हत्या होने की खबर है। पुलिस पूछताछ के लिए उन्हें थाने लेकर गई थी।

थाने से आने के बाद उन्होंने  रात को फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। यह भी खबर है कि गौठान को लेकर गांव में विवाद चल रहा था। इसका सीधा अर्थ है कि सरकार के ये गौठान विवाद का केंद्र बन गए हैं और खुदकुशी का यह मामला भी प्रताड़ना का संदेह व्यक्त कर रहा है। पुलिस और सरकार की व्यवस्था संदेह के दायरे में है। राज्य के गौठानों की अव्यवस्था और खुदकुशी की यह घटना निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दे रही है। सरकार इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराए और आत्महत्या के लिए मजबूर किसान के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल दे।

और भी

जिला कांग्रेस की बैठक मेंभारत जोड़ो पदयात्रा पर हुई चर्चा

 जांजगीर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कन्याकुमारी से कश्मीर तक महत्वाकांक्षी भारत जोड़ो यात्रा संचालित है। जिसके समर्थन में संपूर्ण भारत में सह यात्रा करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें कांग्रेसजनों को हर विधानसभा के बूथ स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारण किया गया है। जिसकी रूपरेखा निर्धारण के लिए जिला कांग्रेस कमेटी की विशेष बैठक रखी गई। जिसे संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस संगठन प्रभारी अर्जुन तिवारी ने कहा कि भारत जोड़ो पदयात्रा के मुख्य संदेश देश में फैले धार्मिक ध्रुवीकरण, सार्वजनिक संस्थानों में व्यापारी विशेष का एकाधिकार, गरीब और अमीर के बीच बढ़ती खाई, प्रेम और सदभाव के प्रसार को लेकर गांव गांव गली गली जाने का प्रस्ताव किया गया है।

जिसे सफल बनाना हम सबका दायित्व है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक संगठन ब्लॉक में यात्रा हेतु समन्वय समिति बनाया जाएगा। जिनका दायित्व होगा कि ब्लॉक अंतर्गत के नेताओं को जोड़कर यात्रा को सफल बनाना होगा। बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल साहू, प्रदेशाध्यक्ष अनुसूचित जाति महिला विभाग शेशराज हरबंश, छाया विधायक जैजैपुर अनिल चंद्रा, प्रदेश कांग्रेस सचिव रमेश पैगवार, इंजी रवि पाण्डेय, नपाध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल, पुष्पेंद्र सिंह, भुनेश्वर केशरवानी, राइस किंग खूंटे, प्रिंस शर्मा, विपिन देवांगन, खेदू कंवर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता शिशिर द्विवेदी ने और  अजीत सिंह राणा नेआभार व्यक्त किया।

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष गण संतोष शर्मा, रविन्द्र शर्मा, नवल सिंह ठाकुर, नंद कुमार चंद्रा, कुशल कश्यप, कुसुमलता अजगल्ले, महेश्वर टंडन, सुनील साधवानी, खुलन सोनवानी, नागेंद्र गुप्ता, ऋषिकेश उपाध्याय, रामराज्य पाण्डेय, किशन सोनी, एड महारथी बघेल, उपकार सिंह ढिल्लों, राजेश अग्रवाल, ब्यास कश्यप, रविन्द्र द्विवेदी, सौरभ सिंह बाबा, कमलेश सिंह बाबा, मुस्कान परवीन, रामबिलास राठौर, ताम्रध्वज चंद्रा, गौतम चंद्रा, जे पी जायसवाल, भुवन लाल जांगड़े, महादेव पटेल, घासीराम चौहान, महेश्वर लदेर, अजय दिव्य, राकेश कहरा, हर्षवर्धन सिंह, संतोष यादव, गगन गुरुद्वान सहित कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

और भी

खैरबार मार्ग का जल्द होगा बीटी नवीनीकरण

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। खैरबार मार्ग का बीटी नवीनीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा। इस मार्ग के नवीनीकरण के लिये कार्य स्वीकृत है। बारिश के बाद काम शुरू हो जाएगा। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  व्हीके बेदिया ने विगत दिनों अम्बिकापुर खैरबार मार्ग का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का जायज़ा लिया।  वर्तमान में सड़क के कुछ हिस्से में छोटे-छोटे गड्ढे हो गए है जिसे डब्ल्यूएमएम मटेरियल द्वारा मरम्मत कराई जा रही है।। अम्बिकापुर से खैरबार करीब 2.80 किलोमीटर मार्ग में वार्षिक संधारण मद अंतर्गत बीटी नवीनीकरण का कार्य स्वीकृत है। उन्होंने बताया कि सड़कों की मरम्मत का कार्य बारिश के बाद तेजी से किया जाएगा।

और भी

मुख्यमंत्री ने दी ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने मुस्लिम भाईयों सहित प्रदेशवासियों को ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी है। पैगम्बर साहब के जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी के पवित्र मौके पर उन्होंने देश-दुनिया में अमन-चैन और लोगों की खुशहाली की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हजरत साहब दुनिया में अमन और भाईचारे का संदेश लेकर आए। उनके संदशों ने लाखों लोगों के विचारों और जीवन मूल्यों पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला। उन्होंने पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजरत मोहम्मद के संदेश हमेशा समाज को सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

 

 

और भी

आदिवासी आरक्षण कटौती के लिए भाजपा दोषी : कांग्रेस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार बदनीयती और लापरवाही के कारण आरक्षण के खिलाफ  फैसला आया है और बेशर्मीपूर्वक भारतीय जनता पार्टी इस मामले में चक्काजाम और आंदोलन की नौटंकी कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में थोड़ी भी नैतिकता बची हो तो वे अपनी पूर्ववर्ती सरकार की गलती के लिए राज्य के आदिवासी समाज से माफी मांगे। 

कांग्रेस पार्टी की सरकार आदिवासी समाज को उनका पूरा हक दिलाने को प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ  उच्चतम न्यायालय गयी है। हमें पूरा भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा। हमने हाईकोर्ट में दमदारी से लड़ाई लड़ी थी, हमारे महाधिवक्ता ने आरक्षण को बढ़ाने के पक्ष में दलीले रखा, लेकिन पूर्ववर्ती रमन सरकार ने मुकदमें की शुरूआत में जो लापरवाही बरता उसका नुकसान आदिवासी समाज को उठाना पड़ा। पूर्ववर्ती रमन सरकार के लापरवाही के कारण हाईकोर्ट में 58 प्रतिशत आरक्षण रद्द हुआ। भाजपा की बदनीयती के कारण आरक्षण के खिलाफ  फैसला आया। रमन सरकार ने अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन नहीं किया था। उनकी सरकार की लापरवाही, अकर्मण्यता और गैर जिम्मेदाराना रवैये का नतीजा यह फैसला है। रमन सरकार ने 2011 में आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। 2012 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों जिसमें इंदिरा साहनी का फैसला प्रमुख के अनुसार कोई भी राज्य सरकार यदि 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण करती है, तो अत्यंत विशेष परिस्थितियों, विचार व तथ्यों के साथ कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसका भी ख्याल नहीं किया गया। जब आरक्षण को बढ़ाने का निर्णय हुआ उसी समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य सरकार को अदालत के सामने आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की विशेष परिस्थितियों और कारण को बताना था।

मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि तत्कालीन रमन सरकार अपने इस दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पायी। 2012 में बिलासपुर उच्च न्यायालय में 58 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर हुई, तब भी रमन सरकार ने सही ढंग से उन विशेष कारणों को प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण राज्य में आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया। रमन सरकार ने आरक्षण में संशोधन के पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्ववर्ती फैसले को ध्यान में नहीं रखा। बाद में दोबारा संशोधित जवाब पेश करते हुए कुछ डेटा प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वो भी पर्याप्त नहीं थे। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अंतिम बहस में तर्क प्रस्तुत किया गया। मंत्रिमंडलीय समिति के बारे में जानकारी दी गयी, लेकिन पुराने हलफनामे उल्लेख नहीं होने के कारण अदालत ने स्वीकार नहीं किया। इस प्रकरण में जब राज्य सरकार की अंतिम बहस हुई तो खुद महाधिवक्ता मौजूद रहे थे। उन्होंने मंत्रिमंडलीय समिति की हजारों पन्नों की रिपोर्ट को कोर्ट में प्रस्तुत किया था। लेकिन कोर्ट ने ये कहते हुए उसे खारिज कर दिया कि राज्य शासन ने कभी भी उक्त दस्तावेजों को शपथ पत्र का हिस्सा ही नहीं बनाया। लिहाजा, कोर्ट ने उसे सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया।

मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि यदि किसी वर्ग के आरक्षण में कटौती किये बिना ईमानदारी से दूसरे वर्ग के आरक्षण को बढ़ाया जाता तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती, जब सभी वर्ग संतुष्ट होता तो कोई कोर्ट में चुनौती नहीं होती। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को बढ़ाने के तमाम तर्कसंगत कारण और विशेष परिस्थितियां है लेकिन भारतीय जनता पार्टी और रमन सरकार की नीयत में खोट थी। उन्होंने अदालत में राज्य की 95 प्रतिशत आबादी के हक में तर्क नहीं दिया और जनता को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यदि आरक्षण बढ़ाया था तो उसके विशेष कारणों को बताने की जवाबदेही भी सरकार को थी। रमन सरकार ने नहीं बताया। हमारी सरकार ने ओबीसी वर्ग के आरक्षण को 27 प्रतिशत किया है तो हम उसके लिये क्वांटी फायबल डाटा आयोग बना कर पिछड़ा वर्ग की राज्य में जनगणना करवा रहे। 

हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु जैसे राज्यों के भी 50 प्रतिशत से भी अधिक आरक्षण है। अरूणांचल, मिजोरम, मेघालय जैसे राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग को 80 प्रतिशत आरक्षण है। आरक्षण रद्द किये जाने का विपरीत प्रभाव अब तक हुये एडमिशन में न पड़े और भर्तियां हुई है इस पर न पड़े। इसके लिये अदालत से विशेष निवेदन किया गया। अदालत ने इसको माना भी इस फैसले का अभी तक की भर्तियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हमारा मानना है कि राज्य के सभी वंचित वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाये, एससी के आरक्षण में कटौती न हो, एसटी को पूरा आरक्षण मिले, ओबीसी को पूरा मिले रमन सरकार ने यही सावधानी नहीं बरता था।

मंत्री अनिला भेडिय़ा ने कहा कि आरक्षण को बढ़ाने के लिए तत्कालीन सरकार ने तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में 2010 में मंत्रिमंडलीय समिति का भी गठन किया था। रमन सरकार ने उसकी अनुशंसा को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जिसका परिणाम है कि अदालत ने 58 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को रद्द कर दिया।

 

 

और भी

राजधानी में आयोजित होगा रजवार चित्रकला शिविर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी लोक कला अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद रायपुर की ओर से 10 से 18 अक्टूबर तक राजधानी रायपुर में रजवार चित्रकला शिविर होगा। शिविर का आयोजन महंत घासीदास संग्रहालय की कला वीथिका में किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के दस सिद्धहस्त कलाकार शामिल होंगे और दस दिनों तक विशिष्ट चित्रों को बनाते हुए कला साधना करेंगे।

छत्तीसगढ़ की पहचान को रेखांकित करने वाले इस विशिष्ट चित्रकला शैली के दस कलाकार पहली बार इतने दिनों के लिए एक साथ कला विथिका में एकत्र होंगे। शिविर में जिन दस कलाकारों को शामिल किया जा रहा है, वे हैं- बुधनी राजवाड़े, पंडित राम, सहोदरी बाई, रामकरण राम, भगत राम, कुदरराम, अमित कुमार, संदीप कुमार, पार्वती और बेलपती शामिल है।

इस शिविर में बने चित्रों को 18 अक्टूबर को एक प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों के लिए प्रदर्शित भी किया जाएगा। यह पहला अवसर होगा जब रजवार चित्रों की प्रदर्शनी कला दीर्घा में की जाएगी। राजधानी में रजवार चित्रों की प्रदर्शनी के बाद चित्रों की प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों और प्रदेश के बाहर भी आयोजित की जाएगी।

आदिवासी लोककला अकादमी के अध्यक्ष नवल शुक्ल का कहना है कि :

छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट चित्रकला शैली को पहचान, प्रोत्साहन और सम्मान देने की पहल आदिवासी लोक कला अकादमी द्वारा की गई है। ऐसी गतिविधियां छत्तीसगढ़ के अन्य आदिवासी और लोक कला रूपों पर आगे भी करते रहने की योजना है ताकि प्रदेश के जनजातीय और लोक कला रूपों को समुचित प्रतिष्ठा मिल सके।

क्या है रजवार चित्रकारी : 

रजवार चित्रकारी भित्ति चित्रकारी की एक विशिष्ट शैली है, जो छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में विशेष रूप से प्रचलित है। यह एक ऐसी परंपरा है जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति को भित्ति चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करती है। इस भित्ति चित्र के माध्यम से प्रकृति व ग्रामीण परिवेश का चित्रण किया जाता है। यह एक पारंपरिक भित्ति चित्र शैली है।

 

 

और भी

हेलीकॉप्टर जॉयराइड के बारे में सुनकर टॉपर बनने के लिए मोटिवेट हुए बच्चे...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी के आकाश में लाल रंग के हेलीकॉप्टर को बार-बार आसमान में उड़ता देख बच्चें सहज ही आकर्षित हुए और यह चर्चा का विषय बना रहा। बच्चों को मीडिया के माध्यम से यह पता था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप शनिवार को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल भी 10वीं और 12 वीं के मेधावी बच्चों को हेलीकॉप्टर से जॉयराइड कराया गया जाएगा। छोटे बच्चें भी भविष्य में अच्छी पढ़ाई कर 10वीं और 12 वीं कक्षा में टॉप करने के लिए प्रेरित हुए।

कुशालपुर रायपुर निवासी कक्षा 6वी के छात्र विनायक भार्गव ने बताया कि आज सुबह से लाल रंग के हेलीकॉप्टर को आसमान में उड़ता देख बहुत अच्छा लगा। जब उनके पिताजी ने बताया कि 10वीं और 12 वीं कक्षा में टॉपर्स छात्रों को आज मुख्यमंत्री की पहल पर हेलीकॉप्टर से जॉयराइड कराया जा रहा है। यह सुनकर छात्र विनायक ने कहा कि जॉयराइड के लिए टॉपर्स बनने के लिए मेहनत करूंगा। इसी प्रकार मोहल्ले के अन्य बच्चे भी आपस में एक दूसरे से चर्चा कर भविष्य में अच्छे नंबर पाकर जॉयराइड में शामिल होने के लिए इच्छा जाहिर कर रहे थे।

और भी

गोधन न्याय योजना के खिलाफ भाजपा कर रही झूठी भ्रामक प्रचार : कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा की प्रेसवार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जब से गोधन न्याय योजना शुरू हुयी है। गौ माता के नाम से राजनीति करनी वाली भाजपा इस योजना के सफलता से घबराई हुयी है। गेधन न्याय योजना के खिलाफ  झूठा बयानी कर रही है। योजना के बारे में भ्रामक प्रचार कर रही है। गोधन न्याय योजना कोऑपरेटिव सोसायटी, गोठान समिति, कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से ही संचालित की जाती है। कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से भुगतान किया जाता है। कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से गोठानों से वर्मी कम्पोस्ट की खरीदी की जाती है, गोबर उपल्बध कराया जाता है। इस योजना में किसी प्रकार से घोटाले का प्रश्न नही उठता है। 29 लाख की अग्रिम भुगतान की बात की गयी है। निश्चित तौर पर उस भुगतान के बाद बतायी गई सेवा सरकारी समिति ने संबंधी गोठान समिति ने पूरे के पूरे वर्मी कम्पोस्ट को जमा कर दिया। ये समान्य प्रक्रिया है, प्रदेश भर की गोठान समितियों में सेवा सरकारी समिति के माध्यम से इस प्रकार के कार्य करने का एक सिस्टम डेवलप किया गया है। उसी सिस्टम के आधार ये काम किया जाता है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि षडयंत्र एवं साजिश रचकर भाजपा गोधन न्याय योजना के बारे में भ्रामक प्रचार कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व इसयोजना की तारीफ कर रहे है चाहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हो या दूसरे भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री हो सबने गोधन न्याय योजना को लागू करने के लिये कार्यक्रम बनाया है। कई भाजपा शासित राज्यो में इसे लागू भी किया है। इससे बौखलाये हुये भाजपा के स्थानीय नेता झूठे आंकड़े प्रस्तुत करके इस योजना के बारे में दुष्प्रचार कर रहे है। जो निंदनीय है।

और भी