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कांग्रेस की बदनीयती और लापरवाही से जनजाति समाज का आरक्षण छीना :भाजपा

 जनजाति समाज के हक की लड़ाई के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे: अरूण साव

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के जनजाति समाज के साथ एक बड़ा धोखा किया है  जनजाति आरक्षण कटौती के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने एकमुश्त 12 फीसदी आदिवासी आरक्षण बढ़ाया और सत्ता में रहते इस व्यवस्था का रक्षण करते हुए आदिवासी समाज का हित संरक्षण किया। कांग्रेस की सरकार ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत आदिवासी हितों पर कुठाराघात किया है। जिसके लिए जनजाति समाज उसे कभी माफ नहीं करेगा।

लापरवाही 2019 से शुरु हुई सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि तीन माह में अंतिम सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस सरकार साढ़े तीन साल तक सुनवाई से भागती  रही तारीख पर तारीख लेती रही जब कोर्ट ने तारीख बढ़ाने से मना कर दिया तो अंतिम सुनवाई में नए दस्तावेज पेश करने की अनुमति मांगी सरकार इस मामले में गंभीर नहीं थी और जानबूझकर आदिवासियों के आरक्षण के खिलाफ फैसला दिलवाया गया।

 
 
 

इसी प्रकार वर्ष 2012 में माननीय राज्यपाल के आदेश से प्रदेश के पांचवे अनुसूची क्षेत्र के जिलो में तृतीय एवम चतुर्थ वर्ग  के कर्मचारियों की भर्ती में स्थानीय जनसंख्या के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था की गई थी यह व्यवस्था भी 29 सितंबर 2022 को  कांग्रेस के कार्यकाल में माननीय उच्च न्यायालय ने खारिश कर दी इस निर्णय का भी मुख्य कारण प्रदेश सरकार की घोर लापरवाही रही।

 
 
 

इसी बीच राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों की 14500 पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया इसी लापरवाही के कारण 28 जनहित याचिका माननीय उच्च यायालय में दायर हुई और इससे प्रदेश के  लाखों जनजातीय युवाओं को नुकसान उठाना पड़ेगा।

 
 
 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि राज्य में आखिर क्यों आरक्षण को लेकर आदिवासी युवाओं को सड़क पर उतरना पड़ रहा है? कांग्रेस सरकार ने वनवासी समाज के साथ विश्वासघात किया है और अपने पाप पर परदा डालने के लिए झूठ फरेब की राजनीति कर रही है। आदिवासी समाज इनकी चाल और इनके दोहरे चरित्र को समझ चुका है।

भाजपा सरकार ने 1994 के आरक्षण अधिनियम को संशोधित करते हुए 18 जनवरी 2012 को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को 20% से बढ़ाकर 32% किया गया था, इसके साथ ही पांचवी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के तृतीय और चतुर्थ वर्ग की शासकीय नौकरियों में क्षेत्रीय युवाओं को प्राथमिकता प्रदान करने के लिए भी पहल की, जिसे माननीय राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई लेकिन आदिवासियों के इस विकास के विरोध में पूर्व सांसद पीआर खूंटे और कांग्रेस की तत्कालीन विधायक पदमा मनहर ने माननीय उच्च न्यायालय में इस विधेयक के विरुद्ध याचिका दायर की। जिस पर आदिवासियों के विकास और अधिकारों के लिए भाजपा ने लड़ाई लड़ी। एक ओर भारतीय जनता पार्टी शासित छत्तीसगढ़ सरकार माननीय उच्च न्यायालय में जनजाति समाज की ओर से मजबूती से अपना पक्ष रखकर 6 वर्षों तक लड़ती रही, 2018 तक यह कानून चलता रहा और हर वर्ष आरक्षण के लाभ के साथ ही पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की शासकीय नौकरियों में आदिवासियों को प्राथमिकता भी मिलती रही, परन्तु भूपेश बघेल की सरकार ने 29 सितंबर को एक आदेश निकालकर बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अनुसूचित जिलों से स्थानीय भर्ती का नियम खत्म कर दिया।

 
 
 

इस फैसले के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दायर की गई,  इन याचिकाओं पर कांग्रेस ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा।बल्कि साधारण वकीलों और खोखली दलीलों के साथ इस मामले को उच्च न्यायालय में लड़ा गया।

कांग्रेस सरकार चहेते अफसरों के लिए सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकीलों को खड़ा करती है लेकिन जनजाति समाज के लिए नहीं। जिसके कारण माननीय उच्च न्यायालय में याचिका कर्ताओं के पक्ष में फैसला आया और वनवासियों के आरक्षण को कम कर दिया गया। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील तक नहीं की है।  कांग्रेस की सरकार का असली चेहरा जगजाहिर हो गया है। संपूर्ण जनजाति समुदाय आक्रोश में है। भाजपा उनके साथ उनकी लड़ाई लड़ेगी।

 
 
 

हमारी मांग है जिन भी अधिकारियों ने लापरवाही की है उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई की जाए और आदिवासियों को उनके हक 32 प्रतिशत आरक्षण जो कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही की वजह से छीन लिया गया है उन्हें जल्द से जल्द वापिस मिलना सुनिश्चित किया जाए।

प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल,भाजपा के वरिष्ठ नेता विक्रम उसेंडी,  राम विचार नेताम,  केदार कश्यप, महेश गागड़ा ,सांसद गोमती साय, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर,जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम माजूद रहे।

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मिठाई की दुकान से लिए सैम्पल, जांच के लिए भेजा गया लेबोरेट्री

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के निर्देशानुसार त्यौहारी सीजन में अमानक मिठाई की बिक्री रोकने जिले के मिष्ठान्न दुकानों में जिला प्रशासन की ओर से लगातार जांच की जा रही है।

एसडीएम प्रदीप साहू के मार्गदर्शन में फ़ूड इंस्पेक्टर विनोद कुमार गुप्ता की टीम अम्बिकापुर शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापामार कार्यवाही कर रही है। शनिवार को अम्बिकापुर के वेलकम होटल में एसडीएम साहू की उपस्थिति में मावे की मिठाई का सैम्पल कलेक्ट किया गया। सैंपल को फूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड एक्ट के तहत रायपुर के लेबोरेट्री में जाँच के लिए भेजा गया। गुणवत्ता रिपोर्ट मानक नहीं आने पर मिलने पर दोषी दुकानदारों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

 
 
 

एसडीएम अम्बिकापुर साहू ने बताया कि दीपावली के सीजन में मिलावटखोरों के खिलाफ  कार्रवाई की जा रही है। अभियान चलाकर खासकर मिठाई, दूध, घी और मावे से बनी सभी खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाएंगे। मिष्ठान भंडार हो या फिर खाने पीने की दुकान पर सैंपल की कार्रवाई की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों को शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य और पेय पदार्थ मिले। मिलावटी खाने पीने के सामान बेचने वालों की शिकायत व सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। वहीं जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल टीम भेजकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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ब्रेकिंग : एनएसयूआई में हुई प्रदेश महासचिव, विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी विशाल चौधरी अनुमोदन से प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे द्वारा प्रदेश महासचिव व संयुक्त महासचिव की नियुक्ति की गई है।

प्रदेश महासचिव : कृष्णा सोनकर, मनोहर सेठिया, महेन्द्र नायक, शिवराज सिंह, गगन जैन, रूहाब मेमन, कौनेन अंसारी, स्वाती रजक, सोहेल खलिक संयुक्त महासचिव निखिल वंजारी, रिषभ यादव, उमेश कर्मा।

इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति प्रभारी महामंत्री एवं ज़िला प्रभारियों द्वारा नियुक्ति जारी की गई है। जिसमें रायपुर पश्चिम विशाल मानिकपुरी, उत्तर अनुज शुक्ला, रायपुर ग्रामीण अजय बंजारे, अभनपुर टिकेश्वर गिलहरे, आरंग अजीत कोशले, धरसीवा देवेंद्र खेलवार को नियुक्त किया गया है। धमतरी शुभम साहू, कुरुद लक्ष्मण साहू, सिहवा अंकुश देवांगन, कसडोल नवीन पैकरा, मारवाही आशीष श्रीवास, कोटा प्रशांत आग्रहरि, मुंगेली चंद्रपाल नवरंग, लोरमी नागेश गुप्ता, रायगढ़ जगन्नाथ सिंह ठाकुर,  लैलूँगा परमेश्वर बैरागी, धरमजयगढ़ सप्तपुरुष महर्षि, गुण्डरदेही उस्मान रज़ा, कांकेर तारश सिन्हा, भानुप्रतापपुर पंकज वाधवानी, अंतागढ़ सुभाषिश साना, प्रेमनगर राजा अंचल, भटगांव अज्जु अंसारी, कवर्धा विवेक जयसवाल, पंडरिया संजय भास्कर।

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बंदी ये न समझे कि जेल में रहना ही उनका भविष्य है : न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर शनिवार को देश की प्रथम राज्य स्तरीय वृहद जेल लोक अदालत का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से केन्द्रीय जेल रायपुर से न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के द्वारा किया गया। जिसमें सभी जिलो के न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं  सभी जेल के कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन केन्द्रीय जेल दुर्ग में किया गया। बंदियों को विधिक एवं कानूनी रूप से साक्षर किये जाने के उद्देश्य से भी विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विशेष विधिक साक्षरता शिविर का शुभारंभ न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ  राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधीश, छत्तीसगढ  उच्च न्यायालय के द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया । दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में संजय कुमार जायसवाल,जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग,आनंद प्रकाश वारियाल, सदस्य सचिव, पुष्पेन्द्र मीणा कलेक्टर, डॉ. अभिषेक पल्लव, पुलिस अधीक्षक, योगेश क्षत्री, जेल अधीक्षक दुर्ग व न्यायाधीश, कर्मचारी व बंदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संजय कुमार जायसवाल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा व्यक्त किया गया कि छत्तीसगढ राज्य के लिये यह गर्व का विषय है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जेल में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के संबंधित प्रकरणों में प्ली-बारगेनिंग एवं शमनीय प्रकृति के मामलों में समझौते के माध्यम से छोटे अपराधों में जेल में निरूद्ध बंदियों के प्रकरणों को निराकृत किया जा रहा है। जेल लोक अदालत के माध्यम से जो बंदी रिहा होेंगे वे अपने परिवारजनों के साथ त्यौहार मना सकेंगें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक मामलों में जागरूकता पैदा करना, कमजोर व पिछडे वर्गों की सहायता करना। जेल परिसर मेें विचाराधीन बंदियों के लिये विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है ।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी द्वारा अपने वक्तव्य में कहा कि छोटे-छोटे अपराध में जो बंदी निरूद्ध है तथा जो विचाराधीन बंदी के रूप में निरूद्ध हैं तथा आधी सजा भुगत चुका है एवं जिसका आचरण व्यवहार अच्छा है उनके लिये वृहद जेल लोक अदालत के माध्यम से उनके प्रकरणों का निराकरण आज किया जा रहा है। आपने यह सुना ही होगा कि ‘‘न्यायालय आपके द्वार‘‘ इसी कड़ी में यह पहला कदम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बढ़ाया गया है। जेल लोक अदालत, लोक अदालत का ही एक भाग है बंदी ये न समझे कि जेल में रहना ही उनका भविष्य है। बंदी अपने को सुधारने की प्रक्रिया में ले आवे, अपने दिमाग में सकारात्मक सोंच रखें तथा कोई भी व्यक्ति जन्म से ही अपराधी नहीं होता, कुछ परिस्थितियां आक्रोशवश अपराध की श्रेणी में ले आती है। केन्द्रीय जेल में उस अपराध का प्रायश्चित करते हुए अपने जीवन को और बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास करते हुए अपने शरीर में उर्जा का संचार कर सकता है। यह अवसर सुधार करने का है।  

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘‘बंदी अपनी अंर्तआत्मा की आवाज सुने और यह निर्णय लें कि जो अपराध वे कर रहें हैं वे सही है या नहीं, बंदी जो अपराध करता है उसका खामियाजा उसके परिवारजन भी भुगतते हैं अकारण परेशान रहते हैं साथ ही प्रियजन की रिहाई के लिये अधिवक्ताओं व न्यायालय के चक्कर लगाते फिरते हैं साथ ही साथ अपराधी जेल में आने के बाद अपनी रिहाई के बारे में चिंतित रहता है। विधिक सेवा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों एवं बंदियों के लिये निःशुल्क विधिक सहायता, जिला न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय स्तर पर उपलब्ध कराता है।‘‘

बंदियों को जागरूक किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव द्वारा जेल में निरूद्ध बंदियों के मनोबल को बढाते हुए उन्हें अपराध की पुनरावृत्ति न करने की सलाह दी। कार्यक्रम में बंदियों को विधिक रूप से जागरूक एवं विधिक सहायता एवं सलाह योजना की जानकारी देते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमान विवेक कुमार वर्मा ने जेल से बाहर निकलने हेतु विधिक उपचार बताया। मंच संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश कुमार उपाध्याय द्वारा किया गया।  

केन्द्रीय जेल दुर्ग में वृहद जेल लोक अदालत हेतु कुल 06 खंडपीठ का गठन किया गया जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारी के रूप में उपस्थित हुए। जेल लोक अदालत में कुल 17 प्रकरण निराकृत हुए।

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छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही है : मंत्री भेंडिया

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंडिया ने शनिवार को डौंडी विकासखंड के ग्राम कुआगोदी, लिमउडीह और सुरडोंगर में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन कर विकास कार्यों की सौगात दी है। मंत्री श्रीमती भेंडिया ने ग्राम कुआगोदी में सामुदायिक भवन और हायर सेकेंडरी स्कूल में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण हेतु भूमिपूजन, ग्राम लिमउडीह में शासकीय प्राथमिक शाला में चारदीवारी निर्माण, प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बोरखनन एवं मोटर पम्प स्थापना और रंगमंच निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा ग्राम सुरडोंगर में पानी टंकी निर्माण व पशु आश्रय निर्माण का भूमिपूजन तथा पशु औषधालय के नवीन भवन व स्कूल में पुस्तकालय, प्रयोग शाला भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने ग्रामीणों को विकास कार्यों के लिए बधाई भी दी।

मंत्री श्रीमती भेंडिया ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही है, सभी ग्रामीण शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का कार्य कर रही है, जिसके लिए नई पहल करते हुए ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना की जा रही है, जो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का नया अवसर प्रदान करेगा। मंत्री श्रीमती भेंडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में कार्य किया जा रहा है इसी के चलते मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि दीपावली से पहले 17 अक्टूबर को किसानों के खाते में डालने का  निर्णय लिया है, जिससे हमारे किसान भाई दीपावली का त्यौहार बहुत अच्छे से मना सकें।

 

मंत्री श्रीमती भेंडिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 65 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर सोसायटी के माध्यम से की जा रही है। जिससे हमारे वन क्षेत्र के निवासियों को बेहतर आय प्राप्त हो रहा है, इससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। उन्होंने ग्रामीणों को कोदो-कुटकी, मूंग, उड़द, अरहर जैसे फसल लेने प्रोत्साहित किया। मंत्री श्रीमती भेंडिया ने उपस्थित ग्रामीणों को दीपावली, तुलसी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर जनपद पंचायत डौंडी की अध्यक्ष श्रीमती बसंती दुग्गा, उपाध्यक्ष  पुनीत राम सेन, गणमान्य नागरिक  पीयूष सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

 

 

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धान खरीदी के कार्य में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं : कलेक्टर

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  कुलदीप शर्मा ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को त्रुटि रहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर शर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर  शर्मा ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में धान की बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों की समुचित साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, शेड एवं बारदाना की उपलब्धता के साथ-साथ विद्युत एवं इंटरनेट कनेक्शन की उपलब्धता  भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में आर्द्रता मापी यंत्र, काटा-बाट, किसानों की बैठक व्यवस्था, कैप कव्हर सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान की बिक्री के लिए किसान पंजीयन के कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिले में बारदानों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यक बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा धान खरीदी की सतत मानिटरिंग हेतु  जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों का भ्रमण कर तैयारियों को जायजा लेने तथा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने कहा। कलेक्टर ने कहा कि जिले में किसी भी स्थिति में अवैध धान की खरीदी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारी केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक धान की खरीदी कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित खाद्य, सहाकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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जिला जेल में वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार प्रसार के लिए शनिवार को राज्य स्तरीय जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण  के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी द्वारा केन्द्रीय जेल रायपुर से किया गया। इसके परिपालन में आज जिला जेल बालोद में भी वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत जिला व सत्र न्यायालय बालोद से भी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बालोद आस्था यादव का 1 खण्डपीठ के अलावा जिले के चार राजस्व अनुविभाग बालोद, गुण्डरदेही, डौण्डीलोहारा एवं गुरूर के अनुविभागीय अधिकारियों के 4 खण्डपीठ बनाया गया था। इस अवसर पर सत्र न्यायाधीश बालोद डॉ. प्रज्ञा पचैरी तथा कलेक्टर कुलदीप शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्यामबती मरावी, एडिशनल एसपी हरीश राठौर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

वृहद जेल लोक अदालत के शुभारंभ के पश्चात् प्रत्येक कार्यदिवस वाले शनिवार को जिला न्यायालय बालोद से एक खण्डपीठ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की जेल अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के सहयोग से आयोजित की जाएगी। वृहद जेल लोक अदालत में आज राजस्व न्यायालय के खण्डपीठों के माध्यम से प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के अधीन निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के द्वारा स्वेच्छापूर्वक जुर्म स्वीकारोक्ति करने पर उनके द्वारा बिताई गई अवधि की सजा को पर्याप्त मानते हुए रिहा किया गया। इसी प्रकार जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद द्वारा गठित खण्डपीठ द्वारा कुल 6 प्रकरणों को जेल लोक अदालत हेतु रखा गया। जिसमें से 3 प्रकरणों में विचाराधीन बंदियों द्वारा स्वेच्छापूर्वक जुर्म स्वीकार किये जाने पर खण्डपीठ द्वारा दोषसिद्धी का निर्णय पारित कर जितनी अवधि विचाराधीन बंदी द्वारा विचारण के दौरान व्यतित की गई है, उतनी अवधि की सजा सुनाते हुए सजा समायोजित कर संबंधित विचाराधीन बंदियों को जिला जेल बालोद से रिहा किया गया।

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यूटीआरसी कमेटी ने की जेल समीक्षा, आयोजित किया विधि जागरूकता शिविर

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंडर ट्रायल रीव्यू कमेटी अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद डॉ. प्रज्ञा पचैरी तथा अंडर ट्रायल रीव्यू कमेटी के सदस्य कलेक्टर कुलदीप शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्यामबती मरावी, एडिशनल एसपी हरीश राठौर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमन सिंह शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल बालोद में प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाने वाली यूटीआरसी कमेटी की जेल समीक्षा एवं विधिक जागरूकता शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर यूटीआरसी कमेटी की अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा पचैरी ने कैदियों को बंदीगृह में रहते हुए अपनी बूरी आदतों का त्याग करने को कहा। उन्होंने कहा कि बंदीगृह एक सुधार गृह होता है। इसलिए जेल से रिहा होने के बाद कोई भी बंदी दुबारा ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे उन्हें दोबारा जेल आना पड़े। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जेल बंदियों को बुरी आदतों का त्यागकर एक जिम्मेदार नागरिक बनने की समझाईश दी। इस अवसर पर उन्होंने जेल बंदियों को उनके समस्याओं के निराकरण हेतु उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।


इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर एवं अधिकारियों  ने जिला जेल के विभिन्न कक्षों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर यूटीआरसी कमेटी ने कैदियों से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के स्टैण्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में दिए दिशा निर्देश के अनुसार जिला जेल की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने जेल के प्रत्येक बैरकों का निरीक्षण कर कैदियों की समस्या को सुना और उनके समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
क्रमांक/636/ठाकुर

 

 

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रसद दक्षता में सुधार करके सालाना बचा सकते हैं 10 लाख करोड़ रुपये : गोयल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री, पीयूष गोयल ने कहा है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में रसद दक्षता में सुधार करके सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत करने की क्षमता है। वह नई दिल्ली में राष्ट्रीय मास्टर प्लान के शुभारंभ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित पीएम गतिशक्ति पर राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में पीएम गतिशक्ति द्वारा अब तक की गई प्रगति एवं उपलब्धियों और आगे के रास्ते पर ध्यान केंद्रित किया गया।

श्री गोयल ने कहा कि बेहतर अवसंरचना के विकास के लिए सामाजिक क्षेत्र में पीएम गतिशक्ति का तेजी से उपयोग किया जा रहा है, जिससे देश के प्रत्येक नागरिक को प्रौद्योगिकी का लाभ मिल रहा है और आम आदमी के लिए जीवन की सुगमता में सुधार हो रहा है। मंत्री ने कहा कि पीएम गतिशक्ति आने वाले वर्षों में भारत के भविष्य को परिभाषित करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान बुनियादी ढांचे के विकास में भारत के प्रयासों को 'गति' और 'शक्ति' दोनों प्रदान करेगा।

श्री गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय मास्टर प्लान हमारे काम करने के तरीके और हमारे काम के परिणामों को बदल देगा और आर्थिक विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति का सर्वोत्तम संभव सीमा तक उपयोग करने के लिए राजनीतिक मतभेदों को पार करते हुए पूरा देश एक साथ आया है। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पीएम गतिशक्ति एनएमपी को इतिहास में एक शक्तिशाली हस्तक्षेप के रूप में स्थान मिलेगा जिसने देश में तेजी से विकास और विकास को गति दी। उन्होंने कहा कि हम पीएम गतिशक्ति को राष्ट्र और समाज की सेवा के रूप में देखते हैं।

श्री गोयल ने कहा कि वर्षगांठ समारोह का उपयोग भविष्य के लिए योजनाओं की कल्पना करने और उस पर विचार करने के अवसर के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से कहा कि वे बेहतर, अधिक किफायती और समयबद्ध बुनियादी ढांचे की योजना के लिए पीएम गतिशक्ति का उपयोग करने के लिए अलग-अलग तरीकों पर विचार करें।

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पीएम मोदी 16 को करेंगे 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों का शुभारंभ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वित्तीय समावेशन को और ज्‍यादा व्‍यापक बनाने के एक अन्‍य उपाय के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयां (डीबीयू) राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस मौके पर वह अपने उद्गार भी प्रकट  करेंगे।


वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट भाषण के अंतर्गत वित्त मंत्री ने देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के 75 जिलों में 75 डीबीयू की स्थापना किए जाने की घोषणा की थी। डीबीयू की स्थापना डिजिटल बैंकिंग का लाभ देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है और इनके अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंक, 12 निजी बैंक और एक लघु वित्त बैंक इस प्रयास में भाग ले रहे हैं।

ये डीबीयू ब्रिक एंड मोर्टार आउटलेट्स से संचालित की जाएंगी, जहां लोगों को बचत खाता खोलने, बैलेंस-चेक करने, पासबुक प्रिंट करने, राशि अंतरित करने, फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने, ऋण के लिए आवेदन करने, जारी किए गए चेक के लिए स्टॉप-पेमेंट निर्देश देने, क्रेडिट/डेबिट कार्ड के लिए आवेदन करने, खाते का विवरण देखने, करों का भुगतान करने, बिलों का भुगतान करने, नामांकन करने, आदि जैसी विभिन्न डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

डीबीयू ग्राहकों को साल भर बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं तक किफायती, सुविधाजनक पहुंच और बेहतर डिजिटल अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनाएगी। वे डिजिटल वित्तीय साक्षरता का प्रसार करेंगी तथा ग्राहकों को साइबर सुरक्षा जागरूकता और सुरक्षा उपायों के बारे में शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा डीबीयू द्वारा प्रत्‍यक्ष रूप से या उसके बिजनेस फैसिलिटेटर्स/कॉरस्‍पोंडेंट्स के माध्यम से प्रस्‍तुत किए जा रहे व्यवसाय और सेवाओं से संबंधित ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करने और उनको रीयलटाइम सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए पर्याप्त डिजिटल व्‍यवस्‍थाएं होंगी।

 

 

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कर्मचारियों को 33 प्रतिशत महंगाई भत्ता का स्वागत : कांग्रेस

 इस निर्णय से साबित राज्य में सभी के हितों का ख्याल करने वाली सरकार, इस बार दीपावली ऐतिहासिक किसान, कर्मचारी सभी खुश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ सरकार ने दिवाली के पहले प्रदेश के अधिकारियों- कर्मचारियों को 5 प्रतिशत डीए महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डीए अब 28 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के इस कदम से एक बार फिर से साबित हो गया कि प्रदेश में सभी वर्ग के हितों का ख्याल करने वाली सरकार है।

सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कांग्रेस पार्टी आभार व्यक्त करती है कि राज्य के साढ़े चार लाख से अधिक कर्मचारियों के हित में उन्होंने निर्णय लिया है। इससे पहले भी हमारी सरकार ने 12 प्रतिशत डीए बढ़ाया था। अब फिर 5 प्रतिशत डीए बढ़ाया गया है। यह सरकार की कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर दीवाली के पहले डीए में 5 फ़ीसदी की बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों का दिल जीत लिया हैं। यह निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है। छत्तीसगढ़ में इस साल दीवाली ऐतिहासिक होने वाली है। किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना का पैसा मिलेगा। कर्मचारियों को बढ़ा हुआ डीए मिलेगा, शहर और गांव दोनों जगह का पैसा बाजार में आयेगा तो खुशहाली आयेगी। मुख्यमंत्री की सदाशयता से छत्तीसगढ़वासियों की दीपावली बन गयी।

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17 अक्टूबर से शुरू होगी अरहर, उड़द व मूंग फसलों की खरीदी

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में प्राईस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत अरहर, उड़द व मूंग फसलों के उपार्जन के लिए विपणन संघ (मार्कफेड) को उपार्जन एजेंसी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ऋतुराज रघुवशी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नकदी फसलों की खरीदी शासन की प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी पूर्वक दिये गये कार्यों को तय समय में पूरा करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन हेतु प्रयुक्त होने वाले बारदानो के लिए स्टेनसिल व टैग का प्रारूप, स्टेनसिल व टैग की उपलब्धता व टैग प्रिंट की व्यवस्था निर्धारित तिथि के पूर्व कर ली जाएं। इसके साथ ही उपार्जन केन्द्र में गुणवत्ता परीक्षण हेतु यंत्र, आवक, गेटपास रजिस्टर, किसान पंजीयन रजिस्टर, स्कंध पंजी जावक गेट रजिस्टर, पेटी कैश बुक इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा है। 

जिला विपणन अधिकारी टीआर निशाद ने जानकारी देते हुए बताया कि  मूंग व उड़द की उपार्जन अवधि 17 अक्टूबर से 16 दिसम्बर 2022 निर्धारित है। उन्होंने बताया कि उड़द व मूंग की खरीदी 17 अक्टूब से 16 दिसम्बर तक की जाएगी। शासन की ओर से उड़द का समर्थन मूल्य 6600, मूंग का 7 हजार 755 रूपये निर्धारित किया गया है। वहीं अरहर की समर्थन मूल्य पर खरीदी 13 मार्च से 12 मई 2023 तक की जायेगी, जिसका समर्थन मूल्य राज्य सरकार की ओर से 6600 रुपए तय किया गया है। 

 
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राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता की तैयारियां पूरी, आयोजन 15 को

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा  शनिवार 15 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता के संयोजक राजेन्द्र निगम ने बताया की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। अनेक स्कूलों से बच्चों के नाम भेजे गए है किन्तु जो बच्चे अपना नाम  नही भेज पाए हो उनके लिये भी अवसर है वो प्रातः 10.30 बजे से जे.आर. दानी कन्या विद्यालय कालीबाड़ी में तत्काल रजिस्ट्रेशन कर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।

उद्धघाटन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक बृजमोहन अग्रवाल, विशेष अतिथि निगम सभापति प्रमोद दुबे एवं पार्षद श्रीमती सीमा कंदोई उपस्थित होंगे। प्रतियोगिता का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होगा । राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता निःशुल्क है और सभी बच्चों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा । प्रतियोगिता 4 वर्ग में आयोजित है। सामान्य बच्चों के लिए हरा समूह 5 से 9 सफेद समूह 10 से 16 वर्ष एवं दिव्यांग बच्चों के लिए पिला समूह 5 से 10 वर्ष   लाल समूह 11 से 18 वर्ष  सभी समूह के विषय अलग अलग है जिसे पूर्व में कई माध्यम से प्रचारित किया गया है । ड्राइंग शीट 40cm × 50 cm (16" × 20") परिषद द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा ।

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प्रशासन के सर्तक करने के बाद भी होटल संचालक धड़ल्ले से कर रहे सफेद कारोबार

 

 गोपाल डेयरी की लाइसेंस निरस्त

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर आरा व जिपं सीईओ के निर्देश पर जिले के विभिन्न मिठाइयों की दुकानों में मिठाइयों की गुणवत्ता जांच लगाता कराई जा रही है। इस परिप्रेक्ष्य में जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में होटल संचालक, पुशपालक व पिलखाक्षीर के कर्मचारियों के उपस्थिति में पूर्व दिवस में आयोजित किया गया था, बैठक में सभी को समझाइश दी गई थी कि जिले में बाहर से खोवा व पनीर मंगाकर न खफायें। आज खाद्य सुरक्षा व औषधि अधिकारी नितेश मिश्रा व तहसीलदार हिना टंडन की ओर से जिले के प्रसिद्ध बंसल स्वीट्स की जांच की गई, जहां पर मिठाइयां बनाने के लिए धौलपुर देशी शुद्ध घी, हल्दीराम देशी शुद्ध घी,  नोवा देशी शुद्ध घी, का उपयोग किया जा रहा है। जांच टीम की ओर से 1 लीटर घी सेम्पल के लिए गया, जिसे जांच के लिए रायपुर भेजा जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

इसी क्रम में पुराना तहसील के सामने गोपाल डेयरी में टीम जांच के लिए पहुंची अधिकारियों ने दूध, पनीर, खोवा की जांच की दूध व पनीर ठीक निकला। इनके यहां लगभग 3 कि.ग्रा. सेन्थेटिक खोवा बरामद हुआ। गोपाल डेयरी के संचालक नीरज पाण्डेय ने मनेन्द्रगढ़ के किसी कैलाश गुप्ता से प्रताप बस द्वारा लगातार मुख्यालय लाकर खपाया जा रहा है। संचालक को नोटिस जारी किया गया है तथा विभाग की ओर से लाइसेंस निरस्तीकरण की गयी। भैयाथान रोड़ में स्थित बाबा होटल संचालक सुभाष पात्रा के यहां टीम पहुंची, वहां पर भी पुरानाबासी मिठाइया मिली, किचन जांच करने पर कोई साफ-सफाई नहीं मिली, उसके दूध की गुणवक्ता जांच की गयी जो फेल हो गयी। जांच करने पर दूध में फैट 1.63 प्रतिशत तथा पानी 37 प्रतिशत पाया गया। जबकि भैंस के दूध में फैट 5 प्रतिशत, गाय के दूध में 3.2 प्रतिशत तथा मिक्स दूध में 4.5 प्रतिशत होना चाहिए। दूध फेल होने के कारण 25 लीटर दूध को फिकवाया गया। इन्होंने बताया कि इनके यहां पम्पापुर गांव से शैलेष यादव नाक का व्यक्ति 40 से 60 लीटर दूध की सप्लाई करता है।  

इसी क्रम में महगंवा चौक स्थित पंडित स्वीट्स जब टीम पहुंची तो वहां के कर्मचारियों में हड़कंप मच गयी, सब सामान इधर उधर हटाने व भागने लगे। टीम की ओर से बुलाये जाने पर दूध चेक किया गया, यहा भी दूध फेल निकला। दूध में फैट 1.92 प्रतिशत तथा पानी की मात्रा 33 प्रतिशत पाया गया। संचालक की ओर से बताया गया कि मनोज यादव नामक देवनगर का व्यक्ति उसे रोजाना लगभग 60 लीटर दूध की सप्लाई करता है। 3 किलो खोवा की जांच की जो एकदम नकली निकला। उसे जब्त कर लिया गया। इनके यहां खराब छेना चमचम की मिठाई लगभग 3 किलो फ्रीजर में मिला। जिसका तापमान ठीक कर वे ग्राहकों में खपाना चाहते थे। इसके बाद भैयाथान रोड स्थित कृष्णा डेयरी की जांच किया गया, यहां पर रांची, बनारस से लाकर सेन्थेटिक पनीर खपाया जा रहा था उसकी भी जब्ती की गयी।  

उक्त कार्रवाई में राम प्रकाश जायसवाल नमूना सहायक, सुमीत त्रिपाठी, पुलिस प्रशासन से हेमेन्द्र तिवारी, रूपेश सोनवानी व संतोष सोनवानी उपस्थित रहे।

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कबीरधाम जिले में मानव तस्करी से संबंधित आंकड़ा शून्य : डॉ. किरणमयी नायक


महिला आयोग अध्यक्ष ने मानव तस्करी के संबंध मे ली बैठक

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कलेक्टर जनमेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह के साथ मानव तस्करी के संबंध में बैठक ली। डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि जिले में मानव तस्करी से संबंधित आंकड़ा शून्य है। जिससे मानव तस्करी संबंधित मामले नियंत्रण में है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, संयुक्त कलेक्टर डॉ. मोनिका कौडो, डीएसपी श्रीमती मोनिका परिहार, जिला संरक्षण अधिकारी निकिता डडसेना सहित पुलिस एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  


अध्यक्ष डॉ नायक ने कहा कि मानव तस्करी कहने को तो गैर कानूनी है फिर भी यह हमारे समाज की गंभीर समस्या बनी हुई है। शारीरिक शोषण से देह व्यापार व बंधुआ मजदूरी तक के लिए मानव तस्करी की जाती है। उन्होंने कहा कि मानव व्यापार की समस्या से निपटने के लिए सबसे पहले लोगों को जागरूक करना होगा। हम सभी को मानव व्यापार के खतरों और उसके दुष्प्रभाव के बारे में गांव एवं शहर के लोगों को जागरूक करना होगा। डॉ. नायक ने बताया कि मानव तस्करी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ प्रत्येक जिले में जा रही है। जो जागरूकता का कार्य कर रही है।  



अध्यक्ष डॉ नायक ने कहा कि आंतरिक परिवाद समिति बनाने के लिए निर्देश दिए है। सभी  निजी, शासकीय, अर्धशासकीय, स्कूल, हॉस्पिटल, मॉल, बाजार, उद्योग हर जगह जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हो वहां पर आंतरिक परिवाद समिति का गठन अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी महिला के साथ लैंगिग उत्पीड़न जैसी घटनाएं न हो। अगर होती है तो उनके लिए आंतरिक परिवाद समिति तत्काल कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि संस्थान में आंतरिक पारिवाद समिति का गठन नहीं किए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान नियमानुसार किया जाएगा।

डॉ. नायक ने फोर्स ऐकडमी और महिला सेल में मेडिटेशन रूम का किया निरीक्षण

 

डॉ. किरणमयी नायक ने आज फोर्स ऐकडमी और महिला सेल में मेडिटेशन रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक अच्छी और सकारात्मक पहल है। यहां पर महिलाओं की कांउसलिंग बहुत अच्छे सकारात्मक ढंग से होगी और परिवार जुड़ेगे ऐसे ही पूरे प्रदेश में होगा तो पीड़ित पक्ष को इससे लाभ जरूर मिलेगा। इसी प्रकार फोर्स ऐकडमी में भी 500 से अधिक बच्चे शासकीय नौकरी में चयनित हुए है।

 

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अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला : देश की राजधानी में बिखरेगी छत्तीसगढ़ की बहुरंगी छटा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडिया ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाइजेशन द्वारा प्रगति मैदान नई दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ पवेलियन में विशेष रूप से सर्वांगिण विकास के लिए किए गए कार्यों, उद्योग, उद्यमिता से संबंधित आंकड़ों, निवेश, रोजगार की जानकारी, ग्रामद्योग, वन, कृषि, पर्यटन, शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और उद्यमिता से संबंधित जानकारियां और उपलब्धियां तथा छत्तीसगढ़ सर्वाेत्तम स्वच्छ राज्य का प्रदर्शन किया जाएगा।

इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने शुक्रवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस वर्ष की थीम ’’वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल’’ रखा गया है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड को नोडल ऐजेंसी बनाया गया है।

मुख्य सचिव ने भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य शासन के विभागों द्वारा लगाये जाने वाले प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की है। इसके अनुसार कृषि विभाग द्वारा कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रोत्साहन योजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें धान के विशिष्ट उत्पाद एवं कोदो, कुटकी, रागी आदि कृषि उत्पाद प्रोत्साहन संबंधी जानकारी का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी, महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क और गोधन न्याय योजना और गौठानों का प्रदर्शन किया जाएगा। वन विभाग द्वारा लघु वनोपज संघ संजीवनी के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय और वन उत्पादों को समर्थन मूल्य पर खरीदने संबंधी कार्य की प्रगति का प्रदर्शन किया जाएगा।

ग्रामोद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ हाथकरघा बुनकर सहकारी संघ एवं शबरी एम्पोरियम के माध्यम से स्टाल पर उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय और बेल मेटल, राट इत्यादि का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा आत्मानंद स्कूलों की सुविधाओं एवं योजना की जानकारी दी जाएगी। संस्कृति विभाग की मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य दिवस के आयोजन की समस्त कार्यवाही यथा संास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित करना एवं आमंत्रण पत्र वितरण इत्यादि की जिम्मेदारी होगी। पर्यटन मण्डल द्वारा राज्य से संबंधित पर्यटन स्थलों की जानकारी का प्रदर्शन किया जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा उद्यमिता, विनिर्माण के क्षेत्र में किए गए कार्य एवं योजनाओं की जानकारी का प्रदर्शन, उद्यमिता की जानकारी योजना निवेश की जानकारी एवं एथेनॉल के संबंध में निष्पादित एमओयू एवं प्रगति का प्रदर्शन किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग के लिए शीघ्र नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में पीसीसीएफ संजय शुक्ला, ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., विशेष सचिव वाणिज्य एवं उद्योग हिमशिखर गुप्ता, संचालक कृषि अयाज तम्बोली, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम सारांश मित्तर, सचिव वन प्रेमकुमार, संचालक जनसम्पर्क सौमिल रंजन चौबे सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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कानून व्यवस्था बनाये रखने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने ली पिछड़ा वर्ग के प्रदाधिकारियों की बैठक

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारियों की ओर से 18 अक्टूबर को स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगने पर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला व पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा की उपस्थिति में पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारियों की बैठक लेकर कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सहयोग करने के लिए अपील किये है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति अनुमति की समस्त शर्तो का पालन करेंगे। 

स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति जिला प्रशासन और पुलिस बल का पूरा सहयोग करेंगे। आयोजन के मार्ग और स्थल पर कानून व्यवस्था तथा शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा निर्धारित स्थल पर ही वाहनों की पार्किंग किया जाएं। कोई भी व्यक्ति जुलूस अथवा सभा में कोई हथियार, नशीला पदार्थ या कोई अन्य खतरनाक पदार्थ नहीं लेकर आएगा। आयोजन में नफरत फैलाने वाले तथा फडकाऊ भाषण देने वाले पर कार्यवाही की जाएगी। आयोजन के दौरान आम जनता की सुविधा के अनुरूप यातायात और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। पूरे आयोजन की वीडियोंग्राफी की जायेगी और रिकार्डिंग की एक प्रति जुलूस, सभा के बाद दो दिनों की अवधि के भीतर संबंधित एसडीएम को प्रस्तुत की जायेगी। लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग जुलूस, सम्मेलन के दौरान प्रतिबंधित डेसिबल सीमा पर किया जायेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय व ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से जारी किये गये निर्देशों का पालन किया जाए। आयोजन में शामिल होने के लिए अथवा बने रहने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को बाध्य नहीं किया जाएं तथा अनुमति में दिये गये समय व स्थान पर आयोजन समाप्त किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने वाले संख्या का कम से कम पांच प्रतिशत वालेंटियर्स रखे जाएंगे, जो पुलिस व प्रशासन को व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करेंगे।

 

कलेक्टर ने कहा कि आयोजन में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए भोजन पानी व चिकित्सा सुविधा आयोजन स्थल पर सुनिश्चित किया जाएं तथा किसी भी पशु पका उपयोग नहीं किया जाएगा। आयोजन में लाठी, डंडा, हथियार या आग्नेय अस्त्र रखने की अनुमति नहीं होगी। व्यवस्था में लगे पुलिस, प्रशासन या अन्य शासकीय अधिकारियों से दुव्र्यवहार या काम में व्यवधान नहीं किया जायेगा, यदि ऐसा करते पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही किया जाएगा। आयोजन के दौरान किसी भी सार्वजनिक, निजी संपत्ति को क्षति नहीं पहुंचाया जाए, इनमें से किसी भी कण्डिका का उल्लंघन किये जाने पर आयोजन समिति व आवेदक इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेही होंगे तथा उनके विरूद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही किया जाएगा। अनुमति प्राप्त नहीं होने पर आयोजनकर्ता उक्त आयोजन नहीं करेंगे, यदि ऐसे करते पाये जाने पर आयोजक और आवेदक पर वैधानिक कार्यवाही किया जाएगा।  

 

बैठक में पिछड़ा वर्ग के जिला अध्यक्ष जगन्नाथ साहू, भानुप्रतापपुर के अरविंद जैन, जिला संरक्षक हरेशचक्रधारी, सदस्य चुनेश्वर जैन, साहू समाज के संरक्षक रूपेश, प्रकाशचन्द, पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधिगण साहित अपर कलेक्टर एस. अहिरवार, एसडीएम कांकेर धनंजय नेताम, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार, पुलिस विभाग से गोविन्द वर्मा और पवन कुमार जैन, राजेन्द्र ध्रुव, डॉ. अनुराग झा, अविनाश ठाकुर उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ से कृषि निर्यात की संभावनाओं पर हुआ मंथन : एग्री कार्नीवाल में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय एग्री कार्नीवाल 2022 के दौरान आज यहां कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के निर्यात हेतु एपीडा के सहयोग से क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश विदेश से आए कृषि निर्यातकों ने छत्तीसगढ़ के प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि आधारित उद्यम संचालित करने वाले व्यवसायियों को कृषि फसलों एवं उत्पादों के निर्यात के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अमरूद सीताफल, ड्रेगनफ्रूट के उत्पादन में अग्रणी है, जहां से विभिन्न उद्यानिकी उत्पाद बड़े-बड़े शहरों तक भेजे जाते हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में एपीडा के अध्यक्ष डॉ. एम. अनंगमुथु, संचालक कृषि डॉ. अय्याज एफ. तंबोली, विश्वविद्यालय प्रबंध मण्डल सदस्या श्रीमती वल्लरी चन्द्राकर, श्री नितिन गुप्ता,  हितेश वरू, प्रमोद अग्रवाल उपस्थित थे।

तकनीकी सत्र में निर्यात की संभावनाओं की चर्चा करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के तहत संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों केे माध्यम से बाजार लिंकेज प्राप्त किया जा सकता है।  नितिन गुप्ता ने कहा कि हरियाणा में दस हजार किसानों के साथ बासमती चावल की किस्में 1509 और 1121 को उगाया है। उन्होंने बताया कि एक किलो चावल उगाने में 4000 लीटर पानी लगता है, जिसमें ड्रिप तकनीक से 250 से 300 लीटर पानी की बचत की जा सकती है। इस सत्र में अपर संचालक उद्यानिकी भूपेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि शिमला मिर्च, काजू और केला, सीताफल की खेती व्यापक क्षेत्र में की जाती है, जिसे कृषक उत्पादक संगठन बनाकर नया स्वरूप दे सकते हैं। इसी सत्र में उप संचालक उद्यानिकी  नीरज शुक्ला ने बाताया कि 50 करोड़ रूपये की लागत से पाटन में इन्टीग्रेटेड पैक हाऊस बनया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती प्रगति गोखले ने मार्केट मिर्ची एप के माध्यम से फल, फूल, हर्बल, दलहन एवं अनाज का निःशुल्क व्यापार किया जा सकता है। प्रगतिशील कृषक  श्याम बघेल ने एफपीओ गठन की सरल प्रक्रिया पर जोर दिया।

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