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​भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चा विकास- मंत्री श्री टंक राम वर्मा

  ​बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित  भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।

     इस अवसर पर ​मंत्री ने 20 लाख रूपए से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया। छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि ​पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था, और मार्ग में निरंतर आगे बढ़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उस सपने को साकार किया। यदि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण न हुआ होता, तो प्रदेश की स्थिति आज भी वैसी ही बनी रहती। आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी और अधोसंरचना के हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का पूरा पैसा अब यहीं के सर्वांगीण विकास में उपयोग हो रहा है।
       ​सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए  मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि कभी पूर्णतः कृषि पर आधारित हमारा समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरियों के क्षेत्र में भी तेज़ी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है; जिनके पास कभी साइकिल नहीं थी, वे आज दोपहिया, चारपहिया और हवाई यात्रा तक का आनंद ले रहे हैं। गांव-गांव में महज 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। इस भौतिक प्रगति के साथ हम सभी को ​सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है।आधुनिकता के इस दौर में गांव-घर का पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को बनाए रखना बेहद अनिवार्य है, क्योंकि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के दुख-सुख में खड़े रहने की भावना सदैव जीवंत रहे।

​वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से मिल रही काम करने की प्रेरणा:श्री धरमलाल कौशिक

      ​कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन अनुभवों की महत्ता पर बल दिया। ​उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है, जिससे सीखकर, समझकर और पढ़कर संगठन व समाज सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से लेकर आज तक प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाया है।
​     बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी,सरपंच ब्रजेश दुबे,जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का किया शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को नई मजबूती

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने नई कैंसर इकाई में उपलब्ध उपचार सुविधाओं एवं अत्याधुनिक मशीनरी का अवलोकन किया तथा अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान श्री साय ने डॉ. संदीप दवे के भाई श्री प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

                मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय श्री प्रदीप दवे का कैंसर से निधन हुआ था। इस व्यक्तिगत पीड़ा ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ व्यापक स्तर पर काम करने का संकल्प मजबूत किया। आज उसी संकल्प का परिणाम रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में हजारों-लाखों लोगों को बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
                 मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ा है। कैंसर मरीजों को अब एक ही परिसर में जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने डॉ. संदीप दवे और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार को गति मिली और वर्तमान सरकार भी पिछले ढाई वर्षों से प्रदेश के कोने-कोने तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेशवासियों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हों।

कैंसर की रोकथाम में स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच जरूरी : डॉ. रमन सिंह
               विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के पीछे सेवा और संवेदना की भावना जुड़ी हुई है। डॉ. दवे के भाई की कैंसर से मृत्यु ने उन्हें गहरा आघात दिया और संभवतः इसी पीड़ा ने कैंसर के उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की प्रेरणा दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कैंसर केवल मरीज की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सामूहिक पीड़ा होती है। उन्होंने कैंसर की समय पर पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं काफी बेहतर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में पहले से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के साथ अब कैंसर उपचार की सुविधा जुड़ने से मरीजों को एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

15 मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ा दायरा : स्वास्थ्य मंत्री
           स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण नई कड़ी जुड़ी है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों के मरीजों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 10 हुई और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बाद प्रदेश में अब 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में दो नए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों पर काम हो रहा है। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाने की आवश्यकता में कमी आई है और जगदलपुर में हृदय जैसी जटिल सर्जरी भी संभव हो रही है। बिलासपुर में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ हो चुका है।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोग एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
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अटल जी के संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ को दी नई पहचान, सुशासन और अंत्योदय की राह पर आगे बढ़ रहा प्रदेश : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।

राजनीति में संवेदनशीलता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे अटल जी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वोपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वोच्च ध्येय थी।

गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज के उत्थान को बनाया विकास का आधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।

अटल जी के सुशासन और अंत्योदय के मार्ग पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना हम सभी का दायित्व है। उनकी सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।
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बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो का उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया शुभारंभ

 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर स्थित लाला जगदलपुरी ग्रंथालय परिसर में स्थापित बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो का शुभारंभ किया। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं, नवाचारी लोगों और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता एवं विचारों को व्यापक मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।


         शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने क्रिएटर हब की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और यहां उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों से अपनी प्रतिभा को सामने लाने और बस्तर की कला, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन एवं विकास की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।

पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री का इंटरव्यू

          बस्तर क्रिएटर हब के शुभारंभ के साथ ही इसके पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने बस्तर के विकास, युवाओं की भूमिका और नई तकनीकों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।

बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है

           यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं को कंटेंट निर्माण, पॉडकास्ट, वीडियो, डिजिटल मीडिया और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्थानीय युवा अपने विचारों, अनुभवों और नवाचारों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।

       इस अवसर पर इस अवसर पर महापौर श्री संजय पाण्डेय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नाईक, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं क्रिएटर हब से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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जवानों के शौर्य ने लिखा बस्तर का नया इतिहास- उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन किया। जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में  कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ अधिकारी-जवानों को जिन्हें वीरता पदक से अलंकृत पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जवानों के शौर्य ने बस्तर का नया इतिहास  लिखा है,नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में मिली ऐतिहासिक सफलताओं का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प को जाता है।


छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण

        उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों और आईईडी जैसे घातक खतरों के बीच भी पूरी निष्ठा से मोर्चे पर डटे रहे हैं। राज्य गठन के 25 वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण है। श्री शर्मा ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद बस्तर के उन दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जा रहा है, जहां पहले ऐसा संभव नहीं था। इस वर्ष 93 नए स्थानों पर तिरंगा फहराकर सुरक्षा बलों ने विश्वास और लोकतंत्र की नई नींव मजबूत की है।

बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना

        उप मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में 2025 अगस्त माह के दौरान हुए बड़े आत्मसमर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि 210 नक्सलियों द्वारा 163 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पुनर्वास अभियान है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और शांति की दिशा में बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना जवानों के पराक्रम और स्थानीय जनता के विश्वास का परिणाम है। माओवादी विचारधारा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बंदूक के बल पर कायम व्यवस्था जनता के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकती। लोकतंत्र में वही व्यवस्था मान्य है, जो जनता द्वारा चुनी गई हो और जनता के प्रति जवाबदेह हो।

आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जुड़ेंगे बस्तर के बच्चे
          गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर की जल, जंगल और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए यहां के बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।उन्होंने बताया कि टेकुलगुड़म जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप विकसित की जाएंगी। 

बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त

       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में लगातार सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त करने में सुरक्षा बलों के साथ-साथ यहां की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर वीर जवानों ने अपनी वीरता की कहानियों को बयां किया और शहीदों के पराक्रम की कहानियां साझा की।

        इस दौरान गृह मंत्री ने अमर जवान शहीद स्मारक में  पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीदों की स्मरण पट्टिका पर पुष्पांजलि अर्पित की । इस दौरान महापौर श्री संजय पांडेय, सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी- जवान उपस्थित रहे ।
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देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों का योगदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।

‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।

छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।

टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों - टाउन हॉल और शहीद स्मारक - के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।

योजनाओं ने बदली जिंदगी - महिलाओं से किसानों और युवाओं तक विकास की झलक

प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।

सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से उभरते विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर

प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।

बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।

एआई से जुड़ा विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।

विजिटर डायरी और विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनी आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।
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घुड़सवारों के साहस, महिला बैग पाईपर बैंड की लय और श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन से सजा स्वतंत्रता दिवस समारोह

 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में घुड़सवार दलों ने अपने अदम्य साहस और ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिला बैग बाईपर बैंड की लयबद्ध प्रस्तुति ने उपस्थित जनों की सराहना पाई। इसके साथ ही आज के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस के श्वान दल के रोमांचक प्रदर्शन में दर्शकों को बेहद उपयोगी जानकारी भी दी। 


घुड़सवार दल का हॉर्स शो आकर्षण का केंद्र

स्वतंत्रता दिवस समारोह में घुड़सवार दल का हॉर्स शो भी आकर्षण का केंद्र रहा। तीसरी वाहिनी अमलेश्वर के घुड़सवार दल ने फ्लैग मार्च, टेंट पैगिंग, नेज़ाबंदी शो, जंपिंग और गैलप राउंड जैसी रोमांचक प्रस्तुतियां दी। आरक्षक धनेश्वर कंवर ने अश्व आदित्री पर फ्लैग मार्च किया। अजय कुमार यादव ने अश्व आभा पर स्टैडिंग सैल्यूट किया गया। टैंट पैंगिंग में अश्व रूद्र, अश्वस्थामा, प्रिंसेस सारा और शक्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अश्व युवराज, अवनि, कावेरी, जूही और ओजस ने शो जंपिंग में जलवा दिखाया। उपस्थित जनसमुदाय ने अश्वदल का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत अभिनंदन किया।   

महिला बैगपाइपर बैंड ने दी आकर्षक प्रस्तुति
 
आरक्षक सोनबती ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश के पहले महिला बैगपाइपर बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में आर्कषक प्रस्तुति दी। 20वीं भारत रक्षित वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 35 सदस्यों के इस बैगपाइपर बैंड द्वारा क्विक मार्च में इंडिया गेट, केसरिया बाना, हार्श मेन, शांति सेना और पुलकित हिमालय जैसी धुनें बजाई गई। बैंड ने स्लो मार्च में नवरंगी और तर्शपे रील, ड्रम कॉल भी सुनाया। बैंड के सदस्यों ने अपने हाथों में सेरेमोनियम मेस बैंड, बेस, टेनर, साइड ड्रम और बैगपाइपर जैसे वाद्ययंत्रों पर मोहक धुनें बजाकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। 

इस बैगपाइपर महिला बैंड ने 2022 में हरियाणा के पंचकुला में आईटीबीपी के बीटीसी मानु में 6 महीनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस बैगपाइपर बैंड ने 25 वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता दीमापुर नागालैंड में 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। यह प्रतियोगिता असम रायफल्स के दीमापुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई थी। 26वीं अखिल भारतीय पुलिस पाईप बैंड हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दल को गोल्ड मेडल भी मिला था। इस प्रतियोगिता में सोनबती ठाकुर ने बेस्ट कंडक्टर और पूरे प्लाटून में ऑल राउंडर द बेस्ट का खिताब भी जीता था। 

डॉग स्क्वाड द्वारा रोमांचक एवं उपयोगी प्रदर्शन

स्वतंत्र दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ पुलिस के डॉग स्क्वाड ने भी अपनी दक्षता, अनुशासन, सुंघने की शक्ति का रोमांचक प्रदर्शन किया। स्क्वाड प्रभारी श्री राज कपूर के नेतृत्व में 7 विधााओं में डॉग स्क्वाड के श्वानों द्वारा अपने हैंडलर्स के निर्देशों का पालन प्रदर्शन करने पर उपस्थित जनसमुदाय भी रोमांच से भर गया। पुलिस डॉग मैक्स ने सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रशिक्षित श्वानों ने कमल फूल की आकृति में खुद को व्यवस्थित कर खूब तालियां बटोरी। श्वानों द्वारा गोल रिंग में सिट, डाउन, रेस्ट स्लीप, रोल और अप जैसे निर्देश पूरी दक्षता से पूरे किये। वहीं गोल रिंग में जल रही आग के बीच से श्वान दुलार, मेरी और शिवा ने छलांग लगाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। पुलिस परेड ग्राउंड पर इन प्रशिक्षित श्वानों ने जमीन में दबे विस्फोटक पदार्थों और नारकोटिक सामग्रियों को भी बड़ी तीव्रता से ढूंढ निकाला। श्वानों ने कई गंधों के मिश्रण से एक निर्धारित गंध की पहचान करने रूमाल सूंघ कर संबंधित व्यक्ति को पहचानने का भी प्रदर्शन किया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित हुए पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी

स्वतंत्रता दिवस के 80वें पावन अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से छत्तीसगढ़ पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारियों तथा जवानों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण कार्यकुशलता और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित पदकों तथा राज्य स्तरीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।

समारोह में रक्षित केन्द्र धमतरी के सहायक उप निरीक्षक श्री रामावतार सिंह राजपूत को उनकी 36 वर्षों से अधिक की निष्ठावान सेवा और आधारभूत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान हेतु देश के सर्वाेच्च ’राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक-2026’ से सम्मानित किया गया। 

सराहनीय सेवाओं, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक नवाचारों के लिए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को ’सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक-2026’ प्रदान किया गया। इस पदक से अलंकृत होने वालों में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल (भा.पु.से.), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशिमोहन सिंह (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक एटीएस नवा रायपुर श्रीमती राजश्री मिश्रा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (भा.पु.से.), सेनानी 7वीं वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्रीमती निवेदिता पॉल, सेनानी 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, पुलिस उपायुक्त रायपुर श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष आसूचना शाखा नवा रायपुर सुश्री उनैजा खातून अंसारी, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्री जयलाल मरकाम तथा प्लाटून कमाण्डर 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद श्री हजारी लाल साहू शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और जनसेवा में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए नगर सेना राजनांदगांव के नायक श्री उत्तम कुमार साहू को शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव कार्य तथा नगर सेना रायपुर के लांस नायक श्री जोगेश्वर कुमार धीवर को उत्कृष्ट गोताखोरी व प्रशिक्षण कार्यों के लिए ’गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक-2026’ प्रदान किया गया।

कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके तहत जांजगीर-चांपा के सहायक उप निरीक्षक श्री रामेश्वर प्रसाद यादव को ’गुरु घासीदास पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) प्रदान किया गया। कमजोर वर्गों एवं महिला-बाल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर की निरीक्षक श्रीमती अर्चना धुरंधर को ’राज्यपाल पुरस्कार’ एवं ’रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार’ (प्रत्येक में 50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड) से अलंकृत किया गया। गरियाबंद की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री निशा सिन्हा को पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने हेतु ’मुख्यमंत्री पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड), अजाक थाना बिलासपुर के निरीक्षक श्री उत्तम साहू को उत्कृष्ट थाना संचालन हेतु ’शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) तथा उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) बिलासपुर श्री डी.आर. टंडन को ’पुलिस महानिदेशक पुरस्कार’ (25 हजार रुपये नकद एवं प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।

समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद (भा.पु.से.) के संपूर्ण प्रभार तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री (कोरबा) श्री विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, जेल पुलिस, नगर सेना, एन.सी.सी. तथा विशेष शाखाओं की टुकड़ियों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

 

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने श्री ठाकरे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। सादगी, अनुशासन, निष्ठा और सेवाभाव उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण और कार्यशैली से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण है कि आज भी उनका जीवन और विचार सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती हमें उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का अवसर देती है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों से उनके सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा के आदर्शों को आत्मसात कर विकसित एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
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नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का संदेश - ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष हमें स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की निरंतर प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प का स्मरण किया।

बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्याेदय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।

अन्नदाता की समृद्धि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।

अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की   स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण से परिवार और प्रदेश दोनों हो रहे मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार से नवाचार तक खुल रहे नए द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है तथा परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।

एआई मिशन से भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार होगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का पूरा अवसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।

निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।

ऊर्जा, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।

प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति देंगे।

‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा ‘भारतनेट 3.0’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।

सुशासन में तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और नागरिक सुविधा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों की स्थापना, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित कर ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना लागू नहीं है, वहां ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ से प्रदेश में रोजगार एवं विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

पर्यटन और लोक-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पहचान दी है।

चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रारंभ करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संदेश के समापन में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र - “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से हम विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।
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तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रभक्ति के इस महाअभियान से जुड़ने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। तिरंगे को देखते ही प्रत्येक भारतीय का मन गर्व और राष्ट्रप्रेम से भर उठता है। यह 140 करोड़ भारतीयों को एकता के सूत्र में बांधने वाला हमारा राष्ट्रीय गौरव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से देशवासियों को राष्ट्रीय ध्वज के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने की अभिनव पहल की है। आज यह अभियान एक व्यापक जनांदोलन का स्वरूप ले चुका है। गांव से शहर तक, घर-घर में लहराता तिरंगा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के समर्पण को अभिव्यक्त करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी अपने घरों पर पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराएं। तिरंगे को नमन करते हुए उन  स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें, जिनके संघर्ष और बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत में सांस लेने का सौभाग्य मिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महान जनजातीय नायक ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रदेश के अनेक  स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और संघर्ष हमारी गौरवशाली विरासत है। आज हम उन सभी वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान विशेष रूप से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। जब बच्चे और युवा अपने घरों पर तिरंगा फहराते हैं, तो उनमें राष्ट्र के प्रति गौरव, जिम्मेदारी और कर्तव्य का भाव और अधिक मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता हमें हमारे पूर्वजों के असंख्य बलिदानों से प्राप्त हुई है। अब इस स्वतंत्रता को सशक्त और सार्थक बनाना हम सभी का दायित्व है। देश आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगे की छांव में हम सभी भारतीय हैं और राष्ट्रहित हम सभी के लिए सर्वोपरि है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इसी राष्ट्रीय चेतना को और प्रगाढ़ करने का अभियान है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घर-घर तिरंगा फहराएं और एकजुट होकर विकसित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लें।
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स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा देश की सीमाओं की रक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।


           राज्यपाल ने कहा कि 15 अगस्त 2026 को भारत गौरवशाली 80 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके अथक प्रयासों से देश को पराधीनता से मुक्ति मिली। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का योगदान देश सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में हमारे वीर सैनिकों और सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। राष्ट्र उनके त्याग और समर्पण के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।

         राज्यपाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार को देश की प्रगति के लिए समर्पित करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से भारत को और अधिक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है।
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राज्यपाल श्री डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक ‘थॉट्स अबाउट गॉड‘ का किया विमोचन

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रायपुर के 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘थॉट्स अबाउट गॉड’ का विमोचन किया। उन्होंने दिव्यांश के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।


              दिव्यांश ने अपने दादा की प्रेरणा से इस पुस्तक की रचना की है। पुस्तक में एक युवा छात्र के दृष्टिकोण से ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों, सवालों और उसकी अपनी समझ को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। कम उम्र में गंभीर और विचारपरक विषय पर पुस्तक लिखने के दिव्यांश के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया।

             इस अवसर पर राज्यपाल ने मास्टर दिव्यांश की दूसरी पुस्तक ‘फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो’ के कवर को भी लॉन्च किया। यह पुस्तक बच्चों और युवाओं में कम उम्र से ही पैसे की बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से छात्र द्वारा लिखी जा रही है। इसमें गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और बचाई गई राशि के उचित निवेश के विचार को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

            राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में पढ़ने, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत विकसित करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दिव्यांश के पिता श्री सुधीर सुल्तानिया, माता श्रीमती सरिता सुल्तानिया सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।
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राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति श्री दिलीप सिंह जूदेव जी का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।

इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।
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तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक’-राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

 स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर जिले के तिल्दा में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा और देश के गौरवशाली इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमारे तिरंगे का हरा रंग देश की शांति, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि इसके मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें बिना रुके निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह ध्वज हमारी एकता और अखंडता का वह अनुपम प्रतीक है, जिसके मान-सम्मान की रक्षा के लिए देश के लाखों वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी है। 


स्वाभिमान से फहराएं तिरंगा, बनाए रखें ध्वज की गरिमा

         राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपने-अपने घरों में पूरे स्वाभिमान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। इसके साथ ही उन्होंने ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहारूष्उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। सड़क, गली या किसी भी अनुचित स्थान पर तिरंगा गिरा हुआ न दिखाई दे, इस बात का ध्यान रखना हम सभी का परम नैतिक कर्तव्य है।

2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
 
       देश के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा रखते हुए श्री वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक एक सशक्त, समर्थ व विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का जो दूरदर्शी विजन रखा गया है, उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।

      इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा, उपाध्यक्ष श्री पलक सुखमणि, पूर्व अध्यक्ष श्री महेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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स्वतंत्रता दिवस 2026- रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे ध्वजारोहण

 स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय समारोहों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे तथा राज्य की विकास यात्रा और भावी योजनाओं को साझा करेंगे।


         सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रमुख जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव जिला मुख्यालय में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता को संबोधित करेंगे। बिलासपुर जिला मुख्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, दुर्ग जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, बस्तर जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

        सरगुजा जिला मुख्यालय में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिला मुख्यालय में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कबीरधाम जिला मुख्यालय में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, 
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। इसी प्रकार रायगढ़ जिला मुख्यालय में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर जिला मुख्यालय में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर जिला मुख्यालय में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा जिला के जिला मुख्यालय में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर जिला मुख्यालय मेंपर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बालोद जिला मुख्यालय में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

        बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के जिला मुख्यालय में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिला मुख्यालय में सांसद श्री विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के जिला मुख्यालय में सांसद श्री संतोष पांडेय, कोंडागांव जिला मुख्यालय में सांसद श्री भोजराज नाग, बलरामपुर जिला मुख्यालय में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़  जिला के जिला मुख्यालय में  सांसद श्री राधेश्याम राठिया स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। गरियाबंद जिला मुख्यालय में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सक्ती जिला मुख्यालय में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर जिला मुख्यालय में सांसद श्री महेश कश्यप, सुकमा जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिला के जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

      कोरबा जिला मुख्यालय में विधायक श्री अमर अग्रवाल, धमतरीजिला मुख्यालय में विधायक श्री अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के जिला मुख्यालय में विधायक श्री धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, कोरिया जिला मुख्यालय में विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक सुश्री लता उसेंडी, स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण के बाद जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।
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विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। इसलिए विभाजन की विभीषिका और उससे मिले सबक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्मरण रखना आवश्यक है। विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया गया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए विवश कर दिया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। जिन्होंने अपनी आंखों से उस दौर की भयावहता देखी, उनमें से अधिकांश आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में वह पीड़ा आज भी जीवित है।

उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। अपना सब कुछ पीछे छोड़कर उन्होंने नए स्थानों पर लगभग शून्य से जीवन की शुरुआत की। अपने अथक परिश्रम, पुरुषार्थ और जीवटता से उन्होंने स्वयं को पुनः स्थापित किया और देश तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के बलिदान और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को उचित सम्मान देने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उस त्रासदी से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि देश की स्वतंत्रता के साथ विभाजन के समय लाखों देशवासियों को कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजरना पड़ा था। इतिहास का स्मरण इसलिए भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का यह संकल्प एकजुट और सशक्त समाज की नींव पर ही साकार होगा। छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों और उनकी पीढ़ियों के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने प्रसिद्ध साहित्यकार अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित अपनी फिल्म ‘पिंजर’ के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।

समारोह में विभाजन का दंश झेलने वाले विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और उनके परिवारजनों ने अपने अनुभव एवं स्मृतियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से उस त्रासदी को झेलने वाले अनेक लोग आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी पीढ़ियां उनकी स्मृतियों और संघर्ष की विरासत को संजोए हुए हैं। इन अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इतिहास के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

संगठित रहेंगे तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा : डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा। राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि 14 अगस्त के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प दोहराएं कि भारत की एकता और अखंडता पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष और त्याग को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खोया, फिर भी कठिन परिस्थितियों में नए सिरे से जीवन खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। उनके संघर्ष और पुरुषार्थ को भी देश की स्मृतियों में उचित स्थान मिलना चाहिए।

डॉ. द्विवेदी ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण का दायित्व सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया था, जो जुलाई 1947 में भारत आए थे। उन्हें बहुत कम समय में सीमा निर्धारण का अत्यंत जटिल कार्य पूरा करना था, जबकि भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना से उनका परिचय सीमित था। उन्होंने कहा कि विभाजन से उपजी पीड़ा और उसके परिणामों को समझना आज भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि इतिहास से मिली सीख ही भविष्य के लिए हमें सचेत करती है।

उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियों के प्रति हमें सदैव सजग रहना होगा। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय मौन जुलूस में हुए शामिल

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक आयोजित मौन जुलूस में भी शामिल हुए। मौन जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विस्थापन और विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन की विभीषिका का स्मरण किया।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री मोतीलाल साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, संत युधिष्ठिर लाल जी, स्वामी शिवस्वरूपानंद जी, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज कुमार झा, श्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।
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मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न

 मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार और सरकारी हितग्राही योजनाओं में वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



जनकल्याणकारी योजनाओं को दें प्राथमिकता

        मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए।

किसानों को त्वरित केसीसी लोन

     किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से शीघ्रता से लोन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए भी केसीसी वितरण की समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन के लिए बेहद कम ब्याज (मात्र 4%) पर आसान लोन देती है। बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख कर दिया गया है, जबकि कुल ऋण सीमा को 5 लाख तक किया गया है। 

बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष ध्यान

      राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए, वहां नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं (शाखाएं या बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

वार्षिक ऋण योजना एवं सामाजिक सुरक्षा

        वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई।

        इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधियों सहित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
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