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क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री जम्वाल और प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने भाजपा कार्यालय में फहराया तिरंगा

भारतीय गणतंत्र पर्व की 76वीं वर्षगाँठ पर राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय व एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया।


भारत का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है- किरण देव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा देश 'अनेकता में एकता' का जीवंत उदाहरण है। कश्मीर से कन्याकुमारी और पूर्व से पश्चिम तक, भारत एक अखंड सूत्र में बंधा हुआ है। विभिन्न धर्मों और समाजों के लोग यहाँ मिलकर त्योहार मनाते हैं, जो हमारे लोकतंत्र की असली ताकत है। सभी नागरिकों के बीच समभाव और समानता के महत्व को दोहराते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने राष्ट्र की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया और कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोते हैं। ये अवसर को राष्ट्र के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम हैं। श्री देव ने कहा कि भारत का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है और हमारे सामूहिक प्रयासों से भारत पुनः 'विश्व गुरु' के पद को सुशोभित करेगा।

इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश मंत्री जयंती पटेल, अमित साहू, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता, खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, महिला आयोग सदस्य लक्ष्मी वर्मा, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा, देवलाल ठाकुर, डॉ. किरण बघेल, उज्जवल दीपक, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
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राज्यपाल श्री डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री विकास शील और पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम भी उनके साथ थे। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नए संकल्प लेने का दिन होता है। आइए यह संकल्प ले कि विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण मंे अपनी पूरी भागीदारी देंगे।


राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हए कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर समेत सभी नायकों का स्मरण किया, जिनके देश प्रेम और त्याग से गणतंत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन हमें एक ऐसा संविधान प्राप्त हुआ, जो देश के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करता है। राज्यपाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। संविधान में समानता का अधिकार इस भावना को अभिव्यक्त करता है। शहीद वीरनारायण सिंह ने लोगों की भूख की पीड़ा देखी थी और इसे मिटाने के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। श्री डेका ने कहा कि हम लोक कल्याणकारी राज्य में रह रहे हैं, जहां सामाजिक-आर्थिक न्याय के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इन्हें लागू करने में मॉडल राज्य है।

वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। रजत जयंती वर्ष में हमने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट के रूप में रोडमैप भी तैयार किया है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से उभरते हुए राज्यों में से एक है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विस्तार हुआ है। 
हमारी नई औद्योगिक नीति ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिले हैं। इनसे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

बरसों तक छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा की यातना झेली है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने सुनियोजित रणनीति के माध्यम से माओवाद के विरुद्ध लड़ाई छेड़ी। हमने नक्सलियों के पुनर्वास की नई नीति तैयार की। दो सालो में ही 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान में आस्था प्रकट की। बस्तर की धरती से हम इस साल के मार्च महीने तक माओवाद को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।

प्रधानमंत्री जी द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना आदि प्रमुख योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। बच्चों के समग्र विकास में शिक्षा की अहम भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया है। इसके माध्यम से बच्चे भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के साथ ही आधुनिक ज्ञान-विज्ञान भी सीख रहे हैं।

श्री डेका ने कहा कि मुझे इस बात की हार्दिक खुशी है कि छत्तीसगढ़ आधुनिक उद्योगों की स्थापना में भी आगे है। यहां सेमीकंडक्टर प्लांट का काम प्रगति पर है। एआई डाटा सेंटर पार्क अस्तित्व में आ रहा है। आईटी सेक्टर भी तेजी से तरक्की कर रहा है।

श्री डेका ने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है। हमारी सरकार किसानों को फसल का सबसे अच्छा मूल्य देती है। हम किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी कर रहे हैं। 

हमारी मातृशक्ति के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यह उनकी मेहनत का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी ने बीते वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक बड़े निर्णय लिये, इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी देश भर में तैयार करने का भी है। छत्तीसगढ़ में भी इस लक्ष्य को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है और अब तक प्रदेश में 4 लाख 93 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं।
भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे आरंभ कर रहे है। इंद्रावती और महानदी जैसी नदियों को जोड़ने से एक-एक बूंद का इस्तेमाल सही तरह से हो सकेगा।  

आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। स्वास्थ्य से जुड़े हुए सभी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य के 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। 

हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से जूझने के लिए प्रभावी कार्य किये गये हैं। दो वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा नागरिकों का जेनेटिक कार्ड वितरण हो चुका है और कुल 1 करोड़ 52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 2 लाख 81 हजार से अधिक मोतियाबिंद आपरेशन हुए हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के लिए शासन ने एम्स से भी एमओयू किया है। परीक्षा से पूर्व बच्चों का आई टेस्ट कर लिया जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके तहत 1 लाख 62 हजार चश्मों का वितरण स्कूली बच्चों को किया गया है।
राज्य की रजत जयंती के अवसर पर हमने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया। हमने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया। हमने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन भी किया। अब ट्राइबल खेलों की मेजबानी भी करने जा रहे हैं।

समारोह में परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी श्री आदित्य कुमार ने किया। उनके नेतृत्व में सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, उत्तर प्रदेश पुलिस, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), जेल पुलिस (पुरुष), नगर सेना (पुरुष), नगर सेना (महिला), एनसीसी बॉयज, एनसीसी गर्ल्स, डॉग स्क्वॉड, घुड़सवार दल, महिला और बैण्ड प्लाटून की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में भाग लिया।

इसके पश्चात राज्यपाल श्री डेका ने राज्य के पुलिस अधिकारियों को पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक, सराहनीय सेवा हेतु पुलिस पदक प्रदान कर अलंकृत किया। वीर बच्चों आर्यन खेश, राकेश मिंज, आशु देवांगन, मेहुल देवांगन और कुमारी हेमाद्री चौधरी को उनकी सूझ-बूझ एवं बहादुरीपूर्ण कार्य के लिए राज्य वीरता पुररूस्कार प्रदान किया।

मुख्य समारोह में आकर्षक परेड, हॉर्स शो, डॉग शो, बैगपाइपर बैंड डिस्प्ले, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न विभागों की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ तेजी से बढ़़ रहा हैं समृद्धि कीओर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। नक्सलवाद, जो कभी छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चुनौती था, अब तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। प्रदेश के हर क्षेत्र में अब तेजी से विकास कार्य किए जा रह है। श्री साय आज जशपुर जिले के कोतबा में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में लगभग 51.73 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने कोतबा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भवन, तहसील लिंक कोर्ट की स्थापना, रेस्ट हाउस निर्माण, इंडोर स्टेडियम का निर्माण, कोतबा जल आवर्धन योजना हेतु आवश्यक अतिरिक्त राशि, कोकियाखार में सामुदायिक भवन निर्माण तथा बागबहार में सप्ताह में एक दिन एसडीएम (लिंक कोर्ट) लगाने की घोषणा की। उन्होंने आज जिन कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया उनमें मुख्य रूप से 4.37 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के कार्य का भूमिपूजन और 9.85 करोड़ रूपए से निर्मित जल आवर्धन योजना और प्रेस क्लब भवन का लोकार्पण शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी कर दी गई है। लोगों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सिंचाई परियोजनाओं के मरम्मत एवं विकास के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 750 सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रहेगी। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, छत्तीसगढ़ को अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। जिन पर तेजी से काम हो रहा है। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 36वीं सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के तहत जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, पूर्व विधायक श्री भरत साय, सहित अनेक जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ 23 जनवरी को होगा, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश होंगे मुख्य अतिथि

 रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी को राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से होगा। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा एवं महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और रंगकर्मी एवं अभिनेता श्री मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


रायपुर साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ और देश के जाने-माने साहित्यकार, पत्रकार, कवि हिस्सा लेंगे। साहित्य महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, इंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया गया है। मुख्य मंडप विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में तैयार किया गया है, जहां महत्वपूर्ण मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चा एवं गोष्ठी के आयोजनों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्याम लाल चतुर्वेदी मंडप, अनिरूद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए है। साहित्य उत्सव में प्रतिदिन चार सत्रों का आयोजन होगा। प्रथम सत्र 12.30 बजे से, द्वितीय सत्र 2.15. बजे से, तृतीय सत्र 3.45 बजे से तथा चतुर्थ सत्र 5.15 बजे से 6.30 बजे तक होगा। 23 एवं 24 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

    23 जनवरी को प्रथम सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में समकालीन महिला लेखन,  श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में संवाद वन्देमातरम के अंतर्गत भारत के स्व जागरण का प्रवाह, अनिरूद्ध नीरव मंडप में डिजिटल साहित्य पर परिचर्चा के अंतर्गत प्रकाशकों के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा होगी। 

द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में वाचिक परम्परा में साहित्य, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में कविता की नई चाल पर परिचर्चा, अनिरूद्ध नीरव मंडप में संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे। 

तृतीय सत्र -लाला जगदलपुरी मंडप में काला पादरी में जनजाति विमर्श और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ का साहित्य अवदान विषय पर परिचर्चा होगी। अनिरूद्ध नीरव मंडप में स्मृति शेष स्व. विनोद कुमार शुक्ल साहित्य की खिड़कियां पर परिचर्चा होगी। 

चतुर्थ सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में पुरातत्व: मौन साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में  समय की समस्या: सेक्युलरिज्म पर संवाद होगा। अनिरूद्ध नीरव मंडप में काव्य पाठ राष्ट्रीय कवि संगम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में शाम 7 बजे से मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन होगा।

24 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष पर संवाद और लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोक गीत पर परिचर्चा आयोजित होगी।

द्वितीय सत्र - धार्मिक फिल्में और टेली धारावाहिकों का दौर पर संवाद और श्यामलाल चतुर्वेदी एकात्म मानवदर्शन समाज परिवर्तन का सूत्रधार पर परिचर्चा होगी। 

तृतीय सत्र -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारत का बौद्धिक विमर्श पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और अनिरूद्ध नीरव मंडप पर साहित्य: उपनिषद से एआई तक पर परिचर्चा होगी। 

चतुर्थ सत्र- विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में 'डिजिटल युग के लेखक और पाठक' और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में 'साहित्य के झरोखे से इतिहास' पर परिचर्चा होगी। 

पंचम सत्र -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में 'माओवादी आतंक और लोकतंत्र', लाला जगदलपुर मंडप में 'डॉ. अंबेडकर - विचारपुंज की आभा', श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर और अनिरूद्ध नीरव मंडप में लुप्त होता बाल साहित्य पर चर्चा होगी। विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।

25 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में संविधान और भारतीय मूल्य पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में ट्रेवल ब्लॉग:पर्यटन के प्रेरक और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप पर नवयुग में भारत बोध पर परिचर्चा होगी। 

द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में पत्रकारिता और साहित्य पर परिचर्चा, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नाट्यशास्त्र और कला परंपरा पर संवाद किया जाएगा। 

तृतीय सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सिनेमा और समाज तथा लाला जगदलपुरी मंडप में शासन और साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन होगा।
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राष्ट्रीय पटल पर चमका छत्तीसगढ़, 'मॉडल यूथ ग्राम सभा' में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने हासिल किया प्रथम स्थान

छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा।


छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।"

युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
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बलौदा बाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर, राज्यपाल रामेन डेका रायपुर में फहराएंगे तिरंगा

रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 26 जनवरी को राज्यपाल रामेन डेका तिरंगा फहराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस को उत्साह से मनाने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव बस्तर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराएंगे।

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मुख्यमंत्री शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री श्री गिरवर सिंह ठाकुर, श्री महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

 1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। 


2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है। 

एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।  

3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा। 

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।  

4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। 
 
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राज्यपाल श्री डेका ने श्री अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त एवं श्री अग्रवाल और श्री मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल एवं श्री शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।


शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री धनवेंद्र जयसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री नीलम नागदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा श्री शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए है।
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रायपुर साहित्य उत्सव–2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना का राष्ट्रीय उत्सव

छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।


इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा।

साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे।

इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे।

आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं।

साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी।

साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा।

इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे।

24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा।

साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं। मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है।

दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है।

आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026  छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा।
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एमएमआई नारायणा अस्पताल में ट्रांसप्लांट न्यूट्रिशन पर सफल वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित”

एमएमआई नारायणा (NHMMI) अस्पताल और इंडिया पैरेंट्रल और एंटरल न्यूट्रिशन एसोसिएशन, रायपुर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में "किडनी, लिवर एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट में पोषण हस्तक्षेप की भूमिका" विषय पर द्वितीय कंटीन्यूइंग न्यूट्रिशन एजुकेशन (CNE) कार्यक्रम का आयोजन रायपुर छतीसगढ़ मे एनएचएमएमआई अस्पताल के ऑन्को-बिल्डिंग, 5वें फ्लॉर ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। जिसमे इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया कि ट्रांसप्लांट से पहले और बाद में पोषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो रिकवरी और संक्रमण से बचाव में मदद करता है।
- व्यक्तिगत आहार योजना से रोगियों को अपने स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में सहायता मिलती है।
 
कार्यक्रम का उद्घाटन श्री अजीत कुमार बेल्लमकोंडा (फैसिलिटी डायरेक्टर, एमएमआई नारायणा अस्पताल), डॉ. आर. परगनिहा (सीनियर कंसल्टेंट – जनरल 
 
मेडिसिन), और सीनियर डायटिशियन जुली पाण्डेय (एमएमआई नारायणा अस्पताल) ने किया।
 
वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने विचार साझा किए:
- नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुनील धर्मानी ने किडनी ट्रांसप्लांट में पोषण प्रबंधन पर चर्चा की, जिसमें प्रोटीन, सोडियम, और पोटैशियम की भूमिका पर जोर दिया गया।
- गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार मिश्रा ने लिवर ट्रांसप्लांट में पोषण की भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।
- ऑन्कोलॉजी  विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट में न्यूट्रिशनल सपोर्ट पर चर्चा की, जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी की भूमिका पर जोर दिया गया।
- वहीं मुम्बई  सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से आई चीफ डाइटीशियन  डॉ. एलीन कैंडे (मुम्बई) ने ट्रांसप्लांट से पहले और बाद की पोषण योजना पर जोर दिया, जिसमें व्यक्तिगत आहार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।
 
जिसमें विभिन्न शहरो कि डायटिशियनों ने सक्रिय सहभागिता की।
 जिसने इस कॉन्फ्रेंस अत्यंत सार्थक एवं प्रभावी बनाया।
 
सत्रों का संचालन डॉ. प्रावश कुमार चौधरी, डॉ. सौविक पॉल, डॉ. देवर्रत हिशीकर, डॉ. बिज्जी पिल्लई, और डॉ. विशाल कुमार ने किया। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
 
इस आयोजन में डायटेटिक्स विभाग एमएमआई नारायणा अस्पताल और पैरेंट्रल और एंटरल न्यूट्रिशन एसोसिएशन, रायपुर चैप्टर की  टीम—उपाध्यक्ष (न्यूट्रिशन) नूपुर जैन, सचिव जूली पांडेय, कोषाध्यक्ष शालिनी सोरेन, तथा कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका शुक्ला, साक्षी सिंह  एवं श्रद्धा द्विवेदी  का विशेष योगदान रहा।
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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा आज ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ को रायपुर रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जैन समाज के महान संत आचार्य विद्यासागर जी महाराज की कालजयी कृति मूकमाटी के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा रायपुर - जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का नामकरण ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ के रूप में किया गया है। 

      इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अपने तप, त्याग और विचारों से समाज को नई दिशा दी। गुरुदेव के देह त्याग का सौभाग्य छत्तीसगढ़ की पावन भूमि मां बमलेश्वरी की धरती डोंगरगढ़ को प्राप्त हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मूकमाटी एक्सप्रेस का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से स्थापित करता है।
        उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री श्री अमित शाह तथा रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव भी निरंतर गुरुदेव विद्यासागर जी के विचारों से प्रेरणा लेते रहे हैं। छत्तीसगढ़ से इस ट्रेन का शुभारंभ होना प्रदेशवासियों के लिए आत्मगौरव का क्षण है।
       ट्रेन के परिचालन से पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठाचार्य ज्योतिषाचार्य पंडित अजीत शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के एडवाइजरी पैनल सदस्य श्री प्रकाश मोदी, रायपुर वाणिज्य रेल प्रबंधक श्री अवधेश त्रिपाठी, एसईसीआर के वरिष्ठ अधिकारी श्री राकेश सिंह, सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष श्री विनोद जैन, नरेंद्र गुरुकृपा, डीआरयूसीसी सदस्य श्री लोकेश चंद्रकांत जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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राजधानी रायपुर के सभी वार्ड पार्षदगण पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत अपने - अपने घरों की छतों में सोलर पैनल लगवाकर शासन की लोकहितेषी अभिनव योजना का लाभ उठायें- महापौर मीनल चौबे

भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी की समाजहितकारी मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छग राज्य विद्युत पावर वितरण कम्पनी के माध्यम से संचालित अभिनव योजना पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाने की विनम्र अपील राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी वार्ड पार्षदों से की है. 

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के सभी पार्षदों से अपने - अपने घरों में सोलर पैनल छग विद्युत पावर वितरण कम्पनी के माध्यम से लगवाकर राष्ट्र हित में विद्युत की बचत करने का सकारात्मक सन्देश देने और अपने - अपने वार्ड क्षेत्र के सभी रहवासी नागरिकों को पीएम सूर्यघर योजना का अधिक से अधिक संख्या में व्यवस्था अंतर्गत अधिकतम लाभ लेने जागरूक बनाने की विनम्र अपील की है.
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मुंगेली जिले में 14 राइस मिलों को किया गया सील

मुंगेली जिले में कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की 14 राइस मिलों को सील करने के साथ ही 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट तथा मुख्य सचिव श्री विकासशील के निर्देशानुसार की गई।


आज मुंगेली जिले में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव सहित राजस्व, पुलिस एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया। राईस मिलों के जांच में ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग तथा कस्टम मिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पकड़ में आई। 

जांच की कार्रवाई में उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज तथा नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में अनियमितता पाई गई, जहां से 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया। नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक तथा लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई।

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील किया जा चुका है। 

गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समितियों से मिलर्स द्वारा धान उठाव की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसकी निगरानी के लिए आईसीसीसी कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस से ट्रैक किया जा रहा है। वाहन के निर्धारित मार्ग से विचलन, लंबे समय तक एक स्थान पर ठहराव या निर्धारित क्षमता से अधिक धान परिवहन की स्थिति में अलर्ट जारी होता है, जिसकी जिला स्तर पर जांच की जाती है।

धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन को रोकने जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्टों पर चौकसी बढ़ाई गई है। आंतरिक चेक पोस्टों पर भी टीमों की तैनाती कर रात्रिकालीन गश्त एवं संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने की गतिविधियों पर रोक के लिए जिले में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार कहा कहना है कि धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या बिचौलियों की भूमिका पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले को 122 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो की दी सौगात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, जनकल्याण और सामाजिक विकास के कार्यों को ऐतिहासिक गति प्रदान की। उन्होंने जिले में 122 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपुजन किया और उज्ज्वला योजना के तहत 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान किए। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने विकासखंड बगीचा में लगभग 2.43 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण करते हुए इसे वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा सहित लगभग दो लाख की आबादी के लिए जीवनरेखा बताया। इस आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र में जनरल सर्जरी, ईएनटी, शिशु रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग सहित विशेषज्ञ सेवाएँ और आधुनिक लैब जांच की सुविधा उपलब्ध होगी तथा इसके सुचारु संचालन के लिए 100 मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब लोगों को दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसी परिसर में मेगा हेल्थ कैंप का शुभारंभ भी किया, जिसमें न्यूरो, नेफ्रोलॉजी, हड्डी रोग, स्त्रीरोग, ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी सहित सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने हजारों लोगों की जांच, लैब टेस्ट और निःशुल्क दवा वितरण किया तथा गंभीर रोगियों को उच्चस्तरीय अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सुलभ हो और इसी लक्ष्य से जशपुर में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जा रही है।
बगीचा में उज्जवला महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री साय ने 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उज्जवला योजना से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति, स्वास्थ्य सुरक्षा और आत्मसम्मान मिला है। उन्होंने मुद्रा योजना के अंतर्गत युवाओं को रोजगार प्रारंभ करने के लिए ऋण का चेक वितरण भी किया तथा बगीचा में आत्मानंद स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बगीचा-बिंदे मार्ग पर पुल, कन्हर नदी पर पुल और बगीचा रेस्ट हाउस के उन्नयन की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया है और सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख घर स्वीकृत किए गए, जिनमें से 8 लाख से अधिक पूर्ण हो चुके हैं, धान की 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी, 3100 रूपए प्रति क्विंटल भुगतान, बोनस भुगतान, तेंदूपत्ता दर वृद्धि और महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रूपए की सहायता जैसे फैसलों से आमजन के जीवन में ठोस बदलाव आया है।

बगीचा में उज्जवला महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने 110.47 करोड़ रूपए की लागत से 46 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें 3.34 करोड़ रूपए के 9 कार्यों का लोकार्पण और 107.13 करोड़ रूपए के 37 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इनमें पोड़ीखुर्द-सुलेशा दनगरी घाट सड़क, पंडरापाठ सन्ना आर्चरी अकादमी परिसर, घेरडेवा नदी पर उच्चस्तरीय पुल, बगीचा-बतौली मार्ग पर पुल, केरापाठ-गायबुढ़ा सड़क और कई ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे।

फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 12.22 करोड़ रूपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें उच्चस्तरीय पुल, ग्रामीण सड़कें, सामाजिक भवन, स्कूल सौंदर्यीकरण, मंदिर पहुँच मार्ग, छात्रावास और एसडीएम कार्यालय भवन शामिल हैं। उन्होंने पमशाला सामाजिक भवन के विस्तार हेतु ईब नदी पर एनीकट के लिए 39 लाख रूपए, ढुरूडाड़ में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रूपए और पोंगराबहार में सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रूपए की अतिरिक्त घोषणाएँ भी कीं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पमशाला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने बगीचा में 1 करोड़ रूपए की लागत से निर्माणाधीन मंगल भवन का भी निरीक्षण किया, जिसमें 9,550 वर्गफुट में विशाल हॉल, स्टेज, कक्ष, पार्किंग और आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को विवाह, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुसज्जित सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुँचे और बस्तर-सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल भी विकास की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ें। 
इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत तथा श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
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सचिव खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन श्री पी. दयानंद की पत्रकार वार्ता

 सचिव खनिज संसाधन श्री पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है।


           सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यांे के संपादनका सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व मंे वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान मंे कार्यरत् है। 

           श्री दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।

            सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN - 
Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।

       श्री दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।

          सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी - माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक - सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।

           उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।

          सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है।
माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है। सटीक कार्ययोजना के माध्यम से पारदर्शी नीलामी से 15.85 प्रतिशत प्रिमियम में MDO का चयन हो चुका है। यह ब्लॉक MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से कोयला मंत्रालय भारत शासन द्वारा आबंटित है।
क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकमत उत्पादन की स्थिति में राज्य शासन को लगभग 150 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी एवं MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से 53 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्त होगी। सी.एम.डी.सी. के द्वारा मुख्य खनिजों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खनन/व्यापार हेतु गौण खनिज को भी शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला सक्ती के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाईट खनिज रकबा 326.167 हे. क्षेत्र को राज्य शासन द्वारा सी.एम.डी.सी. हेतु आरक्षित किया गया है। इसके अनुक्रम में सी.एम.डी.सी. द्वारा माईनिंग/मार्केटिंग के लिए MDO चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके के MSTC के माध्यम से प्रचलन में है।

        कोरण्डम खनिज के क्षेत्र में जिला बीजापुर के ग्राम कुचनुर में सी.एम.डी.सी. को उत्खनिपट्टा क्षेत्र में वर्षांे बाद उत्पादन प्रारंभ हो गया है, 1 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता का पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। उत्पादित कोरण्डम में आधारित स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन एवं समाजिक/आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोरण्डम कटिंग/पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जा कर जीविकोपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। कॉपर की उपस्थिति की पुष्टि एवं भविष्य में खनन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इस हेतु राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के माध्यम से अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति हो चुकी है एवं अन्वेषण का कार्य प्रगति पर है। यह अन्वेषण क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहला-मानपुर जिले में हिदर ब्लॉक 28.60 वर्ग कि.मी. एवं बोदल ब्लॉक में 21.75 वर्ग कि.मी. 03 वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।

भविष्य की कार्ययोजना - पिछले 02 वर्षों में सी.एम.डी.सी. के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है एवं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए सटिक कार्ययोजना तैयार कर क्रमशः आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सी.एम.डी.सी. भी सहभागीता निभाने का प्रयास कर रही है।

             टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। 

      टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर MSTC के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।
लौह अयस्क में वर्तमान उत्पादन क्षमता 5 लाख मिट्रिक टन से 20 लाख मिट्रिक टन किया जा रहा है इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप मंे लगभग 250 करोड़ रूपये एवं सी.एम.डी.सी. को 768.4 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी। 

             बाक्साईट खनिज में पथरई खदान में उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होने से एवं अन्य संचालित परियोजना में अधिकतम उत्पादन/निकासी की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को अतिरिक्त राजस्व में लगभग 10 करोड़ रूपये की वृद्धि होगी है।

            क्रिटिकल मिनरल में भविष्य में कोल इण्डिया के साथ नये ग्रेफाईट युक्त क्षेत्र का चयन कर संयुक्त रूप से अन्वेषण/उत्खनन का कार्य किया जाएगा। टिनस्लैग/एल्यूमिनियम स्लैग से क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण किया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल का सेमिनार आयोजित एवं रिसर्च पेपर आमंत्रित किये जाएंगे। 

        डोलोमाईट में 2 मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी 03 वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को 20 करोड़ रूपये का लाभ होगा एवं राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा। 

       . हीरा क्षेत्र में प्रचलित पूर्वेक्षण से चिन्हित् हीरा धारित क्षेत्र में हीरा की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर शासन को लाभ मिलेगा। 

       .  सी.एम.डी.सी. द्वारा खनन से संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सेवा दिया जाकर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति का प्रयास किया जाएगा। जैसे - प्री एम्बेडेड क्लियरेन्स की कार्यवाही से नीलामी हेतु ब्लॉक जल्दी उपलब्ध हांगे, इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति एवं सी.एम.डी.सी. को सेवा शुल्क प्राप्त होगा। इसी तरह खनन योजना तैयार करने, अन्वेषण एजेंसी के रूप में कार्य करने एवं ड्रोन से संबंधित कार्य,चेक गेट, वेब्रिज सेवा, बंद पड़ी खदानों का पुर्नउद्धार एवं ग्रेनाईट माईनिंग एवं कटिंग/पॉलिशिंग उद्योग, सैण्ड माईनिंग पर भी कार्ययोजना तैयार किया गया है।
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