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खराब व जर्जर सड़कों का मरम्मत-नवीनीकरण कार्य दिसम्बर तक पूरा करें : ताम्रध्वज साहू

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि प्रदेश कीे खराब और जर्जर सड़को की मरम्मत तथा नवीनीकरण का कार्य दिसम्बर माह तक पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि हर सड़को का वर्क प्लान तैयार करें और सड़कों संधारण का कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करें। गृह मंत्री साहू गुरुवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक में काम-काज की समीक्षा कर रहें थे।

मंत्री साहू ने सड़को के निर्माण के साथ-साथ मरम्मत और नवीनीकरण कार्यो में तेजी लाने के लिए सी. मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को सप्ताह में 4 से 5 दिन के लिए निरीक्षण कर मॉनीर्टिग करने के निर्देश दिए। उन्होंने ए.डी.बी. के अंतर्गत बनने वाली सड़कें जो घनी आबादी से गुजरती है, वहां बाई पास रोड बनाने कहा। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के ज्यादातर सड़के वाटर लॉगिंग के कारण खराब हुई है, इन सड़को के किनारे नाली निर्माण किया जाए और जहां नाली में चोक हो उन्हें साफ कराया जाए। उन्होंने कहा की रोड संधारण कार्य व्यवस्थित तरीके से किया जाए। बैठक में गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 5 हजार किलोमीटर की सड़क सामान्य स्थिति में है। 5 हजार 92 किलोमीटर सड़क पर छोटे-मोटे पेच वर्क की आवश्यकता है। 4700 किलोमीटर की सड़के जो थोड़ी खराब की स्थिति में है। उसमे पैच वर्क कर ठीक किए जा रहें हैं। केवल 433 किलोमीटर की सड़के जो ज्यादा खराब है। इन सड़कों का नवीनीकरण किये जाने की आवश्यकता है।

गृह मंत्री साहू ने सड़को की गुणवत्ता की जांच के लिए पांच चलित प्रयोगशाला वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना की। ये चलित प्रयोगशाला सभी पांच संभागों में भेजी गई हैं। इन  चलित प्रयोगशालाओं से निर्माणधीन सड़कों मेें इनपैक्ट वैल्यू टैक्स, डामर की जांच, ग्रेडेशन, फील्ड डेनसिटी आदि की जांच हो सकेगी। इसके अलावा इन प्रयोगशालाओं से दूर्रा  अंचलों सड़कों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने में मद्द मिलेगी।

मंत्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति पर चलने के कारण नक्सल गतिविधियों में कमी आई है। क्रेडिबल पुलिसिंग के माध्यम से आम जनता के सुरक्षा जन हितैषी योजनाओं के जरिए सरकार के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि इन 4 वर्षो में लगभग 15 सौ नक्सलियों ने आत्मसपर्मण किया। विभाग द्वारा 206 अनिमियत वित्तीय कंपनी (चिटफंट) के विरूद्ध 459 प्रकरण दर्ज किए हैं। जिनमें से 376 प्रकरणों में चलाना तैयार कर न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं। इन प्रकरणों में 632 डायरेक्टरों, पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मंत्री साहू ने बताया कि चिटफंट कंपनी में निवेश करने वाले पीड़ित लोगों ने 25 लाख 6 हजार 471 आवेदन किए हैं, इनमें 2 लाख 37 हजार 940 आवेदन का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवदेन पर निराकरण की कार्यवाही जारी है।

गृह मंत्री साहू ने बैठक में कहा कि पुलिसिंग कार्यवाही में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य थानों में सी.सी.टीवी लगाये जा रहें । महिला सेल की गठन का कार्य भी किया जा रहा है, इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अब तक प्रदेश के 95 पुलिस थानों में सी.सी. टीवी लगाये जा चुके हैं तथा 373 थानों एवं 8 चौकियों में सी.सी.टीवी लगाने का कार्य आदेश जारी हो चुका है। प्रदेश के 455 थानों में महिला सेल का गठन एवं 28 जिलों में महिला प्रकोष्ठ बनाने की कार्यवाही की गई है। विभाग द्वारा साइबर अपराधों के रोकथाम के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहेें हैं इसके तहत् सीटिजन फाईनेशियल फ्राड टो फ्री नं-1930 जारी किया गया है। 21 जुलाई 2022 तक साइबर अपराधियों से 3.86 करोड़ रूपये होल्ड कराये गए हैं। अब 797 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। साइबर अपराध के बचाव के लिए जन जगारूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की भी समीक्षा की। उन्होंने धार्मिक स्थलों के रख-रखाव एवं जीर्णोधार व सौदर्यकरण के संबंध में चर्चा की। साहू ने कहा की राम वन गमन पर्यटन परिपथ राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके लिए 137.45 करोड़ रूपयें का प्रावधान किया गया हैं। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत् प्रथम व द्वितीय फेस का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। तृतीय फेस का कार्य मार्च 2023 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं कबीर नगरी दामखेड़ा में पर्यटन विकास एवं सौदर्यकरण के लिए 22.43 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। पर्यटन मंडल द्वारा प्रदेश के 14 स्थानों को चिन्हांकित कर ट्राइबल टूरिस्ट सर्किल तैयार किया जा रहा है। इसे मार्च 2023 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने एवं पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडल के होटल मोटल और रिसाट को लीज पर दिए की कार्यवाही चल रही है। जल्द ही नए स्वरूप में पर्यटकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध होगी।

बैठक में संसदीय सचिव चिन्तामणि महाराज, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राज्य सड़क निर्माण प्राधिकरण के संचालक डॉ सारांश मित्तर, पी.एन.सी के.के  पीपरी सहित मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता। गृह विभाग से पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, स्पेशल डीजी राजेश मिश्रा, डीजी जेल संजय पिल्ले, एडीजी अरूणदेव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, आईजी इंटेलीजेंस आनंद छाबड़ा सहित विभाग के अन्य प्रमुख अधिकारी तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग से श्रीमती रेणु जी पिल्ले, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा साहू, पर्यटन विभाग  के सचिव अन्बलगन पी.,एमडी अनिल साहू सहित अन्य संबंधित प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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कलेक्टर एल्मा ने बैंकर्स से प्रकरणों को जल्द निष्पादित करने के लिए कहा

 डीएलसीसी की बैठक में विभागों में लंबित ऋण प्रकरणों की हुई समीक्षा

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला स्तरीय परामर्शदात्री सामिति (डीएलसीसी) की बैठक गुरुवार आज अपराह्न में कलेक्टर पी.एस. एल्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 की द्वितीय तिमाही सितम्बर में वित्तीय प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा बैंकों को प्रेषित किए गए ऋण प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का शीघ्रता से निराकरण करने तथा स्वीकृति-अयोग्य प्रकरणों को उचित कारण का उल्लेख करते हुए संबंधित विभागों को वापस भेजने की बात कही। उन्होंने इस दौरान कहा कि गरीबों को आजीविका प्रारम्भ करने के लिए वित्तीय सहायता करना लक्ष्य है और इसे सभी बैंकर्स प्राथमिकता व गम्भीरता से लें।


कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज दोपहर 3.30 बजे से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने सिलसिलेवार समीक्षा की। बैठक में लीड बैंक मैनेजर ने द्वितीय तिमाही की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिले में कुल 99 बैंकों की शाखाएं हैं जहां कुल जमा राशि 4284 करोड़ रूपए है। इसमें ऋण की राशि 2457 करोड़ रूपए है। उन्होंने बताया कि ऋण/जमा अनुपात 57.35 प्रतिशत, कृषि ऋण 39.21 प्रतिशत, लघु उद्योग के कुल ऋण का प्रतिशत 18 प्रतिशत है। लीड बैंक मैनेजर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 69 बैंक शाखाओं में वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किया जाना है, जिसके लिए विभागों से अपेक्षित जानकारी देने की अपील की। उन्होंने आगे बताया कि सेवा क्षेत्र में वार्षिक योजना की प्रगति में फसल ऋण के लक्ष्य के विरूद्ध 67.68 प्रतिशत, मियादी ऋण में 48.44 प्रतिशत कुल कृषि क्षेत्र के ऋण में 61.84 प्रतिशत, गैर कृषि क्षेत्र में 26.29 प्रतिशत, अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में 48.46 प्रतिशत, कुल प्राथमिकता क्षेत्र में 52.22 प्रतिशत है, जबकि गैर प्राथमिकता क्षेत्र में उपलब्धि का प्रतिशत 282.75 प्रतिशत है। बैठक में इसके अलावा बैंकवार जमा एवं ऋण राशि अनुपात की जानकारी दी गई। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, आधार सीडिंग एवं मोबाइल लिंकिंग, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मुद्रा लोन के तहत शिशु, किशोर और तरूण योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी दी गई। इसके बाद 2022-23 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह ऋण, व्यक्तिगत ऋण के बैंकों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। साथ ही उद्योग विभाग, अंत्यावसायी, खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी तथा मछलीपालन विभाग के ऋण प्रकरणों के बारे में बताया गया, जिस पर कलेक्टर ने शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने के लिए सभी बैंकर्स से कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रियंका महोबिया, रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड के जिला प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंकों के वरिष्ठ प्रबंधक, शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

डीएलआरएसी की बैठक में वित्तीय कार्ययोजना की दी गई जानकारी- डीएलसीसी की बैठक के पश्चात् जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें निदेशक सुश्री अनिता टुडू ने पिछली बैठक का कार्रवाई विवरण, प्रथम तिमाही में आयोजित प्रशिक्षण एवं सेटलमेंट आदि की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण व्यय की जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय तिमाही तक कुल 29 लाख 70 हजार रूपए व्यय हुए, जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक कुल एक करोड़ 13 लाख 36 हजार रूपए का भुगतान लंबित है। इस पर कलेक्टर ने राज्य कार्यालय से पत्राचार करने की बात बैठक में कही।

 

 

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अब बंदरों की तरह गुलाटी मारने से काम नहीं चलेगा भूपेश जी... : डॉ. रमन

 कहा : जिम्मेदारी लेने के बजाय आज भी झूठे आरोप ही लगा सकते हैं सीएम बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने मंगलवार को चिटफंड और नान मामले की जांच के लिए ईडी को चिट्ठी लिखी है। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आप पहले जन घोषणा पत्र के वादों से पलटे, आरोपी अधिकारियों पर कार्यवाही से पलटे। अपनी पार्टी के अंदर भी आपने खूब पलटी मारी लेकिन अब बंदरों की तरह गुलाटी मारने से काम नहीं चलेगा भूपेश जी...।


उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कांग्रेस सरकार को बुनियाद हिलती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री बघेल के बयानों में परिवर्तन और बौखलाहट यह स्पष्ट संकेत हैं कि अब इस कांग्रेस सरकार का दोहरा चरित्र जल्द ही उजागर होने वाला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को चिटफंड और नान मामले की जांच के लिए ईडी को 6 पन्नों का पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने 2015 में ACB की जांच का हवाला देते हुए प्रश्न चिन्ह लगाए हैं।

डॉ रमन ने भूपेश बघेल से पूछना कि 4 वर्ष पहले जवाब विपक्ष में थे तब भी इसी तरह बिना तथ्य के झूठे आरोप-प्रत्यारोप का कीचड़ उछाल कर लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। आज वे एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर है, इसके बावजूद जिम्मेदारी लेने के बजाय आप आज भी सिर्फ और सिर्फ झूठे आरोप लगाने की ही क्षमता रखते हैं।

4 वर्षों से पुलिस-शासन-व्यवस्था-प्रशासन सभी कुछ तो आपके हाथ में है क्या आप अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिए सक्षम नहीं है। चिटफंड के मामले में भूपेश बघेल ने मेरे पुत्र और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के ऊपर बिना किसी आधार और साक्ष्य के आरोप लगाया है तो मैं आपको आज एक और जांच की कॉपी दिखाता हूं। यह जांच कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ सरकार की पुलिस द्वारा की गई जिसमें उन्होंने चिटफंड की जांच उपरांत स्पष्ट रूप से कहा कि "विवेचना में अपराध में शामिल धारा 406] 467] 468] 471] 384] 120&बी भा. द. वि. के दंडनीय कृत्य के संबंध में स्टार प्रचारकों द्वारा प्रत्यक्ष कार्य किया जाना अथवा कार्यलोभ घटित होना स्थापित नहीं हुआ। धारा 10 निक्षेपको के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000] 3]4]6 प्राइज चिट्स एंड मनी सरकुलेशन स्कीम्स बैनिक एक्ट 1978 के अधीन निवेशकों की निवेश राशि के भुगतान में व्यक्तिगत तथा लुभावनी स्कीम के माध्यम से निर्देश प्राप्त करने अथवा स्वयं के लिए इस निवेश के माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त करने में स्टार प्रचारकों की संलिप्तता स्थापित नहीं हुई।"

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भले ही ईडी की विश्वसनीयता पर शंका हो पर मुझे इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच पर विश्वास है उन्होंने अपनी रिपोर्ट में दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है और आप इसकी जांच के लिए ईडी को पत्र लिख रहे हैं आपका तो मुख्य आधार ही धराशाई हो गया है।

उन्होंने कहा कि इस पत्र में मेरी और मेरे परिवार की संपत्ति का भी उल्लेख किया गया जिसमें बिना किसी तथ्य के मनगढ़ंत ढंग से संपत्ति में वृद्धि बताई की गई है। मैं आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछना चाहता हूं कि आज आप ईडी का दरवाजा खटखटा रहे हैं जबकि नान मामले की जांच के लिए 2019 को आपने एक एसआईटी बनाई थी। प्रदेश को बताइए कि उसकी जांच का क्या हुआ। क्या आपकी पुलिस में आपको विश्वास नहीं रहा? मेरे चुनाव में दिये शपथ पत्र के आधार पर मेरी संपत्ति की जाँच की माँग संबंधी याचिका माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है. जिसमें मेरे द्वारा अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया गया है एवं उस याचिका में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा भी अपना जवाब प्रस्तुत किए गया है। जिसमें स्पष्ट रूप से शपथ पत्र पर बताया गया है कि है कि 2003 से 2018 तक मेरे सभी इलेक्शन एफिडेविट की जाँच की जा चुकी है एवं कोई भी गड़बड़ी मेरे आय और संपत्ति के संबंध में नहीं पाई गई है। आप न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखिए कोर्ट में सबकी सच्चाई सामने आ जायेगी।

उन्होंने भूपेश बघेल ने पूछा कि क्या आपकी पुलिस ने आपकी एसआईटी ने नान और चिटफंड मामले की जांच अब तक पूरी नहीं की। और अगर पूरी कर ली तो आपने जिस जनता के सामने चीख-चीख कर नान और चिटफंड की बात कही थी उसकी जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सिर्फ ईडी को पत्र लिखकर राजनीति कर रहे हैं, एक तरफ जब इसी ईडी ने प्रदेश के भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही की तो मुख्यमंत्री बघेल उनके संरक्षक बनकर सामने आ जाते हैं और ईडी के अधिकारियों को धमकी देने लगते हैं] उनकी जांच और विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाते हैं और अब प्रदेश के चिटफंड और नान मामले में ईडी से जांच हेतु निवेदन करने लगते हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो रिपोर्ट सार्वजनिक करने से रहे। क्योंकि उस रिपोर्ट में उनका राजनीतिक हित नहीं बल्कि सिर्फ सत्य निहित है। नान मामले की जांच ईडी पहले से कर रही है और प्रदेश से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहती है ताकि निष्पक्ष जांच हो तो भूपेश बघेल उसमें अड़ंगा क्यों लगा रहे हैं\ यह तो प्रदेश की व्यवस्था के लिए शर्मनाक बात है कि एक जिम्मेदार केंद्रीय एजेंसी को यह कहना पड़े कि प्रदेश का मामला दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की नौबत आ रही है क्योंकि उन्हें भी अपनी कार्यवाही में यह महसूस हो रहा है कि सत्ता में बैठे कांग्रेस के लोग निष्पक्ष जांच में अड़चन डाल रहे हैं।


अगर आपने वास्तव में चाहा होता कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और आरोपियों को सजा मिले तो छत्तीसगढ़ की पुलिस और एसआईटी अब तक निर्णायक नतीजों पर पहुंच चुकी होती। इसलिए नौटंकी बंद करिए और यदि आपने सामर्थ हैं और आपकी नियत साफ है तो सुप्रीम कोर्ट में नान मामले में दखल देना बंद करिए] आरोपियों के संरक्षक मत बनिए और ईडी को अपनी जांच करने दीजिए।

इस सब मामले में यह बड़ा अचरज का विषय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ईडी को जांच के लिए 15 दिन का समय दिया है और कहा कि यदि यदि जांच नहीं करेगी तो मैं न्यायालय जाऊंगा। अरे भूपेश बघेल जी यह धमकी भरा लहज़ा छोड़िए और न्यायालय के दरवाजे सबके लिए खुले हैं आपको रोका किसने है। लेकिन किसी भी मुख्यमंत्री को एक केंद्रीय एजेंसी को इस तरह धमकी देना शोभा नहीं देता।

 

 

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भूपेश ने की विस विशेष सत्र की मांग, रमन ने कहा- कोई मतलब नहीं...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश में आरक्षण के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में धमासान मचा हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदीवासियों के 32 प्रतिशत के आरक्षण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से विशेष सत्र का आग्रह किया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सीएम भूपेश पर निशाना साधा है।


आदीवासी आरक्षण को लेकर बुलाए जाने वाला विशेष सत्र का मांग पर पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। जहां उन्होंने सत्र को लेकर कहा कि विशेष सत्र बुलाए जाने का कोई मतलब नहीं है। विशेष सत्र में वहीं निर्णय होगा जो पहले हुआ है। बीजेपी लगातार कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। इसके अलावा विभिन्न समुदाय भी आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए है और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

 

 

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कांग्रेस सरकार बनी तो हिमाचल में भी लागू होगी पुरानी पेंशन योजना : भूपेश बघेल

 रायपुर/शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार में जुट गए हैं। बुधवार सुबह शिमला के बनूटी में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने जो वादा किया था वो पूरा हो रहा है। पुरानी पेंशन योजना राजस्थान में लागू है, छत्तीसगढ़ में लागू है, झारखंड में लागू है और अब हमारा चौथा राज्य हिमाचल प्रदेश होगा जहां पुरानी पेंशन योजना लागू होगी।


इस दौरान उन्होंने हिमाचल की जयराम ठाकुर सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। तो वहीं लोगों के सामने वादों की झड़ी लगा दी। सीएम भूपेश बघेल ने हिमाचल में कांग्रेस के चुनाव जीतने पर किसानों के ऋण माफ करने,गाय गोबर खरीदने और किसानों की आय दुगुनी करने जैसे दर्जन भर से अधिक वादे किए।


बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भूपेश बघेल को स्टार प्रचारक नियुक्त किया गया है। इसे पहले मंगलवार रात उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव व हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, रणदीव सुरजेवाला, मनीष चतरथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,  हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती प्रतिभा वीरभद्र सिंह से भी मुलाकात की।

 

 

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50 घंटे में पूरी हो रही 28 घंटे की यात्रा, ट्रेन में यात्री बेहाल : जैन संवेदना ट्रस्ट

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय रेलवे की परिचालन व सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कई ट्रेनें कैन्सिल हो रही है, कई ट्रेनों के रूट अचानक डायवर्ट कर दिये जाते हैं । 7 अक्टूबर की देर रात 1 बजे बीकानेर से रवाना हुई ट्रेन से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव के लिए आने वाले यात्रियों की परेशानी भरी यात्रा लगभग 50 घंटे में पूरी होने की संभावना है। जबकि सही रूट से यात्रा 28 घंटे में पूरी होती है।


जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि दीपावली के पश्चात अनेक जैन यात्री संघ राजस्थान में चारों दादागुरुदेव के धाम की यात्रा में जाते हैं जिन्हें लौटने में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा में अधिक समय लगने के कारण खर्च भी दोगुना हो रहा है, रास्ते में नास्ते-भोजन की व्यवस्था में बहुत दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। अधिक परेशानी बच्चों को झेलनी पड़ रही है।

महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि पिछले 45 दिनों से ट्रेनों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी नही लगने से ट्रेनों में गंदगी का आलम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के  स्वच्छ भारत अभियान की रेल्वे धज्जियाँ उड़ा रहा है। यात्री गंदगी, बदबूदार नारकीय यात्रा करने मजबूर हैं। किसी बोगी में पानी नही है तो किसी बोगी में टॉयलेट ने पानी बहकर बर्थ वाले एरिया में फैल गया है। अनेक बार चैन पुलिंग करने पर भी सुनवाई नही हो रही है।

वहीं बीकानेर से सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचने की बजाय अब यात्रियों को बिलासपुर में उतरना पड़ेगा। फिर बस या टैक्सी से रायपुर, दुर्ग , राजनांदगांव आना होगा जो समय व धन का अपव्यय है। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर सारी जानकारी देते हुए शीघ्र स्वच्छ व समयबद्ध रेल यात्रा पुनः स्थापित करने की मांग की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि रेल्वे स्टेशन में चाय बेचने वाले को रेल्वे की समस्याओं की जितनी जानकारी होती है उतनी रेलमंत्री को भी नही होती। जैन संवेदना ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री से आग्रह है कि वर्तमान रेल्वे की ओर झाँके और समस्याओं को शीघ्र दूर करें।

 

 

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अऩुकंपा नियुक्ति शिक्षा कर्मी कल्याण संघ मांगों को लेकर 22 वें दिन रहा धरने पर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अऩुकंपा नियुक्ति शिक्षा कर्मी कल्याण संघ अपनी अऩुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर 22वें दिन भी धरने पर रहा।उसकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द से अनुकंपा नियुिक्ति का आदश जारी करे।  

संघ की सचिव अरुंधती शर्मा ने बताया कि वनांचल,संवेदनशील व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सेवाएं देते हुए बड़ी संख्या में शिक्षकर्मी दिवंतग हो गए है।शिक्षक संवर्ग अनंकंपा नियम की शर्ते जटिल है,इसलिए संघ की मांग है कि नियमों को शिथिल कर परिजनों व आश्रितों को सरकार जल्द से जल्द अनुकंपा नियुक्ति दे। ताकि वह सहज जीविकोपार्जन कर सके। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया था लेकिन समिति की रिपोर्ट अब तक जारी नहीं की गई है। संघ की मांग है कि सरकार समिति की रिपोर्ट जल्द जारी  कर दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजनों को जल्द से जल्द अऩुकंपा नियुक्ति दे। 

 

 

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शीतकालीन सत्र की चर्चा से भूपेश क्यों भागना चाहते हैं- चंदेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि शीतकालीन  सत्र 10 दिनों का हो। जिसमें प्रदेश की जनता के हित में विस्तृत चर्चा हो सके। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शीतसत्र की चर्चा से भागना क्यों चाहते हैं। चर्चा से मुंह क्यों मोड़ना चाहते हैं? नेता प्रतिपक्ष ने आग्रह किया कि दस दिन का शीतसत्र बुलाया जाए और विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कराई जाए।

नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने कहा कि जहां तक आदिवासी आरक्षण की बात है तो भारतीय जनता पार्टी का पहले भी और अब भी यह स्पष्ट मत है कि हमारे आदिवासी भाई बहनों को जो 32 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, वह बरकरार रहना चाहिए। आदिवासियों को उनका हक मिलना चाहिए। 

नेता प्रतिपक्ष  चंदेल ने कहा कि सरकार आदिवासी आरक्षण पर दो तरह की बातें कर रही है।  अफसरों का अध्ययन दल  किसने बनाया। सरकार आदिवासियों का 32 फीसदी आरक्षण का अध्यादेश क्यों नहीं लाती? सरकार तत्काल अध्यादेश लाये। अक्टूबर में फैसला आ गया था। इतने दिन क्या कर रहे थे? छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार हमारे आदिवासी भाइयों के हितों के साथ केवल खिलवाड़ कर रही है। सरकार हर रोज एक नई बात कर रही है। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है कि 32 प्रतिशत आदिवासी आरक्षण के लिए अध्यादेश लाया जाए और 10 दिन का शीत सत्र बुलाया जाए, जिसमें प्रदेश के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कराई जा सके।

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ठगी के मामले में आयोग ने महिला को वापस दिलाए डेढ़ लाख

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बुधवार को शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की। आज 27 प्रकरण रखे गए थे।



आज एक प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण के विरुद्ध नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये लेने और नौकरी नही लगाने की शिकायत आयोग में कई थी। आयोग अध्यक्ष डॉ. नायक ने दोनो पक्षो को विस्तार से सुना, जिसमें अनावेदकगण तत्काल आयोग के समक्ष आवेदिका के 1 लाख 50 हजार रुपये वापस किये हैं। शेष राशि आगामी सुनवाई में अनावेदकगण वापस करेंगे।

कोंडागांव जिले से प्राप्त सामाजिक बहिष्कार के एक प्रकरण में अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष कहा कि आवेदिकागण सहित और अन्य आवेदिकागण है। इन सभी को एक साथ कोंडागांव जिले में बुलाकर समाज मे सम्मिलित करने की कार्यवाही का प्रस्ताव रखा गया। आयोग की ओर से अनावेदकगणों को समझाइश दिया गया कि कोंडागांव जिले के मसोरा गांव में अनावेदकगण प्रदेश, सम्भाग, जिला और ग्राम स्तर इकाई के जिम्मेदार पदाधिकारियों और आयोग की ओर से इस प्रकरण की निराकरण हेतु आयोग की नवनियुक्त सदस्य श्रीमती बालो बघेल सहित आयोग की काउंसलर एवं जिला संरक्षण अधिकारी नवा बिहान महिला बाल विकास विभाग कोंडागांव की उपस्थिति में आवेदिकागणों को समाजिक बहिष्कार को समाप्त करने की घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसपर अनावेदकगणों ने 27 नवम्बर 2022 को ग्राम मसोरा में बैठक आहूत कर समाजिक बहिष्कार झेल रही आवेदिकागणों को समाज मे सम्मिलित करने की घोषणा करने की सहमति दिए हैं।

आवेदिका ने अनावेदक के विरुद्ध दैहिक शोषण का शिकायत प्रस्तुत की थी। आयोग में आवेदन आने के बाद इस प्रकरण में अनावेदक के विरुद्ध पुलिस थाना महासमुंद में 376 (2) के तहत एफआईआर दर्ज हो गया है। चालान भी पेश हो चुका है जिसका दस्तावेज अनावेदक ने प्रस्तुत किया। यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण के विरुद्ध धोखाधड़ी की शिकायत की है।जिसपर अनावेदकगण अनुपस्थित है। एक अनावेदक  आरक्षक और बाकी दो भाई है।इनके द्वारा आवेदिका को धमकी दिया जाता है।इसके साथ ही अन्य अनावेदक के बैंक खाते में पैसा डालने के लिए अनावेदक आरक्षक और दोनो भाई बात किये थे।आवेदिका के बेटे को पार्टनरशिप का धोखा देकर 1 लाख 75 हजार रुपये हड़प लिए है। यह प्रकरण गम्भीर होने के कारण अनावेदकगणों की उपस्थिति हेतु आयोग द्वारा आईजी सरगुजा को थाना प्रभारी के माध्यम से उपस्थिति कराने पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिससे इस प्रकरण का निराकरण किया जा सकेगा।

एक अन्य प्रकरण में लगातार अनावेदकगण अनुपस्थित है।थाना प्रभारी के माध्यम से अनावेदक की उपस्थिति हेतु आयोग की ओर से पत्र प्रेषित किया गया है। फिर भी अनावेदक आयोग की सुनवाई में लगातार अनुपस्थित है। आयोग के पत्र पर अनावेदक को जानबूझकर उपस्थित नही कराने के लिए आयोग की ओर से थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

 

 

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नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति, डीईओ निलंबित...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जांजगीर चांपा के जिला शिक्षा अधिकारी के एस तोमर को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी के ख़िलाफ़ पांच अपात्रों को नियम के विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति देने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

 

 

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अनियंत्रित होकर पलटा टेंपो, एक की मौत, 3 घायल

 लखनपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लखनपुर थाना क्षेत्र के अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग स्थित ग्राम नवापारा मैं 8 नवंबर की रात लगभग 10  बजे टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में टेंपो में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं 3 लोग घायल हो गए।


प्राप्त जानकारी के अनुसार तपेश्वरी पति देवी प्रसाद गोंड ग्राम अभयपुर  प्रेमनगर निवासी ईलाज उपरांत अपने पति देवी प्रसाद को अंबिकापुर जिला चिकित्सालय से छुट्टी कराकर अपने गृह ग्राम जा थे। जैसे ही नवापारा पहुंचे सड़क ड्लान होने से  तेज रफ्तार टेंपो चालक विनोद राम पिता नाथूराम हरिजन उम्र लगभग 25 वर्ष जिला जसपुर निवासी ने  वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इलाज करा कर घर जा रहे देवी प्रसाद की सर में गंभीर चोट होने से मौके पर ही मौत हो गई। चालक सहित दो लोग घायल हो गए घटना की सूचना मिलते ही लखनपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और डायल 112 वाहन एंबुलेंस 108 की मदद से घायलों को उपचार हेतु लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। घायल तपेश्वरी  टेंपो चालक विनोद राम साथी मनीष पिता स्व सुखदेव शंकरगढ़ निवासी का डा पीएस केरकेट्टा के द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। घायल महिला तपेश्वरी चालक विनोद राम को सर हाथों पैरों व चेहरे में चोट होने पर बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

लखनपुर पुलिस के द्वारा मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। लखनपुर पुलिस के द्वारा रात में ही देवी प्रसाद के शव को कब्जे में लेकर लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखवाया  था। 9 नवंबर दिन बुधवार की सुबह लखनपुर पुलिस के द्वारा शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द किया गया। पुलिस द्वारा मामले में की जांच की जा रही है।

 

 

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मतदाता सूची में नाम जुड़वाने नए मतदाता 8 दिसम्बर तक कर सकते हैं आवेदन

प्रदेश के 68 प्रतिशत मतदाताओं के नाम उनके आधार नम्बर से जोड़े जा चुके

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में बुधवार से सभी मतदान केन्द्रों में एकीकृत मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही इसके विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का काम शुरू हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सभी जगह मतदाता सूची में नाम जोड़े जाने, विलोपित किए जाने या मतदाता सूची में दर्ज जानकारी संशोधित किए जाने के लिए 8 दिसम्बर 2022 तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन 30 दिनों में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण कर 5 जनवरी 2023 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने 8 दिसम्बर के बाद भी इसके सतत अद्यतनीकरण (अपडेशन) के दौरान साल भर आवेदन कर सकते हैं।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में संशोधन के लिए इस बार मात्र एक अहर्ता तिथि 1 जनवरी के स्थान पर चार अहर्ता तिथियों – 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। अगले वर्ष (2023 में) इन चारों अहर्ता तिथियों में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने 9 नवम्बर 2022 से 8 दिसम्बर 2022 तक अग्रिम आवेदन जमा कर सकते हैं। जैसे ही उनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण होगी, संबंधित तिमाही में उनका आवेदन प्रोसेस हो जाएगा और उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा। इस तरह अगले वर्ष के आम चुनाव में 1 अक्टूबर 2023 की तिथि में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी नागरिक मतदान करने के लिए पात्र होंगे।

आयोग ने नाम जोड़ने की प्रक्रिया को पेपरलेस करने पर जोर देते हुए वोटर हेल्पलाइन एप (voter helpline app) एवं एनवीएसपी पोर्टल (NVSP Portal)  के माध्यम से नागरिकों को आवेदन जमा करने का आग्रह किया है। वोटर हेल्पलाइन एप बहुत ही यूजर-फ्रेंडली है एवं एंड्रायड तथा आई.ओ.एस. दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। बूथ लेवल अधिकारियों के भी पेपरलेस वर्क के लिए आयोग द्वारा गरूड़ एप (GARUDA app)  विकसित किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विगत 1 अगस्त 2022 से मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत व्यक्तियों के आधार नम्बर कलेक्शन का काम फॉर्म-6बी में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के लगभग 68 प्रतिशत मतदाताओं के नाम उनके आधार कार्ड से लिंक किए जा चुके हैं।

आज से शुरू हुए मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में छत्तीसगढ़ के 18-19 वर्ष के करीब साढ़े पांच लाख युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी महाविद्यालयों और हायर सेकण्डरी स्कूलों में विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वोटर आई.डी. कॉर्ड को नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है। वोटर आई.डी. कॉर्ड अब विभिन्न सिक्योरिटी फीचर्स जैसे क्यू.आर. कोड, गिलोचे पैटर्न, घोस्ट इमेज, माइक्रो टेक्स्ट एवं होलोग्राम के साथ प्रिंट किया जा रहा है। सभी नए मतदाताओं को स्पीड-पोस्ट के माध्यम से इसे उनके घर पर डिलीवर किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक मतदाताओं को नया इपिक कार्ड (EPIC Card) वितरित किए जा चुके हैं।

 

 

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आदिवासी समाज और जनता ने भाजपा के चक्का जाम की नौटंकी को नकार दिया : मरकाम

 कांग्रेस ने किया आदिवासी आरक्षण के लिये विधानसभा के विशेष सत्र का स्वागत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी समाज के आरक्षण के लिये विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये जाने का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस कदम से साफ हो गया कि कांग्रेस आदिवासी समाज को उनका आरक्षण देने के लिये प्रतिबद्ध है और भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार की बदनीयती और लापरवाही के कारण हाईकोर्ट में आदिवासी समाज का आरक्षण कम हुआ है और आदिवासी समाज का 32 प्रतिशत आरक्षण बहाल करने कांग्रेस सरकार प्रयास कर रही है।  

मोहन मरकाम ने कहा कि आरक्षण की कटौती को लेकर भाजपा के द्वारा किये गये चक्का जाम की नौटंकी को जनता और आदिवासी समाज ने नकार दिया। प्रदेश में कही भी चक्का जाम सफल नहीं हुआ। लोग समझ चुके है कि रमन सरकार की लापरवाही ओर बदनीयती के कारण ही होईकोर्ट में आरक्षण कम हुआ है।

पीसीसी चीफ मरकाम ने कहा कि भाजपा की बदनीयती के कारण ही यह अप्रिय स्थिति निर्मित हुई है। आरक्षण को बढ़ाने का निर्णय हुआ उसी समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य सरकार को अदालत के सामने आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की विशेष परिस्थितियों और कारण को बताना था। तत्कालीन रमन सरकार अपने इस दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पायी। 2012 में बिलासपुर उच्च न्यायालय में 58 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर हुई तब भी रमन सरकार ने सही ढंग से उन विशेष कारणों को प्रस्तुत नहीं किया जिसके कारण राज्य में आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया। आरक्षण को बढ़ाने के लिये तत्कालीन सरकार ने तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में मंत्री मंडलीय समिति का भी गठन किया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भी कमेटी बनाई गयी थी। रमन सरकार ने उसकी अनुशंसा को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जिसका परिणाम है कि अदालत ने 58 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को रद्द कर दिया। रमन सरकार की बदनीयती से यह स्थिति बनी है।

 

 

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1 लाख 74 हजार से अधिक लोगों को मिला एमएमयू से नि:शुल्क ईलाज

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से जिले के शहरी क्षेत्रों में नि:शुल्क कैम्प लगाकर मोबाईल मेडिकल यूनिट के द्वारा स्वास्थ्य जांच किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में 9 नवम्बर तक कुल 2405 कैम्प लगाकर 1 लाख 74 हजार लोगों का नि:शुल्क ईलाज किया गया है। इनमें से कुल 1 लाख 22 हजार लोगों को नि:शुल्क दवा का वितरण, 34 हजार 658 लोगों का नि:शुल्क लैब टेस्ट किया गया तथा 10 हजार 898 लोगों का श्रम कार्ड कैम्प के माध्यम से बनाया गया है।

बुधवार को राजमोहिनी देवी शासकीय कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर की छात्रा रीना लहरे ने कॉलेज कैम्पस में लगाए गए शिविर में स्वास्थ्य जांच के लिए एमएमयू पहुंची। उनका स्वास्थ्य जांच कर दवा दिया गया। रीना ने कहा कि मेरा तबियत ठीक नहीं था। कॉलेज कैम्पस में लगाए गए शिविर में एमएमयू में डॉक्टरों के द्वारा स्वास्थ्य जांच कर दवा दिया गया। कैम्पस में ही नि:शुल्क ईलाज मिलने से किसी अन्य क्लिनिक जाने की जरूरत नहीं पडी। इस तरह के नि:शुल्क कैम्प लगाने के लिए मैं सरकार को धन्यवाद देती हूं।

नगर निगम के आयुक्त प्रतिष्ठा ममगई ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत जिले में कुल 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा प्रतिदिन नि:शुल्क स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है। पांचों एमएमयू में प्रतिदिन औसतन 100 लोगों का स्वास्थ्य जांच सह उपचार किया जाता है। एमएमयू का संचालन चिन्हांकित स्लम एरिया में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाता है। इसमें कुल 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच के लिए लैब की सुविधा उपलब्ध है, जहां पर नि:शुल्क लैब टेस्ट कर तत्काल रिपोर्ट प्रदान किया जाता है।

 

 

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जब कुछ किया नहीं तो रमन सिंह ईडी से जांच की मांग से डर क्यों रहे है? : सुशील

 रमन सिंह के पत्रकार वार्ता का कांग्रेस ने दिया जवाब

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पत्रकार वार्ता का जवाब देते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की जांच के लिये ईडी को पत्र लिखने पर रमन सिंह इतने घबराये हुये क्यों हैं? रमन सिंह की तिलमिलाहट और बयानबाजी बता रही है कि रमन सिंह को नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की ईडी से जांच की बात नागवार गुजर रही है। रमन सिंह को जांच की बात से किस बात का डर सता रहा है? नान गरीबों के राशन में 36,000 करोड़ का डाका डाला गया है, जब इतनी बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है, नान डायरी में सीएम सर, सीएम मैडम, ऐश्वर्या रेसीडेंसी वाली मैडम जैसे दर्जनों नामों का उल्लेख है जिनका मोटी-मोटी रकम देने का भी उल्लेख है। ऐसे में इस अवैध लेनदेन की जांच यदि ईडी करती है तो इसमें रमन सिंह को क्या पीड़ा है?


सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह बतायें कि उन्हें नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की ईडी की जांच से आपत्ति क्यों है? ईडी पर तो रमन सिंह की भाजपा को अटूट भरोसा है फिर उससे जांच की मांग में उनको तकलीफ किस बात की हो रही है? राज्य सरकार एसआईटी बना कर जांच करवाती है तो उसमें भी रमन सिंह को आपत्ति होती है। उनके पूर्व नेता प्रतिपक्ष अदालत जाकर जांच रोकने के लिये पीआईएल लगाते है जब ईडी से जांच की बात होती है तो उनको तकलीफ हो रही है। जब कुछ किया नहीं तो डर क्यों रहे है?

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि रमन सिंह के शासनकाल के 15 साल में चिटफंड कंपनियों ने सरकार के संरक्षण में जनता को लूटने का बड़ा षड़यंत्र बनाया था। फर्जी चिटफंड कंपनियों के कार्यालयों का उद्घाटन स्वयं रमन सिंह, उनकी पत्नी और सांसद पुत्र ने किया था। रमन मंत्रिमंडल के आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों ने चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों का उद्घाटन किया था। सरकारी रोजगार मेले में चिटफंड कंपनियों के स्टॉल लगे थे जिनके माध्यम से एजेंटों की भर्तियां हुई थी। इन चिटफंड कंपनियों ने राज्य की जनता से 6,000 करोड़ से अधिक रू. की उगाही किया था। राज्य की पुलिस चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध जांच कर रही कुछ कंपनियों की संपत्तियां कुर्क कर लोगों के पैसे भी वापस करवाया जा रहा। यदि 6,000 करोड़ रू. का अवैध लेनदेन हजारों लोगों के साथ हुआ है तो इस मामले की ईडी से जांच की मांग पर रमन सिंह क्यों घबरा रहे हैं?

उन्होंने कहा कि नान घोटाला और चिटफंड घोटाला रमन सिंह सरकार का वह घोटाला है जिसमें सीधे आम आदमी के साथ लूट की गयी है। इन दोनों ही घोटालों में तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के प्रमाण भी सामने आये है और इसमें रुपयों का भी लेनदेन हुआ है। किसी भी प्रकार के नगदी अवैध लेनदेन की जांच प्रत्यावर्तन निदेशालय के द्वारा की जानी चाहिये। इन दोनों ही मामलों में पुलिस अपना काम कर रही है और आपराधिक मामलों की जांच भी हो रही। रमन सिंह तो स्वयं को ईडी का प्रवक्ता भी घोषित कर चुके है ऐसे में उन्हें स्वयं होकर ईडी से जांच की मांग का समर्थन करना चाहिये। रमन सिंह की घबराहट और बौखलाहट बताती है कि वे जांच की मांग से डर रहे है।

 

 

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राज्य में रबी फसलों की बुआई शुरू, धान की बुआई का लक्ष्य शून्य

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृषि विभाग द्वारा इस साल रबी सीजन के लिए निर्धारित फसल बुआई के कार्यक्रम में ग्रीष्मकालीन धान के रकबे का लक्ष्य शून्य कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा रबी में ग्रीष्मकालीन धान की बोनी को हतोत्साहित करने तथा अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा किया गया है, ताकि धान की खेती के बजाय रबी सीजन में किसानों का रूझान गेहूं, चना, मटर सहित अन्य फसलों की ओर बढ़े। बीते रबी सीजन में राज्य में 2 लाख 22 हजार 170 हेक्टेेयर में किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती की थी।


इस साल रबी सीजन में राज्य में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में रबी फसलों की बुआई शुरू हो चुकी है। अब तक 89 हजार 340 हेक्टेयर में जौ-ज्वार, गन्ना और दलहनी, तिलहनी फसलों सहित साग-सब्जी की बुआई की जा चुकी है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 5 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि राज्य में इस साल अच्छी बारिश होने की वजह से खरीफ फसलों, विशेषकर धान के खेतों में नमी बनी हुई है। अभी धान की कटाई और मिजाई जारी है। इसके चलते रबी फसलों की बोनी भी प्रभावित हुई है। गत वर्ष अक्टूबर माह के अंत 1 लाख 36 हजार 440 हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई हो चुकी थी।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रबी वर्ष 2022-23 में गेहूं के रकबे में बीते वर्ष की तुलना में 70 हजार हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी कर इसका रकबा इस साल 2 लाख 90 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसी तरह मक्का की खेती एक लाख 30 हजार हेक्टेयर, जौ-ज्वार एवं अन्य फसलों की खेती 16 हजार हेक्टेयर में लिये जाने का लक्ष्य है। इस साल रबी सीजन में दलहनी फसलों के रकबे 74 हजार 140 हेक्टेयर की वृद्धि प्रस्तावित कर इसका रकबा 8 लाख 65 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। बीते वर्ष रबी सीजन में 7 लाख 90 हजार 860 हेक्टेयर में दलहनी फसलें ली गई थी।

इसी तरह इस साल रबी सीजन में तिलहनी फसलों के रकबे में एक लाख 33 हजार हेक्टेयर की वृद्धि कर इसका रकबा 3 लाख 77 हजार हेक्टेयर कर दिया गया है। बीते वर्ष 2 लाख 44 हजार हेक्टेयर में तिलहनी फसलों की बोनी हुई थी। गन्ने के रकबे को बीते रबी सीजन की तुलना में 8 हजार 90 हेक्टेयर की वृद्धि कर 50 हजार हेक्टेयर तथा साग-सब्जी एवं अन्य फसलों के रकबे में लगभग 21 हजार हेक्टेयर की वृद्धि प्रस्तावित कर एक लाख 97 हजार हेक्टेयर किया गया है।

रबी सीजन 2022-23 में गेहूं, मक्का सहित अन्य अनाज फसलें अब तक 1480 हेक्टेयर में बोई जा चुकी है। दलहनी फसलों के अंतर्गत चना, मटर, मूंग, उड़द, कुल्थी आदि की 58 हजार 160 हेक्टेयर में बोआई हो चुकी है, जिसमें सर्वाधित 43 हजार 850 हेक्टेयर बुआई का रकबा तिवड़ा है। दलहनी फसलों के अंतर्गत अलसी, सरसो, तिल, कुसुम, मूंगफली आदि की बुआई 13 हजार 910 हेक्टेयर में हो चुकी है। किसान रबी सीजन में गन्ना की बुआई भी तेजी से कर रहे है, अब तक 4 हजार 170 हेक्टेयर में गन्ना लगाया जा चुका है, जबकि साग-सब्जी एवं अन्य रबी फसलों की बुआई 11 हजार 620 हेक्टेयर में हो चुकी है।

 

 

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अनियंत्रित होकर पलटी बस, 2 की मौत, दर्जनो घायल

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में  एक सवारी बस बेकाबू होकर पलट गई है, जिसमें 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ के घरघोड़ा के पास समारूमा और अम्लीडीह के बीच वासुदेव बस अनियंत्रित होकर पलटी है. दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा हैकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। घरघोड़ा पुलिस मौके पर मौजूद है। सभी घायलों को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

 

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बिहान ने लाया सीमा के जीवन में नया सबेरा, स्वरोजगार से मिली पहचान व आर्थिक मजबूती

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 10वीं तक पढ़ी सीमा सिंह कोर्राम का जीवन चूल्हा-चौका और घरेलू काम तक सीमित होने के कारण घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान नहीं दे पा रही थी। घर की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के ठोस इरादे लिए सीमा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी व समूह से 50 हजार रुपए ऋण लेकर मनिहारी व किराना व्यवसाय शुरू किया। इस व्यवसाय ने सीमा की जिंदगी में नया सबेरा लेकर आया। अब सीमा एक गृहणी के साथ व्यवसायी भी है और घर की आर्थिक स्थित भी बेहतर हो गई है।

लखनपुर विकासखंड के ग्राम गोरता निवासी सीमा सिंह कोर्राम बताती हैं, कि उनके पति रामकुमार अस्थाई ड्राइवर है, जिनकी कमाई से परिवार का जीवन यापन ठीक से नहीं चल पा रहा था। पढ़ी-लिखी होने के बावजूद घर की माली हालत सुधारने में सहयोग नही कर पा रही थी और दयनीय हालत में जीवन बिताने विवश थी। एक दिन गांव में सीआरपी दीदियों ने बिहान समूह से जुडऩे व बचत के फायदे बताए। उसी दिन से 10 गांव की महिलाओं ने समूह से जुडऩे तैयार हुए 20-20 रुपया जमा करना शुरू किया। समूह का नाम ओम महिला समूह रखा। उन्होंने बताया कि मनिहारी व किराना व्यवसाय से 10 से 15 हजार रुपये मासिक आमदनी प्राप्त हो रही है।

छत्तसीगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को एक स्व सहायता समूह के रूप में गठित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ी जाने वाली महत्वाकां योजना है बिहान। बिहान की महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़कर सफलता के झंडे बुलंद कर रही हैं।

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