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मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हमारी सरकार सभी तीज त्योहारों पर छुट्टी दी, मुख्यमंत्री निवास में सभी त्योहारों को मनाते हैं किसान सभी के लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं छेरछेरा में दान की राशि जनकल्याण में खर्च की जाती है अन्नदाता समेत सभी वर्ग अनाज को दान करता है दान देना उदारता और दान लेना अहंकार को नष्ट करने का प्रतीक है भगवान बालाजी की कृपा से बहुत अच्छी पैदावार हुई है 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा लेकिन एक भी किसान की शिकायत नहीं आई, सभी को तत्काल भुगतान मिला

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मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को लोक पर्व छेरछेरा की दी बधाई

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। श्री बघेल ने छेरछेरा पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि महादान और फसल उत्सव के रूप में मनाया जाने वाला छेरछेरा पुन्नी तिहार हमारी सामाजिक समरसता, दानशीलता की और समृद्ध गौरवशाली परम्परा का संवाहक है। इस दिन ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा‘ बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिलाएं खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि से वर्ष भर के लिए कार्यक्रम बनाते हैं। यह नई फसल के घर आने की खुशी में पौष मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसी दिन मां शाकम्भरी जयंती भी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों में उदारता के कई आयाम दिखाई देते हैं। यहां उत्पादित फसल को समाज के जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए देने की परम्परा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अमूल्य धरोहरों और पौराणिक परम्पराओं का संवर्धन और संवहन हो सके, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छेरछेरा तिहार पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। उन्होंने कहा है कि छेरछेरा तिहार भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त कर मिल-जुलकर जीना सिखाता है। छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध परम्परा और सभ्यता को भावी पीढ़ी तक ले जाना हम सबका दायित्व है।
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आनलाइन जुआ पर सरकार की नकेल, होगी कड़ी कार्रवाई

दो से पांच साल तक के कारावास और एक लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर बना छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022

आनलाइन जुआ से संबंधित विज्ञापन होंगे प्रतिबंधित, उल्लंघन पर तीन साल के कारावास की होगी सजा

संशोधित अधिनियम में कठोर सजा के लिए संज्ञेय और गैरजमानतीय धाराएं शामिल 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  छत्तीसगढ़ में आनलाइन जुआ खेलने और खिलाने वालों की अब खैर नहीं है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर विधानसभा में आनलाइन जुए पर नकेल कसने के लिए छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध विधेयक 2022 पारित कर इसे अधिनियम का रूप दे दिया गया है। पूर्व अधिनियम में ऑनलाईन जुआ परिभाषित नही था जिसमें संसोधन करते हुए अधिनियम में अब जुआ घर की परिभाषा मे ऑनलाईन जुआ प्लेटफार्म शब्द जोड़ा गया है। जुआ के उपकरण की परिभाषा मे ऑनलाईन जुआ से संबंधित इलेक्ट्रानिक अभिलेख, इलेक्ट्रानिक डिवाइस, मोबाईल एप, इलेक्ट्रोनिक ट्रांसफर ऑफ फन्डस शब्द जोड़े गये हैं। 

पुराने अधिनियम में ऑनलाईन जुआ के लिए दण्ड का कोई प्रावधान नहीं था। वर्तमान मे ऑनलाईन जुआ के लिए अधिनियम में पृथक से दण्ड का प्रावधान किया गया है। जिसमे एक से तीन वर्ष के कारावास एवं पचास हजार से पांच लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है किया गया है। पश्चातवर्ती अपराध के लिए दो वर्ष से सात वर्ष तक के कारावास और एक लाख से दस लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

दो से पांच साल तक के कारावास और एक लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान

अधिनियम को संशोधित करते हुए अब आनलाइन प्लेटफार्म को भी दंड में समाहित करते हुए पश्चातवर्ती अपराध (अपराध की पुनरावृत्ति) के लिए दंड की मात्रा बढ़ाते हए  दो से पांच वर्ष तक के कारावास और एक लाख रूपए तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। पूर्व में इसके लिए एक वर्ष का कारावास या अधिकतम दो हजार रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान था। 

अधिनियम के संशोधन के पहले तक जुआ प्रतिषेध अधिनियम के सभी अपराध संज्ञेय तथा जमानतीय थे। वर्तमान अधिनियम में कार्रवाई के लिए कड़े प्रावधान करते हुए जुआ घर का स्वामी होना (धारा-4), जुआ खिलाना (धारा-6 ), ऑनलाईन जुआ खिलाना (धारा -7), विज्ञापन प्रतिषेध का उल्लंघन ( धारा-11 ) और कंपनी द्वारा अपराध ( धारा-12 ) को संज्ञेय तथा गैरजमानतीय अपराध बनाया गया है। 

छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के अनुसार छः माह तक की सजा एवं तीन हजार से दस हजार रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि पूर्व अधिनियम मे 4 माह का कारावास या सौ रूपए के जुर्माने के दंड का प्रावधान था। इसके साथ ही जो व्यक्ति जुआ घर मे पाया जाएगा उसके लिए  पूर्व प्रावधान मे “पाँच सौ रूपए तक के जुर्माने अथवा चार माह का कारावास” दण्ड की मात्रा थी जिसमें वृद्धि करते हुए अब  छः माह तक की सजा एवं दस हजार रूपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

ऑनलाईन जुआ के लिए खाता उपलब्ध कराना भी होगा दण्डनीय अपराध

छत्तीसगढ़ में ऑनलाईन जुआ खेलने के लिए खाता उपलब्ध कराने हेतु दंडित करने लिए पूर्व मे कोई प्रावधान नही था।  वर्तमान अधिनियम मे ऑनलाईन जुआ या फिर जुआ के लिए यदि कोई व्यक्ति खाता उपलब्ध कराता है तो उसे दण्डनीय अपराध बनाया गया है। इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के द्वारा मिथ्या नाम व पता देने के लिए चार माह का कारावास का दण्ड की मात्रा कम होने से वर्तमान अधिनियम मे दण्ड मे वृद्धि करते हुए छ: माह तक की अवधि के कारावास या पांच हजार रूपए तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

आनलाइन जुआ से संबंधित विज्ञापन होंगे प्रतिबंधित, उल्लंघन पर तीन साल के कारावास की होगी सजा

पूर्व अधिनियम में जुआ के खेलों के विज्ञापन प्रतिबंधित करने के संबंध मे कोई प्रावधान नही था वर्तमान अधिनियम मे विज्ञापन को प्रतिषेध के उल्लंघन किए जाने पर तीन वर्ष तक की अवधि का कारावास एवं पचास हजार तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

वर्तमान अधिनियम मे कंपनी द्वारा किए गए अपराध को बनाया गया दण्डनीय

इससे पहले  कंपनी के द्वारा अपराध किए जाने पर दण्ड का कोई प्रावधान नही था जबकि वर्तमान अधिनियम मे कंपनी द्वारा अपराध को दण्डनीय बनाया गया है।

 

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जब वयोवृद्ध सेवाभावी सिंधु ताई से मिलने मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज भिलाई के बीएम शाह हॉस्पिटल में 90 साल की वयोवृद्ध सिंधु ताई से मुलाकात की। सिंधु ताई 30 साल पहले इस हॉस्पिटल से रिटायर हुईं थीं। सिंधु ताई के अस्पताल से जुड़ाव और उनके सेवाभाव के बारे में जानकर मुख्यमंत्री काफी प्रभावित हुए और उनके पास जाकर मुलाकात की। श्री बघेल ने उनके समर्पण की सराहना करते उनके दीर्घायु होने की कामना की। सिंधु ताई ने मुख्यमंत्री को दादा बनने पर बधाई दी।

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मुख्यमंत्री 6 जनवरी को छेरछेरा पर्व के कार्यक्रम में होंगे शामिल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 6 जनवरी 2023 को सबेरे 10.30 बजे राजधानी रायपुर के दूधाधारी मठ में आयोजित छेरछेरा पर्व के कार्यक्रम में शामिल होंगे

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प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाएं 01 मार्च से 25 मार्च तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् द्वारा संचालित प्राच्य संस्कृत विद्यालयों की कक्षा पूर्व मध्यमा से उत्तर मध्यमा (9वीं से 12वीं) की वार्षिक परीक्षा वर्ष 2022-23 की समय-सारिणी जारी कर दी गई है। निर्धारित समय-सारिणी अनुसार यह परीक्षाएं 01 मार्च से प्रारंभ होकर 25 मार्च तक सम्पन्न होंगी यह परीक्षाएं प्रातः 9 बजे से 12.15 बजे तक होगी।
 हाई स्कूल परीक्षा पूर्व मध्यमा प्रथम वर्ष (9वीं) में 2 मार्च को अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य, चयनित विषय में शास्त्रीय विषय 4 मार्च को, व्यावसायिक संस्कृत 10 मार्च को, सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी 13 मार्च को, सामाजिक विज्ञान 15 मार्च को, विज्ञान 17 मार्च को और गणित विषय की परीक्षा 21 मार्च को होगी। हाई स्कूल परीक्षा पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष (10वीं) में 2 मार्च को गणित, विज्ञान 4 मार्च को, सामाजिक विज्ञान 10 मार्च को, व्यावसायिक संस्कृतम् (चयनित विषय) 13 मार्च को, शास्त्रीय विषय (चयनित विषय) 15 मार्च को, अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य 17 मार्च को और सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी विषय की परीक्षा 21 मार्च को होगी।
इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष (11वीं) में 01 मार्च को अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य, 3 मार्च को शास्त्रीय विषय (चयनित विषय), व्यावसायिक संस्कृतम् (चयनित विषय) 6 मार्च को, सामान्य हिन्दी एवं अग्रेजी 11 मार्च को, इतिहास, जीव विज्ञान, गणित एवं लेखांकन 14 मार्च को, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र 16 मार्च को, राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, व्यवसाय अध्ययन 24 मार्च को और 25 मार्च को भूगोल विषय की परीक्षा होगी। 
हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (12वीं) में 01 मार्च को भूगोल, 3 मार्च को राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, 6 मार्च को भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, जीव विज्ञान, गणित एवं लेखांकन 11 मार्च को, सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी 14 मार्च को, व्यावसायिक संस्कृतम् (चयनित विषय) 16 मार्च को, शास्त्रीय विषय (चयनित विषय) 24 मार्च को और 25 मार्च को अनिवार्य व्याकरण एवं साहित्य विषय की परीक्षा होगी। 

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छत्तीसगढ़ में हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और स्वाभिमान के साथ मिला आगे बढ़ने का अवसर: मुख्यमंत्री श्री बघेल

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बीते चार सालों में हर व्यक्ति को न्याय, सम्मान और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिला है। इसके फलस्वरूप राज्य में सभी वर्ग के लोगों में समृद्धि आई है और उनका जीवन खुशहाली से भर उठा है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी के निजी होटल में आयोजित ‘‘दो दूनी-चार खुशियां अपार’’ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने चर्चा-परिचर्चा में भाग लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए हमने न्याय को आधार बनाकर सुशासन की एक संकल्पना गढ़ी थी। इनमें सभी वर्गों को समाज में उचित सम्मान मिले और वे पूरे आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ सके। इसे लेकर हमारी सरकार द्वारा कई न्याय योजनाएं शुरू की गई। हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही इन जनकल्याणकारी योजनाओं के परिणाम धरातल पर साफ-साफ दिखाई देने लगे हैं। इससे राज्य में सभी वर्ग के लोगों को उन्नति के भरपूर अवसर मिले और उनके जीवन में समृद्धि आई है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस तारतम्य में छत्तीसगढ़ में 2 अक्टूबर 2019 से संचालित सुराजी गांव योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत प्रदेश में जल संरक्षण, पशु संवर्धन तथा पोषण प्रबंधन को बढ़ावा मिला है और इससे गांव-गांव स्वावलंबी होने लगे हैं। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बड़े तादाद में रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। इसी तरह गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना आदि से समाज के एक बड़े वर्ग किसानों, पशुपालकों और खेतीहर मजदूरों को आर्थिक संबल मिला है। इसी तरह समर्थन मूल्य पर लघु वनोपजों आदि की खरीदी से आदिवासी-वनवासी संग्राहकों को इनका संग्रहण का भरपूर लाभ मिलने लगा है। 

 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि राज्य में लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमी प्रतिकूलता, कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती थी। फलस्वरूप कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, यांत्रिकीकरण तथा कृषि तकनीकी आदि में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते थे। इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा राज्य में कृषि में पर्याप्त निवेश एवं कास्त लागत में राहत देने कृषि इनपुट सब्सिडी हेतु राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई है। इसी तरह गांव-गांव में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए गोधन न्याय योजना लागू की गई है। दो रूपए किलो में गोबर खरीदी की यह योजना काफी लोकप्रिय हुई है और इस योजना को देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मिलेट्स से बने व्यंजनों को बढ़ावा देने विधायकों को कराया लंच

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों ने बुधवार को मिलेट्स से बने व्यंजनों का लुत्फ उठाया ।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने सभी व्यंजन का लुत्फ उठाया । उन्होंने कहा कि मुझे रागी का हलवा बेहद पसंद आया ।  साल 2023 मिलेट वर्ष के रूप में घोषित हुआ है । पिछले वर्ष हमने 52 हजार क्विंटल कोदो ,कुटकी, रागी की खरीदी की है । छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जो समर्थन मूल्य पर कोदो कुटकी रागी की खरीदी कर रहा है । इससे किसानों को लाभ हुआ है साथ ही उत्पादन भी बढ़ा है ।  मिलेट्स का उपयोग सभी को ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए क्योंकि इसमें बहुत से पौष्टिक तत्व होते हैं  ।
हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मिलेट्स मिशन की प्रशंसा की है और उन्होंने रायपुर में मिलेट्स कैसे खोलने का आग्रह किया है, उनके आग्रह को देखते हुए हम मंत्रालय में मिलेट्स कैफे खोल रहे हैं साथ ही संभागीय सीमार्ट केंद्रों में भी मिलेट्स कैफे शुरू करेंगे ।


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के समस्त सदस्यों हेतु मिलेट से बने व्यंजनों को प्रदर्शित करने तथा इसको लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से दोपहर भोज का आयोजन किया गया।  इसी क्रम में बुधवार को दोपहर के भोजन में कोदो, कुटकी एवं रागी के विभिन्न व्यंजनों के भोजन तैयार किये गये जिसमें मिलेट से तैयार किये गये छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी शामिल रहे। 

रागी, कोदो, कुटकी के लाजवाब स्वाद से भरा मेन्यु- 

 मिलेट्स लंच में विधायकों के लिये मिलेट्स से बने हर तरह के व्यंजन उपलब्ध रहे । खास बात है कि सभी व्यंजनों में छत्तीसगढ़ी का तड़का था । मेन्यु में रागी का  सूप , स्टार्टर में रागी के पकोड़े, कोदो के भजिये, बाजरा और गुड़ के पुये, कुटकी के छत्तीसगढ़ी फरे, रागी, कुटकी के चीले, मेन कोर्स में बाजरे की छत्तीसगढ़ी कढ़ी, लाल भाजी, जिमी कांदा, कोदो का वेज पुलाव, ज्वार, बाजरा , रागी के रोटी और पराठे का सभी ने स्वाद लिया। इसके साथ ही डेजर्ट में रागी, कुटकी का कप केक, रागी का हलवा, और कोदो की ड्राई फ्रूट्स खीर का लुत्फ उठाया ।

प्रधानमंत्री ने की सराहना- छत्तीसगढ़ में मिलेट्स मिशन की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में सराहना की है । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी को राज्य में संचालित मिलेट्स मिशन के बारे में जानकारी दी थी । मुलाकात के दौरान श्री मोदी ने रायपुर में मिलेट्स कैफे खोलने की सलाह भी दी । उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा 01 दिसंबर 2021 से मिलेट मिशन प्रारंभ किया गया है, जिसका प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में मिलेट (कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार इत्यादि) की खेती को बढ़ावा देना, मिलेट के प्रसंस्करण को बढ़ावा देना तथा दैनिक आहार में मिलेट्स के उपयोग को प्रोत्साहित कर कुपोषण दूर करना है।

कांकेर में सबसे बड़ी प्रोसेसिंग यूनिट- इस हेतु छ.ग राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से प्रदेश में कोदो, कुटकी एवं रागी का न्यूनतम क्रय मूल्य निर्धारित करते हुए उपार्जन किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में कुल राशि रू. 16.03 करोड़ के 52,728 क्विंटल का कोदो, कुटकी एवं रागी का उपार्जन किया गया। प्रदेश में मिलेट के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित किये गये हैं तथा कांकेर जिले में अवनी आयुर्वेदा द्वारा 5,000 टन क्षमता के मिलेट प्रसंस्करण केन्द्र निजी क्षेत्र में स्थापित किया गया है। जो कि एशिया की सबसे बड़ी मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई है।

कुपोषण दूर करने मिड डे मील में शामिल मिलेट्स- छत्तीसगढ़ में मिलेट्स को मिड डे मील में भी शामिल किया गया है जिससे कुपोषण को पूरी तरह समाप्त किया जा सके । स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील में मिलेट्स से बने व्यंजन दिये जा रहे हैं जिनमें मिलेट्स से बनी कुकीज,लड्डू और सोया चिक्की शामिल हैं ।

छत्तीसगढ़ देश का सबसे पहला समर्थन मूल्य पर खरीदी वाला राज्य- उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश में पहला ऐसा राज्य है जो समर्थन मूल्य पर मिलेट्स की खरीदी कर रहा है। राज्य के 14 जिलों में संचालित इस मिशन के अंतर्गत कोदो-कुटकी-रागी का समर्थन मूल्य तय करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ के अंतर्गत महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से संग्रहण की व्यवस्था भी की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे में इन फसलों को शामिल करके किसानों को इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है। उत्पादकता में बढ़ोतरी के लिए किसानों को विशेषज्ञों से परमार्श भी दिलाया जा रहा है। इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च, हैदराबाद (आईआईएमआर) और 14 जिला कलेक्टरों के बीच एमओयू किया गया है। आआईएमआर ने कोदो, कुटकी, रागी के अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीड बैंक की स्थापना में मदद करने की भी जिम्मेदारी ली है। साथ ही वह किसानों को प्रशिक्षण भी दे रहा है।
 
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मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारत के अग्रणी डिजिटल न्यूज नेटवर्क ’हैशटैग यू’ के छत्तीसगढ़ संस्करण का किया शुभारंभ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में दक्षिण भारत के अग्रणी डिजिटल न्यूज नेटवर्क ’हैशटैग यू’ का छत्तीसगढ़ संस्करण लॉच किया। ’हैशटैग यू छत्तीसगढ़’ हिन्दी में होगा और इसमें छत्तीसगढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण समाचार और रिपोर्ट प्रकाशित किए जाएंगे। ’हैशटैग यू’ के सीईओ श्री दिनेश अकुला ने मुख्यमंत्री को बताया कि ’हैशटैग य’ू को एक साल पहले तेलुगु में लॉन्च किया गया था। यह तेलुगु मीडिया में अग्रणी वेबसाइट और यू ट्यूब चैनल में से एक है। निकट भविष्य में मनोरंजन वेबसाइट के अलावा नेटवर्क 6 अन्य भाषाओं में लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल नेटवर्क द्वारा गहन विश्लेषण और बारीकियों के साथ समाचारों को कवर किया जाता है। पाठकों तक त्वरित गति से समाचारों के सम्प्रेषण का प्रयास किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस डिजिटल न्यूज नेटवर्क के छत्तीसगढ़ संस्करण के शुभारंभ के अवसर पर श्री अकुला और नेटवर्क के डिजिटल हेड श्री प्रफुल्ल पारे को बधाई और शुभकामनाएं दी।

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अच्छी पढ़ाई करो और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करो - श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री से गोधन न्याय योजना के हितग्राही के पुत्र ने की मुलाकात 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मेडिकल कॉलेज के छात्र श्री आलोक सिंह से कहा कि अच्छी पढ़ाई करो और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करो। श्री आलोक ने मुख्यमंत्री से आज विधानसभा में मुलाकात की। श्री आलोक सिंह गोधन न्याय योजना के हितग्राही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के निवासी श्री संतोष सिंह के सुपुत्र हैं। मुख्यमंत्री ने श्री आलोक को मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के लिए एक लाख रूपए की सहायता राशि देने की तत्काल स्वीकृति दी। श्री बघेल ने श्री आलोक को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक श्री विनय जायसवाल उपस्थित थे।

श्री संतोष पशुपालक हैं। उन्होंने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचकर 3 लाख 25 हजार प्राप्त किए थे, जिससे अपने सुपुत्र श्री आलोक को राजस्थान के कोटा में नीट परीक्षा की कोचिंग कराई थी। वहां से उपयुक्त मार्गदर्शन के पश्चात उनके सुपुत्र ने मेडिकल कॉलेज प्रवेश परीक्षा ’नीट’ उत्तीर्ण कर ली और वे आज कांकेर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।

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श्री बी. वेंकटेश्वरलु ने एनएमडीसी, बचेली के परियोजना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया

पदभार संभालते हुए कहा कि परियोजना का नेतृत्व करना एक सम्मान व जिम्मेदारी की बात 

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्री बी. वेंकटेश्वरलु को एनएमडीसी, बचेली परियोजना के परियोजना प्रमुख (एचओपी)  के रूप में पदभार ग्रहण किया है। श्री बी. वेंकटेश्वरलु ने श्री पी.के. मजुमदार का स्थान लिया है, जो 31 दिसंबर को निगम की सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए थे।


एनएमडीसी, बचेली के परियोजना प्रमुख के रूप में  श्री बी. वेंकटेश्वरलु अपने साथ खनन क्षेत्र में 30 वर्षों का समृद्ध अनुभव लेकर आए हैं। वह निगम के कुशल कामकाज के साथ-साथ कॉर्पोरेट उद्देश्यों व परफॉरमेंस पैरामीटर्स को प्राप्त करने के लिए भी जिम्मेदार रहेंगे। इसके पूर्व श्री बी. वेंकटेश्वरलु एनएमडीसी, बचेली के मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन)पद पर कार्यरत थे। 


श्री बी. वेंकटेश्वरलु एनएमडीसी में सन 1992 से कार्यरत हैं तथा वह उत्पादन विभाग के प्रमुख के रूप में अब-तक सेवाएं देते आ रहे थे। वह कंपनी के विजन और मिशन को एक नया आयाम देने हेतु सदैव प्रयासरत रहे हैं। 


श्री बी. वेंकटेश्वरलु इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, कोलकाता से खनन इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। सन 1998 में उन्होंने फर्स्ट क्लास माइंस मैनेजर्स कम्पेटेन्सी फॉर ओपनकास्ट मेटल माइंस का सर्टिफिकेट  प्राप्त भी किया। जिसके उपरांत उन्होंने कंप्यूटर एप्लीकेशन में पीजी डिप्लोमा किया था तथा एमबीए इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में डिग्री भी प्राप्त  की है । उन्होंने अपने कैरियर में विभिन्न चुनौतियों का सामना करके व बेहतरीन प्रदर्शन देके अपनी क्षमताओं को लगातार साबित किया है। 


पदभार ग्रहण के अवसर पर श्री पी. के. मजुमदार ने श्री बी. वेंकटेश्वरलु को बधाई देते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि श्री बी. वेंकटेश्वरलू के नेतृत्व में एनएमडीसी, बचेली निश्चित रूप से तेजी से विकास करेगी।


श्री बी. वेंकटेश्वरलु ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि श्री पी. के. मजुमदार के नेतृत्व में  हमने कंपनी को रणनीतिक विविधीकरण और लाभदायक वृद्धि जारी रखने के लिए तैयार किया है । हमें निरंतर विकास के लिए अवसर प्राप्त हो रहे हैं जिनका लाभ उठाकर कंपनी को प्रगति पथ पर ले जाने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। इस परियोजना का नेतृत्व करना मेरे लिए एक सम्मान की बात है तथा मैं अपनी रणनीतिक योजनाओं को जारी रखने और कंपनी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध हूँ।

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दन्तेश्वरी फाइटर्स की महिला सदस्य पूरी मुस्तैदी के साथ डटी हैं नक्सल मोर्चे पर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज पुलिस लाईन में आयोजित पुलिस जवानों के नववर्ष मिलन समारोह में बस्तर अंचल के अंदरूनी क्षेत्रों में डयूटी पर तैनात जवानों के जज्बे की सराहना की। अनेक चुनौतियों के बावजूद हमारे जवान अपने दायित्वों का बखूबी निवर्हन कर रहे हैं। आम जनता का उनपर विश्वास बढ़ा है। यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। 


मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान दन्तेश्वरी फाइटर्स की सदस्य सुश्री सुनैना पटेल ने बताया कि वे विगत 3 वर्षों से इस नववर्ष मिलन समारोह में शामिल होने रायपुर आ रही हैं। दन्तेश्वरी फाइटर्स की सदस्य संख्या 30 से बढ़कर 60 हो गई है। वे पुरूष जवानों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर नक्सल गश्त, नक्सल मोर्चे संभालने और कैम्प खोलने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय लोग ज्यादातर महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सड़क के लिए मिलने आते हैं। कामलूरू तथा अंदरूनी क्षेत्रों में राशन दुकान, एम्बुलेंस, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के आग्रह पर उन्हांेने हल्बी बोली में संवाद भी किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें हल्बी बोली में ही खूबे-खूबे धन्यवाद कहा। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आग्रह पर एक जवान ने छत्तीसगढ़ के लोकप्र्रिय गीतकार श्री लक्ष्मण मस्तुरिया का गीत ‘‘मै छत्तीसगढ़िया हंव रे‘‘ गा कर सुनाया। एस.टी.एफ के जवान ने बताया कि उन्होंने 05 कैम्प के निर्माण में सुरक्षा कार्य का प्रतिनिधित्व किया है। सभी जगह स्थानीय लोगों से कैम्प के प्रति सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है, लोग कैम्प बनाने पर जोर दे रहे हैं। इसका प्रमुख कारण है कि हम कैम्प से सड़क का निर्माण, स्कूलों का पुनःनिर्माण, अपने पास उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के अलावा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से इलाज मुहैया करा रहे हैं।

सुदूर दुर्गम क्षेत्र में कैम्प खुलने से नक्सली घटनाओं में आई कमी

कोंडागांव जिले से आए डी.आर.जी के ए.एस.आई ने बताया कि पहले वे नक्सली गतिविधियों में शामिल थे। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत वे डी.आर.जी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल के द्वार पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पहले जंगल में भटकना पड़ता था पर अब खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सुदूर दुर्गम क्षेत्र में कैम्प खुल जाने से नक्सली घटनाओं में कमी आई है। डी.आर.जी की महिला सदस्य सुश्री पूनम यादव ने बताया कि वे सुकमा जिले के पोटमपल्ली और पलाईगुड़ा कैम्प के निर्माण में सहयोगी रही। उन्होंने बताया कि कैम्प निर्माण के शुरूआती दौर में स्थानीय लोगों ने पहले विरोध किया। परन्तु अब वहां बैरक, शौचालय, फैन्सिंग, लाइट और सड़क निर्माण जैसे कार्य होने से लोगों का भय कम होने लगा है।

सड़क काटने कीे वारदातों में आई कमी

बीजापुर में पदस्थ डी.आर.जी के जवान श्री राम लाल नेताम ने बताया कि इटेपाल और पुसनार में कैम्प खोले गए हैं। अब नक्सलियों द्वारा सड़क काटे जाने के वारदातों में कमी आई है। सीआरपीएफ की सुश्री जॉनसी जाना ने बताया कि राज्य में सीआरपीएफ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। जिसके निर्वहन के लिए उन्हें राज्य की पुलिस से भरपूर सहायता मिलती है। अब रोड कनेक्टिविटी और कैम्प में सुविधाएं बढ़ गई है। जिससे पुलिस पर स्थानीय लोगों का भरोसा बढ़ा है। बीएसएफ के जवान श्री प्रशांत चतुर्वेदी ने बताया कि वे विगत 02 वर्षाे से रावघाट परियोजना की सुरक्षा में तैनात है। स्थानीय लोगों का पहले की अपेक्षा सपोर्ट और विश्वास जवानों के प्रति बढ़ा है। नक्सली छवि के विपरीत अब राज्य के प्रति बाहरी लोगों का नजरिया भी सकारात्मक हुआ है। आईटीबीपी के जवान श्री राजेश लुथरा ने राज्य के पुलिस बल और पुलिस अधीक्षकों द्वारा मिलने वाले सहयोग की सराहना की। उन्होंने एडीजी श्री विवेकानन्द सिन्हा को धन्यवाद देते हुए कहा कि श्री सिन्हा हमारी सभी जरूरतों एवं शिकायतों के समाधान के लिए हमेशा उपस्थित होते है। और 48 घण्टों के भीतर ही उनका निराकरण भी करते हैं।

गांवों में लगा रहे हैं योग शिविर
  
सीमा सुरक्षा बल के जवान ने कहा कि उनकी टीम जनआकाक्षाओं के अनुरूप लोकतांत्रिक गरिमा को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अंतागढ़ जैसे सुदूर क्षेत्र में रेल्वे प्रचालन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। जिला पुलिस बल के प्रधान आरक्षक श्री नरसिंग रूपेन्द्र वर्मा ने बताया कि उनका कार्य कैम्प में लोगों का प्राथमिक उपचार करना है। वे गांव में शिविर लगाकर बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को योग और अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षित करते है। सरगुजा की अनुपमा कपूर ने बताया कि बलरामपुर में दूरस्थ भूताही और पुतांग के बीच सड़क निर्माण से गांव वाले बहुत प्रसन्न है। वहां पुलिस के जवान और ग्रामीणों ने घर-घर झण्डा अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा में भी झण्डा फहराया। वे लोगों को ‘‘हमर बेटी हमर मान‘‘ योजना के प्रति जागरूक भी कर रही है। एसडीआरएफ के जवान श्री जागेश्वर धीवर ने बताया कि राज्य में आपात स्थिति से निपटने के लिए 60 टीम तैनात है। आपके मार्गदर्शन में देश के सबसे लम्बे 100 घण्टे से अधिक समय तक चले राहुल रेस्क्यू में भी हमारी टीम ने पूरी तत्परता के साथ कार्य किया हमने बाढ़ और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 1200 आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षित किया। मुख्यमंत्री ने उनके कार्यो की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। श्री दिनेश कुमार मंडावी और श्रीमती मालती वर्मा ने भी अपनी बात रखी।
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शोल्डर डिसलोकेशन का जिला अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दो  माह पुराना अस्थि भंग से संबंधित मामला जिला अस्पताल पहुंचा था जिसमें  मरीज पंडित देवेंद्र कुमार के दाहिने हाथ में शोल्डर डिसलोकेशन की समस्या थी। एक्स-रे में इसकी पुष्टि होने के पश्चात डॉक्टरों की टीम द्वारा इस जटिल समस्या से  मरीज को निजात दिलाने के लिए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। जिसमें आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अखिलेश यादव और एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के डॉक्टर  संजय  वालवेंद्रे एवं अन्य डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ द्वारा मरीज का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।  


जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ वाई के शर्मा ने बताया कि बहुत ही लंबे समय के पश्चात ऐसा केस जिला अस्पताल आया था। जिसके सफल ऑपरेशन का श्रेय जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ को जाता है। इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक डॉक्टर द्वारा संपादित करने पर जीवनदीप समिति के दिलीप ठाकुर ने भी पूरी टीम को बधाई दी और जिला चिकित्सालय  की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की

 

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की दी शुभकामनाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि नया वर्ष सभी लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाए। नए वर्ष में सभी जीवन और कर्तव्य पथ पर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा है कि नया वर्ष हमारे जीवन में नई उम्मीदें और सकारात्मक ऊर्जा साथ लेकर आता है। इसी ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते चार साल में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ कई नई योजनाओं की शुरूआत की है। कई ऐसे नवाचार हुए है, जिनसे गांव से लेकर शहर तक हर हाथ को काम मिला है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना प्रारंभ की गई। गौठानों में  मल्टीएक्टिविटी सेंटर और रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए सी-मार्ट प्रारंभ किए गए हैं। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता मिली। इनका छत्तीसगढ़ में सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। देश में सबसे कम बेरोजगारी दर के मामले में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के साथ समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ काम करना शुरू किया। जहां गांवों की आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में नवाचार किए गए, वहीं राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और वनांचल क्षेत्रों में उपलब्ध विपुल वनोपज को देखते हुए नई उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की पुरातन संस्कृति और परम्पराओं के संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को भी उससे जोड़ने में सफल रही। श्री बघेल ने कहा कि बीते कुछ समय में छत्तीसगढ़ ने देश-दुनिया के सामने सफलता की नए सोपान तय किए हैं। फिर से सभी जोश और उत्साह के साथ नए साल की सुनहरी सुबह के अभिनंदन के लिए तैयार हों। सकारात्मकता, एकजुटता और सहयोग से आगे बढ़े, नया छत्तीसगढ़ गढ़ें।
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चार साल में लोगों की आय में वृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और संस्कृति के संरक्षण के क्षेत्र में हुए कार्य: श्री भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में एक निजी टीव्ही न्यूज चैनल  के कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की, उनसे छत्तीसगढ़ के अहम विषयों के बारे में चर्चा हुई। श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का माताजी का देहावसान हुआ है। माता की मृत्यु बड़ी पीड़ा दायक स्थिति होती है। इस समय कोई अन्य व्यक्ति सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर अंतिम संस्कार के पश्चात् होने वाले क्रियाओं में शामिल होता। मगर मोदी जी ने प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी को सर्वोच्च रखते हुए वापस अपने कार्य में लौट गए और पूर्व की तरह अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन किया, ऐसे विरले ही होते है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के चार साल पूर्ण हो गए है। हमने इस अवधि में कई महत्वपूर्ण कार्य किए है। यदि हम प्रमुख उपलब्धियों की बात करें तो हमने सबसे पहले सभी वर्गों चाहे किसान, मजदूर या अन्य हो सभी की आय में बढ़ोत्तरी हो इसके लिए प्रयास किया हैं। हमारी योजनाओं से उनकी जेब में सीधा पैसा जा रहा है। हमारी दूसरी उपलब्धि के रूप में सबको अनाज मिले इसके लिए योजना बनाई। बीपीएल के साथ एपीएल श्रेणी के भी राशनकार्ड बनाये गए है। मुख्यमंत्री ने तीसरी उपलब्धि के बारे में बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के मुख्यमंत्री विशेष मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना बनाई, जिससे 20 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा है। साथ ही हाट बाजार क्लिनिक योजना शुरू किए, इससे आम लोगों को हाट बाजार में दवाई और चिकित्सकीय सुविधाएं निःशुल्क मिल रही हैं। 

सरकार की चौथी उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों को बताते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के साथ विशेष रूप से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय शुरू किए जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने पांचवीं उपलब्धि के रूप में संस्कृति-परंपराओं के सशक्तिकरण के लिए गए कार्यों को बताते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीज-त्यौहारों को अलग पहचान दी। वहीं आदिवासी क्षेत्रों में देवगुड़ी का पुनरूद्धार किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मिलेट मिशन पर कार्य रहे है। रागी का समर्थन मूल्य केंद्र शासन ने तय किया, पर कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य हमने तय किया। हमारे द्वारा 3000 रूपए प्रति क्विंटल तय किया। साथ भी खरीदी की भी व्यवस्था की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांकेर में मिलेट का देश में सबसे बड़ा प्लांट लगाया है, जहाँ 22 प्रकार के उत्पाद बना रहे है। साथ ही लघु वनोपज की खरीदी कर रहे है। उनका वेल्यूएडिशन भी कर रहे है। जशपुर में काजू का प्रसंकरण प्लांट लगाया गया, जिससे काजू की अच्छी कीमत मिल रहा है। महिलाओं को अच्छी आय भी हो रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुलाकात के दौरान इसकी सराहना की। मैंने उन्हें तिखुर के बारे जानकारी दी।
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मुख्यमंत्री ने मेहनतकश मजदूर भाई-बहनों के साथ की नये वर्ष की शुरूआत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे नववर्ष के प्रथम दिन राजधानी रायपुर के चावड़ी के मेहनतकश मजदूर भाई-बहनों के साथ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नववर्ष का अभिनंदन किया। इस मौके पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरूआत राज्यगीत से हुई।  


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्रमवीर भाई-बहनों को मिठाई खिलाकर और कंबल भेंट कर उनके साथ नए वर्ष की खुशियां बांटी। श्री बघेल ने इस अवसर पर श्रमवीरों सहित समस्त प्रदेश वासियों को को नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे हर किसी के जीवन में उजियारा आ सकता है और छत्तीसगढ़ में गरीब वर्ग के बच्चे भी अब आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एडमिशन ले कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रमिकों के लिए कई योजनाएं संचालित की हैं जिसका लाभ सभी श्रमिक साथी उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हुए श्रमवीरों को योजनाओं के अंतर्गत नई सौगातें देने की भी घोषणा की।  
मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों को गरमा-गरम भोजन उपलब्ध कराने के लिए संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना केंद्र में पहुंचकर वहां श्रमिक भाई-बहनों के साथ चर्चा की और सुबह की चाय पी। इस मौके पर रायपुर नगर निगम के  महापौर श्री एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, नगर निगम के सभापति श्री प्रमोद दुबे  और छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि जब से मैं मुख्यमंत्री बना हूं, चावड़ी में आकर मजदूर भाई-बहनों के साथ नए साल की शुरुआत करता हूं।  मुख्यमंत्री ने श्रम वीरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी लोगों का सम्मान करके आज मुझे महसूस हो रहा है कि हम गांधी जी के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की समीक्षा बैठक में हुए शामिल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री और सचिव के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मंडाविया ने बैठक में देश में कोविड-19 से निपटने की तैयारियों और जरुरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी राज्यों में जीनोम सिक्वेंसिंग और परीक्षण बढ़ाने पर जोर देते हुए इसकी लगातार निगरानी के निर्देश दिए।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों को अस्पतालों में कोरोना की रोकथाम और नियंत्रण से जुड़ी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का त्वरित परिचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मास्क पहनने सहित कोविड-उपुयक्त व्यवहार का व्यापकता से पालन करवाने की सलाह दी। उन्होंने ज्यादा जोखिम वाले बुजुर्गों और कमजोर समूहों के लिए कोरोना से बचाव के टीके के एहतियाती खुराक (Precaution Dose) अनिवार्यतः लगवाने पर भी जोर दिया।

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एथनिक रिसॉर्ट शुरू होने से मैनपाट में होम स्टे को मिलेगा बढ़ावा- पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू

करमा एथनिक रिसॉर्ट मैनपाट व जोहर मोटल का हुआ लोकार्पण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, लोक निर्माण, गृह, जेल एवं धर्मस्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य एवं खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मैनपाट के कमलेश्वरपुर में आयोजित समारोह में करमा एथनिक रिसॉर्ट व जोहर मोटल सोनतराई का लोकार्पण हुआ। समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा राजगीत के साथ किया गया। स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करमा एथनिक रिसॉर्ट में पर्यटकों को ठहरने की सुविधा के साथ यहां की जनजातीय परंपरा, स्थानीय एवं तिब्बती संस्कृति को करीब से जानने समझने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर अतिथियों ने एथनिक रिसॉर्ट का भ्रमण कर अवलोकन भी किया।


समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि करमा एथनिक रिसॉर्ट के लोकार्पण से मैनपाट में पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार में एक और कड़ी जुड़ गई जो पर्यटन विकास में एक अच्छा आयाम साबित होगा। इस रिसॉर्ट के शुरू होने से पर्यटक यहां रुकेंगे जिससे मैनपाट में होम स्टे को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को  रोजगार मिलेगा। यहाँ के हस्तशिल्प को मार्केट मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम इस रिसॉर्ट के माध्यम से पर्यटकों को प्रकृति को नजदीक से देखने का मौका देना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल प्रदेश में पर्यटन सुविधा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अब तो प्रदेश में पर्यटन नीति भी बन चुकी है जिससे पर्यटन एक उद्योग के रूप में स्थापित हो सकती है। जो भी इस क्षेत्र में काम करना चाहेंगे उन्हें सुविधा दी जाएगी।


इस मौके पर खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा की आज मैनपाट के विकास और सुविधा में एक और अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश में पर्यटन को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपाट की खूबसूरती इतनी है कि मैनपाट का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। यहाँ की खूबसूरती, हरियाली, संस्कृति एक धरोहर है जिसे बचा कर रखना है। उन्होंने कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा पर्यटन स्थलों का विकास होगा तो पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। सभी पर्यटन पॉइंट तक पहुंच मार्ग दुरुस्त करना होगा।


संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के विधायक श्री विकास उपाध्याय ने कहा कि  मैनपाट की अपनी प्राकृतिक छटा के कारण अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ में कुदरत की अपार आशीर्वाद है। प्राकृतिक संसाधन भरपूर है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश को सुंदर बनाने का काम जारी है। 


छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। मैनपाट प्रदेश के अन्य हिल स्टेशन से अलग है। यहां की जलजली और उल्टा पानी देश दुनिया मे अनूठा है। प्रदेश में पर्यटन सर्किट बनाया जाएगा रायपुर से उत्तर की ओर सतरेंगा, मैनपाट और जशपुर को जोड़ा जाएगा जो पर्यटको के लिए 3 रात व 4 दिन का पूरा पैकेज होगा।


इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष व लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह बाबरा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री शफी अहमद,  बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वन समिति के उपाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, तेल घानी बोर्ड के सदस्य श्री लक्ष्मी गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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