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पूरा देश भूपेश बघेल के नेतृत्व क्षमता का कायल है : वोरा

 कांग्रेस के 85 वें अधिवेशन में विधायक वोरा के नेतृत्व में डटे रहे दुर्ग के कांग्रेसी

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का 85वां राष्ट्रीय महाधिवेशन रायपुर में रविवार को समाप्त हो गया।  इस अधिवेशन में विधायक वोरा के नेतृत्व में दुर्ग के हजारों कांग्रेसी, युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई के सभी पदाधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ राजधानी स्थित जोरा में कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।  

इस दौरान राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष अरुण वोरा के नेतृत्व में दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी, अधिवेशन के दौरान वोरा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, कोषाध्यक्ष पवन बंसल, कैसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला समेत शीर्ष पंक्ति के सभी नेताओं से आत्मीय मुलाकात कर पार्टी हित के लिए चर्चा की।

 

इस दौरान विधायक वोरा ने कहा कि पूरा देश भूपेश बघेल के नेतृत्व क्षमता का कायल हो गया है। यहां तक कि केन्द्र सरकार भी यहां केे कई योजनाओं को लागू की है।

श्री वोरा ने सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने भी पारिवारिक संबंध का उल्लेख करते हुए वोरा परिवार का कुशलक्षेम पूछा। विधायक अरुण वोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है जबकि देश मे अघोषित आपातकाल के बीच कांग्रेस का महाधिवेशन रायपुर में आयोजित किया जा सका। इस आयोजन की सफलता के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व, कार्यशैली एवं कर्मठता के साथ ही कांग्रेसजनों के समर्पण की जितनी भी तारीफ की जाए कम है।

 

भूपेश बघेल लगातार दो सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री की रेस में सफल हुए हैं उनके नेतृत्व क्षमता के लिए पूरा देश उनकी सराहना करता है। गांव गरीब किसान , मजदूर, महिला एवं युवाओं के लिए महात्मा गांधी की संकल्पना एवं राहुल गांधी जी के विजन के अनुसार राज्य सरकार काम कर रही है। आने वाला समय कांग्रेस का है देश की जनता झूठ ,जुमले एवं मित्रों वाली राजनीति को पहचान चुकी है।

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दुकान के बाहर सामान रखने वाले दुकानदारों और ठेला वालों को निगम ने दी अंतिम चेतावनी


 दुकान के बाहर सामान रखकर व्यापार करने वालें दुकानदारों का सामान करवाये भीतर

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)।नगर पालिक निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकार के मोर शहर मोर जिम्मेदारी के निर्देश पर बाजार विभाग,अतिक्रमण विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उतई चौक के करीब फल ठेले वाले,गन्ना रस सहित अन्य खोमचे सड़क किनारे गौरव पथ के आस पास व्यवसाय करने वाले दुकानदारो को अधिकारियों ने चेताया कि अव्यवस्थाओं के कारण नागरिको को आगवमन में बेहद तकलीफ होती है जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।अधिकारियों ने दुकान के बाहर सामान रखने वालों को समझाइस देते हुए सामान दुकान के भीतर करवाया और फल ठेले सहित अन्य ठेले वाले दुकानदारो को अंतिम चेतवानी दी है। दोबारा सड़क या दुकान के बाहर सामान सजाकर रखने पर सामान जब्त करने  के साथ ही जुर्माना भी वसूला जायेगा। कार्रवाई के दौरान जावेद अली, दुर्गेश गुप्ता, थानसिंह यादव, शशिकान्त यादव सहित टीम के अन्य लोग मौजूद थे।

मोर शहर मोर जिम्मेदारी अभियान के लिए जिला प्रशासन एवं नगर पालिक निगम साथ मिलकर वेलफेयर के कार्य को और बेहतर स्वरूप देने की तैयारी की है। नगर निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चौक चौराहों सहित बाजार क्षेत्रों में प्रतिदिन निगरानी रखें। शहर के मुख्य मार्ग मुख्य बाजार पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने निगम  द्वारा सड़क किनारे सड़क से कबाड़ वाहन, चौक चौराहो से ठेले खोमचे को व्यवस्थित करने की कार्रवाही करने को कहा गया। सड़क किनारे लोग चाय ठेला, फल ठेला,सब्जी पसरा,खोमचा आदि लगाकर कारोबार कर रहे हैं। इसकी वजह से आवागमन में लोगो को दिक्कत हो रही है साथ ही साथ यातायात भी बाधित हो रहा है।
 
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खडग़े का वोरा ने किया स्वागत

 

 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में शामिल करने पर जताया अभार

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 85 वें राष्ट्रीय महाअधिवेशन में शामिल होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं का आगमन शुरु हो गया है। यह महाधिवेशन 24 से 26 फरवरी तक शहीद वीर नारायण सिंह नगर नवा रायपुर में आयोजित है। इसका शुभारंभ 24 फरवरी शुक्रवार को होगा।महाधिवेशन से एक दिन पूर्व गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय नेता पवन बसंल व छग प्रभारी कुमारी शैलेजा सहित कई नेता रायपुर पहुंचे। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष एवं दुर्ग शहर विधानसभा के वरिष्ठ विधायक अरुण वोरा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े का स्वागत किया और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में शामिल किए जाने पर आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष  खडग़े व राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी मोतीलाल वोरा का स्मरण किया और कहा कि आज उनकी कमी महसूस हो रही है।  मोतीलाल वोरा पिछले 6 दशक तक दुर्ग का प्रतिनिधित्व करते रहे है उसके बाद उनके पुत्र अरुण वोरा दुर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे है। मोतीलाल वोरा कांग्रेस के सर्वाधिक लोकप्रिय राष्ट्रीय नेताओं में से एक रहे है। कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता  वोरा की सक्रियता के कायल रहे है। वोरा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय नेता पवन बसंल व छग प्रभारी कुमारी शैलेजा का भी स्वागत किया।

 

 

 

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सीएम ने सड़क हादसे में 11 लोगों की मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया

 रायपुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने बलौदाबाजार - भाटापारा मार्ग में बीती रात सड़क हादसे में ग्यारह लोगों की मृत्यु पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस घटना के घायलों को इलाज की बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री का भेंट-मुलाकात कार्यक्रम नन्ही मोहनी के लिए बना वरदान

 दूर हुई पिता की चिंता: मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुगर पीड़ित बालिका मोहनी को मिल रहा बेहतर इलाज


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का भेंट-मुलाकात कार्यक्रम शुगर पीड़ित दस वर्षीय बालिका मोहनी कौशिक के लिए वरदान साबित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तखतपुर विधानसभा के ग्राम खैरी में विगत 18 जनवरी को आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सकरी तहसील के ग्राम बहतराई निवासी श्री प्रमोद कौशिक से किये गये वायदे को कुछ ही दिनों में पूरा कर दिया है। श्री कौशिक ने अपनी पुत्री मोहनी कौशिक की शिक्षा और स्वास्थ्य में सहयोग करने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था। मोहनी, शुगर के टाईप-1 डायबिटीस मेलाईटस बीमारी से ग्रस्त है, इसमें शुगर की मात्रा बढ़ने से नियमित रूप इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नन्ही मोहनी का अब बेहतर इलाज चल रहा है।    
    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात के जरिए प्रदेश की जनता से रूबरू हो रहे हैं और इस दौरान जनता की समस्याओं का निराकरण भी कर रहे हैं। इस दौरान ग्राम खैरी में मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और शिकायतों के संबंध में पूछताछ करते समय बात-चीत में श्री कौशिक ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय पुत्री को शुगर की बीमारी है। उसे नियमित रूप से इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बीमारी के इलाज में सहयोग की गुहार मुख्यमंत्री से लगाई थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें बेहतर इलाज करवाने का भरोसा दिलाया था। श्री बघेल ने मोहनी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए। तखतपुर आर.बी.एस.के. टीम द्वारा मोहनी को बिलासपुर जिला अस्पताल के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डी.ई.आई.सी.) रिफर किया गया। जिला अस्पताल एवं डी.ई.आई.सी. टीम द्वारा अब मोहनी का बेहतर उपचार किया जा रहा है। साथ ही मोहनी और उसके परिवार को उचित परामर्श देते हुए इंसुलिन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  

 

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कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में रायपुर आए थे नेहरू और शास्त्री..


रायपुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में कांगेस का 85 वां अधिवेशन 24,25 और 26 फरवरी को होनेवाला है पर बहुत ही कम लोग जानते हैं कि करीब 62 साल पहले कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन रायपुर में हो चुका है।अविभाजित मध्यप्रदेश में शामिल छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर रायपुर में 1960 में कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था जिसमे पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, कमलापति त्रिपाठी जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आए थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकुमार कॉलेज में रुके थे तो लाल बहादुर शास्त्री,साइंस कालेज के छात्रावास के वार्डन के सरकारी आवास पर ठहरे थे तो कमलापति त्रिपाठी सहित करीब 70/80 कांग्रेसी छात्रावास में ठहरे थे। (वर्तमान में उमदास मुखर्जी छात्रावास )शारदाचरण तिवारी 1957 से 1962 तक रायपुर विधानसभा से विधायक रहे और ऐसा माना जा रहा है कि उनके कार्यकाल में ही रायपुर में कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था। दरअसल उस समय साइंस कालेज का छात्रावास तब के विधायक शारदाचरण तिवारी ने खाली करवा दिया था।

 

सम्मेलन में क्या तय हुआ था इसकी तो जानकारी नहीं मिल सकी है पर उस समय राजकुमार कॉलेज रायपुर के कार्यक्रम में जवाहर लाल नेहरू ने शिरकत की थी। तब साइंस कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे, छात्रावास में रह रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तथा लेखक, चिंतक कनक तिवारी का उस समय का संस्मरण उन्ही की जुबानी....

 

 

कोई 62 बरस पहले मैं विज्ञान महाविद्यालय रायपुर में छात्र और छात्रावास का प्रीफेक्ट भी था। दशहरा-दीवाली अवकाश में अखिल भारतीय कांग्रेस सम्मेलन के कारण महाविद्यालय का मैदान, छात्रावास और उपलब्ध प्राध्यापक निवास भी आरक्षित कर दिए गए थे। रायपुर के तत्कालीन विधायक शारदाचरण तिवारी की मदद ने मुझे अपने ही छात्रावास में ठहरने वाले अतिथियों के लिए स्वागत सचिव बनवा दिया। छात्रावास में उत्तरप्रदेश एवं अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने का प्रबंध था।जवाहरलाल नेहरू के कारण राष्ट्रीय एकीकरण के नारे का नशा छाया हुआ था।

 

 

तब चौदह प्रदेशों के प्रतिनिधियों को छात्रावास में ठहरना था, हालांकि एक बड़ा हिस्सा उत्तरप्रदेश के लिए मुकर्रर था। पंडित कमलापति त्रिपाठी आए। एक छोटे कमरे में अपनी खड़ाऊ, पूजापाठ का खटराग तथा आस पास के कमरों में चरण स्पर्श करने वालों की छोटी टीम के साथ ठहर गए।चन्द्रभानु गुप्त बस भरकर प्रतिनिधियों के साथ आए। जानकारी लेने के बाद व्यवस्था को तहस नहस करते समर्थकों को खाली कमरों पर कब्जा जमा लेने का फरमान जारी कर दिया। खुश हुए कि मेरे पूर्वज कानपुर ज़िले के थे। सहसा सामने से एक कार को आता देख सभी चौंक गए। ड्रायवर ने मुझसे मेरे ही छात्रावास के अधीक्षक के बंगले का पता पूछा....चंद्रभानु गुप्त ने बताया कि कार में लाल बहादुर शास्त्री थे। उनके आवास का प्रबन्ध छात्रावास अधीक्षक के बंगले में था। 

 

 

कनक तिवारी ने बताया कि ऑटोग्राफ की बीमारी ने उन्हें कभी तंग नहीं किया पर न जाने किस कीड़े ने काटा कि दूसरे दिन शास्त्री जी का ऑटोग्राफ लेने उनके पास पहुंच गया। वे तब शायद बिना विभाग के मंत्री थे। वे कॉंग्रेस के सत्र में जाने तैयार होकर अखबार और कागजात पढ़ रहे थे। बाहर आकर अभिवादन के बाद सोफे पर बिठाकर पानी मंगवाया। चाय पीने का आग्रह किया। फिर आने का कारण पूछा।एक केन्द्रीय नेता इतना विनम्र था! मैंने अचकचा कर कहा ‘ऑटोग्राफ‘ चाहता हूं।

 

शास्त्रीजी ने ऊपर से नीचे तक मुझे निहारते सहज स्मित शैली में पूछा कि मैं किस कक्षा का विद्यार्थी हूं। मैं स्नातक कक्षा के अन्तिम वर्ष में गणित तथा भौतिकी का छात्र था। उन्होंने मासूमियत से कहा कि उन्होंने तो उतनी ऊंची शिक्षा ही नहीं पाई है। मुझे लगा ऐसा व्यक्ति राजनीति में इतने बड़े पदों तक कैसे पहुंचा? उनकी विनम्रता फिरकी वाली गेंद थी। उस पर चौका, छक्का लगाने के फेर में अच्छे अच्छे सूरमाओं की गेंदे लपक ली गई थीं। यह मुझे बहुत बाद में मालूम हुआ।शास्त्रीजी कलम खोलकर पूछते हैं कि क्या मैं खादी पहनता हूं? स्पष्ट है मैं खादी नहीं पहनता। पूछते हैं खाना पकाना आता है? उत्तर ‘नहीं‘ में होता है। तैरना आता है‘? उत्तर ज़्यादा आश्वस्त ‘नहीं‘ में होता है। पूजा पाठ करता हूँ? उत्तर फिर ‘नहीं‘ में होता है। सवाल उछलता है ‘क्या गांधी की ‘हिन्द स्वराज्य‘ पढ़ी है? ‘नहीं, नहीं‘ कहता मैं झेंपने लगता हूँ। यह भी बता देता हूं कि धोती पहननी भी नहीं आती। दो वर्ष बाद मुझे वेलेस हैन्गेन की किताब ‘आफ्टर नेहरू‘, हू ‘पढ़कर ही मालूम हुआ कि यह आदमी बरसाती बाढ़ में गंगा पारकर पढ़ने जाता था। मेरे ब्राह्मणत्व को पहली बार किसी कायस्थ ने पराजित किया।धीरे-धीरे लेकिन आश्वस्त मुद्रा में आजादी के आन्दोलन में खादी के अर्थशास्त्र पर प्राथमिक सूत्रों में बात करता है। कहता है कि कॉलेज का विद्यार्थी केवल एक जोड़ा खादी के कपड़े पहनने लगें तो खादी ग्रामोद्योग की काया पलट सकती है। उसे नवयुवकों द्वारा पतलून पहनने पर परहेज़ नहीं है।वह शतरंज का एक सधा हुआ खिलाड़ी लगता है।

अपनी गिरफ्त में पाकर कहता है जब तक खादी का एक जोड़ा कपड़ा पहनने का वचन नहीं देता, वह ऑटोग्राफ देना स्थगित रखेगा। समर्पण का कोई विकल्प नहीं है। हारकर मैं उससे मुक्त होता हूं। लेकिन मैं इस आदमी से नहीं हारूंगा। मैं भाषणवीर बन्द कमरे में बुदबुदाने वाले बुजुर्ग से वाक्पटुता में हार गया! यह हठवादी है। वैसा दिखता नहीं है। रेल एक्सीडेन्ट की वजह से मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिए बैठा है। नेहरू की बात नहीं मानी। लेकिन इसकी एक बात मान लेने में क्या बिगड़ता है? एक अदद कुर्ता, पाजामा और एक अदद मैं। तीसरे पहर फिर उनके सामने। मुझे नये कपड़ों में देखकर उनकी सरल बांछें खिल गईं। हस्ताक्षर करते हुए बोले ‘मुझे आपसे ऐसी ही उम्मीद थी।‘ मैं कहता हूं कि वादा करता हूं कि जीवन भर खादी के कपड़े अपने पास रखूंगा, पहनूंगा।वे आज नहीं हैं।

 

खादी जिस दिन पहनता हूँ, उनसे ऑटोग्राफ‘ लेने लगता हूं। वैसे हस्ताक्षर करने के क्षण भर पहले  शास्त्रीजी के पास एक फोन आया था। कलम हाथ में रखे वे चिरपरिचित विनम्रता में मना कर रहे हैं। ‘नहीं, नहीं, मैं यहां ठीक हूं। आप पंडितजी को कह दीजिए। मैं वहां बड़े बड़े लोगों के साथ कहां ठहरूंगा।‘ एकाध मिनट बाद फिर फोन की घनघनाती घंटी। फिर वही विनयशीलता, वही दृढ़ उत्तर। सामने वाला पंडित नेहरू का अनुरोध उन तक पहुंचा रहा है। वह अनुरोध तो आदेश था। शास्त्रीजी नेहरूजी को भी विनम्र हठयोग में मनाही कर देते हैं। अच्छा हुआ मैंने उसकी बात मान ली जो नेहरूजी की बात नहीं मानता....।

 

 

बहरहाल कांग्रेस का यह सम्मेलन अधिवेशन तो नहीं था क्योंकि 1961 में गुजरात में नीलम संजीव रेड्डी की अध्यक्षता में,1962 में भुवनेश्वर में कॉंग्रेस का अधिवेशन हुआ था। रायपुर में कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी भी कई कांग्रेस नेताओं को नहीं है।

 

 

 

 

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कांग्रेस के अधिवेशन की तैयारियों को लेकर महापौर बाकलीवाल ने ली बैठक

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की 24 से 26 फरवरी तक को होने वाले तीन दिवसीय कांग्रेस के 85 वें अधिवेशन की तैयारियों को लेकर विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आरएन वर्मा ने कांग्रेस के अधिवेशन हेतु दुर्ग शहर कांग्रेस को महती जिम्मेदारी सौंपी। उसके बाद महापौर धीरज बाकलीवाल ने बैठक बुलाई।

रायपुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित 85 अधिवेशन हेतु छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरीय निकाय मंत्री शिवकुमार डहरिया, दुर्ग विधायक अरुण वोरा, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आर.एन.वर्मा महापौर धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में बैठक ली गई थी। आज महापौर ने समस्त एम आई सी प्रभारी, पार्षद, समस्त ब्लॉक अध्यक्ष,महिला कांग्रेस एवं समस्त वरिष्ट पदाधिकारी सहित कांग्रेस साथियों को जिम्मेदारी दी गई।यह दुर्ग कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक महत्व का विषय है।

 

सभी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिया गया जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निर्वाह करने का संकल्प लिया। आगामी 24 से 26 फरवरी तक आयोजित महाधिवेशन मैं पूर्ण रूप से कार्य करेंगे व 26 को आयोजित महासभा हेतु अधिक से अधिक संख्या में लोगो को सभा स्थल में ले जाने का संकल्प लिया।

 

 

इस अवसर पर दुर्ग निगम के लोकनिर्माण प्रभारी अब्दुल गनी एवं स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर सहित सभी एमआईसी मेंबर, कांग्रेसी पार्षद सहित शहर कांग्रेस के समस्त  पदाधिकारीगण मौजूद रहें।

 

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दुर्ग निगम ने मोर मकान मोर आवास के लिए राशि जमा करने में दी छूट

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नगर पालिक निगम सीमा अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक मोर मकान मोर चिन्हारी तथा मोर मकान मोर आस अंतर्गत आवास आवंटन हेतु आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में परियोजना स्थल परिवर्तन और अन्य प्राप्त 55 से अधिक आवेदनों पर निर्णय लिया गया।

राज्य शासन द्वारा प्रथम किश्त की 30 प्रतिशत  राशि को शिथिल करते हुए 10त्न प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। प्रथम 10 प्रतिशत अर्थात लगभग 35000 रुपए जमा करते हुए लॉटरी के लिए नाम सुरक्षित कर सकते हैं। आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने कहा कि किरायेदार योजना में आवेदनों पत्रों की मांग को देखते हुए अतिरिक्त 1000 नए आवेदन पत्र मुद्रित किए जायेंगे।

 

पात्र आवेदकों के लिए नियमित रूप से आवास ऋण का शिविर किया जा रहा है।समीक्षा बैठक में उपआयुक्त मोहेंद्र साहू,सहायक अभियंता जितेंद्र समैया,लेखाधिकारी आरके बोरकर,उपअभियंता आशमा डहरिया, आशुतोष ताम्रकार सहित अन्य मौजूद रहें। अगली लॉटरी फरवरी के अंतिम सप्ताह में,कभी भी निकली जा सकती है।

 

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गोधन न्याय योजना से पशुपालकों को मिल रहा लाभ

 गोधन न्याय योजना बना ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की आय और रोजगार का प्रभावी विकल्प


 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत संचालित गौठानों में गोबर क्रय, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं बिक्री तथा आजीविका से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही है। जिसके तहत ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

गोधन न्याय योजना ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की आय और रोजगार का प्रभावी विकल्प बन गई है। जिले में बहुतायत की संख्या में किसानों द्वारा पशुपालन का व्यवसाय किया जाता है। गाय एवं भैंस वंशीय पशुओं के गोबर की व्यवस्थित ढंग से उपयोग नहीं होने, वैज्ञानिक पद्धति से ऑर्गेनिक खाद का उत्पादन नहीं करने एवं खुले पशुओं द्वारा उत्सर्जित गोबर को एकत्र नहीं करने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था।

अब गोधन न्याय योजना से गोबर से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट जैसे ऑर्गेनिक खाद से किसानों के खेतों में जैविक खेती की दिशा में उत्कृष्ट  पहल की जा रही है। रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का उपयोग कम होने से भूूमि, जल, वायु, पर्यावरण के प्रदूषण को कम करके भोज्य में रासायनों के अवशेष को कम किया जा रहा है। जिससे खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता में सुधार होने क पूर्ण संभावना है।

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मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना: 5 एकड़ में वृक्षारोपण करने पर मिलेगा शत् प्रतिशत अनुदान

 भूमिधारकों को होगी 15 से 50 हजार रूपए तक की आमदनी

 योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य में निजी भूमि पर व्यावसायिक उद्देश्य से वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना लागू की गई है। इससे राज्य में काष्ठ आधारित उद्योग लगेंगे। वहीं आय के साथ-साथ ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका के साधन भी मिलेंगे। इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए वन विभाग से जुड़े अधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए इच्छुक एवं पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ भूमि में वृक्षारोपण करने के लिए शत् प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 5 एकड़ से अधिक भूमि होने पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि वृक्षों से अधिक मात्रा में काष्ठ की पैदावार को सुनिश्चित करने के लिए प्रति एकड़ 1000 एवं अधिकतम 5000 पौधे के रोपण करना उपयुक्त होगा। इससे निजी भूमि पर वृक्षारोपण करने वाले भूमिधारकों को प्रतिवर्ष 15 से 50 हजार रूपए प्रति एकड़ तक की आमदनी होगी।

संस्थाओं को मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान
मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायते भूमि अनुबंध धारक, गैर शासकीय संस्थाओं को अपने भूमि में रोपण कराने पर 50 प्रतिशत अनुदान की प्राथमिकता होगी। इन संस्थाओं को शेष राशि स्वयं वहन करना होगा। निजी भूमिधारकों, संस्थाएं वृक्षारोपण की तैयारी के लिए दिए जा रहे अनुदान राशि से क्षेत्र तैयारी, गड्डा खुदाई, रोपण निदाई गुडाई आदि करा सकेंगे। वृक्षारोपण उपरांत वृक्षों के काष्ठ विक्रय के लिए निजी भूमिधारकों, शासकीय अथवा निजी संस्थाओं को ट्रायो एग्रीमेंट करना होगा।
इन पौधों का होगा रोपण
योजना अंतर्गत रोपण किये जाने वाले टिशू कल्चर सागौन, चंदन, क्लोनल नीलगिरी, मिलिया डुबिया, टिशू कल्चर बांस व अन्य उपयोगी प्रजाति के पौधों के रोपण किया जाएगा। कार्यशाला में योजना के इच्छुक निजी भूमिधारकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों सहित इस संबंध में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला में वृक्षारोपण विशेषज्ञ श्री प्रेमलाल जैन, उद्योगपति, टिम्बर मर्चेन्ट, भूमि-स्वामी कृषक, एन.जी.ओ. कलेक्टर रायपुर सहित नगर निगम और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में निजी भूमिधारकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक मात्रा में वृक्षारोपण कर इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में वृक्षारोपण के लिए इच्छुक भूमिधारकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी उपलब्ध भूमि में वृक्षारोपण किये जाने की इच्छा जतायी।

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मुख्यमंत्री ने डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि पर उनके छाया चित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

  कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा स्वर्गीय डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
      इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा की डॉ. खूबचंद बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे पहले सपना देखा था। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। शिक्षा, सहकारिता के क्षेत्र सहित कई सामाजिक आंदोलनों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान खूबचंद जी ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। डॉ. खूबचंद ने सामाजिक कुरीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पंक्ति तोड़ो आंदोलन चलाया। करमछड़हा, जनरैल सिंह एवं ऊंच-नीच जैसे नाटक लिखकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागृति फैलाई। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान स्थापित किया गया है।

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प्रकरणों और शुल्क वसूली की समीक्षा : कलेक्टर

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक ली जिसमें उन्होंने राजस्व के विभिन्न प्रकरणों और उनके निराकरण पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में कलेक्टर ने अविवादित व विवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, और व्यपवर्तन के दर्ज, निराकृत और लंबित प्रकरणों पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने ई कोर्ट और विभिन्न मदों में शुल्क वसूली की भी समीक्षा की। उन्होंने तिरंगा पट्टा के संबंध में राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए। भू-अर्जन के प्रकरणों का निराकरण और मुआवजा वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शीघ्र निराकरण कर मुआवजा वितरण की कार्यवाही करने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया।

 

कलेक्टर लंगेह ने इस दौरान कहा कि शासन की मंशानुरूप राजस्व प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण कर आम जन की मदद करें। उन्होंने कहा कि प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की यह समीक्षा हर सप्ताह होगी।

बैठक में कलेक्टर लंगेह ने शहरी व्यवस्था पर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी व्यवस्था को सुधारें। राजस्व एवं नगरीय निकाय की टीम इसके लिए प्रभावी कार्यवाही करें। सड़कों पर और शासकीय कार्यालयों, संस्थाओं के सामने ठेले, गुमटी का अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

 

बैठक में संयुक्त कलेक्टर अनिल पकंत, एसडीएम बैकुंठपुर अंकिता सोम, एसडीएम सोनहत अमित सिन्हा, सभी तहसीलदार, राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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छत्तीसगढ़ के मनोनीत राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन रायपुर पहुंचे

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के मनोनीत राज्यपाल  विश्व भूषण हरिचंदन आज सवेरे राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विमानतल परिसर स्थित नवीन स्टेट हैंगर में पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। राज्यपाल को गार्ड आफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश अरुप कुमार गोस्वामी राजभवन में 23 फरवरी को सवेरे 11ः30 बजे उन्हें शपथ दिलाएंगे।

प्रेमसाय सिंह टेकाम, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  कुलदीप जुनेजा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर संभाग के आयुक्त यशवंत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, आईजी अजय यादव, कलेक्टर रायपुर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

   रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की धर्मपत्नी और देश की आजादी के संघर्ष में उनकी सहकर्मणी श्रीमती कस्तूरबा गांधी की 22 फरवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने उन्हें याद करते हुए कहा है कि ’बा’ देशसेवा के महाव्रत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की सदैव साथी रहीं। कई बार जेल भी गईं। बापू के स्वतंत्र भारत के सपने को साकार करने में उन्होंने एक दृढ़ समर्पित सहभागी की भूमिका निभाई। महात्मा गांधी के मोहन दास से राष्ट्रपिता और महात्मा कहलाने तक के सफर में ’बा’ के साथ, त्याग और तप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बापू की संघर्ष गाथा को ‘बा‘ के योगदान के बिना पढ़ना सदैव अधूरा लगता है।

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कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ईडी की हिरासत में, विनोद तिवारी के घर रेड खत्म

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  प्रवर्तन निदेशालय-ईडी ने सोमवार सूर्योदय से पहले शुरू हुई कार्रवाई को देर रात तक समेट लिया था। दिन भर की जांच-पड़ताल के बाद ईडी के अधिकारी कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह को अपने साथ कार्यालय लेकर गए हैं। वहीं विनोद तिवारी के घर पर चल रही तलाशी खत्म हो गई है। 

दिन भर चली पूछताछ और तलाशी अभियान के बाद ईडी के अधिकारी कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह को लेकर बाहर निकले। 

इस बीच घर के बाहर ईडी की कार्रवाई का विरोध करने जमे विधायक विकास उपाध्याय ने भीड़ के साथ अधिकारियों को घेर लिया। उन्होंने कहा, इतनी पूछताछ के बाद बिना किसी तथ्य के अधिकारी आरपी सिंह को नहीं ले जा सकते। 

अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद विकास आरपी सिंह को ले जाने देने को तैयार हुए लेकिन वे भी समर्थकों के साथ ईडी के दफ्तर गए। 

इस बीच हाउसिंग बोर्ड के सदस्य विनोद तिवारी के घर पर तलाशी ले रही ईडी की टीम लौट आई है। देर रात विनोद तिवारी ने घर के भीतर की एक तस्वीर जारी की। 

उन्होंने लिखा - भूपेश बघेल जी की लोकप्रियता से घबराहट, केंद्र के इशारे पर कूटरचित डायरी के पन्ने, महाधिवेशन का डर आज ईडी पहुंची मेरे घर। सुबह से शाम तक ली मेरे घर की तलाशी। रमन सिंह की आय से संबंधित पेपर घर पर थे। ईडी के अधिकारी पेपर अपने साथ क्यूं नहीं ले गये।

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ईडी के अधिकारी देवेंद्र यादव के बंगले से रवाना, विधायक को समर्थकों ने कंधे पर बैठाया

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के बंगले में ईडी की कार्रवाई देर रात तक चलती रही। ईडी की टीम पहले रात 11 बजे उनके बड़े भाई धर्मेंद्र यादव के घर से निकली। इसके करीब ढाई घंटे बाद रात 1.30 बजे विधायक आवास से भी निकल गई। 

ईडी के जाने के बाद जैसे ही विधायक देवेंद्र यादव बंगले से बाहर आए उनके समर्थकों ने उन्हें अपने कंधे पर बैठा लिया। विधायक देवेंद्र यादव समर्थकों के सामने सीना ठोकते और अपने जीत की खुशी जताते दिखे। इधर देवेंद्र यादव जिंदाबाद के नारों से पूरा पूरा सेक्टर 5 गूंज उठा। विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि सच कभी पराजित नहीं हो सकता। आपको बता दें कि विधायक देवेंद्र यादव के सेक्टर 5 स्थित आवास में ईडी की टीम सुबह 6 बजे से देर रात डेढ़ बजे तक कार्रवाई करती रही। उन्होंने इस दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज जांचे और विधायक देवेंद्र यादव से पूछताछ की। विधायक देवेंद्र यादव व उनके बड़े भाई धर्मेंद्र यादव के घर में ईडी की रेड के बाद भिलाई में पूरी तरह से राजनीतिक माहौल गर्मा गया था।

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कांग्रेस ईडी और सीबीआई से डरने वाली नहीं: केसी वेणुगोपाल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी जोर-शोर से चल रहा है।  मंगलवार सुबह एआईसीसी के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल रायपुर पहुंचे।  उन्होंने अधिवेशन की तैयारियों को लेकर कहा,अधिवेशन की सभी तैयारियां पूरी हो गई है।  बड़ा अरेंजमेंट किया गया है। 

अधिवेशन के पहले कांग्रेस नेताओं के यहां ईडी की रेड पर वेणुगोपाल ने कहा, हमें पहले से मालूम था, जब भी कांग्रेस पार्टी कोई बड़ा आयोजन करती है, बीजेपी ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करती है।  कांग्रेस पार्टी ईडी और सीबीआई से डरने वाली नहीं है। 

एआईसीसी के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ईडी का छापा साफ तौर पर राजनीति विवाद का नतीजा है।  सीबीआई और ईडी के नाम पर भाजपा डरा नहीं पाएगी।  कांग्रेस किसी चीज से डरने या भागने वाली नहीं है।  हमें कानून पर भरोसा है।  कानून के अनुसार लड़ेंगे।  हमें पहले से पता था ऐसा कुछ होने वाला है।  जहां भी चुनाव या महाधिवेशन है, ईडी आती है।  पूरे भारत में यह सबको पहले से पता है। 

 

 

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छत्तीसगढ़ में ईडी छापे पर गरमाई राजनीति, 'भाजपा का जुर्म जनता देख रही है'

 भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले अधिवेशन को ज्यादा से ज्यादा सफलता मिलेगी : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अधिवेशन से पहले ईडी के छापे को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस इस पर तुरंत हमलावर हो गई। रायपुर के कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में कांग्रेस की छग प्रभारी कुमारी सैलजा और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मीडिया से बातचीत करते हक़ भाजपा पर जमकर बोला है।

पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे छापों से कांग्रेस डरने वाली नहीं है, अधिवेशन अच्छे से होगा। उन्होंने कहा कि जितने भी छापे पड़े हैं, वो विपक्ष पर पड़े हैं। अडानी के मुद्दे पर जांच नहीं हो रही है।

 

वहीं कांग्रेस की छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार कांग्रेस पार्टी से डर गयी है। केंद्र विपक्ष की आवाज उठने नहीं दे रही है और संसद में हमारे नेताओं के वक्तव्य को स्पंज किया जा रहा है। उन्होंने ने कहा कि राहुल गांधी ने आम लोगों की आवाज उठाने भारत जोड़ो यात्रा चलाई, इससे भाजपा बौखला गई है।

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