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धरती मां की सेहत की चिंता करते हुए जैविक खेती अपनाएं : भूपेश बघेल

 सीएम बघेल ने अक्ति तिहार पर माटी पूजन कर रोप बीज, ट्रैक्टर चलाकर जोता खेत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित अक्ती तिहार एवं माटी पूजन दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस शुभ अवसर पर गांव की माटी, देवी-देवताओं और ठाकुर देव की पूजा की और बीज बुवाई संस्कार के तहत लौकी, सेम, तोरई के बीज बोये। मुख्यमंत्री ने अच्छी फसल के लिए धरती माता से कामना करते हुए कोठी से धान के बीज लाकर पूजा की और गौ-माता को चारा भी खिलाया। मुख्यमंत्री बघेल ने धरती माता से राज्यवासियों के धन-धान्य से भरे रहने की कामना की। अक्ति तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्रैक्टर चलाकर खेत की जुताई की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कृषक सभागार भवन, नवनिर्मित क्लस्टर क्लासरूम भवन, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कैम्प कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जैसे हम अपने स्वास्थ्य की चिंता करते हैं वैसे ही धरती माता की भी चिंता करनी चाहिए। हमें कृषि में रासायनिक खाद का उपयोग कम कर जैविक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। हम जो भी सुविधा ले रहे हैं सभी प्रकृति से मिल रही हैं। अक्ति और माटी पूजन त्यौहार धरती के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने का त्यौहार है। हमें यह सोचना चाहिए कि प्रकृति से हम जितना ले रहें हैं उसके बदले में धरती को क्या वापस कर रहे हैं। अक्ति त्यौहार के अवसर पर खेती-किसानी का कार्य शुरू करने के लिए धरती माता से प्रार्थना कर हम उनसे अनुमति लेते हैं तब कुदाल चलाते हैं। धरती माता को जो क्षति होती है उसके लिए हम क्षमा मांगते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि अभियांत्रिकी के पृथक संचालनालय बनाने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने अक्ति तिहार और भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान परशुराम ने ही अक्षयपात्र का निर्माण किया था। ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम ने कृषि के क्षेत्र में भी कई शोध किए। उनका फरसा युद्ध के साथ खेती-किसानी में भी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है यहां कि 70 से 80 प्रतिशत लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित होने के कारण राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए कई नई योजनाएं संचालित कर उन्हें समृद्ध करने का कार्य किया है। इससे इन चार सालों में कृषि उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसान 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान बेच सकेंगे, इससे किसानों को बहुत लाभ होगा। सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण राज्य में धान का उत्पादन 107 लाख मीट्रिक टन हो चुका है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोदो औऱ कुटकी का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है और उसकी खरीदी की व्यवस्था भी की है। छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में खासकर आदिवासी अंचलों में कोदो, कुटकी, रागी का उत्पादन करते हैं। छत्तीसगढ़ उद्यानिकी और वानिकी के क्षेत्र में एक बड़ा हब बनेगा देश-विदेश से लोग यहां अध्ययन के लिए आएंगे। मुख्यमंत्री ने धरती माता की रक्षा करने और जैविक खाद्य का उपयोग करने, आने वाले पीढ़ी के लिए साफ पानी, शुद्ध हवा बचाने की शपथ दिलाई।

इंदिरा बीज ब्रांड को लॉन्च किया
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इंदिरा बीज ब्रांड को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इंदिरा बीज ब्रांड कृषकों के लिए लाभकारी होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि शोध पर आधारित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जब गोबर खरीदी की शुरुआत की तो लोगों ने मजाक उड़ाया लेकिन आज साढ़े 3 लाख लोग गोबर बेच रहे हैं और 230 करोड़ रुपए उनके खाते में पहुंच चुका है। मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कारगर कदम उठाए हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में मिलेट्स कैफे संचालित हो रहा है और जल्द ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और एम्स के बीच हुए समझौते के अनुसार एम्स में भी मिलेट्स कैफे खुलेगा इससे वहां मरीजों को मिलेट्स से बने पोषक आहार दिए जा सकेंगे। इस अवसर पर बीज निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर, शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, नाफेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक उन्नीकृष्णन कुरूप, उद्यानिकी विभाग के संचालक माथेश्वरण डी. उपस्थित थे।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि आज के दिन हम धरती की पूजा करते हैं। आज के दिन खेतों में बीज डालने का मुहूर्त होता है। यह हम वर्षों से गांव में करते आ रहे हैं। आज अक्ति के दिन इस अवसर पर हमने विशेष आयोजन किया। कृषि मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उस परंपरा को पुनर्जीवित किया है जो हमारी मूल परंपरा थी। हमारी सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण कृषकों की संख्या बढ़ी, उत्पादन भी बढ़ा इसका ही परिणाम है कि हमारे द्वारा 170 मीट्रिक टन धान की खरीदी की, जो देश में अभूतपूर्व रिकॉर्ड है। साथ ही कार्यक्रम को कुलपति गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में साथ ही कृषि विश्वविद्यालय डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया गया और कृषि आधारित साहित्य का विमोचन किया गया। किसानों को बीज और पौध सामग्री वितरित की गई। मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को बेमेतरा जिले के महिला समूहों द्वारा बनाए गए अल्सी से बने जैकेट भेंट की।

 


 
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बीमार दुल्‍हन से शादी रचाने दूल्हा पहुंचा अस्पताल, डाक्‍टरों और मरीजों के बीच लिए फेरे

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी सुर्खियों में हैं, जहां दुल्‍हन बीमार हुई तो दूल्‍हा बरात लेकर अस्‍पताल पहुंच गया और वहीं डाक्‍टरों और मरीजों के बीच फेरे लिए।

दरअसल, यह अनोखी जांजगीर-चांपा जिला का है। यहां एक निजी अस्पताल में बाजे गाजे के साथ बरात पहुंची तो लोग अचरज में पड़ गए। बरात तय समय पर पहुंची और अस्पताल में भर्ती कन्या का विवाह भी हुआ। घर के बजाय अस्पताल से ही कन्या की विदाई हुई।

अस्पताल स्टाफ भी इस विवाह का साक्षी बना। आमतौर पर विवाह मंगल भवन या शादी हाल में होता है मगर 20 अप्रैल को श्री नर्सिंग होम में बाजे गाजे के साथ बरात पहुंची और अस्पताल परिसर में ही विवाह हुआ।

दरअसल, इसके पीछे की कहानी यह है कि ग्राम बैजलपुर निवासी रश्मि उर्फ लक्ष्मी पिता अगरदास महंत, माता मुन्नाी बाई का विवाह सक्‍ती जिले के परसाडीह निवासी राज उर्फ बंटी पिता सुकालू दास, माता कौशिल्या देवी के साथ तय हुआ था। 18 अप्रैल को मंडपाच्छादन होना था। दोनों परिवार में खुशी का माहौल था।

धूमधाम से शादी करने के लिए सभी रिश्तेदारों के यहां निमंत्रण दिया जा चुका था। इस बीच सप्ताह भर पहले अचानक रश्मि के पेट में दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। जांच में पता चला कि उसकी बड़ी आंत में छेद है।

डॉक्टरों ने बताया कि रश्मि का इलाज जल्द से जल्द नहीं करने पर यह घातक हो सकता है। इस बात की जानकारी वर पक्ष को हुआ तो राज के परिवार ने रश्मि के इलाज को महत्व देते हुए अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय किया।

साथ ही तय मुहूर्त में शादी भी करने का निर्णय लिया, क्योंकि दोनों परिवार के लिए यह शादी की तिथि बढ़ाया जाना संभव नहीं था, क्योंकि निमंत्रण कार्ड बट चुका था और वर के बड़े भाई की शादी भी होनी थी। रिश्तेदार भी पहुंचने लगे थे।

रश्मि के शादी के 5 दिन पहले आपरेशन हुआ और वह स्वस्थ हो गई। ऐसे में वर पक्ष बरात लेकर सीधा अस्पताल पहुंचा और अस्पताल परिसर में ही रीति रिवाज से शादी हुई। अस्पताल परिसर में उपस्थित सभी स्टाफ व अन्य मरीजों के स्वजन भी इस विवाह के साक्षी बने।

सभी ने दोनों के दांपत्य जीवन के सफल होने के साथ बहू के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। रिश्तेदारों ने बताया कि दोनों परिवार की माली हालत ठीक नहीं है इसलिए विवाह की तिथि भी बढ़ाना संभव नहीं था। क्योंकि खर्च हो चुके थे।

वहीं लड़की पक्ष के लोगों ने बताया कि जो पैसा विवाह के लिए जमा किया था वह इलाज में खर्च हो गए मगर वर पक्ष ने पूरा सहयोग किया और कन्या का अस्पाल में सफल उपचार व मंत्रोच्चार के साथ विवाह हुआ।

 

 

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सैनिक विश्राम गृह में हुआ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

इप्टा ने किया

रायगढ़  (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिला सैनिक कल्याण कार्यालय रायगढ़ के टीवी टावर रोड पर स्थित नवनिर्मित सैनिक विश्राम गृह में एक गरिमामय समारोह में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्यअतिथि छग सैनिक कल्याण बोर्ड के डायरेक्टर विशेष सेवा मेडल प्राप्त ब्रिगेडियर विवेक शर्मा रहे। वहीं रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त संबित मिश्रा, जिंदल स्टील एंड पावर के कर्नल राठौर के अलावे जिंदल स्टील पावर के वाईस प्रेसिडेंट संजीव चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में इन आयोजन में उपस्थित थे।

सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत रायगढ़ नगर के ख्यातिलब्ध कला एवं संगीत संस्थान चक्रधर कला एवं संगीत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा समूह कथक के माध्यम से गुरूवंदना से हुई। महाविद्यालय छात्राओं की इस प्रस्तुति को दर्शकों की खूब तालियों बटोरीं। दूसरे क्रम में अंचल के उभरते हुए मंचीय कवि नरेन्द्र गुप्ता ने भारतीय सेना के पराक्रम पर अपनी चुनिंदा कविताओं का पाठ किया जिसे खूब सराहा गया।

कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति रायगढ़ इप्टा की ओर से अख्तर अली रायपुर द्वारा लिखित एवं अजय आठले द्वारा निर्देशित नाटक असमंजस बाबू की आत्मकथा के रूप में हुई। एकल प्रस्तुति वाले इस नाटक में केन्द्रीय भूमिका में रायगढ़ इप्टा से ही जुड़े रंग कर्मी युवराज सिंह आजाद ने असमंजस बाबू की भूमिका का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस नाटक के मंचन के दौरान तकरीबन एक घंटे तक पूरा ऑडिटोरियम पूरी तरह शांत था और अंत जोरदार तालियों की गडगड़़ाहट के साथ हुआ।

इस पूरे सांस्कृतिक आयोजन का बेहद प्रभावशाली संचालन रायगढ़ केन्द्रिय विद्यालय की शिक्षिका यामिनी शैलेन्द्र देवांगन द्वारा किया गया। इन प्रस्तुतियों के अंत में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सभी कलाकारों को पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया और अपने उद्बोधन में कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिये रायगढ़ नगर निगम एवं जिंदल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस पूरे कार्यक्रम का बेहतरीन संयोजन रायगढ़ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारी आशीष कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के स्टॉफ, भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से किया गया। इस आयोजन में शिरकत करने में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक समाजसेवी, राजनीति और संगीत प्रेमियों के अलावे भूतपूर्व सैनिक रहे।

 

 

 

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माता कौशल्या धाम में वॉटर, लेजर, लाइट,साउंड शो का रोमांच

मुख्यमंत्री बघेल 22 को करेंगे माता कौशल्या महोत्सव-2023 का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) रायपुर के चंदखुरी में स्थित माता कौशल्या धाम में 22 से 24 अप्रेल तक तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को इस महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं को एक नए रोमांच का अनुभव भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री बघेल 22 अप्रैल को माता कौशल्या महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।


राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी के कौशल्या धाम परिसर में क्रियान्वित किये जा रहे विकास कार्यो के अंतर्गत 10 करोड़ की लागत से तैयार वॉटर, लेजर, लाईट एवं साऊण्ड शो शुभारंभ किया जा रहा है। इसका शुभारंभ भी मुख्यमंत्री बघेल करेंगे। वाटर, लाईट एवं लेजर शो के माध्यम से श्रद्धालु भगवान राम के वनवास और वन गमन पथ की कहानियां सुन और देख सकेंगे। इस शो में माता कौशल्या के जीवन चरित्र का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायकगण, निगम मंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।


उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने एवं महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु माता कौशल्या महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में स्थित यह कौशल्या माता का एक मात्र मंदिर है। 

सांस्कृतिक कार्यक्रम: 22 अप्रैल

महोत्सव के पहले दिन 22 अप्रैल से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में माधुरी महिला मानस मंडली, गरियाबंद की श्रीमती पुष्पांजलि सिन्हा, राम की शक्ति पूजा वाराणसी के व्योमेश शुक्ला और मुम्बई  की सुप्रसिद्ध  भजन गायिका कविता पौडवाल द्वारा भक्तिमय गीत-संगीत भजन प्रस्तुति दी जाएगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: 23 अप्रैल
महोत्सव के दूसरे दिन 23 अप्रैल को वीणा वादिनी मानस परिवार, भाटापारा से श्रीमती वीणा साहू ,हरि दर्शन मानस मंडली जांजगीर-चांपा से देवेंद्र कुमार श्रीवास ,दंतेवाड़ा से ज्ञान गंगा मानस परिवार के कुशल सिंह साहू , मुंबई  की रविंदर खुराना  भक्तिमय शास्त्रीय नृत्य नाटिका और प्रभंजन चतुर्वेदी भिलाई भक्तिमय गीत संगीत भजन कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे।

23 अप्रैल को महोत्सव के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे ।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायकगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: 24 अप्रैल
महोत्सव के तीसरे दिन 24 अप्रैल को प्रज्ञा महिला मानस परिवार, कुरूद सिलयारी  की श्रीमती कुमुदिनी चंद्रवंशी, देवेश शर्मा रायगढ़ भक्तिमय गीत संगीत भजन और मुंबई की तृप्ति शाक्य  भक्तिमय गीत संगीत भजन की प्रस्तुति देंगे। 24 अप्रैल को महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायकगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

बता दें कि चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम,  राम वनगमन पर्यटन परिपथ का अति महत्वपूर्ण स्थल है । यह स्थल राजधानी रायपुर से मात्र 27 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । 126 तालाबों वाले इस गांव में जलसेन तालाब के बीच में माता कौशल्या का एतिहासिक मंदिर स्थित है जो पूरे भारत में सिर्फ यहीं पर है । प्रभु श्रीराम को गोद में लिए हुए माता कौशल्या की अद्भुत प्रतिमा इस मंदिर को दुर्लभ बनाती है ।

राम वगनमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी में घाट का विकास एवं पैगौड़ा, प्रशासनिक ऑफिस, पब्लिक टॉयलेट, ज्योत हॉल, ब्रिज, एप्रोच रोड एवं फैसिलिटी, तालाब, लैंड स्केपिंग एंड फैसिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, इंटरनल और एक्सटरनल प्लंबिंग, बड़ा प्रवेश द्वार, तालाब गहरीकरण, रिटेनिंग वॉल, दीप स्तंभ, श्रीराम स्टेच्यू  एवं गेट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

 


 
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शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है : भूपेश बघेल

 सीएम बघेल ने पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 142 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति ’पहाड़ी कोरवा’ और ’बिरहोर’ जनजाति के 142 युवाओं को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति पत्र का वर्चुअल रूप से वितरण किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बगीचा में भेंट-मुलाकात के दौरान विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दिलाने की घोषणा की थी। जिस पर अमल करते हुए आज 142 युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया।


गौरतलब है कि इससे पहले भी जशपुर जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में पहाड़ी कोरवा जनजाति के अभ्यर्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार 57 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। प्रदेश में अब तक विशेष पिछड़ी जनजाति के 708 युवाओं को शासकीय नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री निवास में इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा और आदिम जाति विकास विभाग की संचालक  श्रीमती शम्मी आबिदी भी उपस्थित थीं। संसदीय सचिव यू.डी. मिंज और विधायक विनय भगत कार्यक्रम स्थल से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से इन युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है। शिक्षा ही आगे बढ़ने मार्ग प्रशस्त करती है। बघेल ने कहा कि आप लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई लिखाई की। आपके माता-पिता का आशीर्वाद भी आप के साथ रहा। आप शिक्षक बने हैं, मन लगाकर बच्चों को पढ़ाएं ताकि बच्चों का भविष्य अच्छा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। इनका अधिक से अधिक अपने समाज में प्रचार-प्रसार करे ताकि विशेष पिछड़ी जनजातियों के अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जनजातीय समाज परंपरागत रूप से विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ समाज है। इस समाज में कुछ समुदाय बहुत ज्यादा पीछे रह गए हैं। इन समुदायों को हम विशेष पिछड़ी जनजातीय के रूप में जानते हैं। राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए राज्य शासन द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। इन समुदायों के पढ़े-लिखे नौजवानों को शासकीय सेवाओं में उनकी पात्रता के अनुसार सीधी नियुक्ति दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के उत्थान के लिए जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हमने पेसा कानून के सबसे बेहतर नियम लागू किए हैं। 65 प्रकार की वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और उनके प्रसंस्करण से वनवासियों को रोजगार और आय के अच्छे साधन मिल रहे हैं। कोदो-कुटकी-रागी का समर्थन मूल्य तय करके उनकी खरीदी की व्यवस्था की गई है। इन फसलों के लिए भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा की इन युवाओं ने बहुत विषम परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई की है। सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिलने से इन समुदाय में पढ़ाई के लिए उत्साह बढ़ेगा।

आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि एक शिक्षक के रूप में आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करें और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। संसदीय सचिव यू.डी. मिंज और विधायक विनय भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा इन जनजातियों के 142 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

आदिम जाति कल्याण विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वाधिक 199 युवाओं को शासकीय नौकरी दी गई है। इसी तरह बलरामपुर जिले में 95 तथा कबीरधाम जिले में इन जनजातियों के 80 युवाओं को नौकरी दी गई है। कलेक्टर जशपुर डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जिन युवाओं को आज नौकरी दी गई, उनमें हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उतीर्ण 124, स्नातक उत्तीर्ण 11 एवं स्नातकोत्तर उत्तीर्ण 06 पहाड़ी कोरवा शामिल है। बिरहोर समुदाय के भी 01 अभ्यर्थी को भी नियुक्ति दी गई है। जो हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उत्तीर्ण है।

नियुक्ति मिलने पर युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार
जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के युवा शासकीय नौकरी पाकर बहुत खुश है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से ऑनलाईन नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने भी इन युवाओं के साथ आत्मीयतापूर्वक चर्चा की और उनके खुशहाल जीवन के लिए अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी।

विकासखंड बगीचा के ग्राम कुरहाटिपना की सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त असीमा बाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पिताजी ने मजदूरी कर उन्हें स्नातक तक की शिक्षा दिलवाई। 2019-20 में अतिथि शिक्षक के रूप में उनका चयन हुआ जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हुआ और आज शासकीय सेवा में नियुक्ति मिलने पर अब वे अपने परिवार एवं समाज के उत्थान में सहयोग दे पाएंगी। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त बगीचा विकासखंड के ग्राम कलिया के ब्रजकिशोर राम ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी कर उनकी स्नातक तक शिक्षा दिलाई। उन्हें पूर्व में खनिज न्यास निधि के माध्यम से अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिली थी।

बगीचा विकासखंड के ग्राम नवरंगपुर निवासी तथा सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियुक्त विजय कुमार ने बताया कि वे आर्थिक तंगी की वजह से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए, उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी एवं मनरेगा के तहत काम कर उनकी स्नातक की पढ़ाई पूरी करवाई। उन्हें पूर्व में अतिथि शिक्षक के रुप में नियुक्ति मिली थी। मुझे जशपुर जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति मिली।

चतुर्थ श्रेणी के पद पर स्वच्छता परिचारक के पद पर नियुक्त सराईटोली, सन्ना की श्रीमती शामबती पहाड़िया ने बताया कि उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी एवं उधार लेकर उन्हें शिक्षा दिलवाई है। नियुक्ति प्राप्त इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। राजपुर, बगीचा के संकल्प शिक्षण संस्थान मेें कक्षा 10 वीं में अध्ययनरत ग्राम राजपुर के छात्र शंशु राम ने मुख्यमंत्री बघेल से फर्राटेदार अंग्रेजी में बात की। मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर शंशु राम ने बताया कि वे भविष्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आईआईटी मुंबई जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि खूब बढ़िया सपना आपने देखा है और इसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। अनुशासन, कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित ही आपका सपना साकार होगा। मनोरा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा समाज की संरक्षक श्रीमती पंडरी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

 

 

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बेरोजगारी भत्ता के लिए अवध राम सहित धमतरी के 5210 युवाओं ने कराया पंजीयन

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में बेरोजगारी भत्ता लेने युवाओं में नयी ऊर्जा, उत्साह और उमंग देखा जा रहा है। युवा आवेदन करने में अपना रूचि दिखा रहे हैं। वही योजना के प्रारंभ होने के कुछ ही दिवस के भीतर ही प्रणय, राजेश और पूनम जैसे 5 हजार 210 से अधिक बेरोजगार युवाओं ने पोर्टल में अपना पंजीयन कराया है। पंजीयन के साथ ही बेरोजगारों को सत्यापन के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उनके बैंक खातों का भी सत्यापन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य के बेरोजगारों को 25 सौ रूपए बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा तथा योजना के अमल के बाद धमतरी जिले के युवाओं में इस योजना का लाभ लेने के लिए जोश देखा जा रहा है। युवाओं द्वारा इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाईन आवेदन किया जा रहा है। अब तक जिले के धमतरी, कुरूद, मगरलोड तथा नगरी और सभी नगर पंचायतों क्षेत्रों से 5 हजार 210 ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हो गए है। अब तक 3 हजार 702 आवेदन अनुशंसित किए गए है, जिसमे से 2 हजार 378 स्वीकृत किये गए हैं।


कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशन में जिले में बेरोजगारी भत्ता के लिए पंजीयन कराने वाले पात्र बेरोजगारों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 50 कलस्टर बनाये गये हैं और पोर्टल में पंजीयन कराने के पश्चात सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। जिले में अब तक लगभग 5 हजार 210 आवेदन पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत आवेदनों का भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। बैंक खातों का सत्यापन के साथ ही स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है। इधर बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वाले बेरोजगारों में इस पहल को लेकर बहुत उत्साह है। वे पात्रतानुसार अपना आवेदन कर रहे हैं। कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने टीम को निर्देशित करते हुए कहा कि कलस्टर दल लगातार सत्यापन के लिए आमंत्रण भेजते रहे। सत्यापन के बाद पोर्टल में उसी दिन एंट्री करना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बैंक से खाता सत्यापन होकर समय पर प्राप्त हो इसके लिए शाखा प्रबंधक से लगातार संपर्क में रहे। 

बेरोजगारी भत्ते के लिए 2 वर्ष पुराना पंजीयन आवश्यक

बेरोजगारी भत्ता के लिए सत्यापनकर्ता अधिकारियों की अनुशंसा के बाद संबंधित जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के अधिकारियों को भेजा जा रहा है, जहां बैंक खाता सहित अन्य का सत्पापन किया जा रहा है। इसके बाद स्वीकृति आदेश जारी किए जाएगा। बेरोजगार युवाओं का चयन के बाद राज्य शासन द्वारा प्रतिमाह ढाई हजार रूपए युवाओं के बैंक खाते के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए रोजगार कार्यालय में नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नही है, क्योंकि बेरोजगारी भत्ते की पात्रता केवल उन्हीं व्यक्तियों को है जिनका पंजीयन कम से कम 2 वर्ष पुराना है। नया पंजीयन कराने वालों को बेरोजगारी भत्ते की पात्रता वर्तमान में नहीं हो सकेगी। उन्होंने बताया कि 3 वर्ष पुराने पंजीयन का नवीनीकरण अंतिम तारीख बीत जाने के बाद भी 2 माह के भीतर कभी भी कराया जा सकता है, इसलिए नवीनीकरण के लिए भी किसी प्रकार की जल्दीबाजी करने की आवश्यकता नही है। बता दें कि राज्य शासन द्वारा संचालित बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने के लिए धमतरी विकासखण्ड के 1390 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार कुरूद विकासखण्ड के 1326, मगरलोड से 911, नगरी से 901, धमतरी नगर निगम क्षेत्र से 390, आमदी नपा से 49, भखारा नपा से 62, मगरलोड नपा से 61, नगरी नपा से 74 और कुरूद नपा से 47 कुल 5 हजार 210 आनलाईन आवेदन प्राप्त हुए है।

आवेदन किसी भी स्थान से ऑन लाइन पोर्टल पर किया जा सकता है
बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन का ऑन-लाइन पोर्टल 1 अप्रैल खुल गया है। आवेदन करने के लिए रोजगार कार्यालय आने की आवश्यकता नही है। आवेदन किसी भी स्थान से ऑन लाइन पोर्टल पर किया जा सकता है। चॉइस सेंटरों पर भी आवेदन किया जा सकता है।

बेरोजगारी भत्ता के लिए यह दस्तावेज अनिवार्य
बेरोजगारी भत्ता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के पूर्व वे एक वर्ष के भीतर का आय प्रमाणपत्र, मूल निवासी प्रमाणपत्र, कक्षा दसवीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र जिसमें जन्मतिथि लिखी हो, कक्षा 12 वीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं रोजगार पंजीयन कार्ड तैयार रखें क्योंकि यह दस्तावेज आवेदन फार्म में अपलोड करने होंगे। आवेदन के बाद सभी आवेदकों को दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए पहले से समय देकर बुलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 5 पंचायतों तथा नगरीय क्षेत्रों में 3 से 4 वार्डों के समूह के क्लस्टर बनाए गए है। दस्तावेजों का सत्यापन इन क्लस्टरों में किया जा रहा है, जिससे किसी भी आवेदक को दस्तावेज सत्यापन के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़े। सत्यापन स्थल पर आवेदकों के बैठने आदि की अच्छी व्यवस्था होगी। सत्यापन के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की टीमें भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन पत्र में आवेदक के बैंक खाते की जानकारी ली जा रही है। जिसका सत्यापन बैंक मेनेजर से कराने के बाद बेरोजगारी भत्ते की राशि आवेदक के बैंक खाते में प्रतिमाह सीधे भेजी जाएगी। आवेदक कृपया ध्यान रखकर अपने बैंक खाते की सही जानकारी भरें, जिससे उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलने में कोई कठिनाई न हो। आवेदक को अपने ही बैंक खाते की जानकारी भरनी है। किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते की नहीं अन्यथा बैंक मेनेजर सत्यापन के समय बैंक खाते को गलत बतायेगा और बेरोजगारी भत्ते की राशि उस खाते में अंतरित नही होगी। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को हड़बड़ी करने की आवश्यकता नही है। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन का पोर्टल लगातार खुला रहेगा और आवेदक किसी भी दिन किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राज्य सरकार सभी पात्र व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिये कृतसंकल्पित है।

 

 
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सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 नक्सली घायल

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित सुकमा जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आ रही है। पुलिस ने मुठभेड़ में 4 से 5 नक्सलियों के घायल होने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार सर्चिंग पर निकली सुरक्षा बल के जवानों पर बंडा- कन्हईगुड़ा के पास घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। एसपी सुनील शर्मा ने डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर की पुष्टि की है।

एसपी सुनील शर्मा ने मुठभेड़ के दौरान 4 से 5 नक्सलियों के घायल होने का दावा किया है। फिलहाल मौके पर जवान मौजूद हैं।

इधर, नारायणपुर से भी एक नक्‍सलियों के उत्‍पात की खबर आ रही है।

नक्‍सलियों ने यहां आमदई खदान में लोडिंग के लिए लगे एक वाहन में आग लगा दी है। इतना ही नहीं नक्‍सलियों ने बैनर लगाकर आमदई खदान में काम का विरोध किया है।

 

 

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मुख्यमंत्री 22 को करेंगे चंदखुरी महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 22 अप्रैल को माता कौशल्या महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। कौशल्या महोत्सव 22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आरंग विधानसभा क्षेत्र के चंदखुरी में आयोजित होगा।

महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे।

इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने सतत् प्रयास के अंतर्गत तथा माता कौशल्या जन्मभूमि के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने एवं महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकरों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में राष्ट्रीय स्तर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी।

सांस्कृतक कार्यक्रम की प्रस्तुति-22 अप्रैल शाम 5 बजे चंदखुरी रायपुर
महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में माधुरी महिला मानस मंडली गरियाबंद, पुष्पांजलि सिन्हा, राम की शक्ति पूजा वाराणसी व्योमेश शुक्ला, भक्तिमय गीत-संगीत भजन मुम्बई और कविता पौडवाल द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

 

 

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घायल चीतल का वन विभाग ने किया रेस्क्यू

मुंगेली (छत्तीसगढ़ दर्पण) वनमण्डल के लोरमी वन परिक्षेत्र अंतर्गत तुलसाघाट नर्सरी के पास शुक्रवार तड़के सुबह चीतल घायल अवस्था में मिला । जिसे देखने लोगों की भीड़ उमड़ गई । वहीं नर्सरी के चौकीदार के इस घायल चीतल को देखने पर इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी। जिसके बाद मौके पर वन परिक्षेत्र लोरमी के रेंजर सहित वन अमला पहुंचा। जहां उन्होंने चीतल को रेस्क्यू कर उसता पशु चिकित्सालय में प्राथमिक इलाज किया गया।

इस पूरे मामले को लेकर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल चीतल को मशक्कत के बाद पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि खाने-पीने की तलाश में जंगल से भटककर हिरण मैदानी इलाके में आ गया था. जिसकी सूचना के बाद पशु चिकित्सक के द्वारा प्राथमिक उपचार लोरमी के पशु विभाग के चिकित्सालय में किया गया. फिलहाल इस नर चीतल को बेहतर इलाज और संरक्षण के लिए कानन पेंडारी भेज दिया गया है।

इस घटना को लेकर पशु चिकित्सक प्रमोद नामदेव ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायल चेतन को प्राथमिक उपचार के बाद कानन पेंडारी भेजा गया है. चीतल के जांघ पर घाव के निशान थे, जिसका इलाज कर दिया गया है।

 

 

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बेटियों की शादी के लिए दिया आर्थिक सहयोग

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)  भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के सदस्य बसंत कुमार गेन्द्रे पेशे से ड्राइवर है, उनकी बिटिया की शादी के लिए संस्था के पदाधिकारियों ने 25 हजार रुपये नगद देकर मदद कर अनुकरणीय पहल की है । बसंत कुमार ने 25 हजार की नगद राशि पाकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस प्रकार से सहयोग कोई देता नहीं है। संस्था का दिल देखिए इतना बड़ा है कि 25 हजार नगद देकर मुझ पर बहुत बड़ा उपकार किया।

संस्था के संरक्षक के अचल भाटिया व संस्था के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू का बसंत ने आभार व्यक्त किया।  एक अन्य सदस्य पप्पू प्रसाद भी पेशे से ड्राइवर है।  जो विगत 30 वर्षों से गाड़ी चलाने का कार्य करते है। अब उनकी बिटिया की शादी होने जा रही है जिसे संस्था के तरफ  से 25 हजार राशि का सहयोग दिया गया। सहयोग के लिये भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन का आभार व्यक्त करते हुए पप्पू ने इस पहल को बहुत अच्छा बताया व कहा कि इस प्रकार से कार्य सभी जगह होना चाहिए। जिससे लोग संस्था के प्रति अपनापन महसूस करेंगे। इस दौरान भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक अचल भाटिया, अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू,, महासचिव मलकीत सिंह मीडिया प्रभारी गोकुल शर्मा सहित एसोसिएशन से जुड़े लोगों में निर्मल सिंह, कार्यकारणी अध्यक्ष अनिल चौधरी, जोगा राव, संदीप सिंह, दिलीप खटवानी, सुधीर सिंह, महेंद्र सिंग पप्पी,  शाहनवाज शानू , रिज्जु सिंह, गुरप्रीत सिंह, आनंद सिंह, अमित सिंह, सोनू, मोनी, बलजिंदर सिंह बिल्ला, रमन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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समय रहते बाल विवाह रोकें : तेजकुंवर नेताम

 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिखा कलेक्टरों को पत्र

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम ने 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सभी जिलों को पत्र लिखकर समय रहते बाल विवाह की रोकथाम की कार्यवाही एक अभियान के रूप में योजनाबद्ध तरीके से करने कहा है। बाल विवाह किये जाने पर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही भी की जाये ।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अनुशंसा पत्र जारी कर कहा है कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समय रहते कार्यवाही करना जरूरी है। विवाह के दिन ही जाकर रोकथाम करने पर बहुत कठिनाईयों का समना करना पड़ता है। आयोग ने कलेक्टरों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुलिस, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा  आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करने कहा गया है। आयोग ने कहा है कि पंचायत तथा क्लस्टरवार नोटल अधिकारियों की तैनाती की जाये । बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का सहयोग भी लिया जाये । जिला प्रशासन द्वारा ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली जाये जहां पहले भी बाल विवाह के मामले अधिक आये हैं। गांव में सरपंचों द्वारा मुनादी और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाये। सामुदायिक भवनों को विवाह के लिए देने से पहले तथा वैवाहिक कार्ड छापने के पहले वर व वधु की जन्मतिथि से संबंधित जानकारी लेकर आश्वस्त हो जायें।

 

 

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सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण : महासमुंद में सवा 2 लाख से ज्यादा परिवारों का सर्वे

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)  महासमुंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण में 2 लाख 84 हजार 540 परिवारों का सर्वेक्षण होना है। जिसमें से अब तक 2 लाख 39 हजार 613 परिवारों का सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण किया जा चुका है। मालूम हो कि एक अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुए सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण में का काम शुरू हुआ था। समाचार लिखे जाने तक सर्वाधिक सर्वेक्षण पिथौरा में 49,863 परिवारों का हुआ है। इसी प्रकार महासमुंद में 47,969 सरायपाली में 47,664, बसना में 47,165 और बागबाहरा के ग्रामीण क्षेत्रों में 46,952 परिवारों का टीम द्वारा सर्वेक्षण किया जा चुका है।


जिले के 551 ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए 135 सुपरवाईजर, 1476 प्रगणक की ड्यूटी लगाई गई है। जो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रपत्र, एप्प के माध्यम से सर्वे का काम कर रहें हैं। यह कार्य आगामी 30 अप्रैल तक चलेगा। सर्वेक्षण में विभिन्न योजनाओं से वंचित हितग्राही भी नवीन सूची में शामिल हो पायेंगे। हितग्राहियों को पात्रता के अनुसार योजना का पूरा लाभ मिलेगा।

 

 

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तीज-त्यौहारों के आयोजन से अपनी परंपरा और प्रकृति से जुड़ेगी नई पीढ़ी : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में राज्य के गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के लिए ’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किया। ग्रामीण क्षेत्रों के तीज-त्यौहारों, संस्कृति एवं परम्परा को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से यह योजना मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना की तर्ज पर शुरू की गई है।


’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ राज्य के गैर अनुसूचित क्षेत्रों के सामुदायिक क्षेत्रों के 61 विकासखंड की 6 हजार 111 ग्राम पंचायतों में लागू होगी। इस योजना की इकाई ग्राम पंचायत होगी। तीज-त्यौहार मनाने के लिए इस योजना में भी हर ग्राम पंचायत को दो किश्तों में 10 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने योजना के शुभारंभ के अवसर पर योजना की पहली किश्त के रूप में सभी 6 हजार 111 ग्राम पंचायतों को 05-05 हजार रुपए के मान से कुल 3 करोड़ 5 लाख 55 हजार रुपए की राशि जारी की। मुख्यमंत्री बघेल ने इसके साथ-साथ ’मुख्यमंत्री आदिवासी परव सम्मान निधि’ के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र के सरगुजा संभाग सहित अन्य अनुसूचित क्षेत्रों के शेष 14 जिलों की 03 हजार 793 ग्राम पंचायतों को आज प्रथम किश्त के रूप में  05-05 हजार रुपए के मान से कुल 01 करोड़ 89 लाख 65 हजार रुपए की राशि भी जारी की। इसके साथ ही यह योजना पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल ने 13 अप्रैल को बस्तर में आयोजित भरोसा सम्मेलन में ’मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ करते हुए बस्तर संभाग की 1840 ग्राम पंचायतों को योजना की पहली किश्त के रूप में 5-5 हजार रुपए के मान से अनुदान राशि जारी की थी। मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में यहां की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का काम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से राज्य में तीजा, हरेली, भक्तिन महतारी कर्मा जयंती, मां शाकंभरी जयंती (छेरछेरा), छठ और विश्व आदिवासी दिवस जैसे पर्वाे पर सार्वजनिक अवकाश दिया जा रहा है। साथ ही इन पर्वों पर भव्य आयोजन भी किया जा रहा है। राज्य शासन की यह भावना है कि तीज-त्यौहारों के माध्यम से हमारी नयी पीढ़ी अपने पारंपरिक मूल्यों से जुड़कर संस्कारित हो और अपनी संस्कृति पर गौरव का अनुभव करे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, युवा महोत्सव, छत्तीसगढ़िया ओलंपिक, बासी - तिहार जैसे आयोजनों के पीछे भी हमारा यही उद्देश्य है। देवगुड़ियाँ और घोटुलों के विकास का काम भी किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लोक पर्व और हमारी लोक संस्कृति प्रकृति से जुड़ी है। हमारे पुरखों ने अपने अनुभव के आधार पर तीज-त्योहारों को संजोया है। हमारे तीज-त्यौहार हरेली से शुरू होते हैं और फागुन में होली तक चलते हैं। सावन और भादों में ज्यादा त्यौहार मनाए जाते हैं, क्योंकि यही वह समय रहता है जब हमारे किसान और मजदूर खूब मेहनत करते हैं, शरीर में थकान रहती है और आर्थिक परेशानियां भी रहती हैं। इस समय त्यौहारों का आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण है कि सब मिलजुल कर इकट्ठा होकर त्यौहार मनाते हैं ताकि तनाव को भूल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम तीज त्यौहारों का संरक्षण और संवर्धन करेंगे तो प्रकृति से भी जुड़ेंगे। आज हमारे सामने जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी लोक परब सम्मान निधि के अंतर्गत हालांकि 10 हजार रूपए की राशि दी जा रही है, यह कोई बड़ी राशि नहीं है लेकिन पंचायतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी तीज त्यौहारों का आयोजन होने से लोग अपनी परंपरा से, हमारी नई पीढ़ी अपनी परंपरा और प्रकृति से जुड़ेगी।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहारों को मनाने की केवल रस्म अदायगी होती थी। लोग इन त्यौहारों से विलग होते जा रहे थे। यही कारण है कि राज्य सरकार ने तीज-त्यौहारों के संरक्षण के लिए इनका आयोजन प्रारंभ किया है। आज बालोद जिले की भेंड़िया नवागांव की सरपंच श्रीमती आर्य ने बताया कि वे हर तीज में वे मुख्यमंत्री निवास आती हैं। पहले मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहारों का आयोजन नहीं होता था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन इस वर्ष किया गया, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के 26 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ी ओलंपिक के लिए बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। भेंट-मुलाकात के दौरान अनेक महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे मायके में खेलों में हिस्सा लिया करती थीं, ससुराल में उनका खेलना छूट गया था। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में उन्हें फिर से खेलने का मौका मिला।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन, तीज-त्यौहारों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में खूब काम किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में अपने तीज-त्यौहारों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री परब निधि सम्मान योजना काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी तीज-त्यौहारों की परम्परा को आगामी पीढ़ी को हस्तांतरित करने और अपनी संस्कृति को उभारने की दृष्टि से यह अच्छी योजना है। मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बसन्तपुर के सरपंच रामवृक्ष जगते, रायगढ़ जिले की लोइंग ग्राम पंचायत के सरपंच सूरज पटेल और बालोद के भेड़िया नवागांव की सरपंच श्रीमती चिदाकाश आर्य से वीडियो कांफ्रेंस से चर्चा की। सरपंचों ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा मिला है। परब सम्मान निधि योजना प्रारंभ करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।   

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने ’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अनुसूचित जाति विभाग के सचिव डी.डी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 


 
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गोधन न्याय योजना: मुख्यमंत्री 20 को 4. 40 करोड़ रूपए का करेंगे भुगतान

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 4 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 1.30 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 2 करोड़ 59 लाख रूपए, गौठान समितियों को 1 करोड़ 6 लाख रूपए और महिला समूहों को 75 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं।

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी में स्वावलंबी गौठान बराबर की भागीदारी निभाने लगे हैं। बीते कई महीनों से गोबर खरीदी के एवज में भुगतान की जा रही राशि में स्वावलंबी गौठानों की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत तक की रहने लगी है।

आज की स्थिति में 50 फीसद से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर एवं गौमूत्र की खरीदी के साथ-साथ गौठान के अन्य व्यवस्थाएं कर रहे हैं। 1अप्रैल से 15 अप्रैल तक गौठानों में कुल 1.30 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है।

जिसके एवज में गोबर विक्रेताओं को अंतरित की जाने वाली 2.59 करोड़ रूपए की राशि में से 1.24 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 1.67 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया जाएगा। स्वावलंबी गौठानों द्वारा गोबर खरीदी के एवज में अब तक 49.21 करोड़ रूपए का भुगतान स्वयं की राशि से किया गया है।

गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में हितग्राहियों को लगभग 435 करोड़ 33 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 20 अप्रैल को 4.40 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 439 करोड़ 73 लाख रूपए हो जाएगा।

यह यहां उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। राज्य में 15 अप्रैल 2023 तक गौठानों में 112.34 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

गोबर विक्रेताओं से 31 मार्च तक क्रय किए गए गोबर के एवज में 222 करोड़ 9 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 20 अप्रैल को गोबर विक्रेताओं को 2.59 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 224 करोड़ 68 लाख रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 190 करोड़ 84 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 20 अप्रैल को 1.81 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 192.65 करोड़ रूपए हो जाएगा।

 

 

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छत्तीसगढ़ में सबसे रहा गर्म बलौदा बाजार, मौसम बदलने के आसार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में मंगलवार को प्रदेश में सबसे गर्म जिला बलौदा बाजार रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया वहीं बुधवार को मौसम का मिजाज बदलने के आसार है। बस्तर क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ही गरज चमक के साथ छींटे पड़ेंगे।

मौसम विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिले में तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। बिलासपुर जिले में सूरज की तपिश 43.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंची। वहीं राजधानी रायपुर का तापमान 43.2 डिग्री रहा और राजनांदगांव जिले में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ लू जैसे हालात बने।

इसके अलावा अन्य जिलों का भी हाल ऐसा ही है महासमुंद में तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दुर्ग जिले में 42.2 डिग्री तापमान रहा। कबीरधाम में 41 डिग्री तापमान, कोरिया में 40.7, जशपुर में 40.5 और कांकेर जिले में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने बताया कि, प्रदेश में उत्तर पश्चिम से गर्म और शुष्क हवाओं का लगातार आगमन जारी है । जिसके चलते प्रदेश में 19 अप्रैल को उत्तर और मध्य भाग में अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।

प्रदेश के दक्षिण भाग में निम्न स्तर पर बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त, अपेक्षाकृत ठंडी हवा का आगमन प्रारंभ होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

 

 

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सड़क हादसे में बाल-बाल बचे छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षा मंत्री की कार को फालोगार्ड की गाड़ी ने टक्कर मार दी। इससे मंत्री उमेश पटेल के सिर और पैर में चोटें आई हैं। यहां प्राथमिक उपचार के बाद मंत्री ने कुछ देर छत्तीसगढ़ भवन में विश्राम किया। इसके बाद रायपुर लौट गए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल मंगलवार की रात रायपुर से रायगढ़ के खरसिया, नंदेली जा रहे थे। भोजपुरी टोल प्लाजा के पास रात नौ बजे के करीब काफिले में शामिल फालोगार्ड की गाड़ी अनियंत्रित हो गई। गाड़ी सीधे मंत्री की कार के पीछे जा टकराई। इस दौरान मंत्री उमेश पटेल कार में ही खाना खा रहे थे।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। काफिले में शामिल लोग तत्काल मंत्री की कार के पास पहुंचे।

उन्हें सिर और पैर में मामूली चोटें आई थीं। इसे देख मंत्री के समर्थकों और पुलिस ने राहत की सांस ली।

इसके बाद मंत्री वहां से बिलासपुर के लिए रवाना हो गए। छत्तीसगढ़ भवन में थोड़ी देर विश्राम के बाद उन्होंने लिंक रोड स्थित एक अस्पताल में जांच कराई। इसके बाद वे नंदेली के बजाय रायपुर के लिए रवाना हो गए।

मंत्री की कार दुर्घटना ग्रस्त होने की जानकारी जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कुछ ही देर बाद मिल गई। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव और कांग्रेस नेता विवेक बाजपेयी छत्तीसगढ़ भवन पहुंच गए।

इनके साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी छत्तीसगढ़ भवन पहुंचे। उन्होंने मंत्री उमेश पटेल का हाल पूछा।

 

 

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भेंट मुलाकात: सीएम 19 को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अनेक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 मुख्यमंत्री गुढ़ियारी में करेंगे छत्तीसगढ़ महतारी चौक का लोकार्पण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल 19 अप्रैल, बुधवार को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम एवं विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगे। वे इस दौरान क्षेत्रवासियों को विकास कार्याें की सौगात भी देंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12.10 बजे आयुर्वेदिक कॉलेज के सामने स्थित नालंदा परिसर में मिलेट कैफे का लोकार्पण करेंगे और 12.25 बजे नंदनवन मार्ग स्थित अटारी के दुर्गा मंदिर का दर्शन करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री 12.35 बजे जरवाय में सी एंड डी प्लांट का लोकार्पण करेंगे और जरवाय गौठान का अवलोकन करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 12.55 बजे मोहबा बाजार से कोटा मार्ग के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और दोपहर 1.10 बजे गुढ़ियारी में छत्तीसगढ़ महतारी चौक का लोकार्पण करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 1.20 बजे गुढ़ियारी के सीएसईबी ग्राउण्ड में विभिन्न विकास कार्याें का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे और भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में शामिल होकर आमजनों से संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 3.30 बजे अग्रसेन चौक स्थित संभाग स्तरीय सी-मार्ट का अवलोकन करेंगे। इसके पश्चात से राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे और शाम 5 बजे विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात करेंगे।

 

 

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छत्तीसगढ़ में मिले 500 से ज्यादा कोरोना के नए मरीज, 4 की मौत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 531 नए मरीज मिले, और 4 लोगों की मौत हुई है। अब एक्टिव मरीजों की संख्या 2484 हो गई है। पॉजिटिविटी दर बढ़कर 8.53 फीसदी पहुंच गई है।

रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। जांच में तेजी लाते हुए रोजाना 10 हजार टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक रायपुर, महासमुन्द, सरगुजा और कांकेर जिले के रहने वाले थे।‌ चारों की मौत को-मॉर्बिडिटी यानि कोरोना के साथ अन्य किसी गंभीर बीमारी की वजह से हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा 84 मरीज रायपुर जिले में मिले हैं। राजनांदगांव में नए मरीजों की संख्या 52 है।


सरगुजा में 38, बिलासपुर में 38, कांकेर में 32, बलौदा बाजार में 31, दुर्ग में 30, सूरजपुर जिले में 30, बालोद में 24, रायगढ़ में 23, महासमुंद में 20, बेमेतरा में 19, बीजापुर में 17, धमतरी में 16, कोरिया में 14, दंतेवाड़ा में 11, कबीरधाम में 11, कोरबा जिले में 10, जांजगीर-चांपा में 8,बलरामपुर में 6, गरियाबंद में 4, जशपुर में 4, बस्तर में 3, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 2, कोंडागांव में 1, नारायणपुर में 1 और सुकमा जिले में भी 1 मरीज की पुष्टि हुई है।

 

 

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