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न भाजपा का, न कांग्रेस का, मैं स्टार प्रचारक हूं शिव शम्भू का : पं. प्रदीप मिश्रा

कहा : राजनीति में नही जाउंगा, सीएम बघेल की गोधन योजना की जमकर प्रशंसा

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इस्पात नगरी की पावन धरा पर देवाधिदेव महादेव की कथा सुनाने पहुंचे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ में लागू गोधन न्याय योजना की सराहना की। शनिवार को पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोधन न्याय योजना के माध्यम से भला काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर में कथा के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने बताया कि वे नंदी को गोठान में सुरक्षित रख रहे हैं। संसार में कोई भी यदि जीव हित का काम करता है वह सराहनीय कार्य होता है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो भी धर्म के साथ जीव की रक्षा करता है वह श्रेष्ठ काम होता है।पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने कथा जीवन की शुरुआत के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले 1999 में कथा की थी और उसके बाद यह क्रम निरंतर जारी है। इस दौरान शिवतत्व पर उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी में शिव तत्व मौजूद है। वर्तमान समय में शिव भक्ति व धर्म के प्रति आस्था जगी है जो आने वाले समय के लिए अच्छा है। कोरोना के समय में लोगों में सेवा का भाव जगा है। लोगों में आध्यात्म के प्रति जागरुकता आई है और इसका परिणाम है कि कथा स्थल पर लोग लाखों की संख्या में पहुंचते हैं। कथा स्थल पर आने वाले लोगों को बुलाया नहीं जाता बल्कि वे स्वयं के खर्च पर कथा स्थल पहुंचते हैं और शिव तत्व में सम्मिलित हो जाते हैं।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कुबेरेश्वर धाम को लेकर भी बातें कही। उन्होंने बताया कि कुबरेश्वर में रोज हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनाया जाता है जो कि नि:शुल्क है। धाम में आने वाले भक्तों के रहने की व्यवस्था भी की जाती है। यहां के गोशाला में गोवंश की सेवा की जाती है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा नि:शुल्क एंबुलेंस चलाई जाती है। यहां चिकित्सालय हैं जहां नि:शुल्क इलाज किया जाता है ओर दवाइयां भी मुफ्त में दिया जाता है। गोशाला में उतनी ही गायों को रखा जाता है जितने की सेवा की जा सके। कुबेरेश्वर धाम से कुछ दूरी पर बड़ी गोशाला का निर्माण किया जा रहा है।पंडित प्रदीप मिश्रान इस दौरान धर्मांतरण पर भी बात की। उन्होंने कि देश में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हो रहा है जो चिंता जनक है। यदि कोई धर्मांतरण करता है इसमें हमारी भी उतनी ही गलती है। जरूरत है हमें संगठित होने की और दूसरों के प्रति सेवा भाव रखने की। आप यदि सनातन धर्म के हैं तो अपने धर्म को श्रेष्ठ मानें। पैसे लेकर कथा करने के आरोपों पर प्रदीप मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कभी कथा के लिए रुपए नहीं मांगे। पंडित मिश्रा ने टोटकों को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि वे जो भी बताते हैं उनका वर्णन शिव पुराण है। शिवलिंग को बेलपत्र अर्पण करना, बेल पत्र में शहद लगाना यह कोई टोटका नहीं है।

औषधि का काम कर रहा है बेलपत्र
पंडित मिश्रा ने कहा कि समस्या ग्रस्त लोगों को वे उपाय बताते हैं और वह वैज्ञानिक आधार पर होता है। आज मंदिरों में जो बेलपत्र चढ़ाते हैं वे पहले फेंक देते थे। आज उसे औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। बेलपत्र में ऐसा तत्व छिपा है जिससे बीपी, शुगर व थाईराइड जैसी बीमारियों का निवारण हो रहा है। कथा स्थल पर महंगे समान की बिक्री पर उन्होंने कहा कि जो भी धर्म की जगह पर ऊंची कीमतों पर बेचते हैं तो वह गलत करते हैं। यहां लिया गया पैसा कहीं न कहीं व्यर्थ ही होगा।

संविधान बदलने कभी नहीं कहा
पंडित मिश्रा ने अपने भजनों में संविधान बदलने की बात कही है और उस पर हुए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे कभी यह नहीं कहते कि संविधान बदलना चाहिए। वह शब्द केवल उनके भजन का हिस्सा है और उसे कहने का तात्पर्य भी अलग है। हमारे व्यास पीठ से यह कभी नहीं कहा गया कि संविधान बदलिए। हमारे भजन की लाइन है संविधान को बदलो, हमें हिन्दू राष्ट्र बनाना है। यदि कोई भजन की लाइन को कैच करता है तो यह सही नहीं है। हिन्दू राष्ट्र को लेकर भी पंडित मिश्रा ने कहा कि भारत देश हमेशा हिन्दू राष्ट्र रहा है और आगे भी रहेगा। यहां रहने वाले हर धर्म के लोग हिन्दू राष्ट्र का ही हिस्सा हैं।

गुलामी देने के लिए बने हैं कॉन्वेंट स्कूल
पंडित मिश्रा ने बच्चों को स्कूल न भेजने के सवाल पर कहा कि वे कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ हैं। अंग्रेजों ने जो कान्वेंट स्कूल बनाएं हैं वे गुलाम बनाने के लिए हैं। भारत में गुरुकुल होते हैं जो राज सिंहासन पर बैठाना सिखाते हैं। राजगद्दी तक पहुंचाने का रास्ता हमारे गुरुकुल हैं। छत्तीसगढ़ की नक्सल समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि यह लोग जो काम कर रहे हैं वह तोड़ने का काम है। हमारे सैनिक व पुलिस कर्मी यदि इनके निशाने पर हैं तो इनके पीछे पूरा परिवार है तो इसका खामियाजा भुगतता है। यही प्रयास करना चाहिए कि अपने जीवन को अच्छा बनाएं।

 

 

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सूरजपुर में जिसे पकड़ाया था, अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ा

सीएम बघेल ने शेयर किया वीडियो

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) सूरजपुर में पकड़ी गई बाघिन को अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया। इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने इसका वीडियो भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा- 'शनिवार सुबह सूरजपुर वनमण्डल से 28 मार्च को रेस्क्यू की गई मादा बाघ को पूर्णतः स्वस्थ्य होने के पश्चात् राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण की स्थापित मानक प्रचालन प्रक्रिया के तहत अचानकमार टाइगर रिजर्व के उपयुक्त रहवास में छोड़ा गया है। इस मादा बाघिन के अचानकमार में रहने से यहां बाघों की संख्या में वृद्धि होने के लिए विभाग आशान्वित है।'

 
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तरुण छत्तीसगढ़ ने मनाया मूक-बधिर बच्चों के बीच स्थापना दिवस

इनसे मिलकर अपूर्व शांति मिलती है: संकल्प मिश्रा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सांध्य दैनिक समाचार पत्र तरुण छत्तीसगढ़ ने अपना 39वां स्थापना दिवस अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल के मूक-बधिर बच्चों के बीच मनाया। इस अवसर पर बच्चों को पानी बोतल, कम्पास बाक्स सहित पाठ्य सामग्रियां वितरित की गई।ज्ञात हो कि तरुण छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस 30 मार्च को था। स्थापना दिवस पर तरुण छत्तीसगढ़ परिवार आज मूक-बधिर बच्चों के बीच पहुंचा।सेक्टर एक, न्यू राजेन्द्र नगर, कटोरा तालाब में अर्पण कल्याण समिति द्वारा संचालित अर्पण दिव्यांग स्कूल में बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने तरुण छत्तीसगढ़ के प्रधान संपादक कौशल किशोर मिश्रा की प्रेरणा से उनके पुत्र एनएसयूआई के प्रदेश मीडिया प्रभारी संकल्प मिश्रा ने स्कूल परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी महीने संकल्प का जन्म दिन भी था।कार्यक्रम के सभापति व पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि यह पहली बार है जब कोई समाचार पत्र अपना स्थापना दिवस मूक बधिर बच्चों के बीच मना रहा है। आम जनता तक सच्ची व ताजी खबरें पहुंचाने के साथ ही तरुण छत्तीसगढ़ का दिव्यांग बच्चों व समाज की सेवा करना अत्यंत ही सराहनीय कार्य है। यह अखबार 'आम आदमी का अपना अखबारÓ के ध्येय वाक्य को पूरी जिम्मेदारी से वर्षों से निभा रहा है। सेवा के क्षेत्र में समाचार पत्र का एक नया चेहरा आज सामने आया है।प्रमोद दुबे ने कहा कि इस समाचार पत्र के प्रधान संपादक कौशल किशोर मिश्र ने अपनी पत्रकारिता के जरिए हमें राजनीति का ककहरा सिखाया है। कौशल भैया ही सही मायने में हमारे राजनीतिक गुरु हैं। वे अपने अखबारों में हमें स्थान नहीं देते तो हम राजनीति में आगे नहीं बढ़ पाते।तरुण छत्तीसगढ़ के प्रधान संपादक कौशल किशोर मिश्र ने इस अवसर पर प्रेषित अपने संदेश में स्कूल की उतरोत्तर प्रगति तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि ये दिव्यांग बच्चे भगवान के रूप हैं। इनकी सेवा से शांति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।संकल्प मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि तरुण छत्तीसगढ़ ने हमेशा दलित, शोषित व आम लोगों की समस्याओं को उठाया है। संकल्प मिश्र ने कहा जब मैं पहली बार इस स्कूल में आया था तभी से मैंने इन बच्चों से आत्मिक रूप से जुड़ गया था। इन बच्चों के बीच आकर हम तनाव मुक्त हो जाते हैं। इन्हें गले लगाने से हमें परम आनंद की अनुभूति होती है।मिश्र ने कहा कि हममें इतनी सामथ्र्य नहीं है कि दिव्यांग बच्चों को हम कुछ दे पाएं, हम तो इनसे कुछ लेकर ही जाते हैं। ये भले ही बोल-सुन नहीं सकते लेकिन इनकी समझ व दिमाग बेहद तेज है। तरुण छत्तीसगढ़ सदा इनके साथ है।समिति के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने स्कूल की पूरी जानकारी दी। संकल्प मिश्र ने इस अवसर पर बच्चों के काम आने वाली पानी की बोतल, कम्पास बाक्स व पाठ्य सामग्रियों का वितरण किया तथा उनके साथ बैठकर जलपान ग्रहण किया।इस अवसर पर युवक कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप, लाखेनगर मंडल अध्यक्ष आकाश शर्मा, संस्था के कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, प्राचार्य कमलेश शुक्ला, तरुण छत्तीसगढ़ के व्यवस्थापक नरेन्द्र चौहान, छायाकार जावेद खान, समिति के दिनेश शुक्ला, शिक्षक विशाल, शहाना आदि मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शुक्ला व आभार प्रदर्शन सीमा छाबड़ा ने किया।

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आंधी तूफान और बारिश से रात में उजड़ा शिव कथा पंडाल

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण कथा वाचन स्थल में बिती रात्रि आये आंधी तूफान और बारिश में वहां का पंडाल उजड़ गया, जिसके कारण बल सुबह से ही उसे ठीक करने मशक्कत करनी पड़ी लेकिन कथा वाचन के पहले ही डोम शेड के बाहर बने इतना बड़ा पंडाल ठीक कर लिया गया। चार घंटा चले आंधी तूफान में कोई जनहानि नही होना और उतना बड़ा पंडाल को कथा वाचन सुनने भक्तों के आन से पहले ही पूरा ठीक कर लिया जाना चमत्कारिक माना जा रहा है।

मौसम के करवट लेने से बीती रात इस्पात नगरी में तेज हवाएं चलने के साथ ही लगभग 4 घंटे तक बारिश हुई। इसके चलते सिविक सेंटर इलाके में जयंती स्टेडियम मैदान पर शिव महापुराण कथा स्थल पर लगाए गए पंडाल में अव्यवस्था से वहां ठहरे शिव भक्तों में अफरा तफरी मच गई। मौसम की मार से शिव कथा स्थल पर बनाए गए तीनों डोम शेड तो सुरक्षित रहे। लेकिन लोगों की उमड़ रही भीड़ के मद्देनजर डोम शेड के बाहर बने पंडाल हवा और बारिश में ध्वस्त होने लगा। ऐसे में वहां बाहर से आकर रात्रि विश्राम कर रहे भक्तों में हड़कंप सी मच गई। लोगों ने व्यास गद्दी के पास बने पंडाल में आकर शरण लिया। इस दौरान पंडाल में हर हर महादेव का उद्घोष लगातार गूंजता रहा। शिव भक्तों ने रात भर हर.हर महादेव के जयकारे लगाकर पंडाल में ही डटे रहे।

गौरतलब रहे कि भिलाई सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान बहुत बड़ा पंडाल और डोम का निर्माण कथा श्रोताओं के लिए किया गया है। जहां पर 25 अप्रैल से 1 मई तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के पहले 23 अप्रैल को आंधीए तूफान और बारिश से पंडाल गिर गया था। फिर मेहनत कर उससे कहीं ज्यादा अच्छा पंडाल का भव्य निर्माण किया गया। कथा स्थल पर  सुबह फिर मेले जैसा चहल-पहल और रोज की तरह भंडारा प्रसादी का वितरण शुरू किया गया।

 

 

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जहर पीकर किसान ने की आत्महत्या, ये है वजह

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बवासीर बीमारी से परेशान एक किसान ने आत्महत्या करने के इरादे से जहर पी लिया था। परिजन ने उसे अस्पताल दाखिल कराया, जहां इलाज के दाैरान उसकी माैत हाे गई। मोरगा चौकी अंतर्गत ग्राम उचलेंगा निवासी ग्रामीण सझऊराम बिंझवार (52) करीब 8 साल से बवासीर बीमारी से परेशान चल रहा था।

इलाज कराने के बाद भी राहत नहीं मिलने के कारण उसने शनिवार काे घर पर अकेले हाेने पर जहर पी लिया था। उसका बेटा अमर सिंह बिंझवार परिवार समेत खेत से लाैटा ताे पिता काे जमीन पर पड़ा पाया। पास ही जहर की शीशी पड़ी थी।

 

 

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छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी

पॉवर कंपनी के मुख्य अभियंता श्री रामजी सिंह की भावभीनी विदाई अधीक्षण अभियंता श्री संजय जैन एवं एस.ओ. श्री नागतोड़े भी हुए सेवानिवृत्त

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) 28 अप्रैल 2023. छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के मुख्य अभियंता (सी.पी.एंड बी.डी.) श्री रामजी सिंह को सेवानिवृत्त उपरान्त कंपनी मुख्यालय विद्युत सेवाभवन में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी श्री मनोज खरे, जनरेशन कंपनी के एमडी श्री एस.के.कटियार एवं निदेशक(कार्मिक एवं प्रशासन) श्री के.एस.रामाकृष्णा ने उन्हें प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। प्रबंध निदेशकों ने सेवानिवृत्त श्री सिंह की सेवाओं को प्रदेश के विद्युत विकास के लिए महत्वपूर्ण निरूपित करते हुए उनके द्वारा विद्युत मंडल एवं कंपनी में दिये गये योगदान की सराहना की तथा उनके उज्जव
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भेंट मुलाकात, कुरूद के किसानों ने सीएम को बताया योजनाओं से आई आर्थिक समृद्धि

कुरुद विधानसभा में 82 करोड़ 39 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कुरूद विधानसभा में भेंट मुलाकात के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां सेमरा ग्राम में ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी। साथ ही उन्होंने इस अवसर पर 82 करोड़ 39 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। लोकार्पित होने कार्याे में 45 करोड़ 27 लाख रुपए के 31 कार्य शामिल हैं। 37 करोड़ रुपए की लागत से 34 कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

 मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि हम लोग श्रमिकों के लिए भी कार्य कर रहे हैं। भूमिहीन श्रमिकों को राशि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मई दिवस के अवसर पर श्रमिकों के लिए रायपुर में सम्मेलन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ी में अपनी चर्चा में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से कहा कि आप मन के झारा-झारा न्योता हे। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास तथा जिले की प्रभारी मंत्री अनिला भेड़िया, सिहावा विधायक लक्ष्मी ध्रुव, अपर मुख्य सचिव  रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के सचिव एस भारतीदासन, संभागायुक्त यशवंत कुमार, एसपी प्रशांत ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद रहे।

वर्मी कंपोस्ट से फसल में बीमारी नहीं

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले किसानों से बातचीत की। भखारा निवासी एक किसान ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट के बड़े अच्छे नतीजे आये हैं। फसल में बीमारी बिल्कुल नहीं हुआ। इससे काफी बचत हो गई। इसके साथ ही 3 लाख रुपए का ऋण माफ हो गया है। अभी तो सरकार ने 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा कर दी है। इससे तो किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। किसान गोविंद राम साहू ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की सारी किश्त मिल गई है। एक एकड़ खेत था। कुछ कर्ज था जो कर्जमाफी योजना के चलते माफ हो गया। वर्मी कंपोस्ट की बात आई तो बसंती साहू ने बताया कि हम लोग वर्मी खाद बनाते हैं और इसकी अच्छी खासी बिक्री होती है। अभी उनके समूह ने 77 हजार रुपए का वर्मी कंपोस्ट बना लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि की ऊर्वरा शक्ति बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि हम जैविक खाद का ही प्रयोग करें।

अस्पताल तो आप गांव में भेज देते हैं

जब मुख्यमंत्री ने हाट बाजार में मोबाइल वैन के बारे में पूछा तो अमृत लाल साहू भेंडरवानी ने बताया कि ये तो बहुत अच्छी योजना है। इस योजना में तो हमको अस्पताल तक नहीं जाना पड़ता। अस्पताल ही गाँव में आ जाता है। हाटबाजार जाते हैं तो इलाज करा लेते हैं और मुफ्त में दवा भी मिल जाती है। राजेश्वरी ने बताया कि मेरा बेटा 3 साल का है पहले कमजोर था। मुख्यमंत्री सुपोषण मिशन का लाभ उठाया और अब पूरी तरह स्वस्थ और तंदरूस्त है।

स्वामी आत्मानंद स्कूल की वजह से हमारे 50 हजार रुपए बचे, बचत से हायर स्टडी में मिलेगी मदद- प्रियांशु दास मानिकपुरी स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि शिक्षक भी बहुत अच्छे हैं। मेरे पिता भी सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। यहां पढ़ाई बहुत अच्छी है। प्रियांशु ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। सान्या गायकवाड ने बताया कि मैं कामर्स संकाय की छात्रा हूं। सान्या ने बताया कि वो छाती में रहती है वो कुरूद स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ती हूं। मेरे पिता किसान है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनके पिता किसान हैं और अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए कितना ध्यान रख रहे हैं। सान्या ने बताया कि इसके पहले उसे 30 हजार रुपए देने पड़ते थे और 50 हजार तक बस का खर्च मिलाकर हो जाता था। अब मैं इस बचे पैसे को हायर एजुकेशन में खर्च करूंगी।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं

इस अवसर पर सेमरा बी में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की। इसमें कुरूद-चर्रा- कातलबोड-नवागांव मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण , गाड़ाडीह-परखंदा-गुदगुदा नारी मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, कुरमातराई, भेण्डरा, कोर्रा जुगदेही, सिलौटी, सेमरा, अरकार मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल है। साथ ही ग्राम पंचायत सेमरा बी में पशु औषधालय का पशु चिकित्सालय में उन्नयन, नगर पंचायत भखारा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विभिन्न निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत गातापार के अंतर्गत सिर्री और कोर्रा में मुक्तिधाम, ग्राम पंचायत के भेंडरी के बालक प्राथमिक शाला का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय शिवप्रसाद साहू( शिक्षक) के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत सेमरा बी में धान खरीदी केंद्र सेमरा में शेड एवं खाद गोदाम का निर्माण करने तथा ग्राम कोर्रा में जिला सहकारी बैंक हेतु भवन के निर्माण की घोषणा भी की।

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मोबाइल की बैटरी फटने से कमरे में लगी आग, 4 लोग झुलसे.

खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शहर की एक धर्मशाला में उस समय हड़कंप मच गया, जब मोबाइल की बैटरी अचानक फट गई। ऐसे में कमरे के भीतर अफरा-तफरी मच गई। कमरे में ठहरे चार मुसाफिर इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


घटना गुरुवार रात 9-10 बजे की बताई जा रही है। जानकी धर्मशाला में ठहरे कुछ मुसाफिर सरकारी तहसील सर्विस के लिए आए हुए थे। यह सभी चार लोग कमरा नंबर 6 में रुके हुए थे, जहां पर मोबाइल की बैटरी अचानक फटने से कमरे के अंदर तेज धमाका हुआ। वहीं चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका उपचार चल रहा है।


स्थिति को देखते हुए मालूम पड़ता है कि विस्फोट इतना भयानक था कि रूम में लगे एसी के चिथड़े उड़ गए, वहीं उनकी सारी सामग्री जलकर खाक हो गई। इधर आवाज सुनने के बाद धर्मशाला के मैनेजर मिंटू सोनी तत्काल ऊपर पहुंचे, उन्होंने फाटक तोड़कर मुसाफिरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सुबह इसकी सूचना थाने में दी गई। तकरीबन 4 मोबाइल जलकर खाक हो गए पूरे। गद्दे जल गए। अगर मैनेजर तत्काल नहीं पहुंचते तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। मैनेजर की सूझबूझ से उन्हें बाहर निकाला गया। घायलों में महेंद्र सिंह जबलपुर, लीलाधर निषाद बेमेतरा, यशवंत कुमार साहू बलौदा बाजार, धनु प्रसाद भिलाई थे, यह सभी सरकारी सर्वेक्षण में आए हुए थे।

 

 

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भेंट-मुलाकात: मुख्यमंत्री कुरुद रवाना

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में शामिल होने कुरूद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हंचलपुर रवाना हो गए है।  

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हंचलपुर पहुंचेंगे और 11.55 बजे गांव के रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का भ्रमण कर गोबर पेंट उद्योग तथा वहां संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे।

इस दौरान वे स्व-सहायता समूह के सदस्यों से चर्चा करेंगे।

बघेल दोपहर 12.20 बजे हंचलपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12.30 बजे कुरूद विधानसभा के ग्राम सेमरा (बी) पहुंचेंगे और वहां प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने के बाद भेंट-मुलाकात कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री यहां विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आम जनता से भेंट-मुलाकात के दौरान राज्य शासन की योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी लेंगे।

मुख्यमंत्री ग्राम सेमरा बी से 2.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.45 बजे कुरूद पहुंचेंगे और वहां विश्राम गृह में अपरान्ह 3.15 बजे से विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.50 बजे कुरूद से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 5.10 बजे रायपुर लौट आएंगे।

 

 

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राष्ट्रीय उद्यान से लगे गांवों तक अब राजकीय पक्षी की गूंज रही मीठी बोली

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के मैना मित्र तथा वन विभाग के  फ्रंट लाइन स्टाफ के निरंतर प्रयास से अब बस्तर पहाड़ी मैना की संख्या में वृद्धि होने से आस-पास के ग्रामों में भी उनकी मीठी बोली गूंजने लगी है।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना का प्राकृतिक रहवास कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान ही है। यहां लगभग एक साल से स्थानीय समुदाय के युवाओं को प्रशिक्षण देकर मैना मित्र बनाया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप तथा वन मंत्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग की पहल पर मैना मित्र पहाड़ी मैना के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयासरत है और अब उनकी मेहनत रंग ला रही है।

इस संबंध में निदेशक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान धम्मशील गणवीर ने बताया कि  कैम्पा योजना अंतर्गत संचालित मैना सरंक्षण एवं संवर्धन प्रोजेक्ट  बस्तर  पहाड़ी मैना  के सरंक्षण के लिए कारगर साबित हुआ है।

प्रोजेक्ट अंतर्गत मैना मित्रों द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान से लगे 30 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

प्रत्येक शनिवार और रविवार स्कूली बच्चों को पक्षी दर्शन के लिए ले जाया जा रहा है, जिससे उनके व्यवहार में बदलाव भी देखा जा रहा है। एक समय में जिन बच्चों के हाथ में गुलेल थे अब उनके हाथ में दूरबीन देखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है की मैना का रहवास साल के सूखे पेड़ो में होता है, जहां कटफोड़वे घोंसले बनाते है। इसी कड़ी में बस्तर वन मंडल द्वारा साल के सूखे पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे मैना का रहवास कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के बाहर भी सुरक्षित हो सके।

साथ ही कांगेर घाटी से लगे ग्राम जैसे मांझीपाल, धूडमारास के होमस्टे पर्यटन में पहाड़ी मैना को जोड़ा गया है, जहां पर्यटक पक्षी दर्शन अंतर्गत राजकीय पक्षी को भी देख सकते है।

धूड़मरास से धुरवा डेरा के संचालक मानसिंह बघेल कहते है कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि पहाड़ी मैना हमारे घर के पास देखने को मिल रही है और उन्हें हम होम स्टे पर्यटन के साथ जोड़कर उसका संरक्षण भी कर रहे हैं।  

अभी नेस्टिंग सीजन में पहाड़ी मैना के कई नए घोंसले देखने को मिले, जिसमें अभी पहाड़ी मैना अपने बच्चों को फल और कीड़े खिलाते हुए देखे जा रहे हैं, जिनकी निगरानी मैना मित्रों और फील्ड स्टाफ द्वारा की जा रही है।

पहले जहां पहाड़ी मैना की संख्या कम थी,  अब वह कई झुंड में नजर आ रही है। स्थानीय समुदायों के योगदान एवं पार्क प्रबंधन के सतत् प्रयास से ही यह मुमकिन हो पाया है।

 

 

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तेज रफ्तार कार ट्रक से टकराई, बाप-बेटी समेत 3 की मौत

बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में तेज रफ्तार स्वीफ्ट कार और ट्रक के बीच हुई जबरदस्त भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की जहां दर्दनाक मौत हो गयी, वही 3 अन्य को चिंताजनक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। ये मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र का हैं।

दुर्घटना का शिकार परिवार नयी कार खरीदने के बाद डोंगरगढ़ बम्बलेश्वरी मंदिर परिवार के साथ कार की पूजा कराने गये हुए थे। मंदिर से लौटने के दौरान ये हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी हैं।

पुलिस के मुताबिक डौंडी ब्लाक के ग्रा गीधाली गांव में चम्पालाल साहू का परिवार निवास करता हैं। साहू परिवार ने एक दिन पहले ही नई कार खरीदी थी। कार खरीदने के बाद परिवार के लोग डोंगरगढ़ मां बम्बलेश्वरी मंदिर कार का पूजा कराने गये हुए थे।

मंदिर से लौटते वक्त तेज रफ्तार कार के सामने अचानक मवेशी आ गये। जिसे बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गयी और ट्रक से जा भिड़ी।

दोनों गाड़ियों के बीच हुए जबरदस्त भिड़ंत में नयी कार के परखच्चे उड़ गये। वही इस हादसे में चम्पालाल साहू, सहित उनकी मां अहिल्याबाई और चम्पालाल की बेटी खुशबू साहू की मौके पर ही मौत हो गयी।

वही परिवार के तीन अन्य सदस्यों को चिंताजनक हालत में राजनांदगांव मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया हैं। जहां उनकी हालत नाजुक बतायी जा रही हैं।

पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर घटना के कारणों की जांच कर ही हैं। वही इस हादसे के बाद मृतक परिवार में मातम व्याप्त हैं।

 

 

 

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दो सांड की लड़ाई में महिला की गई जान

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दो सांड की लड़ाई में महिला की जान चली गयी। घटना दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 2 की बताई जा रही है।

महिला घर के बाहर बैठी हुई थी, इसी दौरान दो सांडों ने आपस में लड़ना शुरू कर दिया।

महिला भी सांड की लड़ाई देख रही थी, तभी लड़ते-लड़ते सांड महिला के करीब आ गया और फिर भागने के दौरान महिला को सांड ने दीवार में जोरदार तरीके से टक्कर मार दी। महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला की मौत हो गयी।

घटना को लेकर निगम पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूटा है। लोगों का कहना है कि आवारा पशुओं को लेकर निगम पूरी तरह से निष्क्रिय है। आवारा पशुओं को शहर से दूर ले जाने की कभी कोशिश नहीं की जाती है। घटना के बाद आवासा पशुओं को लेकर दहशत की स्थिति बनी हुई है।

 

 

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सीएम बघेल से मिले कन्याकुमारी से कश्मीर तक पदयात्रा करने वाले सैनी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में देश के कन्याकुमारी से कश्मीर तक लगभग 3580 किमी पदयात्रा करने वाले कृष्ण कुमार सैनी ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नवापारा-राजिम निवासी सैनी ने बताया कि उन्होंने 05 जनवरी को कन्याकुमारी स्थित महात्मा गांधी स्मारक से अपनी पदयात्रा की शुरुवात की थी और 24 फरवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर यात्रा का समापन किया।

उन्होंने 50 दिन 04 घंटे में 12 राज्यों से गुजरते हुए यह सफर तय किया। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ नारे के साथ यह पदयात्रा की है।

 

 

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दूर दराज के लोगों को समाधान के लिए न जाना पड़े दूर, यही हमारा प्रयास : कलेक्टर

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा हर सोमवार को जिला मुख्यालय में जनचौपाल लगाकर लोगों से मुलाकात करते हैं। उन्होंने अब इसे विकासखंड स्तर में भी आयोजित किए जाने की पहल की है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा जिले के दूरस्थ क्षेत्र धरमजयगढ़ के दौरे पर रहे। यहां उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय में चौपाल लगाई। जिसमें उन्होंने बड़ी संख्या में दूर दराज से आए लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनी और निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि जिला मुख्यालय में तो लोगों से मुलाकात करने का अवसर मिलता रहता है। लेकिन दूर दराज के लोग जो अपनी समस्या रखने जिला मुख्यालय नही पहुंच पाते उनसे मिलने के लिए प्रशासन ही उन तक पहुंचे यही प्रयास है। इसी क्रम में विकासखंड स्तर में यह जनचौपाल लगाया गया है। इस दौरान सीईओ अबिनाश मिश्रा, डीएफओ धरमजयगढ़ अभिषेक जोगावत, एसडीएम सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्राम पंचायत-नवागांव के सरपंच एवं प्रधान पाठक आज धरमजयगढ़ में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय जनचौपाल में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला जोगियापारा में शाला भवन काफी जर्जर हो गयी है। उन्होंने कलेक्टर से शाला भवन की मरम्मत कराने हेतु आवेदन किया। कलेक्टर श्री सिन्हा ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन पर कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी तरह शनिराम एवं अन्य ग्रामवासी जनचौपाल में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत क्रिन्धा के ग्राम छुहीपहाड़, सिरडाही एवं चापकछार में लगभग 200 परिवार निवास करते है। यहां पक्के सड़क के अभाव में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर श्री सिन्हा ने ईई पीडब्ल्यूडी को इन गांवों तक सड़क बनवाने के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्डवासी वार्ड क्रमांक 15 चिकटवानी के क्रबिस्तान में बाउण्ड्रीवाल कराये जाने के संबंध में आवेदन लेकर आये थे। इसी तरह नगर पंचायत धरमजयगढ़ के ग्रामवासी नवीन स्कूल भवन की स्वीकृति एवं पुराने स्कूल भवन परिसर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कराये जाने के संबंध में आवेदन लेकर आये थे। कलेक्टर श्री सिन्हा ने संबंधित अधिकारी को आवेदन पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। धरमजयगढ़ में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय जनचौपाल में अन्य लोग राशन कार्ड, राजस्व, सीमांकन, बटांकन, पेंशन को लेकर लोगों ने आवेदन किया।

 

 

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सीएम बघेल शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने दंतेवाड़ा रवाना

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हुए नक्सल हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दंतेवाड़ा के लिए रायपुर से रवाना हो गए हैं। सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर दंतेवाड़ा पहुंचेंगे।

यहां शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद सीएम बस्तर के पुलिस और सुरक्षाबल के अधिकारियों की बैठक भी लेंगे।

बुधवार को हुए नक्सली हमले में डीआरजी के 10 जवान शहीद हो गए। और एक सिविलियन ड्राइवर की भी मौत हुई है। सभी जवान एक पिकअप वैन में सवार थे और दंतेवाड़ा के अरनपुर में ये वैन आईईडी की चपेट में आ गई थी।

डीआरजी के जवान एक ऑपरेशन से लौट रहे थे तभी नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हुए नक्सली हमले के संबंध में आपातकालीन उच्च स्तरीय बैठक ली और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन समीक्षा की।

 इस आपातकालीन बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता अजय यादव उपस्थित थे।

भूपेश बघेल ने कहा, नक्सलियों को बख्शा नहीं जाएगा। नक्सलियों के खिलाफ हमारी लड़ाई अब अंतिम चरण में है। और योजनाबद्ध तरीके से नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा। इस नक्सल वारदात के बाद केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फोन पर घटना की जानकारी ली और जवानों की शहादत पर दुख जताया। उन्होने सीएम को हरसंभव मदद का आश्वास दिया है।

 

 

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लुटेरों ने कैब चालक को बुकिंग के लिए बुलाया, फिर हत्या कर लाश को आंगन में दफनाया , फिर हुआ ये

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कार लुटेरों ने कैब चालक को बुकिंग के लिए बुलाया और हत्या कर दी। चालक बुकिंग पर अभनपुर पहुंचा तो आरोपियों ने सुनील वर्मा की हत्या कर दी। इसके बाद कैब चालक का शव घर के आंगन में दफन कर दिया।

स्वजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, संदेह के आधार पर आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की गई।

पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या कर शव का दफनाने की बात स्वीकार की। आरोपी राकेश कुर्रे और तपन बांधे को गिरफ्तार किया गया है।

उनकी निशानदेही पर पुलिस ग्राम खोला अभनपुर पहुंचकर शव की खुदाई की और शव को जब्त किया। वहीं निशानदेही लूटी हुई गाड़ी बरामद हो गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शीतलापारा निवासी सुनील वर्मा (47) की गुमशुदगी की शिकायत स्वजनों ने 15 अप्रैल को स्वजनों को दी थी। सुनील 15 अप्रैल से लापता था। स्वजनों ने शक भी जताया था। पुलिस ने जांच शुरू कि तो पता चला कि सुनील की आखिरी बार कैब अभनपुर के ग्राम खोला निवासी राकेश कुर्रे ने बुक कराई थी।

पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। राकेश पहले गुमराह कर रहा था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने साथी तपन बांधे के साथ हत्या करने और शव दफन करने की बात स्वीकार की।

आरोपी राकेश कुर्रे मृतक सुनील वर्मा की गाड़ी कई बार किराए में लेकर जा चुका था। दोनों पूर्व परिचित थे। सुनील ने अपने साथी तपन के साथ मिलकर गाड़ी लूटने की योजना बनाई। इसके बाद गाड़ी बेंचकर बराबर-बराबर पैसे का बटवारा करने की शर्त रखी।

योजना के अनुसार 14 अप्रैल को सुनील वर्मा को कार बुकिंग के नाम पर फोन कर ग्राम खोला बुलाया गया। जिसके बाद आरोपितों ने सुनील रात 12 बजे नहर के पास हत्या कर दी।

हत्या करने के बाद राकेश कुर्रे के घर पहुंचे और शव को घर से लगे आंगन में दफनाकर गाड़ी छिपा दी। गाड़ी बेचने का नंबरप्लेट बदल दिया था, ग्राहक की तलाश में थे।

 

 

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दंतेवाड़ा नक्सली हमला: डीआरजी की सबसे मजबूत टीम को बनाया निशाना

 पहले से थी जवानों पर हमले की तैयारी

दंतेवाड़ा  (छत्तीसगढ़ दर्पण)छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में डीआरजी जवानों की गाड़ी को उड़ाने की तैयारी नक्सली पिछले 4 दिनों से कर रहे थे।

आखिरकार बुधवार दोपहर 1:30 से 2:00 बजे के बीच 50 किलो आईईडी से हमला किया। जिसकी आवाज करीब डेढ़ किमी तक सुनाई दी। हमले में जवानों और गाड़ी के चिथड़े उड़कर 60-70 मीटर दूर तक पहुंच गए।

इस हमले में 10 पुलिसकर्मी और एक वाहन चालक की मौत हुई है। सुरक्षाबलों के 2 अलग-अलग कैंप के बीच नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम ने आईईडी ब्लास्ट करके वारदात को अंजाम दिया है। डीआरजी जवानों की जिस टीम को नक्सलियों ने अपना निशाना बनाया है, वह दंतेवाड़ा की सबसे मजबूत टीम थी।

इस टीम के जवानों ने कई मुठभेड़ों में सफलता दिलाई है। माओवाद की कमर तोड़ी है। नक्सलियों को सबसे ज्यादा खतरा इसी टीम से था। इसलिए माओवादियों ने डीआरजी की प्लाटून नंबर 1 को अपना टारगेट बनाया। डीआरजी की इस टीम में सरेंडर नक्सली भी थे।

पुलिस को पहले ही मिल गई थी नक्सलियों की मौजूदगी की खबर
डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) जगदीश पिछले 4 दिन से ककाड़ी, नहाड़ी, गोंडेरास के जंगलों में माओवादियों की बैठक ले रहा था। जगदीश के साथ करीब 30 से 35 की संख्या में हथियारबंद कई माओवादी भी मौजूद थे। जो टीसीओसी के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए रणनीति बना रहे थे। दंतेवाड़ा पुलिस को इंटेलिजेंस से नक्सलियों के मौजूदगी की खबर मिली थी।  

6 टीमों को नक्सल ऑपरेशन पर भेजा गया था

दंतेवाड़ा पुलिस के अफसर उच्च अधिकारियों से जवानों को ऑपरेशन पर भेजने की अनुमति मांग रहे थे। हालांकि, अनुमति मिलने में 2 दिन का वक्त लग गया था। फिर मंगलवार को जवानों को ऑपरेशन पर भेजने का ग्रीन सिग्नल मिल गया। जिसके बाद 25 अप्रैल को दंतेवाड़ा डीआरजी की पूरी 6 टीमों को नक्सल ऑपरेशन पर भेजा गया था। जिसमें करीब 300 से ज्यादा जवान शामिल थे।

नक्सली कमांडर को घेरने रात में ही निकल गए थे जवान
25 अप्रैल की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच जवानों को बड़ी गाड़ियों से अलग-अलग लोकेशन में छोड़ा गया था। ताकि चारों तरफ से नक्सलियों को घेरा जा सके। इनमें डीआरजी की प्लाटून नंबर 1 को अरनपुर के जंगल में छोड़ा गया था। यहीं से जवान नक्सली कमांडर जगदीश को घेरने के लिए रात में ही जंगल में घुसे थे। जवानों को बड़ी गाड़ी के माध्यम से जंगल में छोड़े जाने की खबर नक्सलियों को मिल गई थी। नक्सली पहले से ही अलर्ट थे।

26 अप्रैल की सुबह हुई थी मुठभेड़
जैसे ही जवान 26 अप्रैल की सुबह नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंचे तो दोनों तरफ से गोलीबारी हुई थी। हालांकि, नक्सली कमांडर जगदीश को पुलिस घेर नहीं पाई और वह भाग निकला। अफसरों के निर्देश के बाद सभी जवान जंगल से जिला मुख्यालय लौटने निकल गए थे। इनमें डीआरजी की प्लाटून नंबर 1 अरनपुर पहुंची। जवानों को लेने वाहन गई। इस बात की खबर नक्सलियों को मिल गई थी।

नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम को मिली थी जिम्मेदारी
नक्सलियों को मालूम था कि जवान बड़ी गाड़ी से आए हैं, तो जाएंगे भी उसी में। इसलिए जवानों से भरी गाड़ी को निशाना बनाने की रणनीति बनाई गई। नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम को वारदात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने अरनपुर-समेली कैंप के बीच जब सड़क निर्माण का काम चल रहा था उसी समय कमांड आईईडी प्लांट कर रखी हुई थी। सड़क से करीब 70 से 80 मीटर लंबा तार जंगल की तरफ बिछा रखा था।

जवानों से भरी एक गाड़ी पहले उसी इलाके से गुजरी, लेकिन निशाना नहीं बना सके
ऐसा बताया जा रहा है, बुधवार को जवानों से भरी एक गाड़ी पहले उसी इलाके से गुजर गई। हालांकि, नक्सली उसे निशाना नहीं बना सके। कुछ देर बाद माओवादियों ने दूसरी गाड़ी को अपना निशाना बनाया। इस गाड़ी में 10 जवान सवार थे। यह गाड़ी किसी सिविलियन की थी। जो बुकिंग के तौर पर जवानों को लेने गई हुई थी। दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच जैसे ही गाड़ी आईईडी के ऊपर आई वैसे ही नक्सलियों ने ब्लास्ट कर दिया।

धमाका इतना जबरदस्त था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए
गाड़ी में सवार 10 जवान और एक वाहन चालक के शरीर के चिथड़े उड़ गए। करीब 60 से 70 मीटर दूर तक गाड़ी के पार्ट्स और जवानों के शरीर के अंग फेंका गए। सड़क पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया। नक्सलियों ने इस घटना के लिए करीब 50 किलो की आईईडी का इस्तेमाल किया था। धमाका इतना जोरदार था कि करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। वारदात के बाद नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम जंगल की तरफ भाग गई।

सड़क निर्माण के दौरान प्लांट की गई थी आईईडी
दरअसल, दंतेवाड़ा-अरनपुर-जगरगुंडा सड़क निर्माण का काम पिछले कई सालों से चल रहा है। हालांकि, अरनपुर से आगे कमारगुड़ा तक काम पूरा हो चुका है। जब उस इलाके में काम चल था तो निर्माणाधीन सड़क में ही नक्सलियों ने सैकड़ों आईईडी प्लांट कर रखी हुई थी। पिछले कुछ सालों में करीब 150 से ज्यादा आईईडी बरामद की जा चुकी है। इसी सड़क पर नक्सलियों ने कई बारूदी सुरंग भी बना रखा था। जिसे जवानों ने ध्वस्त किया था। बुधवार को नक्सलियों ने जिस आईईडी को ब्लास्ट किया इसे कुछ साल पहले सड़क निर्माण के दौरान ही प्लांट किया गया था। नक्सली एंगल के लिहाज से यह काफी खतरनाक सड़क मानी जाती है।

बड़ी गाड़ी से जवानों को लाना बड़ी चूक
अमूमन बस्तर के किसी भी नक्सल प्रभावित इलाके में यदि जवानों को सर्चिंग पर निकाला जाता है तो बाइक के माध्यम से जवान जंगल तक पहुंचते हैं। लेकिन, दंतेवाड़ा में एक जवानों को बड़ी गाड़ी से लाना, ले जाना एक बड़ी चूक की गई है। वह भी ऐसे इलाके में जो पूरी तरह से नक्सलियों का क्षेत्र है। दंतेवाड़ा से जगरगुंडा तक पालनार से आगे हर 10 किलोमीटर के बाद सुरक्षाबलों का एक कैंप जरूर है। लेकिन सड़कों पर नक्सली कई जगह बारूद बिछा कर रखे हैं। इसी चूक का खामियाजा 10 जवान और एक चालक की शहादत से चुकाना पड़ा।

डीआरजी जवानों से नक्सली मानते हैं खुद के लिए ज्यादा खतरा​​​​​​
दरअसल, दंतेवाड़ा समेत बस्तर में नक्सलियों के खात्मे के लिए डीआरजी के जवानों का बड़ा योगदान होता है। क्योंकि, डीआरजी में स्थानीय युवा और सरेंडर नक्सली होते हैं जो जल-जंगल-जमीन से वाकिफ होते हैं। सरेंडर नक्सली, नक्सलियों के ठिकानों को अच्छी तरह से जानते हैं। जिससे फोर्स को नक्सलियों के खात्मा करने में काफी आसानी होती है। डीआरजी के गठन के बाद से दंतेवाड़ा समेत पूरे बस्तर में नक्सलियों को काफी नुकसान हुआ है। अन्य फोर्स की तुलना में नक्सली डीआरजी जवानों से खुद के लिए ज्यादा खतरा मानते हैं। दंतेवाड़ा जिले में पहली बार एक साथ इतनी संख्या में डीआरजी के जवानों की शहादत हुई है।

बीजापुर में चूके तो दंतेवाड़ा में बनाया टारगेट
18 अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के काफिले पर हमला किया था। हालांकि, इस हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ था। कुछ दिन बाद माओवादियों ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया था कि, उनके टारगेट में विधायक या फिर कोई अन्य नेता नहीं थे। नक्सलियों ने जवानों को अपना टारगेट बनाया था। वहां नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से चूक गए थे। इसलिए उन्होंने दंतेवाड़ा में जवानों को अपना निशाना बनाया।

नक्सलियों का चल रहा टीसीओसी
बस्तर में नक्सलियों का टीसीओसी चल रहा है। नक्सली टीसीओसी के दौरान बड़ी घटना को अंजाम देते हैं। साल 2021 में अप्रैल के महीने में बीजापुर के टेकलगुड़ा में जवानों को एंबुश में फंसाया था। इस घटना में 21 जवान शहीद हुए थे। वहीं कुछ साल पहले सुकमा के बुर्कापाल में 25 और मीनपा में 17 जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहादत हुई थी।

 

 
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इंडियन कोबरा के साथ फारेस्टन कैट सांप, सपेरों से हुए आजाद

सर्परक्षक समिति और वन अमला ने छुड़ाया, समझाईश देकर सपेरों को छोड़ा गया

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अक्सर देखा जाता है कि सपेरे अपने पिटारे में सांप लेकर जगह जगह घूमते हैं और सांप दिखाकर दानदक्षिणा मांगते हैं, लेकिन क्या आप को पता है कि इन सांपों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता। इनके दांत तोड़ दिए जाते हैं, तो मुंह को भी चिपका दिया जाता है। ऐसे में ये काफी दिनों तक जीवित नहीं रहते और उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में इनकी सुरक्षा के लिए सर्परक्षक समिति लगातार काम कर रही है। मंगलवार को भी कुछ सपेरों के द्वारा काफी मात्रा में सांप लेकर कहीं जा रहे थे। जब इसकी जानकारी सर्परक्षक समिति को लगी, तो उन्होंने मामले की जानकारी वन अमला को दी। इसके बाद वन अमला के सहयोग से सांपो को सपेरों से छुड़ाया गया और इंदिरा विहार के आगे जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक मगंलवार की देर शाम सर्परक्षक समिति का सूचना मिली कि केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड में सपेरों का परिवार है और उनके पास काफी मात्रा में सांप है जिसे लेकर वे कहीं जा रहे हैं। ऐसे में तत्काल सर्परक्षक समिति के पदाधिकारी और सदस्य यहां पहुंचे और मामले की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। जसके बाद वन कर्मचारी भी यहां पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में सांपो के बारे में सपेरों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि करीब बारह सांप उनके पास हैं। देखने पर 11 इंडियन कोबरा और एक फारेस्टन कैट प्राजाति का सांप इनके पास से मिला। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों और सर्परक्षक समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह गैर कानूनी है और सभी सांपो को अपने सुर्पूद में लेते हुए सपेरों को समझाईश देकर छोड़ा गया। इसके बाद सभी वन कर्मचारियों की मौजूदगी में सांप को इंदिरा विहार के आगे ले जाकर सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया।

हो जाती है सांपो की मौत

सर्परक्षक समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि स्वयं के स्वार्थ के लिए सांपो के दांत को तोड़ दिया जाता है। इसके बाद उनके मुंह को चिपका देते हैं। इससे वे बहुत कुछ खा नहीं सकते और कुछ दिनों के बाद इनकी मौत हो जाती है। इस तरह इसे रखना भी गैर कानूनी है। फिलहाल उन्हें अब सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है।

 

 

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