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मुख्यमंत्री बघेल 9 को जगदलपुर और सरगुजा जिले के सीतापुर में आयोजित कार्यक्रमों में होंगे शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर और सरगुजा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सीतापुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जगदलपुर सर्किट हाउस से सवेरे 10.45 बजे कार द्वारा रवाना होकर 11 बजे शासकीय काकतीय महाविद्यालय ग्राउंड जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’ के कार्यक्रम में शामिल होंगे। बघेल इस कार्यक्रम के बाद दोपहर 12.45 बजे जगदलपुर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से विमान द्वारा रवाना होकर दोपहर 1.45 बजे दरिमा एयरपोर्ट अम्बिकापुर पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.05 बजे सोनतराई हेलीपेड सीतापुर पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री सीतापुर के स्टेडियम ग्राउंड में दोपहर 2.10 बजे विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल सीतापुर से अपरान्ह 3.45 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.05 बजे दरिमा एयरपोर्ट अम्बिकापुर आएंगे और वहां से विमान द्वारा रवाना होकर शाम 4.35 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगे।

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मुख्यमंत्री ने दी विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को विशेषकर आदिवासी समाज के लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि आदिवासी जनजातियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। जनजाति बाहुल्य प्रदेश होने के कारण छत्तीसगढ़ को जनजातियों की प्राचीन कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर विरासत में मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों की प्राचीनतम विरासत और संस्कृति को सहेजते हुए उनके विकास और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रकृति के करीब जीवन जीने वाली यहां की आदिवासी आबादी को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के सभी साधन सुलभ कराने का हर संभव प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनजातियों के विकास और हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिये हैं। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की 4200 एकड़ जमीन की वापसी, जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा के लिए समिति का गठन, जिला खनिज न्यास की राशि से आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार का निर्णय, बस्तर और सरगुजा में कर्मचारी चयन बोर्ड की स्थापना और यहां आदिवासी विकास प्राधिकरणों में स्थानीय अध्यक्ष की नियुक्ति से आदिवासी समाज के लिए बेहतर काम करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा है कि आदिवासी समाज की जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाओं से उनका जीवन अधिक सरल हो सका है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 2500 से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करने, 67 तरह के लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर संग्रहण और विक्रय के साथ ही इनका स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से हजारों आदिवासियों की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार ने वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर अधिकार को मजबूत किया है। वन अधिकार पट्टों के मिलने से हजारों आदिवासियों की आवास और आजीविका की चिंता दूर हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आदिवासी संस्कृति का परिचय देश-दुनिया से कराने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव जैसे आयोजनों की शुरूआत की गई है। विश्व आदिवासी दिवस पर सामान्य अवकाश घोषित किया गया हैै। देवगुड़ियों और घोटुलों के संरक्षण और संवर्धन से आदिम जीवन मूल्यों को सहेजने और संवारने का काम राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। विगत साढ़े चार वर्षों में देवगुड़ी ठाकुरदेव एवं सांस्कृतिक केंद्र, घोटुल निर्माण, मरम्मत योजना के तहत दी जाने वाली राशि में उल्लेखनीय रूप से पांच गुना वृद्धि की गई है। साथ ही आदिवासी तीज-त्यौहारों के उत्साहपूर्ण आयोजन के लिए आदिवासी परब सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। आदिवासी पर्वों के आयोजन के लिए ग्राम पंचायतों को 10 हजार रूपए की अनुदान सहायता दी जा रही है। इससे लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृतियों को समझने का अवसर मिला है।

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स्लम एरिया के लोगों के इलाज के लिए शहर को 5 वीं एमएमयू वाहन की सौगात

महापौर एवं कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी

बिलासपुर: बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में स्लम बस्तियों के लोगों को उनके आवास के नजदीक ही इलाज सुविधा मुहैया कराने के लिए एक और मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन (एमएमयू)मुहैया कराई गई है। इसे मिलाकर नगर में पांच एमएमयू संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत यह वाहन निगम को प्राप्त हुई है।

महापौर रामशरण यादव एवं कलेक्टर संजीव कुमार झा ने जिला कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। एसपी संतोष सिंह, निगम आयुक्त कुणाल दुदावत, पार्षद राजेश शुक्ला सहित मेडिकल टीम और निगम के कर्मचारी उपस्थित थे।

नगर निगम के महापौर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

नगर निगम क्षेत्र के स्लम एरिया में रहने वाले लोगों को उनके घर तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत आज बिलासपुर निगम को पांचवा मोबाईल मेडिकल यूनिट मिला है। ज्ञात हो कि नगर निगम में पहले से 4 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित है।

प्रत्येक यूनिट में एक डॉक्टर, एक नर्स, एक फार्मासिस्ट, 1 लैब टैक्निशियन अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस मेडिकल यूनिट में 41 प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और लगभग 170 प्रकार की दवाईयां उपलब्ध है। योजना के शुरू होने से अब तक नगर निगम क्षेत्र के लगभग ढाई लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही प्रतिदिन प्रति यूनिट वाहन लगभग 80 मरीज स्वास्थ्य परामर्श एवं परीक्षण करा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री 8 को रायपुर व जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में होंगे शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 अगस्त को राजधानी रायपुर और बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:05 बजे रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित 'दास्तान ए आजादी' कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 2:50 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विमान द्वारा रवाना होकर 3:30 बजे जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और विमानतल से सर्किट हाउस जाएंगे।

बघेल शाम 6:00 बजे जगदलपुर में जिला चिकित्सालय में नेत्र विभाग अंबका लोकार्पण करने के बाद 'सेहत बाजार' मिलेट कैफे का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वे पुलिस कोऑर्डिनेट सेंटर लालबाग के शौर्य भवन में हरिभूमि / आईएनएच के 'संवाद 2023' कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम जगदलपुर में करेंगे।

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भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक 7 को

अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण पर होगी चर्चा

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक सात अगस्त को पूर्वान्ह 11.15 बजे से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के केबिनेट हाल में होगी।

बैठक में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन पर अनियमित कर्मचारियों ने एक महीने से चल रही हड़ताल को खत्म कर दिया था।

इसके साथ ही प्रदेश में खाद-बीज की स्थिति और धान खरीदी की तैयारी को लेकर भी चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक अचानक तय हुई है। सभी मंत्रियों को रविवार को फोन करके सूचना दी गई कि सोमवार सुबह कैबिनेट की बैठक होगी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेे 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का किया वर्चुअल शिलान्यास

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इनमें छत्तीसगढ़ के 7 रेलवे स्टेशन रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, तिल्दा-नेवरा, अकलतरा, भिलाई पावर हाउस और महासमुंद शामिल हैं।इस समारोह में रायपुर से राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरि चंदन  शामिल हुए।

 
गौरतलब है कि इस योजना में छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास में 1660 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। 
राज्यपाल श्री हरि चंदन  ने रायपुर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए तैयार मॉडल का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन में आयोजित की गई थी।  
 
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के शिलान्यास के इस समारोह में उपस्थित होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यात्री सुविधाओं का विकास देश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। रेलवे देश की जीवन रेखा है। रेलवे के विकास का देश के विकास पर तत्काल और सीधा प्रभाव पड़ता है। आर्थिक विकास में उत्प्रेरक के रूप में रेलवे की भूमिका सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त है।
 
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय देश भर में रेल नेटवर्क के तेजी से विकास और रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में सुधार के लिए सभी प्रयास कर रहा है। देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1307 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का वर्तमान प्रयास रेलवे के साथ बेहतर सुविधाओं और यात्री अनुभव की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
 
श्री हरिचंदन ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना में छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन 32 स्टेशनों के पुनर्विकास में 1660 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज छत्तीसगढ़ में 7 स्टेशनों की आधारशिला रखा। जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, तिल्दा-नेवरा, अकलतरा, भिलाई पावर हाउस और महासमुंद शामिल हैं।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों कों प्रत्येक स्टेशनों के लिए 500 करोड़ रूपए की लागत से एक बड़ा उन्नयन मिलेगा। 
 
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित की जाने वाले इन स्टेशनों पर वाइड कॉनकोर्स, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, वाणिज्यिक क्षेत्र और रिटेल काउंटर आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। योजना में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट की परिकल्पना की गई है। अन्य छोटे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा और उन्हें चौड़े एफओबी, अग्रभाग सुधार, प्रतीक्षा क्षेत्र, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
 
 
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि यह जानकर संतुष्टि होती है कि भारतीय रेलवे जनता के लिए मात्रा और गुणवत्ता दोनों के संदर्भ में सेवाओं के स्तर को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। मैं पुनर्विकास योजना में हमारे राज्य के स्टेशनों का चयन करने के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों की ओर से प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। यह निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ पारगमन उन्मुख सुविधाओं के माध्यम से विकास के नए रास्ते खोलने का काम करेगा।
 
रायपुर लोकसभा के सांसद श्री सुनील सोनी ने प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत् रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास देश सहित प्रदेशवासियों के लिए बड़ी सौगात है। रेलवे स्टेशनों का विकास एयरपोर्ट के तर्ज पर किए जाने की सोच प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की तर्ज पर रायपुर रेलवे स्टेशन एक मॉडल स्टेशन के रूप बनकर तैयार होगा। जिस तरह बच्चे- बुजुर्गस हित लोग एयरपोर्ट को देखने जाते है। उसी तरह रेलवे स्टेशन को भी देखने आएंगे। यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी। एक नए स्वरूप में स्टेशन के विकास से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान अमृत भारत महोत्सव के तहत रायपुर के स्कूलों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन के करकमलों से पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के जी.एम. श्री अ आलोक कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक उपस्थित थे।
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नवा रायपुर में ‘वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना के लिए आईसीएआई को पांच एकड़ जमीन दी जाएगी: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए ‘वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना के लिए ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया‘ को पांच एकड़ जमीन देने की घोषणा की है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना आईसीएआई द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आईसीएआई के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन ‘‘उत्कर्ष‘‘ के दूसरे दिन अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की। 
 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी राज्य और देश की आर्थिक प्रगति में चार्टर्ड एकाउंटेट्न्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट व्यापार, व्यवसाय और उद्योग के आईने की तरह होते हैं, जो उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति को दिखाने का काम करते हैं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मार्गदर्शन देकर अपना योगदान देते हैं। अधिवेशन के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए उसके लिए अच्छा वातावरण तैयार करने की जरूरत होती है। आईसीएआई नवा रायपुर में वर्ल्ड क्लास इंस्टिट्यूट बनाना चाहता है, इसके लिए राज्य सरकार जमीन देगी। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ राज्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। राज्य सरकार की नीतियों से छत्तीसगढ़ में पिछले पौने पांच वर्षाें में   कृषि, उद्योग, व्यापार के क्षेत्र में उत्साहजनक वातावरण निर्मित हुआ है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति से नए-नए उद्योग धंधे प्रारंभ हुए हैं। खेती-किसानी आज छत्तीसगढ़ में लाभ का व्यवसाय बन गया है। पिछले पौने पांच वर्षों में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या 12 लाख से बढ़कर 26 लाख हो चुकी है। खेती का रकबा 22 लाख  हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर हो गया है। समर्थन मूल्य पर पहले जहां 55 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी होती थी, वहीं इस वर्ष हमने 107 लाख मेट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह स्वास्थ और शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत सबसे ज्यादा है, यहां 2200 यूनिट प्रति व्यक्ति बिजली क बिजली की खपत हो रही है। बिजली की मांग 4100 मेगावाट से बढ़कर 5800 मेगावाट हो गई है। बिजली की खपत में बढ़ोत्तरी छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का द्योतक है। कोरोना काल में जब सभी जगह आर्थिक मंदी का प्रभाव था, छत्तीसगढ़ इससे अछूता रहा। उद्योग, व्यापार सहित सभी सेक्टरों में उन्नति हुई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य के लोगों के चेहरे की मुस्कान है। लोगों के सपनों को उड़ान देने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। राज्य सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यापार और व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए नवा रायपुर में 1000 एकड़ में एशिया के सबसे बड़े होल सेल मार्केट की स्थापना की जाएगी। 
 
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के प्रथम एक्ंिटग मुख्य न्यायाधीश तथा गौहाटी हाइकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सूरजमल गर्ग, आईसीएआई के वाइस प्रेसीडेंट श्री रंजीत कुमार अग्रवाल, लल्लूराम न्यूज़ के फाउंडर श्री नमित जैन तथा सेंटर कॉउंसिल के मेंबर्स विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित पत्रिका का विमोचन किया। 
 
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के प्रथम एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सूरजमल गर्ग ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा है। आज छत्तीसगढ़ देश के किसी भी अच्छे राज्य से स्पर्धा कर सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज और अच्छे इंस्टिट्यूटस की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। आईसीएआई के वाइस प्रेसीडेंट श्री रंजीत कुमार अग्रवाल ने कहा कि राज्य की इकॉनामी कैसे ग्रोथ करें, रिवेन्यू कलेक्शन कैसे बढ़े और नागरिकों को कैसे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स बेहतर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि संसद द्वारा 1949 में एक्ट पारित कर आईसीएआई की स्थापना की गई थी। 75 वर्षाें में 1600 मेंबर के साथ प्रारंभ हुए आईसीएआई की मेंबरशिप बढ़कर 4 लाख हो गई है। कार्यक्रम को एसएसईबी के चेयरमेन श्री मंगेश किनारे ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बच्चों की स्किल बढ़ाने में योगदान देगा। श्री नमित जैन और रायपुर ब्रांच के चेयरमेन श्री रवि ग्वालानी, रायपुर ब्रांच सीआईसीएएसए की चेयरमेन सुश्री रश्मि भांग्ला ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न स्थानों से आए सीए के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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कलेक्टर के मार्गदर्शन में फसल बीमा प्रचार रथ रवाना

अम्बिकापुर: कलेक्टर कुन्दन के मार्गदर्शन में शनिवार को फसल बीमा योजना के लिए प्रचार-प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी ऋणी-अऋणी किसान फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकें। रथ जिले के विभिन्न ग्रामों में बीमा की जानकारी के साथ बीमा कराने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी किसानों को सुविधा मुहैया कराएगी। फसल बीमा की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2023 है। भारत सरकार की इस योजना को छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी की ओर से खरीफ 2023 व रबी 2023-24 में संचालित की जा रही है।

पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत उद्यानिकी अधिसूचित खरीफ फसल टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता व अमरूद है। किसानों की ओर से आधार कार्ड, राजस्व अभिलेख, बैंक खाता की प्रति के साथ लोक सेवा केन्द्र, प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति, ऑलाईन पंजीयन, बैंक, विभागीय मैदानी अमला या बीमा कम्पनी अभिकर्ता के मार्गदर्शन से अपनी फसल का बीमा करा सकेंगें। फसल बीमा अंतर्गत रथ रवाना के दौरान नगर निगम आयुक्त अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, सीईओ जिला पंचायत नूतन कुमार कंवर, उपसंचालक कृषि विभाग पीएस दीवान, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने शहीद महेंद्र कर्मा को किया नमन

 रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पूर्व मंत्री और लोकप्रिय नेता स्वर्गीय महेंद्र कर्मा की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हेें नमन किया।

इस अवसर पर सांसद दीपक बैज एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने उन्हें याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता और मंत्री के रूप में महेन्द्र कर्मा जी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और छत्तीसगढ़ के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील, जागरूक और भावुक इंसान भी थे। कर्मा आदिवासियों के हक की हर लड़ाई में दमदारी से अपनी बात रखते थे, इसलिए वे बस्तर टाइगर के नाम से भी जाने जाते थे। उनके जैसे निःस्वार्थ व्यक्ति और अच्छे मित्र का साथ मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। कर्मा ने जीवन के अंतिम क्षण तक आदिवासियों की बेहतरी के लिए संघर्ष किया। झीरम घाटी नक्सल हमले में उनकी शहादत छत्तीसगढ़ भुला नहीं पाएगा।

बघेल ने कहा कि कर्मा की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए राज्य सरकार ने बस्तर विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया और उनके नाम पर प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि कर्मा के विचार और जीवन मूल्य हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।

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सीएम बघेल 4 को दुर्ग के युवाओं से करेंगे भेंट-मुलाकात

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संभागीय मुख्यालयों में युवाओं से भेंट-मुलाकात का सिलसिला जारी है।

मुख्यमंत्री 4 अगस्त को दुर्ग संभाग के युवाओं से भेंट-मुलाकात करेंगे। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम दुर्ग जिले के भिलाई में सेक्टर-6 स्थित जयंती स्टेडियम में आयोजित होगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल रायपुर से पूर्वान्हः 11.30 बजे कार से प्रस्थान कर दोपहर 12.10 बजे जयंती स्टेडियम भिलाई पहुंचेंगे और वहां दोपहर 12.10 बजे से आयोजित ’भेंट-मुलाकात- युवाओं के साथ’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.20 बजे कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के सभी संभागों में युवाओं से भेंट-मुलाकात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रायपुर और बिलासपुर संभाग के बाद कल दुर्ग जिले के युवाओं से मुलाकात करेंगे।  

इस भेंट-मुलाकात के दौरान बघेल छत्तीसगढ़ के विकास में युवा ऊर्जा का सदुपयोग, विकास की संभावनाओं, नवाचार, युवाओं के लिए प्रदेश सरकार की नीति, योजनाओं और उनके  क्रियान्वयन तथा उपलब्धियों पर अपनी बात रखेंगे और युवाओं के जिज्ञासाओं और सवालों के जवाब भी देंगे।

युवाओं के साथ भेंट मुलाकात कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के राजनांदगांव, कवर्धा, बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी और दुर्ग जिले के युवा, महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों सहित अन्य युवा भी मुख्यमंत्री से सीधे बात करेंगे। कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के सभी जिलों से बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे।

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मर्चेन्ट एसोसिएशन ने किया महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस का सम्मान

रायपुर: बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम में आयोजित हमर सियान हमर अभिमान कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी के अनमोल रत्न महाराष्ट्र के  राज्यपाल  रमेश बैस का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।


मर्चेन्ट एसोसिएशन द्वारा उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी गई। रमेश बैस का जन्म 2 अगस्त 1948 को एक किसान परिवार में हुआ। उनके पिता खोमलाल बैस रायपुर के बड़े किसान थे। रायपुर लोकसभा सीट से सात बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड उनके नाम है।

इस रिकॉर्ड के चलते उन्हें केन्द्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली जिसका उन्होंने सफलतापूर्वक निर्वाह किया। महाराष्ट्र से पहले त्रिपुरा एवं झारखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान बैस ने प्रतिनिधि मंडल का हालचाल पूछा। इस अवसर पर मर्चेन्ट एसोसिएशन के संरक्षक, चैंबर ऑफ कामर्स के पूर्व अध्यक्ष जीतेन्द्र जैन, मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष  सतीश जैन, उपाध्यक्ष मुरली शर्मा सहित अन्य व्यापारीगण उपस्थित रहे।

 

 

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मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को दी जन्मदिवस की बधाई

 रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को जन्मदिन पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में राज्यपाल हरि चंदन के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विशेष लेख : जनजातिय लोक संस्कृति को मिली देश-दुनिया में नई पहचान

 राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव

थाईलैंड के युवा कलाकार एक्कालक नूनगोन थाई ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए कहा था कि जनजाति समुदाय की अपनी कला, संस्कृति होती है, इसकी पहचान आवश्यक है। जनजाति समुदाय एक कस्बे या इलाकों में निवास करते हैं, ऐसे में उनकी कला, संस्कृति की पहचान एक सीमित क्षेत्र में सिमट कर रह जाती है। जनजाति समाज की कला और संस्कृति के संरक्षण में ऐसे आयोजनों की बड़ी भूमिका है। बेलारूस की सुश्री एलिसा स्टूकोनोवा ने कहा था कि यह उसका सौभाग्य है कि वह छत्तीसगढ़ आई। उसे छत्तीसगढ़ के कलाकारों की प्रस्तुति देखकर अहसास हुआ कि यहां की संस्कृति, जीवन में कितनी विविधताएं हैं।
        छत्तीसगढ़ में मेला, उत्सव व महोत्सव लोक परंपरा का एक अंग हैं। वहीं राज्य की लोक संस्कृति एवं आदिवासी एक-दूसरे के पर्याय हैं। यहां के वन और सदियों से निवासरत आदिवासी राज्य की विशेष पहचान रहे हैं। प्रदेश के लगभग आधे भू-भाग में जंगल है, जहां मेला-महोत्सव के जरिए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिम संस्कृति फूलती-फलती रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राज्य की आदिम संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही इसे विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का बीड़ा उठाया और छत्तीसगढ़ में वृहद स्वरूप मंे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। राज्य में आयोजित आदिवासी नृत्य महोत्सव महज राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया, इससे छत्तीसगढ़ की आदिम लोक संस्कृति को देश-दुनिया में एक नई पहचान मिली है।
छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है, जो उनके दैनिक जीवन, तीज-त्यौहार, धार्मिक रीति-रिवाज एवं परंपराओं के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। बस्तर के जनजातियों की घोटुल प्रथा प्रसिद्ध है। जनजातियों के प्रमुख नृत्य गौर, कर्मा, ककसार, शैला, सरहुल और परब जन-जन में लोकप्रिय हैं। जनजातियों के पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, वाद्य यंत्र, कला एवं संस्कृति को बीते पांच सालों में सहेजने-संवारने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने विश्व पटल पर लाने का सराहनीय प्रयास किया है। अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन इसी प्रयास की एक कड़ी है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति का दर्शन कराने के साथ ही जीवन की कई चुनौतियों से लड़ने और विषम परिस्थितियों में जीवन यापन करने की प्रेरणा और संदेश देने वाले आदिवासी समाज के नृत्य, संगीत और गीत राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से देशभर के लोगों एवं विदेशी कलाकारों को जुड़ने का अवसर दिया। इस महोत्सव में देशभर के अलग-अलग राज्यों से कलाकार, जनजाति समाज सहित अन्य परिवेश के नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां देखने-सुनने को मिली। छत्तीसगढ की प्राचीन और समृद्धशाली  लोक संस्कृति व नृत्य ने विशिष्ट छाप छोड़ी । रायपुर के साइंस कालेज मैदान में होने वाले इस समारोह में आदिवासी नृत्य के साथ गीत एवं पारम्परिक वेशभूषाओं में एक से बढ़कर एक वाद्ययंत्रों के कर्णप्रिय धुनों की जुगलबंदी के बीच छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के अन्य राज्यों की जनजाति संस्कृति का संगम एवं उनकी जीवंत प्रस्तुति भी देखने को मिली।
वर्ष 2019 में पहली बार हुए इस आयोजन में कलाकारों को मंच देकर छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजाति संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल की। इस आयोजन का दर्शकों ने लुफ्त उठाया और कलाकारों ने इस मंच के माध्यम से आदिवासी संस्कृति को प्रसिध्दि दिलाई। आदिवासियों को जब राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में पहली बार मंच मिला तो वे स्व-रचित गीत, अनूठे वाद्य यंत्रों की धुन और आकर्षक वेशभूषा, आभूषण में सज धजकर नृत्य कला का प्रदर्शन, प्रस्तुतियों को देखने वाले दर्शक आज भी उन्हें भूल नहीं पाते। विगत 3 साल से आयोजित हो रहें। इस महोत्सव में युगांडा, बेलारूस, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश सहित एक दर्जन देशों से आए विदेशी कलाकार भी शामिल हुए। इसके अलावा 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 5000 से अधिक कलाकारों ने भी भाग लिया।

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भिलाई में फैला डेंगू, मिले चार मरीज

भिलाई: भिलाई में इस साल फिर डेंगू फैलने लगा है। अब तक भिलाई में चार मरीज डेंगू के मिल चुके है जिसमें अकेले तीन मरीज तो टाउनशिप के सेक्टर 2 से है और एक मरीज केम्प एक का है, जिसका स्पर्श हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। चार मरीजों में दो का उपचार चल रहा है वही दो लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

डेंगू फैलने के कारण निगम प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन में हडक़म्प मच गया है, और डेंगू फैलने का कारणों का पता लगाने के साथ निगम का अमला और बीएसपी के पीएचई विभाग के लोग  डेंगू फैलने की जानकारी होने पर सक्रिय हो गये। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के टाउनशिप में तीनों मरीज सेक्टर 2 और सडक़ नंबर 4 में पाए गए हैं। जांच करने पर यहां के रहने वाले राजीव, सुयश साहू व उनकी मां पूजा साहू की रिपोर्ट डेंगू पाजिटिव आई है। इससे साफ है कि सेक्टर 2 सहित पूरे टाउनशिप में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का खतरा बना हुआ है। मच्छरों से राहत देने के लिए निगम और बीएसपी ने मिलकर फॉगिंग कराने और दवा छिडक़ाव का कार्य शुरू कर दिया है। टीम लोगों के घरों में जाकर कूलर के पानी को भी निकलवा रही है।

जमा पानी में दवा का छिडक़ाव कर रही है। इधर भिलाई निगम के पटरी पार क्षेत्र में शांतिनगर वार्ड 14ए सडक़ 28 निवासी सुमीत कर्मकार ;25 वर्षद्ध की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। चारों मरीजों में दो की हालत ठीक है। वहीं पूजा साहू और सुमीत कर्मकार की हालत खराब है। इसके चलते उनका स्पर्श अस्पताल में उपचार चल रहा है।

मुंबई से आया है एक पॉजेटिव मरीज सुमित स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सुमीत कर्मकार मुंबई में रहते हैं। स्पर्श हॉस्पिटल में उनका उपचार किया जा रहा है। वो कुछ दिन पहले ही मुंबई से यहां आए हैं। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि वो मुंबई से ही डेंगू प्रभावित होकर आए हैं। वहीं क्वार्टर नंबर 19 एए स?क 4ए सेक्टर 2 निवासी राजीव ;14 वर्षद्ध को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बुखार ठीक नहीं होने पर उन्हें सेक्टर 9 अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां पर जांच होने पर उनकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। स्वस्थ होने के बाद दो मरीज की अस्पताल से हुई छुट्टी क्वार्टर नंबर 21बीए सडक़ 4, सेक्टर 2 निवासी सुयश साहू 03 वर्ष को भी डेंगू हुआ था। उनका उपचार रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल भिलाई में चल रहा था। फिलहाल स्वस्थ होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं सुयश की मां पूजा साहू 26 वर्षद्ध को भी बुखार आने पर बीएम शाह हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। उनकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इलाज के बाद वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उन्हें भी डिस्चार्ज कर दिया गया है।

 

 

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मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से नवजात के इलाज हेतु परिजनों की दूर हुई चिन्ता

रायपुर: बालोद जिले के ग्राम झलमला के निवासी  राजीव नेताम मजदूरी करते थे। उनकी नवजात बिटिया को डॉक्टरों ने हृदय रोग होना बताया और कहा कि वे इसे हैदराबाद ले जाएं, वहीं पर इस बीमारी का इलाज हो पाएगा। राजीव ने कर्ज लेकर, इधर-उधर संपत्ति बेचकर कुछ पैसे जुटाये और बिटिया को हैदराबाद ले गया। वहां बिटिया की सर्जरी हुई।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जब इसकी सूचना मिली और उन्होंने राजीव की कहानी सुनी कि किस तरह अपनी बिटिया के लिए उसने अपना सब कुछ बेच दिया और यथासंभव कर्ज ले लिया। वे राजीव की माँ को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फोन से इसकी जानकारी होते ही स्वयं श्रमिक  राजीव नेताम को मिलने अपने निवास कार्यालय बुलाया और उसकी बिटिया की बीमारी के उपचार के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री बघेल इसे सुनकर काफी भावुक हुए और उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बिटिया के इलाज के लिए तुरंत पांच लाख रुपए की घोषणा की। नवजात की दादी शारदा मंडावी को इससे बड़ी राहत मिली और भावुक होकर बताया कि कका के बारे में बहुत सुने रहेन। मिल के बहुत अच्छा लगिस। कका हमर मन के सब चिंता ल दूर कर दिस।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे जरूरी है, इसलिए हमने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि की सीमा बढ़ाकर 25 लाख कर दी है।

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बारिश ख़त्म होते ही सड़क मरम्मत शुरू करवाएं : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बारिश खत्म होने के तुरंत बाद सड़कों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि आम जनता के सुविधा के लिए सड़कों के अधूरे कार्य, सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में सड़क निर्माण के कार्य मे लगी सभी एजेंसियों को आपस में सामंजस्य बनाकर तेजी से काम करना है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान रायपुर शहर के चार महत्वपूर्ण कार्यों की भी जानकारी ली। इसमें तेलीबांधा में फ्लाईओवर का निर्माण, शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क निर्माण, अटल एक्सप्रेस वे से वीआईपी रोड़  निर्माण तथा खारून रिवर फ्रंट के निर्माण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने विशेष तौर पर शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक निर्माण तथा भू -अर्जन प्रकरण समेत लगभग 137 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली 510 मीटर लंबी सड़क को लेकर अधिकारियों को निर्देश देते हुए जल्द ही इसका कार्य शुरू कराने की बात कही है।

मुख्यमंत्री बघेल ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक लेते तेलीबांधा ओवरब्रिज और एक्सप्रेस वे को वीआईपी रोड से जोड़ने वाले ओवरब्रिज के बारे में भी अधिकारियों से समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री ताम्रध्वज साहू, शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव अयाज भाई तंबोली, सीजीआरआईडीसीएल के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर एवं लोक निर्माण विभाग के ईएनसी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने समीक्षा करते हुए कहा कि बची हुई सड़कों का निर्माण कार्य जल्दी पूरा होना चाहिए। समीक्षा बैठक में जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरगुजा क्षेत्र में कुल 332.7 किलोमीटर सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गयी थी जिसमें 292.2 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि 40.5 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य अभी शेष है जिसे बारिश के मौसम के बाद जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार रायगढ़ क्षेत्र में भी 155.4 किलोमीटर सड़कों का कार्य पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शेष कार्य भी जल्द पूरा किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने खाते में किया राशि अंतरण, युवाओं में उत्साह का माहौल

मनेंद्रगढ़: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने रायपुर निवास कार्यालय से बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों के खाते में चौथी किस्त की राशि का अंतरण किया। एमसीबी जिले के 1 हजार 81 हितग्राहियों के खाते में प्रतिमाह 2500 रुपए के मान से 27 लाख 2 हजार 5 सौ रुपए की राशि हस्तांतरित की गई है। इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरेट एनआईसी केन्द्र में कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनपद उपाध्यक्ष राजेश साहू सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी तथा बेरोजगारी भत्ता हेतु पात्र युवा उपस्थित रहे। पात्र युवाओं लाला, सौभाग्य, सौरभ, सुश्री रीना, सुश्री मधु आदि ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि बेरोजगारी भत्ता मिलने से उन्हें पढ़ाई में लगने वाले पुस्तक-कापी और अन्य सामग्री खरीदने में आसानी होती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलती है। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के साथ ही युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए भी चिन्हांकित किया जा रहा है। जो युवा कौशल प्रशिक्षण चाहते हैं उन्हें विभिन्न संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अब तक 22 बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों को ऑफर लेटर प्रदान किया जा चुका है। वहीं बेरोजगारी भत्ता प्राप्त 6 हितग्राहियों को स्वरोजगार प्रारंभ करने में सहयोग प्रदान किया गया है।

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चीफ़ जस्टिस ने किया आवासीय कॉलोनियों का निरीक्षण

बिलासपुर: छत्तीसगढ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश  रमेश सिन्हा साहब ने छ.ग. उच्च न्यायालय आवासीय परिसर का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने एफ,जी, एच और आई टाइप के आवास कॉलोनियों का निरीक्षण करते हुए कॉलोनी में निवासरत अधिकारियों व कर्मचारियों से उनकी समस्याएँ जानी। उन्होंने वहां चल रहे नए आवास भवनों के निर्माण के संबंध में जानकारी ली। नवीन निर्माणों की गुणवत्ता तथा पुराने आवासों की उचित मरम्मत इत्यादि के संबंध में रजिस्टी के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। औचक निरीक्षण में उनके साथ रजिस्टार जनरल  अरविन्द कुमार वर्मा, एडिशनल रजिस्टार  अवध किशोर, एडिशनल रजिस्टार कम पीपीएस  एम. बी. एल.एन सुब्रमन्यम तथा कोर्ट ऑफिसर भी एक के. बिसेन भी साथ थे। ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा साहब को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुये मात्र 3 माह ही व्यतीत हुये हैं।उक्त तीन माह के कार्यकाल में ही उन्होंने अनेक जिला न्यायालयों व केन्द्रीय जेल, बिलासपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं।

 

 

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