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सरकारी स्कूल में कई स्टूडेंट्स हुए बेहोश...

 दुर्ग: जिले के पेंड्रावन प्राथमिक स्कूल में गुरुवार को एक-एक कर 15 बच्चे बेहोश हो गए। स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया। बच्चे बेहोश क्यों हुए ये तो पता नहीं चला है, लेकिन अध्यापकों का कहना है कि बच्चे घर से बिना खाना खाए आ गए थे। भूख के चलते उन्हें चक्कर आ गया।

जानकारी के मुताबिक, धमधा ब्लॉक के पेंड्रावन शासकीय माध्यमिक विद्यालय में प्रार्थना के दौरान गुरुवार को 3 बच्चे बेहोश हो गए थे। प्रार्थना के बाद जब बच्चे क्लास रूम में पहुंचे, तो वहां बेहोश होने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और बच्चों के परिजनों को दी। बच्चों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रावन ले जाया गया।

परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर अपने बच्चों का हालचाल जाना। गांव के सरपंच रेखचंद साहू भी हाल बच्चों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और इसकी शिकायत ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर धमधा से की। सूचना मिलते ही बीएमओ डॉ. केएस ठाकुर भी डॉक्टरों की टीम के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए सीएचसी धमधा पहुंचाया गया। वहां सभी बच्चों की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

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जामगांव में 132/33 केव्ही सब स्टेशन का किया भूमिपूजन

 कोण्डागांव: केशकाल के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को अब लो वोल्टेज अथवा बिजली गुल होने की शिकायत से निजात दिलाने के लिए गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष एवं केशकाल विधायक संतराम नेताम द्वारा केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगांव में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रमुखों की मौजूदगी में 08 एकड़ की भूमि में 27 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 132/33 केव्ही सब स्टेशन का भूमिपूजन किया।

इस सम्बंध में विधायक संतराम नेताम ने कहा कि गर्मी के मौसम में क्षेत्र में विद्युत की खपत बढ़ने से बड़ेराजपुर, धनोरा एवं केशकाल अंचल में लो वोल्टेज एवं बिजली गुल होने की समस्या से जूझना पड़ता था। अब जामगांव में नवीन सब स्टेशन खुलने से सभी की इस समस्या का निराकरण हो जायेगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों का कर्ज माफ, बिजली बिल हाफ जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है साथ ही अब केशकाल में होने वाली लो वोल्टेज की समस्या को पूर्ण रूप से खत्म करते हुए 132/33 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति मिलते ही भूमिपूजन किया जा रहा है।

इस दौरान सीएसपीडीसीएल जगदलपुर के सिविल अधीक्षण अभियंता तरुण दिवाकर, कार्यपालन अभियंता ए.के द्विवेदी, सहायक अभियंता कमलकांत बंजारे सहित जनप्रतिनिधि सगीर अहमद कुरैशी, धन्नूराम मरकाम, बुधसिंह नेताम, अरुण अग्निहोत्री, मनहेर कोर्राम, सरपंच भोजबाई मरकाम, राजेश येउल्कर, ललित टेकाम, कनिष्ठ अभियंता विकास साहू समेत अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 

 

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मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद की जयंती पर उन्हें किया नमन

 रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद की 6 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा को छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी आत्मानंद जी पर भी गहरा असर हुआ, जिससे उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा में बिता दिया। मठ और आश्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि उन्होंने अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत काम के लिए खर्च कर दी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद का समाज सुधारक और शिक्षाविद् के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान हैं। उनके मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य अनुकरणीय और प्रेरणास्पद है। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उनके आदर्शों और विचारों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। स्वामी आत्मानंद ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार द्वारा इसी तर्ज पर जिला मुख्यालयों और विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिन्दी मीडियम स्कूल शुरू किये जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रामीण सहित दूरस्थ अंचलों में 753 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसी कड़ी में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कॉलेज भी प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना शुरू की है, जिससे गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध हो सके। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों और चार शहरों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी नेे आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने के प्रयास किए। राज्य सरकार ने भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए वनवासियों से वाजिब दामों पर वनोपजों की खरीदी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अकाल के समय गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की शुरूआत की जिससे की बच्चे कुपोषित न हो। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए गरम भोजन की व्यवस्था करते हुए कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लेकर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की है। स्वामी आत्मानंद के विचार मूल्य हमेशा सेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

 

 

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हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हमारा गौरव : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने किया स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाओं का अनावरण

रायपुर: हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हमारे गौरव हैं। मातृभूमि की रक्षा के लिए, आम जनता की भलाई के लिए उन्होंने अपने प्राणों की परवाह नहीं की। पद्मश्री स्वर्गीय डॉ. महादेव प्रसाद पांडेय ने तो 13 साल की छोटी सी आयु में स्वाधीनता संघर्ष में हिस्सा लिया, वहीं समाजसेवी स्वर्गीय नारायण प्रसाद अवस्थी ने आयुर्वेद की शिक्षा के विकास के लिए अपनी मालगुजारी के पांच गांव त्याग दिये। ये हमारे पुरखे दधीचि की तरह हैं जिन्होंने अपना सब कुछ लूटाकर, दान कर देश को समर्पित कर दिया। यह बात मुख्यमंत्री बघेल ने शासकीय स्वर्गीय नारायण प्रसाद अवस्थी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पांडेय और समाजसेवी स्वर्गीय नारायण प्रसाद अवस्थी के प्रतिमा अनावरण के अवसर पर कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवादा मेरे पैतृक गांव से करीब ही है और इस गांव में एक साथ 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने गिरफ्तारी दी थी। उस समय डा. पांडेय नाबालिग थे और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने को लेकर दुविधा में थी क्योंकि कम आयु के होने के बावजूद वे अंग्रेजों का प्रखर प्रतिरोध कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मैं साइंस कालेज में पढ़ता था और बगल के ही आयुर्वेदिक कालेज में स्वर्गीय नारायण प्रसाद अवस्थी की दानशीलता की कहानियां सुनने में आती थीं। उन्होंने अपनी मालगुजारी के पांच गांव दान में दे दिये। उन्होंने दानशीलता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य की बढ़ोत्तरी के लिए और आयुर्वेद की उन्नति के लिए यह कार्य किया। शिक्षा के प्रसार के लिए किया गया कोई भी कार्य बहुत सार्थक होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि धन संग्रह तभी सार्थक है जब इसका उपयोग विद्या के प्रसार में किया जाए। आज हम इस महाविद्यालय प्रांगण में हैं और आयुर्वेद को बढ़ावा देने का इतना सुंदर कार्यक्रम यहां हो रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने डॉ. पांडेय एवं अवस्थी के परिजनों से भेंट भी की। साथ ही उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना के हितग्राहियों को पट्टा वितरण भी किया। इस मौके पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भी अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक कालेज के माध्यम से हर दिन सैकड़ों लोगों का इलाज हो रहा है और वे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। डॉ. पांडेय यहां के प्राचार्य रहे और अवस्थी ने इसके लिए भूमि दान की। आज उनकी दानशीलता का लाभ सभी को मिल रहा है। हम उन्हें नमन करते हैं। कार्यक्रम को पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडेय ने भी संबोधित किया।

इस मौके पर विधायक सत्यनारायण शर्मा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर, राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत डॉ. रामसुंदर दास, नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जीआर चतुर्वेदी एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती की जयंती पर किया नमन

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती भारतीय नारी की दृढ़ इच्छाशक्ति और शौर्य की प्रतीक हैं। उन्होंने अपने पति की मृत्यु के बाद धैर्य और कुशलता के साथ अपने साम्राज्य को सम्हाला और उसे सम्पन्न बनाया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने साहस और वीरता से अंतिम क्षण तक लड़ाई की। अपने आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। रानी दुर्गावती की शौर्य और बलिदान ने उन्हें अमर और चिरस्मरणीय बना दिया है।

 

 

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आबकारी विभाग में चली तबादला एक्सप्रेस, देखें पूरी सूची...

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कुछ ही महीने के अंदर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सभी पार्टियों ने चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है।


इसी बीच प्रदेश के आबकारी विभाग में अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। गृह विभाग ने आदेश जारी किए हैं।

गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 2 सहायक जिला आबकारी अधिकारी, 3 उपायुक्त आबकारी और 7 सहायक आयुक्त आबकारी अधिकारियों के तबादले हुए हैं।

 

 

 

 

 

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छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई नजदीक

रायपुर: छत्तीसगढ़ में अब वर्षा की गतिविधि कम होगी, साथ ही अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू होगा।

मौसम विभाग का कहना है कि छह अक्टूबर से न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू होगी। विभाग का कहना है कि देश के अन्य क्षेत्रों की तरह अब प्रदेश से भी मानसून की विदाई शुरू होगी और 12 अक्टूबर के आसपास प्रदेश से मानसून की विदाई की संभावना बनी हुई है।

बीते कुछ दिनों से प्रदेश में बारिश की थोड़ी कमतर हो गई है, हालांकि मानसूनी तंत्र के प्रभाव से सरगुजा क्षेत्र में पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में मौसम का रुख ऐसा ही बना रहेगा।

1036 मिमी से अधिक हो चुकी वर्षा
प्रदेश में एक जून से लेकर तीन अक्टूबर तक की स्थिति में 1036 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इतनी बारिश पर्याप्त है। बीजापुर जिले में सर्वाधिक बारिश और सरगुजा में सबसे कम बारिश हुई है। वहीं रायपुर जिले में भी एक हजार मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। यह बारिश पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा है।

यह बन रहा सिस्टम
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण झारखंड और उसके आसपास स्थित है। इसके साथ ही ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है।इसके प्रभाव से बुधवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब वर्षा की गतिविधि थोड़ी कम होगी।

 

 

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हॉस्पिटल सहित अनेक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया

दुर्ग: स्वच्छ भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर सभी जगह एक साथ, एक समय पर 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक, एक घंटे के लिये भारत देश को स्वच्छ, सुन्दर बनाने के लिए “स्वच्छता ही सेवा” के तहत स्वच्छता श्रमदान का कार्य किया गया| इसी के तहत सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय पं जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर 9 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ एम रविंद्रनाथ  के मार्गदर्शन में चिकित्सालय परिसर को संक्रमण मुक्त बनाने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया| कार्यक्रम की शुरुआत में स्वच्छता निरीक्षक सुबोध देशपांडे द्वारा सबको स्वच्छता ही सेवा की शपथ दिलायी गई|

स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ प्रमोद बिनायके एवं अन्य मुख्य चिकित्सा अधिकारियों डॉ विनीता द्विवेदी, डॉ कौशलेन्द्र ठाकुर, डॉ राजीव पाल सहित महाप्रबंधक मोहम्मद शाहिद अहमद, बलवीर सिंह, डॉ सौरभ मुखर्जी, डॉ जीवन लाल, डॉ उदय एवं चिकित्सालय के नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी, अधिकारी, वार्ड अटेंडेंट, सफाई मित्र आदि उपस्थित थे|    

पं जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 में स्वच्छता श्रमदान की शुरुआत चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ रविन्द्र नाथ के नेतृत्व में सांकेतिक रूप से झाड़ू लगाकर की गई| स्वच्छता श्रमदान का उद्देश्य पूरे चिकित्सालय परिसर को संक्रमण मुक्त, स्वच्छ सुन्दर, साफ, स्वस्थ वातावरण निर्मित करना है ताकि प्रत्येक व्यक्ति को उपचार के लिए स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो| वार्ड, ओपीडी, आकस्मिक कक्ष, दवाई वितरण केंद्र, पैथोलॉजी, एक्सरे, मनोचिकित्सा वार्ड, चेस्ट, आईसोलेसन, सर्जिकल, मेडिसीन सभी वार्डो की सफाई का स्तर तथा चिकित्सालय का बाहरी परिसर साफ सुन्दर व्यवस्थित हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है|

सफाई अभियान पखवाड़ा की शुरूवात चिकित्सालय से लेकर प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में की गई| उल्लेखनीय है कि सेक्टर 9 चिकित्सालय के द्वारा प्रत्येक वर्ष सृष्टि के सृजनकर्ता बाबा विश्वकर्मा जयंती से गांधी जयंती तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जाता है| अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सालय आने वाले प्रत्येक भिलाईवासी, कार्मिक, स्टाफ सभी से अनुरोध किया है कि परिसर में कृपया पॉलीथिन का उपयोग ना करें, पॉलिथीन स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है| चिकित्सालय परिसर को स्वच्छ सुन्दर संक्रमण मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग करे|

इसके साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने पृथक-पृथक स्थान पर स्वच्छता के लिए श्रम दान किया| संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 बिरादरी के सदस्यों ने 01 अक्टूबर को एसएमएस-2 परिसर में और सिविक सेंटर स्थित कर्मण्य वाटिका उद्यान के अंदर और बाहर की सफाई करके श्रमदान किया| मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री एस के घोषाल के नेतृत्व और महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री योगेश शास्त्री के मार्गदर्शन में यह श्रमदान किया गया|

दल्ली राजहरा खदान

संयंत्र के दल्ली राजहरा लौह अयस्क खदान समूह बिरादरी के सदस्यों ने भी 01 अक्टूबर 2023 को सफाई करके श्रमदान किया। पंडर दल्ली क्षेत्र में राजहरा बाबा के मंदिर परिसर की सफाई की। महाप्रबंधक (खदान-दल्ली राजहरा) श्री एस श्रीकांत के मार्गदर्शन में खदान बिरादरी के सदस्यों ने स्वच्छता अभियान के तहत श्रमदान किया और मंदिर परिसर की वृहद सफाई की। इसके साथ ही संयंत्र की अन्य खनि नगरियों नंदनी, हिर्री और कोटेश्वर खदान में भी स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

देवबलोदा, चरोदा

भिलाई इस्पात संयंत्र एवम् नगर निगम चरोदा, भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में आदर्श इस्पात ग्राम देवबलोदा में सफ़ाई अभियान चलाया गया। इसमें भिलाई इस्पात संयत्र की सीएसआर और नगर निगम चरोदा भिलाई की टीम का विशेष योगदान रहा। यह स्वच्छता अभियान देव बालौदा के प्राचीन शिव मंदिर के समीप स्थित कलशा तालाब में चलाया गया। 

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अस्पताल पहुंचे सीएम बघेल, विधायक मंडावी का जाना हाल

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने मंगलवार को रायपुर स्थित निजी अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और छत्तीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।


गौरतलब है कि विधायक मण्डावी विगत दिवस सड़क हादसे में घायल हो गए जिससे उनके कंधे में चोट लगी है। मण्डावी को सड़क हादसे के बाद बेहतर उपचार के लिए रायपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।

 

 

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अब राज्य के बच्चों को मिलेगी नीट-जेईई की फ्री कोचिंग

मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का शुभारंभ किया

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की नवाचारी ‘स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना‘ का मंगलवार को अपने निवास कार्यालय से ऑनलाईन शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों और चार शहरों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे के समक्ष स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना संचालन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम एवं ऐलन कैरियर कोचिंग इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार ब्रोशर का विमोचन किया। उन्होंने राज्य के विकासखंडों के कोचिंग सेंटर में उपस्थित बच्चों से चर्चा कर योजना के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान स्कूली बच्चों ने अपने बेहतर भविष्य के लिए योजना के प्रति भरपूर खुशी का इजहार करते हुए मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ में बच्चों के कैरियर निर्माण के लिए की एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि निकट भविष्य में पीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की सर्वसुविधा युक्त बेहतर ऑनलाईन कोचिंग की व्यवस्था भी हम सभी विकासखण्डों में करेंगे।

मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह योजना बच्चों के सुनहरे भविष्य को गढ़ने में अहम साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर क्षेत्र में वातावरण का निर्माण करें। इस दिशा में हमारी सरकार द्वारा सबसे पहले कृषि के क्षेत्र में वातावरण बनाया। इससे कृषकों की संख्या और कृषि क्षेत्र की रकबा तथा उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए काम का असर लोगों को दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के वातावरण के लिए हमारी सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत स्कूलों के अधोसंरचना विकास के लिए बडी तादात में 1100 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया। इस राशि से स्कूलों के भवन का संधारण और कक्ष तथा अतिरिक्त कक्ष सहित आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई। स्कूलों में 30 हजार शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण सहित दूरस्थ अंचल तक बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 753 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं। आज इनकी लोकप्रियता की स्थिति यह है कि इन स्कूलों में एक-एक सीट पर प्रवेश के लिए 10-10 आवेदन आते है। राज्य में आज शुरू की गई स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी निर्णय और एक अहम कदम साबित होगा। प्रदेश में पहले दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंदूक से निकली गोलियों की आवाज गूंजती थी। वहां आज राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लाए जा रहे बदलाव से बच्चों के बेहतर भविष्य के अवसर तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत हमने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए कोचिंग के साथ-साथ शिक्षकों की समुचित व्यवस्था की गई है। एक कोचिंग सेंटर में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान एवं गणित विषय के लिए अलग-अलग नोडल शिक्षक चिन्हांकित कर लिए गए है। कोचिंग सेंटरों में अध्यापन कार्य का नियमित अवलोकन किया जाएगा और पालकों का फीडबैक भी लिया जाएगा ऑनलाईन कक्षाओं में टू-वे संवाद रहेगा अर्थात् विद्यार्थी विषय शिक्षकों से प्रश्न पूछ सकेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों का लगातार आंकलन किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज का पल ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त को की गई घोषणा पर स्कूल शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्यवाही कर अमलीजामा पहनाया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शैक्षणिक विकास के लिए सार्थक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ने वाले बच्चे कोटा जैसे संस्थाओं में कोचिंग की कल्पना नहीं करते थे मुख्यमंत्री ने बच्चों के भविष्य को साकार करने वाली योजना शुरू की है जो छत्तीसगढ़ के लिए क्रांतिकारी कदम है।



प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ आलोक शुक्ला ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के संबंध में बताया कि प्रदेश के 146 विकासखंड और चार शहरों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर को इंटरनेट कनेक्शन और कम्प्यूटर से जोड़ दिया गया है। यहां कक्षा 12वीं में गणित एवं जीव विज्ञान संकाय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। यह निःशुल्क कोचिंग हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए दी जाएगी। इस योजना के तहत अब तक 9 हजार 13 बच्चों का पंजीयन हो चुका है। इनमें नीट के लिए 6 हजार 553 और जेईई की कोचिंग के लिए 2 हजार 460 ने पंजीयन कराया है।

इस अवसर पर राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद राजेश सिंह राणा, संचालक लोक शिक्षण सुनील कुमार जैन, प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा इफ्फत आरा, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम इंद्रजीत चंद्रवाल, राज्य योजना आयोग की सलाहकार मिताक्षरा कुमारी, ऐलन कोचिंग संस्था के प्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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पीएम मोदी पहुंचे जगदलपुर, लिया मां दंतेश्‍वरी आशीर्वाद

 जगदलपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास के तहत मंगलवार सुबह 11 बजे जगदलपुर पहुंचे।

पीएम मोदी सबसे पहले जगदलपुर एयरपोर्ट से मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे। यहां उन्‍होंने दंतेश्‍वरी मंदिर में दर्शन और पूजन-अर्चन कर माता का आशीर्वाद लिया। पीएम मोदी यहां से लालबाग मैदान पहुंचकर जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे नगरनार स्टील प्लांट देश को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

सड़क उन्नयन परियोजना का लोकार्पण
इनमें 23,800 करोड़ के नगरनार स्टील प्लांट, अंतागढ़ व ताड़ोकी के बीच नई रेललाइन, जगदलपुर -दंतेवाड़ा डबल रेललाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के ‘कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा खंड’ पर सड़क उन्नयन परियोजना का लोकार्पण शामिल हैं।

जगदलपुर स्टेशन के पुर्नविकास का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोरीडांड सूरजपुर रेललाइन को दोतरफा बनाने की परियोजना और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जगदलपुर स्टेशन के पुर्नविकास का शिलान्यास भी करेंगे। वहीं ताड़ोकी-रायपुर डेमू रेल सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।

तेलंगाना भी जाएंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

जगदलपुर के बाद प्रधानमंत्री तेलंगाना के निजामाबाद जाएंगे, जहां वे बिजली, रेल व स्वास्थ्य जैसे महत्त्वपूर्ण सेक्टरों की लगभग आठ हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री एनटीपीसी की तेलंगाना सुपर थर्मल पावर परियोजना के पहले 800 मेगावाट संयंत्र के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री कई रेल परियोजनाओं की भी आधारशिला रखेंगे।

 

 

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सीएम बघेल ने जगदलपुर-जबलपुर-दिल्ली हवाई सेवा जल्द शुरू करने की मांग

 रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश में हवाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश के विभिन्न हवाई अड्डों से नियमित हवाई सेवाएं राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य बड़े शहरों के लिए उपलब्ध हो ताकि नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा एवं क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके।

मुख्यमंत्री बघेल ने हाल ही में कहा कि जगदलपुर-जबलपुर-दिल्ली हवाई सेवा जल्द शुरू की जाए और इसके संचालन में होने वाली क्षतिपूर्ति देने के लिए हम तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि बस्तर देश की राजधानी से सीधे हवाई मार्ग से जुड़े तो इस क्षेत्र के विकास में और तेजी आएगी।

राज्य सरकार की कोशिश है कि बस्तर विकास की मुख्यधारा से जुड़े और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ यह देश के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं।

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मुख्य न्यायाधीश ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया

 पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जंयती पर किया याद

बिलासपुर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उच्च न्यायालय भवन में मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ। इस मौके पर उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश, महाधिवक्ता, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता, अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

महात्मा गांधी की 154वें जयंती पर मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा ने आगंतुको को संबोंधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, जिन्हें प्यार से बापू के नाम से जाना जाता है, वह न केवल एक नाम है, बल्कि एक अद्वितीय प्रतिष्ठा की संस्था हैं, जो जाति, धर्म व राष्ट्र की सीमा से परे है। उन्होंने उच्च न्यायालय को न्यायिक व्यवस्था का उच्चतम संस्थान बताते हुए न्याय एवं निष्पक्षता का केन्द्र बताया। महात्मा गांधी के आदर्शाे को सम्मान देने हेतु यूनाइटेड नेशन जनरल असेम्बली ने आज के दिन को विश्व अंहिसा दिवस घोषित किया है। मुख्य न्यायाधीश ने आज के दिन आत्मावलोकन करने एवं बापू के आदर्शाे से प्रेरणा लेते हुए देश को साफ-सुथरा, प्रतिष्ठित एवं शांति बढ़ाने हेतु कार्य करने की आवश्यकता बतायी। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जंयती पर याद करते हुए व्यक्त किया कि उनकी सादगी एवं निर्णायकता के लिए उन्हें देश भर में सराहा जाता है।

कार्यक्रम को महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा, छ.ग. उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहाब खान तथा भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा द्वारा भी संबोधित किया गया।

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छत्तीसगढ़ में बादलों की आंख-मिचौली रहेगी जारी, बारिश के आसार

 रायपुर: मानसून की विदाई से पूर्व राजधानी सहित कई क्षेत्रों में बारिश के आसार बन रहे हैं।


मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। यानी कि सरगुजा संभाग सहित बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 अगले तीन दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की क्रमिक गिरावट होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि शेष भाग के अधिकतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा। वहीं, राजधानी में सोमवार को मौसम सामान्यत: मेघमय रहने के आसार हैं और देर शाम बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, जबकि एक दो स्थानों पर भारी से सीमांत भारी बारिश होने की संभावना है। इसी बीच रविवार को राजधानी में उमस ने लोगों को परेशान किया।

वहीं, प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस धमतरी में, जबकि न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार प्रदेश में एक सेमी से लेकर पांच सेमी तक वर्षा कई क्षेत्रों में दर्ज की गई।

इन क्षेत्रों में हुई बारिश
प्रदेश में सर्वाधिक पांच सेमी वर्षा चांपा में हुई। वहीं, पुसौर, जांजगीर, कुसमी, बलौदा, कवर्धा में दो सेमी, बसना, मरवाही, मालखरौदा, पंडरिया, पत्थलगांव में एक सेमी, जबकि अन्य कुछ क्षेत्रों में इससे भी कम वर्षा दर्ज की गई।

यह बन रहा सिस्टम
गांगेय पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे झारखंड के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है और चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। इसके अगले 24 घंटे में उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। वहीं, एक द्रोणिका निम्न दबाव क्षेत्र से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर विस्तारित है।

 

 

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किरण बलियान ने एथलेटिक्स में रचा इतिहास, 72 साल बाद गोला फेंक में जीता कांस्य

हांगझोऊ:  किरण बालियान ने शुक्रवार को यहां हांगझोऊ ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में महिलाओं के गोला फेंक में कांस्य पदक जीतकर एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया। वह 1951 के बाद से 72 साल में भारत के लिए इस स्पर्धा में पदक प्राप्‍त करने वाली पहली भारतीय हैं। उनका तीसरा प्रयास, जो अब उनके करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो है, थ्रोइंग मार्क से 17.36 मीटर दूर जाकर गिरा, उन्होंने अपना तीसरा स्थान जीता। यह सीनियर प्रतिस्‍पर्धा में उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है।

महिलाओं के गोला फेंक में भारत के नाम ज्‍यादा पदक नहीं हैं। हालांकि जकार्ता में 2018 में पुरुषों की प्रतिस्‍प‍र्धा में तेजिंदरपाल सिंह तूर के स्वर्ण पदक जीतने के साथ इस स्पर्धा में अपना दबदबा बनाया है।बारबरा वेबस्टर शॉट पुट में कांस्य पदक जीतने वाली आखिरी भारतीय महिला थीं। उन्‍होंने 1951 में यह कारनामा किया था। किरण बलियान ने 17.36 मीटर की दूरी तक लोहे का गोला फेंककर तीसरा स्थान हासिल किया। चीन की लिजियाओ गोंग ने 19.58 मीटर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि चीनी की ही जियायुआन ने 18.92 मीटर के साथ रजत पदक जीता।

भारत की ओर से शीर्ष थ्रोअर मनप्रीत कौर पर सबका फोकस था, लेकिन किरण ने अपना काम किया। चौबीस वर्षीय किरण ने 15.42 मीटर के वॉर्मअप थ्रो से शुरुआत की और फिर दूसरे प्रयास में गेंद को 16.84 मीटर की दूरी तक पहुंचाया। उन्‍होंने अपने तीसरे प्रयास में इसे 17.36 मीटर तक फेंका, लेकिन इसमें सुधार नहीं कर सकीं। उनका आखिरी तीन थ्रो क्रमश: 16.76 मीटर, 16.79 मीटर और 16.87 मीटर रहा।चीन की लिजिआओ गोंग ने लगातार तीसरे एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता जबकि सोंग ने अपना पहला एशियाई खेलों का पदक जीता।

किरण ने पदक जीतने के बाद एशियाई खेलों की तैयारी में मिले सहयोग के लिए अपने कोचों, महासंघ और सरकार को धन्यवाद दिया। उन्‍होंने कहा, एशियाई खेलों के लिए मेरी अच्छी तैयारी थी और इससे मुझे यह पदक जीतने में मदद मिली। महिलाओं की 400 मीटर हीट में ऐश्वर्या कैलाश मिश्रा के लिए भी यह एक अच्छा दिन था क्योंकि उन्होंने फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए सीजन का सर्वश्रेष्ठ 52.73 सेकंड का समय निकाला।

पुरुष 400 मीटर में भारत के मोहम्मद अजमल फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गए जबकि हमवतन मोहम्मद अनस चूक गये।इससे पहले सुबह, भारत पुरुष और महिला 20 किमी पैदल चाल में पदक नहीं जीत सका। विकास सिंह और प्रियंका गोस्वामी अपनी-अपनी रेस में पांचवें स्थान पर रहे।

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मुख्यमंत्री से लघु वनोपज प्रबंधक संघ ने की मुलाकात

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में प्राथमिक लघु वनोपज प्रबंधक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री का प्रतिनिधिमंडल ने वनोपज समिति प्रबंधकों को त्रिस्तरीय संविदा वेतनमान दिए जाने पर आभार जताया । उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि वनोपज समिति प्रबंधकों की यह दशकों पुरानी मांग थी जिसे उनके द्वारा पूरा किया गया है। प्रदेश भर में कार्यरत वनोपज समितियों के 902 प्रबंधकों को अब त्रिस्तरीय संविदा का लाभ मिलेगा। इस कदम से राज्य के सभी लघु वनोपज प्रबंधकों में हर्ष है। मुख्यमंत्री बघेल ने सभी लघु वनोपज प्रबंधकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्राथमिक लघु वनोपज समिति प्रबंधक संघ के अध्यक्ष रामाधार लहरे, चन्द्रभान सिंह ठाकुर, रविकुमार मंडावी, एन डी कुरैशी सहित अनेक सदस्यगण उपस्थित रहे है।

 

 

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तीस लाख में होगा बांध का निर्माण, दो सौ एकड़ में होगी सिंचाई

महासमुन्द: तीस लाख की लागत से ग्राम खट्टी के बेलाहीडबरी नाला पर स्टाप डेम का निर्माण कराया जाएगा। डेम निर्माण के बाद करीब दो सौ एकड़ में सिंचाई हो सकेगी। संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के प्रयास से इसके लिए मंजूरी मिली है।

डैम निर्माण के लिए ग्राम खट्टी में भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर थे। अतिथि के रूप में मंडी अध्यक्ष हीरा बंजारे, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय शर्मा, हुलासगिरी गोस्वामी, शेखर चंद्राकर, दुजराम साहू, चमन सिन्हा, रेवा साहू, सुनील शर्मा, प्रेम चौहान मौजूद रहे। पूजा अर्चना बाद मुख्य अतिथि चंद्राकर ने डैम निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। अपने संबोधन में संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर ने कहा कि बेलाहीडबरी  पर स्टाप डेम के लिए ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे थे। जिसे गंभीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षित कराया। बाद इसके स्टाप डेम निर्माण के लिए कैंपा मद से लगभग तीस लाख की स्वीकृति मिल सकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बेलाहीडबरी नाला में डैम का निर्माण हो जाएगा। इससे करीब दो सौ एकड़ में सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी। संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने कहा कि शासन द्वारा ग्रामीणों को लाभान्वित कराने के लिए कई योजनाएं संचालित कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर ने कहा कि भूपेश सरकार द्वारा प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी में से नरवा विकास के तहत नदी-नलों का संरक्षण, तालाबों का गहरीकरण, सिंचाई जलाशयों व नहरों की मरम्मत, एनीकटों का निर्माण सहित भू-जल स्तर बढ़ाने के कार्याे को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में कोडार जलाशय के 80 फीसदी नहरों में लाइनिंग का कार्य पूरा हो गया है। किसान समृद्ध हो इसके लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर फैसला ले रही है।

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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

 रायपुर: मानसूनी तंत्र और चक्रवात के प्रभाव से अगले 48 घंटों में गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़ और उससे लगे कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

वहीं दूसरी ओर रायपुर, दुर्ग सहित अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार है।

मौसम विभाग का कहना है कि अब मानसून की विदाई शुरू हो गई है। अगले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम भारत व उससे लगे पश्चिम मध्य भारत से मानसून की विदाई होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ से भी 12 अक्टूबर तक मानसून की विदाई संभावित है।

मौसम विभाग ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है।इसके और ज्यादा प्रबल होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से शनिवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। साथ ही कुछ क्षेत्रों में बिजली भी गिर सकती है।

बारिश ने दिलाई उमस से राहत
बीते कुछ दिनों से बारिश होने से उमस में बढ़ोतरी हो रही थी। शुक्रवार दोपहर हुई जमकर बारिश ने उमस से राहत दिलाई। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में भी प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियसदर्ज किया गया,जो सामान्य रहा। न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियसदर्ज किया गया,जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा।

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