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भूपेश पर नहीं रहा भरोसा, इसलिए दिल्ली के नेता कर रहे घोषणाएं : डॉ. रमन सिंह

रायपुर: खैरागढ़ में कांग्रेस की सभा में पहुंची प्रियंका गांधी ने सोमवार को कई घोषणाएं की, जिसपर पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।


उन्होंने कांग्रेस की पहली घोषणा, सिलेंडर रिफिल करने पर 500 रुपए की सब्सिडी देने को लेकर कहा कि पहले कांग्रेस सिर्फ़ वादे कर जनता को छलती है, न केवल गैस सिलेंडर में सब्सिडी बल्कि गरीबों को उज्जवला योजना के माध्यम से गैस सिलेंडर देने का काम भी हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने किया है।

 



200 यूनिट तक बिजली फ्री देने को लेकर कहा कि कांग्रेस ने पहले भी बिजली बिल हाफ करने का वादा किया था, बिल तो हाफ नहीं हुआ बल्कि बिजली ही हाफ हो गई, वहीं पिछले 15 साल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने न सिर्फ़ प्रदेश के सुदूर अंचलों तक बिजली पहुंचाई बल्कि छत्तीसगढ़ को जीरो पावर कट राज्य बनाया।

 



प्रियंका गांधी द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों की ऋण माफी के वादे को लेकर पूर्व सीएम ने कहा कि इस कांग्रेस सरकार ने सबसे अधिक दुर्दशा प्रदेश में महिलाओं की ही की है जिन महिला स्व सहायता समूह को प्रलोभन देने का काम कांग्रेस कर रही है पिछले 5 साल में उन्हीं महिला स्वसहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीनकर प्राइवेट ठेकेदार के हाथों में देने का काम इस कांग्रेस सरकार ने किया है, प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा समाप्त हो चुकी है, राजधानी रायपुर के एएसपी ऑफिस की पार्किंग में नाबालिग का बलात्कार होता है और प्रियंका गांधी छत्तीसगढ़ आकर महिलाओं से वोट मांगती हैं।

 



आगामी वर्षों में 700 नवीन ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की स्थापना की घोषणा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार राहुल गांधी ने घोषणा पत्र में 200 फूड पार्क बनाने का वादा किया था जिसमें से आज तक 2 फूड पार्क का भी निर्माण नहीं किया और एक बार फिर इस छलावे को और बड़े स्तर पर लाकर जनता को छलने का प्रयास कर रही है।

राज्य के सभी सरकारी स्कूल को स्वामी आत्मानंद इंग्लिश एवं हिन्दी मीडियम स्कूलों में अपग्रेड करने की घोषणा पर पूर्व सीएम ने कहा कि पिछले 5 साल में कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ाने का नहीं बल्कि पछाड़ने का काम किया है, कांग्रेस सरकार के आने के बाद छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में केंद्रशासित प्रदेशों से भी पिछड़कर 34वें स्थान पर आया गया जबकि भाजपा की सरकार में हमने पिछले 15 साल में 40000 से ज्यादा स्कूलों का निर्माण किया, आदिवासी अंचलों तक स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आदि के माध्यम से शिक्षा का विस्तार किया जहां भाजपा की सरकार में NIT, IIT, IIM, IIIT, HNLU और AIMS जैसे शैक्षणिक संस्थान आए, बस्तर में एजुकेशन हब बना, प्रियंका गांधी जिन स्वामी आत्मानंद स्कूलों की बात कर रही हैं कांग्रेस सरकार ने उनमें एक ईट तक नहीं लगाया वो सभी स्कूल भवन भाजपा के कार्यकाल में बने हैं कांग्रेस ने सिर्फ़ नाम बदलकर भाजपा सरकार के कार्यों का श्रेय लेने का काम किया है।

 


इसके अलावा छत्तीसगढ़ के निवासियों के सड़क दुर्घटनाओं में तथा अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओं में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत नि:शुल्क इलाज की घोषणा पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने दुर्घटनाएं देने का काम किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने इलाज देने का काम किया है, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख के इलाज की सुविधा किसी ने दी है तो भाजपा की सरकार ने दी है, छत्तीसगढ़ में 60 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का विस्तार किसी ने बढ़ाया है तो भाजपा की सरकार ने बढ़ाया है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को कुछ दिया है तो सड़कों पर गड्ढे, मवेशी और सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ को नंबर 1 पर ले आए हैं।

कांग्रेस ने अपनी पिछली घोषणा पत्र का 1 भी वादा ठीक से पूरा नहीं किया है तो जनता इनके झूठे वादों में नहीं फंसने वाली छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा भूपेश से समाप्त हो गया है इसलिए कांग्रेस अपने केंद्रीय नेताओं को बुलाकर वादे करवा रही है लेकिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस की भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी की नियत को समझ चुका है, 15000 करोड़ रुपए से अधिक का भ्रष्टाचार करने वाली इस कांग्रेस सरकार का इस बार छत्तीसगढ़ से सफाया जरूर होगा।

 

 

 
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जेपी नड्डा का दो दिवसीय छत्तीसगढ़ 28 से

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा 28 और 29 अक्टूबर को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं। जारी कार्यक्रम के मुताबिक वह 28 अक्टूबर को रात आठ बजे से 9.30 बजे तक प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद भोजन, फिर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

दूसरे दिन 29 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक एकात्म परिसर में बैठक लेंगे। 11 से 11.30 बजे तक अमलीडीह में मन की बात कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे, जहां से वे डोंगरगढ़ विधानसभा के ठेलकाडीह गांव में सभा को संबोधित करेंगे।



राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में चार चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 28 अक्टूबर को सुबह 11.45 बजे रायपुर आएंगे। वह दोपहर एक बजे भानुप्रतापपुर में सभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 2.40 बजे फरसगांव में सभा को संबोधित करेंगे। वह 29 अक्टूबर को दोपहर एक बजे राजनांदगांव में तथा दोपहर 2.50 बजे कवर्धा में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।



सूत्रों के अनुसार राहुल इन सभाओं से चुनाव के लिए नई घोषणाएं कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 30 अक्टूबर को दुर्ग में पाटन विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एक बार फिर छत्तीसगढ़ आएंगी। बिलासपुर जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी भी 30 अक्टबूर को नामांकन पत्र जमा करेंगे। इसके पहले रैली निकलेगी। प्रियंका व सीएम भूपेश इसमें भी शामिल होंगे।

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छत्तीसगढ़ चुनाव : राहुल गांधी और जेपी नड्डा दो दिवसीय दौरे पर चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे

रायपुर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में शनिवार और रविवार को दो दिन में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शनिवार से छत्तीसगढ़ का दो दिवसीय दौरा करेंगे। पार्टी पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस पार्टी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज सुबह 11.45 बजे रायपुर पहुंचेंगे तथा भानुप्रतापपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए रवाना होंगे जहां वह दोपहर एक बजे पहली रैली को संबोधित करेंगे। शुक्ला ने बताया कि इसके बाद राहुल दोपहर 2.40 बजे बस्तर क्षेत्र के ही कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत फरसगांव में एक अन्य रैली को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि अगले दिन 29 अक्टूबर को राहुल की रैली राजनांदगांव और कवर्धा निर्वाचन क्षेत्रों में क्रमशः दोपहर एक बजे और 2:50 बजे होगी।

यह सभी चार विधानसभा क्षेत्र उन 20 सीटों के तहत आते हैं जहां सात नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा। शेष 70 निर्वाचन क्षेत्रों में 17 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा। वोटों की गिनती तीन दिसंबर को होगी।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भानुप्रतापपुर, कोंडागांव और कवर्धा में जीत हासिल की थी तथा राजनांदगांव में हार गई थी। पार्टी ने इस चुनाव में भानुप्रतापपुर से सावित्री मंडावी को, कोंडागांव से मंत्री मोहनलाल मरकाम, कवर्धा से मंत्री मोहम्मद अकबर और राजनांदगांव से गिरीश देवांगन को अपना उम्मीदवार बनाया है।

देवांगन का मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के उम्मीदवार रमन सिंह से है। वहीं, मंडावी के खिलाफ भाजपा ने गौतम उइके को, मरकाम के खिलाफ पूर्व मंत्री लता उसेंडी को तथा अकबर के खिलाफ विजय शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है।

राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे तथा रात आठ से 9.30 बजे तक रायपुर ग्रामीण जिला की बैठक में हिस्सा लेंगे। भाजपा नेताओं ने बताया कि नड्डा 29 अक्टूबर को डोंगरगढ़, खैरागढ़ और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सभा करेंगे।

 

पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने कुल 90 सीटों में से 68 सीटें जीती थीं जबकि भाजपा 15 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) को पांच सीटें मिलीं और उसकी सहयोगी बसपा को दो सीटें मिली थी। कांग्रेस के पास वर्तमान में 71 विधायक हैं।

 

 

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सीएम भूपेश बघेल 28 को बस्तर दौरे पर

रायपुर:  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को बस्तर संभाग के कांकेर और कोंडागांव दौरे पर रहेंगे। सुबह 11.15 बजे वे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। जहां वे एयरपोर्ट पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का स्वागत करेंगे। इसके बाद 12.45 बजे भानुप्रतापपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। जहां वे चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद सीएम दोपहर 2.30 बजे फरसगांव जाएंगे। फरसगांव में आमसभा को संबोधित करेंगे। वहीं शाम 4.30 बजे सीएम भूपेश बघेल रायपुर एयरपोर्ट लौटेंगे।  बता दें कि आज राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इस दौरान वे भानुप्रतापपुर, फरसगांव, कवर्धा और राजनांदगांव में सभा करेंगे. राहुल दोपहर 11.45 बजे रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद आज भानुप्रतापपुर और फरसगांव में सभा को संबोधित करेंगे। वहीं 29 अक्टूबर को कवर्धा और राजनांदगांव में राहुल गांधी सभा को संबोधित करेंगे।

 

 

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भ्रष्टाचारी के घर ईडी आएगी, भारत रत्न के लिए निमंत्रण नहीं : डॉ. रमन

सीएम बघेल के आरोपों पर पूर्व सीएम डॉ. सिंह का करारा जवाब

रायपुर: ईडी-आईटी के छापे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भाजपा पर आरोप लगाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले 5 साल में भ्रष्टाचार के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने के बाद अब सबसे ज्यादा कोई कांग्रेसी डरा हुआ है तो वो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं। कोई भ्रष्टाचार करेगा तो ईडी नहीं आएगी तो भारत रत्न के लिए निमंत्रण आएगा क्या?  इस भ्रष्ट कांग्रेस सरकार के कई अधिकारी, कर्मचारी, कलेक्टर महीनों से जेल में बंद हैं। जमानत तक नहीं हो पा रही है, तो यह तो कल ये भी कह देंगे कि न्यायालय को भी भाजपा कंट्रोल कर रही है। दरअसल प्रदेशवासियों का भारी आक्रोश और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी हार देखकर कांग्रेस अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ईडी-आईटी संवैधानिक संस्थाएं हैं, यह किसी व्यक्ति विशेष या सरकार के दबाव में काम नहीं करती हैं। पिछले 5 साल में कांग्रेस सरकार ने इतने घोटाले कर दिए कि गिनना मुश्किल है। भविष्य में भूपेश बघेल सत्ता में तो नहीं आयेंगे लेकिन जब भी हिंदुस्तान के बड़े लुटेरों की चर्चा चलेगी तो उसमें जरुर भूपेश बघेल का नाम आएगा।

उन्होंने कहा कि इन्होंने 700 करोड़ के धान मिलिंग घोटाले के साथ जितने क्षेत्र छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान और विकास से जुड़े हैं उन सभी में लूट की है-
धान का कटोरा कहलाता है हमारा छत्तीसगढ़ यहाँ धान की मिलिंग में 700 करोड़ का घोटाला किया।
•हमने प्रदेश के 58 लाख गरीब परिवारों 1 रूपए किलों चावल देकर प्रदेश से भुखमरी समाप्त की इन्होंने गरीबों के मुँह का निवाला छीन लिया, 600 करोड़ का पीडीएस घोटाला और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना में 5 हजार करोड़ का घोटाला किया।
•ईश्वर ने हमारे छत्तीसगढ़ को संसाधनों से समृद्ध किया है यहाँ कोयले में 540 करोड़ का घोटाला किया।
•प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को शराबबंदी का वादा करके शराब में 2 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया।
•छत्तीसगढ़ के युवाओं से सीजीपीएससी में धोखा करके कांग्रेसी नेताओं और बड़े अधिकारीयों के बच्चों को नौकरी दे दिए।
•हम गौ माता को पूजते हैं, इन्होंने गौठान के नाम पर 1300 करोड़ और तो और गोबर तक में 229 करोड़ का घोटाला किया और जो थोड़े बहुत गौठान बनाये उनमें गायें व्यवस्था के आभाव में मरती रहीं।


इन सब काले कारनामों के बाद भी इस तरह कुत्ते, बिल्ली जैसे शब्दों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शायद आज के समय में स्वयं को सच्चा कांग्रेसी साबित करना है और मुझे लगता है कि शायद यही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कर रहे हैं।

इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ईडी-आईटी का डर है तो वे भ्रष्टाचार बंद करें। आये दिन एक नया घोटाला सामने आ जाता है तो ईडी और जाँच एजेंसी हाथ पर हाथ रखकर थोड़ी बैठेगी। देश आज भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है और घोटालेबाजों पर कार्रवाई जारी है।

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 5 साल तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ का भरोसा तोड़ा अब उनके घोषणापत्र या खोखले वादों पर जनता क्यों विश्वास करे? जिनका पिछला घोषणापत्र ही अधूरा पड़ा है उनपर दोबारा विश्वास करने की भूल छत्तीसगढ़ की जनता नहीं करेगी।

 

 

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सीएम बघेल 27 को रायगढ़ दौरे पर

रायपुर:  सीएम भूपेश बघेल आज रायगढ़ दौरे पर जा रहे हैं। दौरे को लेकर जारी शेड्यूल के मुताबिक वे 11.55 को रवाना होंगे। बता दें कि रायगढ़ में चुनावी आमसभा का आयोजन किया गया हैं।

 इस सभा को सीएम बघेल संबोधित करेंगे। जिसके बाद वे सरगुजा के लिए रवाना होंगे। पाटन के अटारी में भी आज कांग्रेस की सभा हैं. जहां वे शामिल होंगे। बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीएम भूपेश बघेल लगातार अलग-अलग क्षेत्रो का दौरा कर रहे हैं।

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किसानों की कर्जमाफी से बीजेपी के पेट में दर्द होता है : भूपेश बघेल

रायपुर: कांग्रेस ने हिंदुस्तान को लूटने वालों अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस आज भी छत्तीसगढ़ को लूटने वालों से लड़ाई लड़ रही है। इस चुनाव में आपको तय करना है कि छत्तीसगढ़ बेचने वालों के हाथ में देना है या बचाने वालों के हाथ में। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा में कही।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम किसानों का कर्ज माफ करते हैं तो बीजेपी के पेट में दर्द होता है, जबकि मोदी जी ने साढ़े 14 लाख करोड़ रुपये उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया, किसी ने सवाल नहीं खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यदि गलती से भी बीजेपी की सरकार आ गई तो छत्तीसगढ़ के खदान, नगरनार स्टील प्लांट सब निजी हाथों में बेच दिया जाएगा। कांग्रेस की लड़ाई हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ रही है। हमने पहले पहले अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। हमारे नेता राहुल गांधी जी और खड़गे जी आज भी हिंदुस्तान और  छत्तीसगढ़ को लूटने वालों से लड़ाई लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल खड़ा किया कि आज खदान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, फैक्ट्री किसे बेचा जा रहा है। इस पर जनता ने जवाब दिया अडानी को।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ नेहरू जी का बनाया हुआ भिलाई स्टील प्लांट है, जिससे लाखों परिवार चल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नगरनार स्टील प्लांट का उद्घाटन करने मोदी जी आए थे, जिसके निजीकरण के विरोध में बस्तर बंद था। नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण न हो इस पर मोदी जी ने एक शब्द नहीं बोला।

ईडी, आईटी से हम डरने वाले नहीं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ईडी, आईटी के छापे से कांग्रेस और छत्तीसगढ़ की जनता को डराते हैं। लेकिन यह छत्तीसगढ़ है यहां लोहे का उत्पादन होता है, हम फौलादी लोग हैं किसी से डरने वाले नहीं हैं।

 

 

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बीजापुर में नक्सली दहशत: दुकानें बंद, बसों के पहिए थमे

बीजापुर:  छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बीच बीजापुर में 20 सालों बाद बड़े पैमाने पर नक्सलियों का दहशत नजर आया।

हार्डकोर नक्सली नागेश पदम के एनकाउंटर के विरोध में नक्सली संगठन ने गुरूवार को बीजापुर बंद बुलाया है, जिसका अच्छा खासा असर सुबह से देखने को मिल रहा। सभी दुकानें बंद हैं।  बसों के पहिए भी थम गए हैं।

नक्सलियों के बंद के चलते रायपुर, जगदलपुर, तेलंगाना, महाराष्ट्र और तेलंगाना जाने वाली यात्री बसों के पहिये बीजापुर में थमी है। सभी यात्री बसें दहशत के कारण बस स्टैंड में खड़ी है। अंदरूनी इलाकों में भी यात्री गाड़ियां नहीं चल रही है। जिला मुख्यालय से लेकर जिले के तमाम नगर कस्बों में नक्सली चेतावनी के मद्देनजर गुरूवार सुबह से व्यापारिक प्रतिष्ठानें बंद है।

लंबे समय बाद बीजापुर में एक बार फिर नक्सलियों द्वारा आहूत बंद असरकारक नजर आ रहा है हालांकि बंद के मद्देनजर जिले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध जरूर किए गए हैं। बाबजूद बुधवार शाम नक्सलियों ने बीजापुर-जगदलपुर नेशनल हाइवे पर मार्ग अवरोध कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। ऐसे चुनाव के बीच नक्सलियों के तेज मूवमेंट से इनकार नहीं किया जा सकता है।

गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को एक बड़े ऑपरेशन में मद्देड़ एरिया कमेटी कमांडर नागेश को पुलिस ने ढेर किया था। नागेश के विरुद्ध 108 स्थायी वारंट होने के साथ उस पर 8 लाख का इनाम भी घोषित था। एनकाउंटर से नक्सली संगठन बौखलाया हुआ है।

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भाजपा का सवाल : कांग्रेस ने शहीद परिवार की 2 महिलाओ का टिकट क्यो काटा...

रायपुर: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने बुधवार को कुमारी सैलजा पर कई सवाल दागे। उन्होंने कहा  कांग्रेस के नेता जनता के बीच जाते है तो 22 विधायको के टिकट क्यों काटे? यूँ तो कांग्रेस के तमाम नेता अपने-अपने सर्वे करा रहे थे जिनका लब्बोलुआब यह था कि कांग्रेस के 50 विधायकों की टिकट काटी जानी थी, लेकिन चूँकि शेष विधायक कांग्रेस की भूपेश सरकार के भ्रष्टाचार में हर कदम पर साथ खड़े थे, इसलिए वे अपनी टिकट बचाने में कामयाब रहे।


उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा इस सवाल का जवाब भी प्रदेश को दें कि उत्तरप्रदेश में 'लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ' का नारा उछालने वालीं कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा को यह पता है कि छत्तीसगढ़ में जिन 22 विधायकों की टिकट काटी गई है, उनमें 6 महिलाएँ हैं और उनमें भी 4 महिला विधायक ऐसी हैं जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में  भारी अंतर के साथ जीत दर्ज की थी। इन महिलाओं की टिकट काटे जाने पर कु. शैलजा कुछ क्यों नहीं कहतीं?

कांग्रेस की महिला विधायक छन्नी साहू, जिन पर कांग्रेस के शासनकाल में ही चाकू से हमला किया गया, उनकी टिकट क्या इसलिए काटी गई कि वह जनता के बीच में नहीं रहती थीं? झीरम घाटी के नरसंहार में शहीद कांग्रेस के 'टाइगर' कहे जाने वाले शहीद महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा और शहीद योगेंद्र शर्मा की पत्नी अनिता शर्मा की टिकट काटकर कांग्रेस ने अपने नेताओं को श्रद्धांजलि दी है या फिर वह भी जनता के बीच नहीं रहती थीं, इसलिए कांग्रेस ने उनकी टिकट काट दी?शहीदों के परिजनों को न्याय मिलता  उल्टे, उन शहीदों की विधायक पत्नियों की टिकट ही काट दी।

उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा प्रदेश को बताएँ कि महिला विधायकों शकुंतला साहू, लक्ष्मी ध्रुव और ममता चंद्राकर के टिकट भी क्या इसीलिए काटे गए कि जनता के बीच उनकी मौजूदगी नहीं थी? आखिर 22 विधायकों की टिकट क्यों काटे गए?

 प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा से भारतीय जनता पार्टी के सवाल हैं, जिनके जवाब की प्रतीक्षा प्रदेश की जनता को है :
छत्तीसगढ़ में सात हजार से अधिक मासूम बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाएँ बलात्कार व सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई हैं। कितने कांग्रेस नेता उन पीड़िताओं से मिलने गए?
छत्तीसगढ़ में 40 हजार नवजात शिशुओं की इलाज के अभाव में हुई मौत को लेकर कितने कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की?
प्रदेश में कांग्रेस के कुशासन के चलते 26 हजार लोगों नो आत्महत्या के लिए विवश होना पड़ा। क्या कांग्रेस के एक भी नेता या पदाधिकारी-कार्यकर्ता ने पीड़ित परिवार से मिलने की जरूरत महसूस की?
छत्तीसगढ़ अपराध गढ़ बन गया। कांग्रेस के शासनकाल में 3 हजार से अधिक हत्या की वारदातों को अंजाम दिया गया। कांग्रेस प्रभारी शैलजा बताएँ कि कांग्रेस के कितने विधायकों ने मृतकों के परिजनों से मिलकर अपना आक्रोश जताया?
अनुकम्पा नियुक्ति की मांग को लेकर जब प्रदेश की महिलाओं ने मुण्डन कराया तब कांग्रेस के लोग किस बिल में छिपे बैठे थे?
बिरनपुर में लव जृहाद का विरोध करने पर भुनेश्वर साहू की हत्या, हिंदुस्तान जिंदाबाद कहने पर भिलाई में  युवक मलकीत सिंह की हत्या के समय कांग्रेस के कितने लोंगों ने मृतकों के परिजनों से मिलने की जरूरत महसूस की?

 

 

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कांग्रेस ने चार सीटों पर बदले प्रत्‍याशी, इस सीट पर कोई निर्णय नहीं

भोपाल: मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जारी की गई प्रत्याशियों की सूची को कांग्रेस ने फिर अपडेट करते हुए चार सीटों पर प्रत्याशियों को बदला है। बता दे कि इन सीटों पर पूर्व में घोषित प्रत्‍याशियों का लगातार विरोध हो रहा था। जिसके बाद पार्टी ने इन सीटों पर दोबारा मंथन किया और चार सीटों पर चेहरे बदले हैं।

इन सीटों पर बदले प्रत्‍याशी
सुमावली से अजय सिंह कुशवार को टिकट दिया है, पहले इनके स्थान पर कुलदीप सिकरवार को टिकट दिया गया था। पिपरिया से वीरेंद्र बेलवंशी को टिकट दिया गया, यहां से पहले गुरुचरण खरे को टिकट दिया गया था। बड़नगर से मुरली मोरवाल को टिकट दिया गया, यहां पहले राजेंद्र सिंह सोलंकी को कांग्रेस ने टिकट दिया था। जावरा से वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट दिया गया यहां पहले हिम्मत श्रीमाल उम्मीदवार बनाए गए थे।

आमला पर कोई निर्णय नहीं
कांग्रेस की इस सूची में बैतूल जिले की आमला विधानसभा सीट पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। यहां से कांग्रेस ने मनोज मल्वे को प्रत्‍याशी बनाया। यह सीट इसलिए भी खास है, क्‍योंकि यहां से डिप्‍टी कलेक्‍टर निशा बांगरे भी चुनाव लड़ना चाहती थी और चर्चा भी थी कि इस सीट से कांग्रेस बांगरे को टिकट भी दे सकती है, लेकिन पिछली सूची में कांग्रेस ने मनोज मल्वे को प्रत्‍याशी बना दिया।

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जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने 31 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की - अमित बघेल

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना जो की एक सामाजिक संगठन है कुछ दिन पहले उन्होंने अपने राजनीतिक संगठन जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का गठन किया है जिसे चुनाव आयोग ने  छड़ी चुनाव चिन्ह देकर क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है पार्टी ने 31 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दिया है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल हैं उनके बारे में यह कयास लगाया जा रहा था की अमित बघेल पाटन से चुनाव लड़ेंगे लेकिन पहली सूची में उनका नाम नहीं था हमारे संवाददाता ने अमित बघेल से बात किया उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर बताया पार्टी की, जो पार्टी के पदाधिकारी है वो जहां से चुनाव लड़ने के लिए बोलेंगे मैं वहां से चुनाव लड़ूंगा।

  

 

 

 


 

 

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मुख्यमंत्री बघेल किसानों के हितचिंतक : अकबर

कवर्धा: कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अकबर ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदारता दिखाते हुए फिर से किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया है कि कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में किसानों की तरह ही अन्य वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की तो प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर फैल गई। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से कांग्रेस पार्टी की कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो गया है। कैबिनेट मंत्री व कवर्धा के कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अकबर पिपरिया, पोड़ी, बोड़ला, कवर्धा, सहसपुर लोहारा पहुंचे तो वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी के साथ उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोहम्मद अकबर ने बताया कि रविवार रात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में फिर से किसानों की कर्जा माफी करने का निर्णय लिया गया। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि किसानों के कितनी राशि का कर्जा माफ किया जाए। अलग-अलग राय के बीच उन्होंने राय रखी की कर्जा माफी को किसी राशि तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि कर्जा माफी का ऐलान किया जाए। इसका मतलब पूरे कर्जा की राशि की माफी की जाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनकी राय पर सहमति देते हुए किसानों के कर्जा को माफ करने का घोषणा कर दी। कांग्रेसजनों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व मंत्री मोहम्मद अकबर के प्रति आभार जताया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों में इस बात को लेकर आशंका थी की चूंकि कांग्रेस सरकार ने पिछले चुनाव के बाद कर्जा की माफी की है तो अगली बार शायद ही कर्जा की माफी होगी। अकबर ने यह भी बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी किसानों की कर्जा माफी फिर से करने के पक्ष में थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के धान की फसल को प्रति एकड़ 20 क्विंटल के हिसाब से खरीदी करने की घोषणा पहले ही कर दी थी।

 

 

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छत्‍तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, इन जिलों में हल्की बारिश के आसार

रायपुर: बंगाल की खाड़ी के उपर स्थित गहरे अवदाब के प्रभाव से छत्‍तीसगढ़ में मौसम का मिजाज थोड़ा बदल रहा है। मंगलवार को रायपुर और बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है। इसके सात ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के भी आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि हालांकि आने वाले चार दिनों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा। प्रदेश भर में कृषि विज्ञान केंद्र कोरिया और एआरजी बलरामपुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।सोमवार को रायपुर सहित प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहा।

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक गहरा अवदाब पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है तथा यह 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर पूर्व की ओर आगे बढ़ रहा है। 25 अक्टूबर की शाम तक खेपूपारा और चित्रगोंग तक पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से मंगलवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है। साथ ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी।

बढ़ने लगी ठंड

अब सुबह-सुबह व रात के वक्त हल्की ठंड में बढ़ोतरी होने लगी है। आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ेगी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नवबंर के पहले सप्ताह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट शुरू हो जाएगी तथा ठंड में बढ़ोतरी होगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना है। इन दिनों ग्रामीण व आउटर क्षेत्रों में हल्की ठंड और बढ़ गई है।

गर्म कपड़ों के स्टाल लगाने की तैयारी शुरू

इन दिनों हल्की ठंड पड़नी शुरू हो गई है। इसे देखते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गर्म कपड़ों का स्टाल लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। साथ ही कपड़े संस्थानों में भी गर्म कपड़ों का स्टाक आना शुरू हो गया है।

 

 

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शांतिपूर्ण मतदान कराने बस्तर में 60,000 जवान रहेंगे तैनात

रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के चुनाव के पहले राजनांदगांव में भाजपा नेता की हत्या कर नक्सलियों ने लोकतंत्र के महायज्ञ में विघ्न डालने की मंशा स्पष्ट कर दी है। यही वजह है कि बस्तर में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा बलों के लगभग 60 हजार जवान तैनात रहेंगे। इसमें करीब 40 हजार अतिरिक्त अर्धसैनिक बल मतदान करवाने अन्य राज्यों व केंद्र से आ रहे हैं।


 केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने इस बार यहां के ऐसे क्षेत्र जहां मतदान केंद्र दूर होने के कारण लोग नक्सल दहशत के चलते मतदान करने को नहीं जाते थे, वहां भी चार-पांच गांवों के बीच एक मतदान केंद्र बना दिया है। ऐसे 126 मतदान केंद्र हैं, जहां पहली बार वोट डाले जाएंगे। इनके अंतर्गत कई गांव ऐसे भी हैं जहां से पिछले चुनाव में एक भी वोट नहीं डाले गए थे। शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य के चलते यह सारी कवायदें की गई हैं।

बस्तर में कम हुई है नक्सलियों की दहशत
बस्तर में सुरक्षाबलों के कैंपों की संख्या बढ़ने के बाद से नक्सली दहशत कम जरूर हुई है, लेकिन विशेषकर चुनाव के दौर में नक्सली दहशत फैलाने से बाज नहीं आते। बताते चलें कि बस्तर में पिछले एक वर्ष में आधा दर्जन भाजपा नेताओं की हत्या कर नक्सलियों ने भय का वातावरण बनाने का प्रयास किया है। यही वजह है कि यहां के 22 भाजपा नेताओं को चुनाव के ठीक पहले एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसके अतिरिक्त संभाग में 120 नेताओं को एक्स, वाय व जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

सुरक्षा के साये में अधिक मतदान की उम्मीद
विगत चार वर्ष में बस्तर संभाग में चांदामेटा, नंबी, कुदूर सहित 65 नवीन सुरक्षा बल के कैंप स्थापित किए गए हैं। नक्सल प्रभावित 2710 गांव में से करीब 650 गांव को नक्सलियाें के प्रभाव से मुक्त करा लिया गया है। नक्सलियों को अपने आधार क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा है। इससे चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद रहेगी।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 2018 के प्रथम चरण के चुनाव में 76.28 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो 2013 के 75.93 से 0.35 प्रतिशत अधिक रहा। इसमें नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में 2018 में 55.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि वर्ष 2013 में 48.36 फीसदी मतदान हुआ था। बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में 2018 में 47.35 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2013 में 45.01 प्रतिशत था। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 2018 में 74.40 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2013 में 70.28 प्रतिशत मतदान हुआ था।

मतदान को लेकर ग्रामीण उत्साहित
बीजापुर-सुकमा जिले के सीमा क्षेत्र में अप्रैल 2021 में तर्रेम के पास हुए नक्सली हमले में सुरक्षा बल के 22 जवान मारे गए थे और एक जवान राकेश मन्हास का अपहरण कर लिया गया था। यहां सुरक्षा बल के कैंप स्थापित किए जाने के बाद तर्रेेम में पहली बार मतदान केंद्र बनाया गया है, जहां चिन्नागेलूर, पेद्दागेलूर सहित अन्य गांव के ग्रामीण मतदान करेंगे। ग्राम सचिव संतोष हपका ने बताया कि यहां के 1080 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। मतदान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है। इसी तरह बेचापाल में सुरक्षा बल का कैंप स्थापित करने के बाद यहां मतदान केंद्र बनाया गया है।

ग्राम सचिव रामाधर कश्यप ने बताया कि तिमेनार, एंड्री सहित आसपास के सात-आठ गांव के 927 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। प्रशासन ने भी ग्रामीणों को मतदान के लिए प्रेरित किया गया है, जिससे ग्रामीण उत्साहित है। इनमें से कुछ गांव अतिसंवेदनशील है, वहां से ग्रामीण मतदान के लिए पहुंचेंगे या नहीं यह मतदान के दिन ही पता चलेगा। बस्तर जिले में नक्सल कारीडोर तुलसीडोंगरी के पास चांदामेटा में पिछले वर्ष सुरक्षा बल का कैंप स्थापित किया गया था।

गांव छोड़कर भागे लोग भी गांव लौटने लगे
सीआरपीएफ अधिकारी राजू बाघ बताते हैं कि कैंप की स्थापना के बाद ग्रामीणों का भरोसा शासन-प्रशासन पर बढ़ा है। गांव तक पक्की सड़क, स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। यहां 335 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। गांव के युवा श्याम कवासी कहते हैं कि वे मतदान करने के लिए वे उत्साहित हैं। यहां शासना-प्रशासन की अनुपस्थिति से कई ग्रामीण जो नक्सल संगठन में चले गए थे वे अब मुख्यधारा में लौट आए हैं। नक्सलियों के डर से गांव छोड़कर भागे लोग भी गांव लौटने लगे हैं।

चुनाव के दौरान हुए नक्सल हमले
2018 में नीलावाया में पुलिस पार्टी पर हमला। दूरदर्शन का कैमरामेन व दो जवान बलिदान हुए थे।
2011 में बड़ेगुडरा में मतदान दल के बस को विस्फोट से उड़ाने का प्रयास में एक सुरक्षा बल का जवान घायल।
2008 में सुकमा जिले में भी केरलापाल के पास मतदान दल के पीछे चल रहे सुरक्षा बल पर हमला।
2008 में एक दर्जन स्थानों पर मतदान दल के साथ लूटपाट के बाद पुर्नमतदान करवाना पड़ा था। बस्तर जिले के बिंता घाटी के नीचे मतदान दल पर हमले में एक जवान बलिदान।

फैक्ट फाइल
60 हजार से अधिक अर्धसैनिक बल की तैनाती।
40 हजार बाहर व 20 हजार स्थानीय बल इसमें।
2943 मतदान केंद्र बस्तर में।
1254 केंद्र नक्सल संवेदनशील।
126 केंद्र में पहली बार मतदान।
152 केंद्र ऐसे, जहां हेलीकाप्टर से जाएंगे मतदान दल।

 

 

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सीएम भूपेश बघेल 23 को सक्ती में करेंगे आमसभा

रायपुर: सीएम भूपेश बघेल आज सक्ती के दौरे पर रहने वाले हैं। वे दोपहर 1 बजे रायपुर से सक्ती के लिए रवाना होंगे। इसके बाद 1:45 पर आमसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के उपस्थिति में जिले के कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन जमा करेंगे।

आपको बता दें,सक्ति जिले में 3 विधानसभा है। सक्ती से डॉ चरणदास महंत, चंद्रपुर से रामकुमार यादव और जैजैपुर से बालेश्वर साहू कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे।

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बृजमोहन से चिंतामणि महाराज ने की भेंट, सिंहदेव के खिलाफ मांगा टिकट

अंबिकापुर: कांग्रेस से टिकट कटने के बाद बलरामपुर के सामरी के विधायक चिंतामणि महाराज ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।

उन्होंने अंबिकापुर सीट से उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (टीएस बाबा) के विरुद्ध चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा है कि भाजपा यदि उन्हें अंबिकापुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित करती है तो वे भाजपा के साथ हो जाएंगे।

इधर, भाजपा ने छह महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में सरगुजा संसदीय सीट से टिकट देने के आश्वासन के साथ भाजपा में प्रवेश का प्रस्ताव उन्हें दिया है। चिंतामणि महाराज दो बार से कांग्रेस के विधायक हैं लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। सामरी सीट से कांग्रेस ने नए चेहरे विजय पैकरा पर पार्टी ने दांव लगाया है।

 रविवार को पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल हेलीकाप्टर से कुसमी पहुंचे। उनके साथ भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय, भाजपा के संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव सहित अन्य स्थानीय नेता भी चिंतामणि महाराज के आश्रम श्रीकोट पहुंचे। भाजपा के नेता यहां मां काली की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने के साथ ही चिंतामणि महाराज से अलग से मुलाकात की। यह एकांत चर्चा लगभग 20 मिनट तक चली।

चिंतामणि महाराज ने दी प्रस्ताव की जानकारी
भाजपा नेताओं के श्रीकोट आश्रम पहुंचने के कारणों को संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज ने खुद सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से प्रवेश का प्रस्ताव दिया गया है। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि यदि वे पार्टी में प्रवेश कर लेते हैं तो छह माह बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में सरगुजा संसदीय सीट से प्रत्याशी बना दिया जाएगा। इसके लिए दिल्ली आलाकमान भी राजी हैं। चिंतामणि महाराज ने कहा कि आज हर क्षण लोगों का विचार बदलता है।

छह माह बाद क्या परिस्थिति बनेगी, इसे कोई नहीं जानता। इसलिए मैंने अपनी ओर से सुझाव रखा है कि भाजपा ने अंबिकापुर विधानसभा सीट से अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यदि वहां से प्रत्याशी घोषित कर दे तो भाजपा में प्रवेश कर लेंगे। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की ओर से अंबिकापुर सीट से जो दावेदारी कर रहे हैं, उन्हें छह माह बाद उपचुनाव में प्रत्याशी घोषित कर दें और मुझे लोकसभा भेज दें, इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। बता दें कि चिंतामणि महाराज ने जिस अंबिकापुर विधानसभा सीट से भाजपा की ओर से टिकट की मांग की है, उस सीट से कांग्रेस की ओर से उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव पिछले तीन बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं। चौथी बार भी कांग्रेस ने उन्हें यहां से प्रत्याशी घोषित किया है।

चिंतामणि के साथ अन्याय हुआ : बृजमोहन
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि चिंतामणि महाराज के साथ अन्याय हुआ है। वे दुखी हैं। इसी दुख में सहभागी बनने के लिए वे गए थे। यह पूछने पर कि क्या भाजपा चिंतामणि महाराज के साथ न्याय करेगी, बृजमोहन ने खुद सवाल दाग दिया कि क्या कांग्रेस पार्टी उनके साथ न्याय करेगी। चिंतामणि महाराज भाजपा के विचारों से पहले भी सहमत थे और आगे भी सहमत रहेंगे। भाजपा प्रवेश को लेकर बृजमोहन ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

सिंहदेव बोले - कांग्रेस में ही रहें चिंतामणि महाराज
उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि भाजपा में शामिल होना चिंतामणि महाराज की इच्छा है। हम लोग तो चाहेंगे कि वे कांग्रेस की रीति-नीति से विचारों और मन से जुड़े हुए हैं, इसलिए कांग्रेस में ही रहें। कांग्रेस ने उनके लिए जो बना उतना किया। आज स्थिति अगर दूसरी है तो उन्हें परिवार इतनी जल्दी नहीं छोड़ना चाहिए।

चिंतामणि महाराज का राजनीतिक जीवन
बता दें कि चिंतामणि महाराज संत गहिरा गुरु के बेटे हैं। संत गहिरा गुरु के अनुयायी उत्तर व मध्य छत्तीसगढ़ में निवास करते हैं। इनका बड़ा वोट बैंक है। संत समाज की आस्था आज भी इस परिवार पर है। चिंतामणि महाराज पहले भाजपा से ही जुड़े हुए थे। उन्हें छत्तीसगढ़ संस्कृत बोर्ड का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। सामरी सीट से भाजपा की टिकट नहीं मिलने पर एक बार उन्होंने निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। इसके बाद भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पहली बार कांग्रेस ने उन्हें लुंड्रा विधानसभा से टिकट दिया था। इस चुनाव में जीत के बाद दूसरी बार 2018 में उन्हें सामरी से प्रत्याशी घोषित किया गया था। सामरी सीट से उन्होंने रिकार्ड जीत दर्ज की थी।

 

 

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सूरजपुर में 17 उम्मीदवारों ने लिए नामांकन पत्र, 1 ने जमा किया

सूरजपुर: विधानसभा चुनाव के अंतर्गत नाम निर्देशन पत्र फार्म लेने एवं जमा करने की प्रक्रिया 21 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है। आज पहले दिन सूरजपुर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिये कुल 17 उम्मीदवारों ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किए।


प्राप्त जानकारी के अनुसार आज पहले दिन विधानसभा क्षेत्र क्रमांक (04) - प्रेमनगर के लिए 08, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक (05)-भटगांव के लिए 07 एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक (06)-प्रतापपुर के लिए 2 उम्मीदवारों ने फार्म लिया। इसके साथ ही प्रेमनगर विधानसभा से 01 फॉर्म जमा भी किया गया।

 

 

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बस्तर संभाग की 12 सीटों के लिए 140 लोगों ने भरा पर्चा

जगदलपुर: विधानसभा के प्रथम चरण में सात नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन पत्र जमा करने का कार्य पूर्ण हो गया।

बस्तर संभाग की 12 सीटों के लिए 140 लोंगों ने नामांकन पत्र जमा किया है। भानुप्रतापुर सीट से सर्वाधिक 17 और सबसे कम नौ नामांकन पत्र चित्रकोट सीट में मिले हैं।

 यहां जगदलपुर में कलेक्ट्रेट में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर, बस्तर और चित्रकोट के लिए आखिरी दिन भी कांग्रेस प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र जमा किया। जगदलपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी जतीन जायसवाल के नामांकन पत्र जमा करने के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कोरापुट सांसद व छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिव सप्तगिरी शंकर उल्का, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन भी उपस्थित थे।

बस्तर सीट से कांग्रेस के लखेश्वर बघेल और चित्रकोट सीट से दीपक बैज ने नामांकन पत्र जमा किया। अंतिम दिन संभाग के सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ ही अन्य दलों व निर्दलियों ने भी नामांकन पत्र जमा किया। नामांकन पत्र जमा करने कांग्रेस व भाजपा के कुछ प्रत्याशी रैली के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। नामांकन पत्रों की जांच शनिवार को की जाएगी। 23 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद चुनाव चिन्ह का आबंटन किया जाएगा।

विधानसभावार जमा किए गए नामांकन पत्रों की संख्या
बीजापुर- 11
दंतेवाड़ा- 10
कोंटा- 10
बस्तर- आठ
जगदलपुर- 14
चित्रकोट- नौ
नारायणपुर- 12
कोंडागांव- 13
केशकाल- 11
अंतागढ़- 15
भानुप्रपातपुर- 17
कांकेर- 10

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