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सालेम इंग्लिश स्कूल के छात्रों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

 सालेम इंग्लिश स्कूल में आज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंग के दिशा-निर्देशन में "निजात" नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को नशे से दूर रखने और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल लाइन थाना प्रभारी रोहित मालेकर थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता बी. शैलजा, पुलिस बालमित्र रोशना डेविड, और वी. बी. एस. कुमार उपस्थित रहे।

नारे और स्लोगन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रोहित मालेकर ने बच्चों को निजात कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया और नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को नशे से बचने के उपाय बताते हुए शपथ दिलाई कि वे नशा नहीं करेंगे।

बच्चों को प्रेरित करने वाले संदेश
मालेकर ने बच्चों को अनुशासन, मेहनत, लगन, और ईमानदारी से शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। बी. शैलजा ने बच्चों को हर दिन उत्साह और नई ऊर्जा के साथ स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों को पुलिस को अपना मित्र मानकर निडर होकर अपराध की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन सालेम इंग्लिश स्कूल की प्रभारी प्राचार्या श्रीमती रूपिका लॉरेंस के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम का लाभ लिया।

 

 

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स्वच्छता की दौड़ में रायपुर को नंबर-1 बनाने जुटे रायपुरियंस

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 अंतर्गत नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग के लिए नगर निगम रायपुर ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। महापौर श्री एजाज़ ढेबर व नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मीनल चौबे जोनवार अधिकारियों व नागरिकों की बैठक लेकर प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता की हर गतिविधि में शामिल होने की अपील कर रहे हैं, वहीं कमिश्नर श्री अबिनाश मिश्रा सेंट्रल व जोनल टीम के अधिकारियों के साथ लगातार चर्चा कर स्वच्छता संबंधी पूरी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर शहरी क्षेत्र में “गंदगी हटाओ-बीमारी भगाओ“ अभियान की शुरुआत भी हो चुकी है। इसके लिए नगर निगम आम लोगों को जागरूक करने व्यापक स्तर पर अभियान के संचालन का रोडमैप भी तैयार किया है।  


निगम कमिश्नर श्री मिश्रा के अनुसार देश के 4447 नगरीय निकायों में रायपुर इस समय 12वें स्थान पर है और गत् स्वच्छता सर्वेक्षण में राज्य में रायपुर अग्रणी रहा है। रायपुर इस बार फिर स्वच्छतम शहरों की रेस में अपना बेहतर प्रदर्शन करने तैयारियों में जुटा हुआ है। स्वच्छता संबंधी फीडबैक नागरिकों से लिए जा रहे है एवं शिकायत व सुझाव पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश मैदानी अमले को दिए गए है। जोन व वार्डवार स्वच्छता प्रभारियों की तैनाती कर मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा रहा है एवं मुख्यालय के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। नागरिक समितियों, कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, मोहल्ला समितियों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों की अगवाई में स्वयं सेवी व सामाजिक संगठनों को भी स्वच्छता गतिविधियों में शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर आयुवर्ग को स्वच्छता संबंधी कार्यक्रमों में शामिल कर सभी को प्रोत्साहित व सम्मानित करने की भी योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि 01 जुलाई से “गंदगी हटाओ-बीमारी भगाओ“ अभियान की शुरूआत की गई है और सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से नागरिकों से निरंतर यह अपील की जा रही है कि आस-पास पनपने वाली गंदगी कई बीमारियों और जल निकासी में बाधा का कारण बनती है, इसलिए गंदगी न पनपने दें। स्वच्छता संबंधी शिकायत या सुझाव के लिए टोल फ्री निदान-1100 या नगर निगम के व्हाट्सएप्प चैट बॉट नंबर-9111666207 पर संपर्क कर सूचित कर सकते हैं।  

स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित स्वयंसेवी संस्थाओं व सभी संगठनों को शामिल करते हुए स्वच्छता को लेकर महा-अभियान की शुरुआत की जा चुकी है और सभी के सामूहिक प्रयासों से रायपुर को स्वच्छतम शहर के रूप में प्रतिष्ठित करने व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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ग्राम बगिया में अपने स्कूल पहुंचकर पुराने दिनों को किया याद - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ग्राम बगिया के उसी स्कूल कैंपस में पहुंचे जहां कई बरस पहले उन्होंने अपनी पांचवी कक्षा की पढ़ाई की थी। उन्होंने बताया कि स्कूल को साफसुथरा रखने हम लोग घर से गोबर लाकर लिपाई करते थे। स्कूल के रखरखाव की पूरा गांव चिंता करता था और छत की मरम्मत गांव वाले मिलकर करते थे। टाटपट्टी भी नहीं थी, घर से बोरी लेकर आते थे, सीसी रोड भी नहीं था। पांचवी बोर्ड का सेंटर भी नहीं था और सेरामोंगरा जाना पड़ता था। अब शिक्षा के लिए इतनी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं तो अच्छा लगता है। चूंकि शिक्षा हमारे विकास का मूलमंत्र है अतएव इसकी बेहतरी के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जशपुर में दिव्यांग आदर्श आवासीय विद्यालय की घोषणा के साथ ही ग्राम बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने फरसाबहार में हायरसेकेंडरी स्कूल की घोषणा भी की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे और बगिया वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मैंने बगिया में पांचवीं तक की पढ़ाई की है। शिक्षा मात्र डिग्री या नौकरी हासिल करने के लिए नहीं है। यह जीवन बदलता है। आप शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन स्तर को देखकर स्वयं भी अंदाजा लगा सकते हैं कि शिक्षा का जीवन में कितना महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारा देश शिक्षा के  क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। नालंदा और तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त कर बहुत से लोग आगे बढ़े। 

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के विकास को आगे बढ़ाया है। इससे अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित होगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी दक्षता सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों की समझ और ज्ञान को विकसित करने किताबों में उनकी स्थानीय भाषाओं का समावेश किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने राज्य में 211 पीएमश्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समर कैंप का आयोजन कर विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मंच से सभी को बताया कि 6 अगस्त को सभी स्कूलों में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों के अभिभावकों को शिक्षक बताएंगे कि उनके बच्चे कैसे पढ़ाई करते हैं। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। कोई भी अपने जन्मदिन और अन्य विशेष दिन में स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोज दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पदमश्री श्री जागेश्वर यादव को मंच पर अपने पास बुलाकर कहा कि इन्होंने हॉफ पेंट पहनकर और बिना चप्पल पहने विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर जनजाति समाज की निरंतर सेवा की। उनकी सेवा के बदौलत उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति चाहे तो दूसरों की भलाई करके भी बहुत आगे बढ़ सकता है। आप भी इनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। 
शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दें, अन्य बच्चों से तुलना न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और विशिष्टता होती है। इसे ध्यान देकर बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें।
 
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चे संकल्प के साथ किये गये प्रयत्न से मुख्यमंत्री जी ने निश्चित ही सफलता मिलती है। आज जिस स्कूल में खड़े हैं इसी स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की है और प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे समय भी संसाधन कम थे लेकिन मेरी मां ने मुझे हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। समाज को बदलने का एकमात्र माध्यम शिक्षा है। इस मौके पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। आप खूब पढ़े और आगे बढ़ें। विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि शिक्षकों के साथ अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत करें, इससे निश्चित रूप से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय ने कहा कि सबसे बड़ा धन विद्या धन है। हमें शिक्षा को बेहतर करने के लिए लगातार काम करना है। इस मौके पर विधायक आरंग श्री गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्रीमती शांति भगत, उपाध्यक्ष श्री उपेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। साथ ही स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी, संचालक समग्र शिक्षा श्री संजीव झा, संचालक डीपीआई श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, संभागायुक्त श्री जीआर चुरेंद्र, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रवि मित्तल एसपी श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

छात्राओं को मुख्यमंत्री ने दी साइकिल
 
इस मौके पर हाईस्कूल छात्राओं को मुख्यमंत्री श्री साय ने साइकिल वितरित की। छात्राओं ने घंटी बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। साथ ही उन्होंने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। यही नहीं होनहार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान किया। साथ ही विनोबा एप के माध्यम से बेहतर शिक्षण कर रहे शिक्षकों का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी बनाई सामग्री देखी। 

एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत माँ के सम्मान में रूद्राक्ष का पौधा रोपा

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत मां के सम्मान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। साथ ही उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के आग्रह पर एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कोई अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाएगा तो भारत की जनसंख्या के बराबर पेड़ लग जाएंगे, इससे हरियाली का दायरा बहुत बढ़ जाएगा।
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ऐसे ही गढ़ेंगे विकसित छत्तीसगढ़ का रूप....


मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सपत्नीक शामिल हुए। यहां उन्होंने प्रवेशोत्सव पर आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, इसी बीच स्टाल पर रखे चाक देखकर वह अपने आपको नहीं रोक पाए और उन्होंने कुम्हार की तरह मिट्टी से दीया बनाया। 
शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम है और मुख्यमंत्री के सामने कुम्हार का चाक है और आसपास ढेर सारे बच्चे। मुख्यमंत्री विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन पर काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ को भी अपने विजन के अनुरूप आकार देना है जैसे चाक से दीया तैयार हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर छत्तीसगढ़ में जितनी मेहनत और जतन किये जा रहे हैं उससे निश्चित ही स्वर्णिम भविष्य के लिए ठोस नींव रखी जा रही है 
जिस तरह कुम्हार चाक में मिट्टी को आकार देता है, उसी तरह से जन-जन के सपनों के छत्तीसगढ़ को भी आकार मिलेगा।
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माँ के सम्मान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा मुख्यमंत्री साय ने

 एक पेड़ मां के नाम



कहा एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत लगाए जा रहे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को नई पहचान देंगे


सभी से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की


  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अपनी जन्मभूमि बगिया में अपनी माताजी के सम्मान में पौधरोपण किया। उन्होंने शासकीय हाईस्कूल बगिया परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने कहा कि इस अभियान अंतर्गत लगे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को एक नई पहचान देंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल होने यहां पहुंचे थे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने भी रुद्राक्ष का पौधा लगाया। वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री और जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी ने आंवले का पौधा लगाया। 
       मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि मां के साथ रिश्ता अनमोल होता है। जिस प्रकार मां हमे जीवन देती है, हमारा पालन पोषण करती है, वैसे ही प्रकृति भी हमारे लिए जीवनदायिनी है। इसकी सुरक्षा और संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस मुहिम से हम सभी को जुड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान जरूर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी से  "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पेड़ लगाने आग्रह किया। साथ ही सभी से पौधों का संरक्षण हेतु संकल्प लेने कहा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मानसून में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करें। अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव और शहरों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। इस अवसर पर रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, विधायक आरंग गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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कलेक्टर ने बीएमओ को लगाई फटकार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को निलंबित करने का आदेश

 जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय विभिन्न योजनाओं के बारे में समीक्षा की।

सोनोग्राफी संस्था को बंद करने के निर्देश

बैठक में पीसीपीएनडीटी (प्री-कॉन्सेप्शन और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक) नर्सिंग होम एक्ट के दायरे में काम नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने बैकुण्ठपुर स्थित बी.सी. सोनोग्राफी-डॉ.शालिनी षर्मा का नवीनीकरण नहीं करने तथा होल्ड करके रखने का आदेश दिया, वहीं छिंदडांड स्थित करण एक्सरे एण्ड सोनोग्राफी संस्था को बंद करने का आदेश दिया गया है। कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में बिना अनुमति के कोई भी नर्सिंग होम संचालित नहीं करने तथा नर्सिंग एक्ट के तहत ही संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। श्री लंगेह ने कहा यह आदिवासी बहुल जिला है, स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ावा देने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी सबकी है साथ ही शासन के मंशानुरूप कार्य किया जाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

निर्माणाधीन एम.सी.एच. को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश

जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के बारे में समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने 200 बेड के नए जिला चिकित्सालय भवन के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संबंधित अधिकारी ने बताया कि दिसम्बर तक यह कार्य पूर्ण कर ली जाएगी, वहीं बहुप्रतीक्षित निर्माणाधीन 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एम.सी.एच.) केन्द्र को इस माह तक पूरा करके स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश संबंधित नोडल एजेंसी को दी गई। बता दें पुराने जिला अस्पताल में लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए जिला अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। श्री लंगेह ने जिले के सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करें तथा गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग करने पर जोर दिया, कार्य व गुणवत्ता में कोताही बरतने पर संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं साथ ही लोक निर्माण विभाग, हाउसिंग बोर्ड आदि को नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता को निलंबित करने का आदेश

कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में संचालित स्वास्थ्य संबंधी राष्ट्रीय तथा राज्यस्तरीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विकासखण्ड स्वास्थ्य अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण योजनाओं को आम लोगों तथा जरूरतमंद तबकों तक पहुंचाने में जिस तरह लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए। इसी कड़ी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर/हेल्थ वेलनेस सेंटर, खरवत में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आर.एच.ओ.)  अनुराग गौतम को कार्य में उदासीनता तथा लापरवाही बरतने पर तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया गया।

संस्थागत प्रसव को बढ़ाने तथा कुपोषण दर को कम करने के निर्देश

जिले में संस्थागत प्रसव, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों एवं गर्भवती माताओं को टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केन्द्र, एनीमिया, जन्म दर, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, कुपोषण आदि के बारे में श्री लंगेह ने समीक्षा की। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए वहीं 5 वर्ष की आयु तक की आयु के गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को विशेष देखभाल तथा स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए। श्री लंगेह ने सभी नोडल अधिकारियों को सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों को नियमित रूप से खोलने के साथ डॉक्टर व स्टॉफ को रहने की हिदायत भी दिए। श्री लंगेह ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि नियमित रूप से स्टॉफ का बैठक लेकर वस्तुस्थिति से अवगत हों तथा इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।

जीवन दीप समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

जीवन दीप समिति की बैठक के दौरान महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए श्री लंगेह ने जिला चिकित्सालय में सुरक्षा गार्ड हेतु निविदा आमंत्रित करने, जिला अस्पताल में बरसों अनुपयोगी लोहे का पलंग इत्यादि सामानों की नीलामी, सायकल वाहन स्टैंड की निविदा, रसोई घर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालित करने पर चर्चा की गई। अस्पताल में सिविल सर्जन कक्ष के सामने, गहन चिकित्सा केन्द्र के सामने एवं ड्रेसिंग कक्ष के सामने चैनल गेट लगाए जाने, महिला वार्ड, शिशु वार्ड के गैलरी, एवं एस.एन.सी.यू. इकाई के मदर कक्ष के छत को मरम्मत करने, जिला चिकित्सालय हेतु दो एम्बुलेंस एवं दो 108 एम्बुलेंस उपलब्ध कराये जाने, निजी वार्ड के शौचालयों में वेस्टर्न कम्बोर्ड लगाये जाने, ऑक्सीजन प्लांट का सर्विसिंग कार्य कराये जाने, नवीन 22 विस्तरीय आई.सी.यू. के सामने शेड निर्माण कार्य कराये जाने की सहमति दी गई। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में स्त्रीरोग विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट एवं निश्चेतना चिकित्सक की भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के दिए गए। इसके अलावा जीवन दीप समिति के आय को अधिक बढ़ाने के बारे में सुझाव दिए गए तथा समिति के आय-व्यय विवरण पर चर्चा की गई।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. सेंगर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी, लेप्रोसी कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी, कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, बीएमओ, ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी, खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, सेक्टर प्रभारी आदि उपस्थित थे।

 

 

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डीएलसीसी व डीएलआरसी की तिमाही समीक्षा बैठक संपन्न

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में डीएलसीसी व डीएलआरसी की तिमाही समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में समस्त शासकीय योजनाओं की शाखावार 31 मार्च 2024 के लक्ष्य प्राप्ति, किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन एवं मछली पालन) के प्रकरण के प्रस्तुति और स्वीकृति, अस्वीकृति, वित्तीय सेवाएं, विभाग का जनसुरक्षा योजनाओं की अभियान की प्रगति एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की वर्तमान स्थिति, किसान क्रेडिट कार्ड, आधार सीडिंग, वर्ष 2023-24 हेतु एनआरएलएम द्वारा आबंटित लक्ष्य एवं प्रगति, अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि प्राइल्टी सेक्टर में केवल कृषि ही नहीं, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन के प्रकरणों पर विशेष फोकस करें बैंकर्स। शासकीय योजनाओं से संबंधित ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत करें। विभाग प्रकरण स्वीकृति हेतु बैंकों को प्रस्तुत करें। साथ ही बैंकों द्वारा प्रकरण रिजेक्ट के कारणों पर विशेष ध्यान देवें। उन्होंने बैंकों को सीडी रेसियों पर विशेष ध्यान देने कहा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान शासकीय योजना और सामाजिक सुरक्षा योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकर्स को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी परीक्षा में राज्य में प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त कर 95 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जेवरा सिरसा की छात्रा कुमारी भावना साहू और हाई स्कूल परीक्षा में प्रावीण्य सूची में आठवा स्थान प्राप्त कर 97.50 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रा कुमारी दुर्गारानी वर्मा को बैंकर्स की तरफ से प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और बैडमिंटन रैकेट भेंट कर सम्मानित किया गया। बैठक के दौरान ग्राम रसमड़ा के श्रीमती रंजिता नायक और गीता बाई साहू को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा से सेटल किये गये दो लाख रूपए का दावा चेक प्रदान किया गया। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन, जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक दिलीप नायक एवं विभिन्न विभागों व बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

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अंधियारखोर में मनाया गया भव्य जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

 कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, सांसद विजय बघेल व विधायक दिपेश साहू व ईश्वर साहू हुए शामिल

 

 खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल बेमेतरा जिला अंतर्गत वि.ख. नवागढ़ के ग्राम अंधीयारखोर के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। इस दौरान अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद दुर्ग संभाग विजय बघेल, स्थानीय विधायक दिपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय तिवारी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी आम नागरिक व स्कूल के बच्चे उपस्थित हुये।

जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य शुभारंभ अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण को रंग-बिरंगे झंडों और फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की छायाचित्र में खाद्य मंत्री व अन्य विशिष्ट अतिथियों के द्वारा पारंपरिक रूप से पूजा अर्चना और दीप प्रज्वलन करके की गई। दीप प्रज्वलन भारतीय संस्कृति में ज्ञान और शुभता का प्रतीक माना जाता है, और इससे पूरे कार्यक्रम में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

इसके पश्चात् खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने उपस्थित छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित किया। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने बच्चों को तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर, माला पहनाकर शाला प्रवेश कराया। इसके साथ ही अपने हाथों से स्कूली बच्चों को गणवेश वितरित किया। अपने भाषण में उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और बच्चों को मेहनत और समर्पण से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और योजनाओं की भी जानकारी दी, जिनका उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना है। खाघमंत्री श्री बघेल ने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न सुधारों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और हर बच्चे को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे मेहनत और लगन से पढ़ाई करें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। मंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों को भी बच्चों की शिक्षा में सहयोग और समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया । इस दौरान स्कूल खुलते ही बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, गणवेश इत्यादि प्रदान करने तथा कक्षा नवमीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क सायकल प्रदान करने की व्यवस्था की गई थी । खाद्य मंत्री श्री बघेल ने नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में सरस्वती साइकिल योजना के तहत निशुल्क साइकिल वितरित की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा की शिक्षा की गुणवत्ता शिक्षा के प्रति जन-जन का लगाव बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि प्रदेश में उत्कृष्ट शिक्षा का वातावरण तैयार करने के लिए सभी व्यवस्थाएं स्कूल खुलने के पहले दिन से ही सुनिश्चित हों।

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा की इस परंपरा की शुरुआत शासन और सरकार के माध्यम से किया गया है। हम सब इस समारोह के माध्यम से और शिक्षा ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन की हर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे जिसकी कल्पना हमारे माता पिता करते है, आज ऐसे गुरुजन और शिक्षक उपस्थित है जो अपनी मेहनत के बल पर बच्चो के भविष्य को बनाते हैं, ताकि आने वाले समय में यही बच्चे देश के नवनिर्माण में हिस्सेदारी दें। उन्होंने कहा की वर्तमान शिक्षा परंपरा में हमें सुधार लाना हैं, शिक्षा और स्वास्थ जीवन के मूल अंग है, जिसके बारे में हमको निश्चित रूप से हमको ध्यान देना पड़ेगा। उन्होंने बताया की नया शिक्षा नीति नियम पिछले साल से लागू हुआ है, जो आने वाली भविष्य को नया शिक्षा और नया दिशा देगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में 2047 में विश्वगुरु बनाने कि दिशा में अग्रसर होकर अपना खोया हुआ मान-सम्मान और वापस आएगा और इस दिशा में हमारे बच्चे कारगर साबित होंगे।

स्थानीय विधायक दिपेश साहू ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की बधाई दी। उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव के दौरान बच्चों को शिक्षा के महत्व और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया। और खेलने, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ साथ अच्छे से पढ़ाई करने को कहा। विधायक ने बच्चों को अच्छे से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह उनके भविष्य को संवारने और समाज में बेहतर स्थान पाने का माध्यम है। बच्चों से उन्होंने कहा कि वे कठिन परिश्रम करें और हमेशा अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहें।

साजा विधायक ईश्वर साहू ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा की हमारे सबसे पहले गुरु हमारे माता पिता होते हैं जो हमें चलना सिखाते हैं बोलना सिखाते है और पारिवारिक परिवेश में अनुशासन और संस्कार सिखाते हैं। इसके बाद बच्चे को अक्षर के ज्ञान और पढ़ाई लिखाई हेतु स्कूल भेजा जाता हैं जहाँ पर दूसरा गुरु के रूप में हमें शिक्षक मिलते है जो हमे पढ़ना लिखना और सत्य और असत्य का पाठ सीखते है। आज शिक्षक के पढ़ाए हुए बच्चे डॉक्टर, कलेक्टर, इंजीनियरिंग बनते हैं। उन्होंने सभी बच्चों को लगन से और धैर्य के साथ पढ़ाई करने और निरंतर मेहनत करते रहने को कहा। उन्होंने कहा की शिक्षक एक दीपक की तरह होते है जो खुद जलकर बच्चों को प्रकाश देते है और उनकी उज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

कलेक्टर रणबीर शर्मा ने शाला प्रवेश उत्सव की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की 2024-25 शैक्षणिक वर्ष सर्वांगीण शिक्षा गुणवत्ता के रूप में मना रहे हैं इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किया जायेगा ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना आये। जिलाधीश ने बेहतर परिणाम के लिए शिक्षको को समय पर स्कूल जाने और अनुशासन के साथ बच्चों को शिक्षा देने की बात कही, इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने को कहा। इसका उद्देश्य यह है कि सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे अपनी क्षमता के अनुसार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शिक्षकों और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि शालाओं में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की कमी न हो और सभी बच्चों को शिक्षा का समान अवसर मिले। कलेक्टर श्री शर्मा ने गत वर्षाे के परीक्षा परिणाम से सीखते हुये और भी अच्छे परिणाम लाने और अच्छे से मन लगाकर पढ़ने का आग्रह किया।

पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा की शिक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा की ज्ञान हमारे जीवन में अंधकार को दूर कर प्रकाश लाता है। अभिभावक अपने बालक और बालिका के प्रति सतर्क रहते है क्योंकि बच्चा जब घर में पैदा होता है तो पहली पाठशाला उसका घर और पहला शिक्षक उसके माता पिता होता है, हर माता पिता की इच्छा होती है की उनका बच्चा पढ़े, और औपचारक शिक्षा के लिए वह अपने बच्चे को स्कूल भेजता है,ताकि भविष्य में शिक्षा ग्रहण कर सही और गलत चीज़ो को समझ सकें। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्राचार्यों और अभिभावकों को नये शिक्षा सत्र के शुभारंभ और शाला प्रवेशोत्सव की बधाई दी।

जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव पर अवसर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। छात्रों ने नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत किए, जिनमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के अंत में, छात्रों को शैक्षणिक सामग्री, जैसे किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक वस्त्र वितरित किए गए। इस प्रकार, शाला प्रवेश उत्सव का भव्य शुभारंभ न केवल बच्चों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक यादगार अनुभव साबित हुआ। अंत में मुख्य अतिथियों द्वारा शाला परिसर में वृक्षारोपण किया गया।

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18 बल्क लीटर देशी मदिरा शराब जब्त

  कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं कार्रवाई की जा रही है। आबकारी विभाग की टीम के द्वारा गस्त के ग्राम खम्हरिया-मिरगी चौक में आरोपियों के वाहन क्रमांक सीजी 04 एमडी 0357 हीरो होंडा एचएफ डीलक्स की तलाशी लेने पर परिवहन करते भूरा रंग की थैला में रखे 100 नग प्रत्येक क्षमता 180 उस कुल मात्रा 18 बल्क लीटर देशी मदिरा मसाला ज़ब्त किया गया। आरोपी विकास रात्रे पिता सुरेश रात्रे ग्राम खम्हरिया एवं शेखर रात्रे पिता दिनेश रात्रे ग्राम गुर्रा थाना भाटापारा ग्रामीण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम धारा 34(2) ,59(क) का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम,आबकारी प्रधान आरक्षक मिर्जा जफर बेग, देवी लाल तिवारी, राधा गिरी गोस्वामी, ड्राइवर नीलेश टंडन का विशेष योगदान रहा।

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खाद्य औषधि प्रशासन की टीम ने सारंगढ़ में की जांच

 जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, नियंत्रक खाद्य औषधि प्रशासन और कलेक्टर धर्मेश साहू के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने वर्षा ऋतु में दूषित जल से होने वाली संक्रमित बीमारियों को देखते हुए जिला मुख्यालय सारंगढ़ के विभिन्न होटलों और दुकानों में कार्रवाई की। सारंगढ़ शहर में ज्यादा खपत होने वाले दूध दही पनीर आदि खाद्य पदार्थो का जांच करते हुए कई फर्मों का निरीक्षण किया गया जिसमें काव्या डेयरी, पंजाबी चूल्हा, दीक्षा इंटरप्राइजेज, गगन प्रोविजन, लजीज बिरयानी, हरियाणा जलेबी शामिल है। पंजाबी चूल्हा से दही एवं पनीर एवं दीक्षा इंटरप्राइजेस से पनीर का नमूना जांच हेतु लिया गया। निरीक्षण के दौरान सभी को खाद्य पदार्थों के सही रख रखाव, पीने के पानी का उचित पात्र में साफ स्वच्छ जल का भंडारण करने, खाद्य पदार्थ को मक्खी से बचाव हेतु ढककर रखने खाद्य पदार्थों में खाद्य रंग का सीमित मात्रा में उपयोग करने, खाद्य पदार्थों को रखने में अखबारी पेपर का उपयोग नहीं करने, फ्रेश तेल में तीन बार से अधिक खाद्य पदार्थों को नही तलने, एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग नहीं करने एवम साफ सफाई रखने के दिशा निर्देश दिए गए।

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डूबते बच्चे को बचाने शिक्षक पिता ने दी जान, पुत्र ने दिया अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन

 मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश

 जनदर्शन कार्यक्रम में गुरुवार को धरसींवा ब्लॉक से आए सुशील कुमार बंजारे ने मुख्यमंत्री को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए आवेदन देते हुए बताया कि वर्ष 2022 में शिक्षक दिवस के ही दिन उनके शिक्षक पिता ने खारुन नदी में डूबते बच्चे को बचाने कोशिश करते हुए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी मौत हो गई।


सुशील ने अपनी अनुकंपा नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया। उनकी बात को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
 

 

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जनदर्शन में कवर्धा के बैगा जनजाति के प्रतिनिधियों ने की सामाजिक भवन की मांग

 मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कवर्धा को शीघ्र कारवाई के दिए निर्देश

 

मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कबीरधाम जिले के रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा सामाज के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल ने जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री साय से सामाजिक भवन की मांग की। मुख्यमंत्री ने तत्काल ही कलेक्टर कवर्धा को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मांग पर कार्रवाई आरंभ हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बैगा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से कवर्धा जिले में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों के क्रियान्वयन के बारे में भी पूछा।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना लेकर आए हैं। इसके माध्यम से आप सभी के लिए विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। आपके द्वारा जो सामाजिक भवन चाहा गया है। उसके लिए भी कलेक्टर को निर्देशित कर दिया गया है। जल्द ही सामाजिकजनों की सुविधा के लिए एक बढ़िया सामाजिक भवन तैयार हो जाएगा।

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नया राशन कार्ड मिलने पर आज महेश ने मुख्यमंत्री को 'जनदर्शन' में दिया धन्यवाद

मां के निधन के बाद नहीं बना था नया राशन कार्ड, 'जनदर्शन' में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सीएम हाउस से निकलने के पहले ही आ गई राशन कार्ड बन जाने की सूचना
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘जनदर्शन’ से जरुरतमंदों को तुरंत राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ‘जनदर्शन’ में पहुंचे लोगों से बड़े स्नेह से मिल रहे हैं और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित कर रहे हैं। रायपुर जिले के ग्राम माठ के महेश भोभरे का मां के निधन के बाद पत्नी के नाम से राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। विगत 27 जून को पहले ‘जनदर्शन’ में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी इस समस्या की जानकारी दी। संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तुरंत ही खाद्य विभाग को उनका राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर महेश के मुख्यमंत्री निवास से निकलने के पहले ही राशन कॉर्ड बन जाने की सूचना उन्हें मिल गई। 

मुख्यमंत्री साय की तत्परता से तुरंत राशन कार्ड बन जाने से खुश महेश आज मुख्यमंत्री से मिलने दोबारा ‘जनदर्शन’ में पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवार के लिए नया राशन कार्ड मिलने पर धन्यवाद दिया और अपने परिवार की ओर से मुख्य मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
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मुख्यमंत्री ने बागबाहरा वन क्षेत्र में निवासरत कमार परिवारों के बेदखली के मामले की जांच के निर्देश दिए


 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित सप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र के कमार जनजाति परिवारों के आवेदन की सुनवाई की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को वर्षाें से बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 निवासरत कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा जारी नोटिस की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। 

जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 में निवासरत कमार जनजाति के परिवार के लोग मुख्यमंत्री से बेदखली की कार्यवाही रोकने की फरियाद लेकर पहुंचे थे। अलख राम कमार ने बताया कि उसके सहित 20 कमार परिवारों को उक्त वन क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए नोटिस जारी की गई है। उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार वन अधिकार अधिनियम 2006 के पूर्व से 20 कमार परिवार के लोग उक्त वन क्षेत्र में निवास कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। वर्ष 2008 में ग्राम पंचायत तमोरा द्वारा पेयजल व्यवस्था के लिए वहां बोर खनन कराया गया है। वन अधिकार समिति द्वारा 10 मई 2008 को काबिज परिवारों को पट्टा दिए जाने की भी अनुशंसा की गई है। पट्टा के नाम पर अधिकारियों द्वारा राशि की मांग किए जाने का विरोध करने पर आज पर्यन्त तक उन्हें वन अधिकार पट्टा नहीं दिया गया। कमार परिवारों को प्रताड़ित करने के लिए समय-समय पर बेदखल किए जाने की धमकी और नोटिस दी जाती है, जिससे कमार परिवार के लोग भयभीत है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
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झोलाछाप डॉक्टर के शिकार अनुज ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

 गलत इलाज से अपने 7 वर्षीय पुत्र दीपेश के दिव्यांग होने की सुनाई दास्तान

 
मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में आज तिल्दा नेवरा इलाके के ग्राम तुलसी निवासी अनुज बंजारे अपनी पत्नी श्रीमती पूर्णिमा और बेटे दीपेश बंजारे के साथ पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वो तिल्दा के सब्जी मंडी में हमाल का काम करते हैं। 24 अगस्त 2023 को उनके पुत्र का बायां हाथ खेलते हुए फैक्चर हो गया। तुरंत उन्होंने स्थानीय चिकित्सक के क्लिनिक जाकर उसका इलाज करवाया, जहां डॉक्टर ने 1700 रुपए लेकर प्लास्टर किया। आराम ना मिलने पर बेटे को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां पता चला कि प्लास्टर गलत तरीके से किया गया है, जिसके कारण हाथ में मवाद और सूजन आ गया है। वहां से रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया। बेटे का इलाज के लिए एम्स रायपुर गए तो वहां के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का हाथ कभी ठीक नहीं होगा और अब उसका बायां हाथ काम करना बंद कर दिया है ।

  वापिस आकर ईलाज के लिए हम उसी डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने 3 माह तक फिजियोथैरिपी करवाने कहा। हमने फिजियोथैरिपी करवाया पर फ़िर भी हाथ में कोई सुधार नहीं हुआ और अब ईलाज से उसने मना कर दिया। मैने डॉक्टर के खिलाफ एफ आई आर कराया है, परंतु अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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कुनकुरी सदन में रहकर बच्चे के इलाज के लिए दिया आवेदन, मुख्यमंत्री ने कहा तुरंत ही चले जाएं, व्यवस्था हो जाएगी

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज अपने बच्चे को लेकर एक आवेदिका श्रीमती शशि वर्मा भी पहुंची। शशि वर्मा ने मुख्यमंत्री से कहा कि बच्चे का इलाज रायपुर में कराना है। मैंने सुना है कि कुनकुरी सदन में इलाज के लिए आए लोगों के लिए रहने की सुविधा आपने दी है तो इसलिए मैं भी आग्रह करने यहां पहुंची हूं।


मुख्यमंत्री ने शशि से कहा कि आप बच्चे को लेकर कुनकुरी सदन चले जाइए। कुनकुरी सदन इसलिए ही बनाया गया है ताकि राजधानी में इलाज में किसी तरह की दिक्कत महसूस कर रहे लोगों की सहायता की जाए। वहां पर प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बालक के कुनकुरी सदन में रहने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। श्रीमती शशि वर्मा ने बताया कि उन्हें कुनकुरी सदन के बारे में किसी ने बताया था। कल ही पता चला कि आज मुख्यमंत्री का जनदर्शन कार्यक्रम है इसलिए मैं यहां पर आई और आज ही मुख्यमंत्री ने मेरी समस्या का समाधान कर दिया। मैं बहुत खुश हूं।

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श्रमवीरों के 13 मेधावी बच्चों को मुख्यमंत्री ने सौंपे दो-दो लाख रूपए के चेक

दूसरे सप्ताह भी मुख्यमंत्री के जनदर्शन में लोगों में जबरदस्त उत्साह 


प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे थे लोग

मेधावी बच्चों को प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ स्कूटी खरीदने के लिए भी दिए पैसे 

पिछले जनदर्शन में आवेदनों के तत्काल निराकरण होने पर बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने आए थे लोग

साय ने अपने निवास पर मां के नाम रोपा दहीमन का पौधा

कार्यक्रम स्थल पर लगाया गया था स्वास्थ्य शिविर, लोगों ने ब्लड, बीपी, शुगर की कराई जांच 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास पर आज दूसरे सप्ताह के जनदर्शन कार्यक्रम में भी नागरिकों में जबरदस्त उत्साह रहा। मुख्यमंत्री साय से मुलाकात करने और अपने आग्रह-अनुरोध उन्हें प्रत्यक्ष सौंपने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग आए है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रूपए के चेक भी प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने निवास परिसर में अपनी मां के नाम दहीमन के पौधे का रोपण भी किया। मुख्यमंत्री निवास में स्वास्थ्य परीक्षण भी लगाया गया था, जिसका नागरिकों ने लाभ उठाया। आज के कार्यक्रम में अनेक ऐसे लोग मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहने आए थे, जो पिछले जनदर्शन में आए थे और उनके अनुरोधों का तत्काल निराकरण भी हो गया था।  

आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 13 बच्चों को दो-दो लाख रूपए के चेक दिए गए। इसमें से एक लाख रूपए प्रोत्साहन के रूप में और एक लाख रूपए स्कूटी खरीदने के लिए दिए गए। इन बच्चों ने दसवीं और बारहवीं मेें 2023-24 के टॉप-10 सूची में स्थान बनाया है। ये सभी श्रमवीरों के बच्चे है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निवास परिसर में अपनी मां के नाम दहीमन का जो पौधा आज रोपा वह अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। यह पौधा सरगुजा अंचल में पाया जाता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से भी मां के नाम अपने-अपने निवास या गांव में पौधा रोपने की अपील की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हाल के मन की बात कार्यक्रम में लोगों से एक पेड़ मां के नाम मुहिम में शामिल होने की अपील की थी।

इस बार के जनदर्शन में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे भी लोग शामिल हुए जो पिछले बार के जनदर्शन में भी आए थे, तब उनके आवेदनों का निराकरण मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कर दिया गया था। इन लोगों ने त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। इनमें दिव्यांग भी शामिल थे, जिन्हें श्री साय के निर्देश पर ट्रायसाइकिल और अन्य उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए गए थे। आज कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। खून जांच, बीपी की जांच, शुगर और अन्य आम बीमारियों की जांच की सुविधा शिविर में उपलब्ध कराई गई थी। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
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शिवानी कोल माइंस वंशीपुर में टीबी के लिए हेल्थ कैम्प

 भूमिगत कोयला खदान में कार्य करना बड़ा ही जोखिम कार्य होता है। अन्दर हो बाहर तक प्रदुषण का प्रभाव से कोई वंचित नहीं रह सकता। जिस कारण पल्मोनरी इंफेक्शन की सम्भावना बनी रहती है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए कोल माइंस क्षेत्रों में  टीबी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शिवानी कोल माइंस वंशीपुर में शिविर के दौरान 37 लोगों का सेम्पल कलेक्शन कर जांच हेतु भेजा गया।

शिविर में कोल माइंस के सिनियर माइनिंग सरदार सतीश तिवारी ने कर्मचारियों को समझाइश देते हुए कहा कि टीबी की बिमारी का जांच और उपचार आसान हो गया है। टीबी के बिमारी का एक स्लोगन बहुत ही महत्वपूर्ण है पुरा कोर्स पक्का इरादा। व्यक्ति की इच्छा शक्ति कभी कमजोर नहीं होना चाहिए।

मजबूत इरादों से हर कार्य आसान होता है। पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि एक पाजेटीव टीबी रोगी दस से पंद्रह लोगों को फैलाता है इसलिए जब भी आप लोग अपने किसी साथी में टीबी के सम्भावित लक्षण देखे बलगम का जांच करवाने का सलाह दे । ऐसा करने से आप भी टीबी संक्रमण से बचेंगे और साथी को भी बचायेंगे। टीबी को समूल नष्ट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों का जांच होना चाहिए।

सिनियर ट्वीटमेंट सुपरवाइजर रामविलास ने कहा कि टीबी पेसेंट कभी भी दवा छोड़ छोड़कर न खायें नहीं तो टीबी घातक बन सकती। नशा-पानी से दूर रहकर नियमित दवा खाना चाहिए। आर एच ओ राम प्रताप गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति का पोषण यदि ठीक-ठाक है तो कोई भी बिमारी आसपास नहीं फटकती और नशा से दूर रहना अति आवश्यक है। नशा सेवन के कारण बिमारी ठीक नहीं होती। आर एच ओ जरही के बाबुलाल चौधरी ने ने कहा कि धुम्रपान की लत से कई प्रकार के बिमारियों का जन्म होता है। गांजा सिगरेट और बीड़ी पीने से सीधा फेफड़े पर प्रभाव पड़ता है। जिससे टीबी होने की सम्भावना ज्यादा रहती है।

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