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नहीं-नहीं, यह ऐसा है, फिर कलेक्टर ने छात्र को सुनाया संस्कृत का यह श्लोक...


34 साल बाद, कलेक्टर को था यह श्लोक याद, छात्र के नहीं बोल पाने पर सुना कर बताया

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग विकासखंडों और अलग-अलग स्कूलों में लगातार दौरा कर रहे कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा न सिर्फ विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रहे हैं, वे अनुपस्थिति या विलंब से आने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश भी दे रहे हैं। इसके साथ ही कलेक्टर सिन्हा शिक्षकों को उनका कर्तव्य और विद्यार्थियों को शिक्षा का महत्व भी बता रहे हैं। 

कलेक्टर सिन्हा कई स्कूलों में शिक्षक की भूमिका में आकर बहुत आत्मीयता के साथ जिले के विद्यार्थियों को पढऩे-लिखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी इस प्रेरणा का असर कलेक्टर के स्कूल में आते ही दिखने भी लगा है। ऐसे ही बलौदा ब्लाक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जावलपुर में जब कलेक्टर वहां शिक्षकों की उपस्थिति की जांच के बाद क्लास में पहुंचे तो कई विद्यार्थियों को शायद कलेक्टर के सवाल का इंतजार था। इस बीच कलेक्टर ने भी कुछ विद्यार्थियों को कठिन सा लगने वाले विषय संस्कृत का कोई श्लोक सुनाने कहा। कुछ सेकण्ड तक विद्यार्थी इधर-उधर देखने लगे, कलेक्टर ने प्रोत्साहित करते हुए कहा डरिये नहीं सुनाइये। मैं आपकों कुछ इनाम भी दूंगा। इतने में सामने ही बैठा एक छात्र देवेंद्र खड़ा हुआ और श्लोक पढ़कर सुनाने लगा। छात्र की ओर से सुनाए जा रहे श्लोक में कुछ शब्द छूट गए जो कलेक्टर ने तुरंत ही उन्हें रोकते हुए कहा नहीं-नहीं। यह श्लोक ऐसा है। फिर कलेक्टर ने क्लास में सभी विद्यार्थियों के बीच संस्कृत का यह श्लोक' शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिकं न गजे गजे। साधवो न हि सर्वत्र चन्दनं न वने वने' पढ़कर सुनाया और हिन्दी में भावार्थ भी बताया (हिन्दी में-सभी पहाड़ों पर मणि नहीं प्राप्त होती, सभी हाथियों में गजामुक्ता नामक मोती नहीं पाये जाते। 

सज्जन लोग सभी जगह नहीं पाये जाते और चन्दन का वृक्ष सभी वनों में नही पाया जाता। अर्थात ये सब मणि, मोती, साधु, चन्दन का वृक्ष बड़े ही दुर्लभ होते हैं) कलेक्टर सिन्हा ने विद्यार्थियों को बताया कि 34 साल पहले जब वह कक्षा नवमीं में पढ़ाई करते थे, तब संस्कृत विषय के अनेक श्लोकों को अच्छे से याद किया करते थे। इसलिए उन्हें आज भी यह श्लोक भलीभांति याद है। कलेक्टर ने मैं स्कूल जाता हूं का संस्कृत में अनुवाद पूछा तो पीछे की ओर बैठी छात्रा दीपाक्षी ने इसका सही जवाब देते हुए श्लोक सुनाने की इच्छा जताई। कलेक्टर की सहमति के पश्चात दीपाक्षी ने सुनाया कि अलसस्य कुतो विद्या, अविद्यस्य कुतो धनं। अधनस्य कुतो मित्रं, अमित्रस्य कुत: सुखं (हिन्दी में-जो आलस करते हैं, उन्हें विद्या नहीं मिलती, जिनके पास विद्या नहीं होती, वो धन नहीं कमा सकता, जो निर्धन हैं उनके मित्र नहीं होते और मित्र के बिना सुख की प्राप्ति नहीं होती) कलेक्टर ने दीपाक्षी और देवेन्द्र के लिए सभी विद्यार्थियों से ताली बजवाने के साथ उन्हें बधाई के साथ पुरस्कार भी दिया और सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कहा कि आप लोग भी अच्छे से पढ़ाई करिये। आपकी पढ़ाई ही आपकों एक दिन सफलता के शिखर पर पहुचाएगी। आपको अच्छी नौकरी मिलेगी। उन्होंने शिक्षकों से भी कहा कि विद्यार्थियों को अच्छे से पढ़ाइये। समय पर स्कूल आइये। शिक्षा व ज्ञान देने में किसी तरह की कोई कमी मत करिए।

 
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कलेक्टर ने लिया आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास में बच्चों को मिलने वाली सुविधा का जायजा

 शासकीय प्राथमिक शाला रहमानकापा के प्रधानपाठक को कारण बताओ नोटिस

कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बुधवार को पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों  का भ्रमण कर वहां के आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास में बच्चों को मिलने वाली सुविधा और वहां की व्यवस्था तथा संसाधनों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने ग्राम रहमानकापा के आंगनबाड़ी केंद्र, शासकीय प्राथमिक शाला तथा ग्राम पटौहा के आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम कुई के आदिवासी बालक छात्रावास और आदिवासी कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां बच्चों से बात करके नाश्ता, भोजन सहित अन्य व्यवस्था की जानकारी ली।

कलेक्टर महोबे ने शासकीय प्राथमिक शाला रहमानकापा के प्रधानपाठक के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस तथा ग्राम कुई के आदिवासी कन्या छात्रावास की आधीक्षिका के अनुपस्थित रहने पर जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी, छात्रावास की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्था सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रतिदिन भोजन मीनू के अनुसार मिलना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीडीपीओ, बीएमओ, सुरवाइजर सहित अन्य अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भवन मरम्मत योग्य है उन्हे जल्द ही मरम्मत कराए। जो भवन अति जर्जर स्थिति में है उसमे कोई भी कक्षा संचालित नही करे। उन्होंने ग्राम कुई के आदिवासी बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान कहा कि वहा बच्चों के लिए पढ़ाई के लिए तथा उसके रहने के लिए रूम में बिस्तर की पूरी व्यवस्था रहे।
 
कलेक्टर महोबे ने आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास के किचन में भोजन की गुणवत्ता को परखा। उन्होंने कहा कि बच्चो को पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। सभी जगह भोजन मीनू के अनुसार भोजन खिलाया जाए। बच्चों को समय में नाश्ता और भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने छात्रावास ने खाद्य स्टोर रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी और स्कूल में बच्चों के उपस्तिथि पंजी की भी जांच की। उन्होंने शौचालय को साफ सुथरा रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, पंडरिया एसडीएम , जनपद पंचायत पंडरिया के सीईओ, उपस्थित थे।
 
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में बच्चों को खिलौना दिया तो झूम उठे बच्चे
आलू के चालू बेटा कहा गए थे सब्जी के टोकरी में सो रहे थे......कलेक्टर जब आंगनबाड़ी केन्द्र रहमानकापा पहुंचे तब बच्चे इस कविता को लय में दोहरा रहे थे। आंगनबाड़ी के बच्चां को इस कविता को गाते देखकर वे प्रसन्न हुए और बच्चों के पास बैठकर उनसे बाते करने लगे। बच्चों के ज्ञान को परखने के लिए उसके नाम के सामने लटके थैले को नाम पुकार कर लाने के लिए कहा। बच्चों की उत्सुकता देखकर उन्होंने बच्चों के खेलने के लिए खिलौना निकाला तो बच्चे खुशी से झूम उठे। बच्चे के इस प्रतिक्रिया को देखकर कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से कहा कि बच्चे को सिखाने के लिए उसे हमेशा खुश रखे। खेले-खेल के माध्यम से ही बच्चों को ज्ञान की बाते सिखाई जाए। जिसे बच्चे जल्दी ग्रहण करते है।
 
कलेक्टर ने ब्लैक बोर्ड में दिए गणित के सवाल, बच्चों ने किया तत्काल हल
ग्राम रहमानकापा के शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चों की अनोखी प्रतिभा उस समय पता चला जब कलेक्टर स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर स्कूल के निरीक्षण के दौरान जब कक्षा में पहुंचे तब विद्यार्थियों से उनके पढ़ाई के बारे में जानकारी ली । इस दौरान उन्होंने बच्चों से पहाड़ा पूछा। कक्षा चौथी के विद्यार्थी भूपेश ने जब 29 और 33 का पहाड़ा और कक्षा पांचवी की छात्रा भूमिका ने 25 का पहाड़ा सुनाया तो कलेक्टर उनके प्रतिभा से प्रभावित हुए। उन्होंने उन बच्चों को आगे अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित किया और हर संभव सहयोग करने की बात कही। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बच्चे को अपना पेन देकर पुरस्कृत भी किया। कलेक्टर ने शिक्षकों द्वारा दिए जा रहे पढ़ाई की गुणवत्ता को परखने गणित के सवाल हल करने के लिए दिए। बच्चों ने सवाल को हल करके दिखाया।
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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शर्मा ने आज जिला पंचायत सीईओ कुणाल दुदावत के साथ विकासखंड सोनहत के दौरे के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा छात्रावास अधीक्षिका को बालिकाओं के कमरे में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। कम्प्यूटर कक्ष का निरीक्षण कर कलेक्टर शर्मा ने पर्याप्त मात्रा में कम्प्यूटर की व्यवस्था कर बालिकाओं को रोटेशन अनुसार प्रशिक्षित किए जाने कहा। उन्होंने जिला समन्वयक समग्र शिक्षा को छात्रावास में बालिकाओं हेतु लाईब्रेरी निर्माण की कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्दश दिए जिससे उन्हें बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध हो सके।

बालिकाओं के साथ बैठ किया भोजन, विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं पर की बात :

कलेक्टर शर्मा ने बालिकाओं के साथ बैठकर भोजन किया, उन्होंने बालिकाओं से उनकी जरूरतों व आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली तथा भविष्य में आगे बढऩे प्रेरित किया। इस दौरान विद्यालय में बालिकाओं से मिलने आयी माताओं से भी कलेक्टर ने बात की।

 
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होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी की लिखित परीक्षा के परिणाम जारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी परीक्षा 2022 के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। साझात्कार के लिए कुल 28 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किया गया है। परीक्षा परिणाम की विस्तृत जानकारी के लिए आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है। आयोग के द्वारा साक्षात्कार तिथि एवं विस्तृत समय सारिणी की जानकारी पृथक से जारी की जाएगी।

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दन्त शल्य चिकित्सक की लिखित परीक्षा के परिणाम जारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित दन्त शल्य चिकित्सक परीक्षा 2022 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साझात्कार के लिए कुल 115 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किया गया है। लिखित परीक्षा परिणाम की विस्तृत जानकारी के लिए आयोग की वेब साइट www.psc.cg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है। आयोग के द्वारा साक्षात्कार तिथि एवं विस्तृत समय सारिणी की जानकारी पृथक से जारी की जाएगी।

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कलेक्टर ने की एक घण्टा अधिक पढ़ाने शिक्षकों से अपील

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अब स्कूलों में अतिरिक्त क्लास लगाने की अपील कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने शिक्षकों से की है। कलेक्टर ने कहा है कि 25 जुलाई 2022 से 29 जुलाई 2022 तक पांच दिन तक शिक्षकों की ओर से सामूहिक आवकाश लेकर हड़ताल में चले जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। जिसकी भरपाई के लिए शालाओं में एक घंटे अतिरिक्त समय देकर विद्यार्थियों को अध्यापन कार्य कराने के लिए कल समय सीमा की बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी को निदेर्शित किये हैं। 

कलेक्टर ने शिक्षकों से आव्होन किये हैं कि वे अपने विद्यालय के शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए पूरे तन-मन से जुट जायें। शिक्षक विद्यार्थियों को अपने बच्चों की भांति समझ कर एक घंटा अतिरिक्त समय देकर पठन-पाठन का कार्य करायें। जिससे स्कूल, संकुल, विकासखंड व जिला स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार आ सके।

 

 

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कुमारी रिया चक्रवर्ती को मिला शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कापसी में प्रवेश

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के पखांजूर तहसील के पी.व्ही. 07 न्यू कॉलोनी कापसी निवासी रंजना चक्रवर्ती ने गत दिवस ई-जनचौपाल के माध्यम से कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि उनकी पुत्री रिया चक्रवर्ती प्राइवेट स्कूल कापसी से कक्षा 8वीं उत्तीर्ण हुई है। मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मैं अपनी पुत्री को उक्त विद्यालय में पढ़ाने में असमर्थ हॅॅू। मैं उक्त विद्यालय से अपनी पुत्री का स्थानांतरण प्रमाण पत्र निकलवाकर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कापसी पढ़ाना चाहती हॅू। उनके द्वारा अपनी पुत्री रिया चक्रवर्ती का स्थानांतरण प्रमाण पत्र प्रदाय कराने तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कापसी में प्रवेश दिलाने की निवेदन किया गया। 

कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी भुवन जैन एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी पखांजूर के.आर. सिन्हा की ओर से तत्काल कार्यवाही जाकर कुमारी रिया चक्रवर्ती की टीसी प्राइवेट विद्यालय कापसी से निकलवाकर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कापसी के कक्षा 9वीं में प्रवेश दिलाया गया। इस पर आवेदिका रंजना चक्रवर्ती ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

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आश्रम-छात्रावासों व आवासीय विद्यालयों का सुचारू संचालन करें : कलेक्टर

 कोण्डागांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में आश्रम-छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों के सुचारू संचालन की दिशा में व्यापक पहल किया जाएं। इन संस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर बिजली, पेयजल, शौचालय ईत्यादि की व्यवस्था सहित बच्चों के नाश्ता-भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किया जाएं। संबंधित संस्थाओं के अधीक्षक और अधीक्षिकाओं की मुख्यालय में उपस्थिति सहित बच्चों की समुचित देख-रेख व शिक्षा के लिए व्यवस्था करें। जिले के स्कूली बच्चों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रदाय के लिए आगामी 20 अगस्त से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दिशा में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उक्त निर्देश कलेक्टर दीपक सोनी ने कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान अधीकारियों को दिए।

कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले में कक्षा 6वीं से 12वीं कक्षा तक अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के स्कूली बच्चों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रदाय के लिए अब तक दर्ज संख्या के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किये जाने कहा। इसके साथ ही लक्ष्य के अनुरूप संबंधित तहसीलदार व खंड शिक्षा अधिकारी को कलस्टर में रोस्टर अनुसार शिविर आयोजित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के स्कूली बच्चों के कोविड टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा व आदिवासी विकास विभाग के अधिकरियों को आपसी समन्वय कर लक्षित बच्चों का टीकाकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के द्वित्तीय डोज लगाये गये लोगों को प्रिकासन डोज का टीका लगाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने रहा और दूसरी डोज के 6 महीने बाद संबंधितों को प्रिकासन डोज लगाने प्रेरित किये जाने के निर्देश दिए। इस दिशा में संबंधित गांव के शिक्षक-शिक्षिकाओं, पंचायत सचिव और पंचायत पदाधिकारियों का सहयोग लिया जाएं। 

कलेक्टर सोनी ने विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के शिक्षित युवाओं को तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती करने के लिए शीघ्र कार्यवाही किये जाने कहा। इस दिशा में संबधित ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर जाति व निवास प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने जिले में अतिवृष्टि से जनहानि, पशुहानि तथा मकान क्षति के लिए संबंधितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए त्वरित पहल करने कहा। इस दिशा में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्रकरणों की शीघ्र स्वीकृति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर सोनी ने मुख्यमंत्री जी के घोषणाओं का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता देकर करने कहा। वहीं मुख्यमंत्री जनचौपाल, जनदर्शन और आवेदन पत्रों का शीघ्र निराकरण किये जाने के निर्देश दिए। 

बैठक में वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत् सेवाओं की सुलभता, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना आदि की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत  प्रेम प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जिले में पदस्थ तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत तथा नगरीय निकायों के सीएमओ और बीएमओ, बीईओ व सीडीपीओ मौजूद थे।

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लॉटरी पद्वति से मिलेगा विद्यार्थियों को प्रवेश पद्धति

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल केशवपुर में नवीन प्रवेश के लिए कुछ कक्षाओं में आवंटित से अधिक विद्यार्थी हैं। इसे ध्यान में रखकर जिला स्तरीय प्रवेश समिति द्वारा 3 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे से विद्यार्थियों का चयन लॉटरी पद्धति से किया जाएगा। विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

 

 

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खेल प्रशिक्षण केंद्र के राज्य स्तरीय चयन ट्रायल में शामिल होंगी सुकमा की 6 बालिकाएं

 एथलेटिक्स खेलों में दिखाएंगी दमखम

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई, बिलासपुर में प्रवेश हेतु जिला सुकमा में जिला स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन किया गया था। जिसमें 50 से अधिक 13 से 19 आयु वर्ग के बालक बालिकाओं ने हिस्सा लिया। राज्य स्तरीय चयन ट्रायल हेतु एथलेटिक्स एवं कबड्डी में कुल 13 बालक बालिकाओं का चयन किया गया।

जिला खेल अधिकारी विरुपाक्ष पुराणिक ने बताया कि राज्य स्तर पर एथलेटिक्स खेल का चयन ट्रायल 2 अगस्त को पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय इनडोर आउटडोर मैदान में किया जाना है, जिसमें जिला सुकमा से 6 बालिकाओं को का चयन हुआ है। चयनित प्रतिभागी कुमारी ममला, कुमारी अंजू नाग, कुमारी चंद्रिका, कुमारी मोती, कुमारी कविता एवं कुमारी कनिषा, श्रीमती योगिता नायक, पीटीआई के नेतृत्व में आज शाम रवाना होंगे। उल्लेखनीय है कि जिला स्तर के चयनित प्रतिभागी ग्रामीण अंचलों से संबंध रखते हैं। जिला प्रशासन सुकमा के मार्गदर्शन में इसी तरह दिनांक 4 अगस्त को कबड्डी खेल में 6 बालिकाओं को राज्यस्तरीय में भेजा जाना हैं।
 
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा खेलों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से एवं खेल प्रतिभाओं को बचपन से ही तराश कर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने हेतु राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र का बहतराई बिलासपुर में निर्माण किया गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ के द्वारा संचालित किए जाने वाले इस आवासीय खेल अकादमी में चयनित खिलाड़ियों के लिए आवासीय, शिक्षा और प्रशिक्षण की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है।
 
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हिदायतुल्ला विवि के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सीएम बघेल, सीजेआई रमणा भी है उपस्थित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी में रविवार को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति एन वी रमणा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी,रायपुर के पांचवें  दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए।


दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  तथा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति अरूप कुमार गोस्वामी उपस्थित हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विधि मंत्री मोहम्मद अकबर एवं शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित हैं।

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न तो शिक्षकों की नियुक्ति, न ही साफ़ सफाई, 1 अगस्त से फरीद नगर में खुलेगा स्वामी आत्मानंद स्कूल

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारी अव्यवस्थाओं के बीच फरीद नगर में मात्र एक दिन बाद 1 अगस्त से स्वामी आत्मानंद स्कूल खुलने जा रहा है। सवाल यह है कि अभी तक यहां टीचरों की नियुक्ति तक नही हुई है तो पढायेंगे कौन? इसके अलावा यहां न तो साफ सफाई की गई है और न ही छात्रों को बैठने की व्यवस्था है और न ही शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था है। शाला भवन भी जर्जर है और शौचालय देखने पर अपनी दुर्दशा खुद बयां कर रहा है। इस मामले में यहां के प्रधान पाठक का कहना है कि उन्हें 1 अगस्त से स्कूल शुरू करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी से मिले हैं। अव्यवस्थाओं को लेकर उनका कहना है कि उन्होंने भिलाई नगर निगम और जिला शिक्षा अधिकारी दोनों को इस संबंध में पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। व्यवस्था कराना उनकी जिम्मेदारी है। जैसा जिला शिक्षा विभाग से निर्देश प्राप्त होगा उस हिसाब से काम करेंगे।

ज्ञातव्य हो कि स्कूल में एक क्लास में 50 बच्चों को बिठाया जाना है। यहां 4 क्लास रूम हैं। चारों क्लास रूम में 40 बच्चों के बैठने के लिए ही बेंच और टेबल रखी गई हैं। इसके अलावा यहां अतिरिक्त बेंच नहीं रखी जा सकती हैं। प्रधान पाठक सिन्हा का कहना है कि नियम के अनुसार एक बेंच में 2 बच्चों को ही बैठना है, लेकिन जगह न होने से एक में तीन बिठाया जाएगा। एक बेंच में तीन बच्चे तो बैठ जाएंगे, लेकिन स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के नियम के विपरीत है।

वहीं स्कूल परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए शौचालय तो बने हैं, लेकिन पुराने प्राथमिक स्कूल के शौचालय होने के कारण ये काफी जर्जर हो चुके हैं। ये वर्तमान में उपयोग के लायक नहीं हैं। ऐसे में बिना शौचालय की व्यवस्था किए स्कूल खोले जाने से बच्चों को काफी परेशानी होगी।

स्कूल परिसर में उग आये है बडी बडी घास,नही हुई है सफाई
बारिश के चलते स्कूल परिसर में बड़ी-बड़ी घास और पौधे उग गए हैं और अभी तक साफ सफाई भी नही हुई है। नगर निगम भिलाई को शिक्षण मद से स्कूल परिसर की सफाई के साथ ही नल फिटिंग, विद्युत व्यवस्था, रंग रोगन, फर्श मरम्मत और शौचालय की व्यवस्था करना था लेकिन ये कार्य भी नही हुए है।
स्कूल भवन में एक छोटा सा रूम प्रधान पाठक का और एक रूम स्टॉफ और टीचर के बैठने के लिए है। यहां न तो पर्याप्त चेयर भेजी गई हैं और न ही रूम इतना बड़ा है कि यहां 20-22 लोगों का स्टॉफ बैठ सके। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि टीचर पीरियड लेने के बाद कहां बैठेंगे।

सभी व्यवस्थाएं कर ली जायेगी जल्द पूरी : जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल का कहना है कि इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए टीचर्स की भर्ती अभी नहीं हुई है। भर्ती के बाद उसे शुरू किया जाएगा। नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। उसके बनते ही स्कूल को वहां शिफ्ट किया जाएगा। सभी व्यवस्थाएं जल्द पूरी कर ली जाएंगीं।

 

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दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर दृष्टिहीन छात्रा बनी हिदायतुल्ला नेशनल लॉ युनिवर्सिटी की टॉपर

 चीफ जस्टिस आफ इंडिया और मुख्यमंत्री की मौजूदगी गोल्ड मेडल से किया गया सम्मानित

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता , हौंसलों से उड़ान होती है। ये कविता हम हमेशा ही सुनते आए हैं, लेकिन इसे चरितार्थ करके दिखाया है दिल्ली की रहने वाली एक दृष्टिहीन छात्रा यवनिका ने। यवनिका रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से बीएएलएलबी (आनर्स) 2021 बैच की टापर हैं और इन्होंने प्रोफेशनल एथिक्स में गोल्ड मेडल हासिल किया है। यवनिका को ये गोल्ड मेडल यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस आफ इंडिया की मौजूदगी में प्रदान किया गया।

यवनिका दृष्टिहीन छात्रा हैं, लेकिन उन्होंने इसे कभी भी अपनी कमजोरी नहीं समझा, बल्कि उनके हौंसले उन्हें उड़ान भरने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। दिल्ली की रहने वाली यवनिका के पिता भारतीय रेल सेवा में अधिकारी हैं तथा मां स्पेशल एजुकेटर के तौर पर काम कर रही थीं। यवनिका ने फैसला लिया कि वो लॉ की पढ़ाई करेंगी। यवनिका ने रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। यवनिका को कोई परेशानी ना हो इसके लिए उनकी मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी और यवनिका के साथ ही रायपुर में पांच वर्ष तक रहीं।

अपने मंजिल को पाने मे यवनिका ने अपनी पूरी जान लगा दी और आखिरकार वो इसमें कामयाब भी हुईं। इतना ही नहीं यवनिका ने खुद के लिए नई मंजिल तय की है और इसे पाने के लिए वो नेशनल ला कालेज बंगलौर में एलएलएम कोर्स में एडमिशन लेकर पढ़ाई भी कर रही हैं। यवनिका का कहना है कि रायपुर की पांच साल की जर्नी में कालेज, फैकल्टी और साथी स्टूडेंट्स ने उसका बहुत सपोर्ट किया जिसके लिए वो हमेशा उनका आभारी रहेगी।

यवनिका का कहना है कि माता पिता धरती पर भगवान का रूप हैं और उनका आशीर्वाद है तो जीवन में किसी भी लक्ष्य को पाना नामुमकिन नहीं है। यवनिका ने हमेशा ही अपनी मेहनत और काबीलियत पर भरोसा रखा और अपने लक्ष्य को हासिल किया। यवनिका के जुझारू पन के सम्मान में उसे गोल्ड मेडल देते वक्त जीफ जस्टिस श्री एन वी रमणा तथा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल समेत सभी अतिथि अपनी जगह पर खड़े होकर उनका उत्साह बढ़ाया।
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बच्चों में लर्निंग लॉस में आया सुधार: 90 फसादी विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर पहुंचे

 ब्रिज कोर्स और नवाजतन कार्यक्रमों से आया तेजी से सुधार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरोना काल के कारण बच्चों में हुए लर्निंग लॉस में छत्तीसगढ़ में अपनाई गई उचित रणनीति और सतत् प्रयास से तेजी से सुधार हुआ है। लर्निंग लॉस के आकलन के लिए 27 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों पर किए गए सर्वे के अनुसार अब लर्निंग लॉस के विद्यार्थियों का आंकड़ा 51 से घटकर 7 से 8 प्रतिशत रह गया है। वार्षिक परीक्षा के आधार पर 90.13 प्रतिशत विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर आ गए हैं। इसके साथ ही न्यूनतम व प्रारंभिक स्तर के विद्यार्थियों का प्रतिशत घटकर लगभग 4 प्रतिशत रह गया है।

कोरोना काल में लंबे समय से स्कूलों के बंद रहने के कारण कई प्रयासों के बाद भी बच्चों में लर्निंग लॉस देखा गया। इसके आकलन के लिए राज्य स्तरीय आकलन प्रणाली में बड़ा बदलाव लाते हुए उसे नया स्वरूप दिया गया। एससीईआरटी द्वारा प्रश्न पत्रों के परम्परागत पैटर्न में बड़ा बदलाव लाया गया। एनआईसी की सहयोग से ऑनलाईन ऑटोमेटेड असेसमेंट एनालिसिस सिस्टम तैयार किया गया है। इससे सुनिश्चित किया जा सका कि विद्यार्थी अपनी कक्षा स्तर से कितने स्तर नीचे है।

कोरोना काल के बाद प्रथम आकलन में पाया गया कि 51 प्रतिशत विद्यार्थी अपनी कक्षा के लायक नहीं थे। इस लर्निंग लॉस की बड़ी चुनौती को शिक्षा सचिव एस. भारतीदासन और  संचालक राजेश सिंह राणा ने स्वीकार करते हुए कई कार्यक्रम शुरू किए। विद्यार्थियों को अपने कक्षा स्तर पर लाने के लिए ‘ब्रिज कोर्स’ (सेतु पाठ्यक्रम) का निर्माण किया गया तथा शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा उपचारात्मक शिक्षण हेतु ‘नवाजतन’ कार्यक्रम की शुरूआत की गई। स्कूल मॉनिटरिंग को सशक्त किया गया। परिणाम स्वरूप मिडलाइन टेस्ट (अर्द्धवार्षिक परीक्षा) में 75.13 प्रतिशत विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर पहुंच गए तथा वे 29 प्रतिशत विद्यार्थी जो लगभग प्रारंभिक स्तर पर पहुंच गए थे उनकी संख्या घटकर 11 प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह एंडलाइन टेस्ट (वार्षिक परीक्षा) में 90.13 प्रतिशत विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर आ गए तथा न्यूनतम/प्रारंभिक स्तर के विद्यार्थियों का प्रतिशत घटकर लगभग 4 प्रतिशत रह गया।

छत्तीसगढ़ की इस सफलता की देशभर में तारीफ हुई है। नीति आयोग से लेकर राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान परिषद ने छत्तीसगढ़ की तारीफ करते हुए यहां के शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के उपायों को कारगर बताया है।

गौरतलब है कि कोरोना काल में जब शिक्षण संस्थाएं अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई थी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला द्वारा एक माह से भी कम समय में ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ ऑनलाईन शिक्षा पोर्टल का निर्माण कर ऑनलाईन कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया। पहली से 12 तक की सभी पाठ्यपुस्तकों को इस पोर्टल पर अपलोड किया गया ताकि कोई भी विद्यार्थी अपने मोबाईल पर इसे आसानी से पढ़ सके। कोविड संक्रमण कम होते ही मोहल्ला कक्षा, लाउडस्पीकर कक्षा, अंगना म शिक्षा जैसे नवाचारी ऑफलाईन शिक्षण माध्यमों को अपनाया गया।
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यूपीएससी कोचिंग के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में प्रदेश 17 विद्यार्थियों में लिया भाग

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के प्रयासों के चलते आज 30 जुलाई को रायपुर के  प्रोफ़ेसर जे. एन. पांडेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय में, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया द्वारा वर्ष 2022-2023 के लिए यूपीएससी परीक्षा की कोचिंग एवं गाइडेंस सेल हेतु प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ राज्य के 17 विद्यार्थियों ने भाग  लिया ।

छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असलम खान ने बताया कि हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई में, यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली आईएएस एवं इंडियन अलाइड सर्विसेस की परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए कोचिंग एवं गाइडेंस सेल का संचालन किया जाता है । उक्त कोचिंग एवं गाइडेंस सेल में सत्र 2022-23 में प्रवेश के लिए आज पूरे देश में कुल 13 स्थानों पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया है, जिसमें रायपुर भी शामिल है।  इस परीक्षा में भाग लेने हेतु प्रदेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए राज्य हज कमेटी ने प्रयास कर रायपुर सेंटर निर्धारित कराया । रायपुर में आज पहली बार प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन हुआ। इसके पूर्व राज्य के विद्यार्थियों का परीक्षा सेंटर मुंबई निर्धारित था। रायपुर में इस परीक्षा के आयोजन से सभी विद्यार्थियों को काफी सहूलियत हुई।

परीक्षा का आयोजन प्रोफ़ेसर जे. एन. पांडेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय के प्राचार्य एम. आर. सावंत व सहयोगी शिक्षकों द्वारा पूरा किया गया । इस अवसर पर राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असलम खान, सचिव साजिद मेमन, हाजी ज़फर अमजद, जे. एन. पांडेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय के प्राचार्य एम. आर. सावंत व सहयोगी शिक्षक, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया से आये पर्यवेक्षक वसीम अहमद, एवं राज्य हज कमेटी के कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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कर्तव्य पर लापरवाही बरतने पर छात्रावास अधीक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित

 बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भैरमगढ़ ब्लाक के बालक आश्रम तामोड़ी के प्रभारी अधीक्षक मोतीराम कड़ती को कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बालक आश्रम तामोड़ी में मलेरिया के कारण कक्षा दूसरी के छात्र की मृत्यु होने की सूचना मिलने पर कलेक्टर कटारा आश्रम पहुंचकर मृतक बालक के परिजनों से मिले और इस दु:ख की घड़ी में परिजनों को सात्वनां दिया। वहीं लापरवाही बरतने वाले प्रभारी अधीक्षक को मौके पर निलंबित किया गया। आश्रम में 3 बच्चों को मलेरिया पॉजिटिव्ह होने की बात पता चलने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नेलसनार में बेहतर ईलाज के लिए भेजा गया। 

कलेक्टर कटारा मौके पर उपस्थित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास प्रशांत कुशवाह को सभी आश्रम अधीक्षकों को तत्काल मीटींग कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने व इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्यवाही करने को कहा वहीं जिले के सभी आश्रमों में साफ-सफाई मच्छरदानी का अनिवार्यत: उपयोग, दवाई का छिड़काव करने के निर्देश दिए। बीएमओ भैरमगढ़ डॉ. आदित्य साहू को सभी आश्रम व पोटाकेबिन में उपस्थित सभी बच्चों का शत प्रतिशत मलेरिया जांच कराने व पाजिटिव्ह बच्चों को आश्रम में न रखते हुए तत्काल अस्पताल में भर्ती कर डाक्टरों की निगरानी में बेहतर उपचार के निर्देश दिए। डॉ. आदित्य साहू ने बताया कि कुल 6 आश्रम और पोटाकेबिन है, जिसमें 3 आश्रम का मलेरिया जांच हो चुका है शेष बचे आश्रम व पोटाकेबिन में शत प्रतिशत जांच कर बेहतर उपचार किया जाएगा। कलेक्टर कटारा ने मलेरिया के रोकथाम के लिए सभी आवश्यक उपाय को सख्ती से अमल में लाने के निर्देश दिए। मृत बालक का पोष्टमार्टम कर परिजनों को सुर्पद किए जाने की बात बीएमओ साहू ने बताया। इस दौरान प्रभारी तहसीलदार जुगल किशोर साहू सहित विभागीय अमला मौजूद थे। 

 
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स्वामी करपात्री विद्यालय में मनाया गया स्वामी करपात्री का प्राकट्य दिवस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी करपात्री विद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कवर्धा में स्वामी करपात्री का 115वां प्राकट्य दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम व्याख्याता हरि प्रसाद शुक्ला, दिलीप क्षत्रिय, संजय दुबे, पंकज सिंह ठाकुर, कन्हैयालाल गुप्ता, प्रसन्न गुप्ता, बी.के. उइके, ओ.पी.गुप्ता, डा.सुरेश तम्बोली, रमेश शर्मा, अवधराम साहू, वजनरामसाहू, लखन झारिया आदि ने छात्र-छात्राओं के साथ स्वामी जी के तैलचित्र का पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर प्राचार्य डी एस जोशी ने समस्त विद्याथिर्यों को शुभकामनाएं दी व उन्हें स्वामी करपात्री के संदेशों का अध्ययन करने व आत्मसात करने कहा। व्याख्याता जे.के. सिंह ने स्वामी करपात्री जी का  जीवन वृत्त, उनका तप, उनकी कृतियों तथा गौ रक्षा आंदोलन में उनकी भूमिका आदि पर प्रकाश डाला।

उल्लेखनीय होगा कि स्वामी करपात्री भारत के एक सन्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व राजनेता थे। उनका नाम हरि नारायण ओझा था। दीक्षा के उपरान्त उनका नाम हरिहरानन्द सरस्वती था, किन्तु वे करपात्रीजी नाम से ही प्रसिद्ध थे, क्योंकि वे अपने अंजुलि का उपयोग खाने के बर्तन की तरह करते थे। उन्होंने अखिल भारतीय राम राज्य परिषद नामक राजनैतिक दल भी बनाया था। धमर्शास्त्रों में इनकी अद्वितीय व अतुलनीय विद्वता को देखते हुए इन्हें धर्मसम्राट की उपाधि प्रदान की गई। स्वामी की स्मरण शक्ति इतनी तीव्र थी, कि एक बार कोई चीज पढ़ लेने के वर्षों बाद भी बता देते थे, कि ये अमुक पुस्तक के अमुक पृष्ठ पर अमुक रूप में लिखा हुआ है। तप इतना प्रखर था कि 24-24 घंटे एक-एक पैर में खड़े रहकर तप किया करते थे। 7 नवंबर सन 1966 को गोपाष्टमी के दिन संसद भवन के सामने उन्होंने गोरक्षा आंदोलन प्रारंभ किया था। चारों पीठों के शंकराचार्य, जैन मुनि सुशील कुमार व आचार्य रामचंद्र वीर सभी उनके साथ थे। 

स्वामी करपात्री को सदैव कवर्धा से विशेष स्नेह रहा, विद्यालय के छात्र छात्राओं ने हर्ष व्यक्त किया कि हम सभी स्वामी करपात्री के नाम पर स्थापित विद्यालय में पढ़ते हैं। कार्यक्रम में व्याख्याता गण सविता आहूजा, परमजीत कौर खनूजा, आस्था पांडे, सिंधु शर्मा, सरिता चंद्रवंशी, प्रीति गुप्ता, रोहित जायसवाल, रामशरण जायसवाल, युवराज सिंह, चंद्र कुमार चंद्राकर सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया।

 

 

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स्वामी आत्मानंद शास. उत्कृष्ट अं.मा. विद्यालय नवागढ़ में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया हरेली उत्सव

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नवागढ़ में कल हरेली त्यौहार के शुभ अवसर पर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला, अपर कलेक्टर बेमेतरा डॉ. अनिल बाजपेयी, एस.पी.   धर्मेद्र सिंह छवई, जिला पंचायत सीईओ लीना मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी नवागढ़ प्रवीण तिवारी, जनपद पंचायत नवागढ़ सीईओ नकुल वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष तिलक घोष, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लोकनाथ बांधे और जनपद सदस्य सहोद्रा साहू के गरिमामय उपस्थिति में हरेली उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम विद्यालय प्रांगण में अतिथियों की ओर से वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात विद्यालय में प्रवेश करते ही मां सरस्वती की पूजा अचर्ना तथा दीप प्रज्वलन किया गया। 

नन्हें-नन्हें बच्चों ने अतिथियों को गेड़ी नृत्य तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति फुगड़ी नृत्य के साथ विद्यालयीन बच्चों की ओर से तैयार किए गए विभिन्न स्टॉल तक ले जाया गया। स्टॉल में ठेठरी, खुरमी, चिला, फरा, सोहारी, चौसेला तथा गढ़कालेवा का स्वाद अतिथियों की ओर से चखते हुए बच्चों व छत्तीसगढ़ी व्यंजन का खूब तारीफ किया गया। हरेली उत्सव का प्रारंभ संस्था की प्राचार्या सरिता गुप्ता की ओर से अतिथियों का स्वागत तथा हरेली पर्व की बधाई देते हुए किया गया। 

उद्बोधन की कड़ी में कलेक्टर शुक्ला की ओर से छत्तीसगढ़ सरकार की महत्पूर्ण पहल हरेली उत्सव की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती संस्कृति को सहेजने की एक अच्छी कोशिश बताया गया, हरेली त्यौहार के महत्व, हरेली के पारम्परिक संस्कृति के बारे में विस्तार से बताया गया और स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चों को पढ़ाई के महत्त्व के बारे में अवगत कराया गया और अपनी मेहनत से सदैव परिवार समाज का नाम रोशन करने की बात कही गई। जिससे बच्चों का मन उत्साहित दिखाई दिया। तिलक घोष की ओर से हरेली के पारम्परिक महत्व के बारे में बताया गया। इसके पश्चात बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा फैशन ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन संस्था प्राचार्य गुप्ता की ओर से किया गया, जिसमें सभी अतिथियों का विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया गया।

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